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YouTube Monetization 2026 New Rules | YouTube Partner Program Rules 2026

Creator Guide5:24

Transcription

देखो, कुछ लोगों को लगता है जो नए क्रिएटर होते हैं जिनका चैनल मोनेटाइज नहीं होता कि भाई अगर चैनल पर 1000 सब्सक्राइबर कंप्लीट हो गए और 4000 घंटे का वॉच टाइम कंप्लीट हो गया तो चैनल मोनेटाइज हो ही जाएगा।

और बहुत सारे ऐसे क्रिएटर हैं जो इस क्राइटेरिया को कंप्लीट भी कर लेते हैं, लेकिन उनका चैनल मोनेटाइज नहीं होता। बिकॉज़ उनको अभी तक ये समझ ही नहीं आया कि भाई 1000 सब्सक्राइबर कंप्लीट करना और 4000 घंटे का वॉच टाइम कंप्लीट करना सिर्फ एक एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया है, मोनेटाइजेशन के लिए अप्लाई कर सको। लेकिन ये एक मोनेटाइजेशन का रियल रियल रूल नहीं है। और जब तक आपको रियल रूल नहीं पता चलेगा, तब तक आपका चैनल मोनेटाइज होगा नहीं।

तो अगर आप एक न्यू क्रिएटर हैं, आपका चैनल अभी तक मोनेटाइज नहीं हुआ, तो इस वीडियो को लास्ट तक देखते रहिए। मैं आपको मोनेटाइजेशन के सभी रियल रूल बताने वाला हूं। और यह वीडियो न्यू क्रिएटर के लिए बहुत हेल्पफुल होने वाली है और यह चैनल भी बहुत हेल्पफुल है। तो चैनल को भी सब्सक्राइब कर लो और वीडियो को भी लाइक कर दो।

देखो, एक होता है एलिजिबिलिटी और एक होता है अप्रूवल। एलिजिबिलिटी का मतलब यह है कि अगर आपने अपने चैनल की जो एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया है, उसको कंप्लीट कर लिया, तो आप मोनेटाइजेशन के लिए अप्लाई कर सकते हो। और अप्रूवल का मतलब यह है कि अगर YouTube ने आपके चैनल को अप्रूवल दे दिया, तो फिर आपका चैनल मोनेटाइज हो सकता है।

तो जो एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया है, वो तो भाई सिंपल ही है कि आपको 1000 सब्सक्राइबर चाहिए। और अगर आपकी लॉन्ग वीडियो के थ्रू आपको मोनेटाइज करवाना है, तो 4000 घंटे का वॉच टाइम चाहिए आपकी लॉन्ग वीडियोस पर जो पब्लिक है। और अगर आपको शॉर्ट्स के थ्रू करवाना है, तो लास्ट 90 डेज में आपको 10 मिलियन शॉर्ट व्यूज चाहिए। ठीक है? समझ गए?

लॉन्ग वीडियो के केस में लास्ट वन ईयर में यानी कि लास्ट 365 डेज के अंदर जितनी भी लॉन्ग वीडियो पब्लिक है, उन पर 4000 घंटे का वॉच टाइम। और अगर शॉर्ट्स के थ्रू करवाना है, तो यहां पे वॉच टाइम नहीं, लास्ट 90 डेज में जितने भी शॉर्ट्स आपने पब्लिक कर रखे हैं अपने चैनल पर, उन सभी पे 10 मिलियन व्यूज कंप्लीट होने चाहिए। ये एलिजिबिलिटी है। ये क्राइटेरिया आपने कंप्लीट किया। आप अब मोनेटाइजेशन के लिए सिर्फ अप्लाई कर सकते हो। इसका यह बिल्कुल मतलब नहीं है कि आपका चैनल मोनेटाइज हो ही जाएगा। उसके लिए आपको रूल समझने पड़ेंगे।

देखिए, सबसे पहले YouTube चेक करेगा कि आपने जो वीडियोस अपलोड करी है आपके चैनल पर, उनप जितनी भी पब्लिक वीडियो है, बस उन्हीं को चेक करेगा। अगर आपने कोई भी वीडियो अनलिस्टेड करी, डिलीट कर दी, प्राइवेट कर दी, उनसे YouTube को कोई मतलब नहीं है। ना तो उनका कोई वॉच टाइम गेन होगा, कुछ भी नहीं। उनका वॉच टाइम अगर मिला भी होगा, तो माइनस हो जाएगा। उनको काउंट ही नहीं किया जाएगा। सिर्फ पब्लिक वीडियो की बात होगी।

और उसमें तीन चीजें YouTube देखता है आपका जब वो कंटेंट चेक करता है कि हां, आपने सब्सक्राइबर और जो बाकी एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया, वो तो कंप्लीट कर लिया, लेकिन आपका कंटेंट ओरिजिनल है या नहीं है। अगर वो रीयूज्ड कंटेंट है, तो आपको मोनेटाइजेशन का अप्रूवल नहीं मिलेगा। दूसरा, आपका जो कंटेंट है, उसमें कोई वैल्यू ऐड की है कि नहीं आपने। अगर आपकी कोई रियल ह्यूमन वैल्यू ऐड नहीं है उसमें, तो भी आपको कुछ नहीं मिलेगा। यह ध्यान रखना। कोई मोनेटाइज नहीं होगा। आपको मना कर देगा कि भाई, आपका जो है, मोनेटाइज नहीं।

और कई बार ऐसा भी होता है कि अगर आपने मिसलीडिंग मेटा डेटा भरा हुआ है, यानी कि जो टाइटल डिस्क्रिप्शन है, उसमें काफी मिसलीडिंग किया है, तो उस केस में भी ऐसा होगा कि भाई, वो आपके चैनल को मोनेटाइज नहीं करेगा। तो आपका जो भी कंटेंट है, वो एडवरटाइजर फ्रेंडली कंटेंट पॉलिसी को भी फॉलो करना चाहिए। तब जाके आपको जो है, मोनेटाइजेशन अप्रूवल मिल सकता है। YouTube ये तीन चीजें जरूर चेक करता है। इवन आपकी जो ज्यादा व्यूज वाली वीडियो है, उसको तो भाई साहब, वो लेंस लगा के चेक करता है कि इसमें कोई कुछ फेक तो नहीं है। तो ये तो क्लियर हो गया।

अब सुनो, दूसरी पॉलिसी भी है कुछ। पॉलिसी ये है कि आपके चैनल पर कोई भी एक्टिव कम्युनिटी गाइडलाइन स्ट्राइक नहीं होनी चाहिए। अगर वो है, तो नहीं होगा अप्रूवल। एक यह भी है कि आपका जो ईमेल आईडी है, जिससे आपने चैनल क्रिएट किया हुआ है, उस पर टू स्टेप वेरिफिकेशन ऑन होना चाहिए। यह भी एक पॉलिसी है। फिर आपका जो चैनल है, उसपे लोगो, बैनर लगा होना चाहिए और आपके चैनल के अबाउट में कुछ ना कुछ लिखा होना चाहिए। वो खाली नहीं होना चाहिए। यह भी एक पॉलिसी है।

एक चीज और, कुछ लोग क्या करते हैं? Google Ads के थ्रू Google ऐड लगवा लेते हैं। पैसा देके व्यूज ले लेते हैं। उससे वॉच टाइम भी गेन हो जाता है। उस वॉच टाइम को काउंट नहीं किया जाता मोनेटाइजेशन के लिए। ध्यान रखना। अगर आपने किसी वीडियो पे ऐड लगवाए, पैसे खर्च किए, उस पर आपको सब्सक्राइबर और व्यूज तो मिलेगा। सब्सक्राइबर की तो कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन जो वॉच टाइम मिलेगा ना, वो काउंट नहीं होगा। आपका वॉच टाइम ऑर्गेनिक ऑडियंस के थ्रू ही आना चाहिए। तो यह भी चेक किया जाता है।

कई बार ऐसा भी होता है कि आप आर्टिफिशियल या बोट व्यूज, ये सब्सक्राइबर, यह सब खरीद लेते हो। तो देखिए, कुछ लोग जेन्युइन तरीके से भी आपको दे सकते हैं और कुछ लोग फेक तरीके से भी आपको दे सकते हैं और आपसे पैसा ले सकते हैं। तो अगर आपके सब्सक्राइबर, आपका वॉच टाइम, आपका जो ज्यादा से ज्यादा वीडियो चली है, उसका इंगेजमेंट अगर बूस्टेड लगता है, लगता है कि फेक है, कुछ बोट की तरह कोई ना कोई आपने एक्टिविटी सस्पिशियस की है, तो उस केस में भी आपका जो चैनल है, वो मोनेटाइज नहीं हो सकता। और उस केस में आपको मेल आएगा कि आपका जो चैनल है, वो मोनेटाइजेशन पॉलिसी को मीट नहीं करता। यानी कि ओरिजिनलिटी तो चाहिए ही चाहिए।

और हां, एक चीज और, आपका जो चैनल है, उस पर जो एडवांस फीचर है, वो वो भी इनेबल होना चाहिए। अगर वो इनेबल नहीं है, तो भी आपके चैनल को मोनेटाइज नहीं किया जा सकता। ये सारे रियल रूल है। तो जब आप एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया कंप्लीट करेंगे, तो यह रूल भी आपको फॉलो करने पड़ेंगे। फिर आपका चैनल मोनेटाइज हो जाएगा। आपको अप्रूवल मिल जाएगा।

अगर आपका कोई डाउट है, कमेंट कर देना। मिलता हूं अगली वीडियो में नए टॉपिक के साथ। तब तक के लिए, जय हिंद।