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नमस्कार! जय हिंद! वंदे मातरम!
प्यारे बच्चों, आज के इस सेशन में आपका स्वागत है। यूपी जीके और कंप्यूटर की प्रैक्टिस आपकी निरंतर जारी है और आज एक और नया सेशन लेकर आया हूं। वीडियो को लाइक कर लीजिएगा। चैनल पर नए हैं तो चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिएगा, क्योंकि प्रश्न यहीं से आएगा। पढ़ते रहेंगे आप मेरे साथ तो आपको यकीन आएगा।
आप लोगों को लगातार यह सेशन पसंद आ रहा है और आप लोग कमेंट बॉक्स में कहते हैं कि इसकी अलग से प्रैक्टिस प्लेलिस्ट बना दें। देखिए, यूपी जीके की सामान्य ज्ञान नाम से एक अलग से प्लेलिस्ट बनी है जो आपको मेन पेज पर भी दिखती है और उसका एक कम्युनिटी पोस्ट भी मैंने कर दिया है, तो आप वहां से जाकर वो प्लेलिस्ट देख सकते हैं और अपनी सेव कर सकते हैं। प्लेलिस्ट की बात खत्म करते हैं।
तो रही बात आज के इस सेशन की पीडीएफ की, तो स्क्रीन पर आपको WhatsApp नंबर दिख रहा होगा, जहां पर आप जाकर मैसेज कर सकते हैं और हमारे साथ जुड़ सकते हैं। बहुत कम फीस है और बहुत अच्छे क्वालिटी के नोट्स, पीवाईक्यूस, एमसीक्यूस, वन लाइनर हम आपको उपलब्ध करा रहे हैं। जो भी देखता है, अच्छे से पढ़ता है, उसे बहुत पसंद आता है और मैसेज करके बताता है। अगर आप भी जुड़ना चाहते हैं तो WhatsApp नंबर पर मैसेज करिए। कॉल करने की कोई आवश्यकता नहीं है। मैसेज में ही आपको पूरी जानकारी उपलब्ध करवा दी जाएगी।
इससे पहले कि आपका टॉपिक शुरू हो, आज हम बात करने वाले हैं यूपी ट्रिपल एससी सहायक बोरिंग टेक्ननीशियन की बेस्ट बुक के बारे में जो चच्चू प्रकाशन की है। इस बुक में आपको आपके नए एग्जाम पैटर्न के अनुसार 25 प्रैक्टिस सेट मिलने वाले हैं और यहां पर यह बुक है जो आपके सिलेबस के अकॉर्डिंग डिजाइन की गई है। पूरा एग्जाम पैटर्न आपको यहां पर स्क्रीन पर दिख जाएगा। 100 प्रश्न होंगे, 100 अंकों के होंगे और सबसे अच्छी बात यह है यहां पर कि आपको यहां पर पांच ऑप्शन वाला पैटर्न मिलने वाला है, जो सामान्यता अन्य बुकों में अभी नहीं मिल रहा है।
पहला प्रश्न आप देख सकते हैं, प्रैक्टिस सेट वन का। फोकस दूरी की एसआई इकाई क्या है? आपसे पूछा गया है। दूसरा प्रश्न है कि निम्नलिखित में से किसकी कोई इकाई नहीं है? सभी 100 प्रश्नों की यहां पर आंसर की दी गई है। उसके बाद व्याख्या सहित उत्तर भी दिए गए हैं। पहले प्रश्न का उत्तर है कि फोकस दूरी की एसआई इकाई मीटर होती है। दूसरे प्रश्न का सही आंसर बी है और यहां पर बताया गया है कि घनत्व का मात्रक किलोग्राम प्रति मीटर होता है। दाब का मात्रक न्यूटन प्रति मीटर स्क्वायर अथवा पास्कल होता है। विस्थापन का मीटर होता है। और यह भी बताया गया है कि सापेक्षिक घनत्व की कोई इकाई नहीं होती है, क्योंकि सापेक्षिक घनत्व 2 एक जैसी इकाइयों का अनुपात होता है। तो ये आपके नए सिलेबस पैटर्न पर आधारित किताब है। अगर आप लेना चाहते हैं तो डिस्क्रिप्शन बॉक्स में आपको लिंक मिल जाएगा या फिर आप नजदीकी बुक स्टॉल्स से भी जाकर यह किताब खरीद सकते हैं।
तो भाग वन में कंप्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी के 15 प्रश्न करेंगे और प्रश्न एक है आपका कि विश्व के पहले सफल सामान्य उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर इनएक के निर्माण और उपयोग से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार करें। बिंदु एक है कि इसे मुख्य रूप से द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना के लिए तोपखाने के फायरिंग टेबल की गणना करने के लिए डिजाइन किया गया था। इसका आविष्कार जॉन वान न्यूमेन द्वारा किया गया था। तो यहां पर जो सही उत्तर है आपका वो है आपका केवल एक। ए ऑप्शन आपका सही है। अमेरिका की सेना के लिए बनाया गया था। इनएक का कई बार फुल फॉर्म पूछ लिया जाता है परीक्षा में तो वो याद रखिएगा। इलेक्ट्रॉनिक न्यूमेरिकल इंटीग्रेटर एंड कंप्यूटर को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना की बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी के लिए फायरिंग टेबल की गणना करने हेतु बनाया गया था। दूसरा कथन कथन असत्य है, क्योंकि इनएक का आविष्कार जे प्रिस्पर एक्टन और जॉन मौचली द्वारा पेंसिलवेनिया विश्वविद्यालय में किया गया था, ना कि जॉन वान न्यूमेन द्वारा। जानवान न्यूमेन को कंप्यूटर आर्किटेक्चर के विकास का श्रेय दिया जाता है, जिसे वन न्यूमेन आर्किटेक्चर कहा जाता है।
अगला प्रश्न है आपका कि इंटरनेट प्रोटोकॉल के प्रारंभिक विकास के संदर्भ में अर्पा नेट इंटरनेट का पूर्ववर्ती द्वारा शुरू में किस मुख्य नेटवर्क प्रोटोकॉल का उपयोग किया गया था, जिसे बाद में 1 जनवरी 1983 को टीसीपीआईपी द्वारा पूर्णतः प्रतिस्थापित कर दिया गया? तो यहां पर जो सही उत्तर है आपका वह है आपका ऑप्शन बी एनसीपी नेटवर्क कंट्रोल प्रोग्राम। एनसीपी नेटवर्क कंट्रोल प्रोग्राम अर्पनेट एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट एजेंसी नेटवर्क के होस्ट कंप्यूटरों द्वारा उपयोग किए जाने वाला पहला मानक नेटवर्किंग प्रोटोकॉल था। जैसे-जैसे नेटवर्क बढ़ता गया, एनसीपी की कमियां सामने आई। इसलिए विंट सर्फ और बाब कान ने टीसीपी आईपी का विकास किया। 1 जनवरी 1983 को, जिसे कंप्यूटर इतिहास में फ्लैग डे कहा जाता है, अर्पनेट ने आधिकारिक तौर पर एनसीपी को छोड़कर टीसीपी आईपी को अपना लिया और इसी दिन को आधुनिक इंटरनेट का जन्म माना जाता है।
अगला प्रश्न है आपका कि एक डिवाइस के मैक एड्रेस की तकनीकी संरचना के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें। पहला पॉइंट है आपका कि यह एक 48 बिट यानी कि 48 बिट यानी कि 6 बाइट का हेक्साडेेसिमल पता होता है, जो नेटवर्क इंटरफेस कार्ड पर स्थाई रूप से अंकित होता है। इसके पहले 24 बिट्स यानी कि तीन बाइट्स को ओयआई ओरिजिन ऑर्गेनाइजेशनली यूनिक आइडेंटिफायर कहा जाता है, जो आई ट्रिपल ई द्वारा निर्माता को आवंटित किया जाता है। तो यहां पर जो सही उत्तर है आपका सी एक और दो दोनों आपके सही हैं। मैक एड्रेस इसका फुल फॉर्म होता है मीडिया एसएस कंट्रोल एड्रेस। ओएसआई मॉडल की डाटा लिंक लेयर पर काम करता है और यह लेयर टू होती है। यह 48 बिट्स का एक विशिष्ट हार्डवेयर पता होता है और यह हेक्साडेेसिमल में होता है। 0 कॉलन 1A कॉलन 2B कॉलन 3C कॉलन 4D कॉलन 5E इसे भौतिक इसे भौतिक पता या हार्डवेयर पता भी कहा जाता है, जो निर्माता द्वारा एनआईसी यानी कि नेटवर्क इंटरफेस कार्ड की रोम में वर्ण किया जाता है। कथन दो सही है आपका, क्योंकि मैक एड्रेस के पहले 24 बिट्स यानी कि सिक्स हेक्साम डेसीिमल अंक ओरिजिन ऑर्गेनाइजेशनली यूनिक आइडेंटिफायर दर्शाते हैं, जो नेटवर्क डिवाइस बनाने वाली कंपनी जैसे कि Sisco Intel Apple की पहचान कराते हैं। यह आवंटन आई ट्रिपल ई इंस्टट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर करता है।
अगला प्रश्न है आपका कि लेजर प्रिंटर के आविष्कार और उसकी कार्यप्रणाली के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प सही है? तो यहां पर जो विकल्प आपका सही है वो है ऑप्शन ए। इसका आविष्कार 1969 में गैरी स्टार्क वेदर द्वारा जेरॉक्स पार्क में किया गया था और यह एक नॉन इंपैक्ट प्रिंटर है। लेजर प्रिंटर एक नॉन इंपैक्ट प्रिंटर है, जो छपाई के दौरान कागज पर कोई भौतिक प्रहार नहीं करता है। इसका आविष्कार 1969 में ज़ेरॉक्स कॉरपोरेशन के शोधकर्ता गैरी स्टार्क वेदर ने किया था। उन्होंने ज़ेरॉक्स कॉपियर तकनीकी को लेजर बीम के साथ जोड़कर इसे बनाया। यह तरल स्याही का उपयोग नहीं करता, बल्कि सूखे पाउडर का उपयोग करता है, जो इलेक्ट्रो स्टैटिक चार्ज और लेजर बीम की मदद से कागज पर छपता है। इंक कॉर्टिस का उपयोग इंक जेड प्रिंटर में होता है। ठीक है? यह ध्यान रखिएगा।
अगला प्रश्न है आपका कि एमएस पावर पॉइंट के इतिहास और विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें। इसे मूल रूप से डेनिस ऑस्टिन और थॉमस रिककिन द्वारा प्रेजेंटर के नाम से विकसित किया गया था। यह माइक्रोसॉफ्ट का पहला महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर अधिग्रह था, जिसे 1987 में खरीदा गया था। देखिए, इस प्रकार के प्रश्न अभी हाल ही की परीक्षाओं में पूछे गए हैं। तो इनको तैयार करना आवश्यक है। और यहां पर जो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी है। एक और दो दोनों सही है। एमएस पावर पॉइंट को शुरुआत में फोर थॉट नामक सॉफ्टवेयर कंपनी में डेनिस ऑस्टिन और थॉमस रिककिन द्वारा डिजाइन किया गया था और इसका प्रारंभिक नाम प्रेजेंटर रखा गया था। 1987 में माइक्रोसॉफ्ट ने फॉर थॉट कंपनी को लगभग 14 मिलियन में खरीद लिया था। यह बिल गेट्स के नेतृत्व में माइक्रोसॉफ्ट का पहला बड़ा और महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट अधिग्रह था। बाद में इसका नाम बदलकर पावर पॉइंट कर दिया गया और यह एमएस ऑफिस सूट का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया, जिसने डिजिटल प्रेजेंटेशन की दुनिया में क्रांति ला दी।
अगला प्रश्न है आपका कि प्रोग्रामिंग भाषाओं और उनके मूल डिजाइनरों संस्थापकों का सही मिलान करें। यहां पर सी लैंग्वेज, जावा, पाइथन और C प्लस प्लस लैंग्वेज दी गई हैं। दूसरी तरफ उनके संस्थापक या डिजाइनर का नाम दिया गया है। और यहां पर जो सही उत्तर है आपका वो सी हो जाएगा। सी लैंग्वेज डेनिस रिची, जावा जेम्स गोसलिंग, पाइथन गुडो वेन रोशम और C प्लस प्लस वन स्ट्राऊ स्ट्रप। सी लैंग्वेज इसे 1972 में बेल लैब्स में डेनिस रिची द्वारा विकसित किया गया था। यह एक बहुत ही शक्तिशाली और व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली प्रक्रियात्मक भाषा है। जावा की बात करें तो इसे 1995 में सन माइक्रो सिस्टम्स में जेम्स गोसलिंग द्वारा विकसित किया गया था। इसका सिद्धांत है राइट वंस रन एनीवेयर। डब्ल्यू ओ आर ए इसका फुल फॉर्म याद रखिएगा। पिछली बार गीगू का फुल फॉर्म पूछा गया था। इस बार वोरा का भी फुल फॉर्म पूछा जा सकता है। ठीक है? तो राइट वंस रन एनीवेयर वो रहा होता है। इसे 1991 में गुडो वैन रोसम द्वारा डिजाइन किया गया था। यह वर्तमान में एआई और मशीन लर्निंग के लिए सबसे लोकप्रिय भाषा है। C प्लस प्लस की बात करें तो इसे 1979 में बर्न स्ट्राऊ स्ट्रप द्वारा सी विद क्लासेस के रूप में विकसित किया गया था।
अगला प्रश्न है आपका कि MS Excel में यदि आप कई सेल में एक साथ जटिल गणनाएं करने वाले एक विशिष्ट सूत्र जैसे एरे फार्मूला कहा जाता है को लागू करना चाहते हैं, तो आपका सूत्र टाइप करने के बाद कीबोर्ड पर कौन सी शॉर्टकट कुंजी दबानी होगी? तो सही उत्तर है आपका यहां पर ऑप्शन सी कंट्रोल शिफ्ट + एंटर। Excel में एरे फार्मूला एक ऐसा फार्मूला होता है, जो एक या एक से अधिक आइटम पर एक साथ कई गणनाएं कर सकता है। इन्हें सीएसई यानी कि कंट्रोल शिफ्ट प्लस एंटर फार्मूले के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि इन्हें लागू करने के लिए आपको सिर्फ एंटर दबाने की बजाय कंट्रोल + शिफ्ट + एंटर दबाना होता है। इसे दबाने पर एक्सेल सूत्र के चारों ओर कर्ली ब्रैकेट लगा देते हैं, जो दर्शाता है कि यह एक एरे फार्मूला है।
अगला प्रश्न है आपका कि कंप्यूटर नेटवर्किंग में उपयोग किए जाने वाले रिप यानी कि राउटिंग इंफॉर्मेशन प्रोटोकॉल के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है? हाल ही की परीक्षा में यह पूछा गया था रिप के बारे में और यहां पर जो सही उत्तर है आपका वो ऑप्शन बी है। यह एक डिस्टेंस वेक्टर राउटिंग प्रोटोकॉल है, जो गंतव्य तक पहुंचने के लिए हाफ काउंट का उपयोग करता है और जिसकी अधिकतम सीमा 15 होती है। रिप यानी कि राउटिंग इंफॉर्मेशन प्रोटोकॉल। यह इंटरनेट के शुरुआती दौर में उपयोग होने वाला सबसे पुराने डिस्टेंस वेक्टर राउटिंग प्रोटोकॉल में से एक है। यह सबसे अच्छे रास्ते का चुनाव करने के लिए हाफ काउंट का एक राउटिंग मैट्रिक के रूप में उपयोग करता है। एक हॉब का मतलब है कि डाटा पैकेट एक राउटर से दूसरे राउटर तक गया है। रिप नेटवर्क में लूपिंग को रोकने के लिए अधिकतम हाफ काउंट की सीमा 15 निर्धारित करता है। 16वें हाफ का अंतिम मान लिया जाता है। यह मुख्य रूप से छोटे नेटवर्क लैन के लिए उपयुक्त है।
अगला प्रश्न है आपका कि कंप्यूटर में उपयोग होने वाले विभिन्न मीडिया और दस्तावेज फाइल एक्सटेंशन का उनके संबंधित फाइल प्रारूप से सही मिलान करें। तो PNG क्या है? डॉट फ्लैग क्या है? एमkv क्या है? आरटीएफ क्या है? तो जो आपका एमकेवी है, यह आपका मल्टीमीडिया कंटेनर वीडियो फाइल है। ठीक है? और जो आपका पीएजी क्या है? रास्टर ग्राफिक इमेज फाइल है। ठीक है? और जो आपका फ्लैग है, यह आपका क्या है? दोष रहित ऑडियो फाइल है। और आरटीएफ क्या है? रिच टेक्स्ट दस्तावेज फाइल है। तो, यहां पर आपका सही उत्तर हो जाएगा ऑप्शन ए बी। पीएजी यानी कि पोर्टेबल नेटवर्क ग्राफिक्स। यह एक रास्टर ग्राफिक इमेज फाइल है। यह ट्रांसपेरेंसी पारदर्शिता को समर्थन करती है और वेब पर व्यापक रूप से उपयोग की जाती है। डॉट फ्लैग की बात करें, फ्री फ्लॉस लेस ऑडियो कोडक। यह एक बहुत ही प्रसिद्ध दोष रहित ऑडियो फॉर्मेट है, जो mp3 की तुलना में बहुत बेहतर साउंड क्वालिटी देता है, क्योंकि इसमें डाटा का नुकसान नहीं होता है। एमकेबी की बात करें, तो यह एक लोकप्रिय मल्टीमीडिया कंटेनर फॉर्मेट है, जो एक ही फाइल में असीमत संख्या में वीडियो ऑडियो चित्र या उपशीर्षक ट्रैक रख सकता है। आरटीएफ की बात करें, तो यह माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विकसित एक दस्तावेज फाइल प्रारूप है, जो विभिन्न वर्ड प्रोसेसिंग के बीच कार क्रॉस प्लेटफार्म संगतता प्रदान करता है।
अगला प्रश्न है आपका कि MS Word दस्तावेज में टाइपिंग के दौरान कीबोर्ड की मदद से सीधे कॉपीराइट और ट्रेडमार्क प्रतीक सम्मिलित करने के लिए क्रमशः किन डिफॉल्ट शॉर्टकट कुंजियों का उपयोग होता है? तो कॉपीराइट के लिए आपका कंट्रोल ऑल्ट + सी का प्रयोग होता है और ट्रेडमार्क के लिए कंट्रोल ऑल्ट + टी का प्रयोग होता है। MS Word में कुछ विशिष्ट प्रतीकों की को तेजी से टाइप करने के लिए इनबिल्ट शॉर्टकट कुंजियां दी गई हैं। जैसे कॉपीराइट होता है, जो यह आपका सी के ऊपर सर्किल बना होता है। इसको सम्मिलित करने के लिए कंट्रोल + AT + C का उपयोग होता है। ट्रेडमार्क टीएम जो ऊपर बनता है। इसके लिए कंट्रोल + ऑल्ट + टी का प्रयोग होता है और पंजीकृत मार्क यानी कि आर के लिए सम्मिलित करने के लिए कंट्रोल + ऑल्ट + आर का उपयोग होता है।
अगला प्रश्न है आपका कि कंप्यूटर हार्डवेयर के इतिहास में उस पॉइंटिंग डिवाइस जिसे आज हम कंप्यूटर माउस कहते हैं, का आविष्कार 1960 के दशक में किस वैज्ञानिक द्वारा किया गया था, जिसका पहला प्रोटोटाइप लकड़ी के एक खोल से बना था? तो यह सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी डगलस एंगल वाट। कई बार यह प्रश्न आपको मैं करवा चुका हूं। डगलस एंगल ने 1964 में स्टैनफोर्ड रिसर्च इंस्टट्यूट में बिल इंग्लिश की सहायता से पहले कंप्यूटर माउस का आविष्कार किया। पहले माउस का आवरण जो था, वो लकड़ी का बना था और इसके नीचे धातु के दो पहिए लगे थे, जो एक्स और y अक्ष की गति को मापते थे। 1968 में इन्होंने एक सार्वजनिक प्रदर्शन किया, जिसे कंप्यूटर इतिहास में द मदर ऑफ आर डेमोस कहा जाता है।
अगला प्रश्न है आपका कि एक ऑपरेटिंग सिस्टम की वास्तुकला में कर्नल और सेल के कार्यों के बीच मुख्य अंतर क्या है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी कर्नल ऑपरेटिंग सिस्टम का मुख्य भाग है, जो सीधे हार्डवेयर को नियंत्रित करता है, जबकि सेल उपयोगकर्ता है और कर्नल के बीच इंटरफेस का कार्य करता है। तो जो सेल है, सेल क्या है? यह उपयोगकर्ता और कर्नल के बीच में इंटरफेस का काम करता है।
अगला प्रश्न है आपका कि कंप्यूटर नेटवर्किंग उपकरणों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें। मॉडेम एनालॉग सिग्नल को डिजिटल में और डिजिटल को एनालॉग में परिवर्तित करते हैं, जो इंटरनेट सेवा प्रदाता से जोड़ने के लिए आवश्यक है। स्विच का उपयोग मुख्य रूप से विभिन्न अलग-अलग नेटवर्कों जैसे लन और वैन को जोड़ने के लिए किया जाता है, जबकि राउटर एक केवल एक ही लोकल एरिया नेटवर्क के भीतर उपकरणों को जोड़ता है। तो यहां पर कौन सा ऑप्शन सही आपसे पूछा गया है। सही उत्तर है आपका ऑप्शन ए केवल एक सही है। मॉडम का मुख्य कार्य टेलीफोन या केबल लाइनों से आने वाले एनालॉग सिग्नल को डिजिटल में बदलना, ताकि कंप्यूटर उसे समझ सके और वापस डिजिटल को एनालॉग में बदलना। यह आपके घर को बाहरी दुनिया से जोड़ता है। दूसरा असत्य है, क्योंकि यहां राउटर और स्विच के कार्य को उलट दिया गया है। राउटर का कार्य अलग-अलग नेटवर्कों जैसे आपके घर के लन को इंटरनेट से जोड़ना और डाटा पैकेट को सही रास्ता दिखाना है। जबकि स्विच का उपयोग एक ही नेटवर्क के अंदर मौजूद उपकरणों जैसे कंप्यूटर प्रिंटर को आपस में जोड़ने के लिए किया जाता है और यह मैक एड्रेस के आधार पर डाटा भेजता है।
अगला प्रश्न है आपका कि आधुनिक मोबाइल फोन और टेबलेट के सुचारू संचालन में डिवाइस की स्क्रीन के स्वचा स्वचालित रोटेशन यानी कि ऑटो रोटेट और डिवाइस की 3D झुकाव को मापने के लिए किस इनबिल्ट माइक्रो सेंसर का सेंसर का उपयोग प्रमुखता से किया जाता है और यह सही उत्तर है आपका एक्सरोमीटर। एक्सलरोमीटर जो है, यह सेंसर मोबाइल डिवाइस की गति और झुकाव को मापता है। इसी के कारण जब आप फोन को आड़ा करते हैं, तो स्क्रीन अपने आप घूम जाती है। प्रॉक्सिमिटी सेंसर यह तब काम करता है, जब आप कॉल के दौरान फोन को कान के पास लाते हैं और बैटरी बचाने के लिए स्क्रीन को बंद कर देता है। ए्बिएंट लाइट सेंसर यह आसपास के प्रकाश के अनुसार स्क्रीन के ब्राइटनेस को एडजस्ट करता है।
अगला प्रश्न है आपका कि ब्रिटिश वैज्ञानिक टीम बर्नेस ली ने 19890 में सीईआरएन स्विट्जरलैंड में काम करते हुए वर्ल्ड वाइड वेब का आविष्कार किया था। उन्होंने विश्व का पहला वेब सर्वर और पहला वेब ब्राउज़र जिसका नाम वर्ल्ड वाइड वेब था, किस कंप्यूटर सिस्टम का उपयोग करके बनाया था? तो सही उत्तर है आपका यहां पर सी नेक्स्ट कंप्यूटर। टीम बर्नर्सली ने वेब का आविष्कार करने के लिए स्टीव जॉब्स द्वारा स्थापित नेक्स्ट कंपनी नेक्स्ट के कंप्यूटर का उपयोग किया था। यह मशीन दुनिया का पहला वेब सर्वर बनी। इस कंप्यूटर का एक पर एक स्टीकर लगा दिया गया, जिस पर लिखा था यह मशीन एक सर्वर है। इसे बंद ना करें। यहीं पर उन्होंने HTML, हाइपर टेक्स्ट, मार्कअप लैंग्वेज, यूआरआई और एचटीटीपी की नीव रखी थी।
तो कंप्यूटर आपका यहां पर कंप्लीट होता है। नेक्स्ट सेक्शन में आपको यूपी जीके से संबंधित प्रश्न कराए जाएंगे। तो यहां से अब हम शुरुआत करेंगे। अगर आपने अभी तक हमारे टेलीग्राम चैनल को ज्वाइन नहीं किया है, तो उसे कर लीजिए। अगर आपने अभी तक हमारे WhatsApp चैनल को ज्वाइन नहीं किया है, तो उसे भी कर लीजिए।
यूपी जीके का आपका प्रश्न है। वर्ष 2026 में संशोधित की गई मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक की पढ़ाई तक दी जाने वाली कुल सहायता राशि को बढ़ाकर कितना कर दिया गया है? सही ऑप्शन है आपका सी। कई बार मैंने आपको कराया है। बालिकाओं के कल्याण और शिक्षा को बढ़ावा देने वाली राज्य सरकार की इस प्रमुख योजना में कुल वित्तीय लाभ को 15,000 से बढ़ाकर हाल ही में 25,000 किया जा चुका है। यह राशि बेटियों को उनके जीवन के विभिन्न चरणों में जैसे जन्म, टीकाकरण, कक्षा एक, छ, 9 में प्रवेश और स्नातक डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश के दौरान छह किस्तों में सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी परिवार की वार्षिक आय 3 लाख से कम होनी चाहिए, तथा परिवार में अधिकतम दो बच्चियों को ही इसका लाभ मिलता है।
अगला प्रश्न है आपका कि जून 2026 में मौसम के सटीक पूर्वानुमान और कृषि पारिस्थितिकी आपदाओं की निगरानी के लिए उत्तर प्रदेश के किस शहर में एक नया क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया गया है? तो यहां पर जो सही उत्तर है आपका वो हो जाएगा डी लखनऊ। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और राज्य सरकार के सहयोग से लखनऊ में एक नया अत्याधुनिक क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र स्थापित किया गया है। यह केंद्र मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में अचानक आने वाले मौसम बदलाव, आकाशीय बिजली और भारी बारिश की सटीक और तीव्र चेतावनी जारी करेगा। इसका सीधा लाभ किसानों को बुवाई और कटाई के दौरान होने वाले नुकसान से बचाने में मिलेगा, क्योंकि उन्हें ब्लॉक स्तर पर मौसम के पूर्वानुमान प्राप्त होंगे।
अगला प्रश्न है आपका कि वर्ष 1921 और 22 में उत्तर प्रदेश तत्कालीन संयुक्त प्रांत के उत्तरी अवध जिलों जैसे हरदोई, बहराइच और सीतापुर में चले एका आंदोलन का मुख्य कारण क्या था? और इसके प्रमुख जमीनी नेता कौन थे? तो इसका जो सही उत्तर है आपका वो है आपका ऑप्शन ए कारण था लगान में निर्धारित दर से 50% से अधिक की वृद्धि और नेता थे मदारी पासी। एका आंदोलन 1921 से 22 चला उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र में मुख्यता हरदोई, सीतापुर, बहराइच। यह किसानों का एक बड़ा विद्रोह था। इसका मुख्य कारण जमींदारों और ठेकेदारों द्वारा निर्धारित लगान से 50% अधिक लगान वसूलना तथा बेगार श्रम करवाना यानी कि मुफ्त में श्रम करवाना। इस आंदोलन का नेतृत्व समाज के निचले तबके से आने वाले नेता मदारी पासी ने किया था। उन्होंने किसानों को एक रहने की शपथ दिलाई, इसलिए इसे एका आंदोलन कहा गया। बाबा रामचंद्र ने प्रतापगढ़ में किसान सभा आंदोलन का नेतृत्व किया था, जो एका आंदोलन से ठीक पहले का है।
अगला प्रश्न है आपका कि उत्तर प्रदेश के कृषक आंदोलनों के संदर्भ में फरवरी 1918 में स्थापित उत्तर प्रदेश किसान सभा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें। इसकी स्थापना होमरूल लीग के कार्यकर्ताओं गौरी शंकर मिश्र, इंद्र नारायण द्विवेदी और मदन मोहन मालवीय के प्रयासों से हुई। इसका मुख्य उद्देश्य अवध के किसानों को जमींदारों और तालुकादारों के शोषण के खिलाफ एकजुट करना था। तो सही उत्तर है इसका ऑप्शन सी। एक और दो दोनों सही है। उत्तर प्रदेश तत्कालीन संयुक्त प्रांत की किसान सभा का गठन फरवरी 1918 में गौरी शंकर मिश्र और इंद्र नारायण द्विवेदी ने किया और महामना मदन मोहन मालवीय ने इसे
अपना भरपूर समर्थन दिया। कथन दो सत्य है। इसका मूल उद्देश्य किसानों की समस्याओं को उठाना और उन्हें तालुकेदारों यानी कि जमींदारों के अत्याचारों तथा अवैध कवरों नजराना बेगार के विरुद्ध संगठित करना था। बाद में वैचारिक मतभेदों के कारण 1920 में प्रतापगढ़ में अवध किसान सभा का गठन हुआ जिसमें बाबा रामचंद्र की प्रमुख भूमिका थी।
अगला प्रश्न है आपका कि प्राचीन भारत की कला और वास्तुकला में उत्तर प्रदेश में विकसित और फली फूली मथुरा कला शैली के संदर्भ में मूर्तियों के निर्माण के लिए मुख्य रूप से किस प्रकार के पत्थर का उपयोग किया जाता था? तो सही उत्तर है आपका यहां पर चित्तीदार लाल बलुआ पत्थर। मथुरा कला शैली का विकास कुषाण काल विशेषकर कनिष्क के समय में प्रथम शताब्दी ईस्वी में मथुरा यूपी के आसपास हुआ था। यह शैली पूरी तरह से स्वदेशी थी। गांधार शैली के विपरीत जिस पर ग्रीक प्रभाव था। इस शैली की सबसे बड़ी पहचान यह है कि इसमें मूर्तियों के निर्माण के लिए चित्तीदार लाल बलुआ पत्थर का इस्तेमाल किया जाता था जो रूपवास आगरा के पास की खदानों से प्राप्त होता था। इसमें बौद्ध, जैन और हिंदू ब्राह्मण तीनों धर्मों की मूर्तियों का निर्माण हुआ। गांधार शैली में मुख्य रूप से नीले, भूरे, शिष्ट का प्रयोग होता था।
अगला प्रश्न है आपका कि उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध देवगढ़ का दशावतार मंदिर जो गुप्तकालीन वास्तुकला का एक रत्न माना जाता है। मंदिर निर्माण की किस विशिष्ट शैली का एक उत्कृष्ट प्रारंभिक उदाहरण है? तो यह जो उदाहरण है वो है पंचायतन शैली का। ललितपुर उत्तर प्रदेश का दशावतार मंदिर छठी शताब्दी गुप्त काल का है और भगवान विष्णु को समर्पित है। यह उत्तर भारत में पंचायतन मंदिर शैली के सबसे पुराने जीवित उदाहरणों में से एक है। पंचायतन शैली का अर्थ है कि एक मुख्य मंदिर मध्य में होता है जो चार छोटे सहायक मंदिरों से घिरा होता है जिससे कुल पांच मंदिर बनते हैं। इस मंदिर में शिखर का प्रारंभिक रूप भी देखने को मिलता है।
अगला प्रश्न है आपका कि हिंदी साहित्य में छायावाद के प्रमुख स्तंभ और महान कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जिनकी कर्म स्थली मुख्य रूप से प्रयागराज और लखनऊ रही के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सी काव्य रचना उनके द्वारा रचित एक प्रसिद्ध शोख गीत मानी जाती है जो उन्होंने अपनी युवा पुत्री के असमामयिक निधन पर लिखी थी। तो जो यूपी में हिंदी साहित्य है, यूपी के लेखक हैं, कवि हैं, उनकी रचनाओं को आपको पढ़ना होगा। लगभग हर परीक्षा में एक दो प्रश्न यहां से बनते हैं। और इसका जो सही उत्तर है आपका वो है डी सरोज स्मृति। सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी का जन्म यद्यपि बंगाल महसादल राज्य में हुआ। लेकिन उनका पैतृक गांव उत्तर प्रदेश के उन्नाव में था और उन्होंने अपना अधिकांश जीवन एवं साहित्यिक सृजन प्रयागराज और लखनऊ में व्यतीत किया। सरोज स्मृति 1935 की रचित है। उनके द्वारा रचित एक अत्यंत हृदय स्पर्शी कविता है जो उन्होंने अपनी 18 वर्षीय पुत्री सरोज के असमायिक निधन के बाद लिखी थी। इसे हिंदी साहित्य का सर्वश्रेष्ठ एवं सर्व संभवत प्रथम पूर्ण शोक गीत माना जाता है। जिसमें पिता का दर्द और समाज के प्रति उनका आक्रोश झलकता है। राम की शक्ति पूजा, तुलसीदास, कुकुरमुत्ता और परिमल भी उनकी अत्यंत प्रसिद्ध रचनाएं हैं। अगर आप लोग कमेंट बॉक्स में बताएंगे तो मैं एक पूरा सेशन हिंदी साहित्य का करवा दूंगा जिसमें आपका यूपी से जुड़ा हुआ साहित्य होगा पूरा। यूपी के लेखक होंगे, यूपी के कवि होंगे और उनकी रचनाएं होंगी। अगर आप कमेंट बॉक्स में मांग करेंगे तो।
अगला प्रश्न है आपका कि उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में जन्मी प्रसिद्ध छायावादी छायावादी कवित्री महादेवी वर्मा जिन्हें आधुनिक मीरा कहा जाता है। उनको किस विशिष्ट काव्य संग्रह के लिए 1982 में भारत के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था? तो यहां पर जो सही उत्तर है आपका वो है सी यामा। महादेवी वर्मा हिंदी साहित्य में छायावाद के चार प्रमुख स्तंभों जयशंकर प्रसाद, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, सुमित्रानंदन पंत और महादेवी वर्मा में से एक हैं। तो छायावाद के चार प्रमुख स्तंभ थे। एक थे जयशंकर प्रसाद, दूसरे थे सूर्यकांत त्रिपाठी निराला। तीसरे थे सुमित्रानंदन पंत और चौथी थी महादेवी वर्मा। उन्हें उनकी उत्कृष्ट कृति यामा 1936 के लिए 1982 में 18वां ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला। यामा वास्तव में उनके चार कविता संग्रहों का संकलन है। निहार, रश्मि, नीरजा और सांदगीत। उन्हें भारत सरकार द्वारा 1956 में पद्म भूषण और 1988 में मरणोपरांत पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया।
अगला प्रश्न है आपका कि टोंस नदी जिसे प्राचीन काल में तमसा नदी कहा जाता था जो मध्य प्रदेश में कैमूर श्रेणी के तमसाकुंड जलाशय से निकलती है। उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने के बाद किस स्थान के निकट गंगा नदी की दाहिनी ओर की सहायक नदी के रूप में विलीन हो जाती है? तो यहां पर जो सही उत्तर है आपका वो हो जाएगा बी सिरसा प्रयागराज। टों्स यानी कि तमसा नदी गंगा की एक महत्वपूर्ण दाहिने किनारे की सहायक नदी है। यह मध्य प्रदेश के कैमूर पहाड़ियों से निकलकर उत्तर पूर्व की ओर बहती है और उत्तर प्रदेश के प्रयागराज इलाहाबाद जिले के सिरसा नामक स्थान पर गंगा नदी में मिल जाती है। बेलन नदी जो पुरातात्विक महत्व की घाटी बनाती है। इसी टोंस नदी की एक प्रमुख सहायक नदी है।
अगला प्रश्न है आपका कि राप्त्ती नदी जिसके तट पर उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध गोरखपुर शहर स्थित है। मूलत नेपाल के रुकुम कोट से निकलती है। निम्नलिखित में से कौन सी नदियां राप्त्ती की प्रमुख सहायक नदियां हैं? तो यहां पर जो सही उत्तर है आपका वो है ए रोहिणी और आमी। राप्ती नदी प्राचीन नाम इसका है इरावती। सरयू घाघरा नदी की एक प्रमुख सहायक नदी है जो बरहज देवरिया के पास सरयू में मिलती है। रोहिणी नदी राप्ती की एक प्रमुख बाई सहायक नदी है जो गोरखपुर शहर के पास राप्ती में मिलती है। बौद्ध धर्म ग्रंथों में रोहिणी नदी का उल्लेख कपिल बस्तु के संदर्भ में है। आमी नदी भी राप्त्ती की एक अन्य महत्वपूर्ण सहायक नदी है जो संत कबीर नगर के मघर से होकर बहती है।
अगला प्रश्न है आपका कि उत्तर प्रदेश के प्रमुख बांधों और उनसे संबंधित नदियों का सही मिलान करें। तो एक तरफ बांध दिए गए हैं। दूसरी तरफ नदियों के नाम दिए गए हैं जिनका मिलान आपको करना है। और यहां पर जो सही उत्तर है आपका वो सी है। ठीक है? माता टीला बांध यह उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में बेतवा नदी पर स्थित एक बहुत प्रमुख बहु उद्देशीय परियोजना है। मेजा बांध इसको थोड़ा एक डाउट होता है कि यह प्रयागराज में है कि मिर्पुर में है। यह बेलन नदी टों्स नदी के एक सहायक नदी पर बनाया गया एक प्रमुख मिट्टी का बांध है। ठीक है? तो अर्थ एंड डम है। प्रमाणिक सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार यह सिंचाई परियोजना मुख्य रूप से मिर्जापुर जिले में स्थित है। इसका जल ग्रहण क्षेत्र मिर्जापुर और प्रयागराज दोनों को सिंचित करता है। लेकिन कई बार क्या होता है यह मिर्जा जो बांध है कई जगह आपको लिखा मिल जाएगा कि प्रयागराज में स्थित है। लेकिन वास्तविकता में यह मिर्जापुर में स्थित है और यह दोनों के बॉर्डर पर स्थित है। तो इसलिए यहां पर थोड़ी कंफ्यूजन हो जाती है। कनहर बांध यह सोनभद्र जिले में दुधी के पास कनहर नदी सोन की सहायक नदी पर बना है। चंद्रप्रभा बांध यह चंदौली जिले में स्थित है और चंद्रप्रभा नदी पर बना है। इसी के पास प्रसिद्ध राजदरी और देवदरी जलप्रपात स्थित है।
अगला प्रश्न है आपका कि उत्तर प्रदेश की सिंचाई और जल विद्युत परियोजनाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाला पारीछा बांध किस जिले में और किस नदी पर स्थित है? तो यह आपका स्थित है झांसी में बेतवा नदी पर। परीक्षा बांध उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में बेतवा नदी पर स्थित है जो झांसी शहर से लगभग 25 किमी दूर है। यह बांध एक बड़ा जलाशय बनाता है और परीक्षा थर्मल पावर स्टेशन को पानी की आपूर्ति करता है। बेतवा नदी प्राचीन नाम इसका वेत्रवती है। यमुना की एक महत्वपूर्ण सहायक नदी है। माता टीला राजघाट और परीछा तीनों प्रमुख बांध बेतवा पर ही है।
अगला प्रश्न है आपका कि पर्यावरण और वन्य जीव संरक्षण के दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश का सुहागवरवा वन्य जीव अभयारण्य किस भौगोलिक क्षेत्र जिले में स्थित है जो नेपाल सीमा से सटा हुआ है और गंडक नदी बेसन का हिस्सा है तो सही उत्तर है आपका मेहराजगंज सुहा सुहागी बरवा वन्यजीव अभयारण्य उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में स्थित है। यह अभयारण उत्तर में इंडोनेपाल सीमा और पूर्व में गंडक गंडक नदी से घिरा है। यह बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व का ही एक सनहित विस्तार माना जाता है और बाघों, तेंदुओं और हिरणों के लिए एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास है। पीलीभीत में पीलीभीत टाइगर रिजर्व है। लखीमपुर खीरी में दुधवा है और बहराइच में कर्तनिया घाट स्थित है।
अगला प्रश्न है आपका कि उत्तर प्रदेश के भूगोल में मृदा के स्थानीय वर्गीकरण के अनुसार गंगा के ऊपरी मैदानों भागों विशेषकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पाई जाने वाली हवा द्वारा उड़ाकर लाई गई रेतीली मिट्टी के ऊंचे टीलों को स्थानीय भाषा में क्या कहा जाता है? तो उन्हें कहा जाता है भूर। क्या कहा जाता है? भूर। यह गंगा और उसकी सहायक नदियों के किनारे मुख्यत मुरादाबाद, बिजनौर क्षेत्रों में हवा द्वारा जमा की गई बलुवी मिट्टी के टीलों को कहा जाता है। इसमें जल धारण क्षमता बहुत कम होती है। खादर नदी के बाण वाले मैदानों के नवीन जलोढ़ मिट्टी है। भाबर शिवालिक की तलहटी में कंकड़ पत्थर वाला सरंद्र क्षेत्र है। रेह या उष जल भराव और अधिक सिंचाई के कारण मिट्टी के ऊपर सफ़ेद नमक की परत जमना जम जाती है। तो उस मृदा को उस इस मिट्टी को क्या कहते हैं? रेह या ऊसर मृदा कहते हैं जो लवणीय और छारीय होती है।
अगला प्रश्न है आपका कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के असहयोग आंदोलन 1921 के दौरान विदेशी शिक्षा के बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी की प्रेरणा से वाराणसी उत्तर प्रदेश में काशी विद्यापीठ की स्थापना मुख्य रूप से किन के द्वारा की गई थी? तो यह की गई थी बाबू शिव प्रसाद गुप्त और भगवान दास के द्वारा। काशी विद्यापीठ की स्थापना असहयोग आंदोलन के समय 10 फरवरी 1921 को बनारस में हुई थी। वर्तमान में इसे महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ कहा जाता है। इसके संस्थापक प्रसिद्ध राष्ट्रवादी नेता और दानवीर बाबू शिव प्रसाद गुप्त और प्रख्यात दार्शनिक डॉ. भगवान दास थे। महात्मा गांधी ने इसकी आधारशिला रखी थी। डॉ. भगवान दास इसके पहले कुलपति बने थे। मदन मोहन मालवीय ने 1916 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की थी।
अगला प्रश्न है आपका कि स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी चरण में गठित हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें। इसकी स्थापना अक्टूबर 1924 में उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में एक गुप्त बैठक में हुई थी। इसके संस्थापक सदस्यों में राम प्रसाद बिस्मिल, योगेश चंद्र चटर्जी और सचेंद्रनाथ सानियाल प्रमुख थे और इसका उद्देश्य सशस्त्र क्रांति द्वारा औपनिवेशिक सत्ता को उखाड़ फेंकना था। तो यहां पर जो सही उत्तर है आपका वह हो जाएगा सी एक और दो दोनों महात्मा गांधी द्वारा 1922 में असहयोग आंदोलन वापस लेने के बाद युवाओं का मोह भंग हुआ। इसके परिणाम स्वरूप अक्टूबर 1924 में कानपुर में क्रांतिकारियों का एक सम्मेलन हुआ जहां एचआरए का गठन किया गया। इसके प्रमुख नेताओं में सचिंद्रनाथ सानियाल जिन्होंने एचआरए का घोषणापत्र द रिवोल्यूशनरी लिखा था। राम प्रसाद बिस्मिल और जोगेश चंद्र चटर्जी शामिल थे। इसी संगठन ने धन जुटाने के लिए 9 अगस्त 1925 को प्रसिद्ध काकोरी ट्रेन एक्शन को अंजाम दिया था।
अगला प्रश्न है आपका कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक इतिहास के संदर्भ में राज्य में कृत्रिम रबर कारखाना मूल रूप से किस शहर में स्थापित किया गया था? जिसे सिंथेटिक्स एंड केमिकल्स लिमिटेड के नाम से जाना जाता था। तो मूल रूप से यह बरेली में स्थापित था। उत्तर प्रदेश में भारत का पहला और प्रमुख कृत्रिम रबर कारखाना बरेली जिले में स्थापित किया गया था। इसे कंपनी का नाम सिंथेटिक्स एंड केमिकल्स लिमिटेड था। जिसे किला चंद समूह द्वारा 1960 के दशक में स्थापित किया गया था। हालांकि बाद में वित्तीय संकट के कारण यह बंद हो गया। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परीक्षाओं में उद्योगों के मिलान एवं ये सब छोड़ो। यह लाइन फालतू की है।
अगला प्रश्न है आपका कि उत्तर प्रदेश के खनिज संसाधनों के संदर्भ में डायस्पोर और अंडालुसाइट नामक दुर्लभ खनिजों का प्रमुख भंडार राज्य के किन जिलों में प्रमुखता से पाया जाता है? तो सही उत्तर है आपका यहां पर ए ललितपुर और सोनभद्र। उत्तर प्रदेश खनिज के मामले में एक मध्यम श्रेणी का राज्य है जिसके खनिज मुख्य रूप से विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्रों में पाए जाते हैं। डायस्पोर भारत में डायस्पोर का सबसे बड़ा भंडार उत्तर प्रदेश के और मध्य प्रदेश में है। यूपी में यह मुख्य रूप से ललितपुर, महोबा और झांसी में पाया जाता है। अंडालूसाइट यह एक एलुमिनियम नेसोसिलिकेट खनिज है जो मुख्य रूप से विंध्यन चट्टानों वाले सोनभद्र और मिर्जापुर क्षेत्र में पाया जाता है।
अगला प्रश्न है आपका कि उत्तर प्रदेश में सामाजिक रीति रिवाजों और त्यौहारों में विश्व प्रसिद्ध लठ्ठ मार होली जो फाल्गुन मास में मनाई जाती है की एक विशिष्ट और प्राचीन परंपरा है। इसके तहत मुख्य रूप से कहां की महिलाएं और कहां के पुरुष इस पारंपरिक होली में भाग लेते हैं। तो बताना है कहां के पुरुष भाग लेते हैं और कहां की महिलाएं भाग लेती हैं। तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी बरसाना की महिलाएं जिनको हुरियारे कहते हैं और नंद गांव के पुरुष जिन्हें हरियारे कहते हैं। लट्ठ मार होली ब्रिज क्षेत्र की एक अत्यंत अनूठी परंपरा है जो राधा कृष्ण के प्रेम प्रसंगों पर आधारित है। परंपरा के अनुसार भगवान कृष्ण अपने शाखाओं के साथ राधा की गांव बरसाना आते थे और उन्हें छेड़ते थे। जिसके जवाब में राधा उनकी सहेलियां उन्हें लाठियों से खदेड़ती थी। इसी का अनुसरण करते हुए आज भी नंद गांव के पुरुष हुरियारे बरसाना जाते हैं और बरसाना की महिलाएं यानी कि हुरियारे ने उन पर लाठियों से प्रहार करती हैं जिसे पुरुष ढालों से रोकते हैं। अगले दिन बरसाना के पुरुष नंदगांव जाते हैं।
अगला प्रश्न है आपका उत्तर प्रदेश की जनजातियों में से एक बुक्स या भोसा जनजाति मुख्य रूप से तराई क्षेत्र विशेषकर बिजनौर जिले में पाई जाती है। इस जनजाति के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा तथ्य सही है? तो आपका यहां पर जो सही उत्तर है आपका वो है बी। यह लोग अपनी उत्पत्ति धारा नगरी के राजपूतों पवार वंश से मानते हैं और इनका समाज मूलत पत्रसत्तात्मक है। मुसा या भोसा जनजाति उत्तर प्रदेश के मुख्य रूप से बिजनौर और कुछ हद तक आगरा जिले में निवास करती है। यह स्वयं को राजपूतों के पवार गोत्र से संबंधित मानते हैं जो मराठों या मुगलों के आक्रमण के समय धारा नगरी मालवा से भागकर तराई में बस गए थे। इनका समाज पितृसत्तात्मक होता है। थारू जनजाति के विपरीत इसमें जिसमें कुछ मातृसत्तात्मक प्रवत्तियां पाई जाती हैं। उत्तर प्रदेश की सबसे अधिक आबादी वाली जनजाति थारू है। ठीक है? यहां पर गोंड गलत टाइप हो गया है। जो यूपी की सबसे अधिक आबादी वाली जनजाति है वो थारू है। बुक्स कृषि भी करते हैं और केवल मछली पकड़ना उनका पेशा नहीं है। ठीक है? तो आज के लिए बस इतना ही। वीडियो को लाइक कर लीजिएगा। चैनल पर नया है चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिएगा और अपने दोस्तों के साथ शेयर करिएगा और कमेंट करके बताइएगा कि आज का सेशन आपको कैसा लगा और अच्छे-अच्छे कमेंट किया करिए वीडियो को लाइक किया करिए कमेंट बॉक्स में वीडियो हाइप करने का ऑप्शन होता है तो वीडियो को हाइप भी कर दिया करिए और निरंतर हमारे साथ बने रहिए आपको बहुत ज्यादा फायदा मिलेगा यकीन मानकर चलिए मैं धीरे-धीरे आपके लिए बहुत अच्छा कंटेंट लगातार लेकर आ रहा हूं और लगातार लेकर आता रहूंगा आपका प्रयास है कि आपको रिवीजन मिले और हमारा प्रयास क्लास है। आपको अच्छे से अच्छा रिवीजन मिले। तो रिवीजन के कई माध्यम हो सकते हैं। लेकिन जो मैं आपको करवा रहा हूं वह एक सर्वश्रेष्ठ माध्यम है। ऐसा मेरा मानना है और आप लोगों को भी महसूस हो रहा होगा अगर आप हमारे साथ लगातार जुड़े हुए हैं। अगर रही बात आज के इस वीडियो की पीडीएफ की तो लोअर पीसीएस बैच में और यूपी जीके का जो आपका कंप्यूटर के साथ में स्पेशल है उसमें भी हम यह पीडीएफ उपलब्ध करवा रहे हैं। अगर आप भी जुड़ना चाहते हैं तो हमारे साथ जुड़ सकते हैं। स्क्रीन पर आपको WhatsApp नंबर दिख रहा है। वहां पर मैसेज करिए और आपको पूरा कंटेंट हम उपलब्ध कराएंगे। आरओ एआरओ की भर्ती आने वाली है। उसकी भी तैयारी शुरू करनी है। तो वहां पर भी आपको यूपी जीके पढ़ना होगा। पीसीएस की भर्ती आने वाली है। तो फॉर्म तो आ ही गए हैं आपके। फॉर्म भरने शुरू हो गए हैं। तो वहां पर फॉर्म भरिए और अपनी तैयारी शुरू करिए। हमारी शुभकामनाएं सदैव आपके साथ रहेंगी। अपनी तैयारी को अच्छे बनाइए और सफल होइए। मिलेंगे फिर किसी अन्य वीडियो में। तब तक अपना ख्याल रखिए। जय हिंद। जय