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Facebook एड्स कोर्स के इस वीडियो में आज हम सीखेंगे कैसे प्रैक्टिकल लेवल पे एक ब्रांड अवेयरनेस कैंपेन क्रिएट करा जा सकता है। दोस्तों, अगर कम से कम कॉस्ट में आपको अपनी टारगेट ऑडियंस तक पहुंचना है तो ये कैंपेन आपके लिए है, बिकॉज़ ये कैंपेन मल्टीपल वर्क करता है।
लोगों को लगता है कि अगर हमें लीड जनरेट करना है या हमें सेल्स जनरेट करना है तो क्या जरूरत है ब्रांड अवेयरनेस कैंपेन चलाने की? पर दोस्तों, जरूरत है। बिकॉज़ देखिए, जब हम पर्टिकुलरली एक लीड जनरेशन कैंपेन चलाते हैं या सेल्स कैंपेन चलाते हैं तो हमें पता है कि हम वहां से लीड या सेल्स जनरेट कर लेंगे। टारगेटेड ऑडियंस को हम टारगेट कर रहे हैं, मगर वो ऑडियंस जो हमारे प्रोडक्ट सर्विज में इंटरेस्टेड हो सकती है या बाय कर सकती है, बट उनको हमारे प्रोडक्ट्स के बारे में सर्विज के बारे में पता नहीं है या हो सकता है वो अभी नहीं बाय करना चाहते।
दोस्तों, कम से कम कॉस्ट में कैसे आप अपने टारगेट ऑडियंस की नजरों में बने रह सकते हैं? ज्यादा से ज्यादा इंपेशंस क्रिएट कर सकते हैं? ज्यादा से ज्यादा ऑडियंस पे रीच कर सकते हैं? तो ये आपको सेल्स में भी इनडायरेक्टली फायदा देता है, ठीक है? इससे आपको काफी ट्रैफिक भी मिलता है। तो दोस्तों, ये कैंपेन अच्छे से बनाना सीखिएगा प्रैक्टिकल लेवल पे। बिकॉज़ मेरे एक्सपीरियंस के अकॉर्डिंग ब्रांड अवेयरनेस कैंपेन Facebook का इकोनॉमिकल है। मतलब बहुत कम पैसों में आप अच्छे रिजल्ट्स ला सकते हो और साथ के साथ ये आपको हर तरीके के गोल्स को अचीव करने में इनडायरेक्टली सपोर्ट करता है। बहुत इंपॉर्टेंट है।
टिप्स भी बताऊंगा, ट्रिक्स भी बताऊंगा, प्रैक्टिकली अच्छे से सीखिएगा। एंड तक इस वीडियो को आपको देखना है और आपको कैसे बजट ऑप्टिमाइजेशन करना है वो टिप्स भी बताऊंगा। तो दोस्तों, इस समय आप देख सकते हैं कि मेरे पास यहां पर मेरा Facebook का डैशबोर्ड ओपन हो रखा है, जहां पर मैं Facebook कैंपेन बनाना सिखाऊंगा। जैसे कि आप देख सकते हैं, Facebook का ये पेज है, ठीक है? अकाउंट है जिससे मैंने पेज बनाया। फिर मैंने वहां पर पेज क्रिएट करने के बाद मेटा बिज़नेस शूट अकाउंट वगैरह सब आपको बनाना सिखाया। फिर वहां से हम ऐड मैनेजर पे जाके अपना बिज़नेस पोर्टफोलियो अकाउंट में जाके सीधा हमारे ऐड अकाउंट में आ गए। ऐड मैनेजर अकाउंट में आ गए। तो इधर न्यू कैंपेन क्रिएट करने के लिए सीधा मैं क्रिएट पे क्लिक करूंगा।
यहां पर हमारे पास ऑप्शन आ जाते हैं कैंपेन ऑब्जेक्टिव के। कई तरीके के हैं। हर एक चीज। उसमें भी अलग-अलग तरीके के कैंपेन टाइप भी सिखाऊंगा। बट अभी हम अवेयरनेस का चूज़ करेंगे। यहां पर आप देखिए, अवेयरनेस में क्या-क्या फायदे हैं। पहला तो रीच है। रीच का मतलब होता है जो आपकी टारगेट ऑडियंस है, कम से कम एक बार तो हर बंदे को आपका ऐड दिखे। ज्यादा से ज्यादा लोगों को आपका ऐड दिखे, कम से कम एक बार। ये मकसद होता है रीच का। सेकंड है ब्रांड अवेयरनेस। ब्रांड अवेयरनेस का मतलब है कि हमारा चाहे क्रिएटिव इमेज है, क्राउज़ है या वीडियो है, हमारा ऐड हमारे टारगेट ऑडियो को कई बार देखे। मल्टीपल बार देखे, ठीक है? अब वो आपके बजट पे डिपेंड है। आप दिन में भी कई बार दिखा सकते हो, हफ्ते में भी कई बार दिखा सकते हो, महीने में भी कई बार दिखा सकते हो। बट जितनी बार आपका ब्रांड, आपके प्रोडक्ट्स और सर्विज कस्टमर्स को दिखेंगे, उतना ही ज्यादा पॉपुलर होगा आपका प्रोडक्ट या ब्रांड। वीडियो व्यूज या स्टोर लोकेशन। अगर आपका लोकल बिज़नेस है और आप चाहते हो आसपास ब्रांड पॉपुलर हो, आपका स्टोर, आपकी कंपनी पॉपुलर हो, लोग आपके पास आए, वहां पर भी आपको हेल्प करता है।
कंटिन्यू करते हैं। आगे बढ़ते हैं। यहां पर कैंपेन टाइप हम डाल देते हैं, जैसे चलिए एमएफ कोर्स अवेयरनेस, ठीक है? अब मार्केटिंग फंडास का एक डिजिटल मार्केटिंग का कोर्स है, ठीक है? हम ये मैं आपको बिलकुल लाइव केस स्टडी बता रहा हूं। मतलब हम ऑलरेडी डिजिटल मार्केटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का लाइव कोर्स लोगों को पढ़ाते हैं। तीन महीने का हमारा कोर्स है। अब उस कोर्स को अगर मेरे को प्रमोट करना है। मैं अभी लीड्स की बात नहीं कर रहा हूं। मेरे को बस ज्यादा से ज्यादा अपनी टारगेट ऑडियंस को बताना है कि हां कि हमारा ये कोर्स है। आप सीखिए। बिकॉज़ इस डिजिटल मार्केटिंग और एआई की स्किल सीख के आप अपने बिज़नेस में, जॉब में सब में तरक्की पा सकते हो। तो मेरे को ये मैसेज लोगों को देना है। ज्यादा से ज्यादा मेरे टारगेट ऑडियंस को पता लगे कि हां यार ये एआई और डिजिटल मार्केटिंग का नया कोर्स आया है। बहुत फायदेमंद है और रेट्स भी बहुत अच्छे हैं। इकोनमिकल है। तीन महीने का लाइव है। तो चलो यार एक बार ये देखे तो सही वीडियो तो देखें, इमेज तो देखें। तो मेरे को क्यूरोसिटी क्रिएट करनी है और अपनी चीजों को पहुंचाना है। उसके लिए ही उसी तरीके से मैं आपको ये पूरा कैंपेन बनाना सिखाऊंगा, ठीक है?
तो अब यहां पर मैं कैंपेन का नाम डाल दूंगा एमएफ कोर्स अवेयरनेस कैंपेन, ठीक है? ये मेरा कैंपेन का नाम हो गया। यहां पर मैं एडवांटेज कैंपेन बजट को ऑन कर दूंगा। एडवांटेज कैंपेन बजट का मतलब होता है इसको पहले ना कैंपेन बजट ऑप्टिमाइजेशन बोला जाता था। उसका मकसद है इसका कि ये जब हम ऑन करते हैं तो हम Facebook को बताते हैं कि भाई कम से कम कॉस्ट में बेस्ट टू बेस्ट रिजल्ट्स आप हमारे लिए लाके देना। तो ये हमने ऑन कर दिया।
अब यहां पर दोस्तों दो बजट के ऑप्शंस हैं। एक है डेली बजट, एक है लाइफ टाइम बजट। पहले लाइफ टाइम बजट समझा देता हूं। देखो मैंने लाइफ टाइम बजट यहां सेलेक्ट करा। यहां पर ना मैं ₹3500 का एक बजट लगा देता हूं। चलो 3000 का एक बजट लगा देता हूं। अब लाइफटाइम बजट ₹3000 मैंने डाला। अब यहां पर जैसे ही मैं लाइफ टाइम बजट डालूंगा तो यहां पर ऐड स्ेड्यूलिंग का ऑप्शन आ जाता है। ऐड स्ेड्यूलिंग का मतलब क्या होता है कि मान लो मेरे को छ दिन एक पर्टिकुलर कैंपेन चलाना है। एक हफ्ते कि मेरे को ऐड रन करना है। तो मैंने लाइफ टाइम बजट डाला। ₹3000 डाले। छ दिन यहां पर मैंने डेट सेलेक्ट कर ली। तो वो ₹3000 6 दिन में डिवाइड हो गए, ठीक है? आधे मतलब इक्वली डिवाइड हो गए। अब यहां पर क्या है दोस्तों? दोस्तों हम 500 500 से डिवाइड हो गए। अब मेरा कैंपेन चलेगा छ दिन रिजल्ट्स आएंगे। हमारा ₹3000 बजट कंज्यूम हो जाएगा और वो कैंपेन अपने आप ही बंद हो जाएगा। तो उसको कहते हैं लाइफ टाइम बजट।
बट हमें इनिशियल लेवल पे अगर आप काम शुरू कर रहे हो, आप ऐड चला रहे हो, तो आपको डेली बजट चूज़ करना है, ठीक है? क्या बजट चूज़ करना है? डेली बजट, ठीक है? ये बेटर है। हर कंडीशन में बेटर है, ठीक है? यहां पर मान लीजिए मैं ₹500 बजट लगाता हूं। क्या मैं ₹500 भी लगा सकता हूं? अब सबका अपना-अपना बजट होता है। कोई 500 लगाता है, कोई 1000, कोई 2000, कोई 5000, कोई दसों हजार भी लगाता है। डिपेंड है उनके कैंपेन कितने बड़े हैं, प्रोजेक्ट कितना बड़ा है। उनके पास बजट कितना है। मैंने ₹500 अपना एक डेली बजट डाल दिया, ठीक है?
अब यहां पर आगे बढ़ते हैं। कैंपेन बिट स्ट्रेटजी हाईएस्ट वॉल्यूम है। अब यहां पर क्योंकि मैं ब्रांड अवेयरनेस कैंपेन चला रहा हूं तो यहां पर तीन स्ट्रेटजी है। हाईएस्ट वॉल्यूम, कॉस्ट पर रिजल्ट गोल, अदर ऑप्शंस लाइक bिडcap। ईजीली फटाफट समझ लेते हैं। वैसे तो बिटिंग स्ट्रेटजी मैंने आपको Facebook एड्स के स्पोर्ट्स में अच्छे से अलग से समझाई हुई है। हाईएस्ट वॉल्यूम का मतलब है कि अगर मैं स्ट्रेटजी चूज़ करता हूं बिटिंग स्ट्रेटजी तो मेरा जो बजट है उसमें मेरे को मैक्सिमम रिजल्ट्स या हाईएस्ट वॉल्यूम लाके देगा Facebook। मैं उसको ये बता रहा हूं। मेरा ऐ ये है। कॉस्ट पर रिजल्ट गोल के मतलब कि मैं इस पर्टिकुलर अमाउंट से ज्यादा मान लो Facebook 1000 लोगों को मेरा ऐड दिखाने के लिए मेरे से चार्ज करता है ₹50। अब मेरा बजट क्या है ₹40? तो मैंने यहां पर लगा दिया कि मैं ₹40 से ज्यादा कॉस्ट नहीं दे सकता। बट मैं को लगाऊंगा तो तब ना जब मुझे पता पता होगा कि कितने आसपास कॉस्टिंग आती है। तो इनिशियल लेवल पे बड लगाना किसी भी चीज के ऊपर कि यह हाईएस्ट बड है। मैं इतने रुपए पर क्लिक से ऊपर नहीं दूंगा। ये सब चीजें ये आपको जब एक्सपीरियंस हो जाए जब आप एक पर्टिकुलर इंडस्ट्री में बहुत सारे कैंपेन चला लो। आपको एक आईडिया लग जाए क्या कॉस्टिंग आती है। तब इन सब चीजों को लगाने का फायदा है। इनिशियल लेवल पे सबसे बड़ी स्ट्रेटजी है हाईएस्ट वॉल्यूम चूज़ कर लो।
चलो जी आगे बढ़ते हैं और डेली बजट के अंदर ना ऐड स्ेड्यूलिंग का ऑप्शन Facebook नहीं देता। Google देता है। Facebook नहीं देता, ठीक है? अब एबी टेस्टिंग हमें एस सच कुछ करनी नहीं है। नेक्स्ट करते हैं। आगे बढ़ते हैं।
अब दोस्तों यहां पर एडसेट नेम एडसेट क्या है? मैंने एक कैंपेन बनाया। उसमें मैं मल्टीपल एडसेट बनाऊंगा। अब मान लो मेरा डिजिटल मार्केटिंग का और एआई का कोर्स है और मेरा एक वन टू वन क्लासेस का मेंटोरशिप कोचिंग भी है। फर्क क्या है के जो हमारा डिजिटल मार्केटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जो कोर्स है वो तीन महीने का कोर्स है। उसमें लगभग 10-15 बच्चे होते हैं। हम उनको पढ़ाते हैं और 3 महीने वो लाइव सीखते हैं। उसका सर्टिफिकेशन मिलता है और उनको इंटर्नशिप जॉब अपॉर्चुनिटीज की असिस्टेंस भी मिलती है। तो ये तो बैच वाला हो गया। बट मैं हमारे पास एक प्रोग्राम और है जिसके अंदर हम इंडस्ट्री एक्सपर्ट से बच्चा अकेले सीखेगा। बहुत सारे हमारे क्लाइंट्स हैं इंडिया के इंडिया के बाहर के जो कहते हैं कि जी पूरा डिजिटल मार्केटिंग एआई का कोर्स मैं वन टू वन सीखना चाहता हूं ताकि मैं अपने हिसाब से सीखूं। अपनी रिक्वायरमेंट के हिसाब से सीखूं और जल्दी सीखूं। तो हमारे पास वो कोर्स भी है या कोई ये कहता है कि मेरे को ना सिर्फ Google ऐड और Facebook ऐड सीखना है या मेरे को तो सिर्फ एआई सीखना है या मेरे को तो सिर्फ ड्रॉपशिपिंग सीखना है या मेरे को तो सिर्फ ईमेल मार्केटिंग सीखना है। तो इस तरीके से हमारे वन टू वन मेंटोरशिप प्रोग्राम भी होते हैं।
अब ऐसा तो नहीं है कि अगर मैं कैंपेन बना रहा हूं तो एक ही एडसेट बनाऊंगा और एक ही एडसेट में एक ऐड में दोनों चीज चला दूंगा। प्रैक्टिकली पॉसिबल नहीं है। तो मैं दो एडसेट बनाऊंगा। एक एडसेट बनाऊंगा जिसके अंदर मैं दिखाऊंगा कि मैं डिजिटल मार्केटिंग एआई का फ्यूजन कोर्स बेच रहा हूं। उस उसके उसके अंदर ऐड बनाऊंगा। उससे रिलेटेड उसके अंदर मैं ऑडियंस टारगेट करूंगा। उससे रिलेटेड मैं उसके अंदर क्या कहते हैं? ऐड क्रिएटिव्स वीडियोस वगैरह या इमेजज़ वगैरह बनाऊंगा। और जब मैं इसी के अंदर मैं एक और एडसेट बनाऊंगा और उस एडसेट के अंदर मैं वन टू वन मेंटोरशिप का बनाऊंगा। जिसमें उसी से रिलेटेड ऐड क्रिएटिव प्राइमरी टेक्स्ट हेडलाइन वगैरह डालूंगा क्योंकि दोनों चीजें हैं तो पढ़ाई मगर एक कोचिंग है जैसे नॉर्मली डिजिटल मार्केटिंग इंस्टट्यूट्स में होती है और दूसरा वन टू वन वन टू वन मेंटोरशिप प्रोग्राम है जो एक्सक्लूसिव है तो दोनों कैंपेन एक ही है।
अब मैं दिन के मान लो ₹500 ब्रांड अवेयरनेस में लगा रहा हूं या मैं दिन के ₹5000 लगा रहा हूं। वो कैंपेन में लग रहे हैं। बट दोनों एडसेट अलग है। उनमें मल्टीपल ऐड डालूंगा तो वो मेरा पैसा कैंपेन में खर्च होगा और जो मेरे कैंपेन या एडसेट ज्यादा बेटर परफॉर्म कर रहा होगा Facebook वहां पर मेरा पैसा ज्यादा लगाएगा ताकि ज्यादा बेटर परफॉर्मेंस आए, ठीक है? तो एक तरीके की एबी टेस्टिंग भी हो गई। लोग किसको ज्यादा पसंद कर रहे हैं। किस में ज्यादा रिजल्ट आ रहा है, ठीक है? तो मैं तो एक ही ऐड सेट आपको बना के दिखाऊंगा और एक ही ऐड की कैंपेन बना के दिखाऊंगा। बट ये चीजें जो आपको सिखा रहा हूं हमेशा जिंदगी में काम आएंगी क्योंकि Facebook एक्सपर्ट्स ऐसे नहीं बनते हर एक छोटी बारीकियां भी पता होनी चाहिए, ठीक है? वरना दोस्तों हर एक चीज को मैं क्यों डिटेल में समझा रहा हूं? मैं भी हां ये कर दो ये कर दो ये कर दो करके आगे बढ़ सकता हूं मगर हर एक चीज काेंस है और वही मैं चाहता हूं आप अच्छे से सीखो।
अब दोस्तों यहां पर मैं एक एडसेट का नाम दे देता हूं। यहां पर मैं दे देता हूं डिजिटल मार्केटिंग प्लस या डिजिटल मार्केटिंग विद ए फ्यूज़ कोर्स। अब यहां पर मैंने इस एडसेट का नाम दे दिया तो मुझे पता रहेगा यार ये वाले एडसेट में मैंने ये वाले ऐड चलाए हैं। तो ऐसे मैं जब सेकंड एडसेट बनाऊंगा या बनाता तो मैं वहां दे देता वन टू वन मेंटोरशिप प्रोग्राम, ठीक है? तो एक एडसेट का नाम दे दिया।
अब यार रेस्ट परफॉर्मेंस गोल क्या है? जी आप ज्यादा से ज्यादा लोगों को ऐड दिखाना चाहते हो, रीच करना चाहते हो या आप चाहते हो कि जो आपका टारगेट ऑडियंस है उसको बार-बार आपका ऐड दिखे या आप चाहते हो मैक्सिमाइज ऐड रिकॉल लिफ्ट हो, ठीक है? वी विल ट्राई टू शो योर ऐड टू पीपल हु आर लाइकली टू रिमेंबर सीइंग देम। वीडियो व्यू गोल्स मैक्सिमाइज मैक्सिमाइज थ्रू प्ले व्यूज जो 15 सेकंड या उससे ज्यादा देखते हैं। मैक्सिमाइज 2 सेकंड कंटीन्यूअस वीडियो प्ले अगर आप वीडियो ऐड चला रहे हो तो यह वाला चूज़ कर लो। बेटर ऑप्शन है थ्रू प्ले वाला। और अगर आप इमेज वगैरह यूज़ कर रहे हो तो आप ये वाला रीच ऐड रीच या इंपेशंस अगर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इवन आप दो कैंपेन दो ऐड बना दो। एक के अंदर रीच कर दो और एक में इंप्रेशन कर दो कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे भी और उन लोगों को बार-बार दिखे भी। ये भी एक स्ट्रेटजी है। तो यहां पर मैं अभी क्योंकि मैं वीडियो ऐड चलाना आपको सिखा रहा हूं क्योंकि वीडियो आज की डेट में ज्यादा एक्सप्रेसिव है, ज्यादा डिमांड है, ज्यादा एंगेजिंग है। तो मैं अभी आपको वीडियो इसमें चूज़ करूंगा, ठीक है? बाकी आप चाहो तो क्रिएटिव भी ऊपर वाला चूज़ करके क्रिएटिव लगा लेना। सेम ही बात है। मैक्सिमाइज़ थ्रू प्ले कर दिया।
अब उसके बाद भाई अपना Facebook का पेज चूज़ करूंगा, ठीक है? ये रहा मेरा Facebook का पेज। अब यहां पर मैंने अपना पेज जो है कर दिया।
अब दोस्तों यहां पर हम आगे बढ़ते हैं। बजट एंड शेड्यूल। तो जो बजट है मेरा वो सब मेरे को इस ऐड सेट में सेट नहीं करना। कई लोग क्या करते हैं? ऐड सेट लेवल पे भी उस पर्टिकुलर ऐड सेट का एक बजट और सब चीजें डिफाइन कर देते हैं। बट अभी मैं सब नहीं कर रहा हूं।
ऑडियंस कंट्रोल लोकेशन। अब यहां पर ऑडियंस स्विच टू ओरिजिनल ऑडियंस ऑप्शन। यहां पर हमको Facebook बोल रहा था कि आप ना ऑडियंस टारगेटिंग मत करो। एडवांटेज प्लस ऑप्शन ले लो। इसमें ना Facebook खुद ही अपने हिसाब से आपकी ऑडियंस को टारगेट करेगा और खुद ही देखेगा कौन सी परफेक्ट ऑडियंस है आपके लिए। बट क्या है कि वो तो एक ऑटोमेटेड चीज हो गई। किसी को भी आती है कोई भी कर लेगा। मगर दोस्तों यहां पर एक चीज है कि हम मैनुअली चीजों को अगर जितना करना सीखेंगे ना उतना ही बेहतर हमारी कमांड होगी हमारे कैंपेन में। हमें चीजों की नॉलेज होगी। तो हम मैनुअली कर रहे हैं।
तो यहां पर हमने क्या करा? ऑडियंस क्रिएट करेंगे। क्रिएट न्यू ऑडियंस यूज़ सेव्ड ऑडियंस। सेव्ड ऑडियंस वो ऑडियंस होती है जो हम ने किसी पर्टिकुलर कैंपेन में पहले ऑडियंस सेलेक्ट करी टारगेट करी और उसने बहुत अच्छा परफॉर्म करा और हमने कैंपेन बनाने के वक्त उसको सेव कर लिया था। जैसे अभी मैं आपको पूरी ऑडियंस क्रिएट करनी सिखाऊंगा मगर उसको मैं सेव कर दूंगा। अगर मान लो ये कैंपेन मेरा बहुत बढ़िया परफॉर्म करा और मैंने ऑडियंस सेव कर रखी है। मैं 2 महीने बाद फिर दोबारा से कैंपेन बनाता हूं तो मेरे को ऑडियंस टारगेटिंग की वो मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। उस ऑडियंस को सेलेक्ट कर लूंगा। बट हम तो नई ऑडियंस आपको बनाना सिखाएंगे फ्रेश तरीके से।
तो यहां पर लोकेशन में हम अब मेरा जो ऐड है मैं मेरा जो कोर्स है मेरा ऑनलाइन कोर्स है डिजिटल मार्केटिंग का। तो इंडिया में कोई भी कहीं से भी डिजिटल मार्केटिंग और एआई का हमारा लाइव कोर्स सीख सकता है। इवन हमारे से तो लोग दुबई, यूएस, यूके, कनाडा अलग-अलग कंट्रीियों के लोग भी हमसे लाइव सीखते हैं, ठीक है? तो अब मैं अभी इंडिया में टारगेट करना चाहता हूं। तो मैंने यहां पर इंडिया सेलेक्ट कर लिया। बाकी अगर आपको कोई पर्टिकुलर स्टेट या पर्टिकुलर सिटी सेलेक्ट करनी है तो वो आप यहां पर जाकर सर्च कर लो, ठीक है? यहां पर जाकर आप सर्च कर सकते हो। जैसे कि मैं दिल्ली करना चाहता हूं। मैं दिल्ली मेट चलाना चाहता हूं। दिल्ली सेलेक्ट कर लूंगा। बॉम्बे चाहता हूं बॉम्बे सेलेक्ट कर लूंगा। ऐसे करके मैं एरिया सेलेक्ट कर लूंगा। तो इस तरीके से हो गया। या मान लो आप ऑफलाइन कोचिंग कर रहे हो या ऑफलाइन कोचिंग होती तो मैं मेरा प्रीति विहार में ऑफलाइन कोचिंग है तो मैं प्रीत विहार दिल्ली डालता। एरिया सेलेक्ट करता है। उसके आसपास के एरिया को टारगेट करता है। अगर मेरे सेंटर में ऑफलाइन कोचिंग दे रहा होता तो मैं उस तरीके से अपने एरिया को टारगेट करता। अभी मैं पूरे इंडिया में ऐड दिखाना चाहता हूं, ठीक है?
यहां पर आगे बढ़ते हैं। एज ग्रुप जो है जिसको मैं टारगेट करना चाहता हूं वो 18 साल इधर क्या होता है? ब्रांड अवेयरनेस कैंपेन में मैं 13 साल से भी कर सकता हूं। बट मैं करूंगा नहीं, ठीक है? मैं अभी यहां पर 18 साल से ही टारगेट कर रहा हूं। जनरली क्या है? लीड जनरेशन अगर आप डाटा चाहिए तो आप छोटी 18 साल से कम नहीं कर सकते। पर कुछ ऐसे कैंपेन होते हैं जिसमें आप कम उम्र के बच्चों को भी टारगेट कर सकते हो, ठीक है? तो हमने 18 साल से लेके जो मैं टारगेट करना चाहता हूं मैं 40 इयर्स तक के लोगों को टारगेट करना चाहता हूं। जो बड़े एक्टिव है। डिजिटल मार्केटिंग एआई सीखना है। बिनेस के लिए सीखना है। इनकम के लिए सीखना है। स्केल करने के लिए जॉब में सीखना है। तो उनको मैं टारगेट करना चाहता हूं। जेंडर मेल फीमेल दोनों को टारगेट करूंगा। अगर आपका प्रोडक्ट मेल के लिए है तो मेल को टारगेट कर लो, फीमेल फीमेल को कर लो। बट मैं और करूंगा क्योंकि डिजिटल मार्केटिंग एआई तो हर किसी को सीखना है। ये हो गया।
अब डिटेल टारगेटिंग में क्लिक करते हैं। अब मैं अब यहां पर तीन तरीके हैं। डेमोग्राफिक्स, इंटरेस्ट एंड बिहेवियर। अब मान लो मेरे को डेमोग्राफिक्स में गया। एजुकेशन के अंदर मैं गया। अब एजुकेशन के अंदर फील्ड ऑफ स्टडी में गया। फील्ड ऑफ स्टडी के अंदर मैंने डाला बीबीए, ठीक है? बैचलर्स, ठीक है? तो यहां पर मैं बीबीए मार्केटिंग के लोगों को चूज़ कर लूंगा। बिकॉज़ जो बीबीए कर रहा है, ठीक है? वो चाहेगा ना कि मैं डिजिटल मार्केटिंग का स्किल भी ऐड ऑन करूं अपने संग, ठीक है? और इसके अलावा बैक चलते हैं, ठीक है? यहां पर अगर मैं चाहूं स्कूल्स के बच्चों को या यूनिवर्सिटी के बच्चों को टारगेट करना तो मैं वो भी कर सकता हूं। तो यहां पर कई सारे ऑप्शन आ रहे हैं, ठीक है? वर्क में जाएंगे तो एंप्लयरर्स इंडस्ट्रीज जॉब टाइटल्स मैं जॉब टाइटल्स के हिसाब से कर सकता हूं। मैं यहां पर डालता हूं के हम सेल्स सेल्स मैनेजर, ठीक है? अब यहां पर मैं सेल्स टीम मैनेजर या सेल्स मैनेजर, जनरल सेल्स मैनेजर इस तरीके के सेल्स के लोगों को टारगेट कर रहा हूं। या मान लो मैं यहां पर डालता हूं मार्केटिंग मैनेजर। तो मैं मार्केटिंग मैनेजर वगैरह को टारगेट कर रहा हूं। फील्ड ऑफ फील्ड मार्केटिंग मैनेजर। क्यों कर रहा हूं? क्योंकि दोस्तों ये वो लोग हैं जिनके लिए यह कोर्स उनके करियर को अपग्रेड करेगा, स्किल ऐड ऑन करेगा, सैलरी ह दिलाएगा, ठीक है? या फिर मान लो मैं एंप्लयरर्स को टारगेट करता हूं, ठीक है? एंप्लयर्स को क्यों टारगेट कर रहा हूं? कि आज की डेट में यहां पर हम डालते हैं कोचिंग, ठीक है? अब मैं यहां पर कोचिंग डाल देता हूं। जो लोग कोचिंग दे रहे हैं तो उनको डिजिटल मार्केटिंग की बहुत जरूरत है। अगर वो इंस्टट्यूट चला रहे हैं तो वो उसको स्केल कर सकते हैं। अगर वो खुद पढ़ा रहे हैं तो डिजिटल मार्केटिंग से अपने को पॉपुलर कर सकते हैं। तो इस तरीके से उनको बेनिफिट मिलेगा। तो यहां पर कई तरीके हैं जिनसे मैं डेमोग्राफिक्स के थ्रू ऑडियंस को टारगेट कर सकता हूं।
सबसे बेस्ट तरीका और सबसे आसान तरीका है इंटरेस्ट। अब इंटरेस्ट में मैं यहां पर जाकर भी चीजें देख सकता हूं। मेरे को किनको टारगेट करना है। मगर मैं यहां पर सीधा डायरेक्ट ना सर्च भी कर सकता हूं। यहां पर जो आप देख रहे हैं इधर मैं गया और सर्च करूंगा सीधा डिजिटल मार्केटिंग। अब दोस्तों मैं डिजिटल मार्केटिंग सर्च करूंगा। इतनी ब्रॉड ऑडियंस आ गई। तो क्या इतनी ऑडियंस क्या मेरा कोर्स लेगी? अरे जो डिजिटल मार्केटिंग में इंटरेस्ट रखता है हो सकता है उसका कोई और रीज़न हो तो सबको थोड़ी ना मेरे को टारगेट करना है। तो कभी ऐसी ब्रॉड टारगेटिंग मत करो। पैसा लिमिटेड है वो वेस्ट होगा। अब मैं यहां पर या तो डिजिटल मार्केटिंग चूज़ करके नैरो ऑडियंस कर दूंगा कि डिजिटल मार्केटिंग में मैं एसइओ वालों को टारगेट करना चाहता हूं या सोशल
मीडिया वालों को टारगेट करना चाहता हूं। एक एग्जांपल दे रहा हूं मैं आपको। ठीक है?
अब मान लो मैं यहां पर सीधा सर्च ही कर देता हूं एसइओ। एसइओ ऑनलाइन मार्केटिंग वालों को टारगेट करना चाहता हूं मैं। सर्च इंजन मार्केटिंग मैं टारगेट करना चाहता हूं यहां पर सोशल मीडिया मैनेजर्स को क्योंकि आजकल एआई का जमाना आ गया है। हर कोई एआई सीखना चाहता है। तो इस तरीके से मैं बहुत सोच समझ के डिसाइड करके तो मैं आपको उस कैंपेन बनाना सिखा रहा हूं।
कई घंटों का काम होता है उससे भी ज्यादा का कि हम एक-एक चीज को सोच समझ के अपनी ऑडियंस की लिस्ट बनाते हैं। जब मेहनत से हम वो ऑडियंस के लिस्ट बना लेते हैं दोस्तों तो हम इधर एडवांटेज डिटेल टारगेटिंग का मतलब है कि ये जो आपने ऑडियंस टारगेट करी है इस जैसी और ऑडियंस को Facebook टारगेट करेगा। तो आप चाहो तो इसको सेलेक्ट कर सकते हो। ना चाहो तो मत करो। ये आपकी मर्जी है। ठीक है? ये कर दिया।
अब प्लेसमेंट। प्लेसमेंट समझाता हूं। देखो प्लेसमेंट में दो ऑप्शन आ रहे हैं। एडवांटेज प्लस प्लेसमेंट्स और एक है मैनुअल प्लेसमेंट। पहले प्लेसमेंट समझ लो है क्या? मैनुअल प्लेसमेंट पे मैंने क्लिक करा। अब दोस्तों क्या होता है? यहां पर देखो मैं ऐड चलाऊंगा। Facebook, Instagram, ऑडियंस नेटवर्क, मैसेंजर और थ्रेड। थ्रेड का ऑप्शन इस कैंपेन में अवेलेबल नहीं है। बट अब थ्रेड्स का ऑप्शन भी देखो देने लग गया। Facebook पहले नहीं था। ये नया ऑप्शन ऐड हुआ है। जब से थ्रेड पॉपुलर हुआ है।
तो अब प्लेसमेंट का मतलब ये है कि अब Facebook के कई प्लेटफॉर्म्स हैं। Facebook का खुद Facebook एक प्लेटफॉर्म है। ठीक है? Instagram है। ठीक है? और कई सारे फीड और उसके अंदर भी फीड में, स्टोरीज में कहां पर हम ऐड दिखाना चाहते हैं ऑडियंस नेटवर्क में, मैसेंजर में। तो अगर आपको नॉलेज है आपको पता है कहां से रिजल्ट आने हैं तो तो आप अपनी प्लेसमेंट चूज़ कर लो। कोई हटानी है हटा दो, लगानी है लगा दो। नहीं तो यहां पर मैं आपको जरूर सलाह दूंगा कि आप एडवांटेज प्लस प्लेसमेंट का ऑप्शन चूज़ कर लो। ये क्यों मैं आपको सलाह दे रहा हूं पता है? बिकॉज़ ऑडियंस टारगेटिंग वगैरह तो ठीक है हमने कर दी पर प्लेसमेंट उसके हिसाब से और जो हम सेटिंग्स कर रहे हैं उसके हिसाब से कहां पर किस टाइम हमारा ऐड दिखना चाहिए ये Facebook के ऊपर छोड़ दो वो ज्यादा मैटर कर लेगा ठीक है बाकी तो जब आपको एक्सपीरियंस हो जाए आपने बहुत कैंपेन चला ली है वहां पर आप देखो कौन सी प्लेसमेंट से आपको ज्यादा आउटपुट आ रहा है बेनिफिट आ रहा है तो आप फिर इन फ्यूचर मैनुअल टारगेटिंग भी कर लेना बट बेटर ऑप्शन जो है वो ऑटोमेटिक वाला है पहले एडवांटेज प्लेसमेंट्स नहीं बोलते थे इसको ऑटोमेटिक प्लेसमेंट बोला जाता था।
चलिए इधर मोर ऑप्शंस आ रहे हैं। मोर ऑप्शंस में अभी हमको यहां पर एज सच कुछ करना नहीं है। हम सीधा आगे बढ़ेंगे नेक्स्ट पे।
अब दोस्तों हम फाइनली अपने फाइनल डेस्टिनेशन पे आ गए हैं जो कि हमें ऐड बनाना है। ऐड क्रिएट करना है। अब यहां पर भी आपको एक प्रो टिप दे रहा हूं। देखो मैं तो एक ही ऐड बनाना सिखाऊंगा। आपको एक वीडियो लगा के सिखाऊंगा। अब आपको मान लो आप एक ऐड बना रहे हो। अब जैसे मैं अपने कोचिंग का ऐड बना रहा हूं। मैं डिजिटल मार्केटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कोर्स लोगों को बेचना चाहता हूं। सेल करना चाहता हूं कि लोग सीखें। कम से कम कॉस्ट पे इतने अफोर्डेबल कॉस्ट में जो हम दे रहे हैं कोर्स सीखें। अपने करियर को बनाएं। अपने बिनेस को ग्रो करें। तो मैं हमें एक एडसेट में ना तीन ऐड बनाऊंगा। एक ऐड बनाऊंगा सिंगल इमेज वाला और इसमें भी सिंगल इमेज मल्टीपल इमेज आप क्रिएट कर सकते हो और वो अपने आप ही शफल कर करके वो दे दिखाएगा। एक होता है क्राउज़ ऐड और एक होता है वीडियो ऐड। ठीक है? तो इन तीनों के एक-एक ऐड मैं बनाऊंगा ताकि कई लोग सिंगल इमेज ऐड पसंद करते हैं। कई क्राउज़ पसंद करते हैं। वीडियो सबकी अपनी-अपनी इंगेजमेंट का तरीका है। अभी मैं आपको एक तरीके से सिखा रहा हूं।
अब मैं यहां पर डालता हूं डिजिटल मार्केटिंग प्लस एi फ्यूज़ कोर्स ऐड। ठीक है? किया। ऐड का नाम दे दिया ऐड वन। ऐड वन में मैं वीडियो लगा रहा हूं। जब मैं टू बनाऊंगा तो इस तरीके से चेंज करता रहूंगा। तो ये करने के बाद यहां पर देखिए मेरा मार्केटिंग फंड ऑफिशियल का जो Facebook पेज है मैंने Instagram अकाउंट कनेक्ट कर रखा है अपने पेज के संग। एक बात हमेशा ध्यान रखना अगर आपको Facebook के साथ-साथ Instagram पे ऐड चलाना है या सिर्फ Instagram पे भी ऐड चलाना है वो तो प्लेसमेंट से आप मैनेज कर सकते हो। तो आपका inा Facebook पेज के संग Instagram कनेक्ट होना चाहिए। अगर वो कनेक्टेड नहीं है तो नहीं चलेगा। ध्यान रखिएगा।
तो यहां पर हम ऐड बनाएंगे वीडियो ऐड क्योंकि मैंने स्टार्टिंग में डिसाइड कर लिया था। मैं जो मेरा परफॉर्मेंस गोल था वीडियो व्यूज थ्रू प्ले था। तो इधर ये ऑप्शन मेरे पास वीडियो का आ रहा है। ठीक है? अगर वहां पर मैंने इंपेशंस या अह चूज़ कर लिया होता रीच वाला तो यहां पर मेरे को तीनों ऑप्शन आ रहे होते। इमेज भी, क्राउज़र भी और वीडियो भी। ठीक है? तो मैं यहां पर तब भी चूज़ कर सकता था। बट मेरा पहले से कैंपेन क्लियर था कि मेरे को ये वाला पर्टिकुलर बनाना है उस हिसाब से।
ऐड क्रिएटिव में वीडियो लगाऊंगा। अपलोड अपलोड पे जाएंगे। डाउनलोड्स में जाके यह रहा मेरा डिजिटल मार्केटिंग प्लस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का वीडियो ऐड वीडियो जो मैंने क्रिएट करा है। यहां पर देखिए ये अभी अपलोड हो रहा है। ठीक है? तो यहां पर देखिए मेरा वीडियो अपलोड होने वाला है। बस हो ही गया। अब इसकी अपलोडिंग के बाद जैसे कंप्लीट होगा हम आगे बढ़ेंगे नेक्स्ट करेंगे तो देखिए यहां पर जो मेरा वीडियो है वो अपलोड हो गया। व्यू ऐड पे क्लिक करेंगे। नेक्स्ट करेंगे। ठीक है?
अब देखिए मैं चाहूं तो सुन सकता हूं। मार्केटिंग फंडसर्स की टीम आपके लिए लेकर आई है डिजिटल मार्केटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कन्फ्यूजन कोर्स। इस कोर्स में आप यहां पर आपने देखा कि ये हमारा एक्चुअल में कोर्स है। मैं वैसे नहीं आपको ऐड के लिए बता रहा हूं। एक्चुअल में हम ये पढ़ाते हैं। अगर आप भी पढ़ना चाहे तो आप लाइव हमारे संग सीख सकते हो। तो ये अब मैं स्किप एंड कंटिन्यू करूंगा। यहां पर देखिए मेरा ऐड इस तरीके से शो होगा। नेक्स्ट करूंगा। कुछ भी मेरे को क्रॉप करना है, कुछ भी एडिटिंग करनी है, मैं वहां कर सकता हूं।
अब यहां पर प्राइमरी टेक्स्ट, हेडलाइन और डिस्क्रिप्शन डालूंगा। और इसमें क्या चीज आपको करनी है वो प्रो टिप भी आपको बताऊंगा। बट अभी डालते हैं। प्राइमरी टेक्स्ट के लिए मैं डाल देता हूं। थ्री मंथ्स लाइव डिजिटल मार्केटिंग प्लस एआई फ्यूजन कोर्स 25000 आफ्टर डिस्काउंट500 ओनली तो मैंने यहां पर बताया कि मेरा लाइव कोर्स डिजिटल मार्केटिंग एआई का और ₹25,000 का कोर्स जो हमारा है क्योंकि कंपनियां तो 300 400 ज्यादा भी लेती है। हम ₹25,000 लेते हैं। बट अभी एक बैच के लिए लिमिटेड सीट्स है तो हम 12,500 में ये कोर्स ऑफर कर रहे हैं। तो ये मैंने कुछ हाईलाइट जो मैं करना चाहता हूं। मैंने हाईलाइट करा यहां पर प्राइमरी टैक्स में।
फिर मैं हेडलाइन डालता हूं यहां पर। ठीक है? हाई इनकम एंड इन डिमांड स्किल ये हाई इनकम और इन डिमांड स्किल है जो हर किसी को सीखनी चाहिए। अब यहां पर डिस्क्रिप्शन [संगीत] बिकम बिकम एन एक्सपर्ट डिजिटल मार्केटर एंड एआई प्रो तो डिस्क्रिप्शन थोड़ी सी लॉन्ग होती है। मैंने तो अभी डमी के लिए लिख दी है।
तो अब दोस्तों यहां पर आप देखो जो प्रो टिप है वो यह है कि प्राइमरी में वन और फाइव आ रहा है इसमें भी हेडलाइन में भी और डिस्क्रिप्शन में भी क्यों आ रहा है क्योंकि Facebook बोलता है कि जब आप कभी भी कोई ऐड बनाते हो उसमें आप जो भी क्रिएटिव यूज़ कर रहे हो इमेज यूज़ कर रहे हो वीडियो यूज़ कर रहे हो तो उसके मल्टीपल ऑप्शन दो और उसके अंदर भी आप अलग-अलग तरीके का प्राइमरी टैग्स दो किसी में कोई और यूएसपी बताओ इसमें कोई और USB बताओ। ऐसे क्रिएटिव कॉपीराइट करके अच्छे से हेडलाइन दो। बढ़िया सा डिस्क्रिप्शन दो। ऑफर वफर वगैरह सब लगा के। तो होगा क्या कि जब वो ऐड चलाएगा तो वो चीजों को स्विच करेगा। कभी किसी को अलग प्राइमरी टेक्स्ट वो जब दिखाएगा किसी अलग इमेज के संग। ये भी टेस्टिंग हो गई कि मल्टीपल उसके पास ऑप्शंस हैं तो सबको टेस्ट करेगा और जो सबसे बेहतर परफॉर्म कर रहा होगा कम से कम कॉस्ट में बेस्ट रिजल्ट्स लाके दे रहा होगा वो उसको ज्यादा दिखाएगा। इसको भी तो ऑप्शन दो। तो बट हम तो आपको एक बनाना सिखा रहे हैं। बट ऐसे कैंपेन बनाना बहुत मेहनत का काम है। बहुत दिमाग चाहिए। बहुत क्रिएटिव बनाने पड़ते हैं। बहुत कंटेंट लिखना पड़ता है और फिर ऑप्टिमाइज करना पड़ता है।
हम डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी चलाते हैं। ठीक है? हम वही चीजें अपने कोर्सेज में लाइव बच्चों को सिखाते हैं। ठीक है? जो मैं आपको सिखा रहा हूं ये बहुत इंपॉर्टेंट बात है। बिकॉज़ मेरे 17 18 साल का जो मेरा एक्सपीरियंस है डिजिटल मार्केटिंग का वहां से सब चीजें हमने अच्छे सीखी हैं। ठीक है? इंप्लीमेंट की है और वही हम आपको सिखा रहे हैं।
यहां पर कॉल टू एक्शन क्या है? क्योंकि मेरा ब्रांड अवेयरनेस का है। यहां पर मैं लर्न मोर करूंगा कि वो क्लिक करके सीधा मेरी वेब लेंडिंग पेज पे जाए और मेरे कोर्स को और एक्सप्लोर करें। ठीक है? यहां पर मैं लिंक दे दूंगा। डन करेंगे। आगे बढ़ेंगे। ठीक है? और अब यहां पर हम यहां पर देख रहे हैं ऐसे ऐड चल रहा है। पब्लिश करेंगे।
अब जैसे ही अब ये क्यों लिख रहा है? पब्लिशिंग थ्री ऑफ़ थ्री कैंपेन ऐडसेट ऐड मेरा तीनों पब्लिश हो रहा है। अब यहां पर आप देख सकते हैं पब्लिश हो चुका है। ऐड प्रोसेसिंग जब ये रिव्यू कर लेंगे अप्रूव्ड हो जाएगा तो मेरा ऐड चलना स्टार्ट हो जाएगा। यहां पर इसको हम हटाते हैं। यहां पर देखिए। यह कैंपेन।
तो अब यहां पर जो हमारा कैंपेन है वो हमने क्रिएट कर लिया। तो दोस्तों देखो यहां पर हमारा डिजिटल मार्केटिंग एआई का कोर्स यहां पर ऐड हमारा पब्लिश हो गया। इधर हमारा ऐड सेट आ गया। अब हमारा कैंपेन जैसे ही रिव्यू में आएगा रिव्यू हो जाएगा सब ओके होगा तो चलना स्टार्ट हो जाएगा। तो इस तरीके से आप ब्रांड अवेयरनेस कैंपेन क्रिएट कर सकते हो। उम्मीद करता हूं ये वीडियो आपको हेल्पफुल लगा होगा। एक-एक चीज़ मैंने कोशिश करी है आपको समझाने की। पसंद आया तो प्लीज लाइक कर लो, शेयर कर दो। अगर चैनल पे नए हो तो सब्सक्राइब कर लो ताकि ऐसे कोर्सेस और वीडियो आपसे मिस ना हो। थैंक यू।