Transcription
[संगीत] अबे अबे कौन है बे तू? अबे कौन है बे तू? अबे कौन है बे तू? मेरा राज चले बिना ताज। अबे कौन है बे तू? फ़ नहीं उठाता, सुना डॉन है बे तू। मैं बाप हूँ तेरा, पूछे कौन है बे तू? लाना चाहता हूँ क्रांति, मिलता नहीं मुझे शांति। पूछ अपनी बेबी से, वो कैसे मुझे जानती? समझता हूँ मैं लफ़्ज़े बोली हर जुबान की। या कोई नहीं लगाना चाहता बाजी अपनी जान की। बोले सब 16 में हसल तेरी रियल नहीं, परस्पे बोले वो तुझ जैसा कोई देखा नहीं। तभी बोला फिर ले ये घोंसले का दिल, ले मैं मारूँगा थ्रू, तू बस बनाएगा रील। बे कितने रील, कितने फ़्लैट में? जानता सभी को तू, जान ना सकेगा ये शब्दों की दिलगी को। हो जाता हूँ मैं खामोशली सोच के, अकल कभी आ जाएगी खुदा कभी तो। लग जाता है पता करने और बहाने में कितने किए दफ़न अपने इस जमाने में। धमकी देनी है तो देना यही सोच के 302 केकेएस में यार बैठे थाने। जिंदगी में कुछ भी चाहिए छोटे पहले दान दे। गाना मेरे सबक बने, सुनकर इससे तू ज्ञान ले। गाने के तू नीचे देख, लिखा किसका नाम बे? कभी बोला तुझे आड़े आना ना तूफ़ान के मिठी तले रोल दूंगा तेरा मैं। तूर कहते हैं दीवाना मुझे, नशे में मैं रहता चूर। अबे कौन है रे तू? अबे कौन है रे तू? मेरा राज छाले बिना ताज़ा। अबे कौन है रे तू? फ़ नहीं उठाता, सुना डॉन है रे तू। मैं बाप हूँ तेरा, पूछे कौन है रे तू? सीधा कर दे तेरे को वन से, मैं नहीं बड़े बाप का सीधे आला अंदर ग्राउंड से। वक़्त ऐसा देखा, सुनकर टांग तेरी कांप। चाहे तू मम्मी डैडी बच्चा बचना, गरम तू हवाओं से। किस तरों की जो बात करते असल में वो शेर नहीं, सिखा मैंने हालातों से। तेरा मेरा मेल नहीं, कहते हैं बागी आजाद घुमा तेरा मेल नहीं। बेटा कभी बाप से खेलते ये खेल नहीं, तू जाग ना सकेगा। असल में हकीर मैं नहीं हूँ, बड़े बाप का मलंग मैं फकीर। सबसे ज्यादा सुना जिसे वो है नबील, उसके लुखे लव से ऐसे जैसे लागे दिल पे तीर। कभी लुखे लव चढ़ा देते हैं सूली, ये कलम भी अजीत जाम लेने तू। ली नखरे तेरे ऐसे जैसे हॉलीवुड की धूली। तू बता मुझे तू है किस खेत की मूली? भोसली के तू मुझे नहीं जानता, तुझे मूल नहीं पता मेरे नाम का। तू बात करे जिस्म तेरा कांपता, मैंने कुचल दिया है सर या सांप। [संगीत] का चुप बे कौन है रे तू? अबे कौन है है रे तू? मेरा रात चले दिन ताज। अबे कौन है रे तू? अबे अबे कौन है रे तू? अबे कौन है रे तू? [संगीत] तू कौन है रे तू? सीधा करते देख ओवरसी जुबान से। अबे कौन है रे तू? मेरा राज चले उतना बाज। अबे कौन है रे तू? अबे अबे कौन है रे तू? सीधा करते थे को ओवर सेवान से। मैं नहीं बड़े बाप का सीधे आया अंडर ग्राउंड से। फक्त सुते का सुनकर दांग तेरी काप। तू मम्मी दर्दी बचा बचना गरम तू हवाओं से। पैरों की जो बात करते असल में वो शेर नहीं, सिखा मैंने हालातों से। तेरा मेरा मेल नहीं, कहते हैं बागी आजाद घुमा गिरा मेल नहीं। बेटा कभी बाप से खेलते ये खेल नहीं, तू जाम ना सकेगा। असल में हकीर मैं नहीं हूँ, बड़े बाप का मलंग मैं फकीर। सबसे ज्यादा सुना जिसे वो है नबील, उसके लिखे लफ्ज़ ऐसे जैसे लागे दिल पे तीर। कभी लिखे लफ चढ़ा देते हैं स्कूली, ये कलम भी अजीब जामले में तूली। नखरे तेरे ऐसे जैसे हॉलीवुड की चूली।