📱

Get Our Mobile App

Take your business learning on the go!

Download on the App StoreGet it on Google Play

Income Tax Return filing for Agriculture Income | Agriculture Income | Agriculture income in ITR

CA Guru Ji17:00

Transcription

एग्रीकल्चर इनकम और उसकी इनकम टैक्स रिटर्न बहुत इंपॉर्टेंट है, फाइल करना। वैसे तो आप सभी को यही पता है कि हमारी जो एग्रीकल्चर इनकम है वो एग्जाम्ट होती है। यही पता है ना? बट गवर्नमेंट ने इसे इनडायरेक्टली क्या कर रखा है? टैक्सेबल। ठीक है। और कैसे इस पे टैक्सेशन एप्लीकेबल होता है और फिर कैसे इसे आईटीआर में दिखाना होता है? क्योंकि अलग से आईटीआर के अंदर ना कभी भी आपको एग्रीकल्चर इनकम शो करने की कोई ऑप्शन नहीं दिखेगी। सैलरी का है, हाउस प्रॉपर्टी, कैपिटल गेन, वीडीए है, अदर सोर्सेस हैं, पर कहीं भी आपको एग्रीकल्चर इनकम का कोई शेड्यूल आईटीआर में दिखाई नहीं देगा। तो इसीलिए बहुत सारे पर्सन्स एग्रीकल्चर इनकम करते हैं और वो कंफ्यूज रहते हैं कि अब उसके कैसे हम आईटीआर में दिखाएं। वैसे तो एग्रीकल्चर इनकम एग्जाम्ट है, पर क्या उसको आईटीआर में दिखाने पे कोई टैक्स लायबिलिटी भी बनती है और कौन सी इनकम्स को एक्चुअली एग्रीकल्चर इनकम माना जाता है? तो पूरी डिस्कशन इस वीडियो में है, इसलिए आपने इस वीडियो को बिना स्किप किए एंड तक देखना है।

आप देख रहे हैं सीए गुरुजी। मैं हूं सीए पूजा। स्क्रीन पे आपको बहुत सारे कोर्सेस के नाम दिख रहे हैं। और क्योंकि यहां हम आईटीआर की बात कर रहे हैं, तो हमारा इनकम टैक्स और आईटीआर, टीडीएस का कोर्स इसी वेब पेज पर अवेलेबल है। यहां पे कोर्सेस एंड कॉम्बो कोर्सेस का सेक्शन है। जो भी कोर्स आप लेना चाहे उसके लिए विजिट करें cguruji.com। यहां पे मैं हूं, आईटीआर 3 पे। अभी मैं आपको सारे एग्रीकल्चर इनकम के कांसेप्ट भी बताऊंगी। यहां आईटीआर में इनकम शेड्यूल के अंदर मैंने आपको बताया कि कोई भी ऐसे एग्रीकल्चर इनकम का शेड्यूल नहीं है। बट हमारी एग्रीकल्चर इनकम क्योंकि एग्जाम्ट इनकम है, तो आपको यहां से उसे एग्जाम्ट इनकम सेलेक्ट करना होता है और कंटिन्यू पर क्लिक करना होता है। यहां पर जो मैसेज आ रहा है उसे कंटिन्यू कर दें, स्किप द क्वेश्चंस कर दें। ये आ गया हमारे पास ईआई, एग्जाम्ट इनकम का शेड्यूल। अब आप कहेंगे मैम आपने आईटीआर 3 फॉर्म क्यों ओपन कर रखा है? देखिए इसमें ना एग्रीकल्चर इनकम का, अब एग्जाम्ट इनकम के अंदर एक हमें ऑप्शन दिख रहा है एग्रीकल्चर इनकम। हम इसमें डिटेल पे क्लिक करेंगे। अभी मैं आपको बताऊंगी इसे भरना कैसे, क्योंकि जब तक आप कांसेप्ट नहीं समझेंगे तो यह फिल करना भी नहीं आएगा आपको। तो अब हम बात करते हैं एग्रीकल्चर इनकम है क्या और क्यों मैंने आपको आईटीआर 3 ओपन करके दिखाई है? आईटीआर 1 में क्यों हम इसे फाइल नहीं कर सकते? सभी चीजें हम यहां कवर करेंगे।

तो एग्रीकल्चर इनकम हमारे इंडिया में बहुत इंपॉर्टेंट है। हमारे किसान इंपॉर्टेंट हैं, क्योंकि अगर एग्रीकल्चर ही ना हो तो क्या कंट्री सरवाइव कर पाएगी? क्या पर्सन सरवाइव कर पाएंगे? नहीं। तो हर कंट्री में एग्रीकल्चर की इंपॉर्टेंस होती है। हमारे इंडिया में भी सबसे इंपॉर्टेंट माना गया है एग्रीकल्चर को। हर साल बजट में भी एग्रीकल्चर के लिए कोई ना कोई बजट एलोकेशन जरूर होती है। और अभी तक हमारी एग्रीकल्चर इनकम टोटली एग्जाम्ट है। तो अब एग्रीकल्चर इनकम है क्या? पहले वो समझते हैं। कौन से ऐसे ऑपरेशंस हैं जिन्हें माना गया है एग्रीकल्चर इनकम? तो मैं आपको एक छोटे-छोटे एग्जांपल से समझाना चाहूंगी। एक छोटा सा किसान है, उसके पास एक छोटा सा जमीन का हिस्सा है। उस जमीन पे वो अपनी फसल उगाता है और उसे सेल करता है। क्या आप खुद सोचिए क्या ये एग्रीकल्चर इनकम है? बिल्कुल है। तो अगर किसी एग्रीकल्चर लैंड, चाहे वह रूरल एरिया में है या अर्बन एरिया में है, अगर उस पर खेती की जा रही है, फसल उगा के उसको फिर बेचा जा रहा है, तो वो इनकम जो आएगी उस फसल को बेचने से, वो मानी जाएगी एग्रीकल्चर इनकम। तो यहां पे मैंने आपको एक पहला एग्जांपल दिया। हमारा एक स्मॉल एग्रीकल्चरिस्ट है, ठीक है। दूसरा हो सकता है कि एक पर्सन के पास एग्रीकल्चर लैंड है, वो वहां पे खेती करना चाहता है, पर वो खुद खेती नहीं करता। उसने आगे लेबर हायर करी हुई है, ठीक है। उनको वह वेजेस देता है और फिर फसल उगा के फिर उस फसल को मार्केट में सेल करता है। क्या ये एग्रीकल्चर इनकम है? बिल्कुल है। तो इसकी भी इनकम मानी जाएगी एग्रीकल्चर इनकम। इसकी भी इनकम मानी जाएगी एग्रीकल्चर इनकम। तीसरा पर्सन है जिसके पास एग्रीकल्चर लैंड तो है, पर उसने इसको रेंट पे या आप कह सकते हैं लीज पे दे रखा है, जिसके हिसाब से कोई और पर्सन उस पर खेती करता है। तो क्या ये उसकी रेंट और लीज की इनकम एग्रीकल्चर इनकम मानी जाएगी? यस, यह भी मानी जाएगी। क्यों? क्यों किया हुआ है गवर्नमेंट ने ऐसा? अब अगर गवर्नमेंट इस इनकम को एग्जाम्ट ना करें, मतलब एग्रीकल्चर इनकम ना ट्रीट करें, तो यह पर्सन जिसके पास ये लैंड है वो कहेगा मुझे क्या जरूरत है इस पे खेती कराने की? मैं इसे बड़े-बड़े बिजनेसमैन को दे देता हूं, वो यहां पे अपना कोई भी काम या बिजनेस ओपन कर लेंगे, ठीक है, बिल्ड करके या कुछ भी व्हाटएवर कोई अपना काम कर लेंगे। इसीलिए गवर्नमेंट ने एग्रीकल्चर लैंड की इंपॉर्टेंस बनी रहे, ये इनकम भी एग्जाम्ट कर रखी है। अब चौथा पर्सन है, चौथा पर्सन है जिसके पास अपनी खुद की कोई लैंड नहीं है। वो क्या करता है? जो हमारे एग्रीकल्चरिस्ट हैं, किसान हैं, उनसे उनकी प्रोड्यूस खरीदता है और फिर उसे आगे सेल करता है। क्या उसकी इनकम एग्रीकल्चर इनकम है? आप कमेंट करके बताइए। तब तक हम और भी डिटेल में समझते हैं। कमेंट जरूर करना। फोर्थ पॉइंट की इनकम क्या एग्रीकल्चर इनकम है या नहीं? तो अब यहां पे मैंने डिटेल में लिखा है। अब मैंने आपको ब्रीफ में बहुत अच्छे से बता दिया। तो पहला है, एग्रीकल्चर इनकम को हमारा सेक्शन 2(14) कैपिटल ए बताता है और इसकी एग्जेम्पशन हमें इनकम टैक्स के सेक्शन 10 में दी हुई है। तो रेंट या रेवेन्यू मिलता है अगर एग्रीकल्चर लैंड से, तो रेंट फ्रॉम एग्रीकल्चर लैंड, इनकम डिराइव्ड फ्रॉम लैंड यूज्ड फॉर एग्रीकल्चर पर्पस, इंक्लूडिंग एनी बिल्डिंग ऑन सच लैंड। अब एक लैंड है, इसमें यहां पे एक बिल्डिंग भी बनी हुई है, छोटी सी, किसलिए बनी हुई है? एग्रीकल्चर के काम से ही रिलेटेड, कोई टूल्स रखने हैं, कोई सामान रखने हैं, तो वो भी उसी का पार्ट माना जाएगा। और ऐसे केस में जो पूरा रेंट आ रहा है लैंड का, वो इनकम हमारी टैक्स फ्री रहेगी, एग्रीकल्चर इनकम मानी जाएगी और उसका रेवेन्यू, एग्रीकल्चर लैंड का, वो भी हमारा प्रोड्यूस जो है, उसका रेवेन्यू, वो भी एग्रीकल्चर इनकम है। मैंने आपको पहले ही केसेस बता दिए, इसलिए आपको इजी अंडरस्टैंडिंग हो रही होगी। देन इनकम फ्रॉम एग्रीकल्चर ऑपरेशन। अब एग्रीकल्चर ऑपरेशन समझना बहुत जरूरी है। कौन से होते हैं एग्रीकल्चर ऑपरेशन? जैसे कि बीज बोना, ठीक है, फिर फसल को ग्रो करना, उसकी कटाई करना, कटाई करने के बाद उसे इस लेवल पे लेके आना कि वो मार्केट में सेल हो सके, ठीक है। अब जैसे गेहूं है, गेहूं अगर उग के खड़ी है आपके खेत में, तो जब तक आप उसको काटोगे नहीं और उसे इस तरह से तैयार नहीं करोगे कि वो मार्केट में बिकने लायक हो जाए, तो क्या कोई उसे लेगा? नहीं। तो ये सारे काम भी जो आपने एग्रीकल्चर प्रोड्यूस को सेल करने के लिए, उसको सेलिंग के लिए बनाने के लिए, सेलिंग तक बनाने के लिए, कोई पर्सन उसको खरीदे, जो भी काम किए हैं, वो सारे माने जाएंगे आपके कल्टीवेशन ऑफ़ लैंड, सारे माने जाएंगे आपके एग्रीकल्चर ऑपरेशन। अब आप लोग अपने घर में भी आजकल तो हमें प्लांट लगाने का बहुत शौक है। ये प्लांट्स हम कहां से खरीद के लाते हैं? नर्सरी से। तो नर्सरी भी अगर इनकम करती हैं सैपलिंग एंड सीडिंग से, तो वो भी एग्जाम्ट। टॉपिक्स, प्रोड्यूस मार्केटेबल, तो वो भी एग्जाम्ट। मैंने आपको एग्जांपल बताए। अब आपने एग्रीकल्चर इनकम समझ ली। अब मैं आपको ले आई हूं कौन सी ऐसी इनकम है जो नॉन एग्रीकल्चर इनकम है? तो हम समझते हैं एग्रीकल्चर इनकम वर्सेस नॉन एग्रीकल्चर इनकम। एग्रीकल्चर सेल ऑफ़ सीड्स, रेंट फ्रॉम लीजिंग एग्रीकल्चर लैंड, प्रॉफिट फ्रॉम ग्रोइंग फ्लावर्स एंड क्रीपर्स, वो भी एग्रीकल्चर इनकम है। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल रिसीव्ड बाय पार्टनर फ्रॉम अ फार्म इंगेज्ड इन द एग्रीकल्चर ऑपरेशन। और नॉन एग्रीकल्चर इनकम कौन सी है हमारी? अगर पोल्ट्री फार्मिंग है आपकी, वह एग्रीकल्चर इनकम नहीं है। डेरी फार्मिंग है आपकी, वह भी एग्रीकल्चर इनकम नहीं है। अगर आपके पास रेंट आ रहा है फ्रॉम एग्रीकल्चर लैंड जो आपका स्टॉक इन ट्रेड है, वो भी एग्रीकल्चर इनकम नहीं है। या इनकम फ्रॉम बी कीपिंग एंड सेलिंग हनी, वो भी एग्रीकल्चर इनकम नहीं है। देन अब आपने टाटा का नाम तो सुना ही होगा। टाटा आपको चाय की पत्ती सेल करती है और वो कहते हैं कि हमारे टी के खुद के बहुत बड़े-बड़े बागान हैं, ठीक है। तो इस तरह के केसेस में गवर्नमेंट ने कुछ पार्शियल इनकम का पार्ट हमें बताया कि वो एग्रीकल्चर इनकम हो सकता है। वो कौन से हैं? टी के केस में 40% ऑफ़ इनकम इज़ कंसीडर्ड एज़ बिज़नेस इनकम एंड 60% इज़ एग्रीकल्चर इनकम। तो टाटा टी की जो इनकम है ना वो 60% एग्रीकल्चर इनकम मानी जाती है। फिर वो उससे ग्रो करके जो बाद में काम करते हैं, टी की पत्तियों को ग्रो करके जो उस पे सारा काम बाद में करते हैं, वो 40% कंसीडर किया जाता है बिज़नेस इनकम। ऐसे रबर के केस में 65% तो बिज़नेस इनकम है, 35% एग्रीकल्चर इनकम है। कॉफ़ी के केस में 25% बिज़नेस इनकम है एंड 75% एग्रीकल्चर इनकम है। और मैंने आपको बता दिया, चाहे आपका एग्रीकल्चर लैंड अर्बन है या रूरल है, पर अगर आप उस पर एग्रीकल्चर ही करते हो, तो फिर आपकी वो इनकम एग्रीकल्चर इनकम, एग्जाम्ट मानी जाती है।

नाउ अब मैं आपको आईटीआर पे लेके आती हूं। अभी मैं इसकी टैक्सेबिलिटी बताऊंगी। अब मैंने आपके सामने आईटीआर 3 ओपन करी थी। तो हमारे पास मेज़र्ली एग्रीकल्चर इनकम शो कर सकेंगे हम आईटीआर 1, 2, 3, 4 सभी में। पर आईटीआर 1 एंड 4 इन दोनों में आप अप टू सिर्फ़ 5000 तक की ही एग्रीकल्चर इनकम शो कर सकते हो, ठीक है। तो ये तो बिल्कुल नॉमिनल सी इनकम है कि आपके बस जस्ट एक नॉमिनल से पैसे आ रहे हैं। तो एग्रीकल्चर इनकम के केस में तो यह तो रिलेवेंट नहीं रही आपके लिए, ठीक है। ये दोनों आईटीआर आपके लिए रिलेवेंट ही नहीं रहेंगी। इसलिए अब पिक्चर में आती है दो आईटीआर, आईटीआर 2 एंड आईटीआर 3। तो अगर आपकी एग्रीकल्चर इनकम ही है सिर्फ़, तो आप आईटीआर 2 सिलेक्ट कर सकते हैं और एग्रीकल्चर इनकम के साथ और बिज़नेस वगैरह की भी इनकम है, तो आप आईटीआर 3 सिलेक्ट कर सकते हैं। दोनों में ही आपको अभी जो मैं दिखाऊंगी, एग्जाम्ट इनकम का शेड्यूल वही आपको सिलेक्ट करना है। तो इनमें फिर आप 5000 से ज्यादा के भी इनकम, एग्रीकल्चर इनकम जो है आपकी वो दिखा सकते हो दोनों ही आईटीआर के अंदर। क्लियर हो गया आपको? इसीलिए हमने आईटीआर 2 या 3 सिलेक्ट करनी है एग्रीकल्चर इनकम को शो करने के लिए। अब बात करते हैं एग्रीकल्चर इनकम की टैक्सेबिलिटी की। तो एग्रीकल्चर इनकम की टैक्सेबिलिटी बनती है। जी हां, इसे इनडायरेक्टली टैक्स किया जाता है। कैसे किया जाता है? मान लीजिए एक पर्सन है जिनकी एग्रीकल्चर इनकम सिर्फ़ और सिर्फ़ एग्रीकल्चर इनकम ही है 5 लाख की, तो फिर तो इस पे टैक्सेबिलिटी आएगी नहीं, क्योंकि ये पूरी की पूरी एग्रीकल्चर इनकम एग्जाम्ट है। एक पर्सन की एग्रीकल्चर इनकम है 5 लाख और उसकी अदर नॉन एग्रीकल्चर इनकम जो है वो है 8 लाख, ठीक है। या हम इसे मानते हैं कि एग्रीकल्चर इनकम तो है 25 लाख और अदर इनकम है 8 लाख। तो आप देखिए ना किसी पर्सन की अगर हम एग्रीकल्चर ना माने, इसे किसी पर्सन की अगर 33 लाख इनकम होगी, तो वो कौन से स्लैब में आएगा? 30% के टैक्स स्लैब में आएगा, राइट? उस इनकम पे 30% के स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा। पर अगर कोई पर्सन कहे कि ये एग्रीकल्चर इनकम तो आप मेरी कंसीडर मत करो, सिर्फ़ 8 लाख की इनकम कंसीडर करो, नॉन एग्रीकल्चर इनकम, तो 8 लाख पे वो कितना टैक्स देगा? 10% ही देगा सिर्फ़। तो इसीलिए यह डिफरेंशिएबल करा है, फिर तो। इसीलिए गवर्नमेंट कहती है कि अगर किसी की एग्रीकल्चर इनकम है, मान लो वो है 10 लाख और नॉन एग्रीकल्चर इनकम है, मान लो वो है 15 लाख, तो पहले तो आपने इन दोनों इनकम को टोटल करके टैक्स निकालना है, फिर आपने एग्रीकल्चर इनकम में एग्जेम्पशन लिमिट को ऐड करके जो हमारी है 2.5 लाख, फिर टैक्स निकालना है और जो डिफरेंस है वो आपकी टैक्सेबिलिटी आएगी। तो यहां पे मैंने लिखा भी है, कंप्यूट टोटल इनकम इंक्लूडिंग एग्रीकल्चर इनकम। तो आपने अदर देन एग्रीकल्चर इनकम और एग्रीकल्चर इनकम दोनों को इंक्लूड करके टैक्स निकालना है। फिर एग्रीकल्चर इनकम में बेसिक एग्जेम्पशन लिमिट को ऐड करके टैक्स निकालना है और जो डिफरेंस आएगा वो आपकी होगी टैक्स लायबिलिटी। ठीक है। चलिए अब हम इसे आईटीआर में समझते हैं, कैसे दिखाना है। तो आईटीआर में देखिए एग्रीकल्चर इनकम के लिए आपसे क्या-क्या पूछा गया है? ग्रॉस एग्रीकल्चर रिसीप्ट, आपकी जो ग्रॉस एग्रीकल्चर इनकम है, बिना किसी खर्चे को माइनस किए, वो आपने यहां पे दिखाने हैं। फिर आपके जो एक्सपेंडिचर्स हुए हैं इस एग्रीकल्चर इनकम के लिए, वो एक्सपेंडिचर भी आप यहां पे क्लेम कर सकते हो। देन अनएब्जॉर्ब्ड, अगर कोई एग्रीकल्चर लॉस था आपका पिछले 8 सालों का, उसका भी बेनिफिट आप यहां पर ले सकते हो। फिर निकल आएगी आपकी एग्रीकल्चर इनकम रिलेटेड टू दिस रूल। देन आपकी नेट एग्रीकल्चर इनकम ऑफ़ द ईयर। तो हम यहां पे एक बार एग्रीकल्चर इनकम डाल के देखते हैं। यहां मैं ग्रॉसरी सीट्स में ऐड कर लेती हूं 12 लाख, ठीक है। मैं इसके एक्सपेंडिचर्स ऐड कर देती हूं 3,50,000 के। ये जीरो है। तो देखिए यहां मेरी एग्रीकल्चर इनकम आ गई 8,50,000। अब हम नीचे आते हैं। देखिए अगर आपकी एग्रीकल्चर इनकम 5 लाख से ज्यादा होती है, तो आपको एक और डिटेल नीचे यहां पे ऐड करनी होती है। यहां पे लिखा भी है, इन केस एग्रीकल्चर इनकम फ्रॉम द ईयर एक्सीड 5 लाख, तो आपको ये डिटेल्स भी ऐड करनी हैं। क्या? लोकेशन ऑफ़ एग्रीकल्चर लैंड, जो आपका एग्रीकल्चर लैंड है जिसकी आप इनकम यहां दिखा रहे हो, एक है या एक से ज्यादा, जितने भी हैं सारे ऐड कर सकते हो, उनकी डिटेल आपको डालनी है। सेपरेटली ऐड करें हर एग्रीकल्चर लैंड के लिए, नेम ऑफ़ द डिस्ट्रिक्ट, पिन कोड, मेज़रमेंट भी डालनी है एग्रीकल्चर लैंड की, कैसे डालनी है? एकर्स में, यहां लिखा हुआ है, ठीक है। वेदर द एग्रीकल्चर लैंड इज़ ओन्ड? क्या आपकी खुद की है? खुद की है तो ओन्ड पे क्लिक करें। लीज पे ली हुई है तो यहां क्लिक करें। क्या आपकी एग्रीकल्चर लैंड इरिगेटेड या रेनफेड है? तो इरिगेटेड पे क्लिक करें, नहीं तो रेनफेड पे क्लिक करें, ठीक है। तो ऐसे आपको ये लैंड की भी अपनी डिटेल एंटर करनी है। अगर आपकी एग्रीकल्चर इनकम 5 लाख से ज्यादा, 5 लाख से कम है तो फिर ये डिटेल डालने की जरूरत नहीं है। तो बस अपनी ये डिटेल आप एंटर कर लेना। तो इस तरह से आपको अपनी एग्रीकल्चर इनकम को इनकम टैक्स रिटर्न में शो करना है और इनकम टैक्स रिटर्न में ऑटोमेटिक कैलकुलेशन होती है आपके टैक्स की, ठीक है। आपको मैं एक एग्जांपल से समझा देती हूं। जैसे मैंने अभी ये एग्जांपल लिया था। इस केस में मैंने एग्रीकल्चर इनकम बोली कि मेरी है 3,50,000। तो पहले मुझे इस 3,50,000 में 2,50,000 की एग्जेम्पशन लिमिट ऐड करनी है। अगर मैं ओल्ड रेजीम हूं तो 2,50,000, न्यू रेजीम लूंगी तो 3 लाख। तो ये इनकम बन जाएगी मेरी कितनी? 6 लाख। तो पहले 6 लाख पे मुझे टैक्स लायबिलिटी निकालनी है, ठीक है। देन मेरी नॉन एग्रीकल्चर इनकम मैंने मानी थी 8 लाख। इस 8 लाख में एग्रीकल्चर इनकम 3,50,000 ऐड कर देंगे, ये आएगी 11,50,000। इस 11,50,000 पे अब टैक्स लायबिलिटी निकालनी है। मान लो एक जनरल मैं सिनेरियो में बता रही हूं आपको यहां पे। I6 और इस केस में मेरी आई टैक्स लायबिलिटी 23,000। तो मुझसे गवर्नमेंट टैक्स कितना लेगी? यहां पे 7000। तो इस तरह से एक हाइपोथेटिकल एग्जांपल लिया है मैंने। आपको एग्जैक्टली कैलकुलेशन करनी होगी। इस तरह से आपकी एग्रीकल्चर इनकम कैलकुलेट होगी, उसकी ऊपर टैक्सेबिलिटी इनडायरेक्टली कर दी जाएगी। तो ऑटोमेटिक ही इनकम टैक्स रिटर्न में कैलकुलेशन होती है। आपको खुद करने की जरूरत नहीं होती। पर हां, आपको पता होना जरूरी है, क्योंकि सडन ऐसे टैक्स लगेगा तो आपको लगेगा कि ये टैक्स बना कैसे? मेरी तो एग्रीकल्चर इनकम एग्जाम्ट है। तो इस तरह से आपकी नॉन एग्रीकल्चर इनकम होने पर इनडायरेक्टली आपकी एग्रीकल्चर इनकम भी टैक्सेबल हो जाती है। तो यह वीडियो उनके लिए है जो एग्रीकल्चर इनकम करते हैं। यह जो आपको मैंने आर्टिकल दिखाया एग्रीकल्चर इनकम से रिलेटेड, इसका भी लिंक डिस्क्रिप्शन में मैंने दे दिया है। आप इसे आराम से पढ़िए, आपकी और भी ज्यादा अंडरस्टैंडिंग बढ़ जाएगी। ऐसी ही इम्पोर्टेन्ट वीडियो सीए गुरुजी चैनल पे लगातार आनी है, इसीलिए इस वीडियो के नीचे देखिए एक टैब है सब्सक्राइब का, उस पे क्लिक कर लें। ये आपके लिए बिल्कुल फ्री है।

cguruji.com पे यहां पे हमारे कोर्सेस के लिए जाइए। कोर्स सेक्शन में यहां आपको कोर्स दिख रहे हैं। ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन, इनकम टैक्स, आईटीआर एंड टीडीएस, जीएसटी कोर्स, ऑटोमेशन ऑफ़ बैलेंस शीट, टीडीएस एंड टीसीएस का कोर्स, अकाउंटिंग विद टैली प्राइम, कंपनी रजिस्ट्रेशन एंड देन आपको लगेगा कि कुछ कोर्सेस के नाम यहां रिपीट हो रहे हैं। एक्चुअली जो थंबनेल येलो कलर में है वो लिमिटेड वैलिडिटी के कोर्सेस हैं और जो ब्लैक कलर के ये थंबनेल हैं, ये लाइफ़टाइम वैलिडिटी के कोर्सेस हैं। कोर्सेस में कोई डिफरेंस नहीं है, सिर्फ़ वैलिडिटी में डिफरेंस है। जिस भी कोर्स में आप इंटरेस्टेड हैं उस पे क्लिक करें। जैसे आपको यह कोर्स बाय करना है, यहां आने के बाद सबसे पहला काम करें कि यहां पे अबाउट द कोर्स दिया है, शो मोर करें और इस कोर्स के बारे में आराम से पढ़ें। 10-15 मिनट आराम से यहां स्पेंड करें और जब आपको लगे कि ये कोर्स आपके नीट को सेटिस्फाई कर रहा है, तो बस ऐड टू कार्ड कर दें। ऐड टू कार्ड करते ही आपसे कुछ बेसिक इंफ़ो आपकी पूछी जाएंगी और आपका यहीं से यूज़र नेम एंड पासवर्ड भी क्रिएट हो जाएगा, जिसके बाद आप यहां पे लॉग इन करके ही कोर्स को देख पाएंगे। तो बहुत ही इजी है हमारे कोर्सेस में इनरोल करना और यहां पे कॉम्बो कोर्सेस का भी सेक्शन है। तो अगर आपको लगे कि मुझे तो जीएसटी भी सीखना है, इनकम टैक्स भी सीखना है, आईटीआर भी सीखना है, तो आपके लिए हमारे कॉम्बो कोर्सेस अवेलेबल हैं। तो cguruji.com पे आएं और हमारे कोर्सेस का बेनिफिट लें। किसी भी तरह की क्वेरी के लिए कांटेक्ट का टैब है, आप टीम के साथ कांटेक्ट कर सकते हैं। थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग।