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लाइफ नहीं हुई क्यों मुझे नहीं पता। लाइव जय हिंद दोस्तों, मैं शिवम गुप्ता स्वागत करता हूं आपका अपने प्रभ रोजगार अंकित पर। उम्मीद करता हूं आप सभी अच्छे होंगे, बेहतरीन होंगे, जिंदाबाद होंगे, एकदम शानदार होंगे। एक बार आप सभी प्यारे भाई बहन, प्यारे से दोस्त बताएंगे आप सभी कैसे हैं? आप वेरी वेरी वेरी गुड मॉर्निंग, गुड आफ्टरनून, राधे-राधे, जय श्री कृष्णा, जय हिंद, जय मां सरस्वती सभी दोस्तों को। सभी प्यारे साथी क्लास से जुड़ जाएंगे, बताएंगे आप सभी कैसे हैं और क्या मेरी वॉइस और वीडियो आप सभी तक प्रॉपर तरह से पहुंच पा रही है या नहीं। एक बार सभी दोस्त कंफर्म करेंगे।
फिर शुरू करते हैं हम अपने एक शानदार, एक बेहतरीन, एक लाजवाब क्लास जो कि रहने वाला है आपका यहां पर कंप्यूटर का प्रैक्टिस सेट नंबर टू। यूपी ट्रिपल एससी का कोई भी एग्जाम हो, चाहे वो कोई सा भी, चाहे थंबनेल पर लिखा है या नहीं लिखा, यह क्लास हर एक एग्जाम के लिए रामबाण साबित रहेगी क्योंकि हम इसमें डिटेल सिलेबस जो यूपी ट्रिपल एससी का दिया है, उसे यहां पर कवर करेंगे। तो ये सवाल पूछना कि ये इस एग्जाम के लिए, उस एग्जाम के लिए बिल्कुल निरर्थक है। आप हर बच्चे को जो यूपी ट्रिपल एससी के किसी भी एग्जाम में बैठने वाला है, सबके लिए ये बढ़िया है। हम इसमें जो लेवल है, वो लोअर पीसीएस वाला लेवल हम यहां पर लेकर चलने वाले हैं। बाकी उस उस लेवल को लेने से बाकी सारे लेवल आपके अपने आप यहां पर कवर हो जाएंगे। आपने कल की क्लास में देखा था कि हर एक चीज को हमने प्रॉपर डिटेल में समझा था। एक-एक बात को हमने डिटेल में किया था। बिल्कुल उसी क्रम में हम चीजों को लेकर के चलेंगे। मुझे उम्मीद है कि कल का प्रैक्टिस सेट आपको पसंद आया होगा। आज का उससे भी ज्यादा पसंद आएगा। ठीक है?
तो शुरू करते हैं प्रैक्टिस सेट को बिना किसी देरी के और बात करते हैं सबसे पहले क्वेश्चन ऑफ द डे यानी कि जो मैंने आपको होमवर्क वाला सवाल दिया था। इस सवाल का आंसर क्या होगा बताइएगा? व्हाट इज द साइज ऑफ़ मैक एड्रेस इन कंप्यूटर नेटवर्क? तो मैंने आपको बताया था तीन प्रकार के एड्रेस के बारे में एग्जामिनर हमसे अक्सर पूछ लेता है। एक तो IPv4 का साइज पूछ लेता है कि इंटरनेट प्रोटोकॉल वर्जन 4 का साइज कितना होता है? एक IPV6 का साइज पूछ लेता है और एक मैक एड्रेस का पूछता है। एक मैक एड्रेस के बारे में पूछता है। ठीक है ना? तो हम कहेंगे जो IPV4 होता है हमारा, इससे ये होता है 32 बिट्स के बराबर। यह होता है 32 बिट्स के बराबर। IPV6 होता है हमारा 128 बिट्स के बराबर। और मेरे भाई मैक एड्रेस हमारा होता है 48 बिट्स के बराबर। लेकिन कई बार क्या होता है कि बिट्स में ना पूछ करके आंसर बाइट्स में पूछेगा। तो अगर मैं इन्हें बाइट्स में लिखना चाहूं तो आंसर क्या होगा? हमारा बताएंगे। कौन बताएगा मुझे कि IPV4 जो है, ये 32 बिट्स के बराबर होता है। लेकिन अगर मैं इसे बाइट में नापपू तो बाइट में कैसे होगा हमारा? हम कहेंगे भैया चार बाइट के बराबर होगा। क्योंकि 8 बिट बराबर एक बाइट, तो हम कहेंगे कि चार बाइट से मिलकर के एक मतलब IPV4 का चार बाइट होता है। 128 में जब आप आठ से भाग दोगे तो 16 बार जाएगा। यानी कि हम कहेंगे कि 16 बाइट के बराबर, 16 बाइट के बराबर। और 48 बिट में जब हम भाग देंगे आठ का तो भैया छह बार जाएगा। यानी कि 6 बाइट बराबर। ठीक है?
अगर निबल में पूछ ले, अगर ऑप्शन आपको निबल में दिए हो कि IPV4 का साइज कितने निबल के बराबर होगा? है ना? अगर आपसे यह पूछा जाए कि जो IPV4 है, इसका साइज कितने निबल के बराबर होगा? तो आप क्या कहोगे कि आठ निबल। अगर IPV4 की बात होगी तो आठ निबल। अगर IPV6 की बात होगी तो 32 निबल। और अगर मेरे भाई बात होगी आपकी किस चीज की? मैक एड्रेस की, तो हम कहेंगे बार इनेबल। ठीक है? तो आप सभी ने यूनिट्स ऑफ मेमोरी चैप्टर पढ़ा है, तो उस हिसाब से इसे अपने हिसाब से कन्वर्ट करके आंसर कर देंगे। परेशान नहीं होंगे। फिलहाल इस सवाल का आंसर हमारा 48 बिट हो जाता है। ठीक है?
आगे अगर हम बढ़ते हैं क्वेश्चन नंबर वन की तरफ। पहले इस पूरे सवाल को पढ़ो और फिर अपने हिसाब से आंसर देने की कोशिश करना। फिर बाद में मैं आपको बताऊंगा विद प्रैक्टिकल और अच्छे से। ठीक है ना? तो पहला सवाल आपसे कह रहा है कि Microsoft Excel में आप एक फार्मूला को कई सेल में लागू कर रहे हैं और चाहते हैं कि एक विशेष सेल रेफरेंस कॉपी करने पर भी स्थिर रहे। आपको किस प्रकार का सेल्फ रेफरेंस प्रयोग करना चाहिए भैया? कीबोर्ड दे दो। ठीक है? आपको किस प्रकार का करना चाहिए? तो हम कहेंगे एब्सोल्यूट सेल रेफरेंस का यूज़ हमें करना चाहिए। क्या होता है एब्सोल्यूट सेल रेफरेंस या फिर क्या होता है सेल रेफरेंस? और कितने प्रकार के होते हैं सेल रेफरेंस? तो आइए जानेंगे यहां पर हम सबसे पहले तो हम जानेंगे कि जो सेल रेफरेंस हैं, वो होते कितने प्रकार के हैं? तो हम कहेंगे एक्सेल में तीन प्रकार के सेल रेफरेंस होते हैं। एक होता है रिलेटिव, एक होता है एब्सोल्यूट, एक होता है मिक्स्ड। जब भी हम नॉर्मल तरीके से चीजों को लिखते हैं तो बाय डिफॉल्ट कौन सा सेल रेफरेंस होता है? तो हम कहेंगे कि भैया बाय डिफॉल्ट जो है, वो आपका सेल रेफरेंस होता है हमारा यहां पर कौन सा? रिलेटिव। रिलेटिव, रिलेटिव सेल रेफरेंस हमारा बाय डिफॉल्ट होता है। रिलेटिव जो सेल रेफरेंस है, मेरे भाई हमारा, वो कैसा होता है? वो बाय डिफॉल्ट होता है। ठीक है जी। ओके।
अब अंतर क्या है? रिलेटिव, एब्सोल्यूट और मिक्स में। यदि आपने कोई फार्मूला लिखा, मैं आपको विद प्रैक्टिकल करके दिखाऊंगा। थोड़ा समय लगे लग जाए, लेकिन समझ में आना चाहिए आपको अच्छे से। देखो जैसे मैंने यहां पर क्या किया, 1 मिनट जस्ट ध्यान से देखना भाई। मैंने यहां पर लिखा मान लो 32 और यहां पर मैंने लिखा मान लो 12 और यहां पर मैंने लिखा 68, 69 और मैंने यहां पर लिखा सात, 69, 7। कोई दिक्कत नहीं। अब यहां पर ध्यान से देखना मैं क्या बताना चाह रहा हूं आपको। मैंने फार्मूला लगाया = a1 * a2 ठीक है? = a1 * a2। अभी यहां पर कौन सा वाला लिखा है? मैंने रिलेटिव सेल रेफरेंस लिखा है। रिलेटिव मतलब नॉर्मल बिल्कुल। ठीक है? तो जैसे ही मैं एंटर बटन दबाऊंगा तो यहां पर इन दोनों का गुणा होकर यहां आ गया। राइट? ऐसा ही हुआ। ठीक है? लेकिन अगर मैं इस वाले फॉर्म, इस वाली सेल को कॉपी कर लूं। मैं इस वाली सेल को क्या कर लूं? कॉपी कर लूं और इस वाली सेल में पेस्ट कर दूं। तो अब क्या होगा? तो अब ये हो जाएगा कि इन दोनों का जो गुणा है, वो यहां आ गया। क्यों आ गया? क्योंकि जब हमने इस वाले फॉर्मूले को कॉपी किया और यहां पर लाकर पेस्ट किया तो ये चेंज हो गया। हमने कॉपी तो किया था = a1 * a2, लेकिन जब इसे पेस्ट किया इसमें तो ये a1 a2 से b1 b2 में बदल गया। क्यों बदल गया भैया? क्योंकि ये जब हम नॉर्मल तरीके से किसी सेल के एड्रेस को लिखते हैं तो उसे रिलेटिव सेल डिफरेंस कहते हैं। ये रिलेट कर लेता है खुद को। इसने ऐसे रिलेट करा कि जब आपने यहां पर फार्मूला लगाया और ऊपर के दो का गुणा करा है, तो यहां पर ये अब इन दोनों ऊपर के इन दोनों का गुणा कर देगा। तो ये हो गया हमारा यहां पर किस चीज का? रिलेटिव सेल रेफरेंस। कौन सा मेरे भाई? रिलेटिव सेल रेफरेंस। ठीक है?
लेकिन अगर मैं यहीं पर ऐसा कर दूं कि मैं यहां पर कर दूं मेरे भाई क्या? इस वाले 32 को मैंने कर दिया फिक्स। मतलब इसे मैंने एब्सोल्यूट सेल डिफरेंस कर दिया। 32 को फिक्स कर दिया और A2 ऐसे ही रहने दिया। अब मैं जब यहां पर क्या करूंगा? इसको कॉपी करूंगा और यहां पर जब मैं इसे पेस्ट करूंगा मेरे भाई, तो अब आप देखोगे कि जो फार्मूला यहां पर a1 a2 से b1 b2 हो जा रहा था, वो यहां पर अब b1 b2 ना हो के a1 b2 रहा होगा। क्यों? क्योंकि आप यहां पर देखेंगे कि जिसके आगे डॉलर लगा है, वो चेंज नहीं हुआ। और जिसके आगे डॉलर नहीं लगा, वो चेंज हो गया। तो इसी को हम कहते हैं एब्सोल्यूट सेल रेफरेंस। एब्सोल्यूट सेल रेफरेंस का मतलब होता है कि वो सेल आपकी वहीं की वहीं फिक्स हो जाती है और जब आप उसे कॉपी करके पेस्ट करते हो तो वो बदलती नहीं है। ये कांसेप्ट समझ में आ गया आपको? एक बार यस करके मुझे बताएंगे से यस और नो। बताओ।
तो इस तरीके से हमारे तीन सेल डिफरेंस होते हैं। एक होता है बिल्कुल नॉर्मल वाला रिलेटिव सेल डिफरेंस। एक होता है एब्सोल्यूट सेल डिफरेंस। अच्छा एक सवाल आपसे पूछा जाता है कि किसी रिलेटिव सेल एड्रेस को एब्सोल्यूट में बदलने के लिए किस शॉर्टकट की का प्रयोग किया जा सकता है? ध्यान देंगे यहां पर, तो लिखेंगे कि रिलेटिव सेल एड्रेस को, रिलेटिव सेल एड्रेस को एब्सोल्यूट में बदलने के लिए, एब्सोल्यूट में बदलने के लिए F4 बटन दबाया जाता है। कौन सा बटन दबाया जाता है? याद रखना F4 बटन दबाया जाता है। मतलब इस F4 का क्या रोल है? जी, इस F4 का यह रोल है मेरे भाई। आपने जैसे अभी यहां पर देखा कि ये ना, ये वाली जो मान लो एड्रेस है, ये बिल्कुल ऐसे नॉर्मल लिखा है। ठीक है? सॉरी। इस तरीके से नॉर्मल लिखा है। अब अगर मुझे इसे कैसा बनाना है? अगर मुझे इसे यहां पर रिलेटिव एब्सोल्यूट बनाना है, तो या तो मैं खुद से डॉलर लिखूं या फिर मैं उस एड्रेस के पास ले जाकर F4 बटन दबा दूं। अपने आप रिलेटिव हो गया। इस वाले को भी बनाना है। अपने आप F4 बटन दबा दूं। अपने आप ये एब्सोल्यूट में कन्वर्ट हो जाता है। क्या हो जाता है? अपने आप ये हमारा एब्सोल्यूट में कन्वर्ट हो जाता है। तो ये हमारा हो जाएगा रिलेटिव सेल एड्रेस को एब्सोल्यूट में बदलने के लिए हम F4 बटन दबाते हैं। कौन सा बटन दबाते हैं? F4 बटन। राइट? तो ये क्लियर हो गई बात? यहां तक कोई दिक्कत नहीं है। मिक्स्ड सेल रेफरेंस क्या होता है? तो इसमें या तो कॉलम फिक्स होता है या फिर रो फिक्स होती है। दोनों चीजें फिक्स नहीं होती। ठीक है जी। बाकी ऐसे सवाल हम आगे भी करते रहेंगे जिससे कि कोई दिक्कत ना आए।
चलो एक्सेल का ही एक दूसरा सवाल है। फार्मूला बेस्ड बताएंगे। ये राउंड से रिलेटेड तीन फॉर्मूले होते हैं। तीनों फॉर्मूले हम यहां पर ये आज की ही क्लास में समझ लेंगे। है ना? चलिए अब देखेंगे कि Excel में एक फार्मूला दिया गया है आपको इतना बड़ा। चार का परिणाम क्या होगा? तो सबसे पहले तो ये समझो कि ये फार्मूला राउंड का है। राउंड यानी कि राउंड फिगर। जब हम कोई पेमेंट करते हैं, पेट्रोल पंप पर, होटल पर तो राउंड फिगर में पेमेंट कर देते हैं। तो राउंड फिगर की बात हो रही है। अच्छा ये चार हमें ये बताता है कि हमें पॉइंट के बाद चार अंक पर बात खत्म करनी है। ठीक है? तो ये वाला लेटर तो पूरा वैसे का वैसा ही लिखी जाएगी संख्या। 14785.3 भी ऐसा ही लिखा जाएगा, सिक्स भी लिखा जाएगा, नाइन भी लिखा जाएगा। अब बात आएगी एट की। तो अब आप ये देखो कि आठ से आगे की जो बातचीत है, आठ से आगे की जो बातचीत है, ये अगर मेरे भाई पांच से छोटी है, पांच से तो तो फिर ऐसा का ऐसा ही रहेगा और अगर पांच से बड़ी है तो इसे नौ कर दिया जाता। तो हम यहां पर देखेंगे कि ये पांच से बड़ी है या छोटी है? आप कहोगे छोटी है, तो यह आठ का आठ ही रहेगा। यहां पर क्या रहेगा आठ का आठ ही रहेगा जी। कैसे? आ जाओ एक बार इसी फॉर्मूले को लगा लो यहां पर प्रैक्टिकली। क्या फार्मूला है देखते हैं। मैं यहां लिखता हूं 1 मिनट रुकें। एक सेल में मैंने क्या संख्या दिया मैं? 14785 14785. 36 98478 यह है संख्या। मिनट रुके। इसने ऑटोमेटिक एप्रोक्स में कर दिया। रुको एक बार। यह ऑटोमेटिक इसे राउंड फिगर में ले ले रहा है। एक मिनट रुके मैं इसे। 147 8536 98 चलो रुको। हमने यहां पर लगाया इक्वल टू राउंड ब्रैकेट स्टार्ट और फिर लिखा 147 85 3698 478 4 ब्रैकेट बंद और एंटर कॉमा फोर और एंटर। ठीक है? तो ये क्या हो गया हमारा यहां पर? ये अभी यहां पर हमें दो अंकों तक दिखा रहा है। जब तक ये हमें देखना कितना है? चार अंकों तक। कोई बात नहीं, मैं आपको ऐसे समझाता हूं अभी। तो हम यहां पर क्या करेंगे? हम यहां पर देखेंगे मेरे भाई कि ये क्या है हमारा? 3.9698 हो जाएगा। क्यों हो जाएगा? क्योंकि ये वाली जो वैल्यू हमें दी है, ये पांच से छोटी है। अगर यहां पर 478 की जगह 578 होता। अगर यह वाला सवाल 578 होता, तो इसका आंसर क्या हो जाता हमारा? वन यहां तक तो ऐसे ही रहता। 369 तक भी ऐसे ही रहता। इसका ये प्रॉपर नाइन हो जाता तब आंसर ये होता। लेकिन फिलहाल हमारा आंसर क्या होगा? ऑप्शन ए, जो है, ये इस सवाल का बिल्कुल करेक्ट आंसर हो जाएगा। है ना भैया?
चलो अब एक तो ये हो गया हमारा। समझ में आ गई बात आपको? अगर ये तो मैंने थोड़ा बड़ा सवाल ले लिया था। इतना बड़ा नहीं पूछा जाता। अगर मैं इसे थोड़ा छोटा ही कर दूं तो मान लो मैंने लिखा इक्वल टू राउंड। मैंने यहां लिखा 983. 61 8 7 2 बताओ इस सवाल का आंसर क्या होगा? बताएंगे इस सवाल का आंसर हमारा क्या होगा? इसे करके देखो एक बार। हां, लास्ट डिजिट में +1 हो जाता है। यदि 5 से बड़ा हो तो। और छोटा हो तो इग्नोर कर देंगे उसे। अब जैसे ये है। ठीक है? अब दो अंक वाले को अगर मैं यहां पर लगाऊं इक्वल टू 987 98 सॉरी 983 सॉरी पहले लिखना होगा इक्वल टू राउंड ब्रैकेट स्टार्ट 983. 6187 2 ब्रैकेट कर देंगे बंद। एंटर बटन दबाएंगे तो ये क्या हो गया? जो 98 983.61 था, वो हमें दो अंकों तक ही चाहिए। अब ये 87 कैसा है? 8 7 जो है, ये हमारा 0.5 से बड़ा है, मतलब पांच से बड़ा है, तो इस इन दोनों की जगह हम प्लस वन लास्ट वाले में कर देंगे, 62 हो जाएगा। हो गया। लेकिन यहीं पर अगर मैं यहां पर इस एट की जगह पे, इस ऐट की जगह पे अगर मैं यहां पर मान लो टू कर दूं, अब इसका आंसर क्या होगा बताना? तो अब इसका आंसर ये होगा कि ये जो टू हो रहा था ना, प्लस ये नहीं होगा। क्यों नहीं होगा? क्योंकि ये 50 से बड़ी नहीं, छोटी वैल्यू है, तो अब इसे इग्नोर कर देंगे और आंसर इसका 983.61 होगा। देखो 983.61। बस इतनी सी बात समझनी है आपको। समझ में आ गई? जी, बहुत अच्छे से आ गई होगी। तो फिलहाल अगर ऐसे पूछेगा तो हमारा आंसर क्या होगा? 983. 6 2। ठीक है?
अच्छा इसके अलावा दो फ़ूले और होते हैं। कौन-कौन से? एक होता है राउंड अप का। राउंड अप का फार्मूला क्या है? 987 983 612 7 2 ठीक है और एक फार्मूला है हमारा राउंड डाउन का। इक्वल टू राउंड डाउन और वही संख्या 983.61 87 2 अब यहां पर एक चीज समझने की जरूरत है आपको, उसे देखना आप कि राउंड अप और राउंड डाउन का जो फार्मूला है। है ना? जो राउंड अप और राउंड डाउन का जो फार्मूला है, मेरे भाई, अप का फार्मूला क्या कहता है कि चाहे बाद वाली वैल्यू 50 से छोटी हो या बड़ी हो, बढ़ाएंगे ही बढ़ाएंगे, प्लस वन करेंगे ही करेंगे। और राउंड डाउन का फार्मूला ये कहता है कि चाहे वैल्यू कितनी भी बड़ी क्यों ना हो, उसे इग्नोर करेंगे। डाउन मतलब नीचे लाना ही लाना है और अप मतलब ऊपर ले जाना ले जाना है। फिर यहां पर जो ये वाली कंडीशन थी 50 वाली, वो हट जाती है। तो फिलहाल अब यहां पर क्या हो जाएगा? 9836। अब देखो कायदे में 27 है। ये वाला सवाल था जो मैंने वहां पर आपको एडिट करके दिखाया था। तो कायदे में 61 होना चाहिए था। लेकिन क्योंकि फार्मूला आपका है, तो 62 ही होगा। और ऐसे ही यहां पर 983। कायदे में फार्मूला क्या है? 61 है ना? और यहां पर एट दिया है, तो कायदे में तो ये बढ़ना चाहिए। 62 हो जाना चाहिए। लेकिन फार्मूला किसका है? डाउन का। तो इसे डाउन ही करेंगे। फिर वो कंडीशन गलत हो जाएगी। तो 983.61। बात समझ में आई दोनों में? तो ये तीन फॉर्मूले होते हैं। एक होता है राउंड का, एक होता है राउंड अप का, एक होता है राउंड डाउन का। तीनों फॉर्मूले हमने यहां पर कर लिए। ठीक है भैया?
नेक्स्ट क्वेश्चन देखेंगे। क्या कह रहा है आपसे? पढ़िएगा एक बार। क्वेश्चन नंबर थ्री। अच्छा सवाल है। ध्यान से देखेंगे। आंसर बताएंगे क्या होगा। ठीक है ना? तो हम कहेंगे व्हेन रैपिंग टेक्स्ट अराउंड एन इमेज इन MS Word व्हिच ऑफ द फॉलोइंग लेआउट ऑप्शन प्रोवाइड्स द मोस्ट फ्लेक्सिबिलिटी इज प्रेजेंसली पोज़ेनिंग द इमेज रिलेटेड टू टेक्स्ट एंड अदर एलिमेंट रिगार्डलेस ऑफ टेक्स्ट फ्लो? MS Word में किसी इमेज के चारों ओर टेक्स्ट रैपिंग करते समय निम्न में से कौन सा लेआउट ऑप्शन टेक्स्ट फ्लो की अपेक्षा करते हुए उपेक्षा करते हुए टेक्स्ट और अन्य अवयवों के साथ इमेज को सटीक रूप से पोजीशन करने में सबसे अधिक फ्लैक्सिबिलिटी प्रदान करता है? क्या होगा इसका आंसर? अब ये बातें आपने बहुत ही कम पढ़ी होंगी। फिर भी हम देखेंगे। देखिए क्या होगा। जैसे मान लो एमएस इसमें बता देता हूं। हमने यहां पर क्या करा कि हमने यहां पर ना कुछ फोटो ली। मान लो कोई मान लो मैंने एक फोटो तो ये ली। फोटो तो मैंने ये ले ली मान लो। है ना? कितना बड़ा है यह? ठीक है भैया। एक फोटो तो मैंने यह ली मान लो। अब क्या हुआ कि मैंने एक और कोई फोटो ली। इंसर्ट पे गए। MS Word की बात कर रहा है। वर्ड ही ओपन करके दिखाता हूं तो ज्यादा अच्छे से समझ में आएगा। चलो ये वर्ड है मान लो। ठीक है? इंसर्ट पे गए। कोई भी हमने रैंडमली यहां पर कोई फोटो ले ली। जैसे ये फोटो ले ली मान लो। ठीक है? अब मैंने यहां पर कुछ टेक्स्ट भी लिख रखा है। इस तरीके से मैंने कुछ टेक्स्ट भी लिख रखा है। अब ये जो फोटो है, इसे आप ऐसे आसानी से इधर से उधर उठा के नहीं रख सकते। क्यों? क्योंकि जब हम फॉर्मेट में जाते हैं तो यहां पर ना हमें अलग-अलग ऑप्शंस दिखाई मिलते हैं देखने के लिए। अलग-अलग ऑप्शन मिलते हैं। इन द लाइन विद टेक्स्ट, स्क्वायर, टाइट, स्क्वायर कर दो। ठीक है ना? स्क्वायर करोगे तो ऐसे हो जाएगा। देखो बीच में आने लगेगा चौकोर के तौर पर। ठीक है? टाइट एक ऑप्शन होता है हमारा टाइट के लिए। ठीक है? एक ऑप्शन होता है हमारा यहां पर थ्रू। है ना? ऐसे अलग-अलग ऑप्शंस होते हैं। तो ये पूछ रहा है कि इनमें से क्या करने पर, इनमें से क्या करने पर क्या हो जाएगा? बहुत ज्यादा फ्लैक्सिबिलिटी मिलेगी। तो हम इसे बिहाइंड टेक्स्ट या फिर इनफ्रंट ऑफ द टेक्स्ट करते हैं। यानी कि यदि मैं इसे क्या कर दूं? इनफ्रंट ऑफ द टेक्स्ट कर दूं, तो ये उस टेक्स्ट के ऊपर बड़े आराम से फ्लैक्सिबल हो जाएगा। तो इसे हम कहते हैं इनफ्रंट ऑफ द टेक्स्ट। क्या कहेंगे मेरे भाई? इसे हम कहेंगे इन फ्रंट ऑफ द टेक्स्ट। ऑप्शन सी इज द राइट आंसर। ऐसे वो सवाल होते हैं जो हमसे रह जाते हैं। है ना भैया?
चलो भैया। आगे बढ़ेंगे। नेक्स्ट क्वेश्चन देखेंगे। क्वेश्चन नंबर फोर कि कंसीडर द फॉलोविंग स्टेटमेंट रिगार्डिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर टूल्स कंपाइलर, इंटरप्रेटर एंड असेंबलर के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। ठीक है ना भैया? सर इतना प्रैक्टिकल के साथ पढ़ा रहे हैं। हम तो भूल गए कि YouTube पर है या एप्लीकेशन पर। बिल्कुल भैया। जब पढ़ाया जाता है मेरे द्वारा स्पेशली जब पढ़ाया जाता है, तो ये दिमाग में नहीं रखा जाता कि ये फ्री में क्लास चल रही है या पेड़ में। पूरी तरह से लगन के साथ, शिद्दत से पढ़ाया जाता है। उसमें कुछ भी अलग नहीं मिलेगा आपको। है ना? चलो तो हम यहां पर देखेंगे स्टेटमेंट क्या कह रहा है हमसे? पहला ए स्टेटमेंट है। अ कंपाइलर ट्रांसलेट द एंटायर प्रोग्राम इंटू मशीन कोड एट वंस बिफोर एग्जीक्यूशन। कंपाइलर पूरे प्रोग्राम को एक बार में मशीन कोड में बदलता है। स्टेटमेंट बी हमसे कह रहा है कि एन इंटरप्रेटर ट्रांसलेट द एग्जीक्यूट द प्रोग्राम लाइन बाय लाइन। इंटरप्रेटर प्रोग्राम को लाइन बाय लाइन अनुवाद करता है। ठीक है? स्टेटमेंट सी कह रहा है एन असेंबलर कन्वर्ट्स हाई लेवल लैंग्वेज इनटू मशीन कोड। असेंबलर उच्च स्तरीय भाषा को मशीन कोड में बदलता है। तो भैया पहला स्टेटमेंट सही है। दूसरा स्टेटमेंट सही है। तीसरा स्टेटमेंट गलत है। तो आंसर क्या हो जाएगा हमारा? ए और बी सही है। ओनली ऑप्शन ए इज द राइट आंसर। कौन सा है मेरे भाई? ऑप्शन ए इज द राइट आंसर। अब ये बात
आई कहां से निकल कर के? तो आप समझो कि पहले मैं इससे पहले आपको बताऊं। देखो जो सॉफ्टवेयर होता है ना सॉफ्टवेयर, इसे हम तीन भागों में बांटते हैं। सॉफ्टवेयर को मुख्यतः हम तीन भागों में बांटते हैं। कौन-कौन से तीन भागों में बांटते हैं भैया? तो आप कहेंगे एक होता है हमारा सिस्टम सॉफ्टवेयर, जिनके बिना हमारा कंप्यूटर चल ही नहीं सकता। जिनके लिए हमारे कंप्यूटर को चलना बहुत जरूरी है। एक होता है हमारा सिस्टम सॉफ्टवेयर, एक होता है हमारा एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर, जो हमारे रियल काम को करने में हमारी मदद करता है, और एक होता है मेरे भाई हमारा यूटिलिटी सॉफ्टवेयर, जो हमारे कंप्यूटर की देखरेख करता है। देखरेख, रखरखाव करने के लिए। ठीक है?
अब जो सिस्टम सॉफ्टवेयर है, इसे हम दो भागों में बांटते हैं। एक होता है ऑपरेटिंग सिस्टम। एक होता है हमारा ऑपरेटिंग सिस्टम। और एक होता है हमारा ट्रांसलेटर। ट्रांसलेटर जो है हमारा, इसे हम तीन भागों में बांटते हैं। कौन-कौन से? तो एक होता है ट्रांसलेटर में हमारा कंपाइलर, एक होता है हमारा असेंबलर और एक होता है हमारा इंटरप्रेटर। ठीक है ना? ट्रांसलेटर का काम क्या होता है? तो हम कहेंगे हाई लेवल की लैंग्वेज को लो लेवल लैंग्वेज में बदलने का काम हमारा इसका होता है। ठीक है जी।
अभी आप देखेंगे कि हमसे यहां पर सवाल क्या कह रहा है? ये तो हमने यहां पर बात करी टाइप ऑफ लैंग्वेज ट्रांसलेट। तो लैंग्वेज ट्रांसलेटर तीन प्रकार के होते हैं। कौन-कौन से? एक है हमारा कंपाइलर, एक है असेंबलर और एक है इंटरप्रेटर। अब इन तीनों से रिलेटेड इंपॉर्टेंट बात क्या है? तो इन तीनों से रिलेटेड इंपॉर्टेंट बात ये है कि ये जो कंपाइलर है मेरे भाई, ये जो कंपाइलर है, ये क्या है? ये पूरे प्रोग्राम को एक साथ, पूरे प्रोग्राम को एक साथ ट्रांसलेट करता है और गलतियां आखिर में बताता है। ठीक है? इसे आप ऐसे जुगाड़ अगर मैं आपको बताऊं, कई बार जुगाड़ हमारे दिमाग में रह जाते हैं। हम एक्चुअल पॉइंट भूल जाते हैं। कंपाइलर, कंपाइलर, कंप्लीट, एक जैसी फीलिंग नहीं है। कंपाइलर, कंप्लीट, तो पूरे प्रोग्राम को, कंप्लीट प्रोग्राम को एक बार में ही ट्रांसलेट कर देता है।
इंटरप्रेटर क्या करता है? जहां भी कहीं आपको लाइन बाय लाइन शब्द मिल जाए, कहीं भी लाइन बाय लाइन शब्द मिल जाए, समझ जाना बात क्या होगी? इंटरप्रेटर की होगी कि ये लाइन बाय लाइन डेटा को पढ़ता है और उसे ट्रांसलेट करता है। जबकि असेंबलर क्या काम करेगा? तो यह हाई लेवल लैंग्वेज को नहीं, यह असेंबली लैंग्वेज को मशीन लैंग्वेज में बदलता है। है ना? यह असेंबली लैंग्वेज को मशीन लैंग्वेज में बदलता है। और ये दोनों ही हमारी लो लेवल लैंग्वेज होती हैं। है ना? असेंबली लैंग्वेज कोई हाई लेवल लैंग्वेज नहीं है। इसलिए हमारा जो तीसरा स्टेटमेंट था, वो हो गया गलत। अब इससे रिलेटेड कभी भी सवाल आएगा, इससे ज्यादा इसमें आपको नहीं जानना। ठीक है भैया?
नेक्स्ट क्वेश्चन की तरफ आगे बढ़ेंगे। क्वेश्चन नंबर फाइव। अच्छा सवाल है। क्वेश्चन जरूर पूछा जाएगा किसी ना किसी के पेपर में जरूर। है ना? किसी ना किसी के में जरूर पूछा जाएगा। क्या है देखो? बहुत बढ़िया। तो क्या कहेंगे हम यहां पर? Windows साउंड फाइल एक्सटेंशन कौन सा है? मतलब विंडो Windows साउंड है ना? यानी कि एक तरह से ऑडियो की बात कर रहा है। तो मैंने आपको बताया था ऑडियो के लिए ए का यूज़ करो। किसका? ए का। है ना? तो ऑप्शन ए। कैसे? तो मैं आपको सारे एक्सटेंशन बताने वाला हूं। और जिस प्रकार ईमानदारी वाली बात है, जिस प्रकार आज मैं बता रहा हूं ना, ऐसे ही मैंने लेख वाले प्रैक्टिस सेट में भी आपको ये चीज कराई थी। ठीक है? और वहां से सवाल भी पूछा गया। लेकिन बात वही है कि बच्चे सब चीजें याद नहीं कर सकते, उनके भी पास एक लिमिटेड ही दायरा है। कहीं ना कहीं। जो बच्चे ध्यान से देख कर के गए थे, निश्चित तौर पर सही करके आए थे सवाल।
क्या देखो। डॉक्यूमेंट वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर होते हैं। टाइपिंग से संबंधित बहुत सारे अलग-अलग सॉफ्टवेयर होते हैं हमारे। ठीक है? अब उनमें मतलब मैं सिर्फ एक के बारे में नहीं बता रहा। मैं पूरे के पूरे एक्सटेंशन की जड़ ही खत्म कर रहा हूं। यहां पर 10 मिनट, 5 मिनट, जो भी समय लगेगा, लेकिन एक्सटेंशन का सवाल आएगा तो गलत होने की संभावना कम हो जाएगी। ठीक है? वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर बहुत सारे हो सकते हैं। वर्ड, MS Word, नोटपैड, वर्डपैड, लिब्रे ऑफिस राइटर, बहुत सारे हैं। ठीक है? तो .doc और .docx है, ये तो MS Word का एक्सटेंशन होता है। ये तो MS Word का एक्सटेंशन होता है। जिन लोगों ने MS Word पढ़ रखा है, उन्हें पता है। ठीक है? .txt जो है, ये नोटपैड का एक्सटेंशन होता है। किसका? नोटपैड का। .wpd वर्डपैड का एक्सटेंशन होता है। वर्डपैड का। और यह जो .odt है ना, यह लिब्रे ऑफिस राइटर का एक्सटेंशन होता है। यह हमारा लिब्रे ऑफिस राइटर का एक्सटेंशन होता है। और ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि यह लेखपाल में पूछ लिया इसलिए अब करा रहा हूं। यह मैंने तब भी कराया था और बहुत सारे बच्चे इस प्रैक्टिस सेट को देखकर करके आए थे। लेकिन सब बच्चों ने तो प्रैक्टिस सेट नहीं किया। पेपर दिया 3 लाख ने, प्रैक्टिस सेट करा 10,000 ने, उनमें से याद रहा 2 हजार को, तो वो 2000 सही करे आए। लेकिन गरिया कितने रहे हैं? 2,98,000 गरिया रहे हैं कि ये सवाल तुमने लिब्रे ऑफिस वाला कब कराया? भाई कराया था। आप ईमानदारी से करे होते तो निश्चित तौर पर आपने चीजें देखी होती। है ना भैया? है ना भैया? तो ये हमारा क्या है? ये लिब्रे ऑफिस राइटर का। और ये सवाल आपसे लेखपाल के पेपर में पूछ लिया गया। तो ऐसे ही ना जाने कौन सी चीज कब मैं आपको कहां बता रहा हूं और मेरे द्वारा बताते समय भी मुझे नहीं पता कि वो पूछी जाएगी नहीं पूछी जाएगी और वो पूछ ली जाती है। इसलिए हर एक पॉइंट को ध्यान से पढ़ना होता है। ठीक है भैया? तो ये हमारा लिब्रे ऑफिस राइटर का है।
ऐसे ही देखो .xls और .xlsx, ये तो Excel का हो गया। लेकिन जैसे MS Word एक स्प्रे वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर है, वैसे ही लिब्रे ऑफिस राइटर वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर होता है। लेकिन जैसे Excel एक स्प्रेडशीट प्रोग्राम है, वैसे ही लिब्रे ऑफिस के अंदर लिब्रे ऑफिस Calc होता है। और वो लिब्रे ऑफिस Calc हमारा एक स्प्रेडशीट सॉफ्टवेयर होता है। तो उसका क्या होगा? तो उसका होता है .ods। यह जो .ods है, यह लिब्रे ऑफिस Calc मतलब एक्सेल जैसा ही एक होता है, उसका एक्सटेंशन है लिब्रे ऑफिस Calc का। ठीक है? सेम एज अ प्रेजेंटेशन। तो प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर MS Word एक अकेला प्रेजेंटेशन, MS PowerPoint अकेला प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर नहीं है। ऐसे और भी बहुत सारे होते हैं। तो हम देखेंगे .ppt और .pptx, ये तो पावर पॉइंट के हो गए। ये तो हमें तो हमें एलिमिनेट करनी होती हैं चीजें कई बार। है ना? अब ये .odp जो बचा है, ये किस चीज का है? तो ये है हमारा लिब्रे ऑफिस इंप्रेस। मतलब मतलब जैसे पावर पॉइंट होता है, बिल्कुल वैसे ही लिब्रे ऑफिस में लिब्रे ऑफिस इंप्रेस होता है। तो उस लिब्रे ऑफिस इंप्रेस का एक्सटेंशन क्या है हमारा? .odp है। क्या है? .odp है। ठीक है? तो ऐसे .odp, .ods, आप कहोगे ऐसे कैसे याद रखेंगे .odt, ये चीजें? भाई याद ही नहीं रखना था। जब ये सवाल पूछा गया था लेखपाल वाले में, ऑप्शन एलिमिनेट हो रहे थे बड़ी आसानी से। बस आपने ध्यान से चीजें देखी होती।
अब इमेज से संबंधित देख लो। जहां कहीं भी आपको .jpg मिले, .jpeg मिले, .png मिले, .gif मिले, .bmp मिले, .tiff मिले, .svg मिले। ये सब के सब हमारे इमेज से संबंधित एक्सटेंशन है। किससे संबंधित? इमेज से संबंधित। इनमें से आपसे दो फुल फॉर्म पूछ ली जाती हैं। कई बार .jpeg, .png, .gif इनकी फुल फॉर्म पूछ ली जाती है। तो इनकी फुल फॉर्म मुझे कौन-कौन बताएगा? बताओ, .jpeg की फुल फॉर्म क्या है? .png की फुल फॉर्म क्या है? .gif की फुल फॉर्म क्या है? बताएंगे एक बार। किस-किस को पता है? ठीक है ना? चलिए तो हम यहां पर क्या कहेंगे भैया? .png की जो फुल फॉर्म है हमारी, वो क्या होगी? पोर्टेबल नेटवर्क ग्राफिक्स होती है। क्या होती है? तो हम कहेंगे पोर्टेबल नेटवर्क ग्राफिक्स होगी। ठीक है? अच्छा .jpg की फुल फॉर्म क्या होगी? तो हम कहेंगे जॉइंट फोटोग्राफिक्स एक्सपर्ट ग्रुप। जॉइंट फोटोग्राफिक्स एक्सपर्ट ग्रुप। अब यह आप मुझे बताओगे कि .gif की फुल फॉर्म क्या है? बताओ। है ना? What is the full form of GIF? पता है किसी को? ग्राफिकल नहीं होगा। ग्राफिक्स इंटरचेंज फॉर्मेट होगा। क्या होगा मेरे भाई? ग्राफिक्स इंटरचेंज फॉर्मेट। ग्राफिक्स इंटरचेंज ग्राफिक्स इंटरचेंज फॉर्मेट। ठीक है? अब ये हमारा क्या हो गया? जितनी भी ये हैं, ये इमेज से संबंधित एक्सटेंशन है सारी। ठीक है भैया?
आगे अगर हम देखें ऑडियो से रिलेटेड एक्सटेंशन को याद करने की जुगाड़ तो देखो ऑडियो वाले जो एक्सटेंशन होंगे ज्यादातर में आपको बीच में 'a' शब्द देखने के लिए मिलेगा क्योंकि 'a' for क्या हो जाता है ऑडियो हो जाता है तो .mp3 तो सभी जानते हैं बचपन में आपने हमने सबने, जो लोग 1998, 2000 के आसपास के होंगे तो एक mp3 सॉन्ग सुनने के लिए आती थी एक डिब्बी सी आती थी उसमें लीड लगाकर गाने सुनते थे बढ़िया है ना कि हाय मेरा दिल वाला गाना सुनते थे तो वो तो .mp3 तो सब जानते हैं कि सिर्फ ऑडियो ऑडियो चलता था उसमें। इसके अलावा .aac, .flac तो जहां आपको 'a' देखने के लिए मिल जाएगा वो वाला बीच में अगर 'a' मिलेगा तो ऑडियो से रिलेटेड है ऐसे जुगाड़ बना सकते हो। सारे एकदम एग्जैक्टली याद नहीं होंगे, ऑप्शन एलिमिनेट कर पाओगे आप इनकी मदद से।
अच्छा वीडियो वाले कौन से हैं? तो उस .mp3 के बाद में एक .mp4 आता था छोटा सा है ना उसमें गाने आते थे आपके, उसमें उसमें वीडियोस भी चलती थी साथ में हमारी है ना तो हम देखेंगे .mp3 इसके अलावा .avi, .mkv, .mov, .wmv यानी कि 'v' for वीडियो जहां आपको 'v' देखने के लिए मिल जाए विक्ट्री वाला, वो वीडियो से रिलेटेड एक्सटेंशन हो जाएगा। वेब फाइल तो .html हो गया, .xml हो गया, .htm, .css ये हमारे वेब से रिलेटेड हो गए।
कंप्रेस्ड फाइल। कंप्रेस्ड फाइल का मतलब क्या होता है? है ना? कंप्रेस्ड फाइल का मतलब होता है कि आपके द्वारा साइज को कम की गई फाइल। मान लो जब यह पीडीएफ है, यह सेव होगी 300 MB की। लेकिन जब मैं इसे कंप्रेस करूंगा ना, तो कंप्रेस करने के बाद में ये फाइल आपकी रह जाएगी। महजमज़ मैं अगर कहूं तो 2 MB, 4 MB, 6 MB ऐसे। तो किसी फाइल के साइज को कम करना है ना, उसकी क्वालिटी के साथ थोड़ा सा समझौता करके उसकी साइज को कम करना वो कंप्रेस करना कहलाता है। तो कंप्रेस फाइल के लिए हमारा एक्सटेंशन क्या होता है? .zip, .rar, .7z ये अलग-अलग हमारे होते हैं। ठीक है?
एग्जीक्यूटेबल फाइल। एग्जीक्यूटेबल फाइल वो फाइल्स होती हैं जिन्हें हम इंस्टॉल्ड कर सकते हैं। जैसे आपने देखा होगा .apk फाइल होती है हमारे फोन में, .apk ऐप के लिए, .exe तो ये हमारी एग्जीक्यूटेबल फाइल हो गई।
डेटाबेस से रिलेटेड फाइल चाहिए MS Access वगैरह से रिलेटेड तो .sql, .db, है ना .mdb, .accdb ये हमारे MS Access का एक्सटेंशन है। किसका? MS जैसे MS Word होता है, Excel होता है, वैसे ही हमारा एक MS Access भी होता है। उसके एक्सटेंशन ये हैं। .mdb 2003 तक और .accdb 2007 से बाद तक।
प्रोग्रामिंग के लिए अलग-अलग लैंग्वेज हो गई हमारी। अब ये बहुत ज्यादा फिर इतने में हमें नहीं जाना। जो इंपॉर्टेंट थे वो हमने सारे जान लिए। ठीक है? तो भले ही 7-8 मिनट का समय लगा, लेकिन आगे तुम अगर 15 के 15 जितने नोटिफिकेशन आ चुके हैं यूपी ट्रिपल एससी के, कोई भी पेपर दे लेना। अगर इससे रिलेटेड सवाल आया तो इतने में से हो जाएगा।
आगे बढ़ेंगे। नेक्स्ट क्वेश्चन। क्वेश्चन नंबर सिक्स। क्या कह रहा है आपका? बताएंगे। मशीन लर्निंग से एक क्वेश्चन है आपका। अच्छा मशीन लर्निंग, AI और आपका बिग डेटा प्रोसेसिंग इनसे ना बहुत ज्यादा क्वेश्चन नहीं आ रहे। आप लोगों ने रिसेंटली देखा होगा चार-पांच पेपरों में कि जैसे चार-पांच टॉपिक हैं। तो चार-पांच टॉपिक से दो-तीन, एक-दो-तीन ऐसे क्वेश्चन आ रहे हैं। ऐसा नहीं कि पांच के पांच आ जा रहे हैं। ठीक है? तो हम यहां पर क्या कहेंगे? बताएंगे। आपको अलग-अलग नाम दिए गए हैं। सुपरवाइज्ड लर्निंग, अनसुपरवाइज्ड लर्निंग, रीइंफोर्समेंट लर्निंग और सेमी सुपरवाइज्ड लर्निंग। आपको क्या करना है कि कौन से में क्या होता है? ये पूछा गया है। ठीक है ना? हां भैया, बिल्कुल हो जाएगा। ठीक है? तो हम कहेंगे एक सुपर देखो जब हम मशीन लर्निंग की बात करते हैं तो मशीन लर्निंग को हम चार भागों में बांटते हैं। कौन-कौन से? एक होता है हमारा कौन सा? सुपरवाइज्ड लर्निंग। एक होता है हमारा सेमी सुपरवाइज्ड लर्निंग। सॉरी, एक होता है सुपरवाइज। एक होता है अनसुपरवाइज। एक होता है सेमी सुपरवाइज। एक होता है हमारा कौन सा? एक होता है हमारा रीइंफोर्समेंट। अच्छा अब जो सुपरवाइज्ड लर्निंग है, यह क्या होता है? यह लेबल किए गए डेटा से सीखता है। कैसे? लेबल किए गए डेटा। ठीक है? तो सुपरवाइज्ड लर्निंग का मतलब हो जाएगा लेबल किया हुआ डेटा। अनसुपरवाइज्ड लर्निंग का मतलब होता है बिना लेबल किए हुए डेटा। है ना? क्या है? लेवल किए गए और लेवल नहीं किए गए डेटा से अधिगम। तो ले ये जो होता है, लेबल कुछ डेटा लेवल किए गए और कुछ बिना किए गए, तो ये तो हो जाएगा हमारा सेमी सुपरवाइज्ड। ठीक है? ठीक है? है ना? इसके अलावा अगर हम देखें रीइंफोर्समेंट, तो परीक्षण और त्रुटि के माध्यम से। तो भैया हम कहेंगे सॉरी, मैंने यहां पर एक मिस्टेक कर दी। ये कह रहा है लेवल किए गए डेटा के बिना, यानी कि बिना के लिए, तो अनसुपरवाइज्ड लर्निंग यहां हो जाएगा। और यह कह रहा है लेबल किए गए इनपुट आउटपुट के अधिगम, यानी कि अनसुपरवाइज्ड, सुपरवाइज्ड के लिए, यह हो जाएगा। और गलती के लिए, यह हो जाएगा। यानी कि पहले का हो गया तीसरा और दूसरे का हो गया पहला। तो ये गलत। पहले का तीसरा और दूसरे का पहला। ठीक है? फिर हमने देखा कि आपके तीसरे का है दूसरा। तो तीसरे का दूसरा यहां है, यहां नहीं है। और चौथे का है चौथा। तो ऑप्शन सी इज द राइट आंसर। कौन सा है मेरे भाई? ऑप्शन सी इस सवाल का बिल्कुल सही आंसर हो जाएगा। क्या मतलब है इस बात का? देखो, हम यहां पर जो हमारी मशीन लर्निंग है, इसे हम चार भागों में बांटते हैं। चार टाइप होते हैं मशीन लर्निंग के। एक होता है सुपरवाइज्ड लर्निंग, एक होता है अनसुपरवाइज, एक होता है रीइंफोर्समेंट, एक होता है सेमी सुपरवाइज्ड। तो जो सुपरवाइज्ड लर्निंग है, ये लेबल किए गए डेटा के द्वारा सीखता है। अनसुपरवाइज्ड में बिना लेबल किए गए डेटा के द्वारा सिखाया जाता है। रीइंफोर्समेंट लर्निंग में आपको जो गिफ्ट मिलते हैं या मैं यूं कहूं जो पेनल्टी मिलती है, सजा या फिर तारीफ के तौर पर, उससे सीखता है आपका। है ना? अपने ही द्वारा की गई गलती से। और सेमी सुपरवाइज लर्निंग में कुछ डेटा लेवल किया हुआ होता है और कुछ बिना लेवल वाला होता है। तो ये चार चीजें हमारी यहां पर होती हैं। है ना? जैसे आप देखोगे सुपरवाइज्ड लर्निंग में, ये इनपुट दिया तो ये इसने लेबल दे दिया हमने इसे। ठीक है? इसकी अलग-अलग एल्गोरिद्म भी लिखी हैं। अगर इस पेज को डिटेल में देखोगे ना, तो आप देखोगे कि सुपरवाइज्ड लर्निंग से रिलेटेड कौन-कौन सी एल्गोरिद्म हैं? तो हम देखेंगे लीनियर रिग्रेशन, लॉजिस्टिक रिग्रेशन, डिसीजन ट्री, SVM, रैंडम फॉरेस्ट, ये हमारे सुपरवाइज्ड लर्निंग से रिलेटेड एल्गोरिद्म हैं। ठीक है? K-Means क्लस्टरिंग, PCA, ये हमारी अनसुपरवाइज्ड लर्निंग से रिलेटेड है। Q-Learning हमारी सेमी सुपरवाइज्ड लर्निंग से रिलेटेड है और ये सॉरी, ये हमारी रीइंफोर्समेंट लर्निंग से रिलेटेड है और ये हमारी सेल्फ ट्रेनिंग वाली, ये हमारी सेमी सुपरवाइज से रिलेटेड है। ठीक है? तो ये हमारा छठा सवाल हो गया।
सात नंबर क्वेश्चन को देखें। एक बार बताएं आंसर क्या होगा। है ना भैया? तो एक बार बताएंगे आप मुझे कि बिग डेटा प्रोसेसिंग के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर क्या करना है हमें विचार करना है। करना है एक बार विचार। Consider the following statements regarding Big Data Processing. तो बिग डेटा प्रोसेसिंग का उपयोग बड़े, तेज और विभिन्न प्रकार के डेटा को संसाधित करने के लिए किया जाता है। भाई, उसके नाम में ही छुपा हुआ है। बिग डेटा यानी कि बड़े डेटा को प्रोसेस करने के लिए। तो हम कहेंगे पहला स्टेटमेंट तो सही है। दूसरा कह रहा है बिग डेटा प्रोसेसिंग का उपयोग केवल संरक्षित डेटा के लिए किया जाता है। अगर हिंदी ना समझ में आए तो इंग्लिश जरूर पढ़ लेना। तो Big Data Processing is used only for structured data. जी नहीं, जो हमारा बिग डेटा है, बिग डेटा प्रोसेसिंग में तीन प्रकार का डेटा होता है। एक होता है स्ट्रक्चर्ड डेटा। एक होता है अनस्ट्रक्चर्ड डेटा। एक होता है सेमी स्ट्रक्चर्ड डेटा। अनस्ट्रक्चर्ड मतलब स्ट्रक्चर्ड यानी कि प्रॉपर तरह से है, बढ़िया। जैसे जो टेबल होती है ना, एक्सेल की टेबल होती है हमारी, उसमें डेटा है। अनस्ट्रक्चर्ड होता है हमारी इमेज, फोटो, वीडियो, ये अनस्ट्रक्चर्ड डेटा होता है। और एक होता है सेमी स्ट्रक्चर्ड। ठीक है ना? तो ये तो तीन त्रि प्रकार के डेटा पर काम करेगा। लेकिन ये कह रहा है Only structured, तो इसलिए गलत है। Only one is the right answer.
आओ तीनों के बारे में जान लेते हैं। स्ट्रक्चर्ड डेटा क्या होता है? इसका फिक्स फॉर्मेट में डेटा स्टोर रहता है। अनस्ट्रक्चर्ड कोई निश्चित संरचना नहीं होती और सेमी स्ट्रक्चर्ड में कुछ की संरचना होती है और कुछ की नहीं होती। ठीक है भैया? आगे अगर हम देखें तो विशेषताएं क्या हैं? जो स्ट्रक्चर्ड डेटा है, ये रो और कॉलम में प्रॉपर तरह से व्यवस्थित किया जाता है। इसे एनालिसिस करना आसान होता है। ठीक है? जबकि अनस्ट्रक्चर्ड डेटा कैसा होगा? ये किसी प्रीफ प्रीडिफाइंड स्कीमा में नहीं होता। इसे एनालाइज करना मुश्किल होता है। और ज्यादातर जो डेटा अवेलेबल है ना मार्केट में, वो वो ज्यादातर आपका अनस्ट्रक्चर्ड वे में है। है ना? और सेमी स्ट्रक्चर्ड में कुछ आपका होगा, कुछ नहीं होगा। डेटाबेस, RDBMS, एक्सेल शीट, बैंकिंग रिकॉर्ड, ये सब हमारे स्ट्रक्चर्ड डेटा के उदाहरण हैं। ये फ्लेक्सिबल नहीं है। कॉम्प्लेक्स डेटा हैंडल नहीं कर सकता। इमेज, वीडियो को सपोर्ट नहीं करता। जबकि इमेज, वीडियो, ऑडियो, सोशल मीडिया की जो पोस्ट हैं, वो अनस्ट्रक्चर्ड डेटा के उदाहरण हैं। इन्हें प्रोसेसिंग करना कठिन होता है। एडवांस टूल की जरूरत होती है। स्टोरेज मैनेजमेंट मुश्किल हो जाता है। सेमी स्ट्रक्चर्ड में अगर मैं बात करूं तो XML, HTML है ना? इनके लिए हमारा ये होता है। तो तीन प्रकार के हमारे यहां पर क्या हो गए? बिग डेटा प्रोसेसिंग के तीन टाइप हो गए। ये सब चीजें हम थ्योरी में पढ़ते हैं। जब आप बिग डेटा प्रोसेसिंग वाला चैप्टर पढ़ोगे, तो थ्योरी में इन चीजों को जानोगे।
अनस्ट्रक्चर्ड डेटा क्या होता है? अनस्ट्रक्चर्ड डेटा होता है जो किसी एक फिक्स आकार में नहीं है। जैसे फोटो, वीडियो, जिन्हें आप आसानी से फिल्टर नहीं कर सकते, वो वाला हमारा अनस्ट्रक्चर्ड होता है। अगर मैं एक देसी एग्जांपल के साथ आपको समझाना चाहूं तो स्ट्रक्चर्ड डेटा को ऐसे मानो कि एक तरीके से प्रेस किए हुए कपड़े, जो प्रॉपर तरीके से रखे हुए हैं, बढ़िया तरीके से। अगर तुम्हें उसमें से कोई काम की शर्ट निकालनी है, तो आसानी से ऐसे खींच के जल्दी ढूंढ पाओगे। अनस्ट्रक्चर्ड डेटा वो है कि तुम छत से कपड़े उतार के लाए हो और सारे कपड़े तुमने ऐसे ही डालते चले गए कंधे पे और लाकर के सामने तुमने मम्मी के सामने ऐसे रख दिए कि देखो कितनी धूप में से मैं सारे कपड़े उठाकर लाया। अब जब बहुत सारे कपड़े होंगे 50-60, तो उनमें से तुम्हें ढूंढने में दिक्कत आएगी। एक सॉक्स ढूंढना होगा, बड़ी दिक्कत आएगी। तो वहां पर डेटा को एनालाइज करने में दिक्कत आती है हमारी। और सेमी स्ट्रक्चर्ड का मतलब होता है कुछ डेटा आपका स्ट्रक्चर्ड वे में होगा और कुछ नहीं होगा। ठीक है भैया? आगे बढ़ेंगे तो ये बात समझ में आ गई आपको?
अब अगला क्वेश्चन हमसे क्या कह रहा है? क्वेश्चन नंबर आठ देखें एक बार कि "An officer is working on land record data in Microsoft Excel. He wants to ensure that while entering numerical values in a particular cell, no value greater than 10,000 is accepted. Which feature should he use to achieve this?" यानी कि एक अधिकारी महोदय MS Excel में भूमि अभिलेख का डाटा तैयार कर रहे हैं और वे चाहते हैं कि किसी विशेष सेल में 10,000 से अधिक मान दर्ज ना किया जा सके। इसके लिए उन्हें कौन सा फीचर यूज़ करना होगा? ये सवाल आपको मैंने लेखपाल वाले प्रैक्टिस सेट में भी कराया था। बस अंतर इतना था कि मैंने वहां पर लेखपाल लिखा था। यहां ऑफिसर लिख दिया है। है ना? तो क्योंकि अब आप लोग ऑफिसर बनने जा रहे हैं। तो बताएंगे इसका आंसर क्या होगा?
देखो ये क्या कह रहा है? चार चीजें होती हैं। फाइंड एंड रिप्लेस होता है कि किसी पर्टिकुलर टेक्स्ट को ढूंढकर उसे बदलना। फाइंड की शॉर्टकट की होती है Ctrl+F और रिप्लेस की शॉर्टकट की होती है Ctrl+H। मान लो कोई स्पेलिंग थी। गलत हो गई सब जगह पे। तो हम क्या करेंगे कि Ctrl+F से फाइंड करेंगे। उसे ढूंढ लेंगे और Ctrl+H से हम उसे रिप्लेस कर सकते हैं। उसे बदल सकते हैं। ठीक है ना? इसके अलावा कंडीशनल फॉर्मेटिंग क्या होता
है? कि किसी एक पर्टिकुलर एरिया में जो कंडीशन दी होगी उसके आधार पर फॉर्मेटिंग होगी। लेकिन यहां पर कंडीशनल फॉर्मेटिंग की नहीं कह रहा वो। तो ये भी नहीं होगा। ये भी नहीं होगा।
फ्रीज पेंस में क्या होता है भैया? फ्रीज पेंस में फ्रीज पेंस में होता है भाई कि जब आप क्या करते हो जब आप ना फ्रीज पेंस में क्या होगा कि जब आप मान लो रो या कॉलम को ऊपर नीचे करते हो। तो जो हेडिंग होती है वो हेडिंग क्या होती है हमारी? वह भी ऊपर चली जाती है। तो फ्रीज पेस की सहायता से उस हेडिंग को वहां पर स्थाई किया जा सकता है। क्या किया जा सकता है? स्थाई। तो यह भी नहीं होगा।
डेटा वैलिडेशन कि जो आप डेटा वहां पर फिल कर रहे हैं उसमें वैलिडेशन उसमें एक लिमिट सेट कर दी जाती है कि इससे बड़ा डेटा नहीं लिखा जाएगा। अब देखो यह हमारे एक्सेल का डेटा टैब है। क्या है? यह हमारे एक्सेल का डेटा टैब है। डेटा टैब को ओपन करने की शॉर्टकट की क्या होती है? पता है आपको? ऑल्ट के साथ ए बटन होती है। ऑल्ट के साथ ए बटन होती है। तो डेटा टैब के अंदर आप देखोगे जहां भी आपको डेटा शब्द मिले वो डेटा टैब से रिलेटेड होगा। तो हम कहेंगे गेट एंड ट्रांसफॉर्म डेटा। ये सारे डेटा हमें कहां मिलते हैं? इसी के अंदर। ठीक है? इसमें ही हमें एक ऑप्शन मिलता है। एक तो होता है डेटा वैलिडेशन। तो यह भी पूछ सकता है कि डेटा वैलिडेशन का ऑप्शन कहां मिलेगा? हम कहेंगे MS Excel में डेटा टैब में मिलेगा। ऐसा ही सवाल आपसे Excel में पूछा। ठीक है ना? फिलैश फिल का ऑप्शन कहां मिलेगा? एक्सेल में मिलेगा। डेटा टैब में। रिमूव डुप्लीकेट। किसी पर्टिकुलर डेटा में से अगर आपको डुप्लीकेट डेटा को रिमूव करना है तो आप रिमूव डुप्लीकेट का प्रयोग कर सकते हो।
तो यहां पर जो यू जो ये डेटा वैलिडेशन है इसका क्या काम है? अगर मैं आपको दिखाऊं। देखो मान लो एक ये सेल थी। ठीक है? या ये रेंज है पूरी। ठीक है? तो मैं गया डेटा टैब पे। डेटा टैब पे जाने के बाद मैंने यहां पर क्लिक किया किस पर मेरे भाई? डाटा वैलिडेशन पर। है ना? मैंने यहां पर डाटा वैलिडेशन पर क्लिक किया और मैंने यहां पर क्या लिखा? होल नंबर। मैंने यहां पर नंबर लिख दिया कि 10 और यहां पर लिख दिया 10,000 और कर दिया ओके। ठीक है? अब मैं यहां पर जब पांच लिखूंगा तो यह मना कर देगा लिखने से। यह कहेगा कि दिस वैल्यू डज़ नॉट मैच द डेटा वैलिडेशन रिस्ट्रिक्शन डिफाइंड फॉर दिस सेल। यानी कि जैसे ही मैंने मैंने अभी कंडीशन क्या दी? मैंने इस पूरी रेंज में एक कंडीशन दे दी कि 10 से छोटा और 10,000 से बड़ी संख्या ना आए तो मैं पांच लिख रहा हूं तो नहीं आ रही। लेकिन अगर मैं यहां पर 50 लिखूंगा तो आ जाएगी। अगर मैं यहां पर 10,000 लिखूंगा 1 लाख लिखूंगा तो नहीं आएगा। लेकिन अगर मैं यहां पर 10,000 लिखूंगा तो आ जाएगा। ठीक है? तो ये है डेटा वैलिडेशन कि किसी एक रेंज में वैलिड डाटा को ही भरना। उसका एक्स्ट्रा डाटा यहां पर ना आ पाए। बात समझ में आई आपको? डाटा वैलिडेशन क्या है? ठीक है दोस्त? ऐसे ही हम धीरे-धीरे बाकी चीजें भी यहां पर कवर अप कर लेंगे। ठीक है?
अच्छा अगर मैं कंडीशनल फॉर्मेटिंग भी दिखा ही दूं आपको एक बार तो मान लो मैंने इतनी रेंज सेलेक्ट करी है। ठीक है? ये रेंज सेलेक्ट करी है और मैं होम टैब में जाकर के कंडीशनल फॉर्मेटिंग कहां मिलेगा? होम टैब में। होम टैब में स्टाइल में। तो मैं यहां पर ग्रेटर दैन की कंडीशन लगा देता हूं। कौन सी? ग्रीन। यानी कि अगर कोई 85 से बड़ा नंबर हो तो ग्रीन कलर उसमें दिखाई दे। क्या दिखाई दे? 85 से बड़ा नंबर हो तो ग्रीन कलर दिखाई दे। और अगर मैं दूसरी कंडीशन लगा देता हूं कि अगर कोई 30 से छोटा हो तो उस वो रेड कलर में हो जाए। ठीक है? अब आप देखो मैं यहां पर डाटा भर रहा हूं। मैंने यहां पर लिखा 145 यहां पर मैंने लिखा 20। यहां पर मैंने लिखा 47। यहां पर मैंने लिखा 69। यहां पर मैंने लिखा 78, यहां पर मैंने लिखा 96, यहां पर मैंने लिखा 47, यहां पर मैंने लिखा 20, यहां पर 20 तो है ही ऑलरेडी 15, यहां पर मैंने लिखा 36। ठीक है? तो देखो जो डाटा 30 से छोटा था वो रेड हो गया। जो डाटा 85 से बड़ा था वो ऑटोमेटिक ग्रीन हो जा रहा है। तो ये है हमारा कंडीशनल फॉर्मेटिंग कि किसी आपके द्वारा दी गई कंडीशन के आधार पर फॉर्मेटिंग करना। आ गया समझ। बताओ आ गया समझ इसमें जुकाम वाली इमोजी लगाने की क्या बात है। ठीक है भैया। चलो ऐसे ही हम धीरे-धीरे आगे और भी चीजें पढ़ लेंगे। ठीक है?
क्वेश्चन नंबर नाइन देखते हैं। क्या कह रहा है आपसे एक बार। क्वेश्चन नंबर नाइन। शॉर्टकट की से रिलेटेड है क्वेश्चन। मैच करो एक बार खुद से है ना भैया जी कंप्यूटर की बुक पर ऑफर दे दो प्लीज भाई ऑफर उस पर नहीं आएगा पहली चीज दूसरी चीज ऑफर आएगा फिर आप उसे मतलब ऑफर तो आएगा ही नहीं आप ऑनलाइन ऑर्डर करोगे टाइम लगेगा तो आप ऑफलाइन से अगर मिल जाए तो वहां से ले लो बहुत हेल्पफुल आपके लिए रहेगी ठीक है भैया चलो कंट्रोल प्लस प्लस प्लस किस लिए होती है ये होती है नई पंक्ति या कॉलम को जोड़ने के लिए भाई प्लस करना एक बात बताओ है ना हम ऐसे कहते हैं ना मान लो किसी के घर पे कोई अगर न्यू बेबी होता है तो हम कहते हैं कि मुबारक हो तुम्हारे घर पे एक सदस्य और जुड़ गया। ठीक है? और अगर भैया किसी का देहांत हो जाता है तो एक सदस्य कम हो गया। घट गया लेस हो गया। तो भाई ऐसे ही जब नई पंक्ति जोड़ने की बात होगी तो प्लस वाली शॉर्टकट की होगी। कम करने की बात होगी तो भैया कौन सी होगी? तो हम कहेंगे हटाने की बात होगी तो माइनस वाली होगी। तो जुगाड़ें निकाली जाती हैं चीजों को लंबे समय तक याद रखने के लिए। कंट्रोल स्पेस बार तो पूरे के पूरे कॉलम को यदि सेलेक्ट करना है तो कंट्रोल स्पेस बार और पूरी रो को अगर सेलेक्ट करना है तो शिफ्ट स्पेस बार अक्सर हमें क्या होता है कंफ्यूजन होता है किस चीज में कॉल मतलब कंट्रोल स्पेस बार से कॉलम होगा या रोगी तो कंट्रोल का सी और कॉलम का सी तो इस C से C को मिला करके आप इसे समझ सकते हैं कि ये क्या है हमारा ये हमारा यहां पर तो पहले का तो हो गया तीसरा और दूसरे का चौथा पहले का तीसरा दूसरे का चौथा ये आंसर हो नहीं सकता ये हो नहीं सकता पहले का तीसरा, दूसरे का चौथा। फिर हम देखेंगे तीसरे का पहला और चौथे का तीसरे का पहला और चौथे का दूसरा। तीसरे का पहला, चौथे का दूसरा। ऑप्शन ए इज द राइट आंसर। कौन सा हो गया मेरे भाई? तो हम कहेंगे 3 4 1 2 इज द राइट आंसर। ठीक है जी?
नेक्स्ट क्वेश्चन देखते हैं। यह सवाल हमसे क्या कह रहा है? पढ़ें एक बार अच्छे से। क्वेश्चन नंबर 10। एक बार इस सवाल को पढ़िएगा और बताएंगे आंसर क्या होगा इसका हमारा? बड़ा सवाल है। ऐसे सवाल पूछे जाते हैं कई बार आपको डराने के लिए। तो, यह सवाल हमसे कह रहा है कि इन Microsoft Excel 365 कॉलम विड्थ इज़ इंटरनली डिटरमाइंड बेस्ड ऑन नंबर ऑफ़ स्टैंडर्ड कैरेक्टर्स दैट कैन बी डिस्प्लेड इन अ सेल यूजिंग द डिफ़ॉल्ट फॉन्ट सेटिंग एंड ऑल एंड इज़ ऑल्सो रिप्रेजेंटेड ऑन अ पॉइंट बेस्ड मेज़रमेंट स्केल। कंसीडरिंग एक्सेल्स इंटरनल लिमिटेशंस एंड रेंडरिंग बिहेवियर व्हाट इज द मैक्सिमम परमिसिबल कॉलम विड्थ वैल्यू दैट कैन बी असाइन टू अ सिंगल कॉलम यानी कि किसी माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल में स्तंभ की जो चौड़ाई होती है उसके आधार पर कैरेक्टर यूनिट में निर्धारित होती हैं तथा पॉइंट स्केल में प्रदर्शित होती हैं। Excel की आंतरिक सीमाओं को रेंडरिंग प्रणाली को ध्यान में रखते हुए एक स्तंभ के लिए निर्धारित की जा सकने वाली अधिकतम चौड़ाई कितनी है? तो वो अधिकतम चौड़ाई 255 है। जब ऊंचाई की बात आएगी जब किसकी बात आएगी? ऊंचाई की। तब हमारा आंसर क्या होगा? तब 409 होगा। है ना? तो उसकी ऊंचाई मैक्सिमम 409 है और जो कॉलम विड्थ जो है वो मैक्सिमम 255 तक हो सकती है। कितनी मेरे भाई? मैक्सिमम 255 तक हो सकती है।
तो आज हमने यहां पर 10 सवाल अभी तक किए हैं। सवाल वैसे और भी लाया था मैं। लेकिन अच्छे से एक्सप्लेन करने पर मैं इतने ही करा पाया आज की क्लास में। तो बाकी के सवाल हम यहां पर कल की क्लास में कंटिन्यू करेंगे। कंप्यूटर सुरक्षा में सेंध लगाने का कार्य किसका होता है? इस सवाल का आंसर आप लोग मुझे इस वीडियो के नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके देना।
अब बचे हुए 2 मिनट में मैं आपको नॉलेज बूस्टर दे देता हूं जो आपके लिए काफी हेल्पफुल रहेंगे। है ना? तो हम आगे बढ़ेंगे। देखेंगे यहां पर नॉलेज बूस्टर में प्रिंट प्रीव्यू की शॉर्टकट की क्या होती है? तो कंट्रोल F2 भी होती है और आप इसके स्थान पर ऑल्ट कंट्रोल आई या कंट्रोल ऑल्ट आई भी लगा सकते हो। यह शॉर्टकट की भी एक सवाल में लेखपाल वाले में दी गई थी। कंट्रोल ऑल्ट आई ठीक है? मैक्रोस को ओपन करने की शॉर्टकट की ऑल्ट F8 होती है। मैक्रो क्या होता है? मैक को खोलने, बनाने या चलाने के लिए मैक एक रिकॉर्डिंग टूल की तरह काम करता है। हमारा इंसर्ट कॉलम इंसर्ट कमेंट कमेंट को इंसर्ट करने की शॉर्टकट की ऑल्ट कंट्रोल M है। डेट को इंसर्ट करने की शॉर्टकट की ऑल्ट कंट्रोल ऑल्ट शिफ्ट D है। और टाइम को इंसर्ट करने की शॉर्टकट की हमारी ऑल्ट शिफ्ट T है। तो ये हमारी पांच शॉर्टकट की हो गई।
फार्मूला अपर का फार्मूला किस लिए होता है? किसी पर्टिकुलर टेक्स्ट के सारे लेटर को कैपिटल कर देने के लिए हम अपर फार्मूला का प्रयोग करते हैं कि टेक्स्ट को बड़े अक्षरों में बदलने के लिए। लोअर फार्मूला किस लिए होता है? जो भी पर्टिकुलर शब्द आपको दिया गया है उसके सारे लेटर को स्मॉल लेटर कर देने के लिए हम लोअर का प्रयोग करेंगे। प्रॉपर किस लिए है? तो हर शब्द के पहले अक्षर को बड़ा करने के लिए हम प्रॉपर फॉर्मूले का प्रयोग करते हैं। एबीएस किस लिए होगा? तो किसी भी वैल्यू को पॉजिटिव बनाने के लिए। यदि वो ऑलरेडी पॉजिटिव है तो पॉजिटिव ही रहने देंगे। अगर नेगेटिव है तो उसे पॉजिटिव करने के लिए और sqrt तो ये स्क्वायर रूट निकालने के लिए हमारा फार्मूला होता है। वर्गमूल निकालने के लिए ये फार्मूला हमारा यहां पर होता है।
इसके बाद अगर मैं बात करता हूं आपसे किस चीज की फुल फॉर्म की तो हम देखेंगे स्काई की फुल फॉर्म क्या होती है? अमेरिकन स्टैंडर्ड कोड फॉर इंफॉर्मेशन इंटरचेंज। कंप्यूटर में टेक्स्ट और कैरेक्टर को कोड में बदलने के लिए एपीआई तो एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस विभिन्न सॉफ्टवेयर के बीच कम्युनिकेशन कराने के लिए एपीआई होता है। बेसिक एक लैंग्वेज की फुल फॉर्म है बिगिनर्स ऑल पर्पस सिंबॉलिक इंस्ट्रक्शंस कोड ये पूछी जाती है आपसे। शुरुआती प्रोग्रामिंग सीखने के लिए सरल भाषा कोबोल कॉमन बिज़नेस ओरिएंटेड लैंग्वेज बिज़नेस संबंधित लैंग्वेज है आपकी। और फोटोन तो फार्मूला ट्रांसलेशन वैज्ञानिक और गणितीय गणना करने के लिए ये हमारी होती है।
मैं उम्मीद करता हूं कि हर एक चीज मैं आपको अच्छे से समझा पाया होगा और ये प्रैक्टिस सेट जो है आपको ये आपको कल से भी अच्छा लगा होगा। कैसा लगा? कैसे लग रहे हैं आपको मेरे द्वारा दिए गए एफर्ट्स आप सभी के लिए। कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताना क्योंकि उसी से हमें पता चल पाता है कि हां मैं एक सही तरीके से मेहनत कर रहा हूं या नहीं कर रहा आप सभी के लिए। ठीक है? तो मिलते हैं आपसे कल की क्लास में एक नए एक शानदार सेशन के साथ। तब तक के लिए राधे-धे जय श्री कृष्णा जय हिंद