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Khaana Kaun Banayega | Stand up comedy by Gaurav Gupta

Gaurav Gupta16:28

Transcription

जिससे मेरी शादी हुई, मेरी जो वाइफ है वो भी बनी है खंडेलवाल। वो खंडेलवाल पता है तुम्हें? राजस्थान साइड के होते हैं। राजस्थान के लोग बड़े अच्छे होते हैं। बहुत प्यार, आदर, वादर करते हैं। बहुत अच्छे लोग होते हैं। इन सालों के गीत खत्म नहीं होते, गीत ही खत्म नहीं होते। लोक गीत जो होते हैं, कुछ तो ने तने सारे बना रखे हैं। कुछ कहीं भी किधर बना के शुरू कहीं भी स्पंस ये लाइट बुज जाभी लाइट बुको बुको बुको बुको बुको बुको लाइट बुको बुजो बुज। ये एक तो तीन चार निंजा रखते अपने पास गीत गाने वाली परमानेंट। जहां ये बुढ़िया ढोल की चम्मच दिखते शुरू आग आगो आगोर सा आगो बन्नी को लेगो लेगो लेगो लेग साथ में छोटी असिस्टेंट और लेग आगो आगो लेगो ले आगो आगो ले लेगो आगो आ।

तो है वो खंडेलवाल। उसका पूरा फुल पछा पढ़ नहीं पाया खंडेलवालों को, क्योंकि उसके जो पापा हैं उनका ट्रांसफर हो गया था फॉरेन कंट्री में। तो उसके पापा उसको बचपन में फॉरेन कंट्री ले गए थे। उसने वही स्कूलिंग करी, फिर हिंदुस्तान वापस आई। मुझे कॉलेज में मिली थी। हमारे कॉलेज में फुल टोर में घूमती रहती थी। वी आर एनआरआई। लिबिया रहती [प्रशंसा] थी, एक कंट्री नॉर्थ अफ्रीका में। ये चावड़ी वाले भैया भाई लिबिया से। अच्छा तो आजकल मैंने कहा तू तो मत कर अपनी एनआरआई, तू बस कुछ साल पहले इंडिया वापस आ गई इसलिए बच गई। वरना वहां का गद्दाफी तेरे को तोप उड़वा चुका होता। खंडेलवाल उ उ उ उ उ उ खंडेलवाल उ उ उ बना लेता अपना गाना।

तो आगे क्या हुआ? फिर फाइनली वो कॉलेज में मिली मेरे को। ठीक है, पूरा हुआ। मेरी जॉब लग गई। थोड़े पैसे-पैसे कमाए। मैंने लड़कों में तभी कॉन्फिडेंस आता है अपनी मां को कंफर्म करने का कि एक लड़की देख रखी है, है ना? दोपहर का टाइम पकड़ते जाता। लड़के मम्मी कुक कर रही होती है, लड़के अपनी स्लैप पर टिका के मम्मी वो एक लड़की देख रखी है। ये मत करना। मेरे से हो गया था। ये मेरी मम्मी पूरी तल रही थी स्लो स्लो। मैं बैठा, मैंने कहा मम्मी वो एक लड़की देख र... मेरी मां को तो हाथ ही रुक गया उनका। पर विश्वास गया इस मोटे से भी बट गई। कह रही कौन है लड़की? मैंने कहा मम्मी बनिया बनिया। फिर तो और स्पीड तेज हो गई भाई साहब। उसके बाद कुछ नहीं पूछा। लड़की की कैसी पर्सनालिटी, क्या नेचर है, कुछ नहीं। कह रही मिलवा भाई साहब से। मैंने कहा कौन से भाई साहब? कह रही उसके पापा। मैंने कहा मम्मी आप भी नहीं शादी करनी, अभी सिर्फ बताया कि देख रखी है। कह रही नहीं नहीं बेटे अब नहीं घूमने दूंगी तेरे को उसके साथ। किसी की बहन बेटी के साथ हम कतई खिलवाड़ करें? हमारे घर में बहन बेटी है। किसी की बच्ची के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते। अब तो कम से कम रोका होगा उसके बाद ही तो उसे छू सकता है, घूम सकता है। हम नहीं करने देंगे खिलवाड़ खिलवाड़। इनको लग रहा है खिलवाड़ हुआ ही नहीं अभी [प्रशंसा] तक। इनको लग रहा है ये मेरा लल्लू बच्चा जिसको मैं जीरे वाला आलू खिलाती आ रही हूं सुबह से। इसने जीवन में कुछ देखा ही नहीं है। इन्हें कौन बताए कि अब मेरे पंजाबी दोस्त बन चुके हैं जिन्होंने मुझे ओयो का रास्ता बता दिया है। तो कह रही ठीक है बेटा ये खिलवाड़ वाली बात तुम अपनी उसको बताओ गर्लफ्रेंड को, वो अपने पापा को बताएगी। उसके पापा समझ जाएंगे और भाई साहब उससे अपने पापा को बता। उसके पापा सही में समझ गए। खिलवाड़ तो हम भी अपनी बच्ची का नहीं करके मिलवा बहनजी से [प्रशंसा]।

तो फाइनली उसकी फैमिली और मेरी फैमिली मिली रिश्ता तय करने के लिए। और भाई साहब हमारे में जिस दिन रिश्ता तय हो रहा था, लड़के और लड़की वाले मिलते हैं। सब खुश, कलेश से कलेश इंसान हंस रहा है। सब खुश, पॉजिटिव वाइब्स ऑल ओवर। किसी को किसी चीज का बुरा ही नहीं लग रहा है। और मैं देख रहा हूं जो उसकी फैमिली में रखा वो अपने आप मेरी फैमिली में हो रहा है। आपकी बज को पाइल बताओ, हमारे फूफा जी को पाल बता। भाई साहब संजोग संजोग। भाई साहब ऐसे ही होते हैं संजोग। आपका बायपास हमारा भी बायपास है। बताओ आपकी चाची को भी मात आती है, हमारी चाची को भी। आपकी चाची क्लॉक वाइज सर घुमाती है, हमारी एंटी क्लॉक वाइज। पूरा सर्कल कंप्लीट। ऐसे होते हैं संजोग। जबरदस्ती खा सूप संजोग संजोग हो रहा है। उतने में मेरी सास ने पॉइंट की बात करी। कह रही बहन जी आप किस तरह की शादी एक्सपेक्ट एक्सपेक्ट कर रहे हो? तो मेरी मम्मी ने वही कोडवा ठूंस दिया जो हमारे में होता है। हमें कुछ नहीं चाहिए, हमें कुछ नहीं चाहिए। बस ऐसी शादी जिससे दोनों घरों की शोभा बनी रहे। शोभा का मतलब पता है ना? फार्म हाउस में शादी, लंबी गाड़ी। मेरे सास ने फटाफट से लिख लिया डायरी में। कह रही हां वो तो हो जाएगा बहन जी कोई दिक्कत नहीं सब हो रहा है। फिर मेरी सास ने एक डिस्क्लेमर दिया मेरी मां को कि बहन जी आपको कुछ बातें शादी से पहले बता दे तो बेटर है। जो हमारी लड़की है ना फ्रॉम लिबिया, हमारी बिटिया फ्रॉम लिबिया इसको खाना बनाना नहीं आता। मेरी मां ने सांस ली तो सही, चोड़ी नहीं है इसमें हटक गई। क्या है? बट शादी में शोभा बढ़ने की बातें हो रही थीं। मेरी मम्मी फेक मॉडल बनके दिखा रही मेरी सास के आगे। बहन जी क्या बात कर दी आपने? खाना नहीं आता? बताओ ये कोई टाइम है ये सब बात करने का? मैंने पूछा आपसे बच्चे को खाना आता नहीं आता? हैं दो परिवार मिल रहे हैं, संजोग का टाइम है, पितर बैठे हैं ऊपर आप ये किचन ले आए बीच में? बिटिया को खाना आता नहीं आता? आपने इतनी बड़ी बात बोल दी बहन जी। मैं आपको सही में बताऊं हमारे घर में तो ज्यादा खाना बनता ही नहीं है। डाइट ही नहीं बची हम लोगों की तो मैं आधी रोटी खाती हूं, गौरव के पापा एक रोटी और गौरव तो हवा पे जिंदा रहता है कुछ काम ही नहीं है। बहन जी घर में कुछ काम ही नहीं है। मैं आपको सही में बताऊं। मैंने कहा काम नहीं है? हमें तो पूरी जिंदगी यही बोल बोल के पालते हैं कि मैं मर भी जाऊं ना कुत्तों दो जन्म भी ले लूं तभी भी इस घर का काम पूरा ना [प्रशंसा] हो। मैं बहुत डर कटे। इनको नहीं पता मेरे घर में काम के कलेश हैं। सारे छोटे-छोटे कामों के कलेश हैं कि पापा का कच्चा किसने सुखाया था? चिमटी पूरी अंदर तक गड़ नहीं थी ऊपर ऊपर रखी उड़ गया। दो-दो घंटे कलेश चल रहे हैं उस चक्कर में नाश्ता नहीं बन रहा। इनको नहीं पता भाई शोभा बढ़ने के चक्कर में कुछ भी बोली जा रही है कि काम ही नहीं है। और मेरी सास को भी लगा कि ये कुछ ज्यादा ही नहीं समझ में आ रहा। तो सास कह रही बहन जी मैं आपके इमोशन समझ रही हूं बट हमारा तो फर्ज है बता देना। हम भी अपनी लड़की को जानते हैं। मैं आपको सही में बताऊं कुछ भी नहीं आता है जो भी आप सोच रहे हो नील बटा सन्नाटे। इसको तो हर चीज में मेड चाहिए। हमारी बिटिया को। इसको तो इतनी मेड की आदत है। जब ये बचपन में घर-घर खेलती थी ना तो भी अपनी फ्रेंड को अलग से मेड बनाती थी। इसकी फ्रेंड का नाम रिया था इसने सुनीता रख दिया था। वो बेचारी छोटी सी बच्ची हमारे घर पे आती थी पेप्सी मांगती थी उसको नीचे बिठा के कटोरी में देती थी। अपी हो सारे दिन भर उस बच्ची से काम करवाती रहती थी मेड बना के कि तुम बर भी डॉल को लाना, तुम सारे टॉय समेट के रखना, तुम प्ले रूम में झाड़ू लगाना। तब मेरी मम्मी की दुख दुख शुरू हुई। कोई तो कांडी भाऊ आ रही है ये इसके हाथ का नसीब नहीं होने का लग रहा है। तो प्रोटेक्शन के लिए मेरी मां ने एक डिस्क्लेमर मेरी सास को दे दिया कि बहन जी कोई दिक्कत नहीं जितनी हेल्प हो कर आ दीगी किचन में हेल्प। इससे ज्यादा मिसअंडरस्टैंडिंग पैदा नहीं हुआ इस घर में पूरे देश में मैं बता रहा हूं। यहां पर कोई भी लड़की है जिसकी शादी नहीं हुई अभी तक कोई है यहां पर? हां, क्या नाम है मैम आपका? हां, कनिका। लाडो जब भी शादी हो और वुड भी सास बोले कि कनिका को खाना नहीं आता कोई दिक्कत नहीं हेल्प कर लेगी। तुम्हारे लंबे वाला काट रही है तुम्हें किचन में इंटर्न रख रही है वो औरत और इंटर्न से सबसे ज्यादा काम कराया जाता है। ये बोल बोल के ये तो सीख रही है। उसकी शिफ्ट कभी पूरी नहीं होती और मेरी बीवी को पता नहीं कि उसका कट रहा है वो तो इस वर्ड पे पागल ही हो गई। कह रही क्या बोला मम्मी जी ने? हेल्प? वाओ! क्या कोऑपरेटिव सास मिली मुझे। हम लोग टीम वर्क करेंगे किचन में। टीम वर्क। मेरी बीवी तो पागल हो गई मेरी मां के लिए शादी के बाद घुस रही है मेरी मां के अंदर। मम्मी जी मम्मी जी मम्मी जी मम्मी जी मम्मी जी मम्मी जी। और मेरी मां ने धर लिया। आओ [प्रशंसा] बेटे लेट्स मीट द रियल मम्मी जी [प्रशंसा]। हेल्प का दिन आ गया। दाल बनी में झोका तुम लगाओ। डू सम हेल्प। और ये भी पगली तैयार। हां जी मम्मी जी करती हूं। करछी लेके तैयार। इसने घी डाला, जीरा डाला। जैसे ही लाल मिर्च डाली है ऐसी आग की लपटे निकली है। हमारी पीओपी जला गई पूरी की पूरी। यहां मेरे पापा खड़े हुए। शट माय होल वर्क इज डिस्ट्रॉय। ऐसे धुएं के बाद बने जो लास्ट मैंने रोश में देखा। ऐसा फटके विस्फोट हुआ। मेरी मम्मी की फटली बिल्कुल ही नहीं आता क्या? बस बेटा हो गई हेल्प हो गई, मती मारी गई थी मेरी जो हेल्प मांग ली। अरे गौरव ये तो बिल्कुल ही नहीं आता। बन जी सही कह रही थी। मेरी आग लग गई थी हेल्प करा लूं इससे। अरे घर में लाश नाचेंगी बेटा हर कोने में मौत नाचेगी। एक छोके के चक्कर में बन गई दाल, लग गया चोका। जो मैटो सगी जिससे करता करते भर से आर्डर कर दे। मैं तो आधी रोटी खा के सो जाऊंगी वरना काश समझ के सो जाऊंगी। गैस बुझा दो लग गया छोगा बन गया ल कलेश की आग को खत्म कर दो। मोती मोत नच की इस क्लेश को यहीं की यहीं खत्म कर दो बेटा सब जिंदा रहेंगे। दलवती ले [प्रशंसा] इन दिस वेरी मोमेंट। घर में कलेश का बीज बो चुका है मुझे दिख रहा है एक बड़ा सा बीच जिस पर लिखा हुआ कलेश वो आया और मेरे घर की नींद में गड़ गया। खाने का कलेश जो मिटाए नहीं मिटता भाई साहब। और पिसते लड़के ही हैं। इधर से बीवी मारती है इधर से मां मारती है और इससे पहले मैं पिसता। मैंने अपनी मां को एक ऑप्शन दिया। मैंने कहा मम्मी कुक रख लेते हैं, कुक रख लेते हैं। मैंने कहा मम्मी कुक बनाएगी खाना तुम भी ऐश करना बीवी भी ऐश करेगी। हां बेटा सब ऐश ही करो पूरा घर चादर सान के सोचा सारा पैसा मेड में लुटा दो। खत्म कर दो इस घर को, आग लगा दो बेटा इस घर पतन की तरफ निकल जाएगा। मेड में लुटा दो सारा का सारा खाने के लिए, नहाने धोने के लिए सबके लिए आग लगा दो मेड पे। कल को बच्चा करना आया कर देना कोई दिक्कत नहीं। हमें पालने के लिए भी मेड लगा देना। मेड ही मेड ना चाहो इस पूरे घर में। बेटे पता नहीं खाने की भी लगा रे कितने लोग हैं इस घर में खाना खाने वाले चार ही तो लोग हैं। कितना खाना बनना है? एक तेरे पापा का खाना बनना है मैं बना लूंगी। मुझे पता अपने पति का पेट कैसे पालना है इतने साल पाला और भी पाल लूंगी। हमारे पापा जी ने शुरू से सिखाया है। इन बूढ़ी हड्डियों में जान है अपने पति का पेट भरने के लिए। अब बचा सिर्फ तू तेरी औरत तेरा भी खाना नहीं बना सकती क्या? उसके लिए भी मेड लगेंगी? नहीं मान के तेरी भाई। मैं ना पूरा कंविंस करने मेरी मम्मी कुछ भी बोले रही कह रही बेटा मेड वेट कुछ बना के निहाल नहीं करती ये पता नहीं नहाती नहीं नहाती धोती नहीं धोती हाइजीनिक रहती नहीं। कैसे अनाज में हाथ डलवा लूं? मैंने कहा कहां डलवाओगे? फिर डालेगा तभी तो रोटी बनेगी। और ये क्या हाज हाज कर रखा है गोल गप्पे वाला चाट चाट के खाती हो कि भैया ग्लव उठा लो पहले वाला टेस्ट नहीं आ रहा। मेरे सामने उसने ये कहा कि भैया आपके हाथ के सूजी के मजे आ रहा था हम तो गाड़ी लेके आते पुरानी दिल्ली में खाने ये बहुत है। और ये मम्मी उसकी हाइजीनिक जज कर रही है खुद की हाइजीनिक देखी तुमने मम्मी की? जिस दिन कुक कर रही होंगी पकौड़े बनें जिस दिन बेसन खत्म हो जा और तुम बोलते मम्मी थोड़े और पकौड़े हां बेटा बिल्कुल है। नया बेसन नहीं खोलेगी [प्रशंसा] सबसे करारी पकौड़ी इसी की बनती है। खमीर उठ गया बेसन में ये बहुत नहीं क्या? अंगूठी कड़ा सारा करती हुई फिर ये बहुत है जिन के नहीं मान के तेरी भाई। मेरी मां की तो मैंने हार नहीं मानी। मैंने अपनी मां को थोड़ा और कंविंस किया। मैंने कहा मम्मी एक काम करते हैं तुम्हारी एंजाइटी सॉल्व करते हैं। जो हमारे पड़ोसी पंजाबी उनके लगी हुई है मेड है ना कितने सालों से वो कलेश हुआ कह नहीं? मैंने कहा जो संध्या है ना उसको लगा रहा हूं मैं पांच दिन के लिए ट्रायल बेसिस पे वो सिर्फ खाना बना के दिखाएगी। पांच दिन पैसे नहीं लेगी। पसंद आती तो रखना वरना छोड़ देना। कह रही पैसे नहीं लेगी? मैंने कहा मम्मी नहीं लेगी। देख ले बाद में मुंह फाड़े कहीं नहीं फाड़ेगी। मम्मी रख लिया मैंने संध्या को। मेरी जीवन की सबसे बड़ी गलती। मेरी बीवी सुबह सो के उठी। दीदी 10:30 बजे सो के उठती हो? मेरी बीवी ने बोला चल चाय बना दे दीदी। चाय भी नहीं सीखी क्या मायके से? और मेरी मम्मी तो जो खुश हुए कि वाओ! माय सेवियर इज हियर। कितनी सैलरी सगी थी यार? 6000 मैं दूंगी भाई वो जब-जब मेड मेरी बीवी को टोंट मारे मेरी मां जो हंसे। वो मेड की बच्ची मेरी बीवी को बोलती दीदी आप पपीता तो काट ही लेती होंगी। हां मेरी मम्मी कोई तो सच बोलेगा ही। और मेरी बीवी ने वीडियो बना ली जूम करके मेरी मां की हंसते हुए। मैं आया ऑफिस से कह रही देखो तुम्हारी मां की हंसली जब-जब ये मेड मेरी मारती है तुम्हारी मां आती है। मैं कहां और घुस जाऊं? मम्मी जी मम्मी जी। मना क्यों कर रहा था? कह रही कुछ इलाज करो अब तो। मैंने कहा क्या कर रहा है तू बता? कह रही मेड को निकालो। सबसे पहले तो ये मेरी दूसरी सास बन के आ गई है। मैं निकाल दी मेड। मैं तो भाई जहां था वहीं आ गया। नहीं तो जिंदगी में कोई परिवर्तन हुआ ही नहीं। मम्मी हो चुकी बूढ़ी, बीवी की हेल्थ तुमने देख ही ली मिट गई है भाग। अब मम्मी को बनाना पड़ता खाना। भाई साहब मैंने जो बुलबुल वाली रोटियां खाई हैं उस टाइम पे बुलबुल वाली रोटी पता है उसमें होती है भर के फ्रस्ट्रेशन, इरिटेशन। देखा मम्मी को दोपहर में रोटी बना रही साथ में बुलबुल करती रही पहले पड़ोसी का सौ फिर इनका सौ फिरन ऐसी जाओ कोई 5 बजे खा रहा है कोई 8 बजे खा रहा है तो घी खा रहा है तो बिना घी के खा रहा है। हमारा तो काम हुआ है [प्रशंसा] कुत्ते बर्तन ही बर्तन बज रहे होते हैं। उस दिन वो रोटी हलक के नीचे नहीं उतरती और भाई करे याली मम्मी को बनाना पड़ता खाना है ना बड़ा पाप। जीनियस सिखाया था अब बेचारी मम्मी कर रही है उनकी भी गलती नहीं है। जब बूढ़ा आदमी इतना किचन में काम करेगा कुछ ना कुछ भूल जाएगा। मेरी मम्मी क्या बोल रही है गैस खुली छोड़ के भूल रही है आए दिन गैस खुली छूट रही है। मेरी बीवी ने टोक दिया मम्मी जी मरवाओगे क्या? मम्मी जी मरवाओगे क्या? और मेरी मां ने तो जो घूम के जवाब दिया है गैस भी उसी से खुली छूटेगी ना तो गैस पे काम करेगा कम से कम [प्रशंसा] तुम भी तो गैर प काम करने वाली बनो हम बुझाने वाले बने [प्रशंसा] [संगीत]