Transcription
हमारी आज की यह स्टोरी मेरी स्ट्रीमलाइन स्टोरी से बिल्कुल अलग होने वाली है और इसको जानने के बाद आपका जो वे है आज तक जो आप जानते आए हैं पावलो एस्कोबार के बारे में वो प्रॉपर्ली शिफ्ट हो जाएगा। आपको एक बहुत ही सिंपलीफाइड वे में पता चलेगा कि आखिर एक्चुअल रियलिटी थी क्या? और यकीन मानिए दुनिया के सबसे अमीर क्रिमिनल, सबसे अमीर स्मगलर की यह स्टोरी सच में बहुत ज्यादा दिल दहला देने वाली है।
क्यों? क्योंकि इसने अपने पीक टाइम पर लगभग 4000 लोगों की जान ली थी और किस तरीके से ली थी। क्यों ली थी यह सब कुछ आपको इस स्टोरी के अंदर जानने को मिलेगा। बट उससे पहले आप भी एक छोटा सा स्मगलिंग का काम कर सकते हैं। आप एक छोटे से स्मगलर बन सकते हैं। इस लाइक बटन को अपना अंगूठा स्मगल कर दीजिए। मजा आ जाएगा आपको। यह भी नशे में भंड होकर आपके गुणगान गाएगा और डेली आपसे कुछ ना कुछ माल जरूर खरीद कर लेकर जाएगा। सो जल्दी से स्मगलिंग का काम कर दें और बचा कुचा माल सब्सक्राइब बटन को भी सूंघा दें ताकि वह भी नशे में भंड हो जाए। कमेंट्स में पिक में लिख दें, लेट्स डाई विन।
इस बेहद अनबिलीवेबल और बहुत ही लंबी स्टोरी को समझने के लिए हमें एल्डराडो इंटरनेशनल एयरपोर्ट कोलंबिया में जाना पड़ेगा। और दिन था 27 नवंबर 1989 यानी कि 27th ऑफ नवंबर 1989 का। सुबह के तकरीबन 7:00 बज चुके थे और एवियंका फ्लाइट 203 यहां से उड़कर कैली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जाने के लिए तैयार थी। यह बोइंग 727 जहाज अपने अंदर 101 पैसेंजर और छह क्रू मेंबर्स इंक्लूडिंग फ्लाइट पायलट्स इन सबको अपने साथ लेकर यानी कि टोटल 107 लोग हो चुके थे। इन 107 लोगों को यहां से उड़ाकर कैली लेकर जाने वाला था। इस फ्लाइट को मेन हैंडल करने वाले थे कैप्टन होजे और उनका साथ देने वाले थे फर्स्ट ऑफिसर फर्नांडो। दोनों को अच्छा खासा एक्सपीरियंस इस फ्लाइट को उड़ाने का। जबकि पीछे बैठे हुए 101 पैसेंजर्स के अंदर सभी मिक्स्ड पैसेंजर सवार थे। इसके अंदर बहुत सारे फॉरेनर्स भी शामिल थे और बहुत सारे लोग कोलंबिया से भी खुद यहां लोकल उड़ रहे थे। डोमेस्टिक फ्लाइट पकड़ रहे थे।
बट इसके अंदर एक बहुत ही स्पेशल गेस्ट होने वाले थे जिनका नाम था सेज़र गवेरा ट्रेलियो। यह असल में ना सिर्फ उस टाइम पर कोलंबिया के प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट थे बल्कि आने वाले टाइम में यह कोलंबिया के प्रेसिडेंट भी बने और सेजर अपने साथ अपने बॉडीगार्ड्स वगैरह को लेकर पूरी सिक्योरिटी टीम को लेकर एयरपोर्ट पर पहुंच चुके थे। वो फ्लाइट को बस बोर्ड करने ही वाले थे कि तभी उनकी सिक्योरिटी टीम ने उनको इस फ्लाइट को बोर्ड करने से मना कर दिया कि नहीं यहां कुछ सिक्योरिटी इशूज़ हो सकते हैं। सो प्लीज आप इस फ्लाइट को बोर्ड ना करिएगा। अब अपनी टीम की बात मानते हुए सेज़र ने इस फ्लाइट को वहीं ड्रॉप कर दिया और खुद एयरपोर्ट से बाहर निकल गए।
7:11 का टाइम हो चुका था और फ्लाइट 203 अपने रनवे के ऊपर आ चुकी थी और रनवे पर उसने भागना शुरू किया और तकरीबन 1 मिनटों बाद यानी कि 7:12 पर फ्लाइट हवा के अंदर थी। अब इस फ्लाइट के अंदर जो पीछे 101 पैसेंजर बैठे हुए थे। इसी 101 पैसेंजर के अंदर अल्बेटो प्रियटो नाम का एक और पैसेंजर भी सवार था और यह पैसेंजर बिल्कुल भी आम नहीं। यह असल में उस टाइम पर कोलंबिया के अंदर जो मेडलीन शहर है मेडलीन इस मेडलीन शहर का जो सबसे बदनाम कार्टल था उस टाइम पर जो पावलो एस्कोबार रन कर रहा था पूरी दुनिया के अंदर सबसे बदनाम कार्टल उसी कार्टल का एक मेंबर अल्बर्टो प्रियटो और यह अपने साथ जो हैंड लगेज लेकर आया था उस हैंड लगेज के अंदर एक सूटकेस और वो सूटकेस उसने अपने ऊपर जो ओवरहेड बीन बने हुए थे उस ओवरहेड बीन के अंदर रखा हुआ था।
असल में अल्बर्टो प्रिटो को यह समझाया गया था कि उसको यह सूटकेस लेकर जाना है और इसके अंदर एक रिकॉर्डिंग डिवाइस लगी हुई है और रिकॉर्डिंग डिवाइस को अंदर रखते ही जैसे तुम सूटकेस रखोगे ओवरहेड बिन में ऊपर तुमको यह रिकॉर्डिंग डिवाइस एक्टिवेट करनी है ताकि जितनी भी बातें हो सके उस प्लेन के अंदर क्योंकि अल्बर्टो प्रियोटो के साथ सभी कार्टल मेंबर को पता था कि इस फ्लाइट के अंदर आने वाले प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट वो ट्रैवल करने वाले हैं। सो उनकी बातें वो आपस में क्या करते हैं और पूरी फ्लाइट के अंदर क्या-क्या बातें होती हैं। यह सारी बातें उसको रिकॉर्ड करनी थी। सो, वह अपनी रिकॉर्डिंग डिवाइस के साथ तैयार। उसने अपने ओवरहेड बिन के अंदर सूटकेस के अंदर उस रिकॉर्डिंग डिवाइस को रखा और नीचे बैठ चुका था।
अब जैसे ही यह फ्लाइट टेक ऑफ हुई, उस टाइम पर अल्बर्टो क्रिएटो को यह समझाया गया था कि जैसे ही थोड़ी सी ऊपर पहुंचे यह फ्लाइट तभी तुमको यह रिकॉर्डिंग डिवाइस एक्टिवेट करनी है। इस बटन के साथ एक वायरलेस बटन उसको दिया गया था। और जैसे ही यह बटन दबता वो रिकॉर्डिंग डिवाइस चालू हो जाती। यहां अल्बर्टो प्रियोटो इस एयरपोर्ट पर अकेला नहीं आया था। बल्कि उसके साथ सेंटो नाम का एक और उसका ही साथी इसी कार्टल का एक और मेंबर यह दोनों इस एयरपोर्ट पर पहुंचे थे इस सूटकेस को लेकर। बट सेंटो का एक अलग ही प्लान था। उसको समझा दिया गया था कि जैसे ही अल्बर्टो प्रियटो के साथ तुम फ्लाइट के अंदर जाकर बैठोगे लेकिन अल्बर्टो को वहीं छोड़कर तुम्हें फ्लाइट से वापस उतर जाना है।
अब यह बात अल्बर्टो प्रियोटो को नहीं पता थी। सो जैसे ही सेंटो और अल्बर्टो दोनों जाकर अपनी-अपनी सीट के ऊपर बैठे 15 ई और 15 यह स्पेशली बीच वाली सीट्स थी जहां पर दोनों पंख भी होते हैं जहाज के और इन्हीं पंखों के अंदर फ्यूल भी भरा जाता है। स्पेशली ये सीट्स बुक की गई थी 15 ई और 15 सेंटो और प्रिएटो के लिए बट जैसे ये दोनों जाकर अपनी-अपनी सीट के ऊपर बैठे तभी सेंटो ने प्रिएटो को कहा कि मुझे कुछ अर्जेंट काम आ गया है और मुझे अभी यहां से निकलना होगा। अब जैसे ही बात प्रिएटो ने सुनी उसने कहा कि कोई बात नहीं ठीक है तुम चले जाओ। यह रिकॉर्डिंग डिवाइस ऊपर जाकर मैं एक्टिवेट कर दूंगा। सेंटो उस फ्लाइट से उतर चुका था।
जबकि फ्लाइट अब हवा में थी। और जैसे ये फ्लाइट तकरीबन 13,000 फीट की ऊंचाई पर पहुंची तभी अल्बर्टो क्रिएटो के हाथ में जो बटन था उस रिकॉर्डिंग डिवाइस वाला बटन उसने वो बटन अपनी जेब से निकाला और चुपके से बिना किसी को देखे अपने हाथ में रखा हुआ वो बटन उसने वो दबा दिया। लेकिन उसको कोई आईडिया नहीं था कि जो रिकॉर्डिंग डिवाइस वो अपने साथ कैरी कर रहा है वह कोई रिकॉर्डिंग डिवाइस नहीं है बल्कि 1 किलो डायनामाइट से बना हुआ एक बम है जो कि स्ट्रेटेजिकली इस पूरी फ्लाइट के अंदर इंप्लांट किया गया था वो भी इस अल्बर्टो प्रियोटो को खुद को यूज करके जी हां इस अल्बर्टो प्रियोटो को कुछ आईडिया नहीं था कि यह जो रिकॉर्डिंग डिवाइस अपने साथ वो कैरी कर रहा है यह कोई रिकॉर्डिंग डिवाइस नहीं बल्कि एक बॉम्ब है और वो जो बटन दबाएगा उस रिकॉर्डिंग डिवाइस को एक्टिवेट करने के लिए इससे कुछ रिकॉर्डिंग शुरू नहीं होने वाली बल्कि एक बम फटेगा 1 किलो डायनामाइट का बम।
अब जैसे उसने वह बटन दबाया 7:16 पर 13,000 फीट की ऊंचाई पर वो बटन दबाते ही फ्लाइट के अंदर एक बहुत बहुत बड़ा धमाका हुआ। इस धमाके के साथ प्लेन की ऊपर वाली छत बिल्कुल बिल्कुल उड़ चुकी थी और राइट साइड वाला जो पंख था उस पंख के अंदर भी अच्छी खासी डैमेज हुई थी। अब उससे बहुत जल्दी से फ्यूल भी लीकेज होने लगा और इस फ्यूल लीक होने के साथ ही इस पूरे प्लेन ने आग भी पकड़ ली। धमाका होते ही जहाज बिना किसी कंट्रोल के नीचे की तरफ आने लगा। स्वाचा शहर के ऊपर हवा के अंदर एक बहुत बड़ा आग का गोला देखा गया और उस आग के गोले के साथ धुएं की लाइन इस प्लेन के साथ-साथ चलती जा रही थी। लोगों ने नीचे खड़े हुए देखा कि एक प्लेन बहुत तेजी से नीचे गिर रहा है और फाइनली स्वाशा शहर को क्रॉस करते हुए उसी के खेतों के अंदर जाकर यह प्लेन गिरा और इस प्लेन के गिरते ही एक और बहुत बड़ा धमाका हुआ। मतलब अब पूरा प्लेन कबाड़ बन चुका था, राख बन चुका था और इसके अंदर मौजूद 107 लोग वह भी अपनी जान दे चुके थे।
इस पूरे इंसिडेंट को एक्ट ऑफ टेररिज्म माना गया। लेकिन पूरे कोलंबिया के अंदर होने वाला इस तरीके का पहला हादसा था। किसी को भी समझ नहीं आ रहा कि वो करें तो करें क्या? आखिर इसके अंदर धमाका हुआ कैसे? क्योंकि अभी तक तो किसी को कोई आईडिया ही नहीं था कि उसके अंदर एक बम था और वो फटा है। किसी को भी कुछ नहीं पता। अब क्योंकि बोइंग का जहाज था यहां पर इसीलिए बोइंग कंपनी खुद भी इस इन्वेस्टिगेशन के अंदर शामिल हुई। इनफैक्ट यूएस की एफबीआई एजेंसी भी इस जांच के अंदर अब शामिल होने वाली थी। इस पूरे इंसिडेंट को इन्वेस्टिगेट करने वाले थे। जो ब्लैक बॉक्स और सीवीआर वगैरह रिकवर किए गए इस प्लेन के मलबे से उन्होंने क्लियर कट साफ किया। उसी से ही पहली बार पता चला था। तकरीबन एक साल तक आने वाली इन्वेस्टिगेशन चली। उसके अंदर ये सामने आया कि यह जहाज सही सलामत 13,000 फीट की ऊंचाई पर पहुंचा और सीवीआर के अंदर एक बहुत ही इंटेंस साउंड रिकॉर्ड की गई। इनफैक्ट कुछ सेकंड्स के लिए, कुछ मोमेंट्स के लिए सीवीआर खुद भी काम करना बंद कर चुका था। अब आप इसका अंदाजा लगा सकते हैं कि यह धमाका कितना जोरदार था और फाइनली एक साल तक इस इन्वेस्टिगेशन चलने के बाद और जब वो रिपोर्ट आई उसके बाद यह मेडिन कार्टल यह सामने आया। इसने सारी जिम्मेवारी ली और बताया कि कैसे-कैसे उन्होंने इस पूरे जहाज को टारगेट किया था हवा में ही उड़ाने के लिए। और उनका मेन मकसद था इस जहाज के अंदर बैठने वाले प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट सेज़र गवे ट्रियालो। वो उनका मेन मकसद था। उसकी जान लेना था उनको।
अब आप कहेंगे कि इन सबके पीछे का मकसद क्या है? जो मैंने अभी तक आपको यह इंसिडेंट बताया इसका आखिर क्या मतलब था? तो असल में पावलो एस्कोबार और उसके इस पूरे कार्टल ने बहुत बार कोलंबिया की सरकार से यह रिक्वेस्ट करी थी कि जो उन्होंने एक्स्ट्रा ट्रीटी यूएस के साथ बनाई है, अमेरिका के साथ बनाई है, इस ट्रीटी को यहीं पर एंड करें। असल में एक्स्ट्रा एडिशन ट्रीटी दो देशों के बीच में वो होती है। मतलब कि मान लीजिए मैं यहां इंडिया में हूं और मैंने किसी बाहर दूसरे देश के अंदर कोई क्राइम करवाया है यहीं पर बैठकर तो वहां दूसरे देश वाले वहां की सरकार या फिर वहां की जांच एजेंसियां भारत सरकार से रिक्वेस्ट करके मुझे यहां से उठवा सकते हैं। मुझे यहां से गिरफ्तार करके अपने देश के अंदर ले जा सकते हैं और वहीं पर मेरी वो आगे की रिमांड चलेगा। आगे की जांच चलेगी। आगे वहीं पर मुझे सजा होगी।
अब यह ट्रीटी क्योंकि कोलंबिया और यूएस के बीच में हो चुकी थी और यहां पावलो एस्कोबार जो कि उस टाइम पर पूरी दुनिया के अंदर बहुत बहुत बड़ी मात्रा में ड्रग्स सप्लाई कर रहा था, स्मगल कर रहा था और यूएस स्पेशली यूएस के अंदर उसका एक बहुत बड़ा फैन बेस था। यूएस के अंदर ही उसकी सबसे बड़ी मार्केट थी ड्रग्स को स्मगल करने की और यूएस इस चीज से उस टाइम पर बहुत ज्यादा परेशान हो चुका था। अब क्योंकि एक्स्ट्रा एडिशन ट्रीटी हो चुकी थी कोलंबिया और यूएस के बीच में। तो इसका मतलब यह था कि यूएस कभी भी चाहे तो वो पावलो एस्कोबार को इस कोलंबिया देश के अंदर रहते हुए उठवा सकता था। उसको गिरफ्तार कर सकता था। अब इस बात से पावलो एस्कोबार और उसका पूरा कार्टल बहुत ज्यादा गुस्सा हुए। उन्होंने रिक्वेस्ट करनी शुरू करी पूरे गवर्नमेंट के साथ कि आप इस एक्स्ट्रा ट्रीटी को यहीं पर कैंसिल कर दीजिएगा। ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए। बट यह एक्स्ट्रा एडिशन ट्रीटी कैंसिल नहीं हुई और अपनी बात को मनवाने के लिए इस पावलो एस्कोबार ने इतना बड़ा कांड रचा कि उसके अंदर 107 लोग तो वो जो प्लेन के अंदर बैठे हुए थे और जबकि तीन लोग वो जो उस टाइम पर खेतों के अंदर काम कर रहे थे टोटल 110 लोग इस इंसिडेंट के अंदर इस आतंकी हमले के अंदर मारे गए सिर्फ इस बात को मनवाने के लिए कि एक्स्ट्रा ट्रीटी इसको कैंसिल करवाओ। जबकि इस पावलो एस्कोबार का मेन मकसद था कि वह प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट सेज़ार गवेरिया जो इस प्लेन के अंदर बैठने वाले थे लेकिन एंड मोमेंट पर बोर्डिंग पास तक उन्होंने ले लिया था। वह बस प्लेन के अंदर बैठने वाले थे कि उनकी सिक्योरिटी टीम ने उनको मना कर दिया कि नहीं यहां कुछ सिक्योरिटी इशू है। आप इस प्लेन को ऑनबोर्ड मत करिएगा। अब उनके कहने पर सेज़र गवेरिया उन्होंने उस प्लेन के अंदर बोर्ड नहीं किया और वो उस इंसिडेंट के अंदर बच गए जो कि ऊपर जाकर फटने वाला था।
पूरी दुनिया के आगे यह सवाल था कि आखिर प्लेन के अंदर बॉम्ब कैसे ले जाया गया? तो यह बात थी 1989 की। उस टाइम पर ना सिर्फ कोलंबिया में बल्कि पूरी दुनिया के अंदर ही ऐसे कोई ज्यादा कुछ खास सिक्योरिटी मेजर्स थे नहीं। किसी भी एयरपोर्ट के ऊपर लोग जो मन करे वो अपने साथ लेकर जा सकते थे। उस टाइम पर तो प्लेन के अंदर स्मोकिंग करना तक अलाउड था। लेकिन बाद में जैसे-जैसे इंसिडेंट्स होते गए उसके बाद सिक्योरिटी मेजर्स बढ़ते गए, सिक्योरिटी बढ़ती गई। सो आज के टाइम पर तो यह पॉसिबल नहीं है कोई प्लेन के अंदर बम वगैरह कुछ लेकर जा सके। बट इस प्लेन धमाके के बाद यह क्लियर कट वार्निंग थी पूरी दुनिया को ना सिर्फ कोलंबिया को बल्कि पूरी दुनिया को पावलो एस्कोबार की कि कोई भी मेरे रास्ते के अंदर ना आए। अगर कोई मेरे रास्ते के अंदर आएगा तो मैं उसका खात्मा कर दूंगा।
अब आप बस सोच कर देखिए। जो आदमी एक प्लेन को उड़वा सकता है ऐसे बीच हवा के अंदर वो कुछ भी कर सकता है। उसके पास पैसा है। क्यों? क्योंकि उसने इतनी भयंकर मात्रा के अंदर पूरी दुनिया के अंदर ड्रग्स सप्लाई करी। स्पेशली कोकेन सप्लाई करी। उसको किंग ऑफ कोकेन भी कहा जाता था पावलो एस्कोबार को। और इस वजह से यूएस स्पेशली यूएस बहुत बहुत ज्यादा परेशान था। और उसने एक्चुअल में सब कुछ किया कि जो भी उसके रास्ते के अंदर आया उसने सबका खात्मा किया। क्या आप इस बात के ऊपर विश्वास करेंगे कि उसने अपने पूरे इस करियर के अंदर 4000 4000 लोगों का ब्रूटल मर्डर किया था। जिसमें से एक इंसिडेंट मैंने आपको बताया और इस वजह से ना सिर्फ कोलंबिया बल्कि पूरी दुनिया के लोग उससे परेशान थे। लेकिन दिक्कत यहां यह थी कि कोलंबिया के अंदर रहते हुए उसने अपना इतना बड़ा एपरर बनवा रखा था कि कोई भी उसको हाथ नहीं लगा सकता। कोई भी उसके साथ दुश्मनी नहीं ले सकता। इनफैक्ट कोलंबिया की खुद की पॉलिटिकल सरकार वो तक उससे भिड़ने में सक्षम नहीं थी। क्योंकि जो भी कोई मंत्री उसके खिलाफ आवाज उठाता वह मंत्री या तो एक-द दिन के अंदर खुद मर जाता या फिर उसको गोलियां मार दी जाती।
अब आप बस इमेजिन कर सकते हैं कि किस लेवल की पहुंच थी इस पावलो एस्कोबार की और कितना भयंकर इसके पास पैसा था। इसका अंदाजा आप यहां से भी लगा लीजिए कि इसके इसके साथ जुड़े हुए बहुत सारे कुछ फेमस इंसिडेंट्स हैं जिसके अंदर इसने पैसा पानी की तरह बहाया। एक बहुत ही फेमस इंसिडेंट है कि इसको ठंड लग रही थी। तो इसने उस ठंड से बचने के लिए लगभग ₹13 करोड़ उस टाइम के ₹13 करोड़ आग लगा दिए ताकि वह उस आग से हाथ सेक कर अपनी ठंड को थोड़ा सा दूर कर सके। गर्मी ले सके उस आग से। इस लेवल का पैसा था।
अब क्योंकि यह दो नंबर का काम कर रहा था। इसके पास पैसा बैंक में हो नहीं सकता। इसको कैश रखना पड़ता हमेशा अपने साथ और वह कैश रखने के लिए इसने कोई लॉकर वगैरह नहीं बनवा रखे थे। पैसा बहुत था। इसने उन पैसों को उस कैश को वेयर हाउसेस बड़े-बड़े गोडाउंस बनवा रखे और उन गोडाउन के अंदर उसने उन पैसों के स्टक्स लगा रखे और हर महीने हर महीने करोड़ों रुपए तो सिर्फ उसके चूहे कुतर जाया करते थे। उस टाइम के करोड़ों रुपए आज आप इमेजिन कर सकते हैं वह कितनी वैल्यू की होगी। करोड़ों रुपए तो चूहे को उतर जाया करते थे तो उन नोटों को इनफैक्ट बहुत ही फेमस एक इंसिडेंट जुड़ा हुआ है कि हर महीने इसको नोटों के बंडलों को बांधने के लिए कम कम से कम 3 से 4 किलो रबड़ बैंड जो हम नोटों की गड्डियों के ऊपर रबड़ लगाते हैं। 3 से 4 किलो रबड़ बैंड चाहिए थे ताकि वह उन नोटों को बांध-बांध कर रख सके।
इसके अलावा इसकी अमीरियत का अंदाजा आप यहीं से लगा लीजिए कि इसके पास खुद के सात प्लेन, सात हवाई जहाज जिसके अंदर वह कोकेन भर-भर कर अलग-अलग देशों के अंदर सप्लाई करता। इसके अलावा इसके पास खुद के आइलैंड्स जिनके ऊपर उसने कोकेन की फैक्ट्रियां लगा रखी थी जिसके अंदर बहुत बड़ी मात्रा के अंदर कोकेन नाम के ड्रग्स बनाई जाती और उसको वो वहां से सप्लाई करता। बहुत बहुत बड़ा एपरर था। इसको मेजर करना आज के टाइम पे लगभग पॉसिबल नहीं है। इनफैक्ट हालात तो आज तक यह हैं कि जहां इसने पैसा छुपाया था वहां से आज तक वह ड्रम्स निकलते हैं। कहीं-कहीं तो इसने जमीन के अंदर गड्ढा खोद-खोद कर वहां पर नोटों के भरकर ड्रम्स दफनाए थे। आज तक भी वह ड्रम्स किसी की जमीन हो तो वह खोद कर देखते हैं वहां पर कोलंबिया में और उनको वो ड्रम्स पैसों से भरे हुए मिलते हैं। डॉलर से भरे हुए मिलते हैं।
बट पॉलिटिकल प्रेशर के साथ-साथ पूरी दुनिया का इसके ऊपर प्रेशर बना कि वो इन सब कामों को बंद कर दे और खुद को सिस्टम के हवाले करे। लेकिन इसने खुद को सिस्टम के हवाले करने की बजाय 1990 के टाइम पर एक खुद के लिए इसने जेल बनाई। जी हां। इसका आप बस ओदे का अंदाजा लगाइए कि इसने बजाय किसी और जेल के अंदर जाने के या फिर खुद को कानून के हाथों सरेंडर करने की बजाय इसने खुद के लिए जेल बनाई और उस जेल के अंदर जाकर कहा कि लो अब मैं जेल के अंदर हूं। अब मैं अपने आपको सजा दूंगा। जैसे भी होगी आपको इस सजा को मंजूर करनी पड़ेगी। अब वो सजा तो क्या थी? वो फाइव स्टार होटल जैसा जेल उसने अपने लिए बनाया था। अंदर ही स्विमिंग पूल वगैरह, प्लेग्राउंड्स वगैरह, डिस्क वगैरह, क्लब्स वगैरह सब कुछ उसी जेल के अंदर बनाए थे। और उसी जेल के अंदर रहते हुए पावलो एस्कोबार अपनी सजा भी काट रहा था जो उसने खुद को दी थी। इस लालड्राल नाम की जेल के अंदर रहते हुए इस पावलो एस्कोबार ने अपने लिए बहुत सारे अंदर कसीनो तक बना रखे थे जिसके अंदर लोग जाकर कसीनो खेलते। अब आप बस इमेजिन करके देखिएगा ना सिर्फ यह आदमी उस जेल के अंदर अपनी सजा काट रहा था बल्कि उस जेल को उसने अच्छा खासा एक टूरिस्ट स्पॉट बना रखा था। लोग वहां आते लोग वहां जुआ सट्टा खेलते। इसे बहुत मोटी कमाई पावलोस्कोबार को हो रही थी।
जुलाई 1992 का टाइम आ चुका था और इसी ला कैलड्रल नाम की जेल के अंदर रहते हुए इसने अपने ही दो आदमियों का मर्डर किया और जब उनकी लाशों को इसने बाहर रोड के ऊपर डंप किया तो उस टाइम पर कोलंबिया के अंदर उसी गवेरिया की सरकार थी। जी हां, वही गवेरिया जो उस टाइम पर प्लेन के अंदर नहीं बैठा था। वो अब तक आते-आते 1992 में कोलंबिया का प्रेसिडेंट बन चुका था। सो उसकी सरकार थी। अब जैसे यह दो बॉडीज अपने ही दो लोगों की बॉडीज इस इन दोनों लोगों ने पावलो एस्कोबार के साथ गद्दारी करने की कोशिश करी थी और वहीं उसने अपने जेल के अंदर इन दोनों को गोली मार दी और उनकी बॉडीज को बाहर रोड के ऊपर खुले में डंप कर दिया। अब जैसे दोनों बॉडीज मिली इस टाइम तक आते-आते प्रेसिडेंट गवेरिया इनके लिए बस इनफ हो चुका था। बस अब फाइनल ऑर्डर्स थे सबके लिए देश की सारी एजेंसीज के लिए कि किसी भी हाल में पावलो एस्कोबार को पकड़ो। सो फाइनली 22 जुलाई 1992 का वो दिन था जब पूरी कोलंबिया की सिक्योरिटी एजेंसीज में से 400 सबसे माहिर उनके जो लड़ाके थे उनके जो सैनिक थे उन 400 सैनिकों को इस पूरी जेल के चारों तरफ उन्होंने किलेबंदी कर ली और इस पूरी जेल को घेर लिया और वो अब इस जेल के अंदर घुसने के लिए तैयार थे। ना सिर्फ वो 400 सैनिक बल्कि ऊपर बहुत सारे हेलीकॉप्टर्स आसपास बहुत बड़े-बड़े टैंक्स तक यहां मंगवाए गए थे ताकि अब की बार पावलो ना बच के जा सके कहीं पे भी। लेकिन जैसे ही 400 लोग इस जेल के अंदर घुसे पावलो को पकड़ने के लिए और उसको एक एक्चुअल जेल के अंदर शिफ्ट करने के लिए। लेकिन पावलो तब तक वहां से भाग चुका था। वो फरार हो चुका था। जैसे ही यह खबर सरकार को पता लगी कि पावलो एक बार फिर से भाग चुका है तो स्पेशली सरकार ने ऑर्डर दिए सर्च ब्लॉक नाम की एक टीम बनाई गई जिसके अंदर 600 उस टाइम पर सबसे माहिर सैनिक उनकी पूरी आर्मी के उनकी पूरी मिलिट्री के।
और वो 600 सैनिक, उनका सिर्फ काम यही था कि किसी भी हाल में पावलो को पकड़ो। कहीं भी हो, उसको पकड़ कर लेकर आओ, जिंदा या मुर्दा।
अब यह 600 के 600 लड़ाके पूरी कोलंबिया के अंदर फैल चुके थे और इनका काम यही था कि पावलो या फिर उससे जुड़े हुए कोई भी व्यक्ति दिखे तो उनको तुरंत शूट एट साइट।
और जैसे ही पावलो को यह पता लगने लगा कि उनकी सरकार, उसकी ही सरकार, ऐसे उसके लड़ाकों को या फिर उसके जो साथ काम कर रहे थे, कार्टेल के अंदर, मेडेलिन कार्टेल के अंदर काम कर रहे थे, जो भी ये स्मगलर्स थे, इनको ऐसे खुले में मार रही है। तो पावलो ने रिटेलिएट करने के लिए कार बॉम्ब्स बनाने शुरू किए।
अब ये कार बॉम्ब्स चलते-फिरते सुसाइडल बॉम्ब्स थे। अब ये जैसे ही कोई भी टारगेट फिक्स हो जाता पावलो का कि हां, इस पॉलिटिशियन से या फिर इस पुलिस वाले से उसकी दुश्मनी बंध गई है, तो पावलो अपने साथ एक कार बम रेडी करता, उसके अंदर एक आदमी को बैठाता और वो कार सीधा जाकर या तो उस पॉलिटिशियन के या फिर उस पुलिस वाले के घर में जाकर फटती, जिससे उस पुलिस वाले की मौत हो जाती या फिर उस पॉलिटिशियन की मौत हो जाती। या फिर चलते-चलते कहीं पर भी वह ट्रैवल कर रहे हों, उनके परिवार समेत। सोच कर देखिए आप, पॉलिटिशियनों के परिवार समेत, पुलिस वालों के परिवार समेत, उनको उड़ाया जाने लगा।
अब यह पर्सनली दुश्मनी बन चुकी थी पुलिस वालों की, पॉलिटिशियन्स की और इनके सामने था पावलो एस्कोबार और उसका पूरा स्मगलिंग कार्टेल। दुश्मनी किस लेवल की थी, इसका अंदाजा भी आप यहीं से लगा लीजिए कि इस पावलो ने तो इनाम तक रख रखा था कि अगर उसका कोई भी आदमी जाकर किसी पुलिस वाले, नॉर्मल पुलिस वाले को मारेगा तो उसके बदले $1000 देगा। अगर किसी बड़े लेवल के पुलिस ऑफिसर को मारेगा तो उसके बदले $2000 देगा।
बट इस मोमेंट पर पावलो एस्कोबार को कोई आईडिया नहीं था कि नई-नई टेक्नोलॉजीस दुनिया के अंदर आ चुकी हैं, मार्केट के अंदर आ चुकी हैं। लेकिन वो बहुत, बहुत महंगी थी। बट कोलंबिया ने स्पेशल मिलियंस ऑफ डॉलर्स लगाकर वो टेक्नोलॉजी खरीदी, जिससे किसी भी कॉल को इंटरसेप्ट किया जा सकता था, किसी भी कॉल करने वाले की लोकेशन को देखा जा सकता था।
खैर, पूरे 16 महीनों तक वो आदमी जिसने अपना खुद का जेल बनाया था, फाइव स्टार होटल से भी बढ़िया जेल, उस जेल से भागने के बाद, पूरे 16 महीनों तक पावलो एस्कोबार, जिसके पास खुद के सात जहाज थे, जिसके पास खुद के बड़े-बड़े महल थे, जिसके पास खुद के बड़े-बड़े आइलैंड्स थे, जिसके पास बेइंतहा पैसा, वो आदमी 16 महीनों तक कभी किसी स्टोर रूम के अंदर रह रहा था, बचते-बचाते, कभी किसी बेसमेंट के अंदर, कभी कोई कमरा किराए पर ले लिया, कभी ऐसे ही सड़कों पर फुटपाथ पर भिखारियों की तरह रहते हुए उसने अपनी जिंदगी निकाली।
इन 16 महीनों में उसके साथ सिर्फ उसके दो बॉडीगार्ड्स थे, जो हमेशा उसके साथ रहते, 24 घंटे उसकी निगरानी रखते। लेकिन अब सोचने वाली बात तो थी, कभी-कभी तो इन 16 महीनों में जैसे ही पावलो एस्कोबार टीवी ऑन करता तो उस टीवी के ऊपर न्यूज़ हेडलाइंस में उसकी मौत की खबर आ रही होती। लोग उसका अंतिम संस्कार तक करके बैठे हुए थे। उसके दुश्मनों ने ऐसी झूठ बोल-बोल कर खबरें फैला दी कि पावलो एस्कोबार मर चुका है, वो डूब गया या फिर उसका मर्डर हो गया। ऐसी-ऐसी रिपोर्टिंग्स कर-कर के न्यूज़ मीडिया के अंदर आकर जब खुद पावलो एस्कोबार देखता तो उसको भी हैरानी होती। उसको भी अपने ऊपर, खुद के ऊपर बहुत ही गुस्सा आ रहा था कि उसके पास इतना सब कुछ होते हुए भी वह कुछ नहीं कर पा रहा।
जबकि दूसरी साइड उसका परिवार, उसकी पत्नी मारिया विक्टोरिया और उसका बेटा जुआन पावलो और उसकी बेटी मैनुएला, यह सारे लोग पुलिस की देखरेख में एक विला के अंदर रह रहे थे, अपनी जिंदगी जैसे-तैसे काट रहे थे। इस मोमेंट पर पावलो के पास दो ऑप्शंस थे। या तो वह पुलिस वालों के सामने सरेंडर करके खुद की जान दे दे, क्योंकि ऑब्वियसली पुलिस वालों को पता था, पावलो को भी पता था कि अगर वह पुलिस वालों के हत्थे चढ़ गया तो उसकी जान लेकर ही मानेंगे, क्योंकि उसने बहुत सारे पुलिस वालों को मारा है, बहुत सारे पॉलिटिशियन्स को मारा है, उसको जान देनी पड़ेगी। या फिर दूसरा ऑप्शन था कि वह ऐसे ही भागता रहे और पुलिस वाले उसकी फैमिली के ऊपर टॉर्चर करते रहें।
2 दिसंबर 1993 का दिन आ चुका था और जगह थी मेडेलिन शहर के अंदर ही, लॉस ऑलिवोस नाम का यह छोटा सा इलाका, बहुत ही पॉश इलाका और इसी के अंदर ही जो घर बने हुए थे, वो सारे दो स्टोरी बिल्डिंग और इन्हीं दो स्टोरी बिल्डिंग में एक घर के अंदर, ऊपर वाले फ्लोर के ऊपर बने हुए एक कमरे के अंदर, सुबह-सुबह पावलो एस्कोबार उठा। इस आदमी ने एक टाइम पर हजारों लोगों को काम पर रखा हुआ था। इस आदमी का एक टाइम पर अरबों रुपए का कारोबार था। यह आदमी एक टाइम पर किसी की भी जान लेने में, कभी भी, पूरी दुनिया में वो आदमी कहीं भी हो, उसकी जान लेने में सक्षम था।
लेकिन अब इसने ऊपर वाले दो कमरे रेंट पर ले रखे थे और उन्हीं में से एक के अंदर तो यह खुद रहता, जबकि दूसरे कमरे के अंदर इसके दोनों बॉडीगार्ड्स, वो इसके साथ रह रहे थे। इसके बॉडीगार्ड्स में से एक का नाम लिमोन, दूसरे का नाम एल इराते। सुबह उठते ही हर रोज की तरह पावलो एस्कोबार ने न्यूज़पेपर नीचे से लिमोन के हाथों मंगवाया। लिमोन नीचे भागकर वो न्यूज़पेपर लाकर उसने सीधा पावलो को दिया और अपनी चाय गर्म करते हुए, अपनी चाय की चुस्कियां भरते हुए, पावलो ने वो न्यूज़पेपर खोला और उसमें हर रोज की तरह उसके बारे में कुछ ना कुछ लिखा हुआ था।
लेकिन अब की बार, आज बहुत ही स्पेशल खबर आई थी, जिसके अंदर लिखा हुआ था कि पावलो की फैमिली को ध्यान रखिएगा, पावलो की फैमिली को जर्मनी के अंदर शरण मिल चुकी है, उनको वहां पर शिफ्ट किया जाएगा। अब जैसे ही यह खबर पावलो ने पढ़ी कि उसके परिवार को, यानी कि उसकी पत्नी को और दोनों बच्चों को यहां से जर्मनी शिफ्ट किया जा रहा है, मतलब वो बिल्कुल सेफ हैं, वो यहां से निकल जाएंगे, तो उन उसको कोई टेंशन नहीं रहेगी कि कोई उनको कुछ कर सकता है, वो जर्मनी में जाकर अपनी जिंदगी आराम से निकाल सकते हैं।
और पिछले 16 महीने, एग्जैक्टली कहूं तो 499 दिन, इन पिछले 499 दिनों में जब से यह पावलो अपने जेल से भाग-भाग कर अपनी जगह बदल रहा था, उसमें उसने तीन रूल अपने लिए सेट किए हुए थे। अगर वह अपनी पत्नी को या फिर अपने फैमिली मेंबर्स में किसी को भी फोन करेगा तो वह 3 मिनट से ज्यादा कभी किसी से बात नहीं करेगा। दूसरा रूल, हमेशा वह अपने फोन लोकेशन बदल-बदल कर करेगा। और अभी काफी महीने बीत चुके थे, उसकी अपनी पत्नी से या फिर अपने बच्चों से कोई बात नहीं हुई, लेकिन उनका नंबर उसके माइंड में था। उसने याद करके रखा हुआ था, लैंडलाइन नंबर वो। और यहां पावलो का तीसरा रूल कि उसको अपने बाकी दोनों रूल्स जो हैं, उसको स्ट्रिक्टली फॉलो करना है।
और यही रूल्स ही थे, जिस वजह से पावलो अभी तक बचा हुआ था कि पुलिस उसको ट्रेस नहीं कर पाई। पावलो को पता था कि अगर 3 मिनट से ज्यादा कहीं उसने बात कर ली तो उसकी लोकेशन ट्रेस हो सकती है, या फिर उसने एक ही जगह पर रहकर बार-बार फोन कर लिए तो भी उसकी लोकेशन ट्रेस हो सकती है। इसलिए उसने आज तक अपनी फैमिली को भी ज्यादा कुछ कॉल्स नहीं किए इन 16 महीनों में और पिछले कुछ महीनों से तो एक भी नहीं किया था।
बट आज का दिन कुछ अलग था। जैसे ही पावलो ने वो खबर पढ़ी, वो अंदर से इतना ज्यादा भावुक हुआ। या तो हो सकता है वो बहुत ज्यादा इमोशनल हो गया हो, या फिर उसको अपनी पत्नी की या फिर अपने बच्चों की बहुत ज्यादा याद आ रही हो। कुछ भी हुआ हो। लेकिन 10:27 पर पावलो ने फाइनली अपना लैंडलाइन उठाया और जो माइंड में उसका वो नंबर था, अपनी फैमिली का, वो नंबर उसने डायल किया।
यह नंबर सीधा बोगोटा के अंदर जाकर एक घर के अंदर बजा और यह फोन तुरंत पावलो के लड़के ने उठाया, जुआन पावलो। अब जैसे ही बात होनी शुरू हुई, पावलो ने हेलो बोला, उसके लड़के ने हेलो बोला। दोनों आपस में बहुत ज्यादा इमोशनल हो चुके थे। उस टाइम पर उसका लड़का 16 सालों का था। यह दोनों आपस में बातें किए जा रहे थे। लेकिन किसी को भी आईडिया नहीं था। यह जो बातें कर रहे हैं, उस टाइम पर मेडेलिन के बिल्कुल बीचों-बीच एक बहुत बड़ा सीक्रेट बंकर बनाया गया था, जिसके अंदर करोड़ों रुपयों की मशीनें ला-ला कर रखी गई थी और यह मशीनें इस कॉल को इंटरसेप्ट कर रही थी।
यह कॉल चलते-चलते 1 मिनट बीत गया, 2 मिनट बीत गए, 3 मिनट बीत गए। जो उसकी यूजुअल लिमिट थी पावलो की, वो क्रॉस हो चुकी थी। 4 मिनट बीते, 5 मिनट भी बीत गए। 5 मिनट 47 सेकंड पर जाकर पावलो ने कॉल कट करी। उस कॉल को रखकर पावलो पीछे आराम से बैठा और धीरे-धीरे मुस्कुराने लगा, क्योंकि उसको बहुत अच्छा लग रहा था उस टाइम पर कि फाइनली उसकी बात हुई है अपने बच्चों से इतने लंबे टाइम बाद। उसको अपनी बेटी की आवाज सुनाई दी, उसको अपने बेटे की आवाज सुनाई दी, जो कि पिछले काफी महीनों से उसकी लाइफ से गायब थी।
बट इस टाइम पर पावलो को कोई आईडिया नहीं था कि जो ये कॉल 5 मिनट 47 सेकंड उसकी चली है, ये कॉल मेडेलिन शहर के बिल्कुल बीच में बने हुए बंकर्स के अंदर सुनी जा रही है और अब यहां बहुत कुछ होने वाला था। जी हां, जिन बंकर्स के अंदर वो बड़े-बड़े कंप्यूटर और वो टेक्नोलॉजी लगाई गई थी लोकेशन ट्रेस करने की, उन कंप्यूटर्स ने फाइनली पावलो की लोकेशन को 100 मीटर के अंदर बता दिया। मतलब कि लॉस ऑलिवोस के अंदर जो वो इलाका है, उस इलाके के अंदर एक 100 मीटर के दायरे के अंदर बता दिया कि यह कॉल यहां से की गई है।
सो जैसे ही पुलिस वालों को पता चला कि 100 मीटर के अंदर है, सिर्फ दो चौराहे थे वहां पर। 100 मीटर के दायरे के अंदर दो चौराहे और टोटल तीन घर। पुलिस वाले समझ चुके थे कि उनका टारगेट इन तीन घरों में से एक के अंदर है। यह पता लगते ही सर्च ब्लॉक की टीम इकट्ठा हुई और जो उनके हेड थे, उन्होंने क्लियर कट साफ कर दिया, सारी इंस्ट्रक्शंस दे दी कि जल्दी से जल्दी इस इलाके की घेराबंदी करो। जो कुछ भी पॉसिबल हो, वो करो। लेकिन अबकी बार, अबकी बार यह पावलो बचकर नहीं जाना चाहिए। हो सके तो उसे जिंदा पकड़ो, लेकिन बस भागने मत देना।
पुलिस वालों की यह तैयारी, अब एक पर्सनल रंजिश थी, जो अब पूरी होने वाली थी। तुरंत इस बंकर के अंदर से कई सारे ट्रक, जिनके अंदर बहुत ही माहिर लड़ाके बैठे हुए थे, अपने साथ अपने-अपने हथियार लेकर निकले लॉस ऑलिवोस की तरफ जाने के लिए। जबकि दूसरी साइड उस घर के अंदर बैठा हुआ पावलो, अभी अपनी चाय पूरी करके दोबारा से अखबार पढ़ ही रहा था। और तभी अखबार पूरा करके वो अपने कमरे की खिड़की के ऊपर गया, जहां बाहर बच्चों के खेलने की आवाज आ रही थी। असल में सामने मौजूद सड़क के ऊपर कई सारे बच्चे फुटबॉल खेल रहे थे। उनको देखकर पावलो को भी लग रहा होगा कि एक टाइम था जब इन बच्चों के लिए मैंने बहुत सारे प्लेग्राउंड्स वगैरह बनवाए थे और उनमें भी बच्चे आकर खेला करते थे फुटबॉल। सो उनको देखकर वो अपनी पुरानी मेमोरीज याद कर रहा होगा उस टाइम पर।
जबकि आसपास बिल्कुल शांति, आसपास के लोग अपने डेली रूटीन के काम कर रहे थे। लॉन्ड्री वाला मौके पर आया हुआ था, सबके घरों से कपड़े कलेक्ट कर रहा था। बच्चे खेल रहे थे। जो भी लोग अपनी ड्यूटी पर जाने वाले थे, वो अपनी गाड़ियां स्टार्ट कर-कर के यहां से निकल रहे थे धीरे-धीरे। और ऊपर खड़ा पावलो, उस टाइम पर वो पावलो एस्कोबार नहीं था। वो एक बिल्कुल आम सा इंसान था, अपनी फैमिली को मिस करता हुआ और उम्मीद में कि वो यहां से सुरक्षित निकल जाएगा।
आज नहीं तो कल। दिन के तकरीबन 1:47 का टाइम हो चुका था। और फाइनली वो ट्रक, जो मेडेलिन शहर के बीच से निकले थे, अब पूरे तरीके से लोडेड होकर, पहला ट्रक 1:47 पर इस लॉस ऑलिवोस नाम के इलाके में पहुंचा और बिल्कुल चुपके से एक साइड पार्क हो गया। उसके अंदर से निकले हुए लड़ाके आसपास की बिल्डिंग्स के ऊपर चढ़-चढ़कर अपनी-अपनी पोजीशंस ले चुके थे। असल में स्नाइपर से भरा हुआ ट्रक था। इसके अंदर बहुत ही शार्प शूटर्स बैठे हुए थे और वो सारे शार्प शूटर जाकर अलग-अलग छतों के ऊपर फैल-फैल कर अपनी पूरी पोजीशन बना चुके थे। उस 100 मीटर के घेरे के चारों तरफ और वो जो तीन पॉसिबल घर थे, उन तीनों के ऊपर निशाने थे कि क्या पता किसके अंदर पावलो एस्कोबार हो।
और तभी दूसरा ट्रक, जिसके अंदर नीचे ग्राउंड टीम मौजूद थी, वो भी मौके पर पहुंचा। उसके अंदर से भी लड़ाके निकल-निकल कर अपनी-अपनी पोजीशंस ले चुके थे इन तीनों घरों के चारों तरफ, क्योंकि किसी को भी नहीं पता था कि किस घर के अंदर पावलो है। तीनों घरों को अच्छी तरीके से घेर लिया गया, पूरे तरीके से जाल बिछाया जा चुका था। टाइम आ चुका था 2:04 का और तभी पावलो दोबारा से खिड़की के ऊपर आया और उसने खिड़की के बाहर देखा, जब बाहर एक गाड़ी उसके घर के खड़ी हुई थी। नॉर्मली वो एक उसके ही पड़ोसी की गाड़ी थी। बट इस गाड़ी के पीछे उसको कुछ बहुत अजीब सी चीज दिखी। जी हां, एक आदमी जिसने ऊपर से लेकर नीचे तक टैक्टिकल गियर पहने हुए हैं, मिलिट्री ग्रेड के गियर पहने हुए हैं और वह उस गाड़ी के पीछे छुपने की कोशिश कर रहा है।
और जैसे ही पावलो ने उसे देखा उस खिड़की से, तो उसको अजीब तो लगा होगा उस टाइम पर। डर भी लगा होगा कि आखिर यह आदमी पूरे तरीके से टैक्टिकल गियर पहनकर, अपनी पूरी ड्रेस पहनकर, आगे सुरक्षा की जैकेट वो पहनकर और हाथ में उसके पॉसिबली हथियार भी है, क्योंकि उस टाइम पर वो हथियार उसे नहीं दिखा होगा। पावलो एस्कोबार ने अपनी नजर पूरे रोड की तरफ घुमाई। तब वह समझ चुका था कि यहां सिर्फ यह एक आदमी नहीं है, बल्कि यहां खुफिया एजेंसी के बहुत सारे लोग हैं जिन्होंने इस घर को घेर रखा है और वो अब हमला करने की तैयारी में है।
पावलो ने घूमकर सामने खड़े अपने बॉडीगार्ड लिमोन की तरफ इशारा किया कि हां, अपनी राइफल वापस ले आओ। लिमोन अंदर भागकर अपने खुद के कमरे के अंदर से अपनी AK-47 उठाकर लेकर आया। जबकि एल एराते, वो भी अब तैयार था शूट आउट के लिए। और दूसरी तरफ पावलो, जिसने अपनी सबसे फेवरेट 9 एमएम का वो सामान, उसका 9 एमएम का जो असला था, उसकी पिस्टल वो उठाई, उसकी कार्टरेज निकाल कर अंदर चेक करी कि क्या गोलियां पूरी है, वो पूरी तरीके से लोडेड थी, उसको वापस लॉक करके, फाइनली अब यह तीनों लोग तैयार थे सामने मौजूद इन एजेंसी वाले लोगों के ऊपर, इन लड़ाकों के ऊपर फायरिंग करने के लिए।
इन तीनों में से, यानी कि पावलो और उसके दोनों बॉडीगार्ड्स में से, एक ने भी अभी तक गोली नहीं चलाई। बट सामने सामने मौजूद जो सर्च ब्लॉक के जो लड़ाके थे, नीचे वाले लड़ाके, ग्राउंड स्टाफ वाले, उनमें से एक लड़ाका बाहर निकला, गाड़ी के सामने जो छुपा हुआ था, पीछे उसके, वो लड़ाका बाहर निकला और उसने अपनी राइफल ऊपर की तरफ करी और एक वार्निंग शॉट फायर किया। यह वार्निंग शॉट सिर्फ अपनी मौजूदगी दर्शाने के लिए था कि हां, हम यहां पर पहुंच चुके हैं और हमने पावलो को चारों तरफ से घेर रखा है।
बट इन रिस्पांस, पावलो ने कोई हवाई फायर नहीं किया, बल्कि इन तीनों ने मिलकर, पावलो और उसके दोनों बॉडीगार्ड्स, लिमोन और एल एराते ने मिलकर, सामने मौजूद सर्च ब्लॉक के जितने भी लड़ाके उनको दिख रहे थे, उस खिड़की में से ही, उस खिड़की के साइड में आकर सभी ने अपने-अपने हथियार जो थे, उस खिड़की में से बाहर निकाले और सामने मौजूद इन लड़ाकों के ऊपर फायरिंग करनी शुरू कर दी।
क्या आप इस बात के ऊपर विश्वास करेंगे कि आने वाले 6 मिनटों के अंदर, इन 6 मिनटों में 200 राउंड से भी ज्यादा फायरिंग इस घर के ऊपर हुई और बदले में पावलो और उसके दोनों साथी, उनकी भी गोलियां खत्म हो चुकी थी। यह भी अपनी गोलियां अब रीलोड करने की तैयारी में थे। और इससे भी आने वाले अगले 6 मिनट के अंदर, वो सच में एक बैटल थी, जिसे आज हम द बैटल ऑफ लॉस ऑलिवोस के नाम से जानते हैं। जी हां, एल एराते, जिसके पास अपनी खुद की AK-47 थी, उसने उसके ऊपर एक्सटेंडेड मैगज़ीन लगाई और बिल्कुल सरेआम, उसको कोई डर नहीं। इस कमरे की भी छत के ऊपर जाकर अंधाधुंध नीचे अपनी AK-47 उसने चलानी शुरू कर दी। पूरी की पूरी मैगज़ीन उसने सामने मौजूद लड़ाकों के ऊपर खाली कर दी।
एक घर, जो अभी तक कुछ मिनटों पहले तक बिल्कुल शांत था, एक मोहल्ला, जो अभी तक बिल्कुल शांत था, पॉश इलाका, वो अब एक बैटल फील्ड बन चुका था। चारों तरफ गोलियों की आवाज और इस घर को तो लिटरली छलनी बनाकर रख दिया। सामने मौजूद सर्च ब्लॉक के लड़ाकों ने। और अब इतना भयंकर अपने ऊपर हमला होता देख, पावलो एस्कोबार समझ चुका था कि नहीं, वो नहीं जीत सकता, क्योंकि अब की बार यह सर्च ब्लॉक वाले पूरे अपनी तैयारी के साथ आए हैं और अब की बार इनकी संख्या भी बहुत ज्यादा है।
और इस मोमेंट पर फाइनली पावलो एस्कोबार ने अपने साथ में खड़े अपने दूसरे बॉडीगार्ड लिमोन की तरफ देखा और कहा कि नहीं, हम इनसे नहीं जीत सकते, हमें वही करना होगा जो आज से पहले हम दर्जनों बार करते आए हैं। जी हां, यहां से भागना होगा। लेकिन कैसे? वो पहले भाग जाता था। जब भी पावलो पुलिस वालों के साथ भिड़ा, उसके अंदर भागने की एक एक्सेप्शनल क्षमता थी। उसके अंदर पता नहीं क्या, यह कला वो कहां से सीख कर आया था। लेकिन हर बार वो पुलिस वालों से बचकर भागने में सफल रहता।
लेकिन अब की बार कैसे? अब की बार उसे चारों तरफ से घेरा हुआ है पहले ही। लेकिन फिर भी लिमोन ने कहा कि हां, चलिए हम यहां से भाग कर चलते हैं। और पावलो और लिमोन दोनों अपने घर की सबसे पहले ऊपर वाली छत के ऊपर गए, जहां आगे एल एराते, वो लड़ते-लड़ते अब उसकी मौत हो चुकी थी। सामने उसका भी शरीर पड़ा हुआ था, उसकी डेड बॉडी पड़ी हुई थी। बट इस एल एराते को इग्नोर करते हुए, दोनों अपनी छत से बराबर वाले घर की छत के ऊपर कूदे।
असल में अब मैं आपको बता दूं कि यहां छतें, ये नॉर्मल छतें नहीं थी। अपने जैसे घर की होती हैं, वैसे नहीं थी। हम यहां थी ये क्ले टाइल्स वाली छतें। आपने देखा होगा झोपड़ी जैसे, वो पहले तो शेप और उनके ऊपर लगाई जाने वाला जो छप्पर था, वो क्ले टाइल्स से बना हुआ था। पतली-पतली टाइल्स होती हैं, वो घुमावदार सी और एक के ऊपर एक, एक के ऊपर एक लगाकर छत बनाई जाती है। इन छतों के ऊपर भागने में पावलो एस्कोबार ने माहिरता हासिल की हुई थी। लिटरली, वह इन चीजों के अंदर प्रो हो चुका था।
खैर, पावलो और लिमोन दोनों ने साइड वाली छत के ऊपर कूदते हुए आगे की तरफ भागना शुरू किया और फाइनली तीन गोलियां आकर सीधा लिमोन को लगी, जो कि पावलो के पीछे भाग रहा था, उसको गार्ड करते हुए। यह तीनों गोलियां पीछे से आकर लिमोन को लगी और लिमोन वहीं पर ढेर हो चुका था। लेकिन इस मोमेंट पर पावलो ने एक बार भी पीछे घूम कर नहीं देखा कि लिमोन कैसा है? उसको गोली कैसे लगी? क्या वह ठीक है या नहीं? हम पावलो कंटिन्यू आगे की तरफ भागता रहा।
लिमोन के जाने के बाद, एक गोली सबसे पहले पावलो के पैर को टच करते हुए आगे की तरफ गई। वो आगे कहीं जाकर लगी। लेकिन इससे पावलो के पैर में जख्म हो चुका था, उससे खून निकल रहा था। लेकिन पावलो अभी भी नहीं रुका। सोच कर देखिए आप, 51 साल का एक आदमी, जो कि अब थोड़ा फैटी भी हो चुका है, मोटापा भी उसके शरीर में आ चुका है, लेकिन फिर भी वह 51 साल की उम्र में इतनी तेजी से, इतनी स्पीड में घरों की छतों के ऊपर भाग रहा था।
और एक मोमेंट फिर ऐसा आया जब पावलो को भी लग रहा था कि हां, वो बच गया। वो फाइनली इन सर्च ब्लॉक के जो घेराव था, उस घेराव को तोड़कर यहां से निकल चुका है। लेकिन नहीं, यह सिर्फ कुछ सेकंडों की खुशी थी, जो पावलो के सामने खत्म होती जा रही थी। और इसके बाद एक बहुत ही फेमस फोटो। यह जो फोटो अभी आपके स्क्रीन के ऊपर आ रही है, यह फोटो कैप्चर की गई, जिसने पूरी दुनिया के अंदर हेडलाइंस बटोरी। कैसे यहां पावलो दूसरी, दूसरे घर की छत से कूदकर इस वाले घर की छत के ऊपर आकर, यहां से भागने की कोशिश कर रहा था।
लेकिन उस टाइम तक सर्च ब्लॉक के लड़ाके भी भागते-भागते यहां तक पहुंच चुके थे और अब इस मोमेंट पर वो पहली बार पावलो एस्कोबार को अपने कब्जे में करने वाले थे। इस फोटो के क्लिक करने के सिर्फ 10 सेकंड बाद ही, पावलो एस्कोबार इसी घर की छत के ऊपर लेटा हुआ था और उसके चारों तरफ सर्च ब्लॉक के लड़ाके थे, जिन्होंने अपनी राइफल उसके ऊपर पिनपॉइंट की हुई थी।
पावलो एस्कोबार के चारों तरफ जो लोग खड़े थे, यह पिछले 499 दिनों से इस आदमी को ढूंढ रहे थे और ना सिर्फ यह ढूंढ रहे थे, बल्कि कई देशों की सरकारें इसके पीछे पड़ी थी और फाइनली अब वो उनके सामने नीचे एक घर की छत के ऊपर लेटा हुआ था। उसके सिर से भी खून निकल रहा था और पैर से भी खून निकल रहा था। लेकिन अभी भी पावलो एस्कोबार की आंखों में कोई डर नहीं। वह अभी भी जिंदा है। सारे जितने भी आगे उसके लोग खड़े हैं, वो उनको देख पा रहा है। अभी भी कोई डर नहीं। सिर्फ वो अपने माइंड में उस टाइम पर यही आ रहा होगा उसके कि कैसे उसके पूरे एंपायर का अब एंड होगा। कैसे उसकी स्टोरी खत्म होगी। कैसे वह मर जाएगा।
अब इसके बाद जो हुआ, उसके अंदर दो वर्जन हैं। अब आप क्या मानते हैं, वो आपके ऊपर है। सरकार ने अपनी ऑफिशियल स्टेटमेंट के अंदर कहा कि पहला फाइनल फेटल शॉट दूर खड़े हुए एक छत के ऊपर स्नाइपर ने अपनी असॉल्ट राइफल से चलाया, जो कि सीधा जाकर पावलो एस्कोबार, जो कि उस टाइम पर नीचे लेटा हुआ था छत के ऊपर, उसकी छाती के अंदर जाकर लगा। लेकिन एक दूसरा वर्जन उन लड़ाकों ने बताया, जो कि उसके चारों तरफ उस टाइम पर खड़े थे, कि एक अंतिम बार पावलो ने अपनी बेल्ट के अंदर रखी हुई अपनी 9 एमएम की पिस्टल को बाहर निकाला और पहले तो उसने वो चारों जो सामने खड़े थे, उसके लड़ाके, उनकी तरफ किया उस पिस्टल को, लेकिन बजाय चलाने के, वो पिस्टल उसने अपनी तरफ घुमाई और काम खत्म।
और फाइनली 3:15 पर, 2 दिसंबर 1993 के दिन, मेडेलिन के लॉस ऑलिवोस इलाके के अंदर एक घर की छत के ऊपर, पावलो एस्कोबार मृत पड़ा हुआ था। उसकी जान वहीं पर जा चुकी थी। इस पूरी दुनिया का सबसे अमीर स्मगलर, जिसके पास खरबों खरब रुपए की संपत्ति थी, या एक पिता, जो सिर्फ अपने बच्चों की आवाज सुनना चाह रहा था, जो सिर्फ अपनी पत्नी से बात करना चाह रहा था और वही उसकी जिंदगी के लिए मौत की सजा बन गई। वो जो खुशी वो चाह रहा था, जो 5 मिनट 47 सेकंड की जो खुशी उसको मिली थी, वो उसको जान देकर अपनी चुकानी पड़ी।
यह खबर पेट्रोल में लगने वाले आग की तरह पूरी दुनिया के अंदर फैली। मेडेलिन की सड़कों के ऊपर भारी भीड़ जमा हो चुकी थी। बहुत सारे लोग ऐसे थे जो सेलिब्रेट कर रहे थे, जबकि दूसरा एक बहुत बड़ा तबका ऐसा था जो इसके लिए रो रहा था, क्योंकि बहुत सारे लोगों के लिए यह एक मॉन्स्टर था, जो इससे दुश्मनी खाकर बैठे हुए थे। यह एक राक्षस था। लेकिन ऐसे भी बहुत सारे लोग थे, जिनकी, जिनका घर सिर्फ पावलो एस्कोबार की वजह से चल रहा था, जो इसको अपना गुरु मानते थे, इसको अपना हीरो मानते थे, इसको अपना भगवान मानते थे।
बेशक, इस मोमेंट पर पावलो एस्कोबार जा चुका था, लेकिन उसके द्वारा जो बनाया गया एंपायर था, वो आज भी कोलंबिया के अंदर बिल्कुल वैसा ही है। जैसे ही पावलो एस्कोबार की मौत हुई, उसकी जगह और भी बहुत सारे कार्टल्स आए और उन्होंने वह जगह भर दी। वापस कोकेन आज भी उसी तरीके से कोलंबिया से बाहर निकलती है, पूरी दुनिया के अंदर फैलती है। आज भी उसका लोग नशा करते हैं।
सो, यह थी एंडिंग पावलो एस्कोबार की। आई एम श्योर आपने बहुत सारी डॉक्यूमेंट्रीज देखी होंगी, बहुत सारी वीडियोस देखी होंगी, स्टोरीज सुनी होंगी पावलो एस्कोबार से रिलेटेड। लेकिन इतने सिंपलीफाइड तरीके से आपको कभी किसी ने नहीं बताया होगा। बहुत घुमा-फिरा कर लोग बताते हैं। लेकिन एक्चुअल जो चीज हुई थी, वो यह है। ऑफिशियल वर्जन यही है। इसके अलावा सारा कुछ बनावटी है।
सो, आप मुझे बताइए कि आपको पावलो एस्कोबार के बारे में क्या कहना है? आप उसको किस नजर से देखते हैं? आप अपने विचार नीचे कमेंट्स में जरूर बताएं। और उससे जुड़ी हुई बहुत सारी डॉक्यूमेंट्रीज हैं, वीडियोस, फोटो हैं। ऐसा कुछ स्पेशल नहीं है कि मेरे पास और कुछ भी हो। कुछ नहीं है। बट जो है, वो मैं इंस्टाग्राम के ब्रॉडकास्ट चैनल के अंदर डाल दूंगा। यह मेरी इंस्टाग्राम आईडी। इसका लिंक आपको डिस्क्रिप्शन में भी, इसका लिंक आपको डिस्क्रिप्शन में भी मिल जाएगा। आप मुझे वहां जाकर फॉलो जरूर कर लें। वहां आप मुझसे बात भी कर सकते हैं।
और आप मुझे बताइए कि नेक्स्ट वीडियो किस किसके ऊपर होनी चाहिए? क्या मुझे कार्टल्स और भी कवर करने चाहिए या फिर वॉर के ऊपर जाना चाहिए? आप मुझे बताइए टॉपिक्स नीचे सजेस्ट करिए। खैर, पिछली वीडियो का शाउट आउट नरगिस बानो को। एंड कमेंट पिक मी टू गेट अ शाउट आउट इन नेक्स्ट वीडियो। मिलते हैं अगली वीडियो में। यह वीडियो देखने के लिए, धन्यवाद।