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देखो अर्जुन को। सुबह-सुबह फिर किताबों में लगा हुआ है।
अरे भाई यही मेहनत एक दिन इसे बड़ा अफसर बनाएगी। बेटा कब से पढ़ रहा है? थोड़ा आराम भी कर लिया कर।
अभी नहीं पिताजी जब तक अफसर नहीं बन जाता चैन से नहीं बैठूंगा।
मुझे पूरा विश्वास है तू एक दिन जरूर सफल होगा। सुना है अर्जुन रोज 10-10 घंटे पढ़ाई करता है। 10 घंटे? मैंने तो सुना है रात को भी देर तक पढ़ता रहता है। मेहनत सच्ची हो तो भगवान भी साथ देता है।
इतनी रात को यहां क्या कर रहा है? उस शहर को देख रहा हूं।
उसमें ऐसा क्या है? वहां मेरी मंजिल है। मेरा सपना। एक दिन मैं बड़ा अफसर बनकर लौटूंगा।
दीदी, आप कभी थकती नहीं हो क्या? थकती तो हूं लेकिन मुस्कुराने से काम आसान लगने लगता है।
यही तो मेरी बेटी की सबसे बड़ी खूबी है। बेटी भगवान तुझे हमेशा खुश रखे।
आप आशीर्वाद देती रहिए दादी वही काफी है।
रघुवीर भाई हम एक जरूरी बात लेकर आए हैं। कहिए भाई साहब अगर आपको मंजूर हो तो हम सविता का रिश्ता अपने बेटे अर्जुन के लिए मांगना चाहते हैं।
यह तो हमारे लिए सम्मान की बात होगी। बेटी आज महेंद्र सिंह जी आए थे। वे तुम्हारा रिश्ता अपने बेटे अर्जुन के लिए मांग रहे थे। अगर तेरी खुशी हो तभी मैं हां कहूंगा।
पिताजी आपने हमेशा मेरे लिए सही फैसला लिया है। मुझे आप पर पूरा भरोसा है। आपकी खुशी में ही मेरी खुशी है।
बेटा हमने तेरे लिए सविता का रिश्ता सोचा है। सविता बहुत अच्छी लड़की है पिताजी। अगर आप सब खुश हैं तो मुझे भी यह रिश्ता मंजूर है।
मुझे पता था तू यही कहेगा। [हंसी] अब से तुम दोनों एक दूसरे के जीवन साथी बनने वाले हो।
हम [प्रशंसा] दूल्हे राजा आ गए। [हौसला बढ़ाने की आवाज़] [संगीत] आज से आप दोनों सुखदख में जीवन भर एक दूसरे का साथ निभाने का [संगीत] वचन लेते हैं।
खुश रहना बेटी।
आप अपना ध्यान रखिएगा पिताजी। घर में स्वागत है बहू।
नाश्ता ठंडा हो जाएगा पहले खा लीजिए। तुम्हें मेरी पढ़ाई से ज्यादा मेरी चिंता रहती है।
क्योंकि आपकी सफलता ही मेरी खुशी है। आज कितने घंटे पढ़ चुके हो? शायद 8 घंटे।
तो 2 घंटे और पढ़ लोगे तो किताबें तुम्हें अपना रिश्तेदार मान लेंगी। [हंसी] बस एक बार अफसर बन जाऊं फिर तुम्हारे सारे सपने पूरे करूंगा।
मुझे बस इतना चाहिए कि हम हमेशा ऐसे ही साथ रहें।
इतना नमक कौन डालता है सब्जी में? मां जी अगर ज्यादा हो गया है तो मैं अभी दूसरी बना देती हूं।
हर काम में गलती करती हो। झाड़ू भी ठीक से नहीं लगती तुमसे। मैं दोबारा साफ कर देती हूं मां जी।
हर बात दोबारा क्यों करनी पड़ती है? [नाक से की जाने वाली आवाज़] शायद मैं मां जी को कभी खुश नहीं कर पाऊंगी।
समय के साथ सब ठीक हो जाएगा। मुझे भी यही उम्मीद है। काश सब पहले जैसा हो जाए।
अगर अभी बीच में पड़ा तो घर का माहौल और खराब हो जाएगा। पहले परीक्षा निकाल लूं फिर सब ठीक कर दूंगा।
क्या मैं सच में इतनी बुरी हूं कि मां जी को मुझ में सिर्फ गलतियां ही दिखाई देती हैं? ऐसी बात नहीं है सविता। अभी मेरी परीक्षा बहुत करीब है। बस कुछ दिन और मुझे आप पर भरोसा है।
भगवान तुम्हें सफलता दे बेटा। घबराना मत। मेहनत करने वाला कभी हारता नहीं है।
समय शुरू होता है अब। समय समाप्त हुआ। सभी उम्मीदवार अपनी उत्तर पुस्तिका जमा कर दें।
आ गया बेटा। कैसा हुआ पेपर? सारे सवाल बन गए ना? पहले पानी पी लीजिए। फिर आराम से बताइए।
पेपर अच्छा हुआ। लगभग सारे सवाल कर दिए हैं। अगर किस्मत ने साथ दिया तो इस बार जरूर चयन हो जाएगा।
कल रिजल्ट है। घबराहट हो रही है। हां, पूरे एक साल की मेहनत का फैसला कल होगा।
मुझे पूरा विश्वास है। इस बार आपका चयन जरूर होगा। अगर ऐसा हो गया तो सबसे पहले तुम्हें धन्यवाद कहूंगा।
मुझे किसी धन्यवाद की जरूरत नहीं है। बस कल आपके चेहरे पर खुशी देखनी है।
ना मेरा नाम नहीं है। बेटा एक बार फिर देख लें। शायद कोई गलती हो। मैं फिर असफल हो गया।
एक हार से सपने खत्म नहीं हो जाते। आप फिर कोशिश करेंगे और इस बार पहले से भी ज्यादा मजबूत बनकर लौटेंगे। एक हार से जिंदगी खत्म नहीं होती।
मैंने सबकी उम्मीदें तोड़ दी। नहीं आपने सिर्फ [संगीत] एक परीक्षा हारी है। अपनी मेहनत नहीं।
जब से यह घर में आई है, मेरे बेटे की जिंदगी में एक के बाद एक मुसीबत आ रही है। इसमें मेरी क्या गलती है? गलती तुम्हारे कदम ही अशुभ हैं। बहू तो घर संभाल ही नहीं पा रही। पता नहीं कैसी किस्मत लेकर आई है। सच में शादी के बाद से कुछ भी अच्छा नहीं हुआ।
वापस आते-आते देर हो जाएगी। शायद शाम हो जाए। कुछ जरूरी क्लास है। अपना ध्यान रखिएगा।
तुम भी अरे यहां रखे पैसे कहां गए? बहू पैसे तुमने निकाले हैं ना?
क्या मां जी? मैंने तो अलमारी को हाथ तक नहीं लगाया। झूठ मत बोलो। इस घर में तुम्हारे अलावा और कौन ले सकता है?
मैं भगवान की कसम खा के कहती हूं, मैंने एक रुपया भी नहीं लिया। कसम खाने से सच नहीं बदल जाता।
क्या हुआ? सब इतने परेशान क्यों हैं? तेरे पीछे इसने घर के पैसे चुरा लिए।
क्या तुमने पैसे लिए थे? आप भी मुझ पर शक कर रहे हैं। मुझे लगा पूरी दुनिया मेरे खिलाफ हो जाए फिर भी आप मेरा विश्वास करेंगे। जिस इंसान पर सबसे ज्यादा भरोसा था, आज उसी ने मेरी बात नहीं मानी। मैंने तो पहले ही कहा था, घर की खुशियां खत्म हो गई।
जिस बहू पर चोरी का शक हो जाए, उस पर भरोसा करना मुश्किल है। क्या आपको आज भी लगता है कि मैंने चोरी की थी? मुझे नहीं पता, मैं अभी कुछ भी सोचने की हालत में नहीं हूं।
आज सबके सामने सच सामने आना चाहिए। इसने हमारे घर के पैसे चुराए हैं। ऐसी बहू को घर में रखना ठीक नहीं। [नाक से की जाने वाली आवाज़] मैंने चोरी नहीं की। अगर तुम निर्दोष हूं। मेरे पास सच के अलावा कुछ नहीं है।
अर्जुन तुम कुछ कहना चाहते हो? आज आपकी खामोशी ने मेरी बेगुनाही से भी बड़ा फैसला सुना दिया।
दोनों पक्षों की सहमति और प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर अदालता इस विवाह को समाप्त घोषित करती है। आज से आप दोनों कानूनी रूप से पति-पत्नी नहीं रहे। यहां दोनों अपने-अपने हस्ताक्षर कर दीजिए।
काश मैंने उसे रोक लिया होता। जिस बेटी को मैंने हंसते हुए विदा किया था आज वही इतनी टूटी हुई वापस क्यों आई है? पिताजी काश मेरी बेटी की किस्मत में इतना दर्द ना लिखा होता। बेचारी शादी टूट गई। कौन जाने सच क्या था। लेकिन बिना वजह तो कोई तलाक नहीं देता।
पहले इस घर में तेरी हंसी गूंजती थी। आज तेरी खामोशी दिल तोड़ देती है। बेटा अपना ध्यान रखना।
जी पिताजी। अब मैं तब तक वापस नहीं लौटूंगा जब तक अपने सपने के एक कदम और करीब नहीं पहुंच जाता। अब यही मेरा घर है और यही मेरी मंजिल तक का रास्ता। अब मेरी जिंदगी का सिर्फ एक ही लक्ष्य है अफसर बनना।
तुम्हें भूलना शायद इतना आसान नहीं है। इस बार मुझे हर हाल में सफल होना है।
सभी उम्मीदवार ध्यान दें। प्रश्न पत्र बांटे जा रहे हैं। समय शुरू होने के बाद कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। समय समाप्त हुआ। सभी अपनी उत्तर पुस्तिका जमा कर दें।
लगभग सारे सवाल सही हुए थे इस बार। इस बार मेरा चयन जरूर होगा। कल मेरी सारी मेहनत का फैसला हो जाएगा।
फिर नहीं। इतनी मेहनत के बाद भी मैं फिर हार गया। [चीखने की आवाज़] मेरी हर असफलता की वजह मेरी अपनी गलती है।
बेटी लगता है अब मैं पहले जैसा नहीं रहा। ऐसी बातें मत कीजिए पिताजी। आप जल्दी ठीक हो जाएंगे।
दवाइयां और इलाज तुरंत शुरू करना होगा। नहीं तो बीमारी बढ़ सकती है। मेरे पास इतने पैसे नहीं है डॉक्टर साहब।
धन्यवाद दीदी आप [संगीत] भी बैठकर खाइए। पहले तुम लोग खा लो। मुझे बाद में भूख लगेगी।
दीदी सब ठीक हो जाएगा ना? हां, हमें मजबूत बनना होगा।
दीदी पिताजी को क्या हो गया? पिताजी हिम्मत रखिए। मैं अभी डॉक्टर के पास लेकर चलती हूं। [गहरी सांस लेने की आवाज़]
हमारे पास जरूरी सुविधाएं नहीं है। तुरंत शहर के बड़े अस्पताल ले जाइए। डॉक्टर साहब कुछ तो कीजिए। एक-एक मिनट कीमती है। जल्दी निकलिए।
पिताजी आंखें मत बंद कीजिए। बस थोड़ा सा और हम अस्पताल पहुंचने वाले हैं। हमें अफसोस है हम इन्हें बचा नहीं सके।
पिताजी उठिए मुझे अकेला छोड़कर मत जाइए। आज ऐसा लग रहा है जैसे मेरे सिर से हमेशा के लिए पिताजी की छांव उठ गई।
बेटी सविता, ऐसे चिंता करने से बात नहीं बनेगी। समझ नहीं आ रहा काका। घर कैसे चलेगा?
दो-चार बकरियां पाल लें। मेहनत करेगी तो धीरे-धीरे सहारा बन जाएंगी। काका मुझे थोड़ा उधार चाहिए।
समय पर चुका पाओगी? मेहनत करूंगी। एक एक चुका दूंगी। ये दोनों बकरियां अच्छी हैं। मेहनत से पालोगी तो फायदा देंगी। यही मेरे घर की नई उम्मीद बनेंगी।
दीदी क्या सच में इनसे हमारा घर चल पाएगा? अगर हम मेहनत करेंगे तो छोटी शुरुआत भी बड़ी बन सकती है।
दीदी आज स्कूल की फीस भर गई। बस ऐसे ही पढ़ती रहो नीलम। यही हमारी असली जीत है।
जिंदगी ने बहुत कुछ छीन ली लेकिन जीना तो फिर भी पड़ता है। जब तक मंजिल नहीं मिलती रुकना नहीं है।
कितने साल हो गए अभी तक अफसर नहीं बन पाया। शायद अब उसे कोई और काम कर लेना चाहिए। मेरा बेटा हार मानना नहीं जानता। एक दिन वही लोग उस पर गर्व करेंगे जो आज उसका मजाक उड़ा रहे हैं।
अब उससे फर्क नहीं पड़ता। जब तक आखिरी मौका है मैं कोशिश करता रहूंगा। यह मेरा आखिरी प्रयास है। इस बार मैं अपना सब कुछ दे दूंगा। 8 साल की मेहनत आज उसी का इम्तिहान है।
सभी उम्मीदवार ध्यान दें। समय शुरू होता है अब। [संगीत] समय समाप्त हुआ। सभी उम्मीदवार अपनी उत्तर पुस्तिका जमा कर दें।
कैसा रहा पेपर? आज पहली बार लगा मैंने अपना 100% दिया है। सच लगभग सारे सवाल सही हुए हैं। अगर किस्मत ने साथ दिया तो इस बार मेरा चयन कोई नहीं रोक सकता।
फिर तो अगली बार तुमसे कलेक्टर साहब कह कर मिलेंगे। 8 साल का संघर्ष कल खत्म हो जाएगा। बस इस बार मेरी मेहनत को मंजिल तक पहुंचा देना।
8 साल आखिर मेरी मेहनत रंग ले आई। बधाई हो भाई। [प्रशंसा][संगीत]
क्या सच में मेरा बेटा आईएएस बन गया? कमला हमारा अर्जुन अफसर बन गया। सच कह रहे हो? मैं तो पहले से जानता था अर्जुन एक दिन जरूर बड़ा अफसर बनेगा। डीएम बनकर उसने पूरे गांव का नाम रोशन कर दिया।
क्या [संगीत] किस्मत मुझे फिर वहीं ले जा रही है जहां मैंने अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती की थी। 8 साल पहले मैं इसी रास्ते से टूटा हुआ गया था। आज मैं कलेक्टर बनकर लौट रहा हूं। लेकिन इन रास्तों पर मेरी कितनी यादें बिखरी हैं। [संगीत]
सुना है नए कलेक्टर साहब आज पहली बार गांव आ रहे हैं। पूरा गांव उनके स्वागत के लिए तैयार है। वो महिला कौन है? ये चेहरा इतना जाना पहचाना क्यों लग रहा है? ड्राइवर गाड़ी रोको।
जी सर। सविता कैसी हो सविता? ठीक हूं साहब। इतनी दूर हो गए हम। काश उस दिन भी मैं तुम्हें रोक लेता।
सर चलें। आज भी मैंने उसे जाते हुए ही देखा। आज मेरे पास पद है, सम्मान है, सब कुछ है। लेकिन जिसके साथ यह सब बांटना चाहता था वो मेरे साथ नहीं है।
काका मुझे सविता के बारे में कुछ बताइए। बेटा, तलाक के कुछ समय बाद उसके पिता भी चल बसे। घर चलाने वाला कोई नहीं बचा था। फिर उसने बकरियां पाल लेनी शुरू की। दिन रात मेहनत करके घर चलाया। कभी किसी के सामने हाथ नहीं फैलाया। नीलम की पढ़ाई भी सविता ने ही करवाई। खुद आधा पेट खाकर भी उसने अपनी बहन की पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी। गरीबी बहुत देखी उसने। लेकिन कभी किसी के सामने हाथ नहीं फैलाया। आज पूरा गांव उसकी मेहनत और ईमानदारी की मिसाल देता है।
मैंने उसके साथ कितना बड़ा अन्याय किया। वो [नाक से की जाने वाली आवाज़] बार-बार अपनी बेगुनाही साबित करती रही और मैंने उसकी बात कभी सुनी ही नहीं। आज मुझे उससे मिलना ही होगा। गाड़ी यहीं रोक दो।
सर गांव अभी थोड़ा आगे है। आगे मैं पैदल जाऊंगा। वो इतने साल इसी घर में रहती रही। नमस्ते कलेक्टर साहब।
नमस्ते नीलम। सविता मैं सिर्फ तुमसे कुछ बातें करना चाहता हूं। मैं तुमसे माफी मांगने आया हूं। मैंने तुम्हारे साथ बहुत बड़ा अन्याय किया। उस समय मैं कमजोर पड़ गया था। मैं सच और झूठ में फर्क नहीं कर पाया। काश उस दिन मैंने तुम्हारी बात सुन ली होती।
कुछ घाव समय के साथ भर तो जाते हैं। लेकिन उनके निशान कभी नहीं मिटते। कुछ घाव समय के साथ भर जाते हैं, लेकिन उनके निशान हमेशा रह जाते हैं। मैं कम से कम उसकी जिंदगी थोड़ी आसान करना चाहता हूं। शिवपुर गांव की सड़क का काम तुरंत शुरू कराइए। पशुपालन योजना का लाभ भी गांव के पात्र लोगों तक जल्द पहुंचना चाहिए। [हंसी] [संगीत]
नए कलेक्टर साहब ने आते ही गांव की तस्वीर बदल दी। सुना है पशुपालन योजना का लाभ भी जल्दी मिलने वाला है। दीदी लगता है कलेक्टर साहब भी हमारी मदद कर रहे हैं। अगर ऐसा भी है तब भी हमें अपनी मेहनत से ही जीना है।
सविता अगर हो सके तो मुझे माफ कर देना। [नाक से की जाने वाली आवाज़] मैंने तुम्हारे साथ बहुत बड़ा अन्याय किया।
आप बड़ी हैं। आपका सम्मान करना मेरा संस्कार है। लेकिन कुछ बातें समय भी नहीं बदल पाता। [नाक से की जाने वाली आवाज़] सिर्फ माफी मांग लेने से 8 साल का दर्द खत्म नहीं हो सकता।
हेलो सर तेज बारिश की वजह से गांव के पास वाली सड़क पर अचानक पानी भर गया है। सर सूचना मिली है कि उसी रास्ते से सविता अपनी बकरियों को लेकर लौट रही है। ड्राइवर को तुरंत गाड़ी तैयार करने को कहो। जल्दी चलो। एक पल भी बर्बाद मत करो। [हांफने की आवाज़]
उधर उधर कोई पानी में फंसा हुआ है। सर में सर मत जाइए। पानी का बहाव बहुत तेज है। सविता सविता यहां से बाहर निकलो। नहीं पहले इन्हें बचाइए। यह बह जाएंगी। सावधानी से एक-एक करके इन्हें बाहर निकालो। हां, धीरे-धीरे सब सुरक्षित निकल जाएंगे।
अम्मा आज अगर अर्जुन और सविता साथ ना होते तो एक भी बकरी नहीं बचती। 8 साल बाद दोनों को फिर एक साथ देखा। पुराने दिन याद आ गए।
आज मैंने उसकी जान बचाने की कोशिश की। लेकिन 8 साल पहले जो भरोसा तोड़ा था उसे वापस जितनातना सबसे मुश्किल है। बेटी मुझे माफ कर दो। मैंने झूठे आरोप लगाकर एक निर्दोष लड़की की जिंदगी बर्बाद कर दी। बेटी उस समय मुझे अपने बेटे और अपनी बहू का साथ देना चाहिए था। उस चुप्पी का पछतावा मुझे हर दिन सताता रहा। [नाक से की जाने वाली आवाज़]
गलती मानने के लिए भी बहुत बड़ा दिल चाहिए। कलेक्टर साहब ने पूरे गांव को यहां क्यों बुलाया है? लगता है कोई बड़ी बात होने वाली है।
आज मैं यहां कलेक्टर बनकर नहीं आया हूं। मैं यहां एक अपराधी पति बनकर खड़ा हूं। मैंने अपनी पत्नी के साथ बहुत बड़ा अन्याय किया। तलाक के समय सविता पूरी तरह निर्दोष थी। मैंने बिना सच जाने उसका भरोसा तोड़ दिया। आईएएस बनना मुश्किल था लेकिन अपनी गलती का सामना करना उससे भी ज्यादा मुश्किल है। सविता मुझे माफ कर दो।
एक बात और कहना चाहता हूं। मैंने दूसरी शादी नहीं की। [नाक से की जाने वाली आवाज़] हर सफलता मिली लेकिन मैं हमेशा अकेला रहा। मेरे दिल में आज भी सिर्फ तुम हो सविता। अगर तुम मुझे कभी माफ नहीं कर सको तो भी मैं सारी जिंदगी तुम्हारे फैसले का सम्मान करूंगा।
पुराने दर्द को मैं कभी भूल नहीं सकती। लेकिन अब उस दर्द के साथ पूरी जिंदगी भी नहीं जीना चाहती। मैं [नाक से की जाने वाली आवाज़] जिंदगी को एक नया मौका देना चाहती हूं।
अगर तुम सच में मुझे एक और मौका देना चाहती हो तो क्या हम दोबारा शादी करेंगे? हां अर्जुन अब हम दोबारा शादी करेंगे। ओम स्वस्तिन इंद्रो वृद्ध श्रवाहा स्वस्तिनः [नाक से की जाने वाली आवाज़] स्वस्तिनः पूषा विश्व वेदा [घंटी की आवाज़] [नाक से की जाने वाली आवाज़]
आज पूरे गांव ने नफरत पर प्रेम की जीत देखी है। मैं तुम्हारा भरोसा कभी टूटने नहीं दूंगा। और इस बार हम हर मुश्किल का सामना साथ करेंगे।