Transcription
मैं [संगीत] तेरे तुम फिर सके किसी को बोल कर से थोड़ा सा। 130 अच्छी तरह उसके मुझे अ [संगीत] आप मुझे कभी छोरी तू तो कि पाकिस्तानी भेजो मतलब है कि अक्षय बता डू। ठीक है। 100 छुट्टियां तुम्हें अरे छोरी बोल तो सही क्या हुआ है? है जुआ बीमारी को हां यह भ्रम रहने दो ना। अ कि हाथियों ने छोड़ी कि कितना घबराई हुई सी लग रही है। हुआ था अभी कुछ ना कहा जाएगा छोरी से और पता तो चले कि हुआ के हैं ऐसी पार्टी के साथ। अरे खून करो उन लोगों से पूछोगे बताएंगे आपको। अ कि लड़के वह बताना bhag-3 को भीतर ले जा थोड़ा पानी परात तो भारत देख चुके हो गए। अंदर ले जा उ [संगीत] कि जसवाल से गोविंद चटक साथ। अ कि अ अजय को अजय को कि [संगीत] मैं शाम को फोन करना ठीक रहेगा ना। की जड़ों में एक फोटो तो बड़े कहा कि कैसे मालूम चलेगा कि बात क्या है। आनंद को के लिए उन्होंने क्या मतलब इसका चलना होगा ना। करो बात करो कर दो [संगीत] कि वांट [संगीत] आधे घंटे के माजीसा री। हां हां बोलो तो कि मुझे सा वह आनंदी अभी आई है सऊदी अरब से। रोए जा रही है कि पूछो तो आप यह तेरे को का आधा हिस्सा ने भेज दिया हैं जो कि हमारी सा कई हृदय रहने की जिद न करें। न कि अपना हिसाब से थोड़े को मां-बाप से मिलने ना भेजो। मैंने है को अपने घर के बाहर की ओर है। कर दो कर दो कर दो कर दो [संगीत] कि घर से बाहर किया। मतलब आप अपने घर से निकाल दिया कौए के भूखे मरीज। सिर्फ अपने घर से निकाल दिया। हार घर में रहने लायक बनाया वह अ मैं अपने साथ रे की जरा भी परवाह है उससे भिड़ पर भूड़ पर फूहड़ जैसे कि हर से कसम खा कर चली हो कि सासरे का नाम अक्षर मिट। वह कह रहा हूं मैं कौन सा पानी सर के ऊपर से निकल गया। इस बार छोरी ने उसकी सजा दूसरे से बाहर भेज दो। एक दो जो अब राख हो आप उसे अपने पास बोल मारी थी जो आपके छोरी के साथ अपने पोते का प्रयास किया हो तो तय हुआ था। मैंने माफ कर दे माफ कर दो। मंे और अब पिछड़ों पास मजबूर वहीं महत्त्व हुआ है अजय को [प्रशंसा] है [संगीत] अरे प्रेशर कि हमारी लड़ने ऐसा कौन सा काम कर दिया क्योंकि इज्जत मिट्टी में मिल गई। और उससे पूछ ले तू अपने लोगों से पूछ लो [प्रशंसा] कि माजीसा ने जिस तरह से बात की ना बाजी साल भर तो लाइक जरूर करें और बड़ी भूलकर कि यह चोरी और पूछ इससे के करके ही है कि अ अ उठ उठ खड़ा हुआ। मैं बता मेरे को क्या डिसाइड करना राज्य के हुआ है जो कोई निश्चय कर के तौर पर बता मेरे को क्या हुआ मूल [संगीत] जब आप और पूर्व दिशा की मदद मांगी है हैं और उन्हें मना कर दिया तो मुझे बहुत बुरा लग मित्रों [संगीत] और रिश्तेदारों और अपने [संगीत] [संगीत] मां-बाप की इज्जत कि आगे इस कि नदी की अनुमित दे। अच्छा ठीक है में जा-जाकर है उन्हें के साथ चिड़ी पर वायरल तने जो थारे को हम से ज्यादा प्यार इलाज तने। मैं अभी इसी वक्त जगह जोड़ कर अपने मां-बाप के घर जाना है। हां बाबू जानते कि किसी खूबसूरत हो [संगीत] [संगीत] कि [संगीत] पूरे सिकुड़ भूलना कि लेकर साथ वालों को सारे को घर से निकालना पड़ लुटी अपनी मां बुक लेकर आना। बाबू की किस्मत फूटी है जो अपने कार्य को मुसीबत में डाल दिया है कि अ सख्या भागवत तो नॉएडा अरोड़ा वतन है। छोरी कोई ज्यादा खाना पड़ता है [संगीत] में अग्रणी है जो कल क्या थोड़ा सा है तो इतनी चिंता करे तो अपने मां-बाप के अ [संगीत] [संगीत] कि इस विभाग की इतनी बड़ी सजा पिता मारे तो यह बात बिल्कुल ठीक ना लगे तो [संगीत] की मां [संगीत] को देख कर दो [संगीत] कि अब के बात करो अब तो इतनी बात की बने। हां जी फोन पर बात करने से काम नहीं चलेगा। आ आप हमारी बात मान तू आप और अभी सा चैप्टर चली जाऊं मंदिर के साथ रहे हैं और वहां जाकर आमने-सामने बैठे उनसे पूछो कि ऐसा कई किया उन्होंने और मारी छोरी ने को इतना बड़ा पाप ना किया जिम के साथ वाले भुला ना सके। वह सब जे करना होगा की हार्दिक शुभका मैं भी चलूं आपके साथ और तुम्हारे बात छोड़ दो कि युद्ध चलता क्षय कि कुमारी थोड़ी की जिंदगी बर्बाद करने का अधिकार दिया मैंने थोड़ी को भी अपनी खिड़की। माजीसा री कि उन्हें पता नहीं कैसी औरत है वह डुबा के अपनी दे को नोटिस उसे पसंद नहीं है। छोटी-छोटी बातें सजाने में उसे हमारी भी मैच दिखाने में पीछे हटे हो लेकिन हमेशा ही प्राइस सबसे अच्छी रहेगी जिसकी तुम्हारे खून तो खुश ना लेकर और मारी छोरी के साथ जोड़ लिया है। क्या उसके बाद मैं चुप रहूंगी उसे जाकर पूछ लेंगे किमामी सेवई को मीटिंग के बारे। छोड़ी ने जिसके लिए आप उसको अपने घर से निकल गया हूं कि नहीं भाभी साफ ठंडे दिमाग से सोचो। ऐसे गरमा-गरमी में बात करने से बनी-बनाई बात बिगड़ जाए और फिर यह तो आनंदी के जीवन की बात है ना अ कर दो। के मन में कितनी भी खटास आने पर पहले बात को सोचों और फिर बोला अ कर दो कि हम दोनों हरियाणा के पास भारत को इसकी चिंता करने की कोई जरूरत है तो बस आनंद के साथ ले जाओ ना कर दो [प्रशंसा] लुट [संगीत] कर दो हुआ था कर दो हुआ था कर दो [संगीत] कर दो। आज हम घर में अन्न का अपमान तो ना करो फोन कि अब के मनहूसियत फैलाना बंद करो और खाना शुरु करो सब लोग। जगदीश थोड़ा सा अजय को को कुमकुम हुआ है भिलाई से संबंधित है कि अ [संगीत] कर दो [संगीत] की परिक्रमा माजीसा री तो अब कैश लेने आए हो। अ अ की तरफ बढ़ती करना है माजीसा मंदिर की भूल क्षमा कर दीजिए। में पूर्ण सब कुछ बता दिया मेरे को कि दुबई के करते हैं जो मां बापू का मुद्दा खाना के आपसे अ [संगीत] मेरे पास इसलिए थोड़े-थोड़े आपके पास है हुआ था। हां भाई अब तो बड़े हैं आप समझदार हैं झाड़ू है ये दुनिया देखिए है [संगीत] कि चोरी की छोटी सी भूल आप करती थी। छोटी सी भूल है [संगीत] है ना खजान सिंह छोटी सी भूल जना है बहुत बड़ी गलती कि आप की छोरी से [संगीत] कि हर जाति अपनी मां बापू का दुख इतना ही सतावे दूसरे की इज्जत कभी ध्यान रख पा वे क्या कर रहे हैं अपने मां-बाप के पास है। यहां पर दाना पानी सासरे का चिंता पियर की थी कर दो कि वह छोरी अपने सासरे का सम्मान अपनी जूते की नोक पर धारे उसके लिए कोई जगह नाम हर घर में आ का महत्व समझ चाहिए [संगीत] को माफ कर दीजिए। इस पर मार्ग बीच में मत बोलना सुमित्रा। अ मैं तो शुरु से ही विलक्षण बाहों में थी कि और हुई है उन्हें बैठा रखा है झाल मैं हर बार उसकी धरपकड़ के का इससे बड़ा मस्त [संगीत] लग रहा है। कर दो का आधा होता भी उतर आई भागीदार है जितनी मारी छोरी रे हुआ है कि खबर पहले तो मेरी लाडो को नागौर कर दो। वैज्ञानिकों की है तो सजा सिर्फ मेरी लाडो कई दे रहे हैं तो नाइंसाफी है हुआ है कुछ भी हो गए। अरे घर में ऐसी खबरें आ चुके होंगे नाइंसाफी किसे कह हुए सीखूंगी अ [संगीत] कि अ फोटो कब से भरे हाथ से निकल गया कारण सड़ी है [संगीत] [संगीत] मैं अपनी मनमर्जी के साथ गलत काम करा लेवें से है कि अब ऐसे छोड़े को कर मेरा खून तो के हो गए तुम्हारे परिवार को भी [संगीत] ए ब्रॉडर पसंद किया जरूर पर विवाह के लिए हामी भरने के भूल तुम्हारे से हो गई थी [संगीत] एक टिप्पणी छोड़ को वैसी छोरी के पहले कांति हो कि जिसका संस्कार से पूर्व तक नाता नहीं है। एक [संगीत] पाठ से आप लोगों के साथ आपके घोड़े के साथ अ का आरोप। अरे पोते को मेरे परिवार को भी का कोई रास्ता न कोई गाना दो। कर दो का गण सोचे समझे ना समझे में जो संबंध जोड़ा गया आज छोड़ दूं है है कर दो हुआ है अजय को ने अपने अहम और व्यक्तिगत देर के लिए एक मासूम रिश्ते और दो परिवारों की खुशियों की बलि चढ़ा देना है झाल।