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कि मुंबई टीवी पर खबर अश्लेषा मैं वर्ष और आप देख रहे हैं मुंबई टीवी। जिस तरीके से हम आपको लगातार खबरें पहचानते हैं, कि सिविल केस इसको लेकर के हमेशा से लोग जो है वह अपील करते हैं। पुलिस स्टेशन जाकर के उन्हें न्याय नहीं मिलता, हमेशा से। हम इससे पहले मैं आपको बता दें कि शबनम चेक पिक, वह नाम है जो हमेशा सिविल केस को लेकर के बड़े उत्साह के साथ लोगों को उनका न्याय दिलाते हैं।
हम बात करने के लिए अधीक्षक कार्यालय अवार्ड फंक्शन मैडम ने लांच किया हुआ था हेल्प केयर फाउंडेशन द्वारा। मैं पहले तो यह सम्मान किसलिए था? यह संभ्रात आणविक सिद्धांत पर चलने में काम करने के लिए। मैं तेरी बात हुई कि YouTube पर धार्मिक, हम कोई शोर नहीं कर पाए। बहुत मिनीमाइज़ तरीके से हमने जिलों को सम्मानित करना तो उनको बुलाया एक ग्रुप के हिसाब से। हम लोगों ने क्या बोलते हैं, एकत्र हुए एक साथ मिलकर हमने यहां बोर्ड ने किया। और जहां तक बात है यह अवार्ड नाम ही काफी है, महात्मा गांधी। एक अभियुक्त अभी मुझे लगातार चलाते हुए रास्ते में मुझे बिल को लेकर के ज्यादा को लेकर प्रशासन को काफी ज्यादा परेशान हो [संगीत] जाते हैं। जिन जिन को चलना है कि अभिषेक की आपने सिविल केस बोला समय का सबसे पहला माध्यम शुरू होता है, घरेलू हिंसा मेट्रोमोनियल मैटर। ठीक है, तांबे के डिस्पैच, यह साड़ी किसी पुलिस स्टेशन में लेने के लिए कोई नहीं बैठा है। वजह क्या है? पहले ऐसा बहुत ज्यादा होता था कि जहां पर लड़कियां जो कि झूठी कंप्लेन करती थीं, पूरा का पूरा ससुराल अगर रियल में पहुंचा था। ठीक है, आप गवर्नमेंट ने संविधान में एक रूल बनाया है कि कोई भी लड़की पुलिस स्टेशन जाकर कंप्लेंट देती है तो इसी कंप्लेंट नहीं ली जाती है। क्या कहा जाता है कि आपको उर्जावान क्यों? क्योंकि हमारी गवर्नमेंट यह चाहती है कि लड़कियां धरना देंगी, किसी का परिवार जो है वह बर्बाद लगे तो सिविल मैटर्स को बेसिकली गहराई से देखा जाता है। गोवेर्मेंट के हिसाब से अगर हम सबमिट इसके बारे में बात करें तो ही गैस आपका पुलिस स्टेशन में आपकी कंप्लेंट जगह इस तरह बैठ कि नहीं मिल जाएगी।
अब सवालों का जवाब मैं पर अच्छी तरीके से दूंगी कि जब आपकी कंप्लेंट नहीं ली जाती है। वो तो ए पी जे अब्दुल सीक्वेंस की बात करते हैं, घरेलू हिंसा की बात करते हैं तो आप एप्लीकेशन सबमिट करना होता है। कि हमारे देश में 135 पिछड़ती तो जितने वाली क्षतिग्रस्त हो गई। जब मैं स्कूल में नौ करोड़ 138 चलिए कुछ। यह हमारे देश में मसाला है कि बढ़ती उम्र बढ़ती जाती है तो बेसिकली टाइम। लेकिन हमारे देश में कहीं भी बराबर चिल्ला चिल्ला के कह एजुकेशन लेवल पर लड़कियों को आप समझते हैं और को अगर सब्सक्राइब नहीं किया हो तो यहां पर सबसे ज्यादा समझदार इंसान व्यक्तिगत रूप में प्रसिद्ध गलत नहीं होता तो प्रताप के प्रभार से बेहतर यह है कि हम हर एक हिंदुस्तानी इस चीज को व्यक्तिगत रूप से समझें कि हमारे घर में से दो बच्चे थे कि बच्चे डिसाइड ना करें। ठीक है, आप घर के लोग जो भी मेरा एडिसन रहे होंगे कि बात को समझे। फॉर प्लेसिंग और पॉवर करना बहुत जरूरी है सेकेंडरी एजुकेशन। जितना आप देख सकते हो उतनी ही बेटी को भी तो अगर बेटी को खाना बनाना चाहते हो तो बोलते हो कि तुम को खिलाना है तो इसकी मां की कोख से पैदा होता है तो मैं तुम्हें कहीं से बचा लूंगी। यह बात तो आप चलिए हमारे हिंदुस्तान के अंदर सोच मानसिकता बदलना जरूरी है।
अब हम इसके ऊपर जाए तो बहुत ही अ हां हां एक चीज से नाराजगी मेरी होगी। ओके अब अमेरिकन पास होना बहुत सही था 2019 में। एग्री जो ऑप्शन है वह अमेज़न से अधिक कर दिया गया है। एडिटर मैरिटल अफेयर जो पहले लाइन हुआ करता था अब वह टाइम नहीं है। दूसरी शादी करना जिसकी मैं बहुत ज्यादा गवर्नमेंट का शुक्र अदा करती है। दूसरी शादी करने के लिए हर मर्द को बैन किया गया है जो सामने आया है वह मुस्लिम हिंदू या किसी भी व्रत या धर्म का हो तो वह धोया गया है कि औरतों की जिंदगियां बर्बाद न तो प्रशासन हंड्रेड परसेंट जो है हम आपका साथ दे रही है। व्रत आश्विन कोशिश कर रही है कि क्या इन कम हो। अब मसला क्या है? है लेकिन बारिश नहीं होगी, टाइम कम होगा। एडिट यह नीचे ग्रो मैरिटल अफेयर पकड़े जाते थे ज्यादातर का इन मॉडल्स विद क्राईम पेट्रोल के सारे शब्द चोरी चोरी है उसको तो एक्स्ट्रा अमेज़न तक बाहर पति-पत्नी के ना वह नकली होने का तो उसको हटा दिया। आप शादीशुदा होने के बावजूद बाहर रह सकते हो। आप मैरिड हो अब का पति होने के बावजूद आप भी फेयरर सकती हैं। गवर्नमेंट आपको मनाने के किसी चीज के लिए तो गवर्नमेंट हमेशा अब हम के साथ संबंध बनाने का तरीका आना चाहिए। हमेशा कहती हूं कानून के हिसाब से चालू सोनू निगम सही चलता है कानून के हिसाब से चलो हम भी दो विकेट लेते हैं या उन्हें और हायर अथॉरिटी का को चाहते जी तो करेंगे।
यह सवाल जो हमारे अंदर भी लोग उठाते हैं और जब कभी पुस्तक यहा यार अभी तक हमारे वीडियोस होती है तो पुलिस जो हम पर कार्रवाई कर देती है पूरी बजाय जो है वह इन्वेस्टिगेशन कि सामने वाला है सही है। यार आप क्या कहना चाहेंगे कि आप भी हो सब पेश कर चुके होंगे कि सच्चाई के लिए यह में जूलिया f5 झिल्ली फटती है क्या घृत को रोशनी की रोशनी में डाल दिया कि जब भी आप सच्चाई की बात करो हम छोड़ना इस करके महात्मा गांधी चलाते वक्त उन्होंने शहादत तो बेसिकली सच्चाई और वह जीत कर उसको मिलता है जो कि अगर आप उनमें से एक अथॉरिटी या फिर कोई भी प्रश्न भी डिपार्टमेंट पर कार्रवाई करने के बजाय खुद कहीं ना कहीं है वह गलत इंसान तो कुछ नहीं की जा सकती। हाथों को जोड़ना है मुट्ठी अ यह वड़ा ग्रिड सब स्टेशन पर क्यों रखना है? क्योंकि जब हम एक दूसरे की जरूरत पड़ती है चाहे वह किसी भी किस्म के इंसान के लिए तो हम एक जगह सपोर्ट बने तो सामने एक ऑफिस पर वह दो ऑफिस रूल 10 ऑफिस रूप में यह गंध गलत लोग उनको डर जरूर लगेगा कि यह संगठन पीछे नहीं हटे गा तो संगठन हमेशा मैटर करती है। एक अग्रवाल का ख्याल साल हो चुके हैं। मैं भी जानता हूं आप जो ऐड उस तरीके की वीडियो आपके आपके आने रही है दम डेसिग्न आपके जाते हैं ऑपरेशन हुआ है लड़ने के लिए जानी जाती हैं। वह ऐसी वीडियोस कब देखने मुझे कल मैं एक चीज बता दूं जैसे कि मैंने अपने प्रेशर को कंट्रोल किया। तन डोले नज़र है कंट्रोल करने की मैंने 2019 में डांस पेंट किया था कि 15 से ज़्यादा हस्बैंड किया था कि मैं इंडिपेंडेंस मेंबर ऑफ पार्लियामेंट इलेक्शन के लिए खड़ी हुईं। मैं इलेक्शन लड़ तो इलेक्शन को अरेस्ट किया गया था। लेकिन अगर उस टाइम में किसी के काम में हाथ डाला तो क्या भरोसा कब तक घर पर अगर मैंने किसी बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए मैंने गलत किया कि उसके पति के मरने के बारे में सोचना चाहिए था कि रास्ते में चलते करते हैं कि निगम मार्केट में है ना कुछ दूध नहीं गए थे। हमारे वरिष्ठ नेताओं की बात करें वर्ष ऑफिस की बात करें आप भी पत्रकारों ने Bigg Boss रिलेशन पर गिरा पैदा रखी वह अपने अंदर मामले में ट्यूसडे को तो सोच लो मेरी इतनी सोच है। पुलिस स्टेशन के जश्न में हर एरिया में पुलिस स्टेशन में बनाकर रखा है कि प्रधानमंत्री की गरिमा बैठ नहीं सकते हैं तो उन्होंने अपने प्रधानमंत्री हमारे देश का प्रशासन हिसाब से चलते है कि एक हफ्ते के बाद में सब्सक्राइब कंट्रोल जो आता वह हर चैनल के हर जिले का एसपी के बीच में आता है कि यह लोग और हमारे लिए अंतरिक्ष है कि सारी की सारी अपडेट समिति और हम होनर से हम पब्लिक है जो इनके सवाल मत पे सवाल करने का लाइट सकते हैं और इनका काम हमें जवाब देना सही तरीके से सही पोजीशन फॉलो करो तो हमेशा सही होंगी। लेकिन जो चारों तरफ लोग बैठे हैं तो वह एक सच्ची अमरुद देख नहीं सकते हैं तो फॉर एजुकेशन तो इलेक्शन के टाइम पर बनता है। मैंने भी पिछले दिनों में देखा कोई माने जाने वाले थे जी एमएलए का इलेक्शन बिहार जो लड़ रहे थे मैं चाहिए इंसान की जिंदगी में कुछ नहीं किया था वह इस मामले से बरी किए गए हैं। अंदर नॉमिनेशन घर के बाहर निकले तो बाहर बाराखडी है तो क्या लगा बोले 353 की धारा लगी कानून के काम में बाधा डालना तो यह सेम बाधा अगर मैंने डाली भी सही टाइम में दो सही टाइम मेज़ पर FIR जैसे मेरे रिलेटिव थे इलेक्शन के टाइम पर क्यों? क्योंकि मार्किट में ज़ूम की बैठकर चोर है ना चावल कोई बड़ा एमपी हो या बड़ा है मैं लिंक इन चोरों को सच्चा एप्स नहीं होती तो क्रिमिनल क्यों प्रिंटेड शुरू हुई वहां होती है जहां पर सुसाइड है हुआ है।