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Inauthentic Content YouTube Policy 2026 | Aapka Channel Safe Hai Ya Nahi?

Technical Yogi6:43

Transcription

YouTube पर एक बहुत बड़ी प्रॉब्लम फिलहाल चल रही है और ये इंडिया में नहीं वर्ल्ड वाइड चल रही है। लाखों क्रिएटर इससे परेशान है। वो अपनी आवाज उठा रहे हैं। Twitter पर ट्वीट कर रहे हैं। YouTube को लिख रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पता है प्रॉब्लम क्या है?

प्रॉब्लम है इन ऑथेंटिक कंटेंट। इसमें हो ये रहा है कि भाई साहब चैनल डीममोननेटाइज हो रहा है और मेल आ रहा है सीधा-सीधा। उसमें ना कोई वार्निंग दी जा रही है, ना कोई क्लियर एग्जांपल दिया जा रहा है, ना कोई ह्यूमन रिव्यु। इवन एक धमकी भी लिखी जा रही है कि आप इस पर सिर्फ अपील कर सकते हो और अगर आपकी अपील रिजेक्ट हो जाती है तो आपके जितने भी चैनल है सभी को डीमोनेटाइज कर दिया जाएगा।

अब सोचो यार आप दो-ती साल काम कर रहे हो, ग्रो कर रहे हो, चैनल को, काफी मेहनत कर रहे हो और एक दिन आपका सुबह चैनल डीमोनेटाइज आपको मिले और आपको सिर्फ एक मेल मिले जिसमें कुछ भी क्लियर नहीं बताया गया है। बस इतना लिखा है कि भाई साहब आपका कंटेंट इन ऑथेंटिक है। आपके चैनल को डीममोनेटाइज कर दिया जाता है। बस आप अपील कर सकते हो और अपील रिजेक्ट हो गई तो आपके सारे चैनल को डीमोनेटाइज कर दिया जाएगा।

इस वीडियो में मैं आपको बताऊंगा यह प्रॉब्लम क्या है? यह इन ऑथेंटिक कंटेंट पॉलिसी एक्चुअल में क्या कहती है? YouTube का पॉइंट ऑफ व्यू इसमें क्या है और आप अपने चैनल को इसमें कैसे बचा सकते हैं और वर्ल्ड वाइड लाखों क्रिएटर बिना गलती के इसमें आखिर कैसे फंस रहे हैं। अगर वीडियो पसंद आए तो लाइक करना, चैनल को सब्सक्राइब कर देना क्योंकि ऐसी वीडियोस मैं आपके लिए हमेशा बनाता रहता हूं।

देखिए पॉलिसी मैंने अपने यहां पे ओपन की हुई है। मैं आपको एक-एक पॉइंट समझाता हूं। YouTube यह कहता है कि भाई यह जो पॉलिसी है यह एग्जिस्ट करती है और यह हकीकत में जब आप मोनेटाइजेशन पॉलिसीज को पढ़ेंगे तो एक इसमें चैप्टर है इन ऑथेंटिक कंटेंट। इसका मतलब यह है कि YouTube ये क्लियर कह रहा है कि चार तरह के ऐसे कंटेंट है जिनको वो इन ऑथेंटिक कंटेंट मानेगा।

पहला है मास प्रोड्यूस्ड। इसके बाद सेकंड है रेपेटेटिव। थर्ड है टेंपलेट बेस्ड और फोर्थ है ईजीली रेप्लिककेट एट स्केल। इसका मतलब क्लियर सा है कि आपका कंटेंट देखकर अगर एवरेज व्यूअर को यह लगता है कि यार यह कंटेंट कहीं देखा हुआ है। यह कंटेंट कॉपी है। इस कंटेंट का स्टाइल कहीं कॉपी किया गया है। मतलब मास प्रोड्यूस का मतलब है कि इस तरह का कंटेंट बहुत सारे लोगों ने बनाया है। दूसरा कंटेंट बहुत रिपीटेटिव है। बार-बार बन रहा है। तीसरा टेंपलेट। कई लोग क्या करते हैं? उनके चैनल पर एक वीडियो में एक टेंपलेट होता है। सभी वीडियो में सेम टेंपलेट होता है। बस थोड़ा-थोड़ा वो चेंज करते रहते हैं और कुछ ऐसा कंटेंट है जिसको ईजीली रेप्लिकेट किया जा सकता है बहुत बड़े स्केल पर। इस तरह के कंटेंट को इन ऑथेंटिक कंटेंट मानता है। YouTube पॉलिसी में यही लिखा हुआ है।

अभी आपको एक काफी ऐसा लग रहा होगा ना कि यार समझ नहीं आ रहा क्या कहना चाहता है। मैं इसको रियल एग्जांपल से समझाता हूं। क्या तो चीज अलाउड है और क्या अलाउड नहीं है। ध्यान से समझिए। YouTube क्लियरली ये बोल रहा है कि सेम इंट्रो और आउट्रो अगर हर वीडियो में आपका है तो ये अलाउड है। इसमें कोई दिक्कत नहीं है। सेम फॉर्मेट में अगर आप वीडियो बना रहे हो ये भी अलाउड है। इसमें भी कोई प्रॉब्लम नहीं है। सेम निस अलाउड है। कोई दिक्कत नहीं है। तो भाई दिक्कत क्या है? मैं आपको समझाता हूं। जैसे कोई एग्जांपल है टॉप 10 क्रेडिट कार्ड ये एक वीडियो है। तो ये तो अलाउड है। इसके अलावा आप बता सकते हैं कि पांच बेस्ट टिप्स टू ग्रो योर YouTube चैनल। यह भी अलाउड है। इसमें भी कोई प्रॉब्लम नहीं है। लेकिन आपको हर वीडियो में कुछ नए एग्जांपल, नया एंगल और नई कोई एक्सप्लेनेशन देनी पड़ेगी। तभी वीडियो अलाउड होगा।

अब इसके अलावा हम बात करते हैं कि भाई फिर क्रिएटर फंस क्यों रहे हैं? समझिए मैं आपको समझाता हूं। असली क्वेश्चन क्या है? जब पॉलिसी इतनी बिल्कुल क्लियर लग रही है। फिर भी यह दिक्कत आ रही है। इसका मेन रीजन है ऑटोमेशन सिग्नल। क्योंकि YouTube ने क्या है? सब कुछ भाई साहब एआई में डाल दिया। अब चाहे आप एआई यूज करो ना करो। आपका कंटेंट अगर एआई जैसा बिहेव कर रहा है यानी सेम फेसिंग है, सेम सेंटेंस है, सेम स्ट्रक्चर है तो भैया एआई सिस्टम को ही डाउट हो जाता है। उसको लगता है भैया ये जो वीडियो है या तो कॉपी वीडियो है तो मास प्रोड्यूस वीडियो है और उसमें क्या होता है? आपके चैनल को वो इन ऑथेंटिक कंटेंट बोलता है और डीमोनेटाइज कर देता है।

दूसरा रीज़न है ओवर ऑप्टिमाइजेशन। अगर हर वीडियो में आप सेम वर्ड्स, सेम हुक लाइंस, सेम टाइटल पैटर्न लगा देते हो तो भी एल्गोरिदम को लगता है कि भैया ये तो मास प्रोडक्शन हो रहा है। तो भैया अपने हुक वगैरह थोड़ी स्क्रिप्ट वगैरह को चेंज करिए हर वीडियो में अगर टॉपिक सेम है तो। इसके अलावा एक लोग क्या करते हैं? बल्क शॉर्ट स्ट्रेटजी यूज़ करते हैं। जैसे डेली भैया 510 शॉट डाल रहे हैं और थोड़ा-थोड़ा माइनर चेंज ही कर रहे हैं। उनमें ज्यादा नहीं कर रहे तो भैया हायर रिस्क है कि आपको इन ऑथेंटिक कंटेंट की प्रॉब्लम हो सकती है।

इसके अलावा क्या है? चैनल लेवल पर भी जजमेंट हो रहा है क्योंकि यह पॉलिसी ना इंडिविजुअल वीडियो पर नहीं बल्कि पूरे चैनल पर लगती है। तभी तो पूरा चैनल डीमनेटाइज होता है ना। एक वीडियो डीममनेटाइज नहीं हो रही है। मतलब सिंपल सी बात है 20% जो रिपीटेटिव कंटेंट है अगर आपके चैनल पर तो पूरे चैनल को वो डीममनेटाइज कर सकता है। ज्यादातर प्रॉब्लम आ रही है वॉइस ओवर वाले चैनल को ज्यादातर प्रॉब्लम आ रही है जो एआई से कंटेंट बना रहे हैं। एआई का यूज़ कर रहे हैं उन चैनल को ज्यादा दिक्कत यह आ रही है।

अब मैं आपको इसमें सबसे बड़ी प्रॉब्लम बताता हूं। क्रिएटर के साथ हो क्या रही है? देखिए हो ये रहा है डेंजर इसलिए है पॉलिसी कि लोगों को क्या हो रहा है? सीधा मेल आ रहा है और चैनल हो रहा है डीमोनेटाइज। ना तो कोई एग्जैक्ट वीडियो बताई जा रही है कि आपके चैनल के पांच वीडियो बेकार है जी ताकि वो उनको डिलीट करें। कुछ नहीं बताया जा रहा। ना कोई टाइम स्टैंप दिया जा रहा है, ना कोई एग्जांपल दिया जा रहा है, ना कोई वार्निंग है। इवन ह्यूमन रिव्यु भी नहीं है और क्लियरली बोल रहा है कि भाई हमने आपके चैनल को रिव्यु कर दिया है। मतलब एक तरीके से ना यह पॉलिसी को जबरदस्ती थोपना हो गया। और पता है इसमें हो क्या रहा है? जितने भी क्रिएटर को ये प्रॉब्लम आ रही है ना उनको कुछ नहीं बताया जा रहा। बस चैनल डीमनेटाइज हो गया। इन ऑथेंटिक कंटेंट स्क्रीन पे जो आप देख रहे हैं बस ये लिखा आ रहा है।

अब हो क्या रहा है कि जितने भी क्रिएटर है भाई साहब Twitter पर आवाज उठा रहे हैं। Twitter पर लिख रहे हैं। मैंने भी ट्वीट किया है इसके लिए। उसका लिंक मैं डिस्क्रिप्शन में डाल दूंगा। आप भी जाके उसको रीट्वीट करो ताकि YouTube को पूछो। तो भाई ये इन ऑथेंटिक कंटेंट जो पॉलिसी है ये तो भाई पहले से है लेकिन एi आपका पता नहीं किस तरह काम कर रहा है कि बहुत सारे क्रिएटर इसमें ऐसे ही फंस रहे हैं और बहुत सारे लाखों क्रिएटर को ये प्रॉब्लम हो रही है।

अब यहां पे देखो आप इससे बच कैसे सकते हो इसको समझ लो। हर वीडियो में एक यूनिक एंगल ऐड करो। एग्जांपल हमेशा चेंज करो। हर वीडियो में सेम एग्जांपल मत दो किसी चीज को समझाने के लिए। फॉर्मेट को थोड़ा मतलब एक है ना रिपीट करो। वर्ड्स को भी थोड़ा-थोड़ा रिपीट कर दो। लेकिन पूरा का पूरा जो स्क्रिप्ट है ना वो रिपीट मत करो। वो बिल्कुल यूनिक होना चाहिए। थोड़े लॉन्ग एक्सप्लेनेशन दो वो भी आपके लिए सही रहेगा। स्क्रीन रिकॉर्डिंग प्लस फेस प्लस वॉइस ये तीन चीज रखो। अगर आप शॉर्ट बना रहे हो थोड़ी क्वांटिटी कम बनाओ। ऐसा नहीं भर-भर के 510 शॉट डेली अपलोड कर रहे हो और क्वालिटी और थोड़ा वेरिएशन ज्यादा रखो। तब जाके आप सेफ हो सकते हो।

इसके लिए जो मैंने ट्वीट किया है उसको लिंक डिस्क्रिप्शन में जाकर रीट्वीट कर देना और आपके साथ ये प्रॉब्लम आई नहीं आई उसके लिए कमेंट कर देना और भाई अपने दोस्तों में ये वीडियो भी शेयर कर देना। मिलता हूं अगली वीडियो में एक नए टॉपिक के साथ।