Transcription
यार, पिछले कुछ दिनों से मैं क्राइम से रिलेटेड ही स्टोरीज कवर करता हुआ आ रहा था, क्योंकि एक बहुत बड़ा सिलेबस, सिलेबस ही कह सकते हैं इसको, एक बहुत बड़ा सिलेबस मेरा अभी भी क्राइम से रिलेटेड पेंडिंग है जो आपके सामने मुझे रखना है। तो थोड़ा सा तो मैंने कवर कर दिया, बट इन बिटवीन मुझे कुछ ऐसी और स्टोरीज मिलीं जो सच में बहुत-बहुत ज्यादा दिल दहला देने वाली थीं।
और आज की वीडियो स्पेशली सिर्फ मैच्योर ऑडियंस के लिए ही होने वाली है, क्योंकि इसके अंदर भी मैं एज यूजुअल बहुत ज्यादा ग्राफिक डिटेल्स के बारे में बात करूंगा। प्लस, बहुत सारे मैसेजेस मुझे Instagram के ऊपर मिले कि लंबे टाइम से कोई क्लॉस्ट्रोफोबिक स्टोरी नहीं आई और सच में मेरा भी बहुत मन था। मुझे बहुत ज्यादा पसंद है क्लॉस्ट्रोफोबिक स्टोरीज को कवर करना। सो, सेकंड वाली जो मेरी आज की स्टोरी होगी, वो इतनी ज्यादा क्लॉस्ट्रोफोबिक कि जब मैं उसको लिख रहा था, तो एक बार तो मेरा भी दम घुटने लगा।
बट, उससे पहले वाली स्टोरी, यह सच में किसी हॉलीवुड मूवी के जैसी लगती है। जब आप इसको जानेंगे, तो आप भी कहेंगे कि नहीं, विक्की, ऐसा कुछ हो ही नहीं सकता। बट एट द एंड, यह सच था।
लेकिन एक सच यह भी है कि आप लोग सच में बहुत-बहुत ज्यादा ढीठ हो। मैंने कितनी बार आपको टारगेट्स दिए हैं 20,000 लाइक्स के। मेरे मरने से पहले एक बार यह इच्छा पूरी कर देना। सो सॉरी। बट प्लीज, आप लोग लाइक बटन को हिट कर दीजिएगा। सब्सक्राइब बटन के ऊपर भी क्लिक कर दें। कमेंट्स में "Pick Me" लिख दें।
Let's die in. इस बहुत ही अनबिलीवेबल इंसिडेंट को समझने के लिए हमें नॉर्दन कनाडा के किंग विलियम आइलैंड के पास जाना पड़ेगा और टाइम था अप्रैल 1848, यानी कि अप्रैल 1848 का। इसी किंग विलियम आइलैंड के पास इनविट ट्राइब के लोग अपना पूरा कबीला वगैरह बसाकर रह रहे थे। और अप्रैल का टाइम इन इनविट ट्राइब के लोगों के लिए बहुत स्पेशल होने वाला था, क्योंकि अभी-अभी सर्दियां खत्म हुई थीं और अब इनको दोबारा से कॉस्ट लाइन, यानी कि समुद्री तट के पास जाकर अपना शिकार दोबारा से करना था, ताकि वो आने वाले टाइम में उस शिकार किए हुए जानवर को प्रिजर्व करके रख सकें और आने वाली गर्मियों के साथ-साथ सर्दियों का भी कुछ टाइम उसी शिकार के हवाले निकाल सकें।
सो, इनविट कबीलों के लोगों ने उस दिन अपना पूरा ग्रुप बनाया और सुबह-सुबह यह कॉस्ट लाइन की तरफ जाने के लिए तैयार थे। अब आप इनकी लोकेशन थोड़ी सी समझने की कोशिश करिएगा। यह सभी लोग, यह पूरा कबीला कॉस्ट लाइन से तकरीबन 4 किमी अंदर सॉलिड जमीन के ऊपर बसा हुआ था। अब ज्यादा दूर तो नहीं थी कॉस्ट लाइन, लेकिन फिर भी इनको कॉस्ट लाइन तक, यानी कि तट तक पहुंचने के लिए एक बड़ा सारा बर्फीला पहाड़ क्रॉस करना था और उसी के बाद यह उस तट तक पहुंच सकते थे, ताकि जाकर वहां पर वो जो किनारे पर आई हुई थीं सील्स या फिर कुछ मछलियां, उनको पकड़ कर लेकर आ सकें, मार कर लेकर आ सकें।
सो, बहुत बड़ा सारा ग्रुप, इनके अंदर काफी सारे बच्चे भी, जो इस कबीले के मौजूद थे, वो बच्चे भी शामिल हुए और यह सारे लोग अपनी यात्रा शुरू कर चुके थे। सो, फाइनली ये जैसे ही इस बर्फीले पहाड़ के पास पहुंचे, तो इनमें से जो बच्चे थे, अब आपने काफी बार नोटिस किया होगा, सभी बच्चों की मेंटालिटी एक जैसी होती है कि वो अगर किसी ग्रुप के साथ चल रहे हों, तो काफी बार वो आगे निकल जाते हैं, बजाय इन बड़ों के साथ चलने के। ये उनको छोड़कर आगे की तरफ निकल जाते हैं।
सो, ऐसे ही इनमें भी जो जवान-जवान बच्चे थे, वो इस ग्रुप को छोड़कर आगे की तरफ निकले और बहुत तेजी से उस पहाड़ के ऊपर चढ़ने लगे, जबकि पीछे इनका पूरा ग्रुप अभी धीरे-धीरे उस पहाड़ के ऊपर ट्रैकिंग करनी शुरू करने वाला था। सो, जैसे ही सबसे पहला बच्चा उस बर्फीले पहाड़ के ऊपर चढ़ता हुआ, अपने हाथों को आगे की तरफ मारता हुआ, उस ऊपर बिल्कुल चोटी के ऊपर पहुंचा और जैसे ही उसने अपने दोनों हाथों से चोटी को पकड़ कर ऊपर की तरफ देखना शुरू किया, सो आगे की तरफ बहुत ही क्लियर, ब्राइट व्यू, ब्राइट वाइट व्यू, पूरे इलाके में गहरी बर्फ पड़ी हुई थी, बिल्कुल फ्रेश बर्फ।
लेकिन तभी उसका ध्यान सडनली एक चीज के ऊपर गया, जो कि इस पूरी वाइट बर्फ को चीरते हुए उसकी आंखों में दिख रही थी। जी हां, आगे जो समुद्र का किनारा उसको दिख रहा था, उस किनारे के बीच के ऊपर उसको कुछ चीज थी, जिसको देखकर वो पहले ऐसे बहुत अजीब सा उसको अनकंफर्ट सा लगा और वो वापस पीछे उसी पहाड़ की चोटी के पीछे जाकर छुप चुका था और उसने नीचे की तरफ घूम कर देखा, जहां उसका पूरा ग्रुप आ रहा था और भी बच्चे उसके पीछे पीछे भाग कर आ रहे थे और उसने इशारा किया कि फटाफट आओ, फटाफट आओ। वहां देखो क्या है?
नीचे वाले लोग उस बच्चे के इशारे को देखकर बहुत तेजी से ऊपर की तरफ चढ़ने लगे और ऊपर चढ़कर जब सभी लोगों ने उस हिल के नीचे वाली साइड, यानी कि कॉस्ट लाइन की तरफ देखा, तो एक मोमेंट के लिए सभी लोग बिल्कुल शांत हो चुके थे, क्योंकि वहां पर कोई भी सील नहीं थी, कोई भी बड़ी मछली नहीं थी या फिर कोई जानवर नहीं था, बल्कि वहां पर थे बहुत सारे लोग, बहुत सारे सफेद लोग, मतलब कि वाइट पीपल।
नीचे इन वाइट स्किन वाले लोगों को देखकर यह इनविट कबीले वाले लोग बहुत ज्यादा डर गए और यह वापस उसी पहाड़ की चोटी के पीछे छुप गए और डिस्कस करने लगे कि आखिर यह क्या बीमारी है? यहां पर आज तक कोई भी ऐसे व्यक्ति आया नहीं। इस कबीले तक कोई नहीं पहुंचा। इस तट के ऊपर यह इतने सालों से रह रहे हैं, इतने बारी आ चुके हैं। लेकिन आज तक इनको यहां पर कोई भी आदमी नहीं दिखा। लेकिन अब नीचे तट के ऊपर बहुत सारे आदमी हैं।
लेकिन आदमी है, यह भी दिक्कत नहीं है, बल्कि वो आदमी बहुत ही अजीब हरकतें कर रहे हैं। वैसे तो ये लोग बस चल रहे थे उस बीच के ऊपर, उस तट के ऊपर, लेकिन उनकी ये चाल बिल्कुल भी नॉर्मल नहीं थी, बल्कि यह लोग बहुत ही अजीब तरीके से, जैसे कि उनकी बॉडी उनके कंट्रोल में नहीं है, मतलब कि वो बहुत ज्यादा लड़खड़ा कर चल रहे हैं। एक दूसरे को अपने बहुत ही शॉकिंग रिएक्शन से देख रहे हैं। एक दूसरे से बातें भी नहीं कर रहे, बस वो बहुत ही लड़खड़ा कर, जैसे कि ज़ॉम्बीज़ चलते हैं, बिल्कुल वह ग्रुप नीचे जो मौजूद था वाइट पीपल का, वो लोग ऐसे ज़ॉम्बीज़ की तरह बिहेव कर रहे थे।
जिसके बाद इन कबीले वाले लोगों में से दो आदमियों ने हिम्मत करी और वापस उस हिल के ऊपर चढ़कर आगे की तरफ देखने लगे और एक्चुअल में वो लोग नीचे जो घूम रहे थे वाइट पीपल, उनकी काउंटिंग कर रहे थे कि असल में लोग कितने हैं। सो, एक रफली आईडिया, तकरीबन 40 लोग नीचे वो घूम रहे थे। एक दूसरे को देखते-देखते ज़ॉम्बीज़ की तरह बिहेव कर रहे थे, लड़खड़ा कर चल रहे थे।
अब इस पॉइंट पर आकर यह इनविट कबीले वाले लोग बहुत ज्यादा अनकंफर्टेबल हो चुके थे, क्योंकि आज तक यह कभी भी किसी सफेद स्किन वाले इंसान से नहीं मिले थे, मतलब कि किसी भी वाइट लोगों से नहीं मिले थे। क्योंकि इनको लगता था कि वाइट लोग, जो भी आसपास रहते हैं बड़े-बड़े शहरों में, यह इनके लिए खतरा है और यह इनको ऐसे नहीं जीने देंगे। बट इनको फिर भी यह पता था कि एक जहाज पिछले साल इस किंग विलियम आइलैंड के पास आया था। लेकिन जैसे वो जहाज यहां पर पहुंचा, उसके इंजिंस खराब हो चुके थे और धीरे-धीरे सर्दियां आ गईं, जिस वजह से वो जहाज वहीं पर फंस गया। चारों तरफ उस जहाज के बर्फ जम चुकी थी और वो लोग जो उस जहाज के अंदर सवार थे, वो लोग वेट कर रहे थे गर्मियां वापस आने का, ताकि ये बर्फ अपने आप पिघले और उनके जहाज को वो यहां से वापस लेकर जा सकें।
बट, अब समस्या इन इनविट कबीले वाले लोगों के साथ यह थी कि आज तक इन लोगों ने कभी भी किसी वाइड आदमी के साथ बातचीत नहीं करी। इनको कोई उनकी लैंग्वेज भी नहीं आती और इनको सबसे बड़ा इनका मोटिव नहीं पता कि आखिर ये लोग इस तट के ऊपर कर क्या रहे हैं? यह अपनी शिप के अंदर वापस क्यों नहीं जा रहे, क्योंकि इनको तट से थोड़ी दूर समुद्र के अंदर बर्फ के बिल्कुल बीच में इनका जहाज फंसा हुआ दिखाई भी दे रहा था।
सो, सारी काउंटिंग करने के बाद दोबारा से इनविट कबीले वाले लोगों ने हिम्मत दिखाई, क्योंकि अभी तक इन लोगों ने सिर्फ इनकी काउंटिंग करी थी, नीचे मौजूद वाइट पीपल की, वो सिर्फ 40 के आसपास थे। लेकिन ये लोग सिर्फ यहां चल नहीं रहे थे, बल्कि इनके पास एक रेडी इन्होंने बना रखी लकड़ी की और उस लकड़ी की रेड़ी को बर्फ के ऊपर रखकर उसे एक बहुत बड़ी रस्सी बांधकर दो लोग उस रस्सी को खींच कर आगे की तरफ लेकर जा रहे थे। बट उस रे के ऊपर इन लोगों ने कुछ बहुत सारा सामान बांधकर उसके ऊपर एक त्रिपाल सा ऐसे बांधा हुआ था उस रस्सी के साथ और वो रस्सी खींच कर यह लोग आगे की तरफ लेकर जा रहे थे। उस रे को देखकर क्लियरली साफ था कि इसके अंदर कुछ बहुत बड़ा सामान है, जिसको इन लोगों ने बांधा हुआ है और उसको खींचकर यह कहीं लेकर जा रहे हैं।
और इस मोमेंट पर यह इनविट कबीले वाले लोग बहुत ज्यादा डर गए और ये लोग वापस पहाड़ से थोड़ी नीचे उतर कर आराम से बैठकर सोचने लगे कि आखिर इन लोगों को क्या करना चाहिए। और इस मोमेंट पर अचानक से एक बहुत तेज चिल्लाहट नीचे उन वाइट पीपल, जो वाइट लोग थे, उनमें से किसी एक की चिल्लाहट बहुत जोर से ऐसे हवा के अंदर गूंजी और यह चिल्लाहट इस इनविट कबीले वाले लोगों ने भी सुनी। इनको को इस मोमेंट पर लगा कि कहीं ना कहीं उन लोगों ने नीचे जो ये लोग हैं, इन लोगों ने हमें देख लिया है और हो सकता है ये लोग हमारे ऊपर हमला करने की फिराक में हों।
सो, फटाफट से इन लोगों ने, इनविट कबीले वाले लोगों ने अपने-अपने भाले अपने हाथों में पकड़े और ऊपर की तरफ झांक कर दोबारा से उस पहाड़ी के नीचे देखने लगे, कॉस्ट लाइन की तरफ। बट ये लोग गलत थे। असल में उन लोगों ने इन्हें नहीं देखा, बल्कि जो नीचे 40 लोग ऐसे-ऐसे घूम रहे थे, लड़खड़ाते हुए आगे की तरफ जा रहे थे, उनमें से एक आदमी अब रुक चुका था और उसने बहुत ही अजीब सी पोजीशन बनाकर अपना मुंह ऊपर की तरफ करके बहुत जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया।
अब आप बस सोच कर देखिए। आप अपने 40 दोस्तों के या फिर किसी भी कलीग्स के ग्रुप के साथ ऐसे जा रहे हो घूमने के लिए और उनमें से एक बंदा ऐसे बीच में रुक कर चिल्लाने लग जाए, तो ऑब्वियसली बाकी 39 उसको रुक कर देखेंगे। लेकिन नहीं, यहां जो नीचे वो 40 लोग थे, उनमें से एक जैसे ही बीच में रुक के ऐसे चिल्लाने लगा, अपना मुंह ऊपर करके, बाकी 39 लोगों को फर्क नहीं पड़ा, वो बिल्कुल पहले की तरह ऐसे ही लड़खड़ाते हुए आगे की तरफ जा रहे थे, एक्सेप्ट दो लोग जो उस रेड़ी को खींच कर आगे की तरफ लेकर जा रहे थे।
और जैसे ही उन दोनों ने पीछे घूम कर देखा कि उनका एक साथी ऐसे बीच में रुक कर चिल्लाने लगा है, उसने अपना मुंह ऊपर की तरफ किया और जस्ट वो नीचे अब चिल्लाते-चिल्लाते जमीन के ऊपर गिर चुका था। अब जैसे ही यह चीज उन दोनों ने देखी, जो रेड़ी को खींच कर लेकर जा रहे थे, उन्होंने अपनी रेड़ी रोकी। उस आदमी के पास आए, जो चिल्लाकर नीचे गिर चुका था। उसको खींच कर उस रेड़ी के पास लेकर आए और उस रेड़ी के ऊपर जो त्रिपाल के साथ रस्सी बांधी गई थी, उस रस्सी को खोला। त्रिपाल हटाया और वो आदमी, जो भी अभी नीचे गिरा था, जिसको खींच कर लेकर आए थे, इस आदमी को उठाकर उस रेड़ी के ऊपर डाल दिया।
अब यह सब कुछ होता हुआ ऊपर इनविट कबीले वाले लोग देख रहे हैं, पहाड़ी के ऊपर से। लेकिन उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं। क्यों? क्योंकि जैसे ही इन सफेद लोगों ने उस रेडी के ऊपर से त्रिपाल हटाया, उस त्रिपाल के नीचे बहुत सारी, बहुत सारी इंसानी लाशें मौजूद थीं और जैसे ही इनका एक और साथी नीचे गिरा, इन लोगों को जैसे कि पता था कि ऐसा कुछ होने वाला है और यह इनके लिए एक रूटीन हो चुकी है। बस इन लोगों ने कोई भी अपना रिएक्शन ना दिखाते हुए, कोई भी दुख ना मनाते हुए, इन लोगों ने जस्ट उस आदमी को उठाया, अपनी रे के ऊपर डाला, वापस तिरपाल डाला और उस तिरपाल के ऊपर रस्सी बांधकर दोबारा से उस रे को आगे की तरफ खींचने लगे।
इनविट कबीले वाले लोग हद से ज्यादा डर चुके थे। इन लोगों के अंदर हिम्मत नहीं थी कि वो इस पहाड़ी को क्रॉस करते हुए नीचे क्रॉस लाइन की तरफ जाएं। इन लोगों ने अपना प्लान वहीं पर कैंसिल किया। यह वापस अपने घर जाने वाले रास्ते की तरफ उतरे। उस पहाड़ी से नीचे उतरते हुए अपने कबीले की तरफ जा चुके थे। कबीले वाले सारे लोगों ने पहुंचकर अपने पूरे गांव वालों से बातचीत करी। उनको सारी सिचुएशन समझाई कि कितने लोग हैं वहां पर, कैसा बिहेव कर रहे हैं, कैसे वो दिखते हैं। वो सारी कुछ चीजें डिटेल में बताने के बाद इन सबके बीच में एक कंक्लूजन निकला कि हो सकता है उनका वो जहाज खराब हो गया हो और उनके पास खाना खत्म हो गया हो और इस वजह से उनकी मेंटल हालत कुछ बहुत ज्यादा बिगड़ गई हो और इसी वजह से वो ऐसा बिहेव कर रहे हों।
अब बेशक इन सभी कबीले वालों का यही मानना था कि बाहर की दुनिया में रहने वाले जितने भी लोग हैं, इंक्लूडिंग वो सफेद लोग, यह सारे लोग इनके लिए खतरा हैं, बट फिर भी एक इंसानियत के नाते हमें इनकी मदद करनी चाहिए। हो सकता है इनको बहुत जोर से भूख लगी हो, इनके पास कुछ भी खाने पीने को ना हो और यह भूख से मर रहे हों, तो हमें इनके पास कुछ खाना पीना लेकर जाना चाहिए।
सो, पूरी रात लगाकर सभी कबीले वालों ने मिलकर अपने-अपने घर से थोड़ा-थोड़ा मीट वगैरह और कुछ भी जितना भी खाना पीना था, वो सारा कुछ जमा किया और अगली सुबह दोबारा से सारे लोग अपने कंधों के ऊपर चोला वगैरह टांग कर, अपने भाले साथ लेकर वापस उसी रास्ते पर चढ़ने लगे और उसी पहाड़ के ऊपर जाकर वापस बैठ गए और वेट करने लगे पूरी उजाला होने का, ताकि वो नीचे उतर कर उन सफेद लोगों को, जो वहां भूख से मर रहे हैं, उनको यह खाना दे सकें।
थोड़ा सूरज उगने के बाद इन लोगों ने फाइनली उस पूरी हिल के चोटी के ऊपर चढ़कर नीचे झांकने की कोशिश करी और उनको देखने चाहा, बट अबकी बार नीचे कोई भी मौजूद नहीं था। यह चीज देखकर ये सब लोग बहुत ज्यादा हैरान कि कल तो यहां इतने सारे लोग थे और वो बहुत अजीब सी हरकतें कर रहे थे। लेकिन आज ये लोग कहां गए?
सो, फाइनली यह सारा अपना सामान दोबारा से कंधे के ऊपर टांग कर, अबकी बार उस पहाड़ी के दूसरी तरफ, यानी कि तट लाइन वाली तरफ उतरे और नीचे उतर कर देखने लगे कि आखिर ये लोग गए तो गए कहां पर? बट यहां पर बहुत सारे फुटप्रिंट थे, इन इंक्लूडिंग वो रेड़ी खींचने की भी निशान बहुत दूर तक जा रहे थे। सो, इन लोगों ने यह इनविट कबीले वाले लोगों ने फाइनली इन फुटप्रिंट्स को आगे की तरफ ट्रेस करना शुरू किया कि आखिर ये जा कहां पर रहे हैं।
और कई घंटों तक इस तट लाइन पर आगे की तरफ चलने के बाद फाइनली इन लोगों को एक कैमसाइट दिखाई दी। बट इस कैमसाइट को देखकर सभी कबीले वाले बहुत-बहुत ज्यादा हैरान। क्यों? क्योंकि ये कैमसाइट बहुत ज्यादा फ्रेश लग रही थी। इसके बाहर आग में जो अंगारे बचे हुए थे, वो अभी तक सिलग रहे थे। उनके अंदर अभी भी गर्माहट थी। इनफैक्ट, बहुत सारी अलग-अलग डिशेस वहां पड़ी हुई थीं, बहुत सारी प्लेट्स पड़ी हुई थीं और उनके अंदर खाना भी मौजूद था।
बट, जैसे ये लोग उस कैंप के अंदर झांकने लगे, लेकिन अंदर कैंप में कोई भी मौजूद नहीं। यह क्लियरली साफ था कि हाल ही में किसी ने इस कैंप के अंदर रहकर कैंपिंग करी है। बाहर खानावाना पकाया है। उस आग के ऊपर एक बहुत बड़ा पतीला सा रखा हुआ था, टोपिया रखा हुआ था। हमारे हरियाणा में टोपिया कहते हैं इसको। सो, एक बहुत बड़ा पतीला सा भी रखा हुआ था और उसके अंदर से धुआं भी निकल रहा था। क्लियरली साफ था कि कोई यहां था, जिसने हाल ही में कैं कैंपिंग करी थी और यहां पर खानावाना पका कर खाया था। सो, हो ना हो, यह सभी लोग वही थे, जो यहां तक पहुंचे। उन्होंने कैंपिंग करी और यहां वो रुके थे। बट, अब वो कहां गए?
कबीले वाले सभी लोग इधर-उधर बट चुके थे आसपास चीजें तलाशने के लिए, ताकि कोई उनका क्लू मिल सके कि आखिर ये सारे लोग गए तो गए कहां? बट काफी देर तक आसपास छानबीन करने के बाद भी इन लोगों को कुछ नहीं मिला। सो, वापस सभी लोग इसी कैंप साइट के ऊपर जमा हो चुके थे और तभी उनमें से एक आदमी फाइनली दोबारा से उस आग के पास गया, जो उसके ऊपर वो पतीला रखा हुआ था, उसको ऊपर से ढका हुआ था एक ढक्कन से और उस आदमी ने इस पतीले के ढक्कन को जैसे उठाया और उसकी नजर उस पतीले के अंदर गई, लिटरली उसने वो ढक्कन वापस ढक दिया और बहुत जोर से चिल्लाया।
यह सच में ना सिर्फ उस आदमी के लिए, जिसने वह ढक्कन उठाया था, बल्कि पूरे कबीले वालों के लिए एक ऐसा नाइट मेयर था, जो उनको आने वाली अपनी पूरी जिंदगी में डराने वाला था। जी हां, आपने अभी तक अंदाजा लगा लिया होगा कि वो 40 के 40 लोग, उनकी लाशें आसपास बिखरी हुई थीं, जो कि बाद में कुछ घंटे और छानबीन करने के बाद इन इनविट कबीले वाले लोगों ने तलाश कर ली। सभी की सभी लाशें वहां पर मिल चुकी थीं और यह लोग वापस अपने डर को लेकर अपने कबीले में जा चुके थे।
इसके कुछ महीनों बाद, यह इनविट कबीले वाले लोग वापस से ट्रैकिंग करते हुए, उस पहाड़ी को क्रॉस करते हुए, इस तट के पास आए। लेकिन इस तट से अब उनको बहुत दूर समुद्र के अंदर एक जहाज ऐसे बर्फ के बीच में बिल्कुल फंसा हुआ दिखाई दे रहा था। और नो डाउट, यह जहाज उन्हीं 40 लोगों का था, जिसके बारे में इनविट कबीले वालों ने सुना भी था कुछ टाइम पहले कि एक जहाज यहां पर ऐसे फंसा हुआ है।
सो, इन कबीले वालों ने सोचा कि क्यों ना एक-द दिन हम इस जहाज की तरफ ट्रैकिंग करें और वहां जाकर देखें कि आखिर जहाज के अंदर क्या-क्या कुछ पड़ा है? क्योंकि इनको लग रहा था कि इन लोगों ने अपनी मिस्ट्री सारी सुलझा ली है। वो जो 40 लोग थे, वो इस जहाज के अंदर बैठकर यहां तक पहुंचे। बट, बीच में ही जहाज फंस गया बर्फ के अंदर और इनको मजबूरन अपना जहाज ऐसे ही खुला छोड़ना पड़ा। इनका खाना पीना जहाज के अंदर खत्म हो गया होगा। यह जहाज से बाहर निकले होंगे, यहां तट तक आए होंगे खाना पीना ढूंढने के लिए, शिकार करने के लिए। लेकिन यहां पर भी इनको खाने पीने के लिए कुछ नहीं मिला और बाद में ये भूख से तड़प-तड़प कर ऐसे ज़ॉम्बीज़ जैसे बन चुके थे। बहुत ही अजीब सा बिहेव कर रहे थे। और बाद में उनकी भूख से ही मौत हो गई। यह थी पूरी की पूरी थ्योरी, जो इनविड कबीले वालों ने बनाई थी।
सो, फाइनली आज वो दिन था, जब ये लोग उस जहाज की तरफ जाने वाले थे, ताकि वो उसके अंदर देख सकें कि आखिर ये जहाज कैसा था? अंदर से कैसा दिखता है और यह जहाज आखिर आया कहां से था? धीरे-धीरे कर ये सारे कबीले वाले लोग समुद्र के बर्फ के ऊपर चलते हुए उस जहाज तक पहुंच चुके थे। एक-एक करके रस्सी को पकड़ पकड़ कर जहाज के ऊपर चढ़ने लगे, कोशिश करने लगे।
अब यह चढ़ते-चढ़ते सारे लोग आपस में बातें कर रहे थे कि हो ना हो, इस जहाज के ऊपर ही ऐसा कुछ हुआ होगा, जिससे पहले तो यह जहाज डूबा और बाद में मजबूरन उन 40 लोगों को अपना ये जहाज वेकेंट छोड़कर ऐसे ही बाहर लावारिस की तरह निकलना पड़ा, कोई खाना पानी ढूंढने के लिए। सो, हो ना हो, हमें इस जहाज की मिस्ट्री को भी सुलझाना पड़ेगा। यह लोग आपस में ऐसे बातें कर रहे थे।
जैसे यह लोग चढ़-चढ़कर उस शिप के अंदर घुसे, तो अंदर का हाल देखकर इन सभी कबीले वाले लोगों की आंखें फटी की फटी रह गईं। क्योंकि जो चीज इन लोगों ने एक्सपेक्ट करी थी, वैसा कुछ भी इस बड़े सारे जहाज के अंदर नहीं था। इनको लग रहा था कि हो सकता है यह जहाज पूरा अंदर से तहस-नहस हो गया हो, डूबने की कगार पर हो, बिल्कुल अंदर टूटा-फूटा सामान।
होगा। कोई खाना-पीना नहीं होगा।
लेकिन नहीं, ये जहाज अंदर से एकदम नई कंडीशन में था। बिल्कुल भी ऐसा लग ही नहीं रहा था कि किसी ने जहाज को यूज़ भी किया हो कभी। एकदम ब्रांड न्यू कंडीशन। जैसे ये सभी लोग घूम-घूम कर इस पूरे जहाज के अंदर बने हुए कमरों को खोल-खोल कर देख रहे थे, तो इतने ज्यादा हैरान थे। क्योंकि अंदर इतने कंफर्ट बिस्तर, इतने बढ़िया-बढ़िया उनके ऊपर रजाई, कंबल, तकिए वगैरह, सारा कुछ। यह सब कुछ देखकर कबीले वाले लोग इतने ज्यादा हैरान कि आखिर इतने बढ़िया एनवायरमेंट को छोड़कर, इतने बढ़िया बिस्तरों को छोड़कर, कमरों को छोड़कर, यह 40 लोग आखिर उस बाहर की इतनी बेरहम कंडीशंस में क्यों निकले? अपने जहाज को लावारिस इन लोगों ने क्यों छोड़ा? क्योंकि अभी तक तो यहां कोई पानी-पानी भी नहीं भरा था। ये लोग इस जहाज के अंदर रुक सकते थे।
और जब ये सभी लोग तलाश करते-करते इस पूरे जहाज के किचन रूम में पहुंचे और जब किचन को खोल कर देखा, लेकिन किचन कुछ भी खास नहीं। बट इस किचन के अंदर ही एक और दरवाजा था स्टोरेज रूम का, कॉल्ड स्टोरेज रूम का। और जैसे ही सभी लोग उस छोटे से दरवाजे को खोलकर अंदर स्टोरेज रूम में गए, इन लोगों को एक्सपेक्टेड था कि हो सकता है इन लोगों का खाना खत्म हो गया हो, क्योंकि अभी तक तो इनकी थ्योरी यही थी। बट जैसे इन लोगों ने दरवाजा खोलकर अंदर ये गए, अंदर इतना बड़ा भंडार खाने का। उसके अंदर कैन्स लगाए गए थे। ऐसे-ऐसे बहुत बड़े-बड़े स्टक्स लगाए गए थे जिनके अंदर कैन्स मौजूद थे और उन कैन्स के अंदर पैक्ड फूड था। आपको पता होगा कि पहले ऐसे कैन बनाए जाते थे। आर्मी के अंदर भी ऐसे ही वह डिलीवर करते थे कैस जो कि फौजी लोग खाया करते थे किसी भी वॉर टाइम में। और ऐसे ही खाने के कैन, बहुत सारे कैन, हजारों कैन इस स्टोरेज रूम के अंदर रखे हुए थे पैक्ड फूड।
लेकिन यह कैसी बेवकूफी थी, कैसा बाऊजी पना था कि ये लोग अपने खाने को छोड़कर, अपने बिस्तरों को छोड़कर, ऐसे 40 के 40 इस जहाज को छोड़कर लावारिस यहां से बाहर निकले और ऐसे बाहर जाकर भूखे मरने की कगार पर उन्होंने अपनी जान दे दी। जिसका मतलब साफ यह था कि ये जो लोग ऐसा बिहेव कर रहे थे, वो खाने की कमी की वजह से तो कर नहीं रहे थे। बट इसके पीछे फिर कारण क्या था? ऐसा क्या रीजन था कि इन लोगों को अपना खाना-पानी, बिस्तर वगैरह छोड़छाड़ कर ऐसे बाहर निकलना पड़ा? क्यों? बहुत बड़ा सवाल था। बट इन सभी सवालों का जवाब आने वाले 130 सालों तक किसी के भी पास नहीं था।
फाइनली 1980 का टाइम आ चुका था। और 1980 में फाइनली दोबारा से ना सिर्फ कनाडा की गवर्नमेंट ने, बल्कि ब्रिटिश गवर्नमेंट ने भी इस पूरे केस के ऊपर दोबारा से जांच करी और तब एक बहुत ही अजीब, बहुत ही डरा देने वाली थ्योरी निकल कर सामने आई कि ऐसा कुछ उन लोगों के साथ हुआ था। तो असल में ये जहाज जिसके अंदर ये 40 कुछ लोग बैठकर यहां निकले थे एक्सपिडिशन के ऊपर, ये सारे असल में एक्सप्लोरर्स थे जो कि नए-नए इलाकों को उस टाइम पर ढूंढने के लिए निकले थे और ये सारा कुछ प्लान था ब्रिटिश गवर्नमेंट का। उन्हीं ने इनको सिलेक्ट करके ऐसे भेजा था कनाडा की तरफ कि वहां जाओ, नए-नए इलाकों को तलाश करो। बट निकलने से पहले इन लोगों को बहुत ही कंफर्ट इनके बिस्तर वगैरह दिए गए। बहुत ही कंफर्ट सा ये शिप दिया गया, बड़ा सारा आलीशान शिप, इंक्लूडिंग उसके अंदर बहुत सारा खाना-पीना था, बहुत सारे टूल्स वगैरह थे जो कि इनके रास्ते में काम आने वाले थे।
1980 के अंदर जब ये पूरा केस दोबारा से जांचा गया, तो जो वो 40 के आसपास कुछ लाशें मिली थीं उस टाइम पर, उस कैंप साइट के आसपास, उनके अंदर से सैंपल्स प्रिजर्व करके रखे गए थे। और वो सैंपल्स 1980 के अंदर दोबारा से टेस्ट किए गए। तो उन सैंपल्स के अंदर, बॉडी बॉडी सैंपल्स के अंदर, उन सभी लाशों के अंदर बहुत सारा लेड मिला। जिसका क्लियरली मतलब यह था कि वो जो कैंड फूड था, जो वो पैक्ड फूड था, जो उस किचन के अंदर स्टक्स लगा कर रखा गया था, उन सभी कैन्स के अंदर लेड मिलाया गया था। और यह पूरा का पूरा केस, यह पूरा का पूरा चक्कर असल में लेड पॉइजनिंग का था। जैसे ये 40 लोग अपना जहाज लेकर निकले होंगे, धीरे-धीरे कर इन लोगों ने उस स्टोरेज से बाहर निकाल-निकाल कर कैंड फूड खाना शुरू किया। धीरे-धीरे असल में ये लोग लेड खा रहे थे। सीसा जिसको हम कहते हैं, लेड को अपने अंदर शरीर के अंदर ले रहे थे। और धीरे-धीरे शरीर इनका पूरा का पूरा जहरीला बनता जा रहा था। और लेड पॉइजनिंग का एक बहुत ही बड़ा सिम्टम होता है मूड स्विंग्स आना, नोजिया फील करना। और बिल्कुल ऐसा ही कुछ इनके साथ भी तो हो रहा था। ये लोग भी तो अपने बिना किसी होशो हवास के अपने जहाज को छोड़कर खुद पैदल चल दिए तट की तरफ और वहां पर इन लोगों ने ऐसा बहुत ही अजीब सा बिहेव करना शुरू कर दिया। और जब ये इनविट कबीले वाले लोगों ने ऊपर चढ़कर देखा था नीचे, तो ये ऐसा बिहेव कर रहे थे जैसे सभी के सभी ज़ॉम्बीज हो।
और धीरे-धीरे कर ये सभी लोग मरते जा रहे थे। लेकिन इन लोगों के अंदर इतनी समझदारी थी कि अपने किसी भी व्यक्ति की लाश को ऐसे ही कहीं भी नहीं छोड़ना। ये सभी लाशों को अपने साथ उस टाइम पर लेकर जाना चाहते होंगे। इसलिए इन लोगों ने वो रेड़ी भी बनाई लकड़ी से और उस लकड़ी की रेड़ी के ऊपर एक-एक लाश को रखना शुरू कर दिया। जैसे ही कोई भी मरता, मरने से पहले वो अपने शरीर को ऐसे ज़ॉम्बी की तरह बनाकर अपना ऊपर मुंह करके बहुत जोर से चिल्लाता और एकदम से नीचे कोलैप्स कर जाता। ये सारी चीजों की आदत इन सभी लोगों को हो गई होगी और धीरे-धीरे कर सभी लोग ये मरते गए और ये रेडी के ऊपर एक के ऊपर एक लाश ये रखते गए। कहीं ना कहीं इन 40 लोगों को लगा होगा कि वो तट के आसपास जाकर अपने लिए कोई अच्छी जगह ढूंढ सकते हैं। बट तट के पास जाते ही इन लोगों को मौतें मिलनी शुरू हो चुकी थी और इसके बाद तो इन सभी लोगों के माइंड में एक मेंटल हिस्टीरिया सा आ गया होगा। इन सभी लोगों ने अपनी मेंटल स्टेट लिटरली पूरी लूज़ कर दी होगी। इनके पास कोई भी सोचने-समझने की क्षमता नहीं थी। बस इनको यह पता था कि इनके शरीर को भूख लगती है और उनको खाना चाहिए और खाने के रूप में इन लोगों ने अपने ही भाइयों को, अपने ही दोस्तों को जो इनके साथ आए हुए थे, उनका यूज़ किया। जैसे ये लोग मरते-जाते एक के बाद एक उस रेडी के ऊपर आते-जाते, वो जो कैंप साइट थी, वो जो बना रखी थी, वो कैम साइट कोई तब की नहीं थी, बल्कि बहुत पहले से यहां पर बनाई गई थी। तकरीबन 2 ढाई महीनों से वो कैंप साइट वहीं थी कि रेडी को सीधा उस कैंप साइट तक लेकर जाते। जो भी व्यक्ति दिन में मरता, उसको रात को काट-काट कर उसी को खा लेते। और जब इनविट कबीले वाले लोग उस कैंप साइट तक पहुंचे थे, उस टाइम तक लिटरली 40 के 40 लोग मारे जा चुके थे। उन सभी की लाशों के टुकड़े आसपास बिखरे हुए थे और उनको देखकर इनविट कबीले वालों को विश्वास नहीं हुआ कि ऐसा कुछ भी हो सकता है।
और जब फाइनली उनमें से एक व्यक्ति ने उस पतीले के ऊपर से ढक्कन उठाकर देखा, तो उस पतीले के अंदर असल में उस टाइम पर तीन सिर कटे हुए सिर थे जो कि पानी के अंदर उबल रहे थे। बट उसको पकाने वाला, उसको खाने वाला भी साइड में ही मरा हुआ था। अचानक से उसको भी अटैक सा आया होगा, कुछ दौरा सा आया होगा और वो वहीं पर मर चुका था। जिसको देखकर इनविट कबीले वालों के बस की बात नहीं रही। वो इतने भयंकर रूप से टॉर्चर हुए, मेंटली टॉर्चर कि इन सारे तामझाम को यहीं से छोड़कर भाग चुके थे। पास ही में शहर में जाकर इन लोगों ने मदद मांगी और सारा कुछ मामला बताया कि आखिर वहां क्या भसड़ है। आज तक भी जो भी लोग किंग्स विलियम आइलैंड के ऊपर जाते हैं, वहां पर उनको घूमते-घूमते या फिर अगर कोई भी वहां खुदाई वगैरह का काम होता है, तो आज भी वहां से इंसानों की हड्डियां मिलती हैं। और जब उन हड्डियों को जांचा जाता है, तो वो सीधा उसी टाइम पर जाती हैं, 1848 के आसपास की। लिटरली यह पूरा का पूरा काम सोच कर देखिए। क्या भयंकर हालत रही होगी उन 40 लोगों की। 40 के 40 जहरीले शरीर के साथ इधर-उधर घूम रहे थे और बाद में बजाय वो खाना खाने के जो उनके शिप के अंदर रखा हुआ था, उस खाने को छोड़कर इन लोगों ने एक दूसरे को ही खाना शुरू कर दिया। और जो फाइनली जो लास्ट बंदा बचा हुआ था जिसने तीन सिर उस पतीले के अंदर रखे थे उबलने के लिए, वो तीनों सिर ऊपर से ऐसे खुले हुए थे। उसकी हड्डियां, जो ऊपर खोपड़ी थी उसकी, वो खोपड़ी ऐसे खुली हुई थी और अंदर असल में दिमाग पक रहा था। ना सिर्फ दिमाग पक रहा था, बल्कि उस दिमाग को कई जगहों से खाया भी हुआ था। ऑब्वियसली जो इनको पका रहा था, वो चम्मच से दिमाग को उबाल-उबाल कर खा रहा होगा। सच में बहुत-बहुत ज्यादा डिस्कसिंग था। खैर, यह आदमखोरी उस टाइम पर हुई और यह आज तक बहुत ही भयंकर इंसिडेंट माना जाता है। जब भी कोई इसके बारे में बात करता है, तो सच में उसका दिल बहुत-बहुत मजबूत होना चाहिए।
अब दूसरी स्टोरी। मेरे इस दूसरे इंसिडेंट को समझने के लिए हमें अमेरिका के कैलिफोर्निया में बने हुए लनकास्टर में जाना पड़ेगा और यहीं पर बना हुआ था एक बहुत बड़ा ग्रोसरी स्टोर और दिन था 6 अगस्त 2018 का। दोपहर का टाइम हो चुका था और इस ग्रोसरी स्टोर के अंदर आने वाले बहुत सारे कस्टमर्स ने स्पेशली मैनेजर के पास जाकर यह कंप्लेंट करी कि जैसे ही हम आपके इस ग्रोसरी स्टोर के अंदर घुस रहे हैं, तो फ्रंट डोर के पास बहुत ही अजीब सी गंदी सी स्मेल आ रही है। आप प्लीज इस चीज को जाकर इन्वेस्टिगेट करिएगा। अब काफी सारे कस्टमर्स ने कंप्लेंट करी थी, तो मैनेजर इससे बहुत ज्यादा परेशान हो गया। तो उसने खुद जाकर इन्वेस्टिगेट करना शुरू किया। पूरे ग्रोसरी स्टोर का उसने मुआयना किया और जैसे ही वो भी फ्रंट गेट पर आया, उसको भी अजीब सी स्मेल यह फील हुई। उस स्मेल को फील करते ही उसने अपने एक एंप्लॉई को बुलाया और कहा कि एक बार आसपास देखो, क्या पता कोई खाना-वाना सड़ रहा हो, काफी दिनों से यहां पड़ा हुआ हो और हमने उसको नोटिस ना किया हो और उसी की ये स्मेल हो। सो वो एंप्लॉई और मैनेजर खुद मिलकर अपने नाकों के आगे अपना ऐसे हाथ लगाकर पूरे एरिया को इन्वेस्टिगेट करने लगे कि आखिर ये स्मेल आ कहां से रही है। सो ये इन्वेस्टिगेट करते हुए स्टोर से बाहर की तरफ आए।
अब बाहर आप थोड़ा सा इमेजिन करने की कोशिश करिएगा। इसका दरवाजा इस ग्रोसरी स्टोर का और उसके बाहर ऐसे एक पोर्च सी बनाई हुई थी, एक आर्क सी जाने का अंदर दरवाजा और उस आर्क के नीचे दो बड़े-बड़े पिलर्स लगाए गए थे। और इनफैक्ट ये पिलर्स दो नहीं थे, बल्कि आसपास और भी बहुत सारे पिलर्स थे। और तभी उस एंप्लॉई का ध्यान इनमें से ही एक पिलर की तरफ गया और उस पिलर से एक अजीब सा लिक्विड बाहर की तरफ निकल रहा था। अब जैसे ही उस एंप्लॉई ने यह लिक्विड देखा, उसने तुरंत मैनेजर को कहा कि सर, प्लीज एक बार उस पिलर की तरफ देखिए। इसके अंदर से एक अजीब सा लिक्विड आ रहा है। अब जैसे उस मैनेजर ने उस पिलर की तरफ देखा, उस लिक्विड को नोटिस किया, तो वो समझ चुका था कि नहीं, यह खाने की तो कोई स्मेल नहीं है। इस पिलर के अंदर खाना तो ऑब्वियसली कहीं से नहीं आ सकता। मैनेजर उस पिलर के पास गया। उस लिक्विड को टच करके फील करने लगा और जैसे उसने स्मेल करी, तो उसको लगा कि हो सकता है यह कोई सीवर वगैरह लीक हो गया हो। क्यों? क्योंकि इस पिलर के बिल्कुल बराबर में एक बहुत बड़ा सीवर था। तो हो सकता था कि उसके अंदर से ही लिक्विड बैक प्रेशर हो चुका हो और वो लिक्विड बाहर चीरते हुए पिलर के अंदर आ चुका हो और उस पिलर से अपने आप लीक हो रहा हो। सो वो तुरंत भाग कर अंदर गया। अपने ऑफिस में उसने प्लंबर को जाकर कॉल किया। कुछ घंटों बाद प्लंबर मौके पर पहुंच चुका था और मैनेजर ने सारी बात समझा दी कि यह जो सीवर है, इस सीवर के अंदर से कोई पानी-पानी हो सकता है ऊपर की तरफ आ रहा हो, बैक प्रेशर हो चुका हो यह सीवर और इस पिलर से बहुत गंदी सी स्मेल आ रही है। आप प्लीज इसको इन्वेस्टिगेट करिएगा। सो प्लंबर ने अपने औजारों से उस सीवर को खोलना शुरू कर दिया। बट जैसे उसने सीवर को देखा, तो सीवर एकदम इंटैक्ट, बढ़िया कंडीशन के अंदर। उसके अंदर कोई भी बैक प्रेशर नहीं था। इनफैक्ट पानी उसके अंदर बहुत ज्यादा कम था, तो बैक प्रेशर आने का तो सवाल ही नहीं। दूसरा उस प्लंबर ने आसपास खुदाई भी कर दी, लेकिन कहीं से भी कोई पानी ऊपर आता हुआ दिखाई नहीं दे रहा था। आसपास की सारी मिट्टी एकदम सूखी हुई। सो प्लंबर ने क्लियर कट बोल दिया मैनेजर को कि जनाब, इसमें मेरा कोई भी काम नहीं है। यह जो भी कुछ चीज है, जो भी कुछ लिक्विड है, यह डायरेक्ट पिलर से ही बाहर आ रहा है। इसमें सीवर का कोई भी लेना-देना नहीं है।
बट मैनेजर अगेन दोबारा बहुत ज्यादा परेशान कि ऐसा कैसे हो सकता है? क्यों? क्योंकि ये जितने भी पिलर इस स्टोर के बाहर बने हुए थे, ये सारे डेकोरेटिव थे। ये सारे सिर्फ सजावट के लिए यहां पर बनाए हुए थे। तो इसके अंदर तो कुछ होने का सवाल ही नहीं। ना ही इनके अंदर कोई पानी का कनेक्शन है, ना ही कोई बिजली का कनेक्शन है। ये तो प्योरली ईंटों से बने हुए हैं। या फिर उनके अंदर सीमेंट वगैरह, कंक्रीट का मसाला डालकर इनको बनाया गया था। बट मैनेजर के समझ में भी कुछ नहीं आया। प्लंबर की समझ में भी कुछ नहीं आया। तो मैनेजर ने प्लंबर को कहा कि एक काम करो यार, तुम्हारे पास औजार तो है ही। एक काम करो, इस पिलर में से नीचे से एक आधी ईंट निकाल कर देखो। क्या पता अंदर कुछ लीक हो रहा हो। सो प्लंबर ने अपना थैला खोला। उसके अंदर से हथौड़े और वो जो बड़ी सारी छनी होती है, उसको पकड़ कर ठोकना शुरू किया और एक ईंट उसने तुरंत बाहर निकाली। बट जिस मोमेंट पर उसने वो ईंट बाहर निकाली, वो इतनी जोर से चिल्लाया कि मैनेजर भागता हुआ सीधा अंदर की तरफ गया और अंदर जाकर उसने 911 डायल किया। पुलिस वाले मौके पर पहुंच चुके थे।
असल में 5 दिनों पहले यहां से तकरीबन 2 कि.मी. दूर हाईवे के ऊपर रेवेरा नाम का 45 साल का एक आदमी अपनी गाड़ी लेकर जा रहा था। बट साइड में उसने नोटिस किया कि उसके पीछे दो पुलिस वालों की गाड़ियां लगी हुई हैं और वो बार-बार उसको गाड़ी रोकने का इशारा कर रही हैं, पासिंग लाइट्स दे रही हैं। लेकिन उस रेवेरा ने अपनी गाड़ी नहीं रोकी। असल में रे रिवेरा, यह जो गाड़ी चला रहा था, यह एक चोरी की हुई गाड़ी थी और रे रिवेरा इस चोरी की हुई गाड़ी को लेकर यहां से भागने की फिराक में था। बट इमीडिएटली पुलिस वालों को पता चल चुका था कि रे रिवेरा इस रूट से जा रहा है। तो इसलिए पुलिस वाले उसके पीछे पड़ चुके थे और उसकी गाड़ी को रुकवाने की कोशिश कर रहे थे। काफी देर तक उनके बीच में चोर-पुलिस का खेल चलता रहा। लेकिन आगे जाकर एक मोमेंट पर आकर रेरीवेरा ने अपनी गाड़ी एक जंगली इलाके के साइड में रोकी और गाड़ी को रोकते ही वो गाड़ी से बाहर निकल कर जंगल के रास्ते से होते हुए अंदर डेंसली पॉपुलेटेड एरिया के अंदर जा चुका था। सबसे पहले तो पुलिस वालों ने वो गाड़ी अपने कब्जे में ली। जबकि एक पुलिस वालों की गाड़ी जंगल के दूसरे वाली साइड से होते हुए घुमाकर उसको यू-टर्न लेकर दूसरी साइड में आई, जहां से उम्मीद थी कि यह रे रिवेरा यहां से बाहर निकलेगा और किसी दूसरे इलाके में जाने की कोशिश करेगा। पुलिस वाले काफी देर तक उस ओवुलेटेड एरिया के अंदर, घनी जनसंख्या वाले इलाके के अंदर ढूंढते रहे कि आखिर ये गया कहां, गया कहां और फाइनली एक मोमेंट पर उनको दिखा कि यह रेवेरा एक ग्रोसरी स्टोर के अंदर की तरफ भागा है।
पुलिस वाले तुरंत उस ग्रोसरी स्टोर के अंदर गए। वहां जाकर ना सिर्फ स्टाफ से, बल्कि जो आसपास कस्टमर शॉपिंग करने के लिए आए हुए थे, उन सभी से पूछताछ करी कि क्या अभी-अभी तुमने एक आदमी को बहुत ही अजीब हालातों के अंदर, संदिग्ध हालातों के अंदर इस इस स्टोर के अंदर आते हुए देखा क्या? तो काफी ने मना भी किया। काफियों ने हां भी किया कि हां, अभी-अभी एक आया था। लेकिन वो बहुत ज्यादा हड़बड़ाहट में था। इधर-उधर देख रहा था। देखते ही लग रहा था कि उसको कुछ शॉपिंग नहीं करनी, बल्कि वो किसी से बचता-बचाता हुआ यहां पर आया है। और तभी उनमें से एक स्टाफ मेंबर ने पुलिस वालों को बताया कि जनाब, मैंने उसको देखा था और वो तुरंत इस स्टोर के पीछे वाले इलाके में जो सीढ़ियां बनी हुई हैं ऊपर जाने के लिए, जो सिर्फ स्टाफ का इलाका है, वहां सिर्फ हम जो जॉब करते हैं, वही जा सकते हैं। हमारा रेस्ट रूम वगैरह ऊपर बना हुआ है। तो मैंने उसको ऊपर सीढ़ियां चढ़ के हमारे स्टाफ ओनली इलाके की तरफ जाते हुए देखा था। सो पुलिस वालों ने उस टाइम पर ऊपर स्टाफ ओनली एरिया के अंदर जाकर देखा। इनफैक्ट पूरे ग्रोसरी स्टोर को अच्छे से खंगाल लिया। लेकिन रिवेरा, वो उस टाइम पर उनको कहीं भी नहीं मिला। सो बाद में पुलिस वालों के साथ सभी ने अस्यूम कर लिया कि हो सकता है वो यहां अंदर आया हो। बट वो सबकी नजरों से बचकर वापस यहां से बाहर निकल गया और जस्ट गायब हो गया। इनफैक्ट आने वाले कुछ घंटों तक भी पुलिस वाले इस ग्रोसरी स्टोर के बाहर मौजूद थे, क्योंकि उनको लग रहा था कि अगर उनकी नजर से वो बच गया हो और अभी भी रिववेरा अंदर हो, तो हो ना हो वो कभी ना कभी तो बाहर आएगा। रात को बंद होगा ग्रोसरी स्टोर, तब तो बाहर आएगा। लेकिन बंद होने तक भी रेवेरा बाहर नहीं आया और बाद में पुलिस वालों ने भी हार मान ली और वो यहां से जा चुके थे।
लेकिन अब पांच दिनों बाद यह पता चला कि रा रेवेरा इस ग्रोसरी स्टोर के अंदर आया था और ना सिर्फ अंदर आया था, बल्कि वो इस स्टाफ ओनली एरिया से होते हुए इस पूरे ग्रोसरी स्टोर की छत तक भी जा चुका था। लेकिन उस पॉइंट पर जाकर वहां उसने कुछ घंटे ऑब्वियसली वेट किया होगा। लेकिन वेट करते-करते उसको लग रहा होगा कि पुलिस वाले अभी भी उसकी तलाश में हैं, क्योंकि बाहर पुलिस वालों की गाड़ियां चांव कर रही थी। लेकिन अपने आप को और ज्यादा सेफ करने के लिए फाइनली बस अब आप इस ग्रोसरी स्टोर की जो फोटो आपके सामने आ रही है, इसको देखिएगा। वो सबसे पहले इसकी छत पर गया होगा और बाद में इसके आगे जो एटिक सा बना हुआ है, यह एटिक, यह जो झोपड़ी टाइप की बनी हुई है, इसकी छत। उसको लगा होगा कि क्यों ना वो इस छत के अंदर जाकर छुप जाए, तो वो और ज्यादा सेफ हो जाएगा। वो लंबे टाइम तक बच सकता है पुलिस वालों से। फिर तो रा रेवेरा वापस से स्टाफ ओनली एरिया के अंदर आकर और छुपते-छुपाते सबकी नजरों से बचते हुए वो इस एटिक वाले स्पेस के बिल्कुल सामने होगा। उसने इस एटिक का दरवाजा खोला, अंदर की तरफ गया। लेकिन उसको अंदर तीन-चार ऐसे बड़े-बड़े हॉल दिखाई दिए, बड़े-बड़े छेद दिखाई दिए। और यह छेद कुछ और नहीं, बल्कि एग्जैक्टली उन छेदों के नीचे जो पिलर्स थे, वो पिलर्स ही ऊपर आकर ऐसे इस एटिक से मिले हुए थे। आपने अभी फोटो के अंदर देखा भी होगा। सो उसको अंदर तीन-चार छेद दिखे होंगे। इन छेदों को देखकर उनमें से एक के अंदर जाने के लिए वो उतावला हो चुका था और फाइनली उस एक छेद को उसने डिसाइड किया और उस छेद के अंदर सबसे पहले उसने अपने पैर डाले और अपने दोनों हाथ ऊपर की तरफ लटका कर उसने नीचे जाने का सोचा। बट जिस टाइम पर उसका मुंह नीचे जाने वाला था, मतलब वो जब तक छाती तक नीचे पहुंच चुका था, इस पिलर के अंदर डल चुका था, तब उसने अपना एक हाथ और नीचे की तरफ किया होगा, क्योंकि सिर्फ एक हाथ से वो नीचे नहीं जा सकता। सो जिस टाइम पर वो छातियों तक आया होगा, उस टाइम पर उसने अपना दूसरा हाथ भी किसी तरीके से नीचे एडजस्ट कर लिया होगा और अपने दूसरे हाथ को ऐसे ऊपर की तरफ करके पूरा ऊपर की तरफ ऐसे स्टैंड करके नीचे की तरफ और ज्यादा गया होगा, क्योंकि उसको लग रहा था कि वो आराम से इस पिलर के अंदर छुप सकता है। बट जिस मोमेंट पर उसके कंधे भी इस पिलर के अंदर गए होंगे, यह पिलर तकरीबन तकरीबन 20 फुट के आसपास लंबा और जिस मोमेंट पर उसके कंधे भी सिर्फ 9 गुना 16 इंच चौड़े इन पिलरों के अंदर गए होंगे, उस टाइम पर उसने अपने को एडजस्ट किया होगा। लेकिन इसी मोमेंट पर उसने रियलाइज भी किया होगा कि उसने अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती कर दी। क्यों? क्योंकि वो सिर्फ एक हाथ के सहारे अपने को ऊपर की तरफ धक्का नहीं दे सकता। और वो लिटरली इस पूरे के पूरे पिलर के अंदर फंस चुका है। और इस पैनिकिक मोड में आकर रिवेरा ने खुद को छटपटाना शुरू किया होगा। किसी भी तरीके से वो ऊपर की तरफ जाना चाह रहा था, वापस उसी एटिक स्पेस के अंदर जाना चाह रहा था। लेकिन वो पॉसिबल नहीं था। बल्कि वो जितना खुद को हिला रहा था, वो और ज्यादा इसके अंदर जाता जा रहा था। वो इस छेद के अंदर घुसता जा रहा था। दिक्कत यहां यह थी कि वो इस कॉम्प्रोमाइज्ड पोजीशन के अंदर था कि वो कुछ कर भी नहीं सकता। लेकिन दूसरी सबसे बड़ी बात यहां यह थी कि जो बाहर ईंटें लगाई गई थी, जो पत्थर लगाए गए थे, वो अंदर से अजीब से शेप के थे। मतलब कि वो परफेक्ट स्क्वायर नहीं थे, परफेक्ट रेक्टेंगल नहीं थे, बल्कि वो अंदर से उबड़-खाबड़ शेप के थे। सो जैसे ही वो नीचे की तरफ आया होगा, अपना एक हाथ ऊपर करके, दूसरा हाथ ऐसे और बहुत ही स्क्वीज़्ड पोजीशन के अंदर नीचे की तरफ आया होगा, तो ऑब्वियसली उसको बहुत सारी चोटें भी लगी होंगी, क्योंकि उसने खुद को छटपटाने की कोशिश करी होगी, ऊपर जाने की कोशिश करी होगी, लेकिन ऊपर नहीं जा पाया। इनफैक्ट कंप्रेशन उसकी छाती के ऊपर इतना ज्यादा था कि वो पूरी सांस भी नहीं ले रहा होगा। उसको पूरी सांस आ ही नहीं सकती थी। सो एक मोमेंट पर आकर फाइनली रेवेरा पूरा नीचे तक पहुंच गया होगा, बिल्कुल एग्जैक्टली नीचे ग्राउंड पर पहुंच गया होगा। होगा। लेकिन अब वो ऐसी पोजीशन के अंदर था कि वो कितना ही चिल्ला ले, कोई उसको सुनने वाला नहीं था। क्योंकि बहुत ही टाइटली इन पत्थरों को कंक्रीट मिक्सचर के साथ यहां फिक्स किया गया था। बहुत ही मोटी-मोटी ये दीवारें थी। इनके बीच में ये फंसा हुआ था। सो जितना मर्जी चिल्ला ले, कोई भी उसकी सुनने वाला नहीं था। इससे भी सबसे बड़ी बात उस टाइम पर पूरे कैलिफोर्निया के अंदर एक बहुत तगड़ी हीट वेव चल रही थी। पूरे राज्य के अंदर यह बताया गया था कि लोग अगर जरूरी ना हो तो घर से बाहर ना निकलें, क्योंकि गर्मी बहुत ज्यादा थी। अब तब थी धूप के अंदर, जब पूरी दोपहर, पूरी शाम तक ये पिलर ऐसे रहा होगा धूप के अंदर, तो सोच कर देखिए अंदर का हाल क्या होगा। अंदर तो लिटरली रेवेरा भुन गया होगा। ओवन की तरह वो किसी अवन का काम कर रहा था। अंदर जाते ही उसको ना तो सांस आई होगी, ना वो हिल सकता, ना ही उसकी कोई चिल्लाहटें सुन सकता। सोच कर देखिए कितना क्लस्ट्रोफोबिक रहा होगा उस टाइम पर।
जिसके पांच दिनों बाद मैनेजर ने वो प्लंबर बुलाया और प्लंबर ने जब वो लिक्विड देखा, तो उसको लगा कि हो सकता है एक सीवर का पानी हो, लेकिन वो सीवर का पानी नहीं था। और जब मैनेजर के कहने पर उसने वो एक ईंट हटाई, तो ईंट हटाते ही सामने उसके एक इंसानी पैर था, जिसके बाद वो इतनी जोर से चिल्लाया, मैनेजर को बताया, दोनों ने झुक कर वापस देखा, कंफर्म किया कि हां, यह एक इंसानी पैर ही है। मैनेजर तुरंत अंदर भागते हुए अपने ऑफिस में गया और 911 फोन करके उसने पुलिस वालों को बुलाया। पुलिस वाले चाऊं करते हुए मौके पर आए। उन्होंने पूरे पिलर को तुड़वाया और रिवेरा की लाश को बाहर निकाला। और वो जो लिक्विड जो वहां से निकल रहा था उस पिलर से, वो इंसानी शरीर जब डीकंपोज होता है, तो वो अपना आप अपना पानी छोड़ने लगता है। बहुत सारा फ्लूइड होता है हमारे शरीर के अंदर, वो अपने आप लीक हो के बाहर निकलता है। एट द एंड उसी रात के टाइम पर मुझे तो लगता है कि रेवेरा की मौत हो गई होगी। उसी पिलर के अंदर, उसी कॉम्प्रोमाइज्ड पोजीशन के अंदर ही उसकी मौत हो गई होगी। सोच कर देखिए कितना, कितनी भयंकर मौत थी। अगर वो पुलिस वालों के हाथ ही चढ़ जाता, तो हद से हद उसको दो-तीन साल, चार साल जेल के अंदर रहना पड़ता। लेकिन जिंदगी बच जाती। यह कैसी मौत मिली उसको।
खैर, कोई बात नहीं। सो, यह थी आज की मेरी दोनों स्टोरी। आप मुझे बताइए कि आपको इन दोनों में से कौन सी सबसे ज्यादा भयंकर लगी? नीचे आपके कमेंट्स मुझे जरूर चाहिए। इसके अलावा इन स्टोरीज से रिलेटेड बैक स्टोरी, फुटेज और फोटोज मेरे ब्रॉडकास्ट चैनल के अंदर आज रात को 9:00 बजे आ जाएगी। सो, यह मेरा ब्रॉडकास्ट चैनल है। इसका लिंक आपको डिस्क्रिप्शन में भी मिल जाएगा। इंस्टाग्राम पर बना हुआ है यह। सो प्लीज आप लोग इंस्टाग्राम पर आकर वहां मुझे फॉलो कर लीजिएगा। आप मुझसे वहां बातें भी कर सकते हैं। मुझे आप लोगों से बातें करना बहुत पसंद है। मजा आ जाता है। लिंक डिस्क्रिप्शन में है। आपके हाथ से फॉलो बटन जरूर क्लिक हो जाना चाहिए। सो पिछली वीडियो का शाउट आउट। डू नथिंग को एंड कमेंट पिक मी टू गेट अ शाउट आउट इन नेक्स्ट वीडियो। मिलते हैं अगली वीडियो में। यह वीडियो देखने के लिए, धन्यवाद।