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फेसबुक कोर्स के इस वीडियो में आज हम सीखेंगे किस तरीके से हम कस्टम ऑडियंस क्रिएट कर सकते हैं वेबसाइट विजिटर्स के बेसिस पर। दोस्तों, देखिए हमने इससे पहले आपको बताया कि कैसे आप अपनी वेबसाइट पर फेसबुक एड्स का पिक्सेल लगा सकते हैं। कैसे आप इवेंट सेटअप कर सकते हैं, हमने सब सिखाया। अब हम आपको कई तरीके से कस्टम ऑडियंस क्रिएट करना सिखाएंगे। देखिए, बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है कस्टम ऑडियंस। क्योंकि जो ऑडियंस हमारी वेबसाइट पर आती है, कोई पर्टिकुलर एक्शन लेती है या हमारे इंस्टाग्राम, फेसबुक अलग-अलग टच पॉइंट्स पर आती है और वहां पर कोई एक्शन लेती है, कुछ देखती है, क्लिक करती है, कुछ भी। अब वो ऑडियंस एक बार हमारे संग इंटरेक्ट हो गई। तो उस ऑडियंस को हम कैसे जाने दें? तो उस ऑडियंस की एक हम कस्टमर लिस्ट बनाते हैं कि कौन मेरी वेबसाइट पर आ रहा है? कौन मेरे सोशल मीडिया पर आ रहा है? कौन क्या कर रहा है? कौन ऐड टू कार्ट पर गया? ऐसे करके अलग-अलग तरीके से हम कस्टम ऑडियंस बना सकते हैं।
तो अब हम शुरुआत कर रहे हैं। इस पर्टिकुलर वीडियो में हम आपको सिखाएंगे कैसे कस्टम ऑडियंस क्रिएट करें हम वेबसाइट पर। ठीक है? वेबसाइट ऑडियंस जो है हमारी, उसको कैसे हम कैप्चर करेंगे। तो वो अब मैं आपको प्रैक्टिकली स्टेप बाय स्टेप सिखाऊंगा। अच्छे से आपको सीखना है ताकि कोई दिक्कत ना हो आपको और इसको अप्लाई करना है। तो यहां पर आप देख सकते हैं मैंने फेसबुक का यहां पर अकाउंट ओपन कर रखा है और इधर मैंने मेटा बिजनेस सूट अकाउंट ओपन कर लिया है। अब यहां से मैं ऑल टूल्स में जाकर ऑडियंसेस में जाऊंगा। ठीक है? ऑडियंसेस के ऑप्शन में जाऊंगा। यहां क्लिक करेंगे। तो जो भी आपका ऐड अकाउंट हो, वो सब कुछ और आपका जो बिजनेस मैनेजर है, वो आपने ओपन कर लेना। फिर वहां से ऑल टूल्स में से जाकर ऑडियंस के अंदर चले जाना।
अब यह जो मेरा मेटा बिजनेस सूट अकाउंट है, यहां से दोस्तों जो आप ऑल टूल्स देख रहे हो, पहले मैं एडवर्ड्स मैनेजर में जाऊंगा। ठीक है? अपने बिजनेस मैनेजर अकाउंट को चूज़ करूंगा जिसके अंदर मुझे। तो मैं पहले अपना बिजनेस मैनेजर चूज़ कर लेता हूं। क्योंकि मेरे पास मल्टीपल बिजनेस मैनेजर अकाउंट्स हैं। तो यह एक सेकंड ओपन हो रहा है। हां जी। तो यह मैं मार्केटिंग फंड्स बिजनेस वाला चूज़ कर लिया। ऐड अकाउंट चूज़ कर लिया। अब यह चूज़ करने के बाद जब मैं डैशबोर्ड पर आ गया जहां पर हम कैंपेन क्रिएट करते हैं। यहां पर यह थ्री लाइंस में ऑल टूल्स का ऑप्शन आ रहा है। अब मैं यहां क्लिक करूंगा। इधर से जाकर भी देखो ऑडियंसेस का ऑप्शन आ रहा है। और ऑल टूल्स से ऊपर भी ऑडियंसेस का ऑप्शन है। तो मैं यहां से भी जा सकता हूं। मैं क्लिक करूंगा ऑडियंसेस पर। ठीक है?
अब जैसे मैंने क्लिक करा ऑडियंसेस पर, तो यहां पर देखिए यहां पर जो-जो ऑडियंस हम क्रिएट करते रहेंगे, वो हमें शो होंगी। तो अभी हम एक कस्टम ऑडियंस क्रिएट करने के लिए क्रिएट ऑडियंस पर क्लिक करेंगे। यहां पर कस्टम ऑडियंस, लुक लाइक ऑडियंस और सेव्ड ऑडियंस। अब अगर आप देखोगे तो यह जो है, यह मेरी सेव्ड ऑडियंस है। ठीक है? अब मैं आपको इस कोर्स में सेव्ड ऑडियंस सिखा चुका हूं। अब मैं आपको कस्टम ऑडियंस और लुक सिखाऊंगा। तो यहां पर कस्टम ऑडियंस पर पहले क्लिक करेंगे।
अब देखो कितने सारे ऑप्शन आ गए कि योर सोर्सेस और मेटा सोर्सेस। इसका मतलब समझना। लाइव डिजिटल मार्केटिंग विद ए सीखना है या आपको डिजिटल मार्केटिंग की सर्विसेज लेनी है। दोनों के लिए ही आप कांटेक्ट कर सकते हैं। योर सोर्सेस मतलब आपकी वेबसाइट, आपकी ऐप, आपकी कोई ऑफ आपका ऑफलाइन कोई डेटा है वो। ठीक है? तो इस तरीके से आपकी कैटलॉग है तो वो सब जो प्रोडक्ट कैटलॉग हो गई। ठीक है? तो वो आपके सोर्सेस हैं। मेटा के सोर्सेस मतलब मेटा के फेसबुक, इंस्टाग्राम जो इसके प्लेटफॉर्म्स हैं उनके ऊपर किसी ने वीडियो देखी आपके अकाउंट पर, आपके पेज पर किसी ने फॉर्म भरा। ठीक है? किसी ने कोई शॉपिंग पर इंटरेक्ट करा, पेज पर आया। ठीक है? कोई मेटा यह जो आपका मार्केटप्लेस लिस्टिंग है, इवेंट्स पर कोई आया या इंस्टाग्राम अकाउंट में आया, कुछ भी देखा करा। तो यह सारे मेटा के सोर्सेस हैं।
हम अभी वेबसाइट का सीख रहे हैं। वेबसाइट पर अगर आपके कोई भी आता है तो किस तरीके से यहां पर लिस्ट क्रिएट होती जाएगी। एक बार हमको कस्टम ऑडियंस क्रिएट करना सीखना है। यहां पर वेबसाइट पर गए, नेक्स्ट करा। अब दोस्तों देखो डेटा सोर्स क्या? एमएफ वेब पिक्सेल वन। हमने आपको पिक्सेल जो क्रिएट करना सिखाया था कि अगर आपने वो नहीं करा है तो वो वीडियो देख लीजिएगा। बिकॉज पिक्सेल क्रिएट करना अपनी वेबसाइट में लगाना जरूरी है। अगर आपने अपनी वेबसाइट में पिक्सेल नहीं लगाओगे तो ट्रैकिंग नहीं हो पाएगी। ऑडियंस कलेक्ट नहीं होगी। ठीक है?
अब यहां पर इवेंट आता है कि ऑल वेबसाइट विजिटर्स, पीपल हु विजिटेड स्पेसिफिक वेब पेज, विजिटर्स बाय स्पेंड टाइम, पेज व्यू, लीड। ठीक है? तो अभी हम ऑल विजिटर्स ले लेते हैं। बट आपकी मर्जी है। अगर आप स्पेसिफिक पेज पर जाओगे तो आपको स्पेसिफिक पेज डालना पड़ेगा। ठीक है? यहां पर ऑल वेबसाइट पेज मतलब वेबसाइट पर किसी भी पेज पर आए वो हमारा ट्रैक होना चाहिए। तो मैंने अभी ऑल कर लेता हूं। ऑडियंस रिटेंशन 30 डेज ही रखना बढ़िया रहता है। बड़ा घटा सकते हो, आपके हाथ में।
अब यहां पर इन यहां पर आ गया ऑडियंस का नाम देना पड़ेगा। ठीक है? तो एमएफ मतलब मार्केटिंग फंड्स वेबसाइट कस्टम ऑडियंस वन। ठीक है? तो मैंने अपनी ऑडियंस का एक नाम दे दिया ताकि मुझे हमेशा याद रहे कि मैंने मार्केटिंग फंड्स की वेबसाइट की कस्टम ऑडियंस बनाई है। डिस्क्रिप्शन ऑप्शनल है। डालना है डालो, नहीं डालना है मत डालो। अगर आपको स्पेसिफिक नोट लिखना है, लिख देना। क्रिएट ऑडियंस पर मैंने क्लिक करा। ठीक है?
अब यहां पर योर कस्टम ऑडियंस वास क्रिएटेड। अब क्रिएट अ लुक लाइक ऑडियंस, क्रिएट अ कैंपेन, क्रिएट अनदर कस्टम ऑडियंस। ऐसा नहीं कि एक बार बना ली, अब दोबारा नहीं बना सकते। बना सकते हो। बट अभी लुक लाइक या क्रिएट कैंपेन करना नहीं सिखाऊंगा। मेन मकसद क्या था हमारा? ऑडियंस क्रिएट करना। कस्टम ऑडियंस क्रिएट करना। वेबसाइट के बेसिस पर हमने करा। डन करेंगे।
अब जब हमने डन कर दिया तो देखो यहां पर हमारा जो इसको भी हम यहां पर एस्टिमेटेड ऑडियंस साइज बिलो 1000 है। देखो चीजें जैसे गूगल में भी होता है। ठीक है? जब हमारा कस्टमर लिस्ट बनाते हैं हम। ठीक है? या रीमार्केटिंग लिस्ट बनाते हैं तो यहां पर भी जब हम ऑडियंस लिस्ट बना रहे हैं तो 1000 से ऊपर अगर डेटा है ना, तो उस पर यह जो इनका सिस्टम होता है, अच्छे से वर्क कर पाता है क्योंकि डेटा चाहिए और जितना ज्यादा डेटा कलेक्ट होगा, उतना ही बढ़िया है। ठीक है? तो उतनी बढ़िया ऑडियंस होगी हमारे पास। फिर उस जैसी मिलती-जुलती लुक लाइक ऑडियंस बना सकते हैं। इसको अभी हम बंद करते हैं।
यहां पर देख लिख रहा है पॉपुलेटिंग। पॉपुलेटिंग का मतलब क्या है? अब मेरी वेबसाइट पर जो भी लोग आएंगे, ठीक है? वो ट्रैक होगा। ठीक है? वो ऑडियंस लिस्ट बन गई। तो इस तरीके से आप भी अपने वेबसाइट विजिटर्स की ऑडियंस लिस्ट बना सकते हो दोस्तों। उम्मीद करता हूं अच्छे से समझ में आया होगा। प्रैक्टिकल है। आप प्रैक्टिस कीजिए ताकि आप भी फेसबुक ऐड एक्सपर्ट बन पाएं। थैंक यू। [संगीत]