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सभी को नमस्कार। स्वागत है आप सभी का आशु घई 11 12th पे और फिजिक्स के वन शॉट पे। तो आज हम लोग कंप्लीट करने वाले हैं विद कॉम्पिटेंसी बेस्ड क्वेश्चंस इलेक्ट्रिक चार्जेस एंड फील्ड को।
तो इस चैनल पे मैंने 12th को फिजिक्स और केमिस्ट्री पूरा पढ़ाने का वादा किया है। और हां, केमिस्ट्री के वन शॉट अपलोड होना शुरू हो गए हैं। पहला चैप्टर यानी कि सॉलशंस का वन शॉट पूरे दिल और दिमाग से पढ़ाया है। पहली बार YouTube पे केमिस्ट्री पढ़ा रहा हूं। 15 16 साल से केमिस्ट्री पढ़ाते हुए हो गए हैं। लेकिन YouTube पे टाइम निकालना पड़ा क्योंकि मैंने पिछले साल या उससे पिछले साल 2 साल लगातार फिजिक्स बहुत पढ़ाई है। तो इस बार फिजिक्स के पढ़ाने में क्या बदलाव है बता रहा हूं आपको। प्लीज ये वाला पार्ट स्किप मत करना वरना वन शॉट समझ में नहीं आएगा। लेकिन हां केमिस्ट्री का प्रॉपर हर एक कांसेप्ट को पढ़ाया है। हर एक कांसेप्ट के क्वेश्चंस कराए हैं और फिर एक्स्ट्रा क्वेश्चंस भी कराऊंगा। तो वन शॉट अगर अभी तक सॉल्यूशन चैप्टर का नहीं देखा है तो जाके देखो।
पहली बात। दूसरी बात ये जो वन शॉट है ये कैसे अलग होने वाला है? अगर आपने इलेक्ट्रिक चार्जेस एंड फील्ड का पहले मेरा वन शॉट देख रखा है तो आपको क्या करना होगा और अगर आपने नहीं देखा है और आप पहली बार इस चैनल पे आए हो या आप पहली बार मेरे 12th के वन शॉट देख रहे हो तो आपको क्या करना है मैं आपको समझाता हूं। देखो यार अब एक इंसान के पास एक लिमिटेड बैंड विड्थ होती है। मैं नाइंथ को ही पढ़ा रहा हूं। 10थ को ही पढ़ा रहा हूं। 11th को ही पढ़ा रहा हूं। 12th को ही पढ़ा रहा हूं। पेड बैचेस भी हैं। फिर मेरा साइंस एंड फन एक्सपेरिमेंट वाला भी और ऑफलाइन क्लासेस भी हैं। तो एक इंसान के पास लिमिटेड टाइम होता है। तो इस साल क्योंकि केमिस्ट्री अगर आपने नोटिस किया हो मैंने पूरा ईमानदारी से आपको पढ़ाया लेकिन फिजिक्स को हम कैसे पढ़ा रहे हैं? हर एक वन शॉट के दो हिस्से कर रहे हैं। हर एक वन शॉट के हर एक वन शॉट के दो हिस्से कर रहे हैं। कैसे देखो ध्यान से सुनो।
तो एक वन शॉट पे होगा सारे के सारे कंसेप्ट्स आएंगे। कॉन्सेप्ट्स के साथ-साथ सारी डेरिवेशंस आएंगी। सारी डेफिनेशंस आएंगी जिसको आप प्रॉपर वन शॉट कहते हो जिसमें हम सारे कांसेप्ट्स डेरिवेशन सब कराते हैं। मैंने आपको बताया था मेरे वन शॉट्स में खास बात ये थी कि मैं हर एक वन शॉट में डेरिवेशन करवाता हूं। तो मैंने हर एक डेरिवेशन को हाथ से करवाया और उस वन शॉट में मैंने अगर आपने मेरा इलेक्ट्रिक चार्जेस एंड फील्ड का वन शॉट देखा है तो या कोई वन शॉट देखा है तो मैं सारे डेरिवेशन क्लास में करवाता हूं। मतलब वन शॉट में करवाता हूं। तो वन शॉट में मैंने कंसेप्ट्स और डेरिवेशन तो करवाए थे। लेकिन लास्ट ईयर मैंने क्वेश्चंस नहीं करवाए क्वेश्चंस को हमने अलग से करवाया था। लेकिन आप सबको पता है कि इस साल फिजिक्स के पेपर के साथ क्या हुआ था? नहीं पता तो बता दूं। इस साल फिजिक्स का पेपर वन ऑफ द डिफिकल्ट पेपर्स में से एक आया। तो इस साल हम लोग क्वेश्चन आंसर्स पे फोकस कैसे करेंगे? हम लोग क्वेश्चन आंसर्स पे फोकस ज्यादा करेंगे क्योंकि मैंने मेहनत कर रखी है पहले वन शॉट्स रिकॉर्ड करने में। सर हमें तो नहीं पता आपका वन शॉट कहां है। तो मैं क्या कर रहा हूं इस वीडियो में 1 मिनट जैसे इसको मुझे इंट्रोड हां 2 मिनट 3 मिनट। तो वन आर 58 59 मिनट्स तक लगभग लगभग 2 घंटे का आप कह सकते हो यहां पर मैं अपना पिछला वन शॉट कंबाइन कर रहा हूं जो मैंने पहले रिकॉर्ड कर रखा है और डाल भी रखा है साइंस एंड फन एजुकेशन पे तो अगर आपने वो वन शॉट देख रखा है तो आप पहले 2 घंटे स्किप कर सकते हो लेकिन उसके बाद नहीं क्योंकि उसके बाद ये जो 2 घंटे का वन शॉट मैं यहां पे आपको दे रहा हूं उसके बाद मैंने यहां पे आपको कराने हैं बेहतरीन-बतरीन क्वेश्चन एक बार क्वेश्चंस का लेवल देख लो आप। ये क्वेश्चन का लेवल सीबीएसई में बहुत ही कम टीचर्स आपको कराएंगे। जो क्वेश्चंस मैं यहां पे आपको कराऊंगा दो चार पांच छह। अगर मैं आज 30 क्वेश्चन कराऊंगा तो मान के चलो उसमें से छह सात क्वेश्चन ऐसे होंगे जो भाई साहब आपको हिला के रख देंगे। और हमें हर एक सेशन में ऐसे क्वेश्चंस करने होंगे। करने होंगे करने होंगे। तभी हम लोग इस साल 12th के फिजिक्स के पेपर के लिए तैयार रहेंगे। वरना नीट में जैसा बच्चों का हाल हुआ या बोर्ड में हाल हुआ वैसा ना हो।
अच्छा। तो क्या बोला मैंने? मैंने बोला कि शुरू के 2 घंटे मैं यहां पे आपको वन शॉट दूंगा। अगर आपने मेरा वो वन शॉट देख रखा है तो स्किप कर देना। फिर अगले हाफ पे हम लोग करने वाले हैं क्वेश्चंस। अगले हाफ में हम लोग करने वाले हैं क्वेश्चंस जिसके अंदर मैं सारे प्रकार के सवाल लाया हूं। एमसीक्यूस भी लाया हूं। एजशन रीजन भी लाया हूं। पूरा लिख देता हूं। गलत लग जाएगा। असर्शन रीजन भी लेके आया हूं। और साथ ही साथ सब्जेक्टिव क्वेश्चंस भी लेके आया हूं। सब्जेक्टिव ऑब्जेक्टिव सारे क्वेश्चन है यार। टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। और बेहतरीन कॉम्पिटेंसी बेस्ड एसएफपी क्यू कह लीजिए आप। इसको हम लोग बोलते हैं कॉम्पिटेंसी फोकस्ड प्रैक्टिस क्वेश्चन जो कि हमारी विनर सीरीज की यूएसपी भी है इस बार। इसमें से काफी सारे सवाल विनर सीरीज के भी होने वाले हैं। तो फिर बोल रहा हूं अगर आपने मेरा ये वन शॉट देख रखा है तो पहले 2 घंटे स्किप कर देना। लेकिन लास्ट में हम इसके क्वेश्चंस कर रहे हैं। ये मत स्किप करना वरना प्रॉब्लम हो जाएगी। चलो ठीक है। तो यहां वीडियो को काट मार रहा हूं। मेरे को आपको मेरा पुराना चेहरा दिखेगा। थोड़ा पतला होता था मैं और पूरा वन शॉट आपको दिल और दिमाग से देखना है। देख रखा है अभी हाल ही में देखा है तो स्किप कर दो। नहीं देखा है तो पूरा देखो प्लीज और फिर 2 घंटे के बाद आओ क्वेश्चंस पे आपको मैं नीचे भी टाइम स्टैंप्स दे दूंगा। पहले कमेंट में पिन भी कर दूंगा। चलो मिलते हैं। लव यू।
अब क्योंकि ये पहला चैप्टर है। तो हमें यहां पे सबसे पहले कुछ बेसिक बात करनी होगी। तभी हमें आगे बढ़ना चाहिए। हमारे जो 12th क्लास की पार्ट वन है। पार्ट टू की बात नहीं कर रहा। अभी पार्ट वन जो है आप उसको ब्रॉडली वैसे तो सब डिवीजंस बहुत है लेकिन ब्रॉडली दो हिस्सों में बांट सकते हो। है ना? इलेक्ट्रिक चार्जेस एंड फील्ड को समझने से पहले आपको समझना होगा कि आप इस चैप्टर को ब्रॉडली दो हिस्सों में बांट सकते हो। पहला है इलेक्ट्रोस्टेटिक्स। अगर हम चार्ज को रेस्ट पे पढ़ रहे हो। यानी अगर एक चार्ज पार्टिकल रुका हुआ है रेस्ट पे पढ़ाई कर रहे हो आप उसको तो उसे इलेक्ट्रोस्टेटिक्स कहा जाता है। और आप ऐसा कह सकते हो कि पहला चैप्टर और दूसरा चैप्टर यानी कि हमारा चैप्टर वन एंड चैप्टर टू। यह दोनों के दोनों चैप्टर हमारे इलेक्ट्रोस्टेटिक्स के हैं। इन दोनों में हमारा जो चार्ज पार्टिकल रहेगा वो रेस्ट पे रहेगा। मतलब फ्लो नहीं करेगा। ट्रांसफर हो सकता है। मूव देखो मूव और फ्लो में फर्क है। जैसे पाइप के अंदर पानी जो है वो फ्लो करता है। लेकिन अगर मैं एक बाल्टी में पानी को उठा के इधर से उधर ले जाऊं तो उसको हम फ्लो नहीं कहेंगे। उसको हम मूव या ट्रांसफर कहेंगे। या एक बाल्टी दूसरी बाल्टी में डाल देता हूं तो। फ्लो का मतलब जो पाइप से फ्लो हो रहा है। ऐसे अगर एक चार्ज पार्टिकल एक वायर में दौड़ रहा है जिसको हम करंट कहते हैं जिसको हम करंट कहते हैं। आप सबके घर में अभी आप जहां बैठे हो वहां पे कोई लाइट, पंखा, एसी, कूलर चल रहा होगा तो उन सबकी वायर में चार्ज पार्टिकल दौड़ रहा है। ऐसी पढ़ाई को हम लोग इलेक्ट्रोडायनेमिक्स कहते हैं। जहां पे एक चार्ज पार्टिकल दौड़ता है। और थर्ड सेकंड के बाद जो हमारा थर्ड हो गया, फोर्थ हो गया। ये सारे चैप्टर हमारे आ जाते हैं इलेक्ट्रोडायनेमिक्स के जहां पे चार्ज पार्टिकल मोशन में आ जाता है। ऑलदो बीच-बीच में मैग्नेटिज्म वगैरह के बारे में बात करेंगे जो डायरेक्टली और इनडायरेक्टली डिपेंडेंट है इलेक्ट्रोडायनेमिक्स के ऊपर ही। तो शॉर्ट में बोलूं अगर एक चार्ज पार्टिकल रुका हुआ है उसकी पढ़ाई को बोलते हैं इलेक्ट्रोस्टेटिक्स। लेकिन अगर एक चार्ज पार्टिकल दौड़ रहा है, भाग रहा है तो उसकी पढ़ाई को हम लोग इलेक्ट्रोडायनेमिक्स कहते हैं। तो पहले दो चैप्टर हमारे इलेक्ट्रोस्टेटिक्स के ऊपर हैं।
अब इन दोनों ही परिभाषा में एक चीज आ रही है और वो आ रही है इलेक्ट्रिक चार्ज। इलेक्ट्रिक चार्ज तो अगर आपसे कोई पूछे कि चार्ज क्या है? तो चार्ज की बहुत सारी परिभाषाएं होती हैं। पहली परिभाषा चार्ज एक ऐसी प्रॉपर्टी है जिसकी वजह से आसपास इलेक्ट्रिक फील्ड पैदा होती है। या चार्ज की एक और परिभाषा है जो मुझे ज्यादा अच्छी लगती है और आपको भी शायद वही अच्छी लगेगी। तो इलेक्ट्रिक चार्ज की एक परिभाषा तो क्या है? ऐसा कोई भी प्रॉपर्टी जो अपने आसपास क्या पैदा करे? इलेक्ट्रिक फील्ड पैदा करे। उस प्रॉपर्टी को हम इलेक्ट्रिक चार्ज कहते हैं। लेकिन एक इलेक्ट्रिक चार्ज की एक और परिभाषा भी होती है। क्या सुनो देखो आप इतना तो जानते होंगे कि जो चार्ज होता है ये दो प्रकार का होता है। है ना? पॉजिटिव और नेगेटिव। अब पॉजिटिव चार्ज केमिस्ट्री के हिसाब से किसी भी बॉडी पे कब आता है? जब उसके पास प्रोटॉन्स जो है वो ज्यादा हो जाते हैं एज़ कंपेयर टू इलेक्ट्रॉन्स। हम सब जानते हैं कि दुनिया के हर एक एटम के अंदर सॉरी। हम सब ये तो जानते हैं कि दुनिया के हर एक एटम के अंदर इक्वल नंबर ऑफ इलेक्ट्रॉन्स और प्रोटॉन्स होते हैं। जिसकी वजह से एटम्स पे ओवरऑल कोई चार्ज नहीं होता। एटम न्यूट्रल होते हैं। ये जे जे थॉमसन जी ने ही बता रखा है। लेकिन अगर मैं आपको बोलूं किसी भी कारणवश प्रोटॉन ज्यादा हो जाए, इलेक्ट्रॉन कम हो जाए चाहे इलेक्ट्रॉन दे दिए जाएं या प्रोटॉन ले लिए जाए। केमिस्ट्री वाइज़ प्रोटॉन लेना बहुत मुश्किल होता है। तो इलेक्ट्रॉन ऑब्वियस सी बात है दिए ही होंगे। तो इलेक्ट्रॉन देने के बाद प्रोटॉन्स जो है वो ज्यादा हो जाता है। इलेक्ट्रॉन्स कम। तो ऐसे केस में चार्ज क्या जाता है? पॉजिटिव। जैसे कि एग्जांपल के तौर पे आप सब जानते हैं। सोडियम एक इलेक्ट्रॉन देता है उसकी वैलेंसी के अकॉर्डिंग। तो उस पे चार्ज प्लस आ जाता है। कैल्शियम जो है वो दो इलेक्ट्रॉन देता है। एलुमिनियम जो है वो तीन इलेक्ट्रॉन देता है। तो ये सब इलेक्ट्रॉन देते हैं जिसकी वजह से प्रोटॉन ज्यादा हो जाते हैं। तो इन पे पॉजिटिव चार्ज आ जाता है। बिल्कुल ऐसे नेगेटिव चार्ज कब आएगा? जब आपके पास इलेक्ट्रॉन ज्यादा हो जाएंगे। अब इलेक्ट्रॉन ज्यादा करने के वैसे दो तरीके क्या हैं? कि इलेक्ट्रॉन ले लो या प्रोटॉन दे दो। प्रोटॉन देना मुश्किल है। न्यूक्लियस के अंदर बैठा है। सब जानते हैं। तो मेनली तरीका बचता है कि इलेक्ट्रॉन जो है वो गेन कर लिए जाएं। अब इलेक्ट्रॉन गेन कौन करता है? जनरली नॉन मेटल जैसे कि Cl एक इलेक्ट्रॉन गेन करता है तो माइनस चार्ज आता है। सल्फर दो इलेक्ट्रॉन गेन कर लेता है। ऑक्सीजन भी दो इलेक्ट्रॉन गेन कर लेता है। तो मैं यहां पे केमिस्ट्री क्यों पढ़ाने लग गया? तो चार्ज की ये परिभाषा भी होती है कि ऐसी प्रॉपर्टी जो किसी भी बॉडी में डेवलप होती है ड्यू टू अनइक्वल अमाउंट ऑफ इलेक्ट्रॉन्स एंड प्रोटॉन्स। यानी कि ये बात तो ट्रू है कि अगर किसी बॉडी पे चार्ज है तो वो सिर्फ और सिर्फ एक ही कारणवश होगा कि उस पे इलेक्ट्रॉन्स और प्रोटॉन्स जो हैं उनकी या तो इलेक्ट्रॉन ज्यादा हो गए या तो प्रोटॉन ज्यादा हो गए हैं। मेरी बात समझ में आई?
अच्छा मैं आपको आगे बढ़ाने से पहले बता दूं इस वन शॉट में हम लोग प्रॉपर तरीके से सारे डेरिवेशंस भी करने वाले हैं। तो ये वन शॉट आपको लगेगा नहीं कि ये वन शॉट है। पूरा प्रॉपर चैप्टर ही लगेगा। हां जी दोबारा से। तो इलेक्ट्रिक चार्जेस की मैं कैसे डिफाइन कर सकता हूं? देखो अ प्रॉपर्टी ऑफ़ सब्सटांस जो या तो आती है इदर लॉस ऑर गेन ऑफ इलेक्ट्रॉन्स। हम इलेक्ट्रॉन्स ही क्यों कह रहे हैं? आपको पता है कि प्रोटॉन्स का आना जाना बहुत मुश्किल है। उसके लिए न्यूक्लियस की कंपोज़शन चेंज करनी पड़ती है। व्हिच इज़ नॉट दैट इजी। ऑलदो इट इज़ पॉसिबल। आगे जाके पढ़ेंगे। बट अगर आसान भाषा में घर में बात कर रहे हैं, रगड़ के बात कर रहे हैं। इंडक्शन से बात कर रहे हैं जो कि अभी हम करेंगे। खैर इंडक्शन से तो चार्ज ट्रांसफर नहीं होता है। बट अगर मैं बोलूं कि मैं रगड़ रहा हूं और रगड़ने से चार्ज पैदा हो रहा है। तो वो चार्ज ऑब्वियस सी बात है इलेक्ट्रॉन के आने या जाने से ही होता है। तो इसमें हम कह सकते हैं कि चार्ज क्या है? जिसमें इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन का अमाउंट बराबर नहीं रहता है। या एक और डिफाइन भी है तो मुझे इसकी एक और डेफिनेशन भी लिख देनी चाहिए। और वो क्या है भाई? एग्जाम में पता नहीं क्या आ जाए। प्रॉपर्टी व्हिच प्रोड्यूसेस इलेक्ट्रिक फील्ड अराउंड इट। है ना? यानी कि अपने आसपास इलेक्ट्रिक फील्ड पैदा कर दे। ऐसी प्रॉपर्टी को भी चार्ज कहते हैं। ऑलदो ये उतनी मजेदार डेफिनेशन नहीं है। ठीक है?
अब चार्ज की SI यूनिट कूलॉम होते हैं। ये हम लोग शायद 10थ क्लास नाइंथ क्लास से जानते आ रहे हैं। और एक इलेक्ट्रॉन पे चार्ज -1.6 * में 10 की पावर शायद आपको ये ना दिख रहा हो। -19 कूलॉम रहता है। और यही चार्ज प्रोटॉन पे अगर बात करूं तो सेम रहता है 1.6 * में 10 की पावर -19 बस ये चार्ज प्लस का हो जाता है। दोनों पे चार्ज बराबर रहता है। तो ये बात आपको समझनी होगी। तो चार्ज क्या है? ये हमने समझा। अब चार्ज दो प्रकार का होता है। पॉजिटिव चार्ज होता है, नेगेटिव चार्ज होता है। नर्सरी क्लास का बच्चा भी जानता है कि जो लाइक चार्जेस होते हैं जैसे पॉजिटिव पॉजिटिव ये एक दूसरे को रिपेल करते हैं। नेगेटिव नेगेटिव में रिपेल करते हैं। लेकिन अनलाइक चार्जेस जैसे कि पॉजिटिव और नेगेटिव ये एक दूसरे को क्या करते हैं? अट्रैक्ट। ऑलदो इसका कारण आज तक कोई नहीं जान पाया है। इसीलिए इसे फंडामेंटल लॉ ऑफ इलेक्ट्रोस्टैटिक्स कहा जाता है। कोई नहीं समझ पाया है कि ऐसा क्यों होता है। एग्जैक्ट रीज़न थ्योरीज़ बहुत सारी हैं। एंड दैट इज़ व्हाई दिस इज़ नोन एज फंडामेंटल लॉ ऑफ़ इलेक्ट्रोस्टेटिक्स। कि लाइक चार्जेस एक दूसरे को रिपेल करते हैं और अनलाइक चार्जेस एक दूसरे को अट्रैक्ट करते हैं। पॉजिटिव चार्ज कैसे आएगा? जब इलेक्ट्रॉन कम हो जाएंगे, प्रोटॉन ज्यादा और नेगेटिव चार्ज कब आएगा? जब प्रोटॉन कम हो जाएंगे और इलेक्ट्रॉन ज्यादा। ऑब्वियस सी बात है।
कंडक्टर यार देखो ये बहुत एलकेजी वाली पढ़ाई है। कंडक्टर क्या होता है? जिसके पास फ्री चार्ज होते हैं और वो अपने अंदर से बिजली को फ्लो करने देता है। है ना? इंसुलेटर भी आपको पता है जिसके पास फ्री चार्ज नहीं होते जिसके अंदर से बिजली फ्लो नहीं हो सकती। तो ये वाला पार्ट मैं थोड़ा जल्दी पढ़ाऊंगा बिकॉज़ ये सब बहुत बेसिक है। तो यहां से हमारी मेन पढ़ाई स्टार्ट हो जाती है और वो है इलेक्ट्रोस्टेटिक इंडक्शन। अब इलेक्ट्रोस्ट और इसके ऊपर एक एक्सपेरिमेंट भी देखेंगे। आओ पहले बात करते हैं इलेक्ट्रोस्टेटिक इंडक्शन क्या है? देखो हमने यहां पे भी क्या बात की थी कि क्या लाइक चार्जेस एक दूसरे को रिपेल करते हैं? हां। अनलाइक चार्जेस अट्रैक्ट करते हैं? हां। यानी दो चार्ज एक दूसरे को अट्रैक्ट या रिपेल कर सकते हैं। ट्रू फॉल्स ट्रू। अब आपको मुझे टाइम स्टैंप में प्लीज देखो ये वन शॉट मजेदार बना दो। आप सबको पता है 11th क्लास, 10थ क्लास अगर आप पढ़ते हो तो हम ये वन शॉट्स के कमेंट सेक्शन को ऐसा बना देते हैं कि बच्चा आए तो कहीं आए यार। कमेंट में भी पढ़ाई हो रही है। तो देखो टाइम स्टैंप हो रहा है 9 मिनट 10 मिनट के आसपास। उसका टाइम स्टैंप मारो और आंसर दो मुझे। क्वेश्चन है कि क्या एक चार्ज्ड बॉडी एक अनचार्ज्ड बॉडी को अट्रैक्ट या रिपेल कर सकती है? ये तो हम जानते हैं कि एक चार्ज्ड बॉडी एक चार्ज्ड बॉडी को अट्रैक्ट या रिपेल कर सकती है। लेकिन क्या एक चार्ज्ड बॉडी एक अनचार्ज्ड एक ऐसी बॉडी जिस पे कोई चार्ज नहीं है। क्या उसको अट्रैक्ट या रिपेल कर सकती है? जल्दी से कमेंट सेक्शन पे आंसर दो। अभी वीडियो को पॉज करके दे दो चाहे। ठीक है?
तो आई होप आपने लिखा होगा कि हां भाई अट्रैक्ट कर सकती है रिपेल नहीं। यस एक अनचार्ज्ड बॉडी एक चार्ज्ड बॉडी से अट्रैक्ट हो सकती है रिपेल नहीं। और उस प्रोसेस को हम लोग कहते हैं इलेक्ट्रोस्टेटिक इंडक्शन। आई होप आपने बचपन में गंदी हरकत सबने की होगी। नहीं मैं इसकी बात नहीं कर रहा। मैं किसकी बात कर रहा हूं? आपने क्या किया होगा? बचपन में स्कूल के क्या कुछ बच्चे तो अभी भी करते होंगे। कागज के टुकड़े ऐसे काटे होंगे। ऐसे तोड़े होंगे, हाथ से फाड़े होंगे और फिर स्केल बालों में रगड़ा होगा और ऐसे कागज अट्रैक्ट किया होगा और बोला होगा मैं ही जादूगर हूं। है ना भाई? और लोगों को खासकर हम उसको इंप्रेस किया होगा। लेकिन बेटा आपको सबको पता होना चाहिए कि वो पढ़ाई है इलेक्ट्रोस्टैटिक इंडक्शन की। कैसे? मान लेते हैं आपके पास यहां पे एक चार्ज्ड बॉडी है। ठीक है? मान लेते हैं आपके पास यहां पे एक चार्ज्ड बॉडी है। लेट अस सपोज पॉजिटिव चार्ज है। कैसे आया होगा? इसने किसी को इलेक्ट्रॉन दिए होंगे। अभी वो टॉपिक नहीं है। और यहां पे हमारे पास एक अनचार्ज बॉडी है। अनचार्ज्ड बॉडी का मतलब इसके ऊपर टोटल चार्ज नहीं है। बट ये तो ऑब्वियस सी बात है इसके ऊपर प्लस माइनस प्लस माइनस प्लस माइनस मतलब कि कहने का मतलब ये है कि इसके पास जो ओवरऑल चार्ज है वो ज़ीरो है ना। लेकिन इसके ऊपर कुछ ना कुछ चार्ज तो रहेगा ही रहेगा। हम्? यस। यस, यस, यस, यस, यस, यस, यस। ठीक है ना? तो, इसके पास इक्वल नंबर ऑफ़ मतलब इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन है, जिसके वजह से ये अनचार्ज्ड बॉडी हो गई। तो, ये चार्ज्ड बॉडी हो गई, अनचार्ज बॉडी हो गई। जैसे ही मैं इसको इसके पास लाऊंगा, क्या होगा? देखो, जैसे ही मैं इसको इसके पास लाऊंगा, ये जो अनचार्ज्ड बॉडी है, ये जो अनचार्ज्ड बॉडी है, ये इसके ऑपोजिट चार्जेस को अपनी तरफ खींच लेगी। या एक तरफ से कह लो कि सिमिलर चार्जेस को ये रिपेल कर देगी। अब हुआ क्या? ये जो कागज का टुकड़ा है मान लो इस पे वैसे तो कोई चार्ज नहीं था लेकिन इसका इस वाले हिस्से पे नेगेटिव चार्ज आ गया और इस वाले हिस्से पे पॉजिटिव चार्ज आ गया। तो क्या पॉजिटिव नेगेटिव को अट्रैक्ट करेगा? तो यहां पे इनके बीच में एक अट्रैक्शन आ जाएगी। है ना? तो क्या यहां पे एक चार्ज्ड बॉडी ने एक अनचार्ज्ड बॉडी को अट्रैक्ट किया? यस किया। लेकिन ये रिपेल नहीं कर सकते कभी भी। ध्यान रखना। द प्रोसेस इन व्हिच रिडिस्ट्रीब्यूशन ऑफ चार्ज टेक प्लेस विद इन अ बॉडी व्हेन एन इलेक्ट्रिकली चार्ज्ड बॉडी उसके पास लाई जाए। इसे बोलते हैं हम लोग इलेक्ट्रोस्टेटिक इंडक्शन। ध्यान रखना इलेक्ट्रोस्टेटिक इंडक्शन अट्रैक्शन तो कॉज कर सकता है। ये अट्रैक्शन तो कॉज कर सकता है। है ना? लेकिन ये रिपल्शन कॉज नहीं कर सकता। यानी एक चार्ज्ड बॉडी एक अनचार्जड बॉडी से अट्रैक्ट तो हो सकती है लेकिन ये दोनों कभी आपस में रिपेल नहीं हो पाएंगे अगर एक पे चार्ज है और एक पे चार्ज नहीं है।
अब जल्दी से एक वीडियो देखो यहां पे इस वीडियो को पहले देखते हैं और उसके बाद आगे बात करते हैं या एक्चुअली इस वीडियो को मैं आपको समझाता भी रहूंगा कि इस वीडियो में क्या चल रहा है। एक ऑडियो देखें या क्लास की ही रिकॉर्डिंग है तो आप समझ भी जाओगे इस एक्सपेरिमेंट को देखो जल्दी से। एलुमिनियम के बने होते हैं। एलुमिनियम इज़ वेरी लाइट। अब मैं क्या कर रहा हूं? अब मैं इसको अपने भावों से रब कर रहा हूं। तो क्या इस पे कोई चार्ज पैदा हो रहा होगा? कौन सा चार्ज पैदा हो रहा होगा? उससे क्या फर्क पड़ता है? बोलो। मैं इसकी वीडियो क्लिप बना के लाया गया। बोले वहां से कोई फूंक मार रहा है। पिछली बार मैंने बनाई थी। बच्चे कह रहे साहब फूंक मार रहा है ना वहां से। उषा सर बैठ के फूंक मार रहा है ना वहां से। मैंने सुना। तुम्हें इतना वेलो लगते हम कि फूंक मार रहे हैं। लेकिन अगर मैं इसको इसके पास लेके जाता हूं तो क्या अट्रैक्ट हो रहा है देखो इससे। ये कैन इधर आ रहा है। यस सर। हमने पंखा-वंखा इसलिए एसी पंखा ताकि उससे इन्फ्लुएंस ना हो। जैसे ये इधर की तरफ क्या हो रहा है? अट्रैक्ट। यहां हुआ क्या? जब इस कुशन को मेरे बालों से रब किया। ये मान लो पॉजिटिव आया। अब यहां पे ये कैन पड़ा हुआ था। इंडक्शन से यहां पे क्या आ गया होगा? तो इससे क्या हो रहा होगा? अट्रैक्ट। ठीक है? समझ गए? तो कैसे एक अनचार्ज्ड बॉडी एक चार्ज बॉडी से अट्रैक्ट हो सकती है। लेकिन रिपेल नहीं प्रोसेस को बोलते हैं इलेक्ट्रोस्टेटिक इंडक्शन। अब यही इलेक्ट्रोस्टेटिक इंडक्शन के ऊपर एक डिवाइस बेस्ड है जिसको हम लोग बोलते हैं गोल्ड लीफ इलेक्ट्रोस्कोप। अब मैं अगर आपसे एक सवाल पूछूं लेट अस सपोज़ आपको आपके पास एक चार्ज्ड
बॉडी है। ठीक है ना?
मान लो इस बॉडी पे चार्ज है। तो कैसे पता लगेगा कि इस पे चार्ज है या नहीं है? तो उसके लिए एक डिवाइस है जिसको बोलते हैं गोल्ड लीफ इलेक्ट्रोस्कोप। इसका नाम गोल्ड लीफ क्यों है? बिकॉज़ अभी हम देखेंगे इसमें गोल्ड की लीव्स लगी होती हैं। और इलेक्ट्रोस्कोप क्यों बोला गया इसे? स्कोप का मतलब एक प्रकार से देखना होता है। तो इलेक्ट्रोस्कोप का मतलब हो गया चार्ज को देखने के लिए। चार्ज दिखता नहीं है। बड़े चार्ज को देखना मतलब महसूस करने में हमारी मदद करता है। और ये कैसे काम करता है? ये काम करता है इलेक्ट्रोस्टेटिक इंडक्शन पे ही। आओ समझें कैसे?
तो भैया एक और अभी हम गोल्ड लीफ इलेक्ट्रोस्कोप को देखेंगे भी। बट फर्क ये होगा कि अब गोल्ड लीफ इलेक्ट्रोस्कोप नहीं होगी। एलुमिनियम लीफ इलेक्ट्रोस्कोप होगी। बेटा हम गरीब हैं ना बेटा। हमने कभी इतना पैसा नहीं देखा है जीवन में कि हम गोल्ड की यहां पे लीफ लगा दें। ठीक है? तो ये हमारे पास सब कुछ मेटल का है। मेटल का है। ठीक है? मेटल का है। और इसके आसपास यहां पे एक कांच का कंटेनर मान लो। ठीक है ना? कांच का प्लास्टिक का बस ट्रांसपेरेंट होना चाहिए ताकि हम उसके आर-पार देख पाएं। तो ये इंसुलेटिंग है। ठीक है ना? इंसुलेटिंग है। ठीक है? ठीक है। ठीक है?
अब होगा क्या? यहां पे अगर मान लो मुझे लगता है कि मेरे पास इस बॉडी पे कोई चार्ज है। समझने वाली बात है। डायग्राम वग्राम आपके एग्जाम में तो आएगा नहीं। ऑब्वियस सी बात है बनाने को। लेकिन मान लो आपको लगता है कि आपके पास इस पे कोई चार्ज है। ठीक है? कोई चार्ज बैठा हुआ है। सही है। सही है। सही है। सही है। सही है।
अब जब आप इस चीज को इसके पास लेके आओगे। है ना? मान लेते ओहो सॉरी मान लेते हैं आप इस पूरी चीज को इसके पास लेके आते हो तो इसके पास लाने पे क्या होगा? यहां पे इलेक्ट्रोस्टेटिक इंडक्शन हो जाएगा। यहां पे हम लोगों ने गोल्ड की दो लीफ लगा रखी होती हैं। अब गोल्ड क्यों चुना? आप सब जानते हैं बिकॉज़ गोल्ड सबसे मैलिएबल और पतली शीट बनाएगा तो बहुत हल्की शीट होंगी। अब मैं जैसे इस पॉजिटिव को इसके पास लाऊंगा क्या ये कहना सही है कि यहां पे नेगेटिव चार्ज इंडक्शन से ले आएगा और सारा पॉजिटिव ये ऑपोजिट साइड पे धकेल देगा एक प्रकार से ऐसा कह सकते हो। और ये दोनों के दोनों एक दूसरे से रिपेल हो जाएंगे और रिपेल हो के ये यहां आ जाएंगे। जैसे ही ये रिपेल होंगे हम समझ जाएंगे इसके ऊपर क्या था भाई? चार्ज था। तो हुआ क्या? कुछ भी नहीं हुआ। देखो देखा जाए तो अभी हमने जब वो वो के कैन वाला एक्सपेरिमेंट किया उसमें भी तो यही था ना कि भैया वो आ रहा है तो इसका मतलब उस तकिए पे चार्ज है। बट ये भी एक तरीका है। तो ये सब मेटल का बना हुआ है। ध्यान रखना ये सब मेटल का बना हुआ है। और ये हमारे पास गोल्ड की लीव्स हैं। इतनी लेबलिंग वेबलिंग हमें नहीं करनी है। 12th क्लास में डायग्राम तो शायद बनाने को आएगा भी नहीं। 15 साल में तो कभी नहीं आया। बट गोल्ड इफ इलेक्ट्रोस्कोप एक ऐसा डिवाइस है जो आपकी मदद करता है बताने में कि आपके बॉडी पे चार्ज है कि नहीं है। कैसे भाई? इंडक्शन हुआ। नेगेटिव चार्ज यहां आ गया। पॉजिटिव इंडक्शन से ऐसे आया। जैसे यहां भी तो यही हुआ था। जब पॉजिटिव पास लाए तो नेगेटिव यहां आ गया। पॉजिटिव यहां आ गया। यहां पे भी यही हुआ।
अब जैसे ही दोनों लीव्स पे चार्ज सेम आएगा वो एक दूसरे को क्या करंगी? रिपेल कर जाएंगी। अब अगर इस पे चार्ज नेगेटिव होता तो क्या तो भी ये रिपेल करती। हां। इस पे नेगेटिव होता, यहां पॉजिटिव आ जाता। यहां पे नेगेटिव आ जाता। ये एक दूसरे को फिर भी रिपेल ही करती तो कुछ भी हो जाए एक दूसरे को रिपेल ही करेंगी अगर इस पे कोई चार्ज है तो और इससे हमें समझ में आ जाएगा कि भैया हमारी बॉडी पे कोई ना कोई चार्ज था। तो इसकी एक लिमिटेशन है। ये आपको ये तो बताती है कि चार्ज है लेकिन आपको वो ये नहीं बताती कि चार्ज पॉजिटिव है या चार्ज नेगेटिव है। ठीक है?
जल्दी से एक एलुमिनियम लीफ इलेक्ट्रोस्कोप देखते हैं। गोल्ड लीफ तो नहीं एलुमिनियम लीफ इलेक्ट्रोस्कोप देखते हैं। फिर आगे बढ़ेंगे फटाक से। अब यहां पे मैंने अपने घर के एक तकिए को अ एक बॉटल में आप देख सकते हो कि मैंने एलुमिनियम फॉइल लगा रखी है। पीछे उषा सर को आप इग्नोर करो। लेकिन एक बॉटल में ऊपर मैंने मैग्नीशियम रिबन की मदद से नीचे एलुमिनियम फॉइल टंगा रख है। मैं ज़ूम भी करूंगा। बट अगर आप ध्यान से देखो तो जैसे ही मैं तकिया इसके पास लेके जा रहा हूं। टच नहीं कर रहा हूं। पास लेके जा रहा हूं। तो कैसे ये एलुमिनियम फॉइल एक दूसरे से दूर जा रही हैं। है ना? अगर मैं थोड़ा और चार्ज इस पे लेके आऊं। तो जैसे-जैसे मैं इसको पास लेके आऊंगा। देखो ये कैसे एलुमिनियम फॉइल अगर आप ध्यान से देखें तो दूर जा रही हैं। एकदम गोल्ड लीफ की तरह। तो गोल्ड लीफ की वजह हमने एलुमिनियम फॉइल लिया है। बट अगर आप और पास से देखो तो कैसे ये दूर जा रही है। टच नहीं कर रहे हैं यहां पे हम क्योंकि टच करेंगे तो वो कंडक्शन हो जाएगा। यहां पे हम इंडक्शन भी दिखाना चाह रहे हैं। तो कैसे ये दूर जा रही है। तो ये है गोल्डफ इलेक्ट्रोस्कोप या एलुमिनियम। ठीक है? तो आपने देखा इसका सस्ता वर्जन कि ये कैसे काम करता है। चलिए आगे बात करते हैं।
अब हमारे पास आता है कि चार्ज की कुछ तीन बेसिक प्रॉपर्टीज होती हैं जिसमें से आखिरी वाली प्रॉपर्टी से एग्जाम में एक आध एमसीक्यू आने के भी बहुत चांसेस हैं। जो चार्ज है वो क्या है? हम समझ गए। चार्ज दो टाइप का होता है। उसका प्रेजेंस कैसे डिटेक्ट करते हैं। एटसेट्रा एटसेट्रा। अब चार्ज तीन बेसिक प्रॉपर्टीज फॉलो करता है। सबसे पहली प्रॉपर्टी होती है हमारे पास एडिटिविटी।
अब एडिटिविटी का मतलब क्या होता है कि हमारे पास अगर चार्ज है तो हम सीधा चार्ज को मैग्नीट्यूड और उनके साइन के साथ ऐड कर सकते हैं। इन ईजी वर्ड्स चार्ज सीधा ऐड हो जाता है। कहने का मतलब क्या है? लेट अस सपोज मेरे पास यहां पे एक सिस्टम है, कंटेनर है और उसमें मेरे पास यहां पे एक -3 कूलॉम चार्ज बैठा हुआ है। यहां पे 2 कूलम चार्ज बैठा हुआ है। यहां पे 10 कूलॉम है। यहां पे मान लेते हैं -5 कूलॉम। अब टोटल चार्ज अगर मुझे निकालना हो तो टोटल चार्ज निकालने के लिए मैं क्या करूंगा? q1, q2, q3 और q4 को ऐड कर दूंगा। आप कहोगे ये तो बेसिक बात है। तो बस वो एक्चुअली कंपेयर कर रहे हैं कि फोर्स के साथ ऐसा नहीं होता। बिकॉज़ फोर्सर्सेस वेक्टर फॉलो करते हैं। आगे जाके इलेक्ट्रिक फील्ड के साथ भी ऐसा नहीं होगा या बहुत सारी चीजों के साथ। लेकिन चार्ज के साथ हम एडिटिविटी प्रॉपर्टी फॉलो कर सकते हैं। सीधा उन्हें ऐड कर सकते हैं इरिस्पेक्टिव कि वो चार्जेस कहां बैठे हैं, क्या डायरेक्शन अगर मुझे इस पूरे सिस्टम डायरेक्शन तो खैर होती नहीं। अगर मुझे इस पूरे सिस्टम पे चार्ज निकालना है तो मुझे कुछ नहीं करना। मुझे जितने भी चार्ज हैं उन सबको बस ऐड कर देना है। लेट्स से इस वाले केस में अगर बात करें तो मेरे पास पहला चार्ज हो गया मान लो -3। दूसरा चार्ज हो गया मान लो मेरे पास 10, तीसरा चार्ज हो गया मान लो मेरे पास टू और चौथा हो गया मेरे पास मान लो -5 तो साइन के साथ ऐड करना है ये बात बस ध्यान रखना कि उनका नेगेटिव साइन है या पॉजिटिव साइन है तो यहां पे पांच और दो सात आ गया यहां पे 12 आ गया तो 12 में से सात गया अपना पांच आ जाता है ना भाई तो 5 कूलॉम प्लस का आंसर आ जाएगा चार्ज पे प्लस लगाना है थोड़ा सा बस क्लेरिफाई हो जाता है कि आपने चार्ज ठीक है ठीक है लेकिन द पॉइंट इज़ कि यहां पे हमारे पास चार्ज चार्ज आ जाएगा फाइव फाइव आएगा ना हां आया 12 और 12 में से आठ सॉरी 5 6 7 आठ ओहो 12 में से आठ गए मैं वही कहूं कुछ तो गड़बड़ अजीब सा लग रहा है मुझे तो यहां पे 4 कूलम सॉरी चार्ज आ जाएगा समझ गए तो ये प्रकार कुछ नहीं है देखो बेसिक सी चीज है मुझे लगता है एग्जाम में कोई सवाल भी आना चाहिए इससे एडिटिविटी की प्रॉपर्टी चार्ज शो करता है।
अगली प्रॉपर्टी है कंजर्वेशन। कंजर्वेशन के ऊपर सवाल आ सकते हैं। क्या है कंजर्वेशन ऑफ नाम से पता लग रहा है कि चार्ज को हम ना तो क्रिएट कर सकते हैं ना ही डिस्ट्रॉय कर सकते हैं। बस ट्रांसफर कर सकते हैं। चार्ज को क्रिएट नहीं किया जा सकता। चार्ज को बनाया नहीं जा सकता। चार्ज को हम डिस्ट्रॉय भी नहीं कर सकते। लेकिन हां चार्ज को हम एक बॉडी से दूसरी बॉडी में ट्रांसफर जरूर कर सकते हैं। ये बात आपको ध्यान रखनी होगी। तो टोटल चार्ज ऑफ एन आइसोलेटेड का मतलब है जिससे कुछ ले नहीं रहे दे नहीं रहे। उसका टोटल चार्ज जो है वो कांस्टेंट रहेगा। ऐसे भी कह सकते हो। लेकिन नीचे वाली परिभाषा तो बेटा एवरग्रीन परिभाषा है। इलेक्ट्रिक चार्जेस को ना तो हम क्या कर सकते हैं? क्रिएट कर सकते हैं और ना ही हम क्या कर सकते हैं? डिस्ट्रॉय कर सकते हैं। बस ट्रांसफर कर सकते हैं। बहुत बेसिक सा सवाल है। ठीक है जी।
इसके बाद सबसे इंपॉर्टेंट प्रॉपर्टी जिससे सबसे ज्यादा आपको एग्जाम में सवाल मिले होंगे एक आध नंबर के वो है क्वांटाइजेशन ऑफ चार्ज। अब आप सब 12th के बच्चे हो। ऐसा तो है नहीं कि क्वांटाइजेशन वर्ड आपके लिए कोई नया शब्द है। क्वांटाइजेशन शब्द तो आप जानते ही हो। जब कोई चीज कंटिन्यूस नहीं होती है, डिस्क्रीट होती है, छोटे-छोटे पैकेट्स की फॉर्म में होती है, उसे हम कह देते हैं कि वो क्वांटाइज्ड है। अगर मैं आपसे एक सवाल पूछूं कि आप अपने ऊपर या किसी भी बॉडी के ऊपर मिनिमम चार्ज कितना लेके आ सकते हो? तो आंसर है एक इलेक्ट्रॉन का चार्ज। अगर इलेक्ट्रॉन दिया है तो प्लस का आ जाएगा 1.6 इंटू में 10 के पावर -19 और अगर इलेक्ट्रॉन लिया है तो माइनस का आ जाएगा। लेकिन ये मिनिमम चार्ज है जो किसी बॉडी पे हम क्रिएट कर सकते हैं। इससे कम चार्ज क्रिएट नहीं कर सकते। अच्छा अगर दो इलेक्ट्रॉन आएंगे जाएंगे तो इनटू में टू हो जाएगा। समझ रहे हो? तीन आएंगे तो इंटू में थ्री हो जाएगा। 10 आएंगे तो इनटू में 10 हो जाएगा। लेकिन चार्ज जो है वो हमेशा इलेक्ट्रॉन के मल्टीपल रहेगा। कोई भी रैंडम वैल्यू वो अचीव नहीं कर सकता। अगर मैं बोलूं किसी बॉडी पे क्या 2 * में 10 की पावर -19 कूलम चार्ज आ सकता है? तो आंसर नहीं आ सकता। बिकॉज़ एक इलेक्ट्रॉन आया तो 1.6 10 की पावर -19 आएगा। दो आए तो 3.2 * में 10 की पावर -19 आएगा। क्योंकि वो हमेशा 1.6 का मल्टीपल होगा। तो 2 * में 10 की पावर -19 कूलॉम चार्ज पॉसिबल नहीं है। इसका मतलब है चार्ज कोई भी रैंडम कंटीन्यूअस वैल्यू नहीं ले सकता। वो हमेशा इलेक्ट्रॉन के मल्टीपल रहेगा। अगर मैं किसी चार्ज बॉडी के अंदर घुसूं तो मुझे एक इलेक्ट्रॉन, दो इलेक्ट्रॉन, तीन इलेक्ट्रॉन, 10 इलेक्ट्रॉन, 20 इलेक्ट्रॉन, 50 इलेक्ट्रॉन ऐसे नंबर ऑफ इलेक्ट्रॉन्स मिलेंगे। मानते हो? अब अगर मुझे वहां पे ऐसे नंबर ऑफ इलेक्ट्रॉन्स मिलेंगे। तो इसका मतलब है कि चार्ज छोटे-छोटे पैकेट्स की फॉर्म में बैठा हुआ है। इलेक्ट्रॉन जैसे पैकेट की फॉर्म में बैठा हुआ है। इसीलिए चार्ज को हम कहते हैं कि वो क्वांटाइज्ड है। अब अगर एक इलेक्ट्रॉन आया तो इतना, दो आया तो इनट्टू में दो, तीन आया तो इनटू में थ्री। तो अगर मैं आपसे पूछूं कि टोटल चार्ज कितना आएगा? कलर चेंज करते हैं ताकि आपको थोड़ा सा दिख जाए अलग से कि अगर मैं आपसे पूछूं किसी भी बॉडी पे टोटल चार्ज क्या आएगा? तो क्या? N * में चार्ज ऑन इलेक्ट्रॉन हो गया वो। समझ गए? n * में चार्ज ऑन इलेक्ट्रॉन एक इलेक्ट्रॉन पे जो चार्ज होता है इंटू में n का मतलब क्या है? कितने इलेक्ट्रॉन उसके पास ज्यादा या कम है। तो टोटल चार्ज को अगर मैं q से रिप्रेजेंट कर दूं तो हमारे पास यहां पे एक फार्मूला आ जाएगा q = ne। यहां पे जो n है वो + - 1 + -2 + -3 ऐसे रहेगा। बिकॉज़ इलेक्ट्रॉन लिए भी जा सकते हैं और दिए भी जा सकते हैं। अगर आपने इलेक्ट्रॉन लिए हैं तो n की वैल्यू आपको अ माइनस में लेनी है। अगर आप e की वैल्यू प्लस में आसान भाषा में कहूं इलेक्ट्रॉन लिए हैं तो ओवरऑल चार्ज माइनस में आएगा। दिए हैं तो प्लस में आएगा। लेकिन ये n हमेशा एक 2 3 4 5 6 ऐसा नंबर रहेगा। क्या बोलते हैं इनको? नेचुरल नंबर कहते हैं। होल नंबर। होल नंबर भी हो सकता है अगर n ज़ीरो हुआ तो। लेकिन जो टोटल चार्ज है वो हमेशा e का कोई मल्टीपल रहेगा। ऐसा नहीं है कि 1.5 * में a आ जाएगा या कोई भी रैंडम वैल्यू। तो जब भी कोई चीज किसी का मल्टीपल होती है तो हम कह देते हैं कि वो चीज क्या है भाई? क्वांटाइज्ड है। क्वांटाइज्ड है। जैसे 11th क्लास में पढ़ा था कि जो एल इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव होती हैं उनकी जो एनर्जी होती है वो छोटे-छोटे पैकेट्स के फॉर्म में होती है। क्वांटाइज्ड होती है। इसे बोला गया था प्लैंक्स क्वांटम थ्योरी। तो यहां पे अगर आप पढ़ोगे ये लिखा हुआ है इट मींस दैट इलेक्ट्रिक चार्ज कैन नॉट वेरी कंटीन्यूअसली। वो कंटीन्यूअसली नहीं वेरीरी कर सकता और कोई भी रैंडम वैल्यू वो अचीव नहीं कर सकता। हां, वो डिस्कंटीन्यूसली अपनी वैल्यू चेंज करता है व्हिच इज़ मल्टीपल ऑफ़ 1.6। द एक्सपेरिमेंटल फैक्ट दैट इलेक्ट्रिक चार्ज अकर डिस्क्रीटली इसे हम क्वांटाइजेशन ऑफ़ चार्ज कहते हैं। क्वांटाइजेशन ऑफ़ इलेक्ट्रिक चार्ज मींस जो टोटल चार्ज होगा बॉडी का वो हमेशा एक इंटीग्रल मल्टीपल होगा। एक बेसिक क्वांटम ऑफ़ चार्ज के और बेसिक क्वांटम ऑफ़ चार्ज क्या है? इलेक्ट्रॉन है। बेसिक क्वांटम ऑफ़ चार्ज क्या इलेक्ट्रॉन है। तो यहां मैंने ज्यादा समय इसलिए लगाया है बेटा क्योंकि ये यहां से एक सवाल आपको एग्जाम में एमसीक्यू फॉर्म में मिलने के पूरे-पूरे चांसेस हो जाते हैं। समझ गए? तो यहां तक मुझे लगता है 10 स्लाइड्स हो चुकी हैं। मेरी रिक्वेस्ट रहेगी कि आप इतना एक बारी ढंग से रीड कर लीजिए। फिर पढ़ लीजिए। नोट्स बना लीजिए। फिर हम आगे इस चैप्टर की सबसे इंपॉर्टेंट चीज पे चल रहे हैं कूलम्स लॉ ऑफ इलेक्ट्रोस्टेटिक्स पे। चलिए ठीक है भाई। आई होप आपने इतना तो पढ़ लिया।
अब इस चैप्टर के सबसे इंपॉर्टेंट टॉपिक की तरफ चलते हैं। कूलम्स लॉ ऑफ इलेक्ट्रोस्टेटिक्स। कूलम्स लॉ ऑफ इलेक्ट्रोस्टेटिक्स पढ़ते हुए आपको कहीं ना कहीं यूनिवर्सल लॉ ऑफ ग्रेविटेशन की याद आएगी। ये लॉ एक्चुअली क्या है? उससे पहले हमारे पास दो चार्जेस हैं लेट्स से q1 और q2। और इन दोनों चार्जेस के सेंटर के बीच में जो डिस्टेंस है वो लेट्स से कितना है? r है। ठीक है ना? दोनों चार्ज बहुत छोटे और चार्ज r डिस्टेंस पे पड़े हुए हैं। ठीक है?
अब कूलम्स लॉ ऑफ़ इलेक्ट्रोस्टेटिक क्या कहता है? कि जो इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्स होती है, इलेक्ट्रो स्टैटिक फोर्स बिटवीन टू चार्जेस। दो चार्जेस के बीच में जो इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्स होती है वो सबसे पहली बात तो डायरेक्टली प्रपोशनल होती है प्रोडक्ट ऑफ चार्जेस के। यहां आपको याद आएगा एक प्रकार से हमारा अ ग्रेविटेशनल लॉ जिसमें बोला गया था कि जो ग्रेविटेशनल फोर्स होती है वो डायरेक्टली प्रोपोर्शनल होती है प्रोडक्ट ऑफ मासेस के। ये डायरेक्टली प्रोपोर्शनल है प्रोडक्ट ऑफ चार्जेस के। सेकंड बात इन्होंने बोला कि जो फोर्स है इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्स है वो r² के इन्वर्सली प्रपोर्शनल है। और शायद ये सब कॉमन सेंस से भी आप समझ पा रहे हो कि अगर दो चार्जेस बढ़ेंगे तो फोर्स बढ़ेगी और उनके बीच का डिस्टेंस बढ़ेगा तो फोर्स कम होगी। लेकिन लॉ के हिसाब से स्क्वायर टाइम्स कम होगी। मतलब अगर डिस्टेंस डबल कर दूंगा तो फोर्स चार गुना कम हो जाएगी। डिस्टेंस तीन गुना कर दूंगा तो फोर्स नौ गुना कम हो जाएगी। बिकॉज़ स्क्वायर टाइम्स इन्वर्सली प्रपोर्शनल है।
अब अगर हम इन दोनों को जोड़ दें तो फोर्स हमारे पास आ जाएगा। अगर मैं पहले ये वाला स्टेप लिखूं कि प्रपोर्शनल टू Q1 Q2 / R² तो ये हमारे पास फोर्स आ जाएगी। समझ गए क्या? ये हमारे पास फोर्स आ जाएगी। अब आप सब समझते हैं कि प्रपोर्शनल का साइन आ के इक्वल लगाना हो तो यहां पे हम एक कांस्टेंट लगा देंगे। तो भैया f = k q1 q2 / r² आप ऐसा कह सकते हो कि इलेक्ट्रोस्टेटिक्स का ये सबसे इंपॉर्टेंट फार्मूला आप आज पढ़ रहे हो जो कि है f = k q1 q2 / r² जो कि मैच कर रहा है ग्रेविटेशनल फोर्स gm1 m2 / r² से।
अब यहां पे q1 और q2 तो आप समझ गए चार्ज है। r उनके बीच का डिस्टेंस है। लेकिन ये k क्या है? तो यहां पे आप कह सकते हैं कि k ऑब्वियस सी बात है कांस्टेंट है। लेकिन इसको आप इलेक्ट्रो स्टैटिक फोर्स कांस्टेंट कहते हो। इसको क्या कहते हो भाई? इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्स कांस्टेंट। और ये मीडियम डिपेंडेंट होता है। ये मीडियम डिपेंडेंट होता है का मतलब है कि अगर दो चार्जेस के बीच में हवा है तो इसकी वैल्यू अलग है। पानी है तो इसकी वैल्यू अलग है। कोई मेटल है तो इसकी वैल्यू अलग है। वैक्यूम है तो अलग है। पॉइंट इज़ कि इसकी वैल्यू मीडियम पे डिपेंड करती है। ऑलदो अगर आपको याद हो कि f = g m1m2 / r² वाले फॉर्मूले में ये जो g आया था ये हमारे पास एक यूनिवर्सल कांस्टेंट था। यूनिवर्सल कांस्टेंट बोले तो पूरे ब्रह्मांड में इसकी वैल्यू सेम रहती थी। लेकिन यहां पे k के साथ ऐसा नहीं है। K जो है वो एक यूनिवर्सल कांस्टेंट नहीं है। इसकी वैल्यू बदलती है मीडियम के बदलने पे।
अब इसकी वैल्यू क्या होती है? आप ऐसा कह सकते हैं कि फॉर फ्री स्पेस फॉर फ्री स्पेस। फ्री स्पेस का मतलब वैसे अभी आप वैक्यूम समझ लो। थोड़ा सा फर्क होता है बट ठीक है। अभी 12th क्लास में फ्री स्पेस और वैक्यूम का मतलब एक ही मान लो। तो फॉर फ्री स्पेस जो k होता है हमारे पास इसकी वैल्यू होती है 9 * में 10 की पावर 9। काफी बड़ी वैल्यू है। फॉर फ्री स्पेस इसकी वैल्यू होती है 9 * में 10 की पावर 9। अब इसकी यूनिट क्या होगी? देखो फोर्स की यूनिट क्या है? न्यूटन। इसकी क्या है? मीटर स्क्वायर। और इसकी क्या है? कूलम * कूलम यानी कूलम स्क्वायर। तो क्या आ गई? न्यूटन। मीटर स्क्वायर कूलम की पावर -2 न्यूटन मीटर स्क्वायर कूलम की पावर -2 तो इसकी पूरी वैल्यू क्या बन जाती है? फॉर फ्री स्पेस 9 * में 10 की पावर 9 न्यूटन मीटर स्क्वायर कूलम -2 फॉर फ्री स्पेस। यानी कि ये जो वैल्यू हमने ली है ये वैक्यूम के लिए या फ्री स्पेस के लिए है। हां ध्यान रखना हम फिजिक्स के न्यूमेरिकल्स करते हुए वैक्यूम, फ्री स्पेस और एयर को भी सेम मानते हैं। ऑलदो इन तीनों में फर्क है। वैक्यूम और एयर में तो आप समझते ही हो फ्री स्पेस में भी फर्क होता है। बट ठीक है वैक्यूम, फ्री स्पेस और एयर। और किसी न्यूमेरिकल में बोल रखा है कि दो चार्जेस हैं जो कि हवा में रखे हुए हैं। तो भी आप K की वैल्यू 9 * में 10 की पावर 9 ही रखोगे।
अब एक बात और ध्यान रखना। जैसे कि यहां पे आपको लग रहा है कि जो K है वो हमारे पास एक कांस्टेंट है जो कि बिल्कुल सही है। बट सच्चाई ये है कि जब न्यूटन जी कूलम जी ने ये फार्मूला डिराइव किया होगा तो यहां पे K कांस्टेंट नहीं आया था। यहां पे एक्चुअली में आया था 1 / 4π एक और कांस्टेंट जिसको हम एप्स 0 कहते हैं। उसको इन्होंने K माना था। आसान भाषा में सब छोड़ो। जो K है ये एक्चुअली में 1 / 4π 0 होता है। यहां पे ये जो 0 है इसको हम बोलते हैं परमिटिविटी और नॉट का यहां पे मतलब है हम लोग फ्री स्पेस यानी कि वैक्यूम की बात कर रहे हैं। अगर मैं किसी और मीडियम में हूं तो एप्स 0 की बजाय एप्स लगा दूंगा। लेकिन अभी अगर मैं फ्री स्पेस की बात कर रहा हूं तो k एक्चुअली में अपने आप में एक और कांस्टेंट है और वो है 1 / 40 के बराबर। यानी जब फार्मूला डिराइव किया होगा मान लो कूलम जी ने तो f = 1 / 4π0 q1 q2 / r² आया होगा। फिर उन्होंने कहा होगा ऐसा करते हैं। इसको एक नया कांस्टेंट मान लेते हैं। तो उसको k माना होगा। तो एक्चुअली ऐसे हुआ होगा मेरे हिसाब से। बाकी ठीक है। K जो है वो हमारे पास एक कांस्टेंट है जिसको हम फर्दर खोल सकते हैं और जो कि होता है 1 / 4π0 अगर ऐसा है तो हमारे पास जो इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्स है जो कि अभी तक kq1 q2 / r² थी वो हो जाएगी 1 / 40 q1 q2 / r² तो ये हमारे पास फुल फ्लज्ड फार्मूला आ जाएगा फोर्स का। समझे? अब जैसे कि K की हमारे पास एक वैल्यू थी 9 * में 10 की पावर 9 फ्री स्पेस के लिए। ऑब्वियस सी बात है अगर K की वैल्यू हमारे पास थी
तो मैं K की वैल्यू 4π के लिए डाल के एप्स 0 की वैल्यू भी निकाल सकता हूं। इसकी वैल्यू होती है हमारे पास 8.85 इंटू में 10 की पावर -12। कितनी होती है? 8.85 * में 10 की पावर -12। एंड ऑब्वियस सी बात है इसकी जो यूनिट होती होगी वो इससे अपोजिट हो जाती होगी। यानी कि न्यूटन की पावर -1 मीटर की पावर -2 कूलम स्क्वायर। क्यों? क्योंकि जो k है और जो एप्स 0 है ये देखो एक दूसरे के रेसिप्रोकल में है। यानी ये ऊपर है तो ये नीचे है। तो जो भी k की यूनिट होगी इसकी उसकी उल्टी यूनिट मैंने कर दी जो कि ऑब्वियस सी बात है हमारे पास ये आ गई।
तो फ्री स्पेस के लिए k की वैल्यू थी 9 * में 10 की पावर 9 और यहां पे वैल्यू इसकी है 8.85 * में 10 की पावर -12। ये दोनों वैल्यू्यूज आपको याद रखनी है। न्यूमेरिकल आएगा सॉल्व करना होगा और एप्स 0 यानी परमिटिविटी तो आपको और भी बहुत जगह पे काम आएगा।
अब ये कॉमन सेंस की बात है कि अगर k मीडियम पे डिपेंड कर रहा है तो एप्स 0 भी मीडियम पे डिपेंड करेगा। यानी इसकी जो वैल्यू है ये तो अभी हमने परमिटिविटी ऑफ़ फ्री स्पेस लिखा है। बट अगर ये कोई और मीडियम के लिए होगा तो हम इसे एप्स लिख देंगे। और ये भी हमारे लिए मीडियम डिपेंडेंट ही होगा। ये कॉमन सेंस की बात थी। नहीं लिखते तो भी आपको समझ जाना चाहिए था। बिकॉज़ अगर K मीडियम पे डिपेंड कर रहा है तो कहीं ना कहीं एप्स 0 या एप्स भी करेगा ही करेगा। समझ गए? डन है।
अब यहीं पे ज्यादा देर नहीं बात करते और एक छोटी सी बात करते हैं। फिर आगे चलेंगे और वो क्या है? एक नोट का पॉइंट ले लेते हैं। जैसे आपको पता होगा हम लोग रिलेटिव डेंसिटी निकालते हैं। रिलेटिव रिफैक्टिव इंडेक्स निकाला है हमने अपनी प्रीवियस क्लासेस में। ऐसे ही हमारे पास होता है रिलेटिव रिलेटिव परमिटिविटी। यह इस चैप्टर में तो कहीं काम नहीं आएगा। वैसे अगले चैप्टर में बहुत काम आएगा। रिलेटिव परमिटिविटी। रिलेटिव परमिटिविटी को हम डाईइिक कांस्टेंट भी कहते हैं। रिलेटिव परमिटिविटी को हम डाईइलेक्टिक कांस्टेंट भी कहते हैं। नाम से पता लग रहा होगा रिलेटिव परमिटिविटी जिसको हम कापा से शो करेंगे। आप कैपिटल K से भी कर सकते हो। ये क्या होगा? ये क्या होगा? रिलेटिव का मतलब क्या होता है? जब हम किसी को डिवाइड करते हैं अ वैक्यूम के रिस्पेक्ट में से। रिल रिलेटिव डेंसिटी क्या था? हम लोगों ने डेंसिटी ऑफ़ सब्सटांस निकाला विद रिस्पेक्ट टू डेंसिटी ऑफ़ वाटर। रिफैक्टिव इंडेक्स क्या था? हमने रिफैक्टिव इंडेक्स निकाला विद रिस्पेक्ट टू एयर या वैक्यूम। ऐसे ही हमारे पास रिलेटिव परमिटिविटी क्या होगा? तो ऑब्वियस सी बात है ये होगा परमिटिविटी ऑफ़ मीडियम विद रिस्पेक्ट टू परमिटिविटी ऑफ क्या? हां भाई सही सोच रहे हो फ्री स्पेस है ना भाई इसका मतलब है कापा यानी डइलेक्टिक कांस्टेंट यानी कि रिलेटिव परमिटिविटी आ गया एप्स / 0। बिकॉज़ एप्स 0 किसके लिए है? एप्स 0 किसके लिए है? एप्स 0 है फ्री स्पेस के लिए और एप्स है किसी भी मीडियम के लिए। तो ये वैसे ये इस चैप्टर में कहीं पे ज्यादा काम नहीं आएगा। एनसीआरटी में तो कहीं काम नहीं आएगा लेकिन हां ये सेकंड चैप्टर में बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट टॉपिक बन के आपके सामने आने वाला है। समझ गए क्या? तो यह हमारे पास हुआ डइलेक्टिक कांस्टेंट।
तो लेकिन हमें अब आपके मन में हो सकता है एक सवाल आए। हमें फोर्स का यह वाला फार्मूला याद करना है या यह वाला? आंसर है दोनों ही करने हैं। है ना? कुछ है नहीं कि एक ही जगह आ जाएगा और न्यूमेरिकल किसी के भी ऊपर आ सकते हैं। डन हो गया। डन हो गया। डन हो गया। डन हो गया।
चलिए अब बात करते हैं इस चैप्टर में एक और टॉपिक के बारे में व्हिच इज़ इलेक्ट्रिक फील्ड। फिर दोनों को मिलके पढ़ेंगे। अभी तक हम लोग इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्स की बात कर रहे थे। अब हम बात करेंगे इलेक्ट्रिक फील्ड की। देखो अगर मैं मैथमेटिकली पूछूं तो अलग बात है। लेकिन थ्योरेटिकली पूछूं कि इलेक्ट्रिक फील्ड क्या है? तो इलेक्ट्रिक फील्ड का मतलब एक चार्ज के आसपास वो एरिया जहां तक वो दूसरे चार्जेस पे अपना इन्फ्लुएंस लगा सकता है, फोर्स लगा सकता है उसे हम इलेक्ट्रिक फील्ड बोलते हैं। तो अगर थ्योरी वाइज़ बोले तो इसकी डेफिनेशन अलग हो जाती है। मैथमेटिकली अलग। थ्योरेटिकली आप ऐसा कह सकते हो कि रीजन या स्पेस अराउंड अ चार्ज। रीजन अराउंड अ चार्ज अप टू वि इट कैन अप्लाई इलेक्ट्रो स्टैटिक। इट कैन अप्लाई इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्स ऑन अदर चार्जेस। लेकिन ये मैथमेटिकल परिभाषा नहीं है। समझ गए ना? मैथमेटिकल परिभाषा क्या होगी? जिससे मुझे फार्मूला भी मिल जाए। तो इलेक्ट्रिक फील्ड को हम कैसे डिफाइन कर सकते हैं? सुनो।
मान लो मुझे इस चार्ज ये एक चार्ज है मेरे पास। ये है चार्ज जिसके लिए मुझे इलेक्ट्रिक फील्ड निकालनी है। तो लेट्स से ये q चार्ज है। मुझे इसके लिए इलेक्ट्रिक फील्ड निकालनी है। अब अगर मुझे इसके लिए इलेक्ट्रिक फील्ड निकालनी तो ये कॉमन सेंस की बात हो जाती है कि मुझे इसके आसपास दूसरे मुझे इसके आसपास दूसरे चार्जेस को रखना ही पड़ेगा। वरना मैं इसकी इलेक्ट्रिक फील्ड नहीं कैलकुलेट कर पाऊंगा। मेरी बात समझ रहे हो? जैसे फॉर एन एग्जांपल मेरे पास एक चार्ज है। ये रहा। अब मुझे इस चार्ज के आसपास इलेक्ट्रिक फील्ड निकालनी है। तो इसके आसपास दूसरा चार्ज तो रखना ही पड़ेगा। तभी तो ये उसको अट्रैक्ट या रिपेल करेगा। तो मैंने यहां पे एक चार्ज रखा है जिसको मैं q नॉट कह रहा हूं। ये q नॉट को हम टेस्ट चार्ज कहते हैं। इसको हम टेस्ट चार्ज क्यों कहते हैं? क्योंकि ये चार्ज इसके इलेक्ट्रिक फील्ड को यहां पे टेस्ट करने आया है। इसलिए इसका नाम है टेस्ट चार्ज। तो इसको हम नाम दे रहे हैं सोर्स चार्ज। और इसको हम नाम दे रहे हैं टेस्ट चार्ज। समझे?
अब अगर यह चार्ज आपस में एक सर्टेन दूरी पे है लेट्स से r या जो भी अभी डिस्टेंस मैटर नहीं करता तो इस चार्ज के आसपास ये एक इलेक्ट्रिक फील्ड पैदा कर रहा होगा जिसकी वजह से ये इस पे फोर्स लगाएगा। तो इसका होना बहुत जरूरी है। और उसी हिसाब से हमारे पास इलेक्ट्रिक फील्ड की डेफिनेशन भी आती है। क्या? इलेक्ट्रो स्टैटिक फोर्स पर यूनिट पर यूनिट टेस्ट चार्ज। पर यूनिट टेस्ट चार्ज। यानी कि हमारे लिए इलेक्ट्रिक फील्ड की एक और परिभाषा आती है कि इलेक्ट्रिक फील्ड क्या है? कितनी फोर्स लग रही है पर यूनिट टेस्ट चार्ज। यानी कि इलेक्ट्रिक फील्ड जिसको हम लोग E से रिप्रेजेंट करने वाले हैं। इसका फार्मूला है कितनी फोर्स लग रही है पर यूनिट टेस्ट चार्ज जो मैं लेके आया हूं। इसको हम लोग कह देते हैं इलेक्ट्रिक फील्ड। तो इलेक्ट्रिक फील्ड को थ्योरेटिकली समझना हो चार्ज के आसपास का वो एरिया जहां तक ये अपना इन्फ्लुएंस लगा रहा है। मैथमेटिकली बोलना हो तो कितनी फोर्स लगा रहा है ये चार्ज? एक और चार्ज पे पर यूनिट टेस्ट चार्ज जिस चार्ज पे फोर्स लगा रहा है इसको भी हम इलेक्ट्रिक फील्ड कह देते हैं।
अब इसकी यूनिट और डायरेक्शन की बात करने से पहले मैं आप सब से एक सवाल पूछना चाहूंगा जिसका आंसर आप सबको देना ही पड़ेगा कमेंट सेक्शन पे। टाइम स्टैंप देख लेना। सवाल क्या है? सवाल है आपके हिसाब से ये जो टेस्ट चार्ज है ये तो चार्ज कितना भी हो सकता है। 1 कूलम दो कूलम, 50 कूलम, 1 माइक्रो कूलम, 1 लाख कूलम कितना भी। लेकिन ये जो टेस्ट चार्ज है ये टेस्ट चार्ज छोटा होना चाहिए या बड़ा होना चाहिए? इसका आंसर आप मुझे कमेंट सेक्शन में बताओ अभी के अभी। ये टेस्ट चार्ज छोटा होना चाहिए या बड़ा होना चाहिए? यहां पे मैं तब तक लिख भी देता हूं कि प्रॉपर्टीज ऑफ टेस्ट चार्ज। जल्दी से बताओ ये चार्ज बड़ा होना चाहिए या ये चार्ज छोटा होना चाहिए? हां जी। ये चार्ज बड़ा होना चाहिए या छोटा होना चाहिए? तो आई होप आपने अभी तक आंसर लिख दिया हो। तो ये जो चार्ज है वो बहुत छोटा होना चाहिए। बहुत छोटा होना चाहिए। बहुत छोटा कितना छोटा? तो आंसर है इनफाइनाइट टेस्टली स्मॉल। इसको वेनिशिंगली स्मॉल भी कहते हैं कि लगभग ज़ीरो। यानी जो टेस्ट चार्ज होना चाहिए इसका मैग्नीट्यूड टेंड्स टू ज़ीरो। यानी लगभग ज़ीरो होना चाहिए। क्योंकि अगर उसका मैग्नीट्यूड ज्यादा हुआ तो ये अपनी फील्ड से इसको इन्फ्लुएंस करेगा। हम इसकी फोर्स निकालना चाहते हैं। इसकी फील्ड निकालना चाहते हैं ना कि उसकी। तो अगर ये स्ट्रांग हुआ तो ये अपने आसपास बहुत ज्यादा स्ट्रांग फील्ड पैदा करेगा। और जो इन्फ्लुएंस होगा वो इसका होगा या इसका होगा? हम जज नहीं कर पाएंगे। दैट इज व्हाई यह वाला चार्ज बहुत छोटा होना चाहिए। एंड बाय कन्वेंशनल बाय कन्वेंशनल आप कह सकते हैं बाय कन्वेंशंस ये जो टेस्ट चार्ज है इसको हमने पॉजिटिव माना है। ये नेगेटिव भी हो सकता था बट आपके मेरे डायरेक्शंस मैच हो अ साइन मैच हो फाइनल रिजल्ट का इसलिए हमारी फिजिक्स ने इसको अ नेगेटिव के बजाय पॉजिटिव मान लिया। मैं अब दोबारा बोल रहा हूं ये नेगेटिव भी हो सकता था। लेकिन यूनिवर्सली इसको पॉजिटिव मान लिया गया ताकि हमारे आपस के आंसर मैच हो। तो टेस्ट चार्ज की वैल्यू टेंड्स टू 0 है और ये हमेशा क्या रहता है? पॉजिटिव रहता है। इतना समझे?
अब बात करते हैं इसकी एसआई यूनिट के बारे में। और ये एक स्केलर क्वांटिटी है या वेक्टर। और अगर वेक्टर है तो डायरेक्शन क्या होगी? तो फोर्स की यूनिट हो गई न्यूटन। और चार्ज की हो गई कूलम। तो इसकी यूनिट आ गई न्यूटन पर कूलम। बहुत सिंपल। अब ये एक कौन सी क्वांटिटी है भाई? वेक्टर क्वांटिटी है। यह एक वेक्टर क्वांटिटी है। और इसकी जो डायरेक्शन होती है, वह होती है पॉजिटिव चार्ज टू नेगेटिव चार्ज। यानी अगेन ये एक कन्वेंशनल डायरेक्शन में हमने ऐसा मान लिया कि इलेक्ट्रिक फील्ड ट्रेवल करती है फ्रॉम पॉजिटिव चार्ज टू नेगेटिव चार्ज। यानी इसकी शुरुआत होती है पॉजिटिव चार्ज से और ये खत्म हो जाती है नेगेटिव चार्ज पे।
अब आप सबके पास अगर मैथ्स है तो आपको एक चीज खटक रही होगी वो क्या है? वो क्या है? मैं बताता हूं। इसका जो फार्मूला आया हमारे पास वो क्या आया है? वो आया है फोर्स पर यूनिट टेस्ट चार्ज और यहां पे सर आप कह रहे हो कि जो टेस्ट चार्ज है उसकी वैल्यू टेंड्स टू 0 होनी चाहिए। अब अगर इसकी वैल्यू टेंड्स टू ज़ीरो हुई और मैं यहां पे पुट कर दूंगा तो फिर तो आंसर क्या आ जाएगा? नॉट डिफाइंड मैथ्स के हिसाब से। पर आप उसकी टेंशन मत लो क्योंकि अब हम एक पॉइंट चार्ज के लिए इलेक्ट्रिक फील्ड निकालने जा रहे हैं। और आप समझोगे कि पॉइंट चार्ज के लिए इलेक्ट्रिक फील्ड का जो फार्मूला है वो टेस्ट चार्ज पे डिपेंड ही नहीं करता है। एक 2 मिनट का काम है। आओ जरा करें। आप कह सकते हो इस चैप्टर की पहली डेरिवेशन आ रही है। ठीक है?
तो ये हमारे पास एक q चार्ज जो कि हमारे लिए सोर्स चार्ज है। सोर्स चार्ज है और हमने इसके r डिस्टेंस पे क्या निकालनी है? इलेक्ट्रिक फील्ड निकालनी है। तो मुझे यहां पे क्या रखना पड़ेगा? क्या क्या कह रहे हो? क्या रखना पड़े? बिल्कुल सही कह रहे हो। मुझे यहां पे रखना पड़ेगा एक टेस्ट चार्ज। है ना भाई? एक टेस्ट चार्ज मुझे यहां पे रखना पड़ेगा। अब मुझे निकालना है कि ये एक पॉइंट चार्ज कितनी इलेक्ट्रिक फील्ड पैदा कर रहा होगा। पहले तो निकाल लेते हैं फोर्स। फोर्स का फार्मूला होता है k q1 q2 / r² बहुत सिंपल सी डेरिवेशन। के q1 कितना है हमारे पास? q है। q2 कितना है हमारे पास? q नॉट है। अपॉन में इनके बीच का डिस्टेंस r² या इसको फर्स्ट मान लो। ऑल्सो ऑल्सो क्या इलेक्ट्रिक फील्ड का फार्मूला फोर्स अपॉन में टेस्ट चार्ज है। यस सर। अब फोर्स कितनी आई हमारे पास? k q नॉट / r² / q नॉट यानी टेस्ट चार्ज। क्या q नॉट से q नॉट कैंसिल हो गया? तो लो भाई मुबारक हो। ये तो मैं बोल रहा था आपको कि जो इलेक्ट्रिक फील्ड है इसका फार्मूला आ गया kq / r²। अब आप इस फॉर्मूले में देखो तो कहीं पे भी आपको टेस्ट चार्ज मिलेगा ही नहीं। वो डेफिनेशन में था। लेकिन पॉइंट चार्ज के लिए कहीं पे भी आपको फॉर्मूले में टेस्ट चार्ज मिलेगा ही नहीं। थोड़ा और एक्सपैंड कर दें तो इलेक्ट्रिक फील्ड आ जाएगा वन। K की जगह मैं क्या लिख सकता हूं? 1 / 40। अगर मैं फ्री स्पेस में खड़ा हूं तो q1 q2 / r² ये मेरे पास q1 q2 कह रहा हूं। kq / r² की जगह मेरे पास आ गया 1 / 40 q / r²। तो एक पॉइंट चार्ज के लिए मेरे पास इलेक्ट्रिक फील्ड आ गई है। इलेक्ट्रिक फील्ड आ गई है और ऑब्वियस सी बात है इलेक्ट्रिक फील्ड की डायरेक्शन प्लस अगर अगर ये पॉजिटिव चार्ज है तो ये हमेशा पॉजिटिव से निकलेगी। तो इस तरफ कहीं पे इलेक्ट्रिक फील्ड होगी। ये अभी हम बनाएंगे आगे इलेक्ट्रिक फील्ड ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे निकालेंगे। वो बाद की बात है। लेकिन ये क्योंकि प्लस चार्ज है तो इलेक्ट्रिक फील्ड प्लस से निकल के माइनस की तरफ जाती है। तो यहां प्लस है। माइनस कहीं है नहीं। तो इनफाइनाइट तक जाएगी। ठीक है? तो ये हमारे पास एक इलेक्ट्रिक फील्ड हो गई फॉर पॉइंट चार्ज। इस चैप्टर की पहली डेरिवेशन भी है। तो ईमानदारी से इसको देख लो। बहुत छोटी सी डेरिवेशन है। फिर आगे बढ़ते हैं क्योंकि अब आगे जाके बड़ी-बड़ी डेरिवेशन आपको दिखने वाली है।
आओ एक नए टॉपिक की तरफ चलते हैं बच्चों। और टॉपिक का नाम क्या है हमारे पास? इलेक्ट्रिक डायपोल है। अब ये इलेक्ट्रिक डायपोल अगर आपको याद हो तो आपने केमिस्ट्री में भी पढ़ा हुआ है। क्या होता है? इलेक्ट्रिक डायपोल। तो सिस्टम ऑफ टू इक्वल एंड ऑोजिट चार्जेस। ऑपोजिट चार्जेस सेपरेटेड बाय अ स्मॉल डिस्टेंस। समझे क्या? या जरूरी नहीं है स्मॉल डिस्टेंस। मुझे लगता है ये स्मॉल वर्ड से आप कंफ्यूज मत होना क्योंकि जरूरी नहीं है कि वो स्मॉल ही हो। बट हम लोग जो पढ़ाई करने वाले हैं इस चैप्टर में ज्यादातर स्मॉल के लिए करने वाले हैं। सेपरेटेड बाय अ डिस्टेंस। तो यानी कि अगर हमारे पास एक चार्ज यहां पे बैठा हुआ है +q और एक चार्ज यहां पे बैठा हुआ है -q तो क्या ये दोनों चार्ज इक्वल और अपोजिट है? हां। और इनके सेंटर में लेट्स से डिस्टेंस हमारा है 2a। हम यहां पे डिस्टेंस को 2a क्यों लेने वाले हैं? है वो आप समझ जाओगे। डिस्टेंस तो a होता है या l होता है या r होता है या d होता है तो हम 2a या 2l या 2r क्यों लेने वाले हैं अभी आप समझोगे आसान करने के लिए कैलकुलेशन को। लेकिन इनके बीच का कुछ डिस्टेंस है लेट्स से x है तो क्या ये एक इलेक्ट्रिक डपोल बन जाएगा तो आंसर हां क्योंकि इसमें दो इक्वल चार्जेस हैं ऑपोजिट चार्जेस हैं। मतलब इनका मैग्नीट्यूड सेम है। अगर ये 10 कूलॉम का होगा तो ये भी 10 कूलम का होगा। बस एक प्लस का होगा और एक माइनस का होगा। और इनके बीच में एक सर्टेन डिस्टेंस है तो इसको हम लोग इलेक्ट्रिक डपोल कह देते हैं।
अब इलेक्ट्रिक डायपोल के बाद आता है इलेक्ट्रिक डायपोल मूवमेंट। आप ध्यान रखना ये इलेक्ट्रिक डायपोल मूवमेंट आपको सेकंड चैप्टर में भी बहुत हेल्प करने वाला है। बहुत ज्यादा हेल्प करने वाला है। तो थोड़ा ध्यान से देखना कि क्या है इलेक्ट्रिक डायपोल मूवमेंट। ये आपने केमिस्ट्री में पढ़ा हुआ है। बस एक छोटा चेंज आएगा। बताता हूं क्या? इलेक्ट्रिक डायपोल मूमेंट क्या होता है? तो प्रोडक्ट ऑफ़ ईदर चार्ज। प्रोडक्ट ऑफ इदर चार्ज विद डिस्टेंस बिटवीन दी चार्जेस। समझे क्या? यानी कि दोनों में से कोई एक चार्ज ले लो क्योंकि दोनों चार्ज इक्वल और अपोजिट ही है और इंटू में उनके बीच का डिस्टेंस जो है वो मल्टीप्लाई कर दो। तो उसके प्रोडक्ट को हम लोग इलेक्ट्रिक डपोल मूमेंट कहते हैं। लेट्स से इसी की बात अगर कर लें इलेक्ट्रिक डपोल मूमेंट को हम लोग P से रिप्रेजेंट करने वाले हैं। अगर मैं बात कर लूं कि इससे इलेक्ट्रिक डपोल मूमेंट मुझे निकालना हो तो फार्मूला क्या है? इदर चार्ज यानी कोई भी एक चार्ज बिकॉज़ दोनों चार्ज बराबर ही है। इंटू में उन दोनों चार्जेस के बीच का मुझे क्या निकालना है? डिस्टेंस। अब इदर चार्ज कोई भी एक चार्ज की अगर बात करें तो ऑब्वियस सी बात है वो चार्ज q लेंगे। और उनके बीच का डिस्टेंस हमने 2A लिया हुआ है। तो यहां से हमारे पास इलेक्ट्रिक डपोल मूवमेंट का फार्मूला आ जाएगा। q * में उनके बीच का डिस्टेंस जो कि हम इस पूरे चैप्टर में 2a लेने वाले हैं। तो आ जाएगा q * में 2a।
तो यहां से अगर मैं इसकी SI यूनिट की बात करूं और यहां से अगर बात करूं तो ये एक कौन सी क्वांटिटी भी है? वेक्टर क्वांटिटी और इसकी जो डायरेक्शन रहती है वो नेगेटिव से पॉजिटिव रहती है। आई होप आपको पता हो दुनिया में दो प्रकार के वेक्टर्स होते हैं। एक जिनको हमने वेक्टर अस्यूम किया होता है। मतलब कि हमने उनको कोई ना कोई डायरेक्शन दी होती है। जैसे फोर्स जो है वो एक पैदाइशी वेक्टर है। उसके पास डायरेक्शन रहती ही है। तभी आप उसकी पढ़ाई कर सकते हो। नहीं तो आप उसकी पढ़ाई नहीं कर सकते। ऐसे वेट होता है लेकिन ऐसे डिस्प्लेसमेंट भी होता है। लेकिन कहीं ना कहीं आपको पता हो अगर तो इलेक्ट्रिक डपोल मोमेंट की डायरेक्शन हमने दी है। इलेक्ट्रिक फील्ड सॉरी इलेक्ट्रिक फील्ड की डायरेक्शन पॉजिटिव चार्ज से नेगेटिव चार्ज हमने दी है। तो ये एक ऐसा वेक्टर है जिसकी डायरेक्शन हमने अस्यूम की है। एंड दैट इज़ फ्रॉम नेगेटिव टू पॉजिटिव। ठीक है? तो एक वेक्टर क्वांटिटी है।
अब इसकी SI यूनिट के बारे में बात कर लेते हैं। तो चार्ज की SI यूनिट होती है कूलॉम और डिस्टेंस की होती है मीटर। अब होता क्या है कि यहां पे अक्सर कूलम मीटर पहली बात तो ये ऑब्वियस है कि कूलम का Cिपल R मीटर का M छोटा है। बट फिर भी कभी-क बच्चे जल्दबाजी में ऐसे बना देते हैं। तो कहीं ना कहीं वो सेंटीमीटर ना समझे इसको। इसलिए मैं हमेशा सलाह देता हूं और किताबों में भी क्या होता है? कूलम और मीटर के बीच में एक छोटा सा डैश डाल दो। इससे ये जस्टिफाई हो जाएगा कि बेसिकली आपने यहां पे क्या ही लिखा हुआ है? कूलम मीटर। तो कूलम मीटर ऐसे लिख दो तो बढ़िया रहता है।
ऑलदो ऐसे लिखने में कुछ गड़बड़ी नहीं है। बट ठीक है कंफ्यूजन ना हो जाए किसी को। ओके? डन है।
अब इलेक्ट्रिक डपोल क्या है? इलेक्ट्रिक डपोल मूमेंट क्या है? ये अगर हम समझ चुके हैं तो आगे बढ़ सकते हैं। और अब हमें डपोल के लिए इलेक्ट्रिक फील्ड निकालनी है। वो भी दो अलग-अलग पॉइंट्स पे। एक तो हमें एक्सियल पॉइंट पे उसकी इलेक्ट्रिक फील्ड निकालनी है। डेरिवेशन है प्रॉपर और एक इक्विटोरियल पॉइंट पे उसकी इलेक्ट्रिक फील्ड को कैलकुलेट करना है। समझाता हूं क्या कह रहे हैं। एक्सियल पॉइंट और इक्विटोरियल पॉइंट क्या होता है? इन केस नहीं पता तो।
तो ये हमारे पास यहां पे एक प्लस चार्ज है और थोड़ा सा इसको नीचे ले लेते हैं। हम ठीक है? तो ये हमारे पास एक प्लस चार्ज है और ये हमारे पास एक माइनस चार्ज है। ठीक है ना? अब इन दोनों के बीच में जो डिस्टेंस है वो 2a है। आपको यहां समझ में भी आ जाएगा कि डिस्टेंस 2a लेना क्यों हमारा यहां पे कारण था। अब यहां पे क्या है कि एक्सियल पॉइंट का मतलब पहली बात तो इस लाइन में कहीं पे भी इसको एक्सियल पॉइंट बोलते हैं। तो मैंने क्या किया? इस पॉइंट पे ही एक्सियल ये एक P पॉइंट ले लिया। अब क्या ये एक्सियल पॉइंट? हां क्योंकि इसी डपोल की लाइन पे एक्सिस पे एक्सिस पे होने वाला पॉइंट इज़ कॉल्ड एक्सियल पॉइंट। अब मुझे इस पॉइंट पे क्या निकालनी है? इलेक्ट्रिक फील्ड। पहली बात तो हमारा जो डपोल मूमेंट है उसकी जो लंबाई है वो तो टू है और ये जो पॉइंट है P ये हमारे डपोल के सेंटर से R दूरी पे है। है ना? कंसीडरेशन वगैरह लिख लेंगे डेरिवेशन से पहले कि लेट अस टेक अ डायपोल ऐसे-ऐसे करके। है ना? तो ये जो P पॉइंट है जो एक्सियल है वो हमारे सेंटर से R दूरी पे है। अगर आप इतना समझते हो तो ये भी समझ गएगे कि ये ये वाला जो चार्ज है ये P से कितना दूर होगा। देखो ये पूरा 2a है तो ये वाला a हो गया और ये वाला भी a हो गया। अब अगर ये वाला हिस्सा a है और ये r है तो r में से a माइनस कर दूंगा तो ये r - a आ जाएगा। बिल्कुल ऐसे ही ये वाला डिस्टेंस a है और ये वाला पूरा r है तो यहां से यहां तक मेरे पास आ जाएगा r + a। इतना समझ में आया? r +
A. अब सुनो। अब सुनो बहुत ध्यान से। यहां पे हमने 2A क्यों लिया था? आई होप आपको समझ में आ गया होगा। समझ में आ गया तो कमेंट सेक्शन पे यस लिखो टाइम स्टैंप के साथ कि हां हम सर समझ गए। नहीं समझे देखो मान लो अगर हम इसका डिस्टेंस A लेते। मैं हटा दूंगा अभी। लेकिन मान लो इसका डिस्टेंस हम A लेते। तो फिर ये वाला डिस्टेंस A / 2 होता तो ये R - A / 2 हो जाता और ये R A + R + A / 2 और इससे हमारी आगे जाके कैलकुलेशंस बहुत मुश्किल हो जाती। डिफिकल्ट हो जाती। इसीलिए इस पंगे में ना पड़ के ऐसा नहीं हमने किया। हमारी एनसीईआरटी ने ही ऐसा किया। हमारी पूरी फिजिक्स ने ऐसा किया है कि हम यहां पर 2A ले लेते हैं ताकि उसका आधा A और A हो जाए। तो ताकि हमारी कैलकुलेशन आसान हो जाए।
अब हमें क्या करना है? हमें इस पॉइंट पे क्या निकालनी है? इलेक्ट्रिक फील्ड। तो पहले मैं क्या करूंगा? इलेक्ट्रिक फील्ड निकाल लूंगा +Q वाले के लिए। फार्मूला होता है KQ / +Q वाला कितनी दूरी पे है? तो आंसर है R + A दूरी पे है। तो R + A² आ जाएगा। ऑब्वियस सी बात है। अभी हम मैग्नीट्यूड वाइज यहां पर बात कर रहे हैं। ठीक है ना? अब अगर मैं ऐसे ही बात करूं इलेक्ट्रिक फील्ड -Q वाले के लिए तो इसका चार्ज माइनस का है तो -KQ और R -A² आ जाएगा।
अब अगर मुझे टोटल इलेक्ट्रिक फील्ड निकालनी है एक्सियल पॉइंट पे तो मुझे +Q वाले के लिए और -Q वाले के लिए ऐड करना होगा। बहुत सिंपल है। आओ उसको ऐड कर देते हैं। तो KQ / R + A² + KQ / R - A² लेकिन ध्यान रहे यहां पे माइनस है। अब यहां पे अगर आप बेसिक मैथ्स लगा के एग्जियल पॉइंट के लिए सॉल्व कर देते हो तो KQ जो है वो कॉमन आ जाएगा। यहां क्या बच जाएगा? 1 / R + A² - 1 / R - A² अब यहां पे फिर से बेसिक मैथ्स लगा के हम लोग क्या करेंगे भाई? R + A² R - A² की आइडेंटिटी लगा देंगे। तो A² - B² आ जाएगा। अब ऊपर यहां आ जाएगा R - A² - R + A² उसे खोल दोगे। मैं बता देता हूं। चलो आओ R - A² - R +A² अब सुनो यहां से R² से R खोल दोगे ना तो R² से R² कैंसिल A² से A² कैंसिल। यहां आ जाएगा -2 और यहां पे भी आ जाएगा -2R वो ऐड हो जाएगा। तो कुल मिला के यहां पे हमारे पास एग्जियल पॉइंट पे KQ तो बाहर था ही और यहां पे सॉल्व करके आया -2R और यहां पे भी -2R तो वो हो जाएगा -4AR और नीचे बच जाएगा R² -A² होल स्क्वायर।
अब सुनना ध्यान से डपोल मोमेंट आएगा। मैं यहां से माइनस बाहर ले रहा हूं और टू बाहर ले रहा हूं। क्यों? देखो अभी K आ गया। Q आ गया। अगर मैंने टू बाहर ले लिया था तो यहां पे क्या बच गया? 2A बच गया। है ना? 2A बच गया। अब आप क्या 2R सॉरी क्या आप Q * में 2A को पहचानते हो? क्या आप Q * में 2A को पहचानते हो? यस भाई हम Q * में 2A को पहचानते हैं। Q * में 2A क्या है? हमारे लिए डायपोल मूमेंट है। हमारे लिए क्या है? डपोल मूमेंट है। तो मैं यहां पे इसको KPR / R² -A² का होल स्क्वायर लिख देता हूं। तो मेरे पास ये एक अजीब सा फार्मूला आ जाएगा इलेक्ट्रिक फील्ड का एट एक्सियल पॉइंट। बेसिक सी डेरिवेशन है। कुछ नहीं किया। लेकिन एग्जाम में इससे भी ज्यादा जो आता है ये तो डेरिवेशन आती ही आती है। लेकिन वो आपको बोलेंगे कि इलेक्ट्रिक फील्ड एक्सियल पॉइंट पे निकालो फॉर शॉर्ट डपोल। यानी कि अगर डायपोल छोटा है तो पहली बात तो छोटा डायपोल अगर है तो फॉर शॉर्ट डपोल। पहली बात तो शॉर्ट डायपोल में शॉर्ट का मतलब यहां पे क्या है कि ये जो दोनों चार्जेस हैं वो एक दूसरे के बहुत करीब हैं और ये जो डिस्टेंस है वो रिलेटिवली बहुत दूर हो जाएगा। यानी ये प्लस चार्ज है तो ये माइनस चार्ज है। और जो एक्सियल पॉइंट पे आप इलेक्ट्रिक फील्ड निकाल रहे हो वो ये है। तो क्या इस केस में जो हमारा 2A है वो बहुत छोटा हो जाएगा। और अगर 2A छोटा हो जाएगा तो कॉमन सेंस की बात है कि A भी बहुत छोटा हो जाएगा। और अगर हमारे लिए A बहुत ज्यादा छोटा हो जाएगा R से तो मैं A को इग्नोर कर पाऊंगा अगर वो कहीं पे भी प्लस या माइनस हो रहा है तो शॉर्ट डपोल के लिए A जो है वो बहुत छोटा हो जाएगा R से तो जहां पे भी A प्लस या माइनस हो रहा है यहां तो A² है वो तो और छोटा हो जाएगा तो मैं A² को इग्नोर कर सकता हूं। तो अगर मैं A² को इग्नोर कर दूंगा तो मेरे पास फार्मूला आ जाएगा -2KPR / में नीचे A² ज़ीरो हो गया। तो R की पावर स्क्वायर का स्क्वायर है मतलब R की पावर 4 आ जाएगा। एक R से एक R कैंसिल हो जाएगा। बच्चों मुबारक हो। हमारे पास एक्सियल पॉइंट पे इलेक्ट्रिक फील्ड आ चुकी है। जिसका फार्मूला है -2KP / R ये बहुत इंपॉर्टेंट डेरिवेशन है। एग्जाम में पूछी जाती है। डन हो गया। डन हो गया।
अब बिल्कुल इसी प्रकार से हमें इक्विटोरियल पॉइंट पे भी इलेक्ट्रिक फील्ड को कैलकुलेट करना होगा। अब इक्विटोरियल पॉइंट क्या होता है? तो ये हमारे पास प्लस चार्ज है। ये हमारे पास माइनस चार्ज है। इन दोनों के बीच में जो डिस्टेंस है अगेन वो 2A डिस्टेंस है। डन हो गया। अब हमारे को कौन से पॉइंट पे काम करना है भाई? इक्विटोरियल पॉइंट पे। तो ये वाला जो पॉइंट होता है ये इक्विटोरियल पॉइंट कहलाया जाता है। यहां पे लेट्स से एक पॉइंट है P। अब ये जो P पॉइंट है वो सेंटर से पिछली बार की तरह R दूरी पे है। ठीक है जी। ठीक है जी। बिल्कुल ठीक है। अब यहां से इसकी जो दूरी हो जाएगी अगर ये R है और ये पूरा 2A है तो ये वाला हिस्सा A हो जाएगा। तो ये वाला हिस्सा हो जाएगा R² + A² पाइथागोरस से। सिमिलरली ये वाला भी हो जाएगा। ठीक है? अब पिछले वाले क्वेश्चन में आसानी ये थी कि जो हमारा P पॉइंट था वो उसी लाइन पे था। तो जो फोर्स आई थी, फील्ड आई थी वो उधर ही अट्रैक्ट या रिपेल होगी। लेकिन इक्विटोरियल पॉइंट पे जो हमारा चार्ज है जो हमारा पॉइंट है और हमारा जो चार्ज है वो सेम अ लाइन में नहीं है। तो यहां पे हमें थोड़ा सा वेक्टर लगाना पड़ेगा। आओ जरा समझे कैसे? ये हमारे पास कौन सा चार्ज है भाई? ये हमारे पास है +Q चार्ज और ये हमारे पास है -Q चार्ज। अब अगर मुझे इस P पॉइंट पे इलेक्ट्रिक फील्ड निकालनी होगी तो क्या मैंने यहां पे एक टेस्ट चार्ज रखा होगा? बिल्कुल रखा होगा। और वो टेस्ट चार्ज कैसा होगा? पॉजिटिव होगा। है ना भाई? तो क्या ये पॉजिटिव पॉजिटिव को अट्रैक्ट करने वाला है या रिपेल करने वाला है? तो आंसर है रिपेल करने वाला है। बिल्कुल। और ऐसे ही ये नेगेटिव इस पॉजिटिव को अट्रैक्ट करने वाला है या रिपेल करने वाला है? तो आंसर है अट्रैक्ट करने वाला है। पॉजिटिव नेगेटिव को अट्रैक्ट करता है। तो इस प्रकार से जो इलेक्ट्रिक फील्ड +Q वाले की है वो इधर हो जाएगी। और इलेक्ट्रिक फील्ड -Q वाले के लिए इधर हो जाएगी। और दोनों बहुत अलग-अलग डायरेक्शन में जिसकी वजह से अब मुझे यहां पे वेक्टर्स की पढ़ाई का इस्तेमाल करना होगा। तो यहां पे येलो कलर पर थोड़ा ध्यान देंगे। ठीक है? लेट अस से कि ये वाला एंगल जो है वो थीटा है। तो ऑब्वियस सी बात है ये वाला एंगल भी थीटा हो जाएगा क्योंकि ऑोजिट साइड्स के ऑोजिट एंगल्स हैं। लेकिन हमने 11th क्लास में सीखा है कि हर एक वेक्टर के हम दो टुकड़े कर सकते हैं। तो +Q वाले का एक टुकड़ा ये हो गया और एक टुकड़ा ये हो जाएगा। है ना भाई? पक्की बात। अगर ये वाला एंगल थीटा है तो क्या ये वाला एंगल भी थीटा हो जाएगा? क्योंकि ये लाइन एक ट्रांसवर्स हो गई मान लो और ये इसके पैरेलल है तो ये वाला एंगल भी थीटा हो जाएगा। अब थीटा के साथ वाला क्या होता है? cos होता है। तो ये इलेक्ट्रिक फील्ड +Q का cos थीटा हो जाएगा और ये इलेक्ट्रिक फील्ड +Q का sin थीटा वाला कॉम्पोनेंट हो जाएगा। ये मैंने अभी किसको तोड़ा है? सिर्फ और सिर्फ इलेक्ट्रिक फील्ड के +Q वाले इलेक्ट्रिक फील्ड के कॉम्पोनेंट को। ऐसे ही मैं अगर -Q वाले के कॉम्पोनेंट को तोडूंगा तो एक तो इधर ही आएगा और एक इधर आ जाएगा। अब अगेन मैथ्स कहती है कि अगर ये एंगल थीटा है तो ये वाला एंगल भी थीटा हो जाएगा। क्यों भाई? क्या बोलते हैं इनको? अल्टरनेट इंटीरियर एंगल्स कहते हैं। तो थीटा के साथ वाला होता है cos तो यहां पे -Q cos थीटा आ जाएगा और ये -Q का ये वाला जो कॉम्पोनेंट है वो sin थीटा वाला हो जाएगा। अब क्या sin थीटा वाला कॉम्पोनेंट एक दूसरे के ऑोजिट डायरेक्शन में आया? बिल्कुल आया। बेटा ध्यान रखना ये डायग्राम इतना इंपॉर्टेंट है बिना डायग्राम के कुछ समझ पाओगे। क्या यहां पे sin थीटा और sin थीटा वाला कॉम्पोनेंट एक दूसरे के अपोजिट आ गया। यस तो कैंसिल हो जाएगा। वो आप इंग्लिश में कंसीडरेशन में लिख लेना। लेकिन क्या cos थीटा वाले कॉम्पोनेंट सेम डायरेक्शन में है? यस। तो क्या वो ऐड हो जाएंगे? Yes। अब आप प्लस माइनस नहीं देखोगे। बिकॉज़ हम डायरेक्शन को इंक्लूड कर चुके हैं। तो अब अगर मुझे टोटल इलेक्ट्रिक फील्ड इक्विटोरियल पॉइंट पे निकालनी है। अभी मैग्नीट्यूड की बात करें तो इलेक्ट्रिक फील्ड +Q का cos थीटा कॉम्पोनेंट लूंगा। और यहां पे इलेक्ट्रिक फील्ड -Q का cos थीटा कॉम्पोनेंट लूंगा। लेकिन क्या दोनों के क्या दोनों के इलेक्ट्रिक फील्ड तो बराबर ही है। क्यों? इलेक्ट्रिक फील्ड का फार्मूला क्या होता है? KQ / R² क्या दोनों का Q सेम है? अब प्लस माइनस नहीं रहेगा। डायरेक्शन ले चुका हूं। Yes। क्या दोनों का R भी सेम है? Yes। तो दोनों की इलेक्ट्रिक फील्ड भी क्या हो जाएगी? सेम हो जाएगी। तो यहां पे मैं इसको 2 * में इलेक्ट्रिक फील्ड +Q वाले के लिए लेट्स से cos थीटा लिख सकता हूं। खत्म हो गया काम। आओ जी आओ। अब इलेक्ट्रिक फील्ड का फार्मूला होता है KQ / में डिस्टेंस का स्क्वायर। क्या इनका जो डिस्टेंस है वो R² + A² का अंडर रूट का होल स्क्वायर हो जाएगा? Yes। साथ में हमारे cos थीटा चल रहा है। सही है? इलेक्ट्रिक फील्ड आ जाएगी 2 KQ / में यहां बच जाएगा R² + A²। अब बात करते हैं cos थीटा की। ट्रिगो के हिसाब से cos क्या होता है? बेस / हाइपोटेन्यूज। अब अगर ये वाला एंगल थीटा है तो ये हो जाएगा बेस यानी A और हाइपोटेन्यूज हमारे पास कौन है ही R² + A² ठीक है मैथ्स कहती है कि भैया पहली बात तो क्या करो यहां पे टू को अंदर ले लो तो यहां पे आ जाएगा Q * में 2A आपको पता है ना आपको पता है ना क्या है ये पता है ना पता है ना ये है डपोल मोमेंट यहां पे R² + A² की पावर 1 है। यहां पे R² + A² की पावर 1/2 है। तो ये हो जाएगा R² + A² की पावर 3/2 1 और यहां पे वन है और यहां पे हाफ है तो ऐड करके आ गया 3/2 अब मुबारक हो ये हमारे पास फार्मूला आ गया है इलेक्ट्रिक फील्ड का एट इक्विटोरियल पॉइंट बट क्या ये हमने अभी नॉर्मल डपोल के लिए किया है या शॉर्ट डपोल के लिए किया है? आंसर है हमने अभी ये नॉर्मल डपोल के लिए किया है। अब यही काम अगर मैं शॉर्ट डपोल के लिए करता हूं जो कि आपको एग्जाम में करके आना है जब भी आपको ये डेरिवेशन बोली जाएगी तो शॉर्ट डपोल के लिए फिर से वही बात होगी कि जो A है वो R से बहुत ज्यादा छोटा हो जाएगा। इस सिचुएशन में मैं कैसे इमेजिन कर सकता हूं शॉर्ट डपोल को? ये प्लस चार्ज है मेरे पास। ये माइनस चार्ज है मेरे पास। एक्चुअली इससे भी ज्यादा करीब है ये और यहां पे कहीं और दूरी ये पॉइंट है। तो R जो है वो A से बहुत ज्यादा बड़ा हो गया है। जिसकी वजह से मैं A को नीचे इग्नोर कर सकता हूं। क्या आया था फार्मूला हमारे पास हमारे पास इलेक्ट्रिक फील्ड का ये कुछ हिला क्या? ये मैंने कुछ यहां पे हिलाया क्या? है ना? हां हां हां हां सॉरी सॉरी सॉरी। चलो। तो हमारे पास यहां पे इलेक्ट्रिक फील्ड का इक्विटोरियल पॉइंट पे फार्मूला क्या आया था? ये आया। अच्छा Q * में 2A को मैं ऑब्वियस सी बात है क्या लिख सकता हूं? P लिख सकता हूं। P लिख सकता हूं P और यहां पे आ जाएगा R² + A² की पावर 3/2। अब क्या मैं डिनोमिनेटर में A को इग्नोर कर सकता हूं? अगर डपोल शॉर्ट है तो। Yes। तो फार्मूला आ जाएगा KP / में R² था। यहां से इसको तो मैं हटा ही चुका हूं। तो बच गया पावर 3/2। अब यहां पे टू से टू कैंसिल हो गया। तो लो भाई मुबारक हो हमारे पास इलेक्ट्रिक फील्ड का फार्मूला इक्विटोरियल पॉइंट के लिए भी आ गया KP / R अब देखो ध्यान से हमारे पास इलेक्ट्रिक फील्ड एक्सियल पे कितनी आई थी माइनस को अगर आप इग्नोर कर दो क्योंकि वो डायरेक्शन को रिप्रेजेंट कर रहा है तो 2KP / R यहां पे आया था 2KP / R 2KP / R लेकिन यहां पे जो फार्मूला आया वो आया KP / R तो आप ऐसा भी कह सकते हो कि इलेक्ट्रिक फील्ड एक्सियल अपॉन में इलेक्ट्रिक फील्ड इक्वेटोरियल फॉर शॉर्ट डपोल फॉर शॉर्ट के लिए आया भाई शॉर्ट के लिए आया क्या इनका जो रेश्यो है वो 2:1 आ गया है बिल्कुल आ गया है इनके मैग्नीट्यूड का रेश्यो 2:1 आ गया तो ये आपको एमसीक्यू में हेल्प कर सकता है डन है तो ये हमारे पास इलेक्ट्रिक डपोल के लिए एक्सियल और इक्विटोरियल पॉइंट्स पे काम आ जाता है।
अब हम यहां पे इस चैप्टर की एक और बहुत इंपॉर्टेंट डेरिवेशन करने जा रहे हैं। बहुत ही इंपॉर्टेंट डेरिवेशन व्हिच इज़ टॉर्क ऑन अ डपोल। अब टॉर्क ऑन अ डपोल को अगर मैं समझूं पहली बात तो मैं चाहूंगा वीडियो को पॉज करके आप इतना ढंग से अच्छे से नोट कर लें। कोई जल्दबाजी ना करें। पहला चैप्टर है अगर कमजोर रह गया तो प्रॉब्लम हो जाएगी। ठीक है जी? अब आप पहले समझते हैं कि ये क्या डिमांड कर रहा है। लेट अस से मेरे पास यहां पे एक इलेक्ट्रिक फील्ड जा रही है। ठीक है? लेट अस से मेरे पास इधर जा रही है एक यूनिफॉर्म इलेक्ट्रिक फील्ड। ऑब्वियस सी बात है। अगर इलेक्ट्रिक फील्ड इधर कहीं जा रही है तो यह इधर कहीं पर प्लस चार्ज होगा। इधर कहीं पर माइनस चार्ज होगा। तो यहां पर मेरे पास जा रही है इलेक्ट्रिक फील्ड। सही है? सही है। सही है। ठीक है? अब इसके अंदर कहीं पे डपोल पड़ा हुआ है। जिसमें डपोल में इधर हमारे पास है प्लस चार्ज और इधर है हमारे पास माइनस चार्ज। ठीक है? और ये डपोल को ये लाइन जो है वो जोड़ रही है। यानी ये 2A डिस्टेंस हमारा हो जाता है। ठीक है ना? ये डिस्टेंस हमारा हो जाता है 2A अब सबसे पहले आपको ये याद करना होगा कि टॉर्क क्या होता था? तो 11th क्लास में हमने पढ़ा है जब भी हम किसी ऑब्जेक्ट पे ऐसी फोर्सेस लगाते थे जिनका लाइन ऑफ एक्शन डिफरेंट हो और वो ऑोजिट हो तो वो उस ऑब्जेक्ट को घुमा देती थी। उसमें टर्निंग इफेक्ट पैदा करती थी और इसको हमने टॉर्क कहा था। टर्निंग इफेक्ट ऑफ फोर्स को हमने टॉर्क कहा था। तो टॉर्क पैदा होने के लिए जो कंडीशन जरूरी है वो है कि दो ऑपोजिट फोर्सेस होनी चाहिए और उनका लाइन ऑफ एक्शन डिफरेंट होना चाहिए। अगर वो दोनों फोर्सेस इक्वल भी हैं और ऑपोजिट भी है और लाइन ऑफ़ एक्शन डिफरेंट है तो सिर्फ टॉर्क लगता था 11th क्लास। लेकिन अगर फोर्सर्सेस अनकल हैं, एक ज्यादा है, एक कम है। लेकिन वो अपोजिट है और उनका लाइन ऑफ एक्शन डिफरेंट है तो टॉर्क भी लगता था और वो ट्रांसलेशनल मोशन यानी आगे या पीछे भी जाते थे। अब यहां पे हमें प्रूफ करना है पहली बात तो कि इस पे सिर्फ टॉर्क लगेगा और फिर टॉर्क का फार्मूला डिराइव करना। आओ पहले समझते हैं कि टॉर्क लगेगा भी कि नहीं लगेगा। क्या ये प्लस चार्ज है और क्या प्लस चार्ज इलेक्ट्रिक फील्ड की डायरेक्शन में जाना चाहता है। ऑब्वियस सी बात है क्यों? यहां पे कहीं पे प्लस होगा। बाहर का कोई प्लस होगा और यहां माइनस होगा तभी इलेक्ट्रिक फील्ड यहां जा रही है। ये जो पीली वाली इलेक्ट्रिक फील्ड है वो डायपोल की नहीं है। वो किसी एक्सटर्नल इलेक्ट्रिक फील्ड है। तो क्या ये प्लस चार्ज जो है क्या ये प्लस चार्ज जो है ये प्लस चार्ज इलेक्ट्रिक फील्ड की डायरेक्शन में इसके ऊपर एक फोर्स लगेगी। है ना? तो ये प्लस चार्ज यहां जाना चाहेगा। एक सर्टेन फोर्स लगेगी इस पे। लेट्स से वो फोर्स है हमारे पास F अ प्लस वाले पे। तो F +Q क्या माइनस वाले पे ये फोर्स ऐसे लगेगी? बिल्कुल ऐसे लगेगी। माइनस वाले पे ये फोर्स ऐसे लग जाएगी। और ये फोर्स हो जाएगी F -Q। अब क्या ये तो दिख रहा है हमें साफ-साफ कि ये दोनों फोर्सेस ऑपोजिट डायरेक्शन में लग रही हैं। सोचो ये एक डपोल है। इस पे फोर्स लग रही है ऐसे। इस पे लग रही है ऐसे। तो क्या इस पे एक टॉर्क पैदा होगा? क्योंकि ये टर्न होगा। ये टर्न होगा तो इस पे क्या पैदा होगा? एक टॉर्क पैदा होगा। क्योंकि इस वाली फोर्स का आप लाइन ऑफ एक्शन देख सकते हो यहां है और इस वाली फोर्स का लाइन ऑफ एक्शन यहां है। तो उनका लाइन ऑफ एक्शन डिफरेंट लाइन ऑफ एक्शन है। तो भैया ये तो पक्का है कि टॉर्क पैदा होगा। बट क्या सिर्फ टॉर्क पैदा होगा? क्या ये एक ही जगह पे घूमेगा या आगे पीछे भी जाएगा। अगर ये दोनों फोर्सेस इक्वल और अपोजिट आ जाती हैं तो इससे साबित हो जाएगा कि टॉर्क तो लग रहा है लेकिन ये आगे पीछे नहीं जाएगा। तो सबसे पहले निकालते हैं कि जो फोर्स है +Q वाले चार्ज पे कितनी होगी? क्या हमने इस चैप्टर में पढ़ा है कि इलेक्ट्रिक फील्ड का फार्मूला फोर्स अपॉन में चार्ज होता है जिसको हम रखते हैं। तो यहां पे भी फोर्स का फार्मूला क्या हो जाएगा? अगर मुझे फोर्स निकालनी है तो इलेक्ट्रिक फील्ड इनटू में चार्ज हो जाएगा। तो इलेक्ट्रिक फील्ड हमने यहां पे यूनिफॉर्म ली है। E हर जगह बराबर है। तो इलेक्ट्रिक फील्ड हो जाएगी हमारे पास E और चार्ज हमारे पास Q। तो फोर्स आ जाएगी हमारे पास QE। फोर्स हमारे पास आ जाएगी QE। समझे क्या? Yes। अब यही फोर्स अगर मैं निकालूंगा किस पे भाई? -Q वाले पे। तो फार्मूला हो जाएगा QE ही। बस फर्क क्या है? कि चार्ज क्या है? माइनस का। तो फोर्स आप देखो क्या बराबर आई है? इसके ऊपर फोर्स है QE और इसके ऊपर फोर्स है -QE। तो क्या ये दोनों फोर्सर्सेस इक्वल और अपोजिट आई हैं? बिल्कुल आई हैं। दोनों फोर्सर्सेस इक्वल और अपोजिट। अगर ये फोर्सर्सेस इक्वल और अपोजिट आई हैं। तो क्या इनका नेट फोर्स जो है क्या इन पे जो नेट फोर्स है अगर मैं +Q वाले की और -Q वाले की ऐड कर दूं तो नेट F कितनी आ जाएगी? शून्य आ जाएगी। अब अगर नेट फोर्स जीरो आ गई तो इस पे ये तो पक्का है ये ना तो आगे जाने वाला है ना ही पीछे बिकॉज़ फोर्सर्सेस इक्वल है और अपोजिट हैं। बट इनका लाइन ऑफ़ एक्शन डिफरेंट है। तो यहां पे एक लाइन लिख लेंगे आप एज फोर्सेस आर इक्वल एंड अपोजिट बट हैविंग डिफरेंट लाइन ऑफ़ एक्शन। सो दीज़ फोर्सेस विल अप्लाई टॉर्क ऑन दी डपोल। अब हम लोगों को वो टॉर्क निकालना है। तो टॉर्क का फार्मूला हम लोगों ने 11th क्लास में पढ़ा है। ईदर फोर्स ईदर फोर्स इनटू में इनके बीच का परपेंडिकुलर डिस्टेंस। हमने 11th क्लास में पढ़ा है ईदर फोर्स इनटू में इनके बीच का परपेंडिकुलर डिस्टेंस। टॉर्क को हम टाऊ से रिप्रेजेंट करते आए हैं। अब ईदर फोर्स मतलब कोई भी एक फोर्स। लेट्स से QE इनटू में इनका परपेंडिकुलर डिस्टेंस। आओ, अब देखते हैं ध्यान से। क्या इन दोनों फ़ोर्सज़ के बीच यह एक फ़ का लाइन ऑफ़ एक्शन है। यह एक फ़ का लाइन ऑफ़ एक्शन है। तो, क्या इनके बीच का जो परपेंडिकुलर डिस्टेंस हो गया, क्या हमारे पास वो डिस्टेंस ये हरे वाला डिस्टेंस हो गया? Yes। अब अगर ये डिस्टेंस 2A है, और हमारे डपोल मोमेंट और इलेक्ट्रिक फील्ड के बीच में एंगल अगर थीटा है तो थीटा के सामने वाला हो जाता है sin थीटा। तो ये डिस्टेंस क्या हो गया? सामने वाला 2A sin थीटा जो कि इनके बीच का परपेंडिकुलर डिस्टेंस भी हो जाएगा। तो यहां पे हमारे पास आ जाएगा QE इनटू में साथ में क्या आ जाएगा जो डिस्टेंस है वो है 2A sin थीटा 2A sin थीटा अब यहां पे मैं क्या कर रहा हूं Q * में 2A को साथ लिख रहा हूं आप समझ सकते हो ऐसा मैं क्यों करने वाला हूं समझ गए ना क्योंकि Q
में 2a बन जाएगा। हमारे पास डायपोल मूवमेंट और बच्चों मुबारक हो, बहुत ही ज्यादा इस्तेमाल होने वाला। इसके ऊपर बोर्ड में एक न्यूमेरिकल पक्का आने वाला। ये फार्मूला हमने डिराइव कर लिया है डपोल अ पे टॉर्क का जो आया है q सॉरी pe sin थीटा, वेयर p इज़ डपोल मोमेंट, e इज़ इलेक्ट्रिक फील्ड जिसमें रखा है, एंड sin थीटा में थीटा इज़ दी एंगल बिटवीन दी डपोल मूमेंट एंड इलेक्ट्रिक फील्ड।
अब क्या टॉर्क एक वेक्टर क्वांटिटी होती है? बिल्कुल होती है। क्या p और e दोनों वेक्टर हैं? यस। दो वेक्टर के साथ अगर हमारे पास sin थीटा लगा हो तो हमने 11th क्लास में पढ़ा था कि इसे हम क्रॉस प्रोडक्ट बोल सकते हैं, क्रॉस प्रोडक्ट। तो क्या मैं टॉर्क का एक और फार्मूला वेक्टर फॉर्म में भी लिख सकता हूं? यस। तो टॉर्क का एक फार्मूला हमारे पास क्या आया? PE sin थीटा मैग्नीट्यूड में। और वेक्टर फॉर्म में अगर बात करें तो p वेक्टर क्रॉस e वेक्टर हमारे पास टॉर्क आ जाएगा।
अब टॉर्क के यहां पे हम लोग तीन स्पेशल केसेस पढ़ लेते हैं। आओ। पहला जब थीटा जो होगा 0° होगा। अगर थीटा 0° हुआ, क्या टॉर्क भी ज़ीरो हो जाएगा? यस। θ0 का मतलब ये जो डपोल है वो ऐसे पड़ा हुआ है। अब अगर ये डपोल पड़ा ही ऐसे y तो इस वाले चार्ज को यहां खींचा जाएगा। इस वाले चार्ज को यहां खींचा जाएगा। कोई टॉर्क अप्लाई नहीं होगा। कॉमन सेंस से भी समझते हैं। फार्मूला को समझ लेंगे। मान लो मान लो मान लो हमारे पास इधर इलेक्ट्रिक फील्ड है। अब इधर ही हमारे पास डपोल है। यह प्लस चार्ज है। यह माइनस है। तो प्लस वाले को इधर खींचा जाएगा। माइनस वाले को इधर। दोनों का लाइन ऑफ़ एक्शन क्या हो जाएगा? सेम। इसको इधर खींचा जाएगा। इसको इधर तो ना तो कोई फोर्स लगेगी और ना ही कोई टॉर्क लगेगा। और फार्मूला भी कह रहा है कि अगर हमारे पास थीटा ज़ीरो हो गया तो sin थीटा की वैल्यू क्या होती है? ज़ीरो पे ज़ीरो। तो इसका मतलब है टॉर्क जो है वो हमारे पास क्या आ जाएगा? ज़ीरो आ जाएगा। टॉर्क जो है वो हमारे पास क्या आ जाएगा? ज़ीरो।
ऐसे ही अगर थीटा हमारे पास 90° हो गया तो आप जानते हो कि sin 90 पे वन वैल्यू होती है तो जो टॉर्क है हमारे पास वो pe के बराबर आ जाएगा, व्हिच इज़ मैक्सिमम। ये मैक्सिमम टॉर्क हो जाएगा आपका है ना भाई? इससे ज्यादा टॉर्क आप नहीं लगा सकते। यानी कि अगर इलेक्ट्रिक फील्ड जा रही है इधर और डपोल ऐसे पड़ा हुआ है तो मैक्सिमम टॉर्क लगेगा, मैक्सिमम टॉर्क।
एंड अगेन अगर थीटा हो गया 180° यानी यानी हमारा डपोल ऐसे पड़ा हुआ है। यानी इधर जा रही है क्या? इलेक्ट्रिक फील्ड। लेकिन डायपोल जो है इस पर इधर माइनस चार्ज आ गया। इधर प्लस आ गया। ऑब्वियस सी बात है टॉर्क तो अभी भी नहीं लगेगा। पहले इसको इधर खींचा जा रहा था। इसको इधर खींचा जा रहा था। अब क्या हो गया है? अभी ऐसे इसको इधर खींचा जा रहा है। इसको इधर खींचा जा रहा है। तो नेट टॉर्क तो अभी भी हमारे पास ज़ीरो ही होगा। बिकॉज़ लाइन ऑफ़ एक्शन अभी भी सेम है। तो फर्क क्या होगा? फर्क क्या होगा? बताता हूं। लेकिन इस केस में भी टॉर्क तो हमारे पास जीरो ही होगा। बिकॉज़ sin 180 भी जीरो ही होता है।
लेकिन यहां पे जो सबसे ज्यादा सवाल पूछा जाता है वो ये पूछा जाता है कि जो डपोल है वो इक्विलिब्रियम में है या नहीं है? और इक्विलिब्रियम भी कौन से प्रकार का है? स्टेबल इक्विलिब्रियम है या अनस्टेबल इक्विलिब्रियम है? ये सवाल काफी पूछा जाता है। आओ अब सुनो। बहुत ध्यान से सुनना। अगर टॉर्क हमारे पास जीरो है और फोर्स हम जीरो पीछे प्रूफ कर ही चुके हैं। तो हम सब ने 11th क्लास में पढ़ा है कि अगर फोर्स भी ज़ीरो है और अगर टॉर्क भी ज़ीरो है तो जो ऑब्जेक्ट है वो किस में कहलाया जाता है? इक्विलिब्रियम में कहलाया जाता है। ऑब्जेक्ट किस में कहलाया जाता है? इक्विलिब्रियम में। तो ये तो पक्का है कि ये जो है वो इक्विलिब्रियम में है। है ना भाई? ये जो है वो इक्विलिब्रियम है और ये जो है नो इक्विलिब्रियम रीजन क्योंकि यहां पे टॉर्क जीरो नहीं है और ये भी किस में है? इक्विलिब्रियम में है।
लेकिन सवाल ये उठता है कि इक्विलिब्रियम दो प्रकार का होता है स्टेबल इक्विलिब्रियम और अनस्टेबल। एक और भी होता है न्यूट्रल बट अभी जिसकी हम बात कर रहे हैं इक्विलिब्रियम दो प्रकार का होता है। स्टेबल और अनस्टेबल। अगर मैं किसी चीज को उसकी जगह से डिस्प्लेस करूं और वो वापस वहीं पे आ जाए जहां से मैंने उसको डिस्प्लेस किया था। तो ऐसे इक्विलिब्रियम को हम बोलते हैं स्टेबल इक्विलिब्रियम। लेकिन अगर मैं किसी को डिस्टर्ब करूं और वो अपनी उस जगह पे इक्विलिब्रियम द्वारा ना बना पाए जहां से उसने स्टार्ट किया था। उसको बोलते हैं अनस्टेबल। समझो अगर ये इस वाले केस में पड़ा हुआ है डपोल। अभी मैं आपको एक एक्सपेरिमेंट भी दिखाता हूं। लेकिन अगर ये एक इस वाले केस में पड़ा हुआ है डपोल और अगर मैं इसको ऐसे डिस्प्लेस करता हूं तो ये वापस से इलेक्ट्रिक फील्ड से खींच लेगी। इसे भी खींच लेगी और ये वापस ऐसे आ जाएगा। फिर मैं डिस्टर्ब करता हूं फिर ऐसे आ थोड़ा बहुत हिल के ऐसे आ जाएगा। फिर डिस्टर्ब करता हूं फिर ऐसे आ जाएगा। तो ये इक्विलिब्रियम कौन सा हुआ? स्टेबल हुआ। बिकॉज़ मैं इसको अगर डिस्टर्ब कर रहा हूं तो ये वापस अपनी उसी जगह पे क्या बना रहा है? इक्विलिब्रियम।
लेकिन अगर मैं इसको ऐसे जबरदस्ती यूं लगा के रख दूं। तो इलेक्ट्रिक फील्ड में ये वाला उसे उधर खींचना चाह रहा है इस बार और ये वाला उसे इधर यानी 180 पे। तो अगर मैं इसे थोड़ा बहुत भी ऐसे डिस्प्लेस कर देता हूं तो ये वाला इसको इधर खींच के ऐसे कर देगा। तो अभी तो इक्विलिब्रियम में है लेकिन बहुत सेंसिटिव पोजीशन में है। थोड़ा बहुत भी एंगल दूंगा तो खटाक से ऐसे हो जाएगा। तो ये कौन सा इक्विलिब्रियम हुआ? अनस्टेबल। क्योंकि डिस्टर्ब करने पे ये वहां पे इक्विलिब्रियम दोहरा नहीं बना पाएगा जहां पे इसने पहले बनाया था।
अब इस वीडियो में अंडे की मदद से आओ जरा समझते हैं कि स्टेबल इक्विलिब्रियम अनस्टेबल इक्विलिब्रियम क्या है? अंडा दो पोजीशन में होगा। एक नॉर्मल रखा होगा। एक हमने नमक पे रखा होगा। नॉर्मल रखे हुए मैं डिस्टर्ब करूंगा वहीं आ जाएगा। वापस नमक पे रखने पे इक्विलिब्रियम तो बन जाएगा। लेकिन डिस्टर्ब करने पे वापस वहां पे इक्विलिब्रियम बनाना पड़ेगा। तो आओ उससे स्टेबल और अनस्टेबल इक्विलिब्रियम समझते हैं। फिर यहां पे हम ऑब्वियस सी बात है यहां पे हमारे पास इक्विलिब्रियम कौन सा है? स्टेबल। ये तो हमने समझ ही लिया है। क्योंकि डिस्टर्ब करने पे वापस यहां आ जाएगा। और यहां पे जो इक्विलिब्रियम बनेगा वो अनस्टेबल है। बहुत एमसीक्यू आते हैं इसके ऊपर। लेकिन एक बार पहले ये वाला एक्सपेरिमेंट देख लो जल्दी से।
यह एक अंडा है। अगर मैं अंडे को ऐसे रखता हूं और छोड़ता हूं तो ये तो गिर जाएगा। इस अंडे को ये लेते हैं प्यारा सा। यहां पे थोड़ा सा स्टॉल डाल दूं। अंडे को इसके ऊपर खड़ा करता हूं तो क्या ये इक्विलिब्रियम है? या बट ये इक्विलिब्रियम और इस वाले इक्विलिब्रियम में फर्क क्या है? आप जरा समझे। इसमें अगर मैं इसको उठा के छोड़ रहा हूं। उठा के छोड़ रहा हूं। उठा के छोड़ रहा हूं। तो ये वापस वही इक्विलिब्रियम बना रहा है जहां इसने पहले बनाया था। लेकिन अगर मैंने इसको क्या किया? डिस्टर्ब क्या ये वहां पे इक्विलिब्रियम वापस बना पाएगा? अगर मैं इसको डिस्टर्ब करता हूं तो देखो इसने नया इक्विलिब्रियम बनाया लेकिन वहां नहीं जहां पे लेकिन अगर मैं इस वाले अंडे को ऐसे रखता हूं और डिस्टर्ब करता हूं तो ये वापस वही इक्विलिब्रियम बनाएगा जहां पे इसने पहले बनाया था। क्या इसने नया इक्विलिब्रियम बनाया? यस। लेकिन वहां नहीं बनाया। जहां इसने पहले बनाया हुआ था।
इक्विलिब्रियम के दो प्रकार होते हैं। एक होता है अनस्टेबल इक्विलिब्रियम। क्या होता है? अनस्टेबल इक्विलिब्रियम। मैं रातों में अंडा यूज़ कर रहा हूं उसके लिए सॉरी। सर साइंस के लिए कर रहे हैं। हां। तो आई होप आप समझे इस वीडियो के माध्यम से कि स्टेबल इक्विलिब्रियम और अनस्टेबल इक्विलिब्रियम क्या होता है? इसके ऊपर एक एमसीक्यू जरूर आएगा।
आओ बात करते हैं किसके बारे में? इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस के बारे में। इलेक्ट्रिक फील्ड तो हम लोग समझ गए। अब बात करते हैं इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस क्या होता है? क्या इलेक्ट्रिक फील्ड हमें दिखती है? आंसर है इलेक्ट्रिक फील्ड हमें दिखती तो नहीं है बट वो होती तो है। तो इसलिए हमने कुछ इमेजिनरी लाइंस बनाई हैं एक चार्ज के आसपास जो हमें रिप्रेजेंट करके देती हैं कि इलेक्ट्रिक फील्ड दिखती कैसी है? ऑलदो वो देख नहीं सकते लेकिन इसकी कुछ प्रॉपर्टीज पढ़ेंगे। कुछ प्रॉपर्टीज ऐसी हैं जो एज्यूम्ड हैं और कुछ प्रॉपर्टीज ऐसी हैं जो हमने ऑब्जर्व करके लिखी हैं। ठीक है ना? चलो आओ।
तो इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस क्या है? पहली बात तो ये इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस ऐसी इलेक्ट्रिक लाइंस हैं जिनको आप डिफाइन कर सकते हो कि अगर मैं एक छोटे से चार्ज को छोड़ दूं तो वो चार्ज पॉजिटिव है अगर तो वो फ्रीली मूव कर सकता है उस पूरी लाइन पे। इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन एक ऐसी इमेजिनरी लाइन है जिसमें अगर छोटा सा पॉजिटिव चार्ज को छोड़ दूं तो उसी डायरेक्शन में जाएगा। इसकी एक और डेफिनेशन भी है। इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन एक ऐसी इमेजिनरी लाइन है जिस पे अगर आपको किसी भी पॉइंट पे इलेक्ट्रिक फील्ड की डायरेक्शन चाहिए हो तो आप टेंजेंट बना सकते हो। आप टेंजेंट बना सकते हो। आप टेंजेंट बना सकते हो। जैसे कि हमने 10थ में मैग्नेटिक फील्ड लाइन पढ़ा था। ऐसे इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन भी हमारे पास आ जाता है। तो इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन की आप अलग-अलग परिभाषा दे सकते हो। पहली परिभाषा क्या है? एक ऐसी इमेजिनरी लाइन जिस पे एक पॉजिटिव चार्ज को छोड़ दो तो उसी डायरेक्शन में उसी लाइन में भागेगा। या ऐसा भी कह सकते हो एक ऐसी इमेजिनरी लाइन जिसके पॉइंट पे कहीं पर भी अगर आपको इलेक्ट्रिक फील्ड चाहिए हो तो टेंजेंट बनाओ तो डायरेक्शन ऑफ इलेक्ट्रिक फील्ड मिल जाए। उस लाइन को हम इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन कहते हैं।
अब इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन की कुछ प्रॉपर्टीज होती हैं। पहला ये हमेशा कंटिन्यूस स्मूथ कर्व्स हैं। इनमें कहीं पे ब्रेक और सडन टर्न नहीं होता। अब सडन टर्न कैसे होगा भाई? अगर सडन टर्न हो जाएगा तो इस पॉइंट पे दो टेंजेंट बन जाएंगे। है ना? सडन टर्न का मतलब है जहां टर्न होगा उधर एक टेंजेंट यहां एक टेंजेंट यहां। अब एक ही पॉइंट पे इलेक्ट्रिक फील्ड की दो डायरेक्शन तो नहीं हो सकते। इसलिए सडन ब्रेक या टर्न नहीं होगा। ये सेकंड वाली अस्यूम्ड है कि इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस हमेशा पॉजिटिव चार्ज से निकलेंगी और नेगेटिव पे जाके खत्म हो जाएंगी। पॉजिटिव चार्ज पे निकलेंगी और नेगेटिव चार्ज पे जाके खत्म हो जाएंगी। जिसकी वजह से कभी भी क्लोज्ड लूप नहीं बना सकती। कैसे? ये पॉजिटिव से निकलती हैं और नेगेटिव पे जा के खत्म हो जाती हैं। तो ये क्लोज लूप नहीं बनाएंगी। 10थ क्लास में पढ़ा था अगर आपको याद हो कि मैग्नेटिक फील्ड लाइंस क्लोज लूप बनाती हैं क्योंकि वो आउटसाइड चलती हैं नॉर्थ से साउथ और इनसाइड साउथ से नॉर्थ आके क्लोज लूप। बट यहां पे ऐसा नहीं होता है। पॉजिटिव से शुरू और नेगेटिव पे खत्म हो जाती हैं। थर्ड प्रॉपर्टी हमने पढ़ ली है कि टेंजेंट बनाओगे तो डायरेक्शन मिल जाएगी। फोर्थ है दो इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस इंटरसेक्ट नहीं कर सकती। अगेन 10थ क्लास वाला ये कांसेप्ट है। अगर कर गई तो इस पॉइंट पे दो टेंजेंट बन जाएंगे और एक ही पॉइंट पे एक वेक्टर के दो अलग-अलग डायरेक्शंस नहीं हो सकते हैं। इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस हमेशा चार्ज पार्टिकल से परपेंडिकुलर यानी कि नॉर्मल निकलेंगे। अगर ये हमारे पास एक चार्ज है तो इससे इलेक्ट्रिक फील्ड हमेशा परपेंडिकुलर निकलेगी। ऐसे एक सर्टेन एंगल पे नहीं निकल सकती है। हमेशा वो कैसे निकलेगी भाई? परपेंडिकुलर निकलेगी। ये बात ध्यान रखनी है। इसके बाद जितनी इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस एक दूसरे के पास होंगी उतनी स्ट्रांग होंगी और जितनी दूर होंगी उतनी वीक होंगी। जैसे अगर आपने देखा हो हमने यहां पे यूनिफॉर्म इलेक्ट्रिक फील्ड बनाई तो कोशिश की मतलब कि हर जगह डिस्टेंस बराबर हो। लेकिन अगर कहीं पे इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन ऐसे देखो कहीं पे इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन मान लो ऐसे जा रही है। ऐसे जा रही है। ऑब्वियस सी बात है इंटरसेक्ट नहीं होंगी। तो यहां पे आप कह सकते हो कि इलेक्ट्रिक फील्ड वीक है क्योंकि यहां पे दूर है और यहां पे इलेक्ट्रिक फील्ड स्ट्रांग है क्योंकि यहां पे इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस पास हैं। ठीक है? एंड सेवंथ और बहुत इंपॉर्टेंट पॉइंट ये कहता है कि इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस हमेशा एक सॉरी इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस कभी भी एक कंडक्टर के अंदर होलो कंडक्टर के अंदर ट्रैवल नहीं कर सकती। है ना? इसको हम लोग एक स्पेशल नाम भी देते हैं और वो है इलेक्ट्रोस्टैटिक शील्डिंग। इसका एक स्पेशल नाम भी है और वो नाम क्या है भाई? इलेक्ट्रोस्टेटिक शील्डिंग। इलेक्ट्रोस्टेटिक शील्डिंग का मतलब होता है कि इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस कभी भी एक होलो कंडक्टर के अंदर नहीं जा सकती। अगर ये होलोकंडक्टर है तो इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन अगर यहां से आ रही है तो इसके सरफेस से होकर चली जाएगी। जैसे आपने सेवंथ एथ में पढ़ा हो। अगर आपको याद हो कि अगर आप एक खाली गाड़ी में हो, खाली गाड़ी में मतलब गाड़ी में हो। और अगर आपको बिजली गिर रही है वहां पे तो गाड़ी के अंदर ही रहो। बिकॉज़ आपके लिए गाड़ी एक होलो कंडक्टर है। तो अगर बिजली गिरेगी तो यहां से हो के धरती पे वापस चली जाएगी। आयनाइजेशन वगैरह बहुत सारे लफड़े हैं। बट अभी बेसिक बात ये है कि इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस कभी भी होलो कंडक्टर के अंदर से ट्रैवल नहीं कर सकती हैं। इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन कभी भी होलो कंडक्टर के अंदर जो है वो नहीं जा सकती हैं। ये बात आपको हमेशा ध्यान रखनी होगी। इसे क्या भी कहा जाता है? इलेक्ट्रोस्टेटिक शील्डिंग भी कहा जाता है।
अब अगर मैं इसको एक बहुत छोटे से बहुत बेसिक से कॉन्सेप्ट से समझाऊं। मैं आपको चलो आओ ना ऐसा करते हैं ना। सीधा देखते हैं ना इस वीडियो को देखते हैं। फिर आगे बढ़ेंगे। चलो इस वीडियो को देखो। अब यहां पे एक चीज़ देखो। मैंने क्या किया? एक यह मैंने रीमा मैम का फोन रखा हुआ है। अभी आप इसमें यहां पे सिग्नल्स देख सकते हो कि ये जो सिग्नल आ रहे हैं वाई-फाई के या हर चीज के वो अभी किस रेंज में हैं। एक डंडा कम है यहां पे। अगर मैं इसको एलुमिनियम मैंने नीचे भी एलुमिनियम फॉइल रखी हुई है। है ना? अगर आप यहां पे देखें तो अभी कितने डंडे आ रहे हैं सिग्नल के? तीन। और वाई-फाई के सिग्नल लगभग लगभग पूरे हैं। ठीक है ना? अब अगर मैं यहां पे क्या करता हूं इसके ऊपर ये एक सेकंड हां ये एक पतीला रख देता हूं। तो अब ये एक होलो कंडक्टर हो गया। और नीचे भी मैंने मेटल लगा दिया। तो एक प्रकार से पूरा का पूरा होलो कंडक्टर के अंदर फोन चला गया। अब आप ये तो सब जानते हैं कि जो फोन है वो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स पे चलता है जिसमें इलेक्ट्रिक फील्ड भी होती है। तो अगर मैं अभी इसको यहां से हटाऊं तो इसके अंदर के जो फोन के सिग्नल्स होंगे वो कम हो चुके होंगे। मैं यहां पे फोन मिला के भी दिखा सकता था आपको लेकिन मेरे को तीसरा फोन ले के आना पड़ेगा। अभी मैं अभी अभी वो फिलहाल अवेलेबल नहीं है मेरे पास। तो इसलिए मैं आपको यहां पे ऐसे दिखा रहा हूं कि इसके जो सिग्नल्स होंगे अगर मैं इसको खोल के दिखाऊं आपको तो इसके सिग्नल कैसे रिप्रेजेंट होंगे ये देखो। अगर मैं यहां पे आपको दिखाऊं तो देखो एक सिग्नल बचा है अभी इसके अंदर है ना ये देखो दो हो गए ढक्कन हटाते ही ये ढक्कन हटाते ही तीन हो गए तो अब यहां पे फिलहाल वापस से सिग्नल तीन हो गए हैं लेकिन अगर मैं ढक्कन मैंने आपने देखा होगा मैंने कैमरे पे कोई कट भी नहीं मारा है ये वीडियो कंटीन्यूअसली चल रही है मैं इसको एडिट भी नहीं करूंगा सीधा डाल दूंगा ताकि आप समझ पाएं तो ढक्कन लगाने के बाद इसके अंदर एक्चुअली में इलेक्ट्रोस्टेटिक शील्डिंग हो रही है ऑलदो फोन सिग्नल्स बहुत अच्छे से बिल्ड अप होते हैं थोड़ा बहुत सिग्नल यहां से जा रहे होंगे क्या पता।
चलिए भाई तो आगे बढ़ते हैं। अब बात करते हैं किस चीज के बारे में भाई? कि इलेक्ट्रिक अ फील्ड लाइंस अलग-अलग कंडक्टर्स के लिए कैसी शेप की बनती है? अभी हमने जो प्रॉपर्टीज पढ़ी उनके बिहाफ पे ही हम लोग इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस की शेप जो है वो ड्रॉ करेंगे। सबसे पहले हमारे पास आ रहा है पॉजिटिव चार्ज। ठीक है जी? पॉजिटिव चार्ज की अगर बात करी जाए तो ये अगर हमारे पास पॉजिटिव चार्ज है तो ऑब्वियस सी बात है पॉजिटिव चार्ज से इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन परपेंडिकुलर निकलेंगी और नेगेटिव की तलाश में जाएंगी। अब क्योंकि यहां पे नेगेटिव नहीं है तो ऑब्वियस सी बात है ये इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस कहां तक जाएंगी? इनफाइनाइट तक जाएंगी। है ना? ऐसे ही अगर मैं बात करूं एक नेगेटिव चार्ज की तो नेगेटिव चार्ज में इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन कहां से आती हैं भाई? पॉजिटिव से आती हैं। और कहां पे आके ये खत्म हो जाती हैं? नेगेटिव पे। अब यहां पॉजिटिव तो है नहीं। तो इसका मतलब है कि इनफाइनाइट से आएंगी। कहीं से तो आएंगी और नेगेटिव पे आके क्या हो जाएंगी? खत्म हो जाएंगी। है ना भाई? बहुत सिंपल।
वहीं पे अगर बात करें एक डपोल की यानी लाइक चार्जेस जो कि इक्वल और ऑपोजिट हैं एक दूसरे से बैठे हुए। तो अगर ये प्लस चार्ज है हमारे पास और ये माइनस चार्ज है। तो प्रॉपर्टीज को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन पॉजिटिव से निकलती है। नेगेटिव पे जाके खत्म। और पॉजिटिव से निकलेंगी परपेंडिकुलर तो नेगेटिव पे परपेंडिकुलर ही आएंगी। परपेंडिकुलर निकलेंगी परपेंडिकुलर ही आएंगी। समझ रहे हो? और आपस में क्या भी नहीं होंगी? ये इंटरसेक्ट भी नहीं होंगी। और ये वाली पॉजिटिव से निकलेगी और ऑब्वियस सी बात है नेगेटिव पे घूम के लंबा डिस्टेंस चल के ये आ जाएगी। और यहां पे ये जो पॉजिटिव से निकलेगी वो घूम के इनफाइनाइट से नेगेटिव पे वापस आ जाएगी। तो एक 10थ क्लास में बार मैग्नेट के लिए जैसे मैग्नेटिक फील्ड बनाई थी यहां पे इलेक्ट्रिक फील्ड बन जाएगी।
लेकिन अगर मैं यहां पे बात करूं एक किसके बारे में बात करूं? लाइक चार्जेस के बारे में। तो लाइक चार्जेस जो हैं वो कैसी इलेक्ट्रिक फील्ड पैदा करते हैं भाई? तो लाइक चार्जेस अब ये पॉजिटिव है और ये पॉजिटिव है। अब सुनने वाली बात ये है कि पॉजिटिव से और पॉजिटिव से इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन निकलती हैं। अब यहां से अगर निकलेगी, यहां से अगर निकलेगी तो ये तो आपस में क्या हो जाएंगी? इंटरसेक्ट तो इसलिए आगे जाके ये काइंड ऑफ ऐसे मुड़ जाएंगी। आगे जाके ये ऐसे काइंड ऑफ मुड़ जाएंगी। है ना? लेकिन ये आपस में क्या नहीं होंगी? इंटरसेक्ट नहीं हो सकती। एक प्रकार से आप ऐसा कह सकते हो कि ये रिपेल हो रही थी एक दूसरे से तो यहां पे आके एक दूसरे से दूर हो गई। बट ये इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन कुछ ऐसे निकल जाएंगी।
पांचवी के बारे में बात करूं एक शीट के बारे में। तो हम ये प्रूफ भी करेंगे अभी डेरिवेशन से। बट एक शीट के लिए इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस हमेशा यूनिफॉर्म निकलती हैं। अभी तक आप किसी की भी इलेक्ट्रिक फील्ड देख लो यूनिफॉर्म नहीं है। कहीं पे पास है तो कहीं पे दूर है। कहीं पे पास है तो कहीं पे दूर है। तो वो कम कहीं पे कमजोर है। कहीं पे ताकतवर है। लेकिन एक शीट के लिए इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन मैथमेटिकली भी प्रूफ करेंगे कि यूनिफॉर्म होती है। अब यूनिफॉर्म होगी तो कैसे निकलेगी? स्ट्रेट लाइन निकलेगी। यूनिफॉर्म होगी तो कैसे निकलेगी? स्ट्रेट लाइन निकलेगी। समझ गए? डन है? तो इस प्रकार से हम कंसेप्ट लगा के कि भैया हमेशा चार्ज से परपेंडिकुलर निकलती है, पॉजिटिव से शुरू होती है, नेगेटिव खत्म होती है। इस प्रकार से कुछ हम इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस जो है वो ड्रॉ कर सकते हैं। डन है?
चलिए अब यहां पे एक छोटा सा टॉपिक आता है व्हिच इज़ एरिया वेक्टर। अब देखो प्रॉब्लम प्रॉब्लम तो नहीं कहूंगा लेकिन पंगे वाली बात क्या है? अभी तक हमारे पास कितनी भी क्लासों में हमने पढ़ाई कि एरिया हमारे लिए एक स्केलर होता था। या हमने कभी भी एरिया की डायरेक्शन की बात नहीं की थी। बट अब से हमारे लिए एरिया एक वेक्टर हो जाएगा। ठीक है ना? अब से हमारे लिए एरिया एक वेक्टर हो जाएगा क्योंकि आगे जाके हमें पढ़ना है गॉस थ्योरम और गॉस थ्योरम में एरिया को हमें वेक्टर ही कंसीडर करना पड़ता है। अदरवाइज पढ़ाई पॉसिबल नहीं होती है। मैं समझाता हूं। देखो अगर एरिया आज के बाद हमारे लिए वेक्टर है तो इसके एक डायरेक्शन होगी। ध्यान से सुनना। फॉर क्लोज्ड बॉडीज फॉर क्लोज्ड बॉडीज एरिया वेक्टर इज ऑलवेज परपेंडिकुलरली आउटवर्ड्स समझो क्या हो रहा है? अगर कोई क्लोज्ड बॉडी है जैसे कि ये क्यूब है। आपने क्यूब देखा होगा। क्यूब देखा होगा। क्यूब के पास क्यूब एक क्लोज्ड बॉडी है। अब क्यूब के लिए जो एरिया है आपको पता है क्यूब छह सर छह स्क्वायर से मिलकर बना होता है। छह सरफेससेस से मिलकर बना होता है। एक प्रकार से तो हर एक स्क्वायर हर एक एरिया का जो एरिया वेक्टर होगा वो
परपेंडिकुलरली बाहर होगा। यानी कि ये जो ऊपर वाला स्क्वायर है इसके लिए एरिया वेक्टर परपेंडिकुलरली ऊपर होगा। ये जो नीचे वाला है इसके लिए एरिया वेक्टर परपेंडिकुलरली नीचे होगा। ये जो साइड वाला है इसके लिए एरिया वेक्टर परपेंडिकुलरली इधर होगा। ऐसे कुल मिला के यहां पे छह एरिया वेक्टर हो जाएंगे। समझ रहे हो? ऐसे कुल मिला के यहां पे छह एरिया वेक्टर हो जाएंगे। बट ये तो हमें समझ में आता है क्योंकि यहां पे अगर मैं बोलूं तो मुझे सिक्स एरिया वेक्टर्स मिलेंगे क्योंकि यहां पे सिक्स सरफेससेस हैं। ऑब्वियस सी बात है ऊपर वाले के लिए मैं कहीं से भी ले लूं एरिया वेक्टर हमेशा परपेंडिकुलरली ऊपर होगा तो एक ही है। लेकिन वहीं पे अगर मेरे पास कोई एक कर्व्ड बॉडी है। लेट्स से कोई स्फेरिकल बॉडी है स्फेरिकल बॉडी। तो एरिया वेक्टर क्या बोला गया? परपेंडिकुलरली आउटवर्ड। तो यहां से छोटा सा जो एरिया होगा मान लो ds उसके लिए एरिया वेक्टर यहां हो जाएगा। यहां से जो छोटा सा एरिया होगा ds उसका एरिया वेक्टर यहां हो जाएगा। यहां से छोटा सा जो ds होगा उसका एरिया वेक्टर यहां हो जाएगा। तो यहां पे मुझे कितने एरिया वेक्टर मिल जाएंगे? आंसर है इनफाइनाइट एरिया वेक्टर्स मिल जाएंगे। क्योंकि यहां पे ये कर्व्ड बॉडी है। अब अगर ये कर्व््ड बॉडी है तो मुझे कुल मिला के इनफाइनाइट एरिया वेक्टर्स यहां पे मिलेंगे। लेकिन यहां पे मुझे इस पूरे का सिर्फ एक ही मिलेगा। बिकॉज़ ये फ्लैट और परपेंडिकुलरली आउटवर्ड एक ही डायरेक्शन मिलती है। तो एरिया वेक्टर हमेशा परपेंडिकुलरली कहां होता है? आउटवर्ड होता है। बट अगर कोई बॉडी क्लोज्ड नहीं है। लेट्स से कोई एक शीट है। मान लो एक शीट है। ये शीट है। अब इस शीट में कोई क्लोज तो है नहीं। तो मैं एरिया वेक्टर इधर लूं या इधर लूं। तो उस केस में मुझे ध्यान रखना है कि एरिया वेक्टर मुझे कहां लेना है? जहां पे वो इलेक्ट्रिक फील्ड के साथ स्मॉलर एंगल बना रहा हो। अगर कोई बॉडी क्लोज्ड है तो ऑब्वियस है कुछ भी हो जाए एरिया इलेक्ट्रिक फील्ड हो ना हो कहीं पे भी हो एरिया वेक्टर हमेशा परपेंडिकुलरली आउटवर्ड होगा। अभी आप आगे हम कुछ डेरिवेशंस करने वाले हैं। हम उनको समझेंगे भी। लेकिन अगर मैं ऐसे बोलूं कि एरिया वेक्टर एक ओपन बॉडी के लिए कहां है? इसमें तो आउटवर्ड कुछ नहीं होता। इसमें तो एरिया वेक्टर ये भी हो सकता है और ये भी। उस केस में मुझे इलेक्ट्रिक फील्ड गिवन होगी। अगर मुझे इलेक्ट्रिक फील्ड गिवन है तो इलेक्ट्रिक फील्ड के साथ ये इलेक्ट्रिक फील्ड है। इलेक्ट्रिक फील्ड के साथ जो छोटा एंगल बनाएगा वो एरिया वेक्टर हो जाएगा। अब जैसे इसका एरिया वेक्टर यहां भी हो सकता था और यहां भी तो ये ऑब्वियस है कि ये वाला जो एरिया वेक्टर है ये छोटा एंगल बनाएगा ये वाला। अगर मैं एरिया वेक्टर यहां लेता तो ये बड़ा एंगल बनाता। तो मुझे कौन सा एंगल लेना है? स्मॉलर एंगल लेना है। स्मॉलर एंगल लेना है। तो उस केस में फिर यहां हमारे पास एरिया वेक्टर हो जाएगा। तो ये हमारे पास एरिया वेक्टर हो जाएगा। तो एरिया वैसे अभी तक बचपन से हमारे पास अभी तक वेक्टर नहीं था। लेकिन अब से वो वेक्टर क्यों हो जाएगा? क्योंकि हमें उसकी जरूरत है। तो मैंने आपको बताया था कि कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिनको हम खुद से वेक्टर बनाते हैं। उनमें से एरिया हमारे पास एक है। ठीक है? चलो आओ।
अब हम बात करेंगे इलेक्ट्रिक फ्लक्स की। पहली बात तो फ्लक्स का मतलब क्या होता है? ये सब हम तैयारी कर रहे हैं गॉस थ्योरम को पढ़ने के लिए। फ्लक्स का मतलब क्या होता है? फ्लक्स का मतलब होता है चीरना एक प्रकार से। तो इलेक्ट्रिक फ्लक्स का मतलब क्या हो गया? कि एक पर्टिकुलर एरिया से इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस कितनी उसको चीरते हुए उसको थ्रेड करते हुए उसको पार करते हुए जा रही हैं। इसको बोलते हैं इलेक्ट्रिक फ्लक्स। लेट अस से हमारे पास ये एक एरिया है। ठीक है ना? ये एक एरिया है। इसका ऑब्वियस सी बात है एरिया वेक्टर इधर होगा। अगर इलेक्ट्रिक फील्ड मैं अभी बना रहा हूं तो। ठीक है ना? अब इसका एरिया इलेक्ट्रिक मैंने एरिया वेक्टर इधर इसलिए लिया क्योंकि इलेक्ट्रिक फील्ड भी इधर ही जा रही थी। यह इलेक्ट्रिक फील्ड जा रही थी E तो इलेक्ट्रिक फ्लक्स क्या होता है? इलेक्ट्रिक फ्लक्स होता है नंबर ऑफ इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस पासिंग थ्रू एन एरिया। ध्यान रहे परपेंडिकुलरली। अब परपेंडिकुलरली नहीं जाएंगे तो क्या करेंगे बता रहा हूं बट अभी के लिए तो यह इलेक्ट्रिक फील्ड इससे परपेंडिकुलरली जा रही है। इलेक्ट्रिक फ्लक्स को हम फाई के नीचे e से दिखाएंगे। हमारे पास पांचवें चैप्टर में अ पांचवें चैप्टर में छठे चैप्टर में छठे में ईएमआई में मैग्नेटिक फ्लक्स भी आएगा। तो उसको हम फाई के नीचे b से दिखाएंगे। तो इसलिए आपको ये अभी से आदत डालनी है कि आप इसे डालो क्योंकि यहां पे इलेक्ट्रिक फ्लक्स है ये e। तो यहां से हमारे पास इलेक्ट्रिक फ्लक्स का क्या फार्मूला बनेगा? कितनी इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस इसको पार कर रही हैं एक पर्टिकुलर एरिया से? तो इलेक्ट्रिक फ्लक्स का फार्मूला हमारे पास आ जाएगा E * में S. अब ये तो फार्मूला तब है जब इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन एरिया को परपेंडिकुलरली पार कर रही हो। अब अगर वो परपेंडिकुलरली पार नहीं कर रही। लेट्स से इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन एरिया वेक्टर को परपेंडिकुलरली पार नहीं कर रही हैं। तो हमारा एरिया वेक्टर तो इधर ही होगा। लेट्स से s क्योंकि वो तो परपेंडिकुलरली आउटवर्ड होता है। और इलेक्ट्रिक फील्ड मान लो ऐसे जा रही है। अब इस बार ये दोनों आपस में सेम डायरेक्शन में नहीं है। मतलब इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन एरिया को परपेंडिकुलरली पार नहीं कर रही है। इस केस में जो हमारे पास इलेक्ट्रिक फ्लक्स बनेगा उसका फार्मूला क्या होगा? सुनो। हमारी डेफिनेशन कहती है कि जो इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस है उन्हें कैसे पार होना चाहिए परपेंडिकुलरली। अब ये जो इलेक्ट्रिक फील्ड है E इसके यहां पे दो टुकड़े हो जाएंगे। E के यहां पे दो टुकड़े हो जाएंगे। एक ये वाला कॉम्पोनेंट हो जाएगा। एक ये वाला कॉम्पोनेंट हो जाएगा। तो ये वाला थीटा के साथ वाला कौन सा होता है? cos तो ये हो जाएगा e cos थीटा और ये वाला कॉम्पोनेंट हो जाएगा e sin थीटा। हमें कौन सा वाला कॉम्पोनेंट चाहिए? ये ऑब्वियस सी बात है हमें cos थीटा वाला चाहिए। तो इलेक्ट्रिक फील्ड की बजाय मैं कौन सा कॉम्पोनेंट ले लूंगा? cos थीटा वाला। क्योंकि मुझे वो वाली इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस चाहिए जो एरिया को परपेंडिकुलरली पार कर रही हो। साथ में s तो है ही। अब अगर मैं इसको थोड़ा सा और सिंपलीफाई करूं तो क्या ये es cos थीटा आ जाएगा? यस। अब सुनो ध्यान से। क्या मैं फ्लक्स को आज से वेक्टर मान चुका हूं? एरिया को मैं आज से वेक्टर मान चुका हूं। इलेक्ट्रिक फील्ड वैसे ही वेक्टर होती है। एरिया को मैंने आज से ही वेक्टर माना है। और दो वेक्टर के साथ जब cos होता है तो मैं उसको बोल देता हूं e वेक्टर. वेक्टर। तो मेरे पास फाइनल फार्मूला फ्लक्स का क्या आ जाएगा? e वेक्टर. वेक्टर या e cos थीटा। अगर वो परपेंडिकुलर नहीं है तो। अगर परपेंडिकुलर है तो सीधा फार्मूला लगा सकते हो आप इसके लिए e * में s. अब इतनी कॉमन सेंस आप सब में होगी कि छोटा सा जो फ्लक्स होगा छोटा सा जो फ्लक्स होगा वो हो जाएगा इलेक्ट्रिक फील्ड। डॉट छोटा सा एरिया है ना ठीक है ठीक है ठीक है ठीक है ओके ओके तो ये हमारे पास फ्लक्स आ गया अब फ्लक्स की एसआई यूनिट की बात करें बहुत बेसिक बहुत बेसिक एसआई यूनिट क्या हमारे पास इलेक्ट्रिक फील्ड की यूनिट न्यूटन पर कूलम है और एरिया की मीटर स्क्वायर तो न्यूटन मीटर स्क्वायर पर कूलम हमारे पास si यूनिट आ जाएगी इलेक्ट्रिक फ्लक्स की ये एक स्केलर क्वांटिटी होगा या वेक्टर तो आंसर है क्योंकि ये डॉट प्रोडक्ट से आया है तो ऑब्वियस सी बात है ये एक स्केलर क्वांटिटी है। कोई भी चीज जो डॉट प्रोडक्ट से आती है वो क्या होती है? स्केलर होती है। 10थ 11th में पढ़ा है। तो इसका मतलब है ये एक कौन सी क्वांटिटी हो जाएगी हमारे पास? स्केलर क्वांटिटी हो जाएगी। डन है। ठीक है जी। ठीक है जी। ठीक है जी।
अब आप सोच रहे होंगे कि अगर मुझे फ्लक्स निकालना है तो मेरे पास तरीका है कि मैं इलेक्ट्रिक फील्ड को एरिया से मल्टीप्लाई कर दूं। बट एक्चुअली में एक और तरीका भी है। आसान वर्जन भी है फ्लक्स निकालने का जो कि गॉस थ्योरम से आएगा। अभी हमें क्या लग रहा है कि जो एरिया इंटू में मैं इलेक्ट्रिक फील्ड कर दूंगा या e कर दूंगा तो मुझे फ्लक्स मिलेगा जो कि सही बात है। लेकिन इसको फ्लक्स को निकालने का एक आसान वर्जन भी है जिसे कहा जाता है गॉस थ्योरम। जहां तक मुझे अंग्रेजी आती है जब कोई चीज शायद एस से खत्म होती है तो उसमें एपॉस्टोफी एस नहीं आता है ना। बाकी पता नहीं यार मुझे शायद ऐसा ही होता है। थोड़ा गलत है हम। है ना? चलो। बट द पॉइंट इज कि गॉस थ्योरम एक आसान तरीका है फ्लक्स को निकालने का। क्या कहता है गॉस थ्योरम? अगर आप गॉस थ्योरम को एक बारी ही पढ़ो तो यह कह रहा है कि अगर एक क्लोज्ड बॉडी है और उस क्लोज्ड बॉडी ने अपने अंदर कुछ सर्टेन चार्ज को स्टोर कर रखा है तो जो फ्लक्स होगा वो q / 0 यानी कितना चार्ज उसने इनक्लोज किया हुआ है 1 / 0 टाइम्स चार्ज के बराबर हो जाएगा। आसान भाषा में कहें तो अगर मुझे किसी भी बॉडी के लिए टोटल इलेक्ट्रिक फ्लक्स निकालना है तो एक फार्मूला तो मेरे पास ये वाला है ही e का अगर मैं इंटीग्रेशन कर दूं फ्लक्स मिल जाएगा लेकिन एक और फार्मूला भी हमें मिला है और वो है कितना चार्ज उसने एनक्लोज किया हुआ है। लेट्स से उसने अपना एनक्लोज मतलब अपने अंदर रखा हुआ है। लेट्स से उसने q चार्ज अपने अंदर रखा हुआ है। तो टोटल फ्लक्स का फार्मूला हमारे पास q / 0 हो जाएगा। ये ऑब्वियस है कि हम इसे प्रूफ भी करने वाले हैं। लेकिन अभी समझो तो सही पहले कि अगर मुझे किसी क्लोज्ड बॉडी के लिए इलेक्ट्रिक फ्लक्स निकालना है तो उसका एक फार्मूला तो मेरे पास e वेक्टर वेक्टर है ही या छोटा सा फ्लक्स e वेक्टर dds है। इंटीग्रेशन करके टोटल आ जाएगा। लेकिन अगर मेरे को एक आसान वर्जन चाहिए हो। मुझे इतना पता हो कि उस बॉडी ने अपने अंदर कितना चार्ज एनक्लोज किया हुआ है। तो फ्लक्स का फार्मूला q / 0 भी हो जाएगा। आओ इसे प्रूफ करते हैं कि ये फार्मूला कहां से आया। तो लेट अस टेक हमारे पास एक स्फेरिकल चार्ज है। अच्छा एक बात बता रहा हूं। मैं आगे की जो भी डेरिवेशंस हैं वो पहले से लिख के लाया हूं ताकि हमारा टाइम बच जाए क्योंकि फिर तो ये वन शॉट आपको ऐसा लगेगा कि डिटेल लेक्चर ही बन गया है ना। तो इसीलिए मैं आपको वो डेरिवेशन लिख के लाया हूं। तो अब ज्यादा टाइम इस चैप्टर में नहीं लगने वाला है। तो ये हमारे पास एक स्फीयर है जिसका रेडियस r है। अच्छा एक बात और बताना क्योंकि ये 12th का पहला वन शॉट है। तो मेरी रिक्वेस्ट रहेगी कि आप कमेंट सेक्शन में मुझे एक बात बताओ कि डेरिवेशंस मैं यहां पे लिखी लिखाई लेके आया करूं और उसको समझाऊं जिससे कि हमारा वन शॉट थोड़ा छोटा हो जाएगा तो आप जल्दी रिवाइज़ कर पाओगे। या फिर आप चाहते हो कि नहीं वन शॉट कोई बात नहीं बड़ा हो जाए। लेकिन सारी डेरिवेशन आप हाथ से करो। तो मुझे इसके बारे में एक बारी यहां पे सलाह दे देना। और ऐसे मत लिखना डेरिवेशन हाथ से करो। वो बहुत रूढ़ लगेगा। कोई और पढ़ेगा तो कहेगा भाई भैया बच्चा क्या कह रहा है। तो प्लीज थोड़ा ऐसे लिखना कि सर जैसा कि आपने पूछा हम उसका आंसर दे रहे हैं कि डेरिवेशन लिख के लेके आनी है या डेरिवेशन हां थोड़ा समझ रहे हो यार कमेंट सेक्शन थोड़ा अच्छा होना चाहिए ना। चलो आओ टीचर की रिस्पेक्ट बढ़ती है। हां। अब यहां पे लेट अस से हमने क्या किया हुआ है? एक सर्टेन चार्ज जो है वो स्टोर किया हुआ है। ठीक है? एक सर्टेन चार्ज स्टोर किया हुआ है। लेट्स से q चार्ज। अब मुझे शो करना है कि जो फ्लक्स है वो q / 0 के बराबर आएगा। आओ शो करते हैं। इसका प्रूफ करते हैं। इसका प्रूफ करते हैं। आ जाओ। चलो आओ। सबसे पहली बात अगर मुझे टोटल फ्लक्स निकालना है तो टोटल फ्लक्स क्या होगा? इलेक्ट्रिक फ्लक्स e डॉट ds का इंटीग्रेशन होगा। अब क्योंकि मैं क्लोज्ड बॉडी का इंटीग्रेशन करने वाला हूं। तो क्लोज्ड बॉडी के इंटीग्रेशन में एक छोटा सा गोला आ जाता है। सारे रूल रेगुलेशन सेम रहते हैं। बस सिंबल बदल जाता है। क्योंकि मैं यहां जो ds लेने वाला हूं इसका छोटा सा टुकड़ा लेने वाला हूं यहां पे। ये ds अभी मैंने बताया था ये कर्व्ड बॉडी है तो इसके इनफाइनाइट एरिया वेक्टर होंगे। लेकिन लेट अस सपोज ये ds है। अब ये सारे ds को इंटीग्रेट करूंगा। ये स्फीयर है तो एक क्लोज्ड बॉडी के लिए आएगा। ठीक है ना? अब मुझे बताओ अगर मेरे पास फ्लक्स का फार्मूला E.DS है। अगर मैं इसको और आगे सॉल्व करता हूं तो मेरे पास आ जाएगा E ds cos अब cos लेते हैं। देखो क्या मेरे पास एरिया वेक्टर इधर है? यस। और क्योंकि ये एक स्फेरिकल चार्ज है तो इसके लिए इलेक्ट्रिक फील्ड भी इधर ही होगी। और ऐसा कहीं भी देख लो। आप यहां देख लो। ये मेरे पास एरिया वेक्टर होगा। और यहीं पे मेरे पास इलेक्ट्रिक फील्ड भी निकल रही होगी। तो कहीं से भी अगर आप देख लो तो एरिया वेक्टर और इलेक्ट्रिक फील्ड के बीच में एंगल आपको 0° मिलेगा। अब cos 0 क्या होता है भाई? cos 0 हमारे पास हो जाता है वन। तो ये बच गया। अब यहां से मेरे पास जो टोटल इलेक्ट्रिक फ्लक्स है उसमें से अगर मैं एक चार्ज पॉइंट चार्ज के लिए इलेक्ट्रिक फील्ड लेना चाहूं। पहली बात तो इलेक्ट्रिक फील्ड बाहर आ जाएगी और वो हो जाएगा kq / r²। ये फार्मूला हम प्रूफ कर चुके हैं इस चैप्टर में। इस चैप्टर की शायद पहली डेरिवेशन ही थी। ये अंदर बच जाएगा मेरे पास क्लोज्ड सरफेस का ds। अब मैं अगर इस पूरे का ds ds ds ds ds ds मल्टीप्लाई कर देता हूं तो क्या इंटीग्रेट कर देता हूं तो क्या मेरे पास यहां पे 4πr² आ जाएगा। क्यों? क्योंकि ये एक स्फीयर है और स्फीयर का सारे ds ds ऐड करूंगा। टोटल कर्व्ड सरफेस एरिया मिल जाएगा। व्हिच इज़ 4πr² r² से r² कैंसिल हो जाएगा। आपको फील तो आ गई होगी क्या होने वाला है। और यहां पे हमारे पास आ जाएगा k को अगर खोल दूं तो 1 / 4π 0 था q था r² से r² कैंसिल हो गया था 4π बच गया था मुबारक हो 4π से 4π कैंसिल हो गया फ्लक्स का फार्मूला हमारे पास आ गया है q / 0 तो यहां से हम लोगों ने गॉस थ्योरम को साबित भी कर दिया कि भाई फ्लक्स q / 0 रहता है। डन हो गया।
अब क्योंकि गॉस थ्योरम इज ओनली एप्लीकेबल फॉर क्लोज्ड सरफसेस। अगर इन केस कोई सरफेस हमारे पास क्लोज्ड नहीं आता है। अगर इन केस ऐसा होता है कि हमारे पास कोई सरफेस क्लोज्ड नहीं होता है तो उस केस में हमें एक इमेजिनरी सरफेस लेना होगा उसे क्लोज करने के लिए। रेफरेंस के तौर पे देखो। मान लो मेरे पास ये एक वायर है। ये एक वायर है। अब मुझे ना इस पर्टिकुलर P पॉइंट पे इलेक्ट्रिक फील्ड निकालनी थी। मान लो इस P पॉइंट पे मुझे क्या निकालनी थी? इलेक्ट्रिक फील्ड। तो ये पॉइंट तो ओपन था। तो मैंने इसके आसपास सिलेंडर लेके क्लोज कर दिया। इमेजिनरी सिलेंडर लेके क्लोज कर दिया। जैसे ये शीट थी। मुझे इस शीट पे इस पॉइंट पे लेट से इलेक्ट्रिक फील्ड निकालनी थी। तो मैंने यहां पे भी एक सिलेंडर लेके इसे क्लोज कर दिया। ये एक स्फीयर था। ये तो क्लोज था। लेकिन मुझे इसके बाहर इलेक्ट्रिक फील्ड निकालनी थी आउटसाइड पे। तो मैंने वहां पे एक स्फीयर लेके इसे क्लोज कर दिया। तो होता है। यह एक हाइपोथेटिकल क्लोज सरफेस होता है जो कि बेसिकली हमारी मदद करता है कि हम वहां पे गस थ्योरम लगा सकें। अब ये ऑब्वियस है कि आप ऐसा गसियन सरफेस लोगे जिससे कि आपकी कैलकुलेशन भी ना बढ़े। आपका काम भी आसान हो जाए। वो आप धीरे-धीरे विद एक्सपीरियंस समझोगे। ऐसा एक बारी में कोई नहीं सीख सकता है। अब अगर मान लो मेरे पास एक शीट है और मैं उस शीट के आसपास एक स्फीयर ले लूं तो कितनी बड़ी बेवकूफी होगी। कैसे? शीट जो है वो इलेक्ट्रिक फील्ड ऐसे बनाएगी। ऐसे बनाएगी। ऐसे बनाएगी। ऐसे बनाएगी। तो हर बार इसका एंगल जो है देखो वो अलग बनेगा। तो मैं कैसे सॉल्व करूंगा? कर ही नहीं पाऊंगा। तो इसीलिए मुझे ऐसा सरफेस लेना होगा जिसको मैं सॉल्व भी कर सकूं।
अब आता है कूलम्स लॉ फ्रॉम गॉस लॉ। हम छोटी सी एक डेरिवेशन है कूलम्स लॉ फ्रॉम गाउस लॉ। उसके बाद हम तीन और डेरिवेशन जो कि मैं लिख के लाया हूं टाइम बचाने के लिए। चैप्टर खत्म। चलो आ जाओ। कूलम्स लॉ फ्रॉम गॉस लॉ। कैसे करेंगे? हमें कूलम्स लॉ को प्रूफ करना है। अभी तक हम कूलम्स लॉ पढ़ तो रहे थे। लेकिन अब हम उसे प्रूफ करना चाहते हैं। तो हमने क्या किया? यहां पे एक स्फीयर ले लिया r रेडियस का जिसके ऊपर कुछ +q चार्ज है। लेट्स से ये q चार्ज है। अब मान लो इस p पॉइंट पे मुझे गॉस थ्योरम लगानी है। तो मैं यहां पे एक गौसियन सरफेस लूंगा क्योंकि ये आउटसाइड है और आउटसाइड है तो ये क्लोज नहीं होगा। तो मैंने इसे क्लोज करने के लिए एक इमेजिनरी क्या ले लिया है? गौसियन सरफेस ले लिया है। जिसका रेडियस मैंने ले लिया है कैपिटल r ले लिया है। अब मुझे कूलम्स लॉ को प्रूफ करना है गॉस लॉ से। कैसे करेंगे? देखो अकॉर्डिंग टू गॉस लॉ। गॉस लॉ का इस बार मैं इस्तेमाल कर सकता हूं। है ना? तो गॉस लॉ कहता है कि जो टोटल फ्लक्स है यानी कि e डॉट ds है ये q / 0 के बराबर होगा। मानते हो? अच्छा अभी पीछे प्रूव किया था कि एक स्फीयर के लिए eds cos 0 हो जाएगा। सेम रीज़न है cos ज़ीरो हो जाएगा यहां पे भी। बिकॉज़ जहां इलेक्ट्रिक फील्ड निकलेगी इसका एरिया वेक्टर भी वहीं होगा हर तरफ। अब यहां से इलेक्ट्रिक फील्ड को अगर मैं बाहर ले आऊं तो अंदर बचेगा ds ds ds ds ये ds किसका होता है? गौसियन सरफेस का। तो इस गौसियन सरफेस का ds अगर मैं इंटीग्रेट करूंगा तो ये एक स्फीयर है और स्फीयर का इंटीग्रेशन क्या आ जाता है? 4π बड़े वाला r का स्क्वायर। क्योंकि हमेशा जो ds का इंटीग्रेशन होता है वो गौसियन सरफेस का होता है। यहां बच जाएगा q /0. अब क्योंकि मुझे गो न्यूटन कह रहा हूं। कूलम्स लॉ प्रूफ करना है। तो मैं इलेक्ट्रिक फील्ड को क्या टेस्ट चार्ज फोर्स अपॉन में टेस्ट चार्ज लिख सकता हूं? क्या इलेक्ट्रिक फील्ड का फार्मूला फोर्स / टेस्ट चार्ज होता है? आज ही पढ़ा। 4πr² q / 0 ये मल्टीप्लाई हो जाएगा। इसको डिवाइड में ले जाओ। तो फोर्स आ जाएगी हमारे पास 1 / 4π 0q q नॉट / r² अब एक लल्लू बच्चा भी जानता है कि ये क्या है? तो भाई ये है हमारे पास फोर्स यानी कूलम्स लॉ kq1 q2 / r² तो मैंने गॉस थ्योरम से बेसिकली कूलम्स लॉ प्रूफ कर दिया। अब मैं चाहूंगा प्लीज क्योंकि हमने बहुत सारी डेरिवेशन एक साथ कर ली है। तो जल्दी से आगे बढ़ने से पहले वीडियो को पॉज कर लो। प्लीज़ रिक्वेस्ट है तभी आगे बढ़ना वरना फायदा नहीं होगा। प्लीज़ पॉज़ कर लीजिए और जितना पढ़ा है एक बार बैक जाके चाहे पढ़ लीजिए। ठीक है? डन है? बढ़े आगे। आई होप ये आपने रिवाइज किया तभी आगे बढ़ रहे हो आप।
चलो अब हम यहां पे तीन लोगों के लिए डेरिवेशन करने वाले हैं। एक हमारे पास आएगी एक लॉन्ग वायर के लिए। फिर एक हमारे पास आएगी शीट के लिए और फिर एक आएगा हमारे पास स्फीयर के लिए। तीनों ही डेरिवेशन बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है। सबसे पहले एक लॉन्ग वायर के लिए बात करते हैं जो कि एक इनफानाइट वायर होने वाली है। मैं यहां पे क्यों ना पिंक कलर लूं ताकि आप देख पाओ। तो पहली बात तो ये एक इनफानाइट वायर है जिसके ऊपर हम लोगों ने प्लस चार्ज ले रखा है। अब क्योंकि ये इनफनाइट वायर है तो इस पे चार्ज भी इनफाइनाइट होगा। तो इसलिए हमने क्या किया? हमने यहां पे लैम्ब्डा को चार्ज पर यूनिट लेंथ यानी कि लीनियर चार्ज डेंसिटी मान लिया। एक वायर है। मुझे उसके एक पर्टिकुलर पॉइंट पे r डिस्टेंस पे इलेक्ट्रिक फील्ड निकालनी है। तो मैंने पहली बात तो वो पॉइंट क्लोज नहीं था। तो मैंने उसे क्लोज करने के लिए क्या ले लिया? गौसियन सरफेस सिलड्रिकल ले लिया। सिलड्रिकल क्यों लिया? अभी आप समझ जाओगे। और लैम्ब्डा को मान लिया लीनियर चार्ज डेंसिटी यानी q / l अब गस थ्योरे लगाऊंगा तो इलेक्ट्रिक फील्ड e डॉटds q / 0 हो जाएगा। अब ये जो ds है ये पूरा सिलेंडर है। तो क्या मैं सिलेंडर को तीन टुकड़ों में बांट सकता हूं? एक सर्कल, एक सर्कल और एक कर्व्ड सरफेस एरिया। सर्कल, सर्कल और कर्व्ड सरफेस एरिया। तो देखो मैंने क्या किया? इसको तीन उसमें बांट दिया। ds1, ds2, ds3। s1 किसको मान लिया मैंने? ऊपर वाले सर्कल को।
s2 मान लिया नीचे वाले सर्कल को और s3 मान लिया कर्व्ड सरफेस एरिया को। अब क्या जो ऊपर वाला सर्कल है और यहां से जो इलेक्ट्रिक फील्ड निकल रही होगी, इनके बीच में एंगल 90 होगा। यस। तो यहां पे आ गया 90।
सेम ऐसे ही नीचे वाले के लिए एरिया वेक्टर इधर होगा और इलेक्ट्रिक फील्ड इधर होगी तो एंगल कितना हो जाएगा? 90 यानी कि दोनों के लिए हमारे पास जो एंगल आ गया वो 90 90 हो गया। cos 90 जीरो जीरो हो गया।
लेकिन जो कर्व्ड सरफेस एरिया है वो तो ऐसे है और इलेक्ट्रिक फील्ड भी ऐसे निकल रही होगी। तो जहां-जहां कर्व्ड सरफेस एरिया का एरिया जाएगा वहीं पे इलेक्ट्रिक फील्ड जाएगी। तो यहां पे जो एंगल बन जाएगा वो ज़ीरो बन जाएगा।
अब आगे मैथ्स है। ये तो हट गए। cos0 वन हो गया। e बाहर आ गया। अब ये जो ds है ये सिर्फ कर्व्ड है क्योंकि सिलेंडर सर्कल का ज़ीरो हो चुका है। तो सिर्फ कर्व है और सिर्फ कर्व का क्या होता है? 2πrh और हमने जो सिलेंडर की लंबाई ली है वो क्या ली है? l ली है। तो 2πrl हो जाएगा।
यहां से इलेक्ट्रिक फील्ड निकाल लोगे। कैसे निकाल लोगे? क्या मैं q की जगह लैम्ब्डा * में l लिख दूं? यस। q की जगह लैम्ब्डा * में l लिख दूं। तो यहां से इलेक्ट्रिक फील्ड आ गई लैम्ब्डा / 2π r 0 और यहां पे लैम्ब्डा क्या है? लीनियर चार्ज डेंसिटी। यानी कितना चार्ज है पर यूनिट लेंथ? कितना चार्ज बैठा हुआ है पर यूनिट लेंथ? इसको बोल देते हैं लीनियर चार्ज डेंसिटी। क्या बोल देते हैं? लीनियर चार्ज डेंसिटी। समझ गए?
अब क्या इस फ़ूले से अगर आप नोटिस करो क्या? हमारी जो इलेक्ट्रिक फील्ड है वो इन्वर्सली प्रपोर्शनल टू R आई है। R क्या है? डिस्टेंस फ्रॉम द वायर। वायर से जितना दूर जाओगे इलेक्ट्रिक फील्ड कम होगी क्योंकि r के साथ यह इन्वर्सली प्रपोर्शनल आया है और होनी भी चाहिए। एक वायर से जितना दूर जाते हो इलेक्ट्रिक फील्ड उतनी कम होनी चाहिए। तो इलेक्ट्रिक फील्ड r के इन्वर्सली हो गई। तो यहां पे अगर मैं एक ग्राफ बनाऊं यहां मैं बना दूं डिस्टेंस कितना मैं वायर से दूर जा रहा हूं। और यहां बनाऊं इलेक्ट्रिक फील्ड तो क्या इलेक्ट्रिक फील्ड और r आपस में इन्वर्सली प्रोपोर्शनल आ जाएंगे? तो आंसर है बिल्कुल यस। डन हो गया। पक्की बात है।
चलिए अब यही सेम काम हमें करना है शीट के लिए। शीट के लिए आप समझ सकते हो अगर ये शीट है अगेन इनफाइनाइट शीट है और मुझे इस पॉइंट पे काम करना तो मुझे क्लोज करना था। इस बार मैंने फिर से सिलेंडर लिया। हम क्यूब भी ले सकते थे बट ठीक है सिलेंडर से भी काम हो जाएगा। अगेन क्योंकि पहले वायर थी तो मैंने चार्ज पर यूनिट लेंथ लिया था। इस बार शीट है तो इस पे होगा चार्ज पर यूनिट एरिया। इसका सिंबल बना दिया है सिग्मा। और इसको हम सरफेस चार्ज डेंसिटी या एरियल चार्ज डेंसिटी भी कह सकते हैं।
अगेन गॉस थ्योरम कहती है e डॉटds q / 0 होगा। और इस बार फिर से मैं तीन टुकड़े कर दूंगा। एक होगा सर्कल, एक होगा सर्कल और एक होगा कर्व्ड सरफेस एरिया। ठीक है जी। बट फर्क क्या है? क्या शीट के लिए इलेक्ट्रिक फील्ड इधर है? और सिलेंडर के लिए एरिया वेक्टर इधर है। तो इस बार सिलेंडर सर्कल के लिए सर्कल के लिए और सर्कल के लिए एरिया आएगा सेम डायरेक्शन में। यानी एंगल हो जाएगा ज़ीरो। पिछली बार सिलेंडर के जो सर्कल थे उससे एंगल था 90। इस बार सिलेंडर के जो सर्कल होंगे उनसे एंगल हो जाएगा ज़ीरो। और कर्व्ड का क्योंकि इलेक्ट्रिक फील्ड जा रही है ऐसे। और कर्व्ड का एरिया वेक्टर ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे रहेगा। तो उनसे हमेशा क्या हो जाएगा? परपेंडिकुलर हो जाएगा। क्या हो जाएगा? परपेंडिकुलर।
तो अगर मैं इसके तीन टुकड़े करता हूं अगेन फर्स्ट, सेकंड, थर्ड तो इस बारी जो हमारा अ सर्कल है और जो सर्कल है उसके लिए ज़ीरो। लेकिन इस बारी कर्व्ड के लिए एंगल 90 हो जाएगा। अब क्योंकि ये दोनों सर्कल ही हैं। ये दोनों सेम ही हैं। तो 2 * में eds लिख दूंगा। बिकॉज़ ये और ये सर्कल सेम ही है। सेम दूरी पे हैं। तो इनके लिए सब कुछ सेम होगा। तो इंटू में इन दोनों को बराबर रख के ट्वाइस मान लिया। अब ट्वाइस मान लिया। e बाहर आ गया। ds इस बार पिछली बार ds था कर्व्ड सरफेस एरिया बिकॉज़ कर्व्ड बचा था। इस बार ds है सिलेंडर का सर्कल। तो सिलेंडर का सर्कल क्या होता है? सिर्फ πr²। बाकी मैथ्स है। मैं चार्ज की जगह σ * में πr² बिकॉज़ एरिया πr² है। πr² से πr² कैंसिल हो गया। इलेक्ट्रिक फील्ड आ गई σ / 2 0।
अब यहां पे सिग्मा और एप्सिलॉन दोनों कांस्टेंट हैं। तो इलेक्ट्रिक फील्ड क्या आ जाएगी? कांस्टेंट। मैंने कहा था हम प्रूफ भी करेंगे और इलेक्ट्रिक फील्ड डिस्टेंस पे वेरीरी ही नहीं कर रही है। कहीं पे भी आप देख सकते हो डिस्टेंस नहीं आ रहा। यानी शीट के लिए जितना डिस्टेंस पे जाओगे इलेक्ट्रिक फील्ड कांस्टेंट रहेगी। प्रैक्टिकल लाइफ में देयर इज़ लॉस बट थ्योरिटिकली जो है वो कांस्टेंट रहेगी। समझे?
एंड आखिरी डेरिवेशन आती है इलेक्ट्रिक फील्ड फॉर अ स्फीयर। देखा जाए तो स्फीयर पे हम आधा काम तो कूलम्स लॉ के प्रूफ के वक्त कर ही चुके थे। मुझे तीन काम करने हैं। आउटसाइड, ऑन और इनसाइड। समझ गए? आओ सबसे पहले बात करते हैं आउटसाइड पे। आउटसाइड पे क्या होगा? पहली बात फिर से सिग्मा जो है वो कितना चार्ज है पर यूनिट एरिया वो है। अब यहां पे तो मैं टुकड़े कर नहीं सकता। बिकॉज़ मैंने गसियन सरफेस क्या लिया है? सिलेंडर। ओहो गौसियन सरफेस क्या लिया है? स्फीयर। अभी तक क्या ले रहा था? सिलेंडर। तो तीन टुकड़े कर रहा था। लेकिन अब क्या ले रहा हूं? स्फीयर। तो टुकड़े नहीं होने वाले इस बारी। तो क्या आ जाएगा? e.dsq / 0। अगेन फिर से वही बात। इसका जो एरिया वेक्टर है वो इधर है और इलेक्ट्रिक फील्ड भी उधर है तो एंगल कितना आ जाएगा? 0° तो यहां पे eds cos 0 हो जाएगा। e को बाहर ले लूंगा। ds ds ds तो गौसियन सरफेस का आएगा व्हिच इज़ 4π r² लेकिन चार्ज में जो q / a होगा एरिया किसका लूंगा? जिस पे चार्ज है व्हिच इज़ 4π छोटा r² गौसियन सरफेस है 4π बड़ा r² लेकिन चार्ज जिस पे है उसका एरिया लिया जाएगा ना यहां वो कितना है? 4π छोटा r² 4π से 4π कैंसिल हो जाएगा। यहां पे मेरे पास आ जाएगा σ / 0 r / r का होल स्क्वायर यानी कि r से इन्वर्सली प्रपोर्शनल हो जाएगा।
लेकिन अगर मैं ऑन द स्फीयर की बात करूं ऑन द स्फीयर मतलब मैं स्फीयर पे आ गया। तो क्या ऑन द स्फीयर में छोटा r और बड़ा r बराबर हो जाएगा। यस। तो r से r कैंसिल हो जाएगा। σ / 0 आ जाएगा। और अगर बात करें कहां पे? इनसाइड। तो इनसाइड आप सब जानते हैं कि इलेक्ट्रिक फील्ड जो है होलो कंडक्टर्स के लिए ज़ीरो होती है। तो यह आपको पता हो ये जो स्फीयर है वो होलो लिया है और होलो कंडक्टर्स के लिए इलेक्ट्रिक फील्ड ज़ीरो होती है। समझ गए? तो अंदर ज़ीरो हो जाएगी।
अब अगर मैं इसका एक ग्राफ बनाना चाहूं जो कि बहुत इंपॉर्टेंट ग्राफ है। यहां पे डिस्टेंस बनाना चाहूं और यहां पे इलेक्ट्रिक फील्ड तो क्या जब तक मैं इसके सेंटर से ऑन तक नहीं आ जाता मतलब जब तक मैं इसके रेडियस तक नहीं आता ऑन द स्फीयर नहीं आता क्या तब तक हमारी इलेक्ट्रिक फील्ड ज़ीरो रहेगी। यस। यानी सेंटर से r तक इसकी इलेक्ट्रिक फील्ड ज़ीरो रहेगी। जैसे ही R पे पहुंचूंगा इलेक्ट्रिक फील्ड एकदम से बढ़ के σ / 0 हो जाएगी। बिकॉज़ ऑन द स्फीयर कितनी है? σ / 0 और आगे जाऊंगा तो R के साथ इन्वर्सली है तो जैसे-जैसे आगे बढूंगा इलेक्ट्रिक फील्ड कम होगी। यानी सेंटर से ऑन तक आने पे ज़ीरो। इसके बाद जैसे ही ऑन आया एकदम से बढ़ के σ /0 और बाहर जाऊंगा तो कम होगी। तो ये वाला हिस्सा रिप्रेजेंट कर रहा है आउटसाइड को। जहां पे इलेक्ट्रिक फील्ड r के इन्वर्सली है। ये वाला पॉइंट रिप्रेजेंट कर रहा है ऑन को और ये वाला हिस्सा रिप्रेजेंट कर रहा है इनसाइड को। बहुत प्यारा ग्राफ। एग्जाम में बहुत बार ये ग्राफ पूछा जाता है।
अब मेरी आप सबसे रिक्वेस्ट है कि आप सारी डेरिवेशंस को एक बार खासकर ये तीन जो हमने बोर्ड पे किए हैं। एक बार इनको रिपीट करिएगा। देखिएगा, रिपीट करिएगा तो ज्यादा बेहतर समझ में आएंगी। तो आई होप आपने वन शॉट को कंप्लीट किया है या फिर आप यहां पे स्किप करके आए हैं। चलिए अब चलते हैं इनके क्वेश्चन आंसर्स पे। इस चैप्टर में अगेन सबसे ज्यादा जो एग्जाम में सवाल बनते हैं वो कहीं ना कहीं टॉर्क और फ्लक्स वाले टॉपिक से बनते हैं। आपने चैप्टर पूरा कर लिया होगा। हर एक फार्मूला आपको याद होना चाहिए। अभी तक फार्मूला याद नहीं है तो अभी आप इन क्वेश्चन आंसर्स को ना करें। सबसे पहले सारे फॉर्मूले याद कर लें और देखें कि कौन सा फार्मूला कहां पे लगता है। उसके बाद क्वेश्चन आंसर्स करने का मजा ज्यादा आएगा। चलिए शुरू करते हैं।
तो सबसे पहले सवाल से यहां पे स्टार्ट करते हैं। आओ। अह क्या सवाल है भैया? अह गिवन अ यूनिफॉर्म इलेक्ट्रिक फील्ड। आपको इलेक्ट्रिक फील्ड जो है वो गिवन है इन वेक्टर फॉर्म व्हिच इज़ 2 * में 10 की ^ 3 i कैप दे रखी है। यानी कि ये इलेक्ट्रिक फील्ड जो है वो x डायरेक्शन में है। ठीक है? फाइंड द फ्लक्स ऑफ़ दिस फील्ड थ्रू अ स्क्वायर ऑफ़ साइड। एक स्क्वायर जिसकी साइड आपको दे रखी है 20 सें.मी. क्योंकि हमें ये मीटर में चाहिए होगा। तो 0.2 मीटर हो गया। है ना? हुस प्लेन इज पैरेलल टू yz प्लेन। ये आपको अब यहां पे एंगल देखना होगा।
अब आप सब जानते हैं कि फ्लक्स का फार्मूला हमारे पास क्या है? ES cos थीटा। तो इलेक्ट्रिक फील्ड हमारे पास है। s यानी कि एरिया हम लोग यहां पे निकाल लेंगे। एरिया क्योंकि एक स्क्वायर शीट है तो एरिया हो जाएगा हमारे पास साइड का स्क्वायर। तो 0.2 का अगर मैं यहां पे स्क्वायर कर देता हूं तो 0.04 आ जाता है। व्हिच मींस 4 * में 10 की पावर -2 मीटर स्क्वायर आ जाता है। तो ये तो हमारे पास एरिया आ गया। अब बचा क्या भाई? अब बचा एंगल कैसे निकालें?
अब सब जान रहे हैं कि ये अगर हमारे पास x एक्सिस है। ये हमारे पास अगर y एक्सिस है और ये हमारे पास अगर z एक्सिस है तो हमारी जो इलेक्ट्रिक फील्ड जा रही है वो i कैप में है। इलेक्ट्रिक फील्ड अगर i कैप में जा रही है तो यहां जा रही है। अगर ये x एक्सिस है। ये y एक्सिस है और ये z है आपके रिस्पेक्ट से तो इलेक्ट्रिक फील्ड जा रही है इधर। और हमारा जो स्क्वायर शीट पड़ी हुई है वो कहां पड़ी हुई है? स्क्वायर शीट yz प्लेन में पड़ी हुई है। यानी yz प्लेन में हमारी ये स्क्वायर शीट पड़ी हुई है। अब ये yz प्लेन में पड़ी है तो इसका एरिया वेक्टर तो इधर होगा। इसका एरिया वेक्टर तो इधर होगा। यार अगर ये yz प्लेन है तो उसका एरिया वेक्टर इधर और इलेक्ट्रिक फील्ड भी इधर तो दोनों के बीच में एंगल एरिया वेक्टर और इलेक्ट्रिक फील्ड के बीच में एंगल ही तो cos थीटा वाला एंगल होता है। तो वो एंगल कितना है हमारे पास? 0° है। यानी कि वो एंगल हमारे पास 0° है।
अब अगर फ्लक्स निकालें तो फार्मूला होगा ES cos थीटा। इलेक्ट्रिक फील्ड हमारे पास कितनी है? 2 * में 10 की पावर 3 है। एरिया हमारे पास 4 * में 10 की पावर -2 आया है। और cos यहां पे हो जाता है ज़ीरो। cos 0 की वैल्यू हो जाती है वन। तो बस मल्टीप्लाई करते हैं। 4 * 2 8 हो गया और 10 की पावर 1 बच गया। तो यहां पे 80 न्यूटन मीटर स्क्वायर कूलम - 1 आंसर आ जाता है। बहुत बेसिक बहुत बढ़िया सा सवाल है। मैं मुश्किल तो नहीं कहूंगा ना इस सवाल को। ऑब्वियस सी बात है सारे सवाल मुश्किल नहीं करेंगे। ऐसा नहीं है ना कि पूरा का पूरा पेपर ये मुश्किल आता है। हर चैप्टर में से हमें तीन-ती चार-चार पांच-प सवाल मुश्किल करने होंगे वन शॉट के अंदर। और फिर जब एक्स्ट्रा क्वेश्चंस कर रहे होंगे तो हर जैसे कि आपको पता ही है अगर आप मुझसे 11th में पढ़ते थे। हम हर एक चैप्टर के दो-तीन चैप्टर के बाद क्वेश्चन आंसर्स भी कराते हैं। उसमें फिर और क्वेश्चन डालेंगे और एग्जाम के दिनों में इस बार जब लाइव जाएंगे यह मैं दावा कर सकता हूं हम ऐसे क्वेश्चन ले आएंगे कि अगर पेपर में कोई अनदेखे क्वेश्चंस भी आ गए जो कि पिछली बार हुआ तो आप उसके लिए तैयार रहेंगे। चलिए आइए आगे बढ़ते हैं।
बहुत ही प्यारा बहुत ही लाजवाब क्वेश्चन है ये। बहुत ही एग्जाम में इस प्रकार के सवाल आते हैं। क्या कह रहा है देखो कह रहा है प्लॉट अ ग्राफ शोइंग द वेरिएशन ऑफ मैग्नीट्यूड ऑफ़ कूलम्स फोर्स वर्सेस 1 / r²। पहली बात तो जो कूलम्स फोर्स है इज इन्वर्सली प्रोपोर्शनल टू r² है बट डायरेक्टली प्रोपोर्शनल टू तो 1 / r² है ना अगर इन्होंने हमें ग्राफ बनाने को बोला होता यहां पे कंफ्यूजन क्या होती है यहां पे 1 / r² के बीच में ग्राफ है। अगर ये ग्राफ r² के बीच में होता तो इन्वर्सली प्रपोर्शनल बनता। लेकिन ये 1 / r² के बीच में ग्राफ है। सबसे पहले तो आपको यह समझना होगा। ठीक है ना? नहीं समझो मैं बताता हूं आपको। यहां पर हमारे पास फोर्स आएगी। अगर यह r² का ग्राफ होता तो ग्राफ इन्वर्सली प्रपोर्शनल आता। लेकिन ये r² का नहीं है। ये 1 / r² का है। तो 1 / r² के साथ तो फोर्स डायरेक्टली प्रपोर्शनल है। तो ऑब्वियस सी बात है ग्राफ स्ट्रेट लाइन सीधा जाएगा। लेकिन अगर आगे पढ़ो यहां पे आपको बोल रखा है दो अलग-अलग पेयर्स के बीच में है। पहला पेयर है 1 माइक्रो कूलम और टू माइक्रो कूलम और दूसरा है 1 माइक्रो कूलम और -3 अब क्योंकि यहां पे माइनस है तो भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा बिकॉज़ आपको मैग्नीट्यूड ऑफ़ फोर्स बोला है। ऑलदो एक फोर्स प्लस में आती एक माइनस में आती क्योंकि ये दोनों चार्ज प्लस में है तो K Q1 Q2 प्लस में होता। लेकिन यहां पे K Q1 Q2 माइनस में आता। बट हमें मैग्नीट्यूड बोला है तो हमें टेंशन की जरूरत ही नहीं है। हमें मैग्नीट्यूड बोला है। अच्छा अब ये तो पक्का है कि ग्राफ बनेगा स्ट्रेट लाइन लेकिन किसी एक ग्राफ का स्लोप दूसरे ग्राफ से ज्यादा होगा। अब किस वाले का स्लोप किस वाले से ज्यादा होगा भैया? जिसकी फोर्स ज्यादा है उसके लिए स्लोप ज्यादा होगा। अब क्योंकि जो फोर्स है वो q1 q2 के डायरेक्टली प्रोपोर्शनल भी तो है। कौन से वाले का चार्ज ज्यादा है? तो आंसर है वन और -3 वाले के लिए चार्ज ज्यादा है। तो यह जो फोर्स है यह है फोर्स फॉर वन माइक्रो कूलम और -3 माइक्रो कूलम वाले के लिए और ये जो फोर्स है ये है फोर्स फॉर कौन सा वन और टू माइक्रो कूलम के लिए वन माइक्रो कूलम और 2 माइक्रो कूलम के लिए अच्छा अगर यहां पे भी टू माइक्रो कूलम होता तो दोनों के ग्राफ एक दूसरे को ओवरलैप कर जाते या फिर हमें मैग्नीट्यूड ना बोला होता सिर्फ फोर्स बोला होता तो a का ग्राफ नेगेटिव f में आता यानी यानी कि हमारे फोर्थ क्वाड्रेंट में आ जाता। बट यहां पे हमें सिर्फ क्या बोला हुआ है? मैग्नीट्यूड बोला है। तो हमें तो भैया मैग्नीट्यूड के रिस्पेक्ट से बनाना है। बहुत ही प्यारा सवाल है। बहुत ही अच्छा सवाल है। डन है। पक्की बात है।
चलो आगे बढ़ते हैं। आगे बढ़ते हैं। अगले सवाल पे आते हैं। क्या है सवाल भाई? कह रहे हैं टू चार्जेस ऑफ़ मैग्नीट्यूड। एक चार्ज है हमारे पास +4q का और एक चार्ज है सिर्फ q का। आर लोकेटेड एट पॉइंट A0 एंड -3a0 अच्छा चलो आओ यहां पे काटीज़ियन प्लेन बना लेते हैं। एक बैठा हुआ है A0 पे और एक बैठा हुआ है - 3a0 पे। ठीक है ना? देखो अगर ये हमारे पास ज़ीरो है। ये हमारे पास A है। ये हमारे पास 2a है। ये हमारे पास 3a है। है ना? ये हमारे पास -a है। ये हमारे पास -2a है। ये हमारे पास -3a है। ऐसे मान लेते हैं ना। ठीक है ना? अब एक चार्ज बैठा हुआ है कहां पे? A पे। यह एक चार्ज बैठा हुआ है। यह रहा। यह बैठा हुआ है q कूलम। या नहीं, यह है +4q कूलॉम का। ये +4q कूलॉम वाला चार्ज एक यहां बैठा हुआ है। बहुत ही बढ़िया। कहां बैठा हुआ है? a 0 पे। और एक बैठा हुआ है -3a0 पे। कौन सा वाला? q वाला। -3a0 पे। यहां बैठा हुआ है। -3a0 पे q वाला। ठीक है? ये वाला। ठीक है? ठीक है? ये बैठा हुआ है यहां। ठीक है? What Is The Electric Flux Due To The Charges Through Sphere Of Radius 2a? आपको फ्लक्स बताना है कितना होगा एक ऐसे स्फीयर से जिसका रेडियस हमारे पास 2a है और उसका सेंटर कहां पे है? ओरिजिन पे। अकल लगाओ। अगर उसका सेंटर ओरिजिन पे है और वो रेडियस 2a का है तो कुछ ऐसा होगा ना। रफली बात कर रहे हैं प्लीज। कुछ ऐसा होगा क्योंकि 2a रेडियस है उसका। 2a रेडियस है। अब आप मुझे बताएं अगर उसका 2A रेडियस है तो क्या ये कहना ठीक होगा कि भैया वो इस Q वाले को तो अपने अंदर एनक्लोज़ ही नहीं कर पाएगा। इस Q वाले को तो वो अपने अंदर एनक्लोज़ ही नहीं कर पाएगा। बिकॉज़ ये चार्ज बैठा हुआ है -3a पे। इसका सेंटर है ओरिजिन पे और रेडियस है 2A। तो ये वाला चार्ज तो एनक्लोज़ हो गया। लेकिन ये वाला चार्ज एनक्लोज़ नहीं हो पाया। अब अगर ऐसा है तो अकॉर्डिंग टू गॉस थ्योरम टोटल फ्लक्स जो हमारे पास होता है वो होता है चार्ज एनक्लोज्ड बाय एप्स 0 ठीक है चार्ज एनक्लोोज्ड बाय एप्स 0 ठीक है भैया ठीक है भैया अब चार्ज कितना एनक्लोोज किया इसने आंसर है 4q इसने एनक्लोोज किया है बाय एप्स 0 ये हमारे पास हमारा प्यारा सा बढ़िया सा आंसर आ जाता है। डन है क्या? अगर यही रेडियस होता हमारे पास मान लो 4a का 4a का अगर यही रेडियस लेट अस से ना लेट अस से ना यहां पे कहीं 4a होता अगर ये रेडियस 4a का होता तो ये दोनों चार्ज इसके अंदर इंक्लूड हो जाते और 5q आ जाता बट अभी तो फिलहाल ऐसा नहीं है तो अलग बात है। कितना क्यूट सा लेकिन प्यारा सा सवाल है। है ना भाई?
चलो आगे बढ़ते हैं। अगले सवाल पे आते हैं। अरे लाजवाब सवाल है। ये वो सवाल है जो मैं आपको कह रहा हूं ना कि हर एक अ अ सेट में मैं तीन से लेके चार से लेके पांच कभी कबभार ज्यादा ऐसे क्वेश्चन लेके आऊंगा जो आपको सोचने पे मजबूर करेंगे। ये सवाल बहुत प्यारा है। एक ये सवाल बहुत प्यारा है। एक ये सवाल बहुत प्यारा है। एक ये सवाल बहुत प्यारा है। ऐसे आगे और मल्टीपल सवाल हैं जो काफी प्यारे-प्यारे हैं। ठीक है? कुछ एक आध होमवर्क भी दूंगा। चलो आओ डिस्कस करते हैं।
अ प्लेन सरफेस इन शेप ऑफ स्क्वायर ऑफ साइड 1 सें.मी. इज़ प्लेस्ड इन एन इलेक्ट्रिक फील्ड। आपको इलेक्ट्रिक फील्ड दे रखी है। कितनी है? 100 100 न्यूटन पर कूलॉम और ये i कैप में जा रही है। ठीक है? सच दैट उसका जो यूनिट वेक्टर है नॉर्मल टू इट्स सरफेस इज़ मेकिंग अ गिवन बाय दिस एंगल। यानी कि आपको जो ये यूनिट वेक्टर इससे जो बन रहा है, इसकी डायरेक्शन आपको 0.8 कैप + 0.6k कैप दे रखी है। इसका क्या मतलब है बताता हूं। फाइंड दी इलेक्ट्रिक फ्लक्स थ्रू द सरफेस। अब सरफेस स्क्वायर है और उसकी साइड भी आपको दे रखी है। साइड कितनी दे रखी है भैया? क्वेश्चन का मतलब समझाता हूं अगर नहीं समझ में आया तो। साइड अगर वन है तो 10 की पावर -2 मीटर दे रखी है। तो एरिया एरिया कितना हो गया? जिसको हम s से रिप्रेजेंट करते हैं। साइड का स्क्वायर हो गया। साइड का स्क्वायर मतलब 10 की पावर -4 मीटर स्क्वायर हो गया। अब आपको एरिया भी दे रखा है। आपको इलेक्ट्रिक फील्ड भी दे रखी है। तो बचा क्या? आपको फ्लक्स निकालना है। फ्लक्स का फार्मूला क्या होता है भैया? फ्लक्स का फार्मूला होता है e s cos थीटा। फ्लक्स का फार्मूला होता है es cos थीटा। तो आपको यहां से अगर cos थीटा मिल जाए तो मजा आ जाए। अब cos थीटा कैसे निकालेंगे? ये समझने वाली बात है भाई। cos थीटा कैसे निकालेंगे? हमें जो वेक्टर दे रखा है वो दे रखा है 0.8 कैप 0.6k कैप। यानी ये अगर हमारे पास वेक्टर है तो ये 0 क्या हो गया? एट हो गया। क्योंकि i कैप में 0.8 चला है और k कैप में 0.6 चला है। ठीक है? 0.6 चला है। इरिस्पेक्टिव ऑफ़ दैट। अभी मान लो ना ये X- एक्सिस है और ये Z एक्सिस है। तभी तो K कैप लिया ना मैंने। ठीक है? अब इमेजिन करते हैं कि हम कह रहे हैं कि इलेक्ट्रिक फील्ड जा रही है। इलेक्ट्रिक फील्ड जा रही है आई एक डायरेक्शन। इलेक्ट्रिक फील्ड जा रही है i डायरेक्शन में। लेकिन एरिया
से यूनिट वेक्टर निकल रहा है 0.8 I कैप और 0.6k कैप में। तो उनके बीच का हमें एंगल निकालना होगा। तो बेसिकली हमें ये वाला एंगल जो है ये कैलकुलेट करना है। ये वाला एंगल जो है वो कैलकुलेट करना है।
अब क्या ये एंगल कैलकुलेट करने के लिए मैं cos थीटा क्योंकि मैं या तो पहले थीटा निकालूं। देखो लंबा चौड़ा काम मैं बताता हूं कई बच्चे कितना लंबा चौड़ा काम करेंगे। यहां पे वो पहले थीटा निकालने के लिए क्या करेंगे? tan थीटा निकालेंगे। tan थीटा क्या होता है? परपेंडिकुलर अपॉन में बेस होता है। और फिर वहां से थीटा निकालेंगे और फिर cos थीटा। इतना लंबा चौड़ा काम करने की जरूरत ही नहीं है। हम सीधा यहां से cos थीटा निकालेंगे।
कैसे निकालेंगे? देखो भाई cos थीटा क्या होता है? cos थीटा होता है बेस अपॉन में हाइपोटेन्यूज। अब आप कहोगे सर बेस तो है। है कितना है बेस?8 है। लेकिन हाइपोटेन्यूज कितना है? हाइपोटेन्यूज भी तो है। अगर ये 8 है। ये सिक्स है। तो क्या ये वन नहीं हो गया। कैसे? आठ और छ का पाइथागोरन ट्रिप्लेट बनता है। जो कि हमें क्या देता है? 10 देता है। आठ और छ अगर 10 देता है तो8.61 यार बाकी ऐसे कर लो अंडर रूट परपेंडिकुलर का स्क्वायर और बेस का स्क्वायर जैसे करते हैं नॉर्मल तो भी तो आंसर हमारे पास क्या ही आ जाएगा वन आ जाएगा। अरे बोलो भाई इतना तो कर लोगे। इतना तो कर लोगे। इतना तो कर लोगे। बोलो पक्का?
ये हमारे पास कितना आ गया? 0.8 ये हमारे पास कितना आ गया? 0.6 तो 0.8 और 0.6 का पाइथागोरन ट्रिपलेट क्या हो जाएगा? वन हो जाएगा। या करके दिखाऊं? पक्का कर लोगे? 0.64 आ गया और वो 0.36 आ गया। तो 0.64 0.36 कितना हो गया? वन हो गया। और वन का अंडर रूट वन हो गया। तो यहां से हमारे पास हाइपोटेन्यूज वन आ गई। वन आ गई। तो लो भाई मुबारक हो। सीधा cos थीटा की वैल्यू 8 आई है। ये है भाई साहब कॉनंसेप्चुअल क्वेश्चन। समझना होगा। ये है भाई साहब कॉनंसेप्चुअल क्वेश्चन। समझ रहे हो? समझ रहे हो? ठीक है। ठीक है। ठीक है।
आओ। अगर समझ गए तो आओ अब फ्लक्स निकाल लेते हैं। फ्लक्स का फार्मूला क्या होता है? फ्लक्स का फार्मूला होता है हमारे पास e s cos थीटा। फ्लक्स का फार्मूला होता है e cos थीटा। e हमारे पास कितना है? 100 है। s हमारे पास कितना आया? 10 की पावर -4 आया है। और cos थीटा हमारे पास 0.8 आया है। इसको सॉल्व कर लेते हैं। इसको 8 * में 10 की पावर -5 कर दूंगा। तो 8 * में 10 की पावर -3 बच जाएगा। न्यूटन मीटर² कूलम - 1 कैलकुलेशन वगैरह देख लेना। उसमें थोड़ा कमजोर हूं लेकिन ये हमारे पास आंसर आ जाएगा। दिखने में कितना प्यारा सवाल लग रहा था लेकिन गेम बदल देने वाला सवाल है। गेम बदल देने वाला सवाल है। डन है जी। पक्की बात है जी। बढ़े आगे। हम चलो आओ। अगले सवाल पर आते हैं। हम अगले सवाल पे आते हैं।
एनसीईआरटी अगर आपने बनाई है तो एनसीईआरटी में एक सवाल था जिसमें बोला गया था कि हमारे पास एक क्यूब है या एक्चुअली एक शीट है। शीट के सेंटर पे ऊपर एक चार्ज रखा गया है। तो बताओ एक शीट से कितना बनेगा? तो हमने उसको लेट किया था कि वो एक क्यूब लेट कर लो। याद है? एक क्यूब लेट कर लो। और फिर क्यूब के लिए फ्लक्स आया था q / 0। तो एक फेस के लिए आ गया था q / 0 का 16 बिल्कुल मिलताजुलता ये सवाल लेकिन ये बहुत नेक्स्ट लेवल सवाल है एनसीईआरटी का एग्जांपलर है और हमने अपने विनर सीरीज में भी डाला है इसको ठीक है व्हाट विल बी द टोटल फ्लक्स थ्रू द फेस ऑफ द क्यूब एज़ गिवन इन द फिगर व्हिच साइड ऑफ़ लेंथ A इफ़ चार्ज Q इज़ प्लेस्ड हमने चार्ज Q को अलग-अलग जगह पे रखा है। कहां-कहां रखा है आओ देखो।
सबसे पहले हमने उसको रखा है कॉर्नर ऑफ द क्यूब पे। सबसे पहले हमने उसको रखा है कॉर्नर ऑफ द क्यूब पे। अब अगर आपको गॉस अगर आपको गॉस थ्योरम लगानी है तो चार्ज जो है उस पर्टिकुलर एरिया पे सिमिट्रिकली पड़ा होना चाहिए। अब अगर मैं इस Q चार्ज को कोने पे रख रहा हूं कोने पे। तो ये क्लोज़ तो नहीं हुआ ना? अगर मैं इसको कॉर्नर पे रखता हूं तो ये क्लोज़ तो नहीं हुआ। तो क्लोज नहीं हुआ तो इसे क्लोज करने के लिए क्या मैं ऐसा इमेजिन कर सकता हूं कि इसके आसपास सात और क्यूब पड़े हैं। कैसे? ये मैंने यहां पे एक चार्ज रखा। अब इसके आसपास मैंने एक और चार्ज देखो इमेजिन करो कैसे? जैसे कि ये कमरा है। जिस कमरे में आप बैठे हो उसके कोने पे चार्ज बैठा हुआ है। उसके कोने पे चार्ज बैठा हुआ है। अब उस कोने पे जो चार्ज बैठा हुआ है उसको कितने कमरे शेयर कर रहे होंगे? आंसर है टोटल आठ कमरे। कैसे? एक आपका कमरा शेयर कर रहा होगा। एक आपके कमरे के साथ वाला कमरा भी शेयर कर रहा होगा। एक इस कमरे के साथ वाला कमरा भी शेयर कर रहा होगा। और एक डायगोनल वाला भी शेयर कर रहा होगा। अब आप बोलोगे चार ही तो हुए। लेकिन इन चार के ऊपर भी तो चार कमरे जिनके बेस में ये शेयर हो रहा है। यानी जिस कमरे में आप बैठे हो अगर आपके कमरे के कोने पे चार्ज है तो आपके ऊपर वाले कमरे के नीचे भी तो वो चार्ज बैठा हुआ मिलेगा ना। यानी एक चार्ज जो कि बैठा हुआ है कॉर्नर पे वो उसको एक्चुअली में कितने और क्यूब शेयर कर रहे होते हैं टोटल टोटल आठ क्यूब यानी सात और क्यूब शेयर कर रहे होते हैं तो आपके हिस्से में कितना आएगा आठवां हिस्सा आएगा तो अगर मैं फ्लक्स निकालता हूं जहां पे वो a पे बैठा हुआ है जिसको मैं a बोल रहा हूं तो वो कितना हो जाएगा q / 0 होता अगर ये पूरा चार्ज बीचोंबीच बैठा होता लेकिन ये कॉर्नर पे बैठा हुआ है तो उसको तो सात और कमरे शेयर कर रहे होंगे। टोटल आठ कमरे शेयर कर रहे होंगे। तो आपको जो हिस्सा मिलेगा वो q / 8 यानी यानी टोटल q / 0 का 1थ मिलेगा। तो q / 8 0 मिला। कितनी छोटी सी बात को कितना समझाना पड़ रहा है ना।
देखो अब बी पॉइंट पे आते हैं। देखो बी पॉइंट कहां है? B पॉइंट है मिड पॉइंट ऑफ एन एज ऑफ द क्यूब। यानी कि यहां पे बैठा हुआ है B पॉइंट। देखो ये बैठा हुआ है B पॉइंट। ये बैठा हुआ है। अब पहले कॉर्नर पे बैठा हुआ था। अब ये इस B पॉइंट पे बैठा हुआ है। यानी कि अगर ये मान लो कमरा है तो कमरे के इधर बैठा हुआ है। इधर बैठा हुआ है। इधर अब इसको तो चार कमरे शेयर कर रहे होंगे ना। कॉर्नर वाले को तो टोटल आठ कमरे शेयर कर रहे थे। लेकिन एज पे जो बैठा हुआ है उसको तो चार ही कर रहे होंगे। कैसे? एक तो ये वाला कमरा, एक इसके साथ वाला, एक इसके ऊपर वाला और एक इसके डायगोनल। आगे के चार वाले तो नहीं शेयर कर रहे होंगे ना भाई। बिकॉज़ ये तो साइड के बीच में। तो इस वाले एटम को चार कमरे, एक ये, एक ये, एक इसके नीचे और एक इसके नीचे। चार कमरे शेयर कर रहे होंगे। अगर चार कमरे शेयर कर रहे होंगे तो q / 4 0 हो जाएगा। बहुत सही। बहुत सही।
इसके बाद c यानी कि सेंटर ऑफ द फेस। लो जी कर लो गलत सुन लो बात। यहां बैठा हुआ है चार्ज। यहां बैठा हुआ है। यहां बैठा हुआ है चार्ज। अब अगर चार्ज यहां बैठा हुआ है। यानी कि आपके कमरे के किसी भी दीवार के अंदर फेस पे बैठा हुआ है। दीवार पे बैठा हुआ है। तो इसका मतलब आधा हो गया इस कमरे में और आधा हो गया उस कमरे में। किसी भी एक दीवार पर इमेजिन कर लो। आधा एक कमरे में हो जाएगा, आधा एक कमरे में हो जाएगा। किसी भी दीवार पर इमेजिन कर लो। आधा एक कमरे में हो जाएगा, आधा एक कमरे में हो जाएगा। तो जो टोटल फ्लक्स बनेगा जो टोटल फ्लक्स बनेगा सी पॉइंट पे जो टोटल फ्लक्स बनेगा वो बनेगा q / 0 का आधा। क्यों भाई आधा क्यों? क्योंकि आधा चार्ज इस कमरे का हो गया। आधा चार्ज इस कमरे का हो गया। कितना प्यारा सवाल है। डन। बढ़िया। चलो आगे बढ़ते हैं।
ओह माय गॉड फाइनली फाइनली फाइनली फाइनली क्वेश्चन ऑफ द डे अगर आपने यह समझ लिया कर लिया तो भैया आधी जंग आपने जीत ली क्योंकि इस साल जो 2025 का पेपर हुआ जो 2025 नीट का पेपर हुआ 2024 में भी देखा जाए ऐसे काफी क्वेश्चंस हमें मिले थे। तो ये क्वेश्चन को हम एक्चुअल कंसेप्चुअल बेस्ड कहते हैं। क्यों कहते हैं? क्योंकि ये जो क्वेश्चन होते हैं ये हमारे 11th क्लास हमारे 12th क्लास 12th में भी मल्टीपल चैप्टर्स को आपस में जोड़ते हैं। मल्टीपल कांसेप्ट क्वेश्चंस हैं। बड़े मजेदार हैं। आओ पढ़ते हैं। ध्यान से पढ़ना। हो सकता है पहली बारी में समझ में भी ना आए तो बिल्कुल ध्यान से देखना। ये मैंने अभी हाल ही में पेड बैच में कराया था। इसलिए मुझे याद है। जो पेड बैच के बच्चे होंगे उनको पता होगा। हाल ही में किया था ये सवाल।
टू चार्जेस -q ईच आर प्लेस्ड फिक्स्ड। यानी दो चार्ज है। दोनों -q के हैं। ध्यान रखना डपोल नहीं है। दोनों -q के हैं। आर फिक्स्ड आर फिक्स्ड सेपरेटेड बाय डिस्टेंस 2d उनके बीच का डिस्टेंस 2d है। अ थर्ड चार्ज ऑफ़ q एक और चार्ज +q एंड मास m उसको रखा गया था मिड पॉइंट पे। रखा गया था मिड पॉइंट पे। और मिड पॉइंट पे रखने के बाद उसको धीरे-धीरे धीरे धीरे धीरे-धीरे हमने ऊपर डिस्प्लेस किया। ठीक है? अब जब छोड़ेंगे अगर हम इसको छोड़ेंगे तो क्या आपको ये समझ में आता है कि ये वाला चार्ज जब ऊपर ले जा के छोड़ेंगे तो ये ऐसे-से ऑसिलेट करेगा। नहीं समझ में आता तो बताता हूं करेगा। करेगा बताता हूं अभी करेगा बट ये ऑसिलेट करने लग जाएगा। जैसे ही ऑसिलेट करने लग जाएगा आपको ये शो करना है। शो करना है कि ये जो q चार्ज है ये परफॉर्म करेगा एक सिंपल हार्मोनिक मोशन और वो सिंपल हार्मोनिक मोशन का जो टाइम पीरियड होगा आपको शो करना है कि वो ये आएगा। यानी 8π 0md / q² की पावर 1/2 देखने में थोड़ा अजीब सा लग रहा है। बट टेंशन लेने वाली कोई बात नहीं है।
देखो आप सबसे पहले तो हम इस डायग्राम को हमें ये प्रूफ करना है। ठीक है ना? अब हमें ये जो डायग्राम है ये जो डायग्राम है इसी के अंदर अगर मैं थोड़ी सी कंस्ट्रक्शन कर दूं और पीछे इसकी डेरिवेशन कर देंगे। देखो कैसे? ये हमारे पास -q चार्ज है और ये हमारे पास +q चार्ज है। तो कॉमन सेंस की बात है कि इस पे जो फोर्स लग रही होगी वो इधर लग रही होगी। ठीक है? इस पे जो फोर्स लग रही होगी वो f फोर्स इधर लग रही होगी। ऐसे ही इस वाले पे भी इस वाले पे भी जो फोर्स लग रही होगी इस वाले पे भी जो फोर्स लग रही होगी वो इधर लग रही होगी। ठीक है ना? फोर्स इधर लग रही होगी। फोर्स इधर। अब इसकी फोर्स इधर है। इसकी फोर्स इधर है। फोर्स के कर देंगे हम दो टुकड़े। फोर्स के कर देंगे हम दो टुकड़े। ठीक है? कैसे? ये है एक टुकड़ा। एक कॉम्पोनेंट आ गया इसका। ये एक कॉम्पोनेंट आ गया इसका। ऐसे इसके भी दो टुकड़े कर देंगे। एक ये कॉम्पोनेंट आ गया। इसका एक ये कॉम्पोनेंट आ गया। अब ये अगर थीटा है तो आपको पता है ये वाला f sin थीटा कॉम्पोनेंट है। और ये भी F sin थीटा कॉम्पोनेंट है। और नीचे वाले कॉम्पोनेंट कौन से? f cos थीटा। ऐसे दो कॉम्पोनेंट्स होंगे f cos थीटा के। और दोनों सेम डायरेक्शन में होंगे। और ये वाले कॉम्पोनेंट इसको इधर खींचेंगे। जब ये ऐसे आएगा तो ये इसको इधर खींचेंगे। तो ये तो भैया ऑसिलेट करने वाला है। लेकिन साथ ही साथ ये भी समझना है कि sin थीटा वाले कॉम्पोनेंट्स एक दूसरे को कैंसिल आउट करेंगे और cos थीटा वाले कॉम्पोनेंट ऐड होंगे।
अब हमें टाइम पीरियड निकालना है। तो प्लानिंग क्या है? पहले मैं निकालूंगा फोर्स और फोर्स को बराबर रखूंगा kx के क्योंकि एसएचएम में फोर्स kx होती है। वहां से k निकालूंगा और फिर टाइम पीरियड के फॉर्मूले में पुट कर दूंगा जो कि होता है 2π m / k। ये मेरी प्लानिंग है। प्लानिंग समझ गए? पहले फोर्स निकालूंगा। उसको kx के बराबर रखूंगा। वहां से k निकालूंगा और टाइम पीरियड के फॉर्मूले पुट करूंगा। ये मेरा प्लान है। आओ भाई इस प्लान के अकॉर्डिंग चलते हैं। सबसे पहले निकालते हैं नेट फोर्स क्या होगी? सबसे पहले निकालते हैं नेट फोर्स। तो भाई नेट फोर्स होगी 2F cos थीटा। नेट फोर्स होगी 2F cos थीटा। फोर्स का फार्मूला होता है k q1 q2 जो कि q² होगा अपॉन में r²। अब r क्या है? ये d है और ये x है। क्वेश्चन में बोला हुआ है। अगर ये d है। ये x है तो ये क्या हो गया? x² + d² x² + d² हो गया। है ना? अगर ये d है ये x है तो इसके जो बीच का डिस्टेंस है वो हो जाएगा x² + d² और उसका भी स्क्वायर हो जाएगा। साथ में चल रहा है cos थीटा। पहले इसको सॉल्व करते हैं थोड़ा सा। चलो आओ। यहां पे आ गया 2k का स्क्वायर अपॉन में स्क्वायर से रूट कैंसिल x² + d² ठीक है? अब यहां से cos थीटा की वैल्यू को पुट करते हैं। अगर ये एंगल थीटा है तो cos थीटा क्या होता है? बेस / हाइपोटेन्यूज। अगर ये थीटा है तो बेस हो गया हमारे लिए x बेस हो गया हमारे लिए x और हाइपोटेन्यूज हमारे लिए हो गया x² + d² x² + d² हो गया। ठीक है? अभी तक तो सब कुछ ठीक चल रहा है। फोर्स का फार्मूला आ गया हमारे पास 2 k q² x अपॉन में आ गया हमारे पास x² + d² इसकी पावर 1 है। इसकी पावर 1/2 है। तो पावर 3 / 2 हो गया।
अब क्वेश्चन में हमें चिल्ला चिल्ला के बोला हुआ है। सिर्फ चिल्ला के नहीं बोला हुआ है। तो ऐसे तो बोला हुआ है कि जो x है वो d से बहुत कम है। बहुत छोटा है। तो यहां से मैं x को इग्नोर कर दूंगा। हमें क्वेश्चन में बोला हुआ है कि जो x है वो d से बहुत छोटा है। तो मैं यहां से अगर x को इग्नोर कर देता हूं तो नेट फोर्स आ जाएगी मेरे पास 2k q² x अपॉन में आ जाएगा d² इसकी पावर 3 / 2 अब टू से टू यहां भी कैंसिल हो जाएगा। तो नेट फोर्स आ जाएगी 2k q² x / dq आ गया। ये मेरे पास नेट फोर्स आ गई। अब नेट फोर्स को मैंने बताया था कि मैं नेट फोर्स को kx के बराबर रखने वाला हूं। क्योंकि भैया एसएचएम में नेट फोर्स जो होती है एसएचएम में नेट फोर्स जो होती है वो kx के बराबर भी होती है। इससे हमारे को क्या मिलेगा? देखो x से x कैंसिल हो जाएगा। k मिल जाएगा मुझे 2k ये वाला k अलग है भैया। ये वाला K अलग है। चलो ऐसा करते हैं। ऐसा करते हैं। इस K को ना एक्सपैंड भी कर देते हैं ताकि आप कंफ्यूज ना हो जाओ। है ना? क्योंकि ये K फोर्स कांस्टेंट होता है। और ये वाला जो K होता है ये हमारे पास 1 / 40 वाला है। तो ये आ गया टू और यहां पे आ गया q²। यहां पे आ गया था x / dq और यहां पे आ गया था हमारे पास 1 / 40। ठीक है? अब आप कंफ्यूज नहीं होगे। x से x कट जाएगा। तो हमारे पास k की वैल्यू क्या आ जाएगी? इसको इससे काटूंगा तो टू आ जाएगा। तो q² x से x कैंसिल हो चुका है। q² अपॉन में आ चुका है dq dq 2π 0 अभी तक मुझे कुछ नहीं पता है। मतलब मैं तो वैसे कर चुका हूं। बट मैंने आपको प्लान के हिसाब से बताया था कि हमें क्या करना है। हमें पहले k निकाल लिया। अब आपको याद करना है कि हमारे पास टाइम पीरियड का फार्मूला होता था 2π m / k 2π m / k अगर आपको याद हो तो। ठीक है? अब यहां पे m तो m है। लेकिन k की जगह मैंने क्या पुट कर दिया? देखो q² पुट कर दिया। और ये पूरी तगड़ंबबाजी चली गई ऊपर। कौन है तगड़मबाजी भैया? dq 2pi0 है ना यह ऊपर चला गया। अब यहां पे देखो क्या होगा साथ में? अब क्योंकि 2π मेरे पास अंदर है तो मैं सॉरी बाहर है। अगर मैं 2π को अंदर ले जाऊंगा तो इतनी मैथ्स आप सबको आती होगी कि मेरे पास mq² तो है ही। लेकिन अगर मैं 2π को अंदर ले के जाऊंगा तो वो 4π² बनेगा। और साथ में मेरे पास अंदर पहले से ही 2π है और 0 के साथ d है। समझ गए हो गया काम? कैसे हो गया? देखो अब अब देखो चमत्कार देखो आप। 4 * 2 कितना हो गया? 8 हो गया। π² * π हो गया। π हो गया। साथ में मेरे पास m है। साथ में मेरे पास एप्स 0 d है। अपॉन में मेरे पास q² है। मुबारक हो। यही तो प्रूफ करना था क्या? 8π 8π m m 0 dq dq / q² / q² अंडर रूट अंडर रूट मतलब पावर हाफ मुबारक हो भाई साहब इस सवाल के लिए एक लाइक बनता है। इस सवाल के लिए एक लाइक बनता है। ये सवाल नहीं कराया किसी ने आपके पेपर में आ गया तो जिन-जिन ने वन शॉट देखा था वो भाई साहब थैंक यू बोलेंगे पेपर में बैठे-बैठे। इस सवाल के लिए बनता है एक लाइक। हम अब देखो बात ना सवाल की नहीं बात सवाल की नहीं बात है कि अगर ऐसा सिमिलर क्वेश्चन हमारे एग्जाम में आया तो हमें क्या करना होगा जरूरी नहीं है ना कि एग्जैक्टली ये आ जाए क्योंकि जहां तक मुझे हां ये एग्जांपलर का क्वेश्चन है। अब अगर ये एग्जांपलर का क्वेश्चन है तो हो सकता है सीधा ना भी आए। हो सकता है आ जाए। बट कोई वैल्यू बदल दे। क्या पता यहां पे प्लस प्लस कर दे वहां माइनस कर दें। डिस्टेंस बदल दें। कुछ बदल दे लेकिन सिमिलर क्वेश्चन आ सकता है। तो आपको एक थॉट प्रोसेस पता है। अब क्या करना है? चलो आओ अगले सवाल पे आते हैं। बढ़िया सवाल है।
क्या कह रहा है सवाल भाई? कह रहा है टू इलेक्ट्रिक डपोल्स ऑफ डपोल मूमेंट। दो इलेक्ट्रिक डपोल है जिसके पहले वाले का डपोल मूमेंट यानी कि P1 कह देते हैं। दे रखा है 1.2 * में 10 की पावर -30 कूलम मीटर। और P2 जो है वो हमें दे रखा है कितना? 2.4 * में 10 की पावर -30 अगेन कूलम मीटर दे रखा है। ठीक है? अच्छा आर प्लेस्ड इन टू डिफरेंट इलेक्ट्रिक फील्ड। दोनों को अलग-अलग इलेक्ट्रिक फील्ड में रखा गया है। इसको इलेक्ट्रिक फील्ड में रखा गया है कितनी? 5 * में 10 की पावर 4 में। 5 * में 10 की पावर 4 में रखा गया है न्यूटन पर कूलम में। ठीक है? ठीक है। और इसको रखा गया है। इसको रखा गया है भैया कितने पे? तो आंसर है 15 * में 10 की पावर 4 न्यूटन पर कूलम में रखा गया। ठीक है? तो ये इलेक्ट्रिक फील्ड है और ये डपोल मोमेंट है। क्या निकालना है? फाइंड द रेश्यो ऑफ़ मैक्सिमम टॉर्क। पहली बात तो टॉर्क का फार्मूला सबको याद है। टॉर्क का फार्मूला PE sin थीटा होता है। लेकिन आपको मैक्सिमम टॉर्क बोला है। तो मैक्सिमम टॉर्क में sin थीटा वन हो जाता है। और मैक्सिमम टॉर्क किसके बराबर आ जाता है? PE के बराबर आ जाता है। सही है? तो मैक्सिमम टॉर्क फर्स्ट का अपॉन में मैक्सिमम टॉर्क सेकंड का रेशियो तो निकालना है। तो P1E1 अपॉन में निकालना है P2E2 सही है सिंपल है। ठीक है? अब P1 कितना है हमारे पास? तो आंसर है 1.2 * में 10 की पावर -30 और E1 कितना है हमारे पास? 5 * में 10 की पावर 4 है। अपॉन में P2 कितना है? 2.4 * में 10 की पावर -30 और ये हमारे पास 15 * में 10 की पावर 4 है। ये इससे कैंसिल हो गया। ये इससे कैंसिल हो गया। इसको इससे काटा तीन आया। इसको इससे काटा दो आया। तो ये आ गया हमारे पास 1:6। प्लीज मैंने कैलकुलेशन पे थोड़ा सा मैं कमजोर हूं। आप कैलकुलेशन देख लेना कुछ गड़बड़ी की हो। बट फॉर्मेट समझ गए ना? P1 E1 और P2 E2 करना है। बाकी शायद कैलकुलेशन भी ठीक ही किया है मैंने। ठीक है भाई? डन है। समझ गए खेल? बढ़िया।
चलो आओ आगे बढ़ते हैं। अब यह देखो एलकेजी के सवाल है। लेकिन एलकेजी के सवाल भी एग्जाम में आते हैं। बेटा ऐसी बात नहीं है। कह रहे हैं फिगर शोज़ थ्री पॉइंट चार्जेस +2q -q + 3q टू चार्जेस +2q एंड -q आर एनक्लोोज्ड विद इन द सरफेससेस। लेकिन एक चार्ज बाहर है। आपको फ्लक्स निकालना है। याद करेंगे फ्लक्स में कौन से चार्जेस देते हैं जो कि अंदर एनक्लोोज्ड होते हैं। ऐसे तीनचार सवाल लाया हूं। सबको एक साथ करते हैं। चलो आओ। ठीक है? लेकिन इस वाले में जो टोटल फ्लक्स होगा वो होगा नेट चार्ज एनक्लोज्ड बाय0 होगा।
अब नेट चार्ज एनक्लोज़्ड कौन-कौन सा है? आंसर है +2q एनक्लोज़्ड है इसके अंदर और -q एनक्लोज्ड है इसके अंदर। 3q वाला तो बाहर है ना भाई। 3q वाला तो बाहर है। तो इससे ये कैंसिल हुआ तो क्या आ गया? +1q ही तो बचा। अपॉन में क्या बचा? 0 तो ये हमारे पास चार्ज आ गया। सिंपल है यार कुछ है ही नहीं। कुछ है ही नहीं।
ऐसे ही आओ और भी सवाल लाए हैं। इसके ऊपर और भी सवाल हैं। वो करते हैं। आ जाओ। जैसे एक थ्योरिटिकल सवाल था जो देखने में नहीं लग रहा था। बट है इसके ऊपर ही। जैसे एक ये सवाल भी है। देखो एनसीआरटी का एग्जांपलर है। द इलेक्ट्रिक फ्लक्स थ्रू द सरफेस। आपको बताना है इन सब सरफेस में से इलेक्ट्रिक फ्लक्स सेम होगा या अलग-अलग होगा या क्या होगा? सबकी शेप अलग-अलग है लेकिन सब पे चार्ज देखो सेम है। इसने भी +q चार्ज स्टोर किया हुआ है। इसने भी +q चार्ज स्टोर किया हुआ है। इसने भी +q चार्ज स्टोर किया हुआ है। इसने भी +q। तो क्या सब पे जो फ्लक्स हो गया वो सेम हो गया? आंसर है यस। सब पे जो फ्लक्स बनेगा वो सेम बनेगा। तो आंसर है सेम फॉर ऑल दी फिगर्स। इलेक्ट्रिक फ्लक्स पूछा है सेम होगा सारी की सारी फिगर्स पे। ठीक है?
एक और सवाल भी था शायद इसके ऊपर। हां ये वैसे तो एजशन रीजन है। लेकिन उसके अलावा एक डपोल वाला सवाल भी लाया था यार। कहां गया वो? डपोल वाला। हां ये रहा। देखो ये क्वेश्चन कितना अच्छा है। कह रहा है एक आर्बिटरी सरफेस है और उसने अपने अंदर एक डपोल को एनक्लोज किया हुआ है। एक ऐसे कोई भी रैंडम सरफेस है और उसने अपने अंदर एनक्लोज किया हुआ है। किसको? एक डपोल को। अब कोई भी एक सरफेस अगर मैं अपने मन से बना लूं यहां। वैसे तो आप कोई भी सरफेस बना सकते हो। सर ये अमीबा की याद आ गई यहां पे। हां। तो यहां पे अगर मेरे पास +q चार्ज है और यहां पे मेरे पास -q चार्ज है और हमने एक डायपोल को ही इसके अंदर एनक्लोज कर दिया। तो ये तो कॉमन सेंस की बात है कि जब भी एक डपोल एनक्लोज होगा तो जो फ्लक्स का फार्मूला होगा एक फ्लक्स का फार्मूला क्या है? नेट चार्ज एनक्लोज्ड बाय एप्सिलॉन 0 है ना। अब एक डायपोल जब भी आपने एनक्लोज किया होगा तो एक चार्ज +q का होगा और एक चार्ज -q का होगा। एक चार्ज +q का होगा। एक चार्ज -q का होगा। तो टोटल आ जाएगा हमारे पास शून्य। है ना? अरे अरे ये क्या हो रहा है यार? टोटल अरे अच्छा ये मैंने पेन दूसरा। टोटल चार्ज जो आ जाएगा वो आ जाएगा शून्य। चाहे कैसा भी सरफेस हो अगर आपने डायपोल को एनक्लोज किया हुआ है तो फ्लक्स बनेगा आपका शून्य फ्लक्स बनेगा।
चलो आओ वापस आते हैं। वापस आते हैं। वापस आते हैं। भाई चलो आ जाओ इस वाले सवाल पे आते हैं। क्या सवाल है? सवाल कह रहा है अ कंडक्टिंग स्फीयर ऑफ रेडियस एक स्फीयर है जिसका रेडियस आपको 10 सें.मी. व्हिच इज़ 0.1 मीटर दे रखा है। ठीक है ना? हैज़ एन अननोन चार्ज। इफ द इलेक्ट्रिक फील्ड 20 सें.मी. फ्रॉम द सेंटर यानी कैपिटल R आपको 20 सें.मी. दे रखा है। रेडियस है उसका 1 मीटर। लेकिन 2 मीटर पे आपको क्या दे रखी है? इलेक्ट्रिक फील्ड दे रखी है। है ना? इलेक्ट्रिक फील्ड दे रखी है। कितनी है? 1.5 * में 10 की पावर 3 न्यूटन पर कूलॉम दे रखी है। ठीक है? ठीक है। ठीक है। चलो आओ। एंड पॉइंट्स रेडियली इनवर्ड्स। इनवर्ड आ रही है। इनवर्ड आ रही है इसका मतलब है नेगेटिव चार्ज है। अगर इलेक्ट्रिक फील्ड बाहर जा रही होती इसका मतलब है इस पे पॉजिटिव चार्ज होता। लेकिन इनवर्ड आ रही है तो मतलब नेगेटिव चार्ज है। आपको चार्ज निकालना है इस पे। बहुत सिंपल सवाल है। कैसे करेंगे? क्या? इलेक्ट्रिक फील्ड का फार्मूला हमारे पास रहता है सिग्मा अपॉन एप्सिलॉन 0 r अपॉन r²। सही कह रहा हूं। ये हमारे पास फार्मूला है फॉर अ कंडक्टर आउटसाइड इट। ये फार्मूला है। अगर आपने पूरा वन शॉट देखा है तो फिर डेरिवेशन देखी होगी। ये लास्ट डेरिवेशन है वन शॉट की। झूठ मत बोलना। ठीक है? चलो अब इलेक्ट्रिक फील्ड हमारे पास है 1.5। सर इससे क्या आएगा? इससे सिग्मा आएगा। प्लानिंग है। अब सिग्मा आ गया एक बार तो सिग्मा आने के बाद जैसे ही मेरे पास सिग्मा आ गया। सिग्मा का फार्मूला चार्ज अपॉन में एरिया होता है। वहां से मैं काम कर लूंगा। अच्छा आप ऐसा भी कर सकते हो कि यहीं पे ओपन कर लो। ठीक है? आपके लिए एक और काम आसान करें। देखो कैसे? यह फ़ॉर्मूला तो याद है ना आपको? अब अगर आप इसे ओपन कर देते हो। मान लो आप यहीं पे ओपन कर देते हो तो इलेक्ट्रिक फील्ड का फार्मूला तो यही है। अब q की जगह मैं क्या लिख रहा हूं? सिग्मा की जगह मैं क्या लिख रहा हूं? चार्ज अपॉन में एरिया। एरिया क्या होता है? 4 पाई r² एरिया क्या होता है? 4 पाई r² और साथ में कौन है मेरे पास? r² / R² और एप्सिलॉन 0 तो है ही। अब देखो r² से r² कैंसिल हो गया। मैंने सिग्मा की जगह रखा चार्ज अपॉन में एरिया। बात तो एक ही है ना यार। अब 1 / 4 पाई एप्सिलॉन 0 तो वैसे भी हमारे पास k होता है। देखो घूम फिर के लौट के बुद्धू घर को आए। कैसे? क्या ये मुझे मिल गया kq / r²? क्या हो रहा है यार इसको? kq / r² ही तो मिल गया मुझे। लौट के बुद्धू घर को आ गए। कैसे? k 1 / 4 पाई एप्सिलॉन 0 को मैंने k लिख दिया। लो अब इलेक्ट्रिक फील्ड रख दो। यहां पे कितनी है? 1.5 इंटू में 10 की पावर 3 है। K की वैल्यू 9 * में 10 की पावर 9 है। चार्ज मुझे निकालना है। जो भी आएगा लास्ट में माइनस लगाऊंगा बिकॉज़ इनवर्ड बोला है। और डिस्टेंस कितना बोला है? 0.2 0.2 का स्क्वायर। 0.2 का स्क्वायर 0.4 होगा। तो मेरे पास इतना चार्ज आ जाएगा। लास्ट में लिख देना क्योंकि मैग इलेक्ट्रिक फील्ड इनवर्ड है तो माइनस में आना चाहिए। कैलकुलेशन तो कर लोगे यार। इतनी कैलकुलेशन तो बनती है आपकी। चलो आओ डन है।
आगे बढ़ते हैं। देखो ये सवाल अगेन मैं स्किप करने वाला था। मैंने कहा यार नहीं कराते बट मेरे को लगा कि बहुत बेसिक है। तो ऐसे बेसिक सवाल भी होने चाहिए। ठीक है ना? अब एक दो और बेसिक सवाल है। ऐसे टू प्रोटॉन्स इन अ मॉलिक्यूल। एक मॉलिक्यूल के अंदर दो प्रोटॉन्स जो हैं उनके बीच में आपको डिस्टेंस दे रखा है। कितना दे रखा है भाई? 3 * में 10 की पावर -10 मीटर का डिस्टेंस है उनके बीच में। ठीक है? फाइंड द इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्स एग्जर्टेड बाय वन प्रोटॉन ऑन अनदर। आपको फोर्स निकालनी है। सीधी बात नो बकवास। फोर्स का फार्मूला k q1 q2 / r² या d² जो भी है। अच्छा। अब K की वैल्यू होती है 9 * में 10 की पावर 9. क्या दोनों चार्ज प्रोटॉन ही है? अब q1 हो चाहे q2 हो दोनों प्रोटॉन है। प्रोटॉन पे चार्ज 1.6 * में 10 की पावर -19 होता है। तो यहां पे मैं q1 q2 दोनों सेम ही है। तो 1.6 * में 10 की पावर -19 का स्क्वायर कर सकता हूं। अपॉन में डिस्टेंस है 3 * में 10 की पावर -10 का होल स्क्वायर। ठीक है? तो बेटा यहां पे सॉल्व कर लेना। अगेन मैं आपको फिर बोल रहा हूं थोड़ा समझदार बनो। कई बच्चे सोचेंगे सर कैलकुलेशन नहीं कर रहे यार मैं अगर करूंगा भी तो आपको सबको पता है कैलकुलेटर से करूंगा तो आप समझो थोड़ा स्मार्ट बना करो। कई बच्चे सोच रहे होंगे सर ने पिछले वन शॉट डाल दिया मैं उनसे भी ये बात कहना चाहूंगा बट थोड़ा स्मार्ट बनो एक इंसान है 24 घंटे में कितना काम कर सकता है आप मुझे बोलोगे नए वन शॉट दो मैं नए वन शॉट भी दे दूंगा लेकिन फिर ड्यूरेशन देखो कितने आएंगे महीने में दो वन शॉट दे पाऊंगा मतलब एक फिजिक्स का एक केमिस्ट्री का या फिर उससे भी कम बिकॉज़ इतना सारा काम है एक इंसान के पास या तो मैं आपको बोल दूं कि बेटा सारे वन शॉट पहले पढ़ा रखे हैं पढ़ लो या मैं आपके लिए इतनी हेल्प कर रहा हूं कि मैं उन वन शॉट्स को यहां पर दोबारा एडिट करवा रहा हूं। मैंने उनको क्रिस्प करवाया है। आपने देखा होगा तो बीच-बीच में कट्स लगे हैं। वो एडिट क्रिस्प हुए हैं। कहीं पे अगर मैंने कोई बेकार की बात की है जिसका पढ़ाई से उस वक्त कोई कनेक्शन नहीं है। तो वो सब मैंने हटवाया है उसके अंदर से। फिर यहां पे प्यारे-प्यारे क्वेश्चन करवा रहा हूं मेरी जान। ठीक है? चलो आओ। डन है।
आगे बढ़ते हैं। आगे बढ़ते हैं। हम बेहतरीन सवालों में से एक। ये है ना प्यारा सवाल देखो। इन सवालों के लिए तो मिले हैं आज हम। यह है प्यारा सवाल। इन सवालों के लिए मिले। एक बार बनाने की कोशिश करो। कोशिश करो कि बना पा रहे हो कि नहीं। ट्राई तो करो। क्या पता बन जाए यार। ट्राई तो करो। हां। क्या पता बन जाए। चलो आओ। 64 कंडक्टिंग ड्रॉप्स। पहुंच सके बनाना। मतलब मैं तो बढ़ रहा हूं आगे। 64 कंडक्टिंग ड्रॉप्स सबका रेडियस 0.02 मीटर है। यानी जो छोटी ड्रॉप्स हैं उनका रेडियस आपको दे रखा है 0.02 मीटर एंड ईच कैरिंग चार्ज ऑफ हर एक पे जो चार्ज आपको दे रखा है वो दे रखा है 5 माइक्रो मींस 10 की पावर -6 कूलम आर कंबाइंड टू फॉर्म अ बिगर ड्रॉप। ऐसी 64 ड्रॉप्स हैं। हमने एक बिगर ड्रॉप बनाई है। आपको बताना है रेश्यो क्या होगा? सरफेस चार्ज डेंसिटी ऑफ़ बिगर ड्रॉप टू स्मॉलर ड्रॉप। प्लानिंग करते हैं और प्लानिंग करते हैं। देखो, अगर आपको सरफेस चार्ज डेंसिटी बिगर ड्रॉप अपॉन में स्मॉलर ड्रॉप की निकालनी है, तो फार्मूला क्या होगा? फार्मूला होगा चार्ज अपॉन में एरिया। यहां पे भी चार्ज अपॉन में एरिया। ठीक है? ये प्लानिंग है। अब चार्ज तो निकालना बड़ा आसान है। कैसे? अकल लगाओ। यह चार्ज स्मॉलर ड्रॉप पे है। स्मॉलर ड्रॉप पे है। तो बिग ड्रॉप पे जो चार्ज होगा वो होगा 64 टाइम्स स्मॉलर ड्रॉप के। कॉमन सेंस की बात है। बिकॉज़ 64 पे जितना भी चार्ज है वो सब ऐड हो गया। तो 64 टाइम्स हो गया ना? तो अगर मैं Q1 को Q2 से काटूंगा तो 64 तो सीधा-सीधा आ जाएगा। बिकॉज़ चार्ज 64 टाइम्स है। स्मार्ट बनो ना। चार्ज 64 टाइम्स है। ठीक है? ठीक है? तो सिग्मा 2 / सिग्मा 1 में अब बचता है मेरे पास कौन एरिया बचता है। अब एरिया निकाल लेते हैं। ये तो हम समझ गए। अब क्या ये कहना ठीक है कि 64 ड्रॉप्स थी। तो जो नई वाली ड्रॉप का वॉल्यूम होगा वो पुरानी वाली ड्रॉप के 64 टाइम्स होगा। वॉल्यूम होगा। एरिया नहीं वॉल्यूम। वॉल्यूम 64 टाइम्स होगी। अब वॉल्यूम का फार्मूला क्या होता है? वॉल्यूम का फार्मूला होता है 4 / 3 पाई r³। और यहां पे भी क्या होगा? 4/3 π r³ बस ये 64 टाइम्स होना है। तो 4 / 3π से 4 / 3π कैंसिल। यहां पे क्यूब है। यहां पे क्यूब है। इतनी मैथ्स सबको आती होगी कि अगर मैं यहां पे अगर मैं यहां पे r2 लेना चाहता हूं। क्यूब रूट कर रहा हूं ना। क्यूब रूट कर रहा हूं ना। तो r2 मेरे पास क्या आ जाएगा? 4 टाइम्स r1। क्यों? क्योंकि 4 का स्क्वायर 16 64 6 4 का स्क्वायर 16 16 * में 4 64 यानी कि भाई ये जो 64 है वो क्यूब रूट करने में फोर आता है। यानी कि जो r है वो चार गुना हो गया। r जो है वो चार गुना हो गया। अब एरिया क्या होता है? एरिया होता है पाई r1² और ये होगा पाई r2² और ऊपर मेरे साथ 64 चल रहा है। ये भैया देखो कितनी प्यारी मैथ्स कितनी प्यारी फिजिक्स। ठीक है? अब यहां पे पाई से पाई कैंसिल हो गया। जो रेडियस है वो चार गुना है। चार का स्क्वायर 16 होता है। तो यहां पे आ गया मेरे पास r1 का स्क्वायर। यहां पे आ गया 16 r1² इंटू में कितना आ गया? 64। यहां से ये भी कैंसिल हो गया। इसको इससे काटा चार आ गया। मुबारक हो। आंसर 4:1 आ गया। आंसर 4:1 आ गया। कितनी प्यारी मैथ्स समझदारी के साथ काम किया है मैंने। मैंने है ना? एप्रिशिएट करना होगा। मैंने कोई चार्ज आवाज नहीं डाला। मैंने इसका यूज़ ही नहीं किया। ना मैंने इसका यूज़ किया। देखो ना मैंने इसका यूज़ किया। करने की जरूरत ही नहीं है। जब रेश्यो निकालने को बोला है तो इसकी जरूरत मैंने इसका कहीं पे यूज ही नहीं किया। क्योंकि रेश्यो निकालना है ना। समझदार बनो यार। समझदार बनो। ठीक है। ठीक है। ठीक है। ठीक है। चलो आगे बढ़ते हैं। अगले सवाल पे आते हैं। हां। ये सवाल बहुत ईजी है। बहुत ईजी है। बच्चे पता नहीं क्यों कंफ्यूज होते हैं आओ। सीधा-सीधा निपटाएं। एक नंबर का सवाल आता है। ये दिखने में जितना बड़ा है उतना ही आसान सवाल है। ये आ जाओ। कह रहे हैं एक स्क्वायर है। एक स्क्वायर है जिसके कोने हैं भैया। A कोना है, B कोना है, C कोना है और D कोना है। ठीक है? चार्ज पड़ा हुआ है भैया। कोने पे एक पे पड़ा हुआ है। वन यह क्या है भाई? यह क्या है? 1 मिली माइक्रो। भाई साहब यह तो समय तो भाई चलो बेटा यहां पर कुछ गलती हुई है माइक्रो होगा तो ये ये बैठा हुआ है 1 माइक्रो कूलम है ना हां हां ये बैठा हुआ है -2 माइक्रो कूलम ये बैठा हुआ है 1 माइक्रो कूलम और ये बैठा हुआ है अगेन -2 माइक्रो कूलम ये गड़बड़ी हो गई है कुछ आप भी समझ रहे हैं यहां पे हटाओ ठीक है? अब आपको मैंने पता नहीं पहले आपने अगर मेरे वन शॉट्स या क्वेश्चन आंसर वाले लेक्चर कभी कहीं देखे हो गलती से तो मैंने बताया हुआ है बेटा जब भी फोर्स निकालना होता है वेक्टर निकालना होता है कोई भी और सिमिट्रिक स्ट्रक्चर होता है। आपको कह रहे हैं कि ये स्क्वायर है जिसकी साइड 30 सें.मी. है। आपको फोर्स निकालनी है एक चार्ज पे जो कि सेंटर पे बैठा हुआ है। सेंटर पे बैठा हुआ है फोर का। अरे भैया कहीं देखो ना सेंटर पे बैठा हो कितने भी कूलम का हो। क्या ये वाला चार्ज और यह वाला चार्ज बराबर है? हां जितनी ताकत से ये वाला चार्ज इसको रिपेल करेगा उतनी ताकत से ये भी रिपेल करेगा। ये जितनी ताकत से इसको अट्रैक्ट करेगा ये उतनी ताकत से अट्रैक्ट करेगा। तो नेट फोर्स तो ज़ीरो होनी है ना। और वैसे भी कितनी बार सिखाया हुआ है जब भी वेक्टर्स निकालने हो और सिमिट्रिक स्ट्रक्चर हो। जैसे इधर और इधर सेम है। इधर और इधर सेम है। तो वेक्टर्स एक दूसरे को कैंसिल आउट कर देंगे ना। फोर्स एक दूसरे को कैंसिल आउट कर देंगे ना। और एज अ रिजल्ट नेट फोर्स तो ज़ीरो आ जाएगी। सॉल्व करने की भी जरूरत नहीं। ठीक है? एक नंबर का आएगा। इससे ज्यादा का नहीं आएगा। ठीक है? आओ। एनसीईआरटी का सवाल है। पता नहीं ये मैंने वन शॉट के दौरान कराया हुआ है कि नहीं। मुझे याद नहीं है। बट मेरे को अच्छा सवाल लगता है। तो आओ करते हैं। क्या सवाल है? कह रहा है चेक करो कि ये जो रेश्यो है। ये जो रेश्यो है कौन? k e² / g मास ऑफ़ इलेक्ट्रॉन मास ऑफ़ प्रोटॉन इज़ डायमेंशन लेस। आपको शो करना है कि ये डायमेंशन लेस है। इस पूरी क्वांटिटी को मैं x मान लेता हूं और ये डायमेंशन लेस है। उसके बाद बाकी सब छोड़ दो। लुक अप अ टेबल ऑफ फिजिकल कांस्टेंट। कह रहे हैं इन सबके कांस्टेंट की वैल्यू अगर आपको चाहिए तो ले लो। हमें सबकी पता है कि हमको पता है 9 * में 10 पावर 9 है। e इलेक्ट्रॉन का चार्ज है। कैपिटल g कौन है? यूनिवर्सल ग्रेविटेशनल कांस्टेंट है 6.67 10 की पावर -1 मास ऑफ इलेक्ट्रॉन है, मास ऑफ प्रोटॉन है। तो हमें सबकी वैल्यू पता है। खैर हमें सबसे पहले शो करना है कि ये यूनिटस है या डायमेंशनलेस है कि नहीं है। तो पहले हम यहां से इसकी यूनिट निकालते हैं। देखो बड़ी कमाल की बात है। अगर इसकी कोई यूनिट नहीं आई तो फिर इसके कोई डायमेंशंस भी नहीं आएंगे। अगर इसकी कोई यूनिट नहीं आती है तो इसके कोई डायमेंशंस भी नहीं आएंगे। तो k की यूनिट याद करेंगे। न्यूटन मीटर² कूलम - 2 ये k की यूनिट होती है। इलेक्ट्रॉन के चार्ज की यूनिट क्या होगी? कूलम उसका स्क्वायर है तो कूलम स्क्वायर। 11th क्लास याद करेंगे। कैपिटल g होता है न्यूटन मीटर² kg - 2 न्यूटन मीटर² kg - 2 यहां पे आता है मास ऑफ़ इलेक्ट्रॉन मास ऑफ़ प्रोटॉन। तो दोनों मास ही है तो kg का स्क्वायर हो जाएगा। अब देखो इससे ये कैंसिल हो गया। अलग रंग से काटता हूं ताकि दिखे इससे इसको कट गया। इससे ये कट गया। ये पूरा इससे कट गया। क्या आया ये? यूनिटलेस आया। अब अगर ये यूनिटस आया है तो अकल लगाओ जो x होगा। अगर ये यूनिटलेस आया है तो फिर x जो है वो क्या भी होगा? डायमेंशन लेस भी होगा। m0 l0 t0। ठीक है? इसके बाद कह रहे हैं आप ना इस रेश्यो की वैल्यू निकालो और बताओ क्या ये रेश्यो की वैल्यू बहुत ज्यादा बड़ी आएगी या बहुत कम? आंसर है बहुत ज्यादा बड़ी आएगी। कैसे? देखो कैसे बड़ी क्यों आएगी? क्या ये kee² जो है दो चार्जेस के बीच की इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्स है? और gme mp दो अ इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन के बीच के ग्रेविटेशनल फोर्स है। डिवाइड बाय r² डिवाइड / r² दोनों में आता है। हट चुका है। अब वैसे भी हम सबको पता है कि इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्स ग्रेविटेशनल फोर्स से बहुत स्ट्रांग होती है। तो ये रेश्यो बहुत ज्यादा बड़ा आना चाहिए। फिर भी अगर हम देखो इसकी रफ रफ वैल्यू्यूज डाल रहे हैं। रफ रफ k की वैल्यू 9 * में 10 की पावर 9 होती है। रफ रफ e का स्क्वायर 10 की पावर -19 का स्क्वायर तो 10 की पावर कितना आ गया? -38 आ गया। अपॉन में मास ऑफ़ इलेक्ट्रॉन 10 की पावर -31 मास ऑफ़ प्रोटॉन 10 की पावर -27। अब आप देखो ये सारी वैल्यूज़ में 10 की पावर तो बहुत बड़ी आएगी। आनी भी चाहिए। बिकॉज़ इलेक्ट्रोस्टेटिक फ़ ग्रेविटेशनल फोर्स से काफी स्ट्रांग होती है। तो उनका रेश्यो भी काफी बड़ा एक नंबर आएगा। जो भी आएगा ना यहां पे जो भी नंबर आएगा काफी बड़ा एक नंबर आपको मिलेगा। काफी बड़ा नंबर मिलेगा। बेसिक ये काम इंपॉर्टेंट था जो कि मैंने आपको करा दिया। चलो आओ। ठीक है। डन है।
चलो ये वाला सवाल एक होमवर्क दे रहा हूं मैं आपको क्योंकि ऐसे सवाल एनसीईआरटी में बहुत सारे हैं। आई होप आप ये वाला भी कर चुके होंगे। ये वाला भी कर चुके होंगे। तो मैं आपको ये वाला सवाल होमवर्क दे रहा हूं। क्वेश्चन आप पढ़ सकते हो। ये एक सिलेंडर है। बाकी सब चीजें आपको क्वेश्चन में गिवन है। बस ये मैंने आपको दे दिया। ये 0.1 मीटर का गैप है। बाकी सब क्वेश्चन में गिवन है। आपके लिए होमवर्क हो जाता है। ये क्वेश्चन नॉर्मल क्वेश्चन। आओ कुछ एमसीक्यूस पे आते हैं। आ जाओ आ जाओ आ जाओ आ जाओ आ जाओ भाई। आओ देखो कह रहे हैं एक पॉइंट पॉजिटिव चार्ज है। ये एक पॉजिटिव चार्ज है। q है ना? इसके पास एक और आइसोलेटेड कंडक्टिंग स्फीयर को लाया गया। तो सबसे सही डायग्राम कौन सा है? अगर आपको याद हो अगर ये प्लस चार्ज है। अगर ये प्लस चार्ज है तो प्लस चार्ज के आसपास जब मैं किसी भी और चार्ज को लाऊंगा तो उसके पास वाले एरिया पे वो नेगेटिव चार्ज ले आएगा और उसके दूर वाले एरिया पे वो पॉजिटिव चार्ज ले आएगा। इस प्रोसेस को क्या बोलते हैं? इस प्रोसेस को बोलते हैं इलेक्ट्रोस्टेटिक इंडक्शन। अब इस वाले में अगर ये पॉजिटिव चार्ज है तो यहां से तो सही है। अब पॉजिटिव जा रही है किसकी तरफ? नेगेटिव की तरफ। और यहां से फील्ड निकल रही है। तो मुझे तो ये बहुत बढ़िया लग रहा है। आपको कैसा लग रहा है? क्या-क्या गलतियां है? देखो इसमें क्या गलती है? इसमें अगर यहां पे पॉजिटिव है तो यहां पे पॉजिटिव आया होगा। यहां तो फील्ड आ रही है। तो ये गलत हो गया। इसमें सारे एंगल 90° नहीं है। तो ये भी गलत हो गया। ये तो भाई साहब बहुत ही ज्यादा गलत हो गया। इसमें सब कुछ ही गलत हो रहा है। ना 90° पे आ रही है ना जा रही है। तो ये गलत हो गया। इसका मतलब है हमारा जो सही आंसर हो जाता है वो फिगर वन हो जाती है। फिगर वन हो जाती है। ये हमने कर लिया है। ये हमने कर लिया है। ये हमने कर लिया है। अच्छा आओ इस पे भी आते हैं। इस पे भी आते हैं। वापस आ रहे हैं। लेकिन पहले आओ कुछ एमसीक्यूस करते हैं। वो जो पीछे मैंने एलुमिनियम वाला क्वेश्चन छोड़ा है। काफी अच्छा क्वेश्चन है। पर पहले इस पे आते हैं। आओ। व्हिच ऑफ द फॉलोइंग ग्राफ शोज़ द करेक्ट वेरिएशन इन मैग्नीट्यूड ऑफ टॉर्क ऑन एन इलेक्ट्रिक डपोल रोटेड इन यूनिफॉर्म इलेक्ट्रिक फील्ड फ्रॉम स्टेबल इक्विलिब्रियम टू अनस्टेबल इक्विलिब्रियम क्या तीर मारा है भाई साहब एक तीर से दो-तीन निशाने एक साथ पहली बात तो आपने स्टेबल इक्विलिब्रियम स्टेबल इक्विलिब्रियम कब होता है 0° से अनस्टेबल इक्विलिब्रियम जा रहे हो यानी कि 180° पे जा रहे हो क्या टॉर्क का
फार्मूला सबको पता है PE sin थीटा होता है। अब अगर आप स्टेबल इक्विलिब्रियम से अनस्टेबल इक्विलिब्रियम जा रहे हो, यानी कि आप 0° से 180° जा रहे हो, तो इसका मतलब सीधा-सीधा ये है अगर आप 0° से 180° जा रहे हो तो इसका मतलब है कि जो sin की वैल्यू है वो ज़ीरो से पहले कहां जाएगी? 90 मतलब वन। आई होप आपको पता हो sin की वैल्यू पहले 0, फिर π/2, फिर π यानी कि 90 में 180 पे पहले बढ़ती है फिर कम होती है। तो अगर sin की वैल्यू ऐसे बढ़ेगी तो टॉर्क भी तो ऐसे बढ़ेगा। पहले बढ़ेगा फिर कम होगा। है ना भाई? पहले बढ़ेगा फिर कम होगा। तो जैसा sin का ग्राफ होगा वैसे टॉर्क का होगा। बस मैग्नीट्यूड अलग होगा। तो आंसर आ गया a। अगर sin थीटा की वैल्यू 0 से 90 बढ़ेगी तो टॉर्क भी बढ़ेगा और फिर 90 से 180 कम होगी तो टॉर्क भी कम होगा। बेस्ट है जी। बेस्ट है जी।
आ जाओ आ जाओ। एन ऑब्जेक्ट हैज़ चार्ज ऑफ़ 1 कूलॉम। एक ऑब्जेक्ट पे 1 कूलम का चार्ज पहले से ही था। पहले से ही था। आपने उसको 5 * में 10 की पावर 18 इलेक्ट्रॉन्स और दे दिए। इलेक्ट्रॉन्स देते। उस पे चार्ज क्या होगा? सुनो भाई। बड़े प्यार से सुनो। जो उस पे पहले से चार्ज था वो था 1 कूलम। जो चार्ज उसको बाद में दिया गया है वो कितने का होगा? 5 * में 10 की पावर 18 इलेक्ट्रॉन का चार्ज दिया है। तो इलेक्ट्रॉन पे चार्ज 1.6 * में 10 की पावर -19 होता है। लेकिन माइनस का होता है। ठीक है? अब 5 * में 1.6 करूंगा तो एट आएगा। एट आएगा ना? 16 * में 580 होता है। तो 1.6 * में 5 8 हो गया। और -8 हो गया। -8 हो गया। और 10 की पावर बचा कितना? -1 बचा। तो -0.8 कूलॉम चार्ज हमने उसको दिया है। तो पहले से उसके पास एक कूलम था। आपने उसे -8 कूलम और दे दिया। तो 2 कूलम 2 कूलम उसके पास चार्ज बचा। कितना प्यारा और बेसिक सवाल। कितना प्यारा और बेसिक सवाल।
चलो आओ आगे बढ़ते हैं। अगला सवाल। अरे अरे अरे अरे क्या हो रहा है ये? हां अब ठीक है ना? अब ठीक है ना? आओ देखो कितना अगेन कितना प्यारा सवाल है। थ्री चार्जेस q q q नॉट और -q ये -q है। ये q है। ये q नॉट है। आर प्लेस्ड एज़ शोन इन द फिगर। द मैग्नीट्यूड ऑफ़ द नेट फोर्स। नेट फ़ निकालनी है आपको। बड़ा प्यारा सवाल। देखो। ये वाला चार्ज प्लस है। ये वाला चार्ज प्लस है। तो ये वाला चार्ज इस वाले चार्ज को क्या करेगा? रिपेल करेगा। तो इधर आएगा। थोड़ा सा पेन मोटा कर लेते हैं। हम रिपेल करेगा। तो फोर्स आ गया इधर। फोर्स आ गई इधर। डन है। अच्छा। अब ये वाला चार्ज इस वाले चार्ज को अट्रैक्ट करेगा। रिपेल करेगा? आंसर है अट्रैक्ट करेगा। तो ये वाली फोर्स आ गई इधर। ठीक है? एंगल कितना हो गया? 90। दोनों फोर्स मैग्नीट्यूड वाइज़ तो बराबर ही होंगी। तो एक फोर्स है हमारे पास kq q नॉट अपॉन में डिस्टेंस कितना है? a² और दूसरी भी यही है। तो अगर दोनों फोर्स तो यही है। f1 और f2 दोनों यही है। अब नेट फोर्स का फार्मूला जब एंगल 90 होता है। हम सबको पता है f² + f² है ना? है ना? अरे परपेंडिकुलर है। तो क्या आ गया हमारे पास? 2f² यानी कि f 2 आ गया। अब f की वैल्यू हमारे पास क्या थी? k q q0 / a² इसका 2 टाइम्स कौन सा ऑप्शन? लो जी कितना प्यारा सवाल है। डायग्राम देख के ना बच्चे डर जाते हैं।
ये देखो इसका क्या करें? कुछ नहीं करना। कुछ नहीं करना यार। इसका यूज़ भी नहीं किया ऑप्शन में इन्होंने। तो इतना कुछ दे देते हैं। बच्चा डायग्राम देख के डर जाता है। घबरा जाता है। लो जी एक और बढ़िया सवाल। ये सवाल तो आपने बहुत देखा होगा। मैंने इसको दाढ़ी वाले सर पे Instagram पे भी बहुत करा रखा है। और मैं आपको बताऊं जैसे हमने यहां पे एक घंटा मुझे लगता है ये कितना ये जो क्वेश्चन आंसर वाला पार्ट है इसको भी एक घंटे से ज्यादा हो जाएगा रिकॉर्ड करते-करते। आप सोचो हम लोग पेड बैच के अंदर चार-चार पांच-प घंटे से भी ज्यादा एक-एक चैप्टर के क्वेश्चन आंसर्स करते हैं। ऑलदो पार्ट्स में कभी 1 घंटा, कभी 2 घंटा, कभी 3 घंटा। और ये अभी कर रहे हैं पेपरों में और फिर छुट्टियों में और टेस्ट के दौरान, असाइनमेंट के दौरान। तो हर एक चैप्टर के मल्टीपल टाइम क्वेश्चन होते हैं। और मैं इस पे बिलीव थोड़ा कम करता हूं। मैं बच्चों को घर से करने के लिए थोड़ा सा कम काम देता हूं क्योंकि साथ-साथ ज्यादा करवाता हूं मैं कि भैया यहीं बैठ के करो अभी करो। पेड बैच के अंदर की मैं बात कर रहा हूं। भले ही 2 घंटे की क्लास में आप बनाओ 50 सवाल तो मैं बनाऊं 50 सवाल लेकिन मिलके बनाएंगे तभी मजा आता है। तो ऐसा है। ठीक है ना? चलो बाकी हां YouTube पे अब आप बताओ यह वन शॉट वैसे ही 3 घंटे 2 घंटे 3 घंटे 3 सा घंटे का हो जाएगा। आधे बच्चे तो देख के डर जाएंगे पर उनको ये नहीं पता कंटेंट कितना है इसके अंदर। ठीक है ना चलो
एक एक्सपेरिमेंट में कुछ लैटिक स्फीयर थे जिनके ऊपर कुछ चार्ज था। 3 कूलॉम ओ 3 इलेक्ट्रॉन फाइव इलेक्ट्रॉन - 3 इलेक्ट्रॉन। उन दोनों को ना जोड़ा गया। अब जोड़ के अलग कर दिया गया। तो पता उन पे और क्या-क्या चार्ज आ सकता है। अब क्या चार्ज हो सकता है? देखो इन शॉर्ट जब जोड़ा नहीं था तो उन पे ये चार्ज थे। अब जो जोड़ा होगा तो चार्ज बदल जाएंगे ना किसी पे ज्यादा हो जाए, किसी पे कम कांटेक्ट में आने के बाद। लेकिन हां टोटल चार्ज तो इतना ही रहेगा ना। टोटल चार्ज कितना है? थ्री से टोटल चार्ज जो है Q नेट जो है वो फाइव इलेक्ट्रॉन का है। फाइव इलेक्ट्रॉन का है। तो टोटल चार्ज इनमें से किसका फाइव इलेक्ट्रॉन का है। किसी का भी हो। ये तो आंसर वैसे भी नहीं हो सकता। क्यों? क्योंकि 5.5 इलेक्ट्रॉन नहीं हो सकते। 3 5 इलेक्ट्रॉन नहीं हो सकते। अब उसके अलावा ऐसा कौन है जिसके ऊपर फाइव इलेक्ट्रॉन का चार्ज आ रहा है? इस पे आ रहा है अ नहीं आ रहा। नहीं आ रहा। ये भी नहीं है। इस पे आ रहा है। छ और छ 12 में से सात गए। इस पे आ रहा है। इस पे आ रहा है। इस पे आ रहा है भाई। है ना? सात और ये 12 में से आठ। नहीं तो भैया बी आ रहा है। बी आ रहा है। बी आ रहा है। ठीक है ना? डन। इसका भी नेट चार्ज जो आ रहा है वो q नेट जो है वो 5 इलेक्ट्रॉन का आ रहा है प्लस का। और आना ही चाहिए। वही चाहिए था हमें। चलो आओ। ठीक है?
अगला सवाल क्या है? द टोटल इलेक्ट्रिक फ्लक्स इमिनेटिंग इमिनेटिंग इतने मुश्किल वर्ड मतलब निकल रहा हो From a close surface enclosing an alpha particle. लो कह रहे हैं एक क्लोज सरफेस है उसके अंदर अल्फा पार्टिकल है। बस अल्फा पार्टिकल है। तो कितना फ्लक्स बनेगा? एक अल्फा पार्टिकल पे कितना चार्ज होता है? एक अल्फा पार्टिकल पे दो इलेक्ट्रॉन्स का चार्ज होता है। अल्फा पार्टिकल पे +2 का चार्ज होता है। दो इलेक्ट्रॉन का चार्ज होता है। तो क्या फ्लक्स इसका q 2q q इसका 2 हो गया और साथ में हो गया। तो ये हमारे पास नेट फ्लक्स बन गया 2e / 0 2ee / 0 यानी कि 2e / 0 ये हमारा आंसर हो गया। डन है क्या? चलो आओ।
अच्छा ये सारे सवाल कुछ सवाल होमवर्क भी दे दूं यार। कुछ सवाल होमवर्क भी दे दूं। तो ये वाला सवाल बहुत ही आसान है। देखो होमवर्क है। ठीक है? एजशन रीजन वाले सवाल का है। ये सवाल भी बहुत ईजी है। देख के लग रहा है लंबा चौड़ा है। होमवर्क है। है ना? कुछ एज ये देखो कितना आसान है। आओ इसको करते हैं। आसान है। करवा रहा हूं। वरना कहोगे सारे होमवर्क दे दिया। कह रहे हैं एक बबल है। ठीक है? उस बबल के ऊपर आपने कुछ चार्ज स्प्रे किया। अब या तो पॉज़िटिव चार्ज स्प्रे किया होगा या तो नेगेटिव चार्ज स्प्रे किया होगा। कुछ तो किया होगा ना। चार्ज स्प्रे अगर पॉज़िटिव किया होगा तो चार्ज एक दूसरे को रिपेल करेंगे। रिपेल करेंगे तो रेडियस क्या हो जाएगा? इंक्रीस हो जाएगा। कितना प्यारा सवाल। पीछे एक एलुमिनियम वाला क्वेश्चन छोड़ा हुआ है। ना वाहियात सवाल। सेम क्वेश्चन अभी कराया था स्क्वायर के लिए। स्क्वायर के लिए ये रेक्टेंगल ट्रायंगल के लिए। सॉरी। क्या कह रहा हूं मैं? ये ट्रायंगल के लिए। है ना? आधे बच्चों ने तो गेस भी कर लिया होगा इसका आंसर क्या है पर पढ़ लेना आराम से कोई जल्दबाजी नहीं है। एजर्शन रीज़ करते हैं। आ जाओ। ये सारे सवाल होमवर्क है। ठीक है? होमवर्क है। अच्छा इनके आंसर आप कमेंट सेक्शन पे लिख भी सकते हो। एजर्शन रीज़ लेके आया था यार। हां। आओ ये एजर्शन रीज़ करते हैं। फिर जो पीछे एलुमिनियम वाला क्वेश्चन छोड़ा उसको करते हैं। कह रहे हैं इफ अ प्रोटॉन एंड एन इलेक्ट्रॉन आर प्लेस्ड इन सेम यूनिफॉर्म इलेक्ट्रिक फील्ड, तो उनका एक्सीलरेशन डिफरेंट होगा। बिल्कुल सही। उनपे जो फ़ोर्स होगी वह सेम होगी। क्योंकि फ़ोर्स होती है qe। दोनों का चार्ज सेम है। दोनों के इलेक्ट्रिक फील्ड सेम है। फोर्स सेम होगी। लेकिन एक्सीलरेशन अलग होगा क्योंकि एक्सीलरेशन जो होता है वो फोर्स / मास होता है। और इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन का मास अलग-अलग होता है। तो एजर्शन सही है। एक्सीलरेशन ऑफ़ अ चार्ज इज़ डिपेंडेंट ऑफ इट्स मास। ये बात भी बिल्कुल सही है। और ये करेक्ट एक्सप्लेनेशन भी दे रही है। तो ए आंसर हो गया। ठीक है? अगला सवाल देखो। कह रहा है चार पॉइंट चार्ज हैं q1, q2, q3, q4 इनमें से q1 और q2 अंदर है। q3 और q4 बाहर है। एज शोन इन द फिगर। द फ्लक्स ओवर द शोन गौसियन सरफेस डिपेंड्स ओनली ऑन चार्ज q3 एंड q4। गलत बात है। q3 और q4 पे डिपेंड नहीं करेगा। q1 और q2 पे करेगा। हां, इलेक्ट्रिक फील्ड एट ऑल द पॉइंट्स ऑन गसियन सरफेस सिर्फ और सिर्फ डिपेंड करेगा q1 और q2 पे। बिल्कुल सही बात है क्योंकि होलो कंडक्टर के अंदर नहीं जाती है। तो एजर्शन जो है वो इनकरेक्ट था। लेकिन रीजन जो है वो हमारे पास करेक्ट आ जाता है। डन है। ठीक है अब ये वाला सवाल फिर वो एलुमिनियम वाले पे चलते हैं। अ नेगेटिव चार्ज इन एन इलेक्ट्रिक फील्ड मूव्स अलोंग दी डायरेक्शन ऑफ द इलेक्ट्रिक फील्ड। गलत बात है। इलेक्ट्रिक फील्ड के डायरेक्शन में तो पॉजिटिव चार्ज जाता है। नेगेटिव तो उसके ऑपोजिट जाता है। ऑन नेगेटिव चार्ज अ फोर्स एक्ट्स इन ऑपोजिट डायरेक्शन। नेगेटिव चार्ज पे फोर्स इलेक्ट्रिक फील्ड के ऑोजिट लगती है। बिल्कुल सही। एजर्शन गलत है। रीज़ जो है वो बिल्कुल ठोक बजा के सही है। कहां गया भाई हमारा एलुमिनियम वाला क्वेश्चन? ये रहा हमारा एलुमिनियम वाला क्वेश्चन। दिमाग से दिल से क्योंकि आखिरी सवाल है बेटा। पूरे दिल और दिमाग से बनाओ इसको। फिर बढ़ते हैं आगे। और प्लीज कमेंट सेक्शन पे जाते-जाते जरूर बताना। प्लीज बताना कि आपको अगला वन शॉट सेकंड चैप्टर का चाहिए या आपको इस चैप्टर के और क्वेश्चन आंसर्स चाहिए। मुझे लगता है मैंने बहुत अच्छे से आपको इसके क्वेश्चन आंसर्स कराए हैं। कुछ होमवर्क भी दिए हैं जिनको आप रिपीट करोगे। लेकिन मुझे लगता है कि हमें अगले वाले में सेकंड चैप्टर पे जाना चाहिए। बाकी आपकी क्या सलाह है? आप क्या कहना चाहते हैं? प्लीज कमेंट सेक्शन में बताइएगा। जल्दी से इसका आंसर आप दे दीजिए। हां जी। हम कह रहे हैं एक पैसे का कॉइन है जो कि बना हुआ है एलुमिनियम का। और उसका जो वजन है वो कितना है? 27 ग्राम है। ठीक है? उसकी स्क्वायर शेप है, डायगोनल है। शायद इसका कुछ काम आएगा नहीं। वो इलेक्ट्रिकली न्यूट्रल है। मतलब जितना उसके अंदर इलेक्ट्रॉन्स हैं उतने उसके अंदर प्रोटॉन्स हैं। तो आपको बताना है उस पे नेगेटिव चार्ज और पॉजिटिव चार्ज कितना है। ठीक है? देखो प्लानिंग क्या है? प्लानिंग ये है कि पहले मैं ये निकाल लेता हूं मेरे पास एलुमिनियम के कितने मोल्स हैं उस सिक्के में। मोल से मैं निकाल लूंगा एटम। एटम से मुझे मिल जाएंगे इलेक्ट्रॉन और इलेक्ट्रॉन से मिल जाएगा मुझे चार्ज। ये है प्लानिंग। तो सबसे पहले मैं निकालता हूं मोल्स ऑफ इलेक्ट्रॉन सॉरी मोल्स ऑफ एलुमिनियम। मोल्स का फार्मूला गिवन मास अपॉन में मोलर मास। तो गिवन मास भी 27 है। मोलर मास भी 27 है। तो 1 मोल आ गए। ठीक है? अब मैं निकाल सकता हूं एटम्स ऑफ़ एलुमिनियम। एटम कैसे निकालते हैं? जितने भी मोल आए हैं उसको एोगाड्रो नंबर से मल्टीप्लाई कर दूंगा। तो एोगाड्रो नंबर से मल्टीप्लाई किया तो 6.02 * 10 की पावर 23 एटम्स आ गए। एटम्स। ठीक है? अब मैं निकालना चाहूंगा नंबर ऑफ इलेक्ट्रॉन्स कितने हैं? हर एक एलुमिनियम में 13 यानी 13 इलेक्ट्रॉन्स होते हैं। 13 इलेक्ट्रॉन्स होते हैं। उसका एटॉमिक नंबर 13 है। तो 6.02 * में 10 की पावर 23 है और हर एक में 13 इलेक्ट्रॉन्स होते हैं। तो इतने मेरे पास इलेक्ट्रॉन्स आ गए। अब मैं निकालता हूं कि नेगेटिव चार्ज कितना है? ये प्लानिंग समझ में आई ना? नेगेटिव चार्ज कितना है? कितने इलेक्ट्रॉन आए? 6.02 * 10 की पावर 23 * में 13 ये मेरे पास इलेक्ट्रॉन्स आए हैं। और हर एक इलेक्ट्रॉन पे चार्ज कितना होता है? माइनस का होता है। 1.6 * में 10 की पावर -19 इसको मल्टीप्लाई किया। इतना माइनस का चार्ज आ गया। सिमिलरली क्योंकि उसमें बोला गया है कि पॉजिटिव और नेगेटिव चार्ज बराबर है तो इतना ही माइनस का आया है तो इतना ही प्लस का चार्ज भी आ जाएगा। डन है तो भाई इसी के साथ मुबारक हो हमारा यहां पे ये बेहतरीन वन शॉट जहां पे शुरू में हमने कांसेप्ट्स किए जो कि हो सकता है आपने पहले देख रखे हो और यहां पे हमने इन कॉनंसेप्चुअल क्वेश्चंस को बनाया ताकि हमारा जो वन शॉट है पूरा और साथ ही साथ मैंने इसको क्वेश्चंस के होमवर्क भी दिए। तो ये जो क्वेश्चंस हैं ये पीपीटी आपको मिलेगी टेलीग्राम पे जैसे ही वन शॉट अपलोड होगा उसके दो-ती घंटे बाद और ये पीपीटी आपको टेलीग्राम पे मिलेगी तो ये क्वेश्चंस रिपीट कर लेना इसके प्लीज जितने भी क्वेश्चन होमवर्क दिए हैं प्लीज सब बेहतरीन क्वेश्चन है उनको रिपीट करना बाकी कमेंट सेक्शन पे अपनी राय देना और कैसा लगा वन शॉट इसके बारे में एक प्यारा सा कमेंट छोड़ना सेशन को लाइक करना मिलते हैं अगले वन शॉट में लव यू लव यू लव