Transcription
मुझे घंटा फर्क नहीं पड़ता है। जिस मजहब में नारी को खेती, तीन तलाक और हलाला और एफआई सौतन का अत्याचार क्यों माने हम?
इस्लाम। हेलो एवरीवन, मैं हूं एक्स मुस्लिम एंजल। हम भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बारे में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 का पुरजोर समर्थन करते हैं। उदाहरण, छवि और संदर्भ सहित, यह वीडियो केवल मनोरंजन, सूचना और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान किया गया है और चैनल किसी भी अवैध गतिविधियों को बढ़ावा या प्रोत्साहित नहीं करता है। हमारा उद्देश्य केवल समाज को जागृत करना है। हमारा उद्देश्य किसी की धार्मिक या सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है।
हेलो एवरीवन, सभी को सलाम, नमस्ते, सत श्री अकाल, गुड इवनिंग। तो कैसे हैं आप लोग? भारत माता की जय, जय हिंद, वंदे मातरम। चलिए तो बताइए कैसे हैं आप लोग? क्या मेरी आवाज क्लियर है? प्लीज कमेंट कीजिए।
कैसे हो दीदी? मैं एकदम प्रोफेसर साहब कह रहे हैं, "हेलो दोस्तों, स्वागत है। स्वागत नहीं करोगे हमारा?" बिल्कुल स्वागत है। पीएस जी कह रहे हैं, "जय श्री राम। हर हर महादेव। वंदे मातरम।" जी, वंदे मातरम। केआर भाई कह रहे हैं, "वॉइस परफेक्ट।" थैंक यू। अरुण जी कह रहे हैं, "जय श्री राम।" जय श्री राम। सिमरन बहन आ गई है। सिमरन कह रही है, "एवरीवन प्लीज लाइक एंड शेयर।" थैंक यू सो मच।
मैं हाजिर, हाजिर हो गया क्या? मैं हाजिर हो गया था। कहां हाजिर हो गए थे भाई? जयदीप जी। कहां थी सिस्टर? हम तो चिपटे धरती पे थे भाई। अब तक इधर-उधर लुढ़क रहे थे। फिर वापस आ गए घूम-घाम कर। आप बताओ आप लोग कहां थे? प्राउड काफिर जी आ गए। आ गए हैं। कह रहे हैं, "कैसे हैं एंजल जी?" एकदम ठीक-ठाक, बिंदास, मस्त। प्रेम भा आ गए हैं। कह रहे हैं, "प्रेम भा लाइव।" यह नया चैनल है इनका। और पुराना भी कुछ टाइम के बाद फिर से स्टार्ट हो जाएगा। लेकिन यह न्यू चैनल है। प्रेम भाई कह रहे हैं, "नमस्ते सभी को।" और आज हमारे प्रेम भाई का बर्थडे भी है। हां, गायब थे। अभी हाजिर है ना भाई?
जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते ही रहता है। और जिंदगी में अगर संघर्ष ना हो तो जीने का क्या फायदा? आप सोचिए कि अगर आपकी लाइफ है और आप लाइफ में कोई टेंशन ही नहीं हो तो फिर लगेगा लाइफ क्या है यार? मतलब खाना-पीना, सोना, क्या है? मतलब थोड़ा सा टेंशन बनता है यार, तब तो मजा आता है ना जीने में। इसलिए हर चीज को एंजॉय करना चाहिए। चाहे वो टेंशन हो, लाइफ हो, मतलब जहां भी जाओ एकदम बिंदास रहो।
हम हम। चलिए तो आप लोग फटाफट वीडियो को शेयर कीजिए और जो भी मॉडरेटर मेरे पास है, जिस भी ग्रुप में है, डिस्कॉर्ड, इंस्टाग्राम, जिधर भी है, उधर शेयर कर दीजिए। एक से एक किधर भी है, उधर शेयर कर दीजिए और फटाफट। आज का जो टॉपिक है, वह बहुत ही शानदार, लाजवाब, सुपर से भी ऊपर। औरत की इबादत बेकार क्यों? यह हम पूछेंगे हमारे मोमिन भाइयों से कि क्यों है बेकार? है ना दीदी?
आज सभी एक्स मुस्लिम चैनल पर स्ट्रीम चल रही है। किस पर जाएं? जी नहीं, नहीं, ये सब पे नहीं चल रही है। सबका अपने-अपना टाइम है। टाइम है और यह चीजें जहां भी आप जाओ, सब जगह एक ही चीज बताई जा रही है। तो आप हर जगह से नॉलेज लो। जहां अच्छा लगे सुनने में, वहां पर टिक जाओ। ठीक है? और बस यही बात है। सुनना अच्छी बात है। सबके सब हर एक टॉपिक पर अलग-अलग टॉपिकों पर बात करते हैं। और हम तो नॉलेज लेने के लिए आए हैं और नॉलेज देने के लिए है ना? तो जहां अच्छा लगे, वहां पर टिक जाओ। बाकी हर किसी के चैनल पर जाइए, एक्स मुस्लिमों के चैनल पर विजिट कीजिए, सुनिए, सपोर्ट कीजिए, प्यार दीजिए।
एंजल जी, आई हैव ए क्वेश्चन फॉर यू। इज गॉड एक्सिस्ट? एकिस्ट और नॉट? को यू? इज गॉड मतलब खुदा है या नहीं? ऐसा कुछ पूछ रहे हैं ना भाई? मेरी इंग्लिश थोड़ी कमजोर है। कोई बात नहीं। प्राउड प्राउड काफिर भाई, जहां मन लगे, जहां दिल लगे, वहीं पर टिक जाने का यार। काहे को टेंशन लेना? अच्छी बात है ना? आप हमारे YouTube के लिए ऐसा नहीं है कि अभी हमारे साथ जो लोग देखेंगे, 400, 300, 500, जो भी लोग देखेंगे, इतना ये नहीं। YouTube बहुत बड़ा एक प्लेटफार्म है और यहां पर बहुत सारे करोड़ों, अरबों लोग हैं जो इस जगह पर ना काम कर रहे हैं और बहुत सारे लोग देखते हैं। तो अच्छी बात है। हम तो चाहते हैं हर जगह स्ट्रीम हो। कम से कम एक हजार एक्स मुस्लिम चैनल्स हो, तब तो लोगों तक पहुंचेगी बातें। भाई बीसी भाई कह रहे हैं, "एंजल घूम-घाम के ज्ञान लेने का।" घूम-घाम के ज्ञान लेने का। बिल्कुल।
एंजल दीदी, नमस्ते जी। नमस्ते भाई। यासमीन दीदी, एंजेल दीदी, कुल्हा क्या है यार? कुल्हा दीदी कौन है? ईमान की तलाश समीर भाई की स्ट्रीम चल रही है इस टाइम। अच्छा, अच्छी बात। चलिए तो फिर आज के टॉपिक पर हम थोड़ी सी चर्चा करते हैं। है ना? फिर हम हमारे जो भी आएंगे कॉलर, उनसे बात करते हैं। महावीर ब्नोई, वाओ, ब्नोई तक मेरी चैनल की बताओ यार, नोटिफिकेशन जा रहा है। नमस्ते एंजल दीदी। जी, नमस्ते। अब तो लगता है YouTube भी जिहाद कर रहा है। बिल्कुल। जी, जी, आपके क्वेश्चन का आंसर देंगे। आप हिंदी में लिखिए तो फिर हम देते हैं। गॉड है या नहीं? ऐसा कुछ बोले। ठीक है? अभी हम आपके क्वेश्चन का आंसर देंगे। फिलहाल हम हमारे जो पैनलिस्ट हैं, उनको ऐड करते हैं। विंक जी आई है, कह रही है, "हेलो एंजेल सिस्टर।" हेलो, मेरी प्यारी बहना। चलिए और यह हमारे प्रेम भाई ऐड कर रहे हैं। वेलकम, स्वागत है आप लोगों का। कैसे हैं आप लोग? नमस्ते दीदी। जय हिंद, वंदे मातरम। जय हिंद, वंदे मातरम। प्यारी बहन, कैसे हैं आप? एकदम ठीक-ठाक। और अभी बता देते हैं, अभी लोग थोड़े बढ़े हैं तो आज हमारे प्रेम भाई का जो हैप्पी बर्थडे है, ठीक है? तो इनको फटाफट हैप्पी बर्थडे विश कीजिए आप लोग। और यह हमारे बड़े भाई हैं, बहुत दिनों से इस पर लगे हैं। भाई, यह इस मुहिम में ना, जितना टाइम हम लोग दे रहे हैं, हमें लगता है सिर्फ हम काम कर रहे हैं। पर हकीकत में यह जितने भी हमारे व्यूअर्स होते हैं, सपोर्टर्स होते हैं, यह सारे लोग मेहनत करते हैं। हम सबका मेहनत है। ठीक है? तो विश कीजिए हमारे प्रेम भाई को।
और मुझे मुझे गिफ्ट दीजिए दीदी। मेरा चैनल चला गया। वो आ जाएगा वापस। नया चैनल है। तो जो भी मुझे गिफ्ट देना चाहता है, मैं चैनल का लिंक शेयर कर रहा हूं। नया लिंक, नया चैनल है। परसों ही बनाया, तो उसको शेयर कर दे। उस पर भी स्ट्रीम होती है। हां, यह ब्लेड भाई, शेयर कर दीजिए और जितने लोग देख रहे हैं, प्रेम भाई के चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए क्योंकि इनका काम जो है, वह लोगों तक और नए एक्स जितने भी नए एक्स मुस्लिम आते हैं, उनको सपोर्ट करना। उनके पीछे एक मतलब बड़े जैसे होते हैं ना भाई, ऐसा करके हाथ उनके सर पर रख के मतलब उनके साथ काम करते हैं कि चलो ठीक है, हम हैं तुम्हारे पीछे, तुम आगे बढ़ो। इनका यह मोटिव रहता है। और बाकी इनका कोई इससे चैनल से इनका कोई लेना-देना नहीं है कि यह कमाना चाह रहे हैं या कुछ भी ऐसा-वैसा, कुछ भी नहीं है। बस इसलिए चलाते हैं ताकि लोगों तक जानकारी पहुंचे, चाहे किसी के थ्रू पहुंचे, मेरे थ्रू, प्रेम भाई के थ्रू, ब्लेड भाई के थ्रू, कोई कोई भी हो, उससे मतलब नहीं है। बस जानकारी सभी को मतलब होना चाहिए। इसी में यह लगे हैं। तो प्लीज आप लोग इनके चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए और बर्थडे गिफ्ट के तौर पर इनको एक सब्सक्राइबर बढ़ा दीजिए। फटाफट शेयर कीजिए।
जी, नमन कह रहे हैं, "सभी लोग विश कर रहे हैं प्रेम भाई आपको।" एंजल दीदी, नमन प्रणाम जी। तो आज का जो टॉपिक है, वह यही है। चलिए, हम इस पर क्वेश्चन करते हैं। पहले जो हमारे पैनलिस्ट हैं, उनसे ही हम बात करते हैं। यह जो अ ब्लेड भाई, प्रेम भाई, यह जो है ना, आज का जो टॉपिक है, औरत की इबादत बेकार क्यों है? ठीक है? यह हमने पूरा नहीं लिखा क्योंकि इस पर क्या होता है? पूरा अगर लिखो तो लोगों को लगता है अच्छा, इस पर है, उस पर है। लेकिन असल में यह जो है, टॉपिक वह हैज़ के ऊपर। ठीक है? अ जी। अगर सिमरन जी फ्री है तो प्लीज ज्वाइन कीजिए और पैनल पर आइए, थोड़ी बातचीत करेंगे। है ना? यह फीमेल टॉपिक है। तो यह इसी के ऊपर है। और हमारे जो मोमिन भाई आते हैं, वह हर किसी के जाकर रिलजन पर बात करते हैं। हर किसी के ऊपर जाकर के कुछ भी बकवास करते हैं ना। तो आज उनके लिए ही है कि आप देखो क्या है, आपके कुरान हदीसों में क्या लिखा है। एक औरत के लिए। यह तो औरत ही कहते हैं। हां जी।
यह कह रहे हैं, "एंजल दीदी, थोड़ा पंजाब के बारे में भी बोल दो। बहुत बहुत बुरा लग रहा है पंजाब की परिस्थिति देखकर।" पंजाब की परिस्थिति देखिए, जो हुआ वह तो हुआ। लेकिन हमारे मोदी सरकार जो है, वह पहुंच गए हैं। तो अब आगे आप लोगों को टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। ठीक है? अपने सरकार पर इतना तो भरोसा रखिए कि वह जो भी करेंगे, सब अच्छा करेंगे। है ना? क्या बोलते हैं प्रेम भाई? अच्छा, प्रेम भाई म्यूट है। मैं भी शायद म्यूट पर ही म्यूट। मैं मैं भी शायद म्यूट पर ही बोलने जा रहा था। मैं यह बोल रहा था दीदी कि सरकार की तरफ से तो मदद तो मिलेगी ही, वह तो होगा ही। लेकिन ऐसी जो परिस्थितियां आती है, उसमें हमें पैसे से ज्यादा एक दूसरे की जब हम हेल्प करते हैं, है ना? तो वह सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट हो जाता है। हां, एक सहानुभूति, एक दूसरे का सहयोग करना, जरूरत पर काम आ जाना, यह यह चीजें ज्यादा इंपॉर्टेंट होता है। सही कहा आपने। जी। तो दीदी, आज जो आपने टॉपिक लिया है, जी, सही है। हां, इस पर हदीस है, सही अल बुखारी का 304। तो वह हम एक बार प्रेजेंट करेंगे और फिर जो इस पर हमने पॉइंट निकाले हैं, जो भी पॉइंट्स हैं, वह हम क्लियर करेंगे कि क्या-क्या चीजें हैं जो औरत की इबादत को बेकार कहा गया है। ठीक है? तो एक बार हम रेफरेंस ले आते हैं।
एंजल जी, जब आपने इस्लाम से मुकर गए थे, लिफ्ट कर चुके थे, तब आपके फैमिली में आपके लिए क्या कोई क्या है भाई? प्रेस क्या है? प्रेशर आई थी? हां, हां, प्रेशर आई थी या कोई प्रेशर आई? अच्छा, प्रेशर नहीं, डायरेक्ट हमको अलग ही कर दिया गया। ठीक है? एंड ही कर दिया लोगों ने मेरा। प्रेशर तो रहता है भाई। ठीक है? तब भी लोग साथ में ही रहते हैं ना टच में प्रेशर के साथ। लेकिन प्रेशर नहीं हुआ। डायरेक्ट मुझे एंड कर दिया गया। बोले, "तुम मर चुकी हो मेरे लिए।" कह दिए, "भाड़ में जाओ।" तो हम भी कह दिए, "तुम लोग भी भाड़ में जाओ।" मुझे ऐसा अल्लाह चाहिए ही नहीं। इसलिए मेरा इंट्रो स्टार्ट ही होता है। इसी टाइप से। मुझे घंटा फर्क नहीं पड़ता है। ठीक है? कि ऐसे चीजों को माने जो सही के साथ अगर खड़ा हो तो गलत इंसान हो गया। अगर हम किसी बात को वाजिब बात कर रहे तो हम गलत हो गए। हम अगर गलत काम कर रहे हैं ना, अ ब्लेड भाई, हम अपनी एक अगर कोई मुस्लिम है, कोई भी बंदा तो वह अपनी लाइफ में चाहे कुछ भी गलत कर रहा हो। ठीक है? वह एक टाइम का नमाज ना पढ़ रहा हो, वह क्या बोलते हैं? रोजाना रख रहा हो ना, कुछ भी ऐसा कुछ नहीं कर रहा हो जिससे उसे पता लगे कि हां, वह एक मुस्लिम बंदा है। ठीक है? तो ऐसा तो उससे लोगों को दिक्कत नहीं है। उससे लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आप क्या कर रहे हैं। कोई मतलब नहीं है। आप दिन भर पी के टुन रहो। ठीक है? उससे भी उनको दिक्कत नहीं होती है। आप लड़कियां छेड़ो, उनसे भी लोगों को दिक्कत नहीं होती है। आप किसी की बेटी, बहन को जाकर के गलत निगाह से देखो, उनके साथ छेड़खानी करो, तो भी कोई गलत मतलब लगता नहीं है। लेकिन जैसे ही हम, जैसे ही हम सच्चाई बताने पर आते हैं। ठीक है? ऐसा नहीं कि हम झूठ बातें कर मतलब झूठी बातें कर रहे हैं। ऐसा नहीं कि हम मनगढ़त कहानियां कह रहे। ऐसा कुछ भी नहीं है। जो चीजें कुरान में लिखा है, जो भी चीजें हदीसों में लिखा है। बस वही हम बात कर रहे हैं ना, तो इनको प्रॉब्लम हो जाता है। ये लोग कहते हैं कि तुम तो जिहादन हो गई। तुम तो काफिर हो गई। अरे, काफिर क्या मतलब? काफिर का सेंटेंस मेरे हिसाब से ऐसा लगता है, काफिर इक्व सच्चाई है ना? काफिर मतलब उसके बराबर सच्चाई। मतलब अगर हम सच बोले तो हम काफिर। अगर हम झूठ बोले तो हम मुस्लिम। भाई, अपने आप बेइज्जत ये लोग होता है। अगर हम कुरान को पढ़ रहे हैं। है ना? और हम कुरान को बिना समझे पढ़ रहे हैं। ऐसे रट-रट्टू तोते के जैसे पढ़ते जा रहे हैं तो हम मुस्लिम हैं। अगर हमने समझदारी के साथ पढ़ लिया तो हम काफिर हैं। अरे यार, क्या बोलते हैं ये लोग को खुद नहीं पता चलता भाई कि अपनी बेइज्जती कैसे करा रहे हैं ये लोग। समझ रहे हो बात को? बिल्कुल, बिल्कुल, बिल्कुल। और लड़कियों को तो मायने वाला कुरान भी नहीं देते ना पढ़ने। नहीं, किसी को नहीं देते भाई। किसी को नहीं देते। ठीक है? हम यह क्या है भाई? यह हमारी एक बहन आई है, शायद बहन ही हम कह सकते हैं। मैं ऑस्ट्रेलिया का ये हूं। मतलब जय हो गंगा मैया जी, स्वागत है आपका। आप एक इंसान हैं, बहुत अच्छी हैं। यह बहुत मायने रखता है। ठीक है? क्या है उससे मतलब नहीं है। स्वागत है आपका मेरे चैनल पे। तो यह चीजें होता है। इस्लाम का यही एक लॉजिक मुझे समझ नहीं आया आज तक। ठीक है? कि जब तक हम कुछ भी गलत कर रहे हैं तो लोग सपोर्ट कर रहे हैं। लेकिन जब हम सच को बताने पर आए, सच लोगों से पूछने पर आए तो मुझे घर से निकाल दिया गया। लोग मुझसे दूरियां बना ली। लोग कह दिया कि तुम मर चुकी हो मेरे लिए। क्यों? क्योंकि हम सच बोल रहे हैं। ठीक है? जी, बिल्कुल। तो यह चीजें है ना, यह चीजें जो है, इस्लाम की यही काफिर मतलब सच्चाई, मुस्लिम मतलब झूठ। यह इसका लॉजिक आप ऐसे ले सकते हो। ठीक है? तो यही चीजें आज का जो टॉपिक है मेरा, यह है कि इस्लाम में औरत को, औरतों की इबादत को बेकार क्यों कहा गया है? ठीक है? तो इसमें पहला मेरा जो पॉइंट है कि अगर अल्लाह रहम दिल है, है ना? अगर अल्लाह रहम दिल है, तो इन पीरियड्स के दिनों में औरत की नमाज और रोजा क्यों गिनती नहीं करते हैं? है ना? बिल्कुल। सोचने की बात है। अगर अल्लाह कहते हैं, हम रहम दिल वाले हैं, हम गफूर रहीम हैं, हम 70 मांओं से ज्यादा प्यार करने वाले हैं। तो या तो या तो जो है, आप मुझे यह बता दीजिए अगर आपके अंदर इतनी एक मां तो कभी अपनी बेटी जो है, जिसकी भी हम एक बेटी हैं। मेरी मां तो कभी ऐसा नहीं किया कि जब पीरियड पीरियड स्टार्ट हुआ, देखा कि जाओ, तुम मेरी बेटी आज से 10% कम हो गई है। है ना? आज तुमको खाना नहीं देंगे क्योंकि आज तुम पीरियड से हो। आज तुमको यह नहीं देंगे क्योंकि तुम आज फिर ऐसा ऐसा तो नहीं कहा। और जो बंदा कह रहा है सात मांओं, 70 मांओं, एक, दो, तीन, चार, पांच, छह, नहीं, 70, 70 है ना? 70 मांओं से ज्यादा प्यार करने वाले जी। ठीक है? वह वह कह रहे हैं कि मतलब कि नमाज और रोजे का जो भी हम इबादत करते हैं, उसकी गिनती नहीं करते। वह बताओ कितना दोगला है। ठीक है?
अब सेकंड, सेकंड यह है कि क्या प्राकृतिक जो है, जो पीरियड्स है, वह प्राकृतिक नेचर है? अगर हम अपने तरीके से ले, तो हम अल्लाह को अभी यहां पर साइड करते हैं। है ना? प्राकृतिक यह नेचर है। हम जानबूझकर नहीं करते हैं कि यह यह अपना शेड्यूल कर लिए कि आज मेरा मन नहीं है नमाज पढ़ने का। तो चलो, पीरियड ऐड कर देते हैं। है ना? जैसे अभी मेरा कुछ होता है ना, यह चीजें नहीं हुआ तो चलो, हम यह ऐड कर दे। ऐसा नहीं। यह मेरा एक मतलब वुमेन के बॉडी में यह चीजें नेचुरल है। ठीक है? वह वह उसके लिए यह नहीं करती कि वह अपने आप से इसको लाई है या अपने आप से उसको हटा सकती है। ऐसा कुछ नहीं होता है। ठीक है? तो फिर इसमें जो है, इबादत बेकार कैसे हो गया? हां। इबादत बेकार, इबादत को इसमें बेकार मानना कि कहां से मतलब इंसानियत हो गया भाई? कहां का इंसाफ हो गया।
तीसरा नंबर है, क्या मर्द की इबादत में भी है ना, मतलब किसी ऐसी नेचुरल अह किसी अह बॉडी अह किसी भी जैविक अह मतलब बोल सकते हैं, शुद्ध हिंदी में जैविक कारण, है ना? जैसे कुछ भी ऐसा हुआ जैसे उनके साथ कुछ भी ऐसा होता है, तो क्या उसका इबादत रुका है? क्या कभी उनका इबादतों में फेरबदल किया गया है? क्या जैसे उनका भी एक दो चीज हम बोलना चाहेंगे, मुझे नहीं पता पूरा इसके बारे में, पर आप लोगों है जिससे जैसे उनका पता नहीं, सप्न दोष कुछ होता है क्या? वगैरह-वगैरह, जो कुछ भी, तो शायद वह खुद नहीं करता यह चीजें है ना? यह वह खुद नहीं करता है। यह वह हो जाता है। वह शायद सो के रहते हैं, क्या रहते हैं? वह उनके अपने आप से ऐसा कुछ हो जाता है, मतलब नापाक हो जाता है। राइट? हां, तो हां, तो क्या उस दिन का उनका यह होता है कि उनका उस दिन का नमाज पूरा का पूरा बेकार हो गया हो? ऐसा होता है क्या? नहीं है ना? अभी वह, हां, टॉपिक एक पॉइंट और था मेरा, वह अभी रहने दें, फिर यह वाला लाते हैं। ठीक है? तो उनका जो यह चीजें है ना, तो इसमें यह इन्होंने कभी नहीं कहा कि आज जो अगर अच्छा, अच्छा, यह देखो, अल्ताफ को बड़ा पता है। यह मतलब यह फालतू चीजें। अल्ताफ, आ जाओ यार, तुमसे ही बात करते हैं। ठीक है? यह कह रहा है, "सपने दोस्तों अपनी गलती से ही होता है, एंजल।" अच्छा, तो मुझे नहीं पता हो, क्या सही बात है? ब्लेड भाई, नहीं, नहीं, वह नेचुरली हो जाता है। अगर मैं डिटेल्स में बताना चालू, वह नेचुरल होता है। वह हमारा कोई इसमें यह नहीं होता है। अच्छा, लिंक हमने शेयर नहीं किया। लिंक शेयर करते हैं। एक सेकंड। जी, मैं मैं कर देता हूं। पिन में करके। हां, आप लिंक शेयर कर दीजिए। सलमान जी, जॉइन करना चाह रहे हैं। ठीक है, यार। जी, जी, बिल्कुल, बिल्कुल। हम तो देखिए, यह चीजें अपने आप नहीं होता है यार। अल्ताफ, क्या बकवास कर रहा है। ठीक है? यह अपने आप होता है। लोग अपने से नहीं करते। ठीक है? इसमें गलती क्या होती है? तो यह चीजें देखिए कि इसमें तो अल्लाह ने कभी भी यह नहीं कहा कि कि तुम्हारा जो यह गलतियां हुआ है, इससे तुम्हारा दिन भर का हम नमाज काट लेते हैं। एक सप्ताह का नमाज, हमें तुम नमाज तो पढ़ोगे, पर हम उसमें ऐड नहीं करेंगे। तुम रोजा तो रखोगे, पर हम उसमें ऐड नहीं करेंगे। है ना? ऐसा नहीं कहते हैं। ऐसा यह नहीं कहते हैं। ब्रड भाई, वह एक बार लाइएगा। वह एक टॉपिक फोर्थ या फाइव नंबर का बच गया था। तो यह था और दूसरा था। फाइव नंबर मेरा जो यह है, वह है क्या साइंस या लॉजिक भी यह कहता है कि पीरियड्स के दिनों में की गई इबादत बेकार होती है या सिर्फ यह कुरान की प्रोपगेंडा है? ठीक है? हां, यह देखिए कह रहा है, "यह अलताफ तो किसी भी एंगल से मुझे नहीं लगता यह मुस्लिम।" यह कह रहा है, "एंजल जी, 72 हुरों के सपने देखने से होता है यह सपना दोस्त।" भाई, क्यों देखता है 72 हुरों का सपना? यह बता, बगल में बीवी रहती है, क्यों देखता है 72ों का सपना? हां, खुद ही बोल रहा है बंदा। हां, तो यह जो है, देखिए, साइंस या लॉजिक इसमें क्या? इसका कोई प्रूफ है कि इस टाइम की की गई इबादत बेकार हो सकती है? अब कोई एग्जांपल, एक चीज और देते हैं। अलताफ कह रहा है, "भाई, यह पढ़ो कमेंट यार।" यह कह रहा है, "मैं देखकर आकर आधा एक्स मुस्लिम हो गया हूं।" अच्छा, अच्छी बात है, अल्ताफ। अच्छी बात है। देखो, यही चीज है ना कि सच, जो सच है, वह सच है। अच्छा लगा, यह यह आपका बात सुन के अच्छा लगा कि आधा हो गए क्योंकि जो सच है, उसको कोई इंकार नहीं कर सकता है ना? तो इससे साइंस जो है ना, इससे बिल्कुल साइंस भी एग्री नहीं करेगा है ना? कोई भी साइंस इससे एग्री नहीं करेगा कि हां, यह यह क्या चीजें जो है, यह इसमें अगर पीरियड से है तो उसका जो भी इबादत है, वह वह बेकार है। कोई लॉजिक ही नहीं है। अब एग्जांपल ले लीजिए। कोई बंदा बॉडी में जो यह पीरियड्स का है, उससे पता है एक चीज क्या होता है? वह एक महिला के लिए यार, अभी साफ नहीं होता है। आशीर्वाद होता है। यह एक एक क्या बोलते हैं? ब्लेसिंग होता है। जब कोई लड़की, लड़की का पीरियड स्टार्ट होता है ना, तो उसके लिए एक दुआ, एक क्या बोलते हैं यार? आशीर्वाद, ब्लेसिंग, जो कुछ भी आप मान लें, वह होता है। क्यों? क्यों? क्योंकि उसके बाद ही हम एक मां बन सकते हैं। ठीक है? एक मां बन सकते हैं। एक अच्छी वाइफ बन सकते हैं। एक घर गृहस्ती की जो है ना, वह हम हो सकते हैं। तो अरे रे रे रे रे रे रे रे रे रे रे क्या बात है। क्या बात है। क्या बात है। क्या बात है। क्या बात है। किधर है बड़ू? किधर है बड़ू? जॉइन करने का स्ट्रीम। अरे साजिद, साजिद नहीं, आ जाओ ऊपर। कहां हो साहब? इतने दिन से एकदम फटाक से जॉइन करो बिना टाइम जाया किए। ठीक है? इमाम साहब, जल्दी जॉइन करो। आप मेरे चरणों में। अच्छा, यह देखिए, यह देखिए इनका। यह देखिए मेरे चरणों में आपका कोटि-कोटि प्रणाम। डंटा यार, मुझे लगा यह इतना सुधर कैसे। देखिए, मुझे कह रहा है कि आपके चरणों में। अभी हम यह पढ़ रहे हैं। मेरे चरणों में आपका कोटि-कोटि प्रणाम। मोड से किसने निकाल दिया रे मेरे को? किसने निकाल दिया रे मोड बनाने का? ब्लेड भाई, साजिद भाई को तुरंत निकल गए होंगे भाई। यह यह YouTube ही कुछ कुछ करते रहते हैं। में बना देते हैं। हम एक सेकंड में बना देते हैं। अभी जी कह रहे हैं, "ट्रुथ एंजल जी, आपके पैसे आ गए?" आ गए क्या? आ गए थे अशोक कुमार के नाम से 2800 है ना? यह वही है क्या? प्रेम भाई? जी, जी, जी, वही है, वही। हां, जी, जी, बिल्कुल, बिल्कुल आ गए थे। हमने प्रेम भाई को बता दिया था कि आ गए। थैंक यू सो मच, आपका। आपने इतना बड़ा लाल मिर्ची दिया। थैंक यू, थैंक यू सो मच। ऐसे ही आप लोग सपोर्ट करते रहें, हौसला अफजाई करते रहें। प्रेम भा, आपने मुझे मड बनाया, इसलिए मेरी तरफ से आपको 5 किलो चावल, एक किलो [हंसी] यह कौन हटा रहा भाई? यह कह रहे हैं, "प्रेम भाई, देख लीजिए, प्रेम भाई, आपने मुझे मोड बनाया, इसलिए मेरी तरफ से आपको 5 किलो चावल, दो किलो मसूर की दाल और एक पैकेट नमक फ्री।" अच्छा, सा भैया, मेरा आज बर्थडे है यार। अगर गिफ्ट देना है, जल्दी जुड़ो भाई, जल्दी जुड़ो। [संगीत] क्या साजिद भाई, मतलब आते ही मतलब है, गुदगुदी स्टार्ट कर देते हैं। देखिए बहन, इसके बिना, इसके बिना स्ट्रीम में रौनक नहीं लगती, भाई। सही बात है। यह हमारी जान है, जान है। जब तक यह बंदा नहीं आया, तब तक रौनक नहीं लगती। जल्दी जॉइन करो, साजिद भाई, फ्री हो के। और हमारे सोहेल भाई भी चैट में है। स्वागत है, सोहेल भाई, आपका भी इस्तकबाल है। आप भी जॉइन कीजिए, फ्री है तो। तो जितने लिंक आपने शेयर कर दिया, शेयर, शेयर कर दो यार, अपना ग्रुप्स वगैरह में ज्यादा से ज्यादा। मैंने दोनों चैनल पर लिंक शेयर कर दिया। चलिए, दोनों। सलमान जी, आप ज्वाइन कीजिए, प्लीज। सलमान जी, आप लिंक मांग रहे थे। हम लिंक शेयर कर दिए। प्लीज आप जॉइन कीजिए और आकर हमसे बात कीजिए। ठीक है? और जो मेरा बैकअप चैनल था, उसका नाम हमने चेंज कर दिया। ठीक है? क्योंकि वह बड़ा लंबा-चौड़ा नाम था। किसी ने मुझे सजेस्ट किया कि यह बहुत लंबा है। तो आप छोटा सा नाम रखो। तो हमने ट्रुथ एंजल, ऐसा कर दिया, है ना? छोटा सा, प्यारा सा, क्यूट सा। और जो जो कि नाम के साथ जो मेरा काम है, वह भी रिलेट करता है। क्या बोलते हैं प्रेम भाई? जी, जी, बिल्कुल। ठीक है? है ना? अच्छा, यह देखो, फिर से आया। अरे, मेरी बीवी घूम के मोबाइल चला रही है। अगर उसने देख लिया तो मेरी लिट्टी में ऐसा चोखा डाले कि तिलमिला। अरे नहीं यार, वह बहन का है चैनल। आ जाएगी। भाभी को भी ले आओ। एक काम करो, साजिद भाई, उनको भी ले आओ। ठीक है? दोनों बैठ के एक साथ बात करना। बुलाओ, बुलाओ। उनको भी बुला लो, भाभी को भी।
चलिए, हमारे सरदार जी भी आ गए हैं। स्वागत है इनका भी। हां, तो यह रहा था जी। अभी हम शायद क्या बोलते हैं, प्रेम भाई? अभी हम नॉन-मोमिनों को थोड़ी देर के बाद लेंगे। सतनाम भाई, अगर आप मोमिन हैं तो आप हाथ दिखाइए। नॉन-मोमिन हैं तो थोड़ी देर के लिए पूछ लेते हैं। नहीं, आया कोई मैसेज देना चाहते हैं। सतनाम भाई, कैमरा बंद कीजिए। कैमरा बंद कीजिए। जी, हां, कैमरा बंद कर दीजिए। कैमरा बंद कीजिए, बॉस। ले लो, अब इनको। हां। यह हाइड करके लो, फिर भी। जी, सतनाम जी, हां, आवाज आ रही है। जी, जी, आ रही है आपकी आवाज। आप नॉन-मोमिन हैं, मैं कई बार चुका हूं। एंजल तेरी अभी लाइव ही नहीं आती। हां, जी, हाथ, अब आ रहे हैं। अब कंटिन्यू आएंगे। जी, आपका कोई मैसेज है, सर? कुछ मैसेज देना चाह रहे हैं? मैसेज तो बहुत है। मैसेज तो यह बोल रहा हूं कि अभी पंजाब प्रॉब्लम है। मैं अभी अभी पंजाब में ही हूं। यह लोग आ रहे हैं। अभी मेवात से भी आ रहे हैं, यूपी से भी आ रहे हैं और बड़ी छाती ठोक-ठोक कर बोल रहे हैं कि हमने गुरुद्वारे में भी की है। हमें किसी ने रोका नहीं है। अगर यही बात किसी बाढ़ पीड़ित इलाके में हिंदू जाते, समझो अगर सिख जाते, तो यह बात बोलते कि हम लोग इनके लिए हेल्प करने आए हैं और इनकी मस्जिद में बैठकर हम लोग पूजा कर रहे हैं या कर रहे हैं? यह हो सकता था। आपने वीडियो? जी, नहीं, मैंने नहीं देखा। जी, बहन जी, बहन, यह क्या कह रहे हैं, कुछ समझ आ रहा है आपको? हां जी, सुना भाई साहब, बोलिए, क्या बोल रहे हैं आप? समझ धीरे से बोलिए। हां, थोड़ा श में बोलिए, जल्दी। पंजाब में बाढ़ पीड़ितों के लिए मेवात से मुस्लिम और यूपी से मुस्लिम से मुस्लिम सामग्री ले आ रहे हैं। जैसे बाढ़ पीड़ितों के लिए, समझ रहे हैं? ट्रकों के ट्रक लेके आ रहे हैं। और जी, गुरुद्वारों में बैठकर नमाज कर रहे हैं और वीडियो बनाकर डाल रहे हैं कि हम देखो, यह यहां आए थे, हम इनकी हेल्प करने के लिए और इनके गुरुद्वारे में बैठकर हम नमाज कर रहे हैं। हम और अगर कहीं इन समझ लो पाकिस्तान में कहीं मस्जिदों में बैठकर कोई दूसरा आदमी हिंदू या सिख अपनी पूजा पाठ कर सकता था। यह लोग बड़ी बेशर्मी से यह लोग कर रहे हैं। देखो, सत श्री अकाल, वाह गुरु जी, वाह गुरु जी की फतेह। [संगीत] नहीं, समझ, समझ लगी। श एक्स मुस्लिम चैनल है। मैं देखो, सब गुनाह है ना, गुनाह है। गुरु साहब जाप करते, कुरान किसी रेप कर, रेप माफी हैगी, माफी नहीं। बंदे मक्की, इस्लाम, मक्का, मोहम्मद साहब ना मदीना गए, कुछ हो। मक्की इस्लाम खास भी सीख। मेरा नाम प्रेम सिंह, मेरा चैनल है। दो चैनल, सारे पंजाबी कर लिजी, सिर्फ तब करना पाकिस्तान जीसी है, सिर्फ गुमराह लगे, बाकी कुछ नहीं। लिख भी है, भी काफिर है, बुद्ध भी काफिर है, सब कुछ काफिर है। सिर्फ तबली, सिर्फ एक मीठा है, बाकी कुछ नहीं। मिल गया होगा भाई? नहीं, मैं पहले भी जुड़ चुका था आपके साथ। पहले भी मैं बात की थी, भाई के साथ भी बात हुई, साहिल के साथ, मैडम, सबके साथ। ठीक है? जी, जी। तो ठीक है, भाई। अभी आपसे थोड़ी देर के बाद फिर हम आपसे लास्ट में बात कर लेंगे, भाई। भाई, सुनिए ना, फिर उठिए ना, टॉपिक इधर से। अभी दो। मैं सो जाऊंगा। अभी मैं भाई से बात कर लेता हूं। प्रेम, यह है ए होना ना पंजाब पहली बार बड्डी तादाद लोग आए, जब के पंजाब ने इन्हु भी नहीं आओ नहीं है। यह पंजाब मिशनरी सारा कुछ कर। पंजाब समझ काम आया, बहुत गरीब लोग परनाली लेके नाल। भाई, मेरा चैनल सब्सक्राइब कर लो। चैनल दे प्रेम नाम है मेरा। जी, सोहेल साहब, वेलकम। हेलो एंजल बहन। हेलो प्रेम भाई। मैं हेलो एवरीवन। हेलो, मेरे प्यारे भाई। मैंने ये देखिए WhatsApp। अच्छा, अभी भी बोल दो भाई। अभी भी बोल दो। अभी पैसे नहीं लगेंगे। अभी फ्री। मैं यार यहां बैठा हूं। मैं ये लो, मैं अभी चेक करता हूं। WhatsApp चेक कर लेता हूं। अभी बोल दो भाई। चार्ज नहीं लगेंगे। ठीक है? अभी के लिए हम फ्री कर दिया है अपने भाई को। विश ले सकते। अरे, आ गया, आ गया, आ गया। अभी आ गया भाई। हां, मैंने कब किया था? जन्मदिन की शुभकामनाएं आपको। केक क्या दे रहे हो? बताओ। थैंक यू, साहब। थैंक यू। केक जैसे ही वो ऑर्डर किया है, बिना अंडे का। मुझे पता है आप वेजिटेरियन। जैसे बिना अंडे का आता है, फिर भिजवाते हैं आपको। यह अंडे वाला पड़ा है। अभी। अच्छा, यह, यह देखिए, प्रेम भाई, इधर देखो, कमेंट भी पढ़ लिया। अलताफ राजा साहब। हां जी, अलताफ राजा, कैसे हैं प्यारे भाई? जुड़ जाइए और गारंटी है आपसे बिल्कुल तहजीब से बात करेंगे। आ जाइए आप। जन्मदिन की दिली मुबारकबाद दे रहे हैं आपको। यह देखो, इनका, इनका देखो। एक चीज बताइए, यह पढ़ो तो भाई, कोई अभी इनका कमेंट का ही हम जवाब देने जा रहे थे, लेकिन यह फिर से गलत। प्रेम कौन है? क्या? एक सेकंड। प्रेम यस्टरडे एडमम सर, सिस्टर, मोबाइल को ज़ूम कराई। एडमम सर ने नहीं पूछा। लैपटॉप, लैपटॉप दे दो, प्रेम बाबू। यह क्या दे ना? तुझे क्या दिक्कत है भाई? इसका यही। अभी यह थोड़ी देर पहले कह रहा है कि हम जा रहे हैं मैच देखने। तो इसको हम बताना चाह रहे थे कि अगर इंडियन है तो मत जा देखने पाकिस्तान का मैच। ठीक है? लेकिन चलो, लेकिन यह फिर से देखिए। अभी यह कह रहा है, "प्रेम भा, अरे प्रेम भा ने मुझे भेज दिया लैपटॉप।" ठीक है? मेरी मर्जी, हम नहीं करना चाह रहे स्ट्रीम, वह लैपटॉप से। हम तो मोबाइल से ही करेंगे। हम ज़ूम भी करके करेंगे। मोदी जी, देखिए, मेरे प्यारे भाई, ऐसे मत लिखो। कोई फिर ब्लॉक कर देगा। क्या फायदा है? नहीं। अरे, वह कल एडमम भाई के चैनल पर हम थे ना, मतलब हम दोनों ने बहुत मस्ती की। एडमम भाई, हम बहुत मतलब पूरी रात ही मतलब शायद 3:00 बजे जाकर मुझे नींद लग गई थी, फिर वह हटाए। रात भर हम लोग बहुत हंसी-मजाक किए। ठीक है? तो वहां पर क्या था? नाम जो आ रहे थे ना, उनको हिंदी आती नहीं है और मुझे इंग्लिश नहीं आती है। तो ऐसे में हम ना ज़ूम कर-कर के दोनों पढ़ रहे थे नाम। ठीक है? कुछ-कुछ नाम ऐसे आ रहे थे जो बहुत हंसी आ रही थी। ना उनको बोलने आ रहा है, ना मुझे बोलने आ रहा है। तो यह कह रहा है कि यह एंजेल कह रही थी। तो अब जब सोच, जो सच है, वह सच है। भोसड़ी के, तो क्या करें? झूठ बोल दें? तेरी मां का नाका, इज्जत रास नहीं आता मतलब जो।
सच बोल रहे तो क्या कर सकते यार, जो हकीकत का ज़ूम करके पढ़ रहे थे तो पढ़ रहे थे। अब तुम लोगों के नबी के जैसा, अल्लाह के जैसा झूठ तो बोल नहीं सकते। हम हैं कि हम तो ताजमहल में बैठे हैं, चूतिय यार। चलो यार, ना करो ना करो, ऐसा टॉपिक पे चलते हैं। हम तो हम चलते हैं टॉपिक पे।
ठीक है, कौन सा स्क्रीन आ रहा है? हां, वो वही वाला। आप एक बार हदीस वाला लेकर आते हैं। उसमें जो है ना, जिसमें कहते हैं हमारे नबी साहब कि औरत की इबादत आधी है। ये इसमें बहुत सारा है। कुरान में भी शायद एक जगह आता है और हदीसों में तो बहुत सारा है। एक बार देखते हैं उर्दू करके या इंग्लिश जिसको आती है, वो पढ़ ले।
कौन सा? कौन सा हदीस है ये? 304, नीचे करो। जी, जी, जिसमें यह कहा जाता है कि औरतों की इबादत जो आधी है। ठीक है। नहीं, वो नहीं है, ये वो नहीं है ना सलमान, ना वो नहीं है। ये है द स्टेटमेंट ऑफ अल्लाह दे आस्क। नहीं, वो नहीं है, वो नहीं है। नहीं बोल रहा हूं ना, फ्रॉम योर वाइफिंग अप्रोच दे आर एंड व्हेन देव देमसे कम टू देम फ्रॉम वेयर अल्लाह है फॉर यू इनड अल्लाह दो आरली प्रिंटिंग लव दो प्यूरीफाई देमसेल्फ। नहीं, वो नहीं है। ये क्या ये भी उसी से रिलेटेड है जो आप बता रहे हैं? वो नहीं है भाई। क्या ये वो उसी नंबर पे आपने निकाला है? नहीं, नहीं, ये प्रेम बाबू ने शेयर किया था। मैं आपकी वाली ला रहा हूं। अच्छा, अच्छा, अच्छा, अच्छा, अच्छा। ये कह रहे हैं अनुवादी शायर जी कह रहे हैं, हिंदू लोगों को, हिंदू लोगों, अच्छा, लोगों को उसी एक्स मुस्लिम को सपोर्ट करना चाहिए जो हिंदू धर्म को सपोर्ट करें। नो कमेंट।
देखिए, ये है सही अल बुखारी 304। ये क्या है वो? हां, एक बार इंग्लिश वाला अगर पढ़ सकते हैं तो पढ़े, वरना फिर उर्दू मुझे पढ़ने में। बुखारी 2658, 2658 निकालो। 265 याद, 304 था ना भाई मेरे? नहीं, नहीं, मैंने नहीं। आधा दिमाग वाला ही बोल रहे थे ना अपने? आधा दिमाग अलग-अलग है ना? वही आधा दिमाग नहीं, इबादत में कमी यानी पीरियड्स की वजह से जो होता है ना कि इसके वजह से आपका हम ये आधा दिमाग वाला है शायद। हां, 265, 304, वो एक बार देखिए लगाकर। सही अल बुखारी का, ये मैं पढ़ पढ़ दो पहले। हां, वही है 304। हां, 300। चल रही है, मैं देख एक बार। मैं स्क्रीन, मैं स्क्रीन पे लेके आ जाता हूं। आपका स्क्रीन हटा लो। लेट। हां, हां, हो गया। दिख रहा है मैम? एक सेकंड।
हमारे जो भी मॉडरेटर भाई इनको हम ही ब्लॉक कर देते हैं। मोगली की चड्डी, ये बहुत ही ज्यादा बकवास करता है। ये एक नंबर का। अरे यार, क्यों गाली सुनता बता? क्यों मेरा मुंह खराब कराता है? हां, कौन है? ब्लॉक करो यार इनको, ब्लॉक करो। ठीक है। मुझे नहीं चाहिए ये घटिया इंसान। अच्छा, अभी ना हम टॉपिक पे जाते हैं। कोई बात नहीं, पढ़ता हूं।
रसूल करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ईद उल अहा या ईद उल फितर में ईदगाह तशरीफ़ ले गए। वहां आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम औरतों के पास से गुज़रे और फरमाया, "यह औरतों की जमात सखा करो, क्योंकि मैंने जहन्नुम में ज़्यादा तुम ही को देखा है।" उन्होंने कहा, "या रसूल अल्लाह, ऐसा क्यों?" आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया, "कि तुम लेन-देन बहुत करती हो और शौहर की नाशुक्री करती हो। बावजूद अक़्ल और दीन में नाकिस होने के होने के, मैंने तुमसे ज़्यादा किसी को भी एक अक़्लमंद और तजुर्बाकार आदमी को दीवाना बना देने वाला नहीं देखा।" औरत ने अर्ज किया, "कि हमारे दीन और हमारी अक़्ल में नुकसान क्या है? या रसूल अल्लाह।" आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया, "क्या औरत की गवाही से नफ़्स नहीं है?" उन्होंने कहा, "जी है।" आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया, "बस यही इसके अक़्ल का नुकसान है।" फिर आपने पूछा, "क्या ऐसा नहीं है कि जब औरत हैज हो तो ना नमाज़ पढ़ सकती है, ना रोज़े रख सकती है?" औरतों ने कहा, "ऐसे ही है।" आप ने फरमाया, "कि यही इसके दीन का नुकसान है।" यही बोला था ना? यही है ना? जी, जी, जी। और भी है। ठीक है। हम एक ही लेते हैं। हदीसे तो बहुत सारी है। बट हम अपने अब ये दिखाने का पर्पस ये है कि ये झूठ नहीं, जो भी हम बात कर रहे हैं वो हवाहवाई बातें नहीं कर रहे। ये आपके हदीस के रेफरेंस के साथ बात कर रहे हैं।
चलिए, इससे पहले हमारी सिमरन बहन आई है, उनका स्वागत करते हैं, इस्तकबाल करते हैं। वेलकम। कैसे हैं आप? हेलो, हेलो सिमरन। नमस्ते एंजल दीदी और आप सबको भी नमस्ते। सत श्री अकाल। कैसे हैं आप सब लोग? बहुत बढ़िया, मेरी बहन, आप कैसे हो? बढ़िया, बढ़िया। प्रेम भाई, हैप्पी बर्थडे। थैंक यू, थैंक यू, थैंक यू। अच्छा, मैं ना अभी तो हमारी स्ट्रीम लाइव चलेगी काफी टाइम ना, तो मैं बाद में जॉइन करूंगी लंच बना के, खाना-वाना खा के। फिलहाल तो मैं बोलने आई थी कि ये प्रेम भाई का नया चैनल है, जैसे कि आप सबको पता है, जिहादियों की वजह से हमें पुराना चैनल बंद करना पड़ा। तो प्लीज सब लोग यह नया चैनल सब्सक्राइब कर दो। मैंने हाईलाइट भी किया है, कमेंट सेक्शन में दिया है मैंने उसका लिंक और थोड़े-थोड़े टाइम बाद मैं लिंक डालती रहूंगी और पुष्काल आप भी प्लीज ध्यान रखना। तो प्लीज सब लोग जाकर प्रेम भाई का चैनल सब्सक्राइब कर दो और एंजल दीदी, बहुत अच्छा टॉपिक है और मैं थोड़े टाइम में मे बी लाइक हाफ एन आवर या 45 मिनट्स में मैं फिर जॉइन करती हूं। ठीक है। ओके, ओके, जी, ठीक है। ओके। सोहेल भाई और बाकी सबको भी नमस्कार और आप प्लीज रहना स्ट्रीम में और स्ट्रीम लंबी करेंगे जितनी हो सकती है और फिर मैं थोड़े टाइम में खाना-वाना खा के फिर जॉइन करती हूं। ओके, ओके दीदी।
तो जितने लोग देख रहे हैं, प्लीज प्रेम भाई के चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए। ये रहा आपके सामने स्क्रीन पे और इधर भी है, तो प्लीज फटाक से सब्सक्राइब कर लीजिए। चलिए। और यह अभी हमारे साथ कोई एक्स मुस्लिम कह कह रहे थे, एक्स मुस्लिम साहिल साह कह रहे कि हम एक्स मुस्लिम है तो अगर आप एक्स मुस्लिम है, आप ज्वाइन कर सकते हैं तो प्लीज ज्वाइन कीजिए और हम आपसे थोड़ी बात कर लेंगे और इसी के साथ हमारे हंटर भाई आ गए हैं। स्वागत है मेरे प्यारे हंटर भाई। वेलकम, वेलकम, वेलकम, वेलकम।
अब पता है, अभी जो ये हदीस हमने दिखा दिया है, ठीक है? अब जो मोमिन आएंगे, वो यह नहीं कहेंगे या जो भी यह देखेंगे, वो यह नहीं कहेंगे कि यह झूठी बातें हैं, है ना? कृपया कमेंट सेक्शन में चैनल का लिंक डालें। जी। ये रहा, ये अभी जस्ट बी के बी एच खान जी, जस्ट प्रेम भा लाइव ऐसा है, आप ये देख लीजिए। कमेंट में ही है। तो अब हम अपने टॉपिक पे चलते हैं। अच्छा, एक मिनट एच, इससे पहले टॉपिक पे जाते हैं, मैं एक वो कर दूं। देखिए, जितने लोग भी मेन चैनल पे हो, जहां 26ाउ है, ये चैनल डीमनेटाइज है, मोनेटाइज नहीं है। तो मेरी सर पे हाथ जोड़ के विनती है, एंजेल बहन के दूसरे चैनल पे आ जाइए। वहां भी सेम स्ट्रीम चल रही है, बैकअप चैनल है, ट्रुथ एंजेल के नाम से और ट्रुथ एंजेल के नाम से है, वहां पे आ जाइए क्योंकि वहां पे व्यूअरशिप लेनी है, वहां पे हमें आवर्स पूरे करने है इन टू कंप्लीट आवर्स। तो उससे मोनेटाइज होगा चैनल। तो प्लीज वहां पे जुड़ जाइए, सब वहां भी सेम स्ट्रीम चल रही। तो बस चले, आप बात करेंगे फिर।
तो साजिद भाई, अगर आप सुन रहे हैं तो प्लीज ज्वाइन कीजिए यार, टाइम वेस्ट मत कीजिए। आइए और साहिल जी कह रहे हैं, "इस्लाम इस इंसानियत धर्म, मोहम्मद की मनमानी है। आई एम एक्स मुस्लिम नाउ एथिस्ट।" जी, तो आप प्लीज जॉइन कीजिए ना आकर अपनी बात को रखिए ताकि आपके जैसे जो भी आपके डाउट होंगे, जिनकी वजह से आपने इस्लाम को छोड़ा है, हो सकता है सेम डाउट आउट बहुत सारे लोगों का हो, है ना? तो वो जब मैच करता है ना, तो लोग इससे जल्दी ये हो जाते हैं, मुमईन हो जाते हैं, ना? तो प्लीज आप एक बार ज्वाइन कीजिए और बात कीजिए आकर हमसे। क्या रीजन था आपके इस्लाम छोड़ने का, उसपे हम चर्चा करेंगे। फिलहाल जितने लोग देख रहे हैं, गाइस प्लीज शेयर कीजिए, लाइक कीजिए और कमेंट कीजिए और मेरे नए चैनल को भी सब्सक्राइब कर लीजिए, जैसा अभी प्रेम भाई ने कहा है, ट्रुथ एंजेल करके मेरा दूसरा चैनल है। ये डीमोनिटाइज है और वो अभी न्यू चैनल है, तो उसका हम मोनेटाइज करना चाह रहे हैं। तो प्लीज, प्लीज, प्लीज आप लोग उस चैनल को भी सब्सक्राइब कीजिए। ये पुष् भाई, अभी पुष्ल भाई ने डाला है लिंक और इस लिंक को क्लिक करिए, सब्सक्राइब कीजिए और इसी चैनल पे आ जाइए। जो भाई ने डाला है ना, पुष् ने, इसको इसको सब्सक्राइब करके और इसी पे ये सेम स्ट्रीम चल रही है बहन की। एक ही चैनल है और आप वहां आ जाइए। फिर से क्या होता है, वहां पे व्यूअरशिप बढ़ेगी, तो वहां पर आवर्स बढ़ेंगे, तो यहां की बजाय अगर आप वहां देखते हैं, तो उससे फायदा होगा, चैनल जल्दी मोनेटाइज हो जाएगा। जी, जी।
और जो लोग मुझे फाइनेंशियली सपोर्ट करना चाहते हैं, वो हमें सपोर्ट कर सकते हैं। आपके सामने क्यूआर कोड भी है और यूपीआई यूपीआई आईडी नंबर भी है। आप जैसे चाहें कर सकते हैं। नहीं कर सकते तो एक कमेंट, एक लाइक और एक शेयर। यह तो आपको करना ही पड़ेगा। यह तो जबरदस्ती करवाएंगे आपसे। ठीक है? तो आगे चलते हैं हम अपने टॉपिक के ऊपर। बुलेट भाई, अब तो वो हमारा जो पॉइंट है, हम उसपे ही आराम से डिस्कस करते हैं। एक-एक टॉपिक पे विस्तार से बात करते हैं। क्या बोलते हैं? बिल्कुल, बिल्कुल। हमारे कोई मोमिन है। हम जी, बिल्कुल। मैं ये टॉपिक, आप वाला टॉपिक ऊपर ले आता हूं यहां पे। है ना? हम जी, ये रहा आपका स्क्रीन। द्वार वाला नमस्कार जी, नमस्कार। आ गया आपका। जॉन जी कह रहे हैं, ग्रेट सिस्टर। थैंक यू सो मच। घर ट्रांसपोर्ट सर्विस। जी, जी, जी। स्क्रीन दिख रहा है। हम दिख रहा है। आप वन नंबर पे लाइए, फिर हम उसपे आराम से बात करते हैं कि क्या आप लोगों का, आप लोगों का क्या राय है? है ना? अगर लोगों को लगता है, अगर मोमिन यहां पर सुन रहे हैं, सलमान जी, हमने लिंक को पिन कर दिया है। प्लीज आप ज्वाइन कीजिए और आकर उससे बात कीजिए कि क्या लगता है, क्या अल्लाह एक रहम दिल और 70 माहों से ज़्यादा प्यार करने वाले हैं? ठीक है? एक औरत की जो है इबादत को कहा गया है बेकार है। ये, ये जो शब्द है ना, ये एक शब्द ही एक औरत के लिए अपमानित करने वाला है। बहुत ही ज़्यादा। क्योंकि अगर ये अल्लाह को समझ आता और आप इससे ये चीज़ अंदाज़ा लगा सकते हैं कि अल्लाह जो है, वो एक निहायती, निहायती जाहिल इंसान है। ठीक है? निहायती जाहिल, एकदम नीच लेवल का। समझ रहे हो बात को? उस कैटेगरी का, उस नीच लेवल का उनका सोच है, उनकी मानसिकता है कि और वो शायद मेंटल भी है। ये एक जो मेरा पहला पॉइंट है, उससे आप ये समझ सकते हैं कि एक तो वो जाहिल है। दूसरा उनका सोच एकदम घटिया लेवल का है। तीसरा वो मेंटल है। बोले तो पागल है। अब ये क्यों हम कह रहे हैं? क्योंकि अगर अब कहते हैं कि अल्लाह हमने सारी दुनिया को बनाया। पूरी कायनात को हमने बनाया। है ना? जीव जंतु, चरिंदे, परिंदे, सब कुछ। अरे, सब कुछ को मतलब जो भी कुछ है ये दुनिया में, उन्होंने ही बनाया है। अब वो बनाए हैं तो क्या अल्लाह पागल थे वो जो है पीरियड्स महिला के अंदर हैज की स्थिति क्यों डाला? क्यों एक औरत के अंदर ये डाला गया कि हैज? वो बनाए हैं तो ठीक है, वो बनाए हैं तो कह रहे बात को समझिए। ये नहीं उसी ने बनाई, ये तो हम मानते ही नहीं। उसके हाथ में कुछ है ही नहीं। लेकिन मुस्लिमों के हिसाब से बात कर रहे हैं कि अगर अल्लाह ने बनाया है उनको, तो फिर वो क्यों डाले? उसके अंदर ये हैज का, हैज बोले तो पीरियड्स, माहवारी जिसको बोलते हैं, जो एक औरत के सारे लोग प्लीज म्यूट लगा लें, क्योंकि शायद YouTube चल रहा है किसी के साइड। तो ये चीज़ क्यों हुआ है? है ना? ये सोचने की बात है। तो इससे पता लगता है या तो उनसे गलती हो गया हैज वाला ये फंक्शन फीमेल के अंदर डालकर, या तो अल्लाह हमें बनाया ही नहीं, महिला को बनाया ही नहीं। ठीक है? दो हो गया। तीसरा नंबर ये हो गया कि अगर ये चीज़ें हम मान लेते हैं, ये कितना जाहिल इंसान है, कितना जाहिल इंसान है कि ये कहता है कि अगर तुमने तुम्हारे साथ ये, जब ये हमारे साथ चीज़ें होता है, महीने में एक बार, है ना, एक हफ़्ता किसी का चलता है, जो भी है। टाइम जब पीरियड्स का आता है, तो ये कहते हैं तुम्हारी इबादत बेकार है। हम अगर रोज़े रखते हैं, तो कहते हैं रोज़े मायने नहीं होगा। हम नमाज़ नहीं पढ़ सकते। हम कुरान को नहीं छू सकते। हम किसी भी, जो भी मतलब इस्लामिक है, इबादत की चीज़ें हम वो नहीं कर सकते। ठीक है? तो अब ताज्जुब की बात ये है ना, तो इसमें टेंशन मतलब कि लोगों को ये क्यों नहीं समझ में आता है कि एक अल्लाह ऐसा कर ही नहीं सकता। या तो वो अल्लाह ऐसा कहता है कि हमने पूरी दुनिया को बनाया है और महावारी जो है वो फीमेल के अंदर डाला है। इसका मतलब उसका कोई रीज़न है। वो ऐसा कभी नहीं कहते कि हमने, अगर वो कि हमने तुम्हारी इबादत को मतलब बेकार समझा है। हां, वो ये कह सकते थे कि ठीक है, इबादत नहीं कर रही, फिर भी तुम्हारा इबादत जो है गिना जाएगा, क्योंकि वो चीज़ें हमने तुम्हारे अंदर क्रिएट किया है। है ना? क्या बोलते हैं ब्लेड भाई? जी बिल्कुल दीदी। और जी, जी, हां, बोलिए। एक सेकंड, कोई नहीं, नहीं, मैं न्यू पर नहीं हूं। ये एक्चुअली कोई बैक स्टेज में मैसेज कर रहा है, मैं नाम चेक कर करने दे, करने दे। अभी किसी को हम नॉन मोमिन को अभी नहीं लेंगे, फिर ना टॉपिक का ऐसे के तैसे हो जाता है। वैसे ही रहने दे। अभी कोई भी वो नॉन मोमिन ही है। प्रोफेसर साहब से जी, बिल्कुल हां। तो हम यह कह रहे कि ये जो चीज़ें, ये अल्लाह तो या तो ये कह सकता था ना कि हमने तुमको बनाया है और हम ही तुम्हारे अंदर ये चीज़ें दी है गिफ्ट के तौर पे, क्योंकि महिला के अंदर पीरियड्स स्टार्ट होना एक गिफ्ट है। इससे हम एक प्रॉपर औरत बनते हैं। मतलब एक, क्या बोलते हैं? मातृत्व जिसको बोलते हैं, एक मां का हमें सुख भोगने को मिलता है। एक मां का जो है ममता मेरे अंदर जागता है। ये पीरियड्स के कारण है ना? हम एक अच्छे घर की रास्ते में जा सकते हैं। तो ये अल्लाह कहता है कि हमने तुम्हें बनाया है। ठीक है? और हमने तुम्हें ये गिफ्ट दिया है पीरियड्स और इसमें तुम अगर नहीं भी करते हो रोज़े, नमाज़, अगर नहीं भी करते हो, तो इसमें तुम्हारे ऊपर कोई ये नहीं है कि तुम इसके वजह से जहन्नुम में जाओगे। तुम इसकी वजह से तुम्हारी इबादत में कमी होगी। ऐसा नहीं कहता। इससे यह साबित होता है मेरे पहले पॉइंट से कि अल्लाह तो या तो जाहिल है, पागल है, ठीक है? या तो फिर वो उनका सोच ही घटिया है। सही कहा। और जी। और हर लेवल पे मतलब हर चीज़ में किसी ना किसी तरीके से एक औरत को कम दिखाने की जो कोशिश है, उससे ही पता चलता है कि कितना हेट बोल लो आप एक तरीके से महिलाओं के लिए, औरतों के लिए है। बिल्कुल, जबकि ये एक मां कभी ऐसा नहीं कर सकती, है ना? एक मां जो है, वो कभी ऐसा नहीं कर सकती। एक अपने बच्चों के साथ भेदभाव। एक मां, ये तो 70 माहों से ज़्यादा प्यार करते हैं। ये तो हमें 70 माहों से ज़्यादा मतलब दुलार करते हैं। तो फिर ये ऐसा दोगलापन क्यों करते हैं हमारे साथ? ठीक है? ये और दूसरा पॉइंट का क्या था कि क्या प्राकृतिक जो है, प्राकृतिक मतलब पीरियड्स की वजह से औरतों की इबादत बेकार मानना इंसाफ है? अब यहां पे एक लॉजिकल क्वेश्चन है। है ना? ये लॉजिकल क्वेश्चन है कि ये जो हमारे अंदर, अगर हम किसी को कभी ब्लड जो है डोनेट करते हैं। पीरियड्स पता है क्या होता है? जो हमारे बॉडी के अंदर गलत मतलब बोले तो इन, क्या बोलते हैं यार, मतलब गंदा जो ब्लड होता है, जो भी मतलब ये बेकार सा हो जाता है ना, वो हमारे बॉडी से एक टाइम पे वो उसको रिलीज़ कर देते हैं। ठीक है? बात समझ आ रही है? जब वो मेरी बॉडी के अंदर है, तो हम नापाक नहीं है। अब ये समझिए पहले, ये सोचने वाली बातें। जब वो चीज़ मेरे बॉडी के अंदर है, हम उसको होल्ड करके हैं, तो हम पाक हैं। तो हम नमाज़ पढ़ सकते हैं, तो हम कुरान पढ़ सकते हैं। ठीक है? और पीरियड्स क्या होता है? हमारी बॉडी की एक अनप्यूरीफाई बोल सकते हैं ना उसको कि जो गंदी ब्लड है, वो है मेरे अंदर। हम अगर उसको अपने अंदर होल्ड करके हैं, उस चीज़ को हम अपने अंदर रख के और तब हम नमाज़ पढ़ रहे हैं, तब हम रोज़े रख रहे हैं, तब हम जकात, कुछ भी कर रहे हैं इबादत की चीज़ें, तो जायज़ है। तो हमें अल्लाह उसके सवाब देंगे। उसके बदले हमें जन्नत में आला दर्जा देंगे। ठीक है? लेकिन जैसे ही हम उसको बाहर करते हैं, जो चीज़ हमने होल्ड करके रखा, उसको रिलीज़ करते हैं। उसको हम बाहर निकालते हैं। ठीक है? तो तब ये कहते हैं कि तुम नापाक हो। तब ये कहते हैं कि तुम्हारी जो है इस स्थिति में मतलब कि तुम्हारा रोज़े, नमाज़, ये जो भी है, किताब, कुरान पढ़ना, सब बेकार है। अब सोचो इनका सोचने का दिमाग देखो। बिल्कुल। समझ आ रही है बात? जी, बिल्कुल, बिल्कुल। कितने जाहिल लोग हैं ये, है ना? और ये जो प्राकृतिक नेचर है, इसको कोई बदल नहीं सकता, है ना? क्योंकि अगर ये अल्लाह बनाया होता ना, पूरी दुनिया को और पूरी महिला को, जिस जो भी है ना, तो ये ये शब्द ही नहीं यूज़ करते, क्योंकि इनको पता है कि फिर इनके ऊपर उंगली उठेगी। अब ऐसी औरतों को क्या ही कहना है ना? जी। सोहेल भाई शायद ड्रॉप हो गए हैं। हां, शायद। अच्छा, एक मैं मैसेज देना चाहता हूं कि रुबैना अंसारी साहब हैं या मोहतरमा है या जो भी हैं, भाई देखिए, लॉजिक पे अगर बात करनी है तो लिंक पड़ा है, आपको ऊपर आना पड़ेगा भाई। और बहन जो भी है, अगर लॉजिक पे बात करनी है, ऊपर आना पड़ेगा। रही पैसे की बात, तुमने दिया कभी पैसा? अगर पैसा तुमने नहीं दिया भाई, अगर दिया, तुम्हारा वापस कर देते। अगर तुमने नहीं दिया, तो फिर पिछवाड़े में खुजली क्यों हो रही है? आ जाओ ऊपर, बात करते हैं। जबकि ये खुद एक लेडी है। ताज्जुब इसी बात पे होता है, जो इनके नबी साहब कह करके गए हैं ना कि इस्लाम के अंदर। ठीक है? किसके अंदर? इस्लाम में महिलाओं का अक़्ल जो है, आधा होता है। इस्लाम में जो रहता है, मेरा नहीं। क्योंकि हम एक्स मुस्लिम है। ठीक है? मेरा नहीं। ये देखो। ये देखो इसका लॉजिक। ठीक है। इस बात का कोई लॉजिक है? जब तुम्हें चोट लगती है, ब्लड बाहर आता है, तब डॉक्टर की ज़रूरत पड़ती है, ना पड़ती है ना? या ब्लड बॉडी में लेके डॉक्टर के पास जाती हो? क्या इलाज कराने? ये क्या बकवास? ये क्या मतलब? क्या बात है? यही है, यही है, यही जो हिजाब के अंदर से दिखता है इनको धुंधला धुंधला। पढ़ने के जगह पे क्या लिखा रहता है, क्या पढ़ जाती है? क्या जो हिजाब नहीं हटा के पढ़ती है, उनका ही नज़रियां है? मोहम्मद साहब ने इन्हीं के बारे में तो इन्हीं को तो कहा है, आधी अक़्ल। हां, वही तो कह रहे हो। इनको ही कहा गया है। इनको ही कहा गया है आधी अक़्ल, जो खुद अपने ऊपर हर जुल्म को आराम से सह जाती है, मजे लेकर। अच्छा, अपना प्रोफेसर साहब, आप छोड़ छोड़ दीजिए अपना बैक स्टेज और ब्लेड साहब, कुछ समीर साहब आए हैं, इनको कवर करके देखना। मुझे तो वही लगते हैं ठीक मारने वाले। लेकिन जी, जी, जी, बिल्कुल, बिल्कुल। इनको ले लेते हैं ऊपर और लेआउट पे उनको हटाने पे ये रखना। ठीक है? बिल्कुल, बिल्कुल। समीर साहब, अनम्यूट करके बोलिए। आप स्टेज पर हो। लव यू एंज। हटा दिया, हटा दिया। बता दिया। कोई टेंशन वाली बात नहीं है। बैन मार दिया भाई। बैन मार दिया। बैन मार दिया। चलो, कोई नहीं। कोई नहीं। मुगले आजम साहब को दो। मुगल नहीं, मुगल आजम साहब को। अरे, ब्लॉक किसको कर लिखा है? ये कोई नई आइटम। जी, बताएं भाई, बताएं। समस्या बताएं अपनी समस्या। कोई समस्या? हेलो, कोई समस्या नहीं है भाई। आप बताएं, आप क्या बात करना चाहते हैं? जी, मैं यह बात करना चाहता हूं कि पहले तो यह जो मैंने ताजमल और यह जो लाल किला ऐसा बनवाया, भाई, यह मेरे को वापसी करो। दुग्गल, दुग्गल, दुग्गल है ना? दुग्गल कौन दुग्गल है? मैं आता हूं भाई। नहीं।
मैंने बनवाया सारा लाल किला, ताज महल है टेस्ट। मैं ब्लॉक मारता हूं टेस्ट। लोस ना नॉन मोमिन, नॉन मोमिन है इनको हटा। अरे भाई, मैं मुगले आजम हूं यार। मैं भाई मुगलों से भाई तेरी तेरी 60 तेरी। मैं 60 आईडी ब्लॉक कर चुका हूं। 60 60 तो मुगलों को ही जाके चाटो। ठीक है। इधर आने की जरूरत नहीं है तुमको। क्या बोलते हैं? ये पागल है बंदे यार। कोई काम-धाम है या नहीं यार? घाटी आलोक। यार क्या कम काम हम कर रहे हैं। तुम नाम बदल के आते हो, ये उतपटांग नाम रख के यार। अपना भी टाइम जाया करते हैं और हमारा भी जाया करते हैं। कोई हैरस आशिक आ जाए। हां, वो अभी दो-तीन नीचे हैं, बट वो आ नहीं रहे। और सलमान जी, अगर आप सुन रहे हैं तो प्लीज ज्वाइन कीजिए। आपने कहा लिंक दीजिए, हम बात करना चाह रहे हैं। तो फिर ऐसे गायब मत हो जाया कीजिए। बात कीजिए आकर और अपनी राय रखिए कि यह क्या है? औरत की इबादत क्यों नबी साहब और अल्लाह ने बेकार कहा है? वो भी। अरे ये सॉरी, ये इन लोगों को मतलब इन लोगों को ये समझ आता है कि अगर पीरियड्स नहीं होते हैं ना जी, अगर पीरियड्स नहीं होते तो ये मोमो साहब कहां से टपकते? अगर इनकी अम्मी को पीरियड्स नहीं आता तो बिल्कुल। तो इनका ये भाई नेचर है, जिस थाली में खाएंगे ना उसी में छेद करेंगे। ये खुद पीरियड्स के वजह से ही बाहर निकला है। ठीक है? और फिर ये निकल के बाहर कह रहा है कि पीरियड्स में तुम हम तुम जैसी औरतों को ही जहन्नुम में देखे हैं। सबसे ज्यादा कैसा लगता है? प्रेम भाई, ये ये लेआउट चेंज कीजिए। वाह भाई, ये कैसा लगता है? सोचिए। और दूसरा, दूसरा देखिए, उन्होंने तो टाइम भी पूरा लिया। चार साल लिए अंदर, एक्स्ट्रा टाइम ले लिया। ये तो तीन साल, तीन महीना एक्स्ट्रा टाइम लिया। एंजल, ये तो नहीं ब्लासफहमी है ना? क्या बोले? ये ब्लाशफहमी में तो नहीं आता? काहे का बस फहमी? जब लिखा है इसके कुरानों हदीसों में, जाके फाड़ो, फेंको उधर। हम तो बोलेंगे जो हकीकत है, जो करना है, उखाड़ना है, उखाड़ लो आ के। डरता कौन है भोसड़ी के तुम लोगों से? सच बोलने में क्यों तुम लोगों की फटती है? तुम नहीं बोलोगे तो हम तो बोलेंगे ही। लेकिन आपको लगता है कि चार साल में कोई कुछ है? कि इसमें कोई लॉजिक साइंस है? इसमें चार साल में पैदा होता है बच्चा? नहीं। लॉजिक मतलब बोले तो लॉजिक का ये लोगों ने बैंड बजा के रखा है। बैंड जिसको बोलते हैं ना, लॉजिक तो है ही नहीं है कहीं दूर-दूर तक के इनके आसपास में भी लॉजिक नहीं भटकता है। लॉजिक है तो छोड़ दीजिए, भटकता नहीं है लॉजिक इन लोगों के आसपास में। ठीक है? अगर लॉजिक भटकता भी ना तो थोड़ा बहुत परछाई पड़ जाता लॉजिक का और ऐसी अलूलजलूल बातें नहीं करता। ठीक है? कभी तो ये कहते हैं कि हम मतलब कि हमने हमने पूरी दुनिया को बनाया है। हमने आदम और हव्वा को बनाया है। अगर आदम हव्वा को बनाया है तो हव्वा के अंदर पीरियड पीरियड्स डाल दिया है। अब पीरियड्स डाल देने के बाद कह रहा है कि तुम्हारी इबादत बेकार है। अरे कंफ्यूज काहे हो? अल्लाह बताओ। या तो तुम बोलो कि हमने तुम्हें बनाया नहीं है। या बोलो हमसे बहुत बड़ी मिस्टेक हो गई। या तो बोलो कि हमने पीरियड डाला ही नहीं। पीरियड मतलब डाला नहीं है। शायद अपने आप हो गया है। मतलब कुछ तो एक्सेप्ट करो यार कि हां हमसे गलती हुई है। नहीं गलती हुई है। कुछ तो बोलो। ये देखो। वाओ वाओ। ये देखो क्या मजेदार यार। और अंसारी बोल रही है, अगर हैज़ आएगा तभी तो रोकेंगे। ना क्या आएंगे तभी तो रोक रोकेंगे ना? लगता है बहन के पास ऐसी कोई आयत है जिसे पढ़कर ये हैज़ रोक लेती है। देखो अलताफ की हालत। [हंसी] क्या बात है अलताफ, वाह वाह वाह वाह वाह वाह। यही तो हम चाहते हैं कि तुम देखो और सीखो और लोगों को जागरूक करो। ठीक है? ये मुझे मुर्त लगता है, मुर्तदा है। मुर्तदा। वाह वाह लगे रहो, लगे रहो अलताफ, लगे रहो। नाम से ही लग रहा है थोड़ा सा अच्छा इंसान वाला। ठीक है? लगे रहो, लगे रहो। अच्छा लगा, अच्छा लगा। क्या कहना है? ये क्या है? चलो ठीक है। अ तो हां, हम लोग क्या कह रहे थे कि ये जो बंदा है। इनको खुद ही कंफ्यूज है। है ना? ये खुद ही कंफ्यूज है कि ये कहना क्या चाह रहे हैं? करना क्या चाह रहे हैं। और जबकि हकीकत में देखिए तो एक जो इस्लाम में जो महिला होती है ना, सबसे ज्यादा ठीक है। सबसे ज्यादा रोजा, नमाज, कुरान, हर चीज की पाबंदी करती है। बिल्कुल। ठीक है? क्योंकि उनको ऐसा बताया जाता है। उनको ऐसा समझाया। वो बेचारी ना, वो घर से अगर एक रोजा भी रखती है ना, तो भी वो हस्बैंड से पूछ के रखती है कि हम क्या रोजा रख सकते हैं? सोच लीजिए। अब इस पे और वो सबसे ज्यादा रोजा रखती है। भाई, एक औरत जो है ना, बहुत मतलब मेहनत करती है घर पे। एक मुस्लिमों के घर पे देखिए जाके। मर्द तो निकल जाते हैं सुबह-सुबह काम पे। और 100 में से 50 ही ऐसे, सॉरी 50 नहीं, 10, 10 ऐसे मोमिन होते हैं, मुस्लिम होते हैं, जो अपने दुकान पे या ऑफिस में जाके नमाज को अदा करते हैं। ठीक है? बाकी तो करते ही नहीं है। बाकी को तो पता भी नहीं है। वो नाम के बस मुस्लिम है। ठीक है? अब सोचिए, जो महिला औरतें घर पर होती है ना, वो प्रॉपर नमाज पढ़ती है। प्रॉपर वो रोजे रखती है। मतलब कुरान पढ़ती है। सुबह-शाम पढ़ती है। पांचों टाइम का नमाज पढ़। एक्स्ट्रा भी नमाज होते हैं। तहज्जुद की नमाज हो गया। सलातुल नमाज हो गया। नफ्ल की नमाज हो गई। ईद का नमाज हो गया। हर चीज का वो नमाज अदा करती है। पता है, पता है आपको? हर जुम्मे के दिन ना, सलातुल तस्बीह पढ़ा जाता है। वो इतना लंबा नमाज होता है ना कि अगर आप सजदे में अगर खड़ा हुए ना, टोटल उसमें आयतें पढ़ी जाती है 300, पता नहीं 320 या 340 ऐसा कुछ करके। ठीक है? अब तो मुझे मतलब प्रॉपर सोच लीजिए आप। अब ये नमाज पता है जब पढ़ता है ना? जी जी बिल्कुल बिल्कुल। हां, ये जब नमाज पढ़ते हैं ना, तो पता है क्या होता है? सजदे में जाते हैं तो लोग सजदे में मतलब रुक मतलब इतना देर लगता है ना पढ़ने में कि आपको बता नहीं सकते। जितना भी हम स्पीड से पढ़ ले, कम से कम डेढ़ घंटा लग जाता है। ठीक है? ये नमाज को पढ़ने में। और सोचिए, अधिकतर, अधिकतर क्या मतलब, हम मेरे घर पे तो सब पढ़ते हैं और हमने भी पढ़ा। हर जुमा के दिन मतलब डेली अगर नहीं पढ़ सकते क्योंकि बहुत लंबा होता है। ठीक है? बहुत टाइम लगता है। तो हर जुमा के दिन हम ये मतलब कि नमाज पढ़ते थे। और नफ्ल की नमाज हो गई। तहज्जुद की नमाज पता है कब पढ़ी जाती है? तहज्जुद की नमाज आपको 12:00 बजे रात में पढ़ा जाता है। 12:00 बजे के बाद। क्या बात है, क्या बात है। अच्छा रोहित साहब, देखिए प्लीज, ये नॉन-मुस्लिम नहीं है। छोड़ दीजिए, बाद में आ जाइएगा। और आरकड़ साहब, अगर आप मुसलमान हैं, आप बने रहिए। अगर मुसलमान नहीं है, आप भी छोड़ दीजिए। हां, अगर जी, अगर आप नोमिन हैं तो प्लीज। और रोहित रोहित भाई बोल रहे थे, उनका कोई क्वेश्चन है। भाई, चैट में पूछ लो, जवाब दे देंगे। कोई इशू नहीं। चैट में डाल दो, मैं हाईलाइट कर दूंगा। और आप छोड़ दीजिए आरकेट साहब को। देख लीजिए साहब, एक बार इनको ऐड कीजिएगा। लेकर को किक पे हाथ रखना भाई, बिल्कुल तैयारी है। भाई, बोलिए साहब। जी सर, जी साहब। दो यार, ऐसा लग रहा है जैसे बहन, बहन क्या करता है यार? अपनी छोटी बहन को दबोच लेता है या अपनी अम्मी के ऊपर चढ़ जाता है? क्या करता है जो ऐसी आवाजें निकाल? क्या कर दीदी? एक सेकंड। हां, रोहित भाई, एक्सिस्टेंस ऑफ गॉड पे आपको डिस्कशन करना है। आप मुस्लिम हो? एक सेकंड। हां, बोलिए भाई, बोलिए। अरे हेलो, हेलो, हेलो, हेलो। आप मोमिन हैं? जी। पहले बात तो करने दीजिए। पहले नहीं, ऐसे नहीं। अरे यार, आप लोग दो मिनट के चुप रहिए ना। मैं बोल रहा हूं। नहीं ना, ऐसे नहीं। अरे एक आके बोलिए। दिक्कत हो रही है। मतलब दो तो आवाज एक साथ मिक्स हो रही है ना? मोमिन है जो मोमिन है, लेकिन ऐसे नहीं पढ़ते। ऐसे नहीं। थोड़ा आराम से पढ़ो। कुछ समझ ही नहीं आया। ऐसा देख के लग रहा है। पढ़ रहे आराम से पढ़ो। ओके, तो मैं कोई भी एक सूर पढ़ता हूं। हां, सूर इलास पढ़ दीजिए ना, छोटा सा है। कुलद। चलिए, चलिए डन। चलिए, क्या कहना है आपको? बोलिए। आज के टॉपिक पे आप क्या कहना है? स्वागत है मेरे चैनल पे आपका। जी, आई वांट टू लीव दिस बट बट मेरे ऊपर एक। मैं वही बात कर रहा था कि आप जिसको आप माइक है, मोबाइल है, जो उसको थोड़ा सा आप अपने माउथ से ना थोड़ा सा दूरी पर रखें। ठीक है? फिर आवाज क्लियर आएगा। और वैसे, अच्छा प्रेम, अभी के टाइम आवाज क्लियर है कि नहीं है? इको नजर आ रही है आपको? आप थोड़ा सा आपकी आवाज प्रॉपर आएगी ना, तो फिर बात करने में मजा नहीं आएगा। आप थोड़ा सा अपने मोबाइल को या जिससे भी बात करें, उसको थोड़ा सा दूर करके बात कीजिए ना मुंह से। अरे, कान में तो हेडफोन लगा के रखे हैं। तो ये निकाल दो। आवाज आ रही है। हेडफोन निकाल दीजिए। अरे यार, ये अगर निकल गया ना, तो सब डाल के आएंगे। अरे, चलो आ रही है, आ रही है। चल जाएगा काम, चल जाएगा। पूछो, इको आ रही है क्या आवाज में? कोई इको ना भाई? बोलो, नहीं आ रही तो। पहली बात तो ये है, मैंने आप लोगों के सारे वीडियो देखे थे, तो मेरे को ये हकीकत ना समझ में आ रही थी। थोड़ी-थोड़ी बातें हम तो मुझे लगा आप लोग ठीक ही बोल रहे हो कि मोहम्मद साहब जो एक थे, वो पेट पाइल थे। उन्होंने बहुत अन्याय किया है और उन्होंने एक अपने ही काल्पनिक से अलग क्रिएट किया और मतलब जो काफिरों के ऊपर कहर बरसाया। हम लेकिन मेरे अंदर भी एक और सवाल है। क्या सच में इस दुनिया में क्रिएटर नाम का कोई चीज है या नहीं है? मैं इसमें अटका हूं। क्रिएटर नाम का कोई चीज है या नहीं है? यही ना? हां, हां। तो इस पे एक और सवाल आता है। अगर हम आपसे ये कह दे कि हां, कोई है क्रिएटर या कोई नहीं है क्रिएटर। इस पे एक सवाल यह आता है कि क्रिएटर को किसने बनाया? क्रिएटर को किसने क्रिएट किया? जी। ये सवाल अगर मैंने बचपन में भी किया था, अभी अलग-अलग मौलवियों को, मुक्तियों को, तो वो लोग बताते थे कि क्रिएटर अपने आप क्रिएट हो गया। तो उन लोगों के पास सवाल तो नहीं था, लेकिन हमें भी सवाल मतलब क्वेश्चन को आस्क करने का मौका नहीं मिलता था। हमको दबा दिया जाता था। हां। तो अगर क्रिएटर जो है, अपने आप से हो सकता है, तो यह सारी चीजें अपने आप से क्यों नहीं हो सकता? हां, वो तो ठीक है कि नेचर एक ही गॉड है। स्पॉनटेनियस प्रोसेस है। फिर भी जेहन में मतलब बचपन से ही ना, वो एक चीज जो है, वो दबा के दबा के रखी है। रखी गई है हमारे ऊपर। तो उस माइंड सेट में वही बैठ चुका है कि हां, गॉड नाम का वही तो एक चीज है। लेकिन [संगीत] मैं जानता हूं कि एक स्पॉनटेनियस प्रोसेस है, फिर भी इससे निकाल नहीं पाता हूं। तो इसके लिए कोई मसला है क्या? मुझे लगता है रोहित भाई, आप ना ऐसा करें कि आप जो भी चीज यूज करें, हेडफोन निकाल दे, तो हम लोग इधर से आवाज धीमी जाएगी। डोंट वरी। ठीक है? क्योंकि आवाज क्लियर नहीं आएगी ना, तो फिर बात करने में मजा नहीं आता। आप वो हेडफोन निकाल दीजिए। धीमी बात होगी। आप माइक है ना, हेड लगा रहता है, उसको थोड़ा सा दूर ही रखिए ना। फिर देखिए आवाज एकदम क्लियर आएगा। ओके, ओके। मैं ब्लूटूथ को ऑफ करके मैं जैक लगा दूंगी। क्योंकि आवाज ना, ये एकदम एक मिनट का वक्त दीजिए। हां, आप आइए, फिर हम आपसे अभी बात। आप बने रहिए। आप म्यूट करके जाके जो भी ब्लूटूथ वगैरह लगाना है, आप लगा लीजिए। तब तक हमारे साजिद भाई कह रहे हैं, अरे भाई साहब का बस चलता तो हाथ के कीटाणु से भी अवैध संबंध बना लेते। [हंसी] कसम का लॉजिक लगाते हैं। हां, सही बात है भाई। जब आदमी मिसवाक से प्रेग्नेंट हो रहा है, तो ये तो क्या ही कहना, क्या ही कहना, क्या ही कहना। तो पूरी जिंदगी पड़ी है ना भाई, उसको जनता रहे। क्योंकि गॉड ना मानने की चीज नहीं, बल्कि जानने का भी सही है। राइट? अगर साजिद भाई जुड़ जाते तो बहुत अच्छे से बता सकते थे। जुड़ जाए भाई। हां, अभी इनको नहीं। अब भाभी को बोलना पड़ेगा। भाभी को फोन लगाते हैं। रुक जाओ। साजिद भाई बोलते, अरे मतलब क्यों आप पकड़ के रखा है भाई? स्ट्रीम ही नहीं जॉइन करने दे रहे हो मेरे भाई को। अभी लगाते हैं हम फोन। भाभी को रुक जाओ। एंजल जी, कितने महिला नबी हैं? ये कितने महिला नबी हैं? क्या भाई? नबी से पहले ही उनकी महिला जो थी, वो नबी थी? तभी महिला ने साबित किया कि तुम नबी हो? तब जाकर ये नबी सिद्ध हुआ। समझ रहे हो बात को? तो नबी से पहले ही महिला नबी थी। [संगीत] एंजल, कितने सोहेल भाई हुआ क्या? नहीं कनेक्ट। हाय सोहेल भाई, वापस आ गए हैं। स्वागत है सोहेल भाई का। हां जी, अभी आवाज आ रही है ठीकठाक से? जी बिल्कुल। हेलो, एकको, कोई एकको या पूछने की आवाज तो नहीं है? नहीं, नहीं, नहीं, बिल्कुल सही है। तो मैं जो बता रहा था, वो था कि हम लोग तो जानते हैं मतलब अभी फिलहाल जान रहे हैं हम लोग नहीं। ठीक है? तो नेचर ही गॉड है। मेरे को ये पता चल गया है। लेकिन लेकिन बचपन से जो दबाव था कि क्वेश्चन करो, तो उनका आंसर नहीं देते। हमारे जो बड़े हैं, मुफ्ती साहब है, उलेमा साहब है, वो जो जो भी है, मेरे मेरे खुद के वालिद है, वालिदा है, जो भी है। तो मुझे तो पता चल गया कि स्पॉनटेनियस प्रोसेस है या कोई भी गॉड नहीं है। लेकिन फिर भी जेहन में जो सवाल है कि हां, वही तो गॉड है। तो आप लोग जब इस्लाम को छोड़े थे, तब आपको भी तो लगा होगा कि हां भाई, गॉड नाम का कोई चीज है? 50 में अटके होंगे क्या भाई? इस्लाम को छोड़ूं या ना छोड़ूं? तो मैं भी आप ही की तरह उसी जगह में अटका हुआ हूं। तो इसके लिए मुझे कोई मसला दे दीजिए कि ताकि मैं इस जेहन के सवाल, इस बेहूदा सवाल से उतर सकूं। भाई, हम आपके सवालों का जवाब देने के लिए ही है और आपके सवालों का हम जवाब देना चाहते हैं कि देखिए, आपने बिल्कुल सही कहा। ठीक है? आपने बिल्कुल सही कहा कि यह क्वेश्चन मन में आता है। ठीक है? यह क्वेश्चन मन में आता है। फर्स्ट ऑफ ऑल, कि अगर क्योंकि हमारे माइंड में स्टार्टिंग से बैठा दिया गया है कि अल्लाह एक है। है ना? और नबी उनके माबूद हैं। तो ये चीजें हमें बैठा दिया गया है। और जब ये चीजें हमारे दिमागों में बैठा दिया गया, तो फिर इतना जल्दी इन चीजों को छोड़ना पॉसिबल नहीं होता है। और ये एक्सेप्ट ही नहीं करता है। मतलब मन तो कर लेता है, पर दिमाग इस चीज को एक्सेप्ट नहीं करता है। ठीक है? मतलब समझ रहे हो? दिल तो कर लेता है, पर दिमाग एक्सेप्ट नहीं करता है इस चीज को इतना जल्दी कि बिना अल्लाह कौन बनाया? फिर ये ये क्वेश्चन तो आता है माइंड में। तो आप यह समझ लीजिए कि जो ठीक है, आपके हिसाब से अगर हम ले भी लेते हैं कि क्रिएटर कोई है। ठीक है? बहुत सारे टैक्स मुस्लिम है। हम भी मान लेते हैं कि हां, कोई तो है जो पूरी दुनिया को बनाया है, जो पूरी कायनात को बनाया है, जो जिसके लिए जैसे हम इंसान हैं, मेरे लिए भी सुबह होता है और सूरज का जो किरण आता है, ना सूरज का जो किरणें आती हैं, वो हम सब पे पड़ता है। उससे हमें एक नई ऊर्जा मिलती है। है ना? विटामिन डी का वो मेरे अंदर ये होता है। सेम वही चीजें जो पेड़ पे, पौधों पे, पानी में, कुत्तों में, सूअरों में, औरत में, मर्द में, बच्चों में, यहां तक कि एक वायरस कीटाणु जो होता है ना, एकदम जो जिसको माइक्रोस्कोप से देखते हैं, उसके ऊपर भी सेम चीजें होता है। है ना? कोई भेदभाव नहीं। है ना? हम हवा ले रहे हैं। हम ऑक्सीजन ले रहे हैं, तो पेड़ भी ले रहा है। जो पेड़ पेड़ जो है, जबकि वो इबादत नहीं कर रहा है। पेड़ इबादत नहीं कर रहा है। अल्लाह का नाम नहीं गा रहा है। है ना? चिड़िया, जानवर, जो भी है, वो उसने भी ऑक्सीजन को ऑब्जॉर्ब कर रहा है। हम भी कर रहे हैं। काफिर भी कर रहा है। ऐसा नहीं। अभी ये जो हमारे साथ प्रेम भाई, ये काफिर है। तो क्या लगता है ये सांस नहीं ले रहे? इनके ऊपर धूप नहीं आ रहा है? इनके लिए रात नहीं हो रहा है? मेरे लिए सिर्फ हो रहा है। है ना? तो ये वाला जो क्वेश्चन आता है ना, तो फिर माइंड ये चीजें सोचने पर मजबूर होता है। जब हम कुरान को पढ़ते हैं, जब हम हदीसों को पढ़ते हैं, तो हमें पता चलता है कि अल्लाह कह रहा है कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं है। दूसरे नंबर यह कहता है कि जो इस्लाम के खिलाफ जाएगा, वो काफिर है। तो, अब यहां पे क्वेश्चन जो है ना, हमारे दिल को और दिमाग को एकदम झंझोर के रख देता है कि जब वो कह रहा है कि हम पूरी दुनिया को बनाए हैं, तो फिर दुनिया में ही तो आता है ना ये काफिर। फिर ये अलग कैसे कह रहे हैं? है ना? तो इससे पता चलता है कि क्रिएटर जो है, वो एक है। कोई है, पर वो अल्लाह नहीं है। जो अरबी का अल्लाह है, जो मोहम्मद साहब का अल्लाह है, जो इस्लाम और कुरान में जो अल्लाह है, वो अल्लाह पूरी दुनिया को बना ही नहीं सकता है। क्योंकि यह एक घटिया सोच, नीच, बुद्धि, जाहिल और मेंटल है। है ना? यह जो अल्लाह का जिनका यह लोगो है ना, अल्लाह, यह इस टाइप का है। तो इस इस पर हम ईमान रख के अपनी बुद्धि को अपने अंदर इंसानियत को मार नहीं सकते। जब हम बच्चे होते हैं ना, जब हम छोटे होते हैं, तो हमारे सामने अगर कुछ भी होता है, ले लीजिए आप एग्जांपल के तौर पे, अगर हमारे सामने कोई डरावना सा फेस वाला आ जाता है, तो हम क्या होते हैं? डर जाते हैं। बच्चे से बता, अगर किसी का जानवर को जिबा होते देखते हैं या कुछ भी देखते हैं ना, तो हम डर जाते हैं। खून को जैसे बच्चों को डराया जाता है कि भूत आएगा, ये आएगा, वो। तो वो कैसा भूत होता है? ऐसा खून वो लगा के कुछ डरावना सा, तो हम डर जाते हैं। इसका मतलब है कि बचपन से मेरे अंदर इंसानियत होता है। ठीक है? नेचर जिसने क्रिएट किया है, वो इंसानियत मेरे अंदर डालकर भेजा है। लेकिन जैसे-जैसे हम बड़े होते जाते हैं ना, मेरे अंदर क्रूरता भर दिया जाता है। हर दिन मुझे यह सिखाया जाता है, अल्लाह एक है। काफिर से दोस्ती नहीं करना। अगर काफिर तुम्हारे मां-बाप, भाई-बहन कोई भी हो जाए, तो आप उनसे रिश्ता तोड़ लेना। आप उनसे दूरियां इख्तियार कर लेना। यहां कहते हैं कि अगर कोई रेप कर दे एक बच्ची का, तो वो जायज। लेकिन किसी के सामने सर झुकाना जायज नहीं है। सर झुकाने का तात्पर्य यह है कि आप किसी के मूर्ति पूजा नहीं कर सकते। है ना? जबकि आप जाकर के देखिए कि मक्का मदीना में बहुत सारा मूर्तियां था। मूर्तियों का ही पूजा करते थे नबी साहब के मां-बाप। तो आप इससे क्या समझते हैं? हां। इससे यह पता चलता है कि जो भी अल्लाह है, है ना? कोई है, कोई है जो पूरी दुनिया को मतलब क्रिएट किया है। यह आप समझ ले या फिर आप यह भी मान लेते हैं कि जिसने जो क्रिएटर है, ठीक है? जो क्रिएटर है, उसको भी तो किसी ने बनाया है? और मोमिन कहते हैं या कोई भी कह दे, नहीं, वो अपने आप क्रिएट हो गया। तो भाई, सब कुछ अपने आप क्रिएट हो गया। समझ आ रही है बात रोहित जी? हां जी, बिल्कुल समझ में नहीं आ रहा। हां, आपने एक बात ठीक कहा कि मोहम्मद साहब का जो अल्लाह है, वो एक इमेजिनरी है या हाइप हाइपोथेटिकल है। ये बात सही है। इस बात को मैं मानता हूं और आपने जो क्वेश्चन का आंसर दिया, उसको जस्टिफाई और किया। मुझे लगा तो थैंक यू। लेकिन और एक सवाल है। जजमेंट डे के ऊपर। अगर कोई दुनिया में ही बलात बलात्कार का, बलात्कार बोलते हैं ना उसको? टेप को हिंदी में क्या बोलते हैं? बलात्कारी बोलते हैं ना? तो वो अगर कोई करता है, तो तो हमारे कॉन्स्टिट्यूशन के अंदर उसको कोई अगर उसके लिए कोई पनिशमेंट ना हो, तो वो तो मर जाने के बाद उसका क्या पनिशमेंट होगा? मतलब वो तो इस दुनिया में बच गया, लेकिन क्या उसके लिए पनिशमेंट मिलना, क्या बोलते उसको? इस दुनिया में ही काफी नहीं था या और दुनिया में जजमेंट डे में भी चाहिए? मतलब आप जवाब दो। मेरा कहना चाह रहे हैं, जवाब दीजिए। दुनिया पहले बताना चाहिए था मुझे, क्योंकि मेरी हिंदी और उर्दू थोड़ा कमजोर है, तो आप लोगों की इंग्लिश भी उतनी अच्छी नहीं आती। आप बोल रहे थे आपकी आवाज थोड़ा सा थोड़ा सा एडजस्ट कर लीजिए। मेरी आवाज आ रही है? हां जी, बहुत अच्छा आवाज आ रही है। एक मिनट, रोहित भाई, एक मिनट। एंजेल भाई, मेरी आवाज आ रही है? आवाज आ रही है। इनका क्वेश्चन क्या था? दोबारा रिपीट कीजिएगा सर? भाई, इन्होंने क्या कहा? इन्होंने कहा, एक्चुअली क्या है ना, इनको हिंदी और उर्दू बराबर से नहीं आती है। ये इंग्लिश में बात कर सकते हैं। और दूसरी बात, इन्होंने बोला बलात्कार जो होते हैं, रेप जो होते हैं, दुनिया में कॉन्स्टिट्यूशन के हिसाब से, आई थिंक इनको पनिशमेंट नहीं बोलते हैं। उसे मरने के बाद क्या पनिशमेंट मिलेगा? यही सवाल है ना? रोहित? हां जी, बिल्कुल। इस्लामिक नजरिए से, इस्लामिक के नजरिए से या हमारे इंडियन कानून के या फिर दुनियावी कानून? क्या? नहीं, नहीं, दुनियावी की बात। दुनियावी बात बोल रहा हूं कि दुनिया के कॉन्स्टिट्यूशन मतलब इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन के अंदर। पहले वेस्ट बंगाल के आरजी को मेडिकल का लेते हैं। वहां पर तो उसको क्या बोलते हैं, जो मतलब इंसान इंसाफ नहीं मिला। लेकिन अगर वो अगर मर जाए, कोई अगर बलात्कार करता है या रेप करता है, अगर मर जाए, तो उसके लिए तो कोई कानून नहीं है। अब तो उसके लिए मतलब क्या उसकी सजा होनी चाहिए? हां, हम बता देते हैं आपको। ये सुनिए। अगर ये हम दुनियावी ले ना, तो ये कुरान कहता है। इस्लाम, जो इस्लाम के नजरिए से हम अगर इस चीज को देखते हैं, तो इस्लाम ये कहता है कि आप या तो किसी का मर्डर कर दिए या आपने 100 मर्डर किया। ये लिखा हुआ है भाई, ये हम नहीं कह रहे, ये कुरान हदीसों में लिखा हुआ है। आपने 100 मर्डर किया, आपने बहुत सारे लोगों के साथ जुल्म किया, लोगों के दौलतों को हड़पा, हड़पा बोले तो मतलब उनका चीजों को छीना, चोरी किया, बेईमानी किया। आपने किसी किसी बच्ची के साथ रेप कर लिया। ये सारा कुछ एक साथ जोड़ दो। इतना ज्यादा, इतना ज्यादा कि मतलब आपका एकदम बहुत ज्यादा गुनाह का एकदम पिटारा भर गया हो। ठीक है? और आपने अगर यह कह दिया ना, मतलब अगर कोई भी बंदा, कोई भी बंदा इतना गुनाह कर ले और यह कह दे कि अल्लाह एक है और उनके माबूद मतलब मोहम्मद साहब उनके रसूल हैं, तो उनका सारा गुनाह जो है ना, फुर हो जाता है और वो जन्नत में जा सकता है। ठीक है? लेकिन जो बंदा पांच टाइम नमाज पढ़ रहा हो या पांच टाइम नमाज पढ़ रहा हो, कुरान पढ़ रहा हो, सब कुछ कर रहा हो, कभी चोरी ना किया हो, कभी झूठ ना बोला हो, कभी किसी का मर्डर ना किया हो, अपने देश के लिए मान ले, एक हमारे आर्मी आर्मी ऑफिसर जो होते हैं, उनको हम ले लेते हैं। वो वो देश के लिए काम कर रहा हो, कभी भी कुछ गलत नहीं किया हो। ठीक है? और वो अगर एक दिन किसी मंदिर में जाकर या कहीं पे भी किसी भी मूर्ति के सामने हमने अपना सर को मस्तक है ना, वो कहते हैं झुका लिया, तो उनका सारा अच्छाई फुर हो जाएगा और वो दौजख में जाएंगे। ये है इस्लामिक तरीका। ठीक है? तो दुनियावी क्या होता है? जितने जो भी सनातनी है या जो भी रिलीजन है, उसमें क्या कहते हैं? दुनियावी के हिसाब से बता रहे हैं कि अगर कोर्ट है, जो भी हमारे हाई कोर्ट, जो भी कोर्ट का है कानून है, अगर वो बंदा किसी भी तरीके से, जैसे भी आप मान लीजिए, वो मतलब कि गुनहगार होते हुए भी उसके गुनाह साबित नहीं हुए। ठीक है? वो बरी हो गया। जब वो बरी हो गया, तो उससे इसका यह मतलब, वो कहते हैं कर्म, कर्म जैसा कर्म करोगे, वैसा फल पाओगे। ठीक है? ये उनके ऊपर ही छोड़ देते हैं कि अगर तुमने दुनिया में अच्छे-अच्छे कर्म किए हैं, तो उसका फल तुमको मरने के बाद अच्छा ही मिलेगा। अगर तुमने गलत कर्म किए हैं, तो तुमको गलत ही परिणाम मिलेगा। तो ये क्या होता है? ये जिम्मेदारी मेरे ऊपर आती है। भगवान या जो भी गॉड है, है ना? दुनिया के, वो अपने ऊपर ये चीज नहीं लेते हैं कि तुमने ये किया, तो हम तुमको ये सजा देंगे। तुमने ऐसा नहीं किया, तो हम तुमको ये अच्छी मतलब अच्छी चीजें देंगे। मतलब तुमने गलत किया, तो तुम्हें नर्क देंगे। तुमने अच्छा किया, तो हम स्वर्ग। ऐसा नहीं कहते। ये आप पे छोड़ देते हैं। ठीक है? ये प्रॉपर आपके ऊपर छोड़ देते हैं। अगर तुम गलत करोगे, तो तुम्हारे साथ गलत होगा। अगर तुम अच्छा करोगे, तो तुम्हारे साथ अच्छा होगा। लेकिन यहां हमारे इस्लाम में क्या कहते हैं कि अगर तुमने गलत किया और अल्लाह को घस दे दिया कि अल्लाह एक है, नबी उनके रसूल हैं, तो तुम्हारे सारे गुनाह माफ। चाहे तुम कितना बड़ा ही गुनाह कर लो। बोले तो भाई, पहाड़ लगा दो मर्डर करके। फिर भी वो गुनाह तुम्हारे माफ है। समझ आ रही है? तो इस हिसाब से आप समझिए, तो आपको किधर जाना चाहिए? आपको क्या सोचना चाहिए? हमें यह सोचना चाहिए कि अगर कोई बंदा रेप किया और कानून के नजर में उसने अपने आप को बचा लिया, वो निकल गया। उसका जो गुनाह है, वो वकील ने, जिसने भी, जैसे भी करके, जज ने जैसे भी वो उसको ये कर दिया कि ये गुनहगार नहीं है। तो उसका पकड़ होगा। कहां? उसके कर्मों के अनुसार फल मिलेगा। यह कहते हैं जो हमारे हिंदुस्तान का जो हिंदुस्तान का जो जो पुराने जो धर्म है, सनातन, उसके लोग कहते हैं ना, उनके जो है, वो कहते हैं। लेकिन इस्लाम में जो कहते हैं, वो कहते हैं कि तुम्हारे 70 गुनाह भी अगर है ना, पूरी पहाड़ जितना भर लिया तुमने गुनाह को, अगर एक बार अल्लाह को कोई कह दे ना, काफिर भी कोई कह दे। यहां तक कि कोई काफिर भी कह दे ना भाई, जैसे कोई हिंदू है, उसने बहुत कुछ किया है। कुछ भी उल्टा-सुल्टा काम किया और वो कह दे अल्लाह एक है, रसूल उनके नबी हैं, तो उसके सारे गुनाह माफ। फटाक से जन्नत। और अगर हम मुसलमान, हमने रोजे रखे, नमाज पढ़े, हज को गए, जकात किया, खैरात किया, बहुत सारे सब कुछ किया, इबादत किया, कभी भी अपने इज्जत-आबरू पे आंच आने नहीं दी, हर चीज की हिफाजत की, मां-बाप का इज्जत रखा, शौहर की तरबेदारी की, खिदमत की, सब कुछ किया। और हमने एक बार अगर यह कह दिया किसी मंदिर में जाकर या कहीं पे भी किसी भी मूर्ति के सामने हमने अपना सर को मस्तक है ना, वो कहते हैं झुका लिया, तो हमारा सारा किया-धरा पानी। समझ आ रही है बात रोहित भाई? शायद जी। आपने हां जी, आपने बिल्कुल एकदम राइट, एकदम बात बोली। अगर हमने तौबा कर लिया, नहीं, हम हमने नहीं, कोई काफिर ने तौबा कर लिया, तो उसको जन्नत नसीब हो गया। 72 या 70 पूरे उसको मिलेगी। जी। और जब आपने ठीक बोला कि मैंने आठ साल से, आठ साल की उम्र से नमाज शुरू चुकी थी और लगभग लगभग आज नौ, आज मेरा 17 साल हो गया है, लगभग आठ या नौ साल हो गए पढ़े हुए हनुमान। तो आज के दिन में जब एक्स-मुस्लिम बन गया हूं, तो इसके लिए दरिया आंसू तो मेरे आंख से निकले। मैंने अपने कौम को ठुकरा दिया। इसके लिए मुझे क्या बोला थे? दोज़कत मिली थी? तो इसके लिए दरिया आंसू निकले, निकल रहे हैं आंख से कि इतना कुछ किया उस खुदा के लिए और आज उस खुदा को सिर्फ एक पर ठुकराने के लिए ऐसा-ऐसा मतलब गाली-गलाज करता है हमारे ऊपर कि तुम ये हो, वो हो, तुम काफिर हो, तुम्हें जीवित नहीं रहना चाहिए। इस्लाम को छोड़ दिया तो तुम्हें मार देना चाहिए। ऐसा-ऐसा बोला जाता है। बिल्कुल भाई। आए। हां जी, बहुत दुख होता है जब किसी के ऊपर इतना खिदमत करो। 800 मेरा तो कम एज है, लेकिन आप लोगों ने 32, 30 या 33 साल तक, 40 साल तक आप लोग उनको पूछ रहे थे। खुदा को पूछ रहे थे और आप लोगों के ऊपर क्या बीती होंगी? मैं वही सवाल कर रहा हूं। बिल्कुल, बिल्कुल, बिल्कुल। आपकी आपने मुझे बहुत खुशी हो रही है कि भाई, मेरे प्यारे से छोटे से मेरे प्यारे भाई, बहुत अच्छा लगा आपसे बात करके और मुझे बहुत खुशी हो रही है कि मेरे छोटा मतलब हमसे आप बहुत छोटे हो। ठीक है? तो सोचिए कि आपको अगर इतना जल्दी इतनी अच्छी बातें समझ आ सकती है, तो लोगों को क्यों नहीं आ सकती है? देख लीजिए आप यह चीज आप कितना मानते हो भाई? ये आप कह सकते हो ना कि अल्लाह एक है। हां, नबी एक छोटी बच्ची के साथ रेप करने वाला एक घटिया इंसान है। ये आप कह सकते हो ना? अल्लाह और नबी दोनों दोगला है। जी, गाली किसी को नहीं देंगे। गाली खुद को पहले देना चाहिए कि ऐसे मजहब को मैंने, ऐसे रसूल को मैंने सर पर चढ़ा के रखा और ऐसा-ऐसा कारनामा देख के फिर भी मुझे ऐतराज नहीं हो रहा कि ये गलत है। हम उसको मतलब राइट प्रूफ करने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। मतलब मैंने ही ज्यादातर गाली पहले खुद को देनी चाहिए। एंजल बहन, मेरी आवाज आ रही है? हां, आ रही है। आपकी आवाज। मैं इनसे बात कर सकता हूं थोड़ी देर के लिए। हां, हां, अब कर लेंगे। बस इनकी थोड़ी सी और हम लोगों से रूबरू करा देते हैं। फिर ये हमारे एक्स-मुस्लिम हैं भाई। तो आप ये एक्सेप्ट कर रहे हैं? भाई, हां। आप इन चीज को मान ले रहे हैं ना कि जो भी हमारे नबी साहब ने किया? जैसा कह रहे कि हम बहुत दिनों से ये देख रहे हैं कि एक्स-मुस्लिमों का चैनल, उससे आपको ये पता लग गया ना कि इन्होंने कैसे-कैसे हरकतें की है ना? हां जी, पता चल गया कि मोहम्मद साहब एक प्रोफाइल थे। मोहम्मद साहब अपने बहू के अंदर बेटी के अंदर बहू नजर आती थी उनको। बिल्कुल। तो आप मानते हैं ना कि ऐसे मानकर बहुत गलती कर रहे थे? ये चीजों को माफी करके अपने।
शराबों पर दिखाकर बहुत गलतियां कर रहे थे। है ना? जी बिल्कुल। लेकिन अभी तो दुख हो रहा है। फिलहाल आठ-नौ साल से खिदमत करके अगर ऐसा कुछ दिखे तो इसमें दुख हो रहे थे।
आपने और क्या पढ़ा था इस्लाम में? कुरान मुकम्मल कर ली थी आपने? नहीं, मतलब तसीर पढ़ी है। मतलब मुकम्मल उतनी नहीं की। लेकिन एक बात तो है कि मैं जब भी बैठता था पढ़ने को तो आप लोग जो-जो बोलते थे, उसके पांच आयत ऊपर से पढ़ता था, पांच आयत नीचे से पढ़ता था। उस बात को क्लियर और जस्टिफाई करता था कि आप लोग सही बोल रहे हो या नहीं बोल रहे हो।
अच्छा, आपने मुकम्मल कुरान। ठीक है। आप नमाज? जी, आपकी आवाज कट-कट के आ रही है। थोड़ा जोर से बोलिए। हां, मेरी आवाज कट रही है। प्रेम भाई। नहीं, अब ठीक है। अब ठीक है। और एक मिनट भाई, फूल भेज दो। गुलाब भेजो भाई के लिए। यार, क्यों कंजूसी कर रहे हो? हमारे जो है रोहित भाई के लिए जितने लोग देख रहे हैं, प्लीज उनके लिए गुलाब भेजें। हमारे एक्स-मुस्लिम हो गए और इतनी कम एज में इन चीजों को एक्सेप्ट कर लेना। इसके मतलब, मतलब बिंदास हो गया। हम ने तो भाई बहुत सारे, मतलब 25-30 साल ऐसे ही गुजार दिया है ना इन जाहिलों के। लेकिन आप इतना जल्दी निकल गए। इस बात की मुझे बहुत खुशी है। और मुझे पता है कि आगे का जो आपका लाइफ होगा ना, वो एकदम बिंदास, फैंटास्टिक, मजेदार होने वाला है। क्योंकि आपके ऊपर कोई पाबंदी नहीं, आपके ऊपर कोई डर नहीं, आपके ऊपर कोई अज़ाब वज़ाब का खौफ नहीं रहेगा। तो आप अपनी लाइफ में सब कुछ अच्छा करेंगे, बिंदास करेंगे और इंसानियत चलेंगे। पहला नंबर ये। देखिए, हमारी जितनी मॉडरेटर, सारे लोग आपके लिए। आप एक्सेप्ट कीजिए। और बहन रोहित भाई, अगर आप कुछ, जैसे हमारे एंजेल बहन हैं, जितने और एक्स-मुस्लिम हैं, अगर आप कभी भी यह सोचते हैं कि आपको भी सेक्टिविज्म का हिस्सा बनना है, कोई शेयर करनी है स्ट्रीम, किसी स्ट्रीम में जाना है, लोगों को अपनी स्टोरी बतानी है, या आपको अपना चैनल बनाना है, तो मेरा लिंक नीचे है। मैं यही काम करता हूं। सिर्फ एक्स-एक्स मुस्लिम चैनल्स को प्रमोट करता हूं। उनको ट्रेनिंग देते हैं। हमारे यहां काफी एक्स-मुस्लिम बहन-भाई आते हैं। और अगर आपका ऐसा इरादा है, ज्वाइन कीजिए हमारी टीम को और आपका वेलकम है हमेशा।
बिल्कुल। आपका जब मन चाहे, हमारे डाल सकते हैं। वेलकम है। कि इस्लाम से इंसानियत तक में एक और विकेट गिरा। और ये हमारे जो रोहित भाई हैं, बहुत कम एज के हैं और ये अच्छे इंसान बन चुके हैं। कचरा से बाहर हैं। मुबारक भाई। रोहित भाई, आपकी एजुकेशन? रोहित भाई, आपकी एजुकेशन क्या है? अभी 12 में है। अरे बच्चे, तो बच्चे तो ठीक है। इससे ज्यादा कुछ आगे मत बताइए, रोहित भाई। नहीं, नहीं, नहीं। पढ़ाई पे ध्यान दो। पढ़ाई पे ध्यान दो, भाई। पढ़ाई पे ध्यान दो। पढ़ाई पे ध्यान देना चाहिए।
हां जी, बोलिए। घर वाले को पता है? हां जी। वही तो बोल रहा हूं कि एक डर है कि अगर घर वालों को पता चल जाए ना, तो वो निकाल देंगे। अभी तो फाइनेंसियल इंडिपेंडेंट है। बिल्कुल। रोहित, अभी सुनो मेरी बात। अभी तुम स्कूल में पढ़ते हो, तो पहले पढ़ाई पर ध्यान दो। ठीक है? जब तक सेल्फ इंडिपेंडेंट ना हो, तब तक बताना नहीं है घर पे। ठीक है? जिसे रहना है, वैसे ही रहो। कभी भी नहीं बताना है। ठीक है? आप देख लो।
नमाज पढ़ने जाते हैं। दुख होता है। नहीं, नहीं भाई। नमाज, ये दबाव है कि आपको नमाज पढ़ने जाना है ना, तो आप जाओ ना। क्या दिक्कत है? जाओ जाकर के नमाजें पढ़ो। जितनी जो आपकी, जितनी आपके मन में भड़ास है ना, वो हर सजदे में निकालो। जब कहते हैं सुभान रब्बला, सुभान, तो उस टाइम कहो मां का, बहन का, सबका एक इकट्ठे कर दो भाई। क्या दिक्कत है? जाओ। समझ आ रही है मेरी बात? लोगों को दिखाना है मुस्लिम? ना, ना। खुद को क्यों देंगे भाई? खुद को क्यों देंगे? हम तो खुद को। आप खुद के ऊपर फील करो कि आपने अब जो बीत गया, हम उसके ऊपर नहीं जा सकते। आपने जितने आपकी उम्र थी, आपने इसके ऊपर किया, वो हम ठीक नहीं कर। लेकिन अब आप अपने ऊपर प्राउड करो। ठीक है? कि हम सही टाइम पे। सुनो मेरी बात। ठीक है। ध्यान दो। पढ़ाई पे ध्यान दो। इसके बारे में बात फिर से बोलिए। ये सुनाई नहीं दिया। सर जी, मैंने बोला, सुनाई नहीं दिया। भाई, मैंने, मैंने, मैं बोला था बहन अंजल, मैं बोल रहा हूं। रोहित भाई, पहले पढ़ाई पर ध्यान दो। अभी फिलहाल यही मैं बोलूंगा। पढ़ाई खत्म करो। उसके बाद ये कॉलेज खत्म करो। उसके बाद जो भी है, पहले सेल्फ इंडिपेंडेंट होने से, फाइनेंसियल इंडिपेंडेंट होने के बाद जो भी फैसला लेना है, करो। अभी जो भी दिखावे के लिए कुछ भी कर सकते हो आप। ठीक है? घर को दिखावे के लिए कर सकते हो। ओके सर।
तो क्या कुछ स्टोरी अगर मुझे पता नहीं है, तो क्या मैं कभी भी स्ट्रीम ज्वाइन कर सकता हूं आपके? हां, हां, हां। है ना? मन में, मन में, केहन के अंदर जो भड़ास है, उसको निकालने के लिए कुछ सामने कुछ नहीं मिल रहा कि मैं बोल दूं। तो इसलिए रोहित साहब, रोहित साहब, हमारी जो एंजेल बहन हैं, ये एक्स चैनल है। टॉपिक पे बात होती है और दो वीक में होती है। मेरा चैनल लिंक डाला है प्रेम भाव के नाम से। वो कबड्डी का ग्राउंड है। वहां भस के लिए बनाया गया है वो चैनल। जितना वक्त आपको बोलना है, जब आना है, जब आना है, जिस टॉपिक पे बात करना है, खुली कबड्डी है। आप जब आ सकते हैं। अगर कुछ सीखना है, तो कुछ सीखना है, तो एंजल बहन और मेरे चैनल पे आ सकते हैं। कुछ बारे में, कुछ भी। आपको इस्लाम तो छोड़ दिया। अब क्या सिखाओगे? दोबारा कलमा पढ़ाओगे? क्या? सोहेल भाई। अरे, उसके बारे। इस्लाम, इस्लाम के बात है। वो तो बताना है ना। अभी ये है ना। नहीं भाई, कहीं भी आओ। सब आपके चैनल है। मेरे प्यारे भाई, बाप की उम्र कम है। मुझे नहीं लगता अभी बालिग हो आप। अंडर हो। पहले पढ़ाई पे ध्यान दो। बहुत अच्छे से। एजुकेशन इज अ पावर। एजुकेशन, एजुकेशन पे ध्यान दो। अपनी पढ़ाई पूरी करो। कोई भी आपको चौक ध्यान और मस्जिद में जाके चिल्लाने की जरूरत नहीं है। मैंने छोड़ दिया, छोड़ दिया। अपने पढ़ाई पे ध्यान दो। अच्छी सी कोई प्रोफेशनल कोई स्किल ऐसी हासिल करो कि आप सेल्फ डिपेंड हो जाएं। उसके बाद कहीं रहो, जैसे मर्जी रहो, यार। ये दुनिया बहुत बढ़िया है। एक बार जिंदगी मिलती है, इसको पूरे ढंग से जियो, यार। हां। तो फिलहाल पढ़ाई पे ध्यान दो। भाई, आप इतना पढ़ाई लिखाई करो। एक बहुत कम है। इसलिए आप जिधर भी जाओगे, उधर आपके लिए एकदम परफेक्ट और एकदम सेपरेट आपके भविष्य जो है। रिपीट, रिपीट, अगेन, रिपीट, अगेन। आपकी आवाज कट करके आ रही है। मेरी आवाज ऐसी, ऐसी। मेरी आवाज जाती बीच में। अभी ठीक है। तुम्हारी आवाज एंजेल, तुम्हारी आवाज पे अज़ाब आ गया अल्लाह ताला का। जी, बोलिए। क्या बोल, बोल रहे थे? लगता है इंटरनेट इशू है। हेलो। हां जी, आवाज आ रही है, बहन, बोलो। आवाज क्लियर है? प्लीज दीदी, आवाज आ रही है आपकी। क्लियर है। आवाज क्लियर है। चल जाएगा। पता नहीं क्या कर रहा है। बैकग्राउंड में किसी के साइड कर। क्या? अच्छा, रोहित भाई के साइड से आ रही थी टिक टिक टिक टिक की आवाज। हां, तो क्या कह रहे थे यार हम तो भूल भी गए। क्या कह रहे थे हम? पता नहीं क्या कह रहे थे। बस सही। आरा का असर हम पर थोड़ा-थोड़ा। चलो, कोई भाई देखो, क्या बोल रहे थे? हां, इसने कह रहा है, इसने, इसने बहुत बड़ा गुनाह किया। इसने तो बोल रहा था वो है पर उसे जहन्नुम की सजा भी मिलेगी। तुझे हूर मिलेगी और गिलास में शराब। बस सजा के लिए। गिलास में छेद होकर। ये थोड़ा सा भाई साजिद भाई, एज देख के बात किया करो यार। ये मेरे ज्यादा, ज्यादा नॉनवेज हो गया। हां, ये मेरे छोटे से क्यूट से भाई। ऐसे मत बोला करो। अभी इनका ध्यान है जो पढ़ने पर लगा है। हां, तो हम ये कह रहे थे, याद आ गया कि आपका ना भविष्य अभी उज्जवल है। आप जिस भी जिधर भी जाओगे ना, वो भविष्य आपके लिए बेस्ट है। तो आप बेहतर है कि आप पढ़ाई अच्छे से करो। जम के करो और इंडिया से बाहर कहीं फॉरेन कंट्री में जॉब करो। लाइफ एंजॉय करो। यार, क्या रखा है यहां? है ना? या इंडिया में भी अच्छे से पोस्ट है। अच्छे से आप जॉब कर सकते हैं। उसके बाद फिर अपनी दिली ख्वाहिश जो है, इजहार कर सकते हैं। अभी आप जैसे है ना, वैसे रहिए। ठीक है? कोई दिक्कत नहीं है। मुझे ये आपने एक्सेप्ट किया, ये बहुत बड़ी बात है। और आपसे आगे पता है, कोई गलती नहीं होगा। है ना? ना तो आप क्रूर बनोगे, ना तो आप मतलब काफिरों से नफरत करने वाले बनोगे, ना आप बच्चों के साथ गलत व्यवहार कर। आप बहुत प्यारे बने हो। ठीक है? तो आप बहुत खुश। अपने आप। आप दोबारा यह बात कभी मत कहना कि मुझे खुद को गालियां देने का मन करता है या खुद को। नहीं, नहीं। ये चीज नहीं करना। अपने ऊपर प्राउड फील करना है, भाई। ठीक है? कचरे से जो कमल निकल खिलता है ना, वो फिर पता है भगवानों पे चढ़ाया जाता है। जबकि वो खिलता है। कच कचरे का जो गंदगी होता है ना, वहां। लेकिन वो अपने आप को ऊपर उठाता है। पता है उसका जो टहनी होता है ना, वो बहुत पतला होता है, पर बहुत लंबा होता है। वो अपने आप को ऊपर रखता है कचरा से। जबकि निकलता उसी से है। अब वो सीधा उस कचरे से निकाल के भगवान को चढ़ाया जाता है। क्यों? क्योंकि वो कचरे को टच नहीं किया। निकला तो उसने, पर वो रहा नहीं उसमें। समझ आ रही है बात? तो हम जन्म तो लिए मुस्लिम में, पर हम मुस्लिम नहीं मरेंगे। हम मुस्लिम नहीं बन के रह गए। हम एक्स-मुस्लिम हैं। हम इंसानियत के राह पे चलेंगे और इंसान बनकर जिएंगे। समझ आ रही है बात मेरी भाई? रोहित भाई, आप म्यूट हो। आप म्यूट। हां जी, समझ में आ गया। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। मेरे टीचर जैसे ही हो आप और मुझको सिखाने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद आपका। ठीक है भाई, आप ऐसे जब आपका मन करे, आप करना। ठीक है? ओके सर। चलिए, थैंक यू सो मच। अपना ख्याल रखना और किसी से ये बातें मत करना। ओके? हां, मैंने एक बार की थी एक बात, तो उसका इतना बेहूदा सवाल मुझे मिला। आप सुन के हंस दोगे। अच्छा, क्या? क्या था? आपने सवाल? मतलब एक जो है, मैंने उसको बोला था कि देख, रिजक देने वाला कौन है? उसने बोला, अल्लाह है। तो मैंने बोला कि अच्छा, ठीक है, अल्लाह है। तो उसको जब मैंने बोला कि भाई, अल्लाह है, तो एक साहिल भाई की एक वीडियो देखे थे। तस्मानियन डेविल को ये खाना क्यों नहीं मिलता? भाई, वो कहता है कि भाई, ये नेचर सिलेक्शन है। डार्विन तो फिर, जो थ्योरी है, वो बोल देता है। तो मैंने बोला, अच्छा, ठीक है, तू डन का थ्योरी बोल रहा है। मैं मानता हूं। ठीक है। मैंने बोला कि तू ह्यूमन को मानता है? बोला, नहीं भाई, नहीं मानता। वो तो बोलता है, वो खिलाफ है। क्योंकि जो आदम सलाम है, वो पहले इंसान थे। और वो डार्विन जो बोलता है, वो बंदर से इंसान बने। क्या बोलते भाई? उनको मतलब वो नेचुरल सिलेक्शन को मानता है। डार्विन का जो नेचुरल सिलेक्शन है, उसको मानता है। लेकिन, लेकिन और एक जो चीज है कि मैं नेगोलेशन का जो टारगेट है, उसको नहीं मानता। मेरी बात समझ में आई? जी भाई, बिल्कुल। शायद दीदी, वो ऊपर है। और एक और भी एक बात है, जो मेंुअल स का जो इवोल्यूशन है, अगर हम, जी, जो उसका नाम क्या है? मैं भूल गया। एक मिनट, रिकॉल कर लेता हूं। याद आ गया। अगर हम नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में जाकर देखें, वहां पर कहीं भी नहीं मिलता कि में स जो स्टार्ट होता है, वो नौ महीने से स्टार्ट होती है। इवन वहां पर ये भी लिखा है, वो जो मेंुअल स का जो जो होती है, मतलब स्टार्ट होती है, वो स्टोन एज के गल में हो गया। क्या आईसा, क्या स्टोन एज में पैदा हुई थी? मैं उनको जब ये पूछता हूं, तो उसके पास कोई आंसर ही नहीं होता। खाली उनके पास एक आंसर होता है कि अल्लाह बेहतर जानता है। अल्लाह सब जानता है। हमें इसकी क्वेश्चन करने की कोई जरूरत नहीं है। जो होगा, वो देखा जाएगा। अल्लाह जानता है। बस ऐसे ही क्वेश्चन आंसर होता है इनके पास। बस, बस ईमान रखो। आंख बंद करो। जो बोला है, वो मान लो। बस यही है। क्यों सोहेल भाई? जी। मैं बोलो। क्या बोला? क्या बोला था? दीदी, वेलकम बैक। यह भाई बिल्कुल सही कह रहे हैं कि हर क्वेश्चन जो है ना, भाई, यह करना तो इनसे यही दिक्कत है ना कि जब सब चीज का मालिक अल्लाह है, तो तुम क्यों सबका बाप बन के किसी को कत्ल करने को दौड़ जाते हो, किसी से लड़ने दौड़ जाते हो? फिर ठेका क्यों लेके रखा है तुमने कि नकाब पहनो, तो इस्लाम पर रहो, तो इसके बारे में तुमने यह क्यों बोल? जब हम अगर नबी के कुछ बात बोले, तो नबी आके हम पर अटैक करेगा, अल्लाह समझेगा, है ना? फिर तुम बीच में कूद पड़ते, भाई। फिर उस टाइम तुम क्यों जिम्मेदारियां ये ले लेते हो कि जो नबी के सामने कुछ बोलेगा, उसके बारे में कुछ बोलेगा, तो वो गुस्ताखी है? ये भी तो छोड़ दो अल्लाह के ऊपर कि अल्लाह समझेगा। ये अल्लाह के हाथ में है। सही गलत क्या, वो अल्लाह ही जानते हैं। है ना? गैर की, गैब की खबर किसको? क्या बोलते हैं रोहित भाई? है ना? गैर की खबर किसको होता है? अल्लाह को। हम्म। अल्लाह को होती है। हां। हम लोग घर पे कुछ भी बात करें, तो क्या कहते हैं? हर गैब की खबर किसको है? अल्लाह को। तो जब गैब की खबर अल्लाह को है, तो हम जो बात कर रहे हैं, उसकी खबर अल्लाह को नहीं है? हम ऐसे बात कर रहे हैं, तो अल्लाह को ये खबर नहीं चल रहा है। जब गैब की बात उनको पता चलती है, तो अभी हम सामने बात कर रहे हैं, उसकी खबर नहीं है उनको। आके कुछ कर दे मुझे। तब तो समझेंगे। फिर ये मुल्लों को क्यों आगे आना पड़ता है? जब अल्लाह पर तुमको इतना ही विश्वास है कि अल्लाह जो किया है, सब सही किया है, तो फिर तुम्हारे अंदर ये हक नहीं बनता है कि अगर कोई क्वेश्चन करे, बंदा तो तुमको, तुम गलत हो, तुम काफिर बन गए, है ना? तुम इंसान मतलब कि इस इस्लाम को बदनाम कर रहे हो, तुम क्या बोलते हैं? गुस्ताखी कर रहे हो। ऐसी बातें नहीं करना चाहिए। तो अल्लाह ही समझते। हम सही कर रहे हैं, गलत कर रहे हैं। वो हमें सजा देते और हम एक्सेप्ट, एक्सेप्ट भी करते, भाई। है ना? लेकिन इससे पता चलता है कि ना तो अल्लाह है और ना ही कोई नबी थे। अगर थे भी, तो सारे मेंटल, सारे पागल, सारे दोगले दिमाग के रहने वाले। कहीं पे कुछ बोलते हैं, कहीं पे कुछ बोलते हैं। दोगला का मतलब होता है दो नजरिया रखने वाले। है ना? दोगला एक गाली नहीं है। दोगला का मतलब होता है दो बातें रखने वाले। दोगल, दो तरह के बात, है ना? दोगलापन, दोगला छवि, दोगला वो होता है, जो दो तरह की बातें करता है। कभी वह कह रहे हैं कि हम पूरी दुनिया को बनाए। कभी वो कहता है काफिरों की पूजा करो। कभी कहता है हम अल्लाह एक है, अल्लाह के अलावा कोई माबूद नहीं है। दूसरे बार कहते हैं कि तुम काफिरों की पूजा मत करो। तो अब तुम फैसला कर लो कि तुम पहले थे या काफिर थे। हां, ऐसे कंफ्यूजियाल है ये अल्लाह और नबी। क्या कह सकते हैं भाई? खैर, आप टेंशन मत लो, मेरे रोहित भाई। ठीक है? आप बिंदास रहो और अपनी लाइफ को अच्छे से अच्छे जियो और बस पढ़ाई पर फोकस करो। ठीक है? और जब आपका मन करे, आप हमारे स्ट्रीम में ज्वाइन करना। आप बैठना, बातें सुनना, समझना और भी बहुत कुछ आपको जानना है। है ना? हमारे साहिल सर हैं, एडमम भाई हैं, हमारे जितने भी मुस्लिम हैं, आप सबके चैनल पे जाइए। ठीक है? फिर हम अब आप तो आप बने रहिए या फिर आप कमेंट में सुनना चाहते हैं, तो सुनिए। हम नेक्स्ट कॉलर से बात करते हैं। ठीक है? हां जी, मैं लीव करने वाला हूं कि बहुत रात हो चुकी है। तो जो कुछ भी आप लोगों ने बोला, उसके लिए थैंक यू। तो तहे दिल से मैं थैंक यू बोलना चाहूंगा। ठीक है जी, बाय-बाय। मैं स्टूडियो ली हूं। बाय-बाय। बाय, मेरे क्यूट से भाई। आप अपना ख्याल रखना। हमेशा खुश रहना। जी। तो मेरे, क्या कह रहे थे भाई? कुछ-कुछ हमारे भाई का किनका कमेंट किधर? आपका आवाज बैक, बैक में आपकी आवाज आ रही है। हेलो। बैकग्राउंड क्लियर है। आवाज जा रही है मेरी? जी, जी, जी। चलिए, ये हमारे भाई क्या कह रहे हैं? भाई, किसी के साइड YouTube लेट म्यूट करो। हां, ये कह रहे हैं, बहुत हाई क्लास की बात बोल दी। ऐसी बातें बड़े-बड़े फिलॉसफर भी नहीं बोल पाए, जो आपने बोल दिया। भाई, ये हम कभी सोच के नहीं बोलते हैं। पता है? मेरे अंदर अच्छाई बोलो या बुराई बोलो, हम कभी सोच के बात नहीं करते। ठीक है? जो जब जैसे मुंह में आता है, बोल देते हैं। ठीक है? जो बातें आई, दिल में आता है, वो मुंह पे आ जाता है। और इसी के साथ हमारी अना है। स्वागत है मेरे चैनल पर। अना हक जी। और सूर्य थोड़ा सा ऊपर कर दीजिए, शायद ये कट रहा है। जो लोग सपोर्ट करना चाहते हैं, गाइस, वो सपोर्ट कर सकते हैं हमें फाइनेंसली। और एक चीज और बोलना चाह रहे थे हम। खैर, आज नहीं बोलेंगे। नेक्स्ट स्ट्रीम में बोलेंगे। ठीक है? आज छोड़ देते हैं। ये थोड़ा सा अगर ऊपर करना है, कर सकते हैं प्रेम भाई? तो ये ऊपर कर दीजिए, शायद मुझे लग रहा है कट रहा है। हम, हम एंजलम डॉक्टर सूर करके बैकग्राउंड में उसे ले लो। नहीं, थोड़ा सा नीचे। शायद कट रहा है। इसीलिए। ये हमारे साथ डॉक्टर सूर जी। आप तो नॉन-मोमिन हैं। बताइए, आप क्यों जुड़ना चाह रहे हैं? नहीं, इसमें उन्होंने मैसेज किया है। उन्होंने मैसेज किया है। मैं मोमिन नहीं हूं। आपकी बहुत रिस्पेक्ट करता हूं। मेरे मोमिन दोस्त ने मुझे दीन की दावत दिया था दो दिन पहले। क्या आप मुझे स्ट्रीम पे ले सकती हैं? सॉरी, बट थोड़े। नहीं, अभी नहीं। अभी फिर, अभी टॉपिक एक बार जब नॉन-वुमेन से बात स्टार्ट होता है ना, फिर वो खत्म नहीं होता है। टॉपिक की मां-बहन हो जाता है। तो अभी हम सिर्फ। नहीं, उन्होंने, उन्होंने मैसेज किया था डॉक्टर सूर ने मैसेज किया था। इसलिए। हां, वो देखिए। हां, थोड़े टाइम के बाद डॉक्टर साहब आपसे भी बात करेंगे। बस थोड़ा सा टाइम दीजिए ताकि हम पहले मोमिनों से बात कर ले। अभी देखिए, हमारे प्यारे से एक भाई आए। उन्होंने कहा, हम एक्स-मुस्लिम बन गए। तो ये चीजें जानकर सुनकर अच्छा लगता है कि लोगों को पता चल रहा है कि वो किस गलत, गलत जगह पे है। है ना? ओके। और मेरी आवाज शायद बराबर नहीं जा रही। ये क्या हो रहा है? कट रहे हैं। हां, ये देखिए प्रेम भाई ने सही कर दिया। क्यूआर कोड। चलिए, तो हम आगे बढ़ते हैं। जी, ऊपर लगा दिया भाई, थोड़े से। हां, थोड़ा सा कट रहा था। अभी ठीक है। ये देखिए, क्यूआर कोड जो है, वो सही जगह पे चुका है। हां, साहिल शाह, इनको ऐड कीजिएगा। चलिए, अनाह जी कह रहे हैं, मेरी आवाज आ रही है। कट नहीं रही है। इनको एक बार ऐड कीजिएगा, भाई। वो ऐड हो गया। ले आउट जी, चेक पर रखना हाथ। साहिल सा। हेलो मैम। जी, आप मोमिन हैं? यस मैम, मैं हूं। साहिल साहब, एंजलमैन, उन्होंने एक्स-मुस्लिम करके क्या बोला था ना चैट में? वो वाले एक्स-मुस्लिम हूं। आप मोमिन हैं या नॉन-मोमिन हैं? क्या है सर? एक्स-मुस्लिम बहन। एक्स-मुस्लिम। मैं एक्स-मुस्लिम हूं। एंजल बहन, एक्स-मुस्लिम है। एक्स-मुस्लिम हूं। हां, उनसे पूछ लेने दीजिए एक बार कंफर्म तो कर भी। बोलने से वो तो वो तो बोल रहे हैं। एंजल, एंजलमैन, वो बोल रहे हैं, आप सुन नहीं पा रहे। ऐसा है क्या? एक्स-मुस्लिम है। अभी बोल। एक्स-मुस्लिम है। आप कोई? अभी सूर तो याद होगा ना? जैसे कुछ भी सूर याद है, तो आप कोई सुना दीजिए। सूर नास, सूर फलाक, कुछ भी। सूर इखलास, सबसे छोटा सूर है, वही सुना दीजिए। साहिल जी, मेरी आवाज आ रही है? आपकी आ रही है। उनका नहीं आ रही है। साहिल जी। हेलो। आवाज नहीं आ रही है उनका। हां, उनकी आवाज नहीं आ रही है। किसी का भरोसा नहीं। सही कहा। हां, साजिक भाई, इसीलिए हमने एंजल जी, आइसक्रीम कवर रखा कीजिए, क्योंकि मुसलमानों पर इतना भरोसा ठीक नहीं। वैसे भी इंसान पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि हगने के बाद [हंसी] ये जो है ना, बंदा हगने के बाद चांद पानी से धोता है और।
हाथ साफ से कुछ भी बोलते, यार ये साजिद भाई, क्या हो गया? साहिल जी, ये देखिए, क्या है? मतलब क्या है भाई? बात करने आए तो बात करो ना। टाइम जाया क्यों कर रहे आप मेरा? चलिए, ड्रॉप ही कर गए ब्लेड भाई। जी, बोलिए, बोलिए। आवाज आ रही है? हां, आ रही है। बोलिए ना। अरे साहिल भाई, अगर आपको बात नहीं करनी है तो आप क्यों जॉइन कर रहे हो? ब्लेड, उनका नेट पर इशू है तो आपके ड्रॉप हो रहे हैं। वो अच्छा। कैमरा बंद करिए आप। कैमरा बंद करिए। कैमरा बंद कर दीजिए भाई।
हेलो, मैं एक्स मुस्लिम हूं। तो मेरा नाम सूर सुना रहे हैं हम। कुल अल्लाहद अल्लाह समद लम यद वमद वम कुद। क्या बात है, क्या बात है। चलिए, मैं इस्तकबाल तो वैसे मैं शुरू से ही मैं बहुत रहम दिल का था। जी, तो अभी भी हूं। तो मेरे को बचपन से मेरे को बहुत अजीब लगता था कि क्यों मुस्लिम लोग गैर मुस्लिम के बारे में इतना गलत क्यों सोचते हैं? हमारे, हमारे घर वाले हिंदू लोगों को कुफ्र कुफ्र करके काफिर कह के वो शुरू से बुरा लगता था। तो मैंने अगल-बगल सुनता था कि मुस्लिम लोग आतंकवादी होते हैं। यह वो। हमको लगता है कि इस्लाम सही होगा, मुस्लिम गलत होगा। फिर मैंने कुरान और हदीस को पढ़ा। जो जो आतंकवादी लोग करते हैं वही सामने मेरे को आया। जी, इस्लाम जो सिखाता है वही उस लोग फॉलो करते हैं। तो मैं जब उस पर रिसर्च किया प्रॉपर कुरान को मैंने तर्जुमे से पढ़ा तो बहुत कुछ मेरे को सामने आया कि इसमें साफ-साफ लिखा था कि ईमान वालों से हटकर काफिरों को अपना दोस्त ना बनाएं। अगर वो लोग ऐसा करते हैं तो वो भी उनके जैसे हैं। अगर उनसे भी ना माने माने तो उनसे उन्हें गिरफ्तार करो। उनका कत्ल करो। ये गैर मुसलमानों के लिए कहा गया। ऐसी सैकड़ों आयतें मिलेंगी। हुरमत के चार महीने गुजर है। जहां पाओ कत्ल करो, मारो काटो। यानी कि टोटल पूरे के पूरे इस्लाम में यही चीज सिखाई गई कि किसी तरीके से गैर मुस्लिम को यानी काफिर को इस्लाम कुबूल कराया जाए। मेन फोकस मुसलमानों का सिर्फ यही रहता है। कोई इंसान का धर्म नहीं मारना, काटना, लौंडी बनाना, गुलाम बनाना, सेलेबरी करना, रेप करना, गैर मुसलमानों के लिए प्रतीक बहुत बड़ा नफरत है। औरतों के लिए हलाला, निकाह, तलाक बहुत सी बुरी चीजें हैं। अगर वही चीजें हम किसी औरतों को लड़की को बताएंगे तो लड़की भी बहुत जस्टिफाई करती है इस्लाम की औरतों की कि वो हमारे हुजूर ने हमारे नबी ने औरतों की भलाई के लिए चाचा निकाह। हालांकि मैंने एक लड़की को बोला कि तुम्हारे नबी ने कहा कि मर्द को नहीं पूछना है। अगर जितनी चाहे उतनी शादी करे उसमें औरत रोक-टोक नहीं सकती है। तो उसने बोली कि फिर उसने करना चाह रहे। हां, बट आपसे। हां, मेरी आवाज आ रही है ना? आ रही है, आ रही है। थोड़ा सा मुझे क्वेश्चन करना। फिर आपसे बात करेंगे। है ना? आप मुझे ये बताइए कि आपने, आपने कुरान मुकम्मल पढ़ा था? मैंने कुरान, मैं बचपन में ट्यूशन करता था कुरान का। एक बुढ़िया औरत थी। मैंने पूरा मुकम्मल कुरान किया है। नहीं, नहीं, एक सेकंड। आपने, आप नमाज पढ़ते थे? मैं उतना नमाज नहीं पढ़ता था क्योंकि मेरा स्कूल लाइव था। उतना नमाज नहीं पढ़ते थे। एग्जांपल के तौर पर आपसे बुरा मत मानिएगा। बट मेरा यह क्योंकि हम नहीं चाहते यहां पर कुछ ऐसा लगे कि लोगों को कि है ना कि ये नॉन मोमिन है या कुछ भी। तो आपसे दो-तीन क्वेश्चन करना चाह रहे हैं हम। बोलिए। कि आप नमाज मतलब कब छोड़े? ये बताइए। नमाज मैं जैसे जो नॉर्मल मुस्लिम पढ़ते हैं जुम्मा-जुमा की नमाज। हां। वैसा मैं पढ़ता था। कभी रमजान में नमाज पढ़ता था। उतना मैं नमाजी नहीं था। अच्छा, ठीक है। ठीक है। कोई बात से कुरान भी आप मुकम्मल है। जैसे कि मैं कुरान मुकम्मल इतना नहीं पढ़ा हूं जैसे ट्यूशन में किया हूं। टोटल केवल अरबी में, अरबी में पढ़ा हूं। कुरान तर्जुमे से नहीं पढ़ा था। ठीक है। कुरान मुकम्मल का मतलब है 30ों पारा को पढ़ना ना कि तर्जुमे के साथ पढ़ना। राइट? तो हमारे। हां, 30ों पारा में। हां। 30ों पारा पढ़ा हूं। आती है ना आपको? क्या? पढ़ने आती है ना? हमको कुरान पढ़ना। अरबी शायद मैं उतना बराबर नहीं पढ़ पाता हूं क्योंकि मैं अब उतना मैं कुरान नहीं पढ़ता हूं। सूर वगैरह, कलमा वगैरह मेरे को कुरान पढ़े हुए लगभग। बोलिए। ये क्या बोलते ब्लेड भाई, कोई एक ये लाओ, एक कोई भी आयत ला दो थोड़ा सा एक बार मुझे थोड़ा सा पता नहीं क्यों ऐसा लग रहा है लेकिन ठीक है हम शक नहीं कर रहे आप पे। बट एक बार अच्छा। वज़ू में कितनी रकात होती है? वज़ू में तीन बार हाथ धोते हैं। हमने कुल। नहीं, आपसे गलत किया। ठीक है। वज़ू में रिकात नहीं होती, नमाज में रिकात होती है। जरा ये अरबी एक बार थोड़ा सा पढ़ना। उर्दू, अरबी दोनों है यहां पे। हां। ये उर्दू शायद। उर्दू आती है भाई आपको? मेरे को उतना बराबर नहीं आता है मैम। उर्दू और इतना बराबर नहीं आता है। एक-दो लाइन भी आप पढ़ सकते हो। जैसे ये थोड़ा सा ज़ूम करो भाई। अरबी पढ़ सकता हूं। अरबी, अरबी। ज़ूम करिए। भाई थोड़ा सा बड़ा, एक भी लाइन थोड़ा ज़ूम कर दीजिए। बस कहीं से भी। ब्लेड भाई, अरबी यार। ये उर्दू है। अरबी, अरबी। हां, इधर इसको थोड़ा सा। अरे हेलो। हां, आरवी। अरे ये ब्लेड भाई, पता नहीं चलाने आता आपको? प्लेट भाई, बताओ। इधर, इधर घुमा रहे। अरे दीदी, दीदी, ज़ूम करने पर यहां पे एक ही जगह पे फोकस हो रहा है। वो ये थोड़ा सा भी कहीं से भी बस ऐसे ज़ूम कर दो ना ताकि देखिए लोगों को लगे भाई कि हां, ये हमारे मोमिन थे भाई। अभी एक सूच के हुए हैं ना क्योंकि लोगों को ना कुछ-कुछ पॉइंट ऐसे पकड़ के बैठ जाते कि इसने ऐसे बोला तो अभी तो शक हो जाता है ना। फिर ये भी उधर के यूनियन साइड के आएंगे और कहेंगे कि तुमने तो पैसे देकर बैठा रखे हैं लोगों को। अच्छा, ये, ये थोड़ा सा ज़ूम कीजिए यार लैब, थोड़ा सा यहां से देखिए। अच्छा, इसमें कहां पे बता रहे हैं भाई? यहां थोड़ा सा, यहां से पढ़ लीजिए। रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम। यहां पे दिख रहा है। यहां से ये आपको दिख रहा है? पढ़िए। कहीं से भी आप पढ़िए। फिर देखते हैं। एक लाइन भी पढ़ दो भाई मेरे, एक लाइन भी कुरान की। कोई कुरान की कोई आयत निकालिए। कुरान की आयत हम पढ़ लेंगे। कुरान की कोई आयत निकालिए। उठा लीजिए। अच्छा, कुरान की कोई आयत निकाल दो। अरे यहां की अरबी और वहां की अरबी पढ़ा है क्या भाई? हां, कुरान की कोई आयत निकाल दीजिए। उठा दीजिए। कुरान की आयत कोई खोल दीजिए। हम पढ़ लेंगे। हम कुरान मैंने पढ़ा है। बराबर पढ़ लेंगे हम। अच्छा, ठीक है। निकाल दो भाई। चलिए, इतना, इतना कॉन्फिडेंस था तो ये वगैरह। चलिए, मुझे लगता है कि जरूरत नहीं है इनको। जब ये कॉन्फिडेंस है कि ये पढ़ लेंगे तो पढ़ लेंगे। गाइस देखिए, ये मोमिन है। ठीक है। जब ये पढ़ रहे थे तो पढ़ ही लेंगे। अगर निकाल देंगे बुलेट भाई तब भी ये पढ़ लेंगे। है ना? अगर ये नॉन, ये बहाना करते, ये चीजों से मुकर जाते। ठीक है? ये मोमिनी है। लेकिन अगर फिर भी लोगों को लग रहा है कि पहले ही गुलाब फेंक फेंकना स्टार्ट कर दिया लोगों ने। थोड़ा सा कर ले। ठीक है। हां।
हेलो। हां, ये देखिए भाई। लीजिए। सुम्मा इन रब्बला रब रबिका ल्ला मी उस। हां, हो गया, हो गया भाई, हो गया, हो गया, हो गया। चलिए, हाई जो ये बहुत पहले पढ़े और सही से अरबी नहीं आती। ठीक है, लेकिन ये हुरूफ को पहचान रहे हैं कि क्या लिखा है। ऐन है, जीम है, लाम है, दाल है, जाल है। ये समझ रहे हैं। काफी है। मुबारक हो। चलो, बहुत अच्छा लगा। बहुत अच्छा लगा। अब हम आपसे अच्छे से बात करते हैं। है ना? हटा दीजिए। अरे, अरे, अरे, एंजल बहन, फूल तो मंगवा लो पहले। दूसरा हुआ है भाई। चलो, जितने लोग देख रहे हैं, हमारे भाई के साहिल भाई के लिए आप पे अल्लाह का अजाब आएगा। एंजल। हेलो, हेलो। जी, जी, आपकी आवाज। हां, हां, आवाज आ रही है। साहिल सर, आपकी तो। मैम, जैसे कि मैं मदरसे से इतना कुरान वगैरह नहीं पढ़ा हूं तो मैं ज्यादातर में ट्यूशन मेरा था तो मेरे को कुरान पढ़े हुए लगभग 5 से 10 साल लगभग हो चुके हैं। तो मैं तो ना कुरान वगैरह, नमाज वगैरह नहीं पढ़ता था। नमाज जुम्मे की नमाज पढ़ता था और रोजा में सीरियस हो जाता था। जैसे हम मुस्लिम हो जाते हैं। तो वैसा ही नॉर्मल मुस्लिम हूं एक तरह का। मैंने कुरान का टोटल ट्रांसलेशन ही तर्जुमे से पढ़ा हूं। जिससे मैं समझ सका हूं कि इस्लाम में ज्यादा इंसानियत है नहीं। क्या बात? कैसे-कैसे सब सोच रखते हैं? मतलब क्योंकि जाहिर सी बात है आजकल कुरान हर भाषा में मौजूद है। कोई भी पढ़ के जान सकता है। बिल्कुल। जैसे कि हम कोई भी धर्म के बारे में अगर मैं संस्कृत नहीं जानता, मैं हिंदी में पढ़ सकता हूं। कुरान, सॉरी, वेद वगैरह। हां, साहिल भाई, आपने इस्लाम के बारे में मतलब एक्स मुस्लिम चैनल्स के बारे में कब से जाना? जैसे कि मैं एक बार YouTube चला रहा था। जी, तो नॉर्मल जो सब लोग देखते हैं तो मेरे को जफर हेरेटिक का एक वीडियो आया नबी मोहम्मद के ऊपर। जी, तो वो बंदा इतना अच्छे से समझे एक्सप्लेन कर रहा था पूरे हदीस का रेफरेंस देकर तो मैंने उसके बाद जाचा, जांच-पड़ताल किया और देखा होगा तो सेम टू सेम मेरे को वही मिला। उसके बाद मेरे को बहुत डाउट होता था। मैं आगे-पीछे का सब रेफरेंस मिला-मिला के हिंदी, इंग्लिश में सब पढ़ता था। तो उसमें कई जगह जिहाद के बारे में जिक्र होता था कि तुम पर जिहाद फर्ज है और कई जगह लिखा था कि ईमान कैसे भी करके मतलब काफिरों पर ईमान, ईमान को लाना है। अगर तुम्हारे मां-बाप, भाई-बहन ईमान के मुकाबले कुफ्र को तरजीह देते हैं तो उनसे अपना सरपरस्त मत समझो। हमदर्द, सॉरी, हमदर्द मत समझो। यानी कि उनके साथी मत समझो। अपना, अपना मत समझो। इस तरह, इस तरह की कुरान शिक्षा देता है। तो एक तरफ मुल्ला मौलाना कहेंगे कि कुरान इंसानियत सिखाता है। सबके साथ दोस्ती करना, सबसे मिल-बांट के सिखाना है। जो अच्छा करे उसके साथ भी अच्छा, बुरा, जो बुरा, सॉरी, जो बुरा करे उसके साथ भी अच्छा करो। तो भाई, ये क्या है? जब दोस्ती करने से मना कर रहा है। अपने, अपना मानने से मना कर दे रहा है। काफिरों को लड़ने-झगड़ने कह रहा है। मारो, काटो। उस समय की वह सोच थी मोहम्मद की, आज वह दिख रही है। सैकड़ों आयत है मेरे पास, मेरे फोन में बहुत पड़े हुए हैं। इतना मेरे को रेफरेंस बराबर याद नहीं है लेकिन हम, हां, मैं सबसे किसी से भी बात कर सकता हूं इस्लाम के बारे में। आपको जो पूछना है पूछ सकती हैं।
हेलो, हेलो, दीदी, आप म्यूट पर हो। प्रेम, आप भी म्यूट पर हो। जी, साहिल भाई, दो मिनट। वो म्यूट पर। अरे, अरे, अरे, वीर भाई, क्या कर रहे हो? हेलो, दीदी, आवाज आ रही है। आप म्यूट पर हो। अरे, अरे, हेलो, हेलो, हेलो। क्या हो गया भाई? किधर? कुछ नहीं, कुछ नहीं, कुछ नहीं, कुछ नहीं आ रहा है। आपका आवाज आ रहा है। कोई इशू नहीं है। प्रेम भा भी म्यूट पर थे, आप भी म्यूट पर थे। मैं वैसे ही कमेंट पढ़ रहा था बस। बोलिए। अच्छा, निकल गए। साहिल भाई, निकल गए। हेलो। जी, जी, आप क्या हो गया? निकल गए थे क्या? नहीं, नहीं, नहीं। आप म्यूट में थी। आपको जो पूछना है पूछ सकती हैं। हां, नहीं, सॉरी भाई, वो थोड़ा सा ना मेरी बेटी वो मतलब रोने लगी थी। इसलिए सॉरी। हेलो। तो मेरा इन्हीं सब बुरी चीजों को देखकर मैंने इस्लाम को छोड़ दिया। बहुत सी आयतें मैं अपने मोबाइल में सेव करके रखा हूं। बुरी-बुरी चीजें। आधा से ज्यादा कुरान नफरत से ही बड़ी पड़ी है। टोटल यही कहना है। आप लोग जानते ही होंगे। सूर तौबा है। आयत नंबर पांच हो गया। सूर तौबा पूरा पढ़ लीजिए। सूर काफिर में वही सब मजबूरी उसका है कि लकी लकुम दी वुदीन, तुम्हारा दिन तुम्हें मुबारक। ये सब लफड़ेबाजी उस समय की है। जब मोहम्मद कमजोर था। मतलब पूरा प्रॉपर मैं रिसर्च करके रखा हूं। जी, जी, मैं टोटल कुरान हिंदी और इंग्लिश में पढ़ पढ़ा हूं। इसी नाते मेरे को इतना नॉलेज है। अच्छा, ये बताइए क्या आपके मतलब घर वाले या आस-पड़ोस जानते हैं कि आप एक्स मुस्लिम हो चुके हैं या अभी आप अपने घर वालों के सामने मुस्लिम ही हैं? मैं, मेरे को कोई नहीं जानता कि मैं एक्स मुस्लिम हूं। क्योंकि मैं भी, मैं अभी-अभी नया-नया ग्रेजुएट हूं। बीए में पढ़ता हूं। और अभी लगभग मेरी 22 साल, 22 साल की एज है। जाहिर सी बात है अभी मेरे पास कुछ है नहीं। रियल का बताना। ठीक है? एक चीज आप नोट कर लो। कभी भी ना रियल नाम बताना है ना रियल एज बताना ना रियल स्टेट बताना ना रियल कुछ भी नहीं बताना यहां। सिर्फ ये इस्लाम और हम यहां पे यही जांच। ओके। क्योंकि ये लोग का पता है ये कितने होते हैं। किसी के ऊपर भी कुछ भी। अभी आपको मैं बताया कि मेरे को अरबी, उर्दू इतना बराबर नहीं आता। इतने में बहुत लोग मेरे को तंज कसेंगे। देखो उसको उर्दू पढ़ने नहीं आ रहा है। अरबी नहीं आ रही। इस्लाम का मुतावला करने क्या बोलते हैं? बात करने चला। मैंने बोला भाई, आजकल कुरान तो हर भाषा में मौजूद है। तुम अपने घर के तर्जुमे से मिला दो। गलत मैं बोलता हूं तो। भाई, जिसको अरबी आती है उसको उर्दू, उर्दू आती है। पर साहिल भाई, आपको तो पता ही है कि कोई भी मुसलमान के घर में तर्जुमे के साथ पढ़ने के लिए आज तक किसी के पेरेंट्स, मौलवी, हाफिज साहब, किसी ने बोला ही नहीं है कि आप एक बार तर्जुमे के साथ। अगर हम ख्वाहिश भी रखते हैं कि ये पढ़े तो कहते नहीं, नहीं, ये सब मत पढ़ो। अब ये रीजन समझ क्यों मना करते थे। अब जब हम समझ आता है कि क्यों मना करते थे क्योंकि इनको पता था कि जब ये सच पढ़ लेंगे ना तो ये इस्लाम को छोड़ देंगे। है ना? तो वो इंजीनियर मिर्जा है। आपने नाम सुना होगा। बिल्कुल, बिल्कुल। बेचारा को जेल भेजो। बेचारा को जेल में, जेल में भेजा। वो कहता था कि कुरान को तर्जुमे से पढ़ो। ये अगर कुरान तर्जुमा से पढ़ेगा, उनको फिरकों वालों को भी नसीब पहुंच जाएगा। बहुत से लोग इस्लाम छोड़ ही देंगे। बाकी लोगों को पता था। किसी ना तो उसको बात को तंज करते थे। वो इस्लाम की ओरिजिनल सच्चाई दिखाता था कहीं ना कहीं लेकिन कुछ बातें भी छिपाता था वो। और जो पे वो मतलब साहिल भाई जिन मुद्दों पे वो गए हैं वो वाजिब बात की थी और ये मुस्लिमों के पक्ष की बात की थी। ठीक है ना? लेकिन ये एक बात को पकड़ लिया था। है ना? वो जो बात कहे अगर क्रिश्चियन की वो यही कह कहते ना कि क्रिश्चियन की बीवियों मतलब लड़कियों से भी हम निकाह कर सकते हैं। राइट? मैं, मैं आपको एक बताऊं। मुसलमान इतना नीच कौम किसी का नहीं हुआ है। मुसलमान मुसलमान का नहीं है। बिल्कुल। ये है लोग। ये कुरान सिखाता है ना? ये हदीस सिखाता है ना कि अगर आपके घर में कोई इस्लाम को छोड़ दिया है ना तो आप उनसे चाहे वो आपकी मां हो, भाई हो, बहन आप उनसे नफरत करो, उनसे दूरियां इख्तियार कर लो, उनके ऊपर हाथ उठाओ। और एक हदीस भी है, एक हदीस भी अगर कोई मुलीद हो जाता है, नास्तिक हो जाता है, इस्लाम को छोड़ देता है या काफिर हो जाता है उसे मार काट दो जान से। बिल्कुल, बिल्कुल, बिल्कुल। तो ये सिखाता है। ये इनके किताबों में है ना? तो इसलिए तो नफरत होता है। आप मतलब इतने कम एज में आप अगर यह चीजों को समझ लिए हैं ना, इन चीजों को अगर आपने समझ लिया है तो बहुत, बहुत आप अपने ऊपर प्राउड फील करो। आपसे जस्ट पहले आप शायद कमेंट में थे जब हमारे रोहित भाई तो आपने एक लोगों को जाना होगा एहसान ओपन माइंड, एहसान भाई। हां, एहसान भाई। जी, जी, एहसान ओपन रिएक्शन आपने देखा होगा। एहसान भाई हैं। हां, हां, उनसे भी हमसे दो-तीन बार बात हो चुका है कॉल पर। उन पर हमने एक बार कॉल किया तो वो प्रॉपर अपना बात हमसे किए थे। हम तो अभी सूर वगैरह पूछे तो हमने सूर वगैरह बताया। कलमा पूछे, कलमा बताया। मतलब जाहिर सी बात मुस्लिम में पैदा हुआ सब कलमा वगैरह सब रटा ही दिए थे। सूरह वगैरह हमारे घर वाले तैयार किए थे। मेरी मां जो थी सूरह वगैरह में मैं जब छोटा था तो मेरे को सूरनास, सूर फलक यही सब हटा दी थी कि तुम जब सोना तो पढ़ना। हां, चारों कुल को कि जब डर लगे ना तो चारों कुल पढ़ के अपने आप को बांध लो तो डर नहीं लगेगा। जब जा रहे हो तो चारों कुल पढ़ के अपने आप को दम कर लो। है ना? तो भूत। यस, यस। तो उस समय बहुत मैं डरपोक था तो इसी से थोड़ा डरता था। भूत, शैतान, प्रेत। अब तो जब निक, नास्तिक हो गया तो मैं कोई सब से फर्क नहीं पड़ता है। होता ही नहीं तो क्या डर लगेगा? नहीं भाई, ये होता ही नहीं है। ये इनके यहां सारे प्रोपगेंडे होते हैं। इनके पास ही ऐसी-ऐसी बाहियात, बहियात बातें होती है। ठीक है? आप शुक्र मनाओ कि आप इस्लाम को समझ लिए इतने कम एज में और हम लोगों का तो मैंने तो भाई बहुत टाइम दिया था। ठीक है? मैंने ना इतना ज्यादा इन चीजों में टाइम दिया था कि आपको बता नहीं सकते। आप मेरी किसी भी जाके देख लीजिएगा मेरा इंटरव्यू। मैंने बहुत टाइम दिया था। अरबी में बहुत आसानी से मैंने सीख गया पढ़ना लेकिन मेरे को उर्दू का जो एक जेर-जबर मेरे को आज तक उसका समझ नहीं आया। रियलिटी में बता रहा हूं। पढ़े बहुत आसान है। बस हुफ अपने मन से उसमें लगाना पड़ता है। ठीक है। कभी भी नहीं समझ आया। हां, वो ऐड करना पड़ता है तो लेकिन इसका माने नहीं समझ में आता है जबकि उसमें जेर-जब नहीं रहता है लेकिन वो माने समझ आ जाता है तो मैंने जो कुरान का तर्जुमा पढ़ा है टोटल वो हिंदी में पढ़ा तो मैं समझ पाया हूं। अच्छा, तो मैं समझ नहीं पाता और जफर भाई ने बहुत, जफर भाई ने बहुत। हां, हां, जफर हेड का मैं बहुत वीडियो देखा। बेचारा प्रॉपर एक्सप्लेन किया। उसका देख-देख के मैं एक तरह का नासिक हो ही गया। दिमाग बहुत लगाया अपना। जफर है भाई है ना? वो पता है उनका जो लॉजिक रहता है। फर्स्ट बार हमने उनका ही हमने भी उनका ही वीडियो देखा था। फिर जाकर साहिल सर का, एडमम भाई का सभी फर्स्ट बार हमने भी उनका ही देखा। फर्स्ट बार तो हमने उनको ठीक है। जब हम बोले थे ना गालियां भी दी। हां, कि ये कैसे मतलब हमारे नबी साहब के बारे में ऐसे कैसे बोल सकता है। लेकिन जब चीजें धीरे-धीरे पता चलना स्टार्ट हुआ, जब हम इस चीज पे गए तो मुझे बता नहीं सकते कितना रहा था। कितना रोए थे जिस दिन हमें बहुत बुरा लगाए। मेरे को इतना बुरा लगा कि कि मैं सोचता था कि जो इंसान जमीन पर चलने वाला सबसे बेहतरीन इंसान कहा जाता है, मोहम्मद साहब, मोहम्मद साहब जब इतने नाबाल लड़कियों से शादी किया, काफिरों को मारने के लिए कहा, उनको भरोसा उठ गया, जजिया जैसी बहुत बेकार चीजें लगाई, औरतों पर बहुत अत्याचार हो गया। इतना वो दोगला इंसान था। खुद की छोटी आयशा से छोटी लड़की शादी कर लिया। जब बात आई उसकी खुद की बेटी फातिमा की तो उसको कम एज दिखने लगा। हरी शादी से आपने पढ़ा होगा जब अबू बकर ने जब उसे शादी करना चाहा तो सीधा-सीधा ये मना कर दिया कि अभी बहुत छोटी है। ये मोहम्मद का लफ्ज है। जब अली दूसरा शादी के लिए चार बोल लोगों को कि चार निकाह कर सकता लेकिन जब हजरत अली ने पूछा तो उसके लिए बस एक ही रख कि तुम बस फातिमा के साथ उसी से उसका चालाकी सामने आया। कितना वो चालाक था, दोगला था वो। दूसरी औरतों के सौतन लाया की। मैम, मैम, हेलो। बोलिए। आपको मैं बताना बताना चाहता हूं कि मैं जब मैं छोटा था उस समय 10, दसवीं नहीं, सात, सेवंथ क्लास पास किया तो मेरे मोहल्ले में एक बूढ़ी औरत थी जो बच्चों को 50 महीने में उर्दू, अरबी पढ़ाती थी। मैं उसके यहां कोचिंग करता था। अच्छा। तो मैंने उससे अरबी सीखा। उसमें मैं पक्का पढ़ लेता था। उसके बाद जाहिर सी बात है छोटे बच्चे जब होते हैं घूमने-फिरने उतना मैं कुरान खोल-खोल के नहीं पढ़ता था इसलिए मैं भूल गया। फिर जब मैंने कुरान पढ़ना भूल गया। अरबी में भी हल्का-फुल्का आता है उतना ही बराबर नहीं आ पाता है। अब वो, वो भी बोलता जा रहा हूं तो मैं जो भी कुरान मैं पढ़ा समझा उस ट्रांसलेशन से ही समझ पाया। ये मेरी ईमानदारी है मैं बता रहा हूं। हमें मतलब नहीं है भाई कि आपने ये चीजें देखिए कुछ नहीं है। अगर एक-दो बार आप प्रैक्टिस कर लेंगे।
ना, जैसे कोई कुरान शरीफ को निकाल करके एक दो बार अगर पढ़ लिया ना, तो वो अरबी आ जाती रही। उर्दू की बात तो उर्दू भी है, प्रैक्टिस कीजिएगा तो उर्दू भी पढ़ने आ जाएगा। उर्दू भी बहुत आसान है। वही चीजें, हर चीज में आपको मतलब प्रैक्टिस होना चाहिए। मतलब दो चार बार पढ़े तो याद हो जाता है।
लेकिन एक बात है मैम कि मैंने अभी तक जो अर्ली बेज उसका जो पहचानना जो हुर्फ है, मैं अभी तक पहचान लेता हूं। हां, बस बस बस वही चीज है ना कि आपने पहचान लिया, ये काफी है ताकि किसी को ये ना सको कि आप नॉन मोमिन हैं। क्योंकि लोगों को लगता है ना कि बंदा बात कर रहा है तो ये नॉन मोमिन है और नॉन मोमिन है। उधर से आपको पता है, जो ईमान के साइड क्या कहते हैं, ये लोग टोपी पहना देते हैं, दो-दो ₹300 दे देते हैं। अगर ऐसा बात है भाई, अगर टोपी पहना लेते तो भाई इनका प्राइवेट पार्ट देख लो आकर, आगे वाला देख लो आकर, पता चले कि नॉन मोमिन है कि नहीं है। इतना उसके पास हिम्मत नहीं है। अपना आगे वाला चुन्नी कटवा दे। सॉरी, मैं आपके सामने ये बोल रहा हूं। किसी के पास इतना हिम्मत नहीं कि अपना प्राइवेट पार्ट काटेगा। बिल्कुल। सही बात।
मैंने पहले शुरू, शुरू शुरू में मैं जाकिर नायक का वीडियो मैं बहुत देखता था। मैं उसी से मैं सीखा हूं। अंग्रेजी बोलता था। ब्रदर, अरे ऐसे बोलता था क्या? कुछ ऐसे कुछ बोलता था हम। गुड क्वेश्चन बोलता था वो। एक साथ हदीस लेता था, वो सारा झूठ था पता है आपको? वो एक दो हदीस सही नंबर बताता था, बाकी सब झूठ बोलता था। क्योंकि उसको पता था कि ये जाहिलों की महफिल है, कोई चेक करने तो जाए। तो उसका मैं वीडियो देखता था तो आराम से बात, इस्लाम बहुत बेइंसानियत है, ये वो। अंग्रेजी में भी बात करता है, हिंदी में भी बात करता है, सबसे बात करता है। मेरे को लगा इतना लोग से देख, शायद वो अच्छा बोल रहा है, वो जानकार होगा। एमबीबीएस किया, मतलब अंधा होकर विश्वास करता था। जब लेकिन होता ना, जो फ्रॉड था, वो बहुत ज्यादा ही फ्रॉड था। मैंने उसको देखा, फिर उसके बाद मेरे को इतना लगा कि इस्लाम ही बहुत बेस्ट है, उसके अलावा कोई नहीं है। इस्लाम हक पर है। क्या नहीं? जो आप मुस्लिम सोचते हैं, मैंने भी ये सोचा। लेकिन आज मैंने जो देखा, वो पाया सबसे अलग है। आज मेरे को अंदर अंदर बहुत वो चीज खाती है कि मैं किस धर्म में आज तक था।
ये देखिए साहिल, बीच में ये पता है, अभी 8 दिन पहले ये मुझे गालियां आके दिया करता था। ठीक है। अल्ताफ रजा, हां अल्ताफ रजा, यह मुझे 8-10 दिन पहले गालियां दे रहा था और आज इसकी यह स्थिति हो गई। ये खुद अपनी बातें बता रहा है। ये कह रहा है मुझे पहले का, इसमें इसकी गलती नहीं है। इस्लाम अकल ताला लगा देता है। इस समय अकमंग हो जा रहा है दिमाग से। अभी ये कह रहे हैं मुझे पहले काफिर लोग बोलते थे, तुम नीचे का टोपी काट कर सिर पे डाल।
हेलो मैम, तो मेरा, जी जी, तो आप अपने परिवार के साथ ही रहती हैं? आप, आपके परिवार वाले जानते हैं, आपकी एक्स मुस्लिम है? हां, मेरे परिवार में जो भी लोग थे ना, उन्होंने जब ये जाना कि क्योंकि बचपन से मैंने ना, जब रमजान आता था ना, तो हम पांच कुरान पढ़ते थे। ठीक है? पांच कुरान मुकम्मल करते थे और क्या बोलते हैं? नमाज हर तरीके का नमाज पढ़ते थे। जैसे तहज्जुद की नमाज हुआ है ना, तहज्जुद की नमाज आपको पता है, है ना की नमाज हो गया, नफली नमाज हो गया और जैसे कोई भी फेस्टिवल होता है, उसका मुहर्रम का नमाज होता है, रोजा होता है, हर चीज का नमाज रोजा होता है ना, हम हर चीज करते थे। सलातुल तस्बी जो होता है, कितना हार्ड है ना, सलातुल तस्बी, वो हर जुमे को। ठीक है? और हम तो छोटे में हमने कुरान को मुकम्मल किया था, जब हमें कुरान उठाना भी नहीं आता था, हमसे मतलब मतलब अलगता भी नहीं था। मेरी जो नाम नहीं लेंगे, जो हम सिर्फ इतना बोलेंगे, जो मेरी टीचर थी। ठीक है? हम हां, फला टीचर खोल कर पे रखकर मतलब कि उससे निकाल करके और वहां पे रखती थी। ठीक है? कुरान से और हम थे। फिर वो उसको और रख के रेहल वल बना के खुद रखती थी। इतना छोटे से हमें और जब हमने कुरान मुकम्मल किया था ना, तो मेरे जो एरिया के लोग थे, सब ने कहा कि इसको इस पे डालो। क्या बोलते हैं? मीडिया वाले को बताओ कि ये मतलब इतना कम एज में इसने कुरान मुकम्मल कर लिया। ठीक है? तो सोचिए कि कितना कुरान पढ़ा होगा? कितना रोजा? कितना नमाज? कितना बहुत यकीन था यार, मतलब मतलब इतना कैसे नहीं बता सकते? जब इतना चीज कर रहा है कोई, जब भी कुछ होता था ना, तो बस अल्लाह के पास एक एएम काजमी करके मौलाना है YouTube पे, है ना, बहुत करके।
हेलो, हां, मेरी आवाज आ रही है? आ रही है, आ रही है दीदी। ये इस्लाम ग्रेड भाई आए हैं, ले लूं एक मिनट उनसे बात कर लेते हैं, फिर वो अगर कोई नुनू जिहाद करने वाला आएगा तो फिर मेरा स्ट्रीम खराब कर देगा। रुक जाओ आप।
हेलो, पहले हम, हेलो, हेलो मैम, जी, मेरी, तो मेरा कहना है कि मैं शुरू से ही मैं नास्तिक वाला सोच रखता था हल्काफुल्का। हम साइंस वगैरह पढ़ता ही था। हमको सबसे इस्लामिक हमको झूठ कब लगा जब चांद का दो टुकड़ा अंगूरी से इशारा, कितने किसके पास इतना दम है कि अंगुली इशारा करके चांद तोड़ दे? कॉमन सेंस है, चांद कोई क्या बोलते हैं, जो कोई प्लास्टिक का टुकड़ा है क्या? मैं हाथ से ऐसे दबाऊं टूट जाएगा? इशारा करते ही कोई चीज है? चांद इतना बड़ा है, कैसे तुम हाथ से इशारा करके तोड़ सकते हो? यह कहां की साइंस है? यह कहीं की साइंस नहीं। कुरान में एक जगह लिखा है कि सूरज जो होता है ना, कीचड़ में डूबता है। हम, ये तो ये सब एक तरह की है। बोलिए है साहिल भाई, गर्मी सर्दी का लॉजिक क्या है पता है? जब कहते हैं कि जब अल्लाह अल्लाह सांस लेता है ना, मतलब अंदर करता है, तो ठंड पहुंचता है। जब सांस को छोड़ता है ना, तो गर्म हवा निकल हो जाता है। बताइए कितना बकरी है। इस्लाम का साइन से कुछ लेना देना नहीं है। सब फर्जी है, सब। बिल्कुल हरि नारायण, उन्होंने मुझे सपोर्ट किया है ठीक है, यूपीआई पे 1 का थैंक यू सो मच, जी रिसीव हो गया है, थैंक यू नारायण भाई, थैंक यू सो मच।
हेलो, हेलो, जी, हेलो, तो मैं जब ये सब सुना, जब चांद का दो टुकड़ा करना नवीन मोहम्मद ने इशारा करके चांद के दो टुकड़े करके अलग कर दिए, फिर जोड़ दिए, तो मैंने उसका उसके बाद फर्जी समझ ली कि इस्लाम एक कहानी है और कुछ नहीं है। बिल्कुल, बिल्कुल, बिल्कुल, सही बात है। कहानी, बस बातें करके बहुत अच्छा लगा। अब आपका ये, हम आपको बताना चाहते हैं कि अगर आपने अपने घर में नहीं बताया किसी को कि आप एक्स मुस्लिम हुए हैं, तो अभी आपका पढ़ाई मुकम्मल तो नहीं हुआ ना? ग्रेजुएशन मेरा कंप्लीट हो चुका है। हां। हां, तो अगर आपको, अगर आप बता सकते हैं, आपके फैमिली इतने अच्छे हैं कि आप आपको इतना जानने के बाद एक्सेप्ट कर लेंगे? कट्टर है सब, मेरा बाप कट्टर है, मेरी मां मां कट्टर है। हां, तुम मत बताना। मैं सोच रहा हूं कि आज आने वाले 20 साल के बाद, जब मैं थोड़ा 20 साल के पांच छ साल बाद, मैं कमाने वगैरह लगूंगा, जब किसी जॉब में आ जाऊंगा, तो इस्लाम बढ़िया स्लीप कर दूंगा, छोड़ दूंगा और अपना अच्छे से खुशी से जिंदगी गुजारूंगा। बिल्कुल, गुड जॉब, गुड जॉब, मेरे भाई, आप आप भी मेरे से छोटे ही हो। ठीक है? तो हम आपको अपने छोटे भाई जैसे प्यार करेंगे। आप मेरे छोटे भाई ही हो। तो हम आपको यही कहेंगे कि आप बस अपने पढ़ाई पे फोकस करो। है ना? आप मन लगाकर पढ़ो और जिस फील्ड में आप जाना चाहते हैं, उसके लिए आप मेहनत कीजिए और जैसे कि देखिए, लोग फॉरेन में जाकर के रहते हैं। फॉरेन में पता है, कुछ नहीं चलता है। मतलब लोग जहां यहां जितना लोग। हां, एक बात आपसे पूछना था। हां, कि आप अपने फैमिली के साथ रहते, आपको कुछ अनपढ़ नहीं लगता है जब आपको फैमिली वाले जानते हैं कि आप एक्स मुस्लिम हो गई हो? नहीं रखते भाई, वो मुझे नहीं रखते हैं। मुझे तोड़ दिए हैं। वो कह दिए कि वो जीते जी मेरे लिए मर चुकी है। सब लोग पर हमको घर से निकाल दिए। अकेले रहते हैं। आपकी शादी वगैरह सब हो चुकी है? हां, सबने छोड़ दिया है। बच्चे आप ही पालती है? बेचारी, हां, हम अकेले बच्चे को पालते हैं, अकेले खुद के रेंट पे रहते हैं। अकेले हम जॉब करते हैं। दिन में जॉब करते हैं। रात में यहां काम करते हैं। सब कुछ अकेले मैनेज कर रहे हैं। ना, कैसे आप पानी चलाती हैं? पैसों से कुछ कैसे चलाती हैं आप? भाई, जी जी, दिन में हम और रात स्ट्रीम कर लेते हैं। सब कभी-कभी अभी दिन में हम जॉब करते हैं। अपने बच्चों का परवरिश कर रहे हैं। लेकिन आपका इस्लाम कितने साल हो गया है? हो गया चार-पांच साल तो हो गया, मेरे चैनल बनाए हुए। मेरा तो अभी पांच महीने हुए इस्लाम छोड़े हुए। बहुत अच्छा, शुक्र है मेरे को। अच्छा, अच्छा। साहिल भाई, आप कोई फ्यूचर में कोई एक्टिविज्म वगैरह करना चाहते हैं या कोई इसका मूवमेंट का एक्टिविज्म का अगर आप सेफ समझते हैं अपने आप को, आप इसका पार्ट बनना चाहते हैं, हिस्सा बनना चाहते हैं? हां, इन फ्यूचर में बनूंगा। प्लस थोड़ा सा जॉब मैं कर लूं। जॉब में जाना चाहता हूं। अभी मेरे कंप्लीट टाइम नहीं है पास। ठीक है, प्यारे भाई। ठीक है। आप फोकस करिएगा अपनी जॉब। दिक्कत हो, क्योंकि कमाना भी रहता है। बहुत डर भी रहता है। समझ सकते हो आप। आप वैसे भी एक्स मुस्लिम मोमेंट में आएंगे हम। प्रॉपर और ज्यादा जानकारी लेकर आएंगे ताकि कोई मुझसे कोई सवाल जवाब करो तो प्रॉपर जवाब दे दूं। मुंह तोड़ जवाब दूं उनको दोबारा बोलने का मौका ही ना मिले। गुड, वेरी गुड। यस, अभी तो कुछ हद तक मैंने कुछ बातें जाना है इस्लाम के बारे में, उतना मेरे लिए बहुत ज्यादा काफी था। कुछ बातें इस्लाम के लिए बहुत खराब चीज है। ये सब इंसान के खिलाफ है। इतना बहुत खराब है। ये जो 25% इस्लाम की बातें मैं जा रहा हूं ना, पूरी इंसान, पूरे कौम के लिए खराब चीज है। ये बर्बाद कर देने वाली है। अभी मौका सारे नॉन मुस्लिम मिलकर मुसलमानों को भगा ही देना चाहिए। मैं चाहता हूं। दाग दो 55 कंट्रीियों में पूरा फायर करा दो। मर उड़ जाए। साले अपने आप ही जिहादी लोग मर जाएंगे, खत्म हो जाएंगे। कुरान भी खत्म हो जाएगा। सब लोग चैन शांति से रहेंगे। [हंसी] कंट्रोल, कंट्रोल, कहने का मतलब आतंकवादी का आतंकवादी बनना पड़ता है। क्या करें? उनकी मां बहनों को स्लैब बनाओ। उनको बाजार में बेच दो। उनकी औरतों को बोर्का लगा लगा कर और जितने नॉन मुस्लिम भाई हैं, हथियार ले खड़े हो जाए अपना। कंट्रोल, नफरत हो गया। इस्लाम के बारे में बात करते हैं। है ना? इस्लाम ने जो सिखाया है, हम यह नहीं कभी कहते मोमिन गलत होते हैं, क्योंकि मोमिन वही चीजें सीखते हैं जो उनको सिखाया जा रहा है, जो इनके इस्लाम में। इसलिए मोमिन गलत नहीं हो सकते है ना? हम भी मोमिन थे, हमारी फैमिली भी ये है कि जो ये सीखते हैं, वो आंख बंद करके ये गलत। लेकिन लेकिन हमने हमने एक बहुत कॉमन देखा, अरब का मुसलमान कट नहीं, पाकिस्तान और बांग्लादेश को हो जाता है और सबसे अरब को उतना कट्टर नहीं, अपना डेवलप कर रहे हैं। अपना बांग्लादेश के अफगानिस्तान के यहीं के हैं सब पड़े। उनके उनके जो ड्रेस अप होते हैं, वो आपने देखा? उनकी महिलाओं का जो ड्रेस अप होता है, वो देखा आपने? देखा हूं, देखे, देखे, हम एकदम बिंदास पहनती। कनवर्टेड मुसलमान बहुत खतरनाक होते हैं। कनवर्टेड मुसलमान बहुत खतरनाक होते हैं। ये कहते हैं ना, जो ये कहते हैं ना।
हेलो मैम, आपको एक बात बताना चाहता हूं। हेलो, हेलो, मेरे गांव में ही एक मुस्लिम है। उसका जमीन का पुश्तैनी चीज देखा गया था। वो जात से दर्जी है। मुस्लिम में अंसारी है। अंसारी दर्जी होता है ना? उसका कोई और जात होगा। तो उसका जो उसका दादा के यानी कि बाबा के जो बाप थे, वो हिंदू थे। निकल गए। अच्छा, वो कोई ब्राह्मण ही थे। गांव की मेरी बात है। हम जाहिर सी बात है भाई, अरब सऊदी अरब का मजहब है। वहां पर इंतहा के इतिहास बहुत गहरा है। हमलामला किए हैं सब, अपना धर्म फैलाए हैं। मुसलमानों को यही काम है, अपना धर्म फैलाना। जिहाद करो। ताकि मोहम्मद को संख्या देकर उनको गर्व फील हो कि मेरा धर्म सबसे बड़ा है। तो मैं एक रील देखा था। उसने इतना बढ़ा चढ़ा देखा है कि इसमें इसका मतलब यह नहीं है ना, तो एक मोटा सा इंसान है। इस्लाम की बहुत अच्छी-अच्छी बातें बताता है। कहता है कि तुम लोग गलत मतलब निकालते हो कि इस्लाम गलत बच्चा पैदा करने नहीं कहता है ढेर सारा बच्चा। इसका मतलब ये है कि इतना अच्छा काम करो कि लोग तुम में शामिल हो जाएं। इतना बात छिपा रहा है वो। बिल्कुल। इस्लाम में कंडोम का यूज़ करना हराम है। ओपनली बोल रहा हूं। कंडोम का यूज़ करना हराम है। बिना कंडोम के सेक्स करो, बच्चे पैदा करो, लाइन लगाओ। इस तरह की चीजें हैं। औरत जिस औरत जो इस्लाम में औरत किसी भी हाल में हो, प्रेगनेंसी के हालत में, पीरियड पीरियड के हालत में, उसके साथ सेक्स सेक्स करना है। अगर नहीं मना करती है तो उस पर फरिश्तों का क्या बोलते हैं? लानत आएगा रात भर। रात भर। रात भर अल्लाह उस पे लानत भेजेंगे। जब तक वो फिर से जाकर नहीं कर लेती तब तक अल्लाह उस पर कंटिन्यूसली ला रहे। और जो मेरी मेरी बुआ जो है, इतनी जिहादी सोच की, वो हर एक साल मेरा फूफा हर एक साल लोग मक्का मदीना में उमरा हज करने जाते हैं और मेरी बहन को धोखे से सब शादी कराएं। इतना मतलब मेरे जो दादा थे, मेरी बुआ को उतना पट नहीं था, धोखे शादी किए। इसका जब शादी हो जाएगा तो लोग वीडियो कॉल पर बोले कि हम उनके चाहत रहे तो शादी हो जाए ताकि उनका बदला लें। तो इस तरह का शिकार हमारे घर में मेरी बहन भी हुई है। जिहादी सोच के तो आज वो परेशान रहती है। उसके दो बच्चे हैं। उसके पति है क्या बोलते हैं? हाफिज है। इतना कट्टर है। धमकी देता है कि अगर तुमने सही से नहीं रहा तो मैं दूसरी शादी कर लूंगा। तो हमने बोला कि अगर तुमने दूसरी शादी दम दम है तो शादी करके दिखाओ। भाऊ साहिल नहीं। दूसरे दिन तो चढ़ के तो नाली चाकू मार ना दे। नाम सो ऐसे बोला मुल्ला मौलाना अपने आगे रखता हूं। समझ लो जो मैं आप शब्द बोला मैं YouTube पे नहीं बोल सकता हूं तो मुल्ला मौलाना के हम ला रख ऐसे बोल दिया मैंने। यूपी वाला हूं ना तो इस तरह की सोच इसने यही सब चीजें हमको इस्लाम से दूर कराया कि मुसलमान मुसलमान काहे नहीं है भाई? इतना कट्टर है? कोई बात नहीं आपस सिया सुन्नी में लड़ो। आपस में डिसाइड तो कर लो। तुम कहोगे फिर कहेंगे सब मुसलमान बन जाओ जन्नत में आओगे। फिर मुसलमान बनने पर कहेंगे तुम सीए सुन्नी बन जाओ तब तुम जन्नत में जाओगे। पहले तो तुम खुद को डिसाइड कर लो भाई कौन जन्नत जाएगा? फिर बाद में दूसरे को जन्नत में भेजना ठीक है। सही बात। चलो बिल्कुल बिल्कुल आपकी बात। क्योंकि इनके यहां इतने सारे फिरके हैं, इतने सारे फिरके हैं कि ये खुद ही कंफ्यूज है। ये खुद ही कंफ्यूज है ना। हम खुद ही कंफ्यूज है। कहते हैं कि सुनी मौलाना की वहाबियों से दोस्ती मत करो। ईमान से निकल जाओगे। इस तरह की फर्जी इतनी बातें निकल रही है। सोच के तुमको हंसी आएगी। बस जब तुम लोगों में खुद में नहीं आपस में नहीं बंधी जाहिर सी बात है काफिर उसकी बनेगी। भाई ये हमारे कमेंट ये हमारे कमेंट में जो है एक मोमिन साहब हैं। मोमिन साहब अगर आप फ्री है तो जॉइ कीजिए। ज्वाइन करके हमसे बात कीजिए। है ना? कमेंट करने से क्या फायदा? बातें करनी है तो आके सामने से कीजिए ना। क्या मतलब है कि मतलब ऐसे कमेंट में रिजवान अहमद, तू पैसे के लिए ही इस्लाम पर भौक रही है और यह साहिल भी जाहि है। आवाज से आवाज हक लाइव और इस्लामिक चैनल और अदम के वाज़िर अदम जाहिल पन दूर हो जाएगा भाई। तू अपने पिछवाड़ा में डाल ले सारे चैनलों को ठीक है। मेरे को बोलना है साहिल जाहिल है। हेलो, हां, मेरे को बोला गया साहिल जाहिल है। हां, तो भाई अगर मैं जाहिल हूं तो एक बार अपनी बहन को भेज दे। जालियत का मैं पूरा चीज दिखा दूंगा। मैं हलाला तुरंत करूंगा उसका। रिजवान, ये देखो ठीक है। हम हां, रिजवान, ये कह रहे हैं कि अगर प्रूफ चाहिए कि ये क्या है तो ये आप भेज सकते हैं। नहीं तो फिर ठीक है, आपकी मर्जी। लेकिन आपको ये बताना। हेलो, हेलो, हेलो, हेलो, मैं पार्ट टाइम मुफ्ती भी बन जाऊंगा। तुम्हारी बहन का हलाला भी कर दूंगा। हां, ठीक है, ठीक है। कंट्रोल, ठीक है ना? वो रिजवान अहमद, जाहिल जाहिल मत बोल। अगर आप सुन रहे हो, अगर गरान लग रहा है, बात बुरा लग रहा है ना, तो आप एक बार स्ट्रीम ज्वाइन करके हमसे बात कीजिए। ठीक है? और ये सारे चैनलों का जिसका भी नाम लिया, उसका अपने पिछवाड़े में डाल लो तो बेहतर है, क्योंकि यह वो लोग हैं जो तुम लोगों को गुमराह कर रहे हैं। ठीक है? यह वो लोग हैं जो तुमसे सच्चाई छुपा रहे हैं। यह वो लोग हैं जो कभी भी कुरान और हदीसों को तर्जुमे के साथ नहीं पढ़ते। यह वो लोग हैं जो कभी भी दिमाग लगा के सही चीज को नहीं बताते, जो बिना लॉजिकल बात को बताते हैं। ठीक है? तो ऐसे चैनल्स को तुम फॉलो तुम जाहिल हो। इसीलिए।
हेलो मैम, जी, अगर इनके पास कुरान हदीस की गलत अगर देखा चीजें गलत गलत है तो भी लोग इतने बेशर्म लोग गलत चीजों को भी सही करने की कोशिश करते हैं, जस्टिफाई करते हैं कि सही है। 9 साल की शादी, ऐसा 9 साल मुकम्मल किया, 6 साल की ऐसा शादी कर लिया, यार इतनी बेवकूफी है इसकी। ये देखो ये अलताफ क्या कह रहा है, ब्लेड भाई, ये देखो अलताफ क्या कह रहा है, प्रेम भाई, ये देखो क्या कह रहा है अलताफ साहब, इसके आज कमेंट मुझे बड़ा प्यारा लग रहा है। ये कह रहा है इसको दी ऑफिसल के पास भेज दो। लाइव स्ट्रीम में ही हलाला कर उसका। बिल्कुल, ओके। बिल्कुल नहीं। भाई, ऐसीऐसी आयतें पढ़ती है ना कि कान तो छोड़ो, जिधर खून। हेलो, जी भाई, ऑफिशियल कौन है? एक हमारी एक्स मुस्लिम है। ठीक है, दीदी करके, वो ऐसी ऐसी आयतें पढ़ती है, इतनी गंदीगंदी कि इनके कान से क्या, इसके जहां तहां से खून निकलना स्टार्ट हो जाएगा। ठीक है? तो जाके हलाला कर। क्या बात है अलताफ। मैम, कोई पूर्णिस कम नहीं है ना? पूर्ण से कम है क्या इस्लाम? क्या बात है, क्या बात है। तो साहिल भाई आपसे, हां, बहुत अच्छा लगा। मुस्लिम है, ठीक है, ठीक है। ओके, बात करके अच्छा लगा। आप एक्स मुस्लिम आएंगे, जॉइ करेंगे, आगे बढ़ेंगे। हम भी कभी चैनल इन फ्यूचर बनाएंगे, पहले आप खड़ा हो, आप एक अच्छा सा जॉब ले लो, फिर आपका जो मर्जी, वो भी करेंगे, जॉब भी करेंगे, वो आगे देखेंगे। अच्छा लगा आपसे बात करके। डाउट क्लियर हो गया मेरा। मन भी दूसरा रहिएगा भाई। आते रहिएगा भाई। जब आप फ्री कीजिएगा। ठीक है? लेकिन कहीं भी किसी भी चैनल पे अपना कुछ भी रियल मत बताना। ये चीज हमेशा ध्यान रखना। चाहे वो आपका कितना भी दोस्ती उनसे हो जाए, कभी भी रियल चीजें मत बताना। शेयर करना। ठीक है? साहिल भाई। साहिल भाई, आप एक वो बात गलत कह रहे, कंडोम का जो वो प्रोगिटेड नहीं है, बंद इसमें इस्लाम में मनाही नहीं है। [संगीत] बस वो वहां नहीं लगाना, सिर पे लगाना है, सिर पे लगाते हैं ना, सिर पे लगाना। [हंसी] ताकि दिमाग, दिमाग, दिमाग ना काम करे। लगाना तो कहीं और लगा लिया, दिमाग पे। ठीक है, प्यारे भाई। हां भाई, थैंक यू सो मच, साहिल भाई, थैंक यू सो मच। भी फ्री हो तो आप ज्वाइन कीजिएगा। तो अब चलते हैं हम नेक्स्ट कॉलर की तरफ और अपने टॉपिक की तरफ। ओके मैम। थैंक यू। यही हम बताना चाहते हैं और आप जैसे लोग जाग रहे हैं, तो आपके आने वाला फ्यूचर, आपके बीवी, आपके सारे इंसान ही होंगे। ये हम उम्मीद कर सकते हैं हर एक मुस्लिम से कि उनके टच में जितने भी लोग आएंगे, वो उनको एक्स मुस्लिम ही बनाएंगे। वो उनको इंसान ही बनाएंगे। उनको एक सच्चा इंसान। एक सच्चा मुस्लिम। ठीक है? एक सच्चा मुस्लिम। थैंक यू सो मच, साहिल भाई। हां जी। तो अभी हम ये कहना चाह रहे थे कि जो लोग मुझे सपोर्ट किए हैं, तीन-चार लोगों ने सपोर्ट किया है। हम अगर अगर कोई एक बार नाम कह दे, क्योंकि नाम बहुत सारे लोग इसमें ओरिजिनल आता है, तो हम इसलिए नाम नहीं।
ले सकते। अगर जो कह दे कि नाम ले सकते हैं, तो हम उनका नाम लेकर के भी बता देंगे। है ना प्रेम भाई? अगर क्योंकि नाम ओरिजिनल आता है, बहुत सारे लोगों को अच्छा लगता है कि हम उनका ओरिजिनल नाम लें। जी, सपोर्ट करते टाइम वहां पे नोट भेजने का जो एक नोट भेजने का एक सेक्शन होता है, मैसेज वाला, वहां पे आप बोल सकते हो कि नाम नहीं लेना है। अगर YouTube वाला कोई नाम है जो आप चाहते हो कि लिया जाए, तो वो भी वहां पर डाल सकते हो। मेरे ख्याल से, मेरे ख्याल से एंजल अमाउंट बता दो, अमाउंट तो बता ही दो, जिसके रख दिया वहां चला जाएगा, बात पहुंच जाएगी।
हां भाई ने हमें 500 का सपोर्ट किया है। ठीक है। थैंक यू सो मच भाई। थैंक यू सो मच। ₹11 का सपोर्ट किया है। थैंक यू सो मच। अरे क्या बात है प्यारे भाइयों। क्या बात है यार। थैंक यू। थैंक यू मच। एक भाई और किए थे। ठीक है।
तो अब हम अगर यहां से निकलेंगे तो शायद हम लीव कर जाएंगे, क्योंकि नहीं नहीं नहीं नहीं। वो हम नीचे दिए। इससे आगे हम नहीं सकते। बाकी सब भाइयों को पर्सनल उसी पर कमेंट करके थैंक यू आपको देंगे और नाम अगर कहेंगे तो बताने तो हम बता देंगे, लेकिन हम नहीं चाहते कि है ना से क्या होता है, ओरिजिनल आईडी जो अगर किसी का रहता है, वो बैंकिंग नेम आ जाता है, तो हम नहीं चाहते आपकी ओरिजिनल आईडी किसी के सामने आए। है ना? बिल्कुल बिल्कुल सही है। सही है बहन। नमस्ते भैया। एंजल दीदी। हाय पाजी। सत श्री अकाल। अगेन हैप्पी बर्थडे। थैंक यू। थैंक यू। सिमरन हो गए पराठे? हां जी, आलू दे पराठे। ब्राड वाले देसी। क्यों बहुत अच्छे। मुझे ऐसा लग पाजी, जिन्नी अ मार्केटिंग करती है ब्राड वाले दी, थोड़ा बहुत कमीशन तो डिर्व कर। बिल्कुल कर। जय श्री कृष्णा। जय श्री कृष्णा। ओो पाजी जी, मैं समझ गई हूं आप कहां जा रहे हैं। आप थोड़ा कंट्रोल करें। मुझे ऐसा लग रहा है, मुझे ऐसा लग रहा है अपनी हर स्ट्रीम में हम ब्राड वालों का जिक्र कर ही देते हैं। कभी उनके खाने का प्रोडक्ट, प्रोडक्ट अच्छे हैं। मैंने देखो, मैंने मैंने बताया, मैं कनाडा गया था, तो वहां उनका मैंने जिंदगी में इतना स्वाद खाना नहीं खाया। ऐसा रेस्टोरेंट मैंने नहीं देखा, जैसे ब्राड वालों का है। वही वाला सागर आप बता रहे थे, एडवांस वाला। हां हां हां, मैं चार-पांच दिन के लिए कनाडा गया था, तो मैं दोपहर का खाना वहीं खाता था अक्सर। इतनी चीजें हैं वहां, इतनी चीजें खाने की है, छोड़ ही दो। सब वेजिटेरियन, कोई नॉनवेज नहीं है। अच्छा भी है और बजट फ्रेंडली भी है। $35 पर नॉन नॉनवेज नहीं है और वो क्या बोलते हैं कि वो क्या सब मुंह में फिर पानी आ गया। अब इस टाइम कहां से मिलेगी रस मलाई उनकी और एक स्पंज वाला रसगुल्ला, वो मोहम्मद वाला रसगुल्ला नहीं, वो स्पंज वाला। तो उस पर तो चले थूकने थूकने का भी मन नहीं होता। सब कुछ होता है वहां पर, आप खा ही नहीं सकते हो। इतनी चीजें होती है। तो तो जहां हम अपने टॉपिक, सिमरन बहन जी, जी जी जी, एंजल जी, बिल्कुल। तो मैं तो मैं ये सोच रही थी, एंजल दीदी, कि अगर हम फीमेल के पीरियड्स की बात करते हैं, जी, आप कुछ कह रहे हो? कह रहे हम पॉइंट लाते हैं, हर पॉइंट पे आप अपना एक पॉइंट रखें। ठीक है? जी, बिल्कुल। ठीक ला दो भाई, आप पॉइंट ला दो, फिर ये अपना राय रखेंगे उस पे और तब तक हम खाना ववाना खा लें। बिल्कुल, आप खा लो। सो मत जाना चावल खा के। अरे, आपको कैसे पता भाई कि हमने चावल बनाया आज? मुझे पता है भाई, मुझे पता है। ये कैसे पता? पहले ये बताओ। मतलब ये कैसे आपको पता चला कि हमने चावल बनाया आज? और मेरी सबसे एक रिक्वेस्ट है, प्लीज प्रेम भाई का नया चैनल सब्सक्राइब कर लो। यह मैंने अभी-अभी लिंक दिया था। मैं हाईलाइट कर देती हूं। कहां गया? अभिषेक भैया? करना हाईलाइट। हां, वो प्रेम भाई का न्यू चैनल है। अभी 200 प्लस लोग देख रहे हैं। प्लीज आप इनके चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए। जिहादियों ने रिपोर्ट मार मार के ना इनके चैनल को दिया है। अब प्राइवेट करना पड़ा या पता नहीं क्या उड़ गया, क्या हो गया। ये इस चैनल को आप लोग सब्सक्राइब कर लीजिए और सभी जितने यह पंजाबी लोग हैं और भी पता नहीं इनके साइड के बहुत सारे अच्छे-अच्छे लोग हैं, जो इनके साथ बैठते हैं और सारे नॉलेजेबल बंदा है। है ना? तो सभी लोग चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए। हम लोग हमेशा इनके चैनल पर मिलेंगे और अच्छी बातें होती है, बिना गाली गलौज, बिना बेअदबी, बिना बदतमीजी और बिना क्या बोलते हैं उसको? गुस्ताखी का। ठीक है? आप उनके चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए और चैनल पे जब भी आइए तो एकदम बिंदास हो के आप बात कर सकते हैं, चाहे वो नॉन मोमिन हो या मोमिन हो। जी, ठीक है। एंजल दीदी, आप ब्रेक ले लो। आप डिनर कर लो अपना खाना ववाना खा लो। हां, ठीक है। फिर वापस आना। हां, यही लाकर खा लेते हैं। बस आप बात करो तब तक निकाल के। ठीक है, दीदी। ओके।
और मैं यह कह रही थी कि प्लीज यह चैनल सब्सक्राइब करो, क्योंकि हमें हमें कोई पैसा नहीं चाहिए। हमें किसी चीज का कोई लालच नहीं है। हम हर तरह की बुराई पर बात करते हैं। सिर्फ इस्लाम पे बात नहीं करते। जो क्रिश्चियनिटी के राइस बैग्स हैं, हम उस पे भी बात करते हैं। और कुछ जिहादियों की वजह से हमारा यह वाला पुराना चैनल था। उस पे अराउंड 3000 सब्सक्राइबर्स थे। समवेयर अराउंड 28,000, वह हमारा बंद हो गया। अभी हमने नया चैनल खोला है। प्लीज प्लीज इसको सब्सक्राइब करें। प्रेम भाई, आप भी एक बार कह दो। मेरी आवाज आ रही है? अभिषेक। जी, आपकी आवाज आवाज क्लियर है। ऊपर है। जी, पुराना चैनल रिपोर्टिंग की वजह से हमें डाउन करना पड़ा। और सिक्योरिटी इशू हो गए थे वहां पर। सही है। तो प्लीज इस नए चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए। ऑलमोस्ट 3000 हो ही गए थे सब्सक्राइबर्स वहां पे भी। जी। तो ठीक है, फिर टॉपिक पर बात करते हैं। तो हमारा पहला पॉइंट है, अगर अल्लाह रहम दिल है, तो महावारी के दिनों में औरत की नमाज और रोजा क्यों गिनती में नहीं आते? अब ये तो देखिए, अल्लाह बेहतर जानता है। मुझे यह समझ नहीं आता। मुझे यह समझ नहीं आ रहा कि फीमेल मेंसुरेशन इज अ नेचुरल बायोलॉजिकल प्रोसेस। राइट? तो अल्लाह ने औरतों को बनाया। अल्लाह ने मर्दों को बनाया। तो जब औरतों को बनाया, तो औरतों के जो पीरियड्स हैं, वो भी अल्लाह ने बनाए। तो सारी चीजें जब अल्लाह ने बनाई बनाई हुई है, तो पीरियड्स के दिनों में अगर औरत नमाज अदा नहीं कर सकती या उसका रोजा गिनती में नहीं आता, तो इसमें औरत का तो कोई फॉल्ट नहीं है ना? क्योंकि आप लोग बोलते हो कि अल्लाह की मर्जी के बिना पत्ता भी नहीं हिल सकता और उसके बाद फीमेल मेंसुरेशन इज अ नेचुरल बायोलॉजिकल प्रोसेस। फीमेल को औरत ने बनाया, पीरियड्स को औरत ने बनाया, तो उसमें औरतों का कसूर कहां से आ गया? तो अगर आप इनसे ऐसा कुछ लॉजिकल सवाल करेंगे, तो इनका आंसर तो सिर्फ वही होगा, जो मैंने फर्स्ट लाइन में बोला कि अल्लाह बेहतर जानता है। तो इसका जवाब तो देखिए, कोई भी नहीं दे सकता। मौलवी, मौलाना दे देंगे, पर वो गोल-गोल जलेबियां ही बनाएंगे। उसमें कोई लॉजिक नहीं होगा। कोई रैशन, कोई लिबरल सवाल उनसे आप करोगे, तो वो सिर्फ आपको जलेबी में लपेट देंगे और दही में डूबा के खिला देंगे। उसके बाद सेकंड क्या है? क्या प्राकृतिक प्रक्रिया की वजह से औरत की इबादत बेकार मानना इंसाफ है? बिल्कुल साफ नहीं है। क्योंकि अगर मैं औरत के पीरियड्स की बात करूं और फिर उसके बाद मैं इस धरती पर मैनकाइंड की एक्सिस्टेंस की बात करूं। अभिषेक, मेरी आवाज सही आ रही है? लाउड एंड क्लियर है। ओके। ठीक है? तो अगर मैं इस इस धरती पर मैनकाइंड की बात करूं, तो अगर औरत को पीरियड्स नहीं आते, तो मैनकाइंड की एकिस्टेंस भी नहीं होती। तो मुझे यह समझ नहीं आ रहा कि अल्लाह इतना अनपढ़ जाहिल क्यों था? व्हाई वाज़ अल्लाह सो इलिटरेट? कि उसको यह नहीं मालूम था कि जिस पीरियड्स की वजह से तुम औरत को इंप्योर बोल रहे हो, उसी पीरियड्स की वजह से इंसान के शरीर की बनावट बनती है। मैनकाइंड एकिस्टेंस में आती है। तो यह चीजें कहना कि उसकी इबादत नहीं मानी जाएगी या औरत इंप्योर है या वह रोजा नहीं रख सकती। यह अपने आप में बेवकूफी वाली बातें हैं। बट ठीक है, अनफॉर्चूनेटली हमारी सोसाइटी में भी यह सब चीजें चल रही हैं और सदियों सदियों से चल रही हैं। मे बी इट इज बिकॉज़ ऑफ़ द सोसाइटल पेट्रियाकी एंड समवेयर बिकॉज़ ऑफ़ द रिलीजियस पेट्रियर्की एज वेल। और एक बायोलॉजिकल प्रोसेस राइट? व्हिच इज कॉज्ड बाय फ्लक्चुएटिंग हॉर्मोन्स। हमारी औरतों की बॉडी में हॉर्मोन्स होते हैं। उस वो फ्लक्चुएट होते हैं, जिसकी वजह से एग्स की फॉर्मेशन होती है। ठीक है? एग्स की फॉर्मेशन में क्या होता है कि हमारे यूट्रस के अराउंड एक थिक लेयर बन जाती है। वो लेयर एव्री मंथ श्रेड होती है और ब्लड के रूप में वो चीजें बाहर आ जाती है। तो वो एक नेचुरल प्रोसेस है। उस पे औरत का कोई जोर नहीं है। उसने खुद से वो चीजें नहीं बनाई। मर्द ने भी नहीं बनाई। किसी का उस पे कोई जोर नहीं है। भगवान की देन है, अल्लाह की देन है। और अपनी बनाई हुई चीजों से अगर अल्लाह को नफरत है या फिर उन्हीं के बेसिस पे वो औरतों को जज कर रहे हैं। और वो यह बोल रहे हैं कि औरत है। म्यूट लगा लें प्लीज। औरत इंप्योर है। रोजा नहीं रख सकती। उसकी नमाज अदा नहीं होगी। तो वह अपने आप में बेवकूफी है। उसके बाद क्या है? क्या मर्द की इबादत में भी कोई जैविक जैविक क्या होता है? अभिषेक भाई, जैविक मतलब बायोलॉजिकल। ओके। मर्द की इबादत जैविक कारण गई या सिर्फ और तो कोई? वैसे तो दीदी, आपको इसके बारे में ज्यादा पता होगा इस्लाम के बारे में। माय नॉलेज इज वेरी लिमिटेड। पर जहां तक मुझे ऐसा लग रहा है, मुझे नहीं लगता कि मर्द के किसी भी नेचुरल फिनोमिना को लेके, कोई भी बायोलॉजिकल फिजियोलॉजिकल प्रोसेस को लेकर कुछ भी रुकावट उसमें आई होगी। तो सॉरी, मुझे इसके बारे में ज्यादा पता नहीं है। जितना मुझे पता है, उसके अनुसार तो मैं बोलूंगी कि ऐसा कुछ है नहीं है। और अगर ऐसा होगा, तो आप बाद में एक्सप्लेन करना। फोर्थ पॉइंट, अगर औरत की इबादत की। आई एम सॉरी, आई एम सॉरी। मैंने जैविक का बायोलॉजिकल कह रहा था। जैविक एक्चुअली ऑर्गेनिक है। ओके, ठीक है। अगर औरत की इबादत गिनी ही नहीं जाएगी जाएगी, तो क्या यह कहना सही है कि उसका ईमान अधूरा है? बिल्कुल नहीं। यह तो बेवकूफी है, क्योंकि लॉजिक पे तो इस्लाम चलता ही नहीं है ना? अगर आप लॉजिक की बात करेंगे, तो इस्लाम और लॉजिक तो वो आप कह सकते हो कि सिक्के के वो दोनों अलग-अलग पहलू हैं। तो उसमें अगर आप लॉजिक लगाने लग जाओगे और आप सोचने लग जाओगे, तो फिर ऐसे तो इस्लाम की कोई भी चीज को आप सही साबित कभी कर ही नहीं पाओगे। अगर देखो है, तो यह सोचने वाली बात ही ना। अगर आप उसको उसकी इबादत को मान ही नहीं रहे हो। अगर आप यह बोल रहे हो कि एक लड़की अपने पीरियड्स में है और वह रोजा रख रही है या अल्लाह की इबादत कर रही है, तो वह माना ही नहीं जाएगा। तो उसके बाद उसके ईमान को आधा मानना या यह कहना कि तुम्हारी इबादत कबूल नहीं की जाएगी। अल्लाह तक नहीं जाएगी। तो वह तो अपने आप में एक बेवकूफी है। क्या साइंस या लॉजिक भी यही कहता है कि पीरियड्स के दिनों में की गई इबादत बेकार है? आगे करें अभिषेक भैया। या सिर्फ यह इस्लाम की इसके आगे यही है या सिर्फ यह इस्लाम की मतलब मतलब प्रोपगेंडे है या इनकी? नहीं, ये एंजल दीदी, ये सिर्फ इस्लाम का ही है, क्योंकि साइंस ने कभी ऐसा नहीं बोला और हम सबको पता है, दैट दिस इज क्लियरली मेडिकल या बायोलॉजिकल थिंग और इसका मतलब साइंस से कुछ लेना देना नहीं है ये। और इस चीज को मुझे ऐसा लग रहा है कि यह बहुत बड़ी बेवकूफी है। अगर आप इस चीज को रिलीजियस बिलीफ के साथ या सोसाइटल बिलीफ के साथ रिलेट करने की कोशिश करते हो, जोड़ने की कोशिश करते हो, तो वह अपने आप में बहुत बड़ी बेवकूफी है। साइंस ने या मेडिकल फील्ड ने क्लियरली हमें यह चीज बोल दी है कि यह एक नेचुरल बायोलॉजिकल प्रोसेस है और इसी की वजह से मैनकाइंड की एग्जिस्टेंस है। और यूजुअली क्या होता है कि जैसे कि मैंने आपको पहले भी बोला कि रिलीजियस पेट्रियर्की प्लस सोसाइटल पेट्रियर्की ने इसको हमारी सोसाइटी में एक टैबू बना दिया है। जिसकी वजह से हम इस पे खुलकर बात भी नहीं करते। पर यह एक ऐसी चीज है जिसके ऊपर हमें लाउड एंड क्लियर बात करनी चाहिए। लोगों को अवेयर करना चाहिए। पर यहां पर प्रॉब्लम ये आ रही है कि एज फॉर एज हम सोसाइटी के नॉर्म्स की बात करते हैं, सोसाइटल बिलीफ्स की बात करते हैं या फिर सोसाइटल पेट्रिय्की की बात करते हैं, तो उसमें हमें कहीं ना कहीं यह चीजें समझ आ जाती हैं कि ये जितने भी वैल्यूस और बिलीव्स बनाए गए हैं, यह हमारी सोसाइटी ने बनाए हैं। ठीक है? अभी इस्लाम में दिक्कत यह आती है कि अंधभक्तों को लग रहा होता है कि जो इस्लाम है, वह अल्लाह का कलाम है। राइट? अल्लाह की लिखी हुई आसमानी किताब है। जो नबी थे, वो अल्लाह के भेजे हुए मैसेंजर थे। अल्लाह अपना मैसेज उनके थ्रू लोगों तक पहुंचाते थे। तो इन अंधभक्तों को बेशक इनमें पढ़े लिखे लोग भी हैं। वैसे तो बहुत कम है। इनको यह चीज समझ नहीं आ रही कि ये सब चीजें नेचुरली है। ये सब इसमें नवाजी भक्त, नवाजी। जी, बिल्कुल बिल्कुल सही कह रहे हैं आप। तो इन लोगों को ये चीजें समझ ही नहीं आ रही, क्योंकि इनके दिमाग में तो ये चीज है ना कि जो अल्लाह ने बोल दिया, वही सही है। तो अगर आप इनके सामने कुछ मेडिकल फील्ड की रेफरेंसेस भी रख देंगे। कुछ साइंटिफिक चीजें भी रख देंगे। कुछ भी आप इनको बता दें, इन लोगों को यह चीजें समझ नहीं आ रही। पर मुझे ऐसा लगता है कि सिर्फ इस्लाम में नहीं, हमारा जो सोसाइटल पेट्रियर्की है, उसमें भी इन चीजों को एक टैबू की तरह लिया जाता है। औरत की उन दिनों की सेंसिटिविटी को समझा ही नहीं जाता। इसकी वजह से बहुत सारी हमें प्रॉब्लम्स आती हैं। अगर मैं फिजिकल बॉडी की प्रॉब्लम्स की बात करूं, तो हमें मसल कॉन्ट्रक्शंस होते हैं, ब्लोटिंग हो जाती है, डिजीनेस फील होता है, नजिया हो जाता है। बहुत सारी स्किन इशज़ आते हैं। आप अक्सर देखते होंगे लड़कियों को पिंपल्स आ रहे हैं। उनके बाल झड़ रहे हैं। हेयर फॉल होता है इसकी वजह से। तो इन सब सिम्टम्स को देखने के बाद भी यह चीज बिल्कुल क्लियर हो जाती है कि यह एक मेडिकल, बायोलॉजिकल और नेचुरल प्रोसेस है और इसका किसी भी प्रकार की रिलीजियस प्रैक्टिससेस से या फिर सोसाइटल प्रैक्टिससेस से कुछ लेना देना नहीं है। और अगर इस्लाम हमें यह बोलता है कि इन दिनों में औरत इंप्योर होती है। उसकी नमाज आधी मानी जाएगी। उसका अकीदा आधा माना जाएगा। वो रोजा नहीं रख सकती। तो वो अपने आप में एक बेवकूफी है। देखिए, हम अपनी तरफ से कोशिश करते हैं लोगों को अवेयर करने की, लोगों को बताने की कि ऐसा कुछ रियलिटी में नहीं होता। उसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। और जिसको समझना है, वो समझ जाता है। अब जिसको नहीं समझना, हम किसी को फोर्स तो कर नहीं सकते। हां जी, दीदी।
और दूसरा नंबर इनका यह देखिए, यहां पे इनका यह चीजें समझ आता है। जी, ये कह दिया कि जो पीरियड्स की वजह से जो भी मतलब नमाज के बारे में या फिर इनको तो ये नहीं पता है ना कि ये जो बच्चे पैदा होते हैं। है ना? जी, जो हम मां बनते हैं, ये अगर हमारे मेरे बॉडी में अगर ये पीरियड्स का जो भी सिम्टम है, ये अगर स्टार्ट ना हो, तो हम एक मां नहीं बन सकते। ठीक है? हां जी। अगर ये इधर ये इस्लाम कहता है, इससे देखिए पता चलता है ना कि इस्लाम जो है ना मतलब एकदम जीता जागता एक बहियात, बहियात नहीं मतलब झूठ है ये, बेकार चीज है, बिल्कुल झूठ हुआ है ये। हम आपको भी साबित करते हैं। देखिए, यहां पर तो ये कह ये एक्सेप्ट नहीं करते हैं कि मतलब पीरियड्स पे। राइट? ये यहां पे कहते हैं कि तुम दोजक में सबसे ज्यादा जलने वाली जो है, वो महिलाएं हैं। फिर ये कहते हैं कि तुम इसलिए हो, क्योंकि तुमने नमाज और हैज के हालत में नमाज और रोजा और यह चीजें कजा की है। ठीक है? जब यह कजा की है, तो इसका रीज़न क्या हुआ कि हम पीरियड्स हैं। ये यहां पे ये एक्सेप्ट कर रहे हैं। राइट? इसकी वजह से मुझे यह सजा मिल रही है कि हमारी इबादत में कमी कर दी गई। दूसरी तरफ नबी साहब कहते हैं कि तुम उन औरतों से निकाह करो जो ज्यादा बच्चे पैदा करें। अरे भोसड़ी के। जब जब पीरियड्स आएगा नहीं, तो फिर बच्चे कहां से पैदा होंगे? ये बताओ। अल्लाह तो बेवकूफ है। अगर अल्लाह को इतनी समझ होती या अल्लाह पढ़ा लिखा होता, तो वो ऐसी बोंगियां नहीं मार रहा होता ना। अब कहां पे? अब ये है ना लिखा है। ये कहते हैं कि जो ज्यादा बच्चे पैदा करेंगे। है ना? वो सबसे मर्द बच्चे पैदा कर रहे हैं। मर्द बच्चा पैदा कर रहा है। ये तो एक औरत से ही हो सकता है ना। ठीक है। ये औरत से ही हो सकता। औरत पीरियड्स नहीं होगी। तो भाई, तुम किस दो गुला टाइप की इंसान हो यार? ये इंसान नेचर का सबूत है। हां जी। अगर औरत, अगर औरत को पीरियड, अगर औरत को पीरियड्स नहीं आते होते, तो नबी साहब कैसे पैदा हो जाते? अगर उनकी अम्मी को पीरियड्स नहीं आते, तो तो इसका मतलब यह हुआ कि उनकी अम्मी भी इंप्योर थी और जो इनकी आयशा अम्मी, सफिया अम्मी, खदीजा अम्मी है, सब के सब इंप्योर हैं। और किसी की भी इबादत या किसी की भी जो भी लोग नमाज अदा करते थे, वो सब उनका अधूरा रह गया। बिल्कुल। मैं यही तो यही तो इनकी मुनाफिकत है ना। ये लोग एक एक नंबर के मुनाफिक हैं। अब जैसे आता है वो जो कहते हैं, जो हजरत फातिमा है, वो क्या बनेगी? जन्नत सरदार। राइट? हां जी। के सरदार क्यों बनेगी? क्योंकि वो बहुत ज्यादा ईमानदार, बहुत ज्यादा रोज़ नमाज़, मतलब वो सबसे। तो क्या इसका मतलब हम यह समझे कि हजरत जो फातिमा रज़ अल्लाह थी, वो गए थी? तो हसन हुसन कहां से पैदा हुए? अरे यार, ये पागल करके छोड़ेगा क्या हम लोगों को? ये मुझे दीदी, मुझे ऐसा लग रहा है कि जब चीजें कॉपी पेस्ट करता था ना, नबी इधर-उधर से सुन लेता था, कुछ सोमेलियन टैबलेट से, जैपनीज टेबलेट्स, बाकी कुछ बाइबल से या जो भी उस वक्त की किताबें थी, जब यह कॉपी पेस्ट करता था या इधर-उधर से बातें सुन लेता था, वो भूल जाता था। अनपढ़ जाहिल था ना, उसको अकल तो थी नहीं। मंदबुद्धि था, तो वो भूल जाता था। उसको याद नहीं रहता था मैंने पहले कौन सी चीज बोली, अभी मुझे नेक्स्ट क्या बोलना है। तो फिर वो उस हड़बड़ाहट में और बौखला जाता था, तो वो कुछ भी लिख देता था, खुद लिखता था या लिखवाता था, जो भी था, जो भी सिनेरियो था उस समय का, तो वो उस उन पहले की कही हुई बात भूल जाता था, याद नहीं रहती थी और पढ़ा लिखा तो था नहीं, कोई लॉजिकल चीजें बातें तो उसको आती नहीं थी, तो वो कुछ भी लिख देता था। मुझे ऐसा लगता है, अगर यह बंदा कहता है कि हजरत हजरत फातिमा जो है, वो जन्नत के सरदार बनेगी, क्योंकि वो बहुत ज्यादा ईमानदार, वो बहुत ज्यादा अच्छी होगी। दीदी, एक मिनट। ये कुछ नवीन भाई आए हैं। भाई, आपका कैमरा ऑफ कर लें प्लीज। अगर आपको कोई दिक्कत नहीं है, तो ठीक है। नहीं तो प्लीज ऑफ कर लें। हां, अभी नॉन मोमिन को लेंगे नहीं। सिमरन, अभी कोई नॉन मोमिन से बात नहीं करेंगे। हां, लास्ट में बात करेंगे। अभी हम मोमिनों से बात करेंगे। अब तक दो विकेट गिर चुके हैं। तो हम नेक्स्ट विकेट का इंतजार कर रहे हैं। है ना? जी। तो हमारे ओपन योर ओपन पर इस चीज को, इस चीज को कैसे दिखा कर रहे हैं दीदी? ये लोग? ये तो एक नेचुरल बायोलॉजिकल प्रोसेस है। तो इसमें अगर अल्लाह ने आपको इंप्योर बोल दिया या फिर अल्लाह ने बोल दिया कि आपकी आपका अकीदा जो है, वो आधा माना जाएगा, तो इसको कैसे डिफेंड कर रहे हैं ये लोग? क्या जलेबी आ रही है आजकल? जलेबी। यह आता है कि इनका जो जलेबी, ये कहते क्या कि हां, होता है। हां, उनकी वो नमाज नहीं पढ़ती है। इस पे पता है, हमने बहुत स्ट्रीम कर रखी है। ठीक है? बहुत मतलब इतने सालों से तीन-चार बार ये हो गया टॉपिक पे। लेकिन हम जानते हैं कि हर बार नए मुस्लिम आते हैं, नए मोमिन आते आते हैं। इसलिए हमें रिपीट करना पड़ता है, ताकि नए लोगों को हो। ठीक है।
है? मैम, मैं ना आपको बात बताती हूं। मेरी, मैंने बताया था ना, मेरी कुछ फ्रेंड्स हैं यहां पे, कुछ पाकिस्तानी। तो उनसे मुझे पता चला। जब मुझे नया-नया पता चला ना कि ऐसा होता है इस्लाम में कि अगर आप पीरियड्स में हो तो आप नमाज़ नहीं पढ़ सकते हो, आप रोज़़ा नहीं रख सकते हो। तो मैंने उनसे पूछा कि ऐसा क्यों? तो उसको उन्होंने तो कभी अपनी किताबें पढ़ी नहीं हैं। जो उनको मौलवी साहब ने बता दिया, वो मान लिया। तो उसने मुझे बोला कि क्योंकि हमारे जो नबी पाक थे, वो औरतों को लेकर बहुत सेंसिटिव थे। उन्होंने, उन्होंने यह चीज़ लिखी हुई है हमारी हदीसों में कि जब औरत अपने पीरियड्स में होती है ना, तो उस वक़्त उसको थोड़ी एक्स्ट्रा केयर की ज़रूरत होती है।
तो ऐसा नहीं है कि आप नमाज़ अदा नहीं कर सकते हो या फिर आप रोज़़े नहीं रख सकते हो। उन लोगों ने आपको कुछ दिनों के लिए डे ऑफ दी है। मतलब छुट्टी दी है आपको रेस्ट करने के लिए क्योंकि आपकी तबीयत ठीक नहीं है। और उस हालात में अगर आप रोज़़े रखेंगी तो आप बीमार पड़ जाएंगी या फिर आप नमाज़ अदा करेंगी तो आप बीमार ना हो जाएं। कहीं आपसे बैठा नहीं जाएगा नीचे। तो इसलिए फिर उन्होंने ना हमें उन दिनों के लिए ऐसा बोल दिया कि अगर आप इन दिनों में नमाज़ अदा नहीं करोगे या रोज़़े नहीं रखोगे, तब भी अल्लाह आपसे नाराज़ नहीं होगा।
तो ऐसी-ऐसी उसने मुझे कुछ जलेबी खिला दी। और उस वक़्त मुझे भी इतना कुछ पता नहीं था ना इस्लाम के बारे में। फिर धीरे-धीरे जैसे मैंने चीज़ें पढ़नी शुरू की या फिर अपने बेसिस पे मैंने रिसर्च करनी शुरू की। डिटेल में मुझे चीज़ें मालूम पड़ीं। और साहिल जी की, एडमम जी की, समीर भाई, अपने जफ़र हेरिटेज और इन सब चीज़ों की, हरीश सुल्तान, ये सब चीज़ों, इन-इन लोगों के बारे में जब मैंने YouTube पर देखा, मुझे चीज़ों के बारे में मालूम हुआ, तब मुझे असलियत पता चली। क्योंकि अगर कोई काफ़िर इंसान है और उसको उसके ऐसे ये मोमिन फ्रेंड्स हैं, तो वो आपको पता लगने ही नहीं देंगे। क्योंकि ये लोग आपको फंसाने में या फिर आपको अपने धर्म के बारे में अच्छी-अच्छी चीज़ें बता-बताने में इतने अच्छे होते हैं कि आपका वो अच्छे से ब्रेन वॉश कर देते हैं। पर जब मैंने खुद से चीज़ें पढ़नी शुरू की, क्योंकि मेरा तो ईमान था नहीं इस्लाम में। अगर मेरा भी ईमान होता तो शायद मैं इन चीज़ों पे कभी सवाल उठाती नहीं। शायद मुझे ये चीज़ें कभी गलत लगती नहीं। क्योंकि मैं काफ़िर थी और मैं थोड़े लिबरल माइंडसेट से चीज़ों को देखना चाहती थी। फिर मुझे धीरे-धीरे इन चीज़ों के बारे में पता चला।
बाकी अनफॉर्चूनेटली, अभी तो वो मेरे फ्रेंड्स हैं नहीं। उन लोगों ने मुझे ब्लॉक कर दिया जब मैंने उनसे सवाल किए। पर उन लोगों ने मुझे ऐसी-ऐसी जलेबियां खिलाई थीं। मुझे लग रहा है कि जब आप भी ईमान... देखो, मैं एक बात बोलना चाहता हूं। वैसे आप बहनें सारी बैठी हैं, तो मेरा बोलना अच्छा नहीं लगता। लेकिन मैं यही बात बोलने के लिए जुड़ा था। देखो बहन, बात ऐसी है। मैं यही बात सुन के जुड़ा था। अदरवाइज मेरे को जुड़ने का आज कोई वो नहीं था। मैं सुनने में ज़्यादा इंटरेस्ट रखता हूं। लेकिन मैं ये इसलिए जुड़ा था कि जो आप मेंसेस की बातें कर रही हो और इसमें नमाज़ नहीं पढ़ने की और रसूल्लाह की ये बातें कर रही हो, हमारे मोहम्मद साहब की। चलो ठीक है, कोई बात नहीं। आपको एक पता होगा, मैं अपना जो दिमाग अपना चलाता हूं ज़्यादा। तो एक होता है, अगर जो पाकिस्तान से होंगी, उनके लिए मैं इंग्लिश में बोलूंगा। जो हिंदुस्तान की हैं, वो समझ जाएंगी। पुरुष प्रधान समाज। पुरुष प्रधान समाज, यानी कि मेल डोमिनेटेड सोसाइटी। तो ये जो यहां पर बना हुआ है ना, अगर मेरी आवाज़ सही आ रही है आप सभी बहनों को, तो ये जो समाज बना है हमारा, जो ये सोसाइटी बनी है, ये मेरे को ऐसा लगता है कि बाय द मेल, फॉर द मेल। ठीक है? और ये मैं सिर्फ गलती इस केस में, खासकर इस केस में, इस केस में, मैं सिर्फ गलती वहां नहीं बताऊंगा जिसकी आप बात कर रहे थे। ये मैंने अपने यहां पर भी देखी है। ठीक है? और समझाया भी है। अपनी वाइफ को समझाया। कईयों को समझाया। वो मतलब, मतलब उनको ये लगता है कि भाई कि ये हमारे में कोई इस टाइम पे कुछ हो जाता है। ऐसा नहीं होता है। वो तो अगर कोई क्रिएटर है इस धरती का, इस यूनिवर्स का कोई क्रिएटर है, इस कायनात का कोई क्रिएटर है, तो उसने फीमेल के अंदर कुछ और क्वालिटीज़ दी हैं। मेल्स के अंदर कुछ और क्वालिटीज़ दी हैं। तो ये नहीं होता। लेकिन क्या होता है कि हमारा यहां पर है ना, मेल डोमिनेटेड सोसाइटी है, जिसको हिंदी में हमारे यहां पर बोलते हैं पुरुष प्रधान समाज। तो ऐसी मानसिकता बना दी गई है, ऐसी वो बना दी गई है मेंटालिटी बना दी गई है कि जो उनकी तो बात छोड़ो, मेल्स की तो बात छोड़ो, हम जैसे लोगों की बात तो छोड़ो, लेकिन जो फीमेल्स हैं, वो अपने आप को इनफीरियर समझने लग गई हैं। वो अपने आप को कमतर समझने लग गई हैं। अरे भाई, खुद समझने लगी। कोई नहीं समझता। ठीक है? वैसा कोई नहीं समझता। औरतें अपने आप को इस... वैसा कुछ नहीं। वो होता ये है कि बहन, आपकी आवाज़ ब्रेक हो रही है बीच में। अरे, उन महिलाएं जो हैं ना, थोड़ा सा वो उसको वो उससे वो चिड़... उसका मुंह हो। अच्छा, एंजल दीदी, एंजल दीदी, मेरी आवाज़ आ रही है? आपकी आ रही है, मेरी शायद। अच्छा, मैं पहले... जी, आपकी ब्रेक हो रही है। अभी जो दूसरी बहन बोल रही है, उनकी आ रही है। अभी आपकी ब्रेक हो रही है। अच्छा, मैं ये बोल रही थी, भाई ने जो बात कही है, बड़ी अच्छी बात कही है। और जो मैं यहां पर रिलीजियस पैट्रिआर्की की बात कर रही थी, उसमें मैं उसी चीज़ की ही बात कर रही थी। तो ठीक है, मैं आपकी बात से सहमत हूं। और दीदी, अभी ना मुझे कहीं जाना है। मैं कमेंट सेक्शन में रहूंगी और मैं ट्राई करूंगी दोबारा जॉइन करने की। ठीक है? जी, जी, ठीक है। ओके, दीदी। थैंक यू। एंड एवरीबडी, प्लीज लाइक एंड शेयर। और ये वाली स्ट्रीम भी लाइक एंड शेयर कर दो। और प्लीज प्रेम भाई का चैनल भी लाइक एंड शेयर कर दो, सब्सक्राइब कर दो। मैं दोबारा लिंक शेयर कर देती हूं। थैंक यू एवरीवन। बाय-बाय। चलते हैं। एंजल बहन, फिर मैं भी इजाज़त चाहूंगा। मैं बस इतनी ही बात करने के लिए आया था पुरुष प्रधान समाज की। बाकी आप समझ ही गए होंगे कि क्या बोलना चाहता था मैं। तो बाकी मेरा कोई और मानसिकता नहीं थी। चलो, आप बातें करो, बहनें सब।
जी हां, तो ये जो हमारी सिमरन बहन कह के गई है ना, वो जो बातें कह के गई है, उस पे हम ये कहना चाह रहे थे कि वो जो लड़कियां कही है ना, जो भी उनसे ये बातें कह रही थी कि हां, मेरे इस्लाम ने उनको मतलब रिलैक्स करने के लिए या ये करने के लिए या वो जो भी उन्होंने कहा है ना, प्रेम भाई, तो उस, ये सारी बातें बहुत अच्छी बात है कि आपके इस्लाम ने एक महिला के इस सिचुएशन में उनको रिलैक्स करने को कहा। उनके लिए आराम बनाया। उनके लिए मतलब हर चीज़ से उनके लिए अच्छा किया। ठीक है? ये सब ठीक है। फिर आप ये क्यों कहते हैं कि आपकी इबादत में कमी हो गई? आप इस वजह से, इस टाइम पर, आपने जो आपकी जो नमाज़ छूटी, आपकी जो रोज़़ा छूटा, आपका जो कुरान शरीफ पढ़ना, तिलावत छूटा, इसके वजह से आप दोज़ख जाओगे? हम ये बातें आप क्यों करते हैं? जब आपको ये कहना है कि हम, हम बहुत अच्छा, हम जानबूझकर के लड़कियों को इस टाइम पे आराम करने को कहा है, तो फिर आप यही कहो ना कि हम, अगर, अगर आप ये सच में मैसेज देते, तो आप पता है कितना अच्छा कहलाते? क्या बोलते प्रेम भाई? ये एक अलग टाइप का मैसेज होता कि इस्लाम। लेकिन यहां तो आप कह रहे आपकी इबादत में, आपकी आवाज़ में कुछ है। आपकी आवाज़ में, भाई।
[संगीत]
आवाज़ आ रही है? प्रेम भाई, म्यूट कर लो। आपके पीछे से बहुत ज़ोर वाली, ज़ोर से आवाज़ आ रही है। मेरा तो म्यूट है, भाई।
[संगीत]
जी, दीदी, आप बोलिए। हां, म्यूट ही रखो इनको। प्रेम भाई को शायद उनके साइड से ही आ रही है आवाज़। ओपन नहीं यार, मैं मिटू भाई, इनको बाहर कीजिए, फिर से वो जॉइन करेंगे। प्रेम भाई? हां, हां। तो ये, ये रीज़न था, है ना? ये जो चीज़ें हैं, इनके पास यही नहीं समझ आता है कि ये क्या बोल रहे हैं, क्या कर रहे हैं। लेकिन हां, किसी के किए-धरे पे ये अपना परचम ज़रूर लहराने आ जाते हैं। ठीक है? ये अपना परचम लेकर ज़रूर आ जाते हैं। किसी के भी किए-किराए पर ये झंडा गाड़ देते हैं कि ये हमने किया है, ये हमने किया है, ये हमने किया है। पर इनका इसमें ना 1% भी इन्वॉल्वमेंट नहीं रहता है। ठीक है? अब देखिए, अब कोई लड़की हो के ये कह रही है कि हमें ये कहा, हमें आराम करने के लिए इस्लाम में। अगर वो उसको ये समझदारी होता कि उसको ये कहा गया है कि तुम्हारी इबादत में कमी हो जाएगी, तुम दोज़ख में जाओगे, सिर्फ इसलिए क्योंकि तुम पीरियड से हो। और वो पीरियड कौन दिया? अल्लाह ने दिया। है ना? तो सोचने की बात है। अजीब सा नहीं है, बात है। हां।
क्या बोल रहे हो? जी, फनी है मेड, भाई, मेरी आवाज़ आ रही है? जी, जी, बोलिए, आप कंटिन्यू करिए। मैं म्यूट। हां, ठीक है। हां, तो ये चीज़ें होती हैं। ठीक है? अगर मोमिन भाई सुन रहे हैं, तो फिर प्लीज़ जॉइन कीजिए और जॉइन करके बताइए, क्या औरत की इबादत बेकार है? हां, अगर बेकार है, तो क्यों बेकार है? ठीक है? आप जॉइन कीजिए और जॉइन करके बताइए, क्या रीज़न है जो कहते हैं कि इस्लाम में औरतों की इबादत बेकार है? हम चाहे जितना भी रोज़़ा रख लें, जितना भी नमाज़ पढ़ लें, जितना भी कुछ कर लें, लेकिन हर एंगल से महिलाओं को जो है ना, हर एंगल से देखिए, वो हमें हमेशा नीचा ही दिखाना चाहते हैं। ये आज सारे मेरे प्रेम भाई के चैनल पे, पता नहीं मतलब उनके साइड तो पंचेव है नहीं, पर पता नहीं कहां से बोल रहे थे। पैरेट नहीं है उनके पास। अच्छा है तो पक्का इन्होंने खाना नहीं दिया होगा उनको, तभी वो चिल्ला रहे। बिल्कुल, बिल्कुल। हां, ये चीज़ें, ये स्ट्रीम-स्ट्रीम के चक्कर में ना, उसको खाना ही नहीं दिया होंगे। हां, इसीलिए वो बेचारा इतना। नेक्स्ट टाइम से हम यहां पे एडमम भाई को ज़रूर लाएंगे और साहिल सर भी आएंगे स्ट्रीम पे। ठीक है? बिल्कुल, बिल्कुल। हां, वो अभी थोड़े से, साहिल सर जो हैं, मशरूफ चल रहे हैं, इसलिए वो नहीं आ सक रहे। और एरम भाई भी थोड़े से बिज़ी हैं। फिर वो आने वाले हैं चैनल पर, फिर मज़े आएंगे सभी को।
तो जितनी भी लड़कियां इस्लाम की, उनसे एक ही चीज़ कहना चाहेंगे कि चाहे जितना भी आप कुरान पढ़ लो, चाहे जितना भी आप रोज़़ा रख लो, चाहे जितनी भी आप नमाज़ पढ़ लो। आप जाओगी दोज़ख में ही। ठीक है? जन्नत का आपको शक्ल भी देखने को नहीं मिलेगा। ये एक नंबर का, क्या बोलते हैं? ब्लेड भाई, मोहम्मद साहब जो थे ना, वो एक नंबर का ये थे। राजनीतिक करते हैं ना, वो थे। जी, वही, वही। हां, बड़े चतुर थे। हाई लेवल के चतुर इंसान थे। मतलब कि दूसरी की बेटी को, छह साल के बेटी को फंसा, मतलब छह साल की बेटी है जिसकी, उसके बाप को फुसलाकर, बहलाकर, है ना, इसने उनसे निकाह कर लिया। अपनी बेटी की बारी आई तो इंकार कर दिया। दुनिया में जितनी भी महिलाएं हैं, उनको कम अकल कह दिया और खुद की बेटी को अकल दिया। है ना? जितने लोग दुनिया में नमाज़, किताब, ज़कात, ख़ैरात, हज कर रहे हैं, वो नहीं जाएंगे जन्नत। पहले इनकी बेटियां, इनकी बेटी जाएगी जन्नत। पहले सोच लो। दुनिया के हर मर्द को ये कह दिया कि तुम चार निकाह कर सकते हो, लेकिन खुद को कहा कि तुम बस फातिमा को ही पकड़ के रह सकते हो। सोच लो कितना दोगला है। और जब हम ये बातें कहते हैं, तो हां, हां, ब्लेड भाई, और ये लोग बोलते हैं कि नबी की ज़िंदगी पढ़ के लोगों ने इस्लाम कबूल कर लिया। ये है नबी की ज़िंदगी। बिल्कुल, बिल्कुल। इनको कौन? इनको पढ़ के वही लोग मतलब इस्लाम को कबूल कर सकते हैं, जैसे हमारे साथ अभी ये मुस्लिम बहन थी ना? जी, जी।
रंड, मेरी आवाज़ क्लियर है? हां, आपकी आवाज़ क्लियर है। ये कह रहे कितने बेकार एतराज़ात हैं। अच्छा, तो आप कितने बेकार? क्या बात है, क्या बात है। अब इनको ये सारी चीज़ें भी बेकार लग रही हैं। हां, तो इनके जैसे ही लोगों के बारे में बात कर रहे थे, है ना? कि जैसे कि अभी हमारे कमेंट में है, जो लोग, उनको सच्चाई हम दिखाना चाह रहे हैं, लेकिन वो कह रहे हैं कि नहीं, हम कह रहे भाई, ये मत खाओ, ये गु है। ठीक है? तो कह रहा, नहीं, ये तो मुझे मलाई लग रहा है। हम किसी को तो खाओ, भूति। ये मेरा, क्या मेरा, मेरा काम है तुमको सच्चाई बताना है कि अब मत खाओ, ये गलत चीज़ है। लेकिन जब तुमको खाना है, तो तुम खाओ। वही हरकतें हैं, भाई। वही लोग, ऐसे-ऐसे ही लोग इस्लाम को कबूल करते हैं। ठीक है? जिनको पता ही नहीं होता है। चलिए, हम थोड़े से कमेंट पढ़ते हैं। हम, हम, जो भाई हमको, मेरी आवाज़ आ रही है? ब्लेड भाई, क्लियर है एकदम? हां, तो उनका नाम ले लेते हैं हम, जो ये, ये किए थे ना, एक तो थे रमेश, रमेश, रमेश, सच पता नहीं यार, कैसा नाम है। रमेश, अच्छा, रमेश चंद्रा जी। ठीक है? रमेश चंद्रा जी, संततीतल, जावर, जावर, ऐसा इनका नाम है। ठीक है? इन्होंने जो किया था, 500 का सुपर, मतलब सपोर्ट किए थे। थैंक यू सो मच। दूसरा, हरि नारायण तिवारी जी किए थे 100 का। इनका भी थैंक यू सो मच। और ये किए थे एक और, मुन्ना लाल सेन जी, इनका ₹501 का। ठीक है? इन्होंने किया था। थैंक यू सो मच, ऐसे लोगों का। ये क्या कह रहे हैं हमारे साजिद भाई? ऐसे लोगों के आधार कार्ड पर बाप की जगह, मोर वालों की मेहनत लिखा होता है। क्या बात है, क्या बात है। सही कहा आपने। सही, बिल्कुल कहा, सही आपने। खुद मोहम्मद साहब के, क्या बोले? पता ही है आपको। मोहम्मद साहब के बाप का भी वही तो सेम था। उनके बेचारा अब्बू कब का इंतकाल हो गए? वो कब पेट में आ गए? और फिर उनकी अम्मा जो थी, उन्होंने 4 साल तक के अपने आप पेट के अंदर संभाल कर रखा। और फिर जाके जन्म हुए। तब जाकर के नॉर्मल बच्चे से अलग इनका बुद्धि काम कर रहा था। ठीक है? कभी, कभी कहते हैं कि, कभी मेरे ऊपर वही आ रही है। कभी ये डरते हैं, कभी ये चिल्लाते हैं। कभी ये रोते हैं। कभी अपनी बीवियों से जाकर के कुछ कहते हैं। मतलब ऐसी-ऐसी हरकतें करते हैं। इससे पता चलता है ना। इससे पता चलता है। इनकी हरकतों से भी पता चलता है कि ये कैसे थे। नॉर्मल नहीं थे। ठीक है? जो मोमिन भाई देख रहे हैं ना, कमेंट में है, वो प्लीज़ जॉइन कीजिए और जॉइन करके बात कीजिए। काफ़िर आए थे और शायद ये बस कमेंट में चिल्ला सकते हैं। बहुत और कुछ नहीं। हां। ये बस कमेंट में चिल्ला सकते हैं। बाकी कुछ नहीं।
साहिल एलोन कह रहे हैं, "जाहिल औरत नियो की पैदा, पैदा पता है? पैदाश क्या होता है रे? आजा आजा ऊपर आजा, तेरे को न्यूयर्क समझाते हैं। आजा है, पैदाश क्या होता है? साहिल आर एन न, क्या होता है? इसका क्या मतलब होता है? क्या मतलब होता है? कुछ लिखो, शुद्ध लिखा करो, जाहिलों। मरसा छाप, जब पढ़ने भेजी अम्मी ने मदरसा में, तो जाकर के पीछे घूम गया मौलवी के सामने हैं। ध्यान देने से तो आज कम से कम शुद्ध लिख तो पाता हैं। अपना नाम कहीं का पता है।" ब्लेड भाई, इसी वजह से है ना? हां, हम कभी, मतलब, मतलब गए नहीं बाहर मदरसा-वदरसा पढ़ने। ठीक है? थोड़े टाइम पढ़े थे, मतलब क्या बोलते हैं? उर्दू-उर्दू गए थे थोड़े टाइम। हां, लेकिन वो, वो भी रिलेटिव थे, इसलिए फिर भी हम नहीं जाने लगे क्योंकि बहुत दूरी पड़ता था मेरे एरिया से। फिर हमने कहा, अपने घर में नहीं भाई, मुझे जाना इतना दूर पढ़ने। ठीक है? क्योंकि हमने, हां, मेरी जो इस्लामिक जो पढ़ाई हुई ना, वो सारे घर पे ही हुआ। मेरी, मेरी रिलेटिव थे जो टीचर जो थी, मेरी, ठीक है? वो मुझे कुरान मुकम्मल कराया, उर्दू पढ़ाना सिखाया, नमाज़, ये सारा कुछ। ठीक है? तो हमने कभी मरसा गया नहीं, गए नहीं है। मदरसे में जो चीज़ें होती हैं, वो तो दुनिया के सामने है। है ना? और अच्छा हुआ कि हम कभी नहीं गए। अच्छा हुआ कि हम कभी नहीं गए। वरना, मतलब कोई ना कोई डरावना एक्सपीरियंस वहां से भी मिल जाता। भाई, जैसी हरकतें इन लोगों की है। नीचे से भकने से अच्छा, हम स्ट्रीम जॉइन करके दिखा कर लो। हैं? हमें गलत साबित कर दो। जॉइन करने में मौत आती है। बिल्कुल मौत आती है।
अ करन, क्या नाम है? लालवानी कह रहे हैं, "राधे-राधे। हेलो लवली फैमिली।" जी, राधे-राधे आपको भी। काफ़िर जॉइन किए थे, निकल गए हैं। काफ़िर को एक बार मैसेज कीजिए और प्रेम भाई, नींद आ रहा है। प्रेम भाई को तो छोड़ दीजिए। अगर वो सो नहीं रहे, तो फिर बुलाइए स्ट पे। बातें शादी करते हैं। अभी तो प्रेम भाज, हम काफ़िर, अगर फ्री है, तो जॉइन कीजिए। उनको भी एक बार मैसेज कर दीजिए। और हम लोग थोड़ी से, एक चीज़ और यार, हां, ये जो कहते हैं ना, लोगों का जो कहना है कि बहुत सारे लोग आके ये मतलब चिल्लाने लग जाते हैं कि तुम लोगों ने नफरत फैला रखी है, लोगों के बीच में, हिंदू-मुसलमान करती हो। अच्छा, कभी हमने ऐसा कहा है कि हम लोगों, जितने भी एक्स-मुस्लिम, ऐसा कभी हम लोगों के मुंह से निकलता है कि यार, मतलब मुसलमानों को पकड़ कर काटो, मारो, पीटो? ऐसा कभी कहा है? ये बताओ आप। बिल्कुल नहीं। दीदी। हां, बिल्कुल नहीं। कभी नहीं। मैंने तो हमेशा एक्स-मुस्लिमों को ये बोलते सुना है कि हमारे ही लोग हैं, हमें उन्हें बचाना है, है ना? लेकिन आप देखिए, ये लोग इतने इल्ज़ाम लगाते हैं हम लोगों के ऊपर, इतने इल्ज़ाम लगाते हैं। ये कह दे क्या कि तुम लोगों ने ही मतलब ये नफरत फैला रखा है, तुम लोगों ने ही हिंदू-मुसलमान करके रखा है, तुम लोगों ही गलत चीज़ें बताई। अच्छा, बताओ यार, हम जितने भी एक्स-मुस्लिम हैं, कभी ये नहीं कहते हैं कि मुस्लिम गलत है। ठीक है? हम हमेशा से ये कहते आए हैं कि इस्लाम गलत है। ठीक है? इस्लाम गलत है। प्लस ये कहते हैं कि जो उनको सिखाया गया है, जो उनको शिक्षा दी जा रही है, वही वो सीख रहे हैं। वो बचपन से तो एक नॉर्मल इंसान होते हैं। लेकिन धीरे-धीरे जो उनको, जैसे-जैसे बड़े होते हैं, उनको प्रैक्टिस कराया जाता है, उनको बताया जाता है, उनको रटाया जाता है, उनको समझाया जाता है और फिर वो वही चीज़ में मुब्तला हो जाते हैं। ठीक है? तो हमने कभी भी ये नहीं। लेकिन इन लोगों हमेशा से यही रहता है हम लोगों के लिए कि तुम लोग जानबूझ के नफरत। अरे, नफरत हम क्यों फैलाएंगे? हम क्यों फैलाएंगे? हम तो वही चीज़ें कह रहे हैं जो सच लिखा हुआ है। हम ये साजिद भाई नहीं जुड़ने वाले, भाई। ये साजिद भाई नहीं जुड़ने वाले। क्या बोल रहे हो? साजिद, एंजल जी, आपसे एक सवाल है। सवाल, अगर कोई फेल होना चाहे और फेल हो जाए, तो वो फेल हुआ या पास? पास। वो पास हुआ। भाई, साजिद भाई, आ जाओ यार, क्योंकि वो चाह ही रहा था कि वो फेल हो जाए। ये हमारे कह रहे हैं, हलवाई की तलाश। अगर आपकी बेगम सो गई है और आप फार हो गए, तो जुड़ जाए। इतनी बेइज़्जती ना करो, भाई, खुलम-खुल्ली। हैं? देख लो, ये, ये देखो इनका, ये चीजें गलत है। साजिद भाई, बिल्कुल गलत बात है। मेरी उम्र, मेरे पास रहने दो यार, ऐसे मत किया करो। [हंसी] हां, ये कहते हैं कि मेरा कोट, आपका कोटि, क्या, क्या कह रहे थे पहले में? हां, पहले बोल रहे थे, मेरे चरणों में आपका कोटि-कोटि प्रणाम। ये गलत है, ठीक है? और अब ये कह रहे हैं, एंजल जी, कितनी प्यारी बात बोली आपने, आपकी उम्र मुझे लग जाए। ये गलत, गलत बात। राज, साजिद भाई, ठीक है यार, अब आ जाओ, जॉइन करो, ठीक है? बहुत दिन हो गए, आपने भी बहुत आराम कर लिया। अब कंटिन्यू करो अपनी स्ट्रीम को, आ जाओ वापस।
प्रेम भाई, क्या हो गया? नींद आ गया था क्या? आज केक ज़्यादा खा लिया क्या आपने? नहीं, मैं तो यही सुन रहा हूं। आपको लगा पक्का आपने केक खाया? अरे नहीं, वो क्या बोलते हैं, चाय पी ली। अल्लाह के फ़ज़ल से, मैं तो बिल्कुल यहीं हूं, सुन रहा हूं आपसे। तो क्या किया था? जी, अरे आज बर्थडे के पैरों का हिस्सा।
भी आपने बस बर्थडे पे वही दाल भात खाए कह रही पैरों जैसे बर्ड्स हिस्से का खाना भी अरे नहीं ऐसे बोलती रहती है ये बोलते रहता है मेरे से बात कर मेरे से बात कर ये पागल है दिन रात मेरी बात बोलता रहता है ऐसे बोलता रहता है फिर बोलेगा चल बाहर बाहर चले चल बाहर चले कार में चले कार में इसको भी अल्लाह वाला बीमारी लग गया है।
चलिए काफिर साहब भी आ गए हैं। काफिर भी आ गया अल्लाह के फजल से काफिर पंजाबी आ गए स्वागत है मेरे वेलकम बहुत देर के बाद आए थैंक यू थैंक यू मैं ना अभी बिजी हूं बहुत ज्यादा मेरे पीछे से बहुत शोर आने वाला है मैं तो फिर भी पांच मिनट के लिए जुड़ गया मैंने कहा चलो देख लेते हैं क्या चल रहा है आप लोगों का हम बहुत चल गया यार काफी आज कहां तक पार्टी वार्टी में किसके साथ घूम रहा है तो पार्टी चल रही है तुम्हारे यहां भाई बर्थडे पाजी बर्थडे थ बर्थडे सेलिब्रेट नहीं करना क्यों जी ग करते हो बिल्कुल बिल्कुल सेलिब्रेशन जरूरी मैं भी पहुंच रहा हूं थोड़ी देर में अल्लाह के फजल से अल्लाह के फल आप ही की वेट हो रही है कब से बस थोड़ी देर में सारे बंदे हम मैं आ रहा हूं थोड़ी देर में सारे बंदे वेट कर रहे हैं आप लोगों की और आप यहां पे स्ट में बैठे हुए हैं। अरे नहीं थोड़ी देर में आएंगे यार। अभी तो पार्टी शुरू हुई है। अभी तो पार्टी शुरू हुई है भाई। मैं थोड़ी देर में थोड़ी देर में आ जाऊंगा एक घंटे तक आ रहा हूं बस फिर 4:00 बजे तक बैठेंगे कोई ना कोई ना आ जाओ जितना टाइम जैसे ही टाइम मिले अरे एक्स मुस्लिम साजिद मैं तो जिंदा हूं अल्लाह के फजल से यार भैया साजिद साहब इतने दिन के बाद आए हो यार मुझे तो आज ही आप दिखाई दिए हो आ जाओ यार थोड़ी देर के लिए अच्छी सी हदीस है बता दो अब तो भाभी जान सो गए होंगे बच्चे भी सो गए होंगे। आ जाओ। और देख ये देखिए कैसी बहियाद बातें कर रहे हैं आज बर्थडे के दिन आपसे। [हंसी] इन्होंने इन्होंने वो पीर पी पी रखा है। क्या बोलते हैं? नोब नोब नोबता। पक्का पिता।
अच्छा एंजल बहन क्या टॉपिक है आज का आपका? टॉपिक है औरत की इबादत बेकार के लिए। आई मीन हैज के ऊपर है कि यह कहते हैं ना कि जो महिलाएं जो है हैज आती है तो उस वजह से इस्लाम में जो है उनका नमाज उनका रोजा उनका कुरान की तिलावत है ना ये सारा कुछ ऐड नहीं करते ये कहते हैं कि इस टाइम जो भी कुछ किया है वो बेकार हो गया जा रही है आवाज काफिर साहब तो ये तो हमारे पास एक फुल फ्लज इसकी यार मेरे को आवाज क्यों नहीं आ रही है किसकी एक मिनट रुक मेरी हमें तो सबकी आ रही है हमें सब आ रही है। ये मेरे साइड में शोर ज्यादा है ना। अच्छा ये तो फिर साफसा क्लियर वर्डिंग है ना हमारे पास इस चीज की तो कि ये इसलिए नहीं पढ़ सकते हैं जस्ट बिकॉज़ फेस आते हैं काफिर की आवाज नहीं आ रही है या अभी अभी तो यह म्यूट कर लिए हैं। लो निकल ही लिए इस्लाम में पीरियड्स कितने कलर के होते हैं। ये देखो ये देखो इनकी वाहियाद बातें। बता दो यार। चलिए जब तक कोई नॉन मोमिन आए हैं ब्लेड भाई उनसे बात करते हैं थोड़ी देर।
हां जी डॉक्टर साहब जी एंजल जी नमस्कार। नमस्कार [संगीत] जी आप मैं आपका बहुत बड़ा फैन हूं। मैंने आपको लाइव देखा तो सोचा आज आपसे थोड़ा बात करें। थैंक यू सो मच। जी कहिए क्या कहना? जैसे हमारा एक मोमिन दोस्त था है। है तो उस उसने मुझे परसों कॉल किया। मतलब उससे हमारी बहुत अच्छी फ्रेंडशिप है। तो हमारे पास क्लनिक पे आता है। कभी-कभी दवा भी लेने आता है। तो परसों मुझे फोन किया बोलता है डॉक्टर साहब हमारे यहां तो वो लगा है क्या बोलते हैं उन लोग का? अरे कोई वो मोलाल तकरीर करते हैं वो। तो उसमें आप आइए। अच्छा जलसा लगा हुआ था मतलब हां हां उस आप आइए तो मैंने कहा कि मेरी क्या जरूरत है आप उसको करो तो बोलता है कि आपको भी इल्म है तो मैं चाहता हूं कि आप आइए और सुनिए और आप आपको अच्छा लगे तो आप हमारे तरफ भी थोड़ा रुख कीजिए। मैंने कहा मैं तो भाई सनातनी हूं। मुझे मैं रिस्पेक्ट सबकी करता हूं। बट इसका मतलब यह नहीं है कि हम आपके साथ जाइन हो। तो फिर बोलता है कि नहीं आप एक बार आइए। हमारा दिन बहुत अच्छा है। आप सुनेंगे तो आपको अच्छा लगेगा। मैंने कहा चलो ठीक है। चलते हैं। फिर मैं गया वहां सुना वो अपने नबी साहब के बारे में बहुत वो अच्छी-अच्छी बातें बता रहे थे। मुझे भी थोड़ा अच्छा लगा। फिर मैं तो आप लोगों को सुनता रहता हूं। फिर मैं आया जब उधर से आया तो मुझे उसने कॉल किया। बोला डॉक्टर साहब क्या इरादा है अब आपका? मैंने बोला किस बारे में भाई? तो हमारे नबी साहब इतने अच्छे थे और हमारे मजहब में सिर्फ एक ही अल्लाह का कांसेप्ट है। आप लोग तो बहुत भगवान को मानते हैं। आपके मतलब वो क्लियर भी नहीं है। श्री कृष्ण भगवान के ऊपर कुछ उसने कटाक्ष किया। तो मैंने कहा कि ठीक है मैं अपना जहां तक जानकारी है मुझे वहां तक तो मुझे है बट मैं आपसे एक सिंपल सा सवाल पूछता हूं आप उसको सही जवाब दे दोगे तो मैं शायद आपके दिन के बारे में सोचूंगा सुन रही है आप जी जी बिल्कुल बिलकुल जी तो मैंने कहा कि अगर आप मेरे सवाल का जवाब दे देंगे तो मैं आपके दिन के बारे में सोचूंगा तो बोलता ठीक है पूछिए। मैंने बोला कि आपका एक आयत है जिसमें पांच और छह क्या बोलते हैं? सूर मोमिनून सूर मोमिनून का आयत नंबर फाइव सिक्स से मैंने बोला इसमें तो आपका अल्लाह बोलता है कि आप मतलब अपने वाइफ के अलावा अलग से मतलब लड़कियां रखो और उसके साथ मतलब आप मतलब उसको लौंडी बनाओ। उसके साथ गलत व्यवहार करो। तो यह कैसा खुदा है जो मतलब सेक्स लेवरी के तरफ मतलब ड्रैग करता है, घसीटता है। ऐसा कांसेप्ट तो हमारे सनातन में नहीं है। तो बोलता है नहीं ये सब मैनपुलेटेड है। मैं बोला आप son ड.com खोलो मेरे सामने और आप देखो। तो मैनपुलेट करने की कोशिश किया। मैंने बोला कि मेरे हमारे जो धर्म है उसमें आप भगवान को मानो नहीं मानो डज नॉट मैटर आप इवन कि आप नास्तिक भी रह सकते हो आपको कोई मतलब जोर जबरदस्ती नहीं है कि नहीं आप अगर नमाज नहीं पढ़ोगे तो आपको सजा मिलेगा जहन्नुम मिलेगा जहन्नुम मिलेगा अगर पूजा पाठ नहीं करोगे फिर इसमें मेरा मतलब काफी तीखी बहस हो गई इस बात को लेके फिर मैंने बोल दिया कि ठीक है। आप साबित कर दो कि आपका खुदा सेक्स डिलीवरी को अलव नहीं करता है। मैं आपका दीन एक्सेप्ट कर लूंगा। अन्यथा आपको अपना इस्लाम छोड़ना पड़ेगा। क्या बात है। फिर क्या बोल? हां। तो बोलता है ठीक है मैं आपको जवाब दूंगा। अगले दिन आया मेरे पास क्लनिक पे आया। जी। बोलता है कि डॉक्टर साहब मेरे पास तो मैंने चेक किया। लेकिन ये बात तो मतलब सही है। लेकिन ऐसा नहीं है। उस जमाने में होता था। अभी के जमाने में नहीं होते। मैंने फिर उससे कहा कि आप मुझे बस एक रेफरेंस दिखा दो कुरान में कि उसमें लिखा हो कि ये उस जमाने के लिए था इस जमाने के लिए नहीं है। बिल्कुल। जब उस जमाने के लिए था और इस जमाने के लिए नहीं है। क्या अभी आपने अर डालने के लिए रखा है और हदीसों को? जब इसकी कोई जरूरत नहीं है तो क्यों जबरदस्ती को सबको कहते हैं पढ़ना चाहिए, पढ़ना चाहिए। जिसने कुरान नहीं पढ़ा वो मुसलमान नहीं ऐसा क्यों कहते हो? जी बिल्कुल तो वही आप लोगों को सुनने से इतना मतलब बच ठीक है। ऐसे लोगों को आज के दौर में जितने भी हमारे नॉन मोमिन भाई लोग हैं वो एक्स मुस्लिमों से इतना कुछ सीख चुके हैं कि सामने जवाब दे सकते हैं। है ना? इतना तो हम लोगों ने उनको दिया है तो बहुत अच्छा लगता है डॉक्टर साहब रक्षा कीजिए और ऐसे लोगों को एकदम मुंह तोड़ जवाब दीजिए है ना लेकिन इन कट्टरों से थोड़ा सा अपने आप को ही बचा कर रखिए थैंक यू सो मच मैम जहां मतलब हमारा है क्लीनिक जहां हम लोग रहते हैं वहां इनकी अभी उतनी औकात नहीं है कि ये लोग हाथ डाल सके हम लोगों पे अभी हम लोग बहुत स्ट्रांग यूनिटी में रहते हैं जी बहुत अच्छी इन लोगों की कोई को सेफ रखा कि विश्वास इनके एक हमारे गुरु गोविंद साहब जो है है ना सिख लोगों का जो ये है वो कह करके आप हाथ में तेल लगाओ और तेल लगाने के बाद तीसी का या सॉरी सरसों राई राई होता है ना जिसको बोलते हैं मस्टर्ड ऑयल उसके अंदर उसके बोरा के अंदर हाथ डालो और फिर बाहर निकालो जितने उसमें चिपके हैं दाने मतलब मस्टर्ड के उतने बार भी अगर यह बोले सच तो इसके बात पे यकीन मत करना। तो यही कहने का मतलब है पास लाख सुरक्षा हो फिर भी अपनी हिफाजत करना है ना ऐसी बातें कभी मत कीजिएगा जो इनको हजम ना हो। राइट? हां। हां लेकिन मैम एक चीज है कि हम लोग जब पूछ जब ये हमारे ऊपर मतलब जब ये लोग हम लोग उससे कोई क्वेश्चन करते हैं हमारे रिलजन के ऊपर तो इनका दिमाग बहुत तेज काम करता है। हम लोग इनसे सवाल करते हैं। अरे कुछ नहीं पता पकड़ा दिया गया है उधर से समझे इनको पता ही नहीं है कि ये आकर के कहते हैं कि तुम्हारी ऐसे कहते हैं अर्जुन के साथ भाग गई ये अरे यार क्या नाम था उनका सुभद्रा है ना सुभद्रा जी के इनको ये भाई बहन है लो इनको पता नहीं कि अर्जुन जी कोई और है वो एक इंसान था सुभद्रा कोई और है यह तो कृष्ण भगवान की बहन मतलब इनको पता कुछ नहीं लेकिन बोलने आ जाएंगे। ये ब्रह्मा जी के जो बारे में कि ब्रह्मा जी के बारे में ये है कि उन्होंने अपनी बेटी के साथ गलत संबंध अरे भाई गलत संबंध नहीं ख्याल आया था उनके एक चीज मैं इसमें क्लियर करना चाहता हूं जो आपने कहा कि ब्रह्मा जी के बारे में इसमें ऐसा है मैम कि ब्रह्मा जी ने जो किया वो क्रिएशन है। उन्होंने जन्म नहीं दिया। आप लोगों को भी सही जानकारी नहीं रहता है। यही तो दिक्कत है। यही चीजें तो दिक्कत है। वो किए ही नहीं। उनके मन में ख्याल आया। जब ख्याल आया ना तो वो मतलब अपने आप को महसूस किए कि दूषित हो गए और उनके जो चार चार बेटे थे उन्होंने उनको समझाया। उनसे नफरत की। बाद उनको गलती का इतना बुरा मतलब एहसास हुआ ना कि वो बहुत पछताए और इस चीज से उन्होंने क्या तो किए भी है मुझे आप प्रेमानंद जी महाराज है उनको सुनिए देखिए वो क्या कहते ठीक है जी मैम उनको सुनते हैं प्रेमानंद जी को गुरु मानते हैं अच्छा एंजल एंजेल कुछ और नॉन मुस्लिम जुड़े हैं तो दो मिनट सबको दे देते हैं फिर ज्यादा हो जाएगा ओके मैम मैम थैंक यू सो मच मैं लास्ट आपसे कहना चाहूंगा कि आप आप लोग का जो मुहिम है बहुत अच्छा है और आप लोग आगे बढ़िए। आप लोग सुनने से मतलब जो भी नॉन मोमिन है या पढ़े लिखे लोग भी है काफी लोग उन लोगों को एक अच्छा गाइडेंस मिलता है जिससे मतलब वो फसेंगे नहीं इस कल्ट में तो इसके लिए बहुत-बहुत आप लोग का धन्यवाद बहुत-बत थैंक यूर साहब आए अवीर साहब वेलकम नमस्ते भाई नमस्ते और एक एक बंसी कुमार जुड़े हैं भाई अगर आप अपने उसको माइक को और अपना कैमरे को परमिशन दोगे तो मैं आपको ऐड नहीं कर पाऊंगा प्यारे भाई भाई प्रेम भाई मैं अभी आज जुड़ा हूं। ठीक है। अच्छा एंजल बहन से भी मैंने कुछ शेयर किया भाई आप देख लेना वो शेयर के ना ये मेरी स्क्रीन शेयर की है। उसके ऊपर भी ना थोड़ा ये काफी मतलब इस्लाम के ऊपर ही है। बुक लाइब्रेरी वीडियोस है ना तो इसमें भी काफी चीजें हैं जो इनके बारे में बात कर रहे थे ना। मेरी स्ट्रीम नजर आ रही है यहां तो ये है दावत इस्लामिया डॉट नेट है एक्सप्लेनेशन ऑफ मेंसुरेशन जो बहन बातें कर रही थी ना इसके बारे मेंशन को ये है ना ये चीजें तो इसमें भी सब कुछ नजर आ रहा है इंग्लिश मतलब वैसे तो ये तो है उर्दू में पर अरे तो इसको मैंने ट्रांसलेट किया है इंग्लिश में पर इट वोंट बी दैट 100% एक्यूरेट तो ये भी जिसको समझना है ना ज्यादा ज्यादा डिटेल में तो सब कुछ है इसमें यू नो हबीर भाई आवाज आ रही है मेरी हां आ रही है आ रही है आपने विश किया प्रेम भाई को क्या हुआ आपने विश किया प्रेम भाई को आज उनका बर्थडे है मैं पहले विश करके आ गया था भाई बहन पहले से विश करके आ गया था वो मैं उनके चैनल में गया था हां नहीं उसके बाद मुझे मंदिर जाना था मतलब कि यार माता टेक लूं थोड़े बहुत मैंने भी पाप किए मतलब कि हम हमारे हमारा ये मुस्लिम लोग बोलते हैं कि भैया तुम लोग दोजक की आग में जलोगे तो मैं चलो कोई बात नहीं मंदिर माता टेक के आ गया मैं तो और कैसे हैं सब सब ठीक है आप कैसी हैं एकदम ठीक-ठाक भाई नहीं अभी तक तो ठीक-ठाक नहीं बोल सकते आप मुझे पता है क्या है मुझे पता है क्या है और क्या एक छोटी सी कमी है पर मैं प्रेम भाई के साथ ना बैठ के ना वो भी खत्म करना है ये करने के लिए आपके लिए तो डोंट वरी ठीक है वो दिमाग में है अभी भी ठीक है तो सब कुछ ठीक-ठाक नहीं हुआ अभी तक तो क्या करें ये ना और कुछ कोई और कोई कुछ गाली गलौज वाला तो नहीं आता ना कोई मोमिनन यहां पे आज अभी तो नहीं आया कोई अभी कोई नहीं आया अल्लाह के फजल से इनका कुछ भरोसा नहीं है भाई यार यू नो ठीक है दैट्स फाइन अच्छा तो ये वाला है ना ये मैं दिखा रहा था ना ये भी है तो किसी को अगर किसी को ज्यादा अगर जानकारी चाहिए तो यह वेबसाइट भी है तो इसमें भी जाके ना आप देख सकते हैं ना तो शेयर ना ये ब्लेड भाई शेयर कर देंगे और इसको हम लोग ट्रांसलेट करके पढ़ सकते हैं या जो क्या कहते हैं असली में ये असली में है ही उर्दू या ये असली में है ही उर्दू में है देखो ये उर्दू में है। इधर आए उर्दू में है तो मैंने ट्रांसलेशन करके ना इंग्लिश में किया है तो पता होना चाहिए ना क्या क्या क्या लिखा है मतलब इनमें तो बहुत सारी झोल झोल है। एक कुरान तो है वो ब्रैकेट वाली कुरान है। उसमें ब्रैकेट ही ब्रैकेट है। ब्रैकेट ही ब्रैकेट है। ब्रैकेट ही ब्रैकेट है। हम तो कोई कोई मोमिन को ले लो कोई मोमिन है कि नहीं? आज आया नहीं आया कोई मोमिन क्या हुआ आज? हां भाई आज दो विकेट गिर गए मतलब दो एक्स मुस्लिम होकर गए यहां पर से आज। अच्छा ओ दैट्स गुड। दैट्स गुड। उनको उनको पूछा फिर आपने कि उनको चैनल के बारे में कैसे पता चला? क्या है? क्या नहीं? क्या वो आपके चैनल को पहले बहुत हफ्तों से महीनों से देख रहे थे। क्या उनसे पूछा कि कैसे पता चल रहा है उनको? जी जी जी बिल्कुल बिल्कुल एक भाई तो पांच महीना पहले और एक ने थोड़े टाइम पहले ही इस्लाम को छोड़ा है और एक टीनएज दूसरा जो है वो भी मतलब यंग ही है 22 23 साल के ऐज के है एक 16 17 साल का बच्चा है तो मतलब इतने कमज में अगर इस गंदगी से निकल रहे हैं तो समझ का भविष्य कितना अच्छा होने वाला है हमारे हिंदुस्तान का ऑफ कोर्स ये जो दो जो बोले ना आपने जो दो दो लोगों ने इस्लाम छोड़ दिया है मुसलमानों ने। क्या वो दोनों क्या ये थी क्या मेल थी या फीमेल थी? मेल थे मेल अच्छा दोनों अगर औरत हो ना तो वो भी अच्छा है यार कि औरत बहुत कम सामने आ रही है यू नो भाई अभीिर भाई अगर ये बंदा अगर इस्लाम को छोड़ा है तो इनकी जो बीवी वो पक्का एक्स मुस्लिम ही होगी राइट अगर इनके जो जो भी वो भी एक्स मुस्लिम होंगे इनके पोतापोती होंगे वो भी एक्स मुस्लिम होंगे तो चाहे वो लड़का हो या लड़की हो। है ना? अगर लड़का होता है तो आगे वाला पीढ़ी को वह संभाल लेगा। है ना? लड़की तो बेचारी फिर भी एक मिनट के लिए बंध जाती है। क्योंकि उसका कुछ नहीं चलता है। वो चीज घर समझ गया मैं। असली में ना वो मैं भूल ही गया था थोड़ी देर थोड़ी कुछ सेकंड के लिए मैं भूल ही गया था कि इस्लाम इज अ रिलजन ऑफ़ मैन। आदमी का आदमी का दीन है ये। हम तो ये समझ गया था। अब तो ठीक है। अभी तो उनकी आगे पीढ़ी तो वही होगी। एक मिनट मैं ना मेरा फोन आ रहा है। मैं अभी बाद में आता हूं। दो फ़ आ रहा है मेरा। थैंक यू। थैंक यू। थैंक यू अभी भाई। अच्छा इन्होंने स्क्रीन शेयर करके ही चले गए। ब्लेड भाई इनकी स्क्रीन हटा दीजिए। ये चले गए। अच्छा यहीं पे है अभी। लोगों को यह समझ समझना बहुत जरूरी है। बहुत ही ज्यादा जरूरी है कि इसमें जो गंदगी है ना यह गंदगी इंसान को किसी भी एंगल से आपको आगे नहीं लेकर जा रहा है। कहीं पर भी बराबरी नहीं दिला रहा है। हर जगह से आपकी बेइज्जती हो रही है। हर जगह से आप धुधत्कारे जा रहे हो। निकाले जा रहे हो। क्या मतलब है ऐसे चीजों को फॉलो करने से? जिन जिससे एक मरे हुए इंसान के लिए एक 14 साल पहले लिखी हुई किताबों के लिए जिसमें कुछ भी लिखा हुआ है। है ना? कुछ भी लिख के भर दिया गया है। उसके लिए हम क्यों अपनी जान दें? और क्यों हम दूसरों की जान लें? और क्यों हम मतलब आंख होते हुए भी अंधा अंधा कहलाएं। क्यों मेरे पास दिमाग होते हुए भी हम अपंग कहलाएं? है ना? यह चीजें सोचने की बात है और जिनको यह बातें समझ में आ गई है ना वह इस्लाम से बाहर हो गए हैं। तो जितने लोग देख रहे प्लीज यार आप लोग शेयर करो। अगर शेयर नहीं करोगे तो मोमिन कैसे आएंगे? यह बताओ। हम सारे यहीं पे ऐसे बैठे रहेंगे तो काम नहीं चलेगा। ठीक है? आप लोग फटाफट शेयर कीजिए और लोगों को बुलाइए। तभी तो मोमिन आएंगे ना। तभी तो हम मोमिनों से बात कर पाएंगे। नीरज गौतम जी कह रहे हैं एक्स मुस्लिम एंजल एंजेल आपकी सुपर चैट कब शुरू होगी यह तो हम भी नहीं जानते हैं यह तो अल्लाह ही जानेंगे है ना अल्लाह की अल्लाह को गैप की खबर है तो YouTube का भी खबर होगा आज लगाएंगे साला अल्लाह को फोन पूछेंगे कब मोनेटाइज कर रहा है बे मेरा चैनल क्या बोलते बुलेट भाई निकल लिए लगता है। यह भी सो गए। ठीक है गाइस? तो हम उनसे पूछेंगे कि मेरा चैनल कब मोनेटाइज होगा और जब तक चैनल मोनेटाइज नहीं हो रहा है तब तक आप मुझे क्यूआर कोड और यह मेरा यूपीआई आईडी और क्या बोलते हैं? स्कैनर है। इस पर आप मुझे सपोर्ट कर सकते हैं। है ना? क्योंकि चैनल डीमोननेटाइज है। इसके वजह से हम नहीं कर सकते हैं। सुपर चैट स्टार्ट अल्लाह का मोबाइल ये क्या साजिद भाई आपने जो बात कही थी क्या उसका हदीस दिया आपने? पहला सवाल तो यह है कि रोजे से अच्छा इतना मतलब चूल मच रही है आपको बात करने के फिर तो ज्वाइन क्यों नहीं कर रहे? हां मतलब ऐसा क्या मुसीबत आ पड़ा है आप पे जो जॉइ नहीं कर रहे बताइए। चलिए हमारे एक्स मुस्लिम रहमान भाई आ गए हैं। स्वागत है। इस्तकबाल है। कैसे हैं अल्लाह के फजलल से भाई? बस बढ़िया आपकी दुआएं हैं और अल्लाह का फजलल है। आप ठीक ही रहिए। ये हां ये क्या कह रहे हैं? एक बार इनका क्वेश्चन पढ़ते हैं। पहला सवाल तो ये है कि रोजा से ज्यादा नमाज की अहमियत है। पर हैज के नमाज ना पर रोजा। है बाद रोजा रखना पड़ता है। ये कैसा दोगलापन है? राइट? हां। रमजान के रोज एक भी अगर हम ये कर देते हैं ना ये अल्लाह का मोबाइल दे रहे हैं। क्या करें? ये शॉर्ट वीडियो का शॉर्ट वीडियो का ही लिंक दे रहे होंगे। ब्लेड भाई रहे हैं। ब्लेड भाई भाई आवाज आ रही जी जी मैं इधर ही हूं। अच्छा एक मिनट कोई मोमिन आया ब्रेड भाई देखना जरा आप कौन है अरे वही है अच्छा क्या गाली गलत करने वाले? नहीं थोड़ी देर में गाली उतरेगा। देखते हैं क्या बोलते हैं। बात कर लेते हैं। मुस्लिम हेलो मेरी आवाज आ रही है? मुस्लिम भाई बोलिए बोलिए। मुस्लिम भाई अच्छा मैं आप कह रहे हैं गाली गलौज। गाली गलौज मैं नहीं करता ना मैंने की क्योंकि हम लोगों के दीन की तरबियत नहीं। आप लोगों के जो एक्स मुस्लिम मूवमेंट है और आपके जो फॉलोअर्स हैं वह गालियां देते हैं। झूठ बोलते हैं। गंदे गलीज इल्जामात लगाते हैं और रिलीजियस फिगर्स को डिमीन करते हैं। यानी अभी और उसके और जो मुसलमानों में जो गालियां देने वाले भी है उन्होंने एज अ रिस्पांस गालियां देनी शुरू की है। तो यानी आप हम लोगों को गालियां हम पे डालें कि मुसलमान गालियां देने देते या देने आए हैं। आपकी आवाज नहीं मुझे आ रही। कौन बात कर रहा है? मुझे आपकी आवाज नहीं आ रही। अभी आपको किसी ने गाली दी क्या? नहीं नहीं आपने नहीं दी लेकिन आप कह रहे हो कि मैं गालियों वाला हूं या ऐसे ये बात गलत है। सर जरूरत थी। मुझे आपकी आवाज नहीं आ रही। सबको आ रही है एक दूसरे की आवाज। मुझे आपकी आवाज नहीं आ रही। आप पहले बता दीजिए। आप मुसलमान है तो कोई प्रूफ दे दीजिए कि आप मुसलमान हो। क्या क्या प्रूफ चाहते हैं आप? यानी आप आपके आप लोगों की आवाज कट रही है। कोई शायद मेरे नेट में मसला है या स्ट्रीम यार्ड में मसला है। भाई मेरी आवाज कट रही है क्या? नहीं आपकी आवाज मुझे तो आ रही है। पता नहीं फिर मुझे कट के आवाज आ रही है थोड़ी। आप मुझे क्या कहना चाह रहे हैं कि मुस्लिम होने का प्रूफ दे कोई आप ये पूछ रहे हैं आप सिर्फ ये आप कोई प्रूफ मत दे आप सिर्फ जो है वो सूर है काफिरून सुना दे सूरत काफिरून सुना दूं आउजुब्लाह मिन शैतजीम बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम कुल या अुल काफिरून लाद माबद वला तुम वला अनबिद हां ठीक है काफी है सही टाइम हो गया हां जी बात कीजिए एंजेल बन बात करेंगे आज के टॉपिक अच्छा मैं आया था इधर ये सुन के मैं वैसे ही आप लोगों की स्ट्रीम देखी तो मैं ये सोच के आया हूं के क्या नाम है आप लोग कह रहे थे कि नबी सल्लम की पैदाइश अपने बाप की वफात के चार साल बाद हुई थी। तो यह तो एक बहुत ही शदीद झूठ है जिसकी कोई हकीकत नहीं जिसकी कोई दलील नहीं है और आप उसे कभी भी साबित नहीं कर सकते। तो मैं क्या कह तो मैं तो मैं यानी इस पे बात सोचा कि अगर आप लोगों को इस बात पे इतना अपना यानी कॉन्फिडेंस है कि ये बात सच है तो आप मुझे इसका एविडेंस लाके दे दें। उस पर अगर आपको बात करनी है ना तो आप एक हमें डे बता जिस दिन हम बात करना चाहते जिस दिन आप फ्री रहेंगे उसी दिन चर्चा कर लेंगे ठीक है आप जिस दिन बोलिएगा बोलिए कब ये टाइम आप बता दीजिए हम इसी टॉपिक पे चर्चा कर लेंगे जी बोलिए इस टॉपिक से मुराद के नबी सल्लल् की पैदाइश अपने वालिद के चार साल बाद हुई थी कि नहीं हुई थी ये जो बात है इस पे भाई टॉपिक नहीं है आज का आज का क्या टॉपिक बात करना चाहती हूं आप मुझे डेट बता दीजिए हम पर्सनली आपके लिए ही स्ट्रीम स्टार्ट करेंगे ठीक है शेड्यूल करेंगे आप टाइम बता दीजिए किस दिन आपके लिए बात कर आपके अच्छा आप इसके बारे में डिबेट करना चाहते हैं कोई टाइम तो बता दें मुझे फिर कल तो नहीं कर सकता मैं परसों परसों कर लेते हैं परसों सही है आप लोगों के लिए कौन सा दिन है परसों सर ट्यूसडे ट्यूसडे ठीक है चलिए हम बात करते हैं आज का आज का टॉपिक है मुझे हिंदी नहीं पढ़नी आती वैसे अच्छा आप पाकिस्तान के हो जी औरत की इबादत क्यों बताई गई है इस्लाम में क्या बताया गया मैं काम करता हूं मैं छोड़ छोड़ के ज्वाइन करता हूं क्योंकि मुझे आपकी आवाज बहुत कट कट के आ रही है। शायद इसमें स्ट्रीम यार्ड में मसला है या मैं एक बार छोड़ के ज्वाइन करता हूं। कोई बात बता रही हूं। आपकी आवाज मुझे कोई दिक्कत नहीं लग रही है। मेरी आवाज क्लियर है ब्लेड भाई एक बार क्लिक यार। हां जी क्लियर है। अच्छा फिर इनको क्या मसला था भाई? पता नहीं इनको आवाज आ नहीं रही थी या बोलना नहीं। क्लियर थी। क्लियर थी। फिर से अच्छा आप फिर से बोले आपका क्या सब्जेक्ट है आज के टॉपिक औरत की इबादत बेकार क्यों कहीं औरत की इबादत बेकार तो नहीं कही किसने कहा औरत की इबादत बेकार है सबसे ज्यादा आपकी आवाज मुझे नहीं आ रही कट कट के आ रही है। पता नहीं क्या मसला है। मुझे समझ नहीं आ रही आपकी बात की। मेरी आवाज कट रही है। आवाज क्योंकि बात अभी तो आ रही है। पता नहीं स्ट्रीम यार्ड का मसला है या क्या मसला है? आवाज नहीं आ रही मुझे सही से। ये तो मतलब मेरे साइड सब ठीक है। अभी आवाज अभी आवाज आई आपकी जी एंजल बहन आपकी आवाज कट रही है। आई थिंक थोड़ी हां कट रही है। आपकी आवाज नहीं आ रही। बहन और मैं सिर्फ इसलिए जुड़ा था चलो आप कर लेना रीजॉइन या जो भी है जो बाकी भाई बहन हमारे यहां बैठे ये जो हमारा भाई आया पाकिस्तानी भाई हमारा ऐसे ही कल एक अहमद वहां पर जुड़ा था एंजेल बहन भी वहां थी उसकी स्टम भाई की तो ये लोग कुछ मेरे को ऐसे लगते हैं कि ये ऑलरेडी समझ चुके हैं इस्लाम की हकीकत को लेकिन ये टाइम वेस्ट करते हैं। ढाई घंटे लगाए उसने। ऐसी बात नहीं है। बहुत सारा कुछ सीखने को मिला जो एडमम भाई ने बताया। बाकी लोगों को सीखने को मिला होगा। लेकिन मेरे को अहमद भाई का है ना मेरे को लगा कि वो ऑलरेडी समझ चुके हैं कि इस्लाम की हकीकत क्या है। और ये भाई को भी मैं कई बार कई स्ट्रीम में सुन चुका हूं। तो मुझे लगता है ये भाई भी इस्लाम की हकीकत समझ चुके हैं। लेकिन जानबूझ के ना ये भाई बुरा मत मानना जो मेरे दिल में था मैंने बोल दिया। अच्छा नहीं देखिए जो आप बात करते हैं ना के पहली चीज मैं आपको एडमम के साथ बात करते हुए एडमम से मैंने काफी दफा बात की अगर आपने उन्हें फॉलो किया हो हां देखिए मैं आपको एक चीज बताता हूं जो वो स्ट्रीम होती है ना उस स्ट्रीम में एक तो वो एडमम की स्ट्रीम है ठीक है तो तो चलो स्ट्रीम में अगर आप देखें बिहेवियर एडमम का वो बंदा जब जवाब नहीं दे सकता वो गालियों पे आना चिल्लाना शुरू कर देता है। गालियों की बात मत छोड़ो लेकिन आप हकीकत समझ चुके हो कि नहीं समझ चुके हो जो मेरे को फील होता है। देखो आप इस्लाम की हकीकत समझ चुके हो। इस्लाम पे जो एतराज है ना मैं आपको एक बात बताता हूं। मैं जिधर रहा हूं ना हम लोगों का ना मिशनरी से बहुत वास्ता पड़ा है। तो जब शुरू में मिशनरी हम पर हमारे पास एतराज लेकर आते थे ना तो हम लोग बहुत परेशान हो जाते थे। सही है? फिर आहिस्ताआहिस्ता जब उनके जवाब पता चलना शुरू किए और समझ आना शुरू किया कि मिशनरी धोखा दे रहा है। अब आपको ना इस्लाम की नॉलेज है ना आपको क्रिश्चियनिटी की नॉलेज है। मुझे क्लियरली समझ आ रही है आपकी टोन से। जब आपको इस्लाम की इस्लाम की तो काफी हद तक है। चले फिर बात कर इस्लाम पे क्या बात करना चाहते हैं आप? नहीं नहीं मैं नहीं करूंगा भैया। एंजल बहन यहां पर है तो एंजल बहन जो एक्स मुस्लिम है जिनका चैनल है उनके होते हुए एक सनातनी आपसे इस्लाम पे बात करेगा। नहीं हां अगर कभी कोई मेरे को इजाजत देगा आपसे बात करने का या किसी चैनल पे तो मैं करूंगा। देखिए मुझे बात करने में कोई मसला नहीं और मैं बात भी उसूलों से करता हूं। ना मैं आपके खुदाओं को गालियां देता हूं ना मैं आपको गालियां देता हूं। लेकिन जो लॉजिकल बात है उसे सीधा सीधा जनाब मैंने आपसे कोई कोई बदतमीजी की मैंने कुछ नहीं बोला। मेरे को सिर्फ इतना बोला जो मेरे दिल में सुनो ना मैंने ये बोला कि मेरे को ऐसा लगता है कि जैसे कल अहमद भाई एडमम भाई की वहां स्ट्रीम में आए थे और उन्होंने ढाई घंटे तक एडमम भाई का सर खाया। चलो कोई बात नहीं उनकी कोई भी मंशा हो उनका कोई भी इरादा हो बाकी लोगों को समझ में आया होगा जो नए जुड़े होंगे हमने तो काफी टाइम से सुनी हुई है वो बातें लेकिन वैसे मेरे को लगता है कि आपको भी मैं कई चैनल्स पे सुन चुका हूं तो मुझे लगता है आप अहमद भाई और आप जैसे लोग है ना इस्लाम की हकीकत को समझ चुके हैं एक्चुअल में देखिए मैं अगर आप मेरी राय जानना चाहते हैं ना मैं इस्लाम को परफेक्ट समझता हूं जो सीधी सी बात है अभी उसमें जब एक एक पॉइंट पे आर्ग्यू करते कि यह हो गया, ऐसा हो गया, वैसा हो गया। तो एक-ए पॉइंट पे अभी भी मैं यहां पर आया था। इन्होंने एक बात कही थी। इस पे भी एडमम ने काफी यानी नरेटिव बनाया कि चार साल बाद पैदा हुए, चार साल बाद मैं आ गया स्ट्रीम में। मैं बोला आओ बात करते हैं। इस बारे में ही बात कर लेते हैं। आप ये साबित करके दिखा दो मुझे। तो लेकिन वो चलो खैर वो पॉइंट के बारे में तो मैंने कभी पढ़ा नहीं ना सुना नहीं। उसके बारे में भाई मैं आपसे बात नहीं करूंगा। आप कहीं पर मैं तो आपको भाई बोला छोटे भाई होंगे आप मेरे पढ़ रहे होंगे कहीं ना कहीं पर तो छोटे ही होंगे मेरे से इस इस बारे में अगर बात करनी है ना मैं तो एडमम से भी बात कर लूं मुझे कोई मसला नहीं है ये चार साल वाली बात पे मुझे कोई मसला नहीं है लेकिन मसला ये है एडमम से जब मैं बात करता हूं वो बंदा इतनी लंबी बात करता है और मुझे कहता है हां या ना में जवाब दो ये क्या एक शख्स इतनी लंबी बात करता है हां या ना में अलग-अलग मतलब आपको पता है ना सबका एक अलग अलग तरीका होता है बात। अब मैं जैसे बात कर रहा हूं। अब सारे तो ऐसे इतने आराम से नहीं ना बात कर सकते। किसी का कोई थोड़ा ज्यादा अग्रेसिव होता है, कोई कम अग्रेसिव होता है। लेकिन बात क्या है कि लॉजिक पे बात है। रेफरेंस दिखा के बात करता है। एडमम भी, साहिल भी सारे रेफरेंस दिखा के बात करते हैं। देखिए मैं जब वो इस्लामिक रेफरेंसेस बताता है ना तो मैं जज कर सकता हूं कि वो इसमें झूठ बोल रहा है कि सच बोल रहा है। और ये चीजें मैंने पॉइंट आउट की उसके सामने। देखो मैं आपसे बात कर रहा हूं। मैं अभी जाता हूं एडमम की स्ट्रीम पे। ठीक है? स्ट्रीम भी उसकी है, कंट्रोल भी उसका, रूल्स भी उसके, ऑडियंस भी उसकी। उसको क्या जरूरत है प्रेशर में आने की? प्रेशर में तो मुझे आना चाहिए। आपको पता है इस तरह ऐसी सिचुएशन में इंसान को जवाब पता भी हो भूल जाता है
कि भाई नहीं भाई, पता क्या होता है? मैं आपको एक बात बताता हूं। एडमम की मैंने मेरे को नहीं, सुनो। एडमम के ऊपर है ना, कई बार मेरे को भी होता है कि देखिए, ऐसे हो रहा है। लेकिन बात पता क्या है? एडमम की क्यों वो गुस्सा करता है? पता है क्या है? वो एक्चुअल में वो जैसे ही आप कोई मुंह से वर्ड निकालते हो ना, वो पहले ही समझ जाता है आप किस साइड में जाने वाले हो। वो जलेबियां बर्दाश्त नहीं कर सकता बेमतल की।
देखो, मैं आपको एक चीज बताता हूं। आप कह रहे हो ना पढ़ाने पढ़ने में उस बंदे में पेशेंस नहीं है। मैं आपको उसके मुकाबले में बताता हूं। मुसलमान है। पेशेंस की बात मैं नहीं कर रहा। मेरी एक बात सुनो। जो आप बोल रहे हो ना कि वो पहले ही बोलने लग जाता। मैं आपको यह बोल रहा हूं कि वो बंदा पहले, जैसे मैं अपने मुंह से एक शब्द, मैं आपकी बात नहीं करता। फॉर एग्जांपल, जब नॉन-मोमिन की स्ट्रीम होगी और अगर मैंने कभी मुंह से एक शब्द निकाला ना, वो समझ जाएगा कि ये किस डायरेक्शन में जा रहा है। उसकी मतलब कहते हैं ना, किसी की कैपेबिलिटी कैसी होती है? एबिलिटी कैसी होती है। वो बंदा वो है। इसलिए उसको गुस्सा आ जाता है।
ओम, एक मिनट यार। और एक बात बताओ, आप पाकिस्तान से हो ना? मेरी एक बात सुनो। आप पाकिस्तान से हो ना? मेरे भाई, मेरे छोटे भाई, आप पाकिस्तान से हो ना, प्यारे भाई? तो वो भी पाकिस्तान का ही, पाकिस्तान की जमल है, मेरे को ऐसा लग रहा है। आप भी पंजाब के एरिया के हो, पंजाब वहां पाकिस्तान के, वो भी वहीं पे ही पैदाइश है, वहीं पर बड़ा पड़ा है, सब कुछ वो करके। तो उसको है ना, मतलब वो उसको पता है कि भाई कि वहां पर क्या होता है, कैसे किया जाता है और हिंदुस्तान में अलग जलेबी बनाई जाती है, वहां अलग। तो वो एकदम समझ जाता है आप लोगों के मुंह से बात आते ही।
देखो, मैं मैं आपको एक चीज़ बताता हूं। आपका मसला है सर, पता है क्या है? अभी मैं आपको एडमम को उसकी क्रेडिबिलिटी जितनी होनी चाहिए ना, उससे बहुत ज्यादा दे रहे हो। हम लोग। भाई, मेरी बात सुनो। एक मिनट, एक मिनट रुको। सॉरी भाई, एक मिनट। ओम भाई, एक मिनट रुको भाई। आपने जो बताया ना, एडमम, एडमम, एडमम सीकर के बारे में जो है ना, मैं आपकी बात सुन रहा था। आपका ना, आपने जो बोला एक चीज है कि उसमें बहुत कम पेशेंस है। ऐसा पेशेंस ही नहीं है। आपने बोला है ये। ठीक है? आपका ही वर्ड है, स्टेटमेंट है। मैं आपको बताता हूं। मेरे पास इतनी सारी वीडियोस है उसकी, एडमम सीकर की डिबेट करते हुए किसी और बंदे के साथ, मुफ्ती के साथ या ना बाकी मुसलमानों के साथ, आधे घंटे की, एक घंटे की, जिसमें वो गाली भी नहीं दे रहा ना, वो वाला गाली दे रहा है ना, ये गाली दे रहा है, दोनों बहुत सारी है। ऐसी है, एक दो की नहीं है, बहुत सारी है। तो ये ये कहना बिल्कुल वो नहीं होगा कि यार उसमें पेशेंस है, उसमें पैसे दे। मैं ये बताता हूं कि अगर वो पेशेंस तब लूज करता है जब आगे वाला है ना, पर्सनल अटैक पे आता है। मैं मैं उसकी तारीफ नहीं कर रहा। मैं उसकी आप अगर बोल रहे हैं ना, उस पेशेंस है, तो इसका मतलब कि वो पेशेंस उसमें किसी के लिए नहीं है। उसमें कोई लोगों के लिए पेशेंस है, जो उसको पेशेंस बातें करता है, रिस्पेक्ट करता है, रिस्पेक्ट देता है और रिस्पेक्ट लेता भी है। देन इट्स फाइन। तो ऐसी मेरे पास वीडियोस पड़ी हुई है उसकी।
भाई, आपका नाम अवीर साहब, मुझे सही प्रोनाउंस कर रहा हूं मैं? आपका नाम अवीरा, अवीरा? हां, अवीरा, अवीरा। देखो, मैं आपको एक बात बताता हूं। मैं जितने टाइम से एक्स-मुस्लिम की स्ट्रीम पे आया हूं ना, मुझे नहीं याद कि मैंने किसी बंदे को गाली दी हो। ठीक है? ना किसी इंसान को, ना किसी की वरशिप, किसी की होली चीज को। लेकिन एडमम के साथ मैंने जो पहली डिस्कशन थी ना, उसी में ही उसने आते साथ ही गालियां पे गालियां, गालियां पे गालियां। और वजह पता है क्या है? वजह ये है कि ये लोगों के ना, ब्लासफहमी एक डिफेंस मैकेनिज्म है। आपको बात समझ आई कि डिफेंस मैकेनिज्म क्या है? अभी ज़द पटेल के साथ उसकी बात हुई थी। मैं वो पूरी, उसमें ज़द पटेल साहब जैसा ठंडा बंदा, अगला बंदा जो मर्जी है बोलता रहे। उनके मुंह से स्माइल नहीं हटती। वो इस्लाम पे बड़ेड़े अपनी तरफ से एतराज नहीं।
देखो, मेरे मेरे प्यारे भाई, मेरे छोटे भाई, मेरे पाकिस्तानी भाई, मेरी एक बात सुन लो। चलो, मैंने बात स्टार्ट की थी आपसे, तो थोड़ा अभी एंजल बैन नहीं है, अदरवाइज मैं आपसे बात नहीं करता। मैं कुछ और बोलने के लिए आया था, वो मैंने बोल दी बात। मेरी तो बात खत्म हो गई थी कि आप लोग इस्लाम की हकीकत समझ चुके हो, जैसे आप और एक अहमद भाई कल आए थे। एंजल बहन भी वहां बैठी थी, एडमम भाई की स्ट में। लेकिन मैं एक आपको एक बात बोलता हूं कि आप ये बोल रहे हो कि भाई कि उसके अंदर पेशेंस नहीं है, वो नहीं है। और जयद पटेल साहब की स्ट्रीम में, मैं तो जयद पटेल साहब को भी कभी गलत नहीं बोला किसी भी स्ट्रीम में। तो जयद पटेल साहब की स्ट्रीम में जब अभी वो गए थे, वो तो गए थे उसके अबूजर की वो स्ट्रीम में, जो वो चैलेंज कर रहा था या जो भी हुआ था, ये करके। वो चलो, जयद पटेल साहब भी थे वहां पर। चलो, कोई बात नहीं। लेकिन जो हमारे एडमम भाई है, वो क्यों मतलब कि हाइपर हुए थे? वो हाइपर पता है क्यों हुए थे? देखो, मेरी एक बात मान लो। मैं आपके बारे में नहीं बोल। लेकिन वहां जैद पटेल साहब के बारे में भी नहीं बोल रहा। मैं इवन अबूजर के बारे में भी नहीं बोल रहा। अबूज तो बाहर हो गया था। चलो, वो उसकी वो है। लेकिन मैं ये बोल रहा हूं कि वहां पर तीन-चार ऐसे कुत्ते आ गए थे भौंकने वाले। और वो आपको पता है। ये बात आप भी नहीं। वो उन्होंने भौकना स्टार्ट। यार, जब बात किसी और की हो रही है, कोई वो चैलेंज ले, वहां पर आया है बंदा, रिसोंड वीडियो के ऊपर, तो फिर वहां पर उनको क्यों टोंट करने की क्या जरूरत थी यार? और उसकी वॉइस डाउन करने की क्या जरूरत थी? और हमने सुना है वहां पर भी वॉइस डाउनलोड।
हेलो, मेरी आवाज आ रही है? हेलो, हेलो। जी, आवाज। हां जी, मैम। अब आप आप बोलो। मैं आप ही का वेट कर रहा था। आप बोलो। आवाज आ रही है? हां। तो चलिए, अब हम टॉपिक पे बात करते हैं, है ना? हां। अभी से आवाज आ रही है। बताएं। जी। हां। तो ये कहते हैं हमारे नबी साहब जो है कि आपकी दीन की मतलब कमी की वजह से आप जहन्नुम में सबसे ज्यादा पाई जाएंगी। और दीन की कमी का रीजन बताते हैं कि जब महिला जो होती है, औरतें जो हैज़ की वजह से उनका जो रोजा और नमाज कांड नहीं होते। इसके वजह से। तो आप ये बताइए कि क्या इस पे मेरे पॉइंट्स हैं चार-पांच? है ना? आप बताइए, क्या ये सही है?
पहली चीज, जो आपने हदीसे पढ़ी है ना, आपने दो हदीसे मिक्स कर दी है। आप उनको हदीसे लेकर आए, ओरिजिनल टेक्स्ट लेकर आए। आपको पता चलेगा कि ये दो अलग बातें हैं। आपने शर को किसी और की चीज में डाल दिया। तो सब एक ही में है। सब एक ही में है। सुनिए ना मेरी बात। आप नंबर लेकर आए। आपके पास तो आप होस्ट है, तो स्क्रीन शेयर करें। आप हदीस लेकर आए सामने। हां, हां, बात कर लेते हैं। ब्लेड भाई, जो भी हम इससे पहले हदीस पढ़ रहे थे ना, वो एक बार ला दीजिए। ये भाई खुद ही पढ़ लेंगे। लेकिन हिंदी में नहीं जाए, प्लीज। अगर आप इंग्लिश में ला सकते हैं, अरबी में, उर्दू में ला सकते हैं, क्योंकि हिंदी लैंग्वेज में पढ़ता नहीं हूं। मुझे आती नहीं हिंदी। नहीं है ना भाई? हिंदी नहीं है।
उर्दू में है। अच्छा, उर्दू में पढ़ना है क्या आपका? नजर आ रहा है आपको कुछ? बस ये है कि इंग्लिश में ले आए ताकि सबके लिए। कोई इंग्लिश, इंग्लिश आती है आपको? पढ़नी? आपकी शेयर नहीं है स्क्रीन। कर दिया ना? कर दिया। कर दिया मैंने शेयर। आपने शेयर कर दिया। अभी शेयर हुई है। ये देखिए, ये क्या लिखा हुआ है? एक्सप्लेनेशन ऑफ मेंसुरेशन हनाफिका है। द ब्लड कम्स आउट ऑफ द विजिना ऑफ एन आइडल वुमेन। इसमें इसकी फकी मामलात है। ये तो फकी मामलात है। इसमें वो हदीस नहीं। आप हदीस लेकर आए। हदीस, हदीस, हदीस। क्योंकि ये तो किसी वेबसाइट पर कोई आर्टिकल है। तो आप हदीस लेकर आए, असली हदीस। इसमें जो बातें की हुई है, मुझे पता है। मुझे पता है उस हदीस का मतलब, मुझे सब पता है उसके बारे में। मैं चाहता हूं आप लोग लेकर आए सामने, आपके बात लेकर आए। मुताफ मलिक वालों। ठीक है। हदीस 140। क्या हम हम? अच्छा, ये कह रहे हैं कि आप आर्टिकल या बस आर्टिकल लिखा हुआ है? क्या दावत-ए-इस्लामिया का? ब्लेड भाई, वो हदीस इनको एक बार शेयर कर दे। इनको पता है, फिर भी इनको जलेबियां बनानी है। ठीक है।
अब मुझे पता है। मुझे पता है। मुझे पता है। तो फिर वो चीजें देखने की इच्छा क्यों जाहिर कर रहे हैं आप? मैं आपको क्या कह रहा हूं कि आप हदीस गलत पढ़ रही हैं। अच्छा, ये ये बताइए आप। नहीं, हदीस तो हम सही पढ़ रहे। आप ये बताइए कि क्या इस्लाम में जो है, औरतों की इबादत के वजह इनको नहीं कहा गया कि मतलब कि जो भी उनकी नमाज रोजा जो भी कजा हुआ है, क्या उसका काउंट कर लेंगे अल्लाह? कि ये इस टाइम हमने हमसे जो भी नमाज छूटी है या जो भी रोजा छूटा है, क्या उसके बदले हमें अल्लाह सवाब देंगे?
देखिए, इसमें जो क्या बोलते हैं, छूटा या नहीं, इसमें एक चीज है के क्या जो जो औरतों को नमाज मना मना की हुई है। इसमें इसमें औरतों पे कोई अकाउंटेबिलिटी नहीं है। ठीक है? क्या क्या मतलब? क्या आप क्लियर करके बताइए ना? अगर औरतें नमाज नहीं, माफ़ कर दिया गया है या फिर उनके माफ़, माफ़ कर दिया गया है। तो इसके बदले भी सवाब देंगे हम? अगर नमाज नहीं पढ़े इस टाइम, तो उसके बदले हमें सवाब देंगे? इसका जो इसका जो रूल है ना, जो फकी रूल है, वो ये है कि अगर कोई बंदा एक चीज, एक इबादत पे पर्सिस्टेंट रहता है, लेकिन वो किसी बीमारी या किसी अर्ज की वजह से, कभी नहीं, किसी वीकनेस की वजह से नहीं कर सकता, तो उसको उसी तरह सवाब मिलता है। ये ये शरी का, ये शरी का ये वाला हदीस मुझे लाकर दे दीजिए। आज तक तो हम मतलब पागल ही थे जो ऐसी बातें कर रहे थे। आप इसका हदीस ला दीजिए जरा एक बार मेरे सामने। अच्छा, इसकी हदीस में आधा, इसके सवाब आधा मिलते हैं या थोड़े से मिलते हैं या ज्यादा मिलते हैं? ऐसा एक बार रेफरेंस मुझे लाकर दे दे आप।
अच्छा, वो रेफरेंस मैं आपको लाके देता हूं। पहले सामने जो हदीस है ना, ये पढ़ लीजिए। हां, पढ़ लीजिए ना। हां, इसमें पता है क्या है? इसमें ये लिखा हुआ है। सब मुझे थोड़ा ज़ूम बड़ा करें। बड़ा कर दे थोड़ा सा। थोड़ा सा बड़ा करें। इसमें लिखा हुआ है कि रसूल ने बस यहीं पे रहने दीजिए। हां। पढ़िए। तो उन्होंने कहा, औरतों के पास से गुजरे और फरमाया, पढ़िए ना आराम से। यहां से। रसूल करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम। यहां से पढ़िए। रसूल करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ईद उल अहा या ईदुल फितर में ईदगाह तशरीफ ले गए। वहां आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम औरतों के पास से गुजरे और फरमाया, ऐ औरतों की जमात, सदका करो। हम औरत कीजिए थोड़ा, क्योंकि मैंने जहन्नुम में ज्यादा तुम ही को देखा है। इन्होंने कहा, या रसूल अल्लाह, ऐसा क्यों? आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया, कि तुम लानतान बोध करती हो और शौहर की नाशुक्री करती हो। बावजूद बावजूद अकल और दीन में नाकिस होने के। मैं तुमसे ज्यादा किसी को भी एक अकलमंद और तजुर्बाकार आदमी को दीवाना बना देने वाला नहीं देखा। हम औरतों ने अर्ज की, औरतों ने अर्ज की, के करें। नीचे करें। अर्ज कीजिए। हां, हर अर्ज कीजिए। हमारे हमारे दीन और हमारी अकल में नुकसान क्या है, या रसूल अल्लाह? आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया, क्या औरत की गवाही मर्द की गवाही से निस्फ नहीं है? इन्होंने कहा, जी है। आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया, बस यही। इस आगे करें। इसकी अकल का नुकसान है। फिर आपने पूछा, क्या ऐसा नहीं है कि जब औरत हायजा हो, तो नमाज नहीं पढ़ सकती, ना रोजा? नीचे करें। रख सकती है? औरतों ने कहा, ऐसा ही। आपसे बोला कि ये ही इसके दीन का नुकसान है। ठीक है?
अभी आपने इसमें, अब एक सेकंड, आप चुप रहिएगा, ठीक है भाई मेरे। अब आप जितने लोग देख रहे हैं, हमने इनमें से क्या चीजें बोली थी एक्स्ट्रा, जो इनको लगा कि आप दूसरी हदीसों को, दूसरी हदीसों में जोड़कर बोल रही हैं, जबकि हमने हमने दो-तीन वर्ड बोले। अब ये भाई जो पढ़े हैं, तो इनसे और भी चीजें सामने निकल कर आई है। यही होता है। ठीक है? ये देखिए, चीजें होता है। चलिए, अब आगे बोलिए। हमने कौन सी हदीस मतलब कौन सा हदीस कौन से में मिला दिए थे भाई, जो आपको तकलीफ हुआ था? नहीं, उस टाइम पे जो आपने बात बोली थी, उसके लिए तो मैं इसको स्ट्रीम को पीछे करके देखना पड़ेगा। लेकिन मैं आपको इस हदीस की बात बता देता हूं। ठीक बता दूं? मतलब इतना जल्दी आप भूल जाते हैं। हां, चलिए, ठीक है।
अब यह बताइए, यह नीचे का जो लाइन है, अब यहां से आप पढ़िए। सुनिए, सुनिए ना, सुनिए ना। आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि यही इसकी दीन की, यहां से पढ़िए ना। हां, ये मैंने पढ़ा है ना, के यही कि उसको हैज़ आता है और उसमें वो नमाज और रोजे नहीं रख सकती। अब आप बताइए, क्या एक हैज़ जो है, एक औरत अपने आप से ले आती है? देखिए, इसमें जो आप बात कर रही हैं ना, कि क्या नाम है, के औरत का दीन कम हो जाता है। इसके तो बहुत से एस्पेक्ट्स है। इस्लाम जो है ना, उसका भाई, ये बातें हम सुन तो ले, सुन तो लें। देखें, जो जो बात है ना, मर्द और औरत का नेचर अलग है। जो नमाज़ें उसे उस टाइम पे आती हैं, वो उसे माफ है। ठीक है? मर्द को कभी नमाज़ माफ नहीं है। मर्द और औरत का नेचर। झूठ बोल, पूरी बात आप झूठ बोल रहे हो, तो फिर कैसे सुन लेंगे? जब यहां पे मतलब आप सही बोल रहे हो। नबी साहब झूठ बोल रहे हैं। अभी आपके नबी साहब। अभी मैंने उनको कंट्राडिक्ट नहीं किया। आप बात क्यों नहीं सुन रही? आप बात तो सुने। जो लिखा है उसपे ना चल के आपके मन के ऊपर चले। क्या कहना चाह रहे हैं आप? नहीं, नहीं, जो लिखा, नमाज माफ है, नमाज माफ है, जब इसके औरत मेंशन में थी, जी, माफ है उसको। रुका फिर ये नबी साहब तो नबी साहब पागल है या सही अल बुखारी साहब पागल है, कौन थे जो ऐसे बातें कर रहे कि आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि ये चीजें पढ़ी है ना, यही यहां से इस लाइन से आप एक बार फिर से रिपीट कर दीजिए, शायद हमसे गलती हो रही है समझने में। एक बार फिर से रिपीट कीजिए। आप यहां से।
को रिपीट करने की जरूरत नहीं है। उसको रिपीट करने की जरूरत नहीं है। आप बस मेरी बात मुझे समझाने दें। हम मैं जो इसमें बात कर रहा हूं के क्या बोलते हैं, इसमें जो दो बातें हैं, पहली बात है अकल की बात है। ठीक है? के जो हम अकल को अभी नहीं लेते। अकल के लिए हम टॉपिक दूसरा रखे हैं। मुझे तो आज बस इसी पे बात करनी है। इबादत उनकी कमजोर क्यों बताई गई है? कम क्यों बताई गई है? इसके वजह से वो दोजख में क्यों जाएंगी? नहीं, नहीं, नहीं, इसकी वजह से दोजख में नहीं। इसमें दो-तीन बातें हैं। इसमें दो-तीन बात चीज है। इसमें ऊपर जाए थोड़ा सा ऊपर जाए। फिर से इसी में थोड़ा सा ऊपर जाए। जो दीन की कमी बताई गई है, उसके कारण सबर। ऊपर जाए। एंजल साहब, बस ऊपर जाए। ऊपर जाए। दोबारा पढ़ते हैं। अब कह रही है ना, दोबारा पढ़ते हैं। मैं खुद दोबारा पढ़ाता हूं। नहीं, नीचे बस, नीचे का लाइन हमें पढ़ना है। ऊपर से हमें वो देख लिए। वो क्या कह रहे हैं, वो हम सब। अब इस पे हम एक-एक पॉइंट पे अगर हम स्ट्रीम करने बैठे ना, तो बहुत लंबा हो जाएगा। फिलहाल एक टॉपिक पे हम चलते हैं। आपको जब हमें स्टार्टिंग में ये सारी चीजों को एक साथ बताएं, तो आपने कहा कि आप 10 मतलब कि दो-चार हदीसों को एक साथ मिलाकर पढ़ रही हैं। सुनिए। ठीक है? और जब नहीं, एक सेकंड, एक बात हम, एक अरे नहीं, एक सेकंड, एक मिनट, म्यूट लगाइए आप अपने। जब अभी हम एक पॉइंट पे चल रहे, तो आप कह रहे आप सारे हदीसों को लेकर चले। जब हम सारी हदीसों को एक साथ बोले, तो आप कह रहे थे कि सारी हदीसों को आप एक साथ मिक्स करके बात कर रही हैं। और अभी हम एक को लेकर चल रहे, तो आप सारी हदीसों को एक साथ ला रहे हैं। देखिए, मैं आपको जो बात बोल रहा हूं, मैं आपने जो पहले हदीसे पढ़ ली, आपने हदीसे मिक्स कर दी। ठीक है? अब वो उस वापस तो मैंने आपको बोला, अभी आप एक बार जाकर देखना, मेरे भाई, एक बार आप YouTube पे जाके देखना, क्या हम बोले थे और आप क्या बोल रहे हैं। मेरी बात सुन ले, प्लीज। मैं आपको बताता हूं। जब इन्होंने इसमें जो जहन्नुम की बात हुई है, अभी ये सामने अच्छा किया आपने, ये लाइन ली। मैं ये लाइन ढूंढ रहा था। इन्होंने क्या, मैंने जहन्नुम में ज्यादा तुम ही को देखा है। ठीक है? उन्होंने कहा, या रसूल अल्लाह, ऐसा क्यों? आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया, कि तुम लानतान बहुत करती हो और शौहर की नाशुक्री करती हो। ठीक है? तो ये दो बातें हैं। ये बात, ये दो बातें हैं। तुम तुम मतलब क्या होता है? एक चीज। ठीक है? आप अगर ये टॉपिक लेकर चल रहे हैं, तो ठीक है। आई एग्री। आप ये बताइए, तुम मतलब क्या होता है? तुम मतलब क्या? इनको यहां पे किनको वो मतलब कह रहे हैं? तुम मींस क्या? औरतों को कह रहे हैं। औरतों को कह रहे हैं। लेकिन इन्होंने इन लोगों ने ये जो नाकिस और नाकिस अकर दीन की बात कही है कि ये जो को छोड़ दीजिए, दीन को छोड़ दीजिए। अरे आप तो मतलब हर 10 सेकंड के बाद पलट रहे हैं। नहीं, नहीं, नहीं। मैं बात, पहले एक सवाल। अरे, एक सेकंड, मेरे अभी आपने एक सवाल किया, तो जवाब तो ले लें। मुस्लिम साहब, जब सवाल किया, तो जवाब तो ले लें। अभी हम नीचे के स्टार्ट में कह रहे थे कि अब हम बात करते हैं सिर्फ दीन पे, तो आप बोले हम ऊपर वाला पढ़ते हैं। जब ऊपर वाला आपने पढ़ा, तो हम जवाब देना चाह रहे, तो अब फिर से आप आगे बढ़ रहे हैं। एक सवाल का जवाब रही है। आप अलग-अलग चीजें मिला रही हैं। अच्छा, इसमें जो लिखा है, वो हम नहीं बात कर रहे हैं। हम कहीं और से लाकर बात कर रहे हैं। नहीं, इसमें दो बातें हैं। इसमें पहली बात है कि तुम में ज्यादा जहन्नुम में मैंने देखी है। तो उन्होंने कहा, ऐसा क्यों है? तो उन्होंने कहा कि तुम लानतान ज्यादा करती हो और तुम शौहर की नाफरमानी करती हो। फिर हम नहीं, अभी यही तक रहे। अरे, एक पहले क्लियर कर ले, भाई, फिर आगे बढ़ेंगे। करें। एक चीज पहले क्लियर कर ले, फिर आगे बढ़ेंगे। ठीक है? चलिए।
अब यहां पे जो कह रहे हैं, वो जो नबी साहब कह रहे हैं कि तुम तुम का मतलब क्या हो रहा है? है ना? औरतों से क्या मतलब? औरतों से बात कर रहे हैं? और औरतों से क्या कह रहे हैं कि तुम लानतान ज्यादा करती हो और शौहर की ना सुक्री करती हो? हम यही कह रहे हैं ना? जी। ना तुम तुम मींस औरत। और मींस सारी औरतें। राइट ना? कि एक सारी औरतें नहीं, इन जनरल औरतें। इन जनरल। इन जनरल बोले तो एक्सेप्शन होती है, यानी एक्सेप्शन भी होती है, यार। मतलब क्या? क्या इसका क्या मतलब है, भाई? जरा मतलब बताना। नहीं, बहन, आप मेरे को भेज देना। मेरे को जनरल। मुझे आ जाती है। अरे भाई, ये तो भाई, इतना तो मुझे भी समझ में आता है, भाई। इतना तो मुझे भी समझ में आता है कि ये सारी औरतों की बात कर रहा है, जैसे कि कुरान बोलता है। समझ नहीं आता? आप इसे एफसाइज करना चाहते हो? अरे, इन जनरल क्या होता है, मेरे भाई? अरे भाई, एंजल बहन, इनसे पूछिए कि कुरान कहता है कि औरत आधी अकल की होती है, तो क्या ये जनरल की बात कर रहा है? क्या सारी औरतों के बारे में बातें कर रहा है कुरान? इनसे पूछिए। वही तो, वही तो। देखिए, अगर अगर आप उस सब्जेक्ट पे भी जाते हो, आप मुझे बताओ कुरान में किधर लिखा हुआ है कि औरतें आधी अकल की होती है? वो तो हम दिखा देंगे। पहले आप जो पकड़े हो ना, उसको साबित कर दो, फिर भागना। ठीक है? अब ज्यादा नहीं। अब ज्यादा नहीं। अब ज्यादा नहीं। अब ज्यादा नहीं। अब जो बात कर रहे हो, उसप टिके रहो। बात पे तो मैं टिका हूं। आप लोग दूसरे से। तुम का मतलब क्या होता है? इन जनरल क्या? अरे सुनो तो। अब सुनो तो। सुनो तो। सुनो तो। तुम चुप हो जाओ थोड़ी देर। चुप हो जाओ थोड़ी देर। चुप हो जाओ थोड़ी देर। चुप हो जाओ ना। ये बताओ, तुम का मतलब क्या होता है? इन क्या आपके नबी साहब जो है, वो औरतों में भी अब ये डिसाइड करते हैं कि एक एक कुछ औरतें अच्छी होती है, कुछ औरतें खराब होती है? ऐसा कह रहे हैं? तो उसका कैटेगरी बता दो। किस तरीके से लोग वहां पे थे और वो उनको कैसे पता चला था कि यहां पे जितनी औरतें खड़ी हैं, वो सब इन जनरल क्या आपने बोला? मतलब कि वो गलत तरीके की औरत है। ऐसा कैसे उन्होंने डिसाइड कर लिया था? आप जवाब दो इसका। फिर आगे बढ़ेंगे हम।
इसका जवाब ये ना, आपको मेरी बात की समझ आई, ना हदीस की समझ आई। ये बात का सीधा सा जवाब है। आर्गुमेंट क्रिएट करना है। सॉरी, एक मिनट, एक मिनट। सॉरी, एंजल बहन, एक मिनट यार। आप एक आपसे रिक्वेस्ट है, वो चैट में ना, ऐश आर बिश, उसको मोड बना देना यार, प्लीज। मोड बना दीजिए। ऐश आर विश। ठीक है? सॉरी। ठीक है। ठीक है। बना देंगे। अभी ये कह रहे हैं कि ना तो मेरी हदीसों को आपने समझा और ना मेरी बातों को समझा। ठीक है? अब जो यहां पर लिखा हुआ है, यह चाहते हैं कि इनके जैसा हम भी जाहिल बन जाएं। जो लिखा है, उसको ना पढ़ें। उसको हम नजरअंदाज करके अपनी बात को यहां पे ऐड कर दें। तो, हम देखो, मेरे पास आंख है, हम आंख से देख के पढ़ेंगे। मेरे पास जहन है। हम बुद्धि से जो लिखा है, वही चीजें पढ़ेंगे। ठीक है, मुस्लिम भाई? आपके जैसा हम अंधा नहीं हो सकते। राइट? यहां पे फरमाया कि तुम लानतान बहुत करती हो और शौहर की नाशुक्री करती हो। यह लाइन को यह कह रहे हैं कि पता नहीं हम क्या पढ़ते। इस लाइन को हमको क्या पढ़ना चाहिए, आपके हिसाब से बताइए। मैं आपको आसान अल्फाज में समझाता हूं। अगर एक कभी किसी ग्रुप के बारे में कोई एक बात कही जाती है, तो इसका मतलब ये नहीं होता कि उस ग्रुप का ईच एंड एव्री इंडिविजुअल उस लेवल पर हो। लेकिन आमतौर पे औरतें जो होती हैं, वो ज्यादा लानतान करती हैं और शोहर की नाशुक्री करती हैं। ये नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया। तो सबके लिए कहा या सिर्फ कुछ के लिए? भाई, ये तो क्लियर कर दो आप। मैं यही तो क्लियर कर रहा हूं कि ये ग्रुप ऑफ वुमेन तो आम तौर पे औरतों के बारे में कहा गया है। आम तौर पे। खास तौर पे किसके लिए था? तो क्लियर बोलो कि सभी औरतों के लिए कहा गया। नहीं, एक सेकंड, सभी औरतों के लिए बोलो या फिर बोलो कि कुछ औरतों के लिए। ऐसा इतना जलेबी मत बनाओ। सीधी बात को इतना उलझाओ मत कि पब्लिक भी एकदम परेशान हो जाए। सीधी बात करो। सीधी बात। ये आम लोगों के लिए था या कुछ खास लोगों के लिए था? आम लोगों के लिए। आम महिलाओं। नहीं, नहीं, नहीं, नहीं। आप ना आम और खास, जो आप कह रही हैं, आप दो एक्सट्रीम से जा रही हैं। अरे, आप कह रहे भाई, आप पागल वगल तो नहीं हो? आप ये बातें कर रहे हो? जब हम उसी बात को रिपीट कर रहे, फिर कह रहे आप ये गलत बातें कर रहे हो। आपको बात समझ नहीं आ रही है ना? दिमाग आपको। देखिए, आपको बात समझ नहीं आ रही है। मैं आपको जो बात कह रहा हूं, खैर, देखो, जो यानी खैर, कितनी बार मैं भी तीसरी बार समझाऊंगा, यानी तो आप अपनी आप लोगों का पता है क्या समझ पा रहे आप? मैं अब समझा दिया। जो बात करने का पता है क्या पूछ रहे हैं आपसे हम? पूछ रहे हैं ये जो नहीं, ऐसे नहीं बात होती है। सुनिए, ऐसे बात नहीं होती है। सुनिए, मेरी बात। ऐसे बातें नहीं होती है। हम जब एक क्वेश्चन पे सवाल उठाया, आपने पूरी हदीस को मिला दिया। जब हमने पूरी हदीस को लाया, तो आप एक क्वेश्चन पे आ गए। अगर एक क्वेश्चन पे आ गए, तो अब कह रहे हैं कि ये सिर्फ एक कैटेगरी, यानी एक ग्रुप के लिए कहा गया। तो आपसे हम बस यही कंफर्म करना चाह रहे हैं कि ये एक ग्रुप के लिए था मैसेज या फिर सारी औरतों के लिए यह मैसेज था। अब अनम्यूट करेंगे आप? अनम्यूट करके आप इतना ही बताइए कि एक के लिए था या सबके लिए था? मुस्लिम जी, अनम्यूट करके बोलिए। ये औरतों के लिए आमतौर पे, सब औरतों के लिए। सब औरतों के लिए। शाबाश। जितने लोग देख रहे हैं, अभी सबने इनकी बात को सुन लिया है। गाइस, यहां पर कितने लोग बैठे हुए हैं? ब्लेड भाई, अभीर भाई, क्या आपने सुना है इनकी बात को? मैंने सुना है। सभी के लिए बोला। सभी के लिए बोला। अब पीछे नहीं हटोगे, भाई? मैं पीछे शुरू से नहीं हटा। आप मेरी आप चलो, अब अब बस, बस, बस, बस, बस। अब बस यार, बस कर दो। अब आपने बोला ना, अब मुझे बोलने दीजिए ना। आपने कहा, यह जो मैसेज है, आमतौर पे सभी महिलाओं के लिए, राइट? अब यह बताइए कि फातिमा रज़ियल्लाहु अन्हा, क्या वो औरत थी या गे थी? औरत थी वो। ऑफ कोर्स, यानी औरत थी। तो फिर नबी साहब ने ऐसा क्यों कहा कि तुम औरतों की सरदार बनोगी या जन्नत में सबसे पहला हक तुम्हारा होगा, तुम जन्नत की सरदार बनोगी? क्या वो गे थी? औरत थी वो। ये देखिए, आप जब बात करते हैं कि इस तरह के वर्ड्स, आप रेस्पेक्टेड, लाजिम सी बात यार। अभी हमने आपसे पहले कंफर्म, एक सेकंड, अभी हमने आपसे कंफर्म कर लिया था कि आप मुकर मत जाना। आपने बोला, हम नहीं मुकरे हैं। ठीक है? अब हम ये बात पे जो वाजिब बात कर रहे थे, उनके भी शौहर थे, उनके भी शौहर थे, उनके भी बच्चे थे, वो भी एक औरत थी। वो भी एक जहनी तौर से, जैसे आपने इनके बारे में कहा, लान तान करती है, डेफिनेटली वो भी लान तान करती होंगी। नहीं करती? नहीं। हां, तो इसका मतलब है कि वो औरत नहीं थी, वो गे थी। इसका मतलब, इसका मतलब आपका दिमाग आता है। देख लो, गाइस, इसका मतलब आपको समझ नहीं। देखिए, आप लोगों का मसला पता है क्या है? जितने लोग देख रहे हैं ना, अभी आपका मसला पता है क्या है? आप लोगों का मसला पता है क्या है? अभी ये अपने ही बातों में फंस चुके हैं। आप लोगों का मसला पता है क्या है? एक सेकंड, एक सेकंड। ये जब फंस गए अपने ही बातों में। देखिए, हम ना तो इनके अपने शब्द इनके मुंह पर डाले। जो ये बोले, वही हम इनसे रिपीट कराएं। भाई, भाई, भाई, मेरी बात सुनो। भाई, एंजल बहन ने ना, जो बोला ना, अभी ना आपके मोहम्मद नबी मोहम्मद साहब के ना, मुंह मुंह मुंह मुबारक से बोला है कि उन्होंने जो कोट किया है ना, वो मोहम्मद साहब ने बोला है इस चीज के बारे में। ठीक है? तो आप उनके बारे में कैसे ना बोल सकते? मैं आपसे कुछ बात कर लूं? मुझे आप बात करने दे। मैं कुछ आप देखिए, आप जो है ना, इसको क्या बोलते हैं? अगर आप लोगों को इंग्लिश की समझ आती है। इसको बोलते हैं डोंट पुट योर वर्ड्स इन माय माउथ। यानी जो आप लोग अपनी ओपिनियन है ना, आप हदीस को अपने मतलब से पढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। एक बात जो समझाई है ना, हम जो है ना, हम दिमाग लगा के पढ़ते हैं। ठीक है? और आप जो है ना, जो लिखी हुई चीजें है ना, उसको कहते हैं कि ना, ये लिखा हुआ ही नहीं है। जो लिखा हुआ है, उसको कहते हैं ना, ये लिखा हुआ ही नहीं। हम तो अपने तरीके से पढ़ेंगे। यह आपकी फितरत है। हमने तो वही चीज़ पढ़ी जो इसमें लिखा है और उस पे ही अड़े हुए हैं। आप हमेशा पलट रहे हैं। आप आपने जो उसका अपना गलत मतलब निकाला, आप उस पे अड़ी हुई है। आप उसमें जो लिखा, हमने क्या गलत? अरे, हमने क्या गलत मतलब निकाला? फरमाया कि तुम लान तान बहुत करती हो और शौहर की नासुक्री करती हो। हमने बोला, ये आम लोगों के लिए है या सब लोगों के लिए? आपने बोला है कि ये आमतौर पे सभी महिलाओं के लिए है। हमने पूछा, हजरत फातिमा रज़ियल्लाहु अन्हा औरत थी। आपने बोला, हां। तो हमने बोला कि फिर वो जन्नत क्यों जाएगी? आपने बोला, वो जाएगी। जबरदस्ती क्यों जाएगी? या तो वो गेह है, औरत है ही नहीं है, तभी वो जा सकती है। जबकि आपने कहा कि औरतों की फितरत होती है। अगर वो एक फितरत औरत है, तो उनके अंदर भी सेम चीजें होंगी। ये पलट तो आप रहे हैं, जनाब। अगर आप मुझे बात समझ। देखिए, मैं आपको यह बात दो-तीन बार समझा चुका हूं और यह चीज मैंने देखी पिछले दिनों उसमें भी, जो एक आध क्वेश्चनर आई थी। आप लोग अपनी बात रिपीट किए जाते हैं। आप अगले बंदे की बात ना समझना चाहते हैं, ना समझते हैं। इसलिए आप लोगों को हमारी बात समझ नहीं आती। आप लोग करते हैं सवाल कि किसी को फंसाने के लिए, इसको ट्रैप करने के लिए। आप नहीं ट्रैप कर रहे। आप नहीं ट्रैप कर रहे। आप क्या लेना देना? अगर कोई गु खाना चाहे, तो खा लो, उसकी मर्जी। हमें तो काम है कि देखो, यह गु है, यह खाना, यह दिखाना है। अब कोई गु को पसंद कर रहा है, तो खा ले, हमें क्या दिक्कत है? और अगर वो गु ही नहीं है, फिर भाई, भाई, सॉरी, सॉरी। समझ नहीं आई। अगर वो चॉकलेट, डार्क चॉकलेट है, फिर क्या करें? अच्छा, भाई, मेरी बात सुनिए। आपको फिर गलत बोल रहे हो ना? आपको दिख रहा है ना? वही तो आपको दिख रहा है। डार्क चॉकलेट ही दिख रहा है। भाई, मेरी बात सुनिए। फिर क्या करें? भाईजान, भाई, मेरी बात सुनिए। आपको ये अब समझाना है, भाई। हमें। मैं भी, हम सभी काफी लोग सुन रहे हैं आपकी। आपको ये समझाना है, एंजल बहन, जो बोल रही है ना, वो रसूल अल्लाह खुद बोल रहे हैं। तो आपको ये समझाना है कि रसूल अल्लाह ने ऐसी बात क्यों बोली? आपको।
आप इस इस ढंग से रसूल अल्लाह के ऊपर तो आपको यकीन है ना? तो आपको हमें ये समझाना है कि यार रसूल अल्लाह ने ऐसी ये स्टेटमेंट क्यों बोली औरतों के बारे में? इस इस हजरत के बारे में क्यों बोला ऐसा? तो प्लीज समझाइए हमें।
देखिए, जो ये मैंने बात... मैं आपको चलो फिर से, मैं आराम से फिर से समझाता हूं। ये जो बात नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने की है, इन्होंने कहा कि आम तौर पे औरतें इस तरह करती हैं और ये कि उस अंदाज़ में के नसीहत के अंदाज़ में। ठीक है? के तुम लानतान ज्यादा करती हो, ठीक है? और शौहर की नाशुक्री करती हो। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि दुनिया की हर औरत जो है ना, वो लानतान करती है और शौहर की नाशुक्री करती है। ये वो एट्रिब्यूट्स हैं जो औरतों में ज्यादा पाए जाते हैं। इसको इस तरह कहा गया है।
और यह इस तरह तमाम औरतों के बारे में आप इस तरह कह रहे हैं? आप यह इस तरह कह रहे थे जब आपके नबी साहब... अरे, जब आपके नबी साहब इतना एक्सप्लेन कर रहे थे ना, तो वो एक बीच में ऐड कर देते कि कुछ औरतें... नहीं, नहीं, नहीं। कुछ औरतों की बात नहीं है। इन जनरल औरतों में आदतें ज्यादा ज्यादा होती हैं। इसका मतलब ये नहीं कि हर औरत में यही है। ये सीधी सी बात आपको नहीं समझ आई? ये हर... ये वो जो वर्ड आप यूज़ कर रहे थे, इसका मतलब है कि आपसे भी कम दिमाग थे क्या नबी साहब? नहीं, दिमाग लगा रहे हैं और वो इतना नहीं लगा पा रहे। आपको नहीं समझ आई। आपको नहीं समझ आई। बात ये आप समझना नहीं चाह रही। मैंने आपको ये बात अभी तीसरी बार समझा चुका हूं। तीसरी बार मैं समझा चुका हूं। खुद ही नहीं समझ रहे।
आप देखिए, आप आप रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को गलत... आप देखिए, गुस्ताखी कर रहे हैं। मुस्लिम भाई, आप गुस्ताखी कर रहे हैं। नहीं, मैं गुस्ताखी नहीं कर रहा। हां, आप गुस्ताखी कर रहे हैं। आप नबी साहब के बात को बीच में काट रहे हैं। आप कह रहे हैं वो गलत बोले। आप अपने मन से ऐड कर रहे हैं। नहीं, आप कह रहे आप ऐड कर रहे हैं। कुछ नबी साहब ने... अरे रुको, म्यूट करो। देखिए, आप क्या कह रहे हैं? आप गुस्ताखी कर रहे हैं, ठीक है? और हम अपने चैनल पे नबी साहब के खिलाफ गुस्ताखी होने नहीं देंगे। हमारे नबी साहब ने बिल्कुल ये नहीं कहा है, ठीक है? जो आप बातें कर रहे, वो आम सभी के लिए कहा है, औरतों के लिए कहा है। और आप बीच में कह रहे हैं इन जनरल, इन जनरल। तो आप यह गुस्ताखी नहीं कर रहे? उनकी हदीसों के साथ छेड़छाड़ नहीं कर रहे? अनम्यूट कीजिए। आप बताइए। मैंने उनहीं की हदीस सही से समझाने की आपको कोशिश की है। आप अपने वर्ड डाल दीजिएगा। आप समझाने के लिए मतलब आप अपने वर्ड डाल दीजिएगा उसमें। आपको स्ट्रेट फॉरवर्ड वर्ड में नहीं समझ आ रहे तो फिर मैं अपने वर्ड्स डालूंगा। मेरे... मैं अभी शर्त खोल लेता हूं हदीस की। एक सेकंड। मैं हदीस की शो... मतलब कि आप इस्लाम के मतलब हदीसों के साथ छेड़छाड़ करेंगे? नहीं, नहीं, मैं छेड़छाड़ का कर रहा हूं। मैं आपको सही मतलब समझा रहा हूं। आप जिद कर रही हैं। हां, तो जो लिखा है वो आप वो नहीं पढ़ रहे आप। हम रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के एक लफ्ज को ऊपर नीचे नहीं कर सकते और आप इसमें अपना मनसेज इन जनरल जनरल ऐड कर रहे हैं। बताइए, आपको क्या लगता है नबी साहब के पास कम दिमाग था? अगर उनके पास ये जानकारी तो फिर वो ऐड नहीं करते इसमें। अच्छा, आप क्या साबित करना चाहते? एक सेकंड, एक सेकंड। मैं क्या करता हूं? क्या बोलते हैं? मैं आपको इस हदीस की शर... आपको हदीस श का मतलब पता है? आपको शर् क्या होता है? अरे, जो लिखा है वहां पे तो आप टिक नहीं रहे हैं। नहीं, जो लिखा है उसकी आपको समझ नहीं आ रही। मैं समझा रहा हूं फिर। नहीं, समझा रही। आपको एक्सप्लेनेशन हदीस की दिखाऊं? किसी ऑफिशियल? रसूल अल्लाह से ज्यादा समझदार हो गए हैं? भाई, नहीं, नहीं, मैं उनसे ज्यादा समझदार नहीं हुआ। आप उनकी बात गलत कोट कर रही हैं और कह रही हैं कि जब हम... आप कह रहे हैं हम गलत कोट कर रहे हैं। हम गलत कोट कर रहे हैं। यहां जो लिखा हुआ है, हाय, यहां लिखा हुआ है फरमाया कि तुम लानतान बहुत करती हो और तुम और शौहर की नाशुक्री करती हो। बताइए। और आप कह रहे हैं कि ये, ये अपना मन से एक लाइन ऐड कर जा रहे हैं। इतने देर से आप बताइए क्या समझा रहा हूं। एंजल बहन, एक मिनट। अच्छा भाई, मेरी बात सुनो। मैं भाई, मैं मैं आपसे ना, मैं आपको समझाता हूं। मेरे ख्याल से एंजेल बहन ना, मैं ये कह रहा हूं कि इसमें जो ना, आप जो कह रहे हैं ना कि कुछ औरतें, आपने ये बोला ना भाई कि कुछ औरतें, देखो ना भाई यार, जनरल, देखो ना भाई, ये गुस्ताख क्यों कर रहे हैं भाई? अच्छा भाई, मेरी, भाई, आपका कुरान है ना, एक्सेप्शन पे भरा पड़ा हुआ है। एक्सेप्शन, एक्सेप्शन पे ना, तो बहुत भरा पड़ा हुआ है। जैसे कि सूरह में तो ये, आप ये चाहते तो वो भी डालते, वो डाल देते कि भैया, कुछ औरतें, कुछ औरतें तो मानिए। आप उसमें कुछ और बात कर रहे हैं। इधर कुछ और बात हो रही है। अगर मैं आपको उस बात पे जवाब देने जाऊंगा, आप कहेंगे ये सब्जेक्ट से भाग रहे हैं। मैं भी आपका नाम फिर गायब हो गया। उर्वी था आपका नाम। एक सेकंड, मैं आपका नाम देखता हूं। ठीक है। अभीर है। अभीर, अभीर, अवीर। तो मैं आपको बता रहा हूं कि इधर जो मैंने जो बात लिखी हुई है, असल में जो बात लिखी है, वो मैंने समझाई है। दो-तीन दफा समझाई है। लेकिन अगर आप उसे जबरदस्ती नहीं समझाना चाहते, तो मैं आपकी मदद नहीं कर सकता। जो इसका असल मतलब मैंने आपको समझाया, लेकिन अगर आप नहीं समझना चाहते, मैं आपको कोई इंसल्ट, कोई ऐसा नहीं कर रहा, लेकिन मैं आपको एक बात सीधी-सीधी समझा रहा हूं। ठीक है? तो समझ आई आपको? अगर आप चाहते हैं, मैं आखरी भर भी... देखो, एंजल बहन की परमिशन से, मैं ना, मैं सिर्फ एक मिनट के लिए हुए। मैं सिर्फ एक मिनट के लिए ऐड हुआ। एक मिनट, एक मिनट, बात करने दो। मेरे को भाई के, एक मिनट के लिए बात करने दो। जी, चलो देखिए, फिर मेरा जवाब भी मुझे देने देना। अगर आप कोई बात करते हो तो ऐसा ना हो कि हां जी, सिर्फ एक मिनट बात करके मैं निकल रहा हूं यहां से। मैंने बहन से परमिशन मांगी थी, पर बहन ने मेरे को ऐड कर लिया। मैं चुप बैठा था, फिर भी चुप करके मैंने कहा, चलो बात चल रही है। सिर्फ एक मिनट, भाई, जो मेरे पाकिस्तानी भाई हैं, प्यारे भाई, मेरा छोटा भाई है। चलो, मैं एक मिनट सिर्फ आपसे बात करूंगा। आपने वो हदीस पढ़ी जो बहन ने दिखाई और जो सामने लगी हुई है? मेरे को तो उर्दू पढ़नी नहीं आती। तो चलो, आपने पढ़ी। लेकिन उसमें आपने कारण बताया? मतलब यानी कि रीजन बताया आपने कि भाई, कि एक तो लानतान ज्यादा करती है और दूसरी बात क्या है कि वो अपनी उनकी नाशुरी करती है। अच्छा, लानतान का मतलब भी आपको पता है। ठीक है? मेरे को तो पता है, लेकिन मैं फिर भी सारी व्यूअर्स के लिए, एंजल बहन के जितने भी सुनने वाले हैं, उनके लिए समझाना चाहता हूं। लान का मतलब होता है ना, मतलब अपने पति के ऊपर वो करती है, अपने हस्बैंड के ऊपर, ठीक है, ठीक है। नहीं, पति पे नहीं, नहीं, आप गलत समझा। सुनो ना, सुनो। चलो, किसी, चलो, किसी के ऊपर भी। वाला पॉइंट दूसरा। और जो दूसरी बात है, जो नाशुक्री करती है, सुनो, नाशुक्री पे आ रहा हूं मैं। मेरा मेन पॉइंट नाशुक्री पे है। तो जो नाशुक्री करती है, नाशुक्री का मतलब ये होता है, जो हमारी भारत की जनता है, जो सुनने वाले, कईयों को नहीं पता होगा उर्दू का मतलब। नाशुक्री का मतलब, मतलब भाई मेरा ये होता है कि कि वो पति उसके ऊपर कुछ वो कर रहा है और वो उसकी कदर नहीं कर रही है। तो ऐसे पत्नी भी बहुत कुछ करती है पति के लिए, अपने परिवार के लिए, जिस घर में आती है, शादी करके आती है, निकाह करके आती है। तो फिर पति भी तो, पति तो ज्यादातर होते हैं ना कि जो नाशुक्री करते हैं। वो खाना बनाती है, वो सफाई करती है, वो कपड़े धोती है, ये करती है। तो नाशुक्री करते, उसकी कोई कदर नहीं जानते, उसकी। तो यानी कि पति जो कमा के लेके आ रहा है, वो नाशुक्री होगी उसकी कि भाई, उसकी कदर नहीं डाली उसने। तो उसके बारे में क्यों रसूल्लाह ने क्यों नहीं बोला? हमारे हजरत मोहम्मद साहब ने क्यों नहीं बोला उसके बारे में? उसके बारे में भी बोलना चाहिए था ना कि भाई, कि ये पति जो ये करते हैं, आदमी लोग जो ये करते हैं, नाशुक्री करते हैं, तो ये भी जहन्नुम में जाएंगे। इनको भी मैंने ज्यादातर जहन्नुम में देखा। ऐसा कुछ क्यों नहीं बोला? दोनों साइड से होता है ना। अगर पत्नियां नाशुक्री करने वाली होती है, तो पति भी तो नाशुक्र होते हैं। यह बताओ आप मेरे को। इसका ना शुक्र का पॉइंट का जवाब दो। मैं चले जाता हूं। मेरे को कोई परवाह नहीं है। मैं सिर्फ यही पॉइंट एक बार करने के लिए एंजल बहन से परमिशन ली थी। जी, मुस्लिम भाई, बोलिए। देखिए, जो इसमें बात हुई है शौहर की नाशुकरी करती हो, उसमें जो आप ये दूसरा एस्पेक्ट लेकर आए हैं ना कि शौहर भी ऐसे ही होते हैं, ये होते हैं, वो होते हैं, इसका इससे रिलेशन नहीं है। यहां पे, जो अगर आप इस पूरी हदीस का कॉन्टेक्स्ट, अभी मुझे बात पूरी करने देना, जब पूरा कॉन्टेक्स्ट देखा जाए ना, तो पहले जनरल नसीहतें भी थी, खुदबे में, ईद के, फिर औरतों को नसीहत की गई। जब अगर औरतों को नसीहत कर रहे हैं, तो उसमें मर्दों की बात कहां से आई? आप ऊपर जाएं, थोड़ा सा ऊपर जाएं। इस, जो भी है, ये स्क्रॉल करें, थोड़ा सा। हां, थोड़ा सा ऊपर करें। इसको, ब्लेड भाई, सुन तो ले, कौन है ये? स्क्रॉल करने बोल रहे हैं भाई, ठंड रखो। चलो, ठीक है, ठीक है, बेशक ना करो। अभीर भाई, स्क्रॉल नहीं करो, मैं आपको बात बता देता हूं, पहले हो चुकी है बात, ठीक है? तो इसमें क्या है कि फमर निस, मैं भी खोल ली हदीस सामने, निसई या निसा, ये बात ही औरतों से हो रही है। ये बात ही औरतों से हो रही है। ठीक है? उसके तो इसमें जो आपने मर्दों का पॉइंट लिया है, ये ले आया, वो बात औरतों से हो रही है। मर्दों को भी कितनी नसीहतें दी हुई है। बहुत सी हदीस है उसपे भी। फिर आप जाएं, उसपे भी जाएं। यानी आपका जो पॉइंट है, वो बेसिक से ही गलत है। इससे आपको पता चलता है कि इससे पता चलता है कि सर, रेस्पेक्टफुली, आपको हदीस की ना समझ आई ना? यानी कोई, मैं कहना चाह रहा हूं, आप लोग समझना चाह रहे हैं, आप लोग बस बहस करके मुझे फंसाने की कोशिश कर रहे हो, बस कर ले, बात कर ले, आप। जी, करें बात। आप बताएं, आप क्या कहना चाहती हैं? पहला नंबर तो नबी साहब जो थे, आप एक बार नीचे कीजिएगा, स्क्रॉल कीजिएगा, ब्लेड भाई, स्टार्टिंग लगाइए, थोड़ा सा स्टार्ट। बस, बस, थोड़ा सा, बस, बस, बस, थोड़ा सा नीचे, थोड़ा और। अरे नहीं, हां, बस, बस, यहां से एक बार पढ़िएगा, मुस्लिम भाई, ये रसूल करीम से, रसूल करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ईदुल अहा या ईदुल फितर में ईदगाह तशरीफ ले गए। वहां आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम औरतों के पास से गुजरे और फरमाया, एक सेकंड, अब यहीं पे होल्ड कीजिएगा। कहां से गुजरे? कहां से निकले थे? औरतों के पास से गुजरे ना? ना, पहले वो कहां से निकले? रसूल, यहां से पढ़े, रसूल करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, वसल्लम कहां से निकले थे? ईदगाह से। कहां से निकले थे? निकले नहीं थे। ईदगाह में ही है ये। ये खुद तशरीफ ले गए। ईदगाह तशरीफ ले गए। ठीक है? हां। ईदगाह तशरीफ ले गए। ईदगाह बोले तो की नमाज होती है। ईद की नमाज, नमाज होती है। ईद की नमाज होती है, है ना? तो क्या वहां ईदगाह तशरीफ ले गए। वहां, वहां आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम औरतों के पास से गुजरे और फरमाया, ऐ औरतों की जमात, सदका करो। राइट? अब यहां तक हम रहते हैं अभी। तो जो अल्लाह के नबी हैं, आप जो कह रहे थे कि उनके पास जाकर के बात किए, है ना? खुतबा दिए। खुतबा नहीं दिए। ठीक है? वो जो महिलाएं थी, वह कहीं पर खड़ा थी, वहां पर से यह गुजरे। नहीं, आपको इस हदीस का, फिर देखिए, फिर आप गुस्ताखी कर रहे हैं। ये हम नहीं कह रहे। हमने एक-एक लफ्ज को इस एकदम आराम से पढ़ा है। देख लीजिए व्यूवर्स, जितने लोग देख रहे हैं। ये फिर से गुस्ताखी कर रहे हैं। हमने जो पढ़ा, एक-एक लफ्ज को पढ़ा, एकदम क्लियर वर्ड में। अब यह कह रहे हैं बीच में, अब पता नहीं क्या, आप कहो आपकी गुस्ताखी, भाई। ये मेरा चैनल है, बट ये गुस्ताखी कर रहे हैं। हां, बोलो आप। देखें, मैं आपको बात बताता हूं। ये जो बात है ना, क्योंकि मैं आपको, जो मैंने शुरू में कमेंट में कहा था, आप क्योंकि मुस्लिम नहीं रही कभी भी, आपको इसलिए ये बातें समझ नहीं आ रही। अरे, हम नमाज का खुदबा है, उससे क्या मतलब है आपको? हां, हां, मैं अगर आप हो रहा तो आपको ये पॉइंट मैं उठाती। हां। देखिए, ये खुदबा जब दे रहे थे, ये फिर औरतों के पास गए और उनको ये बातें समझाई। समझ आई आपको? तो औरतों के पास गए और यह बातें, उसकी वजह बताता हूं। मैं उसकी, मैं आपको वजह बताता हूं। उसकी, गुजरे, गुजरे का मतलब क्या होता है? ए सुनो, औरतों से, औरतों के पास से गुजरे और गए, इस पे क्या ये होता है? बताओ, गुजरने का मतलब क्या होता है? गुजरना का मतलब क्या होता है? पहली चीज, पहली चीज, इसमें क्या लिखा हुआ है? मैं, इसमें आपने उर्दू में ट्रांसलेट किया है। ये, ये वर्ड असल में अरबी में है। ठीक है? इसको उर्दू में ट्रांसलेट किया हुआ है। ठीक है? तो अगर आप कर नहीं सकते, मैं आपको बताता हूं। मैं इसकी पूरी शर्त, भाई, एक, अरे, एक सेकंड, मुस्लिम भाई, काफिर भाई, आप बात कर लो यार, ये जो है, बंदा ना, अब ये कह रहे हैं, देखिए, सही अल बुखारी में दो-तीन ट्रांसलेट ही आता है। ठीक है? एक अरबी का, एक उर्दू का, एक इंग्लिश का। राइट? हम हैं। अब ये जबरदस्ती के कह रहे हैं कि हमने ट्रांसलेट किया है। बताओ। बताओ, इसमें हम क्या, आपका अरबी में कौन सा लफ, अरबी का नाम, कौन से लफ्ज़ की बात कर रहे हैं आप? अरबी के बात करो, बंद, कोई नया बंदा है, बीच में आवाज ना, कोई नया बंदा नहीं है, ये भी पाकिस्तान के ही है। आप बात कर लो आराम से इनसे। अच्छा, ठीक है। मैंने जो बात, नाम है इनका, अच्छा सुनो, यहां पे एक भाई नीचे से आए थे, क्या बोलते हैं, उन्होंने बोला कि भाई, औरतों को क्यों कहा कि तुम मर्दों की, क्या बोलते हैं, नाशुक्री करती हो, मर्दों को क्यों नहीं? तो मैंने उसको समझाया कि ये जब ईद की नमाज के बाद खुदबा होता है, तो खुदबे में नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मर्दों से खुदबा खत्म करके औरतों के पास गए, ठीक है? और उनको कहा कि ऐ औरतों की जमात, सदका करो, फिर वो शौहर के को की उनको नसीहत की, ठीक है? तो उसने कहा, तो मैंने इसको बोला, मैं बोला, जब इधर औरतों से बात कर रहे हैं, तो मर्दों की नसीहत की बात इधर नहीं कर। वो कहते हैं कि मर्दों को क्यों नहीं कहा? दूसरी हदीस नहीं है इतनी ज्यादा मर्दों को बोलने वाली। जब औरतों से बात करेंगे, तो औरतों को नसीहत करेंगे। तो इन्होंने वो, आपने औरतों को नसीहत की, मसला नहीं। मेरे को कोई मसले वाली बात नहीं है। इसमें, मसलन सिर्फ यहां पे है कि औरतों की जो अकल है, वो आधी है। लिहाजा, अकल आधी है। क्यों? रीज़न क्या दिया है? मैं आपसे वो जानना चाहता हूं। सिर्फ क्या रीज़? क्या रीज़न है जो औरतों की जो अकल है, वो आधी है? मैं आपको एक बात बताता हूं। मुझे ना, वर्ल्ड चेस टूर्नामेंट जो होता है ना, मुझे उसपे बहुत बड़ा एतराज है। उसमें औरतों के साथ बड़ी महसौज नहीं होती है। आपको पता है? ठीक है। होगा, आपकी आपकी अपनी ये बात है। हां, अपनी बात है, मतलब मुझे, बट आप क्या, वर्ल्ड वाइड, लोगों के साथ इसको जस्टिफिकेशन देते हो कि हां, सारी दुनिया को, सारी, नहीं, नहीं, सुन तो ले, सुन तो ले, मेरी बात को। दे यार, चेस में औरतों की अलग लीग होती है। चेस में तो कोई फिजिकल काम नहीं है। चेस में तो कोई, चेस तो सिर्फ दिमाग का खेल है। नहीं, ठीक है, बिल्कुल सही बात है, सही है। आपने, हां, फिर भी, जो औरतों की चैंपियंस भी है, वो मर्द की वाली में गलती से भी कमट नहीं कर सकती, तुक्के से कोई कभी-कभी और किसी को हरा सकती है। ये क्या वजह है? उसमें तो कुछ फिजिकल नहीं है, उसमें कोई जोर का नहीं। ये आपने किया। आपने कहां से बना लिया कि एक औरत जो है, उसकी वो चैंपियनशिप अलग होती है? दैट्स द रीज़न कि वो अकल में आधी है। यही कहना चाह रहे हैं आप। नहीं, अकल में आ, मर्दों कांट नहीं कर सकती। तो मैंने कहा ही नहीं। अकल में आदि की आप दलील ही नहीं दिला सकोगे। नहीं, नहीं, आप ये कहना चाह रहे हैं कि वो, एक मिनट, एक मिनट। अब आप, आपने, आपका मैंने सवाल सुन लिया हुआ है। आप मेरे को सिर्फ दो मिनट का टाइम दे दें। मैं आपसे सिर्फ इतना जानना चाहता हूं कि आप यह स्टेटमेंट दे रहे हो कि एक औरत जो है, वो चश्मे इसलिए नहीं जीत सकती क्योंकि उसकी अकल आती है। इसीलिए जो लोग हैं, जो दुनिया है, वो लड़कों के साथ उसका मैच नहीं कराती। आप यही कहना चाह रहे हो? मैं नहीं। ओके। फिर आप रीइट्रेट करो। मुझे क्या कहना चाह रहे हो? बिकॉज़ मैं तो यही समझा था कि आप यही कहना चाह रहे हो। मैं कह रहा हूं कि चेस टूर्नामेंट जो होता है, उसमें औरतों की अलग लीग क्यों है? मिक्स क्यों नहीं खिलाते? जो टॉप लेवल पर सारे मर्द हैं, ऊपर औरतों की अलग लीग है। अगर उन औरतों को मर्दों में डाल दे, तो शायद टॉप 10 या 20 में भी ना आए। ये क्या, ये क्या मसला है? चेस में तो कोई फिजिकल की बुनियाद पे कैसे ले रहे हैं भाई? नहीं, आप अगर सीन ऐसा कोई मैच जहां पे औरतों औरतों के साथ मर्दों की उसमें चेस में हुई हो। कोई चैंपियनशिप हुई हो और उसमें औरतें हार गई हो। या फिर ऐसा कहीं आपके पास है कोई ऐसी चीज? आई थिंक ये एक जेनेरिक रूल है पूरी दुनिया का कि एक मर्द मर्द से ही लड़ता है। चाहे वो कोई भी गेम हो और एक औरत औरत से खेलते हैं। मेरे ख्याल है ये तो एक, एक जनरल टर्म आ जाती है, एक पूरी दुनिया की। आप उसे औरत की अपनी अकल को कमपीट कर रहे हैं। दैट्स, दैट्स, दैट्स अ बेवकूफी। आई गेस। मसला पता है क्या? आपको मेरी बात नहीं समझ आई। मैं क्या कह रहा हूं? अगर औरतें और मर्द चेस में इक्वल लेवल पे हैं, तो औरतों का अलग टूर्नामेंट क्यों होता और औरतों की बेस्ट कॉम्पिटिटर्स भी मर्दों वालों में दूर-दूर तक नहीं आ सकती। पता है आपको? ये आप कहां से लेके आ रहे हैं साहब? ये दूर-दूर तक नहीं आ सकती। ये आप कहां से लेके आ रहे हैं? आपकी, आपकी सोच है या फिर कोई ऐसा रिसर्च पेपर है? ये रिसर्च नहीं है। आप ये Google में जाएं, आपको पता चल जाएगा। हाईएस्ट में क्या लिखा है? रेटिंग क्या है? हाईएस्ट, हाईएस्ट औरतों में जो बेस्ट प्लेयर्स हैं, उनकी क्या रेटिंग है? आपको पता है? ओके। मैं आपको, मैं अभी खोलता हूं। चेस्ट.com में हाईएस्ट औरतों, औरतों की रेटिंग पता है कितनी है? कोई ये चाइनीस औरत है, इसकी 2600 है। सही है। ये इनका इस्लाम, काफिर भाई, इनका इस्लाम जो है, Google, Google के बराबर है। क्या यार, ये इंसान है? आप कितना भाग रहे? आप भाग क्यों रहे हैं सब्जेक्ट से? आपने ये ना, आप मानते, सुनो। ठीक है। एक मिनट। आप मानते हो बात को? आपका जो कुरान है और हदीस जो है, वो जो भी चीजें इसमें लिखी हुई है, वो Google के बराबरी करता है। आप बोलो एक बार। मैंने, मैंने तो कंपेयर किया ही नहीं दोनों को। मैंने आपसे सुनिए, सुने, एंजेल साहिबा, आप जो है, अमीर, अमीर, अमीर, मैंने जो बात कही, मैंने कहा कि चेस एक ऐसी गेम है जिसमें सिर्फ दिमाग यूज़ होता है। इसमें कोई फिजिकल चीज यूज़ नहीं होती। ना आपके मसल्स यूज़ हैं, सिर्फ दिमाग यूज़ होता है और पीसेस हिलाने हैं। उसमें कोई, लेकिन इसमें फिर भी, जो बेस्ट ऑफ द वुमेन है दुनिया में, वो मर्दों के बहुत नीचे आती है रैंकिंग्स में यार। ये किस, बंदा है यार, भाई, भाई, मैं तुम्हें ना एग्जांपल दूं, भाई, कुछ-कुछ एग्जांपल दूं दुनिया के, भाई, हमारे इंडिया में ना, इसरो साइंटिस्ट, आधी-आधी करीब-करीब आधी ना महिलाएं हैं, पता है तुम्हें? इसरो साइंटिस्ट की बात कर रहा हूं, नासा में भी जो गई है, हमारे इंडिया की भी गई है साइंटिस्ट। बोला, हर जगह, भाई, अभी, अभी जो मैं आपको बताता हूं, इंडिया में जो है ना, एक बांध बना हुआ है। बांध बोले तो ब्रिज बना हुआ है। उसके पीछे को जो मास्टर माइंड है ना, मास्टर माइंड, वो औरत है। एक, शी वास द वन लाइक ना, टीम को है ना, उस टीम की वो टीम लीडर थी। तो ये औरत है, उसके और ब्रिज बनाने के लिए जो उसने दिमाग तो चाहिए होता है ना भाई। अब आप चेस, चेस के पीछे पड़े हो, भैया, इतने एग्जांपल्स हैं, भैया, औरतें ने तो आदमियों तक को पिछाड़ रखा है, ऐसे-ऐसे एग्जांपल्स हैं, भाई। तो तुम मुझे मत बताओ भाई, इनका ना, जो इनका, एक स्टेटमेंट है ना, कि एक औरत मर्द को चश्मे हरा सकती है, हम, मेरे भाई, आपका भी यहां पे खारिज हो जाता है। एक नाग मैगस चार्ल्सन करके एक बंदा है, चार्ल्स, यार भाइयों, यार आप लोगों की पता है क्या, मैं एक मिनट, अभी मेरी बात नहीं, मुझे दूसरे की जवाब देने दो, जिसने आपसे पहले बात की है, एक मिनट, सबर कर लेना, एक बार, अभी कोई नहीं बोलेगा, ठीक है? आपके लिए, जो आपका स्टेटमेंट है ना, कि एक औरत जो है, वो एक मर्दों को हरा नहीं सकते, जस्ट बिकॉज़ वो एक सिर्फ एक दिमागी गेम है और दिमाग में मतलब औरत मर्द जो है, वो सुपीरियर होता है, या आपके सिर्फ दिमाग का एक, एक, एक ज़हन, आपके ज़हन में आपके फंस चुकी है। प्रॉब्लम पता है क्या है? आपको यह चीज़ नहीं समझ आ रही है कि रसूल अल्लाह यह नहीं कह रहे हैं कि वो अकल में आदि है। क्यों? क्योंकि उनका दिमाग कम है। वो हदीस में कह रहे हैं, मसला नहीं। इस वाली हदीस में ना, वो साफ-साफ बता रहे हैं कि वो एक, पहले तो नमाज नहीं अदा कर सकते हैज़ वाले टाइम में। ठीक है? और ये सारी चीजें वो ऑलरेडी इस हदीस में बता रहे हैं। प्रॉब्लम क्या है? आप इस चीज को चेस में लेके जा रहे हो। प्रॉब्लम यह नहीं है। मेरे को कोई मसला नहीं है। मैं आपको यह भी एक इतनी आपको एग्जांपल दे दूंगा। लेडी का नाम मैं आपको बता देता हूं। क्या है? हाउ इफान नाम है उसका। एक चाइनीस प्लेयर है। ठीक है? अगर आप उसका जाके चेक करेंगे ना, उसने कितने मर्दों को चेस में हराया है, आपको समझ आ जाएगा। आपका जो स्टेटमेंट है, वो भी फॉल्सिफाइड स्टेटमेंट है। पर ठीक है, मैं आपकी बात को ऊपर ले जाके ना, फिर भी मैं आपको यह कहता हूं कि आपके रसूल्लाह ये नहीं कह रहे कि वो लोग दिमाग में कम कम अकलियां हैं। वो इस करके मतलब वो दिमाग में किसी को हरा नहीं सकती है। दिमागी खेलों में वो साफ-साफ ये कह रहे हैं कि वो लोग हेज के टाइम पे वो हो जाती है। नमाज नहीं कर सकती हैं। मैं दूं? अब जवाब दे दे। मैं आपको जो बेसिक बात बोली थी ना, आपको समझ आई ना? दूसरे बंदे को समझ आई। अब मैं आपके साथ बातें में आपको सिंपलीफाई करके समझा रहा हूं। आप लोगों को बात समझ नहीं आ रही। आप उसके ऊपर आके हदीस खुद से समझने की अपने मतलब निकाल रहे हो। तो आप देख रहे हो किस वजह से आप कितनी गलतियां कर रहे हो। आपको समझ आ रही है बात? मैंने आपको बोला है कि दुनिया में कोई औरत मर्द को चेस में नहीं हरा सकती। मैंने नहीं कहा। आपको पता है? सुने, सुने, सुने, सुने। नहीं, नहीं, कहा मैंने। आपको समझ नहीं आई। मैं आपको बताता हूं। दुनिया में अभी मैं ये स्टैट्स खोले हैं। दुनिया में जो हाईएस्ट रेटेड वुमेन है ना, वो मर्दों की रेटिंग में 64 पे आती है। अगर औरतों और मर्दों को एक साथ रखा जाए। यानी टॉप 63 पर मारता है। इन जनरल चेस तो ऐसी गेम नहीं है के जिसमें फिजिकल यूज़ हो कि भाई फिजिकली औरतें कमजोर होती है। सबको पता है। तो लेकिन अभी फिजिकली भी कुछ औरतें जैसे अभी कोई राउंड और अराउसी आएगी, वो तो मेरे और आप जैसे मर्द को मार लेगी शायद, वो भी एक्सेप्शन। लेकिन ओवरऑल, ओवरऑल चेस जो ऐसी गेम है जिसमें सिर्फ दिमाग का काम है, उसमें तो टॉप 63 पे मर्द बैठे हैं। सही है? अगरों का ज्यादा है। सुन लो, सुन लो, बात। दूसरी बात सुनो, यार, रुक ही नहीं रहे हो, भाई। आप, भाई, मेरी बात सुनो, यार, भाई, तुम्हें ना इंडिया की थोड़ी न्यूज़ पढ़नी चाहिए, भाई। मेरी, भाई, यार, ये बंदा क्या बोल रहा है यार? अरे, इसको यार, इंडिया की, सबर तो करो, सबर तो करो, सबर तो करो। अच्छा, भाई, सिंपल सी मेरी, मेरे आपसे सवाल है, इसको हरीश को थोड़ा सा स्क्रोल डाउन करना, लास्ट में लेके जाना, इसको बिल्कुल, बिल्कुल लास्ट में लेके जाना, ब्लेड, इसको लास्ट में लेके जाना, बिल्कुल, भाई, हम ये जो हाईलाइट की आवाज, हाईलाइट की आवाज, पोर्शन है, हां जी, भाई, मेरे यहां पे साफ-साफ क्या, क्या फरमाया जा रहा है? उन्होंने कहा, रसूल्लाह ने कहा, आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया, बस यही इसकी अक्ल का नुकसान है। फिर आपने, आपने पूछा, क्या ऐसे नहीं है कि जब औरतें औरतों को हेज हो, तो ना नमाज पढ़ सकती है ना रोजा रख सकती है? औरतों ने कहा, ऐसा ही है। आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया, यही इसकी दीन का नुकसान है। रीजन आपको चस्का नहीं दे रहे हैं वो। आपको चस्का रीजन कहां दे रहे हैं? मेरे को एक, एक बार जगह तो बता दे कि चस्का रीज़ दे कहां रहे हैं? आपको, मैं फिर भी बात करता हूं ना, आपको एक्सट वाला एग्जांपल दे रहे हो। मैं आपकी हदीस के ऊपर बात कर रहा हूं। आपकी हदीस कह रही है, आपको, आप समझा देना, अगर आपका, अगर आपका, अच्छा, ठीक है, एक मिनट दे, मेरे को, आपकी बीवी, आपकी या फिर अपनी मां की जो अकल, वो आधी है, इसलिए है कि उसको ही हेज़ नहीं आती या फिर इसलिए क्योंकि उसकी दिमागी, वो दिमागी पंग है? देखो, आप लोगों की पता है क्या बात है? आप लोग हो गए और वो जिस बात, आप अपने चैंपियन की जिसकी बात कर रहे थे, आप लोग ना इंटेलेक्चुअल आर्गुमेंट दे नहीं सकते, फिर आप करते हो अटैक और आपकी हदीस या फिर कुरान इंटेलेक्चुअल आंसर देती है। हां, दिखा दे मुझे इंटेलेक्चुअल आंसर इसका। मैंने तो अभी आपको दे दिया यहां पे। कुछ और इंटलेक्चुअल आंसर। सुनो, सुनो, सुनो, पहले जब आप लोग बात कर रहे थे, हम लोग कुछ और बात कर रहे थे। आपने आके बात की आधे दिमाग की, ठीक है, आधी अकल की। मैंने आपको कहा, आप इसकी दलील नहीं ला सकोगे, ठीक है? इसकी आप दलील नहीं ला सकोगे और मुझे पता है आप नहीं ला सकोगे। फिर आपने कहा, नहीं, औरतों का, लेकिन मैं आपके फिर भी, जो आपको पॉइंट है कि औरतों का दिमाग इस्लाम में क्यों समझा गया है, तो मैंने कहा कि इस्लाम को रहने दे, ये तो चेस टूर्नामेंट जो है दुनिया में, इसमें भी जो है औरतों को जो सिर्फ मेंटल गेम है, उसमें औरतें पीछे रहती है मर्द से। ये क्या, ये क्या इसके पीछे रीज़न है? तो वो आपको समझ नहीं आई बात। जो आपने नाम लिया है, उससे भी ऊपर सारी, सारी बातें आपकी मान लेते हैं। चलो, सारी बातें मान लो। अच्छा, एक मिनट सुन लो। सारी बातें आपकी मान लेते हैं। सारी बातें आपकी मान लेते हैं। मसला नहीं। ठीक है। तो पीछे रहती है। यार, सुन तो लो यार। ठीक है। हो गया। कोई बात नहीं। आपकी सारी बातें मान लेते हैं कि औरतों के अंदर दिमाग कम होता है, इसलिए वो चेस में आगे नहीं आ सकी। ठीक है? क्या आपके रसूल्लाह ने इसका रीजन दिया है कि वो चेस में या फिर किसी खेल में आगे नहीं है, इसलिए उसकी दिमाग की अकल है? लिहाजा, ये जरूर बोला कि उनको हेज आता है, नमाज नहीं पढ़ सकती है, वो ना ही रोजा रख सकती है। इसलिए उनके दिमाग में कमी है। आपके रसूल अल्लाह तो कुछ और कह रहे हैं। आप उनकी नाफरमानी करना चाह रहे हैं क्या? काफिर भाई, मेरे दिमाग में एक चीज आई है भाई, वो चेस में जो रानी होती है, उसका को बुर्खा पहनाना से क्या पता कुछ हो जाए? इस्लाम में जो होता है ना, टॉपिक से डाइवर्ट कर देगा। एक सॉरी, सॉरी। देखो, मैं आपको एक बात बताता हूं। जो इसने काफिर ने बात की ना, इस बात का कोई सहारा है ना पैर। आई एम सॉरी टू, प्यारे भाई, सामने हदीस में पढ़ना जरा, क्या लिखा है? एक बार पढ़ना, क्या लिखा है? यहां हाईलाइट किया हुआ है, जो मैंने शुरू में बात कही थी, आप लोगों को ना हदीस की समझ आ रही है, ना मेरी बात की समझ आ रही है। अच्छा, चलो ठीक है, सारी बातों को छोड़ो, एक बार ये हदीस पढ़ना, ये क्या कह रही है? हदीस में तीन-चार, मैं कितनी बार पढ़ चुका हूं, उसमें कोई बात ही नहीं है। एक बार और पढ़ दें, जो इसमें लिखा हुआ है, फिर मैंने आपसे, फिर आपने पूछा है कि क्या ऐसा नहीं है कि जब औरत हाइजा हो, तो नमाज ना पढ़ सकती है, तो ना नमाज पढ़ सकती है, ना रोजा रख सकती है? औरतों ने कहा, ऐसा ही है। आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया, कि यही इसके दीन का नुकसान है। एक्सैक्टली। हां, तो और दीन का नुकसान है। ऊपर करना थोड़ा सा और दीन का नुकसान है, वो किस कांटेक्स्ट में बोला? ऊपर करना थोड़ा सा और वो उससे उसका कॉन्टेक्स्ट साथ में मिलता पढ़े जरा? वो कह रहा है वाली बात इससे नहीं मिलती, आधी अकल। वो कह रहे हैं, आधी अकल है भाई। आगे जाके पढ़ना जरा, ऊपर लिखा हुआ है। मुझे आधी अकल का वर्ड दिखा दो। आप पढ़े तो सही, आगे पढ़े तो सही, किधर से पढ़ना है? बताओ मुझे। औरतों की, जहां से, जहां से हाईलाइट किया। एक काम करो, यार, एक काम करो, इसको फुल स्क्रीन पे ले और पूरी, पूरी, पूरी हदीस एक स्क्रीन में मतलब पूरी हदीस एक स्क्रीन पे ला देना। फुल स्क्रीन पे ले आना, ब्लेड, इसको और इसकी पूरी स्क्रीन मतलब हदीस को पूरी स्क्रीन पे रख दो। पढ़ना भाई साहब, आप ऊपर कर देना। ऊपर करो थोड़ा सा और ऊपर, हल्का सा और, और ऊपर। हां, बस यहीं से पढ़ो, भाई साहब, रसूल, रसूल करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ईद उल अहा या ईदुल फितर में ईदगाह तशरीफ ले गए। वहां आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम औरतों के पास से गुजरे और फरमाया, ऐ औरतों की जमात, सदका करो, करो, क्योंकि मैंने जहन्नुम में ज्यादा तुम ही को देखा है। इन्होंने कहा, या रसूल अल्लाह, ऐसा क्यों? आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया, कि तुम लानतान बहुत करती हो।
और शौहर की नाशुक्री करती हो। बावजूद अकल और दीन में नाकिस होने के मैंने तुम में से ज्यादा आपको वर्ड मिल गया। क्या? अकल और दीन में नाकिस होना। वर्ड मिल गया आपको? आपको नाकिस और आधे में फर्क नहीं पता। आप बता दे नाकिस का मतलब क्या होता है? नाकिस का मतलब कम होता है। हां।
हां तो कम और कम का मतलब क्या होता है कि उसके अंदर दिमाग आधा कम का मतलब आधा नहीं होता कम का मतलब आधा नहीं बोला था सर कम का मतलब आधा नहीं होता एक मिनट एक मिनट सर आप मुझे दुनिया की डिक्शनरी कम का मतलब आधा हो आपने आधा कहा है सर आधे की तो बात कहीं पे हमने बोली ना तो डेफिशिएंसी की बात करते हैं हम हर दफा डेफिशिएंसी की बात करते हैं क्यों झूठ अभी मैं आप इस स्ट्रीम को वापस करो देख लो यार एक काम करो आप सर ये ना आपको करने की जरूरत है आपने कहा मेरे को कि आप डेफिशिएंसी दिखा दें मैंने आपको डेफिशिएंसी दिखा दी। इसी लफ्जों के साथ, इसी हदीस के साथ।
एक सेकंड, एक सेकंड मेरी बात सुन लो। मैं बोलता हूं इस स्ट्रीम में वापस जाओ क्योंकि हमने दो तीन बार वापस जाने की बात की है। अगर आपने आधे का वर्ड यूज़ किया तो आप लोग डिबेट हार गए। अगर आपने नहीं यूज़ किया मैं ठीक है। ठीक है। कितना कितना सेल्फ अपना वो चाहिए होता है ना कि आप लोग डिबेट जीत गए। भाई मेरी डिबेट नहीं होती। इसे डिस्कशन कहते हैं। दूसरा अगर डिबेट करनी होता है ना डिबेट टाइमर पे होती है। और दूसरा सुन ले सुन ले एक बार आपकी बात कर लूंगा लेकिन बात नहीं करूंगा। आपको बात की समझ नहीं आती। मेरी बात समझ नहीं आती। ब्रेक नहीं है क्या भाई आपके पास?
एक मिनट आपके रसूल्लाह साफ-साफ बता रहे हैं कि औरतों के अंदर दिमाग की कमी है। ठीक है? आधे दिमाग को तो ये सेंस ही नहीं बन रहा। आधा दिमाग तो ये कि एक पार्ट है ही नहीं उसका। हम तो दिमाग की कमी दिखा रहे हैं। कमी है उसके अंदर दिमाग की डेफिशिएंसी है। सही बुखारी की 2658 में भी साफ-साफ बता रहे हैं कि तुम्हारे अंदर दिमाग की कमी है। आधा दिमाग है। तुम्हारा डेफिशिएंसी है तुम्हारे अंदर। आधे दिमाग से ये मुराद नहीं है कि उसका दिमाग कटा हुआ है। आधा है। आधे दिमाग से ये मुराद है कि उसकी डेफिशिएंसी है उसके अंदर। दिमाग तो उतना ही है जितना तुम्हारे अंदर है। वेट का डिफरेंस होता है सिर्फ। लिहाजा उसके अंदर साफ-साफ यही लिखा है कि डेफिशिएंसी है तुम्हारे दिमाग के अंदर। अगर इंग्लिश में भी आप जाओगे तो उसमें भी डेफिशिएंसी का लफ्ज यूज़ हुआ है।
तो जब डेफिशिएंसी आती है ना उसका मतलब है आप एक औरतों को कम अकली बता रहे हो। तो जब एक औरत कम अकली को जब एक औरत को कम अकली बता रहे हो ना और उसका जब रीज़ दे रहे हो वो रीज़न ये दे रहे हो कि उसके हैज़ आते हैं वो रोज़ नहीं रख सकती है। तो भाई कैसे कहां से लेके आ रहे हो आप अपनी बगैरतियां? आपको लगता है कि आप सिर्फ बगैरती मारने के अलावा और कुछ नहीं कर रहे क्योंकि हदीस तो आपको साफ-साफ फरमान दे रही है कि ये सब इस तरीके से है।
अच्छा मैं आखरी बात बोल के जाता हूं मैं मैं जो एक बात बोल रहा हूं ना मैं आपको कहता हूं आप जाए कोई डिक्शनरी खोलें। आधे का मतलब डेफिशिएंसी का मतलब आधा नहीं होता। ठीक है? सामने मैंने तो खुद बोला कि डेफिशिएंसी का मतलब आधा नहीं होता। मैं तो कहता हूं कि आधा का मतलब होता है कि एक साइड है नहीं ब्रेन की एक साइड है नहीं और दूसरी साइड है। ये होता है आधे का मतलब डेफिशिएंसी का मतलब होता है दिमाग की कमी भाई डेफिशिएंसी मतलब इंग्लिश का वर्ड भाई इतना तो मुझे भी पता है भाई डेफिशिएंसी मतलब थोड़ी कमी भाई डिफिशिएंसी भाई कुछ कुछ कम है कुछ कम है कुछ थोड़ा सा कम है चाहे 1% क्यों ना हो आपको इनकोरेंस का मतलब पता है इनकोरेंस का मतलब पता है आपको इनहेरेंट की बात कर रहा हूं भाई नहीं सुन ले यह जो आपसे पहले जिस बंदे ने बात की ना इस बंदे का अपना जुमला इनकोहेरेंट है सर सेल्फ कंट्राडिक्शन सेल्फ अच्छा एक बात बताना कहां से हैं आप मैं अपनी पर्सनल इन नेट पे नहीं देता नहीं आपकी पर्सनल इनफेशन नहीं कह रहा मैं भी पाकिस्तान से मेरे को बताएं ना कहां से हैं मैं नहीं बताऊंगा मैं क्यों अपनी पर्सनल ये नहीं कि कोई डर है मैं अपनी पर्सनल इन मैं इधर क्यों चलो ठीक है मर्जी है मेरा कहने का सिर्फ इतना मतलब मेरा सिर्फ इतना का मतलब था इफ यू आर फ्रॉम पंजाब तो आपको मैं जरा पंजाबी में थोड़ा सा समझा देता हूं।
नहीं नहीं मैं समझ गया जो मैंने देखिए मैं क्या कहता हूं रात बहुत हो गई जो मैंने बात करनी थी मैं जो बात करने आया था वो तो आप लोगों ने की नहीं तो जो दूसरी बात की बात करने आए थे मैंने जो बात की थी एक जो झूठ फैलाया जाता है अभी रात बहुत हो गई अब मैं उसप बात नहीं करना चाहता लेकिन मैं बता देता हूं एक जो झूठ फैलाया जाता है कि नबी सल्लल् वालिद के वफात के चार साल बाद पैदा हुए थे ये एक झूठा आर्गुमेंट जो है ना क्या बोलते हैं क्रिश्चियन मिशनरीज जो इंग्लैंड वगैरह में बैठे हुए हैं यूके में उन लोगों ने शुरू किया था। तो जो आप लोगों के एक्स मुस्लिम मुस्लिम मूवमेंट के लीडर्स हैं वो कुछ काम करते नहीं है। वो उसका बस कॉपी पेस्ट छाप देते हैं यहां पे आके तो वो उधर रिफ्यूट हो गया तो इधर आप लोग उसको पकड़ के बैठे हुए हैं। तो उस पे मैं बात करने आया था। अच्छा मतलब आपको आज के टॉपिक पे बात नहीं करनी थी। अच्छा खैर एक काम करना आप एक काम करना। तारीखों की किताबों से आपको साबित कर देंगे हम यहां पे कि चार साल से पहले वफात हो गई थी पैदा होने से पहले ये चीज तो मैं इसमें तो मैं एक्सपर्ट हूं कोई मतला नहीं आप एक काम करना ये टॉपिक पे इन्होंने कहा कि हम फ्री होकर परसों आएंगे पर्सनली हम यही टॉपिक रखेंगे इनसे बात करने के लिए ठीक है इनसे हमने डेट ले लिया टाइम ले लिया हां लेकिन आज की जो बात थी इबादत पे और कि हैज के वजह से उनकी जो कटती है इबादत है ना वो नहीं काउंट होता है इस पे है तो ये जो लिखा हुआ है ये सीधा इंकार कर रहे ये गुस्ताखी कर रहे हैं ये अपने मन से कहते हैं इन जनरल के लिए कहा गया जबकि लिखा नहीं है ये मतलब नबी साहब के मुंह में अपनी बात डालना चाह रहे हैं मसला तो ये है ना कि लिखते तो ये कुछ भी नहीं है ये सिर्फ अपनी बगिया ऐड कर रहे हैं इसके अंदर अब ये अपने मन से ऐड कर रहे हैं और साथ के साथ इसके अंदर बता रहे हैं ये पता है क्या समझना चाह रहे हैं ये कहना चाह रहे हैं कि रसूल भी आधे दिमाग के थे जो कि वो ये चीज ऐड कर रहे हैं सही पकड़ ये ज्यादा समझदार है। ये ज्यादा समझदार है क्योंकि वो लिखे नहीं है। हदीसों में सोचिए इतने बड़े सही बुखारी साहब है। वो नहीं कह रहे। ये कह रहे हम ये बोल रहे हैं। हां जो कह रहे हैं आप असल में मैं जो आपको कुछ बातें बताई थी आप लोगों को हदीस की बेसिक भी समझ नहीं आई क्योंकि एंजेल साहब आप तो आप मुसलमान नहीं रही। आपको ये ये ईद के खुद में किस तरह बात हो रही है। जो दूसरा बंदा है ये काफिर ये बंदा इस आपके जुमले का जो शुरू होता है ना वो आखरी के साथ मैच नहीं करता सर। आपकी बात इसलिए किसी भी इंटेलिजेंट डिस्कशन में हो ही एड्रेस ही नहीं की जा सकती। आप कभी किसी पढ़ी लिखी महफिल में बैठे ही नहीं है। आप जो आप जो है ना जिस तरह बंदा लड़ाका है तूने ये किया वो किया वो उस तरह बस आप ये ये बगैरती कर दी ये कर दी। इस तरह की आप बातें कर रहे हैं। यानी क्या बोलते हैं? मैं आपको जो बातें समझा रहा हूं। कब से महसूस एक ही बात समझना ही नहीं चाह रहे। पढ़ी लिखी महफिल पाकिस्तान में कहां पाते हैं भाई आप? कौन सी जमात जो होती है वो पढ़ी लिखी होती है? दुनियावी तालीम और दीनी तालीम के दीनी तालीम के अलावा दुनिया दुनियावी तालीम कौन से मौलवी ने ली होती है? आपके पाकिस्तान की बात कर रहा हूं। मैं आपको ऐसीऐसी चीजें बताऊंगा। आप अगर कभी आप मुझे असल में मिले ना ये नहीं कि कोई लड़ाई की बात नहीं कर रहा। मैं आपको ऐसीऐसी चीजें दिखाऊंगा। आपके पांव के नीचे से जमीन गुजर निकल जाएगी कि मौलवियों में कितने-कितने लेवल की नॉलेज है। आपके मौलवियों के अंदर इतनी नॉलेज थी। आपके मौलवी के अंदर इतनी नॉलेज थी। आपके मौलवी पाकिस्तान छोड़ के कनेडा की भाग रहे होते हैं। यहां पे कॉपीराइट तो नहीं आ जाएगा। मैं कुछ वीडियो दिखा सकता हूं। अभी नहीं अभी नहीं अभी नहीं दिखानी है। वो अभी चैनल को अभी वेट करना पड़ेगा। बट अच्छा ठीक है। एक सेकंड मैं इधर मैं जिधर बैठा हूं ना मैं जिधर बैठा हूं। इधर बहुत रात हो गई है। ठीक है। तो मैं आप लोगों से इजाजत चाहूंगा। ट्यूसडे के दिन आप तैयार हैं बात करने इस मामले में लेकिन बात करनी है असूलों से ये नहीं कि आप मुझे म्यूट कर दो फिर ये वो बात करनी है मिनट के टाइमर में बात करेंगे मसला नहीं ठीक है दो मिनट की टाइमिंग लगा देंगे आप टेंशन मत लो ठीक है दोद मिनट की टाइमिंग थी उसमें मुझे कोई मसला नहीं है लेकिन अगर आप कोई रेफरेंस लेकर आते हैं तो मुझे गुस्ताखी मत करना नहीं मैं किसी की मैंने अच्छा टॉपिक कौन सा चूज़ कर रहे हो आप टॉपिक नबी साहब इतने उनके अब्बू के इंतकाल के होने के बाद जो वो पैदा हुए वो अच्छा ठीक है डन हो गया लेकिन बात एक बंदा करेगा यह ना हो कि एक कर रहा है दूसरा कर रहा है आप लोग आपस में डिसाइड कर लो कौन करेगा अगर आपको डिबेट करनी है तो यही बेहतर है स्टेज पर ओनली आप और ये काफिर रहेंगे या फिर एडमम भाई रहेंगे या फिर साहिल रहेंगे तीन चार में से कोई राइट एडमम में पेशेंस नहीं है डिबेट करने की मेरे से उसमें नहीं है पेशेंस ऐसी बातें ना करें आप जैसे 500 को निकाल के फेंक दिया उसने ऐसा ही पेशेंस पेशेंस की जो लैक ऑफ पेशेंस है ना वो आपके अंदर है क्योंकि आप मैं आपकी बात ना पूरी तरह से सुन रहा हूं और मसलन आप मेरी पूरी बात नहीं सुन रहे हैं और आप मेरी बीच आपने देखा फिर इंटरप्ट किया आपने आपके अंदर पेशेंस नहीं है। आप दूसरों को कैसे बोल सकते हैं कि आपके अंदर पे किसी अंदर सामने वाले के अंदर पेशेंस नहीं है। देखो जहां पेशेंस की बात है मैं आप लोगों के इस पे आता हूं। स्ट्रीम पे जब आप दो-द मिनट के टाइमर में बात करोगे ना तो पेशेंस की पेशेंस ना होने का सवाल ही पैदा नहीं होता। यार आइडम वो पिछले दिनों किसी मुफ्ती साहब से बात कर रहा था। वो उससे समझ नहीं आई। पहली बात तो उसे मुफ्ती के आर्गुमेंट नहीं समझ आ रहे थे क्योंकि आईक्यू ऑफ कोर्स तो फिर बाद में उसने मुफ्ती के टाइम में घुस के गालियां देनी शुरू कर दी। ना मुफ्ती ने गाली दी ना मुफ्ती ने पर्सनल अटैक किया। मुफ्ती साहब ने मुफ्ती साहब ही भागे थे। कोई और नहीं भागेगा। भागे नहीं थे। भागे नहीं। चलो ठीक है। कह रहा है। आप एक काम करो। अभी मेरे को इस बात पे बहस नहीं करनी है। आपने जो लास्ट में हुआ या फिर कुछ भी हुआ वो हमें उस बारे पे बहस नहीं करनी है। ठीक है? आपने मुद्दा रख दिया हुआ है। हम इस टॉपिक पे बात कर लेंगे। ठीक है? कोई मसला नहीं है। आप आ जाना ट्यूसडे को कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। और और आप लोग जब इसमें बात करोगे ना तो यानी फिर ओपन माइंड हो के बात करना। ऐसे नहीं है कि भाई क्या नाम है? अपनी बात आप रिपीट किए जा रहे हो। मैं आपको समझा भी रहा हूं। दलील भी दे रहा हूं। आप फिर उसको रिपीट किए जा रहे। आप जब दलील देंगे ना और जब दलील में आप जो चीज लिखी होगी वही चीज बोल रहे होंगे मैं आपको ऑन द स्पॉट बोलूंगा कि हां आपकी बात सही है। चलो ठीक है। आप अगर कोई भी अपने मन से चीजें बना रहे होंगे ना मैं उसको 1% भी एक्सेप्ट नहीं करूंगा। जस्ट लाइक आपने ये चेस वाला गेम डाला है यहां पे। चेस वाले गेम आपको समझ नहीं आया। मैं कह रहा हूं। वो आप कभी समझा नहीं क्योंकि वो भाई मैं एक सवाल पूछूं भाई जाने से पहले आपके पूछ ले भाई आपने आपके आपके ना आपके हुजूर मोहम्मद साहब ने ये बोला था भाई कि दो औरतों की गवाही इक्वल्स टू एक आदमी की गवाही ये बोला था ना क्या बोला था? हां बोला था मतलब क्या हां तो इससे डिफिशिएंसी क्या मतलब वो क्या कहना चाहते हैं अपने मोहम्मद साहब क्या वही बोलना चाहते हैं कि डिफिशिएंसी है क्या है दो गवाही है एक औरत की दो गवाही है तो ऐसा क्या है भाई जी जी यही है यही कहा है हां यही कहा है ना तो भाई मैं आपके ना थोड़ा सा रिक्वेस्ट करता हूं मैं हम पे भरोसा मत करना जभी भी आपको टाइम मिले कभी न्यूज़पेपर खोलना नारियों ने इतनी अचीवमेंट कर रखी है दुनिया भर में कि ना उन्होंने के ना उस उसमें दिमाग लगता है भाई दिमाग यह मैंने वो फिजिकल की बात कर रहा हूं। मेंटल की बात कर रहा हूं भाई। तो मैंने मैं एस्टोलिश हो गया भाई आप सिर्फ चेस्ट चेस्ट को पकड़ के बैठे हुए हैं। चेस्ट में ऐसा नहीं है। वो औरत ना कोई नहीं पाई। भैया ऐसीसी फील्ड में वो अचीव कर चुकी हैं। दे प्रूव्ड देम यू नो तो ये बात है भाई। दूसरी बड़ी बात है ना खदीजा खदीजा रूल किया करती नबी करीम को। इतना बड़ा उसका एंपायर था। ठीक है उसके अंदर अगर डेफिशिएंसी होती ना तो आज एक मिनट सुन अगर उसके अंदर डेफिशिएंसी होती ना और वो कमली होती तो आज मेरे ख्याल है नबी करीम सल्ला वसल्लम नहीं होते अच्छा मैं आपकी बात का जवाब नहीं दूंगा जो पहले आपने बात की ना अमीर साहब मैं आपको एक बात बताता हूं आप लोगों के साथ जो यार टाइम नहीं है इसलिए मैं एक ही बात का जवाब देता हूं क्योंकि फिर सबकी बातें आ जाएंगी फिर बात कभी खत्म नहीं होनी देखो जो बात की ना शुरू शुरू में हम एक चीज होती है इन जनरल ठीक है अभी इस्लाम में भी आयशा रदी अल्लाह ने हफसाने नबी सल्लम की बीवियों ने अस्मा बिन बकर ने इन लोगों ने क्या-क्या हदीसों की कंट्रीब्यूशन की आपको पता है एक इतना बड़ा टाइम था जब इस्लाम की हदीसे थी वो सिर्फ औरतों ने रिलेट की है इमाम बुखारी जो है जो हमारे सबसे बड़े इमाम है उनकी मां ने उन्हें पाला। इब्ने तैमिया जो इतने बड़े इमाम है उनकी मां ने उन्हें पाला। औरतों को डिग्रेड नहीं किया हुआ। लेकिन इन जनरल एक औरतों के बारे में बात कही हुई है। इसका मतलब ये नहीं कि आप गलत हो। आप 100% गलत हो भाई। सॉरी टू इंटरप्ट यू सॉरी सॉरी सॉरी सॉरी सॉरी सॉरी सॉरी टू इंटरप्ट आप गलत हो। बिल्कुल क्योंकि जब है ना इस्लाम है ना सभी औरतों के बारे में बात करता है भाई। नहीं नहीं ट्यूसडे वाले दिन फिर बाकी बात करते हैं क्योंकि रात बहुत हो गई है। और लेकिन ट्यूसडे के दिन उसके सब्जेक्ट पे बात करेंगे और बात एक बंदा करेगा। ठीक है। कोई मसला तो नहीं है आप लोगों को इस बात से। ठीक है भैया टाइमर लगा देंगे टाइमर। हां। और गालियां वगैरह नहीं दे। मैं तो गालियां नहीं देता। मेरा उसूल है। अभी भी मैंने किसी को गाली दी। वही बात है। जब अभी तक कोई दिया नहीं तो फिर नेचर मतलब की बातें करने का। नहीं नहीं नहीं आपने गाली नहीं दी। मैं एक्सेप्ट करता हूं बात को। चलिए ठीक है। थैंक यू। चलिए ठीक है। अब भूल मत जाना। कल उस दिन टॉपिक रख के आना। ठीक है भाई। ट्यूसडे ट्यूसडे कल नहीं ट्यूसडे से। हां डन। चलो। ये कौन है यार? मतलब पीछे विक्की विक्की करके कोई आ रहे है लगातार। जबकि पता है उनको नॉन मोमिनों का नहीं है स्ट्रीम तो क्या मतलब यार इतना लगातार निकाल रहे हैं बंदा घुसे जा रहा है निकाल रहे बंदा घुसे जा रहा है एंजल बहन मैं आपको बोलूं एक चीज अगर है ना ये बंदा जो है ना ये अभी पाकिस्तान से आया था ना ये जो मुस्लिम रैंडम मुस्लिम अगर ये इसने गलती से भी अगर है ना आप किसी से बातें करते अगर कैमरा ऑन कर देता और वो जो चीज बोल रहा है ना वो बोलता तो इसके खुद के मुसलमान ही इसको को ठोकते ये सच्चाई है क्योंकि इसने जो लव लव बोल रहा है ना ये तो इसको इनकी जुबान से कब क्या निकल जाए कौन कैसे इनके इनके खुद में इतना इत्तलाफ है तो उसको खुद ही ठोकते हैं इसको यू नो ये सच्चाई है अच्छा है वो कैमरा ऑन करके नहीं आया आपसे बातें करने के लिए अच्छी बात है यू नो बिल्कुल बिल्कुल हम पर अच्छी बात है भाई कोई को कोई को चीजें ना ऐसे लोगों से यार भाई ये क्या होगा यार तभी तो वहां तभी तो औरतें हैं वहां पे ऐसी हैं पाकिस्तान में हम अफगानिस्तान में ये हालत हुई है इनकी इसीलिए पढ़ाई नहीं करवाएंगे नहीं कराएंगे यही तो आधी आदत कत्ल की है गवाही दो और दो दो औरतों की गवाही इक्वल्स टू एक आदमी की गवाही क्या यार क्या लॉजिक है भाई यार आपको ये नहीं समझ आ रहा वो कह रहे हैं कि हाफ ऑफ द माइंड यार हम तुम्हें कब कह रहे हैं हम तो डेफिशिएंसी की बात कर रहे हैं आप हाफ ऑफ द माइंड अगर आप लेंगे किसी औरत का दैट मींस कि उसका जो कॉन्शियस माइंड और सबकॉन्शियस माइंड उसमें से सबकॉन्शियस या फिर कॉन्शियस माइंड है ही नहीं क्योंकि दो पार्ट होते हैं ब्रेन के। अगर आप उस चीजों पे जा रहे हो तो आप खुद बगैरत हो। आप खुद बेवकूफ हो जो आप इस पॉइंट को लेके भी आ रहे हो कि हम आधा आधा दिमाग बोल रहे हैं। आधा दिमाग नहीं हम बोल रहे। हमारी हदीसों में भी यही लिखा है कि डेफिशिएंसी ऑफ़ योर माइंड। डेफिशिएंसी ऑफ़ अ लेडी माइंड। तो कमी की बात हो रही है यहां पे। कमी में यह नहीं आता कि उसके एक पार्ट है, इसका एक पुरजा कम है। उसके अंदर यह आता है कि उसके अंदर जो दिमागी ताकत है वो कम है। वो कम है। क्यों कम है? क्योंकि उसको हेज आते हैं। वो नमाज नहीं पढ़ सकती है। इसलिए वो कम है। तो भाई आपके रसूल अल्लाह कहीं पे चेस का एग्जांपल नहीं दे रहे। कहीं पर दिमागी दिमाग से खेले जाने खेलों का वह कहीं एग्जांपल नहीं दे रहे हैं। सिर्फ एग्जांपल दे रहे हैं रोजे का और हैज़ का और नमाज का। दैट्स इट। और वो भी तो यह नहीं कह रहे ना कहीं पे कि हां हम कुछ औरतों के लिए बात कर रहे हैं। कुछ कैटेगरीज के बात कर रहे हैं। ऐसा तो कह ही नहीं रहे हैं। तो करके बात कर रहे हैं। हां। और जब यह सब के बारे में बात कर रहे तो फिर उनका यह हक बिल्कुल नहीं बनता है। कि फिर वो यह कहें कि हजरत जो है फातिमा रज अल्लाह अन्हा वो जाएगी मतलब महिलाओं का जो औरतों की सरदार बनेगी जन्नत में वो सरदार वो कैसे बनेगी वो भी एक औरत है वो भी लान तान करती है तो यानी कि वो या तो गेह है तभी वो जा सकती है क्योंकि औरत का तो नेचुरल है कि भाई सब लान तान करेगी सब सवर की नाफरमानी करेगी अगर वो एक नॉर्मल औरत है तो बिल्कुल नहीं जाएगी बंदा एकदम बुरी तरीके से फंस गया अब ये रिपीट करना करने लग गया। एक टॉपिक पे टिका नहीं फिर ठीक है देखते हैं। कल तो मतलब बहुत ज्यादा पता है मुझे झेलना इसको मुश्किल है। झेलना है इनको कोई मतलब ये वाला तो ये वाला तो मेरा फेवरेट टॉपिक है चार साल वाला। बेशक मैं इस इस बात को इतना ज्यादा हाईलाइट करता नहीं हूं। बट ये तो बड़ा आसान है। इसको चार साल के चार साल से पहले मरा कैसे इनके तरीकों की किताबों में भरा पड़ा है। मैं तो चार साल छोड़ मैं आठ साल आठ साल का। आसान है पर इनसे बात करना आसान नहीं है। नहीं समझ रहे आप बात को? इन ये चीजें तो कोई भी साबित कर दे लेकिन इनसे अब देखिए ना इतनी देर में एक छोटा सा सिंपल सा जवाब होना चाहिए। है ना? लेकिन सोचिए कि कितने देर इन्होंने टाइम लिया? एक डेढ़ घंटे आधे घंटे से ज्यादा इसने टाइम लिया है। हां। जहां तक है ना यह जहां तक है ना मैंने भी कुरान पढ़ी है जहां तक मुझे लगता है यह ना पूरे कुरान में ना कोई एक्सेप्शन नहीं लिया कि कुछ औरतों के लिए और जब वो जो महिलाओं की बात करता औरत की बात करता है तो वो सभी औरत की बात करता है एम आई राइट सभी औरतों की हम ये बीच में साफसाफ बोला ना कि ए औरतों की जमात हम वहां पे कौन सा बोला कि ओए औरतों में से कुछ औरतों ऐसा तो बोले करे भाई ये गुस्ताखी किए बड़ा मजा आया लेकिन बात करके लास्ट में खैर मेरा स्ट्रीम तो सक्सेस हो गया क्योंकि दो विकेट गिरा और ऐसेसे मोमिन आ जाते हैं ना कि बस एंटरटेनमेंट हो ही जाता है अच्छा लगा बात करके दो विकेट गिर गई आज हां वो भी और एक 22 23 साल के लड़के का काफिर भाई यह बंदा जो आया था यह बंदा अगर जब कभी देखता होगा क्या न्यूज़ चैनल में देखता होगा कभी अखबारों में देखता होगा यार ये एक हेड ऑफ द ये ना प्रोजेक्ट की ना औरत है और उसने उसने ये ना अचीव किया है ये तो जल जाता होगा अंदर ही अंदर से नहीं हमें दिमाग लगाने की जरूरत नहीं है अभीर भाई हमें इतना दूर जाने की जरूरत ही नहीं है इनके इस्लाम में ही हर चीज का सवाल के जवाब है बस ये लोग देखते नहीं है यहां पे इतना दूर जाने की इनके खुद के जो नबी साहब थे वो एक औरत के नौकर थे। उनके घर पे काम करते थे। उनके घर के गुलाम थे। इतना बाहर जाने की क्या जरूरत है? अगर वो साबित नहीं करती तो आज ये आज भी नबी साहब पागल ही हो के रहते। इधर-उधर भटकते रहते। पता नहीं सुसाइड भी कब का कर लिए होते। फिर वो नबी थोड़ी होता। फिर ये इस्लाम ही ना होता। वही तो। लेकिन देखिए वो चीजें ये जो डिग्री इनको दिया है, ये जो पोस्ट हासिल हुआ है नबी साहब को नबी का, यह कौन दिया? एक औरत ने इनको खिताब दिया है नबी का। ये कौन है? एम एमडीआई कौन है भाई? एक बार ऐड करो। तो ब्लेड भाई इनको बहुत देर से इनको आने की पता नहीं क्या जल्दी मच रही है। ऐड करो इनको। लेआउट चेंज कर रुको मैं पहले लेआउट सेट कर देता हूं। हम भाई आपने खदीजा का जो एग्जांपल लिया ना मेरे दिमाग में नहीं आई ये बात। हां। खदीजा भी वै सक्सेसफुल वूमन भाई। बिजनेस चलाती थी। अकेली खातून हम सो ये भी है। हां जी। लोम बड़ी भाई एक मिनट रुकना यार। लोमड़ी भाई बोलो हां हेलो हेलो हेलो हां जॉइन किया मुझे सर कोई नहीं क्या बोल रहे हो नहीं जानते साहब आप हां मैं भी काफिर हूं मैं भी काफिर हूं आपका किस टॉपिक पे है मैं क्या कब से सुन रहा हूं लेकिन थोड़ा है ना आप मोमिन आप मोम मोमिन हो आप मोमिन हो नहीं नहीं मैं मोमिन नहीं हूं फिर निकलो आप बाद में आना ठीक है ओके ओके थैंक यू चलिए ठीक है हां ओके थैंक यू हां मैं निकल जाता हूं कोई बात नहीं यही दिक्कत है होती है भाई जब बात कुछ अच्छा खासा करो तो यह लोग बीच में आके परेशान करते जब कह दिए कि लास्ट में हम नॉन मोमिनों से बात कर लेंगे और आपसे क्या बात करनी यार एक काम किया करो ना वहां पे जब आप कमेंट में वो ऐड करते हो ना स्ट्रीम ऐड का लिंक वहां पे लिख दिया करो मुस्लिम्स ओनली और अगर फिर भी जुड़ते हो फिर ब्लॉक कर दिया करो मतलब उसी टाइम पे ये ज्वॉइ करेंगे जब बात चल रही हो एक से एक से ऐसे में ही हो जाता है नन्नू जिहाद इनको इनको हटाने या लेने के चक्कर में वो आ जाता है सामने फिर बिना मतलब उनका स्ट्रीम खराब हो जाता है। बहन जो टाइटल है वो आपने दिया उसको क्या जो नया जो डिबेट होगी इसके साथ ये बंदा जो गया है आपने दिया क्या उसने खुद टाइटल चूज़ किया कि इस पे डिबेट होगी अभी जो बात हुई है अरे नहीं नहीं हम लोग हां हम लोग चर्चा कर रहे थे वो कह कर गया है कि हमें इस पे बात करनी है। हम बोले आज इस पे नहीं करेंगे क्योंकि यह टाइटल मेरा जो आज का टॉपिक है हम इसी पे रहेंगे। ठीक है? क्योंकि बाद में लोग देखते हैं कि यह टॉपिक तो कुछ और है। इस पे बातें अंदर कुछ और चल रही है। हम बोले इस पे आपको करनी है बात तो हम इसके लिए एक प्रॉपर एक दिन रख देते हैं। उस दिन आप बात करना। ठीक है? ठीक है दैट्स फाइन। आप मॉडरेटर बना देना इसको। काफिर भाई को जब भी होंगे काफिर भाई मॉडरेट हो जाएंगे। यू नो ब्लेड भाई हो नहीं गए तो इनको एक क्या नाम था उनका? कौन है? ये हमेशा रहते हैं क्या यहां पे? कौन? क्या हो गया? आप ये भाई कह रहे थे ना अभीर भाई एक बंदे को मोड बनाने क्या नाम था उनका अभीर भाई अच्छा ऐश ऐश ऐश ऐश समदी था यार भाई वो हां वो अभी रुक जाओ यार अभी मत बनाना किसी को भी एक मिनट रुक जाओ ओके हम हम थे तब मोहम्मद या वही था ऐश और ब्रिश अच्छा वो देख लेते हैं कौन है बंदा फिर बना दिया जाएगा उनको कमेंट करने को बोलिए ना हां वो कमेंट करेंगे तभी बन सकते हैं। अभी रुक जाओ ब्लेड एक मिनट पहले वेरीफाई कर लेना उसके बाद ही बनाना अभी रुक जाओ नहीं नहीं वो बंदा सही है ऐश और बी सही बंदा है भाई हां मुझे पता है वो फिर भी वेरीफाई करना जरूरी है यार ऐसे हां ठीक है नाम आईडी चेंज करके भी आते हैं लोग [संगीत] भाई एंजल आपको में काफी पेशेंस है ये तुम्हें मानना पड़ेगा भाई मानना पड़ेगा भाई ये तो आज देख लिया हम ठीक है इनके साथ इनके साथ सही में दिमाग की वो हो जाती है बहुत बहुत ज्यादा मतलब ये एक ये तो एक इनका ये रहता है कि जो चीजें लिखी हुई है ये आंख से देख रहा है कि ये पढ़ता भी है ऐसा नहीं कि नहीं पढ़ता ये जुबान से भी उस चीज को पढ़ता है ठीक है और इसको पता भी कि जो लिखा हुआ है वही लिखा हुआ है जो हम बोल रहे हैं वो लिखा हुआ है लेकिन इनका कहना है कि ना जो लिखा हुआ है वो गलत है और हम जो बोल रहे हैं वो सही है। ऐसा लॉजिक है भाई। ये मतलब अलग टाइप का अंधनवाजी है। ये अलग टाइप का अंधनवाजी लोग हैं। [संगीत] एक इनका कैटेगरी ही अलग है। बट ठीक है। इसी के बीच देखिए ऐसे ही लोगों का पता चलता है। तभी हमारे जो इतने एक्स मुस्लिम बन रहे हैं। है ना? नौजवान खासकर नौजवान नवयुवक लोग जो है वो एक्स मुस्लिम बन रहे तो इन लोगों को ही देखकर बन रहे हैं ना हम तो अपना काम कर रहे हैं। हमें तो लगता है एक्स मुस्लिम की जगह पर यह नाम हमें सूट करता था कि सच्चा मुस्लिम कट्टर मुस्लिम मेरा नाम होना चाहिए कट्टर मुस्लिम कट्टर इस्लाम को बताने वाले शुद्ध इस्लाम को बताने वाले हम है ना नहीं वैसे कफिर भाई ने बताया भी था कि डेफिशिएंसी है डेफिशिएंसी है वो नहीं कह रहे कि आधी है 75% है 50% है 10% है डेफिशिएंसी तो डेफिशिएंसी हो गई कमी तो कमी हो गई चाहे 1% % हो, 10% हो या 50% हो तो एक ही चीज को वो काफिर भाई रिपीट कर रहे हैं। उसको समझ में नहीं आ रहा डिफिशिएंसी क्या है? क्या है? क्या है? तो ये बात है इनको ये क्या खुदबे में सुन के आते हैं ना जलेबी कैसे बनानी है। बिल्कुल बिल्कुल सिखाया जाता है ना इनको प्रॉपर सिखाया जाता है। कि ऐसे करना है ऐसे करना है। मतलब इनकी जो दिमाग है वह यह सोच के ही आते हैं। ये देखो ये क्या है? इस्लामिक स्टेटमेंट। ए वेरी गुड टॉपिक। क्या है इनका कमेंट? आई एम आल्सो क्या कह रहे भाई? आई एम वेरी गुड टॉपिक हैज़ बीन पुट अप। आई एम आल्सो टेड टू ज्वॉइ बट मतलब मैं अच्छा टॉपिक अच्छा है आज का और मैं भी चाहता था कि ना मुझे उत्सुकता हो रही थी कि मैं भी ज्वाइन कर लूं पर मैं नहीं कर पा रहा पाया जो भी है क्या पता उसको फजर की नमाज पढ़नी होगी हो सकता है अभी टाइम क्या हो गया अभी तो अभी तो इंडिया में 3:3 हां अभी हमारे यहां पे तो 3:03 हो गया हां मेरे इधर भी 3:03 3 मिनट हुआ है अभी। अह इंडिया जीत गया। अच्छा चलो इंडिया जीत गया। अच्छी बात है। जीत गया तो वैसे तुम लोग जाया मत करो यार उधर बिना मतलब का ये सब चीजें देखने। ठीक है। बिना मतलब ये कोई अभी जॉइ नहीं हुआ ना क्या? क्या नाम है? हां हां कोई बंदा जॉइ किए हैं। अजय शर्मा अच्छा ऐश आर बिश ने लिखा है ओरिजिनल हूं भाई ऐश ऐश आरबी उसने ना अभी चैट में लिखा है अजय भाई बोलिए आप लोग स्टेज पर है पर क्यों बैठे अजय? ओके। अजय आवाज आ रही है भैया। बोलो भैया। यस आवाज आ रही है। आवाज आ रही है। आप लोगों ने बोला नहीं क्यों बोलो? वरना मैं पहले ही बोल देता। मैं देखा आप लोग कुछ तो सबसे पहले तो सबसे पहले तो बहुत-बहुत शुक्रिया आप लोगों को। एंजल जी आपसे कुछ दिन पहले भी मैंने बात करी थी। दो मिनट किया था तब तक डिस्कनेक्ट हो गया था। बोलिए। मैंने कहा था उस दिन कि हमें क्या बोलते? बंगाल फाइल्स मूवी देखनी चाहिए। वो फ्लॉप जा रही है। पिछली बार जोधपुर फाइल्स भी फ्लॉप चली गई। मैंने कहा था कि हिंदू लोग सोए हुए हैं। कोई जागता ही नहीं। जोधपुर मूवी कौन सा निकला भाई? जोधपुर कौन सा निकला? जोधपुर फाइल्स आपने देखी नहीं। अच्छा वो वाली जिसमें कन्हैया लाल की गर्दन काट दी गई। तो उदयपुर है यार। अच्छा गलती से गलती से गलती से सॉरी अबाउट दैट। हां। हां तो वो वाली फाइल्स थी तो फिर वो लोग वो भी देखे नहीं जोधपुर में भी ऐसे कई कांड हो चुके हैं पुराने टाइम पे तो खैर हम मैं बस वही बोल रहा था अभी भी फ्लॉप जा रही है पिक्चर कोई नहीं देख पा रहा अपने हिंदू लोग कब जागेंगे आई डोंट नो क्या होगा देश का लेकिन आपने उस दिन एक बात कही थी कि मैंने कहा था कि इनकी हिम्मत मैंने कहा था कि ये लोग एक दिन हमसे हिंदुस्तान भी ले लेंगे अगर हम सोते रहे तो आपने कहा था इनमें दम नहीं है इनकी औकात नहीं है इतनी याद है ना आपने कहा था बिल्कुल बिल्कुल हमें लगता ऐसा भले ही आसानी से ना ले पाए, आज ना ले पाए लेकिन अगर हम अगले 10 साल तक फिर सोते रहे। अरे कभी नहीं लेंगे भाई। देखो कहते हैं ना कि अगर आपके
अगर आपके हाथ पे लाकर के हम दे दे आपके हाथ जो है ना वहां पे आपको ला के आप फ्ल एरोप्लेन पे बैठा दे। ठीक है?
अगर आप साइकिल चला ले रहे हैं तो इसका ये मतलब थोड़ी कि आप एरोप्लेन उड़ा लेंगे। हैं? उसके लिए अकल भी तो चाहिए ना चलाने के लिए। ये लोग समझ आई बात? मैं समझ गया लेकिन आप खुद सोचिए मैं किया हूं इतिहास को तो साइकिल चलाने वाले कभी भी हेलीकॉप्टर को जहाज को नहीं उड़ा सकते ठीक है ना हाईजैक तो कर सकते हैं फिर अरे हाईक हाई जैक कैसे कर लेंगे भाई हाईजैक कैसे कर लेंगे हाईजैक कर लेंगे उसके बाद भी तो है ना अगर तुम चार हो तो उसमें 10 हैं। है ना? तो अगर मन में यह चीजें हैं जब सबको पता है कि अगर तुम चार हो करके हाईजैक कर रहे हो तो 10 हाथ में मेहंदी थोड़ी लगा के बैठेंगे। भोसड़ी के एक एक को एक एक को पकड़ के चीर दिया जाएगा। टेंशन काहे को ले रहे हो भाई? मरने से पहले भूत नहीं बनना। ठीक है?
अरे वो ठीक है। एंजल जी आप हां नहीं खुद भी मत डरो। सुनो मेरी बात सुनो। खुद भी मत डरो और दूसरों को भी मत डराओ। ठीक है? कोई किसी से कम नहीं है। राइट?
अब रही बात यह कि यह जो चीजें चल रही है हमारे भारत में औरों देश से जहां भी बहुत सारा जो देश है बहुत सारा ऐसी जगह है जहां बहुत से बद से बदतर हाल है उससे बेस्ट है इंडिया ठीक है और यहां किसी की नहीं चलने वाली ठीक है यहां किसी की भी नहीं चलने वाली और जिसकी चल रही है उसके आराम से सफाई हो रही है एक होता है कि चिल्ला के भौकना एक होता है आराम से काम करना ठीक है तो काम चल रहा है आप टेंशन मत लीजिए हां और ये मत कहिए कि कभी ये लोग हम पे ये करेंगे कुछ नहीं करेंगे। कुछ भी नहीं करेंगे। ये रात का खाते हैं तो दिन का सोचते हैं। दिन का खाते हैं तो रात का सोचते हैं। ठीक है।
जी आप बताइए फिर कश्मीर में इन्होंने कैसे किया? बंगाल में कैसे किया? और फिर क्या कश्मीर में? अरे तो वहां की सरकार इनको साथ दे रही है ना। आप जो साथ दे रही है वो ममता बनर्जी कौन है? मुस्लिम है नहीं नहीं वही तो बोल रहा हूं हिंदू है हिंदू होके भी ऐसा कर रही है वही तो समझा रहा हूं लोग ही तो फिर ये नहीं कहिए ना कि यह हा भी हो रहे हैं तो आपके अंदर ये गलती है ना तो ये नहीं कहिए कि वो हम पे आके हां भी हो जाएगा अगर आप कहिएगा कि हमने गेट खोल दिया आके जो लेके जाना है लेके जाओ तो कोई भी लेके जाएगा भाई भाई मेरी बात सुनो भाई मेरी बात सुनो यार एक है ना आपकी गलतफहमी मैं ना निकालता हूं ये जो ममता बनर्जी बनर्जी है वो हिंदू नहीं है। ठीक है? हिंदू नहीं है। हिंदू अपने कर्म से हिंदू होता है। ठीक है? तो ये ममता क्या नाम है बानो है कुछ है जो भी है। तो उसकी हरकतें सारे मुसलमानों की है। ठीक है? तो मेरे पास ना कोई मेरे पास कोई हिंदू आता है ना कोई बोलते हैं कि मेरा नाम सूरज है वो है। मैं भैया उसप तुम अपने काम कर्म से हिंदू बनते हो भैया। तुम्हारे काम अच्छे होने चाहिए। तब जाके तुम हिंदू बताओ। जैसे कि मैं आपको बताता हूं। हमारे हमारे जो हमारे जो एक थे राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम नाम सुना होगा आपने ठीक है रॉकेट मैन कहते हैं उन्हें वो सही में देशभक्त भी थे और उन्होंने उनके जो कर्म है वो हिंदू हिंदुओं जैसे कर्म थे भाई जो असली में हिंदू थे ठीक है तो वो बेशक उनका नाम एपीजे अब्दुल कलाम है मुसलमान का नाम है पर मैं उनके जो कर्म बोलते हैं भाई तुम कुछ भी बोल लो अपने आप से ठीक है तो आपको बस गलतफहमी आपका वो निकाल रहा था मैं बस नहीं आप सही कह रहे हैं और मैं एकदम इत्तेफाक रखता हूं जो जो बात का आप कह रहे हैं। लेकिन मैं फैक्ट्स पे जाता हूं। आप खुद देखिए कि कश्मीर में भले ही सरकार किसी की हो। हिंदू भी थे ना बाकी देश के हिंदुओं ने क्या किया। यहां पर अगर आप मुसलमान को चार मुसलमान को मार दो कश्मीर में।
अच्छा एक बात बोले अगर आप बुरा ना माने भाई एक बात बोले अगर आप बुरा ना माने तो बिल्कुल बिल्कुल ठीक है। आप कितने टिकट बुक कराए इसके? अरे मैंने चार टिकट बुक करे। मैं आपको वही कह रहा हूं। एंजल जी चार टिकट बुक कराए। सुनिए आपने अपने मोहल्ले जो आपके मोहल्ले का मोहल्ले का जो मतलब फेमस इंसान कोई है क्या आपने उनको टिकट अपने तरफ से फ्री करा करके दिया कि चलो मेरे साथ देखना ये मूवी। मैंने एक टिकट अपने लिए करी। बाकी तीन पड़ोसियों में ही बांटी है। लेकिन मेरी जितनी क्षमता है मैं उसी हिसाब से कर सकता हूं। मैं अभी वो नहीं कह रही हूं। चलिए तो वो तो बहुत अच्छी बात है कि आपने अपनी क्षमता के अनुसार तीन लोगों को टिकट दिए। ठीक है? तो अब उन तीन तीन लोगों से कह देते कि भाई तुम भी किसी को दिखा देना। अगर नहीं दिखाते तो आपने अपने हिस्से का कर्तव्य है वो कर दिया। ठीक है? अब लोग अपने हिस्से का कर्तव्य कर रहे हैं। रही बात क्या? ये कोई प्रेजेंट करके कर रहा है, कोई छुप के कर रहा है। लेकिन सभी लोग अभी देखिए हम जो यह स्ट्रीम कर रहे हैं, हम पांच अभी ये छ घंटा होने को है। छ घंटा से कंटीन्यूअसली हम भूके जा रहे हैं। ठीक है? बिना ब्रेक लिए मुझे प्यास नहीं लगता ऐसा नहीं है। लेकिन जो लोग नीचे बैठ के हमें देख रहे हैं वो भी कंटीन्यूअसली 6 घंटे से लगे हैं। चैट कर रहे हैं। तो हर कोई अपने तरीके से सपोर्ट कर रहा है। आप यह ना कहे कि कोई हम पे हावी हो जाएगा। हावी तब होगा जब आप अपने आप से हार मान रहे हैं। हां हम समझ रहे हैं। तो ऐसी डीमोटिवेट मेरी बात समझे। डीमोटिवेट बात ना करें क्योंकि ये यहां से लोगों तक बात जाता है। ऐसी बात करें कि लोग मोटिवेट हो। है ना? उसके अंदर एक एनर्जी आए कि हां हम ये कर लिए ये भी कर लेंगे। बात समझ आ रही है?
चलिए ठीक है। मैं तो खाली जागरूकता फैला रहा था। आप ये बोलिए कि देखिए आप ऐसा बोल सकते हैं कि देखिए कश्मीरी फाइल्स हो गया, उदयपुर फाइल्स हो गया। अभी ये बंगाल फाइल्स ऐसेसे मूवी आ रहे हैं हमारे हिंदुओं को जागरूक करने के लिए। अब पता चल रहा है इन लोगों की कट्टरता। अब पता चल रहा है इन लोगों की सच्चाई। अब बताते हैं। ऐसे बात करो भाई ये गीदड़ भाग के मत दिया करो कि ये कर देंगे वो घंटा कर देंगे। अरे वो नहीं एंजल जी आप मेरी बात सुनिए। अभी देखिए क्या हुआ? मैंने अपने ग्रुप में मैसेज डाला यही कि मेरे पास तीन टिकट एक्स्ट्रा है। जिसको जिसको देखना है वो मुझे मैसेज कर दे। मतलब ठीक है और मैंने ये भी लिखा किसी और को इंटरेस्ट हो तो बोलिए मैं और टिकट भी खरीद दूंगा ऐसे तो मेरे को बाद में मेरे ग्रुप एडमिन का यानी कि हमारे अपार्टमेंट के एडमिन का मैसेज आता है कि आप ये सब मैसेज हिंदू ही है वो भी हिंदू होके मतलब हम नाम के हिंदू कर्म से हिंदू नहीं आप कह सकते हैं तो मुझे ही रोकते हैं बोलते हैं नहीं आप ऐसी मैसेजेस मत दिया करिए जब मैंने एक्स मुस्लिम का वीडियो भी शेयर किया आप लोगों का कि बीच-बीच में तो उन वहां से भी कंप्लेन आता है कि इनको हटाइए जागरूक करने के लिए शर्मा भाई सुनिए जागरूक करने के लिए ना आपके जैसे अभी हमने अपने Instagram पे हम बहुत सारे ऐसे भाइयों को हम जानते हैं जो अपने गांव के सुपरस्टार हैं। वो एक आम इंसान है। वो अपने काम भी करते हैं। वो अपने सब कुछ करते हैं। पर वो अपने गांव का सुपरस्टार है। अब बोलिए क्यों? क्योंकि हर दिन वो टाइम निकालते हैं। हर दिन वो टाइम निकालते हैं दो घंटा चार घंटा और हर घर पे जाते हैं। हर जो है पास में बच्ची को बच्चा को औरत को मर्द को घर पे जाके चार लोग पांच लोग बैठ के मीटिंग करते हैं कि ऐसा-सा है। फिर वो अगले के पास जाकर करते हैं। वो ऐसा करके मेरे Instagram पे बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो इस तरीके के काम कर रहे हैं। तो अपने हाथ में कि हम क्या योगदान कर रहे हैं है ना इस चीज के लिए।
भाई एक काम करिए भाई भाई मेरी बात सुनिए आपके लिए ना अच्छे से एक थोड़ा सा मैं सुझाव देता हूं एडवाइस देता हूं देखो हम अपनी तरफ से ना जो कुछ कर रहे हैं कर रहे हैं ठीक है जब तक हाथ पैर चल रहे हैं जब तक सांसे हैं चल रहे हैं हम कर रहे हैं आपके लिए ना आपने जैसे बोला ना कि आपको है ना आपने शेयर किया आपको ये गालियां पड़ती है आपको पता है क्या करना चाहिए मैं आपको आपको बता रहा हूं थोड़ा एडवाइस दे रहा हूं बस अच्छा उससे थोड़ा सा ना मैं कह रहा हूं ये नहीं कर रहा 100% तुम्हारा हमारा हमारा वो हो गया पर पर सक्सेसफुल भी एटलीस्ट 10% मैं कह रहा हूं। आप है ना ईमेल बनाइए अपना जो ऐसे ही फालतू वाला ईमेल बनाइए। समझ रहा है ना मैं क्या कह रहा हूं? फालतू वाला ईमेल करिए और मुसलमानों एक है ना चेक लिस्ट बनाइए चेक लिस्ट की। एक क्वेश्चन का ये आंसर एक क्वेश्चन का आंसर जो एक्स मुस्लिम के चैनल में ना आप बोलते हैं ना वो उनका क्वेश्चन है उनका आंसर लिख के और टाइटल बना दो कि मुझे इस्लाम में इस्लाम कबूल करना है। पर मेरे पास ये कुछ चंद सवालात है। इसके सवाल उनके जवाब दे दे तो मेहरबानी होगी। ऐसे ना अपने मुसलमानों की इसमें फैलाओ ना तब जाके कुछ होगा। समझ रहे क्या? तो जैसे अगर उनको पता चलेगा ना कि यू वांट टू कन्वर्ट टू इस्लाम वो तुझे आपको तर आपके पास ना वो वो मधुमक्खी होती है ना उसकी तरह वो कोशिश करेंगे कि इसके सवालों के जवाब दे दूं। 10 सवाल है इसके जवाब दे दूं। तो आपको ये करना है कम से कम। इससे बहुत फायदा होगा। आप समझ रहे हो क्या रहा हूं? समझ गए समझ गए। इससे आपको ये बोलना है कि मुझे इस्लाम कबूल करना है पर मेरे कुछ चंद सवालात है। बिल्कुल बिल्कुल नहीं बहुत अच्छा बोला आपने। बहुत अच्छा बोला। ये सही थोड़ा सा ये बेटर है।
और एंजल जी मैं ये कहना चाह रहा था। देखिए मैं मेरी मेरी मैं कभी भी डीमोटिवेट नहीं करता हूं। मतलब मेरा इरादा तो ये था कि हिंदुओं को ये बताऊं कि भाई अब तो यार उठ जा। अब तो उठ जा देश के लिए कुछ कर ले। एक्स मुस्लिम लोग इतना कर रहे हैं। आप लोग मतलब जो कर रहे हैं बहुत अच्छा कर रहे हैं। बाकी हिंदू तो सच पूछिए ना। मैं जानता हूं ना मैं खुद हिंदू कितनों को देखा मैं अपने ही समाज में जब बातें करता हूं तो आधों को या तो आधों को इंटरेस्ट नहीं है। आधों को मतलब नहीं है। आधे लोग बोलते हैं नहीं हम तो अपना बिजनेस धंधा में एकदम मस्त हमको ये सब चाहिए नहीं टेंशन। तो मतलब कोई भी आगे बढ़ने से मतलब हर आदमी कतरा रहा है। बहुत ज्यादा लोग मतलब काफी लोग कतरा रहे हैं। मैं जनरल हिंदू की बात कर रहा हूं। समझ लीजिए 70% लोग कतरा रहे हैं। बाकी 30% ही है जो कुछ करने की कोशिश कर रहे हैं। जहां भी हो थोड़ी बहुत तो एक तो वो था। दूसरा चीज था एंजल जी मैं आपको काफी टाइम से सुन रहा हूं लेकिन मुझे एक भी ऐसा स्ट्रीम नहीं मिला कि जिसमें आप मतलब आप अपने बारे में बताएं पता नहीं मतलब कैसा की मतलब खाली जानने की उत्सुक है जैसे कि साहिल जी के बारे में थोड़ा सा मुझे बैकग्राउंड पता है साहिल सर के चैनल पे जाकर अरे सुनिए तो साहिल सर के चैनल पे देखिए समीर भाई के चैनल पे देखिए क्या बोलते हैं हिटेड डिबेट के चैनल पे देखिए जिसके भी चैनल पे आप जाकर देखोगे सभी के चैनल पे मेरी वीडियो है वीडियोस तो है आपकी आपके बारे में जानना जैसे कि आपने मेरे बारे में ही मेरे बारे में ही है हमने क्या किया क्यों छोड़ा क्या हुआ मेरे साथ क्या घटना घटी टोटल चीजें सभी के चैनल्स पे है अगर एक नाम बता दे क्या आपके नाम से है उसमें जी एक्स मुस्लिम एंजल क्यों छोड़ा इस्लाम ऐसा करके सर्च कीजिए साहिल सर के चैनल पे या फिर किसी के भी चैनल पे आपको मिल जाएगा सही है और और जैसे कि मैंने कहा कि मतलब कुछ भी अगर मैं कर पाऊं मतलब एस मोड बनके या कुछ भी तो मुझे बहुत खुशी होगी। आप लोग आई एम प्रीटी गुड वि कंप्यूटरटर्स एंड ऑल उसमें मजा आता है और आपकी देसी देसी स्टाइल मुझे बहुत अच्छी लगती है। कई बार जब आप बोलते हैं आप एडमम जी को भी बोल रहे थे दो दिन पहले शायद कि एडमम जी हिंदी में गालियां दिया करिए आप इंग्लिश में और मतलब आप तो अच्छा लगता है उससे सुनना चलिए अच्छी बात है अपने हिस्से का काम करते रहिए हम लोग अपने हिस्से का काम कर रहे हैं ठीक है चलिए थैंक यू सो मच जुड़ने के लिए एक भाई अभी अच्छा दो लोग और है हम इनसे बात करते हैं फिर हम फिर हम हां थैंक यू एक लाइन खाली बोलूंगा इस्लामिक स्टेटमेंट ने ये लिखा है कि लास्ट में लिखा है उसने आई वास आई वास आल्सो टेड टू जॉइन वो बोल रहा है उसको वो ललचा रहा है जाइन करने के लिए लेकिन अब लेकिन मैं अटक गया इस्लामिक भाई आ जाओ स्टेटमेंट इस्लामिक स्टेटमेंट आ जाओ एंजेल जी से बात कर लो ठीक है एंजल बहन अभी ना कितना टाइम हो गया अभी कल का सुबह आपको जाना भी है ठीक है देख लेते हैं ओके ये दो लोग हैं इनसे एक एक मिनट बात करते क्या बात कर रहे एक तो मिस्टर सिंह सिंह जी ये भरगाव जी हैं। पता नहीं कौन है। भार्गव होंगे। अच्छा भाई ये मत बोलना आपको कि आपको ईमेल करना है। ठीक है ना? ये मत बोलना।
हेलो हां बोलिए भाई आवाज आ रही है? मैं कह रहा था सर इन भैया को शायद पता नहीं है कि बंगाल फाइल्स के शोज़ नहीं मिल रहे हैं और अभी फ्राइडे छह पिक्चर मूवीज रिलीज हुई है बंगाल फाइल्स के चक्कर में। उनके शो बंगाल फाइल्स को गिराने के लिए। उनके शोज़ नहीं दे रहे हैं। रात के 10:30 बजे के शोज़ दे रहे हैं। अभी जाके मुंबई और दिल्ली में उनके शोज़ बढ़ाए गए हैं। उससे पहले शोज़ ही नहीं लगे। टाइमिंग क्या दे रहे हैं? रात के 10:00 बजे 11:00 बजे 3:30 घंटे की पिक्चर देखने कौन जाएगा इंसान टाइमिंग देना चाहिए इवनिंग का मॉर्निंग का आफ्टरनून का नहीं दे रहे शोज़ ये सारे लेकिन मैंने न्यूज़ देखी थी उस न्यूज़ में ये दिखा रहा था कि लोग नहीं आ रहे हैं बंगाल फाइल्स देखने के लिए इसीलिए शोज़ कम कर दिया बोलने में सर सर एक्चुअली क्या रात के 10:30 बजे का तुम शोज़ दे रहे हो 3:30 घंटे की पिक्चर है कौन जाएगा इंसान देखने इन मूवी बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल वो भी इनका ट्रिक है। एक चाल है सब चाल समझ गए? मेरी बात सुनिए। अब दो दिन के शोज़ हैं सैटरडे और संडे के। हाउसफुल गए हैं। कर्नाटका में, हैदराबाद में, दिल्ली में, मुंबई में, झारखंड में। इनके शोज़ बढ़ाए गए हैं। मुंबई की टिकट्स भूल बुक हो चुकी है। इस आज का जो कलेक्शन है 1.20 करोड़ है बंगाल्स मूवीज का। समझ लिया भाई आपने? चलिए आपसे बात करके सुकून मिला। होप मिल रही है। चलिए अच्छी बात है। ब्रदर पहले थोड़ा रिसर्च किया करो किसी के बारे में। नेगेट नेगेटिविटी इतनी है उस मूवीस के बारे में क्योंकि एक्चुअली जो फादर ऑफ द नेशन बना के जिसको खड़ा किया गया है गांधी को उसके बारे में गलत दिखाया जा रहा है। तो ये लेफ्टिस्ट जो है जितने सारे भरे हुए हैं इस मूवीस को दबाने के लिए इस फ्राइडे छह बॉलीवुड की होगी रिलीज मूवी पता है आपको? जी चलिए अब इनको जवाब मिल गया भागराव क्या नाम है इनका भरगाव भाई अब इनको जवाब मिल गया है ना तो आपका भी शुक्रिया आपने इनको जवाब दे दिया शायद आप इसीलिए ज्वाइन किए थे इनको जवाब देने के लिए राइट दीदी एक चीज और दीदीव भार्गव चलिए थैंक यू सो मच बस बस बस एक मिनट और एक केके जो है दीक्षित जी उन्होंने मोहम्मद के ऊपर कोई पोस्ट पोस्ट कर दिया। उसके चक्कर में शाहजापुर में यूपी में लाठी चार्ज हो रहा है। मुसलमानों ने वहां कर रखे दंगे। पता है आपको? भैया को इतना नहीं पता होगा। कोई बात नहीं उनका भी इलाज हो जाएगा। टेंशन नहीं लीजिए। हर किसी का इलाज यहां होने के लिए ही एक्चुअली क्या मैं बताता हूं भार्गव मेरा सर नेम है। मैं राजस्थान से हूं। एक्चुअली सीकर जिला से। अच्छा आप आप ये रहिए बैक स्टेज रहिए। ठीक है। फिर हम आपसे बाद में करते हैं थोड़ी सी बात। ठीक है। एक मिनट के लिए। ठीक है। ओके। थैंक यू जी। हां। आपको बैक स्टेज कर रहे हैं। अ चलिए अभी हम इनको लेते हैं मिस्टर सिंह जी को। अभीर भाई ये अपने चैनल पे आते हैं ना प्रेम भा के? हां यही आते हैं। यही आते हैं। अभीर भाई कैसे हो? बस भाई कैसे हो? मैं ठीक हूं। भगवान के दया से अल्लाह के फजल से ठीक हो? अल्लाह के फजल से ठीक हो? अजल के फजल से तो ठीक है भाई। दीदी जी नमस्ते प्रणाम। कोटि-कोटि प्रणाम। मेरे लिए आप एक महिला नहीं मेरे लिए तो आप एक देवी है। आपको कोटि-कोटि प्रणाम। बहुत अच्छा काम करते हैं। बहुत अच्छा काम। आपका जो है ना जो मॉडरेटर वो क्या ब्लेड मैं तो उसके पर्सनली उसके कांटेक्ट में हूं। आपको हेल्प प्रोवाइड करना चाहता था इस महीने पर हमारे एक भाई पे आ गई थोड़ी प्रॉब्लम आपको पता ही है तो वो सारी हेल्प उधर भेजनी पड़ी उधर ही सारा कुछ उधर ही करना पड़ा प्रेम बाबू को सब पता है मैंने आपसे हां आपसे मैंने वादा किया था मैंने बोला था पर ब्लेड को सारी सिचुएशन का पता है उसी के थ्रू सारा कुछ काम हुए हैं सब कुछ उसी को पता है कोई बात नहीं आप लोग ऐसे ही प्यार बनाए रखिए आशी आशीर्वाद बनाए रखिए। अल्लाह के फजल से सब चलता रहेगा। प्रेम बाबू आए थे। चले गए। आए थे। प्रेम बाबू चले गए। हां उनका आज तो बर्थडे है ना वो अपना बर्थडे सेलिब्रेट करने का है। मैं तो यही बोलूंगा देवी जी आप ऐसे ही काम करते रहो। वो पंजाबी में कहते हैं फट्टे चक्की रखो। फट्टे चक्की रखो। वो मैं ब्लेड से बात करूंगा। हां एक बात बताएं भाई हां अभी तो कम लोग हैं अभी 100 31 लोग देख रहे हैं लेकिन कल परसों जब स्ट्रीम स्टार्ट होगी ना तो हम उन आप लोगों से बस एक रिक्वेस्ट करेंगे कि जो लोग मुझे हां सपोर्ट करना चाहते हैं जैसे आप लोग जैसे भाई है तो मुझे हर दिन ना करें अगर किसी का कुछ सपोर्ट करने का होगा ना तो मुझे हर दिन ना करके मंथ के एक टाइम पे मुझे कर देंगे ना कुछ कुछ लोग तो उससे क्या होता है ना प्रॉब्लम जो है हां जैसे कि रेंट हो गया बच्चों के स्कूल के जो भी कुछ भी है मेरे खर्चे वो हो ऐसे हां ऐसे में समझ नहीं आता है ना तो ये ब्लेड को सब पता मैं क्या करता हूं उसके पास सारा होता है सारा कुछ जो भी होता है उसको पता है सारा पर वो कश्मीरी पे प्रॉब्लम ना आती तो हमने मैंने तो आपके बारे में ही सोचा था आपके बारे में है आपके भाई एंजल आपके बारे में पहले से दिमाग में है और जल्दी से जल्दी होगा वो भी जल्दी निकालना वो तो साहब बात ऐसी थी प्रॉब्लम ऐसी थी तो पहले वहां हमें करना पड़ा मिलके सबको सबको मिलके काम करना पड़ा वहां से निकालना उसका एडमिशन जो भी है जो भी है वो अभी छोटा है तो बच्चे का सोचना पड़ा तो फिर पहले मिस्टर सिंह भाई हमारे साथ शायद कोई मोमिन है मुझे लग रहा है मैं ड्रॉप हो जाता हूं अगर आपने जैसे ना ड्रॉप नहीं हो ये ड्रॉप नहीं होने कह रहे हम कह रहे इनको ऐड करे या छोड़ दे क्या करें मार दिया जाए वो क्या कहते है मार दिया जाए या छोड़ दिया जाए छोड़ दिया जाए बोलते दो मिनट के लिए दो मिनट हो गया अभी देते वेट कर रहा हूं दो मिनट के लिए ले लेते हैं तूने तो दिया मुझे कई बार छोड़ दी तो तुम बच्चे कौन सी नई बात है अभी ये हां राहिल भाई राहिल बोलिए आराम करूंगा आराम करूंगा लगा हुआ है राहिल आवाज आ रही है बोलो भाई राहिल भाई बोलिए निकाल दो निकाल दिए वो पता नहीं क्या कह रहे वो पाकिस्तानी है शायद मुझे समझ आ गया आटे के आटे इसीलिए मैं बोल रहा था आटे की लाइन में लगा है क्या वो क्या बोले जा रहा है समझ नहीं आ रहा है क्या क्या करें आटे की लाइन चावल की लाइन प्याज की लाइन पांचप मुझे एक पाकिस्तानी बता रहा था कहता है हमारे यहां ₹500 किलो प्याज मिलता है टमाटर मिलते हैं हम गरीब के गरीब रह गए गरीब हम गरीब के गरीब रह गए तुम इतने अमीर हो गए के क्या करें भाई हम एंजल वो एंजल वो ब्लेड है ना अभी बैक बैकग्राउंड में है क्या नहीं है ब्लेड क्या चला गया सो गया हां अभी अभी आप लोग रहिए हम ये ये एंड करते हैं फिर हम बात करते हैं ना बैक स्टेज तो सभी लोगों को एक बार सभी को जय हिंद वंदे मातरम सभी का तहे दिल से शुक्रिया जिन्होंने सपोर्ट किया, जिन्होंने कंटीन्यूसली हमारे साथ बने रहे, सभी का दिल से शुक्रिया और जो आगे सुनेंगे उनका भी शुक्रिया और उनसे हाथ जोड़कर रिक्वेस्ट है कि प्लीज कमेंट एक जरूर करें। है ना? जितने लोग देखें विजिट करें बस आते के साथ एक कमेंट कर दे और लाइक कर दे। फिर आगे आपकी मर्जी। आप उनको सुन सकते नहीं सुन सकते यह आपके ऊपर। बट आते के साथ एक बार कमेंट करें और लाइक कर देना। और आपका यह प्यार ऐसे ही हम पर बना रहे और हम इस चीज में ऐसे ही आगे चलते रह। यह मेरा नहीं यह हम सबका और हमारे देश के हित के लिए काम कर रहे हैं ना कि अपना ना कि आपका। ठीक है? ये ध्यान रखना है कि ये हमारे देश के लिए हमारे आगे आने वाले पीढ़ी को सुरक्षा कर रहे हैं। ठीक है? तो इस पे हम सबकी जो मेहनत है वो जाया नहीं जाना चाहिए। आप सब हम सब मिलकर के इस मुहिम को आगे लेकर चलेंगे। एक अच्छे साफ सुथरे तरीके से है ना जिसमें कुछ भी ऐसी वैसी चीजें ऐड नहीं करना ईमानदारी से आगे बढ़ना है और इस्लाम से इंसानियत तक का सफर को तय करना है आज जैसा कि आप लोगों ने देखा दो भाई आए हैं और एकदम टीनएजर एज में आए हैं तो उनका तो फ्यूचर सिक्योर है उनके बच्चे उनकी बीवी आने वाला पीढ़ी सुधर जाएंगे तो बहुत खुश है मेरा आज का स्ट्रीम सक्सेसफुल हुआ क्योंकि दो विकेट गिरे थैंक यू सो मच अल्लाह ऐसे ही हम लोगों पे फजलल और करम करते रहे। जय हिंद वंदे मातरम। जय हिंद वंदे मातरम। रब राखा रब जिसे दबाया नहीं जा सकता काफिर नाम है मेरा जो झूठ से टकरा सकता।