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तान्त्रिक क्रियाओं का उपाय शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानंद जी से जानें | #shankracharyaji #tantra

Chosen hanuman5:40

Transcription

राजस्थान से पूछने वाले कह रहे हैं, "मैं राजस्थान से हूँ। मैं अपना परिचय नहीं बताना चाहता हूँ। कृपा करके मेरी बात को समझकर मेरी सहायता करें। जी, राम राम। मैं बस इतना बता सकता हूँ कि जाति से सर पारीन ब्राह्मण और शुद्ध हूँ। सिर्फ नाम से नहीं, और शंकराचार्य परंपरा का पालन करता हूँ।"

समस्या यह है कि पाँच-सात सालों से किसी ने मुझ पर, मम्मी-पापा पर भी, और दादी और छोटे भाई पर तांत्रिक क्रिया करके पूरे घर को बाँध दिया है और सबकी मानसिक स्थिति भी खराब कर दी है, और भयंकर तांत्रिक क्रिया है। भगवान का नाम भी ठीक से नहीं ले सकते हैं। बड़े से बड़े पंडितों को भी बताया। काशी के पंडितों से भी बात की, पर बात नहीं बनी। कृपया कोई ठोस मार्गदर्शन करें और पुख्ता उपाय बताएँ। लंबे समय से आपसे जुड़ा हूँ।

बंधु, आपकी समस्या कुछ ऐसी नहीं है कि अगर आप नाम बता देते तो कोई समस्या हो जाती। कोई बात नहीं। जितना बताया, उतना भी काफी है। देखिए, आपने कहा कि पाँच-सात वर्षों से किसी ने मेरे माता-पिता पर और मुझ पर और दादी और छोटे भाई पर भी तांत्रिक क्रिया करके पूरे घर को बाँध दिया है। और सबकी मानसिक स्थिति खराब कर दी है। और हालत यह है कि कोई भगवान का नाम भी नहीं ले सकता है।

तो बंधु, इसका मतलब है हम यह समझ रहे हैं कि आप तंत्र शास्त्र के विद्वान होंगे, क्योंकि तभी तो आपको पता चल रहा है कि किसी ने आपके ऊपर तंत्र क्रिया की है। आपके घर को बाँध दिया है और सबकी मानसिक स्थिति खराब कर दी। आपको यह कैसे पता चला? और अगर आपको इतना पता है कि मेरे ऊपर तंत्र हो रहा है, तो फिर उसके निवारण का भी आपको पता होना चाहिए। लेकिन आप कह रहे हैं कि मैंने बड़े-बड़े पंडितों से बात की। काशी के पंडितों से भी बात की, और अब आप हमसे पूछ रहे हैं। आपको समाधान नहीं मिला है।

देखिए, पहले तो यह समझ लीजिए कि तंत्र क्रिया के बारे में एक तरीका है, और वह तरीका यह है कि अगर आपको पता चल जाए कि तंत्र क्रिया की जा रही है, तो उसका फल आधा हो जाता है, और अगर यह पता चल जाए कि कौन कर रहा है, तब तो पूरी तरह से वह तंत्र क्रिया विफल हो जाती है। इसलिए आप पता करिए कि कौन यह कर रहा है, और उसी से जाकर के कह दीजिए कि "मुझे पता चल गया है कि तुम हमारे विरुद्ध यह कार्य कर रहे हो", तो अपने आप तंत्र क्रिया आपकी विफल हो जाएगी।

अगर आपको पता नहीं चल रहा है, तो किसी जानकार व्यक्ति से पहले समझिए, आपके घर में जो समस्याएँ हो रही हैं, वह किसी की तंत्र क्रिया के परिणामस्वरूप ही हो रही हैं। इसका निश्चय कैसे होगा? इसलिए आप स्वयं अगर तंत्र शास्त्र के जानकार हैं, तो जानकार केवल इतना नहीं होता कि केवल वो निदान कर ले। यह जान ले कि तंत्र क्रिया हमारे ऊपर हो रही है। वह उसका निदान भी जानता है कि कैसे इसको दूर किया जा सकता है। आप स्वयं जानते नहीं हैं। इसीलिए आपके मन में केवल यह भावना है। एक धारणा आपकी बन गई है कि कोई हमारे ऊपर प्रयोग कर रहा है। कभी-कभी ऐसा नहीं भी होता है।

तो दूसरा मार्ग आपको हमने यह बताया। और तीसरे, अगर आप सुपुष्ट हैं कि आपके विरुद्ध तंत्र क्रिया किसी के द्वारा की जा रही है और उसका प्रभाव भी आपके ऊपर पड़ रहा है, तो देखिए, सात्विक जीवन अपना लीजिए। जो सात्विक जीवन अपना लेता है, उसके ऊपर किसी की क्रिया नहीं लगती, क्योंकि बाँधने के लिए कुछ कड़ी चाहिए। कहीं पर कोई चीज़ निकली हुई होगी, शाखा-प्रशाखा, तब न उसमें बाँधा जाएगा। तो आपका जीवन अगर सात्विक होगा, तो कोई तंत्र क्रिया आपके ऊपर सीधे लागू नहीं होगी। जहाँ पर व्यवहार ज्यादा होता है, वहाँ पर तंत्र क्रिया लागू होती है।

और चौथे, अगर इसके बाद भी आपको निदान न मिले, तो किसी योग्य गुरु से विपरीत प्रत्यंगरा मंत्र स्वीकार करिए और उसका अनुष्ठान आरंभ कर दीजिए। उसके चार पुरश्चरण करते ही जो भी क्रिया किसी के द्वारा की जा रही है, वह लौटकर करने वाले के ऊपर जाकर लग जाएगी। आप बच भी जाएँगे और करने वाला स्वयं उस क्रिया का शिकार होकर समाप्त हो जाएगा।

तो हमने ये चार-पाँच उपाय आपके लिए बता दिए। अगर आप इनमें से किसी का भी अनुगमन करेंगे, तो निश्चित रूप से आपको लाभ होगा। ॐ