Transcription
इस नागिन ने दो अंडे दिए हैं। नागिन आज बहुत खुश है।
तभी वहां एक गाय आई और बोली, मुबारक हो बहन, जल्द ही खुशियां आने वाली हैं। यह सुन नागिन ने उसका धन्यवाद किया।
गाय फिर बोली, अरे हां, मैं बताना भूल गई। हमारे जंगल में अंडों का लुटेरा आ गया है। तुम सावधान रहना। यह बोल गाय चली गई।
अब नागिन को अपने अंडों की चिंता सताने लगी। नागिन हर वक्त अंडों के पास ही बैठी रहती। जो रूखा-सूखा मिलता उसी से पेट भर लेती।
एक रात नागिन की आंख लग गई। उसी वक्त वहां अंडों का लुटेरा आ गया और दोनों अंडे खाकर चला गया।
जब सुबह नागिन की आंख खुली तो अंडों को ना पाकर परेशान हो उठी। तभी वहां गाय आई और बोली, रो मत बहन, ऐसा कुछ होगा। इसका मुझे शक था। इसलिए तुम्हारे अंडे मैंने अपनी गुफा में छुपा दिए थे। और जो अंडे लुटेरा खा गया वह मुर्गी के अंडे थे।
यह सुन नागिन फौरन गुफा पर आई और अपने अंडों को देख गाय का दिल से धन्यवाद किया। अब लाइक सब्सक्राइब कर।