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हेलो दोस्तों नमस्कार एसएमसी शाना में मैं आप सभी लोगों का दिल से बहुत-बहुत स्वागत करता हूं।
सो दोस्तों वीडियो स्टार्ट करने से पहले आपको जरूर याद दिलाना चाहूंगा फ्री स्टॉक मार्केट क्लासेस इस चैनल को जरूर फॉलो करना। यूजुअली सैटरडे के दिन इस चैनल के ऊपर वीडियो आता है। अगर नहीं आया तो कोई बात नहीं संडे तक तो आ ही जाएगा। एंड लेट्स लर्न स्टॉक मार्केट एंड फाइनेंस इस चैनल को भी फॉलो करना। इन दोनों चैनल के ऊपर लेक्चर्स यहां पे अपलोड होने वाले हैं। दोनों चैनल के लिंक आपको ऊपर आई बटन पर नीचे डिस्क्रिप्शन में देके रखे हुए हैं।
सो ठीक है दोस्तों वीडियो को स्टार्ट करते हैं। जैसे कि आज का दिन हमारे मार्केट के लिए काफी इंपॉर्टेंट था। आर या पार वाली सिचुएशन हम लोग को देखने को यहां पे मिल रही थी। सो आप देख सकते हो ससेक्स की बात कर लें 400 450 पॉइंट की तेजी देखने को मिल गई। निफ्टी की अगर बात कर लें। सो आप देख सकते हो 150 पॉइंट की तेजी। 0.75% से थोड़ा ज्यादा यहां पर भागा है। इंपॉर्टेंट चीज यह है यस 26,000 का लेवल मेंटेन रहा और उसके ऊपर भी काफी कंफर्टेबली लीड यहां पे बनाई है।
सो जरूर हम यहां पे कह सकते हैं। जैसे कि आपको पता ही है आज के दिन का जो इवेंट यहां पे था और जो चीज है वो 10:00 बजे यहां पे हम लोगों को स्टार्ट होते हुए देखने को यहां पे मिलने वाली थी। और जैसे ही 10:00 बजे वो चीज़ यहां पे स्टार्ट हुई वही सबसे लोएस्ट लेवल रहा। मतलब बाजार जब ओपन हुआ उसके बाद थोड़ी सी लीड पकड़ ली उसके बाद लगातार आप देख सकते हो बाजार हम लोगों को वोलेटिलिटी के साथ ऊपर ही जाते हुए देखने को यहां पे मिला है।
सो नो डाउट दोस्तों यहां पे इस वीडियो में हम बात करने वाले हैं आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी के बारे में। पूरा ए टू जेड सारा डिटेल आपको इसी एक वीडियो में मिलने वाला है। जितने-जितने इंपॉर्टेंट पॉइंट्स हैं आसान भाषा में मैं आप लोगों को बताऊंगा। प्लस कुछ-कुछ ऐसी चीजें होती है उसका मीनिंग मतलब कैसे होता है? वो फाइनेंस वाले टर्म है। सो वो भी मैं आपको उसका अर्थ क्या होता है? आसान भाषा में एक्सप्लेन करूंगा। तो आपको ईजीली सारी चीजें समझ में आ जाएगी।
सो जैसे कि आपको पता है हर वक्त एक्सपेक्टेशन हायर लेवल के ही होते हैं। सो इस वक्त भी मॉनिटरी पॉलिसी से काफी ज्यादा एक्सपेक्टेशंस यहां पे थे। एंड आप देख ही सकते हो दोस्तों मैक्सिमम हम कह सकते हैं कि एक्सपेक्टेशन को फुलफिल ही किया है। इसीलिए तो मार्केट को मॉनिटरी पॉलिसी इस वक्त की अच्छी लगी है। जो कि आप देख सकते हो बाजार को टॉप लेवल पे लेके जा चुकी है।
एंड आज के दिन की अगर बात कर लें दोस्तों तो एक शब्द काफी ज्यादा पॉपुलर रहा। कौन सा? यस यह वाला शब्द क्या लिखा है यहां पे? गोल्डी लॉक पीरियड। यस गोल्डी लॉक पीरियड यहां पर आरबीआई की ओर से हम लोगों को एक चीज देखने को मिल गई है। सो काफी रेयर चीज हम लोगों को देखने को मिल जाती है और इसी चीज को मेंटेन करने के लिए इसी चीज को पकड़ने के लिए आरबीआई ने यहां पे कोशिश यहां पे की है। इस प्रकार की चीजें देखने को मिली। तो ये एग्जैक्टली होता क्या है? सो इसको भी हम जानने की कोशिश करेंगे। बट स्टार्ट करते हैं एक-एक पॉइंट को पकड़ कर।
सबसे पहले इंटरेस्ट रेट कट क्या हुआ है कि नहीं हुआ है? अभी तो आप लोगों को भी पता है भाई। यस रेट कट यहां पे हुआ है। और हुआ है तो कितने का हुआ है? 25 बेसिस पॉइंट का। सो, आप देख सकते हैं पहले जो रेपो रेट था 5.50 था। अब कितना हो गया? 5.25 यहां पे हो चुका है। यह रेपो रेट का अर्थ क्या होता है? कि जो बैंक होती है वो आरबीआई से कर्जा लेती है। ठीक है? और हमें देती है। सो अगर आरबीआई से ही कर्जा अगर सस्ता अगर हो गया रेट अगर गिर गया तो वो रेट क्या करेंगे? कस्टमर को भी पास ऑन करेंगे। सो यही चीज हम लोगों को देखने को मिल जाती है। सो इन शॉर्ट यहां पे रेट कट होते हुए देखने को यहां पे मिला है। 50-50% बैट की बैटल कुछ लोग बोल रहे थे कि नहीं नहीं जितना चल रहा है उतना ही रहेगा और कुछ लोग 50% बोल रहे थे हां होगा और होगा तो 25 का होगा। सो जिन्होंने ये सोचा था भाई 25 का रेट कट होगा। यस आप बिल्कुल यहां पे सही आ चुके हो।
देन दोस्तों अगर हम लोग बात कर लें सेकंड इंपॉर्टेंट चीज होती है वो होती है मॉनिटरी पॉलिसी का स्टैंड्स। सो यहां पे भी अगर देखा गया मैक्सिमम लोग यही उम्मीद लेकर चल रहे थे। आपको पता है कुल मिला के पांच स्टैंस होते हैं और करंट लेवल पे हम न्यूट्रल स्टैंड्स के ऊपर चल रहे हैं। सो मैक्सिमम लोग यही एक्सपेक्ट कर रहे थे कि स्टैंड्स नहीं बदलेगा बट फिर भी कुछ-कुछ लोगों को ऐसा लग रहा था कि बदल सकता है अकोमोडेटिव हो सकता है करके। बट जो मैक्सिमम लोग सोच रहे थे वही हुआ दोस्तों न्यूट्रल स्टैंस ही आरबीआई ने यहां पे मेंटेन किया है।
अब ये न्यूट्रल स्टैंस का अर्थ क्या होता है? एकदम आसान भाषा में अगर मैं आपको बोल दूं तो आरबीआई यहां पे भविष्य में ठीक है? रेट को बढ़ा भी सकता है और घटा भी सकता है। दोनों चीजें कर सकता है। सो अल्टीमेटली वो ओवरऑल मैक्रोइकोनॉमिक्स जो इवेंट्स रहते हैं जो डाटा निकल कर आता है उसको देखकर डिसीजन लेगा। यस उसी को यहां पे बोलते हैं दोस्तों न्यूट्रल स्टैंड्स। सो आप यहां पे देख सकते हो जैसे कि लिखा हुआ है कि फ्यूचर रेट एक्शन विल रिमेन कंटिंजेंट। कंटिंजेंट मतलब होगा नहीं होगा ये डिपेंड करेगा भाई मैक्रोइकोनॉमिक कंडीशंस क्या है करके। ठीक है? तो क्या रेट बढ़ भी सकते हैं? देखिए ऐसा ईज़ीली रेट बढ़ना इतना सिंपल नहीं है भाई। उसके लिए बहुत कुछ अफरातफरी मचनी चाहिए। ठीक है? यूजुअली जो फ्लो होता है ना वही कंटिन्यू होता है। बट यस है तो न्यूट्रल स्टैंड्स तो आरबीआई को जो सही लगेगा वो चीज वो करेंगे। इसीलिए मैक्रोइकोनॉमिक मतलब क्या है? जो जो डाटा निकल कर आएगा इनफ्लेशन का डाटा। ठीक है? अलग-अलग डाटा उसके हिसाब से अगेन यहां पे हम लोगों को बड़े मूवमेंट्स देखने को मिलेंगे। क्योंकि अगेन जभी भी वो डाटा निकल कर आएंगे बाजार में चर्चा स्टार्ट होगी कि भाई अगले वक्त क्या एक और रेट कट होगा या नहीं होगा। सो न्यूट्रल स्टैंड्स रखा है दोस्तों। तो आप थोड़ी सी उम्मीद लेकर चल सकते हैं कि अगर डाटा अच्छा आया क्या पता एक और रेट कट आने वाले मीटिंग में देखने को मिल जाए। सो ये एक चीज देखने को मिली है।
देन अगर हम बात करें दोस्तों तो फॉरकास्टिंग की जाती है किसकी? इनफ्लेशन की और जीडीपी की। सो इनफ्लेशन का फॉरकास्टिंग में आप देख सकते हैं आरबीआई ने इनफ्लेशन का फॉरकास्ट रिवाइज किया, चेंज किया है और वो और नीचे लाया है उन्होंने। मतलब आरबीआई ने ही खुद बोला था। खुद बोला था मतलब कब बोला था? इसके पहले अक्टूबर में मीटिंग थी। तभी उन्होंने बताया था कि इनफ्लेशन ये ये हो सकता है। अब उन्होंने दिसंबर की मीटिंग में क्या किया? अपने ही डिसीजंस को चेंज किया और जितने भी फोरकास्टिंग दी थी इनफ्लेशन के वो उन्होंने कम कर दिए। मतलब ये देख लीजिए जैसे कि आप देख सकते हो अक्टूबर में उन्होंने बोला था कि क्वार्टर थ्री में इनफ्लेशन आएगा 1.8 नहीं उन्होंने बोला और कम होगा 6 आएगा। इतना कम केवल 6। देन क्वार्टर फोर की अगर बात कर लें इसी करंट फाइनेंसियल ईयर की बात कर लें तो चार का इनफ्लेशन देखने को मिल सकता है उसको भी घटाकर उन्होंने बोल दिया 2.9 एंड ओवरऑल पूरा फाइनेंसियल ईयर जो हमारा चल रहा है एवरेज अगर हम बात कर लें तो पहले बोला था 2.6 आएगा पूरे साल का वो आएगा गिर के 2% सो मतलब जितने भी अगर आप यहां पे फॉरकास्टिंग चेक करोगे सो उन्होंने यहां पे क्या किए यस तीनों फॉरकास्टिंग यहां पे नीचे नीचे नीचे नीचे यहां पे किए हुए हैं। सो इसको भी आप नोट करके यहां पे चल सकते हो।
सिमिलर वे जीडीपी की भी अगर हम लोग बात कर लें तो यहां पर भी अगर हम देखेंगे तो आरबीआई ने जो अपना अनुमान है वो यहां पे बदल दिया है और सारा डाटा यहां पे उन्होंने क्या कर दिया है? बढ़ा दिया। ऑब्वियसली इनफ्लेशन नीचे आना अच्छी बात होती है। वैसे ही जीडीपी बढ़ना भी अच्छी बात होती है। सो आप चेक कर सकते हो अक्टूबर में बोला था कि क्वार्टर 3 का जीडीपी आएगा ना तो 6.4 आएगा। वो अब बदल दिया उन्होंने। उन्होंने बोल दिया भाई 7% बढ़कर आएगा। सिमिलर वे क्वार्टर 4 का जीडीपी आएगा तो 6.2 पहले बोला था अक्टूबर में अब बोला कि नहीं भाई और बढ़ेगा 6.5 आएगा और पूरे साल की अगर बात कर लें फाइनेंसियल ईयर 26 का 6.8 का एस्टीिमेशन दिया था अब वो उन्होंने 7.3 रिवाइज यहां पे कर लिया है। मतलब सेम वही चीज जो इनफ्लेशन में देखी थी इनफ्लेशन घटा दिया वैसे ही यहां पे तीनों में आप देख सकते हो जो फॉरकास्टिंग है क्या कर दिया है जीडीपी का बढ़ा दिया है। सो ये अच्छा पॉइंट हम लोगों को जरूर देखने को यहां पे मिला है।
एंड दोस्तों इसी चीज को हम यहां पर क्या बोलते हैं? रेयर गोल्डी लॉक पीरियड। रेयर गोल्डी लॉक पीरियड मतलब क्या? कि आप यहां पर देख सकते हो कि हायर ग्रोथ मतलब जीडीपी एकदम हायर लेवल पे और उसी टाइम पे इनफ्लेशन रिकॉर्ड लेवल लो पे ऐसे पीरियड काफी रेयर देखने को मिल जाते हैं। और इसी चीज को गोल्डी लॉक पीरियड यहां पे संबोधित किया जाता है। और इसी चीज को आरबीआई क्या करना चाहता है? मेंटेन भी करना चाहता है और इसीलिए उन्होंने रेड कट भी यहां पे किया है। यही पॉइंट फिलहाल तो उन्होंने सामने रखा हुआ है। सो एक और नई चीज आपने क्या सीख ली आज के दिन कि रेयर गोल्डी लॉक पीरियड मतलब क्या? यस जो चीज हमें चाहिए होती है हमें क्या चाहिए भाई? जीडीपी जितना ऊपर उतना अच्छा और इनफ्लेशन जितना नीचे उतना अच्छा। सो ये दोनों चीजें जब एक साथ देखने को मिल जाती है कि इनफ्लेशन एकदम लोअर लेवल पे और जीडीपी एकदम हायर लेवल पे उसी को गोल्डी लॉक पीरियड बोलते हैं और यही चीज फिलहाल हम लोगों को देखने को यहां पे मिल रही है। सो ये एक चीज आप लोगों को समझ में यहां पे आई होगी।
देन अगर हम बात कर लें दोस्तों तो ओएमओ ओपन मार्केट ऑपरेशंस की अगर हम लोग यहां पे बात कर लें तो आप देख सकते हैं आरबीआई टू कंडक्ट 1 लाख करोड़ ओएमओ ड्यूरिंग द दिसंबर टू इंजेक्ट द लिक्विडिटी। मतलब अब ये ओएमए मतलब क्या? ओपन मार्केट ऑपरेशन मतलब क्या? बहुत ही सिंपल है दोस्तों। बहुत ही सिंपल। आरबीआई यहां पे क्या करेगा? यहां पे गवर्नमेंट के जो बॉन्ड्स रहते हैं, ठीक है? सिक्योरिटीज़ रहते हैं, वो यहां पे खरीदेगा। और इससे लिक्विडिटी कैसे आएगी? अब मुझे बताओ ये बॉन्ड्स इशू मतलब कौन करता कौन है ये बॉन्ड्स? आपको भी अगर बॉन्ड्स खरीदने हैं, आप कहां पे जाओगे? ऑब्वियसली आप बैंक्स के पास जाओगे। सो बैंक्स से वो क्या करेंगे? आरबीआई बॉन्ड्स यहां पे खरीदेंगे सरकार के। कितने? 1 लाख करोड़ के। तो, इससे यह 1 लाख करोड़ किसके पास चला गया? बैंक के पास चला गया। बैंक के खाते में पैसा आ गया। सो बैंक के पास 1 लाख करोड़ की लिक्विडिटी यहां पे आ गई। इस प्रकार से वो लिक्विडिटी इंजेक्ट करते हैं। ठीक है? अभी आई होप आपको समझ में आया होगा। ओएमओ मतलब क्या? बस आरबीआई सरकार के बॉन्ड्स यहां पे खरीदेगी और ये बॉन्ड्स कौन यहां पे इशू करता है? देता है ये बैंक्स देते हैं। ठीक है? सो इस चीज के चलते 1 लाख करोड़ किसके खाते में चला गया? बैंक्स के खाते में चला गया। बैंक्स को लिक्विडिटी मिल गई। सो ये डबल फायदा यहां पे हो गया दोस्तों। इसीलिए जैसे सेंट्रल बैंक ने यही बोला है। क्या बोला है? यह जो गोल्डी लॉक इकॉनमी है उसको हम सपोर्ट करना चाहते हैं। इसीलिए डबल फायदा हमने किया है। कैसे रेट कट भी कर दिया प्लस लिक्विडिटी भी बूस्ट कर दी इस प्रकार से ओएमओ करके। सो यह दोनों चीजें उन्होंने यहां पर की है जो कि काफी रेयर हम लोगों को देखने को यहां पर मिल जाती है।
देन फॉरेक्स रिजर्व्स की अगर बात कर लें तो आरबीआई ने यहां पे बताया है भाई कि हमारे पास लगभग 686 बिलियन का फॉरेक्स रिजर्व्स पड़ा हुआ है जो कि 11 महीने के इंपोर्ट्स को यहां पे इज़ली सपोर्ट कर सकता है। मतलब हम आप सभी लोगों को पता है ना हम सामान बाहर से भी मंगवाते हैं। ठीक है? तो 11 महीने तक का सामान हम मंगवा सकते हैं। इतना तो रिजर्व्स हमारे पास पड़ा हुआ है।
देन दोस्तों आ जाते हैं सबसे इंपॉर्टेंट चीज भारतीय रुपया। भाई हमारा इंडियन रुपए लगातार नीचे के नीचे नीचे गिर रहा गिरते ही जा रहा है। तो आरबीआई गवर्नर कुछ तो बोलेंगे बट मॉनिटरी पॉलिसी ने भाई उन्होंने अपना जितना इतना काम था वहां पे इंडियन रुपए के बारे में कुछ भी नहीं बोला। देन प्रेस कॉन्फ्रेंस हम लोग को देखने को मिली। वहां पे थोड़ी ना छोड़ेंगे। तो वहां पे उनको यहां पे पूछा गया। सो सबसे पहले तो उन्होंने यही बोला कि वोलेटिलिटी हैपंस। ठीक है? मतलब यह जो चीजें चल रही है ₹90 तक यहां पे चला गया है। सो ये चीजें होती है। यह कोई पहली बार नहीं हुआ है। इसके पहले भी हमने देखा था कि रुपया 84 तक चला गया था। देन कुछ ही टाइम में 3 महीने के अंदर-अंदर 88 तक यहां पे चला गया था। तो इस प्रकार के फ्लक्चुएशंस वोलेटिलिटी यहां पे होते हैं। ठीक है? यह पॉइंट्स उन्होंने यहां पे बोले हैं। मतलब ऐसा लगा दोस्तों कि शायद से आरबीआई गिरते हुए रुपी को लेकर जो 90 को अभी टच यहां पे किया था। इतना ज्यादा उनको चिंता नजर नहीं आ रही है। और इस चीज को आप एक्शन से भी थोड़ा सा मैच करके देख सकते हो। जहां पे आरबीआई ने $5 बिलियन डॉलर का 3 साल का यूएसडी आईएआर बाय सेल स्वैप यहां पे अनाउंस किया है। सो जैसे ही अनाउंस किया रुपया अगेन 13 पैसे यहां पे गिर गया। सो इन शॉर्ट अगर मैं बोल दूं कि गिरते हुए रुपयों को देखकर शायद से आरबीआई इतना ज्यादा टेंशन में यहां पे नहीं है। ठीक है? वरना इस प्रकार की चीज भी वो अनाउंस यहां पे नहीं करते और उन्होंने जवाब भी यही दिया है कि इस प्रकार की वोलेटिलिटी होती रहती है।
सो कंक्लूजन क्या है दोस्तों? कंक्लूजन बस एक ही चीज है कि मॉनिटरी पॉलिसी एकदम दमदार रही। ठीक है? मार्केट ने इस चीज को यहां पर बता दिया कि भाई तेजी के साथ कि हमें तो मॉनिटरी पॉलिसी अच्छी लगी। लिक्विडिटी बाजार में आएगी ड्यूल वे से एक तो रेट कट के चलते। प्लस उसी के साथ-साथ यस 1 लाख करोड़ के जो बॉन्ड्स वो खरीदेंगे तो बैंक्स के पास पैसा चला जाएगा इस चीज को लेकर। और इसी पॉइंट को लेकर दोस्तों बाजार ने भी अच्छा रिस्पांस दिया जो कि आप देख सकते हो और सबसे ज्यादा चांदी किसकी होगी? मैंने कल एक वीडियो भी बनाया था। यस बैंक की जितना बैंक अब क्या और सस्ता लोन यहां पे मिलेगा। ठीक है? लिक्विडिटी भी इनके पास यहां पे आई। तो इसीलिए आज के दिन आप यहां पे देख सकते हो सबसे ज्यादा कौन मुस्कुरा है? NFT Bank आप देख सकते हो 0.82 भाग गया एंड NFT फाइनेंसियल सर्विज जिसमें एनबीएफसी भी आ जाते हैं। नियर बाय 1% के आसपास की तेजी इन्होंने दिखा दी है। और यह आप आपको पता ही है फाइनेंस सेक्टर अगर खुश हमारा मार्केट भी खुश यही चीजें देखने को मिल जाती है। उन्हीं का कंट्रीब्यूशन इंडेक्स में हायर लेवल का देखने को मिल जाता है। सो टोटल अगर हम लोग बात कर लें काफी डिसेंट पॉलिसी यहां पे रही है। अच्छा परफॉर्मेंस यहां पे रहा है। ठीक है? और जो रेड कट भी यहां पे हुआ है यूनेसली डिसीजन लिया गया है। छह के छह मेंबर्स ने यहां पे बोला है कि हां भाई रेड कट यहां पे करते हैं। कोई डिस्प्यूट हम लोग को देखने को नहीं मिला है।
सो आशा करता हूं दोस्तों जितने भी चीजें थी आसान भाषा में सारी कवर कर ली। वीडियो हेल्पफुल लगा होगा। चाहो तो लाइक एंड शेयर कर सकते हैं। मिलते हैं अगले वीडियो में। तब तक के लिए बय।