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नमस्कार, जय हिंद, वंदे मातरम।
प्यारे बच्चों, पीसीबी, पर्यावरण एवं आपदा प्रबंधन। यह आपका मॉक टेस्ट है, जिसमें आपके पर्यावरण से संबंधित, आपदा प्रबंधन से संबंधित प्रश्न रहने वाले हैं और पीसीबी के भी 10 प्रश्न होंगे। तो यह जो वीडियो है, आपका पीसीबी एग्जाम वालों के लिए, लोअर पीसीएस वालों के लिए और फॉरेस्ट गार्ड वालों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। तो वीडियो को अंत तक जरूर देखिएगा, क्योंकि प्रश्न यहीं से आएगा। पढ़ते रहेंगे आप मेरे साथ, तो आपको यकीन आएगा। प्रयास किया जाता है कि आपके लिए बहुत अच्छा कंटेंट लाया जाए, सुव्यवस्थित कंटेंट लाया जाए, एरर फ्री कंटेंट लाया जाए और उसी प्रयास के तहत आज हम यह मॉक टेस्ट टू लेकर आए हैं। 50 प्रश्न हैं इसमें और सभी 50 प्रश्नों को देखिएगा और करिएगा। बताइएगा कि आपको यह मॉक टेस्ट कैसा लगा।
रही बात आज के इस वीडियो के पीडीएफ की, तो हम प्रोवाइड करवा देंगे इसको पीसीबी बैच में और लोअर पीसीएस बैच में भी डलवा दिया जाएगा, क्योंकि पर्यावरण एवं आपदा प्रबंधन के प्रश्न भी इसमें हैं, जो लोअर पीसीएस के सिलेबस का हिस्सा है। तो चलिए, बिना वक्त गवाए शुरू करते हैं आज का यह सेशन। शुरुआत करते हैं सीपीसीबी और यूपीपीसीबी से संबंधित जानकारी से जुड़े हुए प्रश्नों की। यह यूपीपीसीबी जो एग्जाम होना है, उसके लिए महत्वपूर्ण है।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) का मुख्यालय किस शहर में स्थित है? आप सभी परिचित हैं। लखनऊ में स्थित है। यह राज्य में जल और वायु अधिनियमों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने वाली प्रमुख वैधानिक संस्था है। इसके विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालय हैं, जो पूरे उत्तर प्रदेश में संचालित हैं। कमेंट बॉक्स में बताइएगा कितने हैं।
वायु प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम 1981 में किस वर्ष संशोधन करके ध्वनि को वायु प्रदूषक के रूप में शामिल किया गया था? तो सही उत्तर है आपका वर्ष 1987 में। आपकी परीक्षा में यह प्रश्न आ सकता है। ध्यान रखिएगा। वायु अधिनियम 1981 में मूल रूप से ध्वनि प्रदूषण को शामिल नहीं किया गया था। वर्ष 1987 में संसद द्वारा एक महत्वपूर्ण संशोधन किया गया, जिसमें स्पष्ट किया गया कि अत्यधिक और आवांछित ध्वनि शोर भी एक प्रकार का वायु प्रदूषक है। इस संशोधन के बाद राज्य बोर्डों को शोर के स्तर को नियंत्रित करने की शक्ति मिल गई है। आजकल के जो डीजे आ रहे हैं, उनमें बहुत भयानक शोर है और वह बहुत ही खतरनाक है। कई वीडियो तो ऐसे देखे हैं, जो गांव में छत तक हिला देते हैं।
अगला प्रश्न है आपका कि जल प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम 1974 के अंतर्गत कुल कितने अध्याय और धाराएं हैं? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी, आठ अध्याय और 64 धाराएं। जल अधिनियम 1974 एक व्यापक कानून है, जिसे आठ अध्यायों में विभाजित किया गया है। इन अध्यायों के अंतर्गत कुल 64 धाराएं हैं, जो बोर्डों के गठन, कार्यों, शक्तियों और दंड का विस्तार से वर्णन करती हैं। यह भारतीय संसद द्वारा पारित पहला बड़ा पर्यावरण कानून था।
अगला प्रश्न है आपका कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत अधिनियमित किया गया था? तो सही उत्तर है आपका अनुच्छेद 253। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 को संविधान के अनुच्छेद 253 के तहत पारित किया गया था। अनुच्छेद 253 संसद को अंतरराष्ट्रीय संधियों और समझौतों, जैसे 1972 का स्टॉकहोम सम्मेलन, को लागू करने के लिए पूरे देश के लिए कानून बनाने की शक्ति देता है। यही कारण है कि यह अधिनियम राज्य सूची के विषयों पर भी केंद्र सरकार को व्यापक शक्तियां प्रदान करता है।
अगला प्रश्न है आपका कि जल अधिनियम 1974 की धारा पांच के अनुसार केंद्रीय या राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्यों (अध्यक्ष को छोड़कर) का कार्यकाल कितने वर्ष का होता है? तो सही उत्तर है आपका 3 वर्ष। जल अधिनियम 1974 की धारा पांच और वायु अधिनियम की धारा सात के तहत बोर्ड के नामित सदस्यों का कार्यकाल 3 वर्ष का होता है। सदस्यों की पुनर्नियुक्ति की जा सकती है, लेकिन जब तक उनका उत्तराधिकारी पद ग्रहण नहीं कर लेता, वे पद पर बने रहते हैं। पदेन सदस्यों का कार्यकाल उस पद पर निर्भर करता है, जिसके आधार पर उन्हें नामित किया गया है।
अगला प्रश्न है आपका कि जल प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम 1974 की किस धारा के तहत राज्य बोर्ड की पूर्व सहमति के बिना सीवेज या व्यापारिक अपशिष्ट के लिए के नए आउटलेट खोलने पर प्रतिबंध है? तो सही उत्तर है आपका यहां पर धारा 25। जल अधिनियम की धारा 25 के अनुसार, कोई भी व्यक्ति राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पूर्व सहमति के बिना नया आउटलेट नहीं खोल सकता है। यह उद्योग संचालन या प्रक्रिया से निकलने वाले सीवज, व्यापारिक अपशिष्ट के निर्वहन को सख्ती से नियंत्रित करता है। बोर्ड सहमति देने से पहले शर्तें भी लगा सकता है।
अगला प्रश्न है आपका कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत यदि कोई व्यक्ति अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, तो उसे क्या सजा मिल सकती है? तो सही उत्तर है आपका 5 वर्ष तक की जेल या ₹1 लाख तक का जुर्माना या दोनों। अधिनियम की धारा 15 उल्लंघन करने वालों के लिए कठोर दंड का प्रावधान करती है। पहली बार के अपराध के लिए 5 साल तक की कैद या ₹1 लाख तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। यदि उल्लंघन जारी रहता है, तो अतिरिक्त ₹5000 प्रतिदिन का जुर्माना लगाया जा सकता है और एक साल के बाद सजा 7 साल तक बढ़ाई जा सकती है।
अगला प्रश्न है आपका कि वायु अधिनियम 1981 की धारा 21 मुख्य रूप से किससे संबंधित है? तो सही उत्तर है आपका वायु प्रदूषण नियंत्रण क्षेत्र में औद्योगिक संयंत्र स्थापित करने के लिए राज्य बोर्ड की सहमति। धारा 21 यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी उद्योग बिना सहमति के वायु प्रदूषण नियंत्रण क्षेत्र में स्थापित या संचालित नहीं किया जा सकता है। बोर्ड इस सहमति के साथ उत्सर्जन मानकों के अनुपालन जैसी शर्तें लगाता है। अस्वीकृति के मामले में, बोर्ड को लिखित कारण देना आवश्यक होता है।
अगला प्रश्न है आपका कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एसपीसीबी) के पूर्णकालिक सदस्य सचिव की नियुक्ति का अधिकार किसके पास होता है? तो सही उत्तर है आपका सी, संबंधित राज्य सरकार। जल अधिनियम 1974 की धारा 42 के अनुसार, राज्य बोर्ड के अध्यक्ष, सदस्य, सचिव और अन्य सदस्यों की नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा की जाती है। सदस्य सचिव को वैज्ञानिक, इंजीनियरिंग या प्रबंधन पहलुओं का ज्ञान और अनुभव होना चाहिए। वह बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में कार्य करता है।
अगला प्रश्न है आपका कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 भारत सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से किस तिथि को पूरे देश में लागू किया गया था? तो सही उत्तर है आपका 19 नवंबर 1986। पर्यावरण [नाक से की जाने वाली आवाज़] संरक्षण अधिनियम 1986 को 23 मई 1986 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली थी। इसे भारत सरकार द्वारा आधिकारिक तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती के दिन 19 नवंबर 1986 को पूरे देश में लागू किया गया था। इस अधिनियम का उद्देश्य स्टॉकहोम डिक्लेरेशन 1972 के निर्णयों को लागू करना था।
अब बढ़ेंगे हम भाग दो की तरफ, जहां पर पर्यावरण जागरूकता एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े हुए 40 प्रश्न होने वाले हैं।
वन्य जीव संरक्षण संशोधन अधिनियम 2022 के माध्यम से भारत में किस अंतरराष्ट्रीय समझौते के प्रावधानों को कानूनी रूप से लागू करने के लिए एक नया अध्याय जोड़ा गया है? तो सही उत्तर है आपका साइट्स सम्मेलन। वन्य जीव संशोधन अधिनियम 2022 का मुख्य उद्देश्य साइट्स के प्रावधानों को भारत के घरेलू कानून में शामिल करना है। इसके तहत लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को विनियमित करने के लिए प्रबंधन और वैज्ञानिक प्राधिकरण स्थापित करने का प्रावधान है। नया अध्याय पांच बी पूरी तरह से साइट्स के क्रियान्वयन पर केंद्रित है।
भारत में जैव विविधता अधिनियम (बायोलॉजिकल डायवर्सिटी एक्ट) किस वर्ष संसद द्वारा पारित किया गया था, जिसका उद्देश्य जैविक संसाधनों का संरक्षण और समान लाभ साझाकरण सुनिश्चित करना है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी, वर्ष 2002। भारत ने संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता सम्मेलन (सीबीडी) 1992 के दायित्वों को पूरा करने के लिए जैव विविधता अधिनियम 2002 पारित किया था। इस अधिनियम के तहत त्रिस्तरीय संरचना, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए), राज्य जैव विविधता बोर्ड और स्थानीय स्तर पर जैव विविधता प्रबंधन समितियां स्थापित की गई हैं।
अगला प्रश्न है आपका कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा अपनाया गया 17 सतत विकास लक्ष्यों में से कौन सा लक्ष्य विशेष रूप से स्वच्छ जल और स्वच्छता सुनिश्चित करने से संबंधित है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी, एसडीजी छठा। जो एसडीजी सिक्स है, इसका लक्ष्य सभी के लिए स्वच्छ जल और स्वच्छता से की उपलब्धता और स्थाई प्रबंधन सुनिश्चित करना है। यह जल प्रदूषण कम करने, जल पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने और खुले में शौच को समाप्त करने पर जोर देता है। भारत सरकार का जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान इसी लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में कदम है।
अगला प्रश्न है आपका कि भारत में राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) की गणना करते समय निम्नलिखित में से किस प्रदूषक को शामिल नहीं किया जाता है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी, कार्बन डाइऑक्साइड। एक्यूआई की गणना के लिए आठ प्रमुख प्रदूषकों का उपयोग होता है: पीएम 10, पीएम 2.5, NO2, SO2, CO, O3, NH3 (अमोनिया) और सीसा। कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) एक प्रमुख ग्रीन हाउस गैस है, लेकिन इसे AQI की गणना के लिए विषाक्त प्रदूषक के रूप में शामिल नहीं किया जाता है।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को कितने पर्यावरण से संबंधित कानूनों के तहत दीवानी मामलों की सुनवाई करने का अधिकार प्राप्त है? तो सही उत्तर है आपका सात कानून। एनजीटी अधिनियम 2010 की अनुसूची एक के अनुसार, एनजीटी को सात कानूनों के तहत सुनवाई का अधिकार है: जल अधिनियम 1974, जल उपकर अधिनियम 1977, वन संरक्षण अधिनियम 1980, वायु अधिनियम 1981, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986, सार्वजनिक देता बीमा अधिनियम 1991 और जैव विविधता अधिनियम 2002। लेकिन वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 इसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
अगला प्रश्न है आपका कि भारत सरकार द्वारा गंगा नदी के प्रदूषण को कम करने और उसके कायाकल्प के लिए प्रमुख कार्यक्रम नमामि गंगे किस वर्ष शुरू किया गया था? तो सही उत्तर है आपका वर्ष 2014। नमामि गंगे कार्यक्रम को केंद्र सरकार द्वारा जून 2014 में एक फ्लैगशिप कार्यक्रम के रूप में अनुमोदित किया गया था। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय नदी के प्रदूषण का प्रभावी ढंग से उपसमन, संरक्षण और कायाकल्प करना है। इसे जलशक्ति मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा लागू किया जा रहा है।
अगला प्रश्न है आपका कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के अंतर्गत स्रोत पर कचरा अलग करते समय हरा डस्टबिन किसके लिए उपयोग किया जाता है? तो सही उत्तर है आपका बायोडिग्रेडेबल या गीला कचरा। एसडब्ल्यूएम नियम 2016 के तहत कचरे के पृथक्करण के लिए रंग कोड निर्धारित हैं। हरा डस्टबिन गीले और बायोडिग्रेडेबल कचरे, जैसे भोजन के अवशेष, सब्जियों के छिलके के लिए होता है, जिससे खाद में बदला जा सकता है। नीला डस्टबिन सूखे कचरे, जैसे कागज, प्लास्टिक के लिए और काला डस्टबिन खतरनाक कचरे के लिए होता है, जैसे पैड्स हैं, बच्चों के हगीज और सेनेटरी नैपकिंस हैं, सेनेटरी पैड्स हैं, दवाइयों के बचे हुए शीशे हैं, कांच है, इंजेक्शन है। यह सब क्या है आपका? लाल डस्टबिन में।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम 2010 भारतीय संविधान के किस मौलिक अधिकार से प्रेरित होकर बनाया गया है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी, जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार। एनजीटी अधिनियम की प्रस्तावना स्पष्ट करती है कि यह संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत दिए गए जीवन के अधिकार से प्रेरित है। सर्वोच्च न्यायालय में कई निर्णयों में स्पष्ट किया है कि स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार (राइट टू हेल्थी एनवायरमेंट) अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का एक अभिन्न अंग है।
बात करते हैं अगले प्रश्न की। ई-कचरा प्रबंधन नियम 2022 में पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित पुनर्चक्रण सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित में से किस नए उत्पाद को पहली बार ई-कचरा की श्रेणी में शामिल किया गया है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी, सोलर फोटोवोल्टिक मॉड्यूल। 2022 के ई-कचरा नियमों में कवरेज का विस्तार किया गया है। इसमें पहली बार सोलर फोटोवोल्टाइक मॉड्यूल या पैनलों को शामिल किया गया है, क्योंकि भारत में सौर ऊर्जा का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और उनके निस्तारण की समस्या उत्पन्न हो रही है। इनके निर्माताओं के लिए भी विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी अनिवार्य कर दी गई है, जिसे शॉर्ट में ईपीआर कहते हैं।
अगला प्रश्न है आपका कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम 2021 के तहत आयोग के निर्देशों का उल्लंघन करने पर कितनी सजा का प्रावधान है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी, 5 वर्ष तक की जेल या ₹1 करोड़ तक का जुर्माना या दोनों। सीएक्यूएम अधिनियम 2021 की धारा 14 के अनुसार, आयोग के आदेशों या निर्देशों का पालन ना करना एक संघीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर 5 साल तक की कैद या ₹1 करोड़ तक का जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है। किसानों को पराली जलाने के मामले में इस भारी दंड से छूट दी गई है। उन्हें केवल पर्यावरण मुआवजा देना होगा।
अगला प्रश्न है आपका कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान केंद्र सरकार के किस मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी, गृह मंत्रालय। भारत में आपदा प्रबंधन के लिए गृह मंत्रालय नोडल मंत्रालय है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण दोनों ही गृह मंत्रालय के व्यापक प्रशासनिक दायरे में कार्य करते हैं। एनआईडीएम आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण के लिए जिम्मेदार है।
अगला प्रश्न है आपका कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की बटालियनों मुख्य रूप से कहां से प्रतिनियुक्ति पर ली जाती हैं? तो सही उत्तर है आपका केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से। एनडीआरएफ एक विशेष बल है, जिसका गठन प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाओं के समय प्रतिक्रिया के लिए किया जाता है। वर्तमान में इसकी बटालियन अर्धसैनिक बलों, जैसे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), आईटीबीपी और एसएसबी से प्रतिनियुक्ति पर ली जाती हैं।
अगला प्रश्न है आपका कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) में विशेष श्रेणी के राज्यों (उत्तर पूर्वी और हिमालय राज्यों) के लिए केंद्र सरकार का योगदान कितने प्रतिशत का होता है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी, 90%। वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर एसडीआरएफ का गठन किया गया है। सामान्य श्रेणी के राज्यों के लिए केंद्र और राज्य का अनुपात 75:25 होता है। विशेष श्रेणी के राज्यों, जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर पूर्वी राज्य के लिए यह अनुपात 90:10 है, यानी 90% राशि केंद्र सरकार देती है।
अगला प्रश्न है आपका कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 20 के अंतर्गत राज्य स्तर पर किस महत्वपूर्ण निकाय के गठन का प्रावधान है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी, राज्य कार्यकारी समिति। अधिनियम की धारा 20 राज्य कार्यकारी समिति के गठन को अनिवार्य बनाती है। समिति का कार्य राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को राज्य योजना तैयार करने और आपदा प्रबंधन गतिविधियों के समन्वय में सहायता करना है। इसका पदेन अध्यक्ष राज्य का मुख्य सचिव होता है।
अगला प्रश्न है आपका कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस प्रतिवर्ष किस दिन मनाया जाता है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी, 13 अक्टूबर को। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1989 में आपदा न्यूनीकरण की वैश्विक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए यह दिवस घोषित किया था। यह हर साल 13 अक्टूबर को दुनिया भर में मनाया जाता है, ताकि लोगों को आपदाओं के जोखिम को कम करने के बारे में जागरूक किया जा सके।
अगला प्रश्न है आपका कि भारत सरकार द्वारा जंगली हाथियों, उनके आवास और गलियारों की सुरक्षा के लिए प्रोजेक्ट एलीफेंट किस वर्ष शुरू किया गया था? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी, वर्ष 1992। प्रोजेक्ट एलीफेंट 1992 में पर्यावरण और वन मंत्रालय द्वारा एक केंद्र प्रयोजित योजना के रूप में लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य हाथियों, उनके आवासों और मानव-पशु संघर्ष के मुद्दों को संबोधित करना है। इसे प्रमुख हाथी आबादी वाले 16 राज्यों में लागू किया जा रहा है।
अगला प्रश्न है आपका कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के अनुसार दूषित रिसाइकल योग्य प्लास्टिक अपशिष्ट, जैसे कि सिरिंज (सुई के बिना), आईवी ट्यूब और कैथेटर को किस रंग के डस्टबिन में डाला जाना चाहिए? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी, लाल बॉक्स। नियमों के अनुसार, लाल रंग के डस्टबिन का उपयोग मुख्य रूप से दूषित प्लास्टिक कचरे के लिए किया जाता है, जिसे बाद में ऑटोक्लेविंग करके रिसाइकल किया जा सकता है। इसमें आईवी सेट, यूरिन बैग, सिरिंज (बिना सुई के) और दस्ताने शामिल होते हैं। पीला डस्टबिन मानव और पशु शारीरिक अंगों के लिए होता है।
अगला प्रश्न है आपका कि अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण संधि रामसर सम्मेलन 1971 निम्नलिखित में से किसके संरक्षण और स्थाई उपयोग से संबंधित है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी, आद्रभूमियां। रामसर सम्मेलन एक अंतर सरकारी संधि है, जो आद्रभमियों के संरक्षण के लिए रूपरेखा प्रदान करती है। यह 2 फरवरी 1971 को ईरानी शहर रामसर में अपनाया गया था। इसलिए 2 फरवरी को विश्व आद्रभूमियां दिवस मनाया जाता है। भारत में वर्तमान में कई महत्वपूर्ण साइट्स, जैसे चिल्का झील, केवलादेव, रामसर साइट्स के रूप में मान्यता प्राप्त हैं।
अगला प्रश्न है आपका कि जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसी) को पहली बार किस ऐतिहासिक सम्मेलन में हस्ताक्षर के लिए खोला गया था? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन बी, पृथ्वी सम्मेलन। यूएनएफसीसी को 1992 में रियो डी जनेरियो, ब्राजील में हुए पर्यावरण और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में अपनाया गया था। इसे पृथ्वी शिखर सम्मेलन के नाम से भी जाना जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य वायुमंडल में ग्रीन हाउस गैस सांद्रता को स्थिर करना है। यह संधि 21 मार्च 1994 को लागू हुई थी। तो भारत में इस समय जो रामसर साइट्स की संख्या है, वह 100 है। यूपी में 13 हैं। ध्यान रखिएगा, 100वीं रामसर जो 100वीं 100 आपकी जो रामसर साइट्स है, वो है आपकी बलिया में। उसका नाम क्या है? कमेंट बॉक्स में आप बताइएगा। मुझे आपके कमेंट्स का इंतजार रहेगा।
अगला प्रश्न है आपका कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग का अधिकार क्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अलावा किन राज्यों के आसपास के क्षेत्रों तक विस्तृत है? तो सही उत्तर है आपका यहां पर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश। सीएक्यूएम अधिनियम के 2021 के अनुसार, आयोग का अधिकार क्षेत्र दिल्ली और इससे सटे चार राज्यों पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में लागू होता है। यह मुख्य रूप से इन राज्यों में पराली जलाने, औद्योगिक प्रदूषण और वाहनों के प्रदूषण के अंतर्निहित कारणों को हल करने के लिए बनाया गया है।
अगला प्रश्न है आपका कि भारत में वनों की अंधाधुंध कटाई को रोकने और गैर-वन बाकी उद्देश्यों के लिए वन भूमि के उपयोग को विनियमित करने के लिए वन संरक्षण अधिनियम किस वर्ष लागू किया गया था? तो सही उत्तर है आपका 1980। वन संरक्षण अधिनियम को 1980 में अधिनियमित किया गया था। इस अधिनियम के तहत किसी भी राज्य सरकार या अन्य प्राधिकरण को वन भूमि को गैर-वन उद्देश्य, जैसे खनन, उद्योग के लिए उपयोग करने से पहले केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति लेना अनिवार्य है। हाल ही में 2023 में इसमें संशोधन भी किए गए हैं।
अगला प्रश्न है आपका कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण की प्रधान पीठ निम्नलिखित में से किस स्थान पर स्थित है? तो यह स्थित है आपकी नई दिल्ली में। इसके अलावा एनजीटी की चार क्षेत्रीय पीठ हैं। एक है भोपाल में, जो मध्य है। दूसरी है पुणे में, पश्चिम क्षेत्र के लिए और तीसरी है कोलकाता में, पूर्वी क्षेत्र के लिए और चौथी है चेन्नई में, दक्षिण क्षेत्र के लिए। यह पर्यावरण मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए स्थापित किया गया है।
अगला प्रश्न है आपका कि आईएसीओआईएस द्वारा स्थापित भारतीय सुनामी प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली किस वर्ष पूरी तरह से चालू हो गई थी? तो सही उत्तर है आपका 2007। दिसंबर 2004 की विनाशकारी सुनामी के बाद, भारत सरकार ने एक राष्ट्रीय प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली स्थापित करने का निर्णय लिया। इस चेतावनी प्रणाली को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत अक्टूबर 2007 में इनको (हैदराबाद) में स्थापित और पूरी तरह से चालू किया गया था।
अगला प्रश्न है आपका कि परिसंकटमय और अन्य अपशिष्ट प्रबंधन और सीमा पारीय संचलन नियम 2016 के तहत खतरनाक कचरे के संग्रह, भंडारण या निपटान के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दी गई प्राधिकरण की वैधता सामान्यता कितने वर्षों की होती है? तो सही उत्तर है आपका 5 वर्ष। यह प्राधिकरण जारी होने की तारीख से 5 साल की अवधि के लिए वैध होता है। 5 वर्ष बाद इसका नवीनीकरण कराना आवश्यक होता है।
अगला प्रश्न है आपका कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अनुसार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा अधिकतम कितने सदस्य हो सकते हैं? तो नौ सदस्य हो सकते हैं। टोटल संख्या 10 हो जाती है। अधिनियम की धारा तीन (2) (बी) के अनुसार, प्राधिकरण में अधिकतम नौ सदस्य हो सकते हैं, जिन्हें अध्यक्ष (प्रधानमंत्री द्वारा नामित किया जाता है)। इन नौ सदस्यों में से एक सदस्य को प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नामित किया जाता है।
अगला प्रश्न है आपका कि संयुक्त राष्ट्र का सतत विकास लक्ष्य 13 निम्नलिखित में से किस महत्वपूर्ण पर्यावरणीय विषय पर केंद्रित है? तो यह केंद्रित है जलवायु कार्रवाई पर। एसडीजी 13 का स्पष्ट उद्देश्य जलवायु परिवर्तन और उसके प्रभावों से निपटने के लिए तत्काल कार्यवाही करना है। इसके तहत देशों को अपनी राष्ट्रीय नीतियों में जलवायु परिवर्तन के उपायों को एकीकृत करने का लक्ष्य दिया गया है। एसडीजी 14 पानी के नीचे जीवन (समुद्री संसाधन) से संबंधित है।
अगला प्रश्न है आपका कि भारत सरकार द्वारा देश की पहली राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना किस वर्ष जारी की गई थी, जो सेंडाई फ्रेमवर्क के अनुरूप है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन 2016। भारत के प्रधानमंत्री ने 1 जून 2016 को पहली राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना जारी की थी। यह योजना आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए वैश्विक सिंडाई फ्रेमवर्क के लक्ष्यों के साथ पूरी तरह से मेल खाती है। इसका उद्देश्य भारत को आपदाओं के प्रति अधिक लचीला बनाना है।
अगला प्रश्न है आपका कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 को वैधानिक रूप से कुल कितने अध्यायों और धाराओं में बांटा गया है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी, 11 अध्याय और 79 धाराएं। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 एक विस्तृत कानून है, जिसमें 11 अध्याय और कुल 79 धाराएं हैं। यह अधिनियम राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर एक त्रिस्तरीय संस्थागत संरचना स्थापित करता है। इसके अध्याय 10 में अपराध और दंड का वर्णन है।
अगला प्रश्न है आपका कि पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना 2006 (ईआईए नोटिफिकेशन 2006) के अनुसार विकासात्मक परियोजनाओं को मंजूरी देने के लिए कितनी श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन ए, दो श्रेणियां। ईआईए 2006 के तहत परियोजनाओं को दो श्रेणियों में बांटा गया है: श्रेणी ए और श्रेणी बी। श्रेणी ए की परियोजनाओं को सीधे केंद्र सरकार से पर्यावरणीय मंजूरी लेनी होती है। श्रेणी बी की परियोजनाओं को राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण से मंजूरी लेनी होती है।
अगला प्रश्न है आपका कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट नियम 2016 के कलर कोडिंग के अनुसार टूटे हुए या दूषित कांच के बर्तन और मैटेलिक बॉडी इंप्लांट्स को किस रंग के बॉक्स में फेंका जाना चाहिए? तो सही उत्तर है आपका नीला बॉक्स। बायोमेडिकल नियमों के अनुसार, नीले रंग के डस्टबिन या कार्डबोर्ड बॉक्स में मुख्य रूप से टूटे हुए कांच, दवा की शीशियां और धातु के इंप्लांट्स डाले जाते हैं। यह अस्पतालों के लिए है। सफेद रंग का पंचर-प्रूफ कंटेनर, नुकीले उपकरण जैसे सुई, ब्लेड और स्कैल्पल्स के लिए होता है, ताकि चोट ना लगे।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम 2010 के तहत पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली किसी कंपनी पर अधिकरण अधिकतम कितना जुर्माना लगा सकता है? तो सही उत्तर है आपका ऑप्शन सी, ₹25 करोड़ तक। एनजीटी अधिनियम की धारा 26 के अनुसार, यदि कोई कंपनी एनजीटी के आदेशों या निर्णयों का पालन करने में विफल रहती है, तो उस पर भारी दंड का प्रावधान है। कंपनी पर 25 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। निरंतर उल्लंघन के मामले में ₹1 लाख प्रतिदिन का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जा सकता है। व्यक्तियों के मामले में यह जुर्माना ₹1 करोड़ तक है।
अगला प्रश्न है आपका कि जल अधिनियम 1974 की किस धारा के तहत राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को किसी भी संयंत्र से सीवेज या व्यापारिक अपशिष्ट का नमूना लेने की शक्ति प्राप्त है? तो सही उत्तर है आपका धारा 21। जल अधिनियम 1974 की धारा 21 के तहत, राज्य बोर्ड को जल के किसी भी स्रोत या किसी भी आउटलेट से सीवेज या व्यापारिक अपशिष्ट के नमूने लेने का अधिकार है। इस नमूने का उपयोग कानूनी कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में तभी किया जा सकता है, जब नमूना लेते समय निर्धारित प्रक्रिया (नोटिस देना, उद्योग प्रतिनिधि की उपस्थिति) का पालन किया गया हो।
अगला प्रश्न है आपका कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के पूर्णकालिक अध्यक्ष का कार्यकाल कितना निर्धारित किया गया है? तो सही उत्तर है आपका 3 वर्ष या 70 वर्ष की आयु। सीएक्यूएम अधिनियम 2021 के अनुसार, आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति 3 वर्ष की अवधि के लिए या 70 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक (जो भी पहले हो) की जाती है। अध्यक्ष ऐसा व्यक्ति होना चाहिए, जिसके पास पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में कम से कम 15 वर्ष का अनुभव हो या वह भारत सरकार का सचिव रहा हो।
अगला प्रश्न है आपका कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के अनुसार कचरा संग्रहण और प्रबंधन सेवाओं के लिए उपयोगकर्ता शुल्क लगाने और वसूलने का अधिकार किसे दिया गया है? तो सही उत्तर है आपका सी, स्थानीय निकाय। 2016 के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम स्थानीय निकायों, जैसे नगर निगम, नगर पालिका, ग्राम पंचायत को सशक्त बनाते हैं। स्थानीय निकायों को यह अधिकार दिया गया है कि वे कचरा प्रबंधन सेवाओं की स्थिरता के लिए कचरा पैदा करने वालों से उपयोगकर्ता शुल्क तय कर सकते हैं और वसूल सकते हैं। सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने पर वे स्पॉट फाइन भी लगा सकते हैं।
अगला प्रश्न है आपका कि आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर सेंडाई फ्रेमवर्क (सेंडाई फ्रेमवर्क) में वैश्विक स्तर पर कार्यवाही के लिए प्राथमिकताओं की संख्या कितनी है? तो सही उत्तर है आपका चार। ये चार प्राथमिकताएं हैं:
1. आपदा जोखिम को कम करना।
2. आपदा जोखिम के प्रबंधन के लिए संस्थागत शासन को मजबूत बनाना।
3. लचीलेपन के लिए आपदा जोखिम न्यूनीकरण में निवेश करना।
4. प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए आपदा की तैयारी बढ़ाना।
अगला प्रश्न है आपका कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अनुसार राज्य स्तर पर राज्य कार्यकारी समिति का पदेन अध्यक्ष कौन होता है? तो राज्य कार्यकारी समिति का पदेन अध्यक्ष राज्य का मुख्य सचिव होता है। आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 20 (2) के अनुसार, यह तय किया गया है कि राज्य कार्यकारी समिति (एसईसी) का गठन किया जाएगा। राज्य सरकार का मुख्य सचिव इस समिति का पदेन अध्यक्ष होता है। एसईसी का मुख्य कार्य राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) की नीतियों और योजनाओं को लागू करना है। ध्यान रहे कि एसडीएमए का अध्यक्ष मुख्यमंत्री होता है।
अगला प्रश्न है आपका कि राष्ट्रीय परिवेशीय वायु गुणवत्ता मानक (नैक्स) 2009 के अनुसार आवासीय और औद्योगिक क्षेत्र के लिए पीएम 2.5 की वार्षिक अनुमेय सीमा कितनी निर्धारित की गई है? तो सही उत्तर है आपका 40 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा 2009 में अधिसूचित नैक्स के अनुसार मानकों का निर्धारण किया गया है। पीएम 2.5 की वार्षिक औसत सीमा 40 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर निर्धारित की गई है। पीएम 2.5 की 24 घंटे (दैनिक) की औसत सीमा 60 60 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर है।
अगला प्रश्न है आपका कि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की किस धारा के अंतर्गत राज्य सरकार को किसी क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने का अधिकार है? तो सही उत्तर है आपका धारा 35। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 35 राज्य सरकार को पारिस्थितिकी, जीवों और वनस्पतियों के महत्व वाले क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने की शक्ति प्रदान करती है, जबकि धारा 18 वन्य जीव अभयारण्य की घोषणा से संबंधित है। राष्ट्रीय उद्यानों में अभयारण्यों की तुलना में सख्त सुरक्षा नियम होते हैं, जैसे वहां मानवीय गतिविधियों की अनुमति नहीं होती है।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस प्रतिवर्ष किस दिन मनाया जाता है? तो यह मनाया जाता है आपका 5 जून को। इस बार का 5 जून का पर्यावरण दिवस खास था, क्योंकि 100वीं जो आपकी आद्रभूमियां स्थल (रामसर साइट) है, वो घोषित की गई थी। इसे संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 1972 में मानव पर्यावरण पर स्टॉकहोम सम्मेलन के पहले दिन को चिन्हित करने के लिए स्थापित किया गया था। पहला विश्व पर्यावरण दिवस 1973 में मनाया गया था। 22 मार्च जल दिवस है, 22 अप्रैल पृथ्वी दिवस है और 16 सितंबर ओजोन दिवस है।
50वां और आज का अंतिम प्रश्न है कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा चक्रवात के लिए जारी किए जाने वाली चार चरणीय चेतावनी प्रणाली में अत्यधिक खतरे या पोस्ट लैंडफॉल आउटलुक को किस रंग के कोड से दर्शाया जाता है? तो वह कोड होता है लाल रंग। पीला चक्रवात अलर्ट के लिए है, नारंगी चक्रवात चेतावनी के लिए और लाल सबसे गंभीर स्थिति (पोस्ट लैंडफॉल आउटलुक या अत्यधिक खतरा) के लिए उपयोग होता है। हरा का अर्थ है कि कोई चेतावनी नहीं है, सब ठीक है।
तो आज का यह आपका मॉक टेस्ट कंप्लीट होता है, जिसमें आपने 50 प्रश्न देखे हैं। उम्मीद करता हूं प्रश्नों का स्तर आपको सही लगा होगा और आपका रिवीजन अच्छा हुआ होगा। वीडियो को लाइक कर लीजिएगा। चैनल पर नए हैं, चैनल को सब्सक्राइब करिए और अपने दोस्तों के साथ भी वीडियो शेयर कर सकते हैं। कमेंट करके बताइएगा कि आज का जो सेशन था, आपको कैसा लगा और इन 50 प्रश्नों में से आपको कितने प्रश्न आते थे। हमें आपके कमेंट्स का इंतजार रहेगा।
और रही बात आज के इस वीडियो की पीडीएफ की, तो यूपीपीसीबी और लोअर पीसीएस दोनों में मैं यह पीडीएफ उपलब्ध करवा दूंगा। और आप लोग तैयारी करते रहिए। अगर आप भी जुड़ना चाहते हैं हमारे साथ, सुव्यवस्थित पीडीएफ पाना चाहते हैं, तो स्क्रीन पर आपको व्हाट्सएप नंबर दिख रहा होगा, वहां पर आप मैसेज करिए और आपको बहुत अच्छा कंटेंट हम उपलब्ध कराएंगे। वन लाइनर फॉर्म में, थ्योरी फॉर्म में, एमसीक्यूस, पीवाईक्यूस फॉर्म में, जिससे आपकी तैयारी बहुत अच्छी हो जाएगी और एग्जाम में आपको मजा आएगा।
तो आज के लिए बस इतना ही। तैयारी करते रहिए, पढ़ते रहिए और समय का सदुपयोग करें, सकारात्मक रहें और जितना ज्यादा हो सके स्वयं पर ध्यान दें। मिलते हैं फिर किसी अन्य वीडियो में, तब तक के लिए जय हिंद, जय।