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Alshi patni || आलसी पत्नी || Story of a intelligent Husband and lazy Wife || Double Dhamal Comedy

Ssoftoons Hindi11:34

Transcription

[संगीत] हरिपुर गांव में भोला नाम का एक साधारण सा किसान अपनी बीवी के साथ रहता था। भोला की पत्नी बहुत ही आलसी थी। घर का लगभग सारा काम भोला को ही करना पड़ता था। [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] अभी तक सोई रही हो? भाग्यवान, खाना नहीं बनाओगे क्या? मुझे बहुत भूख लगी है। जी उठ कर रसोई तक जाने की भी शक्ति नहीं है। मैं फिर खाना कैसे बनाऊंगी? आज पैर में दर्द होने लगा। अच्छा, ठीक है, ठीक है। सो ही रहो, मैं खुद ही चावल चढ़ा देता हूं और साथ में दाल और आलू भी बना देता हूं। उसके साथ ही खाना खा लूंगा। [संगीत]

आज फिर से उबली हुई दाल और आलू खाना पड़ेगा। परेशान कर दिया है। अरे वह तो फिर क्या हुआ? और क्या होता है? मैंने बोला मेरे पैर में दर्द है। बस। मतलब की वो तुम्हारी पूरी कब्जे में है। हां, बिल्कुल पूरा काम उन्होंने ही किया था। सन आज का दिन तो गुजर गया है, कल क्या करेगी? कल फिर कोई नया बहाना पड़ेगा। मेरे तो हाथी के दांत हैं खाने के कुछ और, दिखाने के कुछ और। [हंसी] भाग्यवान, आप तुम्हारे पैर के दर्द कैसा है? अभी थोड़ा खाना रहा है? नहीं, तुम जरा फिर से पैरों में कंगन की जगह तन तन के दर्द होने लगेगा। [संगीत]

ओम बाप रे बाप! पेट में कितना दर्द हो रहा है, बिल्कुल भी कम नहीं हो रहा है। राधा नगर बाजार जाऊंगा। दोपहर के समय खाने के लिए नहीं आऊंगा। तुम्हारे लिए दाल-भात रख दिए हैं। तबीयत ठीक लगे तो उठ कर खा लेना। [संगीत] दाल और भात रख दिया हूं। तबीयत ठीक लगे तो उठ कर खा लेना। आज तो मैं अपने लिए मसालेदार दम आलू बनाऊंगी। [संगीत] अरे कहां जा रहे हो? राधा नगर। [संगीत] पूजा है शाम को मेरे घर, जाना ठीक है? अभी मैं वापस अपने घर चला जाता हूं। शाम में आपकी बहू को साथ में लेकर आऊंगा। [संगीत]

कितनी अच्छी खुशबू आ रही है, खाना बनाते-बनाते मुंह में पानी आ रहा है। [संगीत] कितनी अच्छी खुशबू आ रही है। [संगीत] अरे ये तो मेरा ही घर है। मेरी पत्नी मसालेदार आलू दम बना रही है। लेकिन इसने तो बोला था कि इसके पेट में दर्द है, उठ भी नहीं पाऊंगी, कुछ नहीं कर पाऊंगी। ओह, समझ गया। इसका मतलब काम ना करने के लिए इसने सारा झूठ बोला था। ठीक है, ठीक है। मैं भी दिखाता हूं कि तुमसे कैसे घर का काम करवाना है। [संगीत]

लौटते-लौटते बहुत देर हो गई है ना? इतनी रात हो गई है, अब खाना कब बनाओगे? भूल गया था कि आज मुनीम जी के घर में पूजा थी। मैं वहां से खिचड़ी, पकौड़े, सब्जी, चटनी, खीर, रबड़ी सब कुछ खाकर आया हूं। अगर उतना ज्यादा तेल-मसाला खाकर तुम्हारी तबीयत खराब हो जाती तो? पेट में दर्द सुबह में हो रहा था, इसलिए अभी सो होकर पिया और सो जाओ। [संगीत] मैं तो सोने जा रहा हूं। हे हे! खिचड़ी, पकौड़े, रबड़ी, चटनी, खीर, सब्जी सबको खोल कर पीना पड़ेगा? और क्या? [संगीत] बना दीजिए चाय। नहीं-नहीं, मैंने चाय पीना छोड़ दिया है। तुम भी छोड़ दो। आज से हर सुबह हम दोनों नीम के पत्ते का रस पियेंगे। अरे बाबा! ये तुम्हारे लिए ही तो कर रहा हूं। यह जो तुम्हारे पेट में दर्द, सर में दर्द, पैरों में दर्द रहता है ना, ये सारे दर्द कम हो जाएंगे तुम्हारे। होगा। मैं तो नहीं पीऊंगी। मैं तो नहीं पीऊंगी। तबीयत ठीक रखना है ना? ये लो, पी लो। पी लो, जल्दी पियो। [प्रशंसा] अरे बाप रे! कितना कड़वा है। [संगीत]

ये क्या है? तुम कद्दू की सब्जी और चावल खाओगी? पेट का दर्द का सवाल है ना? तुम्हें भी बुलाया था, लेकिन मैंने मना कर दिया। मैंने बोल दिया कि तुम्हारे पेट में दर्द है, तुम्हारी तबीयत खराब है, इसीलिए मैं अकेला ही आऊंगा। लेकिन मेरी तो… मैं कद्दू की सब्जी खाऊंगी और ये वहां पूजा में अच्छा-अच्छा खाना खाएंगे? ऐसा तो नहीं होगा। मैं खुद ही अपना खाना बना लूंगी। जाती हूं। अरे ये क्या? टोकरी में एक भी आलू, परवल, बैंगन, मूली कुछ भी नहीं है। अंडे की सब्जी बना लेती हूं। [संगीत] अरे ये क्या? इसमें तो एक भी अंडा नहीं है। अब हे हे! बहुत भूख लगी है मुझे। इसकी चक्कर में मैंने सब कुछ भी फेंक दी है। हे हे! मेरा क्या होगा? ये आपके हाथ में क्या है जी? हां-हां, क्या है ये? जगदीश भैया ने खाना दिया है। बहुत सारा खाना बज गया था मेरे लिए। ये तो मैं कल सुबह खा लूंगा। तुम्हारे लिए तो कद्दू की सब्जी रखी हुई ना? कल फिर चावल बना दूंगा। अभी ये रसोई घर में रख कर आता हूं। [संगीत] [संगीत] [संगीत]

क्या हुआ, भाग्यवान? अभी तक सोई नहीं हो? अरे ये क्या? ये तुम क्या कर रही हो? भाग्यवान, कुछ खराब नहीं है जी। वो सब झूठा, सब झूठा। वो-वो मुझे ना काम नहीं करना पड़ेगा, इसलिए मैंने वो सब झूठ बोला था। मैं-मैं अब और नीम के पत्ते का रस, कद्दू की सब्जी नहीं खा रही हूं जी। तुमने इतने दिनों से काम के डर से ये सारे बहाने बनाए हैं और मुझसे सारा काम करवाती थी। मैंने बहुत गलत काम किया है। कल से आपको घर का एक भी काम नहीं करना पड़ेगा, देखिएगा, देखिएगा। ठीक है, ठीक है। खाओ, खाओ, खाओ। ये सारी चीज मैं तुम्हारी लिए ही लेकर आया हूं। भाग्यवान, तुम्हारे लिए ही। मैं जानता था कि तुम्हें कुछ भी नहीं हुआ है। तुम काम के डर से मुझसे झूठ बोल रही हो। जानते हो? तुमने दम आलू बनाया था, मैं वो भी जानता था। मैंने खिड़की से सब कुछ झांक कर देख लिया था। रस… कद्दू की सब्जी। [हंसी] [संगीत] [संगीत] [संगीत]