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आइए आज देखते हैं समास के बारे में। समास एक महत्वपूर्ण टॉपिक है और इससे प्रश्न बनते भी हैं और कम ही समय में हम पूरे समास को कवर करने वाले हैं। चलिए शुरुआत करते हैं समास को लेकर।
भाई, समास का शाब्दिक अर्थ क्या होता है साथियों? संक्षिप्त रूप होता है या समास का शाब्दिक अर्थ क्या होता है? संक्षेपीकरण भी होता है। ठीक है?
विलोम शब्द की बात करें साथियों। समास का विलोम क्या होता है? कहा जाता है समास का विलोम व्यास होता है।
परिभाषा की बात करें साथियों कहते हैं दो या दो से अधिक पदों से संक्षिप्त रूप जो बनता है या दो या दो से अधिक पदों का संक्षिप्त रूप क्या कहलाता है? समास कहलाता है।
समास के अगर अन्य नाम की बात करें साथियों, अन्य नाम इसका क्या है? इसको सामासिक पद भी कहते हैं। सामासिक पद भी कहा जाता है साथियों। और क्या कहा जाता है भैया? समस्त पद भी कहा जाता है किसको? समास को।
अच्छा, अब बात करते हैं समास में मुख्यतः कितने पद होते हैं साथियों? मुख्यत कितने पद होते हैं? कहा जाता है दो पद होते हैं। पहला पद जो होता है साथियों उसे पूर्व पद कहते हैं। अंतिम पद जो होता है उसे क्या कहते हैं? उत्तर पद कहते हैं।
जैसे अगर मैंने कहा टोक ग्रस्त, शोक ग्रस्त अगर हमने कहा तो इसमें शोक क्या हो जाएगा साथियों? शोक जो होगा वो पहला पद हो जाएगा। क्या हो जाएगा साथियों? पहला पद हो जाएगा। और वहीं पर अगर हम लोग ग्रस्त की बात करें तो ग्रस्त क्या हो जाएगा? कहेंगे सर दूसरा पद यानी उत्तर पद हो जाएगा। ठीक है? दूसरा पद क्या होगा? दूसरा पद को अंतिम पद कहते हैं। इसी को क्या कहते हैं साथियों? उत्तर पद भी कहते हैं।
अब बात करते हैं साथियों समास के भेद के बारे में। तो समास के भेद कितने होते हैं साथियों? समास के भेद होते हैं छह। कितने भेद होते हैं भाई? समास के छह भेद होते हैं। नंबर एक है अव्ययीभाव है। नंबर दो तत्पुरुष है। नंबर तीन कर्मधारय। नंबर चार द्विगु और नंबर पांच क्या है? है द्वंद है और नंबर छह की बात करें साथियों बहुव्रीहि समास है।
ये अव्ययीभाव समास का उल्टा कौन सा समास होता है साथियों? तत्पुरुष समास होता है। द्वंद समास का उल्टा कौन सा समास होता है? बहुव्रीहि समास होता है। फिर से एक बार सुनिएगा कि अव्ययीभाव समास का उल्टा तत्पुरुष समास और द्वंद समास का उल्टा क्या होता है? बहुव्रीहि समास होता है। और कर तत्पुरुष समास से ही ये दोनों आए हुए हैं। भाई, तत्पुरुष समास से ही कर्मधारय और द्विगु आए हुए हैं। ठीक है?
अब एक-एक करके समास को हम जानते हैं।
जैसे बात करें साथियों अव्ययीभाव समास के बारे में। किसके बारे में? अव्ययीभाव समास के बारे में तो इसका पूर्व पद क्या होता है? प्रधान या मुख्य होता है। जबकि उत्तर पद की बात करें साथियों इसका उत्तर पद गौ होता है। और इसमें क्या होता है साथियों? अव्यय पद प्रधान होता है। और जो अव्यय पद आता है साथियों वो क्या होता है? प्रायः क्रिया विशेषण होता है। क्या होता है साथियों? प्रायः क्रिया विशेषण होता है। यह बात भी ध्यान में रखिएगा। ठीक है?
पहचान कैसे कहते हैं? अगर कोई उपसर्ग प्लस शब्द दिया हुआ है तो वह प्रायः क्या हो जाएगा साथियों? प्रायः अव्ययीभाव समास हो जाएगा। प्रायः क्या हो जाएगा साथियों? अव्ययीभाव समास होगा। सब नहीं होंगे। सभी शब्दों के पहले अगर उपसर्ग जोड़ेंगे तो सब में अव्ययीभाव समास नहीं होगा। अपवाद भी इसमें मिलेंगे। जैसे दुर्जन की बात करें तो दुर्जन क्या है? कर्मधारय समास है। दुराग्रह कर्मधारय समास है। सुपुरुष कर्मधारय समास है। भले ये उपसर्ग से बने शब्द हैं। ठीक है?
तो आजीवन की बात करें याद रखिएगा अगर किसी शब्द के पहले उपसर्ग जोड़ने से वे शब्द क्या हो जाते हैं साथियों अव्यय हो जाते हैं तभी वो अव्ययीभाव समास बनेंगे। इतनी बात अगर क्लियर है तो कभी गलत नहीं होगा। जैसे आजीवन अव्ययीभाव समास, प्रतिदिन अव्ययीभाव समास, भरपेट अव्ययीभाव समास, बेहिसब अव्ययीभाव समास है। ठीक है?
अव्यय शब्द की बात करें अगर कोई अव्यय शब्द ही आ जाए तो भी अव्ययीभाव समास होगा। जैसे यथाशक्ति अव्यय शब्द है। सरासर अव्यय शब्द है। फटाफट अव्यय शब्द है। भली-भांति भी अव्यय शब्द है और ध्यानपूक भी क्या है साथियों? अव्यय शब्द है। ठीक है? क्लियर है भाई?
आगे देखिएगा। बात करें साथियों द्विरुक्ति शब्द अगर आ जाए मतलब द्विक्ति शब्द वे शब्द होते हैं जो एक जैसे देखने में लगते हैं। यानी सेम सेम होते हैं। तो जैसे अगर हमने कहा भैया कि पल-पल की बात करें तो इसमें द्विरुक्ति शब्द है अव्ययीभाव समास। धीरे-धीरे में अव्ययीभाव समास। हाथों हाथ में अव्ययीभाव समास। रातोंरात में भी क्या हो जाएगा? अव्ययीभाव समास समास होगा। जैसे अगर साफ-साफ कहा जाए, पल-पल कहा जाए तो भी क्या होगा साथियों? अव्ययीभाव समास होगा।
दूसरा देखिएगा बात करें किसके बारे में? तत्पुरुष समास के बारे में क्या होता है तत्पुरुष समास। तत्पुरुष समास की परिभाषा होती है साथियों। जिस समास का पूर्व पद गौ हो और उत्तर पद की बात करें साथियों प्रधान या क्या हो? मुख्य हो। उत्तर पद क्या हो साथियों? प्रधान या मुख्य हो उसे कौन सा समास कहते हैं? तत्पुरुष समास कहते हैं। इसमें क्या होता है? पूर्व पद की विभक्ति का लोप हो जाता है। पूर्व पद की विभक्ति का लोप हो जाता है। ठीक है?
अब बात करें साथियों भेद की। भेद इसके कितने होते हैं? छह होते हैं। किसके आधार पे भाई? कारक के आधार पे। कर्म तत्पुरुष हो गया, करण तत्पुरुष हो गया, संप्रदान तत्पुरुष, अपादान तत्पुरुष, संबंध तत्पुरुष और क्या होता है साथियों? अधिकरण तत्पुरुष समास होता है।
पहचान अगर इनकी याद रखना है तो आप याद रखिएगा। पूर्व पद रहेगा समास विग्रह करते समय। उसके बाद क्या आनी चाहिए भैया? बीच में विभक्ति आनी चाहिए। उसके बाद क्या आना चाहिए? उत्तर पद। ऐसा समास विग्रह करने पर अगर कोई प्रारूप मिलता है तो वहां पे कौन समास हो जाएगा? कहेंगे सर तत्पुरुष समास होगा।
जैसे अगर हमने एग्जांपल लिखा है साथियों राजपुत्र इसका अगर हमें समास विग्रह करना हो तो हम क्या करेंगे? राजा का पुत्र। ये हो गया साथियों। ये क्या हो गया भाई? कहेंगे सर ये पूर्व पद है। इसकी बात करें साथियों। ये क्या हो गया आपका? विभक्ति शब्द हो गया। जिसका हमें लोप करना है। पुत्र की बात करें ये क्या हो जाएगा साथियों? उत्तर पद हो जाएगा। यानी अगर आपसे कहा जाए राजपुत्र में कौन समास हो जाएगा? कहेंगे सर तत्पुरुष समास। ठीक है? तत्पुरुष समास हो जाएगा। और जिस कारक की विभक्ति समास विग्रह करने पर आएगी वही उसमें तत्पुरुष समास मान लिया जाएगा। अब यहां पर विभक्ति किसकी आई है? संबंध कारक की। इसका मतलब यहां पे कौन सा तत्पुरुष हो जाएगा? कहेंगे सर संबंध तत्पुरुष। ठीक है?
आगे देखिए। बात करें साथियों कर्मधारय समास के बारे में। कर्मधारय समास में क्या होता है साथियों? उत्तर पद प्रधान होता है। जबकि इसमें विशेषण विशेष्य और क्या होते हैं साथियों? उपमान उपमेय होते हैं। यानी जिस समास का उत्तर पद प्रधान होने के साथ-साथ उसमें विशेषण विशेष्य या उपमान उपमेय हो उसे कौन सा समास कहते हैं? कर्मधारय समास।
पहचानते कैसे साथियों? कोई शब्द दिया हो उस शब्द के पहले क्या आए? सत, परम, अध आ जाए। किसी भी शब्द के पहले सत, परम अध आ जाए तो उसमें कौन समास होगा? कर्मधारय। जैसे सज्जन में सत उपसर्ग है। परमानंद में परम उपसर्ग है। परम उपसर्ग नहीं है। शब्द ही है वो विशेषण के रूप में। अधोरा में देखिए अध उपसर्ग है। इनसे बना शब्द क्या हो जाएगा? कर्मधारय समास। किसी भी शब्द के पहले महा या रंग आ जाए तो उसमें भी क्या हो जाएगा? कर्मधारय समास होगा। लेकिन अपवाद को छोड़कर। किसको छोड़कर भैया? अपवाद छोड़कर। इसमें अपवाद भी है। ठीक है?
अपवाद को छोड़कर बात करें तो यह काम करने वाला है। विशेषण के अगर विशेषण विशेष्य केवल आए तो विशेषण विशेष्य को कैसे पहचानोगे भैया? कैसा का प्रश्न करने पर जो उत्तर मिलेगा वो विशेषण हो जाएगा। और कौन का प्रश्न करने पर जो उत्तर मिलेगा वो क्या हो जाएगा भैया? विशेष्य हो जाएगा। जैसे नौ नौ की बात करें कहेंगे सर जी नौ नई है जो उढ़ा। उढ़ा कैसी है? कहेंगे सर नई है। तो नई हो गया विशेषण। उढ़ा क्या मतलब क्या होता है? स्त्री होता है। उढ़ा का मतलब क्या होता है साथियों? स्त्री होता है। तो यह नवविवाहित स्त्री को क्या कहा जाता है? नवढ़ा कहा जाता है। अंधविश्वास विश्वास कहता है साथियों अंधा है।
आगे देखिए उपमान उपमेय हो। उपमान उपमेय की बात करें साथियों कहा जाता है कि प्रकृति से संबंधित शब्द क्या होंगे? प्रकृति से संबंधित शब्द उपमान होंगे। और शरीर से संबंधित शब्द क्या होंगे साथियों? उपमेय होंगे। जैसे चरण कमल। चरण क्या है? उपमेय हो गया। और कमल की बात करें प्रकृति से संबंधित है। क्या हो गया? उपमान हो गया। वज्र देह की बात करें सेम है। मृगनयन की बात करें इसमें भी कौन समास हो जाएगा? कहेंगे सर कर्मधारय समास। बस इतना याद रखना है कि जहां पर विशेषण विशेष या उपमान रूप में हो वहां पे कर्मधारय समास होता है। ठीक है?
आगे बढ़ते हैं। अगला देखिएगा द्विगु समास की बात करें साथियों। द्विगु समास में क्या होता है? पूर्व पद संख्यावाचक विशेषण होता है और उत्तर पद क्या होता है दोस्तों? विशेष्य होता है। और समास विग्रह कैसे करते हैं भाई? पूर्व पद रहेगा, उत्तर पद रहेगा और क्या करेंगे? समूह या समाहार लिख देंगे।
जैसे अगर हमने लिखा है साथियों चौराहा तो चौराहा का समास विग्रह कैसे करा जाएगा तो कहेंगे सर चार ये हो गया साथियों पूर्व पद और राह क्या हो गया उत्तर पद चार राहों का समाहार ये हो जाएगा समास विग्रह और इसकी पहचान क्या होती है कोई शब्द दिया रहे भाई शब्द दिया रहे शब्द कैसा रहेगा वो संज्ञा के रूप में रहे और संज्ञा के पहले क्या आ जाए साथियों कोई संख्या आ जाए तो द्विगु समास हो जाएगा जैसे तिराहा चौराहा चवन्नी नवरत्न पंचत तत्व इन सब में कौन समास है? कहेंगे सर द्विगु समास है। क्लियर है भाई? क्लियर है ना ये सब?
चलिए आगे बढ़ते हैं। अगला देखिएगा। द्वंद समास की बात करें साथियों। द्वंद समास में क्या होता है? दोनों पद प्रधान होता है। क्या होता है भाई? दोनों पद क्या होता है साथियों? प्रधान होता है। पहचान के लिए याद रखिएगा इसमें विपरीत पूरक या संबंधी शब्द होते हैं। और इसमें क्या होता है? दोनों पदों के मध्य प्राय योजक चिन्ह का प्रयोग किया जाता है। किसका प्रयोग किया जाता है साथियों? योजक चिन्ह का प्रयोग किया जाता। प्राय इसलिए कह रहा हूं कभी-कभी नहीं भी रहता है तब भी बताना पड़ता है। अभी एग्जांपल आएगा।
जैसे माता-पिता की बात करें योजक चिन्ह है। दिवार रात्रि की बात करें साथियों इसमें योजक चिन्ह नहीं है। पाप पुण्य की बात करें योजक चिन्ह है। घास-फूस में भी योजक चिन्ह है। इन सब में कौन समास हो जाएगा? द्वंद समास। बस इतना याद रखिएगा कि इसमें विपरीत शब्द आते हैं साथियों। पूरक शब्द का मतलब है जैसे कपड़े लत्ते हो गए, पेड़-पौधे हो गए। ये सब पूरक हैं एक दूसरे के। ठीक है? और संबंधी शब्द का मतलब होता है जैसे माता-पिता, भाई, बहन, राम, लक्ष्मण, पतिप ये सब आएंगे तो ये संबंधित एक दूसरे रिलेटिव हैं। तो वहां पर भी कौन समास हो जाएगा? द्वंद समास हो जाएगा।
बहुव्रीहि समास की बात करें साथियों इसमें क्या होता है? परिभाषा के रूप में अगर आप देखें तो दोनों पद क्या होते हैं मेरे दोस्तों? अप्रधान होते हैं। इसमें दोनों पद क्या होते हैं साथियों? अप्रधान होते हैं। जब दोनों पद अप्रधान होंगे। जाहिर सी बात है कि उसका कौन सा पद प्रधान होगा? तीसरा पद प्रधान होगा। यानी दोनों पद मिलकर तीसरे पद को प्रधान कर देंगे। और इसका मतलब ये अप्रधान का मतलब होता है कोई पद प्रधान नहीं होता।
पहचान याद रखना मेरे दोस्तों पहचान क्या होती है कि योगरूढ़ शब्द आएगा तो भी जो है बहुव्रीहि समास होगा। पर्यायवाची शब्द आएगा तो भी क्या होगा? बहुव्रीहि समास होगा। योगरूढ़ शब्द किसे कहते हैं? दो शब्दों के योग से बना शब्द यदि कोई विशेष अर्थ प्रकट करता है तो वो क्या हो जाता है साथियों? योगरूढ़ शब्द हो जाता है। और योगरूढ़ शब्द में केवल और केवल क्या होता है? बहुव्रीहि समास होता है। जैसे चंद्रमौली दो शब्दों का योग है। गजानन दो शब्दों का योग है। वीणापाणी दो शब्दों का योग है। पंकज दो शब्दों का योग है। और इनसे क्या बनता है भैया? इनसे बात करें तो जैसे इनको कहा जाता है शिवजी। क्या कहा जाता है भाई? इनको शिव जी कहा जाता है। है ना? इनको क्या कहा जाता है भैया? शिव कहा जाता है। इनकी बात करें तो इनको गणेश कहा जाता है। इनकी बात करें तो इनको सरस्वती कहा जाता है। ठीक है? और वहीं पर इनकी बात करें तो ये क्या है? कमल है तो इसका मतलब है कि यह पर्यायवाची का रूप भी है। पर्यायवाची अगर शब्द होंगे तो भी साथियों कौन सा समास होगा? कहेंगे सर बहुव्रीहि समास हो जाएगा।
इस तरह कम कम समय में आपने पूरी तरह से समास को देखा है और इसके माध्यम से अगर आप प्रैक्टिस करते हैं तो बहुत सारे प्रश्न आपके हल हो जाएंगे। बाकी मैंने मौखिक रूप से बहुत सारी चीजें बताई हैं आपको। ठीक है? तो वीडियो कैसी लगी कमेंट सेक्शन में कमेंट करके जरूर बताइएगा। ऐसे ही बहुत सारे वीडियो आते रहेंगे। डेली 5:00 बजे वीडियो आपको मिलने वाला है। तब तक के लिए नमस्कार। टेक केयर। बाय-ब मस्त रहिए, पढ़ते रहिए। जय हिंद, जय भारत।