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जय हिंद दोस्तों, मैं शिवम गुप्ता स्वागत करता हूं आपका अपने परिवार रोजगार पर। उम्मीद करता हूं आप सभी अच्छे होंगे, बेहतरीन होंगे, जिंदाबाद होंगे, एकदम शानदार होंगे।
एक बार आप सभी प्यारे भाई-बहन, सभी दोस्त, सभी प्यारे भैया, भावी दरोगा, भावी अधिकारी, एक बार जल्दी से बताएंगे क्लास से जुड़ जाएंगे। बताएंगे आप सभी कैसे हैं और क्या मेरी वॉइस और वीडियो आप सभी तक प्रॉपर तरह से पहुंच पा रही है या नहीं। एक बार सभी दोस्त, सभी प्यारे साथी कंफर्म करेंगे, फिर शुरू करते हैं हम अपनी एक शानदार, एक बेहतरीन, एक लाजवाब क्लास को, जो कि रहने वाली है मेरे भाई हमारी यहां पर आपकी प्रैक्टिस सेट नंबर तीन।
इससे पहले हम दो प्रैक्टिस सेट कर चुके हैं। शानदार तरीके से चीजें लेकर चल रहे हैं। कोशिश करूंगा मैं कि चीजें रिपीट कम हो। रिपीट तब हो जब पहले हम एक-एक बार सब चीजें कर चुके हों, या रिपीट हो तो उनसे रिवीजन ही होगा। लेकिन बहुत ज्यादा रिपीट हम नहीं करेंगे। इसलिए सारे प्रैक्टिस सेट जरूर देखना। मैं यह मान करके चलूंगा कि आप सभी प्रैक्टिस सेट कर रहे हो। तो अगर पहले प्रैक्टिस सेट में मैंने कोई चीज करा दी है, तो हो सकता है कि वह कई प्रैक्टिस सेट बाद आपको दोबारा देखने के लिए मिले। तो छोड़ना कोई भी प्रैक्टिस सेट नहीं, क्योंकि नहीं पता किसके में क्या पूछ लिया जाए। ठीक है?
तो शुरू करते हैं बिना किसी देरी के और बात करते हैं हम यहां पर प्रैक्टिस सेट नंबर तीन में। सबसे पहले नंबर ऑफ क्वेश्चन ऑफ द डे जो था हमारा होमवर्क वाला, इस सवाल को देखेंगे। इसका आंसर क्या होगा कि कंप्यूटर सुरक्षा में सेंध लगाने का कार्य। कंप्यूटर सुरक्षा में सेंध लगाने का जो कार्य है, मेरे भाई, वह हमारा किसके द्वारा किया जाता है? ठीक है जी। तो हम क्या कहेंगे यहां पर? हम कहेंगे द एक्ट ऑफ ब्रेकिंग इनू कंप्यूटर सिक्योरिटी, इसे हम हैकिंग कहते हैं। क्या कहते हैं? हैकिंग। ठीक है जी।
अगला क्वेश्चन आज की क्लास का पहला सवाल। जैसे आपके लोअर पीसीएस, एजी, एएसओ, जो अच्छी लेवल की पोस्ट होती हैं, उनमें पूछे जाने की संभावना होती है। तो वही यह आपका एक सवाल है। प्रीवियस ईयर क्वेश्चन है आपका। यह पूछा गया है आपसे पहले भी। तो, एक बार देखेंगे और बताएंगे इसका आंसर हमारा क्या होगा। है ना? बताइएगा भैया क्या होगा इस सवाल का हमारा आंसर यहां पर कि डबल ईपी रोम, एनवीएमई, एसडीडी और डी रेम इनको आपको सही मिलान करना है। तो मैं पहले साइड हो जाता हूं। मैंने कमेंट पढ़े थे तो कुछ भैया का कहना था कि सर आप क्वेश्चन आने के बाद थोड़ा साइड हो जाया करिए। थोड़ा समय हमें दिया करिए खुद से सोचने का। उसके बाद आंसर कीजिए। तो बिल्कुल भाई, मैं साइड हो चुका हूं। आप पूरे सवाल को अच्छे से पढ़ो। ऑप्शन एलिमिनेशन ट्रिक लगाओ। जैसे भी करके करो। देखो हो सकता है कि आपको चारों चीजों के बारे में जानकारी ना हो। तीन के बारे में होगी, दो के बारे में होगी। जब अच्छे से सिलेबस कंप्लीट कर रहे हो तो होगी तो जरूर, ऐसी बात नहीं है कि नहीं होगी। है ना?
तो हम यहां पर देखेंगे कि जो डबल ईपी रोम है, इसका क्या काम होता है? इसकी फुल फॉर्म होती है हमारी, हम कहेंगे इलेक्ट्रिकली इरेजबल, इलेक्ट्रिकली इरेजबल प्रोग्रामेबल, इलेक्ट्रिकली इरेजबल प्रोग्रामेबल, इलेक्ट्रिकली इरेजबल प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी, रीड ओनली मेमोरी। ठीक है जी। तो हम कहेंगे इरेज़बल, इलेक्ट्रिकली इरेज़बल प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी, यानी कि एक ऐसी मेमोरी जो इलेक्ट्रिसिटी के माध्यम से भी जिसमें मौजूद डेटा को डिलीट किया जा सकता है। तो यहां पर ऑप्शन डी हमसे कह रहा है कि विद्युत रूप से मिटाने योग्य प्रोग्रामेबल। तो भैया, पहले का चौथा हो जाएगा। पहले का चौथा यहां नहीं दिया, गलत। यहां नहीं दिया, गलत। यहां नहीं दिया, गलत। तीन ऑप्शन एलिमिनेट हो गए। ऑप्शन बी को लगा दो। मैं यह आदत डे वन से आपकी डालना चाहता हूं कि आप ऑप्शन एलिमिनेशन के थ्रू आंसर लगाओ। कई बच्चे यह कहते हैं कि अरे, आप तो ऑप्शन एलिमिनेशन ऐसे कर देते हो जैसे ऑप्शन ई है ही नहीं। ऑप्शन ई भी तो देखना पड़ता है भाई। मत देखो। अगर सच में सिलेक्शन लेना है, अगर सच में चीजें करनी है तो मत देखो। क्योंकि आप कितना भी पढ़ लो, पेपर हमेशा ऐसा आएगा कि कुछ ना कुछ चीजें आपकी ऐसी होंगी जिनमें आपको रिस्क लेना पड़ेगा। और आप देखोगे कि ई ऑप्शन अगर 15 क्वेश्चन कंप्यूटर के आ रहे हैं, तो हो सकता है कि एक आध में ई दे दे। लेकिन चार-पांच में ई वो नहीं देता। इसलिए अगर आप छह सवाल भी ऑप्शन एलिमिनेट करके लगाओगे, तो हो सकता है तुम्हारा एक गलत हो जाए। लेकिन पांच सही होंगे और वो तुम्हें फायदा दे कर के जाएंगे। इसलिए यह हैबिट अपनी जरूर डालो कि ई ऑप्शन को एक तरफ से इग्नोर करके तब लगाओ जब 110% पता हो। अगर ऐसी कंडीशन आ जाए कि तीनों ऑप्शन साफ-साफ एलिमिनेट हो गए, तो आप बी लगाकर आगे बढ़ जाओ, क्योंकि सारे ऑप्शन तुम्हारे पढ़े हुए आ जाएं, ऐसा जरूरी नहीं है, क्योंकि यूपी ट्रिपल एससी आयोग है, कुछ भी पूछ लेता है, कुछ भी कर लेता है, तो प्लीज इस तरीके से हैबिट अपनी डालिए। ठीक है भैया?
तो अब लेकिन हम तो पढ़ेंगे और डी रेम क्या होता है? तो डी रेम की फुल फॉर्म होती है डायनेमिक रैंडम एक्सेस मेमोरी। डायनेमिक रैंडम एक्सेस मेमोरी। डायनेमिक रैंडम एक्सेस मेमोरी हमारी डी रेम की फुल फॉर्म हो जाती है। और डी रेम एक तेज वोलेटाइल मेमोरी है जो लाइट के जाने पर समय में मौजूद डाटा को खो देती है। और क्या होगा हमारा है ना? अह डी में क्या होता है कि डायनेमिक रैंडम एक्सेस मेमोरी जो स्वयं में मौजूद डेटा को खो देती है, क्योंकि वोलेटाइल होती है और यह रिफ्रेशबल होती है। इसे बार-बार रिफ्रेश करना पड़ता है। हम और आप किसका प्रयोग करते हैं? तो हम और आप जो है, वह डी रेम का ही प्रयोग करते हैं। मतलब जो मोबाइल फोन वगैरह में यूज़ होती है, वह डी रेम ही यूज़ होती है, क्योंकि यह सस्ती होती है और यह धीमी भी होती है। इसी के जैसी एक और रेम होती है एस रेम, स्टैटिक रैंडम एक्सेस मेमोरी। उसे रिफ्रेश करने की आवश्यकता नहीं होती, वह ज्यादा तेज होती है, महंगी होती है और उसका प्रयोग कैश मेमोरी को बनाने में किया जाता है। ठीक है? एचडीडी तो एचडीडी क्या है हमारा? हार्ड डिस्क ड्राइव है। क्या है भैया? तो यहां पर देखेंगे डी का हो जाएगा दूसरा। तो बिल्कुल हमारा डी का दूसरा हो गया। सी का एचडीडी, हार्ड डिस्क ड्राइव। तो हार्ड डिस्क ड्राइव एक मैग्नेटिक स्टोरेज होता है, जिसके अंदर एक गोल-गोल कैसेट हमारी घूमती है। तो आंसर क्या हो जाएगा भैया? एचडीडी का तीसरा, पहला हो जाएगा। सी का पहला और एनवीएमई, यानी कि पीसीआई एक्सप्रेस बस के माध्यम से एसएसडी को सर्वर स्टोरेज से जोड़ती है। तो भले ही आपको एनवीएमई के बारे में जानकारी नहीं पता थी, लेकिन आंसर आपने फिर भी कर दिया और इसी एप्रोच के साथ आपको चीजें लेकर चलनी होती हैं।
अगला क्वेश्चन देखेंगे। क्वेश्चन नंबर दो आपसे क्या कह रहा है? पढ़ें, आंसर बताएं, फिर हम आगे बढ़ेंगे। भैया पीसीएस की साइट नहीं चल रही, फॉर्म सबमिट नहीं हो रहा। भाई, मैं जानता हूं इसको लेकर के। अभी मेरी लगातार क्लास हैं 10, 11, 12, 1। उसके बाद मैं थोड़ा फ्री होऊंगा, तो मैं फिर इस पर क्या हो सकता है? क्या हम इस पर कोई ट्विटर के चला सकते हैं, बात पहुंचाने के लिए, या कुछ मेल कर सकते हैं, कॉल कर सकते हैं। जो भी कुछ सॉल्यूशंस होंगे, उनको लेकर एक वीडियो बनाऊंगा और वो वो चीज फिर आप सभी लोग करना। ठीक है? है ना? वो वो चीजें मैं आपको बताऊंगा। तो वो सब करना। हां, फॉर्म भरने में दिक्कत आ रही है और आज से नहीं, 10 दिन से आ रही है। लगातार आ रही है। तो उस पर मैं एक वीडियो बनाऊंगा। अभी इस प्रैक्टिस सेट को करो भाई। है ना? फार्मासिस्ट के प्रैक्टिस सेट नहीं चल रहे। भाई, यह किस चीज का प्रैक्टिस सेट है? फार्मासिस्ट का ही तो है यह। बताओ, लोअर पीसीएस वगैरह तो ऐसे ही लिख दिया है। यह फार्मासिस्ट का ही प्रैक्टिस सेट है भैया। ठीक है? आ जाओ आगे। दोस्त, कंप्यूटर है, यूपी ट्रिपल एससी के किसी भी एग्जाम में आएगा, प्रैक्टिस सेट यही रहेगा।
देखो, राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल संग्रह की प्रक्रिया को अधिक तेज और सुचालित एवं संपर्क रहित (contactless) बनाने के उद्देश्य से लागू किए गए फास्टैग प्रणाली में प्रयुक्त तकनीक निम्न में से कौन सी है? फास्टैग सिस्टम इंप्लीमेंटेड ऑन नेशनल हाईवेज टू अनेबल फास्टर, ऑटोमेटेड एंड कांटेक्टलेस टोल कलेक्शन इज प्राइमरी बेस्ड ऑन व्हिच ऑफ द फॉलोइंग टेक्नोलॉजीस। तो हम क्या कह कहेंगे? आरएफआईडी। आप लोगों ने देखा होगा कि जब हम लोग टोल टैक्स पर अपनी गाड़ी लेकर के जाते हैं, तो थोड़ी देर खड़ी होते ही ऑटोमेटिक टोल टैक्स आरएफआईडी टेक्नोलॉजी के थ्रू हमारे आगे कोड लगा होता है, उसे स्कैन करके आपका क्या कर लेता है? फास्टैग लगा होता है, उससे आपके पैसे कट जाते हैं। ऐसा ही काम जब लोग आप थोड़ी नोएडा, दिल्ली या फिर गुड़गांव साइड जाओगे, तो जो बड़े-बड़े वो होते हैं आपके, क्या होते हैं? मॉल होते हैं, जो उनमें पार्किंग वगैरह में भी इसका यूज़ कई जगह पर आपको देखने के लिए मिलता है कि वो फास्टैग से ही आपका पैसा काट लेते हैं। ठीक है ना? तो यह क्या हो जाएगा हमारा? आरएफआईडी टेक्नोलॉजी होती है। रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन हम इसे कहते हैं। ठीक है जी।
अगला क्वेश्चन क्या है? जी, इन एमए। तो ऐसा भी हो सकता है कि सरल क्वेश्चन भी पूछा जाए इक्का-दुक्का। इस सवाल को देखो, अच्छा है, समझने की कोशिश करना। क्या है भैया? कि MS Excel में सेल E12 में फार्मूला लिखा जाता है = H19 + C5. यदि इस फॉर्मूले को E12 से P17 में कॉपी किया जाए, तो नया फार्मूला क्या होगा? तो नया फार्मूला क्या होगा? बताएंगे एक बार। पहले आप लोग ट्राई करो एक बार करने की इस सवाल को। नहीं आएगा तो फिर मैं आपको बताऊंगा। है ना? आया आंसर किसी का? तो कुछ लोगों का आंसर आ रहा है बी। भाई, खुद से सॉल्व करके आंसर आ जाए तो ही लगाना। अदरवाइज मत लगाना। ठीक है? किसी और का आंसर देख के आप मत लगाना। ठीक है ना? सॉल्व करके देखो ना। यह तो आसान है। जिसे आता होगा उसके लिए आसान है। जिसे नहीं आता होगा उसके लिए कठिन है। समझ लो यह है क्या? यह है रिलेटिव सेल रेफरेंस से रिलेटेड एक फार्मूला। देखो आपसे कहा गया है कि मान लो सेल E12 में, सेल E12 में एक फार्मूला लिखा गया है = H19 + C5, H19 + C5 और अगर हम बात करते हैं E12 में, इस E12 वाले फार्मूले को P17 में यदि पेस्ट कर दिया जाता है। यदि इसे P17 में पेस्ट कर दिया जाता है, तो अब यह क्या हो जाएगा? तो हमें यहां पर क्या करना होता है? यह रिलेटिव सेल रेफरेंस है। यह क्या है मेरे भाई? है ना? हां, बिल्कुल यह बात सही है। जो लोअर पीसीएस वाले दोस्त हमारी इस क्लास को कर रहे होंगे, उन्हें उन्होंने यह चीजें अभी नहीं पढ़ी होंगी, तो उन्हें नहीं पता होगा। बाकियों ने पढ़ी हैं।
तो देखो। अब यह कह रहा है E से H को रिलेट करो। E से H हो रहा है। मतलब E क्या है? पांचवें नंबर पर, H आठवें पर, यानी कि +3। तो P से +3 कर दो। P से +3 करोगे तो S हो जाएगा। रीजनिंग की तरह है। 12 से 19 हो रहा है। 12 से क्या हो रहा है? 19 हो रहा है। तो 17 से क्या हो जाएगा? 24 हो जाएगा। जी हां। क्योंकि 12 से अगर 19 हो रहा है, मतलब +7, तो 17 में जब हम प्लस 7 करेंगे तो 24 हो जाएगा। ठीक है? E से C हो गया, यानी कि -2 हो गया। E से C हो गया, यानी -2 हो गया। तो P से -2 जब हम करेंगे तो क्या आ जाएगा? N आएगा। है ना? क्या आएगा? N आएगा। से यहां पर 12 से 5 हो गया। यानी कि -7, तो 17 से जब -7 करेंगे तो क्या आएगा? 10 आएगा। यानी कि इसका जो आंसर आता जब हम इस फॉर्मूले को कॉपी करके इसमें पेस्ट करेंगे, तो वह = S2 + N10 हो जाएगा। क्या हो जाएगा? N10। है ना? तो यह बिल्कुल रीजनिंग की तरह है। ठीक है? तो अब यहां पर ऐसा कोई ऑप्शन दिया नहीं है हमें, क्योंकि यहां पर J दिया है, जबकि होना चाहिए था N। तो इस सवाल का आंसर होगा इनमें से कोई नहीं। नन ऑफ दीज़। क्या होगा मेरे भाई इसका आंसर? ऑप्शन ई हो जाएगा। नन ऑफ दीज़। बिल्कुल यह रीजनिंग है। इसी तरीके से इसे हमें करना रहता है। ठीक है?
अच्छा, अगर मैं आपसे यूं कह दूं एक और, यह तो हो गया हमारा रिलेटिव सेल डिफरेंस। एक होता है हमारा एब्सोल्यूट सेल रेफरेंस। एब्सोल्यूट सेल रेफरेंस में क्या होता है? एब्सोल्यूट सेल रेफरेंस में क्या होता है मेरे भाई? कि सेल को लॉक कर दिया जाता है। सेल को लॉक कर दिया जाता है। सेल को लॉक कर दिया जाता है, जिससे कॉपी करने पर, जिससे कॉपी करने पर बदलता नहीं है। नहीं है। ठीक है? मतलब यह है कि देखो, अगर मैं आपको फार्मूला लिख कर दूं सेम ऐसा ही कि मान लो सेल E12 है और E12 में एक फार्मूला लिखा जाता है इक्वल टू, लेकिन जब हम एब्सोल्यूट सेल लिखते हैं, तो उसके लिए हम रो और कॉलम दोनों के आगे डॉलर लगा देते हैं। रो और कॉलम दोनों के आगे क्या लगा देते हैं? डॉलर। तो यदि मान लो हमने एक सेल E12 में यह फार्मूला लिखा और इसे अब हम कॉपी कर रहे हैं कहां पर? और मेरे भाई E12 को P17 में, P17 में यदि हम इसे पेस्ट करते हैं, तो क्या होगा? तो हम कहेंगे कि भैया इक्वल टू, कुछ भी नहीं होगा। सेम टू सेम वैसा का वैसा ही रहेगा। क्यों नहीं हुआ कुछ भी? क्योंकि भाई इनमें क्या दिया था हमें? क्योंकि यह एब्सोल्यूट सेल डिफरेंस दिया है। क्या है मेरे भाई? यह हमारा एब्सोल्यूट सेल डिफरेंस है। किसी भी रिलेटिव सेल को एब्सोल्यूट बनाने के लिए हम कौन सा बटन दबाते हैं? तो याद रखना, किसी भी रिलेटिव सेल को एब्सोल्यूट बनाने के लिए एक तो डॉलर साइन का प्रयोग किया जाता है। और दूसरा अगर शॉर्टकट की की हम बात करें, तो F4 बटन दबाया जाता है। कौन सा? F4 बटन मेरे भाई दबाया जाता है। ठीक है भैया? तो यह कांसेप्ट समझ में आ गया आपको?
अगले सवाल के पास चलें। क्वेश्चन नंबर फोर। यह सवाल बहुत पूछा जाता है। छोटा होता है देखने में। लेकिन है ना? देखने में छूटन लगे और घाव करे गंभीर, वो वाली चीज है। देखने में छोटा सवाल लगता है। अक्सर पूछा जाता है और मैक्सिमम लोगों से गलत हो जाता है। क्या है? तो इस सवाल का आंसर हमारा क्या होगा भाई? बताएंगे। हम आलोक यादव जी कह रहे हैं अंकिता चौहान राधे-राधे। भाई, मुझसे भी राधे-राधे कर लो। मुझसे क्या दुश्मनी है आपको? बताओ। मैं भी तो आपके लिए ही भूखा प्यासा यहां पर खड़ा हूं। मुझसे तो तुमने एक बार राधे-राधे ना करी। मैं तो तुम्हें दिख भी रहा हूं। तुम मुझे जानते भी हो। अंकिता चौहान तुम्हें दिख भी ना रही, तब भी तुम बातें राधे-राधे कर रहे हो भैया। हैं? कोई उम्मीद है तुम्हें 1% भी यार। तुम लोअर पीसीएस, तुम एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनने के सपने देख रहे हो और तुम्हारी हरकतें कैसी हैं? [हंसी] ठीक है। चलो बताएंगे क्या होगा इसका आंसर? सही है भैया। ऐसे ही राधे-राधे श्याम मिलाधे ऐसे करो, तो जरूर आप कहीं ना कहीं सिलेक्ट हो जाओगे। ऐसे ही ऐसा ही लग रहा है आपको। बिल्कुल भैया।
तो हमारा इसका आंसर क्या होगा? देखो, अब यह हमसे कह रहा है इक्वल टू कैरेक्टर 69 लगाया जाए, तो आउटपुट क्या होगा? अब यह क्या है? एक्सेल का एक फार्मूला होता है कैरेक्टर करके। अब इसे याद मतलब इसका करा क्या जाए इस सवाल का? तो आपको यह समझना होगा कि एक स्काई कोड की टेबल होती है। क्या होती है? एक स्काई कोड की यह हमारी टेबल होती है और इस टेबल में मेरे भाई 65 से शुरुआत होती है ए बी सी डी की, कैपिटल ए बी सी डी की। ठीक है? और 97 से शुरुआत होती है छोटी ए बी सी डी की। मतलब मतलब यह देखो, यह जो स्काई टेबल होती है हमारी, इसमें आप देखोगे कि 65 से कैपिटल ए शुरू होता है, तो 65 से कैपिटल ए है, तो बी 66 पर हो जाएगा, सी 67 पर हो जाएगा, डी 68 पर और 69 पर ई। ऐसे करते-करते Z तक आप आ जाओगे कहां पे? आपका 90वें पर। ठीक है? और अगर मैं बात करूं आपसे स्मॉल ए बी सी डी की, तो वह 97 से शुरू होकर के रहती है कहां तक? 122 तक। मतलब यह याद करने की एक ट्रिक है। यह पूरी टेबल वैसे तो याद नहीं की जा सकती, क्योंकि आपसे किसी के भी बारे में भी पूछ सकता है। ठीक है? लेकिन अगर आप सिर्फ यह दो लेटर याद कर लोगे कि 65 से स्काई टेबल में 65 से कैपिटल ए बी सी डी शुरू होती है और 97 से स्मॉल वाली, तो अब आप यहां पर देखो कि आपसे क्या पूछा। जब भी ऐसे कैरेक्टर के बीच कुछ भी संख्या दी हो, तो आप यहां पे दिमाग लगाओ कि 65 का मतलब ए दिया था, तो हमसे 69 के बारे में पूछा है, तो 66 के लिए बी रहा होगा, 67 के लिए सी रहा होगा, 68 के लिए डी रहा होगा, तो फिर 69 के लिए ई हो जाएगा। तो इस सवाल का आंसर फिलहाल हमारा यहां पर क्या हो जाएगा? अब ई तो ऑप्शन में ही नहीं दिया। तो अगेन, इनमें से कोई नहीं इसका आंसर हो जाएगा। क्या हो जाएगा भैया? इनमें से कोई नहीं, यह इसका आंसर हो जाएगा। ठीक है दोस्त? तो यह सवाल कॉम्प्लिकेटेड है। इन्हें इनमें ना तो आप तुक्का लगा सकते हैं, ना ऑप्शन एलिमिनेट कर सकते हैं। बस इन्हें तभी कर सकते हो जब आप चीजों को अच्छे से पढ़े होंगे। ठीक है भैया? तो यह किसी का राइट नहीं है। तो बिल्कुल नहीं होगा। सिखाने के लिए है यह चीज। ठीक है ना दोस्त?
आगे बढ़ जाएं। आगे बढ़े इसके बाद, तो इसे स्काई टेबल को याद रखेंगे। स्काई की फुल फॉर्म क्या होती है? बताओ एक बार। और एक होता है हमारा आईएससीआईआई। इसकी फुल फॉर्म क्या होगी? दोनों की फुल फॉर्म बता दो। तो हम कहेंगे जो स्काई है, इसकी फुल फॉर्म होती है अमेरिकन स्टैंडर्ड कोड फॉर, अमेरिकन स्टैंडर्ड कोड फॉर इंफॉर्मेशन इंटरचेंज, कोड फॉर इंफॉर्मेशन इंटरचेंज। और अगर मैं बात करता हूं आईएससीआई डबल आई की, तो यह हमारा होता है इंडियन स्टैंडर्ड कोड फॉर, इंडियन स्टैंडर्ड कोड फॉर इंफॉर्मेशन इंटरचेंज। अब आप कहोगे भैया, ऐसे तो चलो यह तो ए बी सी डी है, लेकिन इस टेबल में तो और भी कोड हैं, और कुछ पूछ ले तो? भैया बिल्कुल, वह एग्जामिनर है, उसके पास पूछने के लिए पूरा जहान है, वह कुछ भी पूछ सकता है, लेकिन तुम सब कुछ नहीं पढ़ सकते। मैक्सिमम जो चीजें हैं, वह हम पढ़ने की कोशिश करेंगे और ट्राई करेंगे भाई है ना।
अगला क्वेश्चन देखो, क्वेश्चन नंबर फाइव आपसे क्या कह रहा है? बढ़िया सवाल है। हम हम। क्वेश्चन नंबर फाइव। अ टाइप ऑफ सोशल इंजीनियरिंग वेयर एज एन अटैकर सेंड अ फ्रॉडलैंड मैसेज डिज़ टू ट्रिक पर्सन इंटू रिवीलिंग सेंसिटिव इंफॉर्मेशन इज नोन एज। क्या यह सवाल हम पहले कर चुके हैं? बताओ, शायद मुझे ऐसा लग रहा है यह सवाल हम पहले कर चुके हैं। अगर कर चुके हैं, तब भी कोई बात नहीं। बाकी के ऑप्शन एलिमिनेट करेंगे। ठीक है भैया? तो बताएंगे क्या होगा? आपसे कह रहा है कि ऐसा कौन सा सोशल इंजीनियरिंग अटैक है जो आपका फ्रॉडलैंड मैसेज, मतलब फ्रॉड करने के लिए मैसेज भेजता है। आपकी पर्सनल जानकारी लेने की कोशिश हमारी यहां पर कर रहा होता है। तो भैया, यहां पर आ जाएगा आंसर फिशिंग। रैंसम वेयर अटैक कब होता है? जब भी आपसे फिरौती की मांग मांगी करी जाए। जब भी आपको रैंसम या फिरौती शब्द देखने के लिए मिल जाए, तो समझ जाना कि आंसर वहां पर क्या हो रहा होगा? वहां पर आपका आंसर हो रहा होगा हमारा रेंसम वेयर। डीडीओएस अटैक। तो इस डीडीओएस की फुल फॉर्म क्या होती है? हम कहेंगे डिस्ट्रीब्यूटेड डेनियल ऑफ सर्विस। डिस्ट्रीब्यूटेड डेनियल ऑफ सर्विस। डिस्ट्रीब्यूटेड डेनियल ऑफ सर्विस। और अगर मैं बात करूं मैन इन द मिडल अटैक, तो जब भी आपको दो पक्षी शब्द देखने के लिए मिल जाए कि दो पक्षों के बीच, तो समझ जाना आंसर हमारा वहां पर कौन सा हो जाएगा? मैन इन द मिडल अटैक हो जाएगा। ठीक है? डीडीओएस अटैक क्या काम करता है? कि किसी सर्वर को बहुत अधिक डाटा भेजकर ट्रैफिक से क्या करना? क्रैश करने के लिए हम यहां पर मैन इन द मिडल अटैक का प्रयोग करते हैं। ठीक है जी।
क्वेश्चन नंबर सिक्स की तरफ अगर हम आगे बढ़ें, तो एक बार पूरा सवाल पढ़ेंगे और बताएंगे कि इसका जो आंसर है, वह हमारा यहां पर क्या हो सकता है।
क्वेश्चन नंबर सिक्स। तो ये आपसे कह रहा है कि आईएमईपी कई डिवाइस से ईमेल एक्सेस करने की सुविधा देता है और ईमेल रिमेन स्टर्ड ऑन द सर्वर। ईमेल सर्वर पर ही स्टोर रहते हैं। इन दोनों की क्या बात सही है?
देखिए यह सवाल पूछा कहां से गया है अगर मैं आपको डिटेल में बताऊं तो हम कहेंगे कि ईमेल जो होता है हमारा ईमेल जो हमारा ईमेल होता है इससे रिलेटेड मेनली तीन प्रोटोकॉल्स होती हैं। मुख्यता कौन-कौन सी प्रोटोकॉल होती हैं? तो तीन होती हैं। एक तो होती है हमारी एसएमटीपी प्रोटोकॉल। एक होती है हमारी पीओपी3 प्रोटोकॉल और एक होती है हमारी आईएमएपी प्रोटोकॉल।
तो एक तो इन तीनों की फुल फॉर्म आपको पता होनी चाहिए। तो इन तीनों की फुल फॉर्म क्या होगी? एसएमटीपी की फुल फॉर्म होती है सिंपल मेल ट्रांसफर प्रोटोकॉल। सिंपल मेल ट्रांसफर प्रोटोकॉल। पीओपी3 की फुल फॉर्म क्या होती है? तो हम कहेंगे पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल। पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल अगर मैं बात करूं आईएमईपी की फुल फॉर्म क्या होती है तो हम कहेंगे इंटरनेट मैसेज एक्सेस प्रोटोकॉल इंटरनेट मैसेज एक्सेस प्रोटोकॉल इंटरनेट मैसेज एक्सेस प्रोटोकॉल ये हमारी होती है किसकी फुल फॉर्म आईएमईपी की ठीक है?
अच्छा एक दूसरी चीज पूछी जाती है कि इनके पोर्ट नंबर क्या हैं तो अगर मैं बात करूं कि एसएमटीपी का पोर्ट नंबर कितना होता है? तो वह होता है मेरा 25। एसएमटीपी का पोर्ट नंबर कितना होता है? तो याद रखना कि एसएमटीपी का पोर्ट नंबर होता है 25। पीओपी3 का पोर्ट नंबर कितना होता है? तो हम कहेंगे भैया पीओपी3 का जो पोर्ट नंबर है वो होता है 110। और आईएमईपी का पोर्ट नंबर कितना होता है? आईएमईपी का। तो आईएमईपी का पोर्ट नंबर वही होता है जो मैं आपसे करता हूं और आप मुझसे करते हैं। बताओ क्या? है ना? है ना? आईएमईपी का पोर्ट नंबर वही होता है जो आप मुझसे करते हैं और मैं आपसे करता हूं। क्या बताओ? है ना? 143 143 मतलब आई लव यू। है ना? तो भैया 143 क्या है हमारा यहां पर? यह 143 होता है हमारा इसका पोर्ट नंबर। किसका? 143 हमारा इसका पोर्ट नंबर हो जाता है। ठीक है जी।
आगे यदि हम बढ़ते हैं तो बात करते हैं। अच्छा अब ये जो तीनों प्रोटोकॉल हैं इनमें से जो एसएमटीपी प्रोटोकॉल है इसका प्रयोग किस लिए किया जाता है? तो इसका प्रयोग मेल को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। किस लिए? मेल भाई इसकी फुल फॉर्म में ही ट्रांसफर है। तो मेल भेजने के लिए मेल भेजने के लिए हम किसका प्रयोग करते हैं? तो आप कहेंगे कि मेल को भेजने के लिए हम एसएमटीपी का प्रयोग करते हैं। ठीक है?
अगर हम बात करते हैं पीओपी और आईएमईपी की, अगर हम बात करते हैं पीओपी और आईएमईपी की, तो हम कहेंगे कि पीओपी और आईएमईपी इसका प्रयोग किस लिए किया जाता है? इसका प्रयोग मेरे भाई मेल को प्राप्त करने के लिए यानी कि मेल को रिसीव करने के लिए मेल को रिसीव करने के लिए किया जाता है। अब आपके मन में एक सवाल उठेगा कि यह तो बताओ जब दोनों का ही प्रयोग मेल को रिसीव करने के लिए किया जा रहा है तो फिर अंतर क्या है? तो फिर अंतर क्या है? तो हम कहेंगे कि भैया मेरे पीओपी3 क्या करता है कि यह सर्वर से डाउनलोड कर लेता है नॉर्मल सिस्टम पर और फिर सर्वर से हटा देता था। इसका प्रयोग अब नहीं किया जाता जबकि आईएमएपी में डाटा जो है वो सर्वर पर ही स्टोर होता है। और इससे फायदा यह है कि आप कहीं से भी लॉगिन करके अपने ईमेल को क्या कर सकते हो? अपने ईमेल को प्राप्त कर सकते हो। तो यह हमारा क्या है? ये आईएमईपी ये अंतर हो गया। तो बिल्कुल ये बात सही है कि आईएमईपी कई डिवाइसेस से ईमेल एक्सेस करने के लिए प्रयोग किया जाता है। और ये रीजन क्या है? तो ईमेल सर्वर पर ही स्टोर होता है। तो दोनों ही बातें सही हैं हमारी।
अगले क्वेश्चन की तरफ आगे बढ़ेंगे। ऐसे भी सवाल पूछे जाते हैं। कभी भी सारे सवाल कठिन नहीं आते। क्वेश्चन नंबर सात देखेंगे और बताएंगे इसका आंसर क्या होगा। ठीक है? पढ़ो एक बार सवाल को।
भाई जो भी लोग साइट नहीं चल रही को लेकर कॉपी पेस्ट कर रहे हो एक बात मुझे बताओ। क्या यहां पर कॉपी पेस्ट करने से तुम्हारी साइट चल जाएगी? मैं इस क्लास की शुरुआत में ही बता चुका हूं कि इसके लिए एक अलग से वीडियो बनाऊंगा। लेकिन यहां पर मतलब ये क्यों ऐसे काम करते हो आप लोग बताओ? ठीक है भैया। मैं इसके लिए वीडियो बनाऊंगा। जो भी कुछ हो सकेगा हम अपनी तरफ से करेंगे। लेकिन यहां पर लगातार कॉपी पेस्ट करने से साइट चल जाए तो बताओ।
देखें यह सवाल हमसे क्या कह रहा है। तो हमसे कह रहा है कि ई गवर्नेंस ई गवर्नेंट भी कह देते हैं, ई गवर्नेंस भी कहते हैं। ई गवर्नेंस का काम अगर मैं सरल शब्दों में आसान भाषा में आप सब को बताऊं तो ई गवर्नेंस होता है जब हम किसी ई गवर्नेंस में क्या होता है कि जब हम किसी मतलब सरकारी कामकाज को ऑनलाइन कर दिया गया आम जनता के लिए जिससे कि समय बचे और पारदर्शिता आए, काम जल्दी हो सके और आपकी जो धांधलेबाजी वगैरह बीच में जो पैसे वगैरह ले लिए जाते हैं उन चीजों से बचत हो। तो वो हमारा कौन सा होता है? ई गवर्नेंस। ठीक है?
अब ई गवर्नेंस में गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट ई गवर्नेंस का एक टाइप होता है। जी हां, गवर्नमेंट टू सिटीजन होता है। जी हां, गवर्नमेंट टू बिजनेस और इनमें से कोई नहीं। तो, बिजनेस टू बिजनेस जो है मेरे भाई, यह हमारा ई गवर्नमेंट का टाइप नहीं है। क्यों नहीं है? तो हम यहां पर देखेंगे कि गवर्नमेंट टू सिटीजन एक होता है जी टू सी जिसमें जो जो सरकार है मतलब जो आम जनता है ये सरकारी कामकाजों को लाइक बिल को भरना लाइट के बिल को भरना पानी के बिल को भरना है ना रेलवे के टिकट कर लेना सरकारी कामकाजों को कर लेता है ये प्रीवियस ईयर क्वेश्चन है हां जी ठीक है जी टूजी यानी कि गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट इसमें क्या होता है कि जो भैया राज्य सरकार केंद्र सरकार आपस में डाटा को लेती हैं जो भी उनके अलग-अलग पोर्टल होते हैं वो हमारा हो गया एक होता है जी टू बी यानी यानी कि गवर्नमेंट टू बिजनेस। तो भैया जैसे मान लो बिजनेसमैन है उन्हें आईटीआर फेल करना है, जीएसटी भरनी है तो उनके लिए अलग-अलग पोर्टल बनाए गए हैं। है ना? ई टैक्सेशन लाइसेंस लेना है लाइसेंस अप्लाई करने के लिए। तो ये गवर्नमेंट टू बिजनेस और एक होता है गवर्नमेंट टू एंप्लई। तो जब आप लोग गवर्नमेंट एंप्लई बन जाओगे तो आपको कुछ अलग से सॉफ्टवेयर्स वगैरह मिलेंगे जिनमें आप छुट्टी अप्लाई करोगे। बाकी के काम जो भी ऑनलाइन हो चुके हैं वो सब हमें इसमें आ जाते हैं आपके जी टू ई के अंदर। तो ये हमारे चार टाइप होते हैं ई गवर्नेंस के। एक नहीं होता।
अच्छा, अब ऐसे ही आपसे ई आपके सिलेबस में तो कायदे में ई- गवर्नेंस दिया गया है। लेकिन शायद हो सकता है कि आपसे आपके पेपर में ई-कॉमर्स भी पूछ ले। तो ई-कॉमर्स क्या होता है? ई-कॉमर्स का मतलब होता है इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स। इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स यानी कि हम कहेंगे कि ऑनलाइन व्यवसाय करना। है ना? ऑनलाइन इंटरनेट, कंप्यूटर वगैरह के माध्यम से बिज़नेस करना हमारा ई-कॉमर्स कहलाता है। इसके कुछ टाइप होते हैं। जिनमें से एक टाइप है बिजनेस टू बिज़नेस। जब दो कंपनियां आपस में खरीद विक्रय करती हैं ऑनलाइन और लेकिन दोनों का उद्देश्य कैसा होता है? दोनों का जो उद्देश्य है वो लाभ कमाना है। सिर्फ यूज़ करना किसी का उद्देश्य नहीं है। तो वो बिजनेस टू बिजनेस है। एक होता है बिजनेस टू कंज्यूमर। जैसे Flipkart और एक Flipkart और कंज्यूमर जो यूज़ कर रहा है। तो वो बी टू सी दूसरा उदाहरण हो गया हमारा बी टू सी का बिनेस टू कंज्यूमर का। इसमें क्या होगा कि इसमें उपभोक्ता मान लो मैंने फोन यूज़ करा। फोन खरीदा मंगाया तो फ़ोन मैं खुद ही तो यूज़ करूंगा। अंतिम उपभोक्ता हूं। तो बिज़नेस टु कंस्यूमर एक होता है कंस्यूमर टू कंस्यूमर। आप लोगों ने देखा होगा कुछ ऐसी भी वेबसाइट ऐप हैं जिन पर लोग बाग अपने पुराने आइटम्स को बेच देते हैं। बेचने वाला खरीदने वाला दोनों ही उपभोक्ता हैं। दोनों ही कंज्यूमर हैं। दोनों ही यूज़ करने वाले हैं। लेकिन अब वो आपस में मिलजुल के चीजें खरीद बेच रहे हैं। किसी का उद्देश्य से लाभ कमाना नहीं है। बस अपना काम चला रहे हैं। बिज़नेस नहीं कर रहे। तो कंज्यूमर टू कंज्यूमर। एक होता है कंज्यूमर टू बिज़नेस। आप लोगों ने देखा होगा फ्रीलांसर्स वगैरह जो होते हैं वो किसी कंपनी से जुड़ के उसे अपनी सर्विस देते हैं और उसके बदले में पैसे ले लेते हैं। तो ये भैया हमारा कंज्यूमर टू बिनेस सी टू बी ये भी एक किसका टाइप है? बी टू बी बी टू सी सी टू सी और बी टू और सी टू बी। तो ये हमारे सारे के सारे एक तो इनकी फुल फॉर्म इंपॉर्टेंट हो रही है। और यह हमें सारे के सारे क्या होते हैं? आपके यहां पर हम कहेंगे कि इसके ई-कॉमर्स के टाइप होते हैं। एक होता है बिजनेस टू गवर्नमेंट। है ना? कई बार क्या है कि भैया कंपनियां गवर्नमेंट से सीधे तौर पर क्या करती हैं? आपकी सामान खरीदती बेचती हैं। कंज्यूमर टू बिजनेस और बिजनेस टू बिज़नेस टू कंज्यूमर। ये हमारे कुछ यहां पर टाइप होते हैं। क्लियर है?
अगला सवाल आपके सामने है। क्वेश्चन नंबर आठ। एक बार देखेंगे और आंसर बताएंगे क्या होगा।
जीरो डोया अटैक। भाई इतना कॉपी पेस्ट मत किया करो कि मैं पढ़ातेपढ़ाते ही क्या हो जाऊं। भूल जाऊं कि मैं क्या पढ़ा रहा था। क्यों करते हो आप लोग इतना कॉपी पेस्ट? एक बात मुझे बताओ आप कि मैंने जब आपसे कह दिया एक शॉर्ट्स बना दी बोरिंग टेक्नशियन के मॉक टेस्ट इस थर्सडे से मिलेंगे। शॉर्ट्स बना दी वीडियो में बता दिया, बैच में बता दिया लेकिन नहीं। है ना? नहीं हम तो रोज कॉपी पेस्ट करेंगे। बताओ क्वेश्चन नंबर आठ। पढ़े सवाल को। क्या होगा जीरो डी अटैक?
ठीक है भैया तो हम क्या कहेंगे देखो जीरो डे अटैक अगर मैं इसे आपको सरल शब्दों में समझाऊं ऐसे शब्दों में समझाऊं जिनमें तुम समझना चाहते हो जीरो डे अटैक क्या होता है एक तरीके से तो आप इसे ऐसे समझ लो कि जीरो डे अटैक में मान लो कि ऐसा हुआ कि मान लो एक कंप्यूटर है कोई। ठीक है? या मान लो दो दोस्त हैं। दो दोस्त हैं। एक लड़का लड़की दो दोस्त हैं भैया आपस में बातचीत कर रहे हैं। काफी सा काफी सालों से साथ हैं। लेकिन किसी कारणवश एक दूसरे में उन दोनों में हो गई लड़ाई। अब लड़ाई होते ही जो उस लड़की का बेस्ट फ्रेंड था वो लड़ाई होते ही उनकी सलाह नहीं हो पाई। उनकी वापस से बातचीत नहीं हो पाई। उससे पहले ही अटैक कर देता है और भड़का देता है और वह खुद दोस्ती कर लेता है। जबकि जिनसे बात चल रही थी उसकी दोस्ती तुड़वा दी उसने। मतलब उनकी सलाह होने से पहले भले ही 5 मिनट के लिए लड़ाई हुई लेकिन सलाह होने से पहले ही बीच में अटैक कर दिया तो वो क्या है? वो जीरो डे अटैक है। अब इसे कंप्यूटर की भाषा में समझ लो कि मान लो किसी के सिस्टम में किसी के सॉफ्टवेयर में थोड़ी सी भी लूज़ फ़ौल्ट आया। थोड़ी सी क्या हुई कि कोई कमी मिली। अब जो उसका मालिक है वो उस कमी को सही नहीं कर पाया। उससे पहले ही अटैकर ताक लगाए बैठा था। जैसे ही थोड़ी सी कमी आई उससे सही करने से पहले ही अटैक कर दिया। तो ये हमारा जीरो डे अटैक होता है। इसमें मतलब बहुत कम समय में ही काम हो जाता है। तो बिल्कुल अब इस सवाल को देखो और आंसर बताओ क्या होगा? है ना? तो हम क्या कहेंगे? एक ऐसा वायरस जो शून्य दिनों तक रहता है। जी नहीं। एक अस्थाई फायर फायर वाल बायपास नहीं। एक कमजोरी जिसे उसी दिन ठीक कर दिया गया जिस दिन वह पाई गई। नहीं जी एक कमजोरी जिसे हमलावर जानते हैं लेकिन विक्रेता द्वारा अभी तक पैच नहीं किया गया तो वह ऑप्शन ए हो जाएगा। बताओ अब कभी भूलोगे क्या आप इसे? अब आप इसे कभी नहीं भूलोगे। है ना? अब आप इसे कभी भी नहीं भूल पाओगे जीरो डे अटैक को।
ऐसे ही और भी बहुत सारे अटैक अलग-अलग पूछे जाते हैं। तो क्यों ना एक बार में मैं काफी सारे अटैक्स आपको करा दूं कवर यहां पर। तो हम देखेंगे वायरस। वायरस क्या होता है? यह किसी फाइल प्रोग्राम से जुड़कर सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है। वॉर्म क्या है? जी वॉर्म। तो वॉर्म होता है बिना किसी फाइल के खुद फैलता है। बिना किसी फाइल की मदद के जो खुद से फैलता है उसे हम वॉर्म कह रहे होते हैं। ट्रोजन हॉर्स क्या होता है? जो दिखने में अच्छा होता है लेकिन होता नुकसानदायक है। ठीक है? जो दिखने में क्या होता है मेरे भाई? अच्छा होता है लेकिन होता हमारा रियल में नुकसानदायक है वो ट्रोजन हॉर्स होता है। यानी कि मैंने एक लाइन आपको हमेशा से बताई है कि दिखने में शहद और होता जहर है। तो वो कौन सा है? ट्रोजन हॉर्स। ट्रोजन हॉर्स में क्या होगा कि एक ऐसे वैलिड सॉफ्टवेयर आपको लगेगा जबकि वो अंदर से हार्मफुल होगा आपके लिए। रैंसमवेयर तो मैंने अभी थोड़ी देर पहले आपको बताया कि है ना? रेंसमवेयर तो हम कहेंगे डेटा को लॉक करके पैसे मांगना। क्या करना? डेटा को लॉक करके पैसे की मांग करना हमारा फाइल को इंक्रिप्ट करके पैसे मांगना रैंसमवे वियर स्पाईवेयर तो जब भी आपको जासूसी चुपचाप जानकारी निकालना ऐसे शब्द देखने के लिए मिले तो समझ जाना कि स्पाईवेयर होगा एडवेयर तो जब अनवांटेड बहुत सारे ऐड आए वो हो गया की लॉगर की लॉगर मतलब की मतलब बटन तो जो आपके द्वारा दबाए गए बटनों पर निगरानी रख रहा है जो आपके द्वारा दबाए गए एक-एक बटन पर नजर रख रहा है वह है हमारा की लॉगर तो कीबोर्ड पर टाइप की गई हर चीज की रिकॉर्ड रखना। इसके बाद स्पूफिंग तो किसी की फेक आइडेंटिटी बना लेना। मैन इन द मिडिल अटैक। भैया जहां भी दो लोगों के बीच बात शब्द लिखा हो दो पक्षों के बीच शब्द लिखा हो वहां पर हमारा आंसर हो जाएगा कौन सा? मैन इन द मिडिल अटैक। एसक्यूएल इंजेक्शन तो डेटा बेस शब्द जहां मिलेगा वहां पर एसक्यूएल इंजेक्शन होगा। डीओएस अटैक। डीडीओएस अटैक। अभी थोड़ी देर पहले बताया था। डिस्ट्रीब्यूटेड डेनियल ऑफ सर्विस। किसी सर्वर पर बहुत ज्यादा ट्रैफिक भेजकर उसे क्रैक करने के लिए हम डीडीओएस अटैक का प्रयोग करते हैं। जब हम बहुत सारे कंप्यूटर से सर्वर पर ट्रैफिक भेजते हैं और एक से ही बार-बार भेजते हैं तो वो डीओएस अटैक होता है। जीरो डे अटैक सॉफ्टवेयर की नई कमजोरी का फायदा उठाना, पैच आने से पहले ही हमला कर देना। मतलब दो लोगों के बीच में सलाह होने से पहले ही उनके बीच में दरार और ज्यादा डाल देना वह क्या हो जाएगा? वह हमारा जीरो डे अटैक। एक्सप्लइट क्या चीज है? तो सिस्टम की कमजोरी को टारगेट करना, बग का मिसयूज, ड्राइव बाय डाउनलोड। तो वेबसाइट खोलते ही कुछ मालवेयर ऐसे होते हैं जो अपने आप इंस्टॉल्ड हो जाते हैं। वो हमारा होता है ड्राइव बाय डाउनलोड। और मालवेयर टाइजिंग क्या होता है? तो एड्स के जरिए मालवेयर को फैलाना मालवेयर टाइजिंग कहलाता है।
क्वेश्चन नंबर नौ की तरफ आगे बढ़ेंगे। देखेंगे यह सवाल आपसे क्या कहना चाहता है? एक बार पढ़ने की कोशिश करिए। ठीक है? चलो। बताएंगे क्या होगा इस सवाल का आंसर।
आप धरने में नहीं गए थे। वाह! ऐसे ही शुक्ला जी एक काम करो ऐसे ही खाट पर बैठकर के और चाय परांठे खींचते हुए ऐसे ही जो मन में आए कुछ भी बोल दो। ठीक है है ना भैया? दोस्त मतलब हम तो यहां लट्ट खाने से बचे हैं। और तुम यू कह रहे हो कि तुम वहां पे धरने में नहीं गए थे। मतलब हम तो भागे-भागे डोले हैं कि कैसे भी करके पुलिस पकड़ डाले। चुपचाप से कैसे भी करके पहुंच जाए बच्चों के हित में। क्योंकि अगर पुलिस ने पकड़ लिया लठ बजा भी दिए। तब भी बच्चे क्या कहेंगे? जानबूझ के पक जानबूझ के नहीं आए झूठ बोल रहे हैं पुलिस ने पकड़ लिया मतलब तुम एक काम करो जान ले लो हमारी ठीक है भैया पहुंचे थे और बहुत अच्छे से पहुंचे थे जोर शोर से पहुंचे थे बने रहे थे 4:00 बजे तक मतलब ऑनलाइन में इतना ज्यादा वो हो चुका है आज के टाइम पर कि बच्चे के मन में जो आता है वो वो बोल देता है कुछ भी बोल देता है क्योंकि कोई देखने वाला तो है नहीं है ना [हंसी] ठीक है चलो देखेंगे हम यहां पर क्या होगा कि क्वेश्चन नंबर नाइन हमसे क्या कह रहा है? बताओ। यह कह रहा है कि Windows टास्क बार उपयोगकर्ता को खुले अनुप्रयोगों के बीच जल्दी से स्विच करने की अनुमति देता है। The Windows Task bar Allows User To Quickly Switch Between Open Application। क्या यह बात सही है? टास्क बार का काम क्या होता है? बताओ। है ना? बिल्कुल। ठीक है ना? हां। एक बात भाई ने बहुत अच्छी कही कि बहुत सारे बच्चे क्या करते हैं कि मतलब देखो अब हम नहीं गए मान लो मैंने कम रील डाली तो यूं कहेंगे कि अरे हमें कैसे पता चलेगा आपको वीडियो डालनी चाहिए थी आप गए हो और अगर हमने वीडियो डाल दी तो कहेंगे ऐसे तो रील बनाने गए थे जैसे तो रील बा अरे भाई आदमी करे तो करे क्या बोले तो बोले क्या है ना ठीक है चलो हर तरफ से आपकी मतलब वो है विंडोज टास्क बार उपयोगकर्ताओं को खुले अनुप्रयोगों के बीच जल्दी स्विच करने की अनुमति देता है टास्क बार का काम क्या होता है हमारा तो भैया जो टास्क बार है वह सबसे पहले तो निचली पट्टी की तरफ मौजूद होता है और टास्क बार में आप देखोगे कि छोटे-छोटे आइकॉन होते हैं। आप जिस पर क्लिक कर दोगे उसी पर पहुंच जाओगे। तो जल्दी से स्विच करने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है। नंबर वन है ना? बिल्कुल। इसके बाद अगर हम देखते हैं तो यह बात तो सही है। दूसरा कह रहा है कि टास्क बार पर प्रत्येक आइकॉन केवल एक न्यूनतम अनुप्रयोगों का ही प्रतिनिधित्व करता है। मतलब मतलब यह है हमारा कि ईच आइकॉन ऑन द टास्क बार रिप्रेजेंट अ मिनिमाइज एप्लीकेशन है ना मिनिमाइज एप्लीकेशनेशंस ओनली तो हम देखेंगे जैसे मान लो देखो अभी MS Word खुला था लेकिन मैंने मिनिमाइज कर दिया था तो वो दिख रहा है आइकॉन लेकिन अगर मैं उस एप्लीकेशन को ओपन करके रखूंगा तब भी वो टास्क बार में दिखेगा तो यह दूसरी वाली बात गलत है क्योंकि दूसरी वाली बात क्या कह रही है कि सिर्फ मिनिमाइज वालों को दिखाता है जब ओपन होते हैं तब नहीं दिखाता भैया तब भी दिखाता तब भी हमें दिखाता है। ठीक है जी। ओके। तो हमारा यहां पर आंसर क्या हो जाएगा इस सवाल का? पहला सही है और दूसरा गलत है। तो ए सही है पर आर गलत है। ए सही है पर आर गलत है। ठीक है?
आगे बढ़ेंगे। नेक्स्ट क्वेश्चन। अच्छा ये जो स्विच करने की बात है, इसकी शॉर्टकट की क्या होती है? मतलब अगर आप एप्लीकेशनेशंस को आपस में स्विच करना चाहो स्विच बिटवीन स्विच बिटवीन ओपन एप्लीकेशनेशंस स्विच बिटवीन ओपन एप्लीकेशन और अगर मैं आपसे कहूं स्विच बिटवीन टास्क बार पिंड ऐप क्या होगा? तो हम याद रखेंगे कि स्विच बिटवीन ओपन एप्लीकेशन जो खुली हुई एप्लीकेशनेशंस हैं उनके बीच अगर स्विच करना है तो ऑल्ट टैब होगा। लेकिन अगर मैं आपसे कहूं कि स्विच बिटवीन जो आपको यहां पर देखने के लिए मिल रहा है यह जो आपको ये जो आपको यहां पर जो दिए गए हैं इनमें अगर आप स्विच करना चाहते हैं तो इसकी शॉर्टकट की विंडो t होती है। विंडो t होती है। ठीक है?
आगे बढ़ेंगे। नेक्स्ट क्वेश्चन देखेंगे। ये MS हो गया। ये हो गया। ये हो गया। ये मतलब मेरे सिस्टम का ही ये फोटो है। ये फिर जब मैं आपकी क्लास तैयार कर रहा था तो मैंने स्क्रीनशॉट लिया कि आपको अच्छे से समझा सकूं। अगला सवाल अब इक्का-दुक्का सरल सवाल सरल भी आता है आपका। जैसे देखो इस सवाल का आंसर क्या होगा हमारा। बताओ इस सवाल का आंसर।
देखो भाई मैं कहना नहीं चाहता लेकिन मुझे आप लोग मजबूर कर देते हो कहीं ना कहीं कहने के लिए कि जैसे आपके लक्षण हैं वैसे सिलेक्शन बहुत मुश्किल हो जाता है कई बार। ठीक है भाई कह रहे हैं कि 12:00 बजे शेड्यूल लगा था आपकी क्लास होगी कंप्यूटर की फार्मासिस्ट के लिए वो कहां गई? भैया ये क्लास क्या है? ये कंप्यूटर का प्रैक्टिस सेट नहीं चल रहा 12:00 बजे। उस टाइम टेबल का मतलब यह था कि 12:00 बजे जो क्लास चल रही है वो आपके लिए भी है। तो ये फार्मेसिस्ट वाले बच्चों के लिए भी है। पहली चीज। दूसरी चीज आज की क्लास में ही पांच बार बता चुका हूं कि बोरिंग टेक्ननीशियन का मौक इस थर्सडे से आपको मिलेगा। आपने कहा था कि बोरिंग टेक्ननीशियन का मौक मिलेगा अभी तक नहीं आया। कैसे आ जाएगा अभी तक? जब थर्सडे बोला यार थर्सडे आ गया क्या भाई? क्यों ऐसे कर रहे हो भाई? मतलब यार बड़ा तरस आता है आप लोगों पे कई बार। है ना? बताओ क्या होगा इसका आंसर? आज की क्लास मतलब जिन्हें बोरिंग टेक्नशियन का मौक नहीं देना
उन्हें भी पता चल गया कि बोरिंग टेक्नशियन का मौक थर्सडे को होगा। लेकिन उसे नहीं पता चला भाई धकाल कॉपी पेस्ट चल रहा है। बताओ ठीक है। इसका आंसर क्या हो जाएगा भाई? तो हम कहेंगे कौन सा मजबूत ईमेल पासवर्ड है? तो हमें ये खुद से सोचना पड़ता है कि ओवरऑल हमारा इनमें से कौन सा ऐसा है जो सबसे तेज है? तो भैया सबसे कठिन है तो ऑटोमेटिक देखने में ही लग रहा है याद ही नहीं हो पाएगा यह वाला। तो यही सबसे ज्यादा मजबूत हो गया। है ना?
आगे बढ़ेंगे। नेक्स्ट क्वेश्चन देखो। थोड़ा अच्छा क्वेश्चन है भाई। अच्छे क्वेश्चन पूछे जाते हैं कई बार। और ऐसे क्वेश्चन करने से फायदा यह है कि भले ही ऐसा हो कि मान लो डायरेक्ट क्वेश्चन मतलब मान लो छोटा सवाल आया। तो यहां से चार चीजें कवर हो जा रही हैं। आपके एक ही सवाल में चार सवाल कवर हो जा रहे हैं। तो कहने को हम 15 सवाल करते हैं, 10 सवाल करते हैं। लेकिन जब स्टेटमेंट वाले सवाल होते हैं तो वास्तविकता में वो 25, 30, 40 सवाल होते हैं, जिन्हें हम एक ही दिन में जानकारी ले रहे होते हैं। है ना?
चलो अब यहां पर देखेंगे मेल मर्ज का काम क्या होता है? तो मेल मर्ज का काम होता है कि जब एक ही डॉक्यूमेंट को कई अलग-अलग लोगों को हम भेजना चाहते हैं और उसके नाम अलग-अलग पहुंच जाए इस तरीके से। ठीक है? तो हम यहां पर देखेंगे मेल मर्ज। डेटा विश्लेषण के लिए गतिशील सारांश उपकरण नहीं। जी डेटाबेस से डेटा को स्वचालित रूप से दस्तावेज में मर्ज करना। तालिकाओं में खोज करने का कार्य और दस्तावेज संशोधनों को ट्रैक करना। तो मेरे भाई डेटाबेस से डेटा को स्वचालित रूप से दस्तावेज में मर्ज करना। तो ये मर्ज करने का काम तो मेल मर्ज से मर्ज से मर्ज को मिला दिया। मर्ज कर दिया। ठीक है?
पहले का दूसरा पाइवट टेबल क्या होती है हमारी? तो हम कहेंगे कि ट्रैक चेंज क्या होगा? तो हम कहेंगे दस्तावेज संशोधनों को ट्रैक करने। मान लो ट्रैक चेंज कहां मिलता है? हमें MS Word में मिलता है। तो ट्रैक चेंज का काम यह होता है कि जो भी व्यक्ति मान लो एक एक फाइल पर एक से ज्यादा लोगों ने काम करा। तो उस व्यक्ति ने क्या-क्या काम बदलाव किए उसे ट्रैक करने के लिए हम यहां पर प्रयोग करते हैं तो इसका तो हम कहेंगे पहले का दूसरा और सी का चौथा पहले का दो दूसरा सी का चौथा तीन जगह दिया है तो ये दोनों ऑप्शन तो नहीं हो सकते अब बात आती है VLOOP की VLOKUP क्या करेगा VLOOKUP की फुल फॉर्म होती है वर्टिकल LOOKUP वर्टिकल वर्टिकल क्या होते हैं बताओ तो आप कहोगे वर्टिकल होते हैं कॉलम हमारे है ना वर्टिकल कॉलम होते हैं रो हॉरिजॉन्टल होती है तो फंक्शनंस टू सर्च वर्टिकल इन अ टेबल तो किसी टेबल में से डाटा निकालना है तो यह हो जाएगा और पाइवट टेबल डेटा विश्लेषण के लिए तो दूसरे का पहला और सी का दूसरे का पहला सी का चौथा और डी का तीसरा तो ऑप्शन ए जो है ये इस सवाल का हमारा बिल्कुल करेक्ट आंसर हो जाएगा। अच्छा यहां पर बाय मिस्टेक ऐसा हो गया है कि ए और सी दोनों एक जैसे लिख गए हैं तो इनमें में थोड़ा सा बदलाव कर लो। इसे कर लो यहां पर तीसरा और इसे कर लो यहां पर दूसरा। ठीक है? तो ऑप्शन ए अकेला बचेगा। वो हमारा बिल्कुल सही है।
अगला सवाल देखो क्वेश्चन नंबर 12 बताएंगे। मैंने आपको कल परसों जो प्रैक्टिस सेट कराया था उसमें सारे के सारे जो आपके डिवाइसेस हो सकती हैं नेटवर्किंग डिवाइसेस उनके बारे में डिटेल में बताया था। तो बस अब उनको मैच करना है एक बार कर देना। इसका क्या काम है? सारे नहीं भी आते होंगे तब भी ट्राई करो सवाल को करने का। राउटर मैंने आपसे कहा है जब विभिन्न नेटवर्क की बात आएगी। अलग-अलग नेटवर्कों को जोड़ने की बात आएगी, तो आंसर हमारा वहां पर राउटर हो जाएगा। ठीक है? उसके अलावा अगर हम बात करते हैं मॉडेम क्या काम करता है? तो हम कहेंगे भैया मॉडम काम करता है आपका डिजिटल सिग्नल को एनालॉग सिग्नल में और एनालॉग सिग्नल को डिजिटल सिग्नल में कन्वर्ट करने का तो मॉडेम का काम क्या हो जाएगा? हम कहेंगे डिजिटल सिग्नल को परिवर्तित करता है हमारा कौन सा? मॉडम। ठीक है जी। इसके अलावा अगर हम बात करते हैं राउटर क्या काम करता है? हमारा राउटर बताएंगे। वाई-फाई को कवरेज देता है क्या? राउटर स्विच उपकरणों को कनेक्ट करता है। एक्सेस पॉइंट नेटवर्क ट्रैफिक को निर्देशित करता है। बताएं। बढ़िया सवाल है। थोड़ा सा दिमाग लगाएंगे। आंसर बताएंगे। आया आंसर किसी का? बिल्कुल है ना? बहुत बढ़िया। तो काफी सारे लोग कह रहे हैं कि भैया ए होगा। बिल्कुल ए ही होगा। हम यहां पर देखेंगे राउटर नेटवर्क राउटर क्या करेगा? नेटवर्क ट्रैफिक को निर्देशित करता है। रूट देने का काम करता है। राउटर यानी कि रूट देने का काम करता है। ठीक है? स्विच क्या करेगा? उपकरणों को कनेक्ट करने का काम करता है हमारा स्विच। ठीक है? मॉडम कर ही लिया हमने एक्सेस पॉइंट तो वाई-फाई को कवरेज बढ़ाता है। यानी कि ऑप्शन ए इज़ द राइट आंसर। ठीक है?
इसके अलावा ये जितने भी हमारे नेटवर्किंग डिवाइस हैं उन सबके बारे में मैंने यहां पर लिखा हुआ है। ये मैंने पहले भी कराया था। एक बार आप चाहो तो इसका स्क्रीनशॉट ले लो। फिर हम आगे बढ़ते हैं। ठीक है ना? मॉडेम क्या काम करेगा? हम कहेंगे डिजिटल सिग्नल को एनालॉग में एनालॉग सिग्नल को डिजिटल में बदलेगा। राउटर विन नेटवर्क को आपस में जोड़ता है और डेटा पैकेट्स को रूट करने का काम हमारा करता है। स्विच नेटवर्क में डिवाइसेस को आपस में कनेक्ट करता है। हब एक साथ कई डिवाइसेस को जोड़ने के लिए ब्रिज तो हम कहेंगे दो समान सेगमेंट को जोड़कर ट्रैफिक को फ़्टर करना। रिपीटर लो लेवल के सिग्नल को हाई लेवल सिग्नल में बदलना। एक्सेस पॉइंट वायरलेस जो वाई-फाई है उला वाला होता है हमारा वायरलेस डिवाइस को नेटवर्क में जोड़ना। गेटवे दो अलग-अलग प्रकार के नेटवर्क को जोड़ना। फायरवॉल, नेटवर्क को अनधिकृत एक्सेस और खतरनाक ट्रैफिक से बचाना और एनआईसी कंप्यूटर को नेटवर्क से जोड़ने की सुविधा।
अगला सवाल देखेंगे। क्वेश्चन नंबर 13 हमसे क्या कह रहा है? तो आई ट्रिपल ई स्टैंडर्ड को उनकी संबंधित तकनीकों से क्या करना है? मैच करना है। स्क्रीनशॉट लेना है थोड़ा बड़ा कर दो। लो भैया। अभी अभी वििबल है। ठीक है। नेक्स्ट क्वेश्चन बताएंगे। ले लिया? आगे बढ़े। इस सवाल का आंसर क्या है? तो इसमें आप याद रखना याद करने की ट्रिक वैसे नहीं पता हो तो ऐसे एक-एक करके देख लो आप कि एक तो वाई-फाई वाला पूछा जाता है काफी ज्यादा और वाई-फाई को याद करना ही सबसे ज्यादा सरल है क्योंकि 802.11 होता है और वाई-फाई में भी दो आई होते हैं दो आई दो एक जैसे लगते हैं तो हम कहेंगे आंसर होगा यहां पर जिसमें दूसरे का ये वाला दिया हो मान लो है ना ये है ए ये है बी ये है सी ये है डी तो दूसरे का बी दिया हो दूसरे का बी दूसरे का बी कहां दिया है हमारा हम कहेंगे एक ही ऑप्शन में दिया है। है ना? दूसरे का जो बी है, वह हमें एक ही ऑप्शन में दिया है इसमें। तो, ऑप्शन बी इज़ द राइट आंसर। क्या हो जाएगा कि 802.3 इथर वायर वायर लोकल एरिया नेटवर्क के लिए होता है। 802.15 हमारा ब्लूटूथ के लिए होता है और 16 वाला वक्स के लिए होता है। यह बहुत रेयर मतलब अगर अभी तक 30 30 पेपर हुए हैं यूपी ट्रिपल एससी के तो एक बार यहां से भी क्वेश्चन पूछ लिया। एग्जामिनर यही कर रहा है कि वह क्या करेगा? कहीं से भी मुंह उठाकर कोई भी क्वेश्चन पूछ लेगा। फिर बाद में वहां से नहीं पूछेगा। अब टीचर और स्टूडेंट क्या परेशान कि अच्छा यहां से पूछा था अब ये चीज भी पढ़नी पड़ेगी और इस वजह से सिलेबस बढ़ता ही चला जा रहा है। ठीक है?
अगला क्वेश्चन है क्वेश्चन नंबर 14 कि कंसीडरिंग A1 टू a5 सेल को खाली मानते हुए निम्नलिखित में से कौन सी त्रुटि MS Excel के इस फॉर्मूले के रूप में प्रदर्शित होगी? ये आपसे कह रहा है। तो ये एक्सेल के एक्सेल के अंदर क्या होती है? अलग-अलग एरर आती हैं। कई बार एक्सेल में क्या आ जाती हैं? अलग-अलग तरीके की एरर आती हैं। तो हम देखेंगे कि A1 से लेकर A5 तक की सेल खाली है। अब जब खाली है तो ये ज़ीरो रहा होगा और काउंट में भी ज़ीरो ही आएगा। तो यहां पर हमारा आंसर क्या हो जाएगा? डिवाइड। क्यों होगा डिवाइड? क्योंकि जब भी आप जीरो से भाग देते हो तो संख्या को जब शून्य से विभाजित किया जाता है तो एरर आती है डिवाइड। जब मैच नहीं मिलता तो एरर आती है नॉट अवेलेबल। जब गलत डेटा यूज़ होता है तो यूज़ डेटा आता है मतलब एरर आती है वैल्यू कि जहां पर डालना नंबर था आपने टेक्स्ट भर दिया उस तरीके से और जब गलत रेफरेंस आप यूज़ करते हो तो हैज़ रेफरेंस अगर गलत फार्मूला यूज़ कर लिया या स्पेलिंग गलत हो गई तो हैज़ नेम आ जाएगा। नंबर की बात करें तो गणतीय गणना में त्रुटि करने के लिए बड़ी संख्या है कोई नल गलत रेंज का यूज़ अगर आपने कर दिया तो नल और गेटिंग डाटा तो डाटा लोड हो रहा है इस बात को दिखाता है।
पांचवा सवाल और आखिरी सवाल आज की क्लास का क्या है? आपसे पूछा गया है कि एक डेटा एनालिटिक्स सिस्टम बड़ी मात्रा में संरचित और असंरचित यानी कि स्ट्रक्चरर्ड और अनस्ट्रक्चरर्ड उच्च गति से प्रोसेस करता है। डाटा की सटीकता सुनिश्चित करता है और निर्णय लेने के लिए उपयोगी जानकारी निकालता है। निम्नलिखित में से कौन सा फाइव वी को सही रूप से दर्शाता है? ये बहुत इंपॉर्टेंट है। पूछी जा सकती हैं कई बार कि जो हमारी फाइव वी होती हैं किस चीज की? बिग डेटा की वो कौन-कौन सी होती हैं? तो एक होती है वॉल्यूम, वेलोसिटी, वेलोसिटी, वैल्यू और वैरायटी। वॉल्यूम यानी कि मात्रा, वेलोसिटी यानी कि स्पीड और वेलोसिटी यानी कि विश्वसनीयता, रिलेबिलिटी ऑफ द डेटा, वैल्यू यानी कि उसकी रिलेवेंस ऑफ द डेटा और वैरायटी यानी कि टाइप ऑफ द डेटा। तो वॉल्यूम, वेलोसिटी, वेलोसिटी, वॉल्यूम वैलिडिटी नहीं होता, विजुअलाइजेशन नहीं होता। बताओ क्या होगा आंसर? हमारा वेक्टर नहीं होता। तो ऑप्शन एलिमिनेट कर सकते हो आप यहां से। क्या कर सकते हो कि वॉल्यूम, वैरायटी, वेलोसिटी, वेलोसिटी ऑफ़ वैल्यू।
अगला सवाल यह आपके लिए होमवर्क वाला क्वेश्चन है कि एक आई ओटी आधारित वाहन ट्रैकिंग सिस्टम उपग्रहों की सहायता से वाहन की रियल टाइम लोकेशन को ट्रैक करता है और डाटा को सर्वर तक भेजता है। निम्नलिखित में से कौन सी तकनीक वाहन की भौगोलिक स्थिति निर्धारित करने के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है? इसका आंसर आप लोग मुझे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके दीजिएगा।
यह आपके कुछ नॉलेज बूस्टर हैं जो आपको लास्ट टाइम पर रिवाइज करने चाहिए। कौन से? बुलेट्स अगर आपको अप्लाई करनी है तो शॉर्टकट की क्या होगी? कंट्रोल शिफ्ट एल। अगर आप जो रिबन टैब होता है उसे अगर हाइड और अनहाइड करना चाहते हो तो उसके लिए हमारी शॉर्टकट की होती है कंट्रोल F1। ओपन फोंट डायलॉग बॉक्स को अगर आप ओपन करना चाहते हो तो शॉर्टकट की होती है कंट्रोल शिफ्ट F या फिर कंट्रोल D। ओपन बुकमार्क को डायलॉग बॉक्स को अगर आप ओपन करना चाहते हो तो शॉर्टकट की होगी कंट्रोल शिफ्ट F5 और चेंज केस की शॉर्टकट की होती है हमारी शिफ्ट F3 फार्मूला काउंट के तो काउंट के टोटल चार फार्मूला होते हैं। काउंट का फार्मूला क्या काम करता है कि दी गई रेंज में से सिर्फ उन सेलों की गिनती करता है जिनमें से कुछ ना कुछ नम मतलब सिर्फ उन सेलों की गिनती करेगा जिनमें ओनली नंबर्स लिखे हैं। काउंटा का फार्मूला हर उस सेल को गिनेगा जो भरी हुई है। खाली सेल को नहीं गिनेगा। काउंट ब्लैंक का फार्मूला सिर्फ उन सेलों की गिनती करता है जो खाली हैं पूरी तरह से और काउंट इफ किसी शर्त पर कोई शर्त पर आपका उन सेलों की जो उन शर्त की पूर्ति करता होगा उन सेलों की गिनती करेगा। प्रोडक्ट का फार्मूला गुणा करने के लिए होता है। सीसी की फुल फॉर्म होती है कार्बन कॉपी और बीसीसी की फुल फॉर्म होती है ब्लाइंड कार्बन कॉपी। सीसी के माध्यम से यदि आप किसी को कार्बन कॉपी करके मेल भेजोगे तो सबको यह दिखाई देगा कि यह मेल और किस-किस को भेजा गया है। बीसीसी में रहता है ब्लाइंड कार्बन कॉपी कि ईमेल की कॉपी किस-किस को भेजी गई है यह बात पूरी तरह से ब्लाइंड रहती है। एसएमटीपी, पीओपी, आईएमईपी तीनों के बारे में मैं आज की ही क्लास में बता चुका हूं।
ये है हमारी एल्गोरिद्म। ए स्टार एल्गोरिदम एआई से रिलेटेड एल्गोरिद्म है। ये सबसे छोटी और सबसे सब और सबसे अच्छा और सबसे छोटा रास्ता खोजने के लिए प्रयोग होता है। तो अगर आपसे पूछे कि सबसे छोटा और सबसे अच्छा रास्ता खोजने के लिए किस एल्गोरिथ्म का प्रयोग करते हैं? तो हम कहेंगे ए स्टार एल्गोरिथ्म का प्रयोग करते हैं। बीएफएस ब्रेड्थ फर्स्ट सर्च। तो एक एक स्तर में सभी नोट्स में को खूसता है। एक होता है डीएफएस डेप्थ फर्स्ट सर्च। यानी कि जहां पर गहराई वाला शब्द मिलेगा वहां पर डेप्थ वाला आ जाएगा। डेप्थ फर्स्ट सर्च एल्गोरििदम मिनीमैक्स एल्गोरिथ्म एक होती है हमारी गेम्स में बेस्ट मूव को चुनने के लिए उपयोग होती है और एक होता है हिल क्लाइंबिंग यानी कि धीरे-धीरे बेहतर समाधान की ओर आगे बढ़ता है हिल क्लाइंबिंग।
तो ये थी मेरे भाई हमारी आज की क्लास। मैं उम्मीद करता हूं कि सारी चीजें आपको बहुत अच्छी लगी होंगी। कैसी लगी क्लास? कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताइएगा। मिलते हैं आपसे कल की क्लास में एक नए एक शानदार सेशन, एक नए प्रैक्टिस सेट के साथ। इस सवाल का आंसर इसी वीडियो के नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बताना। और अभी मैं थोड़ी देर में वीडियो बनाऊंगा कि लोअर पीसीएस का जो फॉर्म नहीं भरा जा रहा उसके लिए आपको क्या करना चाहिए? तो वो वीडियो देख के जो जो काम मैं बताऊं उसको सब लोग कर लेना। ठीक है? तब तक के लिए राधे-राधे जय श्री कृष्णा जय हिंद।