Transcription
एक मुसलमान बहन की शादी थी। वह दुल्हन बनकर तैयार होकर बैठी थी। दूल्हा लेट हो गया, उसके पास पहुंचने में और उसके आने से पहले मस्जिद से अजान बुलंद हुई। उसने सुनी और वह खड़ी हो गई कि मुझे नमाज पढ़नी है।
उसकी सहेलियां और उसकी वालिदा सब कहने लगीं कि पागल हो गई हो? हजारों रुपए लगाकर तुम्हें तैयार किया गया है, जिसके लिए तुम सजी हो, वह तो अभी आया नहीं है। उसने तुम्हें देखा नहीं। अगर तुमने अभी वजू कर लिया और नमाज पढ़ने के लिए खड़ी हो गई, ये सारा लिबास उतार दिया, जरा रुको। आज की नमाज का क्या है? बाद में देखी जाएगी।
तो उसने ईमान से लवरेज जुमला कहा कि मैं पहले रब की बंदी हूं, फिर किसी और की बीवी हूं। मुझ पर पहला हक मेरे अल्लाह का है। जिसने देखना था वह नहीं आया, कोई बात नहीं। मेरा अल्लाह देख रहा है कि अजान हो गई और मेरी बंदी बैठी हुई है। मैं अपने रब को नाराज नहीं कर सकती।