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नमस्कार! जय हिंद! वंदे मातरम!
प्यारे बच्चों, आज के इस सेशन में आपका स्वागत है। आज की इस क्लास में हम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, एक महत्वपूर्ण सब्जेक्ट है जहां से आपकी परीक्षा में प्रश्न आएंगे। अगर आप लोअर पीसीएस की तैयारी कर रहे हैं तो यह आपके सिलेबस का हिस्सा है और यह एक ऐसा टॉपिक है जहां के प्रश्न थोड़े कठिन लगते हैं क्योंकि आप इनको रेगुलर पढ़ नहीं रहे होते हैं। तो जितना भी आपके सिलेबस में दिया गया है, उन सभी का निचोड़ आज मैं लेकर आया हूं आज की इस क्लास में।
वीडियो को लाइक कर लीजिएगा। चैनल पर नए हैं, चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिएगा क्योंकि प्रश्न यहीं से आएगा। पढ़ते रहेंगे आप मेरे साथ तो आपको यकीन आएगा। लगातार आपकी मांग रहती है कि एमसीक्यू भी कराए जाएं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के, तो आज उस मांग को मैं पूरा कर रहा हूं। रही बात आज के इस सेशन की पीडीएफ की तो लोअर पीसीएस के बैच में यह पीडीएफ उपलब्ध करवा दी जाएगी। अगर आप भी जुड़ना चाहते हैं तो स्क्रीन पर आपको WhatsApp नंबर दिख रहा होगा। वहां पर मैसेज करिए। आपको पूरी जानकारी उपलब्ध करवा दी जाएगी। तो चलिए शुरू करते हैं आज का यह सेशन।
तो साइंस एंड टेक का पहला प्रश्न है आपका कि इसरो के आदित्य एल1 मिशन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। यह सूर्य का अध्ययन करने वाला भारत का पहला अंतरिक्ष आधारित मिशन है। इसे पृथ्वी-सूर्य प्रणाली के लैंग्वेज बिंदु वन के चारों ओर एक प्रभा मंडल कक्षा में (हेलो ऑर्बिट) में स्थापित किया गया है। तो ये दोनों कथन आपके सही हैं। सी ऑप्शन आपका सही है। आदित्य एल1 सूर्य की कोरोना, क्रोमोस्फीयर और फोटोस्फीयर का अध्ययन करने वाला प्रथम भारतीय मिशन है। L1 बिंदु पृथ्वी से 1.5 मिलियन किलोमीटर दूर पर स्थित है। उपग्रह बिना किसी ग्रहण अवरोध के सूर्य को लगातार देख सकता है, जिससे रियल टाइम अंतरिक्ष मौसम की जानकारी मिलती है।
अगला प्रश्न है आपका कि Nisar (नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार) मिशन के मुख्य उद्देश्यों में शामिल है। पृथ्वी के सतह के सूक्ष्म परिवर्तनों को मापना, दोहरे बैंड एल और एस बैंड रडार का उपयोग करना, केवल महासागरों की लवणता मापना। तो सही उत्तर है आपका यहां पर ऑप्शन ए। एक और दो। तीसरा आपका गलत है। निसार पृथ्वी की क्रष्ट, बर्फ के आवरण और पारस्थिकी तंत्र में परिवर्तन को मापने के लिए डिजाइन किया गया है, ना कि विशेष रूप से महासागरीय लवणता के लिए। यह विश्व का पहला ड्यूल फ्रीक्वेंसी रडार इमेजिंग उपग्रह है जिसमें नासा एल बैंड और इसरो एस बैंड प्रदान कर रहा है।
अगला प्रश्न है आपका कि हाल ही में चर्चा में रहे एक्सपोसेट (X-ray Polarimeter Satellite) के बारे में क्या सत्य है? तो सत्य है इसके बारे में यह ब्लैक होल और न्यूट्रॉन तारों से निकलने वाली एक्सरे के ध्रुवीकरण का अध्ययन करेगा। एक्सपोसेट भारत का पहला और दुनिया का दूसरा नासा के IXPE के बाद समर्पित पोलरीमेट्री मिशन है। इसका उद्देश्य पल्सर, ब्लैक होल और न्यूट्रॉन सितारों जैसी तीव्र एक्सरे स्रोतों की गतिशीलता का अध्ययन करना है।
अगला प्रश्न है आपका कि चंद्रयान तीन मिशन के संदर्भ में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास जिस स्थान पर लैंडर विक्रम उतरा, उस बिंदु को किस नाम से जाना जाता है? तो उस बिंदु को शिव शक्ति पॉइंट के नाम से जाना जाता है। बी ऑप्शन आपका सही है। 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान तीन की सफल लैंडिंग के उपलक्ष में लैंडिंग साइट का नाम शिव शक्ति पॉइंट रखा गया। चंद्रयान दो जहां क्रैश हुआ था, उस पॉइंट को तिरंगा पॉइंट नाम दिया गया था।
अगला प्रश्न है आपका कि गगनयान मिशन के तहत भेजे जाने वाले व्योममित्र का तात्पर्य क्या है? तो यह एक क्या है? यह एक हाफ ह्यूमनाइड महिला रोबोट है। व्योममित्र इसरो द्वारा विकसित एक हाफ ह्यूमनाइड (अर्धमानवीय) महिला रोबोट है। इसे मानव रहित गगनयान मिशन में अंतरिक्ष पर्यावरण का परीक्षण करने और मानव कार्यों की नकल करने के लिए भेजा जाएगा।
अगला प्रश्न है आपका कि स्टारलिंक लो अर्थ ऑर्बिट उपग्रहों का एक समूह है। लियो उपग्रहों की लेटेंसी भूस्थैथिक उपग्रहों की तुलना में बहुत अधिक होती है। तो कथनों पर विचार करना है और सही विकल्प चुनना है कि कौन से कथन आपके सही हैं। सही उत्तर है आपका ए, केवल एक सही है। स्टारलिंक स्पेस एक्स द्वारा संचालित लियो उपग्रहों का नेटवर्क है जो हाई स्पीड इंटरनेट प्रदान करता है। सैटेलाइट इंटरनेट प्रदान करता है। लियो पृथ्वी के करीब 500 से 2000 कि.मी. होते हैं। ठीक है? इसलिए उनकी लेटेंसी (सिग्नल पहुंचने का समय) जियो (35,786 कि.मी.) की तुलना में बहुत कम और बेहतर होता है। अर्थात कथन दो गलत है। मेन अंतर आ जाता है दूरी का। लियो 500 से 2000 कि.मी. की पृथ्वी कक्षा है और जो जियो है वह 35786 कि.मी. की कक्षा है। तो इतनी दूरी की वजह से तो जो लेटेंसी है, सिग्नल पहुंचने के समय में कमी आ जाती है।
अगला प्रश्न है आपका कि भारत के नेविगेशन सिस्टम नाविक में मूल रूप से कितने उपग्रह होते हैं? या शामिल है? ठीक है? तो भारत के नेविगेशन सिस्टम नाविक में मूल रूप से कितने उपग्रह शामिल हैं? इनके फुल फॉर्म भी याद कर लिया करिए क्योंकि परीक्षा में अक्सर फुल फॉर्म भी पूछ लेता है। नेविगेशन विद इंडियन कॉनस्टिलेशन। सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी, सात। नाभिक प्रणाली मुख्य रूप से सात उपग्रहों के समूह पर आधारित है। तीन भूस्थैतिक कक्षा और चार भूतुल्यकालिक कक्षा में। यह भारत और इसकी सीमाओं के 1500 किलोमीटर तक के क्षेत्र में सटीक नेविगेशन सेवा प्रदान करता है।
अगला प्रश्न है आपका कि निम्नलिखित में से कौन सा क्षुद्र ग्रह नासा के ओसीरिस-आरईएक्स (OSIRIS-REx) मिशन द्वारा पृथ्वी पर नमूने लाने के लिए चुना गया था। तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी, बेनू। नासा का ओसीरिस-आरईएक्स मिशन क्षुद्र ग्रह बेनू से नमूने एकत्र करके सितंबर 2023 में सफलतापूर्वक पृथ्वी पर वापस लौटा। रयगू क्षुद्र ग्रह से नमूने जापान के हायाबुसा दो मिशन द्वारा लाए गए थे।
अगला प्रश्न है आपका कि अंतरिक्ष मलवा साफ करने और खतरों का पता लगाने के लिए प्रोजेक्ट नेत्रा किस देश की अंतरिक्ष एजेंसी की पहल है? तो यह भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो की पहल है। प्रोजेक्ट नेत्रा (नेटवर्क फॉर स्पेस ऑब्जेक्ट ट्रैकिंग एंड एनालिसिस) इसरो द्वारा शुरू किया गया एक अर्ली वार्निंग सिस्टम है। यह भारतीय उपग्रहों को अंतरिक्ष मलबे और अन्य खतरों से बचाने के लिए रडार और टेलीस्कोप का एक नया नेटवर्क स्थापित करता है।
अगला प्रश्न है आपका कि आर्टेमिस समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है? जिस पर हाल ही में भारत ने भी हस्ताक्षर किए हैं। तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी, बाह्य अंतरिक्ष, विशेषकर चंद्रमा की शांतिपूर्ण खोज और उपयोग। आर्टेमिस समझौता नासा द्वारा शुरू किया गया सिद्धांतों का एक सेट है जो चंद्रमा, मंगल और उससे आगे की शांतिपूर्ण और सहकारी अन्वेषण को बढ़ावा देता है। भारत ने 2023 में वाशिंगटन डीसी की यात्रा के दौरान 27वें देश के रूप में इस पर हस्ताक्षर किए।
अगला प्रश्न है आपका कि कथनों पर विचार करें। जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप मुख्य रूप से इंफ्रारेड (अवरक्त) स्पेक्ट्रम में ब्रह्मांड का अवलोकन करता है। इसे हबल टेलिस्कोप के उत्तराधिकारी के रूप में पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किया गया है। तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन ए, केवल एक सही है। जेम्स वेब टेलिस्कोप जो है, वास्तव में इंफ्रारेड (अवरक्त) प्रकाश में ब्रह्मांड को देखता है, जिससे यह धूल के बादलों के पार देख सकता है। यह पृथ्वी की कक्षा में नहीं, बल्कि सूर्य-पृथ्वी L2 लैंगरेज बिंदु (पृथ्वी से 1.5 मिलियन किलोमीटर दूर) पर स्थापित है ताकि इसे सूर्य की गर्मी से बचाया जा सके।
अगला प्रश्न है आपका कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के संदर्भ में ध्रुवीय उपकरण प्रक्षेपण यान (PSLV) के बारे में क्या सत्य है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी। यह चार चरणों वाला प्रक्षेपण यान है जिसमें ठोस-तरल चरणों का एकांतर क्रम होता है। पीएसएलवी इसरो का "वर्कहॉर्स" कहलाता है। यह एक चार चरणीय रॉकेट है। पहला और तीसरा चरण ठोस होता है, जबकि दूसरा और चौथा चरण तरल होता है। क्रायोजेनिक इंजन का उपयोग जीएसएलबी और एलबीएम थ्री के ऊपरी चरण में किया जाता है, ना कि पीएसएलवी में।
अगला प्रश्न है आपका कि इसरो का प्रस्तावित शुक्रयान-1 मिशन किस ग्रह के अध्ययन के लिए निर्धारित है? और यह किन पहलुओं पर केंद्रित होगा? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी, शुक्र के लिए। जैसा कि नाम से पता चल रहा है, शुक्रयान तो शुक्र ग्रह के लिए है और सतह और वायुमंडल का अध्ययन करेगा। शुक्रयान इसरो का एक प्रस्तावित ऑर्बिटर मिशन है जो शुक्र ग्रह के लिए निर्धारित है। यह शुक्र के घने वायुमंडल, सतह की भूविज्ञान और ज्वालामुखी गतिविधियों का अध्ययन करेगा।
अगला प्रश्न है आपका कि भारत में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के विकास का क्रम पुराने से नया व्यवस्थित करना है। आर्यभट्ट उपग्रह का प्रक्षेपण, इसरो की स्थापना, चंद्रयान एक का प्रक्षेपण, इनकोस्पार का गठन। तो यहां पर जो सही उत्तर है आपका वो सबसे पहले आ जाएगा चार। 4, 2, 3, 1। इनकोस्पार 1962 में, इसरो 1969 में, आर्यभट्ट 1975 में और चंद्रयान एक 2008 में। विक्रम साराभाई के प्रयासों से 1962 में, 1962 में इनकोस्पार (भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति) का गठन हुआ, जो बाद में 1969 में इसरो बनी।
अगला प्रश्न है आपका कि इसरो द्वारा विकसित क्रायोजेनिक इंजन सीई20 में प्रणोदक के रूप में किसका उपयोग किया जाता है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी, तरल हाइड्रोजन ईंधन और तरल ऑक्सीजन ऑक्सीकारक का। क्रायोजेनिक ईंधन का अर्थ है बहुत कम तापमान पर काम करने वाला इंजन। इसमें तरल हाइड्रोजन (-253 डिग्री सेल्सियस) को ईंधन के रूप में और तरल ऑक्सीजन को (-183 डिग्री सेल्सियस) को ऑक्सीकारक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसका उपयोग एलबीएम3 में होता है।
अगला प्रश्न है आपका कि भारत की अग्नि-पांच मिसाइल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। यह एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है। क्या सही है? हाल ही में इसमें एमआईआरवी (MIRV) यानी कि मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेड रीएंट्री व्हीकल (Multiple Independently Targeted Reentry Vehicle) तकनीकी का सफल परीक्षण किया गया है। यह हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है। तो सही उत्तर है आपका यहां पर केवल एक और दो सही है। अग्नि-पांच एक सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है, हवा से हवा नहीं। हाल ही में मिशन "दिव्यास्त्र" के तहत भारत ने अग्नि-पांच में एमआईआरवी तकनीकी का परीक्षण किया, जिससे एक मिसाइल कई अलग-अलग लक्ष्यों पर वार कर सकती है।
अगला प्रश्न है आपका कि भारतीय नौसेना का प्रोजेक्ट 75 आई (Project 75 India) प्रोजेक्ट 75 आई किससे संबंधित है? तो यह संबंधित है एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) सिस्टम से लैस डीजल इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों का निर्माण। प्रोजेक्ट 75 आई के तहत भारतीय नौसेना के लिए छह उन्नत पारंपरिक पनडुब्बियां बनाई जाएंगी। इसमें मुख्य विशेषता एआईपी है, एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन तकनीक है, जो पनडुब्बियों को सतह पर आए बिना लंबे समय तक पानी के नीचे रहने की अनुमति देती है।
अगला प्रश्न है आपका कि ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है जिसे भारत और रूस के संयुक्त उद्यम द्वारा विकसित किया गया है। यह "दागो और भूल जाओ" के सिद्धांत पर काम करती है। तो यह दोनों कथन आपके सही हैं। ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइलों में से काउंटर अटैक करने में सक्षम है, जो मैक 2.8 से 3.0 की गति से उड़ती है। इसमें रैमजेट इंजन का उपयोग होता है। इसे भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मोस्कोवा नदी के नाम पर रखा गया है और इसे लक्षित करने के बाद आगे मार्गदर्शन की आवश्यकता नहीं होती है।
अगला प्रश्न है आपका कि एस-400 ट्राइंफ (S-400 Triumf), जो हाल ही में भारतीय वायुसेना में शामिल हुआ है, क्या है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी, एक रूसी उन्नत सतह से हवा (Surface-to-Air) वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली। एस-400 ट्राइंफ रूस द्वारा विकसित एक उन्नत वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली है। यह एक साथ विमानों, ड्रोनों और क्रूज मिसाइलों सहित कई हवाई खतरों को 400 कि.मी. की सीमा तक नष्ट कर सकती है।
अगला प्रश्न है आपका कि निम्नलिखित में से कौन भारत का पहला स्वदेशी निर्मित विमान वाहक पोत है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी, आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant)। आईएनएस विक्रांत भारत का पहला स्वदेशी निर्मित विमान वाहक पोत है, जिसे कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा बनाया गया। आईएनएस विक्रमादित्य रूसी निर्मित एडमिरल गोर्शकोव विमान वाहक पोत है, जिसे भारत में भारतीय नौसेना ने खरीदा था।
अगला प्रश्न है आपका कि डीआरडीओ द्वारा विकसित रुद्रम-1 किस प्रकार की मिसाइल है? तो यह हवा से सतह पर मार करने वाली एंटी-रेडिएशन मिसाइल है। रुद्रम-1 भारत की पहली स्वदेशी एंटी-रेडिएशन मिसाइल है, जिसे वायु सेना के लिए विकसित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य दुश्मन के रडार, संचार उपकरणों और वायु रक्षा प्रणालियों को नष्ट करना है, ताकि विमानों को सुरक्षित रास्ता मिल सके।
अगला प्रश्न है आपका कि इजराइल का आयरन डोम (Iron Dome) सिस्टम किस तकनीक पर आधारित है? तो यह आधारित है शॉर्ट-रेंज वायु रक्षा प्रणाली (Short-Range Air Defence System), सी-रैम (C-RAM) जिसको कहते हैं। आयरन डोम एक मोबाइल तथा सभी मौसम वाली वायु रक्षा प्रणाली है, जिसे इजराइल द्वारा छोटी दूरी के रॉकेट और तोपखाने के गोलों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया। इसमें एक रडार होता है जो खतरे का पता लगाता है और तामिर इंटरसेप्टर मिसाइलें उन्हें हवा में ही नष्ट कर देती हैं।
अगला प्रश्न है आपका कि भारतीय सेना द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला स्वाति (SWATI) उपकरण क्या है? तो यह आपका एक वेपन लोकेटिंग रडार (Weapon Locating Radar) है। स्वाति एक स्वदेशी रूप से विकसित मोबाइल वेपन लोकेटिंग रडार है। यह दुश्मन के तोपखाने, मोर्टार और रॉकेट लांचर के सटीक स्थान का पता लगाता है, जिससे जवाबी कार्रवाई की जा सके।
अगला प्रश्न है आपका कि कथनों पर विचार करें। प्रलय मिसाइल भारत की स्वदेशी सतह से सतह पर मार करने वाली सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल है। यह एक अर्ध-बैलिस्टिक प्रक्षेप्य वक्र का पालन करती है, जिससे इसे इंटरसेप्ट करना मुश्किल होता है। तो सही उत्तर है आपका सी, ऑप्शन एक और दो दोनों कथन सही हैं। प्रलय मिसाइल चीन के डोंगफेंग-12 और रूस की स्कंदर मिसाइल के समकक्ष एक सामरिक हथियार है। इसका क्वासी-बैलिस्टिक मार्ग फ्लाइट के दौरान रास्ता बदलने की क्षमता दुश्मन के एंटी-मिसाइल रक्षा प्रणालियों को चकमा देने में मदद करता है।
अगला प्रश्न है आपका कि रक्षा प्रौद्योगिकी के संदर्भ में क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन (Quantum Key Distribution) का मुख्य लाभ क्या है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी, अल्ट्रा-सुरक्षित और हैक-प्रूफ संचार प्रदान करना। क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन क्वांटम यांत्रिकी के सिद्धांतों का उपयोग करके संचार को सुरक्षित करता है। यदि कोई तीसरा व्यक्ति (हैकर) एन्क्रिप्शन कुंजी को पढ़ने का प्रयास करता है, तो क्वांटम स्थिति बदल जाती है और प्रेषक-प्राप्तकर्ता को तुरंत अलर्ट मिल जाता है।
अगला प्रश्न है आपका कि भारत का पिनाका (Pinaka) क्या है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन ए, एक मल्टी-बैरल रॉकेट लांचर सिस्टम। पिनाका डीआरडीओ द्वारा विकसित एक स्वदेशी मल्टी-बैरल रॉकेट लांचर प्रणाली है, जिसका नाम भगवान शिव के धनुष के नाम पर रखा गया है। यह केवल 44 सेकंड में 12 हाई एक्सप्लोसिव रॉकेट दाग सकता है, जो दुश्मन के ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाता है।
अगला प्रश्न है आपका कि हाल ही में प्रचंड (Prachand) को भारतीय वायु सेना में शामिल किया गया। यह क्या है? तो यह एक लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (Light Combat Helicopter) है। प्रचंड हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित भारत का पहला स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर है। इसे विशेष रूप से सियाचिन और लद्दाख जैसे उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में संचालन के लिए डिजाइन किया गया है।
अगला प्रश्न है आपका कि तेजस लड़ाकू विमान के संदर्भ में यह किस पीढ़ी का लड़ाकू विमान माना जाता है। तो सही उत्तर है आपका चौथी पीढ़ी। तो यह एक तरीके से 4.5 जनरेशन का लड़ाकू विमान है, कौन? तेजस। तेजस एक हल्का, बहुभूमिका वाला, एकल इंजन, 4.5 पीढ़ी का सुपरसोनिक लड़ाकू विमान है। भारत वर्तमान में एएमसीए (AMCA - Advanced Medium Combat Aircraft) के तहत पांचवी पीढ़ी के स्टिल्थ फाइटर जेट पर काम कर रहा है।
अगला प्रश्न है आपका कि निम्नलिखित में से कौन सी मिसाइल इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम (IGMDP) का हिस्सा नहीं थी? तो सही उत्तर है आपका ब्रह्मोस। आईजीएमडीपी को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नेतृत्व में 1983 में शुरू किया गया था। इसमें पांच मिसाइलें शामिल थीं, जिनका शॉर्ट ट्रिक है याद करने की वो "पटना" है। पी से पृथ्वी, ए से अग्नि, टी से त्रिशूल, एन से नाग और ए से आकाश। ब्रह्मोस एक अलग भारत-रूस संयुक्त उद्यम है। यह आईजीएमडीपी का हिस्सा नहीं है।
अगला प्रश्न है आपका कि एंटी-सैटेलाइट मिसाइल (ASAT) का सफल परीक्षण करने वाला भारत दुनिया का कौन सा देश बना? मिशन शक्ति के तहत। तो सही उत्तर है आपका चौथा। 27 मार्च 2019 को मिशन शक्ति के तहत भारत ने लियो कक्षा में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया। भारत, अमेरिका, रूस और चीन के बाद यह क्षमता हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया है।
अगला प्रश्न है आपका कि काकरापार परमाणु ऊर्जा संयंत्र तीन चर्चा में रहा क्योंकि यह भारत का पहला 700 एमडब्ल्यूई स्वदेशी दाबित भारी जल रिएक्टर (PHWR) है। यह पूरी तरह से वाणिज्यिक संचालन में आ गया है। तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी, एक और दो दोनों सही हैं। काकरापार गुजरात की तीसरी इकाई भारत का सबसे बड़ा स्वदेशी निर्मित दाबित भारी जल रिएक्टर है (PHWR)। यह सुरक्षा के उच्च मानकों से लैस है और वाणिज्यिक क्षमता पर काम कर रहा है।
अगला प्रश्न है आपका कि स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (Small Modular Reactors - SMRs) के बारे में क्या सत्य है? तो इनके बारे में सत्य है कि इन्हें कारखाने में बनाकर साइट पर असेंबल किया जा सकता है। एसएमआर उन्नत परमाणु रिएक्टर हैं जिनकी क्षमता 300 मेगावाट प्रति इकाई तक होती है और यह पारंपरिक रिएक्टरों से छोटे होते हैं। इन्हें मॉड्यूलर रूप में कारखाने में बनाया जा सकता है, जिससे लागत कम होती है और सुरक्षा बढ़ती है। तो ऐसे छोटे रिएक्टर रूस अपने जो पानी वाले जहाज हैं, उनमें प्रयोग करता है।
अगला प्रश्न है आपका कि अंतरराष्ट्रीय थर्मोन्यूक्लियर प्रायोगिक रिएक्टर (ITER) परियोजना, जिसमें भारत भी भागीदार है, किस ऊर्जा सिद्धांत पर काम करती है? अंतरराष्ट्रीय थर्मोन्यूक्लियर प्रायोगिक रिएक्टर (ITER) परियोजना, जिसमें भारत भी शामिल है, किस ऊर्जा सिद्धांत पर काम करती है? तो यह काम करती है नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) पर। ITER फ्रांस में स्थित एक मेगा प्रोजेक्ट है, जिसका उद्देश्य सूर्य के समान नाभिकीय संलयन को नियंत्रित करके असीमित स्वच्छ ऊर्जा उत्पन्न करना है। इसमें एक विशाल चुंबकीय उपकरण टोकामक (Tokamak) का उपयोग किया जाता है।
अगला प्रश्न है आपका कि राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन कैसे किया जाता है? तो सही उत्तर है आपका नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करके पानी के इलेक्ट्रोलिसिस से। ग्रीन हाइड्रोजन का सौर या पवन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा से उत्पन्न बिजली का उपयोग करके पानी (H2O) को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में इलेक्ट्रोलाइज करके बनाया जाता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से कार्बन मुक्त होती है।
अगला प्रश्न है आपका कि सौर ऊर्जा के संदर्भ में पैरोवस्काइट (Perovskite) सामग्री हाल ही में बहुत चर्चा में रही है। इसका मुख्य कारण क्या है? तो सही उत्तर है आपका बी, यह कम लागत में उच्च दक्षता वाले सौर सेल बनाने में सक्षम है। पैरोवस्काइट क्रिस्टल संरचना वाली सामग्रियां सौर सेल प्रौद्योगिकी में एक क्रांति हैं। यह पारंपरिक सिलिकॉन सौर सेलों की तुलना में सस्ते, हल्के, लचीले और उच्च ऊर्जा रूपांतरण दक्षता वाले होते हैं।
अगला प्रश्न है आपका कि भारत के थ्री-स्टेज न्यूक्लियर पावर प्रोग्राम के जनक कौन माने जाते हैं? तो यह माने जाते हैं डॉ. होमी जहांगीर भाभा। डॉक्टर होमी जे. भाभा ने 1950 के दशक में भारत के विशाल थोरियम भंडार का उपयोग करके तीन-चरण परमाणु कार्यक्रम तैयार किया था। चरण एक: प्राकृतिक यूरेनियम से PHWR, चरण दो: प्लूटोनियम से फास्ट ब्रीडर रिएक्टर, और चरण तीन: थोरियम-232 का उपयोग।
अगला प्रश्न है आपका कि फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (FBR) वह रिएक्टर है जो जितना विखंडनीय पदार्थ खपत करता है, उससे अधिक उत्पन्न करता है। कलपक्कम में स्थित PFBR (Prototype Fast Breeder Reactor) भारत का पहला फास्ट ब्रीडर रिएक्टर है। तो सही उत्तर है आपका सी, एक और दो दोनों सही हैं। FBR (फास्ट ब्रीडर रिएक्टर) न्यूट्रॉन की गति को धीमा करने के लिए मॉडरेटर का उपयोग नहीं करता है और यह ईंधन को "ब्रीड" करता है, यानी कि उत्पन्न करता है। PFBR (प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर) कलपक्कम में स्थित है और यह भारत के तीन-चरणीय कार्यक्रम का दूसरा चरण है और इसने तीसरा चरण भी हासिल कर लिया है (2026 में)।
अगला प्रश्न है आपका कि फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट का भारत में सबसे बड़ा संयंत्र कहां स्थापित किया जा रहा है? तो यह सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी, ओंकारेश्वर, मध्य प्रदेश। नर्मदा नदी पर ओंकारेश्वर बांध, मध्य प्रदेश में दुनिया और भारत का सबसे बड़े फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र (600 मेगावाट) का निर्माण किया जा रहा है। इससे पहले रामागुंडम (100 मेगावाट) सबसे बड़ा चालू फ्लोटिंग प्लांट था। फ्लोटिंग पैनल वाष्पीकरण को रोकते हैं और जल शीतलन से दक्षता बढ़ाते हैं।
अगला प्रश्न है आपका कि पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग (E20) के लक्ष्य को भारत सरकार ने किस वर्ष तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है? तो सही उत्तर है आपका 2025-26, और इसे पा लिया गया है। लेकिन सरकार ने अभी कोर्ट में कहा है कि अभी सिर्फ टेस्टिंग चल रही है, एक्सपेरिमेंट चल रहा है। मूल रूप से 2030 तक का लक्ष्य था। लेकिन सरकार ने पेट्रोल में 20% इथेनॉल समिश्रण के लक्ष्य को 2025-26 तक पहले कर लिया। इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। लोगों का मानना है कि E20 पेट्रोल से गाड़ियों का इंजन कमजोर पड़ रहा है और माइलेज पर भी प्रभाव पड़ रहा है।
अगला प्रश्न है आपका कि बायोगैस में मुख्य रूप से कौन सी गैस पाई जाती है? तो सही उत्तर है आपका बी, मीथेन।
और कार्बन डाइऑक्साइड। बायोगैस कार्बनिक पदार्थों, गोबर, कृषि कचरे के अवीय पाचन से उत्पन्न होती है। इसमें मुख्य रूप से मीथेन (50 से 70%) और कार्बन डाइऑक्साइड (30 से 40%) होती है और यह एक स्वच्छ, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है।
अगला प्रश्न है आपका कि ईंधन सेल के संबंध में, जो पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा स्रोत है, अंतिम उप उत्पाद के रूप में क्या निकलता है? तो सही उत्तर है आपका शुद्ध जल (H2O) और ऊष्मा। ईंधन सेल, जैसे हाइड्रोजन ईंधन सेल में, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया से बिजली पैदा होती है। इस प्रतिक्रिया का एकमात्र उत्सर्जन या उपताद, शुद्ध पानी, जलवाष्प और थोड़ी ऊष्मा होती है, जो इसे शून्य उत्सर्जन तकनीकी बनाता है।
अगला प्रश्न है आपका कि समुद्री तापीय ऊर्जा रूपांतरण (ओटीईसी) तकनीक बिजली पैदा करने के लिए किस सिद्धांत का उपयोग करती है? तो सही उत्तर है आपका बी। महासागर की सतह के गर्म पानी और गहराई के ठंडे पानी के बीच तापमान का अंतर। ओशियन थर्मल एनर्जी कन्वर्जन समुद्र की सतह, जो सूर्य से गर्म होती है, और गहरी परतों, जो ठंडी होती हैं, के बीच तापमान के अंतर का उपयोग करके टरबाइन चलाता है। भारत ने लक्षद्वीप में ओटीईसी संयंत्र स्थापित करने की पहल की है।
अगला प्रश्न है आपका कि भारत में भूतापीय ऊर्जा के दोहन के लिए पुगा घाटी कहां स्थित है, जो इस क्षेत्र में सबसे अधिक क्षमता वाली साइट मानी जाती है? तो सही उत्तर है आपका लद्दाख। पुगा घाटी लद्दाख में स्थित है और यह भारत का सबसे आशाजनक भूतापीय क्षेत्र है। ओएनजीसी यहां भारत का पहला भूतापीय ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर रहा, जो पृथ्वी के आंतरिक ताप का उपयोग कर बिजली बनाएगा।
अगला प्रश्न है आपका कि कोयला गैसीकरण प्रक्रिया में कोयले को किस गैस मिश्रण में बदला जाता है? तो सही उत्तर है आपका कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन। कोयला गैसीकरण में कोयले को सीधे जलाने के बजाय ऑक्सीजन, भाप के साथ उच्च तापमान पर प्रतिक्रिया कराई जाती है। इससे सिन गैस बनती है, जो मुख्य रूप से कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और हाइड्रोजन का मिश्रण होती है, जिसका उपयोग बिजली या रसायन बनाने में होता है।
अगला प्रश्न है आपका कि भारत में परमाणु ऊर्जा आयोग की स्थापना किस वर्ष हुई थी? तो सही उत्तर है आपका ए 1948 में। परमाणु ऊर्जा आयोग की स्थापना 10 अगस्त 1948 को वैज्ञानिक अनुसंधान विभाग के तहत की गई थी। डॉ. होमी भाभा इसके पहले अध्यक्ष थे। बाद में 1954 में प्रधानमंत्री के सीधे प्रभार के तहत परमाणु ऊर्जा विभाग बनाया गया।
अगला प्रश्न है आपका कि नैनो प्रौद्योगिकी में नैनो स्केल का आकार लगभग कितना होता है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी एक से 100 नैनो मीटर। नैनो स्केल आमतौर पर एक से 100 नैनो मीटर के आकार की सीमा को संदर्भित करता है। 1 नैनो मीटर 1 मीटर का एक अरबवां हिस्सा (10 की पावर -9 मीटर) होता है। इस पैमाने पर पदार्थों के भौतिक और रासायनिक गुण, जैसे क्वांटम प्रभाव, बदल जाते हैं।
अगला प्रश्न है आपका कि ग्राफीन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। यह कार्बन का एक द्विआयामी अपरूप है। यह स्टील से कई गुना अधिक मजबूत और बिजली का बेहतरीन सुचालक है। तो यह सही उत्तर है आपका सी। यह दोनों कथन आपके सही हैं। ग्राफीन कार्बन परमाणुओं की एक परमाणु मोटी हेक्सागोनल जाली है। यह अब तक ज्ञात सबसे पतली सामग्री होने के बावजूद, वजन के हिसाब से स्टील से लगभग 200 गुना ज्यादा मजबूत और तांबे से बेहतर सुचालक है।
अगला प्रश्न है आपका कि वर्ष 2023 का रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार किस नैनो खोज के लिए दिया गया था? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी क्वांटम डॉट्स। 2023 का रसायन विज्ञान नोबेल क्वांटम डॉट्स की खोज और संश्लेषण के लिए मोंगी बावडी, लुईस ब्रूस और एलेक्सी एककीमोब को दिया गया। क्वांटम डॉट्स कृत्रिम नैनो कण हैं जिनके गुण, जैसे उत्सर्जित रंग, उनके आकार द्वारा निर्धारित होते हैं। इनका उपयोग क्यूएलईडी टीवी और मेडिकल इमेजिंग में होता है।
अगला प्रश्न है आपका कि चिकित्सा के क्षेत्र में टारगेटेड ड्रग डिलीवरी (लक्षित दवा वितरण) में मुख्य रूप से किस नैनो संरचना का उपयोग किया जा सकता है? तो सही उत्तर है आपका यहां पर ऑप्शन डी उपर्युक्त सभी: डेंड्रीमर्स, सोने के नैनो कण और लिपोसाम्स। नैनोटेक्लॉजी कैंसर जैसी बीमारियों में दवा को सीधे प्रभावित कोशिकाओं तक पहुंचाने की अनुमति देती है, जिससे स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान नहीं पहुंचता और कम साइड इफेक्ट होता है। डेंड्रीमर्स, लिपोसाम्स और सोने के नैनो कण इन दवाओं के वाहक के रूप में कार्य करते हैं।
अगला प्रश्न है आपका कि कार्बन नैनो ट्यूब की खोज किसने की थी? तो इसकी खोज की थी सोमियो इजीमा ने। जापानी वैज्ञानिक सोमियो इजीमा ने 1991 में कार्बन नैनो ट्यूब की खोज की थी। सीएनटी (CNT) वेलनाकार ग्राफीन शीट होती हैं, जिनका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, अंतरिक्ष लिफ्ट और मजबूत कंपोजिट सामग्री में किया जाता है।
अगला प्रश्न है आपका कि उपभोक्ता उत्पादों जैसे मोजे, बैंड और वाशिंग मशीन में रोगाणु रोधी गुण प्रदान करने के लिए आमतौर पर किस धातु के नैनो कणों का उपयोग किया जाता है? तो सही उत्तर है आपका चांदी। चांदी के नैनो कण अपने शक्तिशाली रोगाणु रोधी और जीवाणु रोधी गुणों के लिए जाने जाते हैं। इनका उपयोग संक्रमण को रोकने के लिए मेडिकल ड्रेसिंग, वाटर फिल्टर और पसीने की गंध रोकने वाले कपड़ों में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। इसीलिए आप देखते होंगे भारतीय हिंदू परंपरा में बच्चों को चांदी पहनाई जाती है, क्योंकि इसमें रोगाणु रोधी गुण होते हैं और यह एंटीबैक्टीरियल होती है, जिससे बच्चे जो होते हैं, वह बीमारियों से बच सकते हैं।
अगला प्रश्न है आपका कि TiO2 (टाइटेनियम डाइऑक्साइड) और ZnO (जिंक ऑक्साइड) के नैनो कण का उपयोग मुख्य रूप से किस दैनिक उत्पाद में किया जाता है? तो यह किया जाता है सनस्क्रीन में। टाइटेनियम डाइऑक्साइड और जिंक ऑक्साइड के नैनो कणों का उपयोग सनस्क्रीन लोशन में किया जाता है। यह नैनो कण पारदर्शी रहते हुए सूर्य की हानिकारक यूवी किरणों को प्रभावी ढंग से अवरुद्ध और परावर्तित करते हैं।
अगला प्रश्न है आपका कि भारत सरकार ने देश में नैनो विज्ञान अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए नैनो मिशन की शुरुआत किस वर्ष की थी? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी 2007 में। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के तहत भारत सरकार ने 2007 में नैनो मिशन लांच किया था। इस मिशन के कारण भारत आज नैनो प्रौद्योगिकी अनुसंधान प्रकाशनों में दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल हो गया है। प्रोफेसर सी.एन. राव (C.N. Rao) का इसमें प्रमुख योगदान रहा है।
अगला प्रश्न है आपका कि नैनो रोबोटिक्स का चिकित्सा में संभावित अनुप्रयोग क्या है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन डी उपर्युक्त सभी: धमनियों से प्लक ब्लॉकेज हटाना, शरीर के अंदर विशिष्ट कोशिकाओं की मरम्मत करना और कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करना। नैनोव्स (nanobots) सूक्ष्म मशीनें भविष्य की चिकित्सा में क्रांति ला सकते हैं। इन्हें रक्त प्रवाह में इंजेक्ट किया जा सकता है, जहां से यह धमनियों को साफ करने, ऊतकों की मरम्मत करने और कैंसर कोशिकाओं को लक्षित करने जैसे माइक्रोसर्जरी कार्य कर सकते हैं।
नैनो प्रौद्योगिकी शब्द पहली बार किसने गढ़ा था? तो यह गढ़ा था पहली बार नोरियो तानिगुची ने। जापानी वैज्ञानिक नोरियो तानिगुची ने 1974 में पहली बार नैनो टेक्नोलॉजी या नैनो प्रौद्योगिकी शब्द का इस्तेमाल किया था। हालांकि, इसकी वैचारिक नींव रिचर्ड फेनमैन ने 1959 में अपने प्रसिद्ध भाषण "देयर इज प्लेंटी ऑफ रूम एट द बॉटम" में रखी थी।
अगला प्रश्न है आपका कि जेनेटिक इंजीनियरिंग के लिए के उपकरण क्रिसपर-कैस9 (CRISPR-Cas9) में कैस9 (Cas9) क्या है? तो यह एक प्रोटीन है जो कैंची की तरह कार्य करता है। तो क्या है? यह एक प्रोटीन है जो कैंची की तरह कार्य करता है। इसमें कैसनाइज (Cas9) एक एंजाइम प्रोटीन है जो डीएनए के विशिष्ट हिस्से को काटने के लिए आणविक कैंची के रूप में कार्य करता है, जिससे जीनोम में बदलाव किया जा सकता है।
अगला प्रश्न है आपका कि हाल ही में भारत में चर्चा में रहे कैर (CAR) टी-सेल थेरेपी (T-cell therapy) का उपयोग मुख्य रूप से किस बीमारी के इलाज के लिए किया जाता है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया)। सीएआरटी (CAR-T) थेरेपी कैंसर, विशेषकर ब्लड कैंसर का एक उन्नत उपचार है। इसमें मरीज के अपने टी-सेल्स का को प्रयोगशाला में जेनेटिक रूप से संशोधित करके कैंसर कोशिकाओं को पहचानने और नष्ट करने के लिए वापस शरीर में डाला जाता है। भारत की स्वदेशी नेक्स सीएआर19 (Nex CAR19) स्वीकृत हुई है।
अगला प्रश्न है आपका कि भारत की पहली स्वदेशी एमआरएनए (mRNA) वैक्सीन जीमो जेमकोवक-19 (Gem-CoVac-19) किस कंपनी द्वारा विकसित की गई थी? तो सही उत्तर है आपका जेनेवा बायोफार्मास्यूटिकल्स। पुणे स्थित जेनेवा जेोबा बायो फार्मास्यूटिकल्स ने भारत की पहली स्वदेशी एमआरएनए वैक्सीन विकसित की है। एमआरएनए वैक्सीन शरीर की कोशिकाओं को प्रोटीन जैसे स्पाइक प्रोटीन बनाने का निर्देश देती है, जो प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को ट्रिगर करता है।
अगला प्रश्न है आपका कि जीएम सरसों डीएमएच-11 (GM Mustard DHM-11) भारत में व्यावसायिक खेती के लिए पूरी तरह स्वीकृति पहली अनुवांशिक रूप से संशोधित खाद्य फसल है। इसे दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर जेनेटिक मैनपुलेशन ऑफ क्रॉप प्लांट्स द्वारा विकसित किया गया है। तो सही उत्तर है आपका केवल दो। डीएमएच-11 को जीईएसी (GEAC) से मंजूरी मिली है, लेकिन व्यावसायिक खेती के लिए पूरी तरह से अंतिम स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है। मामला कोर्ट में है। भारत की एकमात्र स्वीकृति जीएम फसल बीटी कपास है, जो गैर-खाद्य है। इसे दीपक पेंटल के नेतृत्व में दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा बारनेज-वार स्टार (Barnase-Barstar) तकनीकी का उपयोग करके विकसित किया गया है।
अगला प्रश्न है आपका कि किस सूक्ष्म जीव का उपयोग आमतौर पर बायोरेमेडिएशन (bioremediation), विशेष कर तेल रिसाव को साफ करने के लिए किया जाता है? तो कई बार यह प्रश्न मैंने आपको कराया है और सही उत्तर है आपका स्यूडोमोनास पुटيدا (Pseudomonas putida)। स्यूडोमोनास पुटيدا जैसे बैक्टीरिया का उपयोग आयल जैपर (Oil Zapper) तकनीकी में किया जाता है, जिसे टेरी (TERI) द्वारा विकसित किया गया है। यह बैक्टीरिया कच्चे तेल को खाते हैं और उसे हानि रहित पानी और कार्बन डाइऑक्साइड में बदल देते हैं।
अगला प्रश्न है आपका कि डीएनए फिंगरप्रिंटिंग की तकनीकी भारत में किसके द्वारा विकसित की गई और स्थापित की गई? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी डॉ. लालजी सिंह। डॉ. लालजी सिंह को भारतीय डीएनए फिंगरप्रिंटिंग के जनक के रूप में जाना जाता है। उन्होंने हैदराबाद में सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी में इस तकनीकी का स्वदेशी विकास किया, जो अपराध जांच और प्रत्यित्व परीक्षण में महत्वपूर्ण है।
अगला प्रश्न है आपका कि माइक्रोबायोलॉजी में सुपरबग (superbug) शब्द का क्या अर्थ है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी ऐसे बैक्टीरिया जो कई एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति प्रतिरोधी हो गए हैं। सुपरबग ऐसे सूक्ष्म जीव, ज्यादातर बैक्टीरिया होते हैं, जिन पर वर्तमान में मौजूद एंटीबायोटिक दवाओं का कोई असर नहीं होता है। दवाओं के अत्यधिक और गलत उपयोग के कारण वह एक बड़ा वैश्विक स्वास्थ्य संकट बन गया है।
अगला प्रश्न है आपका कि थ्री पैरेंट बेबी (three-parent baby) तकनीक में शिशु को माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए (mitochondrial DNA) किससे प्राप्त होता है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी एक तीसरी महिला दाता से। एमआरटी (MRT) तकनीकी का उपयोग उन महिलाओं के लिए किया जाता है, जिनके माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए में दोष होता है। इसमें बच्चे को न्यूक्लियर डीएनए माता-पिता से मिलता है, जबकि स्वस्थ माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए एक अन्य महिला दाता से मिलता है, जिससे बच्चा थ्री पैरेंट बेबी कहलाता है।
अगला प्रश्न है आपका कि भारत का महत्वाकांक्षी जीनोम इंडिया प्रोजेक्ट (Genome India Project) का मुख्य उद्देश्य क्या है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी भारतीय आबादी के 10,000 व्यक्तियों के जीनोम का अनुक्रमण करके एक संदर्भ डेटाबेस बनाना। जीनोम इंडिया प्रोजेक्ट का लक्ष्य पूरे भारत में विविध आबादी से 10,000 जीनोम का एक संदर्भ डेटाबेस तैयार करना है। इससे भारतीय आबादी में अनुवांशिक बीमारियों, उनके उपचार और अनुकूलन को समझने में मदद मिलेगी।
अगला प्रश्न है आपका कि स्टेम सेल (stem cell) के बारे में कौन सा कथन सत्य है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन ए प्लूरिपोटेंट स्टेम सेल (pluripotent stem cell) शरीर की किसी भी कोशिका में विकसित हो सकते हैं। स्टेम सेल अनडिफरेंशिएटेड (undifferentiated) यानी कि अविभेदित कोशिकाएं होती हैं, जिनमें विभाजित होने और शरीर की विशिष्ट कोशिकाओं जैसे हृदय, तंत्रिका, यकृत में बदलने की क्षमता होती है। प्लूरिपोटेंट स्टेम सेल, जैसे भ्रूण भ्रूणीय स्टेम सेल, शरीर के लगभग किसी भी ऊतक का निर्माण कर सकते हैं। वयस्क स्टेम सेल सीमित प्रकार की कोशिकाएं ही बना सकते हैं।
अगला प्रश्न है आपका कि गोल्डन राइस (Golden Rice) को किस विटामिन की कमी को दूर करने के लिए अनुवांशिक रूप से संशोधित किया गया है? तो सही उत्तर है आपका विटामिन ए। गोल्डन राइस में डेफोडिल पौधे और एक बैक्टीरिया से जीन डाले गए हैं, ताकि यह चावल बीटा-कैरोटीन पैदा कर सके। शरीर में बीटा-कैरोटीन विटामिन ए में बदल जाता है, जो बच्चों में रतौंधी को रोकता है।
अगला प्रश्न है आपका कि बीटी कपास (Bt cotton) में बीटी शब्द किस सूक्ष्म जीव को दर्शाता है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी बेसिलस थुरिंजेंसिस (Bacillus thuringiensis)। बीटी का अर्थ बेसिलस थुरिंजेंसिस है, जो मिट्टी में पाया जाने वाला एक प्राकृतिक जीवाणु है। इस जीवाणु से क्राई 1एसी (Cry1Ac) और क्राई 2एबी (Cry2Ab) जैसे जीन निकालकर कपास में डाले जाते हैं, जिससे पौधा स्वयं कीटनाशक बन जाता है। प्रोटीन बनाता है और वाल वर्म (bollworm) कीट को मार देता है।
अगला प्रश्न है आपका कि कोविड-19 (COVID-19) परीक्षण के लिए प्रयुक्त आरटी-पीसीआर (RT-PCR) में आरटी (RT) का क्या अर्थ है? तो इसका सही उत्तर है ऑप्शन बी रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन (Reverse Transcription)। आरटी-पीसीआर का पूर्ण रूप रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमरेज चेन रिएक्शन है। क्योंकि कोरोना वायरस एक आरएनए (RNA) वायरस है, इसलिए पीसीआर (PCR), जो डीएनए (DNA) पर काम करता है, करने से पहले एंजाइम का उपयोग करके आरएनए को डीएनए में बदला जाता है। इसे रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन कहते हैं।
अगला प्रश्न है आपका कि बायोफोर्टिफिकेशन (biofortification) का मुख्य उद्देश्य क्या है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी फसलों के पोषण मूल्य में वृद्धि करना। बायोफोर्टिफिकेशन प्रजनन या जेनेटिक इंजीनियरिंग के माध्यम से खाद्य फसलों में पोषण, जैसे जिंक, आयरन, विटामिन बढ़ाने की प्रक्रिया है। गोल्डन राइस और आयरन समृद्ध बाजरा इसके प्रमुख उदाहरण हैं। इसका उद्देश्य छिपी हुई भूख को दूर करना है।
अगला प्रश्न है आपका कि माइकोराइजा (mycorrhiza) किन दो जीवों के बीच सहजीवी संबंध को दर्शाता है? सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी कवक और उच्च पौधों की जड़ें। माइकोराइजा कवक और उच्च पौधों की जड़ों के बीच एक लाभकारी सहजीवी संबंध है। कवक मिट्टी से पानी और पोषक तत्व, विशेषकर फास्फोरस, सोख कर पौधे को देता है, जबकि पौधा कवक को प्रकाश संश्लेषण से बना कार्बोहाइड्रेट भोजन देता है।
अगला प्रश्न है आपका कि बौद्धिक संपदा अधिकारों (IPR) के व्यापार संबंधित पहलुओं का समझौता किस संगठन के तहत संचालित होता है? तो सही उत्तर है ऑप्शन सी डब्ल्यूटीओ (WTO)। ट्रिप्स (TRIPS) यानी कि ट्रेड रिलेटेड आस्पेक्ट्स ऑफ इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (Trade-Related Aspects of Intellectual Property Rights)। विश्व व्यापार संगठन का एक अंतरराष्ट्रीय कानूनी समझौता है। यह पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क और भौगोलिक संकेतक जैसे सभी प्रकार के बौद्धिक आप संपदा के संरक्षण के लिए न्यूनतम मानक निर्धारित करता है।
प्रश्न है आपका कि भारतीय पेटेंट अधिनियम 1970 की धारा 3डी (Section 3D) क्यों महत्वपूर्ण है और वैश्विक फार्मा कंपनियों द्वारा इसकी आलोचना क्यों की जाती है? तो, सही ऑप्शन है आपका ऑप्शन बी। यह एवरग्रीनिंग (evergreening) को रोकती है, यानी किसी पुरानी दवा में मामूली बदलाव करके नया पेटेंट लेने की अनुमति नहीं देती है। धारा 3डी भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करती है। यदि कोई कंपनी पुरानी दवा के फार्मूले में मामूली बदलाव करती है, जिससे उसकी प्रभावशीलता नहीं बढ़ती, तो उसे नया पेटेंट नहीं मिलेगा। प्रसिद्ध नो नोविस (Novartis) केस ग्ली ग्लीवेक (Gleevec) दवा में सुप्रीम कोर्ट ने धारा 3डी का उपयोग करके पेटेंट खारिज कर दिया था, जिससे सस्ती जेनेरिक दवाएं उपलब्ध हो सकें।
अगला प्रश्न है आपका कि डिजिटल अधिकारों के संदर्भ में भूल जाने का अधिकार (right to be forgotten) भारत में किस भौिक मौलिक अधिकार के अंतर्गत अंतर्निहित माना जाता है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी अनुच्छेद 21 निजता और जीवन के अधिकार के अंतर्गत। के.एस. पुट्टास्वामी फैसले (2017) में सुप्रीम कोर्ट ने निजता के अधिकार को अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार घोषित किया। और डिजिटल दुनिया में व्यक्ति की सहमति के बिना या अनावश्यक हो चुके व्यक्तिगत डेटा को इंटरनेट से हटाने का अधिकार इस निजता के अधिकार से उत्पन्न होता है।
अगला प्रश्न है आपका कि भौगोलिक संकेत (Geographical Indication) जीआई टैग (GI tag) भारत में किस अधिनियम के तहत प्रदान किए जाते हैं? तो यह प्रदान किए जाते हैं आपके वस्तु भौगोलिक सूचक सूचक पंजीकरण और संरक्षण अधिनियम 1999 (Geographical Indications of Goods (Registration and Protection) Act, 1999) के तहत लागू किया गया है। जीआई टैग 10 वर्षों के लिए वैध होता है। जीआई टैग उन उत्पादों को दिया जाता है, जिनकी एक विशिष्ट भौगोलिक उत्पत्ति होती है और उस उत्पत्ति के कारण उनमें कुछ विशिष्ट गुण होते हैं, जैसे दार्जिलिंग चाय उदाहरण है।
अगला प्रश्न है आपका कि हाल ही में पारित डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 (DPDP Act 2023) के तहत वह संस्था जो तय करती है कि व्यक्तिगत डेटा को कैसे और क्यों प्रोसेस किया जाए, उसे क्या कहा जाता है? तो उसे कहा जाता है डेटा फिड्यूशरी (Data Fiduciary)। नए डीपीडीपी (DPDP) कानून के तहत जिस व्यक्ति का डेटा, उसे डेटा प्रिंसिपल (Data Principal) कहा जाता है, और वह संस्था, जैसे Google, Facebook या कोई बैंक, जो डेटा के उपयोग का उद्देश्य और साधन तय करती है, उसे डेटा फिड्यूशरी यानी कि डेटा न्यासी कहा जाता है।
अगला प्रश्न है आपका कि किसी सॉफ्टवेयर या कंप्यूटर प्रोग्राम का सोर्स कोड (source code) बौद्धिक संपदा अधिकारों की किस श्रेणी के अंतर्गत संरक्षित किया जाता है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी कॉपीराइट (Copyright)। भारत और विश्व स्तर पर कंप्यूटर प्रोग्राम, सोर्स कोड और ऑब्जेक्ट कोड को साहित्यिक कार्यों के रूप में माना जाता है। इसलिए उन्हें कॉपीराइट के तहत सुरक्षा प्रदान की जाती है, न कि पेटेंट के तहत, जब तक कि वह हार्डवेयर के साथ मिलकर कोई तकनीकी प्रभाव ना डालें।
अगला प्रश्न है आपका कि विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) का मुख्यालय कहां स्थित है और यह किस संस्था से संबंध है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी जिनेवा, स्विट्जरलैंड, संयुक्त राष्ट्र। डब्ल्यूआईपीओ (WIPO) वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गेनाइजेशन (World Intellectual Property Organization) संयुक्त राष्ट्र की 15 विशेष एजेंसियों में से एक है। इसकी स्थापना 1967 में हुई थी और इसका मुख्यालय जिनेवा, स्विट्जरलैंड में है। यह वैश्विक स्तर पर आईपीआर (IPR) की रक्षा और बढ़ावा देने का काम करती है।
अगला प्रश्न है आपका कि फार्मास्यूटिकल पेटेंट (pharmaceutical patent) के संदर्भ में अनिवार्य लाइसेंसिंग (compulsory licensing) का क्या अर्थ है? तो सही उत्तर है आपका बी। सरकार द्वारा किसी तीसरे पक्ष को पेटेंट धारक की सहमति के बिना पेटेंट उत्पाद दवा बनाने की अनुमति देना। अनिवार्य लाइसेंसिंग ट्रिप्स (TRIPS) समझौते के तहत अनुमत एक तंत्र है। जहां सरकार सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल, जैसे महामारी के दौरान, किसी जेनेरिक कंपनी को दवा बनाने की अनुमति देती है। भारत ने पहली बार 2012 में बायर (Bayer) कंपनी को की कैंसर दवा नेक्सावर (Nexavar) के लिए नेटको फार्मा (Natco Pharma) को अनिवार्य लाइसेंस दिया था।
अगला प्रश्न है आपका कि नेट न्यूट्रलिटी (net neutrality) का सिद्धांत डिजिटल अधिकारों में क्या सुनिश्चित करता है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन ए इंटरनेट सेवा प्रदाताओं द्वारा सभी इंटरनेट ट्रैफिक को समान रूप से ट्रीट करना। नेट न्यूट्रलिटी का अर्थ है इंटरनेट सेवा प्रदाता, जो हैं, जैसे Jio है, Airtel है। इंटरनेट की सेवा प्रदान करते हैं। सभी डेटा, वेबसाइट और ऐप्स के साथ समान व्यवहार करेंगे। यानी कि किसी के साथ कम डेटा या कम स्पीड या ज्यादा स्पीड का भेदभाव नहीं करेंगे।
अगला प्रश्न है आपका कि डिजिटल कॉपीराइट (digital copyright) के संदर्भ में क्रिएटिव कॉमंस (Creative Commons) सीसी (CC) लाइसेंस क्या सुविधा प्रदान करता है? तो सही उत्तर है आपका बी। यह रचनाकारों को यह चुनने की अनुमति देता है कि वे दूसरों को उनके काम को मुफ्त में उपयोग करने, संशोधित करने का क्या अधिकार देना चाहते हैं। क्रिएटिव कॉमंस पारंपरिक "ऑल राइट्स रिजर्व्ड" (all rights reserved) के विपरीत एक लचीला लाइसेंसिंग मॉडल है। यह रचनाकारों, लेखकों, फोटोग्राफरों को यह तय करने की स्वतंत्रता देता है कि आम लोग उनके काम को किन शर्तों, जैसे गैर-व्यावसायिक उपयोग, के साथ स्वतंत्र रूप से साझा या उपयोग कर सकते हैं।
अगला प्रश्न है आपका कि सी.वी. रमन (C.V. Raman) को उनके रमन प्रभाव (Raman effect) के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया। यह प्रभाव प्रकाश की किस परिघटना से संबंधित है? तो सही उत्तर है आपका प्रकाश का प्रकीर्णन (scattering of light)। 28 फरवरी 1928 (राष्ट्रीय विज्ञान दिवस) को सी.वी. रमन ने रमन प्रभाव की खोज की, जिसके लिए उन्हें 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है, ध्यान रखिएगा। यह प्रभाव बताता है कि जब प्रकाश पारदर्शी माध्यम से गुजरता है, तो प्रकीर्णित प्रकाश का कुछ हिस्सा अपनी तरंगदैर्ध्य और ऊर्जा बदल देता है।
अगला प्रश्न है आपका कि सत्येंद्रनाथ बोस (Satyendra Nath Bose) का नाम विज्ञान में किस उपलब्धि के लिए जाना जाता है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी बोस-आइंस्टीन सांख्यिकी (Bose-Einstein statistics) और बोसान कण (boson particle) के लिए। एस.एन. बोस ने अल्बर्ट आइंस्टीन के साथ मिलकर क्वांटम यांत्रिकी में बोस-आइंस्टीन सांख्यिकी विकसित किए। सब-एटॉमिक कणों की एक श्रेणी का नाम उनके सम्मान में बोसान, जैसे हिग्स बोसान (Higgs boson), रखा गया। पौधों वाली खोज जे.सी. बोस (J.C. Bose) ने की थी।
अगला प्रश्न है आपका कि श्वेत क्रांति (White Revolution) ऑपरेशन फ्लड (Operation Flood) के जनक डॉ. वर्गिस कुरियन (Dr. Verghese Kurien) ने भारत में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए मुख्य रूप से किस तकनीकी मॉडल का प्रयोग किया? तो सही उत्तर है आपका सी सहकारी डेयरी मॉडल (cooperative dairy model) और भैंस के दूध से मिल्क पाउडर (milk powder) बनाना। डॉ. कुरियन ने अमूल (Amul) के माध्यम से सहकारी मॉडल को पूरे देश में लागू किया। तकनीकी रूप से उनके सहयोगी एच.एम. दालाया (H.M. Dalaya) ने पहली बार भैंस के दूध से स्किम्ड मिल्क पाउडर (skimmed milk powder) बनाने की तकनीकी विकसित की, जिससे भारत की डेयरी को बदल दिया।
अगला प्रश्न है आपका कि भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के संदर्भ में विक्रम साराभाई (Vikram Sarabhai) ने थुंबा (Thumba) की स्थापना केरल में क्यों की थी? तो सही उत्तर है आपका यह स्थान पृथ्वी की चुंबकीय भूमध्य रेखा के बहुत करीब है। 1963 में थुंबा इक्वेटोरियल रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन (Thumba Equatorial Rocket Launching Station) की स्थापना तिरुवनंतपुरम, केरल में की गई थी। इसका मुख्य कारण यह था कि थुंबा पृथ्वी के चुंबकीय भूमध्य रेखा के
ठीक ऊपर स्थित है जो आयन मंडल की वैज्ञानिक अध्ययन के लिए आदर्श स्थान है।
अगला प्रश्न है आपका कि वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद के संस्थापक निदेशक कौन थे? जिनके नाम पर भारत का सबसे प्रतिष्ठित विज्ञान पुरस्कार दिया जाता है। तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी डॉ. शांति स्वरूप भटनागर। डॉ. शांति स्वरूप भट्ट नागर भारत में सीएसआईआर 1942 के संस्थापक निदेशक थे। उन्हें भारत में शोध प्रयोगशालाओं का जनक कहा जाता है। उनके सम्मान में विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए शांति स्वरूप भट्ट भटनागर पुरस्कार विज्ञान का ऑस्कर दिया जाता है।
अगला प्रश्न है आपका कि निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। डीप फेक बनाने के लिए जनरेटिव एडवर्सियल नेटवर्क जी एन नामक एआई तकनीकी का उपयोग किया जाता है। भारत के सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 में डीप फेक को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। तो दूसरा गलत है। आपका पहला सही है। केवल डीप फेक वीडियो ऑडियो बनाने के लिए मशीन लर्निंग विशेषकर जीए एएन जहां दो एआई मॉडल आपस में प्रतिस्पर्धा करते हैं का उपयोग होता है। भारत के आईटी एक्ट 2000 में डी फेक शब्द का की कोई विशिष्ट परिभाषा या अलग सी धारा नहीं है। इसे धारा 66 ई 67 आदि के तहत डील किया जाता है।
अगला प्रश्न है आपका कि कथनों पर विचार करें। लिथियम आयन बैटरी में चार्जिंग के दौरान लिथियम आयन कैथोड से एनोड की ओर जाते हैं। सॉलिड स्टेट बैटरी में तरल इलेक्ट्रोलाइट की बजाय ठोस इलेक्ट्रोलाइट का उपयोग होता है जिससे वे सुरक्षित होती हैं। तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी एक और दो दोनों। बैटरी चार्ज करते समय लयन कैथोड जैसे लिथियम कोबाल्ट ऑक्साइड से निकलकर एनोड ग्रेफाइट में जमा हो जाते हैं और डिस्चार्ज के समय वापस आते हैं। सॉलिड स्टेट बैटरी नई तकनीकी है जो तरल जो ज्वलनशील होता है की जगह ठोस इलेक्ट्रोलाइट का उपयोग करती है जिससे आग लगने का खतरा कम होता है और ऊर्जा घनत्व बढ़ता है।
अगला प्रश्न है आपका कि 5G नेटवर्क तकनीकी में स्लाइसिंग का क्या अर्थ है? तो सही उत्तर है ऑप्शन बी एक भौतिक नेटवर्क पर कई वर्चुअल नेटवर्क बनाना। 5G नेटवर्क स्लाइसिंग ऑपरेटरों को एक ही भौतिक ढांचे पर कई स्वतंत्र वर्चुअल नेटवर्क प्रदान करने की अनुमति देती है। हर स्लाइस को विशिष्ट एप्लीकेशन की जरूरत के हिसाब से सेट किया जा सकता है। जैसे एक स्लाइस ऑटोनॉमस कारों के लिए लो लेटेंसी दूसरी स्मार्ट मीटर के लिए लो बैंडविड्थ।
अगला प्रश्न है आपका कि अक्सर समाचारों में दिखने वाले डार्क वेब इंटरनेट का वह हिस्सा है जिसे सामान्य सर्च इंजन जैसे Google द्वारा इंडेक्स नहीं किया जा सकता और विशेष ब्राउज़र जैसे टॉर्क की आवश्यकता होती है। वेब के तीन हिस्से हैं। एक तो सरफेस वेब है जिससे हम Google सर्च के माध्यम से आसानी से पहुंच जाते हैं। दूसरा होता है डीप वेब। पासवर्ड प्रोटेक्टेड जैसे नेट बैंकिंग है और तीसरी होती है डार्क वेब। डार्क वेब को जानबूझकर एनक्रिप्ट और चिपाया जाता है। इसे एक्सेस करने के लिए टॉर जैसे ब्राउज़र चाहिए जहां अवैध व्यापार होता है।
अगला प्रश्न है आपका कि सूची एक को सूची दो से मिलाना है। लाइफाई आरएफआईडी क्यूकेडी और क्रिप्टो करेंसी। तो यहां पर कौन सा ऑप्शन सही है? आपसे पूछा गया है और ए ऑप्शन आपका सही है। लाइफाई प्रकाश तरंगे एलईडी द्वारा डाटा संचार है। आरएफआईडी रेडियो तरंगों द्वारा वस्तु की पहचान है। क्यू केडी क्वांटम यांत्रिकी है और क्रिप्टो करेंसी ब्लॉकचेन तकनीकी है। लाइफाई को लाइट फिडिलिटी कहते हैं। वाईफाई की तरह है लेकिन डाटा भेजने के लिए रेडियो तरंगों की बजाय एलईडी प्रकाश का उपयोग करता है। आरएफआईडी फास्ट टैग में प्रयुक्त रेडियो तरंगों का उपयोग करता है। क्यूकेडी क्वांटम संचार और क्रिप्टो ब्लॉकचेन पर आधारित है।
अगला प्रश्न है आपका कि मेटावर्स की अवधारणा मुख्य रूप से किन प्रौद्योगिकों के संयोजन पर आधारित है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन ए संवर्धित वास्तविकता यानी कि आर्गुमेंटेड रियलिटी और आभासी वास्तविकता यानी कि वर्चुअल रियलिटी और 3D इंटरनेट। मेटावर्स एक सामूहिक आभासी साझा स्थान है। यह वर्चुअल रियलिटी बी आर पूरी तरह से डिजिटल दुनिया और आर्गुमेंटेड रियलिटी असली दुनिया में डिजिटल तत्वों को जोड़ने का अभिसरण है। जहां लोग अवतार के रूप में बातचीत कर सकते हैं।
अगला प्रश्न है आपका कि भारत में राष्ट्रीय सुपर कंप्यूटिंग मिशन के तहत स्थापित पहला सुपर कंप्यूटर कौन सा था? तो सही उत्तर है आपका परम शिवाय। एनएसएम के तहत असेंबल किया गया पहला सुपर कंप्यूटर परम शिवाय था जिसे आईआईटी बीएचयू वाराणसी में स्थापित किया गया था। यह मिशन सीडक पुणे और आईआई एससी बेंगलुरु द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा है ताकि भारत में सुपर कंप्यूटिंग ग्रिड बनाया जा सके। देखिए पहला सुपर कंप्यूटर अलग है। वो परम 8000 है। लेकिन राष्ट्रीय सुपर कंप्यूटिंग मिशन के तहत स्थापित पहला सुपर कंप्यूटर कौन सा है? परम शिवाय है। तो यह अंतर है। ध्यान रखिएगा।
अगला प्रश्न है आपका कि कथनों पर विचार करें। वेब 3.0 ब्लॉकचेन तकनीकी पर आधारित एक विकेंद्रीकृत इंटरनेट है। वेब 2.0 मुख्य रूप से यूजर जनरेटेड कंटेंट जैसे सोशल मीडिया की विशेषता थी। सही है आपके ये दोनों ऑप्शन। कई बार मैं आपको करवा भी चुका हूं। वेब 1.0 रीड ओनली हुआ करते थे। स्थिर पेज हुआ करते थे। वेब 2.0 रीड एंड राइट Facebook, YouTube जहां उपयोगकर्ता कंटेंट बनाते हैं। वेब 3.0 रीड राइट ओन ब्लॉकचेन आधारित है जहां उपयोगकर्ताओं का अपना डाटा और संपत्तियां जैसे एनएफटी क्रिप्टो पर पूरा नियंत्रण होता है। बिचौलियों जैसे टेक दिग्गजों के बिना।
अगला प्रश्न है आपका कि स्पेस एक्स के उस विशाल रॉकेट का क्या नाम है जिसे मनुष्यों को चंद्रमा और मंगल ग्रह पर ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है? तो उसका नाम है स्टारशिप। स्टारशिप स्पेस एक्स द्वारा विकसित दुनिया का सबसे शक्तिशाली और पूरी तरह से पुनः प्रयोज रॉकेट है। नासा ने आर्टिमिस 3 मिशन चंद्रमा पर लैंडिंग के लिए मून लेंडर के रूप में स्टारशिप को ही चुना है।
अगला प्रश्न है आपका कि निम्नलिखित में से किसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जनक माना जाता है? तो यह माना जाता है जॉन मैकार्थी को। फादर ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कि एआई के पिता। जॉन मैकार्थी ने 1956 के डार्ट माउथ सम्मेलन में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शब्द गढ़ा था। एलन ट्यूरिंग ने ट्यूरिंग टेस्ट दिया था जो मशीन की सोचने की क्षमता का परीक्षण करता है। लेकिन जनक मैकार्थी को माना जाता है।
अगला प्रश्न है आपका कि एज कंप्यूटिंग का मुख्य उद्देश्य क्या है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी क्लाउड सर्वर पर निर्भरता कम करके डाटा का प्रशंसकरण डाटा उत्पन्न करने वाले स्रोत जैसे आई ओटी डिवाइस के करीब भी करना। एज कंप्यूटिंग में डाटा को दूर स्थित केंद्रीय क्लाउड सर्वर पर भेजने की बजाय स्थानीय नेटवर्क या डिवाइस पर ही प्रोसेस किया जाता है। इससे लेटेंसी बहुत कम हो जाती है और जो ऑटोनॉमस ड्राइविंग और रियल टाइम हेल्थ मॉनिटरिंग के लिए आवश्यक है।
अगला प्रश्न है आपका कि भारत की गगन जीपीएस एडेड जिओ आगुमेंटेड नेविगेशन प्रणाली मुख्य रूप से किसके लिए विकसित की गई है? तो यह विकसित की गई है नागरिक उड्डयन विमानन की सुरक्षित नेविगेशन के लिए। गगन को इसरो और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने मिलकर बनाया है। यह जीपीएस सिग्नलों की सटीकता में सुधार करता है। जिससे भारतीय हवाई क्षेत्र में विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और नेविगेशन में मदद मिलती है।
अगला प्रश्न है आपका कि बायोमेट्रिक्स में आरिस स्कैनिंग, फिंगरप्रिंटिंग की तुलना में अधिक सुरक्षित क्यों मानी जाती है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन ए आरिस जीवन भर नहीं बदलता और यह उंगलियों के निशान से अधिक जटिल है। आंख की पुतली का पैटर्न जन्म से कुछ महीने बाद स्थिर हो जाता है और जीवन भर नहीं बदलता है। इसमें फिंगरप्रिंटिंग की तुलना में बहुत अधिक विशिष्ट बिंदु होते हैं। जिससे इसमें धोखाधड़ी करना बेहद मुश्किल होता है। आधार कार्ड में दोनों का उपयोग होता है।
अगला प्रश्न है आपका कि कृत्रिम बारिश या क्लाउड शेडिंग के लिए आमतौर पर किस रसायन का प्रयोग किया जाता है? तो सिल्वर आयोडाइड का प्रयोग होता है। सिल्वर आयोडाइड एजीआई सूखी बर्फ या पोटेशियम आयोडाइड का उपयोग केला क्लाउड सीडिंग में होता है। इन रसायनों को बादलों पर छिड़का जाता है जो सघन नाभिक के रूप में कार्य करते हैं और पानी की बूंदों को भारी बनाकर बारिश कराते हैं।
अगला प्रश्न है आपका और आज का 100वां कि भारत में प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड की स्थापना किस मंत्रालय के अधीन की गई है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय। टीडीवी भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय विभाग के तहत एक वैधानिक निकाय है जिसकी स्थापना 1996 में हुई थी। इसका मुख्य कार्य स्वदेशी प्रौद्योगिकी के विकास और व्यवसायकरण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना। तो आज के आपके 100 प्रश्न कंप्लीट होते हैं। उम्मीद करता हूं आपने पूरी क्लास को बहुत ईमानदारी के साथ देखा होगा। वीडियो को लाइक कर लीजिए। चैनल पर नए हैं चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए। अपने दोस्तों के साथ भी वीडियो शेयर करिएगा और हमें कमेंट करके बताइएगा कि आज का यह सेशन आपको कैसा लगा। हमें आपके कमेंट्स का इंतजार रहेगा। मेहनत करते रहिए, प्रयास करते रहिए। सफलता आपके कदम चूमेगी। यकीन मानकर चलिए। और रही बात आज के इस सेशन की पीडीएफ की तो लोअर पीसीएस बैच में यह पीडीएफ मैं उपलब्ध करवा दूंगा और निरंतर प्रयास करते रहिए। अच्छे से पढ़ाई करते रहिए। और यही सब आपकी परीक्षा के लिए इंपॉर्टेंट है। यकीन मानकर चलिए। लगातार मैं आपको बहुत सारे एमसीक्यू करवाने वाला हूं आपकी परीक्षा से पहले और इसके लिए आपको लगातार प्रयासरत रहना होगा। मिलेंगे फिर किसी अन्य वीडियो में तब तक के लिए अपना ख्याल रखिए। जय हिंद। जय।