Transcription
जुनून जुनून जुनून
[संगीत]
आइए आइए मैं आप ही का इंतजार कर रहा था।
आइए मीट मिस्टर नील भाटिया दिस इज नलनी
नलनी भटनागर अधिकारी साहब अभी-अभी आप ही
की बात कर रहे हैं।
खुदा खैर करे वैसे अधिकारी अंकल हमें भी
आपके बारे में बहुत कुछ बता चुके हैं लखनऊ
में। मेरा मतलब है कि आपकी काबिलियत के
बारे में।
इनकी तो आदत है मुझ जैसे निकम्मो को आसमान
पे चढ़ाने की।
फिर तो मुझे बहुत एहतियात बरतना पड़ेगा
क्योंकि मैं निकम्मो की निकम्मी हूं। अब
आप लोग मेरी टांगे खींचते रहोगे या आराम
से तशरी भी रखोगे।
सॉरी लेडीज को पहले ही बैठ जाना चाहिए।
नहीं तो बेचारे मर्द जिंदगी भर खड़े ही रह
जाएंगे।
[हंसी]
ये बचपने से ही ऐसी थी शरारती। कितना तंग
किया करती थी मुझे। जब मैं भटनागर साहब को
असिस्ट करने लखनऊ गया था।
आपको सब कुछ याद है अंकल?
एक-एक बात। भाई वो वकील वकील ही क्या
जिसकी याददाश्त तेज ना हो।
बहुत मजे के दिन थे। अब तो खैर कहिए मैं
कब से काम शुरू करूं?
अभी से बल्कि इसी लम्हे से।
अच्छा तो बताइए इस वक्त आप लोग कौन सा केस
डिस्कस कर रहे हैं?
बस डिवोर्स का एक केस फ्रेम कर रहे थे।
रहने दीजिए अधिकारी साहब। ये यहां थक आ
रही आई है।
मैं कौन सा पैदल चल कर आई हूं? जरूर लव
ट्रायंगल का चक्कर होगा और मर्द ने केस
दायर किया होगा।
तुमने आज तक तलाक के कितने केसेस हैंडल
किए?
एक भी नहीं।
यहां इस केस में गुनहगार एक औरत है। और
हैरानी की बात तो ये है कि गुनाह करके भी
वो शर्मिंदा नहीं होती। बल्कि उल्टे अपने
सारे इल्जाम मर्द पर डाल रही है।
मर्द क्या चाहता है?
वो भी उस औरत से छुटकारा चाहता है।
तो फिर प्रॉब्लम ही क्या है? जब मियां और
बीवी दोनों तलाक लेने और देने के लिए राजी
हैं तो काजी के लिए काम बिल्कुल ही आसान
हो जाता है।
दरअसल इस कहानी के बीच में एक बच्चा भी
है।
हम तो रियल प्रॉब्लम ये है कि बच्चा किसके
साथ रहेगा?
यू आर राइट।
कितने साल का है?
दो साल का।
तब तो मां के साथ ही रहेगा।
वो बच्चा मां को नहीं मिल सकता। क्योंकि
वो औरत पागल है, अल्कोहलिक है, आवारा और
बच्चा है।
हम तब तो बच्चा उसे किसी सूरत में भी नहीं
मिलना चाहिए। बच्चे की जान को खतरा भी हो
सकता है।
यही तो हम भी सोच रहे हैं।
ये सब इल्जामात साबित करने के लिए अदालत
में सबूत तो पेश करना ही पड़ेगा।
हां तो
लेकिन एक इंसानी पहलू की तरफ ही तो ध्यान
देना पड़ेगा। इस बच्चे को आगे जाकर किसी
ना किसी स्टेज पर यह जरूर पता चलेगा कि
उसकी मां पर लगाए गए सारे इल्जाम अदालत
में सच साबित हो चुके हैं। उस वक्त इस
बच्चे की क्या हालत होगी?
वो भी अपनी मां से नफरत करेगा।
हो सकता है और नहीं भी हो सकता।
ललनी ठीक कहती है। ठीक है। हम उसे मशवरा
देंगे कि वो अपने बेटे से हाथ धोए। नहीं
नहीं ये नहीं हो सकता। मैं एक बार फिर
सालिस बनकर जाऊंगा। उससे कोई फायदा नहीं।
मैं फिर भी एक बार और कोशिश करूंगा। मैं
जानता हूं कि इसमें मुझे कामयाबी नहीं
होगी। लेकिन ये कुछ लाजमी है। तुम अपने
सारे पेपर्स तैयार रखो और अपने क्लाइंट से
कहो कि वो सारे सबूत तैयार रखें।
मिस्टर भाटिया आपको क्रिमिनल केसेस से
इतनी फुर्सत मिलती है कि आप इस तरह के
डिवोर्स केसेस लेते हैं?
कभी-कभी मजबूर होकर ऐसा करना पड़ता है।
वकील साहिबा कुछ रिश्ते ही ऐसे नाजुक होते
हैं।
अच्छा अब चलती हूं। कल सुबह ठीक 10:30 बजे
हाजिरी दूंगी। मिस्टर भाटिया आप सुबह ऑफिस
कितने बजे आते हैं?
इट ऑल डिपेंड्स। जैसे कल मुझे अदालत जाना
है।
मैं आपसे सीखने आई हूं भाटिया साहब। मैं
थोड़ी सी सर फ्री हूं। आपको मेरा ये
पागलपन बर्दाश्त करना पड़ेगा।
यू आर वेरी फ्रैंक। ये बात मुझे बहुत
अच्छी लगी। मुझे यकीन है कि हम इत्मीनान
से इकट्ठे काम कर सकेंगे।
ओके अंकल। ओके मिस्टर भाटिया। नाइस मीटिंग
यू। बाय
बाय
नाराज हो गए
कि मैंने तुम्हारे तलाक का मसला क्यों
छेड़ा? अधिकारी साहब आपने बहुत ज्यादती
की।
तीसरी राय लेना हमेशा फायदेमंद होता है या
नहीं? हम दोनों इस केस में बायस्ड है।
दोनों इस केस से जुड़े हुए हैं। ठीक से
सोच नहीं सकते।
फिर हमने उसे कहां पता लगने दिया कि हम
अपनी ये बुद्धि सुझा रहे हैं।
ये नलिनी भटनागर बड़ी जहीन बहुत ही
इंटेलिजेंट लगती है।
मैं अग्रवाल साहब से मिलकर
एक आखरी कोशिश कर लूंगा।
जो आपकी मर्जी अधिकारी साहब डू एस यू विश।
बहुत बदनामी होगी अग्रवाल साहब।
बहुत बदनामी होगी।
और यह बदनामी आगे चलकर उस मासूम बच्चे की
साइकोलॉजी पर भी बुरा असर डालेगी।
जानता हूं अधिकारी साहब सब जानता हूं।
लेकिन अब तो मेरे बस में कुछ भी नहीं रहा।
वो तो मुझसे बात तक नहीं करती।
उसे लगता है कि हम सब उसके दुश्मन हैं। और
खासतौर पे मैं
आप एक बार फिर कोशिश करके देख लीजिए।
अब तो दो साल की मयाद भी पूरी हो रही है।
अब अगर कोई कुछ कर सकता है तो वो है नीरल
या फिर उसकी माताजी।
मैं एक बार जाकर उनके पांव पड़ता हूं।
उनकी मिन्नत करता हूं। शायद उनका ही दिल
पसीज जाए।
नील से बात करने में कोई फायदा नहीं
अग्रवाल साहब। मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश
कर चुका हूं। हां, अगर आप नील की मां
निर्मला देवी से इस सिलसिले में बात करना
चाहते हो तो करके देख लीजिए।
जाऊंगा।
जरूर जाऊंगा अधिकारी साहब। अपनी बेटी को
बदनामी से बचाने के लिए मैं किसी के पास
भी जाऊंगा।
अगर मिन्नी अपने हाथों से अपने बेटे को एक
बार नील की गोद में डाल देती तो यह मसला
आराम से सुलझ जाता।
अब जब यह मुमकिन नहीं
तो होने दीजिए। होने दीजिए वो सब जो हो
रहा है।
नहीं अधिकारी साहब नहीं मैं निर्मला जी के
पास जाकर आखिरी कोशिश जरूर करूंगा।
मेरी तो कुछ समझ में नहीं आ रहा भाई साहब
कि इस भंवर में से कैसे निकला जाए। दोनों
ऐसी जिद पकड़े हुए हैं कि मुझे नहीं लगता
कि यह मामला अदालत में जाए बगैर तय हो
सके।
और इसके बावजूद वह अपनी जिद पर अड़ा हुआ
है।
मैं आपको क्या बताऊं बहन जी कि मुझे नील
से कितनी हमदर्दी है।
मैं तो उसे अब भी बेटे की तरह प्यार करता
हूं।
और अगर मेरा बस चलता तो मैं अभी इसी वक्त
उसे उसका बेटा लाकर दे देता।
लेकिन अब तो वो पागल लड़की मुझे भी मुन्ने
को छूने नहीं देती है। उसे देखने के लिए
मेरा कलेजा फटा जा रहा है।
लेकिन मैं क्या करूं?
ऐसी औलाद किसी को भी नसीब ना हो बहन जी।
उसकी इसी जिद ने तो तबाही मचाई है भाई
साहब। वरना नील ऐसा नहीं है। वो तो उसकी
सारी खता माफ कर देता।
बहन जी मैं मैं
आपके पांव पड़ता हूं। नील को समझा दीजिए।
आप मुझे क्यों शर्मिंदा कर रहे हैं भाई
साहब? मुझे बताइए मैं क्या करूं? आप आप एक
बार फिर कोशिश कीजिए नील को समझाने की।
पिछले दो साल से यही तो कर रही हूं।
ठीक है। एक बार फिर कोशिश करती हूं।
इन दोनों से ज्यादा तो ट्रेजडी हमारी हो
गई।
यही तो वो बेवकूफ बच्ची समझती नहीं है बहन
जी।
नील तो समझदार था। उसको भी पता नहीं क्या
हो गया है।
हेलो
जी आप कहां से हैं? जी यहीं है। लीजिए बात
कीजिए। आपके होटल से फोन है।
हेलो।
हां, मैं बोल रहा हूं।
क्या?
उसे किसी ने कहा तो नहीं कि मैं कहां गया
हूं?
नहीं। मैंने तो सिर्फ तुम्हें बताया था।
अच्छा ठीक है। मैं मैं अभी आता हूं।
आप क्या समझती हैं कि अब मेरा इस होटल पर
कोई होल्ड नहीं रहा। इसलिए आप मेरी
इंस्ट्रक्शंस की परवाह नहीं करेंगी। वो
बूढ़ा अधिकारी यहां आकर डैडी से 2 घंटे
बातें करता रहा और आपने मुझे बताया तक
नहीं। मैडम यकीन मानिए मुझे पता ही नहीं
चला कि वो कब आए और कब चले गए। डैमेज। फिर
मैं जो आपको ये इतने सारे गिफ्ट्स दे रही
हूं वो किस लिए? अब बताइए वो कहां गए हैं।
बोलिए। मुझे नहीं मालूम। बिलीव मी मुझे
बिल्कुल नहीं मालूम। आप झूठ बोल रही हैं,
आपको सब कुछ मालूम है। ये डबल क्रॉसिंग
मेरे साथ नहीं चलेगी। अब जाओ, यहां मेरे
सर पर सवार क्यों हो? जाओ और पता लगाओ कि
वो कहां गए हैं।
[प्रशंसा]
[संगीत]
मैडम बहुत गुस्से में है। आपको अंदाजा
नहीं वो क्या आग उगल रही है।
तुम जाओ मैं देख लूंगा।
जी।
[संगीत]
[प्रशंसा]
[संगीत]
कहां लेकर गए थे इन्हें?
कहीं नहीं बेटी। साहब बहुत दिनों से बाहर
नहीं निकले थे। इनका मन जरा घूमने को कर
रहा था। बस जरा पार्क तक गए थे।
झूठ बोल रहे हो।
रामदास चलो। रुक क्यों गए? चलो।
ये इतनी आसानी से बचकर नहीं निकल सकते।
कहां गए थे? रामदालास मैं पूछ रही हूं
कहां गए थे?
हम यहां किसी की मताहत नहीं है। जहां
मर्जी है वहां जाएंगे। यहूदी कौन है हमसे
पूछने वाली?
वो अधिकारी जो आज फिर पट्टी पढ़ाने आया
था। जरूर उस वकील के पास ले गया होगा।
हां, हम वहां गए थे। फिर
क्यों गए थे? उसे रिझाने के लिए। उसे
बताने कि वो किस तरह मुझसे मेरा बेटा छीन
सकता है।
जब इस बदमाग लड़की ने हमसे रिश्ता ही तोड़
लिया है तो इसे हमारे मामलों में दखल देने
का कोई हक नहीं है रामदास।
हक है क्योंकि ये सारी साजिश मुझसे मेरा
बेटा मेरा अपना बेटा छीनने के लिए हो रही
है।
बिटिया हम नीर साहब के पास नहीं गए थे।
यकीन मानो रामदास जी से कहो मेरे रास्ते
से हट जाए।
आप जरूर किसी के पास गए थे। जब मैंने आपके
बारे में पूछा तो आपके चमचों ने आपको
टेलीफोन किया। आप क्या समझते हैं? मेरा इस
होटल में कोई नहीं है। मुझे पल-पल की खबर
देने वाले बहुत है डैडी। डैडी आई एम
स्पीकिंग टू यू। आपको अपनी इस बेटी पर जरा
भी तरस नहीं आता है?
तुम पर तरस खाने वाले तुम्हें अंधेरों में
झोंकने वाले तुम्हें अपने रंग में रंगने
वाले बहुत हैं। जिनके साथ तुम ये सारा
वक्त गुजारती हो। अरे तुम्हें अपने इस
बूढ़े बाप की क्या जरूरत?
आपको क्या मालूम डैडी? वो मेरी बेबसी
देखकर कैसे तड़प उठता है।
सब दिखावा है ये। सब दिखावा। 10 नंबर का
बदमाश है वो।
डार्लिंग मैं केशव के बारे में एक लफ्ज भी
नहीं सुनना चाहती। वही एक तो सहारा है
मेरा। वही मुझे इस भवन से बचाएगा।
हां क्यों नहीं? अरे वही एक तो है जो हम
सबकी लुटियां डुबो रहा है। जब इंसान का
विनाश आने वाला होता है ना तो उसके दिमाग
में सीसा भाग जाता है। जाओ जाओ उसी के
पास। यहां क्या कर रही हो तू? जाओ उसके
पास।
वो वक्त भी आएगा डैडी देख लेना।
हे भगवान इतने कौन सी बला पैदा कर दी मेरे
घर।
अब अगर आप किसी के घर गए, किसी से मेरे
बारे में बात की, किसी से मेरे बच्चे की
भीख मांगी, तो मैं कयामत बरपा कर दूंगी।
सुन रहे हो डैडी? सुन रहे हो? मैं आपके उस
वकील का जीना हराम कर दूंगी।
अगले बुधवार एक नया मोड़ इंतजार कर रहा
है। देखना मत भूलिए।
जुनून जुनून जुनून
[संगीत]
[संगीत]
ओम