Transcription
दादा जो भी छूते हैं, वह स्प्राइट बन जाता है।
दादा ने एक पुराना पत्थर छुआ, वह नया स्प्राइट बन गया। दादा ने पेड़ की सूखी टहनी पकड़ी, वह भी स्प्राइट बन गई। घर के अंदर आकर अलमारी छुई, वह स्प्राइट बन गई। सिलाई [संगीत] मशीन छुई, वह भी स्प्राइट बन गई। पानी की टंकी पकड़ी, वह भी विशाल स्प्राइट में बदल गई।
पूरा मोहल्ला स्प्राइट से भर गया। लोग गुस्से [संगीत] में चिल्लाए, "यह बुड्ढा हमारा जीना मुश्किल कर देगा।" बेटे बहू ने घर के बाहर ताला लगा दिया। पोते पोतियां डरकर दूर भाग गई। गांव के मुखिया ने फरमान सुना दिया, "यह आदमी अब इस गांव में नहीं [संगीत] रहेगा।" सब ने मिलकर दादा को गांव दिया।
दादा फटे कपड़ों में अकेले चलते रहे। आंखों में आंसू लिए एक पुराने बस स्टैंड पर बैठ गए। बैठकर रोए और सोचने लगे। तभी अचानक उनके दिमाग में एक जबरदस्त आइडिया आया। उन्होंने जमीन से कंकड़ उठाया, कंकड़ छुआ, वह स्प्राइट बन गया। टूटा डिब्बा छुआ, वह भी स्प्राइट बन गया। लोहे का कबाड़ छुआ, महंगा स्प्राइट बन गया। कुछ ही देर में हजारों स्प्राइट का ढेर लग गया।
दादा उन स्प्राइट को लेकर शहर पहुंचे। जोर से बोले, "सिर्फ ₹10 में नया स्प्राइट ले जाओ।" पहले दिन 50,000 स्प्राइट बिके। दूसरे दिन 1 लाख स्प्राइट बिके। एक हफ्ते में दादा के जमा हो गए। दादा ने शहर का सबसे बड़ा स्प्राइट शोरूम खोल लिया, स्प्राइट वर्ल्ड। महीने के अंत तक दादा शहर के सबसे बड़े अमीर आदमी बन गए।
लेकिन अभी भी दादा की शानदार स्प्राइट वाली वीडियो पर किसी ने लाइक और सब्सक्राइब नहीं किया।