Transcription
वेलकम टू एकडमिया बायोलॉजी और मैं हूं आपके साथ सचिन अंतिल।
तो भाई डीएसएसबी में 2026 में आपकी फॉरेंसिक साइंस के डिपार्टमेंट में जूनियर साइंटिफिक असिस्टेंट की काफी सारी पोस्ट आई थी जो कि आपकी अलग-अलग सब्जेक्ट्स के लिए स्पेसिफिक थी। तो उसी सीरीज में आपका फॉरेंसिक साइंस का जो सीरीज हम शुरू करने वाले हैं आज। इसमें जो भी टॉपिक्स हम कवर करेंगे वो सारे आपके सभी पोस्ट के लिए इक्वली इंपॉर्टेंट रहेंगे। जितनी भी पोस्ट आपकी जूनियर साइंटिफिक असिस्टेंट की हैं आपके फॉरेंसिक साइंस डिपार्टमेंट में।
तो भाई आज अपनी फर्स्ट क्लास होने वाली है जिसमें हम बेसिक्स के साथ चीजों को स्टार्ट करेंगे एंड एडवांस लेवल तक सारी चीजों को कवर करेंगे। तो शुरू करते हैं बिना टाइम को वेस्ट किए हुए।
सबसे पहले थोड़ा सा आपका बैकग्राउंड समझते हैं कि फॉरेंसिक साइंस की जरूरत कहां पड़ती है। तो सपोज करो आपका कोई भी क्राइम होता है। आपने एक चीज छोटी सी सुनी भी होगी कि कहीं पे अगर कोई क्राइम होता है वहां पे कोई ना कोई सुराग यानी कि कोई ना कोई ट्रेस पीछे रह जाता है। क्या रह जाता है पीछे? अगर क्राइम होगा तो वहां पे कोई ना कोई पीछे ट्रेस रह जाता है। यानी कि जिसको हम सुराग बोलते हैं। ठीक है? तो आपका कोई ना कोई सुराग रह जाता है क्राइम का और आपका जो फॉरेंसिक साइंस का रोल आता है वो यहीं पर आता है। जो आपके ट्रेसेस होते हैं उनको ढूंढ निकालना, उनको अच्छे से एनालाइज करना और प्रॉपर रिजल्ट्स उनसे ऑब्टेन करना। यहां पे आपका रोल आता है आपका किसका? फॉरेंसिक साइंस का। ठीक है? तो एक नॉर्मल आम बोलचाल की भाषा में फॉरेंसिक साइंस क्या है? आई होप आप समझ गए होंगे।
अब थोड़ा सा एक बार पहले फॉरेंसिक साइंस को हम डिफाइन कर लेते हैं कि जो तुम्हारी फॉरेंसिक साइंस है वो है क्या? ठीक है? जिसको भाई लेक्चर का फ्लो थोड़ा सा स्लो लगे। अपनी स्पीड इनक्रीज करके लेक्चर को सॉरी स्पीड इनक्रीज करके थोड़ा सा तेज देख लेना। तो समझते हैं फॉरेंसिक साइंस की एक सिंपल सी डेफिनेशन ताकि आपके कॉन्सेप्ट्स बिल्कुल अच्छे से क्लियर हो पाए। तो फॉरेंसिक साइंस को हम डिफाइन कर सकते हैं।
The application of scientific principles, methods and techniques for the investigation of crimes and administration of justice.
तो ये हमने आपका जो फॉरेंसिक साइंस है उसकी एक सिंपल सी डेफिनेशन हमने यहां पे लिख ली है जिससे आपको चीजें थोड़ी सी और अच्छे से क्लियर हो जाएंगी। ठीक है?
अब यहीं पे एक साइंटिस्ट आते हैं सेफरेस्टिन। अकॉर्डिंग टू रिचर्ड सेफस्टिन फॉरेंसिक साइंस इज द एप्लीकेशन ऑफ़ साइंस टू क्रिमिनल एंड सिविक लॉज़ दैट आर एनफोर्स्ड बाय पुलिस एजेंसीज इन अ क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम। तो, एक डेफिनेशन हम और देखते हैं। और यह आपकी डेफिनेशन किसने दी थी? इट वाज़ गिवन बाय सेफस्टिन। सेफस्टिन। ठीक है? तो सेफस्टिन के अकॉर्डिंग जो आपकी क्या है जो आपकी फॉरेंसिक साइंस क्या है? सेफस्टिन नहीं भाई पूरा नाम ही लिख लेते हैं। तो जो आपके साइंटिस्ट का नाम था इट वाज़ रिचर्ड सैफस्टिन। रिचर्ड सैफस्टिन।
तो रिचर्ड सैफस्टिन ने आपका फॉरेंसिक साइंस को क्या बोला? एक बार यह भी देखना थोड़ा साेंट है क्योंकि कई बार पूछ लिया जाती है ऐसी चीजें भी।
Fornsic Science is the application of science to criminal and civic laws that are enforced by police agencies in a criminal justice system.
तो भाई आपका जो रिचर्ड सैफस्टिन था उसने सिंपली क्या बोला था कि जो आपकी फॉरेंसिक साइंस है इट इज द एप्लीकेशन ऑफ साइंस यानी कि साइंस को अप्लाई करना है किस चीज के लिए? क्रिमिनल और सिविक लॉज़ के लिए। दैट आर एनफोर्स्ड बाय पुलिस एजेंसीज। और यहां अप्लाई करने का काम कौन करेगा? आपकी पुलिस एजेंसीज या जो आपका क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम है और इसी को हम बोल देते हैं आपका क्या? फॉरेंसिक साइंस। आई होप आप समझ गए होंगे।
अब अगर यहीं पे हम बात करना चाहें कि जो तुम्हारी फॉरेंसिक साइंस है, फॉरेंसिक साइंस में की एलिमेंट्स क्या-क्या है। ठीक है? यानी कि क्या-क्या चीजें आपकी इनवॉल्व होती हैं। तो वो देख लो। अगर फॉरेंसिक साइंस के एलिमेंट्स की हम बात करें। सो इट इंक्लूड्स बायोलॉजी। किस तरह से इंक्लूड होते हैं थोड़ा-थोड़ा बेसिक हम हर सब्जेक्ट का देखेंगे जो भी एलिमेंट्स आपके देन आपकी केमिस्ट्री केमिस्ट्री आपकी फिजिक्स एंड एक ऐसा सब्जेक्ट जिसके बिना कई कुछ नहीं हो सकता। दैट इज सबको मुश्किल भी जो लगता है मैथमेटिक्स एंड लास्ट में आपका कुछ हद तक आपकी जेनेटिक्स भी। ठीक है? ये कुछ आपके ऐसे कंपोनेंट्स हैं जो कि आपके फॉरेंसिक साइंस के बेसिक जो एलिमेंट्स हैं उनको फॉर्म करते हैं। आपकी बायोलॉजी, केमिस्ट्री, फिजिक्स, मैथमेटिक्स एंड जेनेटिक्स।
अब अगर हम बात करें आपके जो फॉरेंसिक साइंस है उसमें जो बेसिक आपके मेथड्स क्या होते हैं? यानी कि कोई भी हम फॉरेंसिक साइंस में स्टडी जो करते हैं, उसमें क्या-क्या चीज हम यूज़ करते हैं? किस तरीके से करते हैं? तो अगर साइंटिफिक मेथड्स की हम बात करें साइंटिफिक मेथड्स। तो भाई फॉरेंसिक साइंस में जो सबसे तगड़ा रोल आता है वो इन चार चीजों का आता है। ध्यान से देखना। सबसे फर्स्ट आ जाती है आपकी ऑब्जरर्वेशन। आप चीजों को ऑब्जर्व कितना कर पाते हो? जब आप एक क्राइम सीन को देखते हो तो उस क्राइम सीन को देख के आप क्या-क्या चीज ऑब्जर्व कर सकते हो? यानी कि ऑब्जर्व करके क्या तुम कंक्लूजन निकाल सकते हो अल्टीमेटली? देन ऑब्जरवेशन के बाद है आपका एक्सपेरिमेंटेशन। एक्सपेरिमेंटेशन एंड और है आपका क्या? एनालिसिस एंड लास्ट में आपका क्या? वेरिफिकेशन। तो ये कुछ आपके मेथड्स हैं जो आप फॉरेंसिक साइंस में कोई भी जब चीज आप स्टडी करते हो तो वहां आप यूज़ करते हो।
अब नेक्स्ट चीज आ जाती है जो आपकी फॉरेंसिक साइंस है। फॉरेंसिक साइंस का पर्पस क्या है? जो आपकी फॉरेंसिक साइंस है उसको हम यूज़ कहां करते हैं? तो वो हम देखते हैं। देखो अभी फिलहाल ना बेसिक चल रहा है। धीरे-धीरे जैसे लेक्चर आगे बढ़ेगा सारी चीजें आपको क्लियर होनी शुरू हो जाएंगी। ठीक है? पहले बेसिक्स क्लियर करते हैं। अगर हम देखें आपका फॉरेंसिक साइंस का पर्पस। परपज ऑफ फॉरेंसिक साइंस। तो जो तुम्हारी फॉरेंसिक साइंस है उसका पर्पस क्या-क्या है? तो जो सबसे इंपॉर्टेंट है द फर्स्ट वन इज़ योर क्राइम इन्वेस्टिगेशन। क्राइम इन्वेस्टिगेशन। अब क्राइम्स भी भाई अलग-अलग तरीके के होते हैं। तो वहां पे अलग-अलग चीजों को यूज़ किया जाता है। अलग-अलग तरीके हम यूज़ करते हैं। सारी चीजें हम देखने वाले हैं। देन नेक्स्ट है आपका एविडेंस एग्जामिनेशन। एविडेंस एग्जामिनेशन। देन उसके साथ-साथ आपका कोर्ट प्रेजेंटेशन जो आपके रिजल्ट आते हैं मतलब सपोज़ करो किसी क्राइम सीन से डाटा कलेक्ट किया कुछ सैंपल्स कलेक्ट किए उनका एनालिसिस करके एक्सपेरिमेंट करके आपके रिजल्ट्स क्या आए हैं जो आपके कोर्ट में भेजे जाएंगे जिसके जिन रिजल्ट्स को देखने के बाद कोर्ट एक फाइनल फैसले तक पहुंच पाएगी तो किस चीज में यूज़ होती है आपकी कोर्ट कोर्ट रिप्रेजेंटेशन रिप्रेजेंटेशन एंड फोर्थ इज योर वही कोर्ट रिप्रेजेंटेशन में आ जाएगा आपका कोर्ट रिप्रेजेंटेशन एंड जस्टिस डिलीवरी एंड जस्टिस डिलीवरी। तो ये आपके कुछ पर्पस हैं आपके किसके? फॉरेंसिक साइंस के।
अब आ जाता है देखो अब थोड़ा सा आपके दिमाग में आने लगेगा कि देखोेंस तुम्हें समझ आ गई है। अब फॉरेंसिक साइंस की ही जरूरत क्यों है? ये चीज हम थोड़ा सा समझते हैं। जो आपकी मॉडर्न फॉरेंसिक साइंस है। व्हाई इट इज सोेंट? तो देखते हैंेंस ऑफ फॉरेंसिक साइंस।ेंस ऑफ फॉरेंसिक साइंस वन बाय वन भाई सारी चीजें हम लोग क्लियर कवर करने वाले हैं। तो देखो ध्यान से सुनना। सबसे पहले क्या होता है जो आपके केसेस होते हैं उनमें सारी की सारी चीजें डिपेंड होती है विटनेस के ऊपर। अगर विटनेस है तो किसी को जस्टिस मिल सकता है। इन केस किसी केस में कोई विटनेस नहीं है, गवाह नहीं है तो वहां पे जस्टिस देना ही मुश्किल हो जाता है। तो ऐसी कंडीशंस में हम फॉरेंसिक साइंस को यूज कर सकते हैं। किस तरह से? अगर मान लीजिए किसी क्राइम सीन पे कोई हमें बायोलॉजिकल सैंपल मिलता है। कोई भी सैंपल हो सकता है आपका बॉडी फ्लूइड का सैंपल या बॉडी पार्ट या कोई आपका कुछ भी हो सकता है। तो उनको यूज़ करके हम विटनेस को ढूंढ सकते हैं। ठीक है? यानी कि जस्टिस हम दिलवा सकते हैं। तो इस तरह से टोटली विटनेस पे डिपेंड ना होके हम फॉरेंसिक साइंस को यूज़ कर सकते हैं आपका जस्टिस डिलीवरी में। ठीक है? तो अभी तक क्या-क्या था? आज तक हम क्या सुनते आए हैं? जो आपके केसेस है केसेस डिपेंड्स केसेस डिपेंड्स हैवली ऑन विटनेस। केसेस डिपेंड्स हैवली ऑन विटनेस। ठीक है? तो फॉरेंसिक साइंस को यूज़ करके हम जो विटनेस के ऊपर जो एक तरह से ये होता है कि सारी चीजें विटनेस के ऊपर डिपेंड होती हैं वो हमारी खत्म हो जाएंगी। मतलब एक तरह से उसको रिप्लेस कर सकते हैं। उसके अलावा अब यहां पे कॉन्सिक्वेंसेस क्या हो सकते हैं? जो तुम्हारा विटनेस होता है ए विटनेस कैन लाई यह आपका विटनेस है जो गवाह है वो झूठ बोल सकता है मे लाई ठीक है यह विटनेस आपका झूठ बोल सकता है बट जो फॉरेंसिक साइंस की रिपोर्ट्स आएंगी जो रिजल्ट्स आएंगे वो आपके झूठे नहीं होते ठीक है दूसरा जो तुम्हारा विटनेस है उसकी जो मेमोरी है वह इनक्यूरेट हो सकती है मेमोरी कैन बी इन एक्यूरेट मेमोरी कैन बी इन एक्यूरेट ठीक ठीक है? उसके अलावा हो सकता है कि कुछ टाइम के बाद आपका जो विटनेस है उसका कनफेशन ही चेंज हो जाए या फिर विटनेस से हम फोर्स करके भी कनंफेशन करवा सकते हैं। ठीक है? सो द नेक्स्ट इज़ फोर्स्ड कनफेशंस। कनफेशंस यानी कि झूठी गवाही दिलवा सकते हैं विटनेस से। कनफेशंस मे बी फोर्स्ड। ठीक है? मे बी फोर्स। आई होप यहां तक जो आपकी फॉरेंसिक साइंस कीेंस है वह आपको समझ आ गई होगी।
अब जो आपके साइंटिफिक एविडेंस होते हैं क्या? साइंटिफिक एविडेंस उनकी कुछ खास प्रॉपर्टीज होती हैं। साइंटिफिक एविडेंस। ठीक है? तो उन साइंटिफिक एविडेंस की ऐसी कुछ खास प्रॉपर्टीज होती है जो आपके विटनेस के पास नहीं होती एक तरीके से। तो वो सारी चीजें हम देखने वाले वन बाय वन। सो द फर्स्ट वन इज योर देखो सबसे पहली चीज क्या है जो आपके साइंटिफिक एविडेंस होते हैं दीज़ आर ऑब्जेक्टिव यानी कि दीज़ आर इंडिपेंडेंट ऑफ पर्सनल ओपिनियंस जो आपके साइंटिफिक एविडेंस होते हैं वो होते हैं ऑब्जेक्टिव ऑब्जेक्टिव बोले तो हम इनको बोल सकते हैं आपका क्या इंडिपेंडेंट ऑफ पर्सनल ओपिनियंस इंडिपेंडेंट ऑफ इंडिपेंडेंट ऑफ ऑफ पर्सनल ओपिनियंस देन दूसरा जो इंपॉर्टेंट फीचर आपके एविडेंस के पास होता है वो क्या है रेलिएबल रेलिएबल किस तरह से होता है देखो एक विटनेस से क्या है कि उसकी मेमोरी लॉस्ट हो सकती है कुछ टाइम के बाद उसके जो बयान है जो उसने जो शुरू में कनफेस किया था वो चीज चेंज हो सकती है बट अगर एक जो आपका साइंटिफिक एविडेंस है उसको आप कितनी बार टेस्ट करो सेम चीज वो आपकी बताने वाला है। ठीक है? तो रेलबल हम क्या बोल सकते हैं? ए साइंटिफिक टेस्ट कैन बी कैन बी टेस्टेड रिपीट रिपीटेडली। कैन बी टेस्टेड रिपीटेडली। देन नेक्स्ट इज़ योर थर्ड इज़ रिप्रोड्यूसिबल। रिप्रोड्यूसिबल। यानी कि एक एविडेंस को साइंटिफिक एविडेंस को डिफरेंट डिफरेंट जो एक्सपर्ट्स हैं उसको एनालाइज कर सकते हैं। उसको दोबारा से टेस्ट कर सकते हैं। एंड वहां पे आपके सिमिलर रिजल्ट्स ऑब्टेन होंगे। ठीक है? क्या होंगे? डिफरेंट एक्सपर्ट्स डिफरेंट एक्सपर्ट्स ऑब्टेन सिमिलर रिजल्ट्स सिमिलर रिजर्व्स देन एक लास्ट जो फीचर रह जाता है आपका कोर्ट एडमिसिबल जो आपके साइंटिफिक एविडेंस होते हैं दीज़ आर कोर्ट एडमिसिबल कोर्ट एडमिसिबल का मतलब क्या है कि जो आपके साइंटिफिक जो एविडेंस होते हैं उनको कोर्ट एक्सेप्ट करती है। तो लिख सकते हैं एक्सेप्टेड बाय कोर्ट्स। एक्सेप्टेड बाय कोर्ट्स। ठीक है? सो गाइस आई होप यहां तक जो आपके साइंटिफिक एविडेंस होते हैं उनकी जोेंस है वो आपको समझ आ गई होगी।
अब इसके आगे हम थोड़ा सा देखेंगे आपकी जो फॉरेंसिक साइंस है उसके स्कोप्स क्या-क्या हैं। स्कोप्स यानी कि जो तुम्हारी फॉरेंसिक साइंस है उसको हम किस फील्ड में यूज कर सकते हैं। सो द नेक्स्ट वन इज़ योर स्कोप्स ऑफ फॉरेंसिक साइंस। स्कोप्स ऑफ फॉरेंसिक साइंस। ठीक है? तो स्कोप्स अच्छे से देखेंगे वन बाय वन। भाई, तुम्हारे प्रॉपर नोट्स मैं साथ की साथ तैयार कर रहा हूं ताकि तुम्हें कुछ भी लिखने की जरूरत ना पड़े। एज़ इट इज़ इन पीडीएफस को तुम यूज़ कर पाओ। तो सबसे पहले देखो जो आपकी फॉरेंसिक साइंस है अब तक जो हमने सुना कहां-कहां यूज़ हो सकता है। तो हम आपकी जो फॉरेंसिक साइंस है उसको कहां-कहां यूज़ कर सकते हैं? सबसे फर्स्ट आपका क्रिमिनल केसेस में। क्रिमिनल केसेस और क्रिमिनल केसेस में भी वन बाय वन हम देखते हैं भाई कहां-कहां यूज किए जा सकते हैं। जैसे कि हो सकता है आपका मर्डर का कोई केस हो। आपका कोई रेप केस है मर्डर रेप थफ्ट है देन आपका बर्गलरी बर्गलरी देन उसके बाद नेक्स्ट है आपका किडनैपिंग भाई इन कुत्तों की भोकनी की आवाज को थोड़ा सा इग्नोर करना क्योंकि मेरे एक और वीडियो पे काफी कमेंट आए हैं। उसमें कुत्तों की काफी ज्यादा साउंड आ रही थी। तो रात का टाइम है। इनकी भी गलती नहीं है। बेचारे भोकते तो हैं ही। ठीक है? तो टेररिज्म देन आपका साइबर क्राइम। साइबर क्राइम। सो गाइस आई होप यहां तक आपको समझ आ गया होगा कि फॉरेंसिक साइंस का हम यूज़ कर सकते हैं क्रिमिनल केसेस में। अब क्रिमिनल केसेस में एग्जांपल के लिए किस तरह से हम यूज़ कर। किसी भी क्राइम सीन से हम डीएनए रिकवर कर सकते हैं। और उस डीएनए रिकवर को हम आइडेंटिटी डिस्क्लोज़ करने के लिए यूज कर सकते हैं। तो यहां पर हम लिख सकते हैं डीएनए एक्सट्रैक्टेड फ्रॉम अ क्राइम सीन कैन आइडेंटिफाई द प्रप्रेटर। प्रप्रेटर जो भी तुम बोलो भाई प्रप्रेटर। ठीक है तो इस तरह से हम आपका क्रिमिनल केसेस में आपका इसको यूज कर सकते हैं फॉरेंसिक साइंस को।
Then next आ जाता है आपका क्या नेक्स्ट इज योर सिविल केसेस। जस्ट सेकंड भाई सिविल केसेस। अब सिविल केसेस में क्या-क्या हो सकता है वह देखो सिविल केसेस में जैसे कि आपके क्या पैटर्निटी डिस्प्यूट्स पेटरनिटी डिस्प्यूट्स ठीक है प्रॉपर्टी डिस्प्यूट्स प्रॉपर्टी डिस्प्यूट्स इंश्योरेंस फ्रॉड भाई ये सारी चीजें होती हैं और यहां पे फॉरेंसिक साइंस का अच्छा खासा यूज़ भी किया जाता है। देन लास्ट आपका कॉन्ट्रैक्ट डिस्प्यूट्स। कॉन्ट्रैक्ट डिस्प्यूट्स। तो इन चीजों में क्या है? आपका जो फॉरेंसिक साइंस है उसका यूज़ हो सकता है।
Then उसके साथ-साथ और कहां हम यूज़ कर सकते? आपका डिजास्टर विक्टिम आइडेंटिफिकेशन में। देखो कहीं पे क्या होता है? कई बार जब नेचुरल डिजास्टर आते हैं तो वहां पे हम विक्टिम्स को आइडेंटिफाई ही नहीं कर पाते। क्योंकि इतना ज्यादा उनकी बॉडी डैमेज हो जाती है। ठीक है? तो क्या लिख सकते हैं? डिजास्टर डिजास्टर विक्टिम आइडेंटिफिकेशन। आइडेंटिफिकेशन डिजास्टर विक्टिम आइडेंटिफिकेशन। तो अब इसमें देखो भाई तो इसमें किस-किस चीज के लिए आपका अर्थक्वेक के केस में वैसे जो भी आपके नेचुरल डिजास्टर होते हैं वो सारी चीजें आपकी इसमें आ जाएंगी। सुनामीज़ एक्सट्रा ठीक है? एक्सट्रा लगा दिया। अब किस तरह से क्या चीज यूज़ करके? डीएनए यूज़ करके, फिंगरप्रिंट्स यूज़ करके या फिर आपके डेंटल रिकॉर्ड्स। क्या चीज हम यूज़ कर सकते हैं? आपका डीएनए, फिंगरप्रिंट्स, फिंगरप्रिंट्स या फिर आपके डेंटल रिकॉर्ड्स। डेंटल रिकॉर्ड्स इन चीजों को यूज़ करके हम रियल आइडेंटिटी का पता लगा सकते हैं। इन केस बॉडी या फेस कितना भी डैमेज क्यों ना हो।
Next है आपका वाइल्ड लाइफफ़ फॉरेंसिक्स भी होती है। भाई आपने सुना होगा थोड़ा सा। तो इस चीज को भी हम देखने वाले हैं। नेक्स्ट इज वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक्स में भी यूज कर सकते हैं। ठीक है? तो वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक्स में किस तरह से यूज़ कर सकते हैं वो देखो। तो यहां पे यूज़ कर सकते हैं। जस्ट अ सेकंड। आपका इललीगल पोचिंग में। इललीगल पोचिंग के केस में। ठीक है? यानी कि मतलब जो लोग शिकार करते हैं गलत जो शिकार करते हैं बिना किसी लीगल परमिशन के देन आपका वाइल्ड लाइफ ट्रैकिंग में वाइल्ड लाइफ ट्रैफिकिंग में सॉरी वाइल्ड लाइफ ट्रैफिकिंग वाइल्ड लाइफ ट्रैफिकिंग क्या होता है? यानी कि जो ऑर्गेनिज्म्स होते हैं उनको मार के या जिंदा उनको एक जगह से दूसरी जगह लेके जाते हैं। एक एक तरह से उनकी स्मगलिंग करते हैं। तो उस चीज में भी हम यूज़ कर सकते हैं। एग्जांपल किस तरह से वही सेम चीज यहां यूज़ की जाती है। डीएनए एनालिसिस। डीएनए एनालिसिस ऑफ बॉडी सैंपल। जो भी कोई बॉडी सैंपल हमें मिलता है उससे डीएनए एनालिसिस हम कर सकते हैं। ठीक है?
उसके अलावा और कहां यूज़ कर सकते हैं हम? इन्वेस्टिगेशन ऑफ पोलशन इंडस्ट्रियल कंटमिनेशन ऑयल स्प्स। तो लिख देता हूं यहीं पर डायरेक्टली। चलो इसी में ऐड कर देते हैं आपका। और किस चीज में यूज कर सकते हैं? पोलशन में पोलशन को एनालाइज करने के लिए आपका इंडस्ट्रियल कंटामिनेशन इंडस्ट्रियल कंटामिनेशन। इंडस्ट्रियल कंटामिनेशन एंड इन लास्ट आपका ऑयल स्प्स। ठीक है? तो इन चीजों में हम फॉरेंसिक साइंस का यूज़ देख सकते हैं।
उसके बाद आ जाता है भाई आपका जो फॉरेंसिक साइंस का यूज़ है वो आता है आपका नेचुरल सॉरी नेशनल सिक्योरिटी में। नेशनल सिक्योरिटी में। अब नेशनल सिक्योरिटी में किस तरह से? वही जो इललीगल जो माइग्रेंट्स होते हैं जो लोग गलत तरीके से किसी एंट्री देश में एंटर करते हैं उनका हम पता लगा सकते हैं। फिंगरप्रिंट्स डीएनए की हेल्प से। तो यहां हम लिख देते हैं क्या? आपका टेररिज्म इन्वेस्टिगेशंस एक सेकंड भाई टेररिज्म इन्वेस्टिगेशंस टेररिज्म इन्वेस्टिगेशंस देन उसके बाद आपका एक्सप्लोसिव एनालिसिस एक्सप्लोसिव एनालिसिस एंड देन इसके बाद है आपका बायोटेरिज्म डिटेक्शन बायोटेरिज्म क्या होता है? जो आपके बैक्टीरिया फंजाई हैं कुछ बहुत ज्यादा खतरनाक होते हैं। तो उनको एक तरह से वो एक हथियार की तरह यूज कर सकते हैं किसी पर्टिकुलर बीमारी को फैलाने के लिए। इस तरह से तो इसी को हम बोलते हैं बायोटेरिज्म। बायोटेरिज्म डिटेक्शन। एक तरह से जो तुम्हारा कोरोना था वो भी आपका बायोटेरिज्म का एग्जांपल हम लिख सकते हैं। क्योंकि कुछ रिपोर्ट्स का मानना है कि जो कोरोना का जो वायरस था उसको जानबूझ के फैलाया गया था। ठीक है? आई होप यहां तक जितनी भी चीजें आपको समझाई गई है वो सारी समझ आ गई हो।
अब देखते हैं आपका थोड़ा सा आपका फॉरेंसिक साइंस और आपके जो लॉ है यानी कि जो आपकी कानून व्यवस्था उसके बीच में क्या रिलेशन है? सो द नेक्स्ट इज योर रिलेशनशिप बिटवीन रिलेशनशिप बिटवीन फॉरेंसिक साइंस एंड लॉ। जो आपके कानून है और आपकी जो फॉरेंसिक साइंस हैं इनके बीच में आपका क्या रिलेशन है वो हम देखने वाले हैं। बिटवीन फॉरेंसिक साइंस एंड लॉ। तो मेरी बात ध्यान से सुनना। सबसे पहली चीज जो आपकी फॉरेंसिक साइंस और जो आपके लॉज़ हैं, दीज़ आर इनसेपरेट क्या? अरे एक सेकंड भाई। फॉरेंसिक साइंस एंड फॉरेंसिक साइंस एंड लॉ आर क्या है? इनसेपरेबल इनसेपरेबल यानी कि इनको हम किसी भी तरह से अलग नहीं कर सकते। अब किस तरह से एक दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं? जो आपकी साइंस है जो आपकी फॉरेंसिक साइंस जिसे हम बोल सकते हैं आपकी फॉरेंसिक साइंस क्या करती है यह आपकी फैक्ट्स प्रोवाइड करती है। क्या करती है? प्रोवाइड्स फैक्ट्स प्रोवाइड्स फैक्ट्स। आपकी जो साइंस है वो फैक्ट्स प्रोवाइड करेगी और जो आपका लॉ सिस्टम है। ठीक है? या आपकी जुडिशरी है जो आपकी कानून व्यवस्था है वो उन फैक्ट्स को इंटरप्रेट करेगी। क्या करेगी? इंटरप्रेट इंटरप्रेट्स दोज़ फैक्ट्स जो भी फैक्ट्स आपकी साइंस प्रोड्यूस करेगी उनको यूज़ करेगी आपकी कानून व्यवस्था यानी कि आपके लॉ दोज़ फैक्ट्स। ठीक है? आई होप ये चीज आपको अच्छे से समझ आ गई होगी। तो इसीलिए हम यहां पे क्या लिख सकते हैं? फॉरेंसिक साइंस असिस्ट द लीगल सिस्टम। फॉरेंसिक साइंस फॉरेंसिक साइंस असिस्ट द लीगल सिस्टम असिस्ट्स द लीगल सिस्टम इन रीचिंग इन रीचिंग जस्ट एंड एविडेंस बेस्ड डिसीजन जस्ट एंड एविडेंस बेस्ड डिसीजंस। डिसीजंस। सो गाइस आई होप यहां तक जो आपका रिलेशन है, किस-किस के बीच में? आपकी फॉरेंसिक साइंस में और आपके लीगल सिस्टम के बीच में रिलेशन क्या है? वो आपको अच्छे से समझ आ गया होगा।
अब थोड़ा सा और अच्छे से समझने की कोशिश करते हैं। देखो सिंपली देखो एक एग्जांपल लेते हैं। अब एक एग्जांपल क्या लेते हैं हम? नाउ लेट्स सी हमने एक एग्जांपल ले लिया किस चीज का? एक एग्जांपल लिया हमने कॉज ऑफ डेथ। आपका कॉज ऑफ डेथ क्या है? गन शॉट इंजरी है। कॉज ऑफ डेथ हमने क्या मान लिया? गन शॉट इंजरी। ठीक है? तो, जो आपका यह केस होगा, कॉज ऑफ डेथ जो एक आपकी जो भी एक केस हुआ है, इसमें क्या है? कॉज ऑफ डेथ क्या आपका गनशॉट इंजरी है। अब इस गनशॉट इंजरी में हम किन-किन चीजों का एनालिसिस करेंगे और किस तरह से फॉरेंसिक साइंस हमारी हेल्प करेगी तो वह हम देखते हैं। तो इसमें सबसे पहले क्या देखेंगे? हाउ इट हैपेंड? हाउ इट हैपेंड? यह सब हुआ कैसे? तो इस चीज में हम क्या यूज़ करेंगे? यहां पे हम यूज़ करेंगे आपका बुलेट ट्रांजेजरी एनालिसिस। बुलेट ट्रांजेजक्टरी एनालिसिस। यानी कि इस चीज में हम आपका मैथ्स और फिजिक्स दोनों चीजों को यूज करेंगे। ठीक है? बुलेट ट्रेजेक्टरी एनालिसिस। देन सेकंड इज़ हु वाज़ इनवॉल्वड? यानी कि जो एक केस है बंदूक से जिसने गोली मारी है वो कांड किया किसने है? हु वाज़ इनवॉल्व्ड?
हु वाज़ इनवॉल्व्ड? यानी कि इस कर्मकांड में इनवॉल्व कैसे है? यानी कि गुनहगार कौन है? यह किस तरह से पता लगाएंगे हम?
डीएनए प्रोफाइलिंग में डीएनए प्रोफाइलिंग से तो देख रहे हो किस तरह से फॉरेंसिक साइंस में अलग-अलग सब्जेक्ट्स का रोल आ रहा है। बुलेट ट्रांजेजक्टरी एनालिसिस में फिजिक्स और मैथ्स आ गया। [नाक से की जाने वाली आवाज़] आपका डीएनए प्रोफाइलिंग में आपकी बायोलॉजी आ गई। ठीक है? उसी के साथ-साथ हम यहां पे क्या करेंगे? आपका आपका जो भी ये चीज है ये कब हुआ? यह हम कैसे पता लगाएंगे? व्हेन डिड इट हैपन? तो ये चीज़ें हम देखेंगे कि जो एक डेड बॉडी है उसमें क्या-क्या चेंजज़ हो गए? क्योंकि पता है एक टाइम पीरियड के हिसाब से बॉडी में चेंजज़ आते हैं एक डेड बॉडी में। तो वो सारी चीजें हम देखेंगे जो कि आपकी बायोलॉजी में आएंगी। व्हेन डिड इट हैपन? ठीक है? तो ये किस तरह से हम पता लगाएंगे? यह देखेंगे हम आपका पोस्टमार्टम इंटरवल एस्टीिमेशन। पोस्टम इंटरवल इन्वेस्टिगेशन। इंटरवल एस्टीिमेशन या इन्वेस्टिगेशन एस्टीमेशन। ठीक है? तो इस तरह से हम आपका फॉरेंसिक साइंस का यूज करेंगे।
अब यहां पर जो आपके रिजल्ट्स जो हमें साइंस से मिलेंगे साइंस से हमें कुछ रिजल्ट्स मिल जाएंगे। ये ठीक है? तो इन साइंस से जो रिजल्ट्स मिलेंगे डीएनए प्रोफाइलिंग से या पोस्टमोट एनालिसिस से इनको यूज़ करेगा तुम्हारा कानून। ठीक है? अब क्या होगा? यहां पे आ जाएगा आपका लॉ। और जो आपका लॉ है इन साइंस के रिजल्ट्स को यूज करके क्या-क्या बताएगा? जो यह क्राइम हुआ है किसी और ने किया या उस इंसान ने खुद किया है। वाज़ अ क्राइम कमिटेड तो यहां पे जो आपका जो आपकी कोर्ट जो डिसीजन देगी वो आपके साइंस के रिजल्ट्स के बेसिस पे देगी। वाज़ अ क्राइम जस्ट अ सेकंड वी हैव फॉरगॉट टू राइट द क्राइम वाज़ अ क्राइम कमिटेड। देन नेक्स्ट है आपका हु इज लीगली रिस्पांसिबल हु इज लीगली रिस्पांसिबल तो इन सब चीजों का जो जवाब है वो आपका लॉ देगा आपकी फॉरेंसिक साइंस के रिजल्ट्स को फैक्ट्स को यूज़ करके व्हाट पनिशमेंट अप्लाई व्हाट पनिशमेंट अप्लाई व्हाट पनिशमेंट अप्लाई ठीक है सो गाइज़ आई होप यहां तक आपको फ्रेंसिक साइंस और लॉ के बीच में जो रिलेशन है वो अच्छे से समझ आ गया होगा।
अच्छा एक छोटी सी चीज हम और देखते हैं। जो तुम्हारा लॉ होता है यानी कि जो आपकी क्या होती है? कानून व्यवस्था होती है उस कानून व्यवस्था में क्या-क्या चीजें आपकी इनवॉल्व होती है? तो आपके जस्ट अ सेकंड भाई। तो जो तुम्हारा लॉ है उसमें एक सेकंड। क्या-क्या आता है? इसमें तुम्हारी आ जाती है पुलिस और आपकी कोर्ट और आ जाते हैं आपके प्रोसीक्यूशन। प्रोसीक्यूशन में भाई आपकी कोर्ट में जो भी चीजें सारी जो इंसान इनवॉल्व होते हैं जो भी चीजें होती है। ठीक है? उसके अलावा आपका इंस्टीट्यूशन का जो पार्ट है जो आपकी जो भी डायरेक्शंस है करेक्शनल इंस्टीटशंस करेक्शनल इंस्टीटशंस इंस्टीटशंस एंड लास्ट में आपके फॉरेंसिक साइंस एक्सपर्ट्स जिनके बिना कुछ भी नहीं हो सकता। फॉरेंसिक साइंस एक्सपर्ट्स। सो गाइज़ आई होप यहां तक आपको बिल्कुल अच्छे से समझ आ गया होगा। ठीक है?
अच्छा एक चीज थोड़ा सा इसको और कंसाइज हम करते हैं। जस्ट अ सेकंड। लेट मी एडजस्ट दिस। ठीक है? तो लॉ का ये तरीका तुम्हें समझ आ गया होगा। अब क्रिमिनल सिस्टम में जो आपका किस तरह से आपका रोल आता है वो हम देखते हैं सबसे पहले। तो देखो क्या होगा? स्पेस देखते हैं। कोई नहीं। थोड़ा सा इसको और एडजस्ट करते हैं। यहीं पे मैं समझा दूंगा भाई तुम्हें। एक सेकंड भाई। जस्ट ए सेकंड। तो यहां देखो अब यहां पे फॉरेंसिक साइंस किस तरह से अप्लाई होगी स्टेप बाय स्टेप हम देखेंगे। सो द नेक्स्ट इज योर रोल इन रोल इन क्रिमिनल सिस्टम। देखो कलर ले लेते हैं ग्रीन। रोल इन क्रिमिनल सिस्टम। किस चीज का? फॉरेंसिक साइंस का। इन क्रिमिनल रोल इन क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम। ठीक है? तो वन बाय वन भाई थोड़ा सा अटपटा सा सब्जेक्ट तुम्हें लग रहा होगा बट बेसिक्स क्लियर करने जरूरी हैं। तो चीजों को अच्छे से हम क्लियर करते चलेंगे यहां पे। ठीक है?
तो देखो सबसे पहले क्या होगा? सपोज़ करो कोई आपका क्राइम सीन होगा। क्या होगा? क्राइम सीन होगा। तो क्राइम सीन पे क्या होगा? यहां पे होगा आपका एविडेंस कलेक्शन। एविडेंस कलेक्शन। ठीक है? क्राइम सीन से क्या किए जाएंगे? एविडेंस कलेक्ट किए जाएंगे। सेकंड स्टेप आ जाएगा आपका फॉरेंसिक लैबोरेटरी। जहां पर आप लोग इस पोस्ट पे सिलेक्ट होने के बाद काम करने वाले हो। फॉरेंसिक साइंस लैब। ठीक है? तो फॉरेंसिक साइंस जो लैबोरेटरी होगी वहां पर क्या होगा? एविडेंस एनालिसिस। जो काम आप करने वाले हैं फ्यूचर में एविडेंस एनालिसिस ठीक है एविडेंसेस का एनालिसिस होगा देन नेक्स्ट स्टेप क्या आएगा आपका एक्सपर्ट्स की ओपिनियन ली जाएगी उसमें एक्सपर्ट ओपिनियन एक्सपर्ट्स ओपिनियन ठीक है एक्सपर्ट्स ओपिनियन में आपका क्या आ जाएगा रिपोर्ट यहां पर हम जनरेट करेंगे रिपोर्ट जनरेशन रिपोर्ट जनरेशन देन इसके बाद नेक्स्ट आपका जो स्टेप है वह हो जाएगा क्या कोर्ट और कोर्ट में क्या होगी आपकी आपकी वहां पे दलीलें दी जाएंगी एविडेंस दिखाई जाएंगी तो लिख सकते हैं इसको हम क्या एक्सपर्ट टेस्टीिमोनी एक्सपर्ट टेस्टीिमोनी या टेस्टीिमोनी जो भी आप बोले टेस्टीिमोनी ठीक है एक्सपर्ट टेस्टिमोनी और उसके बाद उन एविडेंसेस को देख के लास्ट में क्या आएगा आपका क्या जजमेंट एक सेकंड भाई लास्ट में क्या आएगा जजमेंट जजमेंट सो गाइस आई होप यहां तक आपको सारी चीजें समझ आ गई होंगी किस तरह से फॉरेंसिक साइंस अपना रोल प्ले करती है। किस तरह से वो लॉ के साथ इंटरकनेक्टेड है और क्या-क्या काम किस तरह से किस सीरीज में होता है।
अब मूव करते हैं हम एक काफी इंपॉर्टेंट पार्ट पे। ब्रांचज़ ऑफ फॉरेंसिक साइंस। सो आवर नेक्स्ट हेडिंग इज़ ब्रांचेस ऑफ फॉरेंसिक साइंस। ब्रांचेस ऑफ फॉरेंसिक साइंस। तो भाई अपनी मेन जो नेक्स्ट हेडिंग है वो यही है। इसमें हम अलग-अलग ब्रांचेस देखेंगे। इसमें से कई बार ना डायरेक्ट क्वेश्चन आ जाता है। और पीवाईक्यूस भी मैंने काफी एक सेकंड भाई काफी बढ़िया लेवल के पीवाईक्यूस इसमें डाल रखे हैं। ठीक है? जो कि आपके सारे कांसेप्ट्स क्लियर कर देंगे। सो आवर नेक्स्ट हेडिंग इज ब्रांचेस ऑफ फॉरेंसिक साइंस।
तो सबसे पहली ब्रांच आ जाती है आपकी फॉरेंसिक बायोलॉजी। फॉरेंसिक बायोलॉजी। ठीक है? तो जो तुम्हारी फॉेंसिक बायोलॉजी है, यह क्या करती है? यह आपके बायोलॉजिकल एविडेंस को स्टडी करती है। स्टडी ऑफ बायोलॉजिकल एविडेंस। स्टडी ऑफ बायोलॉजिकल एविडेंस। जो भी आपके बायोलॉजिकल एविडेंस है, उनकी स्टडी का काम आपका कौन करता है? आपकी फॉरेंसिक बायोलॉजी। अब यहां पे तुम्हारे बायोलॉजिकल एविडेंस क्या-क्या हो सकते हैं वो देखो।
नेक्स्ट इज बायोलॉजिकल एविडेंस। बायोलॉजिकल एविडेंस। भाई आज की जो आपकी जो वीडियो है ना ये आपका बिल्कुल बेसिक बढ़िया आपका फ्रेमवर्क तैयार कर देगी। ठीक है? तो अब आपके जो बायोलॉजिकल जो एविडेंसेस हैं उनके बारे में देखो क्या-क्या हो सकते हैं। तो आपके बायोलॉजिकल एविडेंस हो सकते हैं आपका ब्लड। दूसरा आपका सीमेन। सीमेन के बाद है आपका सलाइवा। देन सलाइवा के बाद है आपके हेयर्स। हेयर्स के बाद आपके टिश्यूज़। टिश्यू हो सकते हैं। देन आपकी बोनस। या फिर लास्ट में हो सकती हैं आपके क्या? नेल। नेल्स। ठीक है? तो, यह कुछ एक आपके बायोलॉजिकल एविडेंस हो सकते हैं। ब्लड, सीमन, सलाइवा, हेयर, टिश्यू, बोन एंड नेल्स।
अब इसके बाद नेक्स्ट आ जाता है आपका क्या? आइडेंटिफिकेशन। अब ये आइडेंटिफिकेशन किस चीज का करेंगे वो हम देखते हैं। जस्ट अ सेकंड भाई। नेक्स्ट इज़ एक सेकंड। जो आपके बायोलॉजिकल एविडेंसेस हैं, वह जो बायोलॉजिकल एविडेंसेस हैं, उनके ऑब्जेक्टिव्स क्या-क्या होंगे? किसके? इन बायोलॉजिकल एविडेंसेस के ऑब्जेक्टिव्स देखो। तो आपके जो बायोलॉजिकल एविडेंसेस हैं उनके हम क्या देखते हैं? आपके ऑब्जेक्टिव्स देखते हैं। जस्ट अ सेकंड भाई। तो देखो ऑब्जेक्टिव्स क्या-क्या हो जाएंगे? आइडेंटिफिकेशन। आइडेंटिफिकेशन। देन नेक्स्ट आपका स्पीशीज डिटरमिनेशन। अब कहीं पे आपको ब्लड मिल जाएगा। अब तुम उसका यह भी तो पता करोगे कि इंसान का ब्लड है या जानवर का और कौन सी स्पीशीज का वो जानवर है। स्पीशीज डिटरमिनेशन। देन नेक्स्ट हो जाएगा आपका इंडिविजुअलाइजेशन पर्टिकुलर इंडिविजुअल का पता लगाना इंड इंड डी यू ए एल आई जेड ए टी आई इंडिविजुअलाइजेशन ठीक है तो ये कुछ आपके क्या हो जाएंगे ऑब्जेक्टिव्स और यहीं पे एक बार थोड़ा सा देख लेते हैं किस चीज के बारे में वी विल यूज़ सम डिफरेंट कलर ऑब्जेक्टिव के साथ आपकी एप्लीकेशनेशंस क्या-क्या हो जाएंगी एविडेंसेस मतलब कहां-कहां पे इन एविडेंसेस को हम अप्लाई करेंगे। तो एप्लीकेशनेशंस हो जाएंगी आपकी कहां? इनको हम यूज कर सकते हैं आपका कहां-कहां पर वह देखते हैं। तो देखो सबसे पहले आपके सेक्सुअल एसॉल्ट्स सेक्सुअल एसोल्ट्स के केस में देन आपके होमीसाइड केसेस में आत्महत्या वाले केसेस देन आपके मिसिंग पर्सन आइडेंटिफिकेशन मिसिंग पर्सन आइडेंटिफिकेशन आइडेंटिफिकेशन तो भाई फॉरेंसिक बायोलॉजी का क्या रोल है? किस तरह से काम करती है? उसका एक रफ आईडिया आपको मिल गया होगा।
नेक्स्ट आ जाती है आपकी फॉरेंसिक सिरोलॉजी। सेकंड इज योर फॉरेंसिक सिरोलॉजी। वैसे जो यह तुम्हारी फॉरेंसिक सिरोलॉजी है यह तुम्हारी बायोलॉजी के अंदर ही आ जाती है। ठीक है? बट कोई नहीं अलग से देख लेते हैं। तो अब देखो जो तुम्हारी फॉरेंसिक सिरोलॉजी है, इसका क्या काम होता है? इसका काम होता है स्टडी ऑफ बॉडी फ्लूइड्स फॉर लीगल पर्पस। क्या हो जाएगा? स्टडी ऑफ बॉडी फ्लूइड्स। स्टडी ऑफ बॉडी फ्लूइड्स फॉर लीगल पर्पस। लीगल पर्पस लीगल पर्पस के लिए बॉडी फ्लूइड्स को स्टडी करना। अब जो ये बॉडी फ्लूइड्स हैं ये कौन से कौन से बॉडी फ्लूइड्स हो सकते हैं वो हम देखते हैं। तो बॉडी फ्लूइड्स हो सकते हैं आपके सेम। अभी देखे हमने ब्लड सीमेन देन आपका सलाइवा और आपका स्वेट। सलाइवा एंड आपका स्वेट। ठीक है? आई होप यहां तक जो भी बताया गया वह आपको समझ आ गया हो।
अब बॉडी फ्लूइड कोई मिलेगा तो उस फ्लूइड को देखते हमारे दिमाग में सबसे पहले क्या सवाल आएगा? इज द स्टेन ब्लड? क्या ये फ्लूइड जो हमें दिखाई दे रहा है ब्लड है। दूसरा सवाल क्या आएगा? अगर ब्लड पता चल जाएगा कंफर्म हो गया कि ब्लड है। ह्यूमन ब्लड है या एनिमल ब्लड है। तीसरा सवाल क्या आएगा? ब्लड ग्रुप क्या है? चौथा सवाल हम देख सकते हैं कि वो जो फ्लूइड है वो सीमेंट तो नहीं है या क्या वो बॉडी फ्लूइड प्रेजेंट है। ठीक है? तो इस तरह से हम यहां पर आपके बॉडी फ्लूइड्स को यूज़ कर सकते हैं। तो अब यहां पे भाई जो तुम्हारे फ्लूइड्स मिलते हैं उसमें दो कंडीशन हो सकते हैं। एक तो ये हो सकता है कि वो फ्लूइड ब्लड हो सकता है और दूसरा यह हो सकता है कि वो ब्लड ना हो। तो अब यहां पे हम दो तरह के टेस्ट यूज़ करते हैं फ्लूइड्स को स्टडी करने के लिए। क्या यूज करते हैं? टेस्ट। तो उसमें टेस्ट कैसे-कैसे टेस्ट होते हैं? एक तो होते हैं आपके प्रिजंप्टिव टेस्ट। प्रिजंप्टिव टेस्ट। प्रिज्टिव टेस्ट। ठीक है? और दूसरे होते हैं आपके कंफर्मेटरी टेस्ट। कंफर्मरी टेस्ट्स।
अब प्रिजंप्टिव टेस्ट क्या है और कंफर्मेटरी टेस्ट क्या है? वो देखो। प्रिज्टिव टेस्ट्स का मतलब क्या होता है? कुछ ऐसे टेस्ट होते हैं जिनके रिजल्ट इंडिकेट कर सकते हैं प्रेजेंस ऑफ ब्लड बट कंफर्म नहीं कर सकते। क्या? एक सेकंड। इंडिकेट प्रेजेंस ऑफ ब्लड। इंडिकेट प्रेजेंस ऑफ ब्लड। कंफर्मेटरी टेस्ट। कंफर्म दैट स्टेन इज ब्लड। कंफर्म दैट स्टेन इज ब्लड। स्टेन इज ब्लड कंफर्म कर देते कि जो आपका स्टेन है वह क्या ब्लड है। दूसरा फीचर देखो जो तुम्हारे प्रिज्टिव टेस्ट होते हैं ये क्या होते हैं? रैपिड स्क्रीनिंग टेस्ट। तेजी से रिजल्ट दे देते हैं। ठीक है? रैपिड स्क्रीनिंग टेस्ट। ठीक है? और जो कंफर्मेटरी टेस्ट होते हैं, मोर स्पेसिफिक होते हैं। मोर स्पेसिफिक टेस्ट। ठीक है? अब देखो इसके अलावा नेक्स्ट जो तुम्हारे प्रिज्टिव टेस्ट है वह गलत रिजल्ट दे सकते हैं और जो कंफर्मेटरी टेस्ट है वो हायर रैलीबिलिटी होती है उनकी। ठीक है? तो लिख लेते हैं इस चीज को भी। मे गिव फॉल्स रिजल्ट। मे गिव फॉल्स रिजल्ट। और जो कंफर्मेटरी टेस्ट है ये हायर रैलीबिलिटी। भाई गलत तो टेस्ट है तो यह भी हो सकता है बट हायर है इसकी रिलीबिलिटी। अब यहां पर मैं तुम्हें कुछ एग्जांपल बताऊंगा जो तुम्हें याद रखने हैं कि यह प्रिजंप्टिव टेस्ट है और यह कंफर्मेटरी टेस्ट। प्रिज्टिव टेस्ट में याद रखना एग्जांपल है आपके कासल मेयर टेस्ट। एक तो कासल मेयर टेस्ट। कासल मेयर टेस्ट और दूसरा है आपका बेंजीडाइन टेस्ट। बेंजीडाइन टेस्ट ठीक ठीक है और कंफर्मेटरी टेस्ट में जो आपके एग्जांपल्स हैं डायरेक्टली लिख लो लिखने की क्या ही जरूरत है समझ जाओगे तो यहां पे लिखना आपका याद रखना आपको टाका यामा टेस्ट टाका यामा टेस्ट अब क्या होता है कैसे होता है वो तुम्हें जानने की जरूरत नहीं है सिर्फ इतना पता होना चाहिए कि यह कंफर्मेटरी है और एक है टिकमेंट टेस्ट टी इ आई सी एच एम ए डबल एन टिक स्टेकमेंट टेस्ट जो भी तुम बोलो इसको। ठीक है? सो गाइज़ आई होप यहां तक जो फ्लूइड एनालिसिस वाला पार्ट है वो समझ आ गया हो।
नेक्स्ट है आपका डीएनए प्रोफाइलिंग। क्या है आपका? जस्ट अ सेकंड वन। थर्ड आ जाएगा। थर्ड है तुम्हारा क्या? डीएनए प्रोफाइलिंग। तो डीएनए प्रोफाइलिंग में देखो भाई जो आपकी डीएनए प्रोफाइलिंग होती है डीएनए प्रोफाइलिंग में क्या करते हैं इंडिविजुअल्स के डीएनए को आइडेंटिफाई करते हैं। ठीक है? हर किसी का डीएनए क्या होता है? यूनिक होता है। तो डीएनए प्रोफाइलिंग में हम क्या करते हैं? आइडेंटिफाई आइडेंटिफाई इंडिविजुअल्स इंडिविजुअल्स यूजिंग यूनिक डीएनए यूजिंग यूनिक डीएनए कैरेक्टरिस्टिक्स कैरेक्टरिस्टिक्स। ठीक है? आई होप ये आपको समझ आ गया होगा। प्रिंसिपल इसमें क्या होता है? हर पर्सन का डीएनए क्या होता है? यूनिक। एव्री पर्संस डीएनए इज यूनिक। एव्री पर्संस डीएनए इज यूनिक। ठीक है? एक्सेप्ट आइडेंटिकल ट्विंस। एक्सेप्ट आइडेंटिकल ट्विंस। तो यहां पे आपकी क्या है? जो आपकी डीएनए प्रोफाइलिंग है वो यूज़ की जाती है। ठीक है?
अब आपका जो डीएनए का जो सोर्स है जो हम डीएनए यहां पर देखते हैं। यह जो डीएनए है यह कहां-कहां से मिल यह डीएनए आपका मिल सकता है कहां से? आपके ब्लड से, आपके हेयर से, आपके सलाइवा से, आपके सीमेन से, आपकी बोन टीथ से बोन टीथ यानी कि आपकी बॉडी की किसी भी चीज से आपका जो डीएनए है वो एक्सट्रैक्ट आउट किया जा सकता है। इवन अगर आपके बॉडी जो आपके क्लोथ्स हैं उनप आपके बॉडी का कोई एयर मिल जाएगा। उनको भी हम यूज कर सकते हैं। फिर अब डीएनए प्रोफाइलिंग में हम क्या-क्या यूज़ कर सकते हैं? कुछ टेक्निक्स होती है जो हम यूज़ करते हैं। तो उन टेक्निक्स का बेसिक हम देखेंगे डिटेल बाद में देखेंगे। तो टेक्निक्स देखो डीएनए प्रोफाइलिंग की। ऐसा करते हैं भाई। टेक्निक्स को ना एक सेकंड। ठीक है? तो टेक्निक्स मैं यहीं पर लिख देता हूं। अब तुम्हारी कौन सी टेक्निक्स यूज की जाती है? तो देखो जो एक टेक्निक आप एक सेकंड जो एक आपकी टेक्निक यूज़ की जाती है दैट इज पीसीआर पॉलीमरेज चेन रिएक्शन। किस चीज के लिए? एंप्लीफिकेशन ऑफ़ डीएनए। एमंपली जो आपका डीएनए का सैंपल आपको मिला है उसकी बहुत ज्यादा कॉपीज बनाने के लिए। ठीक है? पीसीआर यूज करते हैं। देन नेक्स्ट होती है आपकी क्या? एसटीआर एनालिसिस। एसटीआर बोले तो शॉर्ट टेंडम रिपीट्स एनालिसिस। शॉर्ट टेंडम रिपीट्स एनालिसिस। ठीक है? मोस्ट कॉमन मेथड ऑफ़ फॉरेंसिक डीएनए मेथ। मोस्ट कॉमन फॉरेंसिक डीएनए मेथड। मोस्ट कॉमन मेथड है। ठीक है? ठीक है? एसटीआर का एनालिसिस। तो ये आपकी कुछ दो टेक्निक्स है जो आपकी आपकी यूज़ की जाती है। एप्लीकेशन सिमिलर है वही क्रिमिनल आइडेंटिफिकेशन पेटनिटी टेस्टिंग में मिसिंग पर्संस देन आपका डिजास्टर विक्टिम आइडेंटिफिकेशन।
अब यहां पे याद रखना जो आपका डीएनए फिंगरप्रिंटिंग होता है। ठीक है? फादर ऑफ डीएनए फिंगरप्रिंटिंग याद रखना कौन था? तो मैं लिखवा देता हूं। फादर ऑफ डीएनए फिंगरप्रिंटिंग डीएनए फिंगर प्रिंटिंग तो कौन था भाई आपका फादर ऑफ डीएनए फिंगरप्रिंटिंग तो यहां पे याद रखना एलेक्स जेफरेज एलेक्स जेफज़ हो सकता है आपसे यह क्वेश्चन डायरेक्टली पूछ लिया जाए तो फादर ऑफ डीएनए फिंगरप्रिंटिंग कौन है भाई तुम्हारा एलेक्स जेफज़ फिर यहीं पे आ जाती है तुम्हारी नेक्स्ट ब्रांच जो कि है तुम्हारी क्या फोर्थ ब्रांच दैट इज फॉरेंसिक टॉक्सिकोलॉजी फॉरेंसिक टॉक्सिकोलॉजी तो अब फॉरेंसिक टॉक्सिकोलॉजी देखो भाई फॉरेंसिक टॉक्सिकोलॉजी में क्या है जो भी बायोलॉजिकल सैंपल आपको क्राइम सन से मिला है उनमें आपका पोइजन ड्रग्स या टॉक्सिक सब्सटांस को ढूंढना इज योर फॉरेंसिक टॉक्सिकोलॉजी। तो क्या लिख सकते हैं आपका? स्टडी ऑफ पोइजंस स्टडी ऑफ पोइजनंस ड्रग्स एंड टॉक्सिक सब्सटेंसेस टॉक्सिक सब्सटेंसेस इन बायोलॉजिकल सैंपल्स इन बायोलॉजिकल सैंपल्स और इसी को हम बोल देते हैं आपका क्या फॉरेंसिक टॉक्सिकोलॉजी अब सिम सिमिलरली सैंपल आपके क्या-क्या हो सकते हैं? ब्लड, यूरिन, आपकी लीवर, किडनी, स्टमक कंटेंट्स जो भी आपको मिले एग्जांपल के सैंपल्स एग्जामिन क्या लिख सकते हैं हम? सैंपल्स एग्जामिन में लिख सकते हैं क्या-क्या? ब्लड, यूरिन, आपकी लीवर कंटेंट्स, आपकी किडनी या फिर आपके स्टमक कंटेंट्स। स्टमक कंटेंट्स। ठीक है? तो यह आ जाते हैं आपके फॉरेंसिक टॉक्सिकोलॉजी।
अब इनका जो फॉरेंसिक आपकी जो टॉक्सिकोलॉजी है, इसका ऑब्जेक्टिव क्या है? तो ऑब्जेक्टिव देखो भाई। तो ऑब्जेक्टिव्स क्या है इनका? यह पता लगाना टू डिटरमाइन। क्या डिटरमाइन करना? ऑब्जेक्टिव इज टू डिटरमाइन टू डिटरमाइन व्हाट द फर्स्ट वन इज कॉज ऑफ पोइजनिंग कॉज ऑफ पोइज पोइजनिंग ठीक है देन ड्रग ओवरडोज देन आपका अल्कोहल इनटॉक्सिकेशन अल्कोहल इनटॉक्सिकेशन यह है आपके फॉरेंसिक टॉक्सिकोलॉजी के ऑब्जेक्टिव्स। अब यूज किस चीज में है? मर्डर बाय पोइजनिंग ड्रग ड्रग अब्यूज में या रोड एक्सीडेंट्स में। ठीक है? तो यहां पे आपका यूज़ किया जाता है। इसके बाद नेक्स्ट आ जाती है आपकी फॉरेंसिक एंथ्रोपोलॉजी। देखो क्या होता है? कुछ आपके केमिकल्स ऐसे होते हैं। जब तक वो नॉर्मल कंसंट्रेशन में आपकी बॉडी में प्रेजेंट है। कोई नुकसान नहीं करेंगे। बट जब उनकी जो कंसंट्रेशन है जो उनकी क्वांटिटी अगर बॉडी में आपकी में ज्यादा क्वांटिटी में वो जाएंगे तो वो पोइजन की तरह काम करेंगे। ठीक है?
नेक्स्ट आ जाती है आपकी फॉरेंसिक एंथ्रोपोलॉजी। तो लिखते हैं भाई इट इज आवर फिफ्थ। तो यही लिख देता हूं। इनको थोड़ा सा एडजस्ट कर देते हैं। एंड आपका फॉरेंसिक एंथ्रोपोलॉजी इसी पेज पर सम अप हो जाएगा। फिफ्थ इज योर फॉरेंसिक एंथ्रोपोलॉजी। फॉरेंसिक एंथ्रोपोलॉजी। तो फॉरेंसिक एंथ्रोपोलॉजी क्या होती है? वो हम देखते हैं। जस्ट ए सेकंड। भाई तुम्हारे साथ की साथ बिल्कुल कंसाइज और क्रिस्प नोट्स तैयार हो रहे हैं जो कि तुम्हें सिर्फ याद करने हैं। तो एंथ्रोपोलॉजी यहां जहां भी आ जाए ना एंथ्रोपोलॉजी का सिंपली मतलब समझना ह्यूमंस से रिलेटेड है। तो एक सेकंड कहीं पे भी तुम्हें क्या दिख जाए? एंथ्रोपोलॉजी अगर तुम्हें कहीं दिख जाए तो आंख बंद करके समझ लेना। वी आर टॉकिंग अबाउट व्हाट? एंथ्रोपोलॉजी का मतलब है हम बात कर रहे हैं किसके बारे में? ह्यूमंस से रिलेटेड। ठीक है? ये हो गया आपका एंथ्रोपोलॉजी। अब यहां पे फॉरेंसिक एंथ्रोपोलॉजी समझो। एप्लीकेशन ऑफ फिजिकल एंथ्रोपोलॉजी टू ह्यूमन स्केलेटल रिमेंस। ठीक है? एप्लीकेशनेशंस ऑफ एंथ्रोपोलॉजी फिजिकल एंथ्रोपोलॉजी टू ह्यूमन स्केलेटल रिमेंस। ह्यूमन स्केलेटल रिमेंस। ठीक है? तो, यह हो जाएगा आपका क्या? इट इज योर फॉरेंसिक एंथ्रोपोलॉजी।
अब यहीं पर एक छोटी सी एक सेकंड। यह तो गड़बड़ हो गई। Just a second. ठीक है? तो यहां एडजस्ट कर दिया हमारा स्पेस बच गया। अब नेक्स्ट हो जाता है जो फॉरेंसिक एंथ्रोपोलॉजी है उसका रोल क्या आता है? ठीक है? तो ये डिटरमाइन करती है आपका क्या-क्या जो आपकी फॉरेंसिक एंथ्रोपोलॉजी है इट डिटरमाइंस क्या-क्या डिटरमाइन करती है? यह आपका डिटरमाइन करती है क्या? एज आपका सेक्स, आपका स्टचर देन आपकी एनसेेस्ट्री एंड नेक्स्ट आपका टाइम सिंस डेथ। टाइम सिंस डेथ। ठीक है? तो ये चीजें आपकी जो फॉरेंसिक एंथ्रोपोलॉजी है वो आपकी बताती है। अब जो फॉरेंसिक एंथ्रोपोलॉजी है इट इज यूज़फुल इन व्हाट? यह किस चीज में काम आती है? यह आपकी यूज़फुल होगी। किस कंडीशन में आपकी स्केलेटनाइज्ड रिमेंस के लिए स्केलेटनाइज्ड जब आपके क्या है जो आपके क्या आपके जो एविडेंस मिलते हैं वो आपके क्या हो स्केलेटनाइज्ड रिमेंस हो आपके कंकाल के अवशेष हो आप मास डिजास्टर के केस में ठीक है मास डिजास्टर्स या फिर अनआइडेंटिफाइड बॉडीज जो आपका मास डिजास्टर है वहां सेम चीज होती है अनआइडेंटिफाइड बॉडीज ही होती अनइडेंटिफाइड बॉडीज।
सो गाइस, आई होप यहां तक जितनी भी चीजें आपको बताई गई है, वह आपको अच्छे से क्लियर हो गई होंगी। नेक्स्ट इज योर सिक्स्थ इज योर फॉरेंसिक ओडोंटोलॉजी। ओडोंटो जहां पे वर्ड आ जाए दांत से रिलेटेड समझ लेना। सिक्स्थ इज योर फॉरेंसिक ओडोंटोलॉजी। देखो एक चीज ध्यान से देखो जो मैं अब आपको बताऊंगा वैसे कुछ लोगों को पता भी होगी भाई कुछ खास नहीं है बट कुछ को नहीं पता होगी उनके लिए लॉजी जहां भी आ जाए सिंपली क्या समझ लेना लॉजी हेयर मीन्स टू स्टडी ठीक है लॉजी का मतलब होता है स्टडी एंड ओडोंटो हेयर रेफर्स टू व्हाट इट रेफर्स टू योर टीथ तो दांतों की स्टडी से रिलेटेड जहां भी कुछ आ जाए उसको हम बोल देते हैं आपका क्या ओडोंटोलॉजी जी ठीक है। अब फॉरेंसिक ओडोंटोलॉजी क्या है? एप्लीकेशन ऑफ डेंटल साइंस टू लीगल इन्वेस्टिगेशन। एप्लीकेशनेशंस ऑफ एप्लीकेशनेशंस ऑफ डेंटल साइंसेस। एप्लीकेशनेशंस ऑफ डेंटल साइंस टू लीगल इन्वेस्टिगेशंस। लीगल इन्वेस्टीगेशंस। समझ जाना भाई। मुश्किल नहीं है कुछ। ठीक है? तो, यह हो जाएगा आपका फॉरेंसिक ओडोंटोलॉजी।
अब यहां पर क्या होता है आपका? कंपैरिजन ऑफ डेंटल रिकॉर्ड्स, बाइट मार्क एनालिसिस। तो, यूज़ कहां-कहां होती है वो और देख लो। यूजज़ यूजज़ डेंटल आइडेंटिफिकेशन। डेंटल आइडेंटिफिकेशन देन नेक्स्ट है आपका यहां पर हम क्या करते हैं डेंटल आइडेंटिफिकेशन में कंपैरिजन ऑफ डेंटल रिकॉर्ड्स बाइट मार्क एनालिसिस बाइट मार्क एनालिसिस उसके अलावा आपका एज एस्टिमेशन कुछ आपके दांत ऐसे होते हैं ना ह्यूमंस में एक पर्टिकुलर एज के बाद ही आते हैं तो उससे एज एज एस्टिमेट कर सकते हैं। एज एस्टीिमेशन और एक पर्टिकुलर एज के बाद दांत चले भी जाते हैं। तो उससे भी आईडिया लगा जाता है आपका। ठीक है? अब दांतों की इतनी ज्यादाेंस क्यों है?ेंस क्यों है आपके दांतों की? तो वो देखो। दांतों कीेंस इसलिए है
भाई, क्योंकि आपके जो टीथ हैं, यह रेजिस्ट करते हैं। क्यों है? क्योंकि जो आपके टीथ हैं, टीथ रेजिस्ट। यह आपके जो टीथ हैं, वह बहुत ज्यादा हार्ड होते हैं, एंड काफी सारी चीजों का इन पे कोई असर नहीं होता। तो आपके जो टीथ हैं, दे रेजिस्ट फायर, डिग्रेडेशन, डिग्रेडेशन और आपका एनवायरमेंटल डैमेज, एनवायरमेंटल डैमेज। इसीलिए जो आपके टीथ हैं, वह इतने ज्यादा इंपॉर्टेंट हो जाते हैं।
और नेक्स्ट आ जाती है आपकी क्या? फिंगरप्रिंट साइंस। सेवंथ इज योर फिंगरप्रिंट साइंस। अब जो ये फिंगरप्रिंट साइंस है ना, इसको तुम एक, इसका एक फैंसी सा नाम देखने को मिलेगा, जो कि जिसको हम बोलते हैं, जो फिंगरप्रिंट साइंस की स्टडी होती है, उसको हम बोलते हैं आपका डेक्टाइलोस्कोपी। डेक्टाइलोस्कोपी। दिस इज व्हाट? दिस इज योर फिंगरप्रिंट साइंस। तो अब फिंगरप्रिंट साइंस को भाई, थोड़ा सा समझते हैं। देखो, स्टडी ऑफ फ्रिक्शन रिच पैटर्न्स ऑन फिंगर। स्टडी ऑफ फ्रिक्शन रि पैटर्न्स ऑन फिंगर्स। ठीक है? सो ये हो जाती है आपकी डेक्टाइलोस्कोपी। सॉरी। ठीक है?
अब क्या होता है? जो आपके फिंगरप्रिंट्स होते हैं, वह हर इंसान के यूनिक होते हैं। तो क्या? नो टू इंडिविजुअल्स, नो टू इंडिविजुअल्स शेयर आइडेंटिकल फिंगरप्रिंट्स। आइडेंटिकल। आइडेंट। ओ सॉरी। आइडेंटिकल फिंगरप्रिंट्स। ठीक है? आई होप यहां तक आपको यह चीजें समझ आ गई होंगी। ठीक है?
अब क्या होते हैं? जो आपके फिंगरप्रिंट्स होते हैं, दीज़ आर परमानेंट। क्या होते हैं? परमानेंट होते हैं आपके फिंगरप्रिंट्स। अनचेंज्ड थ्रूउ द लाइफ। अनचेंज्ड थ्रूउ द लाइफ। थ्रूउ द लाइफ। ठीक है? आई होप यह चीज आपको समझ आ गई होगी। और जो तुम्हारे फिंगरप्रिंट्स होते हैं, उनके भी मेजरली तीन टाइप्स होते हैं। फिंगरप्रिंट्स के मेनली तीन पैटर्न्स होते हैं। ठीक है? क्या होते हैं? तीन पैटर्न्स होते हैं आपके फिंगरप्रिंट्स के। फर्स्ट वन इज योर लूप। सेकंड इज योर वॉल्व। एंड थर्ड इज योर आर्क। अब देखो, लूप सबसे ज्यादा कॉमन, मोस्ट कॉमन, सबसे ज्यादा मिलता है, यह 60 से 65% जनता का यही होता है। वर्ल्ड आपका लगभग 30 से 35% लोगों में मिलता है सिर्फ। और जो आर्क है, यह आपका नियरली आपकी 5% पॉपुलेशन में प्रेजेंट है। ठीक है? यानी कि सबसे कम मिलता है।
अब एप्लीकेशनेशंस क्या हो जाएंगी इनकी? आइडेंटिफिकेशन ऑफ सस्पेक्ट, क्रिमिनल रिकॉर्ड्स और आपका बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन। तो लिख लेते हैं एप्लीकेशनेशंस। तो एप्लीकेशनेशंस हो जाएंगी आपकी क्या-क्या? आइडेंटिफिकेशन ऑफ सस्पेक्ट्स। आइडेंटिफिकेशन ऑफ सस्पेक्ट्स। देन आपका क्रिमिनल रिकॉर्ड्स। क्रिमिनल रिकॉर्ड्स। और उसी के साथ हो जाएगा आपका बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन। सो गाइज़, आई होप यहां तक आपको क्या पढ़ा हमने अभी-अभी आपका? फिंगरप्रिंट साइंस यानी कि डेक्टाइलोस्कोपिक के रिलेटेड जो भी बताया, वो आपको अच्छे से क्लियर हो गया होगा। ठीक है?
अब नेक्स्ट जो आपका पार्ट आता है, दैट इज योर क्रिमिनलिस्टिक्स। ए्थ पार्ट आपका आ गया। थोड़ा सा क्रिमिनलिस्टिक्स के बारे में देखते हैं और हमारा जो वीडियो लेक्चर है, वह एंड होने की तरफ मूव कर रहा है। इसके बाद सिर्फ क्वेश्चंस बच जाएंगे। नेक्स्ट इज क्रिमिनलिस्टिक्स। ठीक है? तो क्रिमिनलिस्टिक्स देखो भाई। क्रिमिनलिस्टिक्स क्या होता है? इट इज द ब्रांच ऑफ फॉरेंसिक साइंस। ब्रांच ऑफ फॉरेंसिक साइंस कंसर्न विद द कंसर्न विद द रिकग्निशन, कलेक्शन, प्रिजर्वेशन, प्रिजर्वेशन, एग्जामिनेशन एंड इंटरप्रिटेशन ऑफ एंड इंटरप्रिटेशन ऑफ इंटरप्रिटेशन ऑफ फिजिकल एविडेंस, फिजिकल एविडेंस। यह होता है आपका क्रिमिनलिस्टिक्स। ठीक है?
अब जो आपके फिजिकल, जो आपकी क्रिमिनलिस्टिक सिक्स है, इसका जो मेजर फोकस होता है, वह फिजिकल एविडेंस पे रहता है। अब जो तुम्हारे ये फिजिकल एविडेंस हैं, वह क्या-क्या हो सकते हैं? तो आपके फिजिकल एविडेंस हो सकते हैं। वही जो अब तक पढ़ते आए, ब्लड स्ट्रेंस, आपके हेयर, आपके फाइबर्स, आपका ग्लास, पेंट, आपके टूलमार्क्स और हो सकते हैं आपके फिंगरप्रिंट्स। फिंगरप्रिंट्स। तो ये हो जाएंगी आपकी क्रिमिनलिस्टिक्स में, जो हमारा मेजर फोकस रहता है आपका फिजिकल एविडेंसेस पे।
अब जो आपके क्रिमिनलिस्टिक्स में हम फिजिकल एविडेंस स्टडी करते हैं, उनका मेजर गोल क्या रहता है? क्रिमिनलिस्टिक का गोल क्या है? टू रिकंस्ट्रक्ट इवेंट्स एंड एस्टैब्लिश एसोसिएशंस। जो आपका क्रिमिनलिस्टिक्स है, इसका गोल क्या होता है? तो अगर हम गोल की बात करें, तो गोल होता है उसी इवेंट को दोबारा से रिकंस्ट्रक्ट करके एसोसिएशन या रिलेशंस डेवलप करना। तो लिख सकते हैं, टू रिकंस्ट्रक्ट, टू रिकंस्ट्रक्ट इवेंट्स, टू रिकंस्ट्रक्ट इवेंट्स एंड एस्टैब्लिश एसोसिएशन, एसोसिएशंस। यह होता है गोल आपका किस चीज का? आपके क्रिमिनलिस्टिक्स का।
सो गाइस, आई होप यहां तक जो भी आपको बताया गया, वह आपको अच्छे से समझ आ गया होगा। अब यहीं पे एक छोटी सी चीज आपको याद रखनी है। वह है क्या? फादर ऑफ क्रिमिनलिस्टिक्स। फादर ऑफ क्रिमिनल, क्रिमिनलिस्टिक्स। क्रिमिनलिस्टिक्स। तो भाई, आपका जो क्रिमिनलिस्टिक्स का फादर है, वह कौन है? यह आपको बिल्कुल अच्छे से अपने दिमाग में याद रखना है। तो नाम याद रख लेना, क्या? हेंस ग्रोस। हेंस ग्रोस है आपके फादर ऑफ क्रिमिनलिस्टिक्स। ठीक है? तो ये क्या है? फादर ऑफ क्रिमिनलिस्टिक्स कौन है आपके? हेंस ग्रोस। ठीक है?
अब मूव करते हैं नेक्स्ट आपका एक बार थोड़ा सा, जो तुम्हारी क्या है? फॉेंसिक साइंस है और जो क्रिमिनलिस्टिक्स है, इनके बीच में थोड़ा सा डिफरेंस और देख लो। किस-किस के बीच में? एक तो फॉरेंसिक साइंस और दूसरा है आपका क्रिमिनलिस्टिक्स। क्रिमिनलिस्टिक्स। इनके बीच में आपका डिफरेंस क्या है? थोड़ा सा आपको इसका आईडिया होना जरूरी है। तो देखो, सबसे फर्स्ट जो डिफरेंस है, वह क्या है? जो तुम्हारा फॉरेंसिक साइंस है, इट इज वेरी ब्रॉड फील्ड। यह एक ब्रॉड फील्ड है। ठीक है? वहीं पे जो क्रिमिनलिस्टिक्स है, यह एक सब डिसिप्लिन है। सिर्फ एक तरह से यह मान लो, यह आपके फॉरेंसिक साइंस का ही पार्ट है। सब डिसिप्लिन।
देन नेक्स्ट है आपका क्या? जो आपकी फॉरेंसिक साइंस है, यह इंक्लूड करती है बायोलॉजी, टॉक्सिकोलॉजी, एंथ्रोपोलॉजी। इंक्लूड बायोलॉजी, एंथ्रोपोलॉजी, देन आपका टॉक्सिकोलॉजी, आल्सो। टॉक्सिकोलॉजी। वही आपका जो क्रिमिनलिस्टिक्स है, यह मेजरली फोकस करता है फिजिकल एविडेंसेस पे। मेजरली फोकस ऑन फिजिकल एविडेंसेस। फिजिकल एविडेंसेस। ठीक है?
अब जो आपकी फॉरेंसिक साइंस है, यह आपकी सारी लीगल साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशंस को कवर करता है। क्या? कवर कवर्स ऑल लीगल, ऑल लीगल साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशंस। ऑल लीगल साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशंस। ऑल लीगल साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशंस। वहीं पे जो आपका क्रिमिनलिस्टिक्स है, क्या है? जो आपका क्रिमिनलिस्टिक्स है, इट प्राइमरली फोकसेस ऑन द क्राइम सीन एविडेंस एनालिसिस। प्राइमरली क्राइम सीन एविडेंस एनालिसिस। क्राइम सीन एविडेंस एनालिसिस। ठीक है?
तो यह भाई आपका मेजर डिफरेंस है आपका किसके बीच में? आपका फॉरेंसिक साइंस और आपके क्रिमिनलिस्टिक्स के बीच में। आई होप यहां तक आपको समझ आ गया होगा। तो एक तरह से हम क्या बोल सकते हैं, जो आपकी क्रिमिनलिस्टिक्स है, इट इज अ ब्रांच ऑफ फॉरेंसिक साइंस। ये आपकी फॉरेंसिक साइंस का ही एक एक ब्रांच है।
अब लास्ट जो आपका कंपोनेंट आ जाता है, वह है आपकी क्या? फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी। नाइंथ इज योर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी। लेबोरेटरी। ठीक है? तो अब फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी का क्या काम आता है? वह देखो। शॉर्ट में जिसको हम एफएसएलबी बोल रहे हैं। ठीक है? तो फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी आपकी वो जगह या एक साइंटिफिक इंस्टीट्यूशन है, जहां पे एविडेंस कलेक्ट किए जाते हैं ड्यूरिंग इन्वेस्टिगेशन। ठीक है? क्या होता है आपका? इज अ साइंट, इज अ साइंटिफिक इंस्टिट्यूशन, इज अ साइंटिफिक इंस्टिट्यूशन, साइंटिफिक इंस्टीट्यूशन वेयर एविडेंस कलेक्टेड, वेयर एविडेंस कलेक्टेड ड्यूरिंग इन्वेस्टिगेशन, ड्यूरिंग इन्वेस्टिगेशन इज एग्जामिन एंड एनालाइज, एग्जामिन एंड एनालाइज्ड। एंड एनालाइज्ड। और जो भाई आपका जूनियर साइंटिफिक असिस्टेंट का जो एग्जाम क्लियर करेंगे, वो कैंडिडेट्स, वो फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी में ही आप लोग काम करने वाले हैं और एविडेंसेस को एनालाइज और एग्जामिन ही आप करेंगे। ठीक है? ऑब्जेक्टिव्स वही होंगे। एविडेंस एग्जामिनेशन, साइंटिफिक इंटरप्रिटेशन, एक्सपर्ट ओपिनियन और कोर्ट असिस्टेंस।
सो गाइस, आई होप आज जितनी भी चीजें हमने इस लेक्चर में कवर की हैं, वो सारी चीजें आपको अच्छे से समझ आ गई होंगी। ठीक है? इन केस कोई डाउट हो, तो भाई दोबारा से दोबारा से इसको क्या कर लेना? जो आपकी ये वीडियो है, इसको रिवर्स कर लेना। अच्छा, एक शुरू में एक छोटी सी चीज मैं आपको बताना भूल गया। जस्ट अ सेकंड। जो आपकी फॉरेंसिक साइंस है, यह जो आपका वर्ड है, फॉरेंसिक, क्या जो आपका वर्ड है, फॉरेंसिक, यह डिराइव हुआ है एक लैटिन वर्ड से। तो वो मैं थोड़ा सा एक बार बता देता हूं। क्या जो तुम्हारा वर्ड है, इट इज डिराइव्ड फ्रॉम अ लैटिन वर्ड। लैटिन वर्ड। और वो लैटिन वर्ड क्या है? फॉरेंसिस। क्या है? वो लैटिन वर्ड है, फॉरेंसिस। ठीक है?
जस्ट सेकंड भाई। लेट मी एडजस्ट द कंटेंट्स ताकि थोड़ा सा स्पेस क्रिएट किया जा सके। एक सेकंड। तो देखो, तो जो आपका वर्ड है, इट इज डिराइव्ड फ्रॉम ए लैटिन वर्ड। और जो ये वर्ड है, वह क्या है आपका? वह वर्ड है फॉरेंसिस। फॉरेंसिस का मतलब क्या होता है? ऑफ द फोरम। ऑफ दी फोरम। ठीक है? या फिर आपका एक जो आपका एक फोरम होता है, यह क्या होता है? एक पब्लिक प्लेस होता है एंशिएंट रोम में, या एक मार्केट प्लेस होता था। तो यह जो क्या है, तुम्हारा फॉर्म क्या होता है आपका? पब्लिक प्लेस या मार्केट प्लेस इन एंशिएंट रोम। [नाक से की जाने वाली आवाज़] पब्लिक प्लेस या मार्केट प्लेस इन एंशिएंट रोम। इन एंशिएंट रोम। ठीक है? यह आपकी एक जगह होती थी, आपकी आपकी एक पब्लिक स्पेस होता था। यह जो फोरम होता है, आपका एंशिएंट रोम में। और जो ये एंशिएंट रोम में, इसका हिस्टोरिकल बैकग्राउंड अगर हम देखें, आपका फोरम का, तो लीगल डिस्प्यूट्स या क्रिमिनल ट्रायल्स या पब्लिक डिबेट्स है, वो सारी आपकी फोरम्स में ही होती थी। तो फोरम्स, जो आपके फोरम है, वहां क्या-क्या होता था आपका? पब्लिक डिबेट्स। पब्लिक डिबेट्स होती थी। इस फोरम में लीगल डिस्प्यूट सॉल्व किए जाते थे। लीगल डिस्प्यूट्स। ठीक है? एंड आपके क्रिमिनल ट्रायल्स होते थे। क्रिमिनल ट्रायल्स। ये सारी चीजें कहां होती थी? यह होती थी आपकी फोरम में।
सो गाइस, आई होप यहां पर आपको सारी चीजें समझ आ गया होगा, जो भी आज के इस लेक्चर में हमने डिस्कस की हैं। तो भाई देखो, साथ की साथ एमसीक्यूस तो मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि क्योंकि काफी टाइम हो गया लेक्चर लिए मेरे को। तो अब आज ये लेक्चर लिया है, अराउंड 1 आवर एंड 15 मिनट्स का हो गया। तो भाई, एटलीस्ट कमेंट करके तो बता दिया करो कि लेक्चर कैसा लगा है, ताकि मेरे को मोटिवेशन मिल सके कंटेंट को कंटीन्यूअसली प्रिपेयर कर पाऊं मैं आप लोगों के लिए। ठीक है? तुम कमेंट भी नहीं करोगे, तो भाई चलो, वो तो तुम्हारी मर्जी, मैं इंसिस्ट नहीं कर रहा। तो यही है भाई, यह एक फर्स्ट लेक्चर आपका बायोलॉजी का हो चुका है। एमसीक्यूस का लेक्चर हो चुका है बायो का, जिसमें हमने बायोटेक को स्टार्ट किया है। और आज ये फॉरेंसिक साइंस का आपका फर्स्ट लेक्चर हो चुका है, जो कि आपका आपका जूनियर साइंटिफिक असिस्टेंट के जितने भी पोस्ट हैं, सभी के लिए आपका यह काम आएगा।
सो गाइस, थैंक यू फॉर वाचिंग मी केयरफुली एंड स्टे ट्यूंड फॉर द नेक्स्ट वन।