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आज से ठीक 365 दिन पहले मैंने अपना एक फेसलेस YouTube चैनल स्टार्ट किया था। और मेरा गोल बहुत ही सिंपल था—उस चैनल को जल्द से जल्द मोनेटाइज करना। लेकिन जहां मैंने सोचा था कि चैनल को मोनेटाइज करने में ही 6 महीने लग जाएंगे, वहीं आठ महीने के अंदर हमारे पास सिल्वर प्ले बटन था। और एक साल के अंदर उस चैनल से मैंने जितना अचीव किया है, वो मेरी सोच से भी बाहर था। और चिंता मत कीजिए, मैंने अपने चैनल से क्या-क्या अचीव किया है वो दिखाने के लिए मैं आपको वीडियो के लास्ट तक वेट नहीं करवाने वाला। अभी तक हमने अपने चैनल पे 14 मिलियन से भी ज्यादा व्यूज गेन कर लिए हैं, और $66,000 से भी ज्यादा अर्निंग की है। और ये अर्निंग सिर्फ ऐड रेवेन्यू से है, जो कि 56,00,000 के करीब होती है। लेकिन ये हमारी असली अर्निंग नहीं है। जो हमारी मेजर अर्निंग होती है वो होती है स्पोंसरशिप से, और उससे मैंने कितना कमाया वो मैं आपको वीडियो में आगे बताऊंगा। और साथ ही सिर्फ 365 डेज के अंदर मैंने 275,000 प्लस सब्सक्राइबर्स कैसे गेन किए, वो पूरा सिस्टम विद रोड मैप विद रियलिटी चेक मैं आपको बताने वाला हूं।
एंड बिलीव मी, जैसे-जैसे चैनल ग्रो होने लगता है, चीजें काफी ज्यादा खराब होने लगती हैं। एंड जो रिजल्ट्स बड़े यूट्यूबर आपको दिखाते हैं, आपके सपनों को वैलिडेट करने के लिए, रियलिटी उससे काफी दूर है। लेकिन इस सब के लिए हमें शुरू से शुरू करना पड़ेगा। और अगर आप सोच रहे हैं कि मैं चैनल की स्टार्टिंग की बात कर रहा हूं, तो आप गलत हैं। असली गेम तो स्टार्ट हो गई थी 15 दिन पहले ही। और इस गेम का सबसे पहला हिस्सा था अपने लिए एक सही नीश ढूंढना। और अपने लिए नीश ढूंढते हुए मैं सोच रहा था कि इससे पहले भी तो मेरे काफी सारे चैनल थे, तो वो फेल क्यों हुए? और उसका रीजन ये था कि मैं लोगों को वो दिखा रहा था जो मुझे आता है। मैं उनको वो बता रहा था जो मुझे आता है, बजाय ये देखने के कि ऑडियंस को क्या नहीं आता और ऑडियंस को क्या नहीं पता। और YouTube आपको यही बताता है कि जिस चीज में आपका इंटरेस्ट है उसे ही अपनी नीश बनानी चाहिए। लेकिन ये इंफॉर्मेशन अधूरी है। रियलिटी में नीश तीन सर्कल से बनता है। पहला सर्कल आपका इंटरेस्ट होता है, दूसरा सर्कल आपकी मार्केट की जरूरत होती है, और तीसरा सर्कल मोनेटाइजेशन होता है। जो भी चीज इन तीनों सर्कल के बीच में लाई करती है, वो एक परफेक्ट नीश है, जो कि लॉन्ग टर्म में आपको फायदा देगी। अगर आप रैंडम कोई नीश चूज कर लेते हो, तो बहुत जल्दी आप उससे थक जाओगे, और हो सकता है लॉन्ग टर्म में वो आपको इतना प्रॉफिट ना दे। सही तरीके से नीश कैसे ढूंढते हैं, इस पे तो मैंने ऑलरेडी एक डेडिकेटेड वीडियो बना रखी है, तो अगर आपने उसको नहीं देखा है तो पहले उसे देख लेना।
नीश ढूंढने में और मार्केट को रिसर्च करने में मैंने पूरे सात दिन लगाए। मैंने हर तरह के फाइनेंस चैनल्स के आईडिया देखे और उनकी नीश भी पता करी। और उनकी नीश के साथ-साथ मैंने ये भी देखा कि उनकी नीश में कितना सीपीएम मिल रहा है। और ये सारी चीजें करने के बाद जो मैंने चीजें फिगर आउट करी थीं, वो आपकी स्क्रीन पे अभी दिख रहा होगा। मुझे ये तो पता चल गया था कि सबसे ज्यादा पैसा कहां पे है, तो मैंने बिना कुछ ज्यादा सोचे बस उस नीश को पकड़ लिया और उसी के साथ स्टार्ट कर दिया। लेकिन यहां पे मैंने एक गलती कर दी। ये नीश के जो सीपीएम थे, वो काफी सारे फैक्टर्स पे डिपेंड करते हैं, एंड टाइप ऑफ मार्केट पे भी डिपेंड करते हैं। और क्योंकि मैं एक बिगिनर ही था, जिसने ज्यादा चैनल मोनेटाइज नहीं कर रखे थे, तो मुझे इस चीज की नॉलेज तो नहीं थी। एज अ रिजल्ट मुझे पूरे $5000 का नुकसान हुआ है। अब इतना बड़ा लॉस मुझे कैसे हुआ है, ये मैं आपको वीडियो में आगे बताऊंगा जब हम रेवेन्यू वाले पार्ट को डिस्कस कर रहे होंगे। लेकिन तब तक के लिए हमारे पास एक नीश थी जिसके साथ मैं अपना चैनल स्टार्ट करने ही वाला था, और मेरे अंदर जज्बा कूट-कूट के भरा था। लेकिन जैसे ही मैंने उस नीश की एडिटिंग देखी, मेरा सारा जज्बा एक सेकंड के अंदर टूट गया। क्योंकि इस नीश के अंदर एडिटिंग टॉप लेवल चल रही थी, और मुझे बी-रोल्स ऐड करने के सिवाय कुछ नहीं आता था।
अब यहां पे मैंने एक गलती करी जो कि एज अ बिगिनर हर एक बंदा करता है। मैं अपने आप को कंपेयर करने लग गया था टॉप क्रिएटर्स की वीडियोस से, जबकि मैंने कुछ क्रिएट भी नहीं किया था। मैंने पूरे सात दिन लगाए ताकि मैं उनके लेवल की एडिटिंग सीख सकूं, उनके लेवल को मैच कर सकूं। लेकिन ये सबसे बड़ी बेवकूफी थी। मैं एक मेंटल वॉर में चला गया था उन कंपिटीटर्स के साथ जो ऑलरेडी अपनी नीश पे टॉप पे चल रहे थे। लेकिन वो वहां पे प्रैक्टिस करते-करते पहुंचे थे, वीडियोस डालते-डालते पहुंचे थे। और यहां मैं सोचा था कि मैं अपनी पहली वीडियो से उनको कंप्लीट करने लग जाऊं। एज अ रिजल्ट सात दिन और बीत गए थे, और मैंने वीडियो बनाना स्टार्ट ही नहीं कर रहा था। मैं बस सीखने में ही लगा हुआ था। अब ये सब चल ही रहा था कि मैंने रैंडम एक जगह पे एक कोड पढ़ा, जिससे मुझे एकदम से रियलाइज़ हुआ कि मैं कितनी बड़ी गलती कर रहा हूं। वो कोड था, "जस्ट डू इट"। ये पढ़ के मुझे एकदम से रियलाइज़ हुआ कि मैं जिन लोगों से कंपेयर कर रहा हूं, उनसे कंपेयर करने के लिए वीडियो तो डाल ही नहीं रहा हूं। मैं सीखने में ही अपना सारा टाइम निकाल दे रहा हूं। और यही करते-करते मैंने सात दिन और निकाल दिए अपने। अब ये जो चीज मेरे साथ हुई, मुझे कहीं ना कहीं लगता है कि मेरी 90% ऑडियंस के साथ यही हो रहा होगा। आप लोग जो मेरी वीडियोस देखते हो, कि अगर उन्होंने आपको ये रियलिटी चेक दिया, तो उनके व्यूज कम हो जाएंगे और कंपिटीटर्स बढ़ जाएंगे। लेकिन मुझे उस चीज से फर्क नहीं पड़ता, इसलिए मैं आप लोगों को कह रहा हूं कि स्टार्ट कीजिए, वीडियोस अपलोड करना स्टार्ट कीजिए, उनको इंप्रूव करना स्टार्ट कीजिए, तो ही आप इस लेवल पे पहुंच पाएंगे जो कि आप चाहते हैं। सिर्फ टिप्स एंड ट्रिक्स देख के आपका कुछ नहीं होने वाला।
अब जैसे मुझे ये चीज की रियलाइज़ेशन हुई, मैंने अपनी वीडियो की प्रोडक्शन स्टार्ट कर दी। और कुछ ही दिन के अंदर एक ट्रेंडिंग टॉपिक के ऊपर मैंने वीडियो बना के उसे अपलोड भी कर दिया। और ये वीडियो थी Tube Sensei चैनल की पहली वीडियो। एंड कैन यू गेस कि मुझे कितने व्यूज आए होंगे उस वीडियो पे? टू योर सरप्राइज, मुझे 45 डेज तक उस वीडियो पे 100 व्यूज भी नहीं आए थे। इवन पहले के तीन दिन तो मुझे एक भी व्यू नहीं आया था। जो भी व्यूज आप यहां पे देख रहे हो, वो मैंने खुद को ही दिए थे अलग-अलग डिवाइसेज से, ताकि YouTube को इंप्रेशन मिल जाए और वो मेरी वीडियो को सजेस्ट करना स्टार्ट कर दे। और यह है मेरे चैनल की सच्चाई। लेकिन मैं यहां पे रुका नहीं, बल्कि मैं हर हफ्ते वीडियो डालता रहा, क्योंकि मुझे पता था कि कंसिस्टेंसी से ज्यादा कुछ भी नहीं है। YouTube पे वीडियो फ्लॉप होती गई, और एक महीने बाद कहीं मेरे 100 सब्सक्राइबर्स कंप्लीट हुए थे। सुनने में जितना अनरियलिस्टिक लग रहा है ये, उतनी ही बड़ी रियलिटी है। और सबसे दुख की बात यह थी कि जिस टॉपिक पे मैंने वीडियो बनाई थी, वो टॉपिक पे हर बंदा वीडियो बना रहा था, और उन सब की वीडियोस कम से कम 3000-4000 व्यूज गेन कर रही थीं, और उनके 1000 सब्सक्राइबर्स तो ऐसे ही हो जा रहे थे। वहीं मैं अब तक तीन-चार वीडियोस अपलोड कर चुका था, अच्छी खासी नॉलेज और एडिटिंग के साथ, लेकिन मेरे 100 सब्सक्राइबर्स भी कंप्लीट नहीं हुए, और व्यूज आना तो दूर की बात। अब होता क्या है कि आप लोग ऐसे टाइम पे गिव अप कर देते हो। मेरे ईमेल और Instagram इनबॉक्स भरा हुआ है ऐसे लोगों से जिनकी पहली वीडियो नहीं चली या फिर दो महीने में सक्सेस नहीं मिली, तो उन्होंने गिव अप कर दिया। ये कहते हुए कि उनका चैनल डेड है, या फिर YouTube से ज्यादा लोग तो एक नया चैनल बना के सेम गलती दोबारा से कर रहे होते हैं। और इस रीजन से वो लोग अपने मेन चैनल पे वीडियोस अपलोड करना बंद कर देते हैं, जिसकी वजह से उनकी कंसिस्टेंसी टूट जाती है, और बिगड़ा हुआ काम और बिगड़ जाता है। अब इस चीज में मैं आप लोगों की गलती भी नहीं बोलूंगा, क्योंकि मैं खुद भी ऐसे सिचुएशन में आ गया था, जहां मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या गलती कर रहा हूं, जिसकी वजह से मेरी वीडियोस नहीं चल रही हैं। तो मैंने हर एक तरह की स्ट्रेटेजी लगाना स्टार्ट कर दिया। मैंने ट्रेंड जैकिंग का इस्तेमाल किया, दबा के। मैं हर एक क्रिएटर के ऊपर ट्रेंड जैकिंग का इस्तेमाल कर रहा था, लेकिन मैं अपनी नीश से रिलेटेड ही क्रिएटर्स के साथ ये कर रहा था। फॉर एग्जांपल, डिकोडिंग वॉटी, एल ग्रो, एंड मनोज डे। लेकिन जब मेरी ये वीडियोस भी नहीं चली, तो मैंने एक एक्सपेरिमेंट करने का सोचा। मैंने अपनी नीश से हट के एक क्रिएटर पे वीडियो बनाई, एंड इट वर्क्ड। पहली बार मुझे किसी वीडियो पे एक दिन के अंदर 1000 व्यूज आए थे, और मुझे समझ आ गया था कि इस क्रिएटर से रिलेटेड डिमांड तो है मार्केट में, जिसे कोई फुलफिल नहीं कर रहा। तो मैंने उससे रिलेटेड और वीडियोस बनाईं, और फर्स्ट टाइम मेरी किसी वीडियो में सात दिन के अंदर 40,000 व्यूज आए थे। दैट वाज़ द ब्रेक इवन पॉइंट फॉर माय चैनल। लेकिन ये एक ब्रेक इवन पॉइंट के साथ-साथ एक डेड एंड भी था, और ऐसा क्यों था ये मैंने अपनी इस वाली वीडियो में बता रखा है। तो अगर आप डिटेल में जानना चाहते हैं तो इस वीडियो को भी देख लेना, वरना आप वही गलती करेंगे जो मैं करने वाला था।
अब तीन महीने में मैंने सिर्फ 173 सब्सक्राइबर्स गेन किए थे, एंड दिस इज द डार्क रियलिटी ऑफ फेसलेस चैनल। बट जैसे ही मैंने अपनी ये वाली वीडियो अपलोड करी थी, मुझे 2000 सब्सक्राइबर पहुंचने में सिर्फ एक हफ्ता लगा। और सितंबर मंथ खत्म होते-होते, आई वाज़ हैविंग नियर 15,000 सब्सक्राइबर्स। 173 सब्सक्राइबर्स से लेकर 15,000 सब्सक्राइबर्स तक पहुंचने के लिए मुझे सिर्फ एक वीडियो लगी, लेकिन उस एक वीडियो को बनाने के लिए मुझे 3 महीने की पेशेंस, कंसिस्टेंट मेंटल ब्रेकडाउन, मार्केट रिसर्च, एनालिसिस, स्ट्रेटेजी बिल्डिंग और काफी कुछ लगा। फास्ट फॉरवर्डिंग टू सिक्स मंथ्स ऑफ द चैनल, मैंने 600,000 सब्सक्राइबर्स गेन कर लिए थे, और डिकोडिंग वॉटी के बाद सबसे फास्टेस्ट ग्रोइंग चैनल बन गया था मेरा इस नीश के अंदर। सभी कंपिटीटर्स, जिनकी पहली ही वीडियो वायरल हो गई थी, जिन्होंने काफी ज्यादा सब्सक्राइबर्स गेन कर लिए थे, सिर्फ एक वीडियो से, वो सब मेरे से पीछे हो गए थे। और यहां तक पहुंचने के लिए मुझे सिर्फ 222 वीडियोस लगीं। और यह वही टाइम था जहां मुझे रियलाइज़ हुआ फेसलेस चैनल रन करना कितना मुश्किल होता है, क्योंकि लोगों के पास कोई फेस नहीं होता जिससे वो एंटरटेन हो या जिसपे वो ट्रस्ट कर सकें। इसलिए आपको रेगुलरली खुद को अपडेट करते रहना पड़ता है। एक सेकंड की भी चैन की सांस लेना पॉसिबल नहीं था मेरे लिए उस टाइम पे। कहने के लिए तो 222 वीडियो कोई ज्यादा नहीं थी, अगर ये एक फेसलेस चैनल ना होता तो। लेकिन क्योंकि ये एक फेसलेस चैनल था, तो मुझे लोगों को अपने कंटेंट पे हुक करके रखना बहुत ही मुश्किल हो गया था, क्योंकि लोगों को इंफॉर्मेशन नहीं चाहिए। Yes, you heard it right। मैंने अपने चैनल की स्टार्टिंग में यूएसपी भी ट्रांसपेरेंट इंफॉर्मेशन बनाई थी, यानी कि मैं चाहता था कि लोग मेरे चैनल को इस वे में जाने कि यहां पे कोई भी इंफॉर्मेशन गलत मिल ही नहीं सकती। और यह हुआ भी, बट ये चीज मुझे और ज्यादा आगे नहीं ले जा सकती थी, क्योंकि लोगों को इंफॉर्मेशन नहीं चाहिए, उनको इंफोटेनमेंट चाहिए, यानी कि इंफॉर्मेशन विद एंटरटेनमेंट। और ये एक फेसलेस चैनल के लिए अपनी स्क्रिप्टिंग के थ्रू या फिर अपनी एडिटिंग के थ्रू करना ही पॉसिबल है। लेकिन अब मैंने नीश ऐसे चूज करी थी जहां पे अगर मैं स्क्रिप्टिंग को थोड़ा ज्यादा एंटरटेनिंग कर दूं, तो एक्चुअल नॉलेज भूल ही जाएंगे जो मैं देना चाहता हूं। तो मेरे पास एक ही रास्ता बचा था, जो कि था एडिटिंग को इंप्रूव करना, एंड आई प्रूव्ड इट अ लॉट। मेरी पहली वीडियो और 6 महीने बाद की वीडियो एडिटिंग में जमीन आसमान का अंतर था। लेकिन ये डिफरेंस लाने के लिए काफी सारे स्लीपलेस नाइट्स लगे, ओवर टाइम हार्ड वर्क लगा, सैक्रिफाइस लगे, और लिटरली मैं हर महीने बीमार पड़ ही रहा था क्योंकि मेरी बॉडी को रेस्ट चाहिए था, जो कि मैं उसे प्रोवाइड नहीं कर रहा था। और ये एक बहुत ही बड़ी गलती थी जो मैं आपको सजेस्ट नहीं करूंगा, क्योंकि इसकी भरपाई मैं अपने पर्सनल लाइफ में अभी तक कर रहा हूं। बट मैं यहां पे भी सेटिस्फाइड नहीं था, क्योंकि मेरी कोई भी वीडियो अभी तक मिलियन व्यूज टच नहीं की थी। तो ऑफिशियली मैं कभी ये नहीं बोल सकता था कि मेरी वीडियो वायरल चली गई। इसलिए मेरा अगला टारगेट अपनी वीडियो पे 1 मिलियन व्यूज लाना बन गया, और ये मैंने अचीव भी किया, लेकिन बहुत ही गलत तरीके से।
अब मैं आपको एक और डार्क रियलिटी बताता हूं सोशल मीडिया की। सोशल मीडिया पे अगर आप व्यूज पाना चाहते हैं तो नेगेटिव बन जाओ, क्योंकि लोगों को सही से ज्यादा गलत देखने में मजा आता है। यही रीजन है कि रजत दलाल, एलविश यादव जैसी कंट्रोवर्सीज इतनी वायरल होती हैं, और ऋषि राठी के ज्यादा व्यूज आने के पीछे का कारण भी यही है। अब मुझे ये चीज पता तो थी, लेकिन मैंने इसे कभी इस्तेमाल नहीं किया था। बट मैंने जब इस चीज का इस्तेमाल किया, आप यकीन नहीं करेंगे, मेरी वीडियो ने एक्चुअल में 1 मिलियन व्यूज क्रॉस कर लिए, सिर्फ अपलोड करने के एक दिन में। उस वीडियो पे 100K व्यूज आ गए थे, जो कि अभी तक इस चैनल के फास्टेस्ट व्यूज हैं। मैं इस वीडियो का टाइटल "How to start YouTube in 2024" रखने वाला था, बट एंड मोमेंट पे मैंने सोचा कि इस टाइटल को चेंज करके थोड़ा नेगेटिव और डिमोटिवेटिंग करते हैं, एंड इट वर्क्ड। मैंने वीडियो के अंदर इंफॉर्मेशन पूरी सही दी थी, और काफी वैल्यूएबल इंफॉर्मेशन दी थी, लेकिन स्टिल लोगों ने मुझे कमेंट्स में काफी गालियां लिखीं। और उस दिन मुझे रियलाइज़ हो गया कि लोगों को खुद भी नहीं पता कि वो कितने इज़िली मैनिपुलेट किए जा सकते हैं। और मेरी इस थिंकिंग को वैलिडेट करने के लिए मेरे पास एक और रीज़न था। उस वीडियो से जस्ट ठीक पहले मैंने एक और 47 मिनट की वीडियो अपलोड करी थी, और वो भी एक बहुत ही ट्रेंडिंग टॉपिक पे, बहुत ही इंफॉर्मेशन वीडियो। लेकिन उस वीडियो को 100K व्यूज क्रॉस करने में पूरे एक हफ्ता लगा, और 1 मिलियन क्रॉस करने के लिए उसे 52 डेज लगे। Now I was having two options: या तो मैं नेगेटिव टाइटल्स के साथ ही वीडियो बनाता रहूं, जैसा कि मनोज डे करता है, और लोगों की गालियां खा-खा के अपना काम चलाता रहूं, या फिर मैं और मेहनत करके और अच्छी वीडियो बनाता रहूं और उम्मीद करूं कि मिलियन व्यूज आ ही जाएंगे। और मैंने सेकंड मेथड को चूज़ किया, जिसकी वजह से आज तक उन वीडियोस के बाद मेरी किसी भी वीडियो पे मिलियन व्यूज तो नहीं आए हैं।
अब ये चीज मैंने आप लोगों के साथ शेयर इसलिए करी क्योंकि जैसे-जैसे आपकी ग्रोथ होगी, आपकी नीड बढ़ते जाएंगे, आपकी वॉन्ट्स बढ़ती जाएंगी, और उसकी वजह से हो सकता है आप अपनी मोरैलिटी को भूल के कुछ गलत कदम लेना स्टार्ट कर दें। लेकिन आपको ऐसा नहीं करना है। आप लोग मेरे सब्सक्राइबर्स हैं, और मैं नहीं चाहता कि आप लोग कभी ऐसा कुछ गलत काम करें। बट अगेन, यहां पे एक और डार्क रियलिटी है: इट डज़न्ट मैटर आप कितने भी अच्छे बन जाओ, लेकिन अगर आप सोशल मीडिया पे हो, तो आपको गालियां तो पड़ेगी ही पड़ेगी, और आपको बेमतलब का हेट भी मिलेगा। और ये चीज मुझे तब रियलाइज़ हुई अपनी एक लाइफ स्टोरी वाली वीडियो शेयर करी थी। उस वीडियो में मैंने कोई भी चीज बढ़ा-चढ़ा के नहीं बोली, एक भी चीज़ झूठ नहीं बोली। जो चीज़ मुझे जैसे ही आती, मैंने वो बता दी। लेकिन लिटरली लोगों ने वहां कमेंट में लिख दिया कि मैं फेक बोल रहा हूं, या फिर गालियां देना स्टार्ट कर दिया मुझे। और जब मैंने उन लोगों से कमेंट में पूछा कि वो ऐसा क्यों सोच रहे हैं कि मैंने फेक बोला है, तो उनके पास कोई एक्सप्लेनेशन नहीं था, बल्कि उल्टा वो दो गालियां और दे रहे थे मुझे। अब मैंने कभी अपने चैनल पे कुछ ऐसा तो नहीं किया था कि जिसकी वजह से मुझे गालियां पड़ें, ना ही मैं किसी कंट्रोवर्सी वगैरह में आया था, लेकिन स्टिल मुझे गालियां पड़ रही थीं। और ये देखते हुए मुझे ये रियलाइज़ हो गया कि जैसे-जैसे तुम्हारी पर्सनल ग्रोथ होगी, चैनल की ग्रोथ होगी, वैसे तुम्हारे हैटर्स भी ग्रो होंगे, और हैटर्स बनाने के लिए तुम्हें कुछ करने की जरूरत नहीं है, वो खुद ही बन जाएंगे। अब ये एक ऐसी चीज थी जिससे मैं बहुत ही ज्यादा अनजान था, क्योंकि सोशल मीडिया पे कभी इतनी ज्यादा फेम मुझे मिली नहीं थी पहले। बट एनीवेज, हमने फ़रवरी 9 को 100K क्रॉस कर लिए, एंड अपने चैनल को स्टार्ट करने के आठ महीने बाद ही हमारे पास सिल्वर प्ले बटन मिल गया।
अब मैं आप लोगों से झूठ नहीं कहूंगा, लेकिन इन आठ महीनों में से एक महीना भी ऐसा नहीं था जब मेरे को स्ट्रेटेजी बिल्डिंग नहीं करनी पड़ी, वीडियो के आइडियाज़ ढूंढने में प्रॉब्लम नहीं आई, और कई बार ऐसा भी हुआ कि जो मैंने स्ट्रेटेजी बिल्ड करी और वीडियो आइडियाज़ ढूंढे वो फ्लॉप भी हुए। लेकिन मैं अपने माइलस्टोन्स को अचीव करता रहा, क्योंकि मैं कंसिस्टेंट था। फेलियर हो या फिर सक्सेस हो, उसके साथ कंसिस्टेंट रहो। तो YouTube पे ज्यादातर लोगों का टारगेट तो 100K ही होगा, तो मैं पहले आप लोगों के साथ वो सारी प्रॉब्लम शेयर कर लेता हूं जो एक फेसलेस चैनल को 100K तक पहुंचने के लिए फेस करनी पड़ेगी। और ये वो प्रॉब्लम्स नहीं हैं जो कि हर यूट्यूबर कवर करता है, क्योंकि उनका इलाज तो हर किसी के पास है, लेकिन वो वर्क नहीं कर रहे हैं। प्रॉब्लम एक्चुअली में साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम है, ऑडियंस की डिमांड को समझना प्रॉब्लम है। तो उन चीजों से कैसे कोप करना है वो तो मैं आपको बताऊंगा ही, लेकिन उससे पहले प्रॉब्लम जान लेते हैं। सबसे पहली प्रॉब्लम है खुद का ब्रांड बनाना, क्योंकि अगर आप एक फेसलेस चैनल हो तो खुद का ब्रांड बनाना बहुत ही मुश्किल होता है। उसके बाद सेकंड पॉइंट है यूएसपी बिल्ड करना, यूनिक सेलिंग प्रपोजिशन, यानी कि कुछ ऐसा यूनिक होना जिससे आपकी चैनल की आइडेंटिटी बने। तीसरा है ऑडियंस का ट्रस्ट जीतना, क्योंकि हमारी नीश में अगर हमारी ऑडियंस हम पे ट्रस्ट नहीं कर रही है तो हमारी नीश में हमारा होने का मतलब ही नहीं बनता। चौथा पॉइंट है कंसिस्टेंसी मेंटेन करना, जो कि पर्सनल लाइफ के साथ मेंटेन करना बहुत ही मुश्किल होता है। और पांचवां पॉइंट है कम्युनिटी बिल्डिंग। क्वालिटी कंटेंट बनाना, सही तरह से थंबनेल बनाना, सही तरह से वीडियो अपलोड करना, चैनल की सेटिंग सही रखना, ये सारी चीजें तो आपको बाकी सारे यूट्यूबर बता ही देंगे। मेरे खुद के चैनल पे इससे रिलेटेड काफी सारी वीडियोस हैं। बट ये कुछ ऐसी चीजें हैं जो कि हर क्रिएटर के दिमाग में होती हैं, इसके ऊपर कोई डिस्कशन करता ही नहीं है। एज अ रिजल्ट आप लोगों को ये चीजें नहीं पता होतीं, आप लोगों को एक्सपीरियंस नहीं मिलता है, जिसकी वजह से आप फेल होते हो। तो अब मैं एक-एक करके इन प्रॉब्लम्स के सॉल्यूशन भी आपको बता देता हूं। तो सबसे पहला था खुद का ब्रांड बनाना। अब खुद का ब्रांड बनाने का मतलब ये नहीं होता कि खुद को सबसे बड़ा बना लेना, वो तो रिवॉर्ड होता है जो कि एक ब्रांड बनाने की वजह से आपको मिलता है। ब्रांड बनाने का असली मतलब ये होता है कि एक स्टोरी या फिर एक पर्सनालिटी को लिंक कर देना अपने प्रोडक्ट से। फेस वाले चैनल्स ये बिना किसी दिक्कत के कर लेते हैं क्योंकि उनकी फेस खुद ही एक पर्सनालिटी होती है जो कि उनके चैनल से लिंक हो जाती है या उनके कंटेंट से लिंक हो जाती है। बट हमारे केस में ऐसा नहीं है। इसलिए अगर आप खुद को एज अ ब्रांड एस्टैब्लिश करना चाहते हो तो आपको अपनी एक यूएसपी बनानी पड़ेगी, और वही हमारा सेकंड पॉइंट है। यूएसपी का मतलब होता है यूनिक सेलिंग प्रपोजिशन। अब जो फेस वाले चैनल्स होते हैं वो चाहे तो एक यूएसपी को सोच सकते हैं और अपने पूरे YouTube जर्नी उसी के साथ आगे बढ़ सकते हैं, उनका काम चलता रहेगा। बट एक फेसलेस चैनल ऐसा नहीं कर सकता। अगर आप एक फेसलेस चैनल है तो आपको टाइम टू टाइम अपनी यूएसपी को चेंज करना पड़ेगा, और वो भी अपनी पुरानी यूएसपी को मेंटेन करते हुए। फॉर एग्जांपल, स्टार्टिंग में मेरी यूएसपी थी कि मैं ट्रांसपेरेंट इंफॉर्मेशन देता हूं, लेकिन इससे मैं सिर्फ 50,000 सब्सक्राइबर्स तक ही गेन कर पाया। उसके बाद मैंने अपनी यूएसपी को चेंज किया और अपनी एडिटिंग स्टाइल को अपनी यूएसपी बना लिया। अब ये चीज को कम से कम छह से आठ महीने हो गए हैं और ये चीज अभी भी वर्क कर रही थी। लेकिन अगेन अब एक साल बाद मुझे एक नई यूएसपी ढूंढनी है, और ये एक ऑनगोइंग प्रोसेस है। इवन इस स्टेज पे पहुंचने के बाद भी मुझे यूएसपी ढूंढनी है, तो आपको तो ये करते ही रहना पड़ेगा।
Now, अगर आपने खुद को एज अ ब्रांड शो करने की कोशिश करी है, तो आपको लोगों का ट्रस्ट भी जीतना पड़ेगा, क्योंकि जिस ब्रांड पे लोग ट्रस्ट नहीं करते वो ब्रांड ब्रांड ही नहीं होता। अब ये एक साइकोलॉजिकल चीज़ है कि लोग आवाज़ से ज़्यादा किसी भी फेस को ट्रस्ट करते हैं। तो एज अ फेसलेस चैनल अपनी ऑडियंस का ट्रस्ट बिल्ड करने के लिए मैंने प्लेलिस्ट बनाना स्टार्ट कर दिया। मैं जब भी कोई वीडियो बनाता था, तो उस वीडियो के एंड में एक क्वेश्चन डाल देता था, जिसका आंसर मुझे पता होता था कि उनके पास नहीं होगा। और फिर मैं अपनी ऑडियंस से कहता था कि अगर आपको इसका आंसर चाहिए या फिर आपको इस प्रॉब्लम का सॉल्यूशन चाहिए, तो कमेंट में लिख दीजिए। मैं
उससे रिलेटेड वीडियो जरूर बनाऊंगा और वो वो कमेंट किया भी करते थे और मैं कुछ टाइम में वो वीडियो बना भी दिया करता था। जिससे एक फेसलेस चैनल होने के बाद भी हमारे बीच में एक कम्युनिकेशन टाइप बन गई। मेरे सब्सक्राइबर जिस भी चीज के लिए कमेंट किया करते थे मैं उससे रिलेटेड वीडियो बना दिया करता था, वो भी टाइमली। और यही रीजन है कि मेरे चैनल पे र वाटी की पूरी एक प्लेलिस्ट बन गई। हाउ टू बिकम अ यूटर की प्लेलिस्ट तो चल ही रही है, साथ में एआई टूल्स और अब ट्रस्ट बिल्डिंग।
एक स्लो प्रोसेस है, तो उसमें आपको टाइम लगेगा ही लगेगा। एंड आपको टाइम देना भी चाहिए। लेकिन ये तीनों चीजें किसी काम की नहीं है अगर आपने YouTube की डिमांड है आपसे वो है कंसिस्टेंसी। अगर आप वो मेंटेन नहीं कर पा रहे तो YouTube मेंटेन करने के चक्कर में मैंने खुद भी अपनी हेल्थ कई बार खराब करी है। इसका सिर्फ एक ही सॉल्यूशन है कि आप काम को डायवर्सिफाई कर दो, लोगों को हायर करो और एक टीम बिल्ड कर लो। बट जिस निच में मैं हूं मैं थंबनेल डिजाइनर और एक एडिटर के सिवाय किसी को हायर नहीं कर सकता। और राइट नाउ जिस लेवल की एडिटिंग आप लोगों को मैं अभी प्रोवाइड कर रहा हूं उस लेवल का एडिटर ढूंढना भी काफी मुश्किल होता है। तो इस चीज को आप एज अ ड्रॉबैक ले सकते हो एक फेसलेस चैनल का।
अब सबको पता है कि YouTube तीन से 5 साल का गेम है। और अगर आप 5 साल के बाद भी इस पे टिकना चाहते हो तो आपको एक कम्युनिटी बिल्ड करनी पड़ेगी। और एक फेसलेस चैनल की कम्युनिटी उतनी स्ट्रांग नहीं होती जितना एक फेस वाले चैनल की होती है। और यही रीजन है कि तीन से 5 साल के अंदर हर एक क्रिएटर अपना फेस रिवील कर ही देता है। चाहे अब वो टोटल गेमिंग हो या फिर कैरी मिन्टी हो या या फिर फैक्ट टेक हो या कोई भी। इवन आगे चलके मुझे भी अपना फेस रिवील करना ही पड़ेगा। अगर मुझे YouTube फेसलेस चैनल को रन करने के लिए आपको सहने पड़ेंगे। लेकिन चैनल को रन करने के लिए आपको सिर्फ ऑडियंस की डिमांड को नहीं देखना है, बल्कि YouTube को भी देखना है। और YouTube की डिमांड्स बिल्कुल अलग होती हैं। तो इसलिए मैं आप लोगों को सजेस्ट करूंगा कि मेरी हाउ टू बिकम अ यूट्यूबर प्लेलिस्ट देख लेना, क्योंकि वहां पे सारी चीजें इंफॉर्मेशन मैंने एक क्रोनोलॉजिकल ऑर्डर में दे रखी है।
नाउ अभी तक मैंने आपको जो भी बताया वो सारी मेहनत हमने करी थी अपने चैनल को 100k क्रॉस करवाने के लिए, जिसके लिए मुझे छह महीने लगे। बट 100k से 200k तक पहुंचने में मुझे सिर्फ 4 महीने लगे और 200k से 300k तक पहुंचने में मुझे सिर्फ 3 महीने लगने वाले हैं। यह फायदा होता है कंसिस्टेंसी का। नाउ ये सारी प्लानिंग प्लॉटिंग हार्ड वर्क ये सब इंसान सिर्फ एक चीज के लिए करता है, पैसा। और पैसों के बारे में कोई भी यूट्यूबर खुल के नहीं बताता। बट डोंट वरी, टू बी सेंस आई आपके लिए यह भी करेगा। YouTube पे आए थे और उसके छह महीने बाद भी मुझे सिर्फ $500 तक ही अर्निंग हो रही थी। इतनी सारी मेहनत और इतने सारे केस के बाद भी मुझे सिर्फ $500 मिल रहे थे जो कि ओबवियसली वर्थ ही नहीं था। और यही एक टाइम होता है एक यूट्यूबर की लाइफ में जब वो स्पॉन्सर्सशिप करना स्टार्ट करता है। रीजन ये नहीं होता कि उसको ब्रांड्स को प्रमोट करने में मजा आता है, लेकिन पॉइंट ये है कि आप सिर्फ YouTube पे लाखों देने के लिए तैयार है।
राइट एट द मोमेंट, बट इनको करना मेरे लिए सही नहीं है क्योंकि मैंने जो अपनी ऑडियंस के साथ ट्रस्ट बनाया था वो टूट सकता है। मेरी ऑडियंस काफी हद तक बच्चे ही हैं तो वो बड़े इज़िली इन्फ्लुएंस हो सकते हैं और ये गलत काम कर सकते हैं। बट अगेन यही काम अगर फुकरा इंसान कर रहा होता है, एलविश यादव कर रहा होता है या फिर कोई बड़ा यूट्यूबर कर रहा होता है तो लोगों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। अंट्स को गालियां पड़ेगी लेकिन बड़े यूट्यूबर को कोई कुछ नहीं बोलता। और ये एक डार्क रियलिटी है इस इंडस्ट्री की। और मुझे जब भी कोई स्पॉन्सर्सशिप आती है तो मैं हमेशा ट्राई करता हूं कि उन स्पॉन्सर्सशिप के थ्रू भी मैं अपनी ऑडियंस को एजुकेट कर सकूं, उनको नॉलेज दे सकूं। बट एज आई सेड इट डज़ंट मैटर आप कितने भी अच्छे काम कर लो सोशल मीडिया पे आपको गालियां तो पड़ेगी ही पड़ेगी।
मैं हमेशा स्पॉन्सर्सशिप वही लेता था जो मेरी नीश से रिलेटेड हो और जो भी स्पॉन्सर्सशिप मेरे पास आती थी मैं हमेशा ट्राई करता था कि मेरी ऑडियंस उससे मैक्सिमम प्रॉफिट निकाल सके। इसलिए मैं स्पॉन्सर्ड ऐप या वेबसाइट के थ्रू भी नॉलेज देने की कोशिश करता था और ना ही मैंने कभी किसी स्पॉन्सर्सशिप की बेमतलब की तारीफ करी। जो काम उनका अच्छा था मैंने उसको प्रेस किया, जो काम उनका अच्छा नहीं था वो मैंने किसी वीडियो में या कमेंट में जाके बता ही दिया कि ये अच्छा काम नहीं है इनका, ये मत करना। बट स्टिल लोगों ने मुझे ये कमेंट किए हैं और ये चीजें आपके साथ भी होगी और को इस चीज से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपने उनके लिए क्या किया है या फिर क्या कर रहे हो। उनको सिर्फ इस चीज से फर्क पड़ता है कि उनका काम निकल जाए। एंड सॉरी टू से बट ये एक डार्क रियलिटी है कि ऑडियंस के भी डबल स्टैंडर्ड्स हैं। अगर कोई बड़ा यूट्यूबर या फेस वाला चैनल कोई अगर कुछ ऐसा गलत प्रमोट कर भी रहा है, भले ही वो ट्रेडिंग के थ्रू हो या फिर गैम्बलिंग ऐप हो या फैंटेसी ऐप हो तो लोग उसको भी देख लेते हैं, उनसे इन्फ्लुएंस हो के काम शुरू भी कर देते हैं। लेकिन अगर एक फेसलेस चैनल हो कि आपने ये गलती करी तो आपको जो गालियां पड़ेंगी उससे आपको सिर्फ भगवान ही बचा सकता है।
अब एक बार ऑडियंस की साइकोलॉजी को साइड रख के मैं आपको एल्गोरिथ्म का भी बता देता हूं कि स्पॉन्सर्ड वीडियो से एल्गोरिथ्म पे क्या फर्क पड़ता है। आप जब भी कोई स्पॉन्सर्ड वीडियो करोगे तो आपको हमेशा उसपे कम व्यूज आएंगे। एज अ रिजल्ट जो आप अगली वीडियो डालोगे उसपे भी कम व्यूज आएंगे क्योंकि पहली वीडियो पे जब कम व्यूज आए थे तो आपके रिटर्निंग व्यूवर्स कम हो गए थे और अगली वीडियो जो आपने डाली YouTube का रेशियो गिर जाता है रिटर्निंग व्यूवर्स का। लेकिन इसे टैकल करने का एक सॉल्यूशन है जो मैंने फाउंड आउट किया था और मेरे लिए वर्क करता है। आप जब भी कोई स्पॉन्सर्ड वीडियो डाल रहे हो तो उसकी अगली वीडियो कोई ऐसी डालना जो बहुत ही ज्यादा ट्रेंडिंग हो या फिर एक बहुत ही जनरल ऑडियंस के लिए बहुत ही ब्रॉड कैटेगरी का कोई टॉपिक उठा के डालना जिसको बहुत ज्यादा लोग देखें। अगर आप ऐसा करते हो तो आप अपने ऑडियंस को मेंटेन कर पाओगे, अपने व्यूज को मेंटेन कर पाओगे। वरना आपका चैनल धीरे-धीरे डेड हो जाएगा। एंड ट्राई करना कि ज्यादा स्पॉन्सर्सशिप ना करो। आप कितना कंटेंट डाल रहे हो उस हिसाब से देख के ही स्पॉन्सर्सशिप करना, अदरवाइज मत करना।
अब मैंने फाइनेंशियल एक्सपेक्ट को लेके आपको ऑडियंस का माइंडसेट भी समझा दिया और आपको खुद को कैसे चीजें मेंटेन करनी हैं एल्गोरिथ्म के साथ वो भी बता दिया। अब मैं आपको ये भी बता देता हूं कि मैंने अभी तक स्पॉन्सर्सशिप से कितनी अर्निंग करी है। अब क्योंकि मैं एक फेसलेस क्रिएटर हूं तो ओबवियसली मैं ज्यादा स्पॉन्सर्सशिप तो नहीं कर सकता था। इसलिए एक साल के अंदर मैं सिर्फ 7 लाख ही अर्न करे स्पॉन्सर्सशिप से। और एक रीजन यह भी था कि मैं बेमतलब की स्पॉन्सर्सशिप नहीं करता। जो चीज मुझे लगता है मेरे ऑडियंस के काम आ जाएगी सिर्फ उन्हीं की स्पॉन्सर्सशिप करता हूं। अदरवाइज इतने मेरे सब्सक्राइबर हैं, इतने में आराम से कोई बंदा कम से कम 20 लाख तक की स्पॉन्सर्सशिप तो कर ही सकता है और इतने अर्न कर सकता है एक साल के अंदर। अब अगर आपको स्टार्टिंग में याद हो तो मैंने कहा था कि मुझे $5000 का नुकसान हुआ है तो अब उसके पीछे का भी आपको बता देता हूं रीजन क्या है।
रिसेंटली मैं एक फॉरेनर यूट्यूबर को देख रहा था जिसने अपनी अर्निंग रिवील करी थी और वो हमारी नीश का ही है। एंड टू माय सरप्राइज उस बंदे को अपनी वीडियोस के ऊपर छह से लेकर $9 का सीपीएम मिल रहा है। वहीं मुझे अपनी वीडियोस पे मुश्किल से 0.53 का सीपीएम मिल रहा है, जस्ट बिकॉज़ मेरी वीडियोस हिंदी में है। तो इस चीज का मुझे नुकसान भी हो रहा है। वरना जितने व्यूज मैंने एक साल के अंदर अभी गेन किए हैं उसको अगर मैं मल्टीप्लाई कर दूं उस सीपीएम से जो उस फॉरेनर को मिल रहे हैं तो मेरे आराम से $55000 तक बन रहे थे। अगर इंडियन रुपीज में कहूं तो ये कुछ 80 लाख के भी ऊपर है। लेकिन आप लोग सीपीएम और आरपीएम को बढ़ा सकते हो। अगर आप लोग चाहते हो कि मैं इस टॉपिक को भी कवर करूं और डिटेल में बताऊं कि आप ऐसा कैसे कर सकते हो तो कमेंट सेक्शन में लिख देना, मैं इसके ऊपर वीडियो जरूर बनाऊंगा।
नाउ जिस तरह मैंने ये चैनल स्टार्ट किया था और जैसे इसके स्टार्टिंग के तीन मंथ्स निकले थे उस हिसाब से तो मैंने इस चैनल को 365 डेज में काफी ज्यादा ग्रो कर लिया है और मैंने काफी कुछ अचीव भी किया है इससे तो मैं इसके लिए काफी ग्रेटफुल भी हूं। एंड द रीजन मैंने आप लोगों के साथ ये सारी इंसाइडर इंफॉर्मेशन और रियलिटी चेक्स दिए हैं वो यह है क्योंकि स्टार्टिंग में कोई यूट्यूबर ऐसा नहीं था जो मुझे ये सारी चीजें बता देता। अगर किसी ने मुझे बताया होता तो मैं बेटर स्ट्रेटेजी के साथ आता, बेटर रिजल्ट्स देके आता। लेकिन अगेन सब ने इस चीज को छुपाने का सोचा पता नहीं क्यों। तो मैं नहीं चाहता कि आप लोगों के साथ ऐसा हो इसलिए मैंने सब कुछ आपको बता दिया ट्रांसपेरेंट रह के। आई होप आप लोगों को ये 365 डेज की स्टोरी उतनी ही इंटरेस्टिंग लगी हो जितनी ही एक्साइटिंग ये मेरे लिए एक्चुअल में थी। और अगर आप लोग इस आवाज के पीछे की शक्ल देखना चाहते हो तो जल्दी से 500k करवा दो, मैं 500k के बाद अपना फेस रिवील कर दूंगा।
लेकिन तब तक मैं आप लोगों को एक चैलेंज भी देना चाहता हूं, 365 डे चैलेंज फॉर YouTube कीजिए और 365 डेज तक उसपे वर्क कीजिए, अच्छे-अच्छे कंटेंट डालिए। मैं आप लोगों के लिए हूं। मुझे अपनी स्टोरी में टैग करते हैं Instagram पे रखता है अपनी कम्युनिटी में ऐड करने के लिए तो मैं आप लोगों को एक ग्रुप में ऐड करूंगा जहां पे आप जैसे और भी क्रिएटर्स होंगे ताकि आप लोग एक दूसरे की हेल्प करते हुए आगे बढ़ सके। मैं टाइम टू टाइम उस कम्युनिटी के अंदर आके आप लोगों को गाइड भी करता रहूंगा, लेकिन बहुत सारे काम होने की वजह से मैं ज्यादा एक्टिव नहीं रह पाऊंगा। इसलिए मैं चाहता हूं कि आप लोग ग्रुप में ऐड हो जाए और एक दूसरे की हेल्प करते हुए ही आगे बढ़े। तो अगर आपको इस कम्युनिटी के अंदर ऐड होना है तो सबसे पहला काम आपको यह करना है कि आपको चैनल बना के उसपे कम से कम 10 वीडियोस डालनी है और उसके बाद मुझे इंस्टाग्राम स्टोरी पे टैग करना है विथ #365YouTube। उसके बाद मैं आपके चैनल को एक बार रिव्यू करूंगा, वेरीफाई करूंगा और देखूंगा कि आपका चैनल कम्युनिटी में ऐड करने लायक है या नहीं। एक बार आप कम्युनिटी में ऐड हो जाते हैं तो आपको आप जैसे काफी सारे लोग मिलेंगे जो आपको ग्रोथ के लिए हेल्प कर देंगे, आपको टिप्स भी देंगे, आप लोग एक दूसरे के साथ कोलैबोरेट भी कर सकते हो और बहुत सारी अपॉर्चुनिटी आपके सामने खुल जाएगी। तो बस इस वीडियो के लिए इतना ही, मिलते हैं अगली वीडियो में।