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Easy Natural Lifestyle Changes to reverse Diabetes | प्राकृतिक मधुमेह उपचार | Diabetes Course Day-1

bharat yoga19:40

Transcription

योग का देश, अध्यात्म का देश, आयुर्वेद का देश और ऐसा देश जहां सूर्य सबसे पहले उगता है। अगर वह देश डायबिटीज और हार्ट डिजीज का कैपिटल बनता जा रहा है तो हमें थोड़ा सा इस पर चिंतन करने की आवश्यकता है कि चूक कहां हो रही है।

हमारे सभी वीडियोस हिंदी में देखने के लिए सब्सक्राइब करें। यह बिल्कुल फ्री है। हरि ओम। मैं हूं आचार्य प्रतिष्ठा। स्वागत है आपका भारत युग के इस तीन दिवसीय डायबिटीज मैनेजमेंट प्रोग्राम पर। आज हमारे इन तीन दिनों का पहला दिन है। आप सभी भारत योगी जो डिफरेंट प्लेटफॉर्म्स के थ्रू इस कोर्स से जुड़ रहे हैं। आप सबका स्वागत अभिनंदन परमपिता परमेश्वर का स्मरण करते हुए वंदनीय गुरुदेव का स्मरण करते हुए और आप सभी के बीच जो भीतर जो चेतना विद्यमान है उसको नमन करते हुए हम इस तीन दिवसीय कोर्स का शुभारंभ करते हैं।

आज के सत्र में हम बहुत महत्वपूर्ण यह जानेंगे। पहले समझ लीजिए तीन दिन के सत्र में क्या-क्या समझेंगे। आज हम जानेंगे व्हाट इज डायबिटीज? हाउ मेनी टाइप्स ऑफ डायबिटीज आर देयर? व्हाट आर दी सिम्टम्स ऑफ डायबिटीज? डायबिटीज किन कारणों से होता है? डायबिटीज में अपने लाइफस्टाइल चेंजेस हम क्या कर सकते हैं? यह हमारा आज का टॉपिक रहेगा।

कल के सत्र में हम जानेंगे बिकॉज़ डायबिटीज मैनेजमेंट के लिए तीन चीजों पर काम करना है। लाइफस्ट डाइट और योगाभ्यास। तो लाइफ स्टाइल में क्या परिवर्तन होने हैं? वह आज समझ लेंगे। डाइट हमारी कैसी हो? क्या परिवर्तन हमको चाहिए? और एक फुल डे सैंपल डाइट जो हम ले सकते हैं डायबिटीज के पेशेंट्स या जिन्हें डायबिटीज नहीं हुई है बट हेरिडिटी है परिवार में किसी को कभी थी और होने के चांसेस हैं। देयर आर रिस्क ऑफ डायबिटीज। वह भी इस डाइट को फॉलो कर सकते हैं। या इन जनरल हम चाहते हैं कि हमारी हमें डायबिटीज हुई ना तो भी हमको कैसे डाइट लेनी है उसको कल समझेंगे।

परसों के सत्र में 20 टू 30 मिनट्स का एक कंप्लीट प्रोटोकॉल जो आपको प्रतिदिन करना है वो आप जानेंगे। आप यह जो तीन दिन में सीख रहे हैं, समझ रहे हैं, इसका पालन कीजिए 15 दिन। आपको 100% रिलीफ मिलेगा, परिवर्तन दिखेगा, रूपांतरण होगा, ट्रांसफॉर्मेशन होगा। उसके बाद फिर आप भारत योग की ऑनलाइन क्लासेस से जुड़कर रेगुलर भी अपना अभ्यास रख सकते हैं। या फिर हमारा एक कंप्लीट फाइव डे डायबिटीज कोर्स होता है जिसमें अलग-अलग दिन का अलग-अलग योगाभ्यास होता है। वो भी आप वो प्री रिकॉर्डेड कोर्स होता है। वो भी आप प्राप्त कर सकते हैं। बट अभी के लिए हमको ये तीन दिन का जो कोर्स है एक-एक चीज को लिख लीजिएगा। जो इंपॉर्टेंट फैक्टर्स हो उनको नोट डाउन कर लीजिएगा और फिर इनको अपने जीवन में उतारिएगा।

तो आइए शुरू करते हैं। सबसे पहले समझते हैं डायबिटीज आखिर है क्या? जिसे हम मधुमेह कहते हैं, शर्करा कहते हैं। डायबिटीज हमारा शरीर ग्लूकोस प्रोड्यूस करता है, खुद भी करता है और जो भी कुछ हम खाते हैं वो बॉडी में जाकर के ग्लूकोस में कन्वर्ट हो जाता है। अब इस ग्लूकोस को हमारे सेल्स में जाना होता है। इस ग्लूकोस को सेल्स में जाने के लिए एक हॉर्मोन की जरूरत होती है जिसका नाम है इंसुलिन हॉर्मोन। ये हॉर्मोन कहां से आता है? यह हॉर्मोन हमारे पनक्रियाज क्रिएट करता है। जब हमारे शरीर को सही मात्रा में इंसुलिन नहीं मिल पाता। इंसुलिन की कमी होने से यह जो ग्लूकोज है यह सेल्स में नहीं जा पाता और हमारे ब्लड में हमारे रक्त में ही घुल जाता है। उस कंडीशन को हम डायबिटीज या मधुमेह कहते हैं।

अब इंसुलिन क्रिएशन जो लेस हो रहा है या बिल्कुल नहीं हो रहा उसके बहुत सारे कारण होते हैं। एक हमारे पैंकक्रियाज एफिशिएंटली काम नहीं कर रहे इसलिए इंसुलिन नहीं बन पा रहा। इसको हम ये जो पूरी प्रक्रिया है इसको हम टाइप टू डायबिटीज कहते हैं। एक कंडीशन होती है कि इंसुलिन बन तो रहा है लेकिन हमारी इम्यूनिटी ही उस इंसुलिन पर अटैक कर देती है और उस कारण से इंसुलिन अपना काम नहीं कर पाता। यह वाला प्रकार ऑफ़ डायबिटीज मोस्टली बच्चों में पाया जाता है। फिर बहुत सारे रीज़न होते हैं इंसुलिन के एफिशिएंटली काम ना करने के और अलग-अलग रीज़ंस में हम उसको अलग-अलग प्रकार के डायबिटीज के रूप में जानते हैं। मुख्य चीज यह है कि हमें इस चीज पर फोकस करना है कि शरीर में इंसुलिन भरपूर मात्रा में बने। उसके लिए हमारे पनक्रियाज एफिशिएंटली काम करें। अगर इंसुलिन कम बन रहा है यानी ऑलरेडी यह समस्या हो चुकी है तो हम आहार को नियंत्रित करके यह जो ग्लूकोज का फॉर्मेशन है उसको थोड़ा रिड्यूस करें। साइड बाय साइड हम पनक्रियाज को एफिशिएंट करें। इंसुलिन क्रिएट करना शुरू करें। और अगर हमारे इम्यून सिस्टम के अटैक से हमारा इंसुलिन प्रॉपर ये इंसुल इंसुलिन प्रॉपर काम नहीं कर रहा तो हम क्या योगाभ्यास करें जिससे इसे ठीक कर सकें। तो समस्या जो भी हो समाधान निश्चित रूप से भारत योग में छुपा हुआ है।

हमने समझा मधुमेह क्या है? अब हम बढ़ते हैं हमारे इस सत्र के दूसरे सेगमेंट पर। डायबिटीज किन लोगों को हो सकता है? डायबिटीज हर आयु वर्ग को हो सकता है। लेकिन उनके होने के चांसेस बढ़ जाते हैं जिनको हेरिडिटिकली हो। यानी आपके पिताजी को, माताजी को या और फोर फादर्स को और पहले और पहले अगर आपके परिवार में डायबिटीज है या आपको हेरिडिकल है तो आपके चांसेस बढ़ जाते हैं। फिर आप एक बहुत लेथार्जिक नॉन एक्टिव लाइफस्टाइल जी रहे हैं तब भी आपके डायबिटीज होने के चांसेस बढ़ जाते हैं।

जैसा हमने कहा डायबिटीज के कई सारे प्रकार होते हैं। लेकिन डायबिटीज से होता क्या है? डायबिटीज आपके हृदय को डैमेज कर सकता है। आपकी किडनीज को डैमेज कर सकता है। आपके अलग-अलग ऑर्गन्स को डैमेज कर सकता है। आपकी आंखों के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकता है। तो डायबिटीज एक ऐसी ऐसा रोग है जो आपके शरीर के डिफरेंट ऑर्गन्स को एडवर्सली इफेक्ट कर सकता है। इसलिए जरूरी है कि हम उसको टाइमली मैनेज करें।

डायबिटीज के सिम्टम्स क्या होते हैं? डायबिटीज के सिम्टम्स में बहुत पहला सिम्टम होता है फ्रीक्वेंट यूरिनेशन। बहुत फ्रीक्वेंटली हमको यूरिन डिस्चार्ज होने लगता है। दूसरा सिम्टम होता है कि अगर हमें कोई चोट लग जाए तो वो बहुत जल्दी भरती नहीं है। तीसरा सिम्टम होता है कि हमारी प्यास बहुत बढ़ जाती है। हमको बहुत ज्यादा थस्टी फील होता है। फटीग भी उसका एक सिम्टम है। देन ब्लर्ड विज़ हमारे हमारी जो दृष्टि है वो थोड़ी सी धुंधली होने लग जाती है। अनक्सप्लेंड वेट लॉस पता ही नहीं चल रहा किस बात पे वेट लॉस हो गया। नंबनेस आपके हाथों की उंगलियों में, पैरों की उंगलियों में नंबनेस होने लगे या टिक्लेन जैसा लगने लगे वो भी एक सिम्टम होता है। सडन स्किन इनफेक्शंस या वाजाइनल यीस्ट इनफेक्शंस ये भी डायबिटीज का सिम्टम हो सकता है।

अब हमारे पास टेस्ट होने लगे हैं। लेकिन अब हम अंग्रेजी कमोड का भी प्रयोग करने लगे हैं। पहले जब देसी स्टाइल टॉयलेट्स जाया करते थे लोग तो जैसे कोई व्यक्ति अगर यूरिन डिस्चार्ज करता है, मूत्र विसर्जन करता है तो उस पर चींटे आने शुरू हो जाते थे उसके मूत्र पर। उसका उससे समझा जाता था कि इस व्यक्ति को डायबिटीज है, उसका ग्लूकोस बढ़ा हुआ है, शुगर लेवल्स बढ़े हुए हैं। इस तरह से भी उसको पता किया जा सकता था। लेकिन अब यह जो सिम्टम्स हमने आपको बताए, इससे भी आप पता कर सकते हैं कि आपको डायबिटीज है या नहीं है।

क्या-क्या कारण होते हैं डायबिटीज होने के लिए? ऑफ कोर्स शरीर में इंसुलिन प्रॉपर ना बनना या प्रॉपर यूटिलाइज ना होना और उसके क्या-क्या कारण हो सकते हैं? उसका कारण हो सकता है आपके पनक्रियाज का एफिशिएंटली काम ना करना। लैक ऑफ एक्सरसाइज एक बहुत बड़ा कारण है। गलत खानपान बहुत बड़ा कारण है। गलत यानी गलत खाना लेकिन गलत समय पर खाना भी एक बहुत बड़ा कारण है। हेरिडिटी एक बहुत बड़ा कारण है। हॉर्मोनल इमंबैलेंस से भी डायबिटीज हो सकता है। जेनेटिकली तो हो ही सकता है। और सर्टेन मेडिकेशंस भी ऐसी होती है जो आपके शरीर में आपको डायबिटीज की समस्या दे सकती है। और एक बहुत बड़ा कारण है तनाव। अगर आप बहुत तनाव भरा जीवन जीते हैं तो भी आपको डायबिटीज हो सकता है।

अब अगर हम बात करें क्योर और प्रिवेंशन दोनों की यानी सिर्फ हम प्रिवेंशन की बात नहीं कर रहे सिर्फ क्योर की बात नहीं कर रहे कोर क्योर एंड प्रिवेंशन दोनों की बात करें तो आपको क्या-क्या करना चाहिए? सबसे पहली चीज जो आपको करनी चाहिए अपने सेटिव लाइफस्टाइल को एक्टिव लाइफ स्टाइल बनाइए। यानी शरीर से थोड़ा काम करिए। शरीर से मेहनत करिए। रेगुलर एक्सरसाइज कीजिए। यह बहुत-ब महत्वपूर्ण है। छोटे-छोटे लाइफस्टाइल चेंजेस हमको लाने हैं। रेगुलर एक्सरसाइज हमको करना है। अपने भोजन में डाइटरी चेंजेस हमको लाने हैं। नियमित योगाभ्यास बहुत बहुत जरूरी है। आपको एक रिलैक्सेशन मैकेनिज्म सीखना बहुत जरूरी है। यानी हमको अपने तनाव को रिड्यूस करने के लिए या खत्म करने के लिए और कैसे हम अपने बॉडी एंड माइंड को रिलैक्स कर सकते हैं। यह सीखना बहुत जरूरी है। तो यह जो हमने चार चीजें बताई प्रिवेंशन एंड क्योर की, यह आप इस पूरे कोर्स में सीखने वाले हैं।

तो, यह हमने डायबिटीज को समझा। अब हम सीधा-सीधा समझते हैं आज का दूसरा पार्ट आज के सेशन का कि हमको अपने लाइफस्ट में क्या परिवर्तन लाने हैं। योग, आयुर्वेद और मॉडर्न मेडिसिन तीनों डायबिटीज मैनेजमेंट के लिए एक सही दिनचर्या लाइफस्ट को फॉलो करना आपको सजेस्ट करते हैं। एफसाइज करते हैं इसकीेंस पे। हम सबसे पहले दिनचर्या को समझते हैं। एक डायबिटिक पेशेंट की दिनचर्या कैसी होनी चाहिए?

जब हम दिनचर्या की बात करते हैं तो सबसे पहली चीज तो आ जाती है वेकिंग अप अर्ली इन द मॉर्निंग। प्रयास करें कि आप 6:00 बजे तक उठ जाएं और उठ के अपनी कुछ क्लींज़िंग प्रैक्टिससेस लें। जैसे कि जिस तरह से हमारे पास यह लोटा बोतल है तो ऐसी तांबे की का बर्तन ऐसा लोटा शेप में हो तो बहुत अच्छा। इसमें आप रात को पानी भर के सोएं। सुबह इसका सेवन करें। या आप मेथी के पानी का सेवन कर सकते हैं। पहले इसका सेवन कीजिए। फिर मल आदि विसर्जन कीजिए और उसके बाद आप मेथी रात को एक चम्मच मेथी एक गिलास पानी में सोक कर दीजिए मेथी के दाने और फिर फ्रेश होने के बाद मतलब मल विसर्जन के बाद इसका सेवन कर लीजिए। तो यह आपकी क्लींजिंग प्रैक्टिस हो जाएगी। जेंटल योगाभ्यास जरूर करें। जो हम आपको परसों के सत्र में समझाएंगे उसको आपको प्रतिदिन करना है।

अपने मील्स का टाइम डिसाइड करें और प्रतिदिन सेम समय पर मील्स लें। ऐसा नहीं कि आज हमने 1:00 बजे लंच किया। कल को हम 3:00 बजे लंच करेंगे। बहुत-बहुत गलत है। तो जो आप समय निर्धारित करें प्रतिदिन उसी समय पर भोजन करें। लेट नाइट मील्स को कंप्लीटली अवॉइड करें। यानी रात्रि में देर से हमको खाना ही नहीं है और 10 और 10:30 के बीच में जरूर जरूर सो जाएं। इंसुलिन और हॉर्मोन बैलेंस के लिए अपने मेटाबॉलिज्म को रेगुलेट करने के लिए बहुत जरूरी है कि आप कारकेडियन रिदमम को फॉलो फॉलो करें। यानी सन के सूर्य की ऊर्जा के साथ जो आपका शरीर की ऊर्जा कनेक्टेड है उसको फॉलो करें। तो सन राइज के साथ जग सूर्य अस्त के साथ सो जाएं।

दूसरी चीज आ जाती है फिजिकल एक्टिविटी। फिजिकल एक्टिविटी आपके जो इंसुलिन सेंस सेंसिटिविटी है उसको रेगुलेट करता है और यह डायबिटिक पेशेंट्स के लिए बहुत-बहुत जरूरी है कि हम रेगुलर एक्टिविटी जरूर करते रहें। योगाभ्यास आप नियमित रूप से करेंगे जो आपको परसों के सत्र में बताया जाएगा। कल के सत्र में बताई जाने वाली डाइट जरूर फॉलो करेंगे। लेकिन उसी के साथ-साथ हमको ब्रिस्क वॉकिंग भी करनी है। कोई सी भी वॉक कर लीजिए। बहुत तेज-तेज नहीं चलना। लेकिन अपनी शरीर की क्षमता के अनुसार 30 से 35 मिनट और अगर 40 मिनट तक चल सके बहुत अच्छा है। इतना वॉक आप दिन में जरूर जरूर करें। और याद रखें कंसिस्टेंसी इज द की। ऐसा नहीं अरे हमने कोर्स अटेंड किया। गुरु मां के साथ सत्र हुआ। भाई अब तो बड़े मोटिवेट हो गए। अब तो हम एकदम दो-दो घंटा अभ्यास कर रहे हैं। और अगले दिन से फिर छोड़ दिया। भले ही आप छोटा सा ही पैकेज आपको देंगे हम 25 से 30 मिनट का उससे ज्यादा नहीं लेकिन उसको हमको करना प्रतिदिन है। इसीलिए छोटा पैकेज दे रहे हैं। अभी शुरू कीजिए छोटे-छोटे अभ्यास से शुरू कीजिए लेकिन कंसिस्टेंसी की जो कुछ इस कोर्स में सीख रहे हैं उसको कंसिस्टेंटली अपनाइए।

तीसरी चीज आ जाती है माइंडफुल ईटिंग हैबिट्स। आप क्या खा रहे हैं? उससे ज्यादा महत्वपूर्ण है। आप किस प्रकार से खा रहे हैं? आप किस भाव से खा रहे हैं? आप किस तरीके से खा रहे हैं? भारत योग का पूरा का पूरा हमारा एक डिस्कोर्स और जो साधक हमारे रिट्रीट में आते हैं या कोर्सेस अटेंड करते हैं वो तो सीखते ही हैं। पांच भागों में भारत योग डाइट विभाजित है। क्यों खाऊं, कब खाऊं, कैसे खाऊं, कितना खाऊं? तो आप उसको उसका लिंक हम डिस्क्रिप्शन बॉक्स में शेयर करेंगे। वो आप जरूर देखिएगा। लेकिन अभी हम माइंडफुल ईटिंग फॉर डायबिटीज की बात करते हैं। धीरे-धीरे खाइए। फ्रेश वार्म होम कुक्ड मील लीजिए। अपनी लार्जेस्ट मील लंच टाइम में ले लीजिए। वैसे हम तो कहते हैं आप वी शेप में खाइए। सुबह अच्छे से समशेस खाइए। फिर उससे कम, फिर उससे कम। यह आपके लिए बहुत-बहुत लाभकारी होता है। और भोजन का आरंभ हमेशा ग्रेटट्यूड के साथ, थैंकफुलनेस के साथ कीजिए। एक मेंटली आप प्रिपयर्ड रहिए भोजन करने के लिए कि आपको क्या खाना है। ऐसा नहीं कि ओहो मीठा आया। बस अब हमने वो खा लिया। कितनी बार हमने देखा है सिर्फ डायबिटिक पेशेंट्स ही नहीं अलग-अलग पेशेंट्स के साथ। माइंडलेस ईटिंग। नो प्रिपरेशन फॉर द मील, नो प्रिपरेशन फॉर व्हाट आई हैव टू ईट। बस जो सामने आ गया वो खा लिया। बीच में भूख लगी। फ्रिज खोला कुछ और खा लिया। पैकेट खोला वो खा लिया। इससे हमको बचना है। तो जरा सा माइंडफुल ईटिंग करेंगे। जरा सा सोच लेंगे। ओ कल मुझे सुबह से शाम तक ये ये खाना है। देखिए आपका जीवन कैसे परिवर्तित हो जाता है।

जब भी पानी पिए ठंडा फ्रिज का पानी ना पिए। अगर आप वार्म वाटर ले सकें या फिर बहुत गर्मी है तो नॉर्मल जो टेंपरेचर वाटर होता है उसका सेवन करें। इमोशनल ईटिंग से बचें। डिस्ट्रैक्टेड ईटिंग से बचें। डिस्ट्रक्टर ईटिंग मतलब मोबाइल देखते हुए ना खाएं। टेलीविजन देखते हुए बिल्कुल भी ना खाएं। ओवर ईटिंग से बचें। इवन इफ इट इज ऑफ हेल्दी फूड्स। नहीं हमको ओवर ईटिंग करनी ही नहीं है। तो भारत युग का नियम भूख से आधा खाइए। जब हमें भूख नहीं है तब हमको नहीं खाना है। लेकिन डायबिटिक पेशेंट्स के लिए एक चीज बहुत जरूरी है। हमें बहुत प्रोलोंग फास्टिंग नहीं करनी है। तो यह नियम जब आप अपनाओगे ना भूख से आधा खाओगे। भूख नहीं है तो जबरदस्ती हमको ठूसना नहीं है। तो इसलिए हम छोटे-छोटे मील्स डायबिटिक पेशेंट्स को रिकमेंड करते हैं। कल के सत्र में आप पूरा दिन का मील समझेंगे। तो जब खाएं छोटा-छोटा खाएं और थोड़ा-थोड़ा खाएं और प्रोलोंग फास्टिंग से बचें।

डायबिटिक पेशेंट्स याद रखिए हमारी जो जठरागिनी है अगर वो प्रदीप्त है सही भोजन से यानी प्रॉपर डाइजेशन हमारे शरीर में म्यूकस को जमा नहीं होने देता है। और अगर म्यूकस जमा नहीं होगा तो हमारे रोग नहीं होंगे। सर्व रोग मलाश्रय सारे रोगों की जड़ मल ही है। इसलिए भोजन का विशेष रूप से ध्यान रखें।

चौथी चीज आ जाती है स्लीप एंड रेस्ट। जब हम दिनचर्या की बात कर रहे हैं। बहुत महत्वपूर्ण है कि हम सही समय पर सही नींद लें और सही रेस्ट करें। पुअर स्लीप हमारे इंसुलिन रेजिस्टेंस और क्रेविंग्स को बढ़ा सकती है। इसलिए बहुत बहुत महत्वपूर्ण है कि स्लीप के मैकेनिज्म को समझिए। तो कोशिश करें कि हम रात्रि में 10:00 बजे तक अवश्य अवश्य सो जाएं। सोने से पहले आप भारत योग की योग निद्रा जरूर सुन लीजिए। दो लिंक हम डिस्क्रिप्शन बॉक्स में शेयर करवाएंगे। यहां हम आपको थंबनेल भी शेयर कर रहे हैं। यह घर्षण क्रिया का थंबनेल है और यह योग निद्रा का थंबनेल है। ध्यान से इनको देख लीजिए। रात्रि में सोने से पहले आप घर्षण क्रिया जरूर जरूर करें। यह आपके लिए सबसे अच्छी दवा साबित हो सकती है। और जो दूसरा योग निद्रा पहले घर्षण क्रिया किया फिर आप योग निद्रा ऑडियो लगा लीजिए और लेट जाइए। आप देखेंगे आपको एक बेहतर नींद आएगी और जैसा हमने कहा कि आपकी जो पुअर स्लीप है वो एक बहुत बड़ा रीजन हो सकता है इंसुलिन रेजिस्टेंस का। तो अगर हम एक अच्छी नींद लेते हैं तो यह हमारे डायबिटिक पेशेंट्स के लिए बहुत-बहुत लाभकारी होगा। अपने रूम को डार्क रखें ताकि अच्छी नींद आए और बहुत महत्वपूर्ण है कि सोने से एक घंटा पहले स्क्रीनलेस हो जाइए।

पांचवी चीज है अपने स्ट्रेस को मैनेज करना सीखिए। याद रखिए कि आपका स्ट्रेस आपके कॉर्टिसोल लेवल्स को बढ़ा सकता है और कॉर्टिसोल का लेवल अगर बढ़ जाता है तो यह आपके डायरेक्टली आपके जो ब्लड शुगर है उसको इंपैक्ट करता है। तो हमें तनाव बिल्कुल नहीं लेना। तनाव दूर करने के लिए आप क्या-क्या कर सकते हैं? 10 मिनट प्रतिदिन ध्यान जरूर करें। हम आपके साथ एक हीलिंग मेडिटेशन का लिंक भी शेयर कर रहे हैं। दिन में जब भी समय लगे हीलिंग मेडिटेशन भारत योग की कर लीजिए। यह आपके लिए बहुत लाभकारी होगा। आप जर्नलिंग कर सकते हैं। थोड़ी देर लिखिए। स्क्रीन पर नहीं पन्ना पेन और कॉपी लेकर के उस पर लिखिए। बहुत-बहुत महत्वपूर्ण है और योग निद्रा का नियमित अभ्यास आपके स्ट्रेस को रिड्यूस करेगा और इसी के साथ-साथ कोई अच्छा संगीत सुनना भी आपके स्ट्रेस को रिलीज कर सकता और बहुत ज्यादा स्ट्रेस है तो आप थोड़ा डिस्ट्रैक्शन हर वक्त जो लोग हर वक्त के हम काम के बारे में सोच रहे हैं वो भी हमारे अंदर स्ट्रेस उत्पन्न करता है तो थोड़ा कभी-कभी डिस्ट्रैक्ट कीजिए अपने माइंड को लेजर में जैसे परिवार के साथ कोई गेम खेलना प्रकृति के सानिध्य में समय बिताना और 20 मिनट सूर्य की रोशनी में रहना तो आपके लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। मेटाबॉलिक डिजीजसेस का एक सबसे बड़ा कंट्रीब्यूटर है आपका इमोशनल इमंबैलेंस। इसलिए अपने स्ट्रेस को मैनेज करना सीखिए। भारत योग का एक बहुत सुंदर कोर्स होता है ध्यानम। लाइव होता है। जैसे ये तो रिकॉर्डेड आप देख रहे हैं। आमने-सामने हमारा वो कोर्स होता है। आप जब भी वो कोर्स हो उसे जॉइ कीजिए ताकि आप सीख सके कि आप अपने स्ट्रेस लेवल्स को कैसे रिड्यूस कर सकते हैं। नेचुरली।

छठी चीज कुछ हैबिट्स को कंप्लीटली अवॉइड कीजिए। क्विकली देखते हैं यह हैबिट्स क्या है। स्किपिंग मील्स। विशेष रूप से डायबिटिक पेशेंट्स को कोई भी मील स्किप नहीं करनी है। जैसा हमने कहा छोटे-छोटे मील्स लेने हैं। थोड़ा-थोड़ा खाना है पर छोटे-छोटे गैप में खाना है। प्रोलोंग फास्टिंग हमको नहीं करनी है। दूसरी चीज पैक्ड फूड को आपको कंप्लीटली बंद करना है। कोई सा भी पैक्ड फूड है हमें उसका सेवन करना ही नहीं है। हाई शुगर एंड रिफाइंड कार्ब्स हमको अपनी डाइट से कंप्लीटली कट करने हैं। ओवर स्नैकिंग बिल्कुल नहीं करना। इवन इफ इट इज अ हेल्दी स्नैक। सेडेंटरी लाइफ स्टाइल को आज से ही बड़ा सा क्रॉस मार दीजिए। गो फॉर एन एक्टिव लाइफस्टाइल।

यह हुई हमारे लाइफस्टाइल चेंजेस की बात, दिनचर्या की बात। अभी एक्सप्लेन करने में थोड़ा टाइम लग गया। बट आप जब रोज में इसे अपनाएंगे बिल्कुल रॉकेट साइंस नहीं है। बस यह याद रखिए कि आपका जन्म दुख भोगने के लिए नहीं हुआ है। आपका जन्म रोगी होने के लिए नहीं हुआ है। आपका जन्म दुनिया के संताप भोगने के लिए नहीं हुआ है। आप स्वस्थ रहने के लिए, खुश रहने के लिए, आनंदित रहने के लिए पैदा हुए हैं। और इसीलिए आपकी इसी जर्नी को बेहतर बनाता है भारत योग। भारत योग से अगर आपको परमात्मा ने जोड़ा है, आप बहुत सौभाग्यशाली हैं। बस अगर डायबिटीज है तो आज से ठान लीजिए। नो मोर डायबिटीज, नो मोर दुख, नो मोर रोग। और अगर नहीं है तो भी ठान लीजिए। आई विल नॉट लेट इट हैपन।

तो यह कोर्स आप सभी के साथ साथ साझा कीजिए। बिल्कुल फ्री ऑफ कॉस्ट हम इस पूरे तीन दिन के कोर्स को आपके लिए लेकर के आ रहे हैं। आप हम इतनी मेहनत कर रहे हैं। आप इतना तो कर ही सकते हैं कि शेयर इट विद मैक्सिमम पीपल। तीन दिन परिवर्तन के, तीन दिन रूपांतरण के। आज आपने जो कुछ सीखा उसके नोट्स बनाइए अच्छे से। आप सब हमारे WhatsApp नंबर पर जुड़े हैं जिन्होंने भी इस कोर्स के लिए रजिस्टर किया है। दो इट इज अ फ्री कोर्स बट यू हैव रजिस्टर्ड फॉर दिस फ्री ऑफ कॉस्ट। तो आपने आज जो अपने नोट्स बनाए हैं, उनका एक स्क्रीनशॉट लीजिए और उसी WhatsApp नंबर पे हमें WhatsApp कीजिए। यह हम देखना चाहेंगे कि आपने सही नोट्स बनाए हैं या नहीं बनाए हैं। और हम उनको चेक करेंगे और फिर कल हम इस विषय में बात करेंगे। अपना नाम भी लिखिएगा और फोटो खींचकर उसको हमको WhatsApp कर दीजिएगा।

आज के एपिसोड में इतना ही। आज के सत्र में इतना ही। कल मिलेंगे 6:00 बजे और कल हम डिटेल में डाइट के बारे में जानेंगे। डायबिटीज की इन लाइफस्टाइल चेंजेस को आज से ही शुरू कर दीजिए। कल हम डाइट जानेंगे। परसों योगाभ्यास जानेंगे। आप सबके लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं। खुश रहें, आनंदित रह, हंसते रह, मुस्कुराते रह। हरि ओम, जय हिंद, वंदे मातरम।