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Discussion (वार्तालाप)=1217

विश्व परिवर्तक-शिवअंशी1:00:35

Transcription

हां जी, वो ब्राह्मण नहीं, वो तो ब्रह्मा सुख में है। वो ब्राह्मण नहीं, ब्रह्मा सुख बदन में है। ब्रह्मा का है वो, ब्राह्मण नहीं। तो उसको क्या कहा जाता है? माना ब्राह्मण की नौकरियां होती हैं। अबल कुरी के ब्राह्मण वो हैं जो अव्वल नंबर जन्म में जाते हैं। अव्वल नंबर जन्म, अव्वल नंबर दीन, अल्लाह आकर के स्थापन करते हैं। अल्लाह बल दीन कौन से युग में होता है? पुरुषोत्तम संगम युग में होता है। उनका जन्म कहां होगा? उनका नया जन्म पुरुषोत्तम संगम युग में होगा या बाद में होगा? बाद में होगा। इसलिए वो अव्वल नंबर के ब्राह्मण नहीं हैं।

तुम बच्चे हो अव्वल नंबर के ब्राह्मण, सो अव्वल नंबर के देवता जो नर से नारायण जैसे बनते हो, क्योंकि भगवान आकर तुमको भगवान भगवती जैसा बनाते हैं। यथा राजा तथा प्रजा। और बाबा, बाबा बेसिक ब्राह्मणियां कहते हैं, जे मधुबन में सत्ययुग के पोस्ट बनाने के लिए लिस्ट बना रहा है। तो तो जो जितना सेंटर के पास ये अर्थ धन जमा कर करते हैं, उनको ही ये मुकाम एवं पद मिलेगा। इसके राज क्या हैं बाबा? तो बेसिक ब्राह्मणों का कहना है कि जो जितना धन दमा करेंगे, वो उतना जल्दी सतयुग में आ जावेंगे। लेकिन उनसे पूछना है कि धन देना किसको है? लेनदेन किससे करना है? हमको देने वाला बेहद का बाप कौन है? देने वाले देहधारी धर्म गुरु हैं। ये विदेही बाप है। तो उन्हें विदेही बाप का ज्ञान है। विदेही बाप कहां है, वो उनको पता है। वो तो विदेही बाप को ही नहीं जानते। जो जन्म जन्मांतर का सुख बदले में देने वाला है, तो उनको धन दान करने से भी क्या फायदा? क्या जवाब देना है? देने वाला दाता बेहद का कौन है? और बाबा ने सोमनाथ मंदिर को लूट करने के पहले सूर्य मंदिर को क्यों लूट किया? सोम किसको कहा जाता है? चंद्रमा को। और ब्राह्मणों की दुनिया में चंद्रमा का पार्ट किसका है? ब्रह्मा बाबा का। ब्रह्मा बाबा रचना है या रचयिता है? रचना है। रचना से भी पहले कौन है? रचयिता बाप है। चंद्रमा रोशनी किससे लेता है? सूर्य से रोशनी लेता है। तो सूर्य की यादगार है कोणार्क का सूर्य मंदिर। इसलिए कहते हैं हिस्ट्री में ये कहा जाता है कि कोणार्क का मंदिर पहले लूटा, बाद में सोमनाथ का मंदिर लूटा। और 1937 साल में, 1937 साल में सुप्रीम परमधाम से भारत देश का बंगाल में होके अविनाशी गीता ज्ञान दिव्य का रचना का शुरुआत किया। उस समय पाकिस्तान बोलकर कोई देश नहीं था। आदेश अंत का नियम का अनुसार जो आखरी विनाश का समय आएगा, उस समय पाकिस्तान नाम का कोई देश रहेगा या भारत बन जाएगा? अखंड भारत का जो नाम है, अखंड भारत, वो अखंड भारत बनाने वाला कौन है? और भारत को खंडित करने वाले कौन हैं? खंडित करने वाले हैं मनुष्य। और भारत को अखंड बनाने वाला है बाप। वो अखंड ज्योति है जो अखंड सागर की पहचान देता है। सागर के भी खंड खंड कर दिए। जब से विदेश आया है, विदेशी धर्म आए हैं। अभी तो बेहद का बाप आया हुआ है। तो सब सागरों को मिलाकर एक कर देता है। अखंडित भारत को भी अखंड भारत बनाता है। ना नेपाल अलग रहेगा, ना भूटान अलग रहेगा, ना पाकिस्तान अलग रहेगा। और सागर का नाम क्या है? सागर तो एक ही है, ज्ञान सागर। सागर तो एक, सागर का नाम एक ही सागर है और एक ही भूखंड रह जावेगा। भारत खंड का नाम क्या? अभी जो पड़ रहा है वही सागर का नाम है।

आज की में का जो इंट्रोडक्शन हुआ, बार-बार चेहरे का, चेहरे का जो इंट्रोडक्शन हुआ बार-बार, तो उसके लिए जो इंट्रोडक्शन किया गया है, तो हम उसके लिए ये कह सकते हैं कि वो आत्मा मन चिंतन मंथन करता है और सर्टिफाइड होके हम सब हम बच्चों के सामने ज्ञान के रूप में बाहर आता है। ये सही होगा या गलत? 13 जो शब्द बार-बार आया है आज की मुरली में, वो आत्माओं के लिए आया है या सुप्रीम सोल के लिए आया है या शिवलिंग के लिए आया है? शिवलिंग के लिए आया है। उसके द्वारा जो मन चिंतन होता है, वो सर्टिफाई होके सुप्रीम सोल द्वारा हम बच्चों के सामने ज्ञान के रूप में आता है। ये सही है या गलत? सर्टिफाई करने वाला साकार में चाहिए या निराकार में चाहिए? तो वही मनन चिंतन करने वाला प्रैक्टिकल साकार में और वही सर्टिफाई करने वाला। अंतर क्या हुआ करते? वो तो सोचता है या सोचता है? सोचने करने की जरूरत उनको होती है जो सदा शिव नहीं है। सदैव निराकारी स्टेज में नहीं है। कभी निराकारी बनते हैं, कभी साकारी बनते हैं। वो तो सदैव ही निराकारी है। शंकर को निराकारी नहीं कहेंगे। अगर शंकर निराकारी होता तो उसकी मूर्ति क्यों बनती? शिव है निराकारी। मेरी आत्मा का ही नाम बिंदु है। शिव है। बिंदु का नाम शिव है। बिंदु तो छोटे से छोटा हो सकता है। उसकी लंबाई चौड़ाई निर्धारित नहीं की जा सकती। इसलिए वो निराकार है। और बाबा मुरली गाया की 8283 जन्म भोगते हुए हां, आज तो बता दिया। आज तो 10-15 तुम बच्चे कितने जन्म सुख भोगते हो? 70 से 75 जन्म तक सुख भोगते हो। और तेरे से ज्यादा सुखी कोई नहीं हो सकता। इसका मतलब क्या हुआ? 13 जिसको बोला है, वो 75 जन्म ही सुख भोगेगा या ज्यादा जन्म भी सुख भोग सकता है? इसलिए बोला एक साथ में लक्ष्मी कहां चली जाएगी जो पवित्रता को पालन करने वाली है? दोनों प्रवृत्ति मार्ग का बीज, ये निवृत्ति मार्ग का बीज है। जैसे बाजरा होता है, ज्वार होता है, मक्का होता है। ये प्रवृत्ति मार्ग का बीज है। ये सिंगल निवृत्ति मार्ग का बीज है। सिंगल बीज है। और चना, मटर, दालें। प्रवृत्ति मार्ग का बीज है। दो दल हैं और दोनों साथ साथ हैं। दोनों का ही कनेक्शन बिंदु से है। अष्ट देव होंगे सारे अष्ट देव जो होंगे, वो वाले। क्या होंगे? मुरली में अष्टदेव के लिए बोला है या तेरे के लिए बोला? वो नंबरवार है। अष्टदेव। एक धर्म में आखिरी जन्म में गिरेंगे या अलग-अलग धर्मों में गिरेंगे? अलग-अलग धर्मों से कनेक्शन है। जो अलग-अलग धर्म हैं, वो उत्तरोत्तर कम जन्म लेने वाले हैं या 84 जन्म लेने वाले हैं? कम जन्म लेने वाले हैं। जन्म 84 लेंगे। लेकिन सुख उनका नंबर व होगा। जो पहले नंबर का सुख होगा, वो दूसरे नंबर का सुख उतना नहीं होगा। तीसरे नंबर का और कम होगा। चौथे नंबर का और कम होगा। ऐसे उत्तरोत्तर सुख की कोटि कम होती जावेगी।

बाबा, मैं बोल रहा हूं, मैं तो अकेला ज्ञान में चलता हूं। कोई अगल-बगल में तो है ही नहीं। क्योंकि खाने को बहुत तकलीफ होता है। रास्ता घाट में चल, गाड़ी चलाते हैं। रास्ता घाट में चलते हैं। गाड़ी चलाते हैं। गाड़ी चलाते हैं। हां। रास्ता घाट में चाय पी लेते हैं। खाएंगे कि नहीं? बहुत चाय, कॉफी, शरबत, दूध, छाछ। ये पानी कहा जाता है। इसमें उतना दोष नहीं है। लेकिन जो भोजन खाते हैं, वो अपने हाथ का बनाया हुआ हो। ये अपने नजदीकी हो, जिनके ऊपर विश्वास हो। ये बाप को फॉलो करने वाले हैं। उनके हाथ का ही भोजन खाना है। ढंग से हम खाना नहीं खाते। वाले से खाना नहीं खाते। बिस्कुट बना लेता है। अच्छी बात है। मीठा जो में खा सकते हैं कि नहीं? मिठाई और दुकान में मिठाइयां अज्ञानी लोग बनाते हैं। विकारी लोग बनाते हैं या निर्विकारी बनाते हैं? भिखारी लोग बनाते हैं। ऐसे में देखा जाए तो महीने में 15 दिन खाना मिलता है। 15 दिन नहीं मिलता है। डबल रोटी तो खा सकता है। जिनकी लाचारी हालत है, उनके लिए बोला है। दूध और डबल रोटी भी खा सकते हैं। क्योंकि डबल रोटी हाथ से छुई नहीं जाती है। आजकल मशीन मेड ब्रेड बनाया जाता है। तो जो मशीन से ब्रेड बनाई जाती है, उसमें उतना ज्यादा संघ का दोष नहीं लगता। आजकल रोटी चपाती भी मशीन में बनता है। आजकल चपाती बनाने के लिए बेसिन बन गया। चपाती बनाने की मशीन नहीं है। सिर्फ चपाती बेलने की मशीन है। वो बेली जाती है सिर्फ। और जितना कायदा उतना फायदा। इसमें पूछने की बात नहीं है। हां जी, सुनो, सुनो। क्या कह रहे हैं? लंबे काम करके सुनो। क्या है? नहीं है। हां, नहीं है। हां जी, आत्मा में भी विकार है। आत्मा में ही विकार लगते हैं। आत्मा ही निर्विकारी बनती है। सतयुग में आत्मा निर्विकारी और इस सृष्टि के संपर्क संसर्ग में आते-आते जैसा जैसा माहौल बदलता जाता है, वैसे वैसे आत्मा को लेपेप भी लगता जाता है। का दिन का पहला पॉइंट है कि लेकिन के लिए जो किया, आप लोग का देख लेंगे, हम देख लेंगे। जी, आत्मा, आत्मा के लिए तो राहो मिल गया बाबा से। लेकिन जो शरीर है, शरीर का जो बीमार है, वो बीमार के लिए भाइयों को एक किताब मिला है, उसमें प्राकृतिक खाना बहुत है। हां, तो वो खाना से शरीर बन जाएगा या नहीं? वो आएगा कहां से? खाना जो खेती होती है, उसमें तो यूरिया डाला जाता है। प्रोसेस बनाया। तो यूरिया भी काम नहीं करता। यूरिया काम नहीं करेगा। बिना यूरिया का खाना है कौन सा? बिना यूरिया के खाना है। में है जो प्रोसेस है खाना बनाने का प्रोसेस है, वो प्रोसेस में यूरिया भी काम नहीं करेगा। काम नहीं करेगा। यूरिया तो गंदी चीज है। यूरिया यूरिन से नाम बना है यूरिया। जैसे आज दुनिया में गोमूत की पैदाइश है, तो पैदाइश ही गोमूत की है, तो जो पैदा होगा, वो विकारी पैदा होगा या निर्विकारी पैदा होगा? ऐसे ही जो फसल बोई जा रही है, उगाई जा रही है, वो यूरिया से उगाई जा रही है। वो जमीन को भी खराब करती है। क्या कहा? जैसे विकार कन्याओं, माताओं रूपी धरणी को गंदा बना रहे हैं, ऐसे ही यूरिया स्थूल धरणी को गंदा बना रही है। उसमें से पैदाइश ही गंदी हो रही है। अनाज में कीड़े ज्यादा लग रहे हैं या कम लग रहे हैं? क्या कारण हुआ? यूरिया की पैदाइश है। तो नेचुरोपैथी सिखाने वाले, नेचुरोपैथी तो सिखा ही रहे हैं, लेकिन क्या ऑर्गेनिक खेती भी कर रहे हैं? कर रहे हैं। मदद करेंगे तो हो जाएंगे। गे क्या होता है? मदद करेंगे, वो भी हो जाएंगे। अरे करके दिखाओ ना। इतना बड़ा एडवांस का परिवार। एडवांस के परिवार में खेती खरीदी गई। चंडीगढ़ में बूढ़ी बूढ़ी माताओं के पैसे से खेती खरीदी गई और वो खेती 8-10 साल की गई, जिसमें से सात साल ऑर्गेनिक खेती की गई। यूरिया नहीं डाली गई, ताकि जो यज्ञ में कन्याएं, माताएं हैं, उनको बिना यूरिया के भोजन मिले। कोर्ट ने अपने हाथ में लेकर वो जमीन खत्म कर दी। यथा राजा तथा प्रजा को बनना पड़े। क्या करेंगे? भी करेंगे। बाबा भी करेंगे। कितना देगा? आपका लेने देगा। ये परिवर्तन होना ही है। प्राकृतिक चिकित्सा वाले नहीं कर सकते। मदद कीजिए। बाबा, ये परिवर्तन तो बाप ही करेंगे। बाबा, सिवाय ज्ञान और योग के कोई दूसरा रास्ता नहीं है। से मनीष भाई जो दिल्ली में बैठा है, करने के लिए परिवर्तन नहीं होगा। देधारियों पर इतना विश्वास है, तब तो भरी सभा में आप प्रश्न कर रहे हैं। इस सृष्टि पर कितने बुलंद बुलंद काम करने वाले देहधारी आ चुके। मेंटालिटी आदमी की नीचे गिरती जा रही है या ऊंची उठ रही है? अन्ना हजारे को पता है कि हमारे बच्चे भी विकार भोग रहे हैं। विकारी सृष्टि पैदा कर रहे हैं। उनको भ्रष्टाचार से बचा पाया? शादी बर्बादी से रोक पाया? असली भ्रष्टाचार सो वहां से शुरू हो रहा है। वो मेंटालिटी में घुसा हुआ है। ये तो सब ऊपर की बातें हैं। पत्तों पत्तों को पानी देने से वृक्ष बढ़ेगा पड़ेगा नहीं। आज तक भ्रष्टाचार की जड़ को किसी ने नहीं पकड़ा। और ये जड़ की पैदाइश होती है आत्मा से। आत्मा की तो कोई को पहचान ही नहीं है। देह का ही चिंतन कर रहे हैं। अभी बाप आकर के सच्चा श्रेष्ठाचार स्थापन कर रहे हैं। अब इधर-उधर बुद्धि भटकाने का टाइम नहीं है। कि अन्ना हजारे परिवर्तन करेंगे। गांधी जी परिवर्तन करेंगे। रामराज जी लाएंगे। रामदेव राम राज्य लाएंगे। ऐसा कुछ होने वाला नहीं है। का ममता बनर्जी क्या करेगा? अभी बंग का क्या करेगा? बता दिए ना, कोई देहधारी के द्वारा कोई भी परिवर्तन नहीं हो सकता। भ्रष्टाचार में भ्रष्टाचार को कोई भी नहीं रोक सकता, सिवाय एक परमपिता परमात्मा शिव के। अभी तक यही पूछ रहे हैं, कौन रोकेगा? सारी राम की कथा खत्म हो गई। बाबा, बाबा, पहले जादू कुल के विनाश के लिए, विनाश के लिए असली अस्त्र क्या है? वास्तव में कौन प्रयोग करेगा? जाव कुल के विनाश के लिए असली अस्त्र क्या है? वास्तव में कुल को विनाश करने का वस्त्र क्या है? असली अस्त्र क्या है? यादव कुल का विनाश ही होता है। बड़े ते बड़े परमात्मा बम से। बड़े से बड़ा एटम क्या है? सबसे पावरफुल एटम परमात्मा ही सूक्ष्म ते सूक्ष्म एटम है। और जितना सूक्ष्म है, उतना ही ज्यादा पावरफुल है। और जितना ज्यादा पावरफुल है, उतना ही दुनिया की नजरों से गुप्त है। छुपा स्तंभ बाद में खुलेगा। जब वो विस्फोट होगा तो सारी दुनिया में परिवर्तन की लहर फैल जाएगी। कहते हैं इंजन बना देगा। बनर्जी कहते हैं, बनर्जी कहते हैं कि वोक को इंग्लैंड बना देगा। वास्तव में इंग्लैंड बना देगा क्या? बाबा कहते हैं, समंदर के किनारे जितने भी शहर हैं, वो सब सागर में डूब जावेंगे। चाहे बंबई हो, चाहे मद्रास हो, चाहे कोलकाता हो। सागर का पानी उछाल मारेगा। पृथ्वी में नॉर्थ पोल और साउथ पोल में हजारों मील ऊपर खड़े हुए पहाड़ बर्फ के ओजोन के टूटने से पिघल पड़ेंगे। दरार तो अभी भी आने लगी है। और जब इतने बड़े-बड़े पहाड़ बर्फ के समंदर में तैरने लग जाएंगे, तो समंदर का स्तर ऊंचा जाएगा या नीचे जाएगा? इसके अलावा, इसके अलावा एटॉमिक एनर्जी के विस्फोट होंगे। समंदर का पानी बॉइल्ड होगा या नहीं होगा? बॉइल्ड हो जाएगा। मूसलाधार कई दिनों तक बरसात होगी। सारी पृथ्वी पर तो सारी पृथ्वी बोडम बोगी या नहीं होगी? दुनिया के सभी शहरों की अम्मा तो दिल्ली है। दिल्ली के लिए ही बोला है। पहले दिल्ली कब्रिस्तान बनेगी। फिर दिल्ली परस्तान बनेगी। तो कोलकाता कहां से स्वर्ग बन जाएगा? लंदन बन जाएगा। अरे, एक पॉइंट निकाल दिया। हां। चंद्रमा में भी गिरेगा समुद्र में। हां। चंद्रमा इतना बड़ा उपग्रह है जो प्रशांत महासागर से टूट करके गया है। द्वापर के आदिकाल में जो अर्ध विनाश हुआ था। वो उपग्रह जैसे पृथ्वी से अलग हुआ है, वैसे महाविनाश में संपूर्ण विनाश में पृथ्वी से आकर जुड़ जाएगा। प्रशांत महासागर में आकर जुड़ जाएगा, तो समंदर का स्तर और ज्यादा ऊंचा उठेगा या नीचे जाएगा? तोक रह जाएगा। जो बोला गया है, जो तुमते तीन चौथाई, तीन चौथाई सुख तुम बच्चों को मिलेगा, तो जन्म आता है जन्म के 5000 वर्ष के आधार, 84 जन्मों के हिसाब से 9 लाख ले या 34 तुम्हारा सुख है? में 9 लाख तुम्हारे में है। हां, लाख जो 9 लाख हैं, वो बाप के सामने बैठकर सुनते हैं। प्रैक्टिकल में तो उनकी तो बात ही नहीं है। उनको तो अनाड़ी बोल दिया। भगवान जो ज्ञान सुनाते हैं, उसमें मन बुद्धि कौन लड़ाता है? 4 लाख बुद्धि का इस्तेमाल करते हैं। बुद्धिमान बाप के बुद्धिमान बच्चे इस्तेमाल करते हैं या अनाड़ी करते हैं? जो बुद्धि का प्रयोग करते हैं, वही ज्यादा सुख भोगेंगे। फिर 63 जन्म, 84 जन्मों में से तीन चौथाई जन्म में 63 होता है ना? आप लोग होता है। हंसने में तो 84 जन्म को 63। अरे, 21 जन्म तो सुख के हैं, वो क्यों ऐड कर रहे हो? फिर जो 21 जन्म सुख के हैं, उनमें से ज्यादा हिस्सा ऐड करेंगे कि नहीं? तभी, तभी तो 75 जन्म होंगे। हां जी। अरे, 21 जन्म अलग है। सुख ही सुख है। और 63 जन्म दुख भी है और सुख भी है। हां, उसमें से सुख का हिस्सा ही लेना है। इसलिए 63 जन्म की बजाय कितना हो जाता है? 75 जन्म बताया। तुम्हारा सुख का हो जावेगा। सुख का रेशो ज्यादा है। और दुख का कम है। हां। शास्त्रों में बोला है, ये मुरली में बोला है। शास्त्र पूछा है, तो शास्त्रों के श्लोक लेके लेके तो व्याख्या होता है। पढ़ाई कराता है। सारे श्लोक ले पढ़ाई कराता है क्या? कि जो सार स्वरूप है, उनको लेकर पढ़ाई पढ़ाता है। डाउट। हां जी, बाबा, ये वार्तालाप की बोले हैं, पांडवों का 12 साल का मकास और अंतिम वर्ष वास होता है, जो कि बाबा बोले 2013 या 14 को। तो बाबा पांडव में जो अपर पांडव है, उसके लिए बाबा ने बोला, जो हर वास होगा, उसमें विशेष विराट राजा के घर में वास होता है, मतलब विराट पुरुष। और उसमें बाबा का जो विस्तार की जो सेवा अभी चल रही है, वो बंद हो जाएगी और उस समय सिर्फ संकुचित सेवा में आ जाएगा और उस संकुचित सेवा में जो विराज पुरुष के जो परिवार है, सिर्फ उनकी ही सेवा। तो इसका मतलब बाबा क्या? विराट पुरुष में आने वाले परिवार कौन से? और तीन को समाप्त हो जाएगी? बाबा ने जो विराट रूप है, वो बीज का विस्तार है और वो बीज निराकार है या साकार है? जो जो साकार बीज है, उसमें विराट कौन है? विष्णु किसको कहें? जो बैलेंस में है। विष्णु उसको कहें जो प्रैक्टिकल में करके दिखाता है। वो अव्वल नंबर का ब्रह्मा सो विष्णु है। तो जो भी ब्रह्मा का नाम रूप धारी हैं, क्योंकि ब्रह्मा तो अनेकों के नाम हैं। उनमें वास्तविक रूप में बैलेंस को धारण करने वाला, प्रैक्टिकल पोरिटी को धारण करने वाला, पोरिटी के आधार पर दुनिया के सारे कार्यों को संपन्न करने वाला विष्णु रूप आत्मा कौन है? वैष्णवी राम वाली आत्मा। राम वाली आत्मा तो अभी 35 साल होने जा रहे हैं। 35 साल से प्रत्यक्ष हो रही है। पवित्रता की प्रत्यक्षता हो रही है या नाक रगड़ रही है? फिर इसलिए बोला अध्यक्त वाणी में विजयमाला का आवाहन करो, तब प्रवृत्ति साबित होगी। तो कौन हुई अवलंबर वैष्णवी आत्मा? भारत माता, शिव शक्ति अवतार। अंत का यही नारा है। अंत का है तो आदि का भी जरूर होगा। जो आदि सो अंत। सेवा मनसा को दुनिया नहीं मानेगी। मनसा प्रैक्टिकल में दिखाई देगी या जब प्रैक्टिकल होगा तब देखने में आवेगा? तो प्रैक्टिकल स्वर्ग की स्थापना, प्रैक्टिकल में स्वर्ग की पालना, सारी दुनिया देखे कि इस परिवार में स्वर्ग लगा पड़ा है। यहां माया की कोई भी तृप्त चाल नहीं चलती। यहां प्रकृति भी तमो प्रधान नहीं बन सकती। ऐसा पारिवारिक प्योरिटी का संगठन है। वहां माया रावण प्रवेश नहीं कर सकता। अभी तो एडवांस पार्टी में माया आती है या नहीं आती है? मिनी मधुबनों में माया आती है या नहीं आती है? आती है। तो पोरिटी की प्रत्यक्षता हो रही है क्या? नहीं हो रही है। जब पोरिटी का ऐसा वातावरण प्रत्यक्ष होगा, ऐसा संगठन प्रत्यक्ष होगा, उसमें माया रावण पांव भी नहीं रख सकेगा। अभी तो ढेर के ढेर ऐसे बैठे हुए हैं जो बाहर जाते हैं, विकारी आंखें बनाते हैं, विकारी इंद्रियां बनाते हैं, विकारों में गिरते हैं। बच्चे डॉक्टरों के पास ले जाकर साफ कराते हैं। और यहां आकर के बैठ जाते हैं। जब वैष्णवी संगठन बनेगा, तो ऐसी आत्माएं उस संगठन में पांव भी नहीं रख सकेंगी। कब? जब बाप प्रत्यक्ष होगा तब। 12 की जो विशेष सेवा है, विराट परिवार की जो 2014 का जो बोला, विशेष सेवा है, अवैध बाप दादा जो पांडव है, उनका विशेष सेवा होगा विराट परिवार की पालना की सेवा की। तो विराट परिवार कितना में आ रहा है? आ रहा है। ज्यादा से ज्यादा वो जो विराट परिवार है ना, विराट पुरुष का जो विराट राजा का जो परिवार है, जिसके लिए बाबा बोला, जो सेवा में विस्तार का हो रहा है, वो संकुचित हो जाएगा। जब में पांडव को जो अपलोड पांडव है, उसको कोई देख भी नहीं पाएगा। वो खुद रह जाएंगे। तो बाबा उस पांडव को देखने वाले के लिस्ट में कितने जाएंगे और परिवार कौन सा जिसका पालना होगा? नई दुनिया बनेगी तो बहुत छोटी से छोटी होगी या बड़ा रूप होगा? तो ऐसे ही है। फाउंडेशन ही छोटे से पढ़ना है। उस समय विजय माला का आहान असली रूप में शुरू हो जाएगा। विजयमाला का जो जैसा आवाहन करेंगे, उनको वैसी ही प्राप्ति होगी या आवाहन कम करेंगे, प्राप्ति ज्यादा हो जाएगी? ज्यादा। हां, तो जिनकी लगन होगी, वो ज्यादा आवाहन करेंगे। जो ज्यादा आवाहन करेंगे, वो सब परिवार में पहले पहले पहुंचेंगे। व्यक्तिगत आहान की बात है ना? संगठन। व्यक्तिगत आहान की बात है या संगठन? जब ब्रह्मा बाबा को बुलाते हैं, तो संगठित। अरे, बाबा ने पूरी विजयमाला का आवाहन करने के लिए बोला है या किसी एक व्यक्ति का आवाहन करने के लिए बोला है? हां, ये सिर्फ इशारा दिया है। कि शहद की मक्खियों की एक रानी भागती है, तो उसके पीछे पीछे सारा झाड़ जाता है। तो क्या सारी मक्खियां एक ही लाइन में भागती है या आगे पीछे होती है? आगे पीछे होती है। नहीं, बाबा, आहान करने की जो बात है, वो वो व्यक्तिगत रूप से करना है या संगठन? व्यक्तिगत रूप में तो शक्ति रहती नहीं। तो जब संगठित रूप से इसकी आवाज फैलेगी, तो उसकी तो असर ज्यादा पड़ेगा। संगठन पोरिटी का होता है। पोरिटी से यूनिटी होती है या इंप्योरिटी का संगठन होता है? हुजूम का हुजूम बना के बैठ जाओ। जानते हैं कलकत्ते से बड़ा संगठन और कहीं नहीं लगता इंडिया में। फिर पोरिटी की यूनिटी कहे। ये कोई पोरिटी की यूनिटी नहीं होती है। जहां पोरिटी होगी, असली वही संगठन होगा। असली। उसके लिए कहा जाएगा, संघ शक्ति कल युगे। वो संगठन की शक्ति काम करेगी। बाबा के आगे वालों ने सुन नहीं पाया। में आया ना? के में रहते हो जाते हो ना? के कांटे में। तुम सत्ययुग में फूल के रूप में जाते हो या कांटे के रूप में? ना तुम सतयुग के बगीचे में होगी और ना कलयुग के कांटे के जंगल में हो। तुम संगम युग में हो। क्या कांटों की दुनिया भी नहीं है तुम्हारी और फूलों की भी दुनिया नहीं है। तुम्हारे लिए सुख की दुनिया भी नहीं है। और तुम्हारे लिए दुख की दुनिया भी नहीं है। तुम तो आत्मा बनकर के काम कर रहे हो। आत्मिक स्थिति में है तो ऊंची स्टेज में होने के कारण दुख कम महसूस होता है। क्योंकि दुख तो नीचे की दुनिया में है। जितना ऊंची स्टेज में हम जावेंगे, तो दुख छोटा दिखाई देगा या बड़ा दिखाई देगा? छोटा दिखाई देता है। इसलिए तुम कांटों के जंगल में भी नहीं हो और फूलों के बगीचे में भी नहीं हो। तुम संगम में हो। 2001 में आपका भी जन्म होता है, तो रावण का भी जन्म होता है। यह किसी को भी पता नहीं। हां। पहले किसका जन्म होता है? अंडा पहले होता है कि मुर्गी पहले होती है? माताएं बोल रही हैं, अंडा पहले होता है। अरे, अंडे को जन्म किसने दिया? मुर्गी ने दिया ना? तो मुर्गी पहले या अंडा पहले? ऐसे ही ये प्रश्न का जवाब है। ये ड्रामा गोल है। इसकी आदि अंत नहीं है। ये नहीं कह सकते दुख पहले है या सुख पहले है। दिन के बाद रात, रात के बाद दिन। ऐसे फिर यही रहता है। हां जी। बाबा, ब्रह्मा, विष्णु, शंकर तीनों में से शंकर और विष्णु की मंदिर दिखाते हैं। ब्रह्मा के नहीं दिखाते। तो ब्रह्मा अगर मुखर रूप होता तो इस समय होता सुशरी में। तो इसका मतलब रामबली आत्मा ही है और सर्व भी नहीं है। इसका यही ग्रुप है। भाई ने कुछ नहीं समझा। आप जो कुछ बोले, वो इनकी समझ में नहीं आया। ये बंगालियों की समझ में नहीं आ रहा है। ब्रह्मा विष्णु शंकर मूर्ति में से, ब्रह्मा विष्णु शंकर तीन मूर्ति में से शंकर और विष्णु नीचे, नीचे, नीचे, सबसे नीचे। हां जी, ब्रह्मा विष्णु शंकर। हां, त्रिमूर्ति में से शंकर और विष्णु के मंदिर दिखाते हैं। ब्रह्मा की कोई मंदिर नहीं दिखाते। हां, तो ब्रह्मा अगर मुखर होता तो इस समय शरीर में होता। तो राम वाली आत्मा मुखर रहता है, इसलिए अभी है। तो इसका मतलब यही है कि भगवान सर्वव्यापी नहीं है, एक बेपी है। हां, ठीक है। इसका आंसर हुआ ना? बाबा, ठीक है। हां, हां, ठीक है। सर्व बेपी नहीं है, एक बेप। आप पूछना क्या चाहते हैं? सो तो पूछो। ये जो क्वेश्चन है ना बाबा, पहला वाला जो सर्वव्यापी नहीं है, एक बेपी है, उसका कारण बताया। यही हुआ ना? क्या कारण बताया? कि राम वाली आत्मा अभी है साकार में। हां। और ब्रह्मा वाली कृष्ण वाली सोल अभी आत्मा अभी नहीं है शरीर में। हां। तो कृष्ण वाली आत्मा अभी शरीर में नहीं है? नहीं, मतलब आकार में नहीं है। साकार में नहीं है। हां। शरीर में तो है। साकार में। हां। तो इसका मतलब यही है कि जो सुप्रीम सोल है, वो तो मुखरा रथ में जो आते हैं, वो ईश्वर सर्व्यापी नहीं है, एक है। अरे, सर्व तो ये है कि कृष्ण वाली आत्मा को सर्व कहेंगे क्या? सर्व 500, 700 करोड़ मनुष्य आत्माओं को सर्व कहेंगे, या सिर्फ कृष्ण वाली आत्मा को सर्व कहेंगे? जो भी सारी सृष्टि की मनुष्य आत्माएं हैं, वो सर्व की लिस्ट में सभी आ जाती हैं। तो वो कहते हैं सर्वव्यापी है, माने हर आत्मा में परमात्मा विराजमान है। लेकिन उसका अर्थ नहीं समझते हैं। बाबा, मैं से आई हूं। कालभट्ट से आई हूं। तो मेरा सर्विस के लिए बहुत इच्छा है। तो एक तो मेरा आंख में ये है, मोती हुआ है। इसलिए थोड़ा ये मुसीबत हो रहा है। तो आप दे दीजिए, मदद कीजिए मुझे। ये आंखें कटी ऑपरेशन कराओ। उसके लिए और एक है मेरा कुछ जमीन है और घर भी है। हम सेंटर बनाने के लिए कोशिश करेंगे। सेंटर या गीता पाठशाला। जमीन से या ईंटों से या धन संपत्ति से नहीं बनता है सेंटर। मिनी मधुबन या मधुबन। उसके लिए आप आत्माओं को निकालिए। चैतन्य आत्माएं वही ईंटें हैं। आप उनका संगठन इकट्ठा करेंगे, तो मिनी मधुबन स्वत ही बन जाएगा। हां जी, हां। बाबा, क्लियर नहीं हुआ। बाबा, ये अपना मुरली नंबर एक में, मुरली नंबर एक है ना, उसमें मुरली नंबर एक में 44 2001 और 368 की वाणी है। बाप का भी जन्म होता है, तो रावण का भी जन्म होता है। हां। यह किसी को पता नहीं है। हां। इसका मतलब क्या हुआ? इसका मतलब यह हुआ कि जब बाप प्रत्यक्ष होगा, तो बाप के बच्चे भी प्रत्यक्ष होंगे कि नहीं होंगे? अच्छा, बाप के बच्चे प्रत्यक्ष होंगे, तो वो बाप को फॉलो करेंगे। बाप की सराहना करेंगे या रावण की सराहना करेंगे? और जब बाप प्रत्यक्ष होगा, तो बाप का विरोध करने वाले प्रत्यक्ष नहीं होंगे। हैं वही रावण का जन्म है। जो और धर्म पिताएं हैं, वो अभी गुप्त हैं। वो अभी ज्ञान में घुसे हुए नहीं है। अभी एडवांस की बातों को नहीं जानते हैं। लेकिन जब अखबार में सारी दुनिया में वो बात फैलेगी कि एक ही बाप है, बेहद का बाप, जो नरक को स्वर्ग बनाने वाला है। बाकी तो सब इस दुनिया को नरक बनाने वाले हैं। बल अपन को बाप कहलाते हैं, बड़ी-बड़ी जनरेशन के बाप कहलाते हैं। लेकिन उनके बाद ये दुनिया क्या बनती है? और ही नरक बनती जाती है। वो एक बाप स्वर्ग बनाने वाला प्रत्यक्ष हुआ है। तो जब सत्य प्रत्यक्ष होगा, तो झूठ मुकाबला करेगा या नहीं करेगा? वही रावण है। जब मुकाबला करेगा, तो प्रत्यक्ष होगा। और बाबा तो सामने प्रत्यक्ष है। सामने बैठा है। बाप सामने बैठा है। बाप तो परीक्षा होगी, तब पता चलेगा। अभी तो ऊंचे-ऊंचे बैठ के चाहे जो कुछ बोल लो। अभी फाइनल पेपर कहां हुआ है? फाइनल पेपर हो क्याक में भी फाइनल पेपर होगा या नहीं होगा? और छोटा सा पेपर हुआ था, रविंद्र भाई को जेल में डाल दिया गया था, तो यहां सेंटर पर आने वाले कितने बचे? अरे, कितने बचे थे? क्लास ही बंद हो गया था। बाहर से कोई आता ही नहीं था। अरे, एक को आने से कुछ नहीं होता है। तो वो तो छोटा सा पेपर हुआ था। और अभी तो भारी पेपर होने वाला है। बोला भाग जाओ, भाग जाओ। पुलिस देखेंगे, तब तो तुमको पकड़ लेगा। जो आया था, तो जो बड़ा पेपर होगा, उसके बाद कहा जाएगा कि बाप सामने है या उड़ गया। और है एनएस में मुरली नहीं चलते हैं। मधुबन में मुरली चलते हैं। तो एनएस में क्या उसको क्लास नहीं चलते हैं? नहीं। कोई मुरली नहीं चलते। अरे, कोई कैसेट आई, कोई वीडियो, कोई बीसीडी, कोई डीवीडी ऐसा आया जिसमें एनएस को दिखाया गया हो? नहीं आया। वहां का स्टूडेंट कोई क्लास नहीं करते हैं। बाबा का क्लास करते हैं। 2:00 बजे उठ के क्लास करते हैं। 3:00 बजे करते हैं और रेगुलर करते हैं। बाबा, हां बाबा, दो मास इंतजार करते-करते आप आया है, तो आज मेरा जुगल एवं लड़का को बहुत अच्छा माने गुरुत्व काम पड़ा। ये होता है क्यों बाबा? आज दो मास इंतजार करते-करते आप आया, तो आज मेरा जुगल और लेखा को गुरुत्व काम पड़ा। तो ये होता है क्यों बाबा? पूर्व जन्मों का हिसाब किताब है। आपने पूर्व जन्म में आपके बच्चों ने, आपके पति ने कोई सत्संग में विघ्न डाला होगा, एन मौके पर, तो वो हिसाब किताब पूरा हो रहा है। और अर्जुन ईश्वर भगवान का विराट रूप सहन ना कर सके, तो ये विराट क्या है बाबा? जो शिव है, वो अभी प्रत्यक्ष पार्ट बजा रहा है या गुप्त पार्ट बजा रहा है? गुप्त पार्ट बजा रहा है। तो उसके प्रभाव कम दिखाई देता है या ज्यादा दिखाई देगा? कम दिखाई देता है। जब प्रत्यक्ष रूप में पार्ट बजाएगा, तो विकराल रूप समझ में आएगा या छोटा रूप समझ में आएगा? तब विकराल रूप धारण कर लेगा। अभी तो कोई वैल्यू नहीं है। बाबा तो पांडव है ना? हां जी। तो क्यों सहन ना कर सके? सहन क्यों करना सके? क्योंकि आत्मा में ताकत ही नहीं है। सहन करने के लिए शक्ति चाहिए या नहीं चाहिए? अर्जुन को पांडव, पांडव गायन तो है ना? गायन है, तो मना कौन करता है? गायन नहीं है। एक भ्रम की स्थिति अभी भी है लोगों में। मुझे तो आया क्या? आज अपने का क्लीयरेंस जोक में आ के जो बहनों में से किसको कहा था परसों पहले को या गीता माता को? राज जब बनारस में क्लियर नहीं हुआ गुरु दों तो यहां जो सबसे बड़ी आस्था जो बनी हुई थी ग्राम के ऊपर में, वहां आए तो उनकी मुलाकात हुई अपने गुरु बहनों से। गीता माता उनकी सगी बहन थी या शक्ति अपनी सगी बहन थी? तो किसको उन्होंने पहले पहले अपने संस्कारों का बताया? पहले किसको बताया? कहानी लक्ष्मी शक्ति को। माता, मैं अकेला नहीं आता हूं। किसके साथ आता हूं? तीन मूर्तियों के साथ आता हूं। वो तीन मूर्ति वो झंडे के तीन चैतन्य कपड़े अभी प्रत्यक्ष नहीं हुए हैं क्या? प्रत्यक्ष हुए या नहीं हुए? जब प्रत्यक्ष हुए, तो ये प्रश्न ही खत्म हो जाता। प्रत्यक्ष नहीं है, तब ये प्रश्न उठता है। अरे, गीता माता एक नहीं है। गीता माता दो हो गई। एक को बच्चे ने पोल्यूट कर दिया। कृष्ण बच्चे ने क्या गड़बड़ कर दिया? जो माता था, उस माता का पति बन करके बैठ गया। अपने कंट्रोल में लेकर बैठ गया। तो एक झूठी गीता हो गई और एक सच्ची गीता थी। बाबा, ये गीता का भगवान कौन है? ये अभी सिद्ध कर पाएंगे या 2018 में जब वो सच्ची गीता आएगी और अपने मुख से कहेगी कि मेरा पति जो है, वो शिवशंकर भोलेनाथ। ये तब होगा या अभी सिद्ध हो सकता है? या अभी हम सिर्फ प्रयास ही कर सकते हैं। ये प्रत्यक्ष करने के लिए पोरिटी की पावर चाहिए या इंप्योर आत्माएं भी वो कार्य कर सकती है? प्योरिटी की पावर चाहिए।