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शैतान का संदेश - the devil's whisper

Adam Seeker Official7:06:14

Transcription

लेडीज एंड हबीबीस, वी आर गोइंग टू इंट्रोडक्शन टू यू राइजिंग स्टार ऑफ एशिया. ही इज़ वेरी वेल एजुकेटेड. ही नोज़ इस्लाम एंड क्रिश्चियनिटी वेरी वेल. ही डन व्हाट दे सेड. ही कैन ह प्लीज डॉक्टर. अल्हम्दुलिल्लाह. अह, वेट अ मिनट. व्हाट आर यू डूइंग ज़किर? यू कम आउट. इट्स नॉट यू. आई अह हबीबी, टेक हिम आउट. टेक हिम आउट. अ सॉरी, आई देयर वाज़ सम प्रॉब्लम.

ही हेलो एवरीवन. दिस इज योर फेवरेट ग्रेड मूर्ति. सलामुल मसीह. पीस ऑफ़ क्राइस्ट बी विद ईच एंड एवरीवन ऑफ यू. आई होप यू गाइस आर हैविंग फन. एंड हेलो दोस्तों, उम्मीद है आप सब लोग खैरियत से होंगे. आपका फेवरेट मुर्तद आपके साथ एक बार फिर हाजिर खिदमत. या, आई एम सॉरी दोस्तों, थोड़ा सा लेट हो गया. तकरीबन 4 मिनट एप्रोक्समेटली. तो आई एम सॉरी. तकरीबन 4 मिनट आप लोगों को इंतजार करना पड़ा बहुत ही बेसब्री के साथ. और मैं जानता हूं कि आज का इंतजार बहुत डिफिकल्ट होगा आप सबके लिए. लेकिन क्या करें, बाज दफा लेट हो ही जाता है. तो उसके लिए आप सबसे माज़रत.

तो दोस्तों, आज हम अपने इस कहानी को आगे लेकर चलेंगे. और कहानी जो हमारी शुरू हुई थी एक जॉन साहब की, उसी कहानी को हम इस वक्त आगे ले चल रहे हैं. जडो साहब की इस कहानी का अगला पार्ट जो है, काफी मजेदार है. तो वो क्या है कि जनाब जॉनडो साहब जो है, अभी तक भीख मांग रहे हैं. जैसा कि मैंने आप लोगों को बताया था कि जॉनो साहब को फाइनेंसेस की जरूरत है. और फाइनेंसेस भी इस तरीके की कि मुसलसल वह फाइनेंसेस लेते रहे. अब मसला यह चल रहा है कि जॉनो साहब को फाइनेंससेस भी नहीं आ रहे. और लोग भी इतनी जडो साहब को एक्सेप्टेंस भी नहीं दे रहे हैं. यह सब कुछ हमने देखा था. लास्ट स्ट्रीम तक.

आज की स्ट्रीम में हम देखेंगे कि जॉनो साहब ने नया क्या हरबा निकाला इनको अपने गिरोह में डालने का. बहुत इंपॉर्टेंट बात यह है कि जॉनो साहब को इन सबको अपने गिरोह में ले आना है. तो गिरोह में लाने के लिए अगला हरबा क्या है, वो हम आज की लाइव स्ट्रीम में देखेंगे. लेकिन उससे पहले यार, Twitter का लिंक आप तक पहुंच चुका है. तो सबसे पहले तो मेरी आपसे गुजारिश होगी कि लाइव स्ट्रीम को रीट्वीट करें और वहां तक पहुंचाएं जहां तक नहीं पहुंची हुई. और लोगों के घरों तक हमारी लाइव स्ट्रीम पहुंचे.

दूसरी बात यह है दोस्तों कि शेयर कीजिए. आप लोगों के पास Twitter के अलावा WhatsApp है, Facebook है. अगर आप बहुत सारे लोगों तक नहीं कर सकते, एटलीस्ट अपने घर वालों तक तो कर सकते हैं ना. कज़न, कज़, यह वह. देखिए, हर इंसान के पास कोई ऐसा कांटेक्ट जरूर होता है जो कि हमें पता होता है कि यार, बहुत ही सेकुलर है. और इस कांटेक्ट तक यह बात पहुंचनी जरूरी है. सो आपने इन तमाम ऐसे कांटेक्ट्स तक ये इंफॉर्मेशन पहुंचाइए. बहुत इंपॉर्टेंट है. बहुत ही इंपॉर्टेंट है. सो मेरी आप सब से गुजारिश है कि इसको ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिए ताकि उन तमाम कॉन्टेक्स्ट तक ये इनफार्मेशन पहुंचे जिन कांटेक्ट्स के पास ये इनफार्मेशन नहीं है.

विद बीइंग सेड, हमारे आज के टॉपिक के ऊपर हम बात करते हैं कि जॉनो साहब को भीख नहीं मिल रही. जॉन बड़ी उन्हें न्याय दी. फिर उन्होंने अपने अल्राह को की कसमें. अभी तक आपने देखा था अलराह ने अभी तक बहुत ढेर सारी कसमें खाई हैं उसके अंदर. सबसे इंपॉर्टेंट कसमें जो अल्लाह ने खाई हैं वो आसमानों की है, जमीनों की है, टाइम की है, वक्त की है, शाम के टाइम की है, दिन के टाइम की है, रात के टाइम की है, रात को जब सितारे डूब जाते हैं, उस टाइम की है. दिन को जब सूरज बिल्कुल सर पे आ जाता है, उस टाइम की है. अल्लाह कसमों पे कसमें खा रहा है. लेकिन, आज हम देखेंगे अल्लाह एक बड़ी खास किस्म की कसम खा रहा है. और यह जो कसम है, यह समझना बहुत जरूरी है. अगर समझ आपको लग गई कसम, तो मुझे भी समझा दीजिएगा. क्योंकि हमारे जो स्कॉलर्स हैं, उनको यह कसम भी समझ नहीं लगी कि यार, यह अलराह किस किस्म की कसम खा रहा है. आइए पहले अलराह की कसम देख लेते हैं. फिर हम आगे चलेंगे. मैं आप लोगों के साथ स्क्रीन शेयर करता हूं.

अल्लाह की एक खास किस्म की खास कसम. जॉन डोल सोच रहा था कि बिना कुछ कहे कैसे कुछ कहा जाए. वह जानता था कि कमशी लोगों के पास बहुत पैसा है. जॉन डोल को अपने संगठन को फैलाने के लिए पैसे की जरूरत थी. लेकिन अभी उसका कोई खास प्रभाव नहीं था. कुछ ही लोग इस्लाम धर्म अपना रहे थे. और सबसे प्रभावशाली और अमीर व्यक्ति कैमल डैडी अभी भी अलराह धर्म नहीं मानता था. अगर वह शामिल हो जाता, तो जॉन डोह के पास कुछ पैसा और प्रभाव होता. लेकिन उसे अलराह से कुछ दिव्य शब्द चाहिए थे. ताकि जब कैमल डैडी शामिल हो, तो वह अपना सारा धन जॉन डोह को दे दे. इसलिए एक और दिव्य संदेश आया.

1. अलराह शपथ लेता है दौड़ने वाले जानवर की जो हाफता है और जो दौड़ते समय चिंगारी पैदा करते हैं. और सुबह जल्दी दौड़ने वालों की जब वे धूल उड़ाते हैं और दुश्मन की लाइन में आगे बढ़ते हैं. सच में इंसान बहुत कृतघन है. सच में इंसान खुद का गवाह है. और सच में इंसान अपने धन से बहुत प्यार करता है. क्या वह नहीं जानता कि जब उसे कब्र से निकाला जाएगा और उसके सीने में जो कुछ था, वह सबके सामने होगा. सच में भगवान अलराह सब कुछ जानता है.

अगले बयानों को साबित करने के लिए कुछ शपथें बहुत जरूरी थी. और फिर सिर्फ पैसे, पैसे, पैसे की बात. और इस काम के लिए पैसे कैसे पाएं. थोड़ा युद्ध और लड़ाई के संकेत. कुल मिलाकर एक शानदार कविता जो उस समय के कुछ धर्मनिरपेक्ष प्रभावशाली लोगों से धन पाने की गहरी इच्छा को व्यक्त करती है. यही अब तक के संदेशों का असली सार है. और आपने देखा कि अब तक 14 अध्याय आए हैं. स्वर्ग की कोई सुंदरता नहीं बताई गई. पांच स्तंभों का कोई फैसला नहीं दिया गया. यह सब यही है कि इस झंडे में शामिल हो जाओ और मुझे पैसे दो.

ले जी दोस्तों. तो इस तरह के बयानात जो आ रहे हैं अलराह की तरफ से. क्यों? कसम खाई जा रही है उन जानवरों की जो दौड़ते हैं और हापंपते हैं. जो अपने पांव से भागते हुए, दौड़ते हुए, अपने पांव से चिंगारियां निकालते हैं. स्पार्क्स क्रिएट करते हैं. जो सुबह-सुबह लड़ाई करते हैं और गर्द उड़ाते हैं. यह क्या? यह किस किस्म की कसम है जो अलराह खा रहा है. आप लोग कैमल डैडी पर जरा ना रुकना. अभी आपको बताऊंगा वो कैमल डैडी कौन है. मगर है आप लोगों को पता लग जाएगा. आइए दोबारा सुनते हैं अलराह किस किस्म की कसम खा रहा है.

100. अलरेह ईश्वर की शपथ है उस तेज रफ्तार जानवर की जो सांस सांस में थकता नहीं. और जो भागते समय चिंगारियां उड़ाता है. और सुबह-सुबह दुश्मन की सरहद में घुसते हुए धूल उड़ाते हुए आगे बढ़ने वाला वालों की भी शपथ है. सच तो यह है कि इंसान बहुत कृतघन है. सच तो यह है कि इंसान खुद अपने खिलाफ गवाह है. और सच तो यह है कि इंसान अपने धन से बहुत प्यार करता है. क्या वह यह नहीं जानता कि एक दिन उसे कब्र से निकाला जाएगा. और उसके सीने में जो कुछ था, वह सब सामने आ जाएगा. सच तो यह है कि ईश्वर अलरेह सब कुछ जानता है.

लाइक इमेजिन करो यार, इसको सुनकर कभी लग सकता है आपको कि अलराह जो है, वह एक कोई डिवाइन पावर होगी जिसने ये दुनिया पूरी की पूरी बनाई होगी. ये किस किस्म की शपथ चल रही है? किस किस्म की कसम चल रही है? लेकिन इस कसम के बाद हमारा मोटिव, अगर आप देखें पिछली सात और आठ डिफरेंट अध्यायों का चैप्टर्स का, वह यही है कि धन दो. आप इस चीज को समझे कि पिछले सात आठ चैप्टर जो हमने अभी तक पढ़े हैं, उसका मोटिव है मुझे धन दो. धन दो. मुझे धन दो. मुझे धन दो. मुझे धन दो. व्हाई?

अब देखिए कि अभी तक हम दिखा रहे हैं कि सही मायनों में प्रेयर करने के बारे में इंफॉर्मेशन नहीं उतरी. लेकिन धन के बारे में इंफॉर्मेशन उतरी. ट्रिपल ए जॉनो की बर्थडे तो किसी को नहीं पता. अगर कोई आ जाएगा तो उससे बात कर लेंगे. इस टावे पे मैंने लास्ट टाइम किया था. अभी दिल नहीं कर रहा था उसके ऊपर दोबारा काम करने को. नेक्स्ट ईयर करेंगे. और अभी हम आज की स्टोरी करेंगे. लेकिन मुझे पता है आप क्या कहना चाह रहे हैं. लेकिन जॉनडो की बर्थडे तो किसी के पियो को भी नहीं पता. ब्लैक पिंक साहब, थैंक यू सो वेरी मच. सतीश यादव साहब कहते हैं, हर हर महादेव. मैडम, सर, कैसे हो आप? मैं बिल्कुल ठीक हूं सर. और यार, कम ऑन यार, आप लोगों की अरबी बहुत गलत होती है ना. लिखा करें बेहतर है. साहिल का कीबोर्ड कहता है, साहिल का कीबोर्ड बिग. अरे, साहिल का कीबोर्ड हमारे मेंबर बन चुके हैं. साहिल का कीबोर्ड साहब, थैंक यू सो वेरी मच.

तो दोस्त दोस्तों, बात यह है कि जॉनडो इस वक्त हर लिहाज से धन पाने के चक्करों में है. और वो यहां तक कह रहे हैं कि तुम लोग धन जो नहीं देते हो और छुपा कर रखते हो, संभाल कर रखते हो. ये एक गंदी बात है. अपना धन जो है, हमें दो. सो दिस इज दिस इज हाउ इट इज वर्किंग. अगर आप इस चीज को समझे और देखें. अब प्रॉब्लम ये यह है कि दिस इज नॉट समथिंग जो कि बहुत कॉमन हो. और बाय द वे, सर पंचिया साहब, बहुत-बहुत थैंक यू. फॉर मैंने थैंक यू तो किया ही नहीं. आपकी रिस्पेक्ट का और प्यार का सर, थैंक्स अ लॉट. अ.

तो हम चलते हैं आगे और देखते हैं कि और जॉनो क्या-क्या करना चाह रहा है. क्योंकि अभी वो वह डरा रहा है और पैसे मांग रहा है. लेकिन अब गेम चेंज होने वाली है थोड़ी ही देर में. आगे सुनिए.

अब अगली आयत पर आते हैं. क्योंकि यह उन लोगों को बताना जरूरी है जिन्होंने इस दुनिया में पैसा जमा किया है. कि अगर वे इसे नेक कामों में खर्च नहीं करेंगे, तो उनके साथ क्या होगा?

102. दुनियावी प्रतिस्पर्धा आपको इतना भटका देती है कि आप अपनी कब्र में ही मुर्दा हो जाते हैं. आप जल्द ही जान जाओगे. पक्का बहुत जल्द जान जाओगे. अगर तुम्हें पक्का यकीन हो जाए कि तुम नरक देखोगे, तो तुम उसे अपनी आंखों से जरूर देखोगे. वह दिन आएगा जब तुमसे इस दुनिया में मिली खुशियों और दौलत के बारे में जरूर पूछा जाएगा.

लोगों को डराने और उन्हें नरक की पूरी सच्चाई बताने का यह कितना शानदार तरीका है. माशा अल्लाह. यह सबसे बेहतरीन अध्यायों में से एक है जिसे आने वाले कई सालों तक पढ़ा जाएगा. जॉन अरो अपने मन में सोच रहा था और अपने धर्म में शामिल कुछ लोगों को यह बातें बता रहा था. देखिए, बात यह है कि पिछले चैप्टर में, पिछले अध्याय में बताया गया कि वह लोग बहुत बुरे हैं. जो धन जमा करते हैं और उनको बहुत जल्दी सजा मिल जाएगी क्योंकि वह धन जमा कर रहे हैं. तो अब अगला चैप्टर आना चाहिए ना कि अगर आपने धन जमा नहीं करना, तो क्या करना है? अब अगर आपने धन जमा नहीं करना, तो क्या करना है? उस चीज को अगर आप देखें, तो यह अगला चैप्टर आता है हमारे पास जिसमें बताया गया है कि धन जमा नहीं करना, तो क्या करना है?

तो दोबारा से पढ़ते हैं, सुनते हैं आपको. अगर समझ लगे, तो मुझे भी समझाइएगा कि अलरा इस तरीके से बात क्यों करता है कि एक ही बात को उसे 10 दफा बताना पड़े.

102. सांसारिक प्रतिस्पर्धा आपकी ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को कम कर देती है. यहां तक कि आप अपनी कब्र में ही मृत हो जाते हैं. आप जल्द ही जान जाओगे. निश्चित रूप से बहुत जल्द जान जाओगे. अगर आपको पक्का यकीन हो जाए कि आप नरक अवश्य देखेंगे, तो आप उसे निश्चित रूप से अपनी आंखों से देखोगे. वह दिन ऐसा होगा जब आपसे इस दुनिया में मिली सभी खुशियों और सुखों के बारे में जरूर पूछा जाएगा.

एंड दैट्स द एंड ऑफ डिस्कशन. क्यों? क्योंकि यहां पे वो जो धन है, उसको लेने के लिए क्या करना है? वह बताया जा रहा है. और एट द सेम टाइम, वह बता के बात खत्म नहीं हो रही. खत्म यह कि अगर आप नहीं दोगे, तो आपके साथ क्या होगा? देखो, धन देने से और धन लेने से धन बढ़ता है. क्योंकि आप देते रहो और मैं लेता रहूंगा, तो आपका नहीं, मेरा बढ़ेगा. एग्जैक्टली दैट्स हाउ इट वर्क्स. जॉन डो के बड़े अच्छे तरीके से बताया कि अपनी इस आइडियोलॉजी को चलाने के लिए उसको ढेर सारे धन की जरूरत है. उसको लोगों को अपनी आईडियोलॉजी में डालना भी है. और लोगों को अपनी आईडियोलॉजी में डालते हुए उनको घसीटना भी है, उनके धन को घसीटना भी है. और अगर वह उनके धन को नहीं घसीटेगा, तो ही विल नॉट बी एबल टू बी ए वेरी सक्सेसफुल पर्सन अपनी इस गेम के अंदर. एंड देन दैट्स हाउ सिंपल इट इज़.

अब प्रॉब्लम यह है कि धन आ नहीं रहे. और हमें इस धन को चाहिए भी. अब यह धन हम कैसे लेंगे? इसके लिए यह बातें आ रही हैं. और ये बड़ी इंपॉर्टेंट बातें चल रही हैं. यार सुमित, कम ऑन मैन, रियली. निकल जाए प्लीज़. अच्छा.

अब हम देखें अगर, तो हमारे पास एक बड़ी मजेदार चीज़ आती है. मैं आपको इसको दिखाता हूं. यह एक किताब है, उसके अंदर लिखा हुआ है. आप लोगों को शायद यह किताब पसंद ना आए. लेकिन यह किताब बड़ी फेमस किताब हो चुकी है. आइए देखें इस किताब में कुछ ऐसे शब्द लिखे. कंपटीशन इंक्रीस हो गया जो तुम्हें डायवर्ट करता है. यहां तक कि तुम कब्रों को पहुंच जाओगे. कोई बात नहीं. बहुत जल्द तुमको मालूम हो जाएगा कि तुम कब्रों में पहुंच चुके हो. फिर कोई बात नहीं. बहुत जल्द तुमको मालूम हो जाएगा. कोई बात नहीं. काश के तुम इल्म यकीन के साथ जान जाते. तुम जहन्नुम को देख कर रहोगे. फिर तुम इसको यकीन से देखते रहोगे. फिर इस दिन तुमसे पूछा जाएगा तुम्हारी नेमतों के बारे में. एंड ऑफ़ डिस्कशन. व्हाई इज इट? डिस्कशन ऐसे क्यों हैं?

आइए जी, जरा ये मोहम्मद अली साहब को लेते हैं. हां जी, मोहम्मद अली. बोले मोहम्मद साहब बोलेंगे. सर, ये ब्लॉक होंगे. अच्छा. इसके बाद अब वो भाकरा के लोग कह रहे हैं बार-बार कि यार, ये क्या होला है? ये क्या चक्कर है? अब जो है, भाकरा के लोग जॉन डॉग को बोलते हैं. बड़ी मजेदार. जॉन डो को बोलते हैं कि यार, ऐसा करो, एक साल तुम हमारे भगवान की पूजा कर लो. एक साल हम तुम्हारे भगवान की पूजा कर लेते. लेट्स कंप्रोमाइज. तुम्हें हमारे भगवान को अपने भगवान के साथ नहीं रखना. चलो ठीक है, ना रखो. लेकिन तुम ऐसा करो कि तुम हमारे भगवान को गाली भी ना दो. कुछ ना करो. लेट्स लेट्स कंप्रोमाइज. यू कैन टेक वन ईयर. वी कैन टेक वन ईयर. और हम सब एक दूसरे को, एक दूसरे के भगवान के साथ खुश रहते हैं.

अब यह जो बात है ना, यह इन लोगों ने जब की, तो जोंडो ने कहा कि यार, अच्छा, अब क्या करूं? तो जोंडो ने वेट करके, वेट करके अलराह से बोला, यार, एक मैसेज दे यार. मैं इनका क्या जवाब दूं? तो अलराह ने कहा, जाओ इनको कह दो कि यह हैं काफिर. इन्होंने कुफ्र किया है हमारा. और इनको बोल दो कि जिसकी यह पूजा करते हैं, तुम इसकी पूजा नहीं करते हो. और जिसकी पूजा तुम करते हो, उसकी पूजा यह नहीं करते. और जिसकी पूजा यह करते हैं, उसकी पूजा तुम नहीं करते. तो जिसकी पूजा तुम नहीं करते, उसकी पूजा यह नहीं करते. तो तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन है. और इनके लिए इनका दीन है. वल्लाह हबीबी. क्योंकि तुम कभी नहीं पूजोगे उसको जिसकी वो पूजा करते हैं.

अच्छा, इसमें बड़ी मजेदार बात यह है कि जॉन डो के अलरा ने एक कमिटमेंट दे दी यहां पर, जो कि बाद में हम देखेंगे कि झूठी साबित हुई. नो विल आई बी वरशिपिंग ऑफ व्हाट यू वरशिप, नोर विल यू बी वरशिप्स ऑफ व्हाट आई वरशिप. और ना तुम पूजने वाले हो इसको को जिसको मैं पूज रहा हूं. अच्छा, नाउ प्रॉब्लम यहां पे ये है कि इनमें से बहुत सारे लोग जो हैं, जो अंडो के दीन के अलराह को पूजना शुरू हो गए. एट अ लेटर स्टेज. तो ये वाली जो आयत करीमा है, यह गलत भी साबित हो गई.

और द प्रॉब्लम यही है कि जब जॉन डो इस तरीके से गेम डाल रहे थे, तो जॉन डो के पास और कुछ नहीं था कि वो कुछ प्रॉपर रिस्पांस कर सकते. और उन्होंने वेट किया कि उनके पास वह डिवाइन चीज आए जिसने उनको भीच के उसमें से निकाला था. मायोनीज. वह आए और आकर उनको बताए कि इनको जवाब क्या देना है. एंड जोंडो ने वेट किया, इंतजार किया. वो आया और उसने आकर यह सब बताया. और अगर हम इसको पढ़ते हैं प्रॉपर्ली, तो बड़ी मजेदार बात है.

कह दीजिए कुफार को, मैं हरगिज़ नहीं पूजता जिसको तुम पूजते हो. और तुम हरगिज़ नहीं पूजते जिसको मैं पूजता हूं. और ना ही आइंदा कभी पूजने वाला हूं. इसको जिसको तुम पूजते हो. और ना तुम पूजने वाले हो इसको जिसको मैं पूजता हूं. अब तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन और मेरे लिए मेरा दीन.

यह वाली गेम डालने के बाद जॉन डो मसले में आ गए थे. क्योंकि अब इस इलाके के लोग जॉन डो के साथ गुस्से में आ गए थे कि यार, तुम्हें हम इतनी रिलैक्सेशन दे रहे हैं. तुम मानते तो हो नहीं कुछ. अब जॉन डो को यह था कि किसी तरीके से मैं इन सों को अपने दीन में ले आऊं. और यहां से हमारे रियल मायनों में आज के स्ट्रीम के टॉपिक का आगाज होता है कि किस तरीके से हमारे जॉन डो ने फाइनली इनको अपने दीन में शामिल किया.

मिस्टर आबिद हुसैन साहब, मोमिन है आप सर. जी, क्या हाल है एडमम भाई? ठीक है. खैरियत से हैं? जी, खैरियत से हैं सर. आप खैरियत से हैं? जी, जी, शुक्र है ईश्वर का, भगवान का, अल्लाह का, पता नहीं किसका शुक्र है. ठीक हूं. मेरे फेवरेट मुर्शदीन में से आप है. चंद फेवरेट है साहिल है. कुरान वाला जी. हारस सुल्तान. आपने इस्लाम छोड़ा तकरीबन. अभी मैं मेरी वो पिक्चर तो नहीं आ रही ना इधर? ऐसा ना कार्ड कोड बता मुझे. तो इस्लाम छोड़े हुए तकरीबन मैं 5 साल हो गए हैं. और अभी मैं 62, 62 साल का हूं. ओके. तो बहुत-बहुत मुबारक हो सर आपको कि आपने छोड़ दिया. तो सर, जरा कुछ पढ़ पढ़ा दें ताकि कंफर्म हो जाए. क्या सुनाएंगे? सर, यही सुना दे जो आयत सामने सूरत सामने पड़ी है. यही सुना दे. लकम दीदी दीन. सर, ऊपर से सुनाए ना सर. ये तो आयत है सिर्फ. पूरा सूरत सुना देना. हां, कुलद ये कौन सी? लक दीदी, कुल या काफिर. माद वद. बेहतरीन. सर, थैंक यू सो वेरी मच सर.

तो सर, क्या वजह बनी कि आपको बड़े ढेर सारे फ्लावर्स मिल रहे हैं लाइव चैट के अंदर? तो सर, क्या वजह बनी कि आपको फाइनली आपने इस दीन को खैराबाद कह दिया? सर, इसको खैराबाद इसलिए कह दिया कि सबसे पहले तो ये बदशक्ल जो है ना, टडों वाले. इनकी मुझे आदात अच्छी नहीं लगी. और जब ये मुझे अच्छे नहीं लगे, तो फिर मेरे शकूक में आहिस्ता-आहिस्ता, आहिस्ता इजाफा होना शुरू हो गया. फिर ऐसी बातें, नौ साल की बच्ची से निकाह. और मुंह बोली बेटे की बहु से. बनू क्रेजा को धोखे से मारना. और फिर और कोई इनकम है ही नहीं. डाके, चोरियों के. और इस तरह के कभी उधर फौज दौड़ा, वैशी दरिंदे दौड़ा रहे हैं. कभी उधर दौड़ा रहे हैं, कभी उधर दौड़ा रहे हैं. और उनका मालिक समझ के खा रहे हैं. तो इस तरह की ये बातें मुझे बस जज. मैं ये सुनता गया, बढ़ता गया, बढ़ता गया. फिर आप आपसे मुलाकात होती रही. गायबाना कुरान वाला जी को सुनता रहा. तो अवैस इकबाल साहिल को सुनता रहा. साहिल की मेरी तकरीबन हिस्ट्री एक ही जैसी. वो भी तबबलीगी था. पहले अहले हदीस हुआ. फिर वो भी गड़बड़ कर गया. तो मेरी और उसकी हिस्ट्री मिलती है. मैं भी 20 साल अहले हदीस रहा हूं. वाह जी वाह. क्या बात है. क्या बात है.

तो बेहतरीन हो गया. इस तरह का जालिम. जी, बोलिए, बोलिए. इस तरह का जालिम मजहब दीन मैंने कहीं और नहीं देखा. मैं मैं बाइबल को भी मैंने थोड़ा बहुत पढ़ा है. बहाल, मुझे ये मजहब तो सारे ही मुझे मैनमेड ही लगते हैं. लेकिन ये है कि कम से कम बाइबल में इस तरह का कोई नहीं है. उसमें मुझे कोई ऐसी चीज नजर नहीं आई. उसमें ये है कि आपके एक गाल पे कोई थप्पड़ मारे, तो दूसरा आगे कर दो. ना उसमें सेक्स है, ना वो लौंडिया है, ना गुलाम है, ना इस तरह का कोई इंसानियत के ऊपर इस तरह का कोई चीज है. उनकी तालीमात फिर बेहतर है. बहाल, मुझे तो लगता है कि ये वो यहूदी के कादियानी, ईसाई, ईसाइयों के कादियानी, मुसलमान और मुसलमानों के कादियानी, अहमदी. ये ये कादियानी. बस पता नहीं क्या है, क्या नहीं है. बेहतरीन हो गया सर. तो चले सर, बेहतरीन है.

आपने इस को छोड़ के खैराबाद कहा और आई एम वेरी हैप्पी टू बिगेन विद। जी बहुत शुक्रिया। आप अपना ख्याल रखिएगा। और अब जिस एरिया में आप हैं आपके लबो लहजे से जो मुझे नजर आ रहा है तो वो जरा अपने आप को जरा बचा के रखिए। ज्यादा ना ही अपने आप को एक्सपोज कीजिए तो बेहतर होगा। जी। जी जी।

मेरे बच्चे जो हैं वो मेरी बात को पहले तो नहीं मानते थे फिर आज शुक्र है कि अभी तकरीबन जो है ना मेरी बात सुनते हैं और उन्हें फिर आपकी जो डिबेट्स होती हैं बातें स्ट्रीम वगैरह सबकी उनको सुनाता हूं कि भाई जी ये सुन लो और फिर जो जो ये एविडेंस दे रहे हैं वो आप किताबें पढ़ी है आप सर्च कर ले आपके पास गूगल में सारा कुछ मौजूद है तो इन उन लोगों की बातें अगर दुरुस्त नहीं है तो मत मानो पहले सबूत देख लो वो सुनना डॉट और वो कुरान वो सारा कुछ पढ़ा हुआ है खोल के चेक कर लो तो अभी शुक्र है कि मेरे बच्चे भी जो है ना मेरी बात को सुनते हैं और मानते भी हैं लेकिन क्या करें हम अकेले हैं इधर वो भेड़ियों का जत्थे जत्थे हैं हमारे इर्दगिर्द तो बस डर ही लग रहा होता है बस सर अपना इसीलिए मैंने कहा है कि थोड़ा सा अपना ख्याल रखिए और बच के रहिए। वो एरिया जहां पे हम हैं वो सेफ नहीं है। तो बस मैं डरता हूं आप जैसे भाइयों के साथ बात करते हुए अपने लिए नहीं आपके लिए। तो इस वजह से कि आप लोगों को मसला ना हो। सो अपना बहुत-बहुत ख्याल रखें और मेक श्योर के आप हमेशा सेफ रहें। सर मेरी दुआएं आपके साथ हैं। तो थैंक यू। बहुत शुक्रिया। आप भी जहां कहीं रह तो खुश रह आबाद रह थैंक यू टेक केयर सर।

मिस्टर अब्दुल हेलो हां जी हेलो सर आपके पीछे पंखों की आवाज बहुत आ रही है जरा पंखा बंद कर दें किसके पीछे आपके यार ये मेरा नाम किसने रखा अब्दुल एडमम भाई मेरा नाम अब्दुल है ही नहीं क्योंकि आपने अगर नाम नहीं रखोगे तो किस नाम से बुलाऊंगा स्पेस आपने नाम रखा हुआ है स्पेस स्पेस स्पेस क्या करूं एक सेकंड मैं ये पूछने आया था ये नॉन मुस्लिम आ सकते हैं या नहीं आ सकते नहीं सर बैन हो सकते हैं नॉन मुस्लिम आके ठीक है भाई मैं जा रहा हूं बैन मत करना प्लीज साथ जा रहा हूं कम ऑन ओके हद हो गई यार।

यह लाइव स्ट्रीम में आके जो है ना पूछना था कि नॉन मुस्लिम आ सकते हैं कि नहीं आ सकते। एनी जनाब यह जब हुआ तो हमारे जो ये कुरान देने वाले को बड़ी टेंशन हो गई कि अब मैं किस तरीके से इन लोगों को अपने अलराह के दीन में लेके आऊं। तो यहां से आगे हमें जॉनो को हटाना पड़ेगा और एक और हिस्टोरिकल शख्सियत को देखना पड़ेगा कि उसने के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। आइए देखते हैं सुनते हैं समझते हैं कि क्या हुआ। और फिर हम आगे चलते हैं। सुनिए गौर से बहुत इंपॉर्टेंट है।

वहां रसूल से मुलाकात हुई जब वह काबा के चारों ओर घूम रहे थे। जैसा कि मुझे बताया गया है। अल असवद भी अल मुतललिब भी असद भी अब्दुल उज्जा और अल वालिद भी अल मुगीरा और उमयाब भी खलफ और अल असबी वाल अल सहमी अपने लोगों के बीच प्रतिष्ठित व्यक्ति थे। उन्होंने कहा मोहम्मद आइए हम आपकी पूजा करते हैं और आप हमारी पूजा करते हैं। आप और हम इस मामले में एकजुट होंगे। यदि आप हमारी पूजा से बेहतर हैं तो हम इसका हिस्सा लेंगे और यदि हमारी पूजा आपकी पूजा से बेहतर है तो आप उसका हिस्सा ले सकते हैं। इसलिए भगवान ने उनके बाद यह बहुत ही अजीब ट्रांसलेशन हुई है तो आई एम सॉरी अबाउट दैट बहुत ही अजीब ट्रांसलेशन हुई है। हिंदी में आप हमारे वालों की पूजा करें और हम आपके वालों की पूजा करें। यह है तो आगे क्या है जनाब?

तो अब जो है हमारे नबी जो है थोड़े से टेंशन में आ गए। अब रसूल अपने लोगों की भलाई के लिए चिंतित थे। उन्हें यथासंभव आकर्षित करने की इच्छा रखते थे। यह उल्लेख किया गया है कि वह उन्हें आकर्षित करने का एक तरीका खोजना चाहते थे। और उन्होंने जो तरीका अपनाया वह इब्न हामिद ने मुझे बताया कि सलमा ने कहा कि एमबी इसहाक ने उन्हें यजीदबी मदीना के जियाद से एमबी काब अल कुरैजी से बताया। जब रसूल ने देखा कि उनके लोगों ने उनसे मुंह मोड़ लिया है और वह उनके द्वारा ईश्वर से लाए गए चीजों से अलगाव से दुखी थे। तो उन्होंने चाहा कि ईश्वर से उनके पास एक संदेश आए जो उनके लोगों को उनके साथ मिला दे। अपने लोगों के लिए उनके प्यार और उनके लिए उनकी चिंता के कारण यह उन्हें प्रसन्न करेगा यदि उनके कार्य को इतना कठिन बनाने वाली बाधा को हटाया जा सके। इसलिए उन्होंने इस परियोजना पर ध्यान दिया और इसके लिए लालायित रहे और यह उनके लिए प्रिय था। फिर ईश्वर ने भेजा तारे की कसम जब वह डूबता है तो आपने अलत और अल उजा और मनात के बारे में सोचा। तीसरा दूसरा शैतान जब वह इस पर ध्यान कर रहा था और इसे लाने की इच्छा कर रहा था। वाह!

और यहां पर एक बहुत बड़ी गेम होती है और जिसको हम पढ़ते हैं। अर्थात सुलह अपनी कौम से अपनी जबान पर लिख लिया कि यह वह आला घरानी है जिनकी सिफारिश कबूल है। जब कुरैश ने यह सुना तो वे खुश हुए और जिस तरह से उन्होंने उनके खुदाओं के बारे में बात की उससे बेहद खुश हुए और उन्होंने उनकी बात सुनी। जबकि ईमान वाले यह मान रहे थे कि उनके नबी ने जो कुछ उनके रब से लाया था वह सच्चा था। उन्हें किसी गलती, व्यर्थ की चाहत या चूक का अंदेशा नहीं था। और जब वह सजदे पर पहुंचे और सूर का आखिर जिसमें उन्होंने सजदा किया था तो मुसलमानों ने अपने नबी के सजदे में आकर जो कुछ वह लाए थे उसकी पुष्टि की और उनके हुक्म का पालन किया। और कुरैश के मुशरिक और मस्जिद में मौजूद दूसरे लोग भी अपने खुदाओं का जिक्र सुनते ही सजदा करने लगे। यहां तक कि मस्जिद में मौजूद हर मोमिन और काफिर ने सजदा किया। अल वालिद बिन मुगीरा को छोड़कर जो एक बूढ़े आदमी थे और ऐसा नहीं कर सकते थे। इसलिए उन्होंने घाटी से मुट्ठी भर मिट्टी ली और उस पर झुक गए। फिर लोग तितर-बितर हो गए और कुरैश अपने देवताओं के बारे में कही गई बातों से खुश होकर वे बाहर निकले और बोले मोहम्मद ने हमारे देवताओं के बारे में बहुत ही शानदार ढंग से बात कही है। उन्होंने जो पढ़ा उसमें उन्होंने दावा किया कि वे उच्च घरानी हैं जिनकी सिफारिश स्वीकार की जाती है। ले जी कहा यह गया था कि एक साल तुम हमारे भगवानों की पूजा कर लो। एक साल हम तुम्हारे भगवानों की पूजा कर लेंगे। तो मोहम्मद साहब ने उससे भी एक अच्छी गेम डाल दी। यह जो तुम्हारे भगवान हैं यह वो उच्च घराने के वह लोग हैं जो कि इंटरसेप्शन करेंगे तुम्हारी अल्लाहरा के सामने अल्लाह के सामने। इंटरसेशन को हम देखें। इंटरसीडिंग क्या कहते हैं? मध्यस्थता करें। वाओ दैट इज अ वेरी डिफिकल्ट वन। मध्यस्थता। ओके। इसको उर्दू में देखते हैं कैसे ट्रांसलेट करेंगे। शफात। तो शफात करेंगे और आपके लिए इंटरसीड करेंगे। नाउ दिस इज़ वेरीेंट के उस इलाके के तमाम काफिरों ने जो कि एक तरफ तो यह कह रहे थे कि एक साल तुम हमारे भगवान को पूछ लो। एक साल हम तुम्हारे भगवान को पूछ लेंगे। उनके सामने मोहम्मद ने कह दिया कि मैं तुम्हारे जो भगवान है वह मेरे अल्लाह के साथ मिलकर काम करते हैं। तुम्हारे जो भगवान है वह मेरे अल्लाह के साथ मिलके काम करते हैं। इसको बहुत तरीकों से डिफाइन किया जाता है। और लुगते आम में इसको शैतानी आयात भी कहा जाता है। क्यों? क्योंकि बाद में कहा गया कि यह जो आयतें हैं जो कि शैतान ने कान में फूंकी थी वह बाद में मिटा दी गई खत्म कर दी गई। बहुत इंपॉर्टेंट है इस चीज को समझना और समझने से पहले कोई आयशा खान जी आई हैं। इनसे बात कर लें। फिर हम आगे चलते हैं। देखते हैं शायद इनको इसके बारे में कुछ पता हो अगर ये अच्छे तरीके से बात करना चाहे तो।

जी सर पाकिस्तान से हूं मैं और मेरे पास एक लॉकेट है वो ना उस पे अल्लाह लिखा है दैट इज रियली सिमिलर अ वो बहुत सिमिलर है शिवजी के टिशूर से मिलता है और उनके जो गले में स्नेक है उससे काफी सिमिलर है और मैं इस्लाम छोड़ चुकी हूं और मैं कहती हूं कि मतलब बहुत सारी चीजें अब काबा को ही देख लें तो मुझे काफी चीजें महसूस होती है ऐसी तो ये ऐसा क्यों है? अच्छा जी लॉकेट की बात करती हैं तो मुझे नहीं पता आपके पास किस किस्म का लॉकेट है। जिसमें किस तरीके से लिखाई की गई है। तो अरबी को जब आप टेढ़ा-मेढ़ा करके लिखें तो कुछ भी दिखाई दे सकता है। उसमें तो मैं कुछ ऐसा नहीं जवाब दे सकता। हां अगर आप यह देखें काबा की अगर आप बात करें तो भाई साहब आपके जो नबी थे वो काबा का उस वक्त तवाफ कर रहे थे जिस वक्त काबा जो है वह बुतों से भरा हुआ था। यह देखिएगा अगर आप सीरतु नबी इसक में भी देखती हैं तो मोहम्मद जो है वह काबे का तवाफ कर रहा था। जिस वक्त लोगों ने आकर मोहम्मद को कहा कि तुम हमारे खुदाओं को पूछ लो एक साल और हम तुम्हारे खुदाओं को पूछ लेते हैं एक साल। उस वक्त मोहम्मद काबे का तवाफ़ कर रहा था। ही वाज़ इन द पेगन काबा। और उसको उस जमाने के बेगन मना नहीं कर रहे थे। यानी कि आप यह समझे के मोहम्मद हर वह मुशरिकों का काम कर रहा था जो उस इलाके के मुशरिक कर रहे थे और उसने कोई ऐसी चीज नहीं दी इवन हज के अंदर भी जो के मोहम्मद से पहले लोग ना कर रहे हो जो कि हज की स्ट्रीमों में मैंने बहुत अच्छे तरीके से डिफाइन किया हुआ है।

यस आपके पहले लेकिन कुछ तो है ना मतलब के लोग उसके पीछे चल रहे हैं और जितनी पापुलेशन फॉलो कर रही हैं ना चाहते हुए भी ले करना पड़ता है और कर भी लेते हैं अगर कोई ऐसी ताकत नहीं है जो इन सब झमेलों से निकाल सके कोई ऐसी पावर नहीं है जो हमें प्रोटेक्ट करे देखिए ये तो अब आपका सवाल बड़ा डिफरेंट हो गया और डिफरेंट एंगल पे चला गया लेकिन आप खुद ही सोचें कि अब मकसद क्या था? उसका वो इंसान था भी या नहीं था? बहुत कंफ्यूज हैं। वो था भी या नहीं था। जिस दिन पैदा हुआ उसी दिन उसका जो है वो डेथ का डे माना जाता है या ये एक कररेक्टर है जिस पर मतलब क्या कहें हम बहुत ही कंफ्यूजिंग है। बात ये है कि ये तो साबित ही कहीं से नहीं होता। मैंने अपने और जो आपने आयत पढ़ी है वो भी बहुत कंफ्यूजिंग है। मुझे मेरे पल्ले कुछ नहीं पड़ा। चलिए अच्छा इसी वजह से आपने इस्लाम छोड़ दिया। ठीक है ना? तो बहरहाल जिस इलाके से हैं मैं भी आपको ये कहूंगा अपना ख्याल रखें। ज्यादा अपने आप को एक्सपोज यहां पर ना ही करें तो बेहतर है। लेकिन क्योंकि यह आप लोग जहां से हो वहां पे गेम बहुत खराब है। मैं नहीं चाहता कि आप अब मैं नहीं चाहती मेरी बेटी भी इन चीजों को फॉलो करें और मैं इतना टफ हूं कि यार मेरी बेटी को भी इन चीजों पर चलना पड़ेगा। तो इसीलिए अपनी बेटी को बचा के रखें। इसका अपने हस्बैंड का मुझे नहीं पता आपके हस्बैंड के साथ क्या बना। लेकिन बताएं भी नहीं अभी फिलहाल।

दोस्तों हमारी बहन के लिए जरा फ्लावर्स तो भेजना। आजकल हमारे पास अ बॉर्डर पार से काफी लोग आ रहे हैं और काफी देख के अच्छा लगता है कि वहां पर भी हमारी बातें पहुंच रही हैं और लोग इस चीज से बाहर आ रहे हैं। तो बहन आपके लिए सबसे पहले तो ढेर सारे फ्लावर्स हैं। थैंक यू सो वेरी मच। बहुत शुक्रिया। अब आ तो रहे हैं बहुत सारे लोग लेकिन सामने नहीं आ रहे लेकिन बहुत सारे एक्स मुस्लिम्स जो है ना वो पाकिस्तान में होते जा रहे हैं लेकिन कोई किसी का पता नहीं है किसी को भी एंड इट इज गोइंग टू टेक टाइम इसमें वक्त लगेगा देखिए हमारी वो जो सोसाइटी है वो इतनी होसीली है के जिस वक्त उनके एक बहुत बड़े इनफ्लुएंसरर ने बोला कि क्रिश्चियंस मोहम्मद को झूठा नबी समझते हैं, दज्जाल समझते हैं तो उसको जेल में डाल दिया। कुजा आप यह कहें कि जो आप खुद हैं वही मोहम्मद को झूठा नबी समझते हैं। सो नाउ यू यू अंडरस्टैंड व्हाट इज हैपनिंग हियर के एक एक इतनी ज्यादा एक्सट्रीमिज्म वहां पे पाई जाती है कि उस एक्सट्रीमिज्म में रहते हुए इट्स नॉट इजी कि सडनली चेंज आए। चेंज होती है ना वह स्पेशली इतने बड़े लेवल की चेंज बहुत बड़े लेवल की चेंज छोटी चेंज नहीं है कि एक ऐसी सोसाइटी जिसमें आप कुछ बोल भी नहीं सकते हैं प्रॉपर्ली उस सोसाइटी में इस चीज के बारे में कहा जाए कि हां हमने छोड़ दिया तो ये ये चेंज जो है ये सेकंड जनरेशन की चेंज है लाइक पहली जनरेशन इसी तरह छुप के रहेगी मगर अगर आपके बच्चे बच्चे जो हैं जिनको आपने बचपन से पढ़ा दिया कि इसमें नहीं जाना दे आर गोइंग टू ब्रिंग दिस चेंज। यह बात मैं हमेशा से कह रहा हूं। मैं फर्स्ट डे से कह रहा हूं क्योंकि मैं हिस्ट्री को जब देखता हूं तो जब भी क्रांति आती है वो उस पर्टिकुलर किसी जो बंदा है उस जिन लोगों को लेके वो चलता है उन लोगों के दौर में नहीं आती। जो रेवोल्यूशन है वह उस पर्टिकुलर दौर में नहीं आती। उसके बाद वाले दौर में आती है। दैट इज ऑलवेज ट्रू इन द हिस्ट्री। इवन अगर आप ईरानी हिस्ट्री को भी देखें तो ईरान मेरा सेकुलर होता था एक जमाने में। और फिर आयतुल्लाह खुनी ने जब शुरू किया जिस तरह सिलसिला तो उसने बोला था कि मैं जो काम कर रहा हूं वो नेक्स्ट जनरेशन के लिए कर रहा हूं। मौजे तुम को देखें तो उसने भी जो काम किया उसने भी कहा कि मैं नेक्स्ट जनरेशन के लिए कर रहा हूं। यह क्योंकि चेंज बहुत बड़ी है। जब चेंज बहुत ज्यादा बड़ी होती है जिसको इंपैक्ट करना होता है एक पूरे एरिया को एक पूरी मल्टीजनरेशनल थियोलॉजी को वो सेम जनरेशन में नहीं आती। सेम जनरेशन के जो बाद में नेक्स्ट वाली आती है उसमें आती है बिकॉज़ वो बचपन से वो नई चीजें सुनते हुए बड़े हो रहे होते हैं। हेंस वो चेंज ला सकते हैं इन एसेंस मगर किसी जनरेशन को एक स्टार्ट करना होता है। सो वी आर द स्टार्टर्स एंड दे आर गोइंग टू कैरी द फ्लैग ओपनली। ठीक है ना?

जी सर बिल्कुल ऐसा ही है। चलिए थैंक यू सो मच आप जुड़ी। अपना बहुत-बहुत ख्याल रखिएगा। जी शुक्रिया।

जी मिस्टर एमडी शमीर अंसारी साहब। सर आपके पीछे गाना चल रहा है। पहले गाना बंद करेंगे। अरे गाना बंद करो। यस अरे हम जी सर मोमिन है सर आप क्या सर मुसलमान है सर आप या या मुसलमान हूं मैं अच्छा नमाज़ नमाज़ पढ़ते हैं सर हां जी पढ़ते हैं तो कितनी पढ़ते हैं पांच बार दिन में अच्छा फजर जोहर असर मगरब इशा इस नमाज में अलम शरीफ के बाद कौन-कौन सी सूरतें पढ़ते हैं नाम बताइएगा सिर्फ सूरत पढ़ना शुरू कीजिएगा सूरत जैसे कि हो गया आपका व अस्र हो गया चलिए सूर अस्र जरा अब सुना दीजिए व बिस्मिल अस इंसान सब और कुछना जी सर सॉरी अबाउट दिस जी सर थैंक यू सो वेरी मच आपका बहुत-बहुत धन्यवाद सर

जी जो हमारे नबी थे वो शैतान साहब ने आके उनके कान में कान्हा फूंसी की और उन्होंने वो बातें बोल दी ये क्या चक्कर हमारे नबी को पता नहीं लगा था कि किस वक्त शैतान बात कर रहा है और किस वक्त अल्लाह की तरफ से नबूवत आ रही है। ये क्या चक्कर है सर? नबूवत तो वैसे उनको 40 साल की उम्र में मिली थी। जी सर। और नबूवत मिलने के कोई 7 आठ साल के बाद हमारे नबी लोगों को पढ़ा रहे थे सूर नजम। हां। बीच में शैतान ने आकर कह दिया ये जो अल मना है यह हरानी है और इनकी शफात जो है वो बड़ी जरूरी है और फिर ये बीच में जब कह दिया तो आपके नबी ने वो बातें एज इट इज़ लोगों को बता दी और कुरैश मक्का भी बड़े खुश हो गए। हां तो ये शैतान की बातें नबी को पता नहीं लगी कि शैतान है बीच में बातें कर गया तो बात तो लगी नहीं लगी उन्होंने बोल दिया और सजदा भी कर दिया पूरा पूरा शर्क कर दिया आपके नबी ने इसके बारे में तुमको आईडिया ऐसे नहीं है ये तो चैप्टर ये क्या बोलते हैं 53 में है ना? सर, सूरह नजम में है जहां और अ मसला तो है कि यह सूर यह चैप्टर नंबर 22 बनता है। तो, यह तो सर बहुत बड़ा मसला हो गया। हां। आपके नबी तो एक मुर्तद और मुशरिक बन गए। ये क्या चक्कर है सर? ये कैसे आपने नबी रखे हुए हैं सर के जो मुर्तद और मुशरिक बन गए? ये मैंने नहीं रखे। अल्लाह के नबी हैं और हमारे रसूल हैं। अरे तो आपने तो अल्लाह मियां पे डाल दिया सीधा कि अल्लाह मियां का कसूर है कि उन्होंने ऐसे शख्स को नबी बना दिया। तो सर ये तो बड़ी गलत बात हो गई सर। नहीं अल्लाह पे कैसे लगा दिया? वो तो अल्लाह सब बनाए हैं ना सारे नबियों में से आला सरदार। सर कैसे आला सरदार के सर गेम ही खराब हो गई सर। के वो शैतान कुछ बोला और वो समझे कि शैतान नहीं बोला। वो समझे कि ये तो अल्लाह बोला और उन्होंने बता भी दिया और मुर्तद और मुशरिक हो गए। सर सर एक बात बताइए आपको अंग्रेजी पढ़नी आती है कि हिंदी पढ़नी आती है? हमको दोनों आती है। दोनों आती है। चलिए मैं आपके सामने लाता हूं। जरा आप पढ़िए और जरा बताइए मुझे कि ये क्या हो रहा है? जरा ऊंची पढ़ के बताइए ताकि हम सब भी जान सके आपके साथ-साथ। तो सर ये जरा पढ़ के बताइए क्या हो रहा है? ज़ूम कर देता हूं और थोड़ा सा शायद आप के लिए अब सही हो। जी सर पढ़िएगा जरा। किधर है सर? एक सेकंड स्क्रीन पे सर। कमेंट रिकॉर्डिंग एक सेकंड। नेवर बी मैसेज टू प्रॉफिट बिफोर। एक सेकंड नेवर सेंड मी मैसेंजर और अ प्रॉफिट बिफोर थ्री बिफोर दी हां द कमेंट कमेंटर ऑफ द कुरान सेड व्हेन द मैसेंजर ऑफ अल्लाह अल्लाह ब्लेस हिम एंड गिव हिम सॉ दैट ह पीपल पीपल वेरिंग हिम ही वास एग्री बाय देर रिजेक्शन ऑफ द मैसेज ही ब्रॉट देम एंड सीक्रेटली विश द अल्लाह एक्टेड ही अच्छा ऐसा करते हैं ऐसा करते हैं इसको हिंदी में कर लेते हैं क्योंकि आपकी इंग्लिश इतनी अच्छी नहीं है इसको जरा कर लेते हैं आसान यहां से हम कंट्रोल सी करते हैं और फिर हम ऐसा करते हैं ट्रांसलेट पे जाते हैं और इसको हम हिंदी में कर लेते हैं लेट्स सी कि हिंदी जो है वो सही हो चलिए Google से ही पढ़ा लेते हैं जरा सुनिए Google से आप क्या कहते हैं? कुरान के टीकाकारों ने कहा जब अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैह वसल्लम ने देखा कि उनकी कौम उनसे दूर हो रही है तो वे इस बात से दुखी हुए कि उनकी कौम उनके संदेश को नहीं मान रही है। वे मन ही मन चाहते थे कि अल्लाह सुल्तान उन्हें कुछ ऐसा बताएं जिससे वे और उनकी कौम एक दूसरे के करीब हो जाए। क्योंकि वे चाहते थे कि उनकी कौम इस्लाम कबूल कर ले। एक दिन वे कुरैश की एक सभा में बैठे जिसमें कुरैश के बहुत से लोग मौजूद थे। वे चाहते थे कि उस दिन अल्लाह सुल्तान उन्हें ऐसा कुछ ना बताएं जिससे वे उनसे और दूर हो जाएं। तब अल्लाह सुल्तान ने उन्हें सूर अल नजमा जब सितारा चमकता है। सूर 53 की आयतें बताई। अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैह वसल्लम ने इसे पढ़ा। लेकिन जब वे क्या तुमने अल्लाल अल उजा और तीसरी मन्नत के बारे में सोचा है? 53 19 - 20 पर पहुंचे तो शैतान ने उनके जुबान पर वह बात रख दी जो वे मन ही मन चाहते थे और कहा यह महान देवी देवता हैं और इनसे दुआ मांगने की उम्मीद है। जब कुरैश ने यह सुना तो वे बहुत खुश हुए। अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैह वसल्लम ने सूरह पूरी होने तक पढ़ना जारी रखा और फिर सजदा किया। सभी मुसलमान भी सजदा करने लगे और वहां मौजूद सभी मूर्ति पूजक भी सजदा करने लगे। वहां मौजूद सभी लोग चाहे मुसलमान हो या काफिर सजदा करने लगे सिवाय अल वलीद इब्न अल मुगीरा और अबू उहया साद इब्न अल अस के जो बूढ़े थे और सजदा नहीं कर पाए। लेकिन उन्होंने थोड़ी सी मिट्टी ली और अपने माथे पर लगा ली। कुरैश खुश होकर वहां से चले गए। उन्होंने कहा मोहम्मद ने हमारे देवताओं का सम्मानजनक शब्दों में जिक्र किया है। जी भाई साहब तो आप देखें के हमारे प्यारे नबी चाह रहे थे कि कोई ऐसी बात आ जाए उनके अल्लाह की तरफ से जिससे कुरैश के जो काफिर हैं वो उनके दीन में आ जाए। और यहां पर लिखा हुआ है कि जब शैतान ने उनके कान में यह आयतें

डाली कि यह जो है ये भगवान ही है। तो हमारे नबी बड़े खुश हुए क्योंकि जो वो सीक्रेटली विश कर रहे थे वो पूरी हो गई। ठीक है। और उन्होंने बोला और सब के सब मुसलमान भी मुशरिक हो गए उस दिन। और हमारे नबी भी मुशरिक हो गए क्योंकि शर्क किया और सब ने मुशरिक होकर सजदा किया और कुफ्फार ने भी मुशरिक होकर सजदा किया।

तो सर ये कैसे नबी हैं रसूल हैं जो शैतान की बातों में इतनी जल्दी आ गए और शर्क कर बैठे। सर ये कब हुई थी जब नबूवत मिली थी उससे पहले ये आयत आई है। सर सर नबूवत मिलने से पहले कुरान की आयतें कैसे आएंगी? सर खुद सोचें आपका सवाल कितना बुरा सवाल है। कितना गलत सवाल है।

हां सर नबूवत क्योंकि सात आठ साल बाद हो रहा है सर। हम यानी सात आठ साल में ये सूर काफिरून के बाद आती है आयत जब मुशरिकने मक्का कहते हैं कि एक साल आप हमारे खुदा भगवान को पूज एक साल हम आपके भगवान को पूज लेते हैं। तो नबी ने कहा नहीं नहीं लिखा हुआ है ना दीन वदीन आपके दीन आपके पास हमारे दिन हमारे पास मतलब समरी उसका लास्ट उसके उसके बाद उसके बाद आपके जो नबी है वो बड़े टेंशन में आ गए कि मैंने तो इनको अपने से दूर कर लिया है। उसके बाद वो ये सूर नजम पढ़ रहे थे। किस तरह शैतान ने आकर बताया तो उन्होंने दोनों दीनों को इकट्ठा कर दिया।

सर ये क्या होला है यार? यह क्या होला है? आपके नबी ग्रेट लिटिल मुशरिक बन गए हैं। सर वो तो ईमान वाले थे सर। तो ईमान वाले मुशरिक हो गए सर। और कई महीनों तक मुशरिक रहे। कई महीनों तक बाद में तो सर ये कैसे नबी हैं जो नबूवत के 7 आठ साल बाद मुशरिक हुए। उसके बाद चाहे छ महीने बाद दोबारा इस्लाम कबूल कर ले, चार महीने बाद कर ले। दैट डजंट मैटर व्हाट मैटर्स इज कि मुशरिक तो हुए ना नबी नबी हो गए मुशरिक हुए। एक आम बंदे की बात नहीं कर रहे हम। हम अबू बकर, उमर, उस्मान और अली की बात नहीं कर रहे इस वक्त। नबी की बात कर रहे हैं। के नबी नबी मुशरिक हो गए। सर क्या चक्कर चल रहा है?

ऐसा देखा जाए तो आदम अल सलाम भी तो वो दरख्त का फल खाए थे ना। मना किया गया था। आदम जो था उस वो तो किसी बहकावे में आकर गुनाह कर गया छोटामोटा ठीक है ना वो तो हमारे नबी ने भी बड़े गुनाह किए हुए हैं। हमारे नबी ने भी बड़े गुनाह किए हुए हैं। अल्लाह ने कुरान में तीन जगह बोला हुआ है नबी अपने गुनाहों की माफी मांग। लेकिन यहां पे कोई छोटा-मोटा गुनाह नहीं है। यहां पे वो गुनाह है जिसको अल्लाह कहता है मैं कभी नहीं बखशता। और नंबर एक बात और नंबर दूसरी बात यहां पर वह गुनाह ना सिर्फ यह कि वो खुद कर रहे हैं बल्कि अपने तमाम मुसलमानों को करवा रहे हैं। जिनके लिए वो आए हैं जिनकी इस्लाह करने के लिए आए हैं। उन सब से भी करवाया। सबने मिलके सजदा किया कुफारे कुफ्फार के बुतों को।

सर ये तो गेम बहुत खराब हो गई है। आपके नबी तो मुशरिक बन गए थे थोड़ी देर के लिए। थोड़ी देर के लिए ईमान तो लाए थे ना। थोड़ी देर तो लाए होंगे ना। यार एक्स साहिल ऑफिशियल क्यों लाइव नहीं है यार लाइव बैठे हैं यार आप कैसी बातें कर रहे हैं आप क्या कह रहे हैं लाइव है क्या साहिल साहब लाइव है हमारे भाई हमसे बात कर रहे हैं लिंक जो है वो पिन हुआ हुआ है आप कैसी बातें कर रहे हैं साहिल साहब आपका स्वागत है बहुत-बहुत और ये पवन कुमार बैन होने लगे हैं क्योंकि ये इनको मैंने पहले निकाला था ये दोबारा आए अब ये बैन हो गए हैं।

जी सर तो सर ये तो बहुत बड़ा प्रॉब्लम है सर जैसे आया है ना कि एक ठो फसा औरत थी सुने होंगे हदीस में आते हैं सुन रहे हैं मेरी बात एडमम साहब हेलो जी सर बोलते जाए मैं अब आपको सुनने के लिए जब वेट करता हूं आप हेलो हेलो करना शुरू कर देते हैं यार हां हां ये जो एक फैसा औरत थी उसको जब कुत्ते को पानी पिला के वो जन्नती हो गई वो तो नबी है तो मैंने कब कहा है कि कोई जन्नती नहीं हो सकता मैं तो यह कह रहा हूं कि आपके नबी मुशरिक हो गए तो आप एग्री करते हैं कि आपके नबी थोड़ी देर के लिए मुशरिक हो गए दो चार महीनों के लिए और उन्होंने अपने मुसलमानों को से भी शर्क करवाया जिनको वह तलीम दे रहे थे एक अल्लाह की इबादत करने की बात तो सही है। सर ये ये एग्री कर ले तो बात खत्म हो जाती है। फिर तो हम सही जगह पर पहुंच जाएंगे। लेकिन आपके मुसलमान और आप जैसे लोग थे। कहते हैं जी हमारे नबी तो बड़े अकलमंद थे। उन्होंने तो कभी काफिर होते हुए बुत पूजा नहीं की थी। यहां पे तो मुसलमान होने के छ सात साल बाद बुध पूजा कर रहे हैं। अल्लाह मनात की गेम डाल रहे हैं। शैतान खुला दुश्मन है ना सर शैतान तो सर वह खुले दुश्मन ने आपके नबी को बहका दिया और नबी ने तमाम मुसलमानों को बहका दिया और सब मिलके शैतान के बहकावे में आके बुतों की पूजा करना शुरू हो गए बोल दें जी अंसारी साहब अभी कर सकता है ये ये तो गेम खराब हो गई ना सर। गेम खराब है सर। इस वक्त बहुत बुरे तरीके से खराब है। क्या करेंगे? कितना है? बोले सर बोले मैं आपका वेट कर रहा हूं मेरे प्यारे भाई।

इसमें तो हमको सोचना पड़ेगा थोड़ा तहकीक करना पड़ेगा हमको। तहकीक क्या करेंगे सर? सामने लिखा हुआ है। आपकी कुतुब में लिखा हुआ है क्या तहकीक करना सर? क्योंकि कोई ऐसा अरबी वर्ड भी है जिसमें एक मीनिंग का 10 मीनिंग भी हो जाता है। अरे भाई ये अरबी का एक लफ्ज थोड़ी है। तो 36,000 लफ्ज है और ऑलरेडी ट्रांसलेशन किया हुआ है आपके स्कॉलर्स ने। मैंने खुद तो नहीं कर रहा ना। जब आपके स्कॉलर ने ट्रांसलेशन किया तो क्या वह गधे हैं, जाहिल हैं? आप कह दें आपके सारे स्कॉलर्स जो कि ट्रांसलेशन करते हैं वो गधे और जाहिल है। उनको नहीं पता किस लफज़ की क्या ट्रांसलेशन करनी है। वो पता करना पड़ेगा सर। इसके लिए हमको सर्च करना पड़ेगा कहीं पे ताकि करना पड़ेगा। कहीं पे सर आपके सामने सर्च हुआ हुआ दिखा रहा हूं। आपको टेंशन ना हो। वो आपको पता है सलमान रिशदी साहब का नाम पता है? किसका? सलमान रिशदी का। सलमान नहीं तो सर सर सर्च कीजिएगा। उन्होंने इस बारे में बताया था तो पढ़ाऊं उनके खिलाफ बवाल हुआ था। उनको कत्ल करने की धमकियां हुई हालांकि आपकी किताबों में लिखा हुआ है। अच्छा चल आप देखिए सर्च कीजिए और मैं आपका वेट करता हूं। दोबारा आके बताइए क्या हो रहा है? मैं वेट करता हूं आपका। बस सर्च करके आइए। हम ठीक है। अच्छा ये और कुछ है क्या? उसको भी सर्च कर लेंगे एक साथ।

क्या यह इतनी बड़ी चीज काफी नहीं है कि आपके नबी मुशरिक बन गए बुतों की पूजा करें? यानी यह कम है। इससे दीन इस्लाम ही खत्म हो गया भाई कि आपका दीन इस्लाम को लाने वाला बंदा जो कि एक खुदा की तरफ आपको प्रस्तिश करवा रहा था। वो चार छ महीने खुद भी और अपने लोगों को भी मिलके बुद्ध पूजा कराता रहा। इससे इससे बड़ी इससे बड़ी कोई बात है? पूरा दी ही खत्म है। कैसा नबी है यार? जो शैतान के छोटेमोटे बहकावे में भी नहीं आए। इतने बड़े बहकावे में आ गया सर। अगर यह बात सच्ची होती है तो आपको छोड़ देना चाहिए ये दी। जो अल्लाह अपने नबी को नहीं बचा सका चार छ महीने तक वो आपको क्या बचाएगा सर शैतान से? ऐसा अल्लाह जो है वो तो बिल्कुल ही बेकार है सर।

अभी आपने सू असर पढ़ी उसका मतलब पता है आपको? हां कसम है उस जात की। नहीं जात की नहीं कसम है जमाने की कि इंसान खसारे में है। मगर वो लोग जो ईमान ले आए आपका ईमान ही आपके नबी का खत्म हो गया। हो गया। और उसने तमाम मुसलमानों का भी ईमान खत्म करा दिया उस वक्त। जो कसम अल्लाह ने खाई है जमाने की वो कसम तो बिल्कुल यानी आपके नबी में पूरी बैठ गई कि नबी खज़ारे में ही रहा है। और आपका अल्लाह अपने नबी को नहीं बचा सका। तो बाकी तो बातें खत्म हो गई। क्या बोलती है? कौन सा रिलीजियस बेस क्या बोलती तू हे क्या मैं बोलूं तो कौन सा सुना बेस्ट है सर बिल्कुल अभी बताएंगे अभी कह के ये सबसे घटिया रिलीज है और हम इससे बाहर आते हैं अभी आपका कौन सा रिलीजियस है सर मैं वही कह रहा हूं रिलीजियस मेरे पास यार तुम लोगों की तो अंग्रेजी इतनी खराब है भाई साहब मैं बिल्कुल उस पे आता हूं आप इसको तो गलत गलत कहे ना कि ये गलत हुआ। टॉपिक चेंज ना करें मेरे प्यारे भाई। या तो होमवर्क ले लें। ये टॉपिक खत्म करें ना फिर अगले टॉपिक पे चलते हैं ना। ये होमवर्क है मेरे लिए। तो चलिए मैं आपका वेट कर रहा हूं। आप जरा होमवर्क करके आए। मेरे पास दो घंटे मैं आपको देता हूं। तो फिर आगे से हम फिर बात करते हैं। मुझे ये बात खत्म करनी है पहले आपसे। फिर आगे बात करते हैं ना आपसे। ठीक है। ठीक है। चल मैं वेट कर रहा हूं जरा करें सर्च। सर्च और आए। ठीक है। तो मैं लेफ्ट हो रहा हूं थोड़ी देर के लिए। जी लेफ्ट हो जाए आप लेफ्ट हो जाए। मैं आपका वेट कर रहा है। लो जी हमारे भाई हैं। वो अभी रिसर्च करके आएंगे। लेफ्ट हो गए हैं वो। लेफ्ट हो गए हैं।

रिलीज रिलीज एनी कोई असलम साहब आए हैं। जी असलम साहब अरे लो डालेंगे यार तुम लोग कितने बेगैरत हो यार गैरत नाम की चीज नहीं है तुम लोगों को तो जनाब रलिस तो कौन सा बेहतर है कौन सा नहीं है प्रॉब्लम यहां पर यह है कि एक ऐसा नबी जो कि सिंगुलरिटी गॉड को लेकर आया और अभी हमने देखा कि तकरीबन 16 सूरतें नाजिल हो चुकी हुई हैं। उसके बाद यार 16 सूरतें नाजिल होने के बावजूद हमारा नबी यह नहीं समझ सका कि अल्लाह जो है वह अकेला खुदा है। उसके साथ कोई और खुदा नहीं हो सकते। और यह शैतान ने गेम डाली है। और यह शैतान की गेम है। अब इमेजिन करें अगर इस लेवल के ऊपर गेम चल रही है। तो भाई साहब देयर इज अ बिग प्रॉब्लम। एक बहुत बड़ा मसला चल रहा है यह। दिस इज लाइक ऐसे है कि जो मेजर तालीम है इस्लाम की उसी के ऊपर हमारे नबी उसके ऑपोजिट चले गए। हमारे नबी वाह वाह वाह वाह। मैं कुछ ज्यादा सॉफ्ट नहीं हो गया। लेकिन एनी हाउ एक बेसिक लेवल के ऊपर जो चीज है कि जी शर्क नहीं करना और यह ऐसी हरकत नहीं करनी वही गेम है जो कि खराब हो गई हुई है तो आप कैसे इसको जस्टिफाई करेंगे कैसे इसको जस्टिफाई कर सकते हैं प्रॉब्लम तो यह है ओ इस्लामिक टीम साहब वहां पे क्यों बैठ के किल कलान कर रहे हैं आ जाइए ना लाइव बात कर लें उधर बैठ के ऐसे ही किल क्लैन मारने का क्या फायदा है स्ट्रीम यार्ड का लिंक कलेक्ट करेंगे क्योंकि यहां पे तो गेम खराब होगी आपके नबी कि आपका नबी जो है वो तो ग्रेट लिटिल मुरशिक साबित हुए पड़े हैं। इतने ग्रेट लिटिल मुशरिक को आप नबी कैसे मान सकते हैं? आपको निकलना पड़ेगा यहां समझाना पड़ेगा कि आपका नबी जो है वो ग्रेट लिटिल मुशरिक नहीं था। क्योंकि आपके नबी कई महीनों तक यह वाला शिर्क करते रहे। यह ऐसा भी नहीं है कि आपके नबी ने कोई छोटी थोड़ी देर के लिए यह शिर्क किया हो। आपके नबी के यह शर्क के बाद लोग अपने अपने घर चले गए। कुफारे मक्का भी घर चले गए। सब घर चले गए। और घर जाने के बाद जो है जब आप देखते हैं कि कुछ पैगाम भेजा गया। उन लोगों को जिन्होंने पहली माइग्रेशन की थी। उस पैगाम के बाद वहां से लोग वापस आना शुरू हो गए। और पैगाम कोई ऐसे तो नहीं भेजा इट टेक्स टाइम 1000 किलोमीटर दूर वाली जगह पर अगर पैगाम जाएगा तो यह कोई सेलफोन नहीं है आपने फोन किया और पैगाम पहुंच गया जाना पड़ता है उस जमाने में इट टेक्स अ लॉट ऑफ टाइम टू डू ऑल दैट और ये क्या हुआ है ये नूर कहां से आ गया नूर आया नूर आया देखो देखो नूर आया नूरु उल मु्तदीन हमारे हमारे प्यारे रसूल हजरत साहिल सल्लल्लाहहु अलैहि व आह वसल्लम हमारे साथ पधार चुके हैं। स्वागत है साहिल साहब आपका। क्या हाल है? अरे थैंक यू सो मच एडमम साहब बहुत-बहुत शुक्रिया और मुझे लगा यार प्रीमियर सेट हुआ है। तो फिर मुझे किसी ने मैसेज भेजा लाइव है एडमम साहब। तो बोला अरे लाइव प्रीमियर दिख रहा था मुझे। फिर देखा तो तो मैं बोला अंदर जाकर देखते हैं। तो फिर मैंने मैसेज किया तो आपने कहा नहीं नहीं लाइव चालू है। मैं बोला चलो फिर पटपट ज्वाइन करते हैं। सर सर सर बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत धन्यवाद सर।

सर आपने सुनना सुना होगा कि हम जो बात कर रहे थे के जॉनडो की जिंदगी और हमारे नबी की जिंदगी बड़ी जबरदस्त सेम टू सेम चल रही है। अच्छा हां और कोई 12 14 सूरतें आने के बाद जब एक सूरत आई कि यार एक साल तक तुम हमारे दीन को पूछ लो और एक साल हम तुम्हारे दीन को पूछ लेंगे। तो हमारे नबी बड़े टेंशन में आ गए कि यार अब मैं इनको कैसे अपने दीन में लेके आऊं? आय हाय तो वो सीक्रेटली ख्वाहिश कर रहे थे कि उनका अल्लाह जो है और जडो का अलरा जो है वो कोई ऐसी बात कर दे जिसकी वजह से ये लोग दीन में आ जाए तो अल्लाह ने तो नहीं की लेकिन शैतान साहब ने कानपसी जरूर कर दी और अल्लाह तजा शैतान यार वाकई में देखा जाए तो शैतान तो अपने मकसद में बिल्कुल कामयाब होते जाता है हमेशा है ना शैतान हमेशा अल्लाह से जीत जाता है। बड़ा तेज है यार ये शैतान यार। बड़ा तेज है आदम साहब। बहुत उसने खाना पूजी की और नबी से शिर्क करवा दिया साहिल साहब। जी जी नबी से शिर्क करवा दिया नबी से। तो वो तो इब्राहिम ने भी शिर्क किया था ना। कुरान की जो आयतें हैं उस हिसाब से जो है वो मल्टीपल टाइम्स इब्राहिम ने भी शिर्क किया हुआ है। ही वास अ मुशरिक लेकिन सर फिर जाके उसको डबल इंपैक्ट है। आई यहां पे डबल इंपैक्ट ये है कि पहले तो नबी ने शिर्क किया। फिर उसने अपने तमाम मुसलमानों से जो उसको फॉलो कर रहे थे उनसे भी शेर कराया और सजदा भी करा दिया। वाह मतलब खुद तो डूबे सनम तुमको भी लेके डूबेंगे। वाह वाह वाह बिल्कुल सर अवश्य सत्य फरमाया आपने सही तो डबल लेवल पर और फिर यह भी नहीं कि एक आधा दिन कई महीने कई महीने महीने महीने यही सब चलता रहा हम और नबी महीने गुजर गए साल गुजर गए साल नहीं महीने गुजरे ना सिर्फ महीने महीने और जिब्राइल आया ही नहीं वो पता नहीं कौन से कुत्ते थे जिनका जाने का वेट कर रहा था जिब्रील आए ही नहीं वो जिब्रील इंतजार ही नहीं रहे जिब्रील बीच-बीच में ये जिब्रील गायब ही हो जाता था एकदम हम शुरू में भी गायब हो गया था हां वो रसूल्लाह पहाड़ की चोटी पे चढ़ के खुदकुशी तक करने वाले थे बिल्कुल हां मुझे समझ नहीं आई जिब्राइल अक्सर गायब क्यों रहता था अब वो जब जिब्राइल है ही नहीं वो रसूल्लाह की सोच की वो ये थी क्रिएशन थी वो तो उस हिसाब से वो गायब हो जाता था सर आप तो पोल खोल रहे हैं सर ये तो सर हमारे नबी के मानने वालों को सोचना है ये चीज कि यार इसके अलावा कोई और लॉजिकल रीजन नहीं है अभी हमारे साथ जो भाई साहब आए थे वो कह रहे थे कि यार उसके अलावा भी कोई बुरी बात बता दें। मैंने कहा यार ये क्या काफी बुरी बात नहीं है। तुम लोगों ने हर वक्त जो है ना सिलेबरी पे डिस्कशन करना कि तुम्हारे नबी ग्रेट लेटर मुशरिक हो गए और अपने मुसलमानों से शर्क कराया। क्या ये बात काफरी नहीं है तुम्हारे लिए कि तुम्हारे लिए कुछ और भी बता दे। सर आप अब स्लेवरी की आपने बात की। मैं आपको बता दूं कल एक तो हमने आपका बहुत इंतजार किया और बहुत मिस किया मैंने आपको। बहुत मिस किया मैंने। लोगों ने भी आपको मिस किया। बट डिस्कशन जो चले एडमम साहब बड़े जबरदस्त चले हैं और आपको पता है कि मैं अकेले ज्यादा लंबी स्ट्रीम करता नहीं हूं लेकिन कल कितना 7 घंटे की स्ट्रीम चल गई। वाह जाते वक्त भी दो तीन मोमिन जो है वो बैठे हुए थे। फिर मैंने उनको बोला कि भाई कल एडमम की स्ट्रीम में आना तुम लोग। तो एडमम साहब वो आपका जो एक अच्छा सा एकदम प्यारा प्यारा बनते है ना वो वाला कॉलर जो है एमएमए जो कि उस दिन रात को भी मैं जाते वक्त तो वो आ चुका था मुफ्ती के डिस्कशन के बाद वो आया था हम तो एडमम साहब कल उसकी ऐसी हवा निकाला मैंने अ एमएमए की बेचारा मजबूर हो गया बोलता है इस पे मुझे है ना वो सोचना पड़ेगा तहकीक करना पड़ेगा वो तहकीक ही नहीं कर रहा कोई तहकीक से आगे भी निकल जाओ। मेरा मतलब है मैंने उसे लास्ट टाइम ये कहा था। कल एकदम वो पागल हो चुका था। उस उसका जो नट्टा मैंने दबा के रखा था एडम साहब तो वो पागल हो गया था एमए में और अच्छा वजह भी वही है। ही हैड द ऑप्शन टू चूस एनी टॉपिक बट ही चोस दिस। क्योंकि उससे पहले एक ही में बैंड बजा चुका था। तो ही चोस दैट ही थॉट के भाई मैं यहां पे जो है ना वो मामले को थोड़ा सेटल कर दूंगा। लेकिन वो नहीं जिंदगी की सबसे बड़ी गलती ये है बस वेडनेसडे को इस टॉपिक को एज अ होमवर्क लेके गया था मुझसे उसने कहा था वो फ्राइडे को कौन सा टॉपिक एवरीबडी टॉपिक को अच्छा ऑलरेडी हो चुकी थी क्या हां बेसिक हो चुकी थी तो वो आपके पास तैयारी करके आया हुआ था वो तो मैं आपको बता ही नहीं सका क्योंकि मैं आ नहीं सका उसने कहा था कि बस सैटरडे को नहीं आएगा फ्राइडे को आएगा और मैंने कहा था फ्राइडे को अगर आओगे तो साहिल के चैनल पे आओगे और मैं वहां पे था नहीं और यह टॉपिक उसने फेंक के इसलिए किया था कि वो मेरे से होमवर्क लेके गया था। तैयारी करके आया था वो। तो तैयारी करके आने के बाद आपने उसकी इतनी बजाई है। अल्हम्दुलिल्लाह। अल्हम्दुलिल्लाह। भाई मैं आपको एक बात बोलूं एडन साहब। जी जी आप आप यकीन नहीं होंगे कि वो जो एक घंटे के आसपास वो था पौना घंटा एक हां मेरे ख्याल से एक घंटे के ऊपर ही था मेरे साथ ना एक कुरान की आयत में गया ना एक भी हदीस में गया वो मतलब वहां तक उसको जाने का मौका ही नहीं मिला ओए होए तो सर आप जो तैयारी करके आधे बोले तो उसके लिए वो इधर आके आउट ऑफ सिलेबस वाला वाला क्वेश्चन आ गया ना उसके लिए तो लाओ एक भी कुरान की बिलीव मी एक कुरान की आयत नहीं उसके साथ पूरा डिस्कशन हुआ है एक भी कुरान की आयत नहीं एक भी हदीस नहीं क्योंकि आपको पता है कि स्लेवरी के ऊपर मैंने पूरा अपना जो तरीका है डिस्कशन का जो हम चार साल से कर रहे थे ये लास्ट एक महीने से मैंने पूरा तरीका ही एडमम साहब चेंज कर दिया। ये देखिए मैं आपको बताता हूं उसके सामने मैंने क्या क्वेश्चन रखे। जी जी ये देखिए यहां पर उसके सामने मैंने क्वेश्चन रखा कोई ऐसी सिचुएशन बताएं जहां पर कोई आपकी मां बहन बेटी को स्लेव बनाए और उनके साथ सेक्स करे और उनको बेचे ये इंसानियत के मुताबिक होगा। ओ तेरी खैर हो जाए। अच्छा मुझे सिर्फ इसका जवाब ये चाहिए। उसने कोई सिचुएशन ऐसी बताई है। सिचुएशन बता पहले। अच्छा हां ना हां ना हां ना यहां मैं पूरा नोट डाउन करके रखा हूं जहांजहां उसने हां बोला है फिर पलटी मारा है फिर हां बोला है फिर पलटी वाला है फिर यहां पे आके इसने बोला ही अग्रीस विद मी ठीक है यू अग्री वि मी करके आया था के हां के देयर इज नो टाइमलाइन नो सिचुएशन नो नथिंग नो नो जस्टिफिकेशन तीन चीज नो टाइमलाइन नो सिचुएशन नो कंडीशन नो Justification कोई भी टाइमलाइन, कोई भी सिचुएशन, कोई भी Justification नहीं है कि यह काम इंसानियत के अगेंस्ट में है। He Agreed With Me। फिर उसके बाद अब फिर से चेंज बोले मेरे सवाल का जवाब दे दो। मैंने बोला ठीक है सवाल कर। अब वो जो सवाल किया उसमें भी उसका मुद्दा फिट नहीं हुआ। तो फिर बाद में बेचारे ने बोला भाई मेरे को है ना थोड़ा इस पे देखना पड़ेगा। अब टाइम लेना पड़ेगा। मैं बोला टाइम ले ले भाई कोई मुश्किल नहीं। हेलो यानी कि आपने दो दो ढाई घंटे भाई साहब के साथ लगाए हैं। इसका मतलब है हां हां मेरे ख्याल से डेढ़ दो डेढ़ घंटा था। अभी लोग यहां कमेंट कर रहे थे कि दो घंटा उसने बात की

हुई है। क्योंकि डेढ़ दो घंटा था वो। इतनी लंबी बात ही होएगी उसके साथ इस छोटे टॉपिक पे क्योंकि भाई साहब बड़ा स्लो बोलते हैं और बड़ा घुमाते भी हैं। लेकिन इवेंचुअली समझ लेते हैं बात को। हां, वो घुमा नहीं पाया लेकिन कल उसने बहुत कोशिश की बट इट डिड नॉट वर्क। वो वर्क करता है ना? कितना घुमाएंगे इस चीज को? यस, ले लीजिए आप। अमजद भाई से बात करें। स्टार्ट करें। फिर हम थोड़ा वो मुफ्ती के ऊपर भी थोड़ा चर्चा करेंगे। पहले अमजद भाई से बात कर ले। मैं आपको बताऊंगा, बड़ा बड़ी हंसी आएगी आपको। वो बात बताऊंगा तब अच्छा बताइएगा, क्योंकि उसने कोई बटल बटल तो मुझे पता जरूर दिया होगा। मेरे पास टाइम नहीं था, मैं नहीं देख सका। ये अमजद भाई से पहले बात कर लेते हैं। हां जी, अमजद भाई, क्या हाल है? अगर आप गालीबाज हैं, इंसान हैं, चड्डी चड्डी चड्डी? क्या ऐसी हरकत कर? ये ये कैमरे पे दिखाओ। एडमम साहब, थोड़ा दिखाओ, दिखाओ उसको दिखाओ। मतलब पहले ये देख लो कपड़े पहने हुए हैं कि नहीं पहने हुए हैं। हां, ऊपर से तो पहना हुआ है। ऊपर से तो पहना हुआ है। चलो, अब तो इसका वो फ्रीज हो गया। पागलपन की भी हद होती है भाई। अभी तो डांस कर रहा था, लेकिन अब उसके पास का कैमरा फ्री हो गया। बेचारे मतलब पागलपन की भी हद होती है। ये साले पूरा हदवत सब तोड़ चुके हैं भाई ये लोग। सर, ये तो मैं कहता हूं कि अब उनको समझ नहीं आ रहा क्या? जी, वो तो अच्छा। अमित साहब, मैंने आपको उस दिन परसों बोला था कि वो टाइम स्टैंप नोट डाउन करके रखना। अगर टाइम स्टैंप आपने नोट डाउन किया तो मेरे को जरा लिंक फिर से और टाइम स्टैंप दे दो, मैं ताकि यहां बता सकूं।

अच्छा, एडमम साहब, हुआ ये के उस दिन जो मुफ्ती की हालत हमने की थी और मुफ्ती फिर भाग गया था, उसके दूसरे दिन जो है मुफ्ती अपने चैनल पे एक्स मुस्लिम हेल्प एक्स मुस्लिम वाले चैनल पे तीन मुफ्तियों को लेके बैठा था। आडम साहब। अलहम्दुलिल्लाह, अल्हम्दुलिल्लाह। और बड़ा अपनी वो मार रहा होगा। हां, हमेशा की तरह जी। तो अब तीन मुफ्तियों को ले बैठा था। अमित ने मुझे पहले ही लिंक शेयर कर दिया था कि ये स्ट्रीम करने वाला है। हालांकि आपको एडमम साहब मालूम है कि अभी कुछ महीनों से जो है इट्स लाइक इंपॉसिबल फॉर मी टू जॉइन। यू नो, ऑन द वीक डेज। फ्राइडे और सैटरडे ही मैं ज्वाइन कर पाता हूं। वीक डेज में इट्स वेरी वेरी डिफिकल्ट फॉर मी टू जॉइन द स्ट्रीम। उसके बावजूद भी, उसके बावजूद भी कल उसकी लाइव चालू थी। मैंने वहां पर जाकर कमेंट किया के भाई, मुफ्ती साहब, हमारी और आपकी डिस्कशन अधूरी रह अधूरी थी उस दिन डिबेट हमारी। आप भाग गए थे। आप भाग गए थे और आप उस दिन काफिर हो चुके थे। मुर्तद हो गए थे। मैंने यह साबित कर दिया था कि आपका अल्लाह जो है वो ऑल पावरफुल नहीं है। और अब तो मुझे अल्लाह को जालिम साबित करना था, बदबखत साबित करना था। तो ये डिस्कशन जो है इसको कंप्लीट करना है। तो बराए मेहरबानी लिंक दे दे। मैं 12:30 तक जो है वो ज्वाइन करूंगा। अच्छा, मुफ्ती मेरा मैसेज देख रहा है और बोल भी रहा है। ये साहिल साहब जो है अपने आप को बड़े अल्लामा समझते हैं। ऐसा करते हैं, वैसा करते हैं। अब लिंक नहीं दे रहा है। अच्छा, हमारी हमारे जो वॉरियर्स है वो पहुंच गए उधर। सारे लोगों ने कहा भाई लिंक दे दे, मुफ्ती साहिल मौजूद है। लिंक दे दे, लिंक दे दे। चलो, पहले यहां पे तो यहां पे तो अकेला जलील हुआ था और वहां पे जाके बता रहा था कि जलील नहीं हुआ था। वहां पे सब तीन के सामने दलील हो जाता तो उसका तो कुत्ता कुत्ता हो जाता बेचारे का। तो कैसे देता लिंक?

अच्छा, मैं सोचा कि चलो हो सकता है कि 12:30 बजे तक ये नहीं रुक पाएगा। इस वजह से शायद ये लिंक नहीं दे रहा है। तो मैंने फिर कहा कि ठीक है, लिंक दे दो। मैं अभी डिस्कशन मैं अभी ज्वाइन कर लेता हूं। दे दो। मैं कुछ ना कुछ जुगाड़ निकाल लूंगा। मैं अभी ज्वाइन कर लेता हूं। अब अब भी लिंक नहीं दे रहा है। मैं बोला अच्छा, एक काम करते हैं। तीन मुफ्ती बैठे हुए हैं। एक्स मुस्लिम साहिल वर्सेस त्रिफ्ती। खैर, टॉपिक कांसेप्ट ऑफ अल्लाह। लिंक दे दो। तीनों तीनों की निकल गई। भाई, नाम ले रहे हैं मेरा बाकायदा। बात कर रहे हैं, लेकिन लिंक नहीं दे रहे। सर, इतना डर का माहौल उस डिस्कशन के बाद कासमी में आ गया मुफ्ती में कि आप नहीं तो आप बताओ कि क्या तुक बनता है के मैं 24 लोग देख रहे थे जब मैं मैंने लाइव जॉइन की। मतलब मतलब नई के बराबर है। मतलब आपको कोई नहीं देख रहा था। उसके बावजूद भी मैं तुम्हारे चैनल पे आया और मैं तुमसे लिंक मांग रहा हूं। मांग रहा हूं तुम्हारे चैनल पे डिस्कशन करने के लिए रेडी हूं। तुम्हारे चैनल पे मैंने ये तुमसे मुतालबा भी नहीं किया कि मेरे चैनल पे आओ। मैं तुम्हारे चैनल पे आया और तुम तीन मुफ्ती हो। चलो यार, एक अगर जवाब नहीं दे पाएगा तो दूसरा तो दे सकता है ना? तुम्हारी हेल्प कर सकता है। मैंने तीन को कहा कि तुम तीनों आ जाओ। तीन ले लो। तुम तीन एक एक साइड और एक्स मुस्लिम साहिल एक साइड। दे दो यार, लिंक दे दो। लिंक दे दो। ओए, लिंक दे ही नहीं रहा है। यानी कि आपने इतनी ज्यादा बजा दी यार भाई साहब की बहुत। तो उस दिन मैंने इस पर कल टिप्पणी की। असल में हुआ क्या होगा मालूम है एडमम साहब के उस दिन जिस हिसाब से इसने बात की थी तो ये तो उस दिन हो गया था काफिर, मुफ्ती। ये मुर्तद हो गया। सर, इनके बाकी मुफ्ती भी सुन रहे थे ना इनको? ऐसा तो नहीं है कि ये लोग सुनते नहीं है? सुनते सारे हैं। एक दूसरे को। अब उन्होंने भी कहा होगा उधर ना ज इसको अब वो कर दे किसी तरीके से नहीं तो मर जाएगा, बर्बाद हो जाएगा। रैप अप कर गेम। ये उसी दिन उसी दिन मतलब वही रात में उसको को ये ये मैं मतलब मैं अपना थ्योरी बता रहा हूं जो मुझे लग रहा है। अगर ये गलत है तो मुफ्ती साहब आके बता दे। नहीं, बिल्कुल ठीक है। ये बिल्कुल ठीक है। वही टाइम उसको मैसेजेस आना स्टार्ट हो गए। उसके दूसरे जो उस्ताद होगा या उसके दूसरे मुफ्ती होंगे। वो भागा था? क्या बात कर रहा है? भागा ही वो। भागा ही क्यों था? इसी वजह से तो भागा था। बेचारा गरीब का बाल। उस वक्त उसकी गुरबत आ गई थी उसके ऊपर।

अच्छा, अब परसों मैं नहीं गया था एडमम साहब। तो मेरे को ऐसा थोड़ा आपको मालूम है कि मैं बड़ा मतलब लोगों के लिए मेरे दिल में बहुत सॉफ्ट कॉर्नर होता है। आपको ये अच्छे से पता है। तो मैं एक सोच रहा था कि यार चलो, बहुत टाइम भी हो गया था। इंटरनेट चला गया होगा शायद। इस वजह से वो जुड़ नहीं पाया। चलो, हम यहां पर थोड़ा मजाक मस्ती के लिए बोल दिए कि भाग गया, भाग गया, भाग गया। हो सकता है कि भाई उसका इंटरनेट चला गया हो। बहुत ज्यादा टाइम। कुछ मसले मसाइल हो गए होंगे। चलो, अंडरस्टुड भाई। भाई, लेकिन कल तो मैं परसों तो मैं तेरे चैनल पे आया था तो भी तू नहीं दे रहा है। दैट मींस कि तुम जानबूझ के भागे थे और तुम इतने डर चुके हो। हां, सॉफ्ट कॉर्नर देने से ही जो है ना वो लोग जो है ना ज्यादा वो हो जाते हैं। असल में सॉफ्ट कॉर्नर को देना नहीं चाहिए। प्रॉब्लम ये है। आपको पता है कि वो भागा था क्योंकि जब उसने ये बात कर दी थी जो पीछे उसके चार मुफ्ती सुन रहे थे उसको, उन्होंने इसको डंडे मारे होंगे। अबे बेगैरत, तू दिफा करने गया या हमारी जी मरवाने गया? सर, आप समझा करें ये बात। ये बेचारा वो बेचारा नहीं है। ये ये बेचारों बेचारगी नहीं है इसकी। ये बेचारगी आपने बनवा दी थी उसकी ऐसी कि अब वो बेचारा उसकी वो गेम खत्म हो गई थी। बेचारा नहीं रहा था। वो बेचारगी में आ गया था। तो आप आप ये सॉफ्ट कॉर्नर गलत दे देते हैं। गलत करते हैं आप। इतना मत दिया करें सॉफ्ट कॉर्नर। कुछ और दे दिया करें। हार्ड वाला।

अच्छा, एक लास्ट चीज फिर हम कॉलर की तरफ बढ़ेंगे। एडमम साहब, उस दिन जब मैंने टिप्पणी किया था। तो मैंने आपको याद होगा इसके भागने के बाद कि मैंने यह बोला था एडमम साहब के ये जो टैक्टिक ले आते हैं कि भाई हमको इनका टैक्टिक होता है कि हमको अल्लाह के ऊपर डिस्कशन करना ही नहीं है। हमको कुरान इस्लाम तक जाना ही नहीं है। ये चीज मैंने बोली थी। आपको याद है? जी, जी, अल्हम्दुलिल्लाह। ये देखिए, ये अपनी लाइव में बैठ के इस बात को इसने बोला है। ये मैं आपको दिखाता हूं। जो मैंने उस दिन बात कह दी थी, ये अपनी लाइफ में बात। ये देखिए, बहुत कॉमन बात है सर, बहुत कॉमन। ले आया। हां, ये ये थोड़ा चलाओ एडमम साहब। ये देखो, ये ये यहां पे इसने कंफर्म किया। एक सेकंड, स्क्रीन थोड़ा चेंज कर लो। वो छोटा वाला कहां गया? ये रहा। ये ये ये। चलिए। अच्छा, अच्छा, अच्छा। तुम्हारा खुदा जो है, नाउज़ बिल्ला, धोखा देता है। इसलिए मैं खुदा को नहीं मान रहा हूं। मैं वहां उसका जवाब इसलिए नहीं दिया जानबूझकर क्योंकि मुझे कुरान करीम लेकर जाना नहीं था। वो चाह नहीं रहा था। खुदा ताला के वजूद पर वो उसकी पकड़ हो रही थी। वो चाह रहा था टॉपिक को कुरान करीम की तरफ, रसूल अकरम की तरफ लेकर के जाना। मैं उसके बारे में आज अपने सामन को वाज़ कर दूं। ये आयत करीमा है। इनफ। अभी क्या वाज़ कर रहा है? रुक जाओ, रुक जाओ। अमित, रुक जाओ। तुम यहां क्या वाज़ कर रहे हो? एडमम साहब, आपने सुना इसने क्या बोला? मैं जानबूझ के जवाब नहीं दे रहा था क्योंकि मुझे कुरान तक जाना ही नहीं था। तो ये बात मैंने उसी दिन कह दी थी एडमम साहब। बिल्कुल सर, बिल्कुल। मुफ्ती अंब का मुफ्ती। अच्छा, अगर यह अपनी बात पे टिक टिका रहता और मैंने यह बात भी कही थी एडमम साहब उस दिन के भाई, तुम नए नहीं हो ये मामले में। तुम्हारे जैसे कई सारे डंगर को हमने चार साल में झेला हुआ है और हमको अच्छे से पता है कि तुमको कुरान तक कैसे ले आना है। आप देखिएगा कि जब मेरी इसके साथ डिस्कशन हुई तो ये कुरान पे ही गया था। थे इसने इन्लाह कुल श कदीर, कुरान की आयत का रेफरेंस देके इसने कहा था कि भाई हम लोग के इस्लाम में जो है वो अल्लाह श कदीर, यानी दुनियावी चीज या मखलूक वाली चीज जो है, जो शय है उस पर कादिर की बात कर रहा है। भाई, तू तो ये डिसाइड करके आया था तू के कुरान पे नहीं जाएगा। लेकिन तेरा मंसूबा तो साहिल ने फेल कर दिया। तेरे को कुरान पे जाना पड़ा। तो ये मुफ्ती और इनके जैसे जितने भी सुन रहे हैं, तुम कितनी भी चालाकी सीख के आ जाओ कि भाई हम इस्लाम पे आकर बात नहीं करेंगे, बल्कि तुमको घुमाते रहेंगे दूसरे दूसरे टॉपिक पे, कभी एग्ज़िस्टेंस ऑफ गॉड के नाम पे, कभी किसी मोरालिटी के नाम पे। बिलीव मी, हम ऐसा होने नहीं देंगे। वी विल इंश्योर कि हम आपको आपकी गर्दन मरोड़ कर आपको इस्लाम पर लेके आएंगे। मजबूर कर देंगे आपको इस्लाम पर बात करने के लिए। आय हाय हाय। वी नो दैट हाउ टू डू दैट। तो ये कभी ये इसमें गलतफहमी में जिंदा मत रहना आप लोग के हमारे पास आके आप इस तरीके की चालाकी करके आप जीत जाओगे या अपने मंसूबे में कामयाब हो जाओगे। नहीं, हम आपकी गर्दन मरो मरोड़ के आपको ले आएंगे इस्लाम पर। इतना याद रखना। और तुमको भी ले आया था मुफ्ती में। और जो भी आया है इधर वो एट द एंड इस्लाम पर ही बात करके गया है। जी हां साहब। नहीं सर, बिल्कुल अवश्य सत्य फरमाया सर आपने और बड़ा सही पकड़ा था आपने और इनकी ये जो पकड़ है ये तो होनी जरूरी हो जाती है और इसके बगैर मेरा मतलब कितना बचा लेंगे अपने नबी को और अपने अल्लाह को। लेकिन एनी हाउ, ये नाजिम साहब आए हैं। देखते हैं कि ये कौन है? शायद ये कुछ हां, ले लो कर सके। जी, नाजिम साहब, काली बात ना हुए? वही आ गया दोबारा डांस करने के लिए। चलो इसको जरा बैन करें। तो डांस करने वाला है। आरिफ साहब, ओ की हाल है यार? देखो भाई, अच्छे तरीके से बात करोगे। मोमिनो की हाल है? भाई, कंजरों की हाल है? ओके, कंजर माय देख, कंजर बगैरत पोती दे पुत्र औलाद दहा या जिे पैदा हो सी उे वर जाना व होके जा। तो ये कौन है जी? ओके, इनको बैन करते हैं हम। ओके, जितने भी लोग बगैरत नाम रख के आ रहे हैं वो अल्हम्दुलिल्लाह बैन होते जाएंगे और जो इस टाइप की गाली गलौज करने आएंगे उनको पता होना चाहिए के हम ये हम जो शराफत दिखा दिखा रहे हैं। इसका यह मतलब नहीं है के तुम बदमाश हो जाओ। तो जो बदमाशी करेगा हम उसके साथ उससे बड़े बदमाश हैं। रहेंगे और ता हयात तुम हमारे सामने इस किस्म की बदमाशी नहीं कर सकते। ठीक है? लेकिन एडन साहब, दिक्कत क्या है? मतलब अच्छे से आके बात क्यों नहीं कर सकते ये लोग? क्या दिक्कत है? मतलब ऐसा करके क्या क्या हो जाएगा? क्या मिल जाएगा? अरे, अच्छे से आके बात करो ना। प्लेटफार्म आपको मिल रहा है। आप आपके चैनलों पर तो आपको 10 20 लोग भी नहीं देखते हैं। यहां पर आपको एक एक प्रॉपर जो है वो प्लेटफार्म मिल रहा है। ऑडियंस मिल रही है। तो फिर ये इस तरीके की हरकत से तो आप उल्टा और बदनाम होगे। आपका नाम खराब ही होगा। उससे अच्छा अच्छे से बात कर लो ना यार। सर, अच्छे से बात करनी आती हो। इनके नबी ने इनको सिखाई हो इनकी तालीम में हो तो करेंगे ना। यू नो, वेरीेंट पार्ट यह है कि इनकी तालीम में ही नहीं है। सर, देखिए इनकी आप एज अ मुसलमान इस चीज को जानते थे जब आप मुसलमान थे कि सर, बाय हुक और बाय क्रोक तो फैलाना ही है ना? तो जिस वक्त जब तक अगला शराफत से बात कर रहा था, आप बड़ी शराफत से करते हैं। जैसे ही हल्का सा टेढ़ा होता है तो एज ए मुसलमान आप क्या करते थे? आप गुस्से में आके अपना वो फिर वो असर दिखा रहे होते थे। सर, ये तो तालीम ये दी जाती है। जब हम वो जाते थे तो उसके लिए तो आपने देखा होगा वो लफ्जों का उतारचा और ये वो अगले बंदे को देख के करते थे। उनको बड़ी अच्छी ट्रेनिंग है इस किस्म की। सही है। तो दिस इज लाइक अ वेरी कॉमन थिंग। लेकिन साहिल साहब देखिए, कुछ सुपर की चाटा लेते हैं। फिर मैं बताता हूं के हमारे जो ये इनके नबी हैं, ये किस तरीके से शैतान के बहकावे में आ गए, शैतानी अल्फाज अदा कर गए जिसकी वजह से चार छह महीने तक गेम खराब रही है। हम हमारे नबी मुशरिक बने बैठे रहे, शर्क करते रहे और अल्लाद मनात। साहिल साहब, कोई छोटी चीज नहीं है। ये जो तीन थी तो बड़ी हां, इनका अपना काबा भी था। अब इमेजिन करें कि जो सूर काफिरून है, क्योंकि सूर काफिरून के बाद ये आयत आ रही है। सूर काफिरून में जो बात बताई जा रही है कि हम तुम्हारे की पूजा नहीं करेंगे, तुम हमारे की पूजा नहीं करेंगे। सर, अल्लाह झूठा साबित हो गया। क्योंकि मोहम्मद ने भी उनकी की पूजा कर ली। और उन्होंने भी मोहम्मद की पूजा कर ली। क्योंकि सूरह काफिरून कहती है और ना हम उसकी पूजा करेंगे जिसकी तुम करते हो और ना तुम उसकी पूजा करोगे जिसकी हम करते हैं। और इसके फौरन बाद शैतान ने साबित किया कि अल्लाह तू झूठा है। तू जो रेवोलेशन दे रहा है, मैं उसको झूठ साबित करके रहूंगा। तो इसमें ना सिर्फ यह कि मोहम्मद शैतान के बकाबे में आया, बल्कि शैतान ने अल्लाह को भी झूठा करार दे दिया। सूर काफिरून इससे पहले आ रही है। सही है। सर, समझ रहे हैं? इम्प्लिकेशन बहुत बड़ी इम्प्लिकेशन है इस चीज की। बिल्कुल, बिल्कुल। ये तो अब अब मोमिन हजरात जो है वो उनके लिए सोचने का मकाम है ना? ये किस तरीके से इसको डिफेंड कर पाएंगे या क्या आर्गुमेंट लेके आ सकते हैं वो देखते हैं। सर, ये जीएस साहब आए हैं। देखिए ये कौन है जी? मिस्टर जी एस, बोलना पसंद करेंगे या सिर्फ स्ट्रीम यार्ड में घुसना ही था? ओके, जीएस साहब ने जिस सिर्फ स्ट्रीम में घुसा था, बोलना नहीं था। तो जीएस साहब कहते हैं कीप अप योर गुड वर्क ब्रदर। थैंक यू सो वेरी मच। कुछ हम ये सुपर की चाटा ले लेते हैं। फिर आगे चलते हैं। अब्बास अंसारी साहब कहते हैं क्रिश्चियन खतना करना क्यों छोड़े? क्रिश्चियन ने सर खतना करना कब शुरू किया था जो छोड़ा? किसी चीज को छोड़ने के लिए कुछ कुछ किसी चीज के कुछ करने के लिए पहले उस लाइक छोड़ने के लिए पहले उसको करना पड़ता है। आप जब तलाक देते हो तो शादी करते हो तो तलाक देते हो। तो अब्बास अंसारी साहब थोड़ा सा पहले यह बता दें वो खत्म करते कब थे। होलसम एडवेंचर टेल्स कहते हैं एरम यू वर रोंग दिस टाइम। यू मिसज्ड एमएमए एंड थॉट ही वाज वेल एजुकेटेड बट ही वाज 10 टाइम फेल इन 10थ साहिल फाउंडेड हिम यस्टरडे। यार, एमएमए इज़ एन एजुकेटेड पर्सन बाय द वे। लेकिन अगर आप कह रहे हैं तो क्या कहना चाहते हैं कह ले। दिमागी अपंगता जो है उसका एजुकेशन से कोई ताल्लुक नहीं है। दिमागी अपंगता का पाकिस्तान में रहते हैं। कोई ताल्लुक नहीं। इस एजुकेशन से ताल्लुक नहीं है। वो पाकिस्तानी वेल एजुकेटेड पर्सन है सर। आप गलत समझ रहे हैं। पाकिस्तानी वेल एजुकेटेड। कल मैंने हालांकि उसको पूछा था तो उसने बताया नहीं। उसने क्या 10थ पढ़ा हुआ है? कुछ बोला उसने। हां, 10थ ही बोला था उसने। सर, ये हालांकि झूठ बोला होगा उसने। हां, झूठ बोला उसने। अगर आप उसकी लेबल हैजा देखें, स्टाइल देखें बोलने का और इट्स नॉट अ मैट्रिक वाला पर्सन। मैट्रिक वाले पर्सन का हमें पता लग जाता है बहुत आराम से। रुदी भाई झोलटू डॉक्टर की उसके घर में दुर्गति हो गई है। ये क्या नाम है यार? ये भाई कुछ भी लिखते रहते हैं भाई। कोई असलम खान साहब आए हैं। जी, असलम खान साहब। ये फिर मुझे गालीबाजी लग रहेला। अच्छा, ये पहले गालीबाज आते थे। अब ये आना शुरू हो गए हैं। ये देखो इसने चड्डी खोल के दिखा दी है। ओ नुनू यार, लाइक वो नुनू भी देखो इतनी छोटी है बादाम जितनी। अबे, ये ये नुन्नू को जो है ना मेरा मतलब है बहुत अशर जरूरत है। तेरी बीवी को मैं दिखा दूं ना तो तेरे से शादी ना कोई ना करे। किसी औरत को दिखाऊं कह इस नुनू से शादी करनी है। बादाम की तरह लटकी हुई नन्नू है तेरी छोटी सी। बादाम भी जरा सा ऐसा बादाम भी बड़ा होगा इसकी नुनू से। तो आपको आपको वैसे दिखा कैसे? मेरे को तो सिर्फ बाल बाल नजर आ रहे थे। कच्चा बादाम। मेरी आंखें जरा अच्छी है। तो जंगल में वो एक बादाम जो है ना काचा बादाम नजर आ गया था मेरे को। वो इतना छोटा बादाम था कि मेरा मतलब है बंदा पूछे कि यार ये तेरी तो वो काचा बादाम जो है वो वो तो मेरा मतलब है एंट्रेंस पे ही खत्म हो जाएगा। तो वो तो किसी की गुफा के अंदर जाने से पहले ही एंट्रेंस पे खत्म हो जाएगा। बेगम भी पूछे कि भाई माशाल्लाह माशाल्लाह कहती रहेगी। वो माशाल्लाह से भी कुछ नहीं होना इसको। इसने माशाल्लाह ने बाहर ही रहना है। इतना छोटा सा कच्चा बादाम है। मेरा मतलब है गुठली है मेरी। वो अच्छा, ऐसे शर्म भी नहीं आ रही। इतना मनूस कच्चा बादाम है वो भी दिखा रहे ला के। पता कुछ लेवल हो तो बंदा दिखाए भी। कोई पता लगेगा हां यार, मैं कुछ कर दूंगा। ये देखो मेरे पास कोई यू नो जिन हथियार है। अबे डंगर, दिखाने के लिए कोई हथियार तो पैदा कर ले। पहले। अच्छा, उसका दिखा के भी क्या मतलब है? स्ट्रीम में तू दिखेगा नहीं। इनको लगता है स्क्रीन पे दिख रहा है। तुम्हारी इन हरकतों के वजह से तो हमने अपना वो पैटर्न चेंज कर दिया ना भाई। तुम्हारी ये हरकतें अभी काम नहीं आएगी। यार, तुम प्रोबेब्ली नॉन मुस्लिम हो। तुमने अपना नाम अल्लाह रखा है तो अल्लाह नाम से मैं किसी को नहीं ले रहा। अपना नाम चेंज करो अगर तुम आना चाहते हो तो। और अगर एक्स मुस्लिम हो तो। और अगर मुझे यहां पे आके तुम एक्स साबित ना हो तो बैन कर दूंगा। तो मेक श्योर यू शुड बी एन एक्स मुस्लिम। तो साहब आए वापस चलते हैं। मैं दिखा रहा था के अगर आप इस्लाम के बहुत अर्ली सोर्सेस में भी जाए और जो अर्लियस्ट सोर्स है इस्लाम का वो सिरात नबी इब्ने इसहाक है। क्योंकि इससे पहले का कोई सोर्स हमें नहीं मिलता। ठीक है? हम्। और सीरत नबी इब्ने इसहाक जो है, वो डिफाइन करता है इन आयात को जो कि शैतान की तरफ से हाज़िर नाज़िर हुई थी। क्या हो रहा है, यार? अच्छा। जो शैतान की तरफ से हाज़िर नाज़िर।

हुई थी। सीरात नबी इसक का सफा नंबर 165 है। 165 इसमें अगर देखें तो यहां पता लगता है कि हमारे नबी जो हैं वो काबा के चक्कर लगा रहे थे। जिस वक्त काबा 360 बुतों से भरा पड़ा था। और यह वाले सारे लोग वहां पे थे हम जो कि रेप्यूटेशन में बड़े अच्छे लोग थे। यानी रेप्यूटेड लोग थे और उन्होंने मोहम्मद से कहा कम लेट अस वरशिप व्हाट यू वरशिप। चलो हम उसकी पूजा करते हैं जिसकी तुम करते हो। एंड यू वरशिप व्हाट वी वरशिप। भाई खाना काबा में ही तो बैठे हैं हम उन बुद्धों के दरमियान। चले यार तू आ गया इस काबे में हमारे मंदिर में आ गया है तो ठीक है। लेट्स लेट्स डू इट टुगेदर। यू एंड यू विल कंबाइन इन मैटर इफ व्हाट यू वरशिप इज बेटर देन व्हाट वी वरशिप देन वी विल मेक अ शेयर ऑफ इट। अगर तुम जिसकी पूजा कर रहे हो वो हमारे हमारे वाले भगवानों से अच्छा है तो हम उसको शेयर करते हैं ना। एंड इफ व्हाट वी वरशिप इज बेटर देन व्हाट यू वरशिप यू कैन टेक अ शेयर ऑफ इट। अगर जिसकी हम पूजा करते हैं वो बेहतर है तुम्हारे भले से तो लेट्स लेट्स शेयर इट। आओ अपने खुदाओं को शेयर करें।

सो अल्लाह रवील्ड कंसर्निंग देम से कहो ओ डिसबिलीवर ओ काफिर आई डू नॉट वरशिप व्हाट यू वरशिप एंड यू यू यू यू यू यू यू नॉट वरशिप व्हाट आई वरशिप एंड आई डू नॉट वरशिप व्हाट यू वरशिप एंड यू नॉट वरशिप व्हाट आई वरशिप एंड यू हैव योर रिलजन आई हैव माइन। यह बात जब मोहम्मद ने कह दी ना सर तो मोहम्मद अब टेंशन में आ गया कि यार मैंने तो कुफारे मक्का को अपने से दूर कर दिया। तो नाउ द अपोजल वाज़ एशियस वेलफेयर ऑफ़ द पीपल विशिंग टू अट्रैक्ट देम एस फ एस ही कुड यहां पे मोहम्मद साहब जो है ना वो वेट कर रहे हैं कि यार कोई ऐसी बात हो जाए जिससे मैं इनके बुतों को अपने दीन में ला सकूं ताकि यह मेरे पास आए। तो व्हेन द अप ह पीपल टर्न देयर बैग्स ऑन हिम एंड ही वास पेन उनको बड़ी तकलीफ हो रही थी बाय देर इंगेजमेंट फ्रॉम व्हाट ही ब्रॉट देम फ्रॉम गॉड ही लोंग दैट ही शुड कम टू हिम फ्रॉम द गॉड मैसेंजर दैट वुड रिकंसाइल ह पीपल क्योंकि उसने ऑलरेडी इनको दूर कर दिया था तो अब उसे तकलीफ हो रही थी कि मैं किस तरीके से इनको रिकंसाइल करूं और इनको डिलाइट करूं इनको खुशी दूं इफ द ऑब्सकल दैट मेड द टास्क डिफिकल्ट कुड रिमूव ताकि खुदा कोई ऐसा पैगाम दे जिससे यह जो डिफिक डिफिकल्ट हो गया मेरा टास्क ये खत्म हो सके। सो दैट ही मेडिटेड ऑन द प्रोजेक्ट। तो उसने बड़ा मेडिटेशन किया इस प्रोजेक्ट में। काफी लॉन्ग टाइम लिया।

Then अल्लाह सेंट डाउन बाय द स्टार सूर नजम। इट सेट्स द कॉमरेड नॉट ह एरर एंड नॉट डिसीव्ड। तो पहले तो आयत ये कह रही है कि तुम्हारा ये जो कॉमरेड है साथी है यह डिसीव्ड नहीं है। अब यह अशोरिटी मिल गई सूर नजम की। उसके बाद ही स्पीक्स ही डस नॉट स्पीक्स फ्रॉम ओनर व्हेन ही रीच द वर्ड हैव यू थॉट ऑफ अल्लाह मला अब उसने पहले यह कंफर्म कर दिया है कि यह अपने पास से बात नहीं करता जो बात करता है वह भगवान की तरफ से करता है एक सिंगुलर भगवान की तरफ से करता है और फिर उसके बाद जब ये आयत आती है कि क्या तुमने अल्लाह मनात के बारे में देखा है द अदर सेटन व्हेन ही वास मेडिटेटिंग अपॉन इट डिजायरिंग टू ब्रिंग ए रिकंसिलिएशन टू ह पीपल अपॉन ह टंग शैतान ने उसकी जुबान से कहलवाया दीज़ आर द एग्जॉल्टेड गरानीक हुस इंटरसेशन इज़ अप्रूव्ड। यह वो गरानीक है जिनकी शफात जरूरी है। लो जी मोहम्मद साहब जिस चीज को पहले अभी रिजेक्ट करे थे उसी को इन्होंने अप्रूव कर दिया और इनका अल्लाह जो है ने पहले वेरीफाई करवाया कि मोहम्मद अपने पास से कुछ नहीं कहता। यह डिसीव्ड नहीं है, गुमराह नहीं है। लेकिन उसी टाइम पर शैतान ने आकर गुमराह कर दिया। और अल्लाह की पुरानी आयत जो अभी आई थी, सूरत आई थी कुछ अरसा पहले उस सूरत को डिस प्रूफ कर दिया कि अल्लाह ने कहा था और तुम कभी उसकी पूजा नहीं करूंगा जिसकी तुम पूजा करते हो और तुम कभी उसकी पूजा नहीं करोगे जिसकी मैं पूजा करता हूं। शैतान ने अगली ही आयत में ना सिर्फ ये कि मोहम्मद को मुशरिक बना दिया बल्कि अल्लाह को भी झूठा करार दे दिया। साहब क्या कहेंगे अब आप? अब हम क्या कहे अब ये तो मोमिनों को कहना पड़ेगा के तो मामला पूरा उलट हो गया है। बेहतरीन बेहतरीन अच्छा ये शेख आगे बता देना ये शेख जमीर साहब आए हैं जो कि उसी कुत्ते की बात कर रहे हैं जिस कुत्ते के चैनल पे जब मैं गया था तो वो बैक स्टेज भाग गया था। एक सर ये किसी दूसरे कुत्ते की यहां पर आके बकबक क्यों करना शुरू कर देते हैं? वह भी ऐसे कुत्ते के बारे में जो के भाग जाता है बल्कि बकबक के वो तो बोल चुका है कि भाई मैं डिबेट नहीं कर सकता हूं। ना वो डिबेट कर सकता है बल्कि हम उसके चैनल पे चले जाए तो भाग जाता है कुत्ते की तरह दुम दबा के। हां भाई जमीर बको बको जमीर बको। अबे मैं वीडियो रिसोंड रिसोंड नहीं खेलता। मैं बात करता हूं मैं इंसान हूं। मैं तुम्हारे बाप की तरह कुत्ता नहीं हूं। तो जो कुत्ता है वो भोंकता है एक साइडेड वन साइडेड। मैं सीधी-सीधी बात करता हूं। अपने कुत्ते को ले आओ। बात कर लेते हैं। चलो मैं तुम्हें बैन करता हूं। फिर गेट लॉस्ट। बात नहीं करनी है तो स्ट्रीम यार्ड में हम लेने आया। अकरम। कबूतर गिरी करने आया। मिस्टर अकरम यार मॉडरेटर्स अगर लाइव चैट में कहीं पर भी कोई कबूतर नजर आए तो उसे 24 घंटे का टाइम आउट दे देना ताकि वो सुकून से 24 घंटे इंतजार करे। हां भाई अकरम बोलो। अस्सलाम वालेकुम। यार तुम नॉन मुस्लिम हो ना? अरे भाई पागल हो गया यार। तुम उस दिन भी मैंने तुम्हें चैट में मैं ज्वाइन हुआ था इंग्लिश में तो चल रही थी। तो मैंने फिर बोल दिया था कि चलो मैं तुमने कहा था बुधवार में आना तो मैं आया। कब से ट्राई कर रहा हूं। अब नॉन मुस्लिम बता रहे हो यार। यार जो बंदा अपना नाम अल्लाह रख के आए उसको मैं किस तरीके से मुसलमान मान लूं? मैं बता रहा हूं ना लगभग चार साल से देख रहा हूं। तो सोच लो। तो भाई तो नॉन मुस्लिम हो ना इसके। अरे नॉन मुस्लिम कैसे हैं? यार क्या मसला है यार? हा चार साल से सुन रहे थे हम तो अभी मुसलमान हो या एक्स हो गए हो मतलब हां वो खुल के नहीं बोल सकते समझ सकते हो साहिल साहब जरा आप बात कर ले क्योंकि जॉइ ही क्यों करते हो तो खुल के नहीं बोल सकते तो तुम लोग जॉइ मत मत करो ना जाओ किसी मुफ्ती से बात करो अरे मुफ्ती से नहीं तुमसे करनी है मुफ्तियों को तो छोड़ दिया नहीं भाई तो तुम जब ये कह रहे हो कि खुल के नहीं बोल सकते मतलब खुल तुमको तो ये तो नहीं कहा गया कि अपने एरिया में अपने घर पे ढिंढोरा पीटो के मैंने छोड़ दिया तुम यहां पे आके पूछा जा रहा है उस भी कह रहे हो खुल के नहीं बोलते तो जाइन क्यों करते हो घर YouTube से देखो ना आराम से तो वो तो कब से सालों से देख रहे हैं अब जाके हिम्मत होने की तो भाई जब हिम्मत जाइन होने की लगा जगाए हो तो जब ये बोलने की हिम्मत जग जाएगी कि हां मैं एक्स मुस्लिम हो चुका हूं आप लोगों को देख के फिर ज्वाइन करना वरना वेस्ट ऑफ टाइम है ना इकरम भाई समझ समझो ना यार क्यों ऐसा करते हो आप लोग मेरा मेरा दोस्त भी देख रहा है वो भी मतलब हो गया है कन्वर्ट तो आप भी हो गए एक्स मुस्लिम और आप भी एक्स मुस्लिम हो चुके हैं जी भाई जी साहिल भाई ओके जरा जरा दरूद इब्राहीम सुनाओ दरूद इब्राहीमी मतलब अल्हम्दुल अगर आपको दरूद इब्राहीमी का नहीं पता है तो किस तरीके के मुसलमान थे भाई भाई बहुत टाइम हो गया ना खाली जुम्मा जुम्मा कभी-कभी पढ़ते हैं हां तो जुम्मा जुम्मा कभी कबभार पढ़ने में भी आपको दरूद इब्राहीमी आना चाहिए और बचपन से वर्ड वर्ड क्या है मतलब तशवद में अत के बाद जो आप दुआ पढ़ते हैं सलाम ये इबद्दुल्ला इब्तुल्ला अब्दुल्ला नहीं है भाई उधर जाओ यार तुम YouTube से देखो टाइम वेस्ट कर रहे हो। टाइम वेस्ट इद्ल्लाह सालीन इबद्दुल्ला क्या है ये? देखो ना YouTube से देखो ना भाई। दरूद बोल रहे हो। रैया सुना रहा है। हां इब्ुला इब्दुल्लाह कह यार देखो। YouTube से देखो ना मेरे भाई। ठीक है। आप हो गए होंगे। आप ठीक है। कभी आपने सीरियसली इस्लाम को लिया ही नहीं था। मैं ये नहीं कह रहा कि आप एक्स मुस्लिम नहीं होंगे। आप आप मुसलमान नहीं होंगे। लेकिन यहां पर आप आके आपकी स्टोरी हम सुने वो डिर्व नहीं करते आप क्योंकि यहां पे अगर कोई आकर स्टोरी बता रहा है तो एटलीस्ट उसको थोड़ा तो उसको पता होना चाहिए बेसिक चीज है एकदम नमाज नमाज में क्या दरूद पढ़ते हैं क्या तत पढ़ते हैं कुछ तो आना चाहिए जी एडमम साहब बहुत टाइम वेस्ट है जी साहब नहीं सर अभी हम यह हमारे इंग्लिश चैनल भी पहुंचे हुए थे। इंग्लिश चैनल में पहुंच के वहां पर कहते हैं जनाब हिंदी में बात करेंगे। मैंने कहा यार मैंने एक स्पेशल सेपरेट चैनल बनाया हुआ है ताकि आप लोगों को पता हो कि इस जगह पे अंग्रेजी में बात हो रही है। और आप उधर आके बोल रहे हैं जी हिंदी में बात होगी। लाइक सर मैं इससे ज्यादा क्या कर सकता हूं कि पता लगे कि इस चैनल पे हिंदी में बात नहीं होगी। तो एनी हाउस साहब हम दिखा रहा था मैं आपको के जी जी वो कंटिन्यू कर रहे ये जो है ना मोहम्मद साहब ने इनको अपना खुदा के को इक्वल बना दिया व्हेन द कुरैशी हर्ड दे वर डिलाइटेड तो कुरैशी ह तो बड़े उन्हें खुशी हुई ग्रेटली प्लीज़्ड एट द वे ही स्पोक अबाउट देयर गॉड्स वो तो इंतजार कर रहे थे कि अरे मोहम्मद ठीक है हां यार दोनों मिलके कहते हैं ना यार हम एक दूसरे के कुर्बानों की पूजा कहते हैं हमारे मंदिर में बैठा हुआ है तू। हमारे मंदिर में तू चक्कर-चक्कर लगा रहा है हमारे भगवानों के बीच में। तो भाई आ ना मिलके करें। व्हाइल द बिलीवर्स वर होल्डिंग दैट व्हाट देयर प्रॉफिट ब्रॉट टू देम फ्रॉम देयर लॉर्ड वाज़ ट्रू। जबकि जो मुसलमान थे वो कहते हैं अरे ऑब्वियसली सच्ची बात ही की है हमारे नबी ने। वो तो सच्चा नबी है। 7 साल हो गए, आठ साल हो गए। हमें बता रहे हैं लाया तो पक्का सच्चा नबी है। नॉट सस्पेक्टिंग अ मिस्टेक और अ वेन डिजायर। और वो तो सस्पेक्ट भी नहीं कर सकते थे क्योंकि उससे पहले अभी कंफर्म किया। अल्लाह मियां ने कंफर्म कराया कि यार जो नबी बोलता है वह डिसीव होके नहीं बोलता बिल्कुल सच्चे बोलता है और ऑफिशियल सच्चे बोलता है और असले एंड व्हेन ही रीच द पोस्ट्रेशन फिर जैसे ही पोस्ट्रेशन में पहुंचा सजदे पे पहुंचा एट द एंड ऑफ़ द सूर इन व्हिच द पोस्टेटेड हिमसेल्फ द मुस्लिम्स प्रोस्ट्रेटेड देमसेल्व्स विद देयर प्रॉफिट प्रोस्ट्रेशन कंफर्मिंग दैट ही ब्रॉट एंड ओबेइंग हिज़ कमांडमेंट एंड द पोलिथिस ऑफ़ द कुरैश एंड अदर्स वर आल्सो इन द मोस्ट पोस्टेटेड व्हेन दे हर्ड द मेंशन ऑफ़ देयर गॉड्स। सो एवरीवन इन द मोस्ट बिलीवर्स एंड अनबिलीवरर्स स्ट्रेटेड। तो सब लोगों ने सजदा किया। चाहे बिलीवर हो चाहे नॉन बिलीवर हो। सब ने मिलकर सजदा किया। तो सर हुजूर जो हैं वो इन आयात की वजह से 100% मुशरिकन के साथ मिलके चार भगवानों की पूजा कर रहे ले। चार अल्लाह अलात अल उजा अल मनात चारचार भगवानों की अब एक है वहाब अल मुगरा वो बहुत ही बुड्ढा बंदा था हु कुड नॉट डू सो वो सजदा नहीं कर सकता था बुड्ढा हो गया था ही टूक अ हैंड फुल ऑफ़ डर्ट तो उसने एक मिट्टी ली अपने हाथ के ऊपर और उस अपने हाथ के ऊपर सजदा किया मिट्टी के ऊपर देन द पीपल डिसअपीयर्ड एंड कुरैशी वेंट आउट डिलाइटेड व्हाट इट हैज़ सेड अच्छा और यह बात सिर्फ थोड़ी देर के लिए भी नहीं रही। अब ये बात जो है ना अब सीनिया में जो हिजरत की हुई है ना लोगों उन तक पहुंची है। 1000 किलोमीटर दूर द न्यूज़ रीच द प्रॉफिट्स कंपैनियन हु वर इन अब सीनिया 1000 किलोमीटर दूर ये बात पहुंची है। इट बीइंग रिपोर्टेड दैट द कुरैश एक्सेप्टेड इस्लाम कि कुरैश ने इस्लाम एक्सेप्ट कर लिया। सो सम मैन स्टार्टेड टू रिटर्न। तो लोगों ने फिर अपना सामान समून बांधा हिजरत की हुई वापस आ रहे हैं। व्हाइल अदर रिमेन बिहाइंड जबकि कुछ वहीं पे रह गए।

Then जिब्राइल केम टू द अपोसल एंड सेड व्हाट हैव यू डन मोहम्मद यू हैव रेड दी समथिंग पीपल दैट आई डिड नॉट ब्रिंग फ्रॉम गॉड मोहम्मद तूने क्या किया छ महीने चार से छ महीने बाद जिब्राइल ने बताया मोहम्मद ये तूने क्या कर दिया है What Have You Done O Mohammed You Have Red To The People Something I Did Not Bring From You God जी सर अब धोखेबाजी हो आय हाय हाय हा सीक्रेटली होप्ड फॉर दिस मोहम्मद सीक्रेटली होप्ड फॉर दिस नफीस अहमद खान अपने माइक और कैमरे को कनेक्शन दें अगर आप जुड़ना चाहते हैं तो आपके माइक और कैमरे को कनेक्शन नहीं मिला आपको स्ट्रीम यार्ड में ऐड नहीं कर सकते सर जी चार से छ महीने हमारे प्यारे नबी ग्रेट लिटिल मुशरिक बने रहे और तमाम मुसलमानों से भी शिर्क कराया सर यह क्या हो रहा है सर धोखेबाजी हो गई रसूल्लाह के साथ। नहीं नहीं सर अल्लाह गया। अल्लाह हां ये कह सकते हैं अब अल्लाह हार गया। शैतान जी शैतान के साथ धोखेबाजी हो गई सर। वो तो खुद ही वास सीक्रेटली विशिंग फॉर और उस मेडिटेट भी कर रहे थे कि किस तरीके से मैं इनके भगवानों को अपने भगवान में डालूं। हम मगर मसला तो सर इनके साथ हुआ जो बेचारे अबसीनिया से वापस आ रहे हैं। हिजरत की हुई वहां गए। उनको पता लगा वो वापस आना शुरू हो गए। तो रास्ते में उन्हें पता लगा कि जिब्राइल ने आके बड़ा लेट बताया। अब सीसीनिया से वापस आना शुरू हो गया। क्या बात है सर। हम गेम है एडमम साहब। बड़ी गेम सेट हो गई है। इधर मोमिनों के लिए तो अब यह किस तरीके से यार यह फिर इसको डिफेंड करेंगे यही तो इसी के ऊपर तो सैटनिक वर्सेस के ऊपर तो फिर वो उसके साथ मामला हो गया था ना एडमम साहब शैतान सलमान सलमान रुदी के साथ सर ये देखिए ना कि ये सर उसने कौन सा झूठ बोला था? हालांकि उसने तो नाम शाम भी चेंज कर दिए थे। मैं तो कहता हूं कि उसने बड़ा सेव किया था इन लोगों को लेकिन अब आप खुद देखें सर जी जी मिस्टर निक साहब मुसलमान है आप मिस्टर निक नॉन मोमिन है बहन होना है सर सर बोल लेने दे एक दफा हम हां हां जी अनिक साहब बोलना पसंद करेंगे या बैन होना पसंद करेंगे? अरे तो इन लोगों को अनम्यूट भी नहीं करना आता। पता नहीं ये लोग अनम्यूट नहीं करते। ये जुड़ते क्यों हैं? देखिए साहब अभी निकाल रहा हूं। दोबारा जुड़ेंगे तो अनम्यूट करके आइएगा और अगर नॉन मोमिन हुए तो बैन हो जाएंगे। ले जी अब देखिए क्या होता है के यू हैव रेड टू दी पीपल समथिंग आई डिड नॉट ब्रिंग टू यू फ्रॉम गॉड एंड यू हैव सेड बट ही डिड नॉट से टू यू द अपोस्ट वाज़ बिटरली ग्रीव्ड एंड वाज़ ग्रेट इन फियर ऑफ़ गॉड सो गॉड सेंड डाउन अनदर रेवेलेशन पर ही वाज़ मर्सफुल टू हिम कन्फर्मिंग हिम एंड मेकिंग लाइट ऑफ द अफेयर एंड टेलिंग हिम दैट एव्री प्रॉफेट एंड अपोसल बिफोर हिम डिजायर्ड एस ही डिजायर्ड एंड वांटेड व्हाट ही वांटेड एंड सेटन इंटरजेक्टेड समथिंग इनू द डिजायर एस ही हैड ऑन ह टंग। तो लो जी अल्लाह ने मोहम्मद को बचाने के लिए यह बोल दिया कि या मोहम्मद ये खाली तू नहीं है जो शैतान के बकावे में आ गया। सारे के सारे नबी जब अपने अल्लाह की बातें बता रहे होते थे तो सबके साथ यह हुआ कि शैतान ने सीक्रेटली उनकी जुबान पे यह गेम डाल दी। साहिल साहब ये किस तरीके से अल्लाह जी बता रहे हैं हमारे इनके नबी साहब को ये क्या हो रहा है साहिल साहब सर कोई अल्लाह है ही नहीं ना ये मोहम्मद साहब खुद ही आयतें उतार रहे हैं अल्हम्दुलिल्लाह अल्हम्दुलिल्लाह वो भी शर्क किया आयतें कमाल साहब आए हैं देखिए कमाल साहब क्या कहते हैं की हाल है कंजरा जवाब तो द कंजर तेरा नबी सी जाके अपनी मां न दस के कंजरा नाल रहदी है तो यार सो गॉड एन व्हाट चेतन है सजेस्टेड एंड गॉड एस्टब्लिश ह वर्सेस आई यू आर जस्ट लाइक द प्रॉफिट्स एंड अपोसल्स ये मैं कहता हूं कि अगर हम प्रॉफिट या अपोल्स को देखें जो कि ये चोरी किया हुआ माल तो रात से तो रात में 168 प्रॉफिट्स आपको मिलेंगे टोटल चाहे वो छोटे हो चाहे वो बड़े हो प्रॉफिट्स के यानी छोटा प्रॉफिट कहा जाता है किसी को बड़ा प्रॉफिट कहा जाता है बेस्ड ऑन द वर्क दैट ही हैज़ डन। तो सर जी उनमें से किसी भी प्रॉफिट को देख ले सर किसी ने कभी इस टाइप की शिर्क नहीं की। ये अल्लाह को कहां से पता लग रहा था कि यार ये हर प्रॉफिट जो है वो शैतानी काम करता है साथ-साथ। हम हर प्रॉफेट शैतानी काम करता था। वाह मेरे अल्लाह। शैतानी बातें दे रहा था। शैतानी रेवोलेशन दे रहा था। शैतानी बात हां शैतानी बात देता था। और अल्लाह कुछ नहीं कर पा रहा था। अल्लाह कुछ नहीं कर पा रहा। चार छ महीने यार अल्लाह का ये जो पैगाम है मोहम्मद को बताने का कि यार मोहम्मद फटाफट हेलो गेट रेडी यू यू डीड अ रोंग थिंग ये बताने में इतनी देर क्यों लग गई यार अल्लाह हमेशा ही लेट हो जाता था ना एडमम साहब हां नहीं हां जिब्रील भी लेट हो जाता था वो एक कुत्ता था एक दफा बीच में जिब्रील लेट हो रहा है मतलब अल्लाह लेट हो रहा है तभी तो जिब्रील लेट हो रहा है ना कनेक्टेड है ना चैन है अल्लाह टाइम बताता तो जिब्रील भी टाइम पे लेके आता। वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह। तो एक बार जिब्रील इसलिए लेट हो गया कि नबी के चारपाई के नीचे मरा हुआ कुत्ता था। हां जी। तो नबी के चारपाई के नीचे कुत्ता तो जिब्रील लेट हो जाता है। तो बड़ी अजीब सी चीज है। लेकिन जिब्रील एक छोटे-मोटे कुत्तों से डर जाता है यार। वो होता है ना हमारे हमारे इलाके में कोई छोटा-मोटा बच्चा हो ना तो बाज दफा वो किसी के घर में कुत्ता हो तो वो जाता नहीं दरवाजा भी नॉक करता है। दरवाजा खोल यार भाई दरवाजा ना खोलना दरवाजा ना खोलना तेरा कुत्ता आके बबू करेगा दरवाजा ना खोलना वो हाल है जिब्राइल का यार कुत्ते के बच्चे से डर जाता है यार ये किस किस्म का जिब्रील है जो कुत्ते के बच्चे से डर जाता है बड़ा डरपोक जिब्रील है एडमम साहब लग यही रहला यार ये मुझे जिब्रील की बहुत बेचारे की हालत खराब है तो यार ये साहिल साहब हम जब ये सारा कुछ देखते हैं तो हमें लगता है कि यार गेम खराब है बहुत ज्यादा कि किस तरीके से बट गॉड अनल कर देता है। फिर वो आ जाती है जनाब हमारे पास वो वर्सेस कि अल्लाह जो है ना वो अ उस अच्छा या उस जैसी आयतें नाजिल कर देता है हम और फिर वो जी हमने उसको एनल कर दिया और तुम्हें उससे अच्छी दे दी लेकिन सर ये जो जितने टाइम तक हमारे नबी जितने टाइम तक हमारे नबी शर्क करते रहे हैं और शर्क करना एक अलग चीज होती है। शर्क करवाते भी रहे हैं। सर इसका खमियाजा कौन भुगतेगा ये बताएं। रसूल्लाह ही भुगतेंगे। वो अल्लाह रसूल्लाह जिब्राइल और अल्लाह। हां तो ये गलत बात है ना। सजा मिलनी चाहिए। अल्लाह को भी मिलनी चाहिए। रसूल को भी मिलनी चाहिए और जिब्राइल को भी मिलनी चाहिए। अल्लाह तो गेम ही चेंज कर रहा है। अल्लाह वो तो कह रहा है कोई मसला ही नहीं है। देखते क्या करता है साहब? सर चालाकियां कोई ऐसी वैसी गेम है। गेम है सर गेम यार ये मोमिन हजरात के अंदर क्या डर का माहौल है? क्या हो गया इनको? अल्हम्दुलिल्लाह सर फुल टाइम डर का माहौल है। फुल टाइम फुल डरे हुए हैं यार बेचारे। ऐसे डरे हुए हैं कि जैसे वो क्या कहते हैं सेल साहब वो गधे के सर पे सीन हां ऐसे डरे हुए हैं जैसे गधे के सर पे सीन नहीं होते वैसे ये यहां से गायब हुए उन्होंने कहा ओए होए गेम खराब तो यार दोस्तों अपने मोमिन मोमिनान मुस्लिम मुस्लिमात भाइयों को शेयर करें ज्यादा से ज्यादा उन्हें उनसे पूछे ये क्या है कौन सी आयतें चल रही हैं जिसमें हमारे नबी जो है वो मुशरिक बन गए हैं फुल टाइम फुल टाइम अब साहिल साहब हमने कहा कि मोमिन आ जाए ये आर्या शर्मा साहब या साहब ये कौन से बड़े मोमिन है यार? ये लगता है खतना करा के आए हैं। ये सर पता नहीं कौन से वाले मोमिन है। सर ये

सब क्या हिंदी चल रही है? मामा कहते हैं हूर की पेट में पचा हुआ खाना भी दिखेगा क्या? एक्सरे है ना वो। अरे तब दिखेगा।

सूर्य नारायण रेड्डी साहब सॉरी सर। ये ले लेते है पहले ऑल सम एडवेंचर टेल्स मौलानास अवॉयड डिबेटिंग एडमम दे नो दे विल डिफिटेड बैटरी रेगुलर मोमेंट स्ट्राइक बट कांट डिफेंड इस्लाम अ लो आईक्यू मोमिन एंटर्स द डिबेट लॉस टू एडमम बट स्टिल डस नॉट रियलाइज ह लॉस थैंक यू सो मच ऑल सब एडवेंचर बहुत सही फरमाया आपने ब्रिंग इट ऑन कहते है सिर्फ नबी नहीं अल्लाह भी शैतान से शर्क करवाना चाहता था जब उसको इंसान का सजदा करने को बोला बिना बात के उसको शैतान नाम देकर बदनाम किया बिल्कुल सही फरमाया आपने ये भी बात इंटेलेक्चुअल टॉक्स सेटन कैन विस्पर वंस ही कैन विस्पर एवरी टाइम ये सेकंड ये सेकंड प्रॉब्लम है इस चीज के अंदर के एक दफा तो आयत रिमूव हो गई जिसका इंसानों को बता दिया गया रिमूव हो गई और कितनी दफा की आयत है जिनका आपको पता नहीं है जो कि शैतान की विस्पर से बस ये सोचिए सुभाष नाग मसीह जी थैंक यू सो मच ट्रुथ साहब बहुत-बहुत शुक्रिया ह्यूमैनिटी फर्स्ट थैंक यू सो मच।

अब्बास अंसारी कहते हैं सर आई हैव हर्ड और रेड इट समवेयर दैट क्रिश्चियंस आल्सो प्रैक्टिससेस खतना बट रिस्पेक्टेड सेंट पॉल हैड स्टॉप्ड इट समवेयर सर क्रिश्चियंस नेवर प्रैक्टिस्ड खतना कोई क्रिश्चियंस की कल्ट होगी जो खतना करती होगी सेंट पॉल ने खतना खत्म नहीं कराया था क्राइस्ट ने खतना कराया था उसने कहा था कि जूस से जब वह बात कर रहा था तो क्राइस्ट ने बोला था कि भाईजान ये जिस्मानी खतने की जरूरत नहीं है। वो एक खास टाइम में करवाया गया था। उसके पीछे रीजन यह थी। अब आपने जो खतना करना है वह दिल का करना है। यानी कि अपने आप को स्पिरिचुअली प्योर करना है। नथिंग एल्स। तो पॉल अगर किसी से बात कर रहा था। अगर आप सेंट पॉल की बात करते हैं तो वह जूस से बात कर रहा था। क्रिश्चियंस कभी भी खतना नहीं करते थे। पॉल ने कभी क्रिश्चियंस को नहीं कहा था खतना खत्म करो। वह जस से बात कर रहा था कि खतने की जरूरत नहीं है। इट हैज़ एंडेड वी आर इन अ डिफरेंट टाइम। नेवर इन द हिस्ट्री कोई भी क्रिश्चियन सेक्ट खतना नहीं करता था। हां, कोई हो गई होगी। कोई एरनियस स्कल्ट आ गई हो तो उसका मैं कुछ नहीं कह सकता। ठीक है ना?

क्योंकि ये आपके पास जुआवावा विटनेस वालों का भी तो बंदा आया था ना चार्ल्स समथिंग जिसने कहा था कि मेरे पास एक और किताब आ गई है। फिर मोरमनो वाला भी एक बंदा आया था जिसने कहा था मेरे पास इब्राहिम की नई किताब आ गई है। उस वो भी इब्राहिम की वैसे हर दूसरी कल्ट वाला बंदा इब्राहिम तक चला जाता था। मुझे समझ नहीं आती। लेकिन उसने भी जाके एक मोर्मनों ने भी वही किया था कि एक नया इब्राहिम की किताब नाजिल करके तो वहां पे मल्टीपल शादियों को अलव कर दिया था मोरमन से। तो अमेरिका की एक स्टेट है। मुझे नहीं पता कौन सी है। वहां पर मोरमंस की वजह से मल्टीपल शादियां अलाउड है। जब तक आप उस स्टेट में है तब तक यानी कि आप वहां उस स्टेट में रहते हुए मोरमन अगर बन जाए तो आप मल्टीपल शादियां कर सकते हैं और वो अलाउ की हुई है। अमेरिका की 52 53 स्टेट में से सिर्फ एक ही स्टेट है जहां पे पुलगमी अलाउड है। बिकॉज़ ऑफ़ दैट। तो उसने उस 1800 कुछ में आया था। मेरे ख्याल में 70 या 60 में और उसने नई इब्राहिम का किताब निकाल दिया था। जिस तरह मोहम्मद ने एक नई इब्राहिम की किताब निकाल दी थी। तो दिस इज़ दिस इज द रियलिटी। अदरवाइज कोई भी मेन स्ट्रीम क्रिश्चियन सेक्ट विल नेवर एक्चुअली डू खतरा। आई होप आई आंसर्ड योर क्वेश्चन। आपने दो सुपर चैट दी। मुझे एक्सटेंसिवली इसका जवाब देना पड़ा। अब तो उम्मीद है अब आपको समझ लग गई होगी।

ट्रुथ भाई नए मेंबर बने हैं। थैंक यू। मिनास कहते हैं ओल्ड टू न्यू ऑर्डर पे सुपर चैट पड़नी चाहिए। यार असल में क्या होता है कि जो हां जो रीसेंट होते हैं फिर वो डिस्कशन से थोड़ा रेलेवेंट होते हैं ना इस वजह से अब वो जो पुरानी है वो तो ऑलरेडी डिस्कशन से हट चुकी होती है तो एटलीस्ट जो नई वाली डिस्कशन से रेलेवेंट है वो तो कवर कर सकते इस वजह से हम फिर लेटेस्ट से फिर ओल्ड की तरफ जाते हैं मेरे भाई।

सतीश यादव कहते हैं एडमम सर क्या वो मुफ्ती आया था क्योंकि मैं आज लेट से जुड़ा हैप्पी टीचर्स से सर फटी पड़ी है मुफ्ती की कहां से आएगा उसके उसके चैनल पर जाने के बाद उसने लिंक नहीं दिया तो वो कहां से आएगा? अब उसका क्रियाकरम उसी दिन हो गया था वेडनेसडे को। अब वो नहीं आएगा। और एक खौफ उसने सारे मुफ्तियों को दे चुका है कि भाई इनसे जो है ना वो बात नहीं की जा सकती। तो अब दूसरे मुफ्तियों का आना भी मुश्किल है। उसको पता लग गया है। उनको सर सारे मुफ्तियों को पता लग गया कि यहां पे आगे कैसे फटेगी। और उसकी छितरोल जो पहले एक तो मैंने की वो तो चलो चितोल में फिर भी जलेबी बना सकता था और उसने बनाई और बड़ी ज्यादा बनाई। लेकिन जिस लेवल पे आपने चितोल कर दी थी उसमें तो जलेबी वैसे ही नहीं बन सकती थी। तो उसकी तो सर डबल डबल फटी है। खत्म हो गया था।

अंसारी साहब पहले आप अल्लाह के नाम से आए थे। फिर आप अकरम के नाम से आए थे। अब आप कसम बिन अब्दुल्लाद के नाम से आ गए हैं। भाई साहब आप जितने मर्जी नाम रख लो। क्यों टाइम वेस्ट कर रहे हो? ना आपको दरूद आता है ना आपको कुछ और आता है। भाई साहब आप YouTube से देखो ना यार। क्यों टाइम जाया कर रहे हो? ये दूसरा है ये दूसरा हां वही है यार हां जी कस हां जी कसम बिन अब्दुल्ला बोलिए सर मुसलमान है एक्स मुस्लिम हो गए चला गया वही है भाई नहीं नाम तो सुना था अंदर दोनों का ये ले दोबारा से आ गया हां जी कसम बिन अब्दुल्ला बोले जी अरे नहीं हम मुस्लिम हम मुस्लिम ही हम आप लोग से दो तीन बार पहले भी बात किए हुए थे हम। एक्स मुस्लिम हां उसमें अगर रखना है तो रख लीजिए। फिलहाल ऐसे मैं मुस्लिम हूं। हां जो आप इब्राहीम पढ़े जरा दद इब्राहीम पढ़े मुझे ख्याल अल्लाह सला मोहम्मद मोहम्मद कमाल इब्राहिम इब्राहीम कितनी टांग तोड़ रहे हो यार। अच्छा नास पढ़ो नास तो कह सके हम सूर नास पढ़ोस मालिकस बेहतरीन नास मारा आपने लहजा है किसी इलाके का या क्या चक्कर है आपको पता होगा नर्थ यूपी बिहार नहीं एक्सेंट यहां का ऐसा कच्चे पक्के थोड़ा सा नहीं यहां का एक्सेंट ऐसा है कच्चे पक्के वाला नहीं है एक्सेंट ऐसा है कुछ जानना था इसलिए आपके पास आ गया कब मतलब पिछले साल पिछले साल छोड़ दिया क्यों छोड़ दिया मेरे भाई ने फेवरेट मतलब लैक ऑफ लैक ऑफ लॉजिक लैक ऑफ लॉजिक जी चलो जी बेहतरीन जरा एक्सप्लेन कर दे अपनी स्टेटमेंट को ताकि लोगों स्टेटमेंट वही बर्थडे एक दिन सालगिरह एक दिन त्यौहार एक दिन हर चीज एक दिन के ईद बकरी ईद में ऐसा कौन सा खुदा का मुकाम है कि वो दो दिन लगना है वो सऊदी अरब में पहले एक दिन पहले होगा यहां दूसरे दिन होगा वो चीज बचपन से हमको समझ में नहीं आता था समझ में आता था कि ये थोड़ा बड़ा इलॉजिक चीज है। सब चीज एक ही दिन होगा यार ये दिन दो दिन मिलादुल अभी अभी आ ही रहा है आपका वेरी कमिंग सून वह भी दो दिन होगा एक दिन पहले सऊदी में फिर यहां पे ऐसा कौन सा बर्थडे है जो दो दिन मनाया जा रहा है दुनिया में सर साहब इस लॉजिक में मैं बोलूं या आप बोलेंगे बिकॉज़ लाइक दिस इज क्या बोलूं मैं आप आप बताएं यार आप इस वक्त इंडिया टाइम हुआ इसमें सिर्फ फिर बर्थडे को ही नहीं ले सकते फिर आपको ईद भी लेना पड़ेगा सारी चीजें लेनी पड़ेगी हम नहीं फिर तो साहिल साहब ये भी चाहिए कि दुनिया में हर वक्त एक ही टाइम हो इस वक्त आपके पास क्या टाइम हो रहा है सर 11:44 11:44 11 15 मिनट बाद क्या टाइम हो जाएगा 12 एक तारीख क्या बन जाएगी नेक्स्ट डे 7 सितंबर तो सर फिर अम अमेरिका में इस वक्त जो होगा वो 15 मिनट बाद छ तारीख ही रहेगी। ये नहीं नहीं छ तारीख ही रहेगी। नहीं अमेरिका में छ तारीख है। वहां छ सात घंटा बाद टाइम बदलेगा। किसने कहा? 10 घंटा का डिफरेंस है। किसने कहा? मतलब 10 मोर लेस जैसे टैक्सेस का या कैलिफोर्निया का टाइम अभी आप देख 12 घंटे का डिफरेंस हो गया ना कैलिफोर्निया। हां 12 घंटा 12 घंटा। हां वो डिफरेंट तरीके आ गए सर दुनिया में दिन जो है वो अपना टाइम एक ही नहीं है फ्लैट अर्थ नहीं है ना आप फ्लैट अर्थ पे यकीन रखते हैं खुदा एक है लोग एक है दुनिया एक है तो तारीख भी एक होना चाहिए ना सर क्रिसमस तो 25 दिसंबर को लगता है आपका होली भी एक ही दिन बनता है अच्छा नहीं हम ही जा रहे हम आपसे क्वेश्चन खतना वाला पूछ रहे थे वो दो बार पूछना पड़ा था क्योंकि हम कहीं पढ़े थे और कहीं हम ठोस पड़े सुने हैं हम क्योंकि सन पॉल्स था वो वो आके खत्म कर दिया था। पता नहीं क्या था। तो हम पूछ लिए आपसे एनीवे मैं ही जा रहा हूं सर। सर थैंक यू सर। दुनिया एक ही होनी चाहिए लेकिन क्या करें यार? नहीं है दुनिया में एक टाइम क्योंकि दुनिया में एक टाइम इसलिए नहीं है क्योंकि दुनिया गोल है और फ्लैट नहीं है। एडमम साहब कि जैसे क्रिसमस 25 दिसंबर को आती है तो इरिलवेंट ऑफ डे दिन 25 दिसंबर का ही रहता है। चाहे अमेरिका में हो तो 25, इंडिया में हो तो 25 सेम डे नहीं होता। लेकिन ये जो इनका ईद आता है वो इनका तो हिजरी कैलेंडर के हिसाब से चांद देख के आता है ना। तो वहां पहले चांद निकलता है। वहां पहले आ जाता है और यहां बाद में चांद देखता है तो यहां दूसरे दिन होता है। बिकॉज़ दुनिया गोल है ना भाई। यस। तो इस वजह से अगर आप एक खास टाइप का कैलेंडर यूज़ करोगे तो उस कैलेंडर को अगर आपने इसमें नहीं दिस CANNOT BE THE MAIN REASON TO LIKE YOU KNOW WHAT I AM SAYING ये REASON नहीं हो सकता ना क्योंकि यार कैलेंडर की एस्टैब्लिशमेंट और जमीन की सर्कल में होना REASON ये नहीं है। REASON कुछ और इनको सोचना पड़ेगा। तो एनी हाउ इनको इनका ये था कि वो ईद जो है वो जॉर्जियन कैलेंडर के डे के हिसाब से आना चाहिए। तो वो जब वो कैलेंडर में यूज़ नहीं करते तो कैसे होगा? THIS IS LIKE BAHAL ANYHOW मिस्टर समाल साहब मुसलमान है सर आप मिस्टर स्माइल साहब बोलना पसंद करेंगे। अमित साहब जरा स्माइल साहब को देख ले मोमिन है हां भाई गर्लफ्रेंड क्या बोलना तुमने नमस्ते प्रणाम प्रणाम मैं नाम आया देख ले एक ही समय होना चाहिए। एक ही समय है लेकिन मानते नहीं है। विक्रम संवत तो दुनिया में एक ही है ना। सर मोमिन है नॉन मोमिन है। प्रणाम है सर। प्रणाम है। ओके।

सतीश यादव साहब कहते हैं आरम सर क्या वो मुफ्ती अच्छा हां ये साहिल भाई ने पढ़ लिया था और साहिल भाई ने बता दिया था कि वो मुफ्ती अब मर के भी नहीं आएगा। उसकी रूहानी मौत वाकया हो चुकी है। हिंदी नाम साहब कहते हैं एडमम साइंस फ्रेंडशिप इज इंडो पार्क टॉप फ्रेंडशिप सर। थैंक यू सर वेरी मच। थैंक यू भाई। साहब का इंटरनेट वापस आ गया। जाओ मैंने तो कहा बंदे से बात कर साहब इससे तो मैं भी बात नहीं कर सकता। हरजीत मनगढ़ साहब थैंक यू सो मच।

होलसम एडवेंचर टेल्स कहते हैं एडमम आपने इतनी प्यारी डिबेट की थी एमएमए से दो दो बार होगा शायद दोद घंटे 10थ में 10 टाइम्स फेल मेरी नहीं साहिल साहब के वर्ड्स है बुरी तरह पेल दिया साहिल ने उसे कल अरे थैंक यू सो मच भाई साहिल साहब का कमाल है ना बुरी तरह पेलते हैं।

दिस सयाद्री डायलॉग कहते हैं माय YouTube चैनल फॉर वेद मंत्र विद एक्सप्लेनेशन यार कोई भी अगर वेद मंत्र में इंटरेस्टेड है तो भाई के चैनल को जरूर देखें साहब लेकिन एक चीज देखिएगा कि ये रिवर्स चल रही है इस वक्त। एक वो वक्त था जब साहिल साहब दो-द घंटे लगाते थे और एडमम साहब पेलते थे। इस वक्त एडमम साहब दो-द घंटे लगा रहे हैं और साहिल साहब पेल रहे हैं। ये ये धरती उल्टी चल गई वैसे। बाप रे और कल तो मैं मतलब मतलब वो आप नहीं थे तो आपकी कमी भी मैंने पूरी कर दी थी। थोड़ा मैंने उनको झाड़ा भी बहुत था। क्योंकि जिस तरीके की हरकत वो उससे पहले एक कॉलर कर रहा था। IT WAS REALLY REALLY REALLY FRUSTRATING। तो वो आपकी आत्मा भी मेरी अंदर थोड़ी आ गई थी और उस उसको उसका झाड़फूक भी मैंने करके थोड़ी मरम्मत भी की थी। वाह वाह वाह वाह वाह लेकिन सर असल गेम जो मैं देख रहा हूं कि रिवर्स चल रही है गेम कि पेलने वाला करने वाला काम आप करले हैं और दो-दो घंटे लगाने वाला काम मैं करला हूं। ये सर उल्टा चल गया। गंगा उल्टी बैठ गई है। सॉरी आई मीन नॉट बैठ गई है। बह गई है। गंगा उल्टी बह रही है। सही बात है। कभी वो इसका जो फ्लो है एडमम साहब कभी दूसरी जगह से निकल जाता है ना वो रास्ते चेंज कर लेते हैं। तो वैसे कुछ आता है कोई मुश्किल नहीं। ओके ओके। लेकिन आप लोग दोनों ऐसी बातें करते हैं यार इन मुफ्तियों को कितनी मिर्ची लगती है। बोलते हैं दोनों एक दूसरे की तारीफ करते हैं। अच्छा ये भी बोलते हैं। उसने बोला था वो बोला था उस दिन। अच्छा इस बात भी टेंशन है कि हम एक दूसरे की तारीफ क्यों करते हैं? व्ल्लाह हबीबी यार यार ऐसा सड़ने का लेवल इनका बड़ा नेक्स्ट लेवल सड़ने का चल रहा है। बोलते हैं दोनों एक दूसरे की तारीफ करते हैं। फिर कुछ कमी रह गई तो फिर ये अमित जो है वो फिर आके इन लोगों की तारीफ कर देता है। अरे अरे अरे अरे अमित अमित को भी नहीं बखशते। हैं बेचारा ओन दैट इज क्रेजी। तो वुम्रा बोलते हैं कि हमको तो रखा ही है दोनों की तारीफ करने के लिए। वाह जी वाह बेहतरीन विशंद्रा जी थैंक यू सो मच फॉर योर सुपर स्टीकर। और यार ये मार्क ट्विन साहब ने इंतहाई लाल मिर्ची दी है जो कि हमें ऑरेंज नजर आ रही है लेकिन YouTube पे लाल है। मार्क साहब बहुत-बहुत धन्यवाद फॉर ए लाल-लाल मिर्ची। नीलम मिस्ट्री जी बहुत-बहुत धन्यवाद। धन्यवाद।

क्राइम मास्टर मोमो साहब कहते हैं साहिल सब एक कमेंट जिहाद करना था। CAN I CALL AND GIVE DETAILS? सर आप बिल्कुल कमेंट जिहाद करें जाके सर। फौरन जाके कमेंट जिहाद करें यार। कमेंट याद कराओ यार किसी मुफ्ती के चैनल पे अमित ढूंढो जरा फटाफट कोई मुफ्ती का चैनल जहां पे कमेंट याद हो सके। अच्छा साहिल साहब जरा मुझे दो मिनट देते हैं। आप है यहां पे इस वक्त के कहीं आगे पीछे हुए हैं? नहीं नहीं हूं हूं मैं। पांच मिनट दीजिए जरा और आप सुपर चैट लीजिए और गपशप लगाइए। एक मैं देखो कोई निकालो उसमें कमेंट जिहाद करवाते हैं हमारे वॉरियर्स लोगों से।

शाहिद रजा खान भाई की एंट्री कहते हैं मेरी ईद तो तब आएगी जिस दिन दुनिया में कोई बच्चा भूखा नहीं सोएगा। पेट भरने के लिए मजदूरी नहीं करेगा। बाकी तो चांद जब आए जाए बिल्कुल सही बात है आपकी यार।

वाई के भाई की एंट्री बड़े गायब गायब से थे कहते हैं हेलो कैसे हो सब लोग आजकल काम में बिजी हूं इसलिए नहीं देख पा रहा यारों सॉरी ब्र कोई बात नहीं काम सबसे पहले वाई के भाई उसके बाद फिर स्ट्रीम।

एक्स मुस्लिम अजीम भाई बहुत-बहुत शुक्रिया सूर्य नारायण रेड्डी जी बहुत-बहुत शुक्रिया।

इस्लामिक नॉलेज चैनल भाई कहते हैं जिब्राइल पीकर टुन हो जाता सो आने में लेट हो वाह भाई वाह जिब्राइल भी फुल एकदम क्या कहते हैं उसको फुल मजे लेता है मतलब अच्छा साल अभी कोई पडकास्ट के लिए बुलाए तो जाने कि आपकी पोजीशन में हो ना नहीं भाई बिल्कुल भी नहीं आप एज ऑफ नाउ तो बिल्कुल मैं पोजीशन में हूं नहीं लेकिन बात कर लोगे तो हो जाएगा ना कोई मतलब कि पर्टिकुलर डे या ऐसा कुछ हो तो देखो किसी मेरे को मैसेज करने बोलो अगर कुछ हो सकता है तो फिर मैं नहीं चैट चैट करवाना था वहीं पे एक अंशिका सडा करके है और काफी अच्छे से रिलेटेड वीडियो बनाती थी और अभी रिसेंट में पडकास्ट वगैरह भी शुरू किया है तो वो चैनल देता ये शायद राजस्थान की है तो ये मैं चैनल देता हूं आज 10 घंटे पहले इन्होंने ये किया है एक वीडियो अपलोड किया है उसके ऊपर में जरा चैट जिहाद करवा देते हैं हां करवा दो चैट जिहाद करवा दो चलो कोई मुश्किल नहीं। 780000 सब्सक्राइबर है लड़की के। हां। और काफी अच्छा चैनल है। मैं काफी लंबे टाइम से फॉलो करता हूं। डाल दो डाल दो। कमेंट जिहाद के लिए लिंक डाल दो।

अन शेख तुम्हारा माइक और कैमरा जो है वो कनेक्टेड नहीं है। परमिशन नहीं है उसको। डिवाइस नॉट कनेक्टेड दिखा रहा है। तो जल्दी से जल्दी डिवाइस माइक और कैमरे की परमिशन दो। अपने सिस्टम को, अपने वेब ब्राउज़र को ताकि हम आपको ले सके। दोस्तों, यह है अंशिका शारदा का YouTube चैनल और लिंक मैंने अभी शेयर किया है वापस डाल देता हूं। तो यहां पे जाके इनवाइट एक्स मुस्लिम साहिल फॉर पडकास्ट करके आप लोग लिखिए ताकि उसको मैसेज पहुंचे हम लोगों का।

एक और एक इन्होंने कहा यह वाला अपना आशुतोष बार सब साहिल भाई अस्तवक्रा गीता भाई संदीप महेश्वरी शायद इसमें भी इन्होंने ये मोटिवेशनल स्पीकर है ना ये क्या हां वो कहां बुलाएगा एक्सक्टली उसका कोई मतलब ही नहीं था।

रैंडम एलगेटर कहते हैं एडमम भाई गवर्नमेंट ऑफ इंडिया रनोवेटेड हजरत बाल दरगाह एंड पुट अ प्ले प्लेग विह इंडियास नेशनल एंबलम एट द गेट सिंबल ऑफ़ वननेस दे वेंडलाइज इट विद स्टोंस सेइंग इट्स हराम। व्हाट काइंड ऑफ हेट इज इट? जाहिर सी बात है कि वो अपने अ इसमें दरगाह पे या मस्जिद में वो इस्लामिक चीजों के अलावा हालांकि ये कोई रिलीजियस सिंबल नहीं था। लेकिन वो वो नहीं बर्दाश्त करते। भाई इसी से तो उनकी माइंडसेट पूरी दुनिया को पता चलती है। तो अ गवर्नमेंट सवाल यह उठता है कि गवर्नमेंट ने रेनोवेट क्यों करवाया? अरे ऐसी टूट फूटने देते। गवर्नमेंट को क्या जरूरत थी? रेनोवेट करा के जो टैक्स पेयर्स है उनका पैसा उसमें डालने की जरूरत क्या थी? तो गलती जो है यहां पर गवर्नमेंट की है और ऐसे लोगों के लिए करना एहसान फरामोश लोगों के लिए करना यह तो और गलत बात है तो यह गवर्नमेंट को सोचना पड़ेगा भाई।

रैंडम एलगेटर भाई एडमम सीकर फैंस कहते हैं थैंक यू टू ऑल द मॉडरेटर्स ऑफ दिस चैनल फॉर योर हार्ड वर्क यू आर डूइंग अ ट्रूली ग्रेट जॉब थैंक यू सो मच।

आशुतोष बारवे कहते हैं आप सुनिए एक बार प्लीज। 26 भाई मैं एक एपिसोड नहीं सुन पाऊंगा। 26 एपिसोड की क्या बात कर रहे हो? आई एम रियली नॉट इंटरेस्टेड इन दिस काइंड ऑफ वीडियोस या कंटेंट मोटिवेशन और यह रिलीजियस कंटेंट। मतलब आप सोचो कि अगर मुझे यह बात मेरी इससे हो रही थी। सुलेमानी जली आप लोगों को पता है हम लोग दोनों बहुत साथ में रहते हैं। हां हम लोग साथ में रहते हैं। काफी हम लोग एंजॉय करते हैं। मस्ती करते हैं। तो मैंने उसको ये बात कही थी कि यार अ मतलब मुझे अगर वर्स्ट नॉन फिजिकल पनिशमेंट अगर मुझे किसी को देना है ठीक है? साहिल को तो वो 10 मिनट से ज्यादा मुझे किसी भी रिलीजियस गैदरिंग में बिठा दे किसी भी रिलीजियस गैदरिंग में 10 मिनट से ज्यादा दैट इज द वर्स्ट पनिशमेंट फॉर मी नॉन फिजिकल पनिशमेंट फॉर मी तो आई आई CANNOT HANDLE THAT एंड आई CANNOT बेयर दैट कोई भी रिलीजियस चीज है तो आप 26 अरे मैलीज भी आ चुकी है मैलीज वेलकम कैसी हैं आप हेलो एवरीवन हेलो गाइस क्या हाल है सलाम नमस्ते सलाम वालेकुम रहमतुल्लाह बरकातू क्या हाल है मोमना जाग गई है क्या हाल है आपका मैडम साहब थोड़ा इधर उधर हुए हां आएंगे मैली जी आप क्या कोई दूसरे डिवाइस से आई एम गुड आई एम गुड आप दूसरे दूसरे कोई डिवाइस से कनेक्ट हुए क्या आवाज एकदम साफ नहीं है आपकी मैं ब्लूटूथ के थ्रू कनेक्टेड हूं गाड़ी चला बता रही हूं इस तरह से शायद हां हां जी जी बड़े जमाने बाद जॉइन हुई अब आप कैसी है मुझे कुछ नहीं पता मैं बड़े जमाने की हो गई हूं मुझे कुछ नहीं पता मैं कहां हूं आजकल तो नहीं मैंने अभी ड्राइव करते हुए वापस आई थी आई जस्ट सॉ यू गाइस माय वाइफ बस ऐसी चल रही है आई हैव बीन अबाउट इधर उधर यू नो अभी थोड़ा एक महीने तक काम डाउन हो जाएगा ना समझ खत्म हो गई है तो बीमारी के पास काम नहीं होगा तो बीमारी चिरागी हां महीना भर के लिए

और बिजी? हां, महीना भर के लिए और बिजी हो? क्या अभी तक? हां, मगर इतना बिजी नहीं होंगे जितना अभी। और लाइक, ऑन द वीकेंड, समर के टाइम बहुत बिजी थे।

चलो कोई नहीं। मैं कल बढ़िया बढ़िया। जी, मैं कल आपको मैसेज करता हूं। आपके इसमें कुछ इशू है? हां, मैं बोल रहा हूं कल आपको मैसेज करता हूं। बात करेंगे अपन।

आप बोल रहे थे ना बीच में कि आप वो चैनल वापस चलाना चाह रही है? फिर आप बार-बार गायब हो रहे हैं बीच में। नहीं, मुझे वो कंसिस्टेंसी के वो करना है ना। मैं थोड़ा सा यहां पे अपना वो सेटल करके फिर वहां पे मैंने कहा उसको फिर प्रॉपर कर ना। तो फिर आती हूं, फिर चली जाती हूं। आती हूं, फिर चली जाती हूं। तो हां, दोबारा से धमाकेदार एंट्री करेंगे ना।

तो फिर, आर यू स्टिल डूइंग योर लाइव स्ट्रीम या नहीं कर? यस, यस, कर रहा हूं, कर रहा हूं। वीक में एक बार कर रहा हूं मैली जी। और फिर मैडम साहब की स्ट्रीम में सैटरडे पहुंच जाते हैं। अच्छा। हां, नहीं, मैं भी इसी तरीके से पहले मैं एडमम की स्ट्रीम पे आ जाती थी, यानी ऑन द वे बैक। बट लेटली आई हैव बीन बिजी, तो मैं उसको आई यूज्ड टू कैच हिम ऑन द सैटरडे।

मैंने अभी रसूल्लाह का बर्थडे मनाया? नहीं मनाया आपने मैली जी? किस किसका? मैंने अपना बर्थडे मनाया। मेरा बर्थडे अभी क्या किया है? एक हफ्ता हुआ है। यू नो? तो अरे, बिलिंटेड हैप्पी बर्थडे। थैंक यू। मैं एक साल छोटी हो गई हूं। अभी मैं सिर्फ 18 साल की हो गई हूं। लीगल भी नहीं हूं ड्रिंकिंग के लिए, तो मुझे बच के रहना पड़ रहा है।

यानी रसूल्लाह का और आपका बर्थडे जो है वो सिर्फ 19-20 का फर्क में था। एक हफ्ते के फर्क में। हां। ना, तो मैं इसी वजह से कहती हूं, उनके बाद मैं प्रॉफिट आई हूं। मर्दों का आना बंद हो गया। बस अब औरतें आई नहीं प्रॉफिट। तो आई एम वाह वाह भाई वाह, क्या बात है। फीमेल प्रॉफिट, जबरदस्त।

अच्छा, अभी रसूल्लाह का भी बर्थडे गया है। मगर उनका तो मुसलमानों के उसमें होगा ना कैलेंडर के हिसाब से? हां, मुसलमानों के कौन सा रबीउल अव्वल होता है? क्या होता है? मैं तो 12 रबी अव्वल। 12। हां, हां। अभी वो बंदा कौन सी आयत सुना रहा था मुझसे? अगर कोई कहे ना कि मुझे ये वाला वो सुना दो, वो सुना दो, सूरत सुना दो, मुझे नहीं याद है अब। मगर फिर मुझे एकदम से कोई पढ़ रहा होता है ना, तो रटिया होती है, तो दोबारा से याद आ जाती है। वो कौन सी वो कर रही थी? मुझे वो आता है, कुल हुवल्लाहु अहद। राइट? हां, दिस स्मालेस्ट वन। यही मुझे याद है।

सही। लेकिन आपका तो कैसा है? हां, आपका तो कैसा है? नोन एक्स मुस्लिम है आप। कैमरे पे से कैमरे पे आती है तो वो पता चलता है। लेकिन जो यहां पे विदाउट कैमरा आते हैं, उनको फिर हम वेरीफाई नहीं कर पाते ना। अगर उनको बेसिक चीजें भी नहीं आती है, तो इट्स वैरी डिफिकल्ट फॉर अस टू इंश्योर के भाई, नहीं, कोई ऐसा नहीं हो। बात ये कि मैं एक स्टेज में चली गई थी ना, तो वहां पर एक मुसलमान बंदा बैठा था, तो वो कहने लगा कि पता नहीं उसने क्या कहा। इसने मुझे यही पूछा, कह तुम मुसलमान हो? मैंने कहा, हां, मुसलमान हूं। कहता है, ये सुनाओ। अब मैं फस गई वहां पे। मैंने कहा, तुमको क्यों सुनाऊं मैं? मैंने कहा, तुम क्यों मेरा टेस्ट ले रहे हो? मैंने वही जो गेम ये लोग खेलते हैं ना, मैं उसके साथ खेली वहां पर।

मगर वही बात होती है कि मैंने लास्ट टाइम नमाज, मैंने आई एम 43 नाउ। मैंने लास्ट टाइम नमाज मेरे ख्याल से मैं 14 इयर्स की होगी, 13 इयर्स की होगी तब पढ़ी थी। यू नो? तो कहां याद रहता है? यू नो व्हाट आई मीन? मैं तो पुरानी पापी हूं। हां, पुरानी पापी है हम। पुरानी पापी है। सही है यार, सही है। थैंक यू सो मच यार मैलीज फॉर जॉइनिंग। और अच्छा लगता है आप जब जॉइन करती हैं। हानी, आई रियली वांट टू कम एंड मेक सम वीडियो। यार, इतना गंद डाला हुआ है। अभी पता है, मैं कल भी यही देख रही थी। यहां पर, मैं यार, जब यहां पे वाटर पार्क में जाती हूं ना, मैं सर पकड़ के बैठ जाती हूं कि इतनी हिजाब नहीं आ कहां से गई। और मगर फिर मेरा दिल खुश भी होता है। मैं कहती हूं, यार देखो, इनके मर्दों ने एटलीस्ट इनको इतना फ्रीडम तो दिया है कि ये हिजाब में पानी तो आकर बाहर एंजॉय कर रही है। एटलीस्ट बाहर तो निकली है घर से। राइट? यानी, यू कैन हैव इट ऑल। तो यू माइट टेक व्हाटएवर यू कैन गेट। तो मैं ये देख रही थी।

अच्छा, फिर वहां पर डिफरेंट टाइप के मुसलमान आपको दिखते हैं। राइट? एक वो आई हुई थी, सोमालिया से थी वो। यू नो, सोमालियंस जो होते हैं, उन्होंने पूरा वो पहना था। ऊपर से नीचे का झब्बा और वो जाके फ्राइज़ खरीद रही थी कि हलाल की प्रॉब्लम हो रही थी। फिर मैंने एक और मैडम को देखा। उन्होंने पट शर्ट पहनी हुई थी, हिजाब पहनी हुई थी। वो जरा मिडिल ईस्ट साइड की मुसलमान लग रही थी। तो वो बैठ के चिकन नगेट खा रही थी। हराम झटके वाले। ठीक है ना? वैरायटी ऑफ़ मुसलमान मुझे दिख रहे थे। मैं वो वाटर पार्क या बाहर में मैं इन लोगों को चेक आउट कर रही थी। एवरीवन कि किस-किस टाइप के कौन मुसलमान है वहां पर।

अरे, और फिर वो मौलाना साहब भी पहुंचे हुए थे वहां पे। वो नहीं, लंबी वाली शर्ट और छोटे पजामे वाले। इतनी बड़ी जा रही। मैंने कहा, आपका यहां क्या काम है मौलाना साहब? आप पार्क में क्या करने आए हैं? फिर मैंने कहा, अच्छा, यहां पे हरे देखने आए हैं। दुनियावी हरे देखने आए थे मौलाना साहब। यार, उनसे इंतजार नहीं हो रहा। उन्होंने कहा, मरने के बाद में गए भाड़ में मिलेगी, मिलेगी नहीं मिलेगी। अभी तो देख कर आ जाए। गोरी गोरी हो रहे हैं, जो तारिक जलील ने बताई है। आय हाय हाय हाय।

अच्छा, ये आप एक देखिएगा। एक एक मिनट अमित, आप बात करो जरा मैली से। गिव मी टू मिनट्स। ऑल आर मैली जी, क्या अभी आपका फ्यूचर प्रोग्राम है वापस चैनल को रिवाइव करने के लिए? मेरा प्लान तो काफी अरसे का है, मगर टाइम जो है ना, बहुत कम मिल रहा है इस वक्त। मगर अभी ये मार्केट्स वगैरह खत्म हो जाएंगी। मेरी एक रह जाएगी हफ्ते में, तो आजकल मैं चार मार्केट। लेकिन अभी मैं मार्केट से होकर एक और मार्केट पे जा रही हूं। आई एम गोइंग फ्रॉम वन इवेंट टू द टाइम। कल दोबारा है, राइट? तो इट्स क्रेजी। तो फिर उसके बीच में जो टाइम मिलता है, उसमें फिर खाने पकाने पड़ रहे होते हैं। मैं सबको ये बता दूं कि मालीज के समोसे पूरे कनाडा आ गए। सबसे बेस्ट समोसे हो गए हैं। अब आए ड्रेस नहीं है। मैं अपने खून पसीने के समोसे बनाती हूं यहां पर। अरे बाप। सारे सारे हराम समोसे हैं, मगर उनमें से हलाल नहीं होते।

और ये अपना बीच में तो आप इनके सलीम साहब के चैनल पे बाकी जगह आ जाते थे। लेकिन अभी पिछले दो-तीन महीने से तो मैं देख ही नहीं रहा आपको बिल्कुल भी। तो काफी बिजी लग रहे हो आप। हां, नहीं, जून, जुलाई, जुलाई, अगस्त। हां, नहीं, जून, जुलाई, अगस्त मेरा बहुत बिजी है। में तीसरे हफ्ते में जाकर अभी खत्म हो जाएगा। सो देन इट विल बी लाइक वन टू इवेंट्स, दो-तीन इवेंट्स होंगे, फिर क्रिसमस पे होगा। मगर इस तरह से नहीं ना। समर में तो छुट्टियां जो होती है बच्चों की, तो यहां पर इतने इवेंट्स हो रहे होते हैं, इतनी मार्केट्स होती है, तो यू आर डूइंग लाइक थ्री टू फोर इवेंट्स। और अंदर ऐसे होते हैं ना, दो-तीन दिन के इवेंट्स होते हैं, तो फिर उसके हिसाब से खाना भी पकता। सो इट्स लॉट ऑफ़ वर्क। आई होप अच्छा चल रहा होगा आपका काम।

और ये हमारे भाई बोल रहे हैं सकीना। हाय सकीना। ये बोल रहे हैं मैली जी के किस्से खतरनाक होते हैं। यार, मैं आपको देखो, मेरे पेट में जो जितना भरा हुआ होता है ना, मैं यहां पर आकर उगल देती हूं आपको। मैं जाती हूं वाटर पार्क पे और मैं वहां जाके मेरा मुंह खुला का खुला रहता है। यार, लग नहीं रहा था मैं कनाडा के वाटर पार्क में घूम रही हूं। वहां पे। गोरे तो कोई दिख नहीं रहे थे वहां पे। सारे ब्राउन थे, हमारे इंडियन थे, पाकिस्तानी थे, मुसलमान इतने थे, हिजाब इतनी थी। मैं तो ये सोचती हूं, रोलर कोस्टर पे बैठे हिजाब इनका उड़ जाए, तो फिर क्या होगा? यू नो? इतनी इतनी फास्ट रोलर कोस्टर जाती है। जी, जी है ना। अभी अभी बीच में कुछ अमेजमेंट पार्क था सऊदी के अंदर, वहां भी झूला टूट गया था ना? और सारे सारे मम्मी ने। अच्छा, नहीं, उसका मुझे नहीं पता। यहां पर भी होता रहता है इस तरह से, कभी कबभार। बहुत कम होता है, मगर हो जाते हैं एक्सीडेंट। यू नो? दे हैपन एवरीवेयर।

नहीं, मुझे इतना मुझे गुस्सा आता है। ये लोग बैठ जाते हैं। ये तो पता नहीं भाई, सुबह 5:00 बजे जाकर वहां पार्क के बाहर बैठ जाते हैं। क्या होता है? सारी अच्छी जगह इन लोगों ने ले ली होती है। सामने सामने की। मैंने कहा ना, तुमने बिकी नहीं पहननी, ना तुमने टैनिंग करनी। मरमर के पानी में जाना है। और जो यहां पे यूज़ कर रहा है उस चीज को, उसके लिए बस चेयर नहीं है बैठने की। वो वो सिर्फ बैठने के लिए आती है वहां पर। सारी। दे जस्ट कम एंड जस्ट सट। और उसके अलावा वो जो सोमालियन बंदी थी ना, उसकी यार, दो छोटी-छोटी बच्चियां। लिटरली चार या पांच साल की होंगी, उनको भी हिजाब पहनाया हुआ था। कमीनी ने। ओ, मुझे इतना गुस्सा आ रहा था ना उसको देखकर के तुम्हारे दिमाग में ये बच्ची को भी तुमने सेक्सुअलाइज करना है। बिल्कुल। ये छोटी बच्चियों के जो हिजाब वाले वीडियो वो तो आजकल काफी वायरल हो रहे हैं। और पूरी। जी, आप कनाडा की बात कर रहे हो। अमेरिका के अंदर में, ऑस्ट्रेलिया के अंदर में, पूरे यूरोप के अंदर में आप देखो इनको। इन्होंने कचरा घर बना दिया है। लोग घूमने जाते थे पहले, आईपी टावर देखने जाते थे इधर पेरिस के अंदर में। अभी तो एकदम बुरी हालत कर रखी है इन्होंने। वहां। ऐसा एक तरफ। फिर वो दिल ये कहता है ना कि यार, एटलीस्ट इतना तो है इनको इनको बाहर निकलने दिया जा रहा है। वरना फिर इनके साथ भी वो भी हाल हो सकता था, जो अफगानिस्तान में औरतों को। एक आंख से देखो तुम भाई। वहां पे काली आंख से तो आ रहे हैं ये। क्या ना? काली आंख भी कहां? अफगानिस्तान के अंदर में तो पूरा वो जालीदार बुर्का है। पता नहीं कोई एक आंख से देखना है। अब औरतें एक दूसरे से बात नहीं कर सकती। तो समझ में नहीं आता मुझको। कौन सी न्यूज़ को बिलीव करूं? न्यूज़ जो आ रही होती है ना, ऐसा लगता है इट्स अनबिलीवेबल। फिर आप जाकर उसको फैक्ट चेक करो, एंड इट इज ट्रू। मेरा तो सारा घूम जाता है। आई एम लाइक, ओ माय गॉड।

कांगी आंख वाला जो बुर्का है, वो आपका ये अरब की कोई कंट्री है एक, उसके अंदर में है। लेकिन ये जो यहां का बुर्का है ना, अफगानिस्तान वाला, वो जालीदार बुर्का है। मतलब आंखें भी बंद है। आंखों के ऊपर जालीदार लगी हुई है वो। हां, वो छोटे-छोटे से होल होते हैं। मैंने देखा है वो बुर्का। हमारे वहां पे भी पश्तून और बलोचों में भी वो बहुत पहना जाता है वो बुर्का। आई नो। जी। जी सर। हां, मैली जी, एक बात बताओ यार, वहां पे वाटर पार्क में सारी मोमिना है और वो मुल्ला जी तुमको पहचान लेते और घेर लेते, तो क्या करते? फिर मैं मेकअप नहीं करके गई थी ना साहिल, तो कैसे पहचानते? अच्छा, फिल्टर, फिल्टर नहीं लगाया होता है ना? वो मैंने एक रील बनाई थी, वो बंदी कहती है कि आप मेरे सारे चाहने वाले मुझसे रियल लाइफ में मिलना चाहते हैं। तो वो कहती है, मैं रियल लाइफ में फिल्टर कहां लेकर आऊंगी? तो वही बात है कि नहीं, नहीं, मुझे इतना नहीं पहचानते। और आजकल में जरा वैसे भी काम डाउन हुआ है ना। लोगों की याददाश्त जो है ना, लोगों की, वो बहुत कमजोर है। थोड़ा सा चीन से गायब हो जाओ, लोग भूल जाते हैं। वो भूल जाते हैं आपने कितने कार्ड किए हैं इन द बैक बैक इन द डे। सो अब मैं दोबारा से आऊंगी ना, फिर शायद पहचान गए, पहचान जाए। मगर आई डोंट नो। या नहीं, इसी वजह से नहीं पहचाना होगा मुझको। सही है।

अच्छा, नहीं, मैं यह बता रही थी। कल मैं एक न्यूज़ क्लिपिंग मैंने देखी है। कनाडा में आजकल होम इन्वेशन बहुत सारी हो रही है। घर में घुस के। अभी मोमिन के ही घर में घुस के। अब मोमिनों ने ही होम इन्वेशन कर रहे थे और एक बंदे को गोली मार दी उसके बच्चे के सामने। भाई, वो पाकिस्तानी बंदा था, उसको मार दिया। अभी कल न्यूज़ आई के फिर दोबारा से एक होम इन्वेशन करी बंदे ने और तीन साल की बच्ची का रेप कर रहा था वो। यस। पकड़ा गया। ओ माय गॉड। ये कनाडा की मैं तुम्हें बातें बता रही हूं। ये हाल हो गया यहां पे। और हमारा चीफ क्या कहता है? पुलिस चीफ आके कहता है कि अगर अच्छा, नहीं, नहीं। फिर एक और किता हुआ जहां पे बंदा चोरी करने के लिए अंदर गया, तो बंदे ने उठाकर उसको मारा। राइट? जिसका घर था, उसने अपने आप को प्रोटेक्ट करने की कोशिश की। तो उसको गिरफ्तार करके ले गए। और फिर कहते हैं, इसने एक्सेसिव फोर् क्यों यूज़ की? इतनी एक्सेसिव फ़ नहीं यूज़ करनी चाहिए थी उसके ऊपर। तो पुलिस चीफ आगे कहता है कि अगर ऐसी हालात हो, कोई आपके घर में आए, तो आप अपने आप को एक रूम में बंद कर लो या घर से बाहर निकल जाओ। कंफ्रंट नहीं करो उनको। यू नो? आप या अपने को सेल्फ डिफेंड नहीं करो। बकरे बन जाओ। दे दो उनको चाबियां। दे दो। या इट्स जस्ट अ जोक हियर नाउ। ये क्यों इतने पागलपन पे उतर आए? इनको क्या समझ में नहीं आ रहा? वो इसमें हमारे वहां पे कहावत है। अ क्या यार, कौन सी बुद्धि? विपरीत बुद्धि। विनाश का नाम। विपरीत बुद्धि। विनाश का। विपरीत बुद्धि। हां, साहिल। इसका मुझे सिर्फ। मैं मैं भी काफी अरसे से कह रही हूं। और देखो, यहां अब होगी सिविल वॉर। अगर आपको साइन उसके नहीं दिख रहे हैं, तो दिखने चाहिए। होगी। 2017 में जब मैंने इन चीजों पर बात करनी शुरू की थी ना, मैं तब से बोल रही हूं। और तब मैं यहां पर एक जगह गई थी पार्लियामेंट हिल पे, तो वहां पर 200 बंदे आए थे। ये गोरे। अब तुम देखो ना, वहां पर जो इकट्ठे हो रहे थे, 100 एंड थाउजेंड में इकट्ठे हो रहे हैं। सिविल वॉर होगी। और ये हमारी गवर्नमेंट चाहती है कि सिविल वॉर हो। ये तो चाहते हैं कि इस तरीके से अनरेस्ट हो। अदरवाइज देयर इज नो रीज़न टू लेट क्रिमिनल्स रन अराउंड लाइक क्रेजी। कौन सी रीज़न आपको यहां उठा लो, यूएस में उठा लो, कहीं भी उठा लो। व्हाई आर वी गिविंग देम? अभी यूके में एक बंदे को उन्होंने अरेस्ट कर लिया। उसने कोई ट्वीट किए थे ट्रांसजेंडर पे। पता नहीं कब किए थे। उसको अरेस्ट कर लिया। सून ही लैंडेड ऑन द एयर, उसको करके अंदर डाल दिया। लेकिन गोरे तो अब यूके वाले गोरे तो जागने लग गए हैं। वहां पे अब इनके अगेंस्ट में होने लगा चीजें। और ये बोल रहे हैं कि ये वजीफे वगैरह दे रहे हो। इनको क्या मतलब है? बोले, ये हमारी कंट्री खराब कर रहे। हमारा कल्चर का कार्य है। तो गोरे हो सकता है थोड़ा और टाइम लगे, लेकिन यूके जाग रहा है। और ये देखें आपने वीडियो करेंगे ना? मगर वो जब करेंगे ना, तो फिर वो गोरा ये नहीं देखेगा कि मैं ब्राउन हूं। मुझे देखेगा, मैं ब्राउन हूं। बस गोरा नहीं। तो गोरे भी तो कोई बहुत सियाने थोड़ी है। यहां आके, यहां से कंट्री साइड, विलेज साइड चले जाओ। गोरे। यहां पे इन्होंने खुद अपने मोहल्ले से बाहर कदम नहीं रखा होता है। राइट? वो तो इनको हम लोगों ने, इन लोगों ने कंट्रोल में रखा हुआ था। मगर ये ये चाह रहे हैं किस तरह हो। एंड मेरे शक्ल पे थोड़ी लिखा है कि मैं मुसलमान हूं कि नहीं हूं। या तो मुझे हर वक्त बिनी पहन के घूमना पड़ेगा, ताकि उनको पता चले, ये तो इनमें से है ही नहीं। इसको छोड़ दो।

अच्छा, ये देखो, ये मैली जी कहां से आ गई? मैं बस इब्ली इब्ली की तरह बस चमपक पड़ती हूं। कभी कभार है ना? तुमको शैतानी तुम। मैं मैं देख रही हूं, तुम शैतानी हरकतें नहीं कर रहे हो। तो मैं तुमको बहकाने आई। बहकाने। बहका तो हमारे नबी को गया शैतान और पता नहीं क्या-क्या पूजा करा गया। मैं बहका बहका नहीं, मैं आई हूं बहकाने के लिए। हम तो औरत पे इतना पैदा ही क्यों है कि तुम सब लोगों को अपने पीछे जहन्नुम में ले जाए? क्यों टर्की दिखा रहे हो यार हमें? छोड़ो यार। नहीं, नहीं है। एडमम साहब पेरिस है। हां, वही पेरिस। पेरिस। टर्की क्यों कह दिया मैंने? एनी आप तो मैं महलीद जी भी हमारे साथ मौजूद है। साहिल साहब इधर गए। जी, जी, मैं हूं ना इधर ही हूं। साहिल साहब, ये आप सारी स्टोरी सच कर दी है। एडमम, अब तुमको रिवाइंड करके दोबारा से सुननी पड़ेगी सारी स्टोरी। अरे, अरे, अरे, नहीं, वो मैं बिल्कुल YouTube से रिवाइंड करके सुन लूंगा। तो क्या कोई नया मारका मार लिया आपने? हाउ आर यू? पहले ये बताओ, क्या हाल है? मैं ठीक-ठाक, ठीक-ठाक। ऑल सेड। अब थोड़े काम डाउन हो गए। वही एडमम चल रहा है कि वो है, दोबारा वाला एडमम बाहर निकल आता है कभी कभार। वो डिपेंड करता है, अगर कोई ऐसा ही डंगर आएगा, तो फिर वो निकलना पड़ जाता है। हां, यह बात ठीक है। मैं मैंने ना, अब लोगों को यही बोलना शुरू किया। मैंने कहा, तुम जैसा तुम्हारा बर्ताव है मेरे साथ ना, तुम मुझे जो दोगे, मैं मल्टीप्लाई करके 15 टाइम्स तुमको दूंगी वापस। अब वो तुम्हारे पे डिसाइड करता है, तुमने क्या देना है। यू नो? तुमने मुझे टेंशन लेनी है, तो मैं 15% तुम्हें ज्यादा दूंगी। खुशी दोगे, तो 15% ज्यादा दूंगी। इट ऑल डिपेंड्स ऑन यू। गाली दोगे, तो मैं 15% ज्यादा दूंगी। वाह वाह वाह। बाय द वे, एडमम साहब, ये चिकोटी शायद मोमिन है। एक बार चेक कर लो प्लीज, क्योंकि कल। हां, कल ये इसको मौका नहीं मिला था बात करने का। हां जी, मिस्टर चिकोटी साहब, जरा हमें कवर करना पड़ेगा स्क्रीन। हां जी, चिकोटी साहब। हेलो। हेलो। भाई, आपने मेरे को आज बुलाया था यहां पे। हां, मुसलमान है भाई। अरे भाई, हमको वेद नहीं पढ़ने देते यार। यार, आपसे मैंने सवाल किया, आपको वेद पढ़ने देते हैं कि नहीं पढ़ने देते? मेरा सवाल क्या है और आपका जवाब क्या है? जय भीम वाला। एडमम सर, मेरे को आज यहां बुलाया था। वहां पे आओ। भीम तो आप मुसलमान मोमिन है क्या? क्या? बोले, मुस्लिम हो या जय भीम वाले हो? ये कौन बोला? हेलो भाई साहब, आप मुसलमान है कि नहीं? अरे, पहले ये बताओ, आप में से भीमचा किसने? भाई साहब, मैंने पूछा है कि आप मुसलमान है कि नहीं? पहले ये बताओ, भीमचा किसने? क्या बकवास कर रहा है ये? किसी को सुनाई दे रही है इसकी बकवास? अरे, तो आप लोगों ने गाली कैसे दी यार? अबे, तुम मुसलमान हो या नहीं? तो पहले माफी मांगो, जो आपने यार जाके ना, ऐसा कर। अपनी मां की जहां से पैदा हुआ था ना, वहां पे वो घुस जा। गेट लॉस्ट। साला पागल कुत्त का बच्चा। यार, इससे इतने प्यार से बात कर रहे हैं। कमीने के इन लोगों के यार, दिमागों में क्या घुसा हुआ है? क्या कौन सा भूसा घुसा हुआ है यार? इज्जत राज नहीं आती है। की हाल है कंजरा? यार, ये जो है, बंदा ये बैन नहीं हुआ था पहले दो दफा? अब हो गया। हां, तो बाज लोगों को ना, वो साहिल साहब होता ये है कि जब तक उनकी मां बहन एक ना की जाए, तब तक उनको जो है ना, वो दिली तौर पे तस्कीन और राहत नहीं मिलती। सुकून नहीं मिलता। हां। तो वो सुकून और राहत सिर्फ तभी मिलती है, जब उनकी मां बहन एक ही जाए और कुछ नहीं है। या बोल रहे हैं, हमको वेद नहीं पढ़ने दिया गया, तो पढ़ लेना भाई, किसने मना किया है? भाई, दैट इज नॉट इवन अ क्वेश्चन। यस। भाई, जो सवाल किया गया, उसमें वेद पढ़ा है, नहीं पढ़ा है, डजंट मैटर। यस। तो क्वेश्चन कुछ और है, जवाब तुम्हारा कुछ और है। तो तुम मेरे मतलब, यहां पे क्या हम लेने बैठे हुए हो? एनी हाउ। जी, मैं अली जी, सॉरी आपकी बातों को इंटरप्ट किया उस डंगर की वजह से। उसके लिए माज़रत कि इतनी अच्छी बातों को हमने इग्नोर किया बिकॉज़ ऑफ़ दैट डंगर। लेकिन कोई शफी नूर अहमद आए हैं। देख लें ये कौन है? हां जी, शफी साहब। लोड़े लोड़े में डाल देगी मां। ले जा के अपनी मां के डाल ना। मां के डाल। तेरा काम ही यही है। अच्छा जी। हमारे चैनल पे इस वक्त देखिए, बात ये है कि इस।

किस्म के साहिद साहब, ये सारी हरकतें, ये मुसलमान लोग आ के इस चैनल पे क्यों करते हैं? क्योंकि इनको पता है कि हम बहुत ज्यादा इनकी खराबी दिखा रहे हैं, इनके दीन धर्म की, या क्या चक्कर है?

यस, बिल्कुल, बिल्कुल। और वो उसको डिफेंड नहीं कर सकते। यही वजह है कि फिर उनको यह हरकत करनी पड़ रही है। आय हाय हाय हाय हाय हाय हाय हाय हाय। सर, आपको पता है कि ये अभी हमने दिखाया इबने शाम, इबने इसाक और इबने इशाम से, राइट? सल साहब, ये बात जो अभी आपको दिखाई जा रही है, सल साहब, ये हर जगह पे पड़ी है। आपको पता है, ये बात हिस्ट्री ऑफ़ तिथरी भी लिख रहा है। और ये बता रहा है कि ये शैतानी आयतें क्यों और किस लिए? बिल्कुल सही है। ये देखिएगा, ये बताता है।

"The story of the Satanic Verses shows the persistence of some confusion between Allah conceived monotheistically and Allah as a high god." कहता है, शैतानी आयतों से यह निकलता है कि एक तो अल्लाह था, एक मोनोथिस्टिक सिंगुलर गॉड, लेकिन जब शैतानी आयत आई तो अल्लाह हाई गॉड बन गया जिसके लो गॉड्स भी हैं।

"The truth of the story can not be doubted sir ji." वो कह रहे हैं कि इसकी सच्चाई पे कोई डाउट किया ही नहीं जा सकता। "since it is inconceivable because it is inconceivable that any Muslim would invent such a story." कि कोई मुसलमान इस किस्म की कहानी को इन्वेंट करेगा, यानी कि इसको फेक तौर पर बनाएगा। "and it is inconceivable that a Muslim scholar would accept such a story from a non-Muslim." और कोई भी मुसलमान स्कॉलर ऐसी स्टोरी को नॉन मुस्लिम से कभी लेगा भी नहीं। तो लिहाजा, इस स्टोरी की सच्चाई को डाउट किया ही नहीं जा सकता।

"It also appears to be vouched for by the words of the Quran." और यह कुरान की आयत, चैप्टर नंबर 22, वर्स नंबर 52 से साबित भी होती है। "that many Muslims reject the story as unworthy of Muhammad." बहुत सारे मुसलमान इसको रिजेक्ट करते भी हैं कि यह मोहम्मद के के वर्दी नहीं है। "But there is nothing unworthy of him in holding that his knowledge and understanding of his Lord developed during the early years of his prophethood as the revelations multiplied." लेकिन भाई, इस चीज से डाउट नहीं करना चाहिए। नबी जो है, उसकी अंडरस्टैंडिंग अपने रब के बारे में स्लोली स्लोली, ग्रेजुअली ही बढ़ी थी, जब ज्यादा ज्यादा रेवोल्यूशन आना शुरू हुई।

तो साहिल साहब, ये जो लोग कहते हैं कि ये फेक स्टोरी है, झूठी स्टोरी है, जईफ स्टोरी है, सर तिबरी कहता है कि इंपॉसिबल। क्या कहेंगे अब? या तो तिबरी को जो है वो गाली गलौज करो। आय हाय हाय हाय हाय। या अब तो कुछ बचा ही नहीं। मतलब उसने लिख दिया, मतलब उसकी ऑथेंटिसिटी कंफर्म हो गई है सर। उसने तो ऐसे लिखा है कि उसने प्रूफ, प्रूव किया है। यानी कि प्रूविंग के हद तक जाके उसने बोला। और फिर उसने पूरी स्टोरी बताई है कि "The core of the story is this, this, this, this, this. All joined with him in Islam worship Allah. Later Allah, etc., etc., etc." और बाद में इसको कैंसिल कर दिया गया।

और यह भी कहता है कि "But this is unlikely if one accepts the further story. Some immigrants returning from Bazz. There would appear to have been an interval between a revelation of this person's cancellation. Point of emphasis, Muhammad did not immediate appreciation, etc., etc. High God, etc."

अच्छा, इसमें हम जाते हैं जरा थोड़ा सा आगे। वो बताता है कि अलात का एक काबा भी था अपना। अ ये देखें। "Candidates should also be given the statement in the letter of Arwa to the Caliph Abdul Malik that Quraysh were not wholly adverse to Muhammad. Until he mentioned the idols and then that then wealthy Quraysh from Ta'if took the lead in stirring up the opposition to him." ले जी, साहिल साहब, यह कहता ये है कि जब तक मोहम्मद ने उनके बुतों को अपने खुदा के साथ एसोसिएट करने के बाद हटाया नहीं, तब तक कुरैशी मोहम्मद के इतने खिलाफ नहीं थे। ओ, और वह मोहम्मद के खिलाफ तभी हुए हैं जब उसने पहले उनके आइडल्स को अपने अल्लाह के साथ डाला और फिर उसको निकाल दिया। बहुत सारे मुसलमान स्कॉलर्स झूठ बोल के मुसलमानों को झूठ बोलते हैं कि भाईजान, अगर निकाल दिया तो उसके बाद तो कुरैशियों को मजीद गुस्सा करना चाहिए। कभी तुम हमारे खुदा को डाल देते हो, कभी निकाल देते हो। भाई साहब, तिब्बरी बताता है कि ऐसा ही हुआ था।

और वह कहता है, "The mention of idols probably means the cancellation of the Satanic Verses and it is conceivable that Meccans and those of Ta'if led the opposition because the rejection of the shrine of the goddess Allat there somehow adversely affected their business interests as well. The mention of the idols, however, was doubtless no more than the occasion of the development of the opposition measures since the worship of the idol probably meant a little to materialistic merchants as well." कहता है, क्योंकि शाइन ऑफ अल्लाद के ऊपर लोग जब जाते थे इबादत के लिए तो वो तिजारत भी होती थी वहां पे और जिस वक्त यह वाला काम हुआ कि मोहम्मद उनके खिलाफ हो गया, पहले उसको साथ लगाया, सब इकट्ठे हो गए, गए, तिजारत अच्छी हो गई, फिर मंदा भी मंदा पड़ गया क्योंकि मोहम्मद ने अल्लाह को बाहर निकाल दिया तो वहां पे रहने वाले जो तजारती लोग थे जिनका काम सिर्फ पेश से है, दे वो ज्यादा गुस्से में आ गए कि कभी तुमने डाला, कभी निकाला और निकाल के अब तुमने हमारी तिजारत को भी बंदा कर दिया है, लेट अलोन कि तुमने हमारे खुदा को साइड पे निकाल दिया।

"The basic reasons for their opposition were the Quranic critique of their attitudes and practices and the threat to themselves from Muhammad's interceding power." क्योंकि उसके बाद मोहम्मद की अपनी जो ताकत है वो भी इंक्रीस हो रही है। "It was probably also relevant to the growth of the opposition that Muhammad's followers were largely young men and some of them sons and younger brothers of the leading merchants." और क्योंकि मोहम्मद के उन फॉलोवरर्स में कुछ मर्चेंट्स के यंग बच्चे भी जा रहे थे। और अब अल्लाद की तरफ गेम खराब हो रही थी जिसको पहले मोहम्मद ने डाल दिया था। तो जाहिल साहब, इन एसेंस, जब हम ये देखते हैं तो यस, हर लिहाज से दिस क्रिएटेड अ स्टिर एट दैट पर्टिकुलर एरिया।

सर, क्या कहेंगे अब आप कि तिबरी ने तो बड़ा खोल खोल के बयान कर दिया सर। नहीं, तो ये तो मजाक है ना एडमम साहब, ये तो मजाक है ना कि आप पहले तो उनको इंक्लूड कर रहे हो, फिर निकाल रहे हो। मतलब आप उनकी फीलिंग्स के साथ खिलवाड़ कर रहे हो। अल्हम्दुलिल्लाह, वो भी रिलीजियस फीलिंग के साथ, तो वो क्यों नहीं भड़केंगे? भड़कना चाहिए भी और साथ में तिजारत भी मंदी होगी। डबल डबल इफेक्ट। तो मोहम्मद साहब को ऐसा करना ही नहीं चाहिए था। सर, मगर दो नंबरी तो हमारे में कूट कूट के भरी हुई है। सर, बरादुद्दीन तैयब साहब आए हैं। कोई इनसे पूछ लेते हैं। अस्सलाम जी। सर, मां कलंदर यार मां में हमारे पास नहीं होता, वो आप लोगों की मांओं में होता है क्योंकि आप लोग दिए रखते हैं। तो ये तो हमें नजर आता है साहिल साहब के इनका नबी जो है वो बड़े ही मसले में बैठा हुआ है, बेचारा बहुत ही मसले में बैठा हुआ है। क्योंकि रसूल्लाह को समझा नहीं था कि यार मैं यह काम करूंगा, यह कहीं मेरे अगेंस्ट में आ जाएगा। यह पहले नहीं समझा था। वरना ये इतनी बड़ी गलती करते ही नहीं रसूल्लाह। बेशक।

क्योंकि जिस तरह उसने, लेकिन सर, जब उसने पहले कह दिया था कि तुम्हारे लिए तुम्हारा दिन, मेरे लिए मेरे दिन। ना तुम्हारे बुतों की पूजा करूंगा, ना तुम मेरे बुतों की पूजा करना। वहां पे गेम वैसे ही खराब हो गई थी। वहां पे ऑलरेडी खराब हो गई थी। तो उसको अब उनको वापस भी लेके आना था। तो थोड़ी देर के लिए वापस लेके आया। जब उसकी ताकत बढ़ गई, उसने इनके बच्चों को अपने दीन में डाल दिया। तो उसके बाद मोहम्मद ने कहा जी, बाय-ब, अब हम नहीं। पहले उसने अपने दीन में डाला, फिर कहा, ओ, ये तो शैतान ने कह दिया था। तो मोहम्मद ने अपनी ताकत बढ़ाने के लिए, अपने लोगों की तादाद बढ़ाने के लिए ये गेम डाली और ही वाज़ सक्सेसफुल इन दैट। इन द, इन द, इन द नेक्स्ट थ्री टू सिक्स मंथ्स। जब तक उसने कहा नहीं कि यार, ये तो शैतानी आयतें थीं, तब तक वो लोगों को अपने दीन में ले आया, काफी लोगों को और कुछ यंग लड़कों को भी ले आया जो कि मर्चेंट्स भी थे और फिर बाद में ब्रेन वॉश करने के बाद, ओ, ये तो शैतान की तरफ से आया था। तो ही डिड एग्जैक्टली द सेम थिंग जो कि मैं बताता हूं कि अदुल हयाल और इल्मुल दज्जाल से काम लेते हुए हमारे प्यारे नबी ने ये वाली सारी गेम डाली है। एंड इट वाज़ परफेक्टली फाइन। बाद में सॉरी, सॉरी, सॉरी, अल्लाह मिया, सॉरी, गलती हो गई, शैतान ने बहकाया था क्योंकि हर चीज शैतान ही करता है, ये इंसान खुद तो करता ही नहीं, कोई और। शैतान ने बाकी नबियों को भी बहकाया है, ये भी बोल दिया, शैतान तो सारी नबियों को बहकाता रहता है। बकल, हमारे ये जो मोहम्मद साहब हैं, उनकी तरफ से तो जाहिर साहब बात ये है कि ये चीज इतनी प्रीडमिनेंट है कि आप इसको किसी भी जगह पे पढ़े, आपको मिल जाती है। हम मोमिन हजरात इंकार नहीं कर सकते इसका। इंकार और इसकी ऑथेंटिसिटी का इंकार नहीं कर सकते।

अगर आप इसको देखें 22 की 53, ये अगर हम असबाब नजूल देखें तो यहां पे भी लिखा हुआ है। 52 होगा, सॉरी। माय बैड दोस्तों, 19, 20, एक आधा नंबर आगे पीछे। तो ये देखिए, यहां पे भी दिस इज़ लाइक एग्जैक्टली लाइक। "Or when the much of Allah, bless him, beest his people, were shunning him." जब लोग उन्होंने देखा कि उसको रिजेक्ट कर रहे हैं, शन कर रहे हैं मोहम्मद को, "shan the idols." है ना? "Just as Allah had told Muhammad, shun the idols. He was aggrieved by the rejection of the message he brought them and he secretly wished." और वो खुफिया तौर पे सोचता होता था, "Allah exalted, he would reveal something to him which would bring him and his people closer to each other." जो उसको उसको और उसके लोगों को क्लोज करते थे, नी की एज ही वाज़ टू सी देम एक्सेप्ट फेथ। "One day he said in one of the congregations of Quraysh." एक दिन वो कुरैशी के साथ बैठा हुआ था, "which attracted a huge number." और उस दिन एक लार्ज नंबर ऑफ़ कुरैशी भी बैठे हुए थे उसके साथ। "And he wished that Allah would give him something and Allah does not reveal to him on that day. Anything that might repel them from him." और उस दिन वो कह रहा था, सोच रहा था दिल में साहिल साहब, कि अल्लाह कुछ ऐसी चीज ना दे दे जिसकी वजह से कुरैशी भाग जाए। साहिल साहब, आप इमेजिन करो, ये किस किस्म का नबी है जो ये सोच रहा है कि अल्लाह आज कोई ऐसी चीज ना भेज दे जिसकी वजह से ये लोग भाग जाएं? ये किस किस्म का नबी? वो कह रहा है कि अल्लाह मैनिपुलेटेड आयतें भेजें कि ये लोग यहीं पर रहें और मेरी बातें सुनते रहें। अल्लाह मैनिपुलेटेड आयतें भेजें। हां।

तो अल्लाह ने जो है ना, रिवील कर दिया उसको, "Surah An-Nazm, the stars when they hide." मोहम्मद एक सच्चा नबी है वगैरह वगैरह वगैरह। और जिस वक्त जो है वो मोहम्मद पहुंचा अल्लाह मनात के ऊपर तो फटाफट उसने भेज दिया डेवल ने आकर उसकी जुबान के ऊपर डाल दिया जो कि वो ख्वाहिश कर रहा था। क्या ख्वाहिश कर रहा था? कि अल्लाह जो है कोई ऐसी चीज भेजे कि इनके बुतों के साथ हम एसोसिएट हो जाएं और ये हमारे साथ हो जाएं। "These are the mighty goddesses and their intercession is hoped for." यह वह ताकतवर गरानीक हैं जिनकी जो है वो इंटरसेशन शफात की जरूरत है और यह अल्लाह तक पैगाम लेके जाते हैं। तो सर जी, यह तो कंफर्म हमारे प्यारे नबी की ख्वाहिश थी कि अल्लाह कोई ऐसी चीज उतारे जो के एगन लोगों के बुतों के साथ एसोसिएट हो सके क्योंकि अभी थोड़ी देर पहले कुछ अरसा पहले सूर काफिरून नाजिल हो चुकी है जिसमें उनके बुतों को शन किया गया तो ये तो सर एग्जैक्टली द थिंग दैट वाज़ वांटेड।

और यहां एक बात देखिएगा गौर करिएगा कि रसूल्लाह की जो ख्वाहिश है वो अल्लाह तो नहीं पूरी कर पाया, लेकिन शैतान जरूर पूरी किया। आय हाय हाय हाय हाय हाय हाय हाय हाय। आय हाय हाय। अमजल अजमल कसा साहब, गाली देने आया लगता है। वो तुझे कहा है ना जाके अपनी मां को कर ना, तुझे किसने मना किया? "When the Quraysh heard this, they were very pleased." जब कुरैशी ने सुना, बड़े खुश हुए। "Message of Allah, blessing, please. Carried on reciting until the end of the Surah and then prostrated. All the Muslims fall, and prostrated. All the idolaters who were present prostrated." तो सब ने सजदा किया सर। वो मुशरिकन तो कह रहे थे यार, अपना खुदा भी ले आओ, हमें टेंशन नहीं है। अपना खुदा ले आओ, हमें टेंशन नहीं है। हमारे खुदा को बुरा ना कहो, अपना खुदा भी ले, हमें टेंशन नहीं है। तो उन्होंने कहा, ओके, लेट्स डू सजदा। सबने मिलके सजदा किया। "All those who were present, whether Muslims or disbelievers." चाहे वो मुसलमान थे, चाहे काफिर थे, "prostrated except Al-Walid ibn Al-Mughira and Abu Ubayda Sa'd bin Al-As." यह नाम याद रखिएगा दोस्तों, याद रखिएगा ये नाम। "who were too advanced in age and could not prostrate." वो बहुत बुड्ढे हो चुके थे उम्र में और उन्होंने पोस्ट्रेट नहीं कर सके। "But they both gathered a handful of dust." उन्होंने मिट्टी उठाई और उस मिट्टी उठा के उसको अपने फोरहेड के साथ लगा के सजदा किया और फिर कुरैशी चले गए।

सो सर, तमाम मुसलमान, तमाम काफिर, जो है इस दिन, इस टाइम के ऊपर पक्के तौर पर मुशरिक बन गए। साहब, आप चेक कर रहे हैं? जी बिल्कुल। साथ में रसूल्लाह भी। बेशक, बेशक। अब मैं आपको सर एक चीज दिखाता हूं। बुखारी तक यह वाली रिवायत पहुंची थी, आपको पता है इस बात का? अच्छा, लेकिन बुखारी ने, बुखारी ने इसको रिड्रैक्ट करके अपनी बुक में लिखा है, रिट्रैक्ट करके, कम करके। अबू अब्दुल्ला कहता है, "The first Surah in which prostration was prescribed was Surah Al-Nahl. Allah's Messenger prostrated while reading it. Everybody behind prostrated except a man." सब लोग, उसने कहा, सब लोगों ने सजदा किया सिवाय एक बंदे के। "whom I saw taking a handful of dust in his hand and prostrated on it." जिसने मिट्टी उठाई और सजदा किया। "Later I saw that man killed as an infidel." और बाद में मैंने उस बंदे को देखा कि वह मुशरिक की मौत मरा है। "And he was Umayyah bin Khalaf." खलफ। सर, इसने पूरा वाकया बयान नहीं किया। वरना मुझे बताओ कि कोई काफिर सजदा क्यों करेगा जब के वो काफिर है? अनलेस के ये वाकया एज इट इज हुआ हो। बुखारी ने वो पूरा वाक्य कोट क्यों नहीं किया? खाली इतनी बात क्यों कोट की? बुखारी की भी फट गई होगी कि भाई चुपचाप इसको इग्नोर मार दो। एग्जैक्टली, एग्जैक्टली। बुखारी की गेम खराब हो गई कि भाई साहब, इसको नहीं बताया जा सकता। अगर इसको बताया तो लोग मेरे को ही ना कत्ल कर दें। तो बुखारी को इसको छुपाना पड़ा। जब बुखारी ने इसको छुपाया तो बुखारी ने इसको तो छुपा लिया, लेकिन जब शरा लिखी गई और शरा किसने लिखी सर? बुखारी की इब्ने हजर, इब्ने हजर असलानी ने फतुल बारी के अंदर तो उन्होंने लिखा है, "Fathul Bari" के अंदर शरा सही अल बुखारी। और वो लिखते हैं कि ये जो रिवायत है वो सही है बिकॉज़ कसीर लोगों ने इसको बयान किया है। ट्रांसलेट करते हैं इनू अंग्रेजी। "The whole page." और यह कहता है "on on the authority and it is a Bukhari on the authority of Ibn al-Haytham. He relied on it a lot in the Sahih of his as we explained in this place." के इसको अलतबरी ने भी किया है, इब्न हातात ने भी लिखा है, अल मुनद ने लिखा है थ्रू इंटरमीडियरी बिटवीन देम एंड अबू साहिल ने लिखा है एंड कोट एंड ऑन द इंटरप्रिटेशन ऑफ इब्ने अब्बास बेस वगैरह वगैरह। वो कहता है कि इतने लोगों ने लिखा है। "Allah, Manat and the third and the other Satan cast upon his tongue. Those are the great goddesses and their intercession is for hope for the poly." सर, ही डिड नॉट मेंशन आवर गॉड विद गुड बिफोर टुडे। सो ही प्रोस्ट्रेटेड एंड दे प्रोस्ट्रेटेड एंड दिस वर्ड्स वाज़ रिवील और वगैरह वगैरह वगैरह। सर, इवन अलफतुल बारी ने कहा है कि सर, इसकी अथॉरिटी रिजेक्ट नहीं की जा सकती। मोहम्मद जो है कई दिनों के लिए, कई हफ्तों के लिए एक ग्रेट लिटिल पेगन बन गया और अपने सहाबियों को भी उसने ग्रेट लिटिल पेगन बना दिया। दैट्स द रियलिटी। फतुल बारिश को रिजेक्ट नहीं करा सर। हां, मोमिन हजरात आके जरूर रिजेक्ट कर देंगे बिना सोचे समझे, बिना कुछ उसके।

सर देखिए, तिबरी ने कहा कि इसको रिजेक्ट नहीं किया जा सकता। इबने इसहाक ने इसको मेंशन किया है चैन के साथ। इबने इसहाक ने अपनी जो होती है सीरत के अंदर बहुत सारी चीजें बगैर चैन के बयान की है। फॉर एग्जांपल, खदीजा की उम्र 40 साल बगैर चैन के है। इसके ऊपर उसने चेन ऑफ नैरेटर्स पूरे दिए हैं। क्योंकि ये खतरनाक चीज थी। लिहाजा उसको चेन ऑफ नैरेटर्स पूरे देने पड़े हैं। अच्छा, फतुल बारी कह रहा है, या अपना तिबरी कह रहा है, इसको रिजेक्ट नहीं किया जा सकता। फतुल बारी कह रहा है, इसको रिजेक्ट नहीं किया जा सकता। "This is absolutely right to the dot." तो भाई साहब, फिर मुझे यह बताइए कि यह कौन और क्यों कहेगा कि यह जईफ है? सेंस ही नहीं बनता ना इसको जईफ बनाने का। अब्सोलुटली।

तो मोमिन हजरात, आओ यार, देखो तुम्हारे रसूल्लाह के कारनामे और क्या बीवियों के पल्लों में छुप के बैठे हो या अम्मियों के पल्लों में छुप के बैठे हो? आय हाय हाय हाय। आज तुम्हारे रसूल की हकीकत यहां पर बताई जा रही है और तुम कहां छुपे बैठे हो यार? किसी में हिम्मत नहीं बची अभी। हा हा हा। सर, क्या जबरदस्त बात की आपने सर। लेकिन वाकई, बची तो नहीं है सर। ये मुझे बताइए, डरे हुए हैं। डरे हुए हैं ना सर? सर, ये मैं यही सोचता हूं कि सर, ये डर क्यों बैठा हुआ है कि इनको पता है कि हम जो चीजें दिखा रहे हैं वो सत्य लिखी हुई हैं। बिल्कुल। तो ये मुझे ये बताइए कि सुमन गुप्ता क्यों बचाने के लिए आ गया मुसलमानों को? जाओ यार सुमन गुप्ता, जाओ थोड़ा चिल करो यार। YouTube से देखो।

सो सर जी, आजकल कोई भी कुछ भी कह देता है। ठीक है। लेकिन जो अर्ली स्कॉलर्स हैं, फॉर द फर्स्ट 800, 900 इयर्स ऑफ इस्लाम। वो इसको रिजेक्ट नहीं कर रहे, बल्कि इसको अप्रूव कर रहे हैं। तो फिर आप मुझे कह रहे हैं कि 18वीं सदी के बाद लोगों ने आके इसको रिजेक्ट करना शुरू कर दिया। क्यों? क्योंकि भाई, इतनी बड़ी चीज को अगर रिजेक्ट नहीं करेंगे तो भाई पीछे रह क्या जाएगा? हम्म।

अब मैं आपको बताता हूं कि इबने तैमया क्या कहते हैं इसके बारे में? फिर मैं आपको एक और चीज दिखाता हूं। इबने तमिया की एक किताब है। उसका एब्स्ट्रैक्ट लिया है। और उस एब्स्ट्रैक्ट को बताया गया है। यहां पर मैं आपको दिखाता हूं। यह ब्रिल इनसाइक्लोपीडिया इसे ली हुई है मैंने। और यह एब्स्ट्रैक्ट है ऑफ द बुक ऑफ इब्नेमिया, द शैतानिक वर्सेस। और इसकी, इसकी जो है वो कंप्लीट एग्जामिनेशन ऑफ द सेटेनिक वर्सेस है। और यह बताते हैं कि "The Satanic Verses incident is narrated in numerous reports." बहुत ढेर सारी रिपोर्ट्स बयान की गई हैं। 18 से 25 रिपोर्टें, डिपेंडिंग ऑन हाउ वन रेकंस एन इंडिपेंडेंट रिवायत। क्योंकि अगर आप किसी चीज को इंडिपेंडेंट रिवायत बनाने के लिए जो आपकी क्लासिफिकेशन है, वो अगर आप कुछ और क्लासिफिकेशन से करें तो 18 रिपोर्टें बनेंगी। कुछ और क्लासिफिकेशन से करें तो 22 रिपोर्टें बनेंगी। 23 रिपोर्टें बनेंगी। 25 रिपोर्टें बनेंगी। तो कहता है कि किस तरीके से आप क्लासिफिकेशन करते हैं। 18 से 25 रिपोर्टें बनती हैं। यानी कि ये वाली जो रिवायत है, सर, ये मतवातिर है। ये अहद नहीं है। ये तवातुर के साथ आ रही है। सर, चार से ज्यादा रिवायतें हो तो मतवातिर हो जाती है। ये रिवायत आपके पास 18 से 25 रिवायतों के तवातुर से आ रही है। तो ये मतवातिर है। "Scattered in Sira Nabawi" जो कि सीरत में भी है, "Tafsir literature" में भी है। "And originating in the first two centuries of Islam." यानी के हदीसें लिखने से पहले से यह रिवायत चलती आ रही है। यानी यह जो है सबसे अर्लीएस्ट ऑफ दी सीरत के अंदर मौजूद है। अभी हदीसे भी नहीं लिखी हुई थी। ये रिवायतें चल रही कि हमारे नबी को शैतान ने बहका दिया था। "The indications are that the incident, for incident, for a fairly standard element in the historical memory of the early Muslim community regarding the life of"

इट्स फाउंडर और वो कहता है कि यार ये अर्ली मुसलमानों के ज़हनों में यह बहुत बेसिक कॉमन फाउंडेशन है जो कि थी अपने नबी के बारे में फॉर अबाउट द मिड सेकंड टू एथ सेंचुरी ऑनवर्ड।

हाउएवर वि द राइज ऑफ़ अ थीस मूवमेंट ऑन वन हैंड एंड द डेवलपमेंट ऑफ़ सिस्टमैटिक थियोलॉजी ऑन ऑन द अदर हैंड द हिस्टोरिकल मेमोरी ऑफ़ द अर्ली कम्युनिटी वाज़ सब्जेक्टेड टू रिवैल्यूएशन ऑन द बेसिस ऑफ़ क्राइटेरिया ऑफ़ अ न्यू डॉक्ट्रिन एंड मेथड्स ऑफ़ इंक्वायरीज।

कहता है कि फिर आठवीं सेंचुरी के बाद नया मेथड बनाया गया और उसमें अर्ली मुसलमानों की मेमोरी के ऊपर क्वेश्चन रखे गए और वगैरह-वगैरह।

अलोंग द डॉटरेंस दैट इमर्ज फ्रॉम द मिडिय सेंचुरी ऑनवर्ड वाज़ दी अह अह अल अल्मातुल अंबिया। कि यार क्या अंबिया जो है वह प्रोटेक्टेड हैं ऑफ द प्रोटेक्शन ऑफ़ अल्लाह फ्रॉम एरर। और अब इसके ऊपर वो पूरी लॉजिक देता है कि किस तरीके से यह उस चीज को रिजेक्ट नहीं करता।

तो हम ऐसा करते हैं कि इसका फाइनल वर्डिक पढ़ लेते हैं ताकि वो मिल जाए बाकी छह पेज पढ़ने की बजाय।

तो कहता है कि समथिंग एक्सटर्नल व्हिच द पीपल हैड नॉट समटाइम इंटरनली टू द सोल। द ट्रायल दैट द रिजल्ट फ्रॉम दिस इज द काइंड ऑफ़ अ ट्रायल अराइज़ फ्रॉम द सेकंड कैटेगरी ऑफ़ अब्रोगेशन एंड दिस कैटेगरी ऑफ़ एब्रोगेशन इज़ इवन स्ट्रंगर प्रूफ ऑफ़ द वर्सिटी ऑफ़ द मैसेंजर।

कहता है लेकिन ये जो एब्रोगेशन का डॉक्ट्रिन है ये उसका प्रूफ दे रहा है और इससे ये मोहम्मद एक सच्चा नबी साबित होता है। एंड ऑफ हाउ फार रिमूव्ड इज ही फॉल फ्रॉम फॉल्स डिजायर कि मोहम्मद जो है अपनी फॉल्स डिजायर से कितना दूर था।

देन इज द अदर कैटेगरी ऑफ़ अब्रोगेशन फॉर श्योरली इफ ही एंजॉयड दैट समथिंग बी डन एंड देन एंजॉयड समथिंग एल्स दैट कंट्राडिक्टेड बोथ कमांड्स बीइंग फ्रॉम अल्लाह एंड इज़ कंसीडर्ड अरेस्टली इन दैट एंड देन वी व्हेन ही सेड दैट हिज ओन वायलेशन दैट द सेकंड एंड एब्रोगेटेड कमांड फ्रॉम गॉड एंड दैट थिंग वाज़ बीइंग रिमूव्ड एंड अब्रोगेटेड बाय गॉड वाज़ नॉट फ्रॉम गॉड दिस इज एन इवन ग्रेटर प्रूफ प्रूफ ऑफ हिज प्रपोजिंग वरासिटी।

वो कहते हैं कि जब मोहम्मद ने अपनी गलत रेवोलेशन को गलत बोला और बताया कि अल्लाह ने इसको सही कर दिया है और यह सही चीज है तो इससे साबित होता है उसकी सदाकत उसकी सच्चाई के उसने किस तरीके से अपने ऊपर उंगली उठवा कर भी अल्लाह की सच्ची बात को बता दिया।

एंड ऑफ इन हिज स्पीकिंग द ट्रुथ और उसकी वो एग्जांपल लेते हैं आयशा की बात से हदीस से वो कहते हैं दिस इज़ सिमिलर टू टू व्हाट आयशा सेड इफ द प्रॉफेट हैड वांटेड टू कंसील एनी पार्ट ऑफ द रेवोलेशन ही वुड हैव कंसील्ड दिस वर्स अगर मोहम्मद कोई एक आयत को पाना जाता इसका आयत को पाता एंड यू कंसील इन योरसेल्फ दैट व्हिच गॉड ब्रिंग्स टू द लाइट एंड यू फियर्ड द पीपल व्हेन गॉड इज मोर टू बी फियर्ड जब मोहम्मद को ठरक जड़ गई थी अपने ही अडप्टेड बेटे की बीवी के साथ सेकस करने की तो उस वक्त अल्लाह ने आयत रिवील की थी कि जाओ तुम ज़द की बीवी के साथ कर लो तुम डर क्यों रहे हो तुम्हें अल्लाह से ज्यादा डरना चाहिए तो आयशा ने कहा था के अगर मोहम्मद कोई चीज़ कंसील करना चाहता तो इसको कंसील करता।

डू यू नॉट थिंक दैट द पर्सन हु सीक्स हिज़ ओन एग्रीगेनमेंट थ्रू फॉल्सहुड वुड वांट टू बी वुड वांट टू बैक अप एवरीथिंग ही सेड इवन इफ इट इज़ रोंग। तो क्या आपको लगता नहीं है कि अगर वह ऐसा कर रहा था तो वह हर चीज को बैकअप करता झूठ के साथ तो वो इस चीज को भी बैकअप करता कि नहीं नहीं नहीं ये अल्लाह की तरफ से ये आया था। मैं शैतान ने नहीं भेजा था।

सो द प्रॉफेट्स प्रोक्लिमिनेशन दैट द गॉड हैज़ एस्टैब्लिश ह आयत एंड रिमूव्ड दैट वि सेटान कास्ट इज येट अ ग्रेटर प्रूफ ऑफ ह स्ट्राइविंग फॉर दी सदाकत एंड ह इनोसेंस फ्रॉम लंग।

तो सर इबने तमिया एविडेंस पर एविडेंस दे रहे हैं मल्टीपल विद दी साइंसेस ऑफ दी अथॉरिटी ऑफ द हदीस एंड द लॉजिक के भाई साहब ये रवायत बिल्कुल सही है सर जी इबने तमिया इसको सही कह रहा है तिबरी इसको सही कह रहा है और आपका इबने हाजर असलानी इसको सही कह रहा है सर इतने बड़े-बड़े इस्लामिक स्कॉलर कह रहे हैं कि बिल्कुल सही है और वो प्रूफ और एविडेंसेस भी दे रहे हैं।

सर जी ये आजकल के एरे नथू कह रहे कैसे कह सकते हैं कि ये झूठी रिवायत है? सवाल ही नहीं उठता। थैंक यू सो वेरी मच।

भाई अल अब्बासी आए हैं। जी अल अब्बासी साहब दोद आईडी से जुड़े थे शायद दूसरे आईडी में आवाज आ जाए। अच्छा दूसरा आईडी भी आ गया कोई। हां जी आला बासी सर ऊंची बोलिए प्लीज।

हां क्या आर्गुमेंट चल रहा है? भाई साहब इनकी आवाज आ रही है सैल आपको? हां बोल रहे हैं क्या आर्गुमेंट चल रहा है? स्लो है बहुत। भाई साहब जरा ऊंचा बोले। आपका आर्गुमेंट क्या है? आप बोलिए ना। क्या? सर आप इतनी देर से सुन नहीं रहे थे? नहीं नहीं अभी जॉइ सर आपके नबी के ऊपर शैतान ने आके बातें कर दी है और उनको ये मुसलमान है क्या पहले वो कंफर्म हो जाए मुसलमान है कि नहीं है सर आप कंफर्म कर ले जरा हां भाई मुसलमान है आप अच्छा जरा दरूद इब्राहीमी सुना दो अल्लाह सल्ल अला मोहम्मद आवाज चली गई आपकी अमित नहीं सेट करो वो ऑटोमेटिक पे नहीं रहेगा तो आवाज खत्म हो जाएगी इसकी नहीं मैंने कुछ नहीं हां बोलो ठीक है बस हां दोबारा बोलो यार अल्लाह सला मोहम्मद मोहम्मद इब्राहीम वला इब्राहीम अल्लाहिक मोहम्मद मोहम्मद इब्राहीम वला इब्राहीम इन बेहतरीन सर थैंक यू यार आपकी आवाज बहुत कमजोर है कुछ थोड़ा सा तेज बोले तो ज्यादा बेहतर रहेगा ठीक है ठीक है हां हां बोल जी सर बोल दिया जरा आपके नबी के ऊपर शैतान ने आके गुमराह कर दिया और आयतें भेज दी और नबी भी मुशरिकों की तरह मुशरिकने मक्का की तरह अल्लाह मनात के सजदे कर लिए तो क्या चल रहा है सर ये वो जो हदीस जो से हदीफ है अलबानी ने बोला तो किताब नहीं पढ़ी क्या आपने अच्छा अल अलबानी ने बोला कि जईफ है हां सर 15 चेन ऑफ़ नरेशन से आया किस वाली चेन को उसने जफ बोला टॉप चेंज हर एक चेंज सर प्लीज दिखा दीजिए क्योंकि अभी इबने तमिया कह रहे हैं सही है इबने हजर असलानी कह रहे हैं सही है तिबरी कह रहे हैं सही है तीन चीजें मैंने तीन लोग दिखाए मैंने उन सब ने तो कहा सही है और फिर वैसे भी मैं ये बोल चुका हूं कि फिर 14 15 16वीं सेंचुरी के बाद इसको जईफ कहने वाले बड़े पैदा हो गए थे और अभी ये मैं आर्टिकल भी पढ़ रहा था तो 16वीं सदी के बाद ही आया ये अपना तो ये जईफ कहेगा ही लेकिन इसने सों को जईफ नहीं किया जरा मुझे बता दें किस वाली किसने हां सर और एक एक व्यू भी है जैसे कि अगर आप एक सर पहले एक व्यू जो है ना वो क्लियर कर दें या अपनी स्टेटमेंट वापस ले लें या मुझे एविडेंस दे दे ऐसे नहीं ना होगा कि आप एक-ए दो-दो तीन तीन चार-चार व्यूज इकट्ठे चलाते हैं। या तो अपनी स्टेटमेंट वापस लें या मुझे उसका एविडेंस दे दें। हां दे रहा हूं दे रहा हूं। जी जी प्लीज और एक एविडेंस भी बोल सकते हैं जब बुखारी नहीं सर वो दूसरा रेफरेंस हम बाद में देखेंगे ना सर। पहले एक वक्त में एक एक एविडेंस जो आप बोला है उसको फाइनलाइज करें फिर उसके बाद दूसरे पे जाए मैंने तो दिखा दिए हैं अपने रेफरेंसेस अगर देखना चाहेंगे मैं दोबारा भी पढ़वा दूंगा इबने तबिया तो आपके सामने है वो कहता है ये बिल्कुल सही है वो लॉजिकली भी इसको प्रूफ कर रहा है कि बिल्कुल सही है आपने एक बुक पढ़ी ऑथर आपकी सर मुझे छोड़े मैंने कौन सी पढ़ी कौन सी पढ़ी मुझे आपने रेफरेंस देना है हम दोनों मिलके पढ़ना है। लाइव दिखा हां लाइव देखेंगे सर और क्या ऑफलाइव देखेंगे हम क्या दाई दाई लाइव नहीं सर दाईफ दिखाएं ना सर मैं कह तो रहा हूं मुझे दिखाएं कि वो जफ है उसने सारी की सारी चेन्स को जईफ कहा है क्योंकि इसकी तो चेंज ही बहुत देर सर 14 15 ये तो मतवातुर से आई हुई है तवातुर से आई हुई है यह कोई एक आधी तो है नहीं ज्यादा चेंज होने से वो हदी नहीं ओ भाई मैंने आपको क्या कह रहा हूं कि मुझे सारी चेन्स को जफ दिखा दें कि सारी चैन जफ है और मैं आपको क्या बोल रहा हूं नहीं जी साहब आप देखिएगा के इनके मुताबिक जनाब 17वीं सदी के अंदर एक बंदा आया है उसने कहा कि सारी की सारी जईफ है और तिबरी झूठा है इबने इबने हाजर असलानी झूठा है और ये जो इस बंदा बात कर रहा है ना वो वाला सच्चा है वैसे सल साहब एक ये एक चीज ज़हन में रखिएगा स्टम नहीं स्ट्रोमैन नहीं कहते इसको गधे ये अर्ली स्कॉलर्स अर्ली स्कॉलर्स व मैंने कब बोला हजर झूठा है तो फिर इबने हजर ने तो बोला है कि सच्ची है ये तो मिस्टेक करते है ना इबने तमिया ने तो बोला इब्ने तमिया तो कह रहे हैं सच्ची है तो क्या हुआ मिस्टेक मिस्टेक हो सकता है। इबने तमिया देन एक्सेप्टेड द हिस्टोरिसिटी ऑफ द सैटानिक वर्सेस इंडिकेटेड तो वो तो इसकी हिस्टोरिसिटी को 100% सही मान रहा है। तो आप कह रहे हैं कि कोई भी मिस्टेक कर सकता है। तो अगर 10 बंदे कह रहे हैं सही है और एक बंदा कह रहा है गलत तो मैं तो यही कहूंगा कि जो एक बंदा कह रहा है गलत है वो उसको वो मिस्टेक कर गया। हालांकि वो नहीं कह रहा। हालांकि वो नहीं कह रहा क्योंकि वो हालांकि वो नहीं कह रहा कि सारी की सारी चेन गलत है। उसने ऐसा नहीं कहा हुआ। सिलसिला तो ब्राइट है वरना हां जी सर दिखाइए ना मैं देखूं किस कितनी चैन को उसने सही कहा है प्लीज दिखाइए सर आपने तो ये वापस ले लेंगे क्या आप कमेंट किया था। मैंने कभी नहीं बोला कि इबने तैमिया झूठा है। आप ही ने बोला नहीं सर अगर अगर बात सुने ना अगर आपका स्कॉलर कह रहा है कि जफ है। इबने तैमिया कह रहा है सही है तो फिर इसका मतलब है आपके आपके स्कॉलर के मुताबिक इबने तैमिया झूठ है। इबने तैमिया मिस्टेक बनाए। नॉट नेसेसरी झूठ है। सर तो फिर आपका स्कॉलर भी तो मिस्टेक बनाया है ना। नॉट नेसेसरीली कि उसने उसने कह दिया कि गलत है। उसको मिस्टेक हो गया। फिर फिर तो देखो अगर आपका स्कॉलर सही है तो इब्ने तमिया झूठा है। फिर वरना आपके स्कॉलर को भी सेम मिस्टेक हो सकता है। मुझे उसका एविडेंस चाहिए। ठीक है। सो हदीस को वीक बना निकाल दे सर। निकाले ना सर। रेफरेंस निकाले ना खोलते हैं ना सर। 22 सर रेफरेंस सर लिंक दीजिए भाई हेलो भाई लिंक दीजिए ना जहां से पढ़ रहे हैं जिस आर्टिकल से हां जी जल्दी दें जल्दी दें भाई आज के दिन में अरबी को मुंह को तोड़ मरोड़ के पढ़ने से ना वो इंसान सच्चा साबित नहीं हो जाता हमारे यहां पे ये रिवायत नहीं चलती कि जो बंदा अरबी को तेरोड़ मरोड़ के बहुत हलक से आवाज निकाल दे तो उससे हम उसकी उसकी सदाकत हम नहीं मानते। हम रेफरेंस के सामने देख के सदाकत मांगते हैं। अब ओपन कर सकते हैं। सदाकत भाई भाई साहब जिस वो लिंक प्राइवेट चैट में भेजें मैं उसे ओपन कर दूंगा ना भाई। अरे यार मैं फोन में काम कर रहा हूं। कैसे निकाले बोल जिस तरह आप कहीं ना किसी से तो देख के पढ़ रहे हैं वो लिंक मुझे प्राइवेट चैट में फेंके देखते हैं ना कि आपने बुक खोली हुई है या आर्टिकल खोला हुआ है किसी डंगर का सारी दुनिया देखे है कि आप कुछ नहीं सर वो मैं बाद में बताऊंगा आप जरा भेजिए जरा लिंक भेजें लिंक भेजें अभी अभी मैं दिखाता हूं लोगों को कि आप कर क्या रहे हैं क्या कर रहा हूं बोले अच्छा प्राइवेट चैट में कॉपी पेस्ट लगाए जरा। अरे यार मैं कंप्यूटर से देखता हूं। फोन से बात कर रहा हूं। सर ऐसा हो जाता है लोगों के साथ। जब हमारे से हम कहते हैं ना कि रेफरेंस दे दे तो फिर ऐसा ही होता है लोगों के साथ। आज तक नहीं ऐसा हुआ कि कोई बंदा वाकई कहे कि मैं ये देख रहा हूं और वो वाकई लिंक दे दे। क्योंकि असल में आप लोग असल किताब से देख नहीं रहे होते। तो कोई आर्टिकल पढ़ रहे होते हैं। ओके ओके ठीक है। आप डायरेक्ट खोल दीजिए ना खोल दीजिए ना सिलसिला तो भाई का जी सर प्राइवेट चैट में लिंक भेजें भाई साहब प्राइवेट चैट में लिंक भेजें मैं कोड दे रहा हूं ना लिंक से क्या ओ भाई मुझे लिंक चाहिए भाई मेरे पास मेरे पास टाइम नहीं है कि मैं जाके सर्च करूं क्योंकि मैं दुनिया को दिखाना चाह रहा हूं कि आप एक आर्टिकल पढ़ रहे हैं जो कि किसी उल्लू के पट्ठे ने लिखा है। आपने कभी भी इस रेफरेंस में जाकर खुद से नहीं पढ़ा। लिखा है यार कम ऑन एक्सक्टली तो आप अब आप मानते हैं ना कि आप आर्टिकल पढ़ रहे हैं नहीं नहीं वो किताब पढ़ चल जा बेटा फिर लिंक दे जरा फटाफट किताब का अरे यार समझ में नहीं आ रहा नहीं समझ में नहीं आ रहा ईमेल कर दे तू कंप्यूटर में बैठा है ना ईमेल कर एक्स muslim madamc@gmailcom ईमेल कर वो लिंक अब कंप्यूटर पे तू ईमेल तो खोल सकता है लिंक को कॉपी करके पेस्ट करके भेज सकता है भेज बोल अपना ये बोल gmail बोल ये सामने लिखा हुआ सामने लिखा हुआ है। स्क्रॉल में चल रहा है। एक्स मुस्लिम एडमम सीक्रेट gmail.com कर रहा हूं। करो शाबाश और दूसरा आर्गुमेंट भी बोल दो। वो बाद में बोलना। पहले एक खत्म करेंगे फिर दूसरे भी चलेंगे। पहले बोल दे दो। दो भी करेंगे। दो भी करेंगे। भाई साहब पहले एक खत्म करेंगे फिर दूसरे भी चलेंगे। नहीं नहीं बोल ना। क्या बोल रहा इतना डर क्यों रहा है? मैं डरता नहीं हूं बेटा। मैं डराता हूं। जैसा कि अभी तेरे कहोगे जैसे जमीन निकली थी जब मैंने कहा कि तुमने तुम्हारे स्कॉलर ने इब्नेमिया को झूठा करार दिया है और इब्ने हजर असलानी को झूठा करार दिया तो तेरे पैरों से नीचे से जमीन निकल गई थी तो अभी जरा लिंक भेजना जरा फटाफट अरे लिंक भेज ना यार स्टंग एंड स्टम ना कर लिंक भेज तेरा लिंक क्यों नहीं आ रहा अभी तक अब तो ईमेल करनी है कर रहा हूं क्या कर रहा हूं क्या लिंक लिंक क्या अभी सर्च करना शुरू किया लिंक भेज दे इतनी देर में तो लिंक क्या पूरा पैराग्राफ भेज दूं हम किताब का पीडीएफ भेज रहा हूं सर लिंक के साथ भाई साहब आप मुझे सिर्फ लिंक भेजिए हम किताब खोलेंगे उसके बाद आप पेज में बताएंगे हम उस पेज में जाके पढ़ेंगे जरा लिंक भेजिए ये भाई लोगों ये अब सर्च कर रहा है किताब साला इसलिए लिंक नहीं आ रहा गाली देना जरूरत है भाई लिंक दो ना भाई आधे घंटे से कह रहा हूं लिंक भेजो झूठे पे झूठा झूठे पे झूठ झूठ पे झूठ लिंक नहीं आ रहा अभी तक ईसा ने यह बोला था ईसाम ने ये बोला था अबे लिंक दे जो भी उसने बोला था तू लिंक दे झूठे इंसान बेगैरत लिंक भेज दे रहा हूं यार लो जी ये अब ये अब सर्च हो रहा है दोस्तों ये अब सर्च हो रहा है क्योंकि आर्टिकल पढ़ रहा था उस वक्त से अब सर्च कर रहा है किसी तरीके से कि इसको किताब मिल जाए लो देख लो ये अब सर्च कर रहा है किसी तरीके से इसको किताब मिल जाए बकबक कर बकबक बकबक से तेरा नबी वो करता था मुझे लिंक दे अगर तू सच्चा है तो हां दे रहा हूं दे रहा हूं चल जा निकल जा फिर गेट लॉस्ट दे रहा हूं दे रहा हूं वेस्ट ऑफ टाइम ले नहीं साहिल साहब यू अंडरस्टैंड के हाउ स्टूपिड एंड इडियट दे थिंक के एवरीबडी एल्सेस क्योंकि ये अपने मुल्लाओं की बातें सुन के स्टूपिड और इडियट बन जाते हैं। ये समझते हैं सारे ही इन्हीं की तरह के बेवकूफ और जाहिल हैं कि ये मुंह को टेरामेरा करके बोलेंगे तो इनकी बात जो है वो मान ली जाएगी बगैर रेफरेंस के 15 मिनट से जिस बंदे के सामने कंप्यूटर पर लिंक खुला हो वो 15 मिनट से लिंक ना भेज सके। ये इस वक्त अब सर्च कर रहा था कि जो किताब लिखी हुई है आर्टिकल में वो किताब इसको किसी तरीके से मिल जाए और यह उसका लिंक भेज दे। दिस इज हाउ डिसेप्टिव डिसीवर दी पीपल आर। यह फलाने ने कहा जी ये तो जई है। फलाने ने कहा ये तो जईफ है। फलाने ने कहा ये तो जईफ है। हां जी बाट साहब। जी अस्सलाम वालेकुम भाई। कैसे हैं? ठीक हैं। वालेकुम सर। ठीक है। जी जी शुक्र अल्लाह का। अमित भाई है इधर यह आप तो कोई पुराने हमारे एक बबल बट्ट आते थे आप तो उसके नाम को चोरी कर लिए वही है वही है नहीं नहीं मैं वही हूं अच्छा तो आपने तो इस्लाम छोड़ नहीं दिया था नहीं नहीं सर जी क्या मतलब नहीं नहीं सर जी मेरा तो ख्याल आपने इस्लाम छोड़ दिया था कब से नहीं नहीं सर आपसे तो मेरे ख्याल से एक दो दफा ही बात हुई है बस तो चले सर फिर ये बताएं कि ये आपके नबी क्या शैतानी आयत ले बैठे हुए और लोगों को भी शेयर करा रहे हैं। खुद भी शेयर कर रहे हैं। सर नबी कौन? साहब ये पुराने स्टाइल मोहम्मद को मानता ही नहीं है। अच्छा मोहम्मद को भी नहीं मानता। वाह क्या बात है। यानी कि ये वो रकीब की तरह का डंगर है। नहीं नहीं मोहम्मद मोहम्मद की बात नहीं। मोहम्मद रसूल है ना। मोहम्मद तो आप नबी की बात कर रहे हैं ना? मोहम्मद खाली रसूल है। नबी नहीं था। जी सर आप आप बताएं नबी लिखा हुआ है कहीं उन्हें? मैं पूछ रहा हूं आपसे कि वो नबी नहीं था। खाली रसूल ही था। जी जी रसूल है ना मोहम्मद और रसूल हर हर रसूल बाय डिफॉल्ट नबी नहीं होता। होते हैं लेकिन मोहम्मद की बात हो रही है ना स्पेसिफिक मोहम्मद की बात हो रही है ना? अच्छा अच्छा अच्छा अच्छा अच्छा। तो खातिमुल अंबीन कौन था? अंबन नहीं अंब खातिल अंब कौन था? हा अंब कौन था? नहीं नहीं सर वो आयत आयत आप दिखाएं ना जहां लिखा हुआ है। पूछ रहा हूं सर। कौन था वो? सर कौन सी आयत की बात कर रहे हैं आप? सर पता नहीं मैंने पूछा है आपसे कि सील ऑफ़ द प्रॉफिट खातिन कौन था? सिंपल क्वेश्चन है ये। मैंने आयत शायद बताया कि कुरान में लिखा है, फलानी जगह लिखा है। मैंने सिंपल क्वेश्चन किया है। यह कौन है? यह आयत पढ़ दूं जो आप कह रहे हैं। सर मैंने 33 पढ़ रहे हैं ना आपने आयत की बात की है आपसे। जी जी मैं तो आयत के बारे में पूछ रहा हूं ना आपसे कि कौन सी आयत में लिखा है ये? सिंपल सा सवाल किया। ये कौन है? खातिम नबीन है। कौन है? खात नबीन। जी नबियों की मोहर है ना? खतम का मतलब मोहर है ना? सील है ना सील ऑफ द प्रॉफिट तो जो जो नबियों की मोहर है वो खुद नबी नहीं है जी सर वो कैसे हो सकता है चल ठीक हो गया सर सर आप नबियों की मोहर है ना घर जाके सो जाइए सर सही ओ मैन उफ यार दोस्तों गधा होने के लिए ना मेरा मतलब है के कोई भी शर्त नहीं है आजकल लाइक गधा होने के लिए शर्त सिर्फ यह है कि आप इस्लाम को मानते हुए भी इस्लाम को ना माने। तो इट्स लाइक अनबिलीवेबल मैन। इट्स लाइक एक नई से नई गेमे चल रही है यहां पे और मैं हैरान हो रहा हूं कि यार ये इस्लाम की जितनी मर्जी शक्लें निकाल लें। इनको इस्लाम को छोड़ना ही पड़ेगा। उसके अलावा कोई ऐसी हरकत नहीं रहती है। लेकिन मसला पता है क्या है कि यह आई डोंट नो अबाउट दी। इडियट्रिसिटी हैज़ नो लिमिट। चलिए मैं आपको कुछ दिखा देता हूं सर ताकि लोगों को पता लग जाए। चूंकि इसकी 18 से 20 चेन्स हैं। नोबडी सेस कि सारी की सारी चेन इसकी सही हैं। मैं आपको ये एक चेन दिखा रहा हूं। इस चेन ऑफ नरेशन के मुताबिक अल्किस्तानी ने इसको लिखा है। उसने कहा हमें नहीं पता इसके ओरिजिन क्या है। लाहा असल हमें इसके ओरिजिन का नहीं पता। उसने इसको ना सही में डाला है ना उसने इसको जफ में डाला है। उसके बाद जनाब एक और चेन मैं आपको दिखाता हूं जो अब्दुल्ला बिन अब्बास के थ्रू एक और चैन आती है। यह भी कस्तानी अपनी रिवायत में लिखता है और यह कहता है कि यह रिवायत जो है वह जफ है। यह देखिएगा। कहता है कि यह वीक इंटरप्टेड चेंज के जरिए हमारे तक पहुंची है। अब क्योंकि इसकी 18 से 25 के करीब रवायतें बनती हैं तो इसको झूठों ने भी बोला हुआ है और इसको सचों ने भी बोला हुआ है। सो यू नीड टू अंडरस्टैंड के जब इतनी ढेर सारी रिवायतें होती हैं तो जरूरी नहीं होता कि सारी की सारी रिवायतें सही हो। ठीक है?

तो जरूरी नहीं होता कि सारी की सारी रवायत सही हो। सो देयर आर रवायतें जो कि इसकी सही भी हैं।

नाउ लेट मी गिव यू अ सही रिवायत। यह जनाब एक ऐसी रिवायत है जिसको कहते हैं रजालहु रजाल सही। इसके जितने भी चेन ऑफ नैरेटर्स हैं वह बिल्कुल सही चेन ऑफ नैरेटर्स हैं। यह अलहशमी की तरफ से आई है मुजम जवायत के अंदर और यह वही कह रही है कि सूर नजम पढ़ते हुए चलो इसको ट्रांसलेट कर लेते हैं। मैं आपको मल्टीपल दिखाता हूं सही रिवायतें। अल्लाह ताला मनात थर्ड के बारे में बात की। एंड व्हेन ही रीच्ड द वर्ड्स हैव यू कंसीडर्ड अदर देन ही सेड दोज़ आर द एग्जॉल्टेड गारानी क्रेंस इंटरसेशन इज़ होप फॉर फ्रॉम देम। द पॉलिथीस ऑफ़ मक्का हर्ड अबाउट देर एंड वर प्लीज विद इट द मच ऑफ़ गॉड मे गॉड ब्लेसिंग एंड प्लीज गॉड वगैरह वगैरह। सो नाउ ये जो है द मैन आर मैन ऑफ़ सही। बिल्कुल सही है।

अब देखिए ये जो है वो बता रहा है कि ये इट वाज़ इंक्लूडेड बाय अलबज़र अल्त तिब्रानी एन अलदैया इन गार्डियनशिप ऑफ़ फलाना विद द साइट। यह जनाब सातवीं जिल्द का 118 पेज है जो कि आपको मिल रहा है। इसको असयुती ने दुर मंसूर के अंदर भी प्रेजेंट किया और उसने भी इसको कहा है असनादे सही। यह अब बस सयुयुती है जो अपनी किताब दुम मंसूर के अंदर भी लिख रहा है। और वह भी इसको असनादे सही यानी के सही चैन के साथ लिख रहा है। यह देखिएगा। असयूती दुर मंसूर और यह कह रहा है कि यह बिल्कुल इसकी चैन जो है ऑथेंटिक चैन है।

बताने का मकसद यह है कि हमारे पास ये कुछ डंगर आते हैं जो कि मोमिन डंगर पहले आया था जो कि अपनी रेफरेंस नहीं दे रहा था क्योंकि वो आर्टिकल पढ़ के आया हुआ था और आर्टिकल पढ़ने वालों के साथ प्रॉब्लम ये होता है कि उन्होंने कंप्लीट रेफरेंसेस कलेक्ट की ही नहीं होते। उन्होंने देखा ही नहीं होता। वो एक आधी स्टेटमेंट देख के आके इन किसी भी चीज को जफ कराने की कोशिश कर रहे होते हैं। मैंने इबने तमिया की किताब से आपको क्यों दिखाया कि इसकी 18 से 25 चेस हैं ताकि आप लोगों को पता लग जाए कि ये एक ही चेन नहीं है जिसको जईफ या सही कह रहे हैं। दीज़ आर दिस इज़ ट्रांसमिटेड बाय मल्टीपल चेन्न।

और बात यह है कि झूठे बंदे ने भी इसको बताया और सच्चे लोगों ने भी इसको बताया। यानी कि यह इतनी वाइड स्प्रेड इंफॉर्मेशन थी के उस जमाने में भी झूठे लोग कह रहे थे यानी कि इस्लाम के बाद झूठे लोग कौन है? जो काफिर होंगे, जो मुशरिक होंगे, जो गलदे लोग होंगे वो झूठे हैं। वो भी कह रहे थे यार ये मोहम्मद कैसे नबी हो सकता है? जब इसने दूसरे खुदाओं के को अपने साथ मिला के मुशरिक पनाह किया। ऑब्वियसली वो इसीलिए बता रहे होंगे यह वाली हदीस। और सही लोग क्यों बता रहे जो कि अल सयूती ने बताया कि इससे साबित होता है कि मोहम्मद बड़े सच्चे किरदार का था कि अगर शैतान ने उसको बहका भी दिया था तो उसने यह बात बता दी थी। तो ये वाली हदीस जो है ये वाली रवायत जो है यह सच्चे और झूठे दोनों ने बयान की है कि मोहम्मद जो है एक पेगन हो गया था फॉर अ वेरी लॉन्ग टाइम और पेगन ही रहा था फॉर अ वेरी लॉन्ग टाइम।

यह असयूती ने जब बताया दुंसूर के अंदर तो दुर मंसूर के इसने मल्टीपल जगहों पे बताया। यह 10वें वॉल्यूम का 514 नंबर पेज है। उसने दुर मंसूर ने इसको अपनी ही किताब के एक और जगह पर भी इसको यूज़ किया है। सही असनात के साथ जो कि उसने यूज़ किया है 510 रकम पे। ठीक है? सो दुर मंसूर ने इसको मल्टीपल जगहों पे यूज़ किया है। 514 और 510 दो जगह पे। और सयूती जो है दुर मुस्लिम बता रहा है कि इसको मल्टीपल ओल्ड लोगों ने भी इसको यूज़ किया हुआ है और तिबरी ने भी इसको यूज़ किया हुआ है और सयूती ने भी इसको यूज़ किया हुआ है। तो मुख्तलिफ लोगों ने इसको यूज़ किया हुआ है।

सो द होल आईडिया इज़ कि ये इतना वाइड स्प्रेड इनफेशन था कि अर्ली स्कॉलर्स इसको रिजेक्ट नहीं कर रहे थे। नाउ आपके पास तिबरी है उसने कहा सही है आपके पास सयूती है उसने कहा सही है आपके पास इबने तमिया है उसने कहा सही है आपके पास इबने हाजर असलानी है उसने कहा सही है आपके पास इबने इशाम इब्न इसाक आ गए उन्होंने कहा इसको सही है आपके पास छह मेजर मेजर राइटर्स ऑथर्स अर्ली स्कॉलर्स और मिडिल लेवल के स्कॉलर्स अर्ली के बाद मिडिल क्योंकि इबने तइमिया 14थ सेंचुरी का बनता उससे पहले आपके पास इबने हजर असलानी 15वीं सेंचुरी का बनता है। आपके पास तिबरी जो है वो नाइंथ सेंचुरी का बनता है। आपके पास इबनेशाम जो है वो एथ सेंचुरी का बनता है। एंड आप यानी असयूती जो है वो एट्थ सेंचुरी का बनता है। तो आपके पास अर्ली स्कॉलर से लेके लेट मिडिल लेवल के स्कॉलर तक सब कह रहे हैं कि ये रवायत मल्टीपल जगहों पे यूज़ हुई हुई है। सही चैन से भी यूज़ हुई हुई है। गलत चैन से भी यूज़ हुई हुई है। दिस इज़ अब्सोलुटली सही रिवायत। तो जब एक रवायत इतने मेजर मेजर और इतनी गंदी रिवायत जो कि देखने भी गंदी लगती है तो जब इतने मेजर लोगों के अप्रूवल से निकल गई हो तो हाउ कैन यू से कि यार यह गलत है। मोहम्मद पेगन हुआ और इसने अपने सारे लोगों को पेगन किया फॉर एन एक्सटेंसिव अमाउंट ऑफ टाइम। इससे आगे कुछ भी नहीं।

अब आप मुझे बताएं कि कैसे आप इस बंदे पे यकीन कर सकते हैं जो एक दफा शैतान की बातें बता देगा वो हजारों दफा शैतान की बातें बताएगा। क्यों नहीं बताएगा? क्यों नहीं बताएगा? अच्छा इससे जो है एक और एक क्लेम मोमिनों का वो डिस्ट्रॉय हो जाता है। एडमम साहब मोमिन कहते हैं कि जो नबी होते हैं वो मेजर गुनाहों से पाक रहते हैं। अल्लाह की अल्लाह अल्लाह के साए में रहते हैं। साया वर्ड मैं यूज़ कर रहा हूं। मतलब अल्लाह के इसमें रहते हैं वो प्रोटेक्शन में गाइडेंस में तो ये ये उनका दावा भी जो है यहां पे गलत साबित हो जाता है क्योंकि यहां पे ही इस डूइंग दी मोस्ट मेजर क्या कहते हैं उसको गुनाह शेख जो है वो सबसे बड़ा गुनाह है अल्लाह उसको माफ नहीं करेगा तो रसूल अल्लाह ने वो वाला गुनाह किया आय हाय हाय तो ये बात भी बहुत इंपॉर्टेंट है ओह माय गॉड ओ माय गॉड ये तो सर देखिए ना ये के किस-किस लेवल से यार ये बचेंगे यार साहिल साहब और ये झूठ क्यों बोलते हैं साहिल साहब मुझे बताएं जो पिछला बंदा आके बार-बार कह रहे थे जी मैं आपको किताब देता हूं और अभी तक उसने लिंक ही नहीं दिया मैंने कहा लिंक दे दो नहीं दे सकता मैं तो कंप्यूटर में देख रहा हूं मैंने कहा कंप्यूटर से ईमेल आर्टिकल एक्सक्टली आर्टिकल में कुछ भी लिखा हो ये लोग मनो बोलना शुरू कर देते हैं जब हम कहते हैं रेफरेंस दो रेफरेंस देते नहीं भाई सारी की सारी जो सैयद चैन है उसको कोई जफ नहीं कह कोई नहीं कह रहा। सही। हां। वो हुज्जत जरूर प्रेजेंट कर सकते हैं। यार हुज्जतन तौर पे ये जईफ हो गई। ये नहीं कि सबकी चैन ही गलत है। क्योंकि सबकी चैन गलत नहीं है। लोग तो कह रहे हैं सही है। यार एडमम साहब ये बबल बट से जरा मैं थोड़ा बात करता हूं। नहीं उससे पहले नफीस अहमद को देख लो। अगर ये हदीसों क्योंकि बबल बट से मेरे को कांसेप्ट ऑफ अल्लाह पे बात करना है। क्योंकि ये कुरानिस्ट है ना। इसने आधा इस्लाम तो हदीसों को रिजेक्ट करके छोड़ दिया है। इसका बाकी का आधा भी मैं छुड़ाना चाहता हूं। लेकिन अगर नफीस अहमद हदीसों को मानने वाला है तो उससे पहले इस टॉपिक पे डिस्कशन हो जाए। हां जी नफीस साहब लिंक भेज रहे हैं। हेलो हां जी नफीज साहब एक्चुअली आवाज डबल डबल आ रही है। अभी जो वो साहिल साहब बोले ना YouTube बंद कर दे। पता नहीं क्यों ऐसा YouTube बंद कर देना। क्या बंद कर? YouTube ओपन है। YouTube चालू है तो बंद कर दीजिए। एक सेकंड एक सेकंड सर। हां अभी आ रही है आवाज सही। हां जी अब सही आएगी बेहतरीन। हां जी सर। क्या बात कर रहे हैं? मुसलमान है आप? हां जी। अभी तो है मुस्लिम ही है लेकिन आप लोग की वीडियो बहुत दिन से देख रहे हैं तो कभी क्या लगता है कि एक्स मुस्लिम बन जाए फिर कभी लगता नहीं एक्स मुस्लिम बन जाएंगे फिर लगता नहीं बहुत सारे क्वेश्चन उठने लगते हैं अगर मुस्लिम बनते हैं तो फिर उधर भी क्वेश्चन उठने लगते हैं ये का शिकार है जरा पहले इनसे जरा कर ले फिर इनसे शैतानी आयतों के बारे में आप भी पूछ ले मैं जरा म्यूट करता हूं नहीं नहीं नफी साहब साहिल सर से पूछो हां नाम है साहिल सर जी आपसे थोड़ा ये जैसे मतलब अपुन को क्या रहता है थोड़ा प्रॉब्लम में आते हैं कभी-कभी लगता है ना कि एक्स मुस्लिम अच्छा उससे पहले ना एक बार एक बार दरूद शरीफ पढ़ के सुना दो ताकि टेस्ट हो जाए फिर मैं आपके आपके सवाल का जवाब दूंगा दरूद शरीफ अल्लाह सला मोहम्मद मोहम्मद कमा सला इब्राहिम इब्राहिम इनका हमद मजीद काफी है और भी नहीं ठीक है जी भाई क्या लगता है आपको नहीं नहीं ठीक है। हां नहीं कई बार देखते हैं ना आपकी वीडियो मैं बहुत देखता हूं। ऐसा सब कुछ देखता हूं तो उसमें आप क्या होता है किसी मोमिन से बात करते हैं या किसी भी मुस्लिम से ऐसा बात करते हैं और वो एंड में आपकी जो भी टॉपिक रहती है उस पर जब डिस्कशन होता है आपका मान लीजिए आप ज्यादातर तो ऐसे ही होता है 99% कि आप ही उसमें आगे निकलते हैं। ठीक है? फिर लास्ट में आप क्या बोलते हैं? देख भाई मेरी बात मान मतलब मुस्लिम का जो भी है इस्लाम छोड़ और इंसानियत पे आजा। हम आप ये डायलॉग मारते हैं। मैं कई बार सुना हूं। इंसान बन ओके हम ये होता है ना सर आप हां हां बोलिए ना आगे बोलिए। हां हां मैं जानना चाहता हूं कि मतलब आप इंसानियत की डेफिनेशन क्या लेते हैं? मतलब किस बात को बोलते हैं आप इंसानियत? अच्छा मतलब आपको इंसानियत क्या होती है? ये आपको खुद से समझ में नहीं आ रहा है। नहीं मेरे को जो समझ में आता है वो मैं जानता हूं। आप क्या समझते हैं मतलब आपकी तरफ से क्या रहता है उसी आप मेरे को लगेगा कि आप जो बता रहे हैं अगर मैं उसी रास्ते में होता एक काम करते हैं। जी एक काम करते हैं। आप किसको इंसानियत समझते हैं वो बता दे और मैं अपनी बता देता हूं। दोनों की मैच होती है नहीं होती है। उस पे फिर डिस्कशन कर लेंगे। आप किसको इंसानियत समझते हैं? है ना? मैं या तो उसको एग्री करूंगा या तो डिसएग्री करूंगा। हां हम मेरे हिसाब से कोई भी ऐसा काम करे एक इंसान कोई भी एक ऐसा काम करे जिससे किसी भी जहां तक पॉसिबल हो तो इंसान को तो बिल्कुल भी तकलीफ नहीं होनी चाहिए और इसके अलावा कोई जानदार चीज जैसे पेड़ है जीव है कोई भी जानवर है उसको भी तकलीफ ना हो आपकी किसी भी हरकत से आपकी किसी भी बात से सर टोटली एग्री विद यू हम दोनों सेम सेम प्लेटफार्म पे ठीक है ना तो मैं आपके आपके अलावा भी मतलब और बहुत सारे लोग रहते हैं जो मतलब ये एक्स मुस्लिम का ये चैनल चलाते हैं। मैं मैक्सिमम सभी तो जाता हूं सब पे यही बात होती है कि मतलब इंसान बनो इंसानियत बनो। है ना? हम लेकिन मैं इंसान इंसानियत बनने के ऊपर तो आता हूं लेकिन फिर जब सोचता हूं तो फिर क्या होता है कि ऐसा लगता है कि इस्लाम में भी तो यही चीजें हैं। सर जब आपने जब मेरी बात सुनो ना मेरे प्यारे भाई जब आपने कहा कि मैं आपकी बहुत सारी वीडियोस देखता हूं और 99% टाइम पे आप यही देखते हैं के मोमिन के पास जवाब नहीं होता है। गलत साबित होता है। तो सर फिर आपको इस्लाम में इंसानियत कैसे नजर आती है? गलत ऐसा नहीं होता है कि वह गलत साबित हो जाए। उसके पास नॉलेज ही नहीं होता है। क्यों? क्यों? क्योंकि देखिए आपके पास नॉलेज है। नहीं नहीं मेरे पास भी बहुत ज्यादा नॉलेज नहीं है। अगर मेरे पास नॉलेज होता तो आपको कैसे ये पता चला कि सामने वाले के पास नॉलेज नहीं है। क्योंकि वो जवाब नहीं दे पाता है। भाई उसका मतलब यह भी तो हो सकता है कि उसका जवाब नहीं है। यह थोड़ी ना कि वो नॉलेजेबल नहीं है। उसके इसका मतलब होता है उसके पास जवाब नहीं है। क्योंकि देखिए मैं जो बताता हूं वह तो रेफरेंस के साथ बताता हूं। एडमम साहब जो बताते हैं वो रेफरेंस के साथ बताते हैं। तो जवाब नहीं है ऐसा तो उसको पता नहीं ऐसा थोड़ी ना है। उसके पास जवाब नहीं होता है और गलत को सही साबित नहीं किया जा सकता है। सिंपल सी बात है भाई। हां भाई अफी साहब यार मेरा इंटरनेट तो नहीं गया नहीं आवाज इंटरनेट नफीस का गया नफीस की आवाज नहीं आ रही यार सवाल ऐसा पूछोगे तो इंटरनेट ही जाएगा ना गया इंटरनेट यार मतलब गेम गेम खेलने के लिए तुम आते हो तो मैं बोल चुका हूं यार गेम खेलने के लिए बिल्कुल नहीं आना क्योंकि इस गेम के उस्ताद है हम। ओके बबल भट्ट साहब आए। जी बबल भट्ट साहब जी सर कैसे हैं साहिल भाई? ठीक है आप? मैं ठीक हूं सर। आप कैसे हैं सर? जी अल्हम्दुलिल्लाह शुक्र अल्लाह का। जी हुक्म करें सर। अच्छा अच्छा ये बताओ बबल बर्ड आप हो पुरानी। ठीक है और आपके हिसाब से जो हदीसों को मान रहे हैं उन्होंने इस्लाम का बेड़ा गर्क किया हुआ है। सर जी कह सकते हैं कि जो कुरान में बात लिखी हुई है ठीक है वो हदीस में लिखी भी हो सकती है लेकिन उसको हम सही कहेंगे लेकिन हमारा बिलीव जो होगा वो तो आयत पे होगा ना सर आयत पे होगा और बिलीव रहेगा तो वो तो हदीसों को फिर मानना पड़ेगा ना आपको और आप तो हदीस को आउटराइटली रिजेक्ट करते हो नहीं सर जो कुरान में हदीस है असल हदीस जो है उसको मानते हैं ना हदीस का जो बेसिकली मीनिंग है वो तो वाकया क्या है ना सर इंग्लिश में नरेशन बबल बट देखो यार देखो ना तुम बच्चे हो ना मैं बच्चा हूं ठीक है ना ऐसा है कि मुझे पता नहीं है कि मैं क्या बोल रहा हूं ठीक है सर मैं जब हदीसों की बात कर रहा हूं तो मैं वो हदीसों की बात कर रहा हूं जो कुरान नहीं है ठीक है मुसलमानों के नजदीक जो हदीस है जो रसूल्लाह की बातें रसूल्लाह का अमल जिसको नकल किया गया है मैं उनकी बात कर रहा हूं ठीक है जिनको मुदिसों ने नकल किया अपनी किताबों में मिसाल के तौर पे बुखारी है इमाम बुखारी है इमाम मुस्लिम है इमाम अबू दाऊद है इमाम अहमद बिन हंबल है मालिक बिन अनस है है ना तो मैं उनकी बात कर रहा हूं आप उन हदीस को आउटराइटली रिजेक्ट करते हो राइट सर वो इस वजह से के उन उनके बारे में के बारे में जी मैं वजह नहीं पूछ रहा हूं मैं कह रहा हूं कि आपकी जो आईडियोलॉजी है उसमें आप हदीसों को आउटराइटली रिजेक्ट करते हो। ठीक है? और इसके बरक्स जो 99% जो मुसलमान है वो अहदीस को मानते हैं और उनके नजदीक आप जैसे लोग पक्के घूम रहा है। पक्के टक्के घूम रहा है। ये बात आपको पता है ना? जी बिल्कुल। और आपके नजदीक वो लोग घूम रहा है। क्योंकि उन्होंने हदीसों को ले पूरा इस्लाम इस्लाम का बेड़ा गर्क कर दिया। मोहम्मद साहब को पीडोफाइल उससे साबित हो गए और क्या-क्या नहीं साबित हुए तो आप उनको गलत मानते हैं। सही सर गलत मानने की बात नहीं है। अब देखा जाएगा ना सर जी कि क्या बात सही है क्या सही नहीं है। भाई मैं ओवरऑल पिक्चर की बात कर रहा हूं। मैं उसके अंदर नहीं घुस रहा हूं कि उनकी क्या बात सही है क्या बात सही नहीं है। ओवरऑल जो है वो आपके आप तो उनके नजदीक पक्के घूम रहा है। ठीक है? थोड़ा बहुत भी नहीं के मैं ये देखूंगा वो देखूंगा नहीं कुरानिस उनके नजदीक पक्के गुमराह है पक्के टक्के बेवकूफ और पक्के गुमराह है और आपके नजदीक वो लोग घूम रहा है ठीक है सर मेरे नजदीक आप बात ना करें ना मेरे नजदीक कौन घूम रहा है कौन तो वो सही रास्ते पे है सर देखें मुझे नहीं पता मुझे तो मेरे अपने बारे में पता होना चाहिए ना मुझे तो मेरे अपने बारे में पता होना चाहिए ना तुमको एक्स मुस्लिम का भी फिर नहीं पता जब तुमको अपने मुसलमानों का नहीं पता दूसरे फिरको वालों का तो तुमको एक्स मुस्लिम का कैसे पता होगा? क्यों आते हो इधर? नहीं एक्स मुस्लिम से तो थोड़ी बहुत आप लोगों से बातचीत हुआ करती थी। वो इस वजह से यहां पर आता हूं के थोड़ी सी आजादी यहां पर फील होती है क्योंकि आपको पता है यहां पाकिस्तान में फ्रीडम स्पीच नहीं है। नहीं नहीं फ्रीडम ऑफ स्पीच सिर्फ पाकिस्तान में नहीं है। पाकिस्तान की बात नहीं है। तुम जैसे लोग इंडिया में जो है ना मुझे पता है यहां भी पुराने श्लोक है। एक% से भी कम है लेकिन है कुरान श्लोक। तुम जैसे लोग अगर मस्जिद में जाके इस तरीके की बात जब करते हो ना कि हम हदीसों को नहीं मानते हम कुरानी से तुम्हारी पिछवाड़ी लाल करके वो लोग भेजते हैं। ठीक है? तो सिर्फ ये पाकिस्तान की बात नहीं है। ये हर जगह की बात है। ठीक है? तो ये बात आपने बिल्कुल अच्छी कही है कि तुम लोग इस वजह से यहां पे आते हो क्योंकि हम तुमको एंटरटेन करते हैं और तुम्हारे जो 90% 99% जो मुसलमान है वो तुम लोगों को एंटरटेन नहीं करते बल्कि अगर मौका मिले तो तुम्हारी पिछवाड़ी सुजा के मस्जिद से भगाएंगे वो। ठीक है मेरे भाई लेकिन क्योंकि आप ऑनलाइन बात करते हैं आप फेस टू फेस नहीं जा रहे हैं तो आप इन मुफ्तियों के चैनल पर जाके क्यों नहीं बात करते भाई तुम हदीसों को किन बुनियाद पे मारते मानते हो अल्लाह ने तो कोई हुक्म नहीं दिया हदीसों को मानने का तुमने रसूल्लाह को हदीस की बुनियाद पे जो है वो पीडो फाइल साबित करके बैठे हो ये तुम वहां पे क्यों नहीं जाके डिस्कशन करते हो तुम यहां पे आके हमारे साथ डिस्कशन क्यों करते हो ये मेरे को आज तक समझ में नहीं आया सर डिस्कशन वो किताब पे करते हैं ना कुरान पे करते हैं मतलब कुरान क्यों नहीं करते हो वो पूछना उन लोगों के साथ क्यों नहीं करते हो जाके आपका फर्ज ये बनता है कि आप वहां जाए पहले उनको अपना तरीका समझाए बताए उनको अपने सेम पेज पर ले आए और उसके बाद अगर आप इधर आके हमसे बात करें तो समझ में भी आए आप लोग वहां जाते नहीं हो उसकी बिल्कुल साफ वजह है कि वो तुमको एंटरटेन करेंगे नहीं दो गाली देके भगा देंगे ऐसा ही है बिल्कुल और ना ही तुम उनको ना ही तुम उनको गलत गलत साबित कर पाओगे। ठीक है? तो ये एक चीज जो है मैं जो व्यूअर्स हमारे सुन रहे हैं उनकी नॉलेज के लिए ये बात मैंने अभी आपसे कही है क्योंकि आप जैसे लोगों की क्या हैसियत है इस्लाम में या मुसलमानों में ये लोगों को पता रहना जरूरी है। खैर यार किसके वहां से बैकग्राउंड से नॉइस आ रही है? अमित जरा थोड़ा म्यूट करो। बबल भट्ट के वहां से आ रही है? बबल भट्ट के य से आ रही है। अच्छा बबल भट्ट के आवाज ज्यादा आ रही है। नहीं आवाज तो ज्यादा है। दैट इज फाइन। कुछ करपुर करुर आवाज भी आ रही है। देखिए अब तो नहीं आ रही। हम नहीं अभी मैं मैं कर दिया ऐसे अभी नहीं आएगी। जी तो बबल भट्ट साहब क्योंकि आप हदीसों को मानते नहीं है। इस वजह से मैं ये सारी चीजों में टाइम वेस्ट नहीं करना चाहता। आप आते इस्लाम हमारी नजर में तो छोड़ चुके हो। हम कासेप्ट ऑफ अल्लाह पर बात करते हैं। ठीक है? क्या कांसेप्ट ऑफ अल्लाह इस्लाम का जो कांसेप्ट है अल्लाह का वो रैशन है या इरशनल है? हम इस पर बात कर लेते हैं। रेडी है आप? जी सर। ओके बबल भट्ट साहब मुझे ये बताएं के मैं एक काम करता हूं। मैं नोटपड भी ले आ जाता हूं ताकि आपकी सारी बात जो है ना वो इसमें नोट डाउन होते रहे और फिर आप जितने बार अपने स्टेटमेंट चेंज करेंगे वो यहां पर नोट डाउन होते रहेगा। एक मिनट ओके जी साहब मुझे बताएं के आपके अल्लाह ने ये पूरी पूरा स्पेस या कायनात आप आप ले ले ये क्यों बनाया बस सवाल खत्म हो गया सर हां सवाल है लिख दिया मैंने तो ये तो जाहिर सी बात बनाने वाला सर ये बनाने वाला बेहतर जानता होगा ना सर उसने क्यों बनाया मतलब आपके पास इसका जवाब नहीं है सर हम उसके एक्शन के बारे में सवाल नहीं कर सकते ना। हम तो खुद क्रिएटेड बीइंग है ना सब। नहीं आप मुसलमान है। आप नहीं कर सकते। मैं मुसलमान नहीं हूं। मुझे अल्लाह पे यकीन करने के लिए क्योंकि अल्लाह आसमान पे दिखता नहीं है। ठीक है? अगर

दिखता होता तो मैं इस तरीके के सवाल नहीं करता अल्लाह से कि यार दिख भी रहा है उसके बाद क्या है? है ना? वो दिखता भी नहीं है। उसको साबित भी नहीं किया जा सकता। तो आपका जो कांसेप्ट है उस पर सवाल उठाया जाएगा। आया ये कांसेप्ट जो है वो रैशन और लॉजिकल नजर आ रहा है या नहीं नजर आ रहा है। तो हम तो सवाल करेंगे या तो अपने अल्लाह को भेज दो या तो फिर यहां पे आके इस्लाम को डिफेंड नहीं करो घर पे आके सो जाओ तो आप बताइए क्यों बनाया अल्लाह ने सर मेरे हिसाब से आपको ये सवाल बेहतर तरीके से ये पूछना चाहिए के आपको क्यों बनाया या मुझे क्यों बनाया ये कायनात जो बनाई है भाई मैं तो डॉट हूं मैं तो वो क्या कहते हो एक प्रोटोन के डॉट इन द सन डॉट इन द सन डॉट भी बहुत बड़ी बात है आबिदा एडम साहब डॉट तो छोड़ दो मैं तो प्रोटॉन के उतना भी नहीं हूं पूरी पूरे स्पेस में गॉट इट अंडरस्ट इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन न्यूट्रॉन होता है ना एडमम साहब अब्सोलुटली अब्सोलुटली समझ गया मैं समझ गया बिल्कुल ऐसे ही हां हां तो मेरी तो हैसियत ही नहीं कोई मैं तो उस चीज के बारे में कर रहा हूं जो के हां बहुत बड़ी है जी पहले उसका मेरे को सवाल का जवाब आप लोगों की चालाकी मेरे को बहुत अच्छे से पता है मेरे भाई तो मैं कभी भी शुरू से शुरू करता हूं।

सर सर मैं कोई चालाकी नहीं करता। मैं सिर्फ स्ट्रेट आप बहुत सर आप जो है ना सर आप महान है इसका जवाब दे दे प्लीज या तो अपने अल्लाह को भेज दे। सर यह वाला जो सवाल है मैं आपको पहले भी कह रहा हूं कि यह जिसने बनाई है उसको बेहतर पता होगा ना कि उसने क्यों बनाई अब मैंने तो नहीं बनाई ना जो आप मेरे से सवाल पूछ रहे हैं नहीं आपको भाई वो तो दिखता नहीं है ना मेरे को जानना है इसका क्या करूं मैं सर वो मुझे भी नहीं दिखता मैं भी नहीं उससे पूछ सकता तो फिर इसका क्या करें फिर ये कैसे मालूम पड़ेगा इट्स अ वैलिड सवाल नॉट एन इनवैलिड क्वेश्चन इज इट इज इट नॉट अ वैलिड क्वेश्चन सर होगा लेकिन इसकी आप आपकी लाइफ पे क्या इफेक्ट करता है यह वाला क्वेश्चन? भाई तो अगर आपको पता चल इस बात से मेरी लाइफ में तो इस बात से भी इफेक्ट नहीं करता कि खुदा है कि नहीं है। हां बिल्कुल बिल्कुल ऐसे ही है। लेकिन लेकिन जो आपका वजूद आप लोग को आप लोगों भाई फिर आप मेरे वजूद पे आ गए। अगर आप मेरे वजूद पे आप क्वेश्चन करेंगे तो मुझे मेरे वजूद से पहले इस स्पेस और इस पूरी कायनात के वजूद पे मुझे जो है ना क्वेश्चन करना है कि क्यों बनाया सर? क्यों बनाया? ये तो क्वेश्चन अगर आप करते हैं तो ये मुझे नहीं पता। ठीक है? पहले ये बताओ कि इज इट अ वैलिड क्वेश्चन और नॉट? सर मेरे हिसाब से ये वैलिड क्वेश्चन आपके हिसाब से तो हो सकता है लेकिन मेरे हिसाब से इस वजह से नहीं हो सकता है क्योंकि अब तो ये बन गई ना कायनात। ठीक है। अब तो इसमें हम आ गए हैं। तो अब आगे क्या होना है वो सोचना चाहिए ना हमें। तो ये तो हो चुका ना। मुसलमानों को तो तुम तुम जो है वो काफिरों को मुसलमानों को ये सवाल नहीं करते कि यार तुम कभी सोचते नहीं हो कि तुम इस धरती पे क्यों हो तुम पैदा हुए हो तो ये अगर तुम तुम जब अपने आप के लिए सोच सकते हो तो मैं इस कायनात के लिए क्यों नहीं सोच सकता हूं और ये फिर इनवैलिड कैसे हो गया सर आप बिल्कुल सोचे मैं इसीलिए आपसे कह रहा हूं कि ये आपके लिए वैलिड होगा लेकिन मुझे इस चीज की जरूरत इस वजह से महसूस नहीं होती तो मेरे इस वैलिड क्वेश्चन का जवाब कौन देगा सर वो तो अल्लाह ही देगा ना सर सर लेके आ क्योंकि उसी ने बनाया ना का लिंक आपके पास स्ट्रीमार्ड का लिंक है ना सर स्ट्रीम यार्ड का लिंक है बिल्कुल है देख जब आप मरने के बाद जब अल्लाह के पास जाएंगे तो आप पूछ लीजिएगा फिर वही मरने मारने की बात नहीं मरने के बाद अल्लाह के पास जाएंगे इसका सबूत क्या है इसका सबूत क्या है फिर वही मरने वही जवाब नहीं है मरने के बाद पता चल जाएगा फलाना ढिमकाना मतलब आपके पास इसका आंसर कोई बात नहीं दोस्तों देखो पहली कड़ी एडमम साहब पहली कड़ी में भाई जो है बबल बट बट इनका जो है वो खुश हो गया ठीक है कोई मुश्किल नहीं हम आगे बढ़ेंगे ओके ओके जी भाई इंसानों को क्यों बनाया अल्लाह ने अब इसके बारे में तो इन्होंने कहा था इसका जवाब है इनके पास हां ये दे दे इसका जवाब तो है इनके पास। इन्होंने बोला इसका जवाब है इनके पास। सर मैं आपसे यह कहना चाह रहा था उस वक्त भी कि हमें पूछना यह चाहिए कि हमें क्यों बनाया? मैं ये आपसे पूछना चाह रहा हूं। आपसे पूछ रहा था। ओ भाई पूछ रहा है वो। अब उसका जवाब दें। पूछ रहा हूं। इंसानों को क्यों बनाया? आप आप अपनी बात करें ना या मेरी मैं बात करूंगा। अरे इंसान की बात क्यों बनाया? तुम इंसान नहीं हो क्या? नहीं जानवर है सर जानवर है ये जानवर है ये जानवर है सर अच्छा ये बेहतर नहीं हो सकता कि हम सूर इसरा 17 पे और 88 आयत में बात करें चलो नहीं सर असल में देखिए मेरी बात सुने बबल बैठ एक मिनट सर ये इस सवाल से बात खत्म हो गया यार खत्म हो गया तो तुमको बात करना है कर लो मैं जाहिलों से क्या बात कर यार साहिल खुद सोचे यार के मुझे तो सिर्फ ये बता दे कि यार ये जो कुरान को मानते हैं कि कुरान अल्लाह की कलाम है ये इनको कहां से मिली है कुरान ये आप ये आप डिस्कशन करना इनसे क्योंकि मैं चाहता हूं भाई अच्छे भाई है और बहुत दिन के बाद है तो मैं ये नहीं चाहता हूं एडमम साहब के ऐसी इनको भगा दिया जाए लेकिन एडमम साहब ये आप सवाल से पहले एक चीज फिर से यहां पे साबित हो गई एडमम साहब के कांसेप्ट ऑफ अल्लाह पे कोई मुफ्ती कोई मौलाना कोई मुजद्दिसद कोई मुद्दिस कोई इस्लामिक फिलॉसफर, कोई इस्लामिक इंटेलेक्चुअल बल्कि इनके नबी बल्कि इनका अल्लाह भी अगर आ जाए यार कुरान इसकी तो कोई हैसियत ही नहीं है। एडमम साहब ऊपर उठ चुका हूं। मैं कहता हूं इनके नबी बल्कि इनका अल्लाह भी अगर आ जाए साहिल से डिस्कशन करने के लिए वो इस मौजू पे इस टॉपिक पे वो हार के चला जाएगा। आय हाय हाय ये बात मुफ्ती के साथ भी वही हुआ। उससे पहले जो मुफ्ती की क्लिप पड़ी है कॉल डिस्कशन वो पड़ा हुआ है। अब कुरानिश भी हार मान चुका है। तो ये पॉसिबल ही नहीं है कि कोई आए और कांसेप्ट ऑफ अल्लाह पे साहिल के सामने टिक सके। आय हाय है अगर कोई तो भाई आई एम रेडी। ना सर। कोई नहीं कोई नहीं। कोई नहीं। रात के हो गई आपकी। कोई नहीं। चलो अभी एडमम साहब ये नोटपैड हटा देता हूं एडमम साहब। आप रहने दे रहने दे सर रोड पे रहने दे आप हेल्प करें हां आप हेल्प करें जी जी मैं हेल्प करता हूं ये जो कुरान जिसको ये दिल से लगाए बैठे हैं ये इनको कहां से मिला और इसकी ऑथेंटिसिटी इनको कैसे पता है आउटसाइड द कुरान मुझे एविडेंस दे क्योंकि कुरान हमें इसी कुरान को तो यूज़ नहीं कर सकते टू प्रूव दी कि ये कुरान कुरान इनको मिला कहां से कैसे मिला और इसकी ऑथेंटिसिटी क्या है ये इतना काफी है सर विदाउट विदाउट दी कुरान जो है वो वो कैसे ऑथेंटिक हो सकती है देखिए मेरी बात सुनिए ना विदाउट द कुरान अगर जाएंगे तो फिर वो आपके लिए ऑथेंटिक कैसी होगी बात? भाई साहब अगर आपने किसी किताब को ऑथेंटिक साबित करना है तो आप उसी किताब को यूज़ नहीं करते टू प्रूव इट ऑथेंटिसिटी। सर मेरी बात सुने। आप ठीक है। आप कह रहे हैं कि भ इस कुरान की ऑथेंटिसिटी मैं आउट ऑफ द बुक यानी कि बताऊं आपको। तो फिर उस किताब को कैसे आप ऑथेंटिक मानेंगे? मैं ये पूछना चाह रहा हूं आपसे। भाई आप इस किताब को ऑथेंटिक कैसे मानते हैं? क्या एविडेंस क्या है? क्या? अच्छा चल ऐसा करते हैं। पहले चेंज करते हैं साहिल साहब। सवाल हाउ डज़ ही प्रूव अ बुक टू बी ऑथेंटिक? चल ये बताएं इसका जवाब दें। एनी बुक नॉट जस्ट कुरान एनी बुक। सर देखें मेरी बात सुने। हम हमें ये कहां से पता चलता है कि ये बुक किसकी है? असल सवाल ये हमें करना चाहिए। आपको आपको जवाब देना है भाई। उल्टा सवाल ना करें। सर जो हाउ डू यू प्रूव सवाल सुने गौर से। हाउ डू यू प्रूव एनी बुक टू बी एन ऑथेंटिक बुक? ऑथेंटिक बुक वही होनी चाहिए ना कि जिसमें कोई शक ना हो। यही मैं आपसे पूछ रहा हूं के आप ऑथेंटिक उसी बुक को मानेंगे जिसमें कोई शक ना हो। शक किस तरह निकलता है किसी किताब में? शक डाउट है सर जी। डाउट तो डाउट कैसे निकलेगा किसी किताब के बारे में? सर मैं यह कहना चाह रहा हूं आपसे जो इस बुक का वंस अगेन फिर वही बात फिर वही बात अभी ऑथरशिप पे गए हम बुक के ऑथर इसका कोई भी हो इरिलेवेंट राइट नाउ क्वेश्चन इज हाउ डू यू वैलिडेट अ बुक टू बी ऑथेंटिक सर यही मेरे पास तो यही जवाब है के मेरे पास तो यही जवाब है कि उसमें कोई शक नहीं होना चाहिए है सर शक नहीं होना चाहिए। नहीं किसी भी तरह का शक नहीं होना चाहिए। किसी भी तरह का शक नहीं होना चाहिए। कुछ पांच पांच उसके क्राइटेरिया बताए कि ये वाले शक उसके अंदर नहीं आना चाहिए। सर एग्जांपल के लिए तो फिर बुक में ही जाना चाहिए। बुक में जाना पड़ेगा ना। फिर आप तो उसको ऑथेंटिक नहीं मान रहे ना। बुक में तो बाद में जाओगे। पहले भाई बुक में तो बाद में जाओगे। पहले क्राइटेरिया तो सेट हो जाए ना। बाद में उस क्राइटेरिया को आप तो क्राइटेरिया आप बता रहे हो। यार सवाल तुमसे तुम हमसे क्यों पूछ रहे हो यार? सर मैं आपसे मैं आगे उसे प्रोसीड कर रहा हूं ना मैं आगे उसे प्रोसीड कर रहा हूं। सर मैं आगे उसे प्रोसीड कर रहा हूं। अरे बाबा तू अरे सर सर कुरान आप मुझे कह रहे हैं मैं तो नहीं कह रहा अपने आप को सर आपने मुझे साहिल साहब ये बंदा कुरान को भी क्राइटेरिया ही कोई नहीं है कि उसको ये किस तरीके से एक जनरल क्राइटेरिया के ऊपर रखा जा सके। परखे कैसे? उसके पास क्राइटेरिया ही नहीं है बेचारे के पास। तो ये एक ऐसी किताब को मानता है जिसके जिस किताब के इसके पास क्राइटेरिया ही नहीं है परखने का। अच्छा कोई दूसरी बुक चलो कुरान को छोड़ देना वो लोग। मैंने तो जेनेरिक कहा है। नहीं मैंने तो जेनेरिक बुक कहा है। ये कुरान पकड़ के चल रहा होगा ना। ये कोई कोई भी दूसरी बुक जो मार्केट में है। ये ऑथेंटिक है या नहीं है? ये कैसे वो मेक श्योर करेगा भाई बबल बर्ड वाइज। सर जी बेसिकली हमें यह सवाल पूछना चाहिए कि क्या यह कुरान जो है यह अल्लाह का कलाम है या नहीं? इस सवाल तुम्हारी मर्जी से पूछूंगा यार। ओ सर इतने सवाल तो आपने पूछ लिया। अब एक मेरी मर्जी का भी जवाब लें। सवाल मैं तुम्हारी मर्जी से पूछूंगा। जो सवाल तुमने अगर तुमने सुनो, सुनो, सुनो। जो सवाल मैंने देखो, तुम्हे जो सवाल मैंने करना है वो तुम नहीं बता सकते। तुम कोई सवाल अगर करना चाहो तो तुम मुझसे सवाल कर सकते हो। लेकिन तुम यह नहीं कह सकते कि मैं तुमसे यह सवाल पूछूं। मतलब सवाल भी यह खुद देगा और जवाब भी खुद देगा। कमाल है। लाइक ये कह रहा है कि मैं इससे ये वाला सवाल करूं। ओके साहिल साहब देख अब अब मैं इसी के सवाल पे इसको गलत साबित करूं तो और बताएं। चलो चलो। लो जी बबल भट्ट साहब सवाल क्या मैंने आपसे करना है बताएं। जी बबल भट्ट साहब सवाल मैंने क्या करना है आपसे? सर जी आप जो मर्जी सवाल करें लेकिन मुझे नहीं लग रहा कि आप डिस्कस करना चाह रहे हैं। तो आपने ऐसा मुझे रखा हुआ है कि अभी मैं आपके साथ डिबेट करने आया हूं। अरे भाई अभी आपने जो सवाल पूछा मुझसे कुरान के बारे में कि मैं आपसे ये सवाल पूछूं क्या है? सर जी आप जो मर्जी सवाल करें। आप जो मर्जी सवाल करें। मैं आपसे उसका तो जवाब ही नहीं है आपके पास। अभी तो सवाल किया था कि आप किसी किताब को कह आगे फिर मैं प्रोसीड जो से कर रहा हूं। मैं आपसे यही पूछना चाह रहा हूं ना कि क्राइटेरिया क्या होने चाहिए सर उसमें? सर ये मैंने नहीं है। क्राइटेरिया तो आपने देना ना। सर आप ही क्राइटेरिया की बात कर रहे हैं ना कि क्या क्राइटेरिया क्राइटेरिया भी मैं दूं। अच्छा मैं दे दूं क्राइटेरिया। नहीं मैं देता हूं क्राइटेरिया। ऐसा मैं आप दो चलो सर। आप तो आप किताब की ऑथेंटिसिटी ऐसे जस्टिफाई होती है जब जो अगर उसके अंदर कोई साइंटिफिक चीज लिखी हुई है तो वैलिडेटेबल हो। कोई हिस्टोरिकल चीज लिखी हुई है तो वैलिडेटेबल हो। कोई हिस्टोरिकल इवेंट लिखा है तो वैलिडेटेबल हो। अगर कोई इवेंट वैलिडेट नहीं हो सकता है तो वो दैट इज फाइन। लेकिन एव्री सिंगल इवेंट जो वैलिडेट एबल है। हिस्टोरिकली एंड साइंटिफिकली शुड बी एक्यूरेट अदरवाइज द बुक इज फॉल्स। ले जी मेरा तो यह क्राइटेरिया है। मैंने बता दिया जी क्राइटेरिया। अब आप एतराज कर लें या एग्री कर लें? जी भाई दी इंफॉर्मेशन प्रोवाइडेड शुड बी 100% एक्यूरेट। इफ इट इज वैलिडेटेबल जो कि हमने पहले दो लग लिख दिया। हां जी। फिर आप कोई साइंटिफिक फैक्ट ऐसा रखें तो फिर यहां से मिसाल दी जाएगी। सर इररेलेवेंट अभी जेनेरिक बात हो रही है। आपने कहा मैंने आपसे पूछा कि किसी बुक को वैलिडेट कैसे किया जा सकता है? आपने कहा खुद ही बता दें। मैंने खुद ही बता दिया। क्या आप इस पैमाने को यूज कर सकते हैं हर किताब के ऊपर? हां या ना? सर आप देखें मेरी बात सुने अब विद इन द एविडेंस आप मुझे यानी के बाउंड करें कि वह भी नहीं दे सकता मैं तो फिर आपको कैसे मैं साबित मैंने कब बाउंड किया भाई मैं कह रहा हूं क्या ये क्राइटेरिया सही है आपके लिए सर मेरे लिए क्राइटेरिया नहीं क्राइटेरिया तो आपके लिए होना चाहिए ना यार साहिल यार देख यार अब जो है ना ये गुस्सा चढ़ा रहा है बिना वजह का यार बबल बर्थडे को प्रॉब्लम यह है ना मेरे भाई के जी सर आप अब है ना मतलब कभी भी नहीं थे। आप इस लायक ही नहीं है कि आप एक्स मुस्लिमों के साथ डिबेट कर सके। सर डिबेट मैं आपसे यही कहना चाहता हूं। भाई सुनो ना बबल भट्ट बबल भट्ट सुनो ना। मैं आपको सजेस्ट करूंगा के आप उस लायक नहीं है डिबेट करने के। आप हमारी वीडियोस YouTube पर देख। अच्छा मैं पूछने के लायक तो हूं। हां सवाल पूछ लो। चलो। नहीं तो सवाल का सवाल तो पूछा था। मैंने जवाब दिया था उसको एग्री इसने सवाल का इसने मुझसे सवाल किया साहिल मैंने जवाब दिया था इसने कहा क्राइटेरिया आप ही बता देता मैंने जवाब दिया मुझे अब ये भी नहीं कह रहा कि मैं इससे एग्री करता हूं या डिसएग्री करता हूं तो ये बुलशेट है ना मैं जवाब क्या दूं इसको क्यों जवाब दूं आप जवाब जवाब दे रहे हो या एग्री करो या उस पे उस पे वो करो ऐतराज जाहिर करो वो भी नहीं कर रहे आप सवाल इसी ने किया ना मुझसे मेरे सवाल का तो जवाब नहीं दिया इसने काउंटर को सवाल कर दिया सेम मैंने अब जवाब दे दिया है अब या तो एग्री या डिसएग्री करे तो फिर अगला कोई सवाल कर सकता है। नहीं तो फिर क्या सवाल करने का फायदा क्या है? वेस्ट ऑफ़ टाइम है। नहीं बात बिल्कुल बिल्कुल सही है आपकी आरम साहब। नहीं तो आप आपका कि YouTube से देख आप ये डिसएग्री आप ये डिसए्री करते हैं कि भ ये खुदा का कलाम नहीं है। ये अल्लाह का कलाम नहीं है। सर मैं पहले देखो बात सुनो। डिसएग्री या एग्री तो तब होगा जब हम क्राइटेरिया डिफाइन करेंगे उस किताब को वैलिडेट करने के लिए। क्राइटेरिया मैंने दिया है आपको। आप इस क्राइटेरिया से डिग्री कर रहे हैं या डिसएग्री कर रहे हैं? उसके बाद हम देखेंगे ना अल्लाह का कलाम बनता है कि नहीं बनता। सर सिंपल क्वेश्चन है के एट लॉस्ट कुति का बच्चा है। बैन कर रहा हूं यार साइलेंस को। यानि भाई बात ये है कि तुम इसको अल्लाह का कलाम मानते हो कि नहीं मानते? ओके। भाई क्राइटेरिया भाई किस चीज से परखूंगा? वो क्राइटेरिया किस चीज पे हम जज करेंगे कि अल्लाह का कलाम है कि नहीं है। आप भी दे दे क्राइटेरिया। भाई तुम्हारा क्या क्राइटेरिया नहीं आप ही दे दे मैंने क्राइटेरिया दे दिया है अब अगर अगर मैं कहता हूं नहीं है तो फिर मैं किस क्राइटेरिया पे जज कर रहा हूं उस क्राइटेरिया को ना ये एग्री कर रहा है ना डिसएग्री कर रहा है ना अपना क्राइटेरिया दे रहा है तो हाउ कैन आई कंटिन्यू द डिस्कशन ना तू अपना क्राइटेरिया दे रहा है ना हमारे क्राइटेरिया से एग्री कर रहा है ना डिसएग्री कर रहा है तो फिर कैसे जज करना है तेरी अपनी अजीब यार स्टूपिड इरिटिक लोग हैं यार दुनिया के अंदर अरे कुरान ओनली वाकई बहुत इरियड होते हैं यार लिटरली नहीं इन लोग का कैसा हिसाब है ये ये आउट ऑफ सिलेबस आज का जो इसके लिए जो डिस्कशन था ना एडमम साहब बबल भट्ट के लिए ये आउट ऑफ सिलेबस था असल में ये कैसा है हम स्लेवरी पर डिस्कशन करते हैं तो ये आ जाएंगे अरे हम तो हदीस को नहीं मानते अरे ये आयत का मतलब ये नहीं है अरे ये आयत का ये मतलब नहीं है अरे मोहम्मद जो है वो नबी नहीं है अरे तो इनको इसमें खेलने के लिए आता मैडम साहब और आज हमने जिस तरीके से डिस्कशन लिया है तो ये इनके लिए आउट ऑफ सिलेबस हो गया है तो बेचारे वो हकला बकला हो गए कि मैं करूं तो करूं क्या मैं बोलूं तो बोलूं क्या ये उनके साथ हो गया एडमम साहब वाकई कुछ ज्यादा हो गया बट बट लाइक बहुत ही इरियट भी है और कॉन्फिडेंटली इरियट है यार किसी बंदे ने लिखा था यहां पे कॉन्फिडेंटली इरियट मैं कहता हूं सर बड़ा कॉन्फिडेंट इडियट है सर नफी साहब बात कर रहे थे वो क्या हुआ था ये ये क्या हुआ था आवाज खत्म हुई डिस्कनेक्ट डिस्कनेक्ट हो गया लेकिन उससे पहले एक कुरानिश को देख के दूसरा कुरानिश जाग गया है भाई डड्डू को डड्डू रंग बदलता है अरे भाई अल्लाह तो कुरान में खुद कहता है कैसे हिदायत दे वो हमें जिन्होंने छोड़ दिया दीन मोहम्मद को सुनने और जानने के बाद अल्लाह तो खुद मजबूर है हमारे सामने हिदायत कैसे देगा अल्लाह तो खुद मजबूर है बेटा तेरा अल्लाह एक मजबूर अल्लाह है जो हिदायत दे ही नहीं सकता वो तो खुद कहता है कैसे दूं इन्होंने तो छोड़ दिया को समझने के बाद एडर्स ऑफ कॉमेडी देखो वकास का स्टेटमेंट डालने के बाद क्वेश्चन मार्क लगा रहा है। क्वेश्चन मार्क क्यों लगाया भाई? स्टेटमेंट चल ठीक है भाई। अल्लाह ताला आप लोगों को हिदायत दे इतना समझ में आता। उसके बाद क्वेश्चन मार्क क्यों लगाया वकास? उसने उसे भी पता था साहिल साहब कि अल्लाह हिदायत नहीं दे सकता इसलिए उन्होंने क्वेश्चन मार्क लगा दिया। अल्लाह तू देगा कि नहीं देगा? नहीं नहीं अल्लाह तू दे सकता है कि नहीं दे सकता? हां मुझे पता है तूने कुरान में कहा था तू नहीं दे सकता। कॉमेडी कॉमेडी हमारी फुल ऑन कॉमेडी है भाई। इस्लाम ही पूरा कॉमेडी। हां भाई नफीस साहब। हां जी आ रही है। हां। क्या हो गया? बैक स्टेज किए। मैं बात कर रहा था। फिर सडनली देख रहा आवाज ही नहीं जा रही है। सर आपके इंटरनेट का मसला है ना? आपका फोन अगर लॉक हो जाएगा तो आपकी आवाज नहीं आएगी। तो आप जरा ध्यान से चलें। ओो ओके अच्छा सर मैं आपसे बात कर रहा था जो हम थोड़ा सा आप आपसे बस हल्का सा जानना था ताकि मैं भी जो कंफ्यूजन रहे मेरा थोड़ा मैं भी अपना कुछ एक तरफ जा सकूं। इसीलिए आपके पास आया अभी हां तो हमारी बात स्टार्ट हो गई थी। आपने जो इंसानियत का क्राइटेरिया बताया मैंने उससे एग्री किया और उसके बाद फिर आपने कहा कि इस्लाम में भी वही चीज है इंसानियत ही है तो मैंने कहा कि आप मुझे बहुत दिनों से देख रहे हैं सुन रहे हैं और फिर आपने ये भी देखा के मोमिन हजरात जो है वो लाजवाब हो जाते हैं। फिर आपने कहा कि उनके पास इल्म नहीं होगा। मैंने पूछा आपके पास इल्म है कहा कि मेरे पास भी इल्म नहीं है। फिर मैंने कहा फिर आपको कैसे पता उनके पास इल्म नहीं है? तो आपने कहा कि भाई फिर वो जवाब नहीं दे पाते। तो मैंने बोला इसका मतलब यह थोड़ी ना है कि उनके पास इल्म नहीं है। इसका मतलब यह भी हो सकता है कि उनके पास जवाब नहीं है। जी यहां तक हमारी बात डिस्कशन आगे बढ़ी थी। फिर आप डिस्कनेक्ट हो गए थे। हां तो बताइए यार इतना

एक्यूरेट डिस्क्रिप्शन ऑफ द लास्ट डिस्कशन।

मुझे तो ऐसे लग रहा था जैसे मोहम्मद की हदीस 300 साल बाद साहिल बयान कर रहा है। कंप्लीट एक्यूरेसी के साथ आपने कहा मैंने कहा। आपने कहा मैंने कहा आपने कहा मैंने कहा आप मैं कहता हूं भाई साहब यह लेवल जो है यह सिर्फ आपको साहिल भाई की में ही मिलेगा और किसी में नहीं मिल सकता व्लाह हबीबी व्लाह हबीबी व्ला हबीबी माशा्लाह।

हां तो नफीस अहमद ये बताओ के आपको इस्लाम में क्या क्या इंसानियत नजर आई मेरे भाई हालांकि आप कई दिनों से मेरी बात सुन रहे हैं हम जैसे क्या अगर सब जगह आपका या फिर जो भी एक्स मुस्लिम अच्छा चलो एक चीज मैं क्योंकि आपने एक बात कही थी मैं उसी को ले चलता हूं। ठीक है। आपने ये कहा था कि जो आपकी इंसानियत का क्राइटेरिया वो ये है कि आपने अपनी तरफ से किसी को तकलीफ नहीं देना है। इंसानों को तो छोड़ दो बल्कि पशु पक्षियों को भी तकलीफ नहीं देना चाहिए। सही हां जी। हां जी। ओके। अच्छा तुम मुसलमान हो? हां जी। अभी तो है। है ना? हां। अभी है और इसके बाद छोड़ दोगे अगर अगर अकल वाले होंगे तो छोड़ दोगे इसके बाद ओके मुझे बताओ मेरा डाउट थोड़ा थोड़ा थोड़ा सा आप मेरी बात सुन लीजिए फिर आप आपकी बात मैं सुनता प्लीज अच्छा चलो सुनाओ मैं यही कह रहा था जैसे सारे एक्स मुस्लिम चैनल्स पे यही बात होती है कि चलो इस्लाम को छोड़ो इंसानियत पे आओ नहीं की बात है धर्म के आओ नहीं धर्म अरे लेकिन एडमम साहब उसप तो हो गई ना बात इन्होंने मेरे मेरे ये पूछ रहे थे कि आपके लिए इंसानियत क्या है? तो इन्होंने जो इंसानियत की डेफिनेशन दी मैंने उस पर एग्री कर लिया तो इस पर फिर से बात क्यों करना है आपको? नहीं नहीं बात नहीं करना बस उसी पर एक एग्जांपल देना बस एग्जांपल देना बस एग्जांपल ये है हां जैसे कि अगर हमारा और आपका मान लिया जाए एक इस्ला इंसानियत का धर्म हमने बना लिया ऑलरेडी सबके फुल एंड फाइनल इस्लाम धर्म बना लिया हमने इंसानियत का कोई धर्म नहीं उसमें तो अगर मान लीजिए उसमें कुछ कंडीशन आती है जैसे मान लीजिए अगर आपको हंसी आ सकती है उसप हो सकता है मेरे क्वेश्चन बहुत छोटे हैं लेकिन मेरे लिए बहुत इंपॉर्टेंट है तो क्या मान लीजिए एक एग्जांपल ले लिया जाए नॉनवेज खाना है कि नहीं खाना है? अभी बताइए इंसानियत दर् में नॉनवेज खाया जाएगा या नहीं खाया जाएगा? सर जो साहब एक सेकंड साहिल साहब एक सेकंड चलो आप जवाब दो।

जब साहिल साहब पहले ये मुझे बताएं जब इसने कहा है कि जानवरों पे पशु पक्षियों पे कोई जुल्म नहीं होना चाहिए। तो फिर ये इस्लाम में है कैसे? फिर ये इस्लाम को इंसानियत मान क्यों रहे हैं? क्योंकि इनके इस्लाम इंसानियत इन्होंने कहा है इन्होंने कहा था मैंने ये कह रहा इन्होंने जब ये कहा है कि जनाब पशु पक्षियों को भी नहीं करना तो भाई साहब फिर ये इस्लाम में कैसे रह सकते हैं पहले मुझे ये बताएं ये नया नया तो बाद में है ना पहले इसे इसे इस्लाम छोड़ना चाहिए पहले क्योंकि इस्लाम में नहीं है फिर उसके बाद ये सवाल करे आपसे क्या बात है मैं बताता हूं मैं बताता हूं भाई बताओ बताओ देखो पहली बात कि इसको साइंस भी मानता है कि मतलब ये नॉनवेज खाया जा खाया जा सकता बिना नॉनवेज के फिर आपकी इंसानियत सवाल उठाए। फिर आपकी इंसानियत की डेफिनेशन के अंदर फिर पशु पक्षियों पे भी जुल्म क्यों है? फिर आपकी इंसानियत की डेफिनेशन गलत है। अपनी इंसानियत की डेफिनेशन सही करो। आप मेरी बात समझे नहीं। आप मेरी बात समझे नहीं। नहीं मैं नहीं आपकी इंसानियत की डेफिनेशन में पशु पक्षी को कुछ नहीं करना। तकलीफ नहीं देना है। हां। हां। आपकी इंसानियत की डेफिनेशन में। सो आपकी इंसानियत की डेफिनेशन गलत है फिर। अगर साइंस ने कह दिया है कि ये ओके है तो फिर आपकी इंसानियत की डेफिनेशन गलत है? नहीं मैं कह रहा हूं। मैं आप सुनिए ना मैं कह रहा हूं कि इंसानियत की डेफिनेशन यही होती है। हर नहीं ये नहीं होती है। ये इंसानियत की डेफिनेशन जो आपने दी थी वो ये होती है। हां ठीक है। साहिल सर से भी मैंने एग्री किया था। साहिल सर भी एग्री किए थे। हां तो आपने दिया था ना पहले। हां हां मैं ही दिया था। चलो तो उस डेफिनेशन में तो उस डेफिनेशन में इस्लाम पूरा नहीं उतर रहा है। ठीक है? इस्लाम नहीं उतर रहा है। चलो मैं इस्लाम में लाया हूं। फिर आप इस्लाम को छोड़ दें तो इस्लाम से बाहर निकले पहले। क्योंकि देखिए बात सुने आपने शुरू में ये कहा था कि साहिल जो बात करता है लोगों के साथ उनको इल्म नहीं होता। हालांकि इस्लाम में इंसानियत है। तो साहिल ने आपसे पूछा था के भाई इंसानियत की डेफिनेशन क्या है अगर इस्लाम में इंसानियत है तो? तो आपने जो डेफिनेशन दी थी उस डेफिनेशन के मुताबिक उसने दूसरा एग्जांपल ले दूसरा नहीं सकते आपने पहले अपनी पहले इंसानियत की पहले इंसानियत की डेफिनेशन को सही करो पहले हां तो मैं ये कहने वाला था कि मतलब इंसानियत का ऐसा कोई धर्म बन ही नहीं सकता अरे भाई वो धर्म बन सकता नहीं बन सकता एक मिनट 1 मिनट 1 मिनट नफीस देखो धर्म बन सकता नहीं बन सकता ये तो सेकेंडरी चीज है ठीक है लेकिन यहां पे जो भाई सुन लेगा नफीस इंसानियत नफीस नफीस पहले सुन लो मैं क्या बोल रहा हूं ताकि तुमको समझ में आए इंसानियत का धर्म एज अ यानी मतलब आप जो है ना एक जैसे के आईडियोलॉजी होती है ठीक है रिटन आईडियोलॉजी अगर उसकी आप बात कर रहे हैं तो आप कह रहे हैं कि नहीं रोंग रोंग रोंग रोंग अप्रोच वापस आते हैं पहले सबसे पहले ये है कि इंसानियत की डेफिनेशन भी ये खुद ही देगा उसके बाद खुद ही डिफाइन करेगा ये नहीं पॉसिबल है भाई साहब पहले डेफिनेशन तो सही करो फिर डिफाइन करना नहीं वो डेफिनेशन ेशन सही है बोल रहा है एडमम साहब उसको तो पहले इस्लाम से बाहर निकलना है उसको तो पहले फिर इस्लाम से बाहर निकले फिर अगर ये डेफिनेशन सही है तो पहले बाहर निकले फिर इसकी डेफिनेशन को सही करेंगे वरना पहले डेफिनेशन सही करो अगर इस्लाम में इंसानियत है और तुमने कहा था कि इस्लाम में इंसानियत है तो तुम्हारी डेफिनेशन पे इस्लाम पूरा नहीं उतर रहा तो या तो फिर तुम्हारी डेफिनेशन गलत है या फिर इस्लाम या तो तुम्हारी डेफिनेशन ऑफ़ इंसानियत गलत है या फिर इस्लाम गलत है गलत है सो बिग वन या तो अपनी डेफिनेशन ऑफ़ इस्ला इंसानियत सही करो या डेफिनेशन या फिर इस्लाम से बाहर निकलो मेरा मेरा कहना मतलब है कि इंसानियत नाम की ऐसी कोई धर्म बन ही नहीं सकती। भाई धर्म की बात नहीं कर रहे। धर्म छोड़ दे ना। धर्म छोड़ दे। धर्म की बात नहीं हो रही है। अभी जो तुमने इंसानियत की डेफिनेशन दी है उस पे इस्लाम नहीं उतर रहा। इसका मतलब है इस्लाम तुम्हारी इंसानियत की डेफिनेशन के मुताबिक नहीं है। मेरे हिसाब से मेरे हिसाब से देखिए सर जब मैं एक्स मुस्लिम की तरफ जाता हूं तो नहीं जाता हूं। गलत गलत साइड मत जाओ। एक्सपिम को गोली मारो इस वक्त तुमने जो इस इंसानियत की डेफिनेशन दी है उस पे इस्लाम नहीं उतर रहा तुम्हारी डेफिनेशन पे या तो अपनी इस इंसानियत की डेफिनेशन को चेंज करो या इस्लाम को गैर इंसानी मानो छोड़ दो चलो ठीक है मैं चलो ठीक है मैं इसलिए इंसानियत की ये डेफिनेशन साहिल सर से पहले पूछ लिया था यही है सर साहिल सर भी अबे डंगर के बच्चे साहिल ने साहिल ने कहा था कि मैं एग्री कर लेता हूं तुम्हारी डेफिनेशन से डेफिनेशन तुमने दी है ना उस डेफिनेशन पे इस्लाम पूरा नहीं उतर रहा। या तो इस्लाम को छोड़ो या अपनी डेफिनेशन चेंज करो। नहीं इंसानियत धर्म भी नहीं उतर रहा ना। यार धर्म गया भाड़ में या झक मार पिछवाारे में डाल दूं। धर्म की बत्ती पिछवाारे में लो। मुझे इंसानियत की डेफिनेशन दो। ह्यूमैनिटी की डेफिनेशन दो। इंसानियत इंसानियत मतलब हो ही नहीं सकती ना। फिर अगर आप लोग जो इंसानियत का डेफिनेशन डेफिनेशन दिया ना भाई क्योंकि वो डेफिनेशन दिया। वो आप लोगों के द्वारा जो मैं सुना हुआ हूं कि मतलब ना झूठा झूठा झूठा झूठा झूठे झूठे इंसान के द्वारा ऐसी डेफिनेशन साहिल की नहीं है वो तेरी है तू पहले अपनी डेफिनेशन सही कर इंसानियत की फिर आगे से चल तूने जो डेफिनेशन दी है उसके मुताबिक अब इस्लाम नहीं पूरा उतर रहा अब या तो अपनी डेफिनेशन बदल या इस्लाम डेफिनेशन ये है डेफिनेशन ये है कोई भी मतलब डेफिनेशन चेंज करना है एक करो चेंज करो हां डेफिनेशन चेंज हां डेफिनेशन चेंज साहब लिख दे लिख दे डेफिनेशन चेंज उससे पहले एक स्टेटमेंट मैं दे देता हूं हां मैं एक सिर्फ स्टेटमेंट दे देता हूं एडमम साहब कि ये इतने बड़े डिसऑनेस्ट और डोबले और हिपोक्रेट रहते हैं कि जब ये फंसते हैं तो अपनी बात से ही भाग कर फिर अपनी बातों को चेंज करने लगते हैं। आई मीन इतने डिसऑनेस्ट होते हैं कोई भी मुसलमान अगर आपको अच्छा बन के सामने आकर दिखाए ना कोशिश करें ब्लाइंडली उन पर कभी बिलीव नहीं करना। ये इसके जैसे लोग होते हैं। आप नई डेफिनेशन दे नई डेफिनेशन दे। इंसानियत वो चीज है जो एक इंसान जो एक इंसान जो कुछ भी काम करे उससे किसी दूसरे इंसान को कोई तकलीफ ना हो। ओके साहिल साहब इंसानियत इंसान कोई ऐसा काम करे जिसे दूसरे इंसान को तकलीफ ना हो। हां इंसान को। मैंने वो जानवर वो लाद दिया था बीच में। चलो ठीक है। काम करे। इंसान काम करे तो दूसरे इंसान को उससे तकलीफ ना हो। तकलीफ ना हो। अच्छा क्या ये सिर्फ फिजिकल तकलीफ के ऊपर है या मेंटल तकलीफ भी इसमें शामिल है? सब है। साहिल साहब फिजिकल और मेंटल दोनों हैं। अच्छा भाई बात सुने आप एक खुदा को मानते हैं। एक भगवान को मानते हैं। राइट? राइट? अगर मैं आपको कहूं कि आपका भगवान जो है वो अल्लाह बोलो। आपका अल्लाह। आपका अल्लाह जो है वो जहन्नमी जहन्नमी है। जहन्नमी है। तो आप रसूल भी जहन्नमी है। मोहम्मद साहब भी जहन्नमी है। मोहम्मद भी जहन्नमी है और मोहम्मद का अल्लाह भी जहन्नमी है। तो आप क्या कहेंगे? क्या ये आपको मेंटल पेन है? मुझे तो लग रहा है जो क्वेश्चन पूछ रहे हैं वही मेंटल है। सर। सर वंस अगेन सवाल मैं करता हूं। क्या इससे आपको दिमागी तौर पे तकलीफ होगी? अगर मैं कहूं कि आपका अल्लाह और आपका मोहम्मद जो है वो जहनमी है। तो क्या आपको ये तकलीफ देगी ये बात? नहीं बिल्कुल नहीं। मैं नहीं तकलीफ नहीं देगी मतलब आप आप कुछ भी बोलेंगे ना मैं आप कुछ भी बोलेंगे मेरे को असर नहीं करेगा उतना सर असर की बात नहीं कर रहा सुने सुने आपने कहा ना कि इंसानियत इसे कहते हैं के जो दूसरे शख्स को फिजिकली और मेंटल दोनों तरीकों से तकलीफ ना दे जब मैंने ये बात बोली कि आपका मोहम्मद जहन्नमी है। जहन्नुम में आग में सड़ रेला है। चपेड़े खा रहा है। फरिश्तों से उसके पिछवाड़े में अल्लाह ताला अपने फरिश्तों के जरिए चैन डाल के नाक से निकाल के आग पे भून रहा है। तो क्या यह बात एक तकलीफ दे बात है कि नहीं किसी मुसलमान के लिए? अच्छा सर एक बात मैं अभी कह रहा हूं मतलब सर नहीं यार सिंपल जो मैंने बात की है उसका सिंपल जवाब है। हां या ना? क्या ये किसी मुसलमान के लिए एक क्या ये किसी मुसलमान के लिए ये एक तकलीफ दे बात है कि नहीं? साहिल भाई एक बात मेरी बात सुन लीजिए। मैं जब क्वेश्चन स्टार्ट किया था मैं इंसानियत के बारे में आपसे पूछा था कि इंसानियत क्या होती है? तो आपने बोला आप पहले बताओ तू फस गया है बेटा नफीस बेटा तू फस गया है अभी भाग नहीं सकता है मैं इंसानियत की तरफ जाना चाहता हूं खाली साहब सेम क्वेश्चन जरा आप कर दे क्या इस चीज से इसको और तमाम मोमिनीन को तकलीफ पहुंचेगी पहुंचेगी या नहीं पहुंचेगी नफीस वो सबके ऊपर मैं क्या कर सकता हूं मैं अपने ऊपर ये बता सकता हूं ना खाली नहीं बात डेफिनेटली बहुत लोगों को पहुंचेगी डेफिनेटली बहुत बहुत लोगों को पहुंच लिहाजा ये वाली बात जो है ना इंसानियत के खिलाफ है राइट लेकिन सर आप मेरी बात उल्टा मेरे ऊपर एक बात इंसानियत के खिलाफ है कि नहीं एन साहब एक मिनट रुकना ये बोल रहे हैं आप उल्टा मेरे ऊपर हम लोग यही करते हैं इधर तुम जैसे डंगरों का ट्रीटमेंट हम लोग ऐसी करते हैं कि तुम्हारे ऊपर तुम जो खेल खेलने के लिए आते हो ना नफीस मैंने अभी पहले भी बोला था इसके उस्ताद है हम तो तुम लोग के ऊपर डाल देते हैं और तुम बोल चुके हो और तुम फंस चुके हैं इसको को जब तक कंप्लीट नहीं करोगे बात आगे नहीं बढ़ेगी। तो अब जो तुमने इंसानियत की डेफिनेशन दी है उस पे एक एग्जांपल एडमम साहब ने दिया और आपने कहा कि हां तकलीफ है। तो एडमम साहब आगे क्या सवाल आप इसको सर तकलीफ है? सुनिए मेरी बात तो सुनिए इससे इससे इंसानियत को तकलीफ होएगी। साहिल साहब हां मैं दे रहा हूं ना इससे इससे इंसानियत को तकलीफ होएगी। तो साहिल साहब इस्लाम इस्लाम जो है वो वंस अगेन इंसानों को तकलीफ देता है क्योंकि ये कहता है इनीडीड यू डिसबिलीवर्स एंड व्हाट यू वरशिप अदर देन अल्लाह आर द फायर वुड ऑफ हेल्थ। तो अगर मैं इसी को रिवर्स में मुसलमानों को कहूं कि तुम हां तुम तुम्हारा नबी और जिसको तुम्हारा नबी पूजता है वो जहन्नुम में सर्रेले हैं। तो भाई साहब अगर ये गैर इंसानी अमल है क्योंकि फिजिकल नहीं है बल्कि मेंटल पेन है। मेंटल पेन है। दिमागी तकलीफ है जो कि इन्होंने कहा हां बहुत सारे मुसलमानों को इससे दिमागी तौर पे तकलीफ होएगी। तो भाई साहब फिर इस्लाम जो है वो इंसानियत पर नहीं है। तो ही हैस टू आइदर लीव इस्लाम और ही हैस टू से कि इसकी डेफिनेशन इसने एक बार फिर चेंज करनी है। आय हाय हाय हाय अच्छा सिर्फ तकलीफ नहीं एडमम साहब एक मिनट नफीस एक मिनट जवाब देना नहीं चाह रहे ना एक्चुअली क्वेश्चन हो जाता है नफीस एक मिनट रुक एक मिनट रुक अच्छा एडमम साहब बल्कि सिर्फ मुसलमानों को ये तकलीफ नहीं है मुसलमान जब अपने नबी के बारे में इस तरीके की बात सुनेगा उसको बस तकलीफ नहीं होगी वो इस हद तक जाएगा कि सामने वाले का गला काट देगा वो जिस तरीके से कन्हैया लाल का गला काटा था अब्सोलुटली बिल्कुल प्लीज सही जवाब तो भाई साहब फिर अब आप या तो अपनी इंसानियत की डेफिनेशन बदले या इस्लाम से बाहर निकलें। सर सर सर मैं तो आप लोगों को थैंक यू बोलूंगा कि आपने इतने सारे क्वेश्चन जो उठाए ना इसके लिए मैं आपको बहुत ज्यादा थैंक यू बोलूंगा। नफीस क्वेश्चन नहीं उठाए बेटा बेटा बात सुनिए। बेटा बात सुनें बेटा बात सुने बात सुने मेरी। आप जो है ना जिस मदरसे में स्टूडेंट हुए हैं ना हमने उस मददसे के टीचर हैं। ठीक है? तो ये जो ये तो दो नंबरिया है ना ये यहां पे नहीं चलेंगी। तुम्हारी इंसानियत की डेफिनेशन पे एक दफा फिर तुम्हारा कुरान पूरा नहीं उतर रहा। अब मुझे बताओ के तुम इंसानियत की डेफिनेशन चेंज कर रहे हो या तुम इस्लाम छोड़ रहे हो? इस्लाम को छोड़ रहे हो। क्वेश्चन मैंने सबसे पहले साहिल सर से मैं ही पूछ रहा था। साहिल सर वो क्वेश्चन क्वेश्चन वो हो गया क्वेश्चन। इंसानियत की डेफिनेशन आ गई। अब नहीं साहिल सर एक भी आंसर नहीं दिया। हां तो अभी तो अभी तो तुमसे पूछ रहे थे। तुम समझ लेते कैसे हो? नहीं मुझे पता है तुम्हारा आंसर क्या है मुझे पता है तुम्हारा क्या है सर को अच्छा सबर करें तुझे पता है उसका आंसर मैं कल पैदा नहीं हुआ और मैंने उसके सारे आंसर सुने हुए हैं अगर तूने उसकी वीडियो देखी उसने भी आंसर सुना हुआ है और वो आंसर इतना जबरदस्त है कि तू जिंदगी में दोबारा पैदा हो भी जाए ना तू फिर मरेगा फिर से फंसेगा तो क्या तू ये मानता है पहले ये बता क्या तू ये मानता है कि तेरी इंसानियत की डेफिनेशन एक्यूरेट नहीं है लिहाजा अब साहिल तुझे डेफिनेशन दे बोल हां हां चल दीजिए सर साहिल सर बोल ना पहले पहले ये सेंटेंस बोल पहले ये सेंटेंस बोल कि तेरी इंसानियत की डेफिनेशन सही नहीं है। अब एक एक्स मुस्लिम तुझे इंसानियत की डेफिनेशन दे। हम चलो बताइए। बताइए क्या? बोलो पहले ये सेंटेंस बोलो। हां ठीक है। चलेगा। ठीक है। नहीं ये सेंटेंस बोलो। ठीक है। ठीक है। ये सेंटेंस बोलो। ठीक है। मैं इंसानियत की डेफिनेशन नहीं दे पा रहा हूं। मुझे एक एक्स मुस्लिम इंसानियत की डेफिनेशन बता रहा है। थैंक यू सो वेरी मच। ओके। मेरी इंसानियत की डेफिनेशन यह है कि हमारी तरफ से किसी और को ना में अपने लिए अपने लिए वो चुनो जो तुम अपनी फैमिली के लिए वो वाला वही वाला वही वाला दे वही वाला दे सेल से आगे ना जाइए वही बनाएगा हां वही दे ओके चलो आप अपने लिए वो चीज चुनोगे जो आप अपनी फैमिली के लिए अपने घर वालों के लिए आप जो चीज को सही समझते हो वो सही है जो अपनी फैमिली के लिए आप पसंद नहीं करेंगे वह चीज सही नहीं जी नफीस साहब बताइए इससे आप अग्री करते हैं या डिसग्री करते हैं? ठीक है मैं एग्री करता हूं। ओके क्या आपका इस्लाम जो है इस डेफिनेशन में उतरता है? तो मेरा कहना है कि आपका ये जो है ये जो इंसानियत है मैं एग्जांपल दूंगा। क्या उस सेट करके बताओ ना कि ये इंसानियत लेकिन जब तुम एग्री करते हो नफीस जब तुम एग्री कर रहे हो मेरी डेफिनेशन के साथ तो तुम उस पे बहस नहीं कर सकते हो। या तो मेरी डेफिनेशन के साथ डिसए्री भाई एग्जांपल तब दोगे जब तुम डिसएग्री करोगे या तो पहले डिसएग्री करो क्या आप इस डेफिनेशन को एग्री नहीं करते हां ये क्या बात हो गई क्या आप एग्री भी कर रहे हो इससे एग्री नहीं कर रहे हो नहीं नहीं ये बात अभी पूरी कंप्लीट नहीं है क्योंकि कोई भी डेफिनेशन इंसानियत की हर एग्जांपल पे सेट नहीं हो सकती हर एग्जांपल से नहीं बच्चे तो कह के तू एग्री नहीं करता तो कह के तू एग्री नहीं करता इस डेफिनेशन नहीं करते हो जैसे जैसे आप लोग इस्लाम को कह रहे हो ना भाई डिसए्री करो ना तो फिर एग्जांपल दो ना कहो कि मैं डिसएग्री करता हूं ये सही हां डिसए्री करो मैं आपको इस बात से गलत साबित कर सकता हूं तो पहले डिसए्री करो कि डेफिनेशन सही नहीं है डेफिनेशन सही नहीं है डिसए्री करो हां चलो ठीक है डिसए्री अच्छा क्यों क्यों डिसए्री करते हो उसका रीज़ बताओ क्योंकि आपकी ये जो डेफिनेशन है हर एग्जांपल सेट नहीं कौन से नहीं हां अभी बताता हूं देखिए मान लिया जाए कोई लड़की है मान लिया जाए ठीक है हां कोई लड़की है वो उसका मन किया मान लिया जाए किसी से रिलेशन बनाने को उसका मन किया अब अभी पूरा क्वेश्चन पूरा नहीं लेकिन इतने में मैं थोड़ा सा पूछ रहा हूं आपकी इंसानियत क्या कहेगी उसको रिलेशन बना लेना चाहिए या नहीं एक सेकंड इसका इस डेफिनेशन से क्या ताल्लुक है बहुत ज्यादा आप इंसानियत को डेफिनेशन दोबारा बोलो डेफिनेशन साहिल की साहिल की डेफिनेशन दोबारा बोलो। साहिल की डेफिनेशन दोबारा बोलो। साहिल की डेफिनेशन नहीं जो आप अपने लिए पसंद करते हो या आप अपने घर वालों के लिए पसंद करते हो वही चीज दूसरों के लिए पसंद करो। ओके। अब एक लड़की है जो अपना कोई रिलेशन बनाना चाहती है। इसमें इन साहिल की इस डेफिनेशन को फिट करें जरा पहले। हां बिल्कुल फिट करता हूं। फिट करें। अभी जो है वो लड़की जो है मान लीजिए किसी से रिलेशन बनाना चाहती है। ओके साहिल की डेफिनेशन क्या कह रही है? साहिल की डेफिनेशन यही कह अभी पूरा हुआ नहीं ना हमारा एग्जांपल पूरा होने तो दो। नहीं तो फिर आपने क्यों कहा कि उसको बनाने दे याने दे। एक थर्ड लड़की है जिसका मेरे साथ कोई ताल्लुक नहीं है। साहिल के साथ कोई ताल्लुक नहीं है। उसने अगर रिलेशन बनाया है। हु द हेल साहिल या मैं कि उसको कहे कि भाई क्यों बना रहे हो? साहिल या मैं नहीं जो भी इंसानियत के धर्म के ऊपर आएगा उस धर्म कहां से आ गया बे? हां चलो जो भी इंसानियत वाला रहेगा हां इंसानियत वाला जो बंदा रहेगा धर्म नहीं इंसानियत वाला जो बंदा रहेगा वो मेरे को आंसर देगा कि इस पर वो क्या करेगा अपनी इंसानियत के भाई क्यों करेगा वो एक तीसरी लड़की है तुम्हारा उससे क्या ताल्लुक है क्यों करेगा कोई क्योंकि बार-बार आप लोग ये बोलते हो ना कि इंसानियत पे आ जाओ इंसानियत पे आ जाओ तो इंसानियत के बच्चे ये डेफिनेशन फिट करना उस लड़की पे पहले तो कर तो रहा हूं ना मैं कह तो रहा हूं पूरा तो करने दो अब बताओ ठीक है अभी बताओ अच्छा पूरा कर रहा हूं पूरा कर रहा हूं अब बताओ बताएंगे तो तब अब जिस वक्त ये डेफिनेशन उसके खिलाफ जाएगी खिलाफ तो लेके जाओ पहले। हां लेके जा रहा हूं ना। वो लड़की जो है मान लीजिए एक से ज्यादा रिलेशन बना ली। एक से ज्यादा रिलेशन बना ली। अब उसके पास कोई दोबारा कोई दूसरा चॉइस नहीं। वो तो अपने आप को बैक नहीं कर सकती। ठीक है? अपने पुराने स्टेज में नहीं जा सकती। अब मान लिया जाए साहिल भाई जी से

या फिर मतलब साहिल की पहचान किसी से भी उसकी शादी होनी है। आप इंसानियत के तौर पर उससे शादी करेंगे या नहीं करेंगे? इंसानियत के तौर पर शादी करेंगे कि नहीं करेंगे?

अब साहिल बनाने की डेफिनेशन क्या दी थी? आपको कोई धर्म आपको कोई धर्म नहीं मान। साहिल ने डेफिनेशन क्या दी थी इंसानियत की? इंसानियत यही है कि मतलब जो आप अपने लिए पसंद करो दूसरे के लिए भी पसंद करो। बेहतरीन।

क्या साहिल जो है वो 10-10 लड़कियों के साथ रिलेशन बना के बैठा हुआ है? नहीं कहने का मतलब अगर ये साहिल यार चुप करके सो यार आप चुप करके सुन। क्या साहिल 10-10 लड़कियों के साथ रिलेशन बना के बैठा हुआ है। सुनो अभी ये दूसरे की बहन अब आप अपने ऊपर मान लो ये बात हां अगर मेरी बहन ने ऐसा कर दिया तो उसको कर लेना चाहिए ना कि सामने वाले को सेम उसी जगह पहले एक एक एग्जांपल खत्म कर फिर दूसरे पे जाओ तूने कहा साहिल उससे शादी करेगा कि नहीं करेगा नाउ मेरा क्वेश्चन ये है इस एग्जांपल में क्या साहिल के भी 10-10 रिलेशन है या साहिल का कोई रिलेशन नहीं है क्यों साहिल की बहन तो हो सकती है ना सॉरी दल्ले कुत्ते एक हरामखोर बहन से शादी नहीं होती कुत्त के बच्चे तूने अभी जो एग्जांपल दी है पहले उसको फिनिश कर फिर बहन वाली एग्जांपल पे आई अभी तूने कहा था क्या साहिल उससे शादी करेगा ओके मेरा उसके अगेंस्ट में सवाल ये है मेरा सवाल ये है बहन रहेगी तो वो लड़का दूसरा रहेगा हरामखोर कुती के बच्चे दल्ले पहले एक एग्जांपल खत्म कर ले फिर दूसरी पे जाए तो आप ही खत्म नहीं करने दे रहे हो खत्म यार साहिल लिटरली इससे मजीद बात करनी है मुझे मालूम इससे बेहतर है कि मैं स्ट्रीम बंद कर दूं कि इससे बात करूं।

ये तूने सुन अब सुन कान खोल के सुन और बीच में इंटरप्ट ना करी। तूने कहा एक तीसरी लड़की है जिसके दो-तीन रिलेशनशिप्स थे। अब वो शादी करना चाहती है और वो साहिल से शादी करना चाहती है। क्या साहिल उससे शादी करेगा? यह तेरी एग्जांपल नंबर वन है। हम् इस एग्जांपल नंबर वन में कहा है कि मुझे एक्सप्लेन करो। अब साहिल वाली साइड भी। क्या साहिल के भी मल्टीपल रिलेशंस हैं? है थे पहले या नहीं है थे? जब उस लड़की ने साहिल को प्रपोज किया है कि साहिल उससे शादी कर ले तो साहिल वाली साइड को भी एक्सप्लेन करके बताओ। क्या साहिल के भी मल्टीपल रिलेशन थे लड़कियों के साथ? नहीं थे। तो अगर नहीं थे तो ऐसे मौके पे साहिल उस लड़की से शादी नहीं करेगा। क्योंकि साहिल ने की डेफिनेशन चुप करके सुन कुत्ते क्योंकि साहिल की एग्जांपल यह कहती है इंसानियत नहीं हरामखोर सुन जवाब ही दे रहा हूं दल्ले सुनेगा तो पता लगेगा मैं जवाब दे रहा हूं कुत्त के बच्चे क्योंकि साहिल की इंसानियत यह कहती है कि जो तुम अपने लिए पसंद करते हो वही दूसरे के लिए पसंद करो तो लिहाजा अगर साहिल पसंद करता है कि मुझे शादी से पहले सिलेबस रहना है मुझे शादी शादी से पहले कोई सेक्सुअल रिलेशनशिप नहीं रखना है तो साहिल उस लड़की से शादी नहीं करेगा। लेकिन अगर साहिल सेलिबसी को पसंद नहीं करता और उसके भी मल्टीपल गर्लफ्रेंड्स थे पहले और अब वो लड़की के भी मल्टीपल बॉयफ्रेंड थे और अब वो लड़की साहिल से शादी करने जाती है तो साहिल को कोई ऐतराज नहीं होगा इंसानियत की इस डेफिनेशन के नाते कि वो उस लड़की से शादी कर ले क्योंकि साहिल भी यही काम को ओके समझता है शादी से पहले। दिस इज द डेफिनेशन जो साहिल ने दी थी। यह तेरा जवाब है डंगर नहीं नहीं अब बोला अभी भी मेरा मेरी बात पूरी सुनिए ना मेरी बात पूरी सुने पहले मैं तो शांति से सुन लिया आपकी बात हेलो बोलो बोलो जवाब पूरा हो गया अब्बा को ये कहने का मतलब था कि वो तो किसी की बहन थी तो साहिल के ऊपर जब आया वो बात तो अगर इंसानियत के नाते अब साहिल करेगा कि नहीं करेगा चलो ठीक है ये दूसरी बात अब सेम सिचुएशन मैं चेंज कर रहा हूं ना अब जैसे डेफिनेशन के हिसाब से मैं चेंज कर रहा हूं। अभी पहली पहली पहली वाली एग्जांपल का तुम्हें आंसर मिल गया। अब दूसरी एग्जांपल दे रहे हो तो दूसरी एग्जांपल नहीं उसी में है। चल गेट लॉस टल गेट लॉस। नहीं साहिल सॉरी यार नहीं मैं इसको सह सकता हूं। गेट लॉस चलेगा। लो आईक्यू नहीं असल में देखो ये ये लोग जो चीज सोच के आते हैं ना वो यहां पे हो नहीं पाती है। तो बेचारे जो है ना तिलमिला जाते हैं। इनके पास ऑप्शन नहीं होता है। ये सारी चीजें होती है बेचारों के साथ। क्या कर सकते? कुछ नहीं कर सकते। हालांकि खुद ने जो इंसानियत की डेफिनेशन दी थी उसमें इस्लाम जो है वो फिट नहीं बैठ रहा था। तो अगर एक बंदे के अंदर इंसान के अंदर अगर ऑनेस्टी है तो उसको वही उसी मौके पे उसको इस्लाम को जो है ना वो लात मार देना चाहिए था या एटलीस्ट एकनॉलेज करना चाहिए था कि हां हमारे इस्लाम में इंसानियत नाम की चीज नहीं है। दी मोमेंट आप गलत साबित होने के बाद भी फिर आप फॉर दी सेक ऑफ यू नो जस्ट डिबेटिंग एंड प्रूविंग अस रोंग यू जस्ट केम टू प्रूव अस रोंग जब आप कैन यू प्रूव योरसेल्फ रोंग मल्टीपल टाइम और एग्जांपल में भी यू यू यू गॉट दी आंसर कहता है आंसर नहीं मिला मैंने कंप्लीट आंसर दिया है कि किस टाइम के ऊपर साहिल को शादी करनी है और किस टाइम के ऊपर साहिल को शादी नहीं करनी है। दोनों सिनेरियोस बताए हैं इसको क्योंकि ये अपनी एग्जांपल को पूरा नहीं कर रहा था कि साहिल वही वाले काम कर रहा था कि नहीं कर रहा था। तो मैंने पूरा किया और मैंने फिर दोनों एग्जांपल दे दी। भाई अब तुझे जवाब पूरा मिल गया है। तू कहे हां यह जवाब मिल गया। अब मैं एक नई एग्जांपल दे रहा हूं। नहीं जवाब नहीं मिला। जब कोई बंदा साहिल मुझे ये कहता है जब जवाब पूरा दे दिया जाए और बंदा कहता है जवाब नहीं मिला ना। अच्छा उसके बाद जो है ना मुझे तब चढ़ती है ना मैं और ऊपर से बीच में आई कैन सेंस दैट। बीच में इंटरप्शन पे इंटरप्शन मारी जा रहा है। सुन नहीं रहा। हद है यार।

अभी हम मोहम्मद की वो शैतानी आयतों के ऊपर बात कर रहे देख तो उसके लिए टॉपिक भी चेंज कर दिया। हां लेकिन फिर भी हां जी लाइट सीकर साहब मुसलमान है आप? जी अस्सलाम वालेकुम। वालेकुम सर। क्या हाल है? जी मैं ठीक मैं एक्स मुस्लिम हूं। एक्स मुस्लिम है सर आपसे तो फिर पहले बात हुई हुई है? जी जी बिल्कुल हुई हुई है। लेकिन टाइम हुई है। जी जी बिल्कुल बिल्कुल लेकिन जरा एक तो मुसलमान है मुझे जरा वो पकड़ लेने दें। फिर आपसे बात करते हैं। जरा रुक जाए। जी जी ठीक है। ठीक है। श्योर ठीक है। शोहेब अंसारी कोई मसला नहीं। गंडे मार दे वो तो तुम्हारी मां के तुम मारते ही रहते हो छोड़ो इस बात को उमद खान उमयद खान ओके चलो ये फिर दोबारा से आ गया अपना छोटा सा बदामी रजा दिखाने के लिए ये कौन है हारून तल्हा जी भाई सलाम वालेकुम साहब वालेकुम सलाम मुसलमान है सर नहीं नहीं हर हरून हूं तो हारून मुसलमान नहीं होता। मैं मुसलमान हूं। क्यों नहीं होता? इंसान हो यार। मैंने तुमसे पूछा मुसलमान है? तुमने कहा नहीं नहीं हारून हूं। नहीं नहीं मुझे लगा आप पूछ रहे हैं कि आपका नाम मुजम्मिल है। मतलब वो साहिल साहब ये मुजमिल मुसलमान और मुजमिल साहिल साहब कैसे कोरिलेट करता है? साहिल साहब को समझ आ रही है? राइम हो रहा होगा उनके कान में। अच्छा हारून साहब क्या आप एक मुसलमान हैं? अल्हम्दुलिल्लाह मुसलमान हूं यार आप मतलब मैंने कौन सा अभी जुर्म कर दिया जो आप इतना गुस्सा हो रहे हैं? मतलब मैंने तो अभी क्या मैं गुस्सा हो रहा हूं साहिल साहब यहां पे? नहीं बिल्कुल नहीं बिल्कुल नहीं। कोई जुर्म अच्छा लेकिन हारून तल्हा ये मुसलमान ठीक है। मुसलमान आप है इसके लिए अल्हम्दुलिल्लाह क्यों? वो मतलब जज्बाती तौर पर पूछ रहा है ना कि आप मुसलमान ही है तो फिर मुझे मतलब क्लेरिफाई करना पड़े। नहीं नहीं आप मुसलमान है। आप ये कह सकते हैं हां मैं मुसलमान हूं। अल्हम्दुलिल्लाह क्यों? इसमें अल्हम्दुलिल्लाह का क्या रिलेशन है आपके मुसलमान होने में? तो फर्स्ट टाइम मैंने अलम मतलब यही कहा कि मैं मुसलमान हूं। तो ये बार-बार पूछ रहा था तो मैंने बोल दिया कि अल्हम्दुलिल्लाह। तो इस वजह से अल्हम्दुलिल्लाह ऐड कर देना। तो वो सेंस बन जाता है फिर। क्या? अच्छा यार। अच्छा यार अल्हम्दुलिल्लाह का मतलब क्या होता है मेरे प्यारे भाई? अल्लाह का शुक्र है मतलब अल्लाह का शुक्र है। लो जी साहब क्योंकि इनको यही नहीं पता अल्हम्दुलिल्लाह का मतलब क्या है? इस वजह से ये अल्हम्दुलिल्लाह लगा रहे हैं। यार यार ये मजाक ना बनाना चाहिए। मतलब मैं अभी बात करने आया हूं। मजाक बनाने गए हैं। अभी बात सर आप जोक है सर। सर हारून हारून साहब सर आप तो महान है सर। सर आप महान है। एडमम साहब इनसे अच्छे से बात करें। महान है सर। जी जी साहिल साहब आप आप बात करें। साहिल साहब आप बात करें। अच्छा मैं ना नमाज पढ़ते हैं। जी पढ़ता हूं नमाज। अच्छा मैंने ना अभी 30 मतलब 30 आधा घंटा हुआ तो अभी ना आपकी कॉल ली है। मतलब पहले जो टॉपिक चल रहे थे ना उस पर था तो अभी मतलब आया हूं 30 तो आप बात कर रहे थे एक लड़के के साथ। हम तो एक टॉपिक पे आप बात जी नमाज पढ़ता हूं। जरा सुना देत बरकात इलाहा इल्लल्लाहद मोहम्मद अब रसू साहब आपने देखा है कि तीन वोवे एक्स्ट्रा लगाए तीन वोवे एक्स्ट्रा लगाए कच्चा पक्का लेकिन चलो कोई बात नहीं जाने दो कच्चा पक्का ही सर महान है हारून भाई महान है हारून साहब आपके वहां पे इसकी गुड़ की कीमत कितनी चल रही है अभी आजकल किसकी कीमत नहीं ये पाकिस्तानी पाकिस्तानी इलाके का मसला है। छोड़ना इलाके का मसला है। अच्छा हां हरून साहब क्या बात करनी है आपने? ये वही जो आपके वो वो आता है ना दूसरे लोग जो शीन शीन बहुत ज्यादा अदा करते हैं। ये वो वाला सीन है। हां जी बोल बोल बोल बोल क्या क्या आधा घंटे से तो आप आए हैं वो हमें पता लग गया। बात क्या करना चाहते हैं? अच्छा मैं आपसे बात करना चाहता हूं कि आपने पहले ना इंसल्ट नहीं करनी। मतलब ऐसे ना मतलब अगर आपको लगा मैं आंसर नहीं दे सकता तो आप मुझे ना मतलब निकाल दीजिए। ठीक है। के आंसर नहीं दे सकते। मेरा मतलब है नहीं मतलब आपको लगे ना मतलब आप फिर कहते हैं फिर मतलब गालियों पे आ जाते हैं फिर मुझे देखिए बात ये है कि अगर आप आंसर नहीं दे सकते और आपको समझ आ रही है कि ये आंसर स्टूपिड है तो भाई साहब आप पहले तो गौर से सुनना मेरी बात जिस तरह उस बंदे को मैं जब आंसर दे रहा था मैंने उसके सवाल का जवाब दिया वो कहता है जवाब नहीं दिया देखिए अगर जवाब अगर मिल जाए तो आप यह नहीं कह सकते जवाब नहीं दिया आप ये कह सकते इस जवाब में यह कबाहत है इस चीज को भी एड्रेस करो आप यह नहीं कह सकते जवाब नहीं दिया राइट तो अगर आपके सवाल का जवाब आपको मिल रहा है तो आप यह जरूर कह सकते हो कि यार इस जवाब में यह वाली चीज की कमी है। इसको भी एक्सप्लेन करो। लेकिन आप ये नहीं कह सकते जवाब नहीं दिया। नहीं अगर आपका जवाब ठीक हुआ तो मैं एग्री करूंगा मतलब। नहीं जवाब ठीक या गलत एक बाद की बात है। वो तो है कि जवाब को आप सही समझते हैं या गलत समझते हैं। उसका मतलब है कि आपको पता लग गया कि मैंने जवाब दिया। जो अभी आपका भाई जिसको हमने गाली निकाली थी मैंने ढेर सारी अच्छी खासी। वो इसलिए निकाली थी। वो कहते थे आपने जवाब ही नहीं दिया। जब मैंने जवाब दे दिया है तो भाई आप यह कह सकते हो आपका जवाब गलत है। आप यह कह सकते हो आपका जवाब सही है। आप यह कह सकते हो कि आपके जवाब में यह वाली चीज को आपने एड्रेस नहीं किया। इसको भी एड्रेस करो। लेकिन आप ये नहीं कह सकते कि आपने जवाब नहीं दिया। राइट। ओके। ठीक है। ठीक है। हां जी। ठीक है। अच्छा मैं ना अभी आधा घंटा हुआ है। मतलब ना ये लाइव स्ट्रीम मतलब यार आपने 10 दफा बताया आधा घंटा हो गया सर। अब आप रखें। अच्छा सवाल यह रख रहा था कि अभी साहिल भाई ना एक भाई के साथ बात कर रहे थे मतलब कि वह कह रहे थे कि अल्लाह ताला ने यह स्पेस है यह यूनिवर्स क्यों बनाया और उसके आगे सवाल किए इंसान क्यों बनाया ये क्वेश्चन कर रहे थे ना कि मैं मतलब इसके कुछ आंसर देना चाहता हूं ये मतलब अच्छा आप आंसर देना चाहते हैं साहिल ने ये सवाल नहीं किया था अल्लाह नहीं है ठीक है साहिल ने ये सवाल ही नहीं किया अल्लाह है कि नहीं है मतलब साहिल का सवाल था कि अल्लाह ने ये दुनिया क्यों बनाई है ठीक है हां साहब ये आप ही का शिकार है। वो आप ही से बात करना चाहते हैं। तो सवाल वही रख ले इनके सामने कि अल्लाह ने ये दुनिया हां मैं ये ये मैं ये अपना क्या नाम है इसका? ये लीजिए सर। अरुण तो सर ये आ गया। जी सर ये आपका जो है ना कहां गया ये? जी। हां सर। ये जरा ये मैं डिलीट कर देता हूं। हां भाई आपके अल्लाह ने यह पूरा स्पेस कायनात क्यों बनाया? ये सिर्फ 10 सेकंड एक जी जी मतलब मैं रोक एक मिनट जी आप बात कह रहे थे कि अल्लाह ताला ने ये स्पेस क्यों बनाया? तो हमारी नजर में मतलब जितना हमें इल्म है ना तो इंसानों के लिए तो ये है ना कि अल्लाह ताला ने आजमाइश के लिए बनाया। लेकिन आप ये कह रहे थे कि इतनी बड़ी यूनिवर्स अल्लाह ताला ने क्यों बनाई है? तो इसका मुझे जो इसका मुझे जो अंजर आता है ना वो यही है कि इसलिए बनाया है कि हम इसकी निशानियों मतलब निशानियां निशानियां दिखाने के लिए अल्लाह ताला ने बनाई है कि अगर सिर्फ एक अर्थ होती ना कि उस पर इंसान होते तो फिर यही होता कि सब कहते कि ये रेंडमली आ गए तो अल्लाह ताला ने अपने के लिए पहुंचने के लिए मतलब ना के अल्लाह ताला को पहचान सके तो इसलिए अल्लाह ताला ने अपनी कुत दिखाई के ये समझ लें कि ये रैंडम नहीं बन सकता। अच्छा आप कह रहे हैं कि अल्लाह की निशानी को पहचानने के लिए मुझे बताओ कि स्पेस बनाने में अल्लाह की क्या निशानी है मेरे भाई स्पेस बनाना क्या निशानी पता चलेगी इसमें ये पता चलेगा कि जो मतलब के लॉ चल रहे हैं ना और दूसरी और और एक बात उससे पहले सवाल ये उठता है कि ये अल्लाह को अपनी निशानी क्यों बतानी है मतलब वाज ही वाज ही इनसिक्यर्ड के यार मैं मैं तो खुदा हूं और मुझे जो है ना अगर ये निशानी नहीं बताऊंगा तो कोई खुदा नहीं मानेगा। मेरी खुदा खुदाइयत पे जो है ना वो दाग बैठ जाएगा। इस वजह से मुझे निशानी दिखाना जरूरी है। तो उसको जरूरत क्या पड़ी है निशानी दिखाने की? उसको जरूरत यह पड़ी है कि अगर उसने एक आजमाइश के लिए इंसान बनाया तो इंसान तो फिर उसको बचाने के लिए कुछ निशानियां तो देगा ना कि आजमाइश के लिए बनाई है। निशानियां का मतलब ये है कि अल्लाह आप ये कहना चाह रहे हैं कि अल्लाह जो है वो मजबूर था। मतलब इट वास नेसेसरी फॉर हिम। ये जरूरत थी अल्लाह की कि वो स्पेस बनाए ताकि लोग जो है उसको पहचान सके। अल्लाह उसकी जरूरत थी। अल्लाह के लिए जरूरत नहीं थी तो क्यों बनाया हमारे लिए हमारे लिए तो ये इतना हमारे लिए तो जरूरत ही नहीं है इतने बड़े यूनिवर्स की इतने बड़े स्पेस की हम है इतने वो न्यूट्रॉन के बराबर पूरे स्पेस में हमारा हमारे स्पेस कोई काम की नहीं है वी कैन नॉट इवन एक्सप्लोर मैंने ये कहा है कि अगर स्पेस ना होती मतलब कोई यूनिवर्स ना होता सिर्फ इंसान होते और एक अर्थ होती तो फिर हमारे लिए क्वेश्चन मतलब बहुत सारे लोग क्वेश्चन उठा सकते हैं ना कि अगर यहां सिर्फ रेंडमली हम आ गए हैं। लेकिन हमारे लिए एक पूरा सिस्टम है। फिर हम वो तो भाई आज भी वो तो ऐसे भी आदमी उठाता है स्पेस होने के बावजूद भी कि ये रैंडमली आ गया है। वो तो एक अलग डिस्कशन है। स्पेस के होने से कोई अल्लाह साबित नहीं हो जाता। ठीक है। लेकिन ये दुनिया भी बहुत बड़ी है। हारून तला क्या क्या एक इंसान के लिए ये जो धरती है हमारी वो बड़ी नहीं है? बड़ी तो है लेकिन इंसान मतलब एक की तो जरूरत ही नहीं है यार जरूर मतलब एक अर्थ है उस पर निशानियां जो है लेकिन जो आसमान मतलब उसके लिए ज्यादा निशानियां बन जाती है ना फिर तो नहीं क्यों बन जाती है मैं बोल रहा हूं ना वो जरूरत ही नहीं है ना आपकी आप जिस अर्थ में रह रहे हो वही ऑलरेडी इतना बड़ा है उससे आप उसको ही एक्सप्लोर नहीं कर पा रहे हो पूरे अर्थ को फिर उसको छोड़ के आप जो है इतनी इतनी बड़ी स्पेस बना रहे हो। ये तो सेंस ही नहीं बनता। क्या तुक बनता है इसका? इतनी बड़ी स्पेस बन गई है। लेकिन ये कुछ हिकमत होगी ना इसमें भी। मतलब हत हमको जानना है। अच्छा मैं बताता हूं। अच्छा मैं बताता हूं। जानना है। हां। अच्छा मैं बताता हूं। अर्थ बनी है ना तो इसके साथ और मतलब जो प्लांट्स बने हैं। अगर वो ना होते ना तो हमारे लिए मतलब मसाइल पैदा हो जाते। मतलब मतलब अल्लाह जो है बिना इस सिस्टम के नहीं पैदा कर सकता था दुनिया को कर तो सकता था लेकिन हमारे लिए फिर फिर डन हो गया ना भाई कर सकता था तो वैसे ही करना चाहिए था ना ये इतना मगजमारी वाला क्यों पाल के रखा है अल्लाह ने तो हमारे लिए मतलब एक हानी हो जाती है फिर भी ज्यादा इससे नुकसान क्या होता है मतलब नुकसान बात नुकसान भाई बात नुकसान की नहीं है बात ये इस बात पे है कि इसका सेंस क्या बन है यही हो सकता है फायदे की बात नहीं है अल्लाह ताला अपनी ताकत दिखाना चाहता है मतलब कि मैं मतलब इंसानों को दिखाना चाहता है क्यों दिखाना चाहता है क्यों दिखाना चाहता है के लोग मुझे पहचान सके मतलब कि मैं ही हूं रब हूं मतलब क्यों पहचानवाना क्यों पहचानवा पहचानवाना चाहता है वो अपने आपको क्यों पहचान कराना चाहता है अपनी वो फिर इधर ही बात आ जाती है कि इंसान मतलब ना एग्जाम में आए तो उसके लिए आसानी हो कि अल्लाह ताला को पहचान मैं एग्जाम के ऊपर भी बात करूंगा। लेकिन सबसे पहले सवाल जो अल्लाह का है उस पर तो जवाब आ जाए कि वो क्यों चाहता है कि उसको पहचाने। अच्छा आप क्या वो बोर हो रहा था? अल्लाह बोर हो रहा था। ये पूछ रहे हैं। आपने कहा कि वो पहचान कराना चाहता था। मेरा सवाल उस पे है कि क्यों पहचान करवाना चाहता था? अल्लाह। क्या वो बोर हो रहा था? क्या हो रहा था? उसको क्या जरूरत पड़ गई पहचान कराने की? अच्छा वो वो उसकी ना मतलब अकेला था तो वो अपनी ना मतलब खुदाई को करना चाहता था मतलब के वो रहमत है ना अगर एक इंसान को पैदा किया तो इंसान के लिए रहमत है भाई हारून हारून इंसान के लिए क्या है क्या नहीं है वो तो सेकंड लेवल का क्वेश्चन है। हम खुदा के लेवल पे बात कर रहे हैं। तो वो अकेला था तो वो बोर हो रहा था। क्या हो रहा था वो? सेंस क्या बनता है? देखो अगर बोर हो रहा था तो बिल्कुल सेंस वाली बात है कि हां वो बोर हो रहा था उसने स्पेस बनाया उसने दुनिया बना दी और उसमें पूरा खेल रचाया तो इट अबब्सोलुटली मेक्स सेंस इफ ही वास गेटिंग बोर्ड गेटिंग बोर्ड हां अच्छा एक बात है कि अगर हम ये बात ये ऐसी है ना कि अगर हम एक लम्हों में हमें मतलब वो लम्हों से आजाद है तो हम ये नहीं जान सकते कि वो बोर हो रहा था या ये क्या कर रहा था इसलिए हमें तो इतना बड़ा एक्सप्लेनेशन कैसे दे दिया? फिर बिना जानते पहचान करवाना चाहता था, फलाना करवाना चाहता था। ये जब तुम जान नहीं सकते तो इतना बड़ा एक्सप्लेनेशन बिना जाने वो भी अल्लाह ने भी नहीं बताया। तुम अल्लाह से बढ़के बनके तुम अल्लाह का वकील बन के एक्सप्लेनेशन दे रहे हो। हालांकि अल्लाह ने तुमको कोई इसकी नॉलेज नहीं दी है। कैसे दे सकते हो तुम? अल्लाह ताला ने नॉलेज दी है। अल्लाह ताला ने यह नॉलेज दी है ना कि इसलिए अल्लाह ताला ने हमें इतनी नॉलेज दी है कि हम उसकी निशानियों के तहत उसको पहचान सके। ये नहीं नॉलेज दी। मतलब के ये इतना बड़ा यूनिवर्स क्यों बनाया? ये उसकी हिकमत होगी। हमें इतना ही सिखाया गया। तो तो मतलब इसका आपके पास जवाब नहीं है। तो तो मैंने जो मतलब शुरू से यही एक बात कह रहा हूं। मतलब दूसरी बात तो की नहीं। मैंने यही बात की है। जरा आप दो मिनट दे दे मुझे। जी

जी, प्लीज आप ये जरा होल्ड रखिएगा। इस जगह पे इन्होंने एक बड़ी बात की है। इन्होंने कहा है कि ये पूरी कायनात इसलिए बनाई है कि हम अल्लाह ताला को पहचान सकें। हारून साहब, क्या आप इस बात से एग्री करते हैं या डिसएग्री करते हैं? मतलब निशानियों के लिए बनाया गया कि निशानियां इंसान जान सके। ताकि इससे आप अल्लाह ताला को पहचान सकें। राइट?

यस, हो सकता है। यही आंसर है। इसके अलावा भी एक आंसर हो सकता है कि और जो कायनातें हैं, उसमें भी कोई अल्लाह की मखलूक है।

शोर नहीं, आप आप श्योर नहीं हैं। आप श्योर नहीं हैं। देखिए साहब, ये इतनी देर से 10 दफा ये बात रिपीट कर रहे थे। मैंने जब इनसे आके पूछा है कि यही जवाब है, तो अब ये अनश्योर हो गए। नहीं, अनश्योर नहीं होता। जैसे दिमाग में, जैसे कोई दिमाग में आंसर आए, तो फिर इंसान दे देता है। इसमें गलत क्या है? ओके, तो मैं अब दोबारा से नहीं, आप। अब मैं आपके इसी आंसर के बाद पूछता हूं।

यह निशानियां देख के क्रिश्चियन कहता है कि यह उसके खुदा ने बनाई है। यही निशानियां देख के हिंदू कहता है, यह उसके खुदा ने बनाई है। यही निशान देख के एक चंग पि खुदा के मानने वाला कहता है, यह उसके खुदा ने बनाई है। तो भाई साहब, ये जो इससे, इस निशानियों को देख के अल्लाह तो किसी सूरत में साबित नहीं होता। फुल प्रूफ नहीं है ना? उसकी निशानी, उसकी निशानी।

हारून, सुनो। एडमम, आपको बोलना क्या चाह रहे हैं? एडमम साहब, ये बताना चाह रहे हैं कि ये हां, वो फुल प्रूफ काम नहीं करता। अल्लाह हमेशा जो है ना, वो उसका सारी काम फेल, फेल वाले होते हैं। उससे अच्छे काम इंसान कर लेते हैं। अच्छा, मुझे 20, 20 सेकंड देंगे, मैं बोलूं? मतलब, अच्छा, आपने कहा कि ये, ये साबित नहीं होता कि अल्लाह है। मतलब, ना क्रिश्चियन और हिंदू, जो भी है, वो मानते तो हैं ना एक खुदा है। मतलब, इस, ये तो उनको पता चल जाता है, एक क्रिएटर है। ये तो साबित हो जाता है ना। फिर जो ये लोग, जो लेकिन बात यही है कि वो क्रिएटर अल्लाह है, ये तो साबित नहीं ना होता। हां, निशानी फेल हो रही है, बात है ना? वो तो बाद की बात है। क्या अल्लाह ना कहो, ना गॉड कहो, ना फिर आप क्रिएटर कहो या गॉड कहो, फिर आप अल्लाह, अल्लाह क्यों कर रहे हो इतनी देर से? अल्लाह तो, अल्लाह भी तो साबित कर सकते हैं ना? फिर मैं यही तो कह रहा हूं ना, यही तो कह रहा हूं। इसे अल्लाह साबित कराओ ना। क्योंकि देखो, अल्लाह तो कुरान में एक मर्तबा भी लफ्ज़ कायनात यूज़ नहीं करता। आसमान, क्योंकि आपके अल्लाह को कायनात का पता ही नहीं था। आपके अल्लाह को पता था जो जमीन से नज़र आता है, ज़मीन पे खड़े हो के आपको आसमान नज़र आता है। वो अल्लाह को पता था। ज़मीन पे खड़े हो के आपको चांद, सूरज और सितारे नज़र आते हैं। ये अल्लाह को पता था। इसके अलावा अल्लाह को कुछ नहीं पता था। पूरा कुरान आपके पास है। पूरी हदीसें आपके पास हैं। इसके अलावा अगर अल्लाह को कुछ पता था, तो दिखा दे मुझे। जी।

कुछ ऐसी भी बातें हैं कि मतलब ना, आज की साइंस दरियाफ्त करती है। वो भी अल्लाह पहले बता दी थी। कायनात के बारे में। पहले, जो मैंने सवाल किया है, उसका जवाब दे दे। फिर मैं आपके इस आर्गुमेंट पे भी चलता हूं। क्या अल्लाह को जमीन, आसमान, जो कि जमीन पे खड़े हुए नज़र आता है, सूरज, चांद और सितारे, इसके अलावा कुछ भी पता था कुरान में और हदीस में? जी, पता था। जी, पता था। मैं बताता हूं। बताइए, बताइए। पहले, मतलब मुझे 20 सेकंड बोलने के लिए तो देना। मिल, इंटरप्ट नहीं करना। भाई, आप एक मिनट बोलने के लिए ले, लेकिन सवाल का जवाब दें। इधर जलेबी ना बनाए। आपने पहले पूछा कि ये जो चीजें हम देख रहे हैं ना, तो ये कोई भी लिख सकता है। मतलब, अल्लाह ताला को नहीं पता था। कोई ऐसी चीज बताएं कि अल्लाह ताला वाकई लगे कि यार, आज की साइंस के साथ मिल रही है। तो, अल्लाह ताला एक इशारा। ये मैंने कहा था कि इस, ये सुने, सुने। ये मैंने कहा था, इस सवाल को भी साइड पे रखें। ये हम बाद में करेंगे। क्योंकि जो मेरा पहला सवाल है, ये उसको आप चेंज कर रहे थे। तो मेरा जो पहला सवाल ये था कि क्या अल्लाह को कुरान और हदीस में जमीन और जमीन पर खड़े हो के आसमान और आसमान पे सूरज, चांद और सितारे, इसके अलावा कुछ भी पता है पूरे कुरान और हदीस में? ब्लैक होल जो होते हैं, वो, वो तो नहीं ना, वो पता था? यार, बात सुनो। मैंने अच्छा, आप कह रहे हैं कि कुरान के अंदर ब्लैक होल लिखा हुआ है। जी, इशारा दिया हुआ है। मैं हमेशा इशारा ही देता है। अल्लाह, सब, सब। एक सेकंड, एक सेकंड। इशारा ये भी बताता हूं। इशारा, इशारा क्यों देता है? हारून, क्या कुरान में लफ्ज़ ब्लैक होल लिखा हुआ है? आप मुझे सिर्फ 10 सेकंड बोलने के दे। मैं यही बताता हूं। अगर अल्लाह ताला करो ना, पहले हां या हां। मतलब, मैं बताता हूं ना यार। कुरान में लफ्ज़ ब्लैक होल लिखा हुआ है। ये तो साइंस लफ्ज़ है ना। अगर ये अल्लाह ताला बता दे, ये साइंस लफ्ज़ है। ओके, डन हो गया। तो मैं दोबारा से पूछता हूं। क्या कुरान में लफ्ज़ ब्लैक होल लिखा हुआ है? इशारा दिया हुआ है? फिर तीसरी दफा पूछने लगा हूं। फिर मैं गाली दूंगा, फिर आपको बुरा लगेगा। सर, नहीं। क्या कुरान में लफ्ज़ ब्लैक होल लिखा हुआ है? थैंक यू सो वेरी मच। फाइनली आपने बोला। ओके।

अब आपने कहा, ब्लैक होल एक साइंसी लफ्ज़ है। करेक्ट? यस। ओके। व्हाट इज द डेफिनेशन ऑफ़ ब्लैक होल? मतलब के वहां ग्रेविटी होती है ना, तो वो अपने अंदर सितारों को मतलब खींच लेता है। हम जो भी चीज़। हेलो, हेलो, हेलो, हेलो, हेलो, हेलो। व्हाट इज द डेफिनेशन ऑफ़ ब्लैक होल? ब्लैक होल मतलब के जो आसमान में होता है, एक मतलब, मैं, मतलब साइंस। व्हाट इज द डेफिनेशन ऑफ़ द ब्लैक होल? अगर आपको डेफिनेशन नहीं आती, तो मुझसे पूछ लें। जी, आप बता दें। ओके। ब्लैक होल एक ऐसे रीजन को कहते हैं स्काई के अंदर जिसमें ग्रेविटेशनल पुल जो है, वो उसके मास की डेंसिटी की वजह से बहुत ज्यादा होती है। इतनी ज्यादा कि उसके अंदर से लाइट भी निकल नहीं सकती है। जी, जी। ओके, दोबारा से बताता हूं। ब्लैक होल की डेफिनेशन यह है कि द मास, द डेंसिटी, मास की जो डेंसिटी है, वो ब्लैक होल की इतनी ज्यादा होती है कि ग्रेविटेशनल पुल उसकी इतनी बढ़ जाती है कि उसके अंदर से लाइट भी अमिट नहीं हो सकती है। ठीक है? ये डेफिनेशन है ब्लैक होल की। क्या ये डेफिनेशन कुरान में कहीं पे है? क्योंकि अगर आप कह रहे हैं कि लफ्ज़ ब्लैक होल नहीं है, तो क्या ये डेफिनेशन कुरान में है ब्लैक होल की? जैसी आपने मतलब डेफिनेशन बताई है, वो डेफिनेशन बिल्कुल भी नहीं है। मतलब, उसकी तरफ इशारा दिया गया। सो, फिर वही बात, फिर इशारा, इशारा, इशारा। इशारे पे चलते हैं। पहले, पहले सवाल के क्लियर जवाब दे दें, फिर आगे चलते हैं। ओके। ठीक है। सो, आप कह रहे हैं कि ब्लैक होल का ना तो नाम मौजूद है, ना उसकी डेफिनेशन मौजूद है। करेक्ट? जी। तो, अगर ब्लैक होल का नाम भी मौजूद नहीं है, डेफिनेशन भी मौजूद नहीं है, तो भाई साहब, फिर इशारा किस तरीके से है? अब आप ये समझाएं। जी, अब मैं आपको बताता हूं। आप मतलब इंग्लिश में आपने डेफिनेशन की है, तो उर्दू में आपका मतलब यही है कि लाइट भी उसमें से गुजर जाती है। मतलब कि लाइट गुजरनी जाती है कि लाइट भी उसमें से बाहर नहीं निकलती है। दैट इज व्हाई इट इज कॉल्ड ब्लैक होल। ठीक है? इट्स नॉट लाइट उसमें घुस जाती है। इट इज कि लाइट भी उससे बाहर नहीं निकल सकती है। अच्छा, ठीक है। जी, सही है। अब आप बताएं कि कुरान में इशारा कहां है? कुरान में इशारा सूरत वाकया में है। मतलब के अल्लाह ताला कहता है कि मुझे कसम, ऐसी कोई आयत है कि मुझे कसम है उन जगहों की जहां सितारे डूबते हैं। तो, मुझे कहीं पे नहीं कुरान में ऐसी आयत जो सितारों के डूबने की बात करे। नंबर वन। नंबर टू, ब्लैक होल में सितारे डूबते नहीं है। यह आपको किसी गधे ने बताया कि ब्लैक होल में सितारे डूबते हैं? नहीं, मैं मतलब, मैंने भी YouTube से देखा था कि वो तो सर, YouTube पे तो आपके जो मुसलमान लोग हैं, वो कुछ भी लिख देते हैं। इसमें हमारा क्या कसूर है? मैंने कसम से कोई मुसलमान की वीडियो नहीं देखी। मतलब, मैंने यही मतलब प्रूफ करने के लिए मैंने कहा है कि YouTube में आपका कोई भी बंदा कुछ भी लिख देता है। उसमें हम क्या कर सकते हैं? भाई साहब, बात यह है, कुरान में कोई ऐसी आयत नहीं है जो कहे कि बल, सितारे जो हैं, वहां पे जाके गुरूब होते हैं। तो, जी, जी, कुरान में ये आयत है कि सूरत वाकया में ये आयत है? ओके। सूरह वाकया में क्या आयत है कि सितारे ग्रुप होते हैं? ऐसी कोई आयत नहीं है सर, सूर वाकया में? नहीं, मुझे, मैं आपको बताता हूं ना। मतलब, सूरत वाकया में मतलब, आप दरमियान से खोलें, तो आप मतलब आयत आ जाएगी। मतलब, मुझे एक्ज़ैक्ट तो नहीं ना किया हुआ कि मुझे पता हो कि कौन सी आयत है, लेकिन मैं मतलब, एक एक्ज़ैक्ट आईडिया दे रहा हूं। भाई साहब, वहां पर कहीं नहीं लिखा हुआ कि पूरे आसमान में एक ऐसी चीज है जहां पर सितारे जाकर गरूब होते हैं। तो, आप आयत निकाल लेना। मतलब, मैं अगर ना हुआ, तो दिख जाएगा। हुआ, तो अगर हुआ, तो ना। नहीं हुआ, तो नहीं दिखेगा। हुआ, तो दिख जाएगा। आप आयत तो निकाल लेना। आयत आपने निकालनी है। जब मैं कह रहा हूं आयत नहीं है, तो मैं निकालूं कैसे? आपको अगर आयत होगी, तो निकालूंगा। जब मैं कह रहा हूं आयत है ही नहीं, तो मैं निकालूं कैसे? अगर आयत है, तो आपने निकाल के देनी है। मैं तो कह रहा हूं आयत है ही नहीं ऐसी। क्या हुआ? चलो, भाई का इंटरनेट गया। साहब, इनका तो इंटरनेट चला गया। ओके, भाई, इनका तो फाइनली इंटरनेट चला गया। अब कुछ नहीं किया जा सकता इनके साथ। दानिश साहब और शाक्षी साहब। अब साकी साहब, आप तो ब्लॉक होने आए हैं, क्योंकि आप मुसलमान नहीं हैं, तो आप लगता है ब्लॉक होने आए हैं। दानिश साहब, आपका माइक और कैमरा कनेक्टेड नहीं है। चले गए। दानी साहब चले गए। ये इसको मैं निकाल रहा हूं। शाखशी साहब को। ये दोबारा जुड़े, तो इन्हें बैन कर देना, क्योंकि दो बार मैंने निकाला इनको। पता नहीं क्यों, क्यों रहे हैं। अब के आएंगे, तो खैर से ब्लॉक कर दे, बिकॉज़ कोई ताल्लुक नहीं है इनका यहां पे होने का। जनाब लाइव सीकर जी। जी। हेलो, एडमम भाई, कैसे हैं आप? जी, हेलो सर। देख ले सर, हम किस किस्म के कदों से बात करते हैं। बस, ये जो आपने जैसा आज टॉपिक रखा हुआ है, तो ये तो कोई मुसलमान तो डिफेंड नहीं कर सकता। मैंने कहा, चलो, मैं ही डिफेंड कर लेता हूं इसको। आज। अच्छा, आप डिफेंड करना चाहते हैं। क्यों सर? कर दे सर? बेसिकली, ऑब्वियसली, मैं एक्स-मुस्लिम हूं, तो डिफेंड तो नहीं कर रहा, बट एक अदर पर्सपेक्टिव इसका यह है कि जो शिया हैं ना, वो इस वाक्य को नहीं मानते और उन्होंने इसकी एक ऑल जलेबी बनाई हुई है, तो वो मैं आपसे डिस्कस करना चाह रहा था कि आपकी क्या राय है इस बारे में? जी सर, बताइए सर, क्या कहते हैं शिया? ये सर, तफसीर कुमी जो है ना, इनकी बड़ी ऑथेंटिक तफसीर की किताब है, उसमें लिखा। बहुत ढेर सारी तफसीरें हैं, लेकिन हां, बोल। जी सर, वन ऑफ देम जो है, वो ये है। तो सर, उसके वॉल्यूम थ्री के पेज 347 पे ये लिखा हुआ है कि नबी जो हैं, वो भूखे थे। तो एक अंसारी आदमी के पास गए, तो उन्होंने कहा कि मैं बहुत भूखा हूं। तो उन्होंने जो है, अंसारी आदमी ने एक शीप जो है, इसको स्लॉटर किया। उसका मीट रोस्ट किया और उनके पास ले आए। तो नबी ने ये खाना देख के कहा कि मेरी ख्वाहिश है कि काश जो है, यहां अमीरुल मोमिनीन हजरत अली और मेरी बेटी जो है, हजरत फातिमा और उसके बच्चे भी होते, वो भी मेरे साथ ये खाना खाते। तो सडनली ऊपर से जो है, अबू बकर और उमर आ गए। तो इस वाक्य से उन्होंने रिलेट किया है कि ये जो आयत है ना, जो सूर हज की 22, 22 की 52 आयत है, ये उससे रिलेटेड है और यहां पे शैतान जो है, वो दोज़ टू इंडिविजुअल्स यानी अबू बकर और उमर को कहा गया है। लेकिन उसके फौरन बाद ही हजरत अली आ जाते हैं। तो वो कहते हैं कि जी, फिर वो उससे अगली आयत है, उसी आयत का जो लास्ट पार्ट है कि अल्लाह जो है, वो अल्लाह एनस दैट विद शैतान कास्ट। तो अल्लाह ताला ने वो हजरत अली को भेज दिया। तो इस तरह से वो एब्रोगेट कर दिया। तो इसका उससे कोई ताल्लुक नहीं है। उजान मनात से और वो वाली कहानी से। ओके। तो यार, ये जो है, ये किसने कहा था, जरा बताइएगा? ये लिखा हुआ है। एक सेकंड। इट इज नरेटेड फ्रॉम इमाम जाफर सादिक। दैट हां, इमाम जाफर सादिक की तरफ। इमाम जाफर सादी से जितनी भी इन्होंने बातें ली हैं ना, वो अबू बकर और उमर के खिलाफ ही चलती हैं। क्योंकि इन्होंने भी वो सारी बातें बनाई। सारी इनके खिलाफ होती हैं। अबू बकर और उमर के। हां, तो असल में आपने ये बताया था कि जी, ये बिहार अनवार में लिखा हुआ है। नहीं, नहीं, तफसीर कोमी में सर। ये जो 22, सर, बिहार अनवार जो है ना, इस चीज को एग्री करता है इस वाक्य को। इलामा मजलिस, आप अगर प्लीज उसका रेफरेंस मुझे दिखा सकते हैं, तो? क्योंकि मैं इसलिए पूछ रहा हूं बेसिकली कि शिया दोस्त से डिस्कशन हो रही थी, तो उसी ने मुझे ये बात बताई थी। सर, शिया जिस मर्जी चीज को रिजेक्ट कर देते हैं, उनकी अपनी मर्जी होती है। ये इलामा मजलिसी, अनवार, शिया ऑनलाइन, यही करते हैं। ठीक है? रस तानी शफतहा। ठीक है? तो ये जनाब, आप इसको ट्रांसलेट कर लें। ठीक है? ये पूरे पैराग्राफ में बता रहे हैं कि एक ये भी है। इसमें उनकी गेम यहां पे है। बाय द वे ऑफ़ डिनायल ऑफ़ देम दे दैट द मैटर इज़ कॉन्ट्राइड टू व्हाट दे थॉट ऑफ़ दैट बिकॉज़ स्पीकिंग इन पेयर एंड इट इज़ इंपॉसिबल दैट दिस वाज़ इन एट द टाइम वाज़ परमिसिबल। बट इट वास एब्रोगेटेड लेटर एंड इट प्रेयर वास सेड। व्हाट इज़ मेंट बाय द खरानी आर द एंज्स। अब वो कह रहे हैं जी, गरानीक जो है ना, यहां पे फरिश्तों की तरह है। एंड समथिंग लाइक दिस केम इन सम ऑफ द हदीस एस वेल। सो द पोलथियस टोट दैट दिस इज़ में देयर गॉड्स एंड इट वास सेड दैट दैट वास रिवील्ड मे गॉड मैसेंजर कुरान डिस्क्राइबिंग द एंज रिसाइटेड बाय इट थ्रू आउट ब्लेस हिम एंड ह फैमिली व्हेन द पोलथियस मेंट देयर गॉड इज़ रिसाइटेस वाज़ एब्लकेटेड एंड इट वाज़ दिस इज़ द एग्रीमेंट। जी, मोहम्मद ने जो ये बात की थी, वो एंजल की तरह से की थी, लेकिन पोलथियस ने समझा ये उनके गॉड्स के बारे में है और उन्होंने ऐसा कर दिया, तो उसको थोड़ा बहुत गोलमोल किया हुआ है। मगर उन्होंने इस चीज को एग्री भी किया हुआ है, लेकिन थोड़ा सा गोलमोल करके एग्री किया हुआ है। नाउ असयूती जो है, उसको भी शिया लोग मानते हैं। ये तो मैंने बिहार अनवार दिखा दिया आपको, लेकिन असयूती भी इसको मानते हैं। और असयुती की जो तफसीर है, दुर मंसूर, वो भी इनकी किसी ना किसी शिया ऑनलाइन में मौजूद है। वो आप वहां से भी जाकर पढ़ सकते हैं। अ लेकिन असल में ये वाली चीजें जो है, सर, कई जगह पे इन्होंने लिखी हुई हैं। तो इससे इसे इकरार करना जो है ना, जरा थोड़ा सा डिफिकल्ट हो जाता है। और शिया जो है ना, वो भागते हैं, लेकिन कब तक भागते रहेंगे? ठीक है? तो असल में वो गेम आपको सिर्फ इसलिए डाल सकते हैं कि आप उनकी गेम में आ जाते हैं। अब वो इसको भी दिल करेगा, तो गलत कह देंगे। इसके बारे में गलत कहने वाले भी 3600 लोग होंगे। क्योंकि भाई, ये बात ही इतनी जबरदस्त है कि इसको गलत नहीं कहेंगे, तो क्या करेंगे? और शियाओं के अंदर एक बहुत बड़ा ये है कि मोहम्मद कभी भी वो मासूम हैं और उनके तो 12 इमाम भी मासूम हैं। तो जब सारे ही मासूम हैं, तो ये बात एसोसिएट करना एक बहुत बड़ा जुर्म हो जाता है। तो अब वो ये कहेंगे कि हां, इलामा मजलिसी ने तो इसको बोला था, लेकिन असल में बाद में इलामा मजलिसी ने इसको गलत भी कह दिया था। वो एक और किताब दे देगा आपको। या फलाने इलामा ने इसको गलत किताब कह दी था। एंड जज अलियाद सेड, कोई अलियाद नाममी बंदा है। सेड इन अलशफा आफ्टर वीकनिंग द हदीस एंड कास्टिंग अप पेरें। उन्होंने कहा जी, ये जनाब, ये गलत है। ये देखिए यहीं पे उन्होंने लिखा हुआ है। बल्कि के एक बंदे ने इसको गलत भी कह दिया। तो बेसिकली बात यह है कि सर, इन लोगों में गेम यही है कि कभी भी किसी भी चीज को गलत कह दें। और दूसरी बात यह है कि इनकी जो स्टोरीज हैं, वो ऑल टूगेदर डिफरेंट स्टोरीज हैं। सुन्नियों की जो स्टोरीज हैं, वो ऑल टुगेदर डिफरेंट स्टोरीज हैं। तो इनकी स्टोरीज के लिए इनके पास शैतानी आयतों पे जाने की बताए और बड़ी चीजें हैं जहां पे आप जा सकते हैं। बिल्कुल सही। तो जो सुन्नी मेजॉरिटी स्टोरीज हैं, उनको मैं शिया मेजॉरिटी पे डालता नहीं हूं। हम, हम, बिल्कुल। वैसे भी इस्लाम में इतनी सारी चीजें हैं कि एक आध पर अगर कोई अच्छी सी जलेबी बना भी दे, तो मतलब इतनी सारी चीजें हैं उसमें कि किस-किस को रिजेक्ट करेंगे। दैट्स द रीज़न कि मैंने इस्लाम छोड़ा है कि चलो एक आध पे तो मैं कह दूं कि अच्छा नहीं जी, ये इतनी नहीं, ये आयशा की ऐज इतनी हो गई, या चलो स्लेवरी, ये वो, कुछ भी। तो वो है ही इतनी सारी चीजें। किस-किस को एक्सेप्ट, रिजेक्ट किया जा सकता है? इट्स, इट्स नॉट पॉसिबल। इस्लाम को जिस एंगल से देखें, आप हर एंगल से ही वो गलत साबित होता है। उसका कुछ किया ही नहीं जा सकता। देयर इज नो वे, सिंपली इंपॉसिबल है। बेशक सर, बेशक सर। थैंक यू सो मच सर। आप जुड़े सर। बहुत-बहुत वेलकम सर। वेलकम। सर, अपना ख्याल रखिएगा। ओके सर। अल्लाह हाफिज। अल्लाह हाफिज।

हां जी। हारून तल्हा। वापस आए आप? जी, हारून। हारून साहब, आप वापस आए? बोले यार, हारून। आपकी आवाज नहीं आ रही। फोन को अनम्यूट। अपना स्ट्रीम यार्ड को फ्रंट पे लेके आओ, ताकि आपकी आवाज आए। ओके, जी। तो हारून साहब चले गए। साहिल साहब, स्ट्रीम बंद करें यार। पांच घंटे से ऊपर हो गई है। तो स्ट्रीम को बंद करते हैं। अब हारून साहब तो आना-जाना ही लगे हुए हैं। उनका तो अब कोई काम नहीं है। PUBG सनी कहते हैं, ब्लैक होल इज़ बेस्ड ऑफ़ कुरान? या राइट ब्रदर। अह, PUBG सनी, डेफिनेशन ऑफ़ ब्लैक होल इज़ काला, काले, काला छेद। इतना भी नहीं पता। आय हाय हाय हाय हाय। काला छेद। ये वाई के भाई कहते हैं, हां, लिखा है इसरा में। ब्लैक होल जाके जीके लिए प्यासा था। कोई पता है कौन? यार, ये क्या यार? ये साहिल भाई पढ़ेंगे यार। इतनी, इतनी अश्लील हिंदी, उर्दू। हां, भाई, हरून बोलेगा कि नहीं? अरुण नहीं बोलेगा। PUBG सनी कह रहे हैं, हमारे यहां ऐसा ही होता है। दैट्स इट। वाई के भाई कहते हैं, हां, पता था ना चांद के दो टुकड़े करने की निंजा टेक्निक? व अल्लाह हबीबी, व्ल्लाह हबीबी। ओप कहते हैं, अल्लाह सीधा आके क्यों नहीं दिखाता? दिखा देता, प्रॉब्लम सॉल्व। सबको एक ही बार में पता चल जाता। सिर्फ एक ही अल्लाह होता। हबीबी। सर, तभी तो अल्लाह ये करता नहीं है। के भाई कहते हैं, मुझे लगता है ये भटका हुआ है। नवजन, नौजवान, नौजवान। ओके। पब्जी कहते हैं, लव यू हजरत आयदम एंड साहिल फर्शी। सलाम सर। धन्यवाद सर। भाई के भाई कहते हैं, इसको बताया है साहिल, ध्यान से सुन। फुल बकलोली बताएगा। ताडी खैर हो जाए। रिसाइटेशन किंग ऑफिशियल, वो अल्लाह को क्या है? वो अल्लाह जो खत्म नहीं कर पाया, उसे सब कुछ बताया। अरे, अरे, अरे, अरे, अरे, अरे। क्या उसने सब कुछ बताया? सॉरी। ये क्या नाम है? जी, अमरोसी मुसलमान है सर आप? हेलो। अरे, कटली जी, मुसलमान है सर? आई एम रियली सॉरी टू जॉइन योर स्ट्रीम। नो, आई एम नॉट अ मुस्लिम, बट आई रियली वांट टू टॉक टू यू। इज इट पॉसिबल? डिस्कर्ड ज्वाइन कीजिए सर। प्लीज ज्वाइन डिस्कर्ड। ओके। ये पार्ट टू आया। इसका पार्ट वन कहां है यार? पार्ट वन। अमित यार, प्राइवेट चैट को डिस्कर्ड का लिंक दे दें। वहां पे इनसे बात देता हूं। अच्छा जी। किधर गया ये पार्ट टू स्केर राकेश का? ये पार्ट वन कहते हैं। कर्मा, चेक आउट द डॉक्टर स्टीवनसन, डॉक्टर टिम रिसर्च ऑन 5000 केसेस। मुसलमान आल्सो विद बर्थ मार्क्स मैच्ड विद प्रीवियस लाइफ डिस्क्रिप्शन। यूनिवर्सिटी ऑफ़ वर्जनिया। जरा आप भी सारी चीजें सर, ऐसे ही मन से मान लेते हैं। अगे साहब, पार्ट।

टू ऐसा ही एक रिसर्च केस में एक दिन हिंदू फैमिली बच्चा दो-तीन साल का अपने आप नमाज पढ़ता था। प्रीवियस लाइफ फैमिली डिटेल बोलता है। जब वेरीफाई किया तो बर्थ मार्क भी सेम था। डिटेल्स।

ओके सर, थैंक यू। अच्छा जी। डॉक्टर साहब कहते हैं, एरम भाई यार, अच्छा हंस रहे हैं भाई। ब्लैक पिंक साहब, थैंक यू। आज दोनों शेर बैठे हैं। बेशक सर।

शाहिद रजा खान कहते हैं, सवाल भी यह बताएगा कि इसे क्या पूछें? सर, हमने तो सर इसका सवाल भी ले लिया था। सतीश यादव साहब कुछ कह रहे हैं। साहिल, साहिल साहब नहीं आए इस वक्त। अमित साहब, पढ़िएगा।

साहिल भाई, परफ्यूम अभी तक नहीं पहुंचा। कब तक मिलेगा? ये तो साहिल ही जवाब। ओए होए होए होए होए यार, साहिल साहब, परफ्यूम नहीं पहुंचा। यार, सतीश यादव का जैसे ही साहिल आएंगे, साहिल से पूछते हैं यार, इनका परफ्यूम क्यों नहीं पहुंचा अभी तक।

कट, हमने सब आपको डिस्कर्ड का लिंक दे दिया प्राइवेट चैट में। आप लीव कर दीजिए। लिंक लेके, हां, लिंक ले लें और सर, लीव कर लें।

कोमल साहब कहते हैं, यू सेड नबी को बड़े गुनाह माफ हैं। सो नबी सीम्स लाइक सम करप्ट ऑफिसर और खून हु ब्राइब्स द सिस्टम एंड गेट्स अवे आवर डूइंग बिग क्राइम। सर, बेशक, बेशक, बिल्कुल सही बताया आपने।

हैप्पी बर्थडे सिस्टर मैली। ओर मैलीज बर्थडे था। मुझे नहीं पता था। बर्थडे विश भी नहीं किया। नहीं, लास्ट वीक था उनका बर्थडे। बता ही देना था यार। हम बर्थडे विश कर देते हैं उनको। हां, बातों-बातों में बातें दूसरी तरफ नहीं थी। याद नहीं आया। वापस।

अच्छा, हारून साहब तीसरी दफा आए हैं। वो मेरा ना मतलब मोबाइल बंद हो गया था। मैं छत पर था तो नीचे आके मोबाइल चार्ज पे मतलब लगाया, फिर ऑन किया, फिर लाया। अच्छा, तो अब फिर बंद हो जाएगा। फटाफट चार्जर ले आना था ना छत पे। नहीं, नहीं, छत पे कौन सा बोर्ड है? मतलब बोर्ड पे ही खड़ा है। बात करनी है। मैं अभी वो भी जो बात हो रही थी, वही करनी है। अब नहीं ले आऊं? दो ना यार।

सूरह वाकया की आयत दो ना। हां, मैंने वो रेफर भी देखा है। मतलब वो सूरत, सूरत वाकया और 75 आयत है। मतलब सूरह वाकया की 75 आयत है। जी। और अगर सूरह वाकया की 75 आयत में ना लिखा हुआ तो फिर क्या करेंगे? अगर ना लिखा हुआ तो फिर मैं आपको मान जाऊंगा। मतलब आपके साथ।

आपका अल्लाह कह रहा है कि वो कसम खा रहा है। बम वाकया अल नजूम। इसको आपने डूबना बनाया है। वाकई। अच्छा, ये ये डूबने हैं। सितारों के डूबने का मकाम है। तो आपका ख्याल है सितारे डूब जाते हैं ब्लैक होल में जाके? मतलब मैंने कई साइंटिस्ट से सुना, वो कह रहे हैं कि बड़ी-बड़ी गैलेक्सी मतलब गैलेक्सीस जो होती हैं ना, वो डूब जाती हैं। मतलब तो उनमें डूब नहीं जाती, वो ब्लैक होल में जाके डूबती नहीं है। वो ब्लैक होल में जाके टकरा जाती हैं। उसकी, उसकी ग्रेविटेशनल पुल की वजह से गैलेक्सीस टकरा जाती हैं। तो सितारे तो नहीं ना डूबते। इसका मतलब है ब्लैक होल में। तो गैलेक्सीस में स्टार्स तो होते हैं ना। गैलेक्सीस में तो प्लैनेट्स भी होते हैं। आपके अल्लाह को तो प्लैनेट्स का नहीं पता था। लेकिन यहां पर ब्लैक होल आपका अल्लाह ने ना बयान करा। यहां पर अब आप कह रहे थे आप मुझे यह कह सकते हैं कि कुरान में अल्लाह को पता था सितारे गूब होते हैं। ठीक है? आप यह नहीं कह सकते कि कुरान में अल्लाह को पता था कि ब्लैक होल है। लेकिन अल्लाह ताला ये भी तो कह रहा है ना कि उन मकामात की कसम मतलब कसम तो उठाई है। मतलब कोई बड़ी, बड़ी बात है ना। सितारे नहीं, सितारे तो रोज गुरूब होते हैं। सितारे तो डेली गूब होते हैं। किधर ग्रूब तो ग्रूब होते हैं? सर, सुबह के टाइम पे सितारे सारे ग्रूब हो जाते हैं। सुबह के टाइम पे आपका सूरज निकल आता है और शाम के टाइम पे सूरज ग्रूब हो जाता है। नहीं, सूरज ग्रूब होता है, वो तो दिखाई देता है। लेकिन सितारे मतलब दिन की रोशनी में गायब हो जाते हैं। लेकिन डूबने तो ग्रूब हो जाते हैं। आपका अल्लाह यही कहता है इसे ग्रूब करना कहते हैं। नहीं, वो वो कह रहे हैं कि एक कसम है उनकी मतलब कि एक कसम उठाई है कि कोई बड़ी बात है। हमें तो सिर्फ यही इशारा है कि कसम उठाई। कसम तो अल्लाह सर घोड़ों की भी उठाता है। तो क्या इसके घोड़ों की कसम उठाने से क्या वो साबित हो जाता है कि घोड़े कोई बहुत बड़ी चीज है? कसम तो अल्लाह हर चीज जैतून की उठा लेता है। कसम तो अल्लाह किसी भी चीज की उठा लेता है। तो अल्लाह की निशानी होती है ना? तो निशानी होती है। नहीं, निशानी होती है। ओके। वही मैं बता रहा हूं आपसे कि सूरज गरूब होता है तो सूरज भी ब्लैक होल में गिर जाता है। सूरज ही तो नहीं ना मतलब होता। मतलब क्या मतलब नहीं होता। अल्लाह कुरान में कहता है नहीं जब कसम है सूरज जब गुरूब होता है। सूरज तो नहीं ना होता मतलब स्टार्स होते हैं। जी। ओके। 70 की 40 खोलते हैं आपके लिए। आपको ये दिखा देते हैं। 70 की 40 नहीं सर। अल्लाह तो सूरज के गुरूब होने की कसम खा रहा है। आई स्वेयर बाय द लॉर्ड राइजिंग एंड द सेटिंग दैट इंडी। मुझे कसम है मगर मगरिब और मशरिकों के रब की। हां जी। अब मैं कह रहा हूं आपका तो अल्लाह राइजिंग ऑफ़ द सन और सेटिंग ऑफ़ द सन उसकी भी कसम खा रहा है। लेकिन सूरज, सूरज किधर लिखा हुआ है? तो नहीं, कसम है मुझे मशरिक और मगरिब की। अच्छा, ये किसी और कोई और मशरिक और मगरिब है? नहीं, नहीं, सूरज की तो मतलब सूरज का तो जिक्र नहीं है। अच्छा, सूरज का जिक्र नहीं है। तो कौन सी है? राइजिंग प्लेस और सेटिंग प्लेस। मशरिक और मगरिब है ना मतलब क्या? नहीं, मशरिक और मगरिब नहीं है। ये तो मशरिक और मगरिब है। दो मशरिक, दो मगरबी हैं। ये कौन-कौन सी हैं? मुझे आईडिया नहीं है। ओके।

आपका अल्लाह कहता है 18 की 86 में कि एक बंदा है वो ब्लैक होल तक पहुंच गया था। मतलब ये देखिए हत्ता इजा बलगा मगरिब शमस। एक बंदा है जो सूरज की सेटिंग प्लेस तक पहुंच गया था। तो यह सूरज ब्लैक होल में सेट होता है और एक बंदा उस जगह पे पहुंच गया था। सूरज मत दिखाएं। अंटिल व्हेन ही रीच द सेटिंग प्लेस ऑफ़ द सन। यहां तक कि वो सूरज के गरूब होने की जगह तक पहुंचा। तो अगर गरूब होने के लिए सितारा, सूरज भी एक सितारा है और गरूब जब भी सितारा होता है वो ब्लैक होल में होता है तो भाईजान एक बंदा जो है ब्लैक होल तक चला गया था कुरान के मुताबिक। सूरज, सूरज गूब होता है ब्लैक होल में ये कहां लिखा हुआ है? मतलब ग्रूब होने की जगह तक पहुंचा। बहुत अच्छा सवाल किया आपने। लो जी दोस्तों, इन्होंने सवाल किया है, सूरज गूब होता है ब्लैक होल में ये कहां लिखा हुआ है? यहां पे तो सिर्फ ये लिखा हुआ है, सूरज गूब होता है। ओके सर, वापस आते हैं। अब वापस आते हैं सूरह वाकया के अंदर जब लिखा हुआ है सेटिंग प्लेस ऑफ़ द स्टार। तो ये कहां लिखा हुआ है कि ये सितारे जो है ब्लैक होल में गूब हो रहे हैं? मैंने सूरज की तो सूरज की तो बात ही नहीं की वो ब्लैक होल में ग्रूब होता है। तो मैं भी वही बात कर रहा हूं कि जब सूरज के गूब होने की बात हो रही है तो वो अगर ब्लैक होल में गरूब नहीं होता तो जब सितारों के ग्रूब होने की बात हो रही है तो ये कैसे पता लगेगा ये ब्लैक होल में ग्रूब होते हैं? तो वो तो हमें साइंस बताती है। मतलब नहीं, साइंस नहीं बताती। साइंस कहीं नहीं बताती है। साइंस का सहारा चाहिए ना? साइंस का सहारा चाहिए। पहले, पहले इस आर्ग्यूम को खत्म कर ले फिर साइंस के सहारे पे जाना। पहली बात के साइंस कहीं नहीं कहती कि सितारे ब्लैक होल में गरूब होते हैं। कहीं नहीं कहती। दैट्स पॉइंट नंबर वन। पॉइंट नंबर वन। सुनो इस बात को। गरूब होने की बात को सुनो। जो चीज गरूब होती है वह अगले दिन निकलती है। चांद सुबह के टाइम पर गूब होता है। सूरज रात के टाइम पर गूब होता है। सितारे सुबह के टाइम पर गूब होते हैं। गरूब होने से उसका फिनिश होना नहीं डिफाइन होता। उसका खत्म होना डिफाइन नहीं होता। नंबर वन। नंबर टू। सितारे का फिनिश होना एक सेपरेट चीज है या उसका ब्लैक होल में जाके उसके साथ टकरा जाना इज अ सेपरेट चीज। इट हैज़ नथिंग टू डू विद गूब होना। अच्छा, अगर आप ये कह रहे हैं कि मेरी मतलब साइंस जो कह रही है मैं गलत कह रहा हूं लेकिन मैंने यही सुना है कि वो कह रहे हैं गैलेक्सीस जो कुछ होता है मतलब डूब जाता है मतलब ब्लैक हो। फिर वही बात, मुझे दिखा दें किस साइंटिस्ट ने ये टर्म यूज की हो कि गैलेक्सीस जो है वो ब्लैक ब्लैक होल में जाके गूब होती है। एक साइंस दिखा दे पूरी दुनिया का। अच्छा, मैंने चलो गया बंदा फिर से। ठीक है। मैं फिर अगर आप कह रहे हैं कि ठीक है, फिर मैं आपके साथ। क्या मतलब क्या आप कह रहे हैं? ठीक है भाई कि दुनिया यार आपके पास Google है ना। हेलो, डस स्टार्स सेट इन ए ब्लैक होल? ले जी, मैं आपको दिखा देता हूं। ये देखें, ये जनाब आपका गुगली साहब कहता है। हमने गुगली साहब से पूछा, डस स्टार सेट इन ए ब्लैक होल? वो कहता है, स्टार डोंट सेट इनू ब्लैक होल। हां जी। जी, ये सामने मुझे डोंट नॉट सेट इनू ब्लैक। थैंक यू सो वेरी मच। तो भाई साहब देखिए, बात ये है कि आपको किसी ने झूठ बोला है। अब वो उस झूठ को आप जस्टिफाई कर रहे हैं। नहीं, नहीं, मैं रिसर्च कर। हां, देखा मैंने प्राइवेट चैट पे रिप्लाई भी किया। तो एडमम साहब, अगर ये हो गया है तो मैं इनसे फिर वही टॉपिक पे डिस्कस। आप ले ले सर, वापस ले। ये बूंगी तो आपने खत्म कर दी है। मैं जरा। नहीं, मैं सर्च कर लूंगा इस बात पे। मतलब कि वो मैंने ना भाई खत्म हो गया ना? खत्म हो गया ना? मेरी बारी है ना? अच्छा, हां भाई। हां, तो मैंने आपसे जो सवाल किया था कि आपके अल्लाह ने ये पूरा स्पेस काना क्यों बनाया? तो आपने कहा था कि निशानी के तौर पे बनाया था। ठीक है जी। मेरा सवाल आपसे ये है मेरे भाई कि वो निशानी क्यों दे रहा है? वो सीधा सामने क्यों नहीं आ जाता? अगर वो सामने आ जाए तो फिर जो उसने इम्तिहान के लिए, आजमाइश के लिए पैदा किया तो फिर वो तो सामने आ जाएगा। वो खत्म हो जाएगा ना सिस्टम। मैं लिख लेता हूं। इम्तिहान के लिए वो सामने नहीं आता। ओके। अगला सवाल है। इंसानों का इम्तिहान बोल रहे हो ना? हां। इंसानों का ही। ओके। अल्लाह को इंसानों का इम्तिहान क्यों लेना है? आपकी आवाज आ रही है। मतलब सर, आपके इंटरनेट में लेना है। जी, जी। अल्लाह को इंसान इम्तिहान क्यों लेना? अल्लाह ताला ने इंसानों का इम्तिहान क्यों लेना है? मतलब उसके पास पहले भी तो। इसलिए लेना है कि इंसान मतलब अपने फैसलों के जरिए मतलब जजा सजा मतलब ले सके। मतलब अगर नहीं, वो तो इंसानों का मसला है ना भाई। वो तो इंसानों का मसला है। जजा सजा फला ढिमका। अल्लाह को इंसानों का टेस्ट क्यों लेना है? इम्तिहान क्यों लेना है? अल्लाह हमारे लिए एक रहमत अल्लाह ने की है कि ये भी जन्नत में चले जाएंगे। भाई हम भाई, वो हमारे लिए क्या है, क्या नहीं है, वो नहीं पूछ रहा हूं। अल्लाह को क्यों लेना है इम्तिहान? अल्लाह को क्यों लेना है? जी, वो तो वो इसलिए लेना है क्योंकि अल्लाह जान। अल्लाह ताला इंसान को आजमाना चाहता था। मतलब उसके पास पहले भी तो। फ्रेश क्यों आजमाना चाहता है? अल्लाह, अल्लाह क्यों आजमाना चाहता है? अल्लाह, वो इसलिए आजमाना चाहता है कि वो देख सके कौन अच्छा है और कौन बुरा है। तो अल्लाह को मालूम नहीं था कि कौन अच्छा है कौन बुरा? वो जो देखना चाहता है वो मालूम था। मतलब तो क्यों फिर आजमाना चाहता है? लेकिन मालूम था मतलब ये तो नहीं है कि मतलब वो हमेशा से जानता था। लेकिन वो भी हमेशा से। अल्लाह नहीं जानता था? साहब था? क नहीं पता था? साहब, अल्लाह को क हमेशा से जानता था? मतलब मैं ये नहीं कह रहा जानता था। अभी तो तूने बोला कि अल्लाह नहीं जानता था। आपको गलतफहमी हो गई। मैंने तो मैंने नहीं बोला। मतलब मेरे नहीं, साहब गलतफहमी हो गई। साहिल साहब, कोई बात नहीं। गलतफहमी तो। अल्लाह जानता था और उसने लिख भी। फिर भी वो टेस्टाना क्यों? क्यों टेस्ट लेना चाहता है जब वो जानता है और उसको मालूम है तो क्यों टेस्ट लेना चाहता है? टेस्ट, टेस्ट तो हमारे लिए है ना? मतलब अच्छा, एक भाई मेरे पर्सपेक्टिव से मैं पूछ ही नहीं रहा। अल्लाह क्यों लेना चाहता है टेस्ट? जैसे एक टीचर होता है मतलब स्टूडेंट से टेस्ट लेता है तो टीचर से तो कोई नहीं ना पूछ सकता आप क्यों ले रहे हैं भाई? टीचर को पता नहीं है कि स्टूडेंट पास होगा या फेल होगा। आपके अल्लाह को तो पता है पास होगा या फेल होगा। अल्लाह क्यों टेस्ट ले रहा है? टीचर को अंदाजा होता है। उसने मतलब अंदाजा का पता तो नहीं होता। अंदाजा उसका गलत भी होता है और अंदाजा उसका गलत भी होता है। बहुत से बार ऐसा होता है कि टीचर को लगता है कि ये स्टूडेंट जो है वो 110% फेल होगा लेकिन वो स्टूडेंट पास हो जाता है। टीचर को लगता है कि ये स्टूडेंट जो है वो फर्स्ट क्लास से पास होगा लेकिन वो बच्चा सेकंड क्लास से पास होता है। तो टीचर को अंदाजा तो हो सकता है लेकिन उसको कंफर्म पता नहीं होता। अगर एक एक इंसान होता है वो पूरा साल नहीं पढ़ता तो टीचर तो बता सकता है कि नहीं बावजूद भी पास हो जाता है। अंदाजा होता है ना? टीचर को भी कंफर्म नहीं होता ना भाई। क्यों? क्यों बिना वजह की जलेबी बना रहे हो भाई? जलेबी बना रहे हो। 50% तो पता होता है ना। हां। तो 50 तो अल्लाह को भी 50% पता था कि ये पास होगा कि फेल होगा। नहीं, अल्लाह को 100% पता था। तो उसे क्यों टेस्ट ले रहा है? 100% पता था तो क्यों ले रहा यार? मतलब वो तो मतलब एक ऐसा है ना मतलब उसने हर चीज बनाई है तो वो पहले से जानता था लेकिन हम उसकी हिकमत को नहीं समझ सकते। मतलब ये है। देखो यहीं पे बात खत्म हो जाती है। देखो मैं इसी वजह से मैं तुम्हारी उतनी जलेबियां भी सहते हुए आया क्योंकि मुझे एट द एंड मुझे पता था तुम यही आंसर दोगे। तुम क्या तुम्हारे जितने बड़े-बड़े मुल्ला मौलवी हैं जब उनके पास जवाब नहीं होता है तो वो लास्ट में यही कहते कि हमको नहीं पता हिकमत क्या है, हम नहीं समझ सकते। तो भाई जिसकी हिकमत नहीं समझ सकते, जिसको देखा नहीं जा सकता, जिसकी हिकमते ही जो है ना इलॉजिकल और नॉनसेंसिकल है तो ऐसे खुदा हमें ये जानकर लेना भी क्या है? मतलब कि वो मतलब इस चीज को जान के लेना भी क्या है? हमें तो उसने पैदा किया। बिल्कुल, मैं जानना भाई। बिल्कुल, मैं जानना चाहता हूं ना। तुम एक मैंने वजह बताई है। देखो अगर खुदा आसमानों पे नजर आ रहा होता तो तो मुझे जानने की जरूरत नहीं थी। ठीक है भाई, टेस्ट ले रहा है, जैसा भी है, टेस्ट ले रहा है। समझ में आता है। मुझे तो वो दिखता भी नहीं है। उसको तो साबित भी नहीं किया जा सकता। तो भाई उसका जो तुम कांसेप्ट बताओगे मुझे, मैं वो देखूंगा कि उसका कांसेप्ट लॉजिकल है या इलॉजिकल है। तो उसके लिए और भी तो चीजें हो सकती है ना इस इस चीज को। नहीं, ये ये चीज का ही पहले जवाब मिलना चाहिए ना। बेसिक से शुरू होना चाहिए। सेकेंडरी चीजें तो बाद में आएंगी। जब पहले जो सबसे बेसिक चीज है उसी में ही आप अगर कोई रैशनल आर्गुमेंट नहीं दे सकते तो मामला उसी में खत्म हो जाता है। जब उसका पिलर ही खत्म हो जाए। हमें जो बताया गया है ना वो मतलब यही बताया गया सूरत मुल्क में के अल्लाह ताला ने इसलिए पैदा किया है कि तुम्हें जान। मेरे को भी मालूम है भाई। मैं बताता हूं। अल्लाह ने बताया है वो वो टेस्ट का जो बताया है अलदी खौत अमला। ठीक है। ये हमको भी मालूम। उसके बाद फिर अल्लाह कहता है खत जिन्ना याद। ये तो तुमने बताया नहीं। हालाकि तुमको शुरुआत इधर से करनी चाहिए थी। वमा खत जिबद। ये तुमने बताया नहीं। तो मैं उसपे सवाल करता। लेकिन चलो तुमने वो छोड़ दिया। अल्लाह कहता है कि हमने इंसानों और जिनों को बनाया ही इसलिए है कि वो मेरी इबादत करे। चलो मैं वो भी पूछ लेता हूं। वो हां, मुझे बताओ कि अल्लाह इबादत क्यों करवाना चाहता है? क्योंकि वो एक नर्सिस्ट गॉड है। नहीं, नहीं, पहले पहले तो ये देखना चाहिए इबादत होती क्या है? फिर उसके बाद देखना चाहिए इबादत। हारून, इबादत एक्स व जी होती है। कोई इशू नहीं उसका। एनी डेफिनेशन तुम दे दो। झुकना, तारीफ करना, फलाना करना, कुछ भी इबादत। आई आई डोंट केयर। ये नहीं होता इबादत का मतलब। मैं ओके, मैं लिख देता हूं। बताओ इबादत क्या होती है? इबादत का मतलब होता है कि हम मतलब अच्छे माल कर सके। मतलब दूसरों के साथ। यह भी इबादत में शामिल होता है। मतलब एक इबादत में शामिल होता है। तो इबादत होती क्या है? वो डिफाइन करें। हां। ये तो शामिल होता है इबादत में। इबादत होती क्या है? वो बताएं ना पहले। किसी की बंदगी बयान करना, ये भी इबादत होती है। ओके। भी होती है। इबादत कहते किसे हैं वो बताएं। ये सब वाली बात इबादत मतलब इबादत की यही डेफिनेशन बनती है ना मतलब अल्लाह ताला की बंदगी बयान करना, उसकी खूबियां। ओके, ओके, डन। अब बताओ कि अल्लाह इबादत क्यों करवाना चाहता है? अल्लाह इबादत क्यों नहीं? ये तो मतलब मैंने बता दिया ना कि वो इसमें दूसरी चीजें भी आती है कि मतलब वो ये चाहता था कि मैं मतलब झूठ को ना वो सच को झूठ पर मार दूं। कौन? मतलब अल्लाह ताला चाहता था कि मैं झूठ को मतलब सच मार दूं। यही उसका मतलब था कि इंसान झूठ सच तो तभी की बात आएगी ना जब इंसान होंगे और वो कुछ करेंगे नहीं करेंगे। लेकिन वो इबादत करवाना क्यों चाहता है वो? पहले सवाल तो वो है। उसका क्या फायदा? उसका उसका फायदा नहीं है लेकिन हमारे लिए मतलब बेहतरी करना चाहता है। मतलब नहीं, हमारे हारून, वंस अगेन मैं आपको ये फिर से बोल देता हूं ताकि सेम चीज आप रिपीट ना करो। मैं ह्यूमन पर्सपेक्टिव से पूछ ही नहीं रहा हूं। तो डोंट गिव मी एनी ह्यूमन पर्सपेक्टिव। हमारे लिए, तुम्हारे लिए। मेरा सवाल ये है अगर हम तुम होते ही नहीं थे, होते ही नहीं तो वो पर्सपेक्टिव भी नहीं होता। राइट? जी। एग्री करते हो कि अगर इंसान होता ही नहीं तो हमारा तुम्हारा भी नहीं होता। सही। जी। ठीक है। अगेन हां, तो अल्लाह क्यों इबादत करवाना चाहता है? अल्लाह ताला इबादत क्या नुकसान? नहीं, अल्लाह ताला ने तो जब कोई चीज कुछ भी नहीं था। नथिंग था तो अल्लाह ताला की जात थी। तो अल्लाह ताला मतलब किधर गई? नथिंग में कैसा था अल्लाह? चलो इसको भी मैं पूछ लेता हूं। वो नथिंग कहां से शुरू होता है? ये नथिंग कहां से शुरू होता है? और नथिंग में अल्लाह कैसे था? नथिंग मतलब कुछ नहीं था। ये नथिंग का मतलब होता है कुछ नहीं में अल्लाह कैसे था? मतलब कुछ नहीं था तो अल्लाह था ना। मतलब कैसे था? वही पूछ रहा हूं। जब कुछ था ही नहीं तो कैसे अल्लाह था? और कहा अगर अल्लाह था तो कुछ था। हां, जब जब अल्लाह था तो अल्लाह कैसे था? अल्लाह नथिंग में कैसे था? और कहां था? अल्लाह नथिंग में के लिए होने के लिए स्पेस की जरूरत होती है। नहीं, ये मतलब कहां लिखा है कि स्पेस स्पेस के लिए मतलब क्या होने के लिए स्पेस क्या किसी भी चीज का किसी का भी वजूद होने के लिए स्पेस की जरूरत नहीं होती है? अच्छा, तो कोई भाई भाई वो नथिंग से आया? क्या पहले से है? अभी डिस्कशन उस पे नहीं चल रहा। डिस्कशन इस पे चल रहा है। आपका दावा है। नहीं, वो तो बाद में बनेगा ना हारून। बाद में। पहले ये पहले ये कंफर्म करो उसके बाद फिर उस हम डिस्कशन करेंगे कि नथिंग था पहले से? हमेशा से स्पेस एक्सिस्ट कर रहा था? ये तो सेकेंडरी डिस्कशन है। आपका यह दावा है। देखो आपने कोई भी सवाल का जवाब नहीं दिए। आपने अल्लाह के ऊपर भी नहीं दिए। इबादत क्यों करवाना चाहता है? इम्तिहान क्यों लेना चाहता है? आपके पास कोई जवाब नहीं था। नहीं, मैंने जवाब तो दिया है ना। मतलब आपने एक लेवल जवाब। कहां दिया? आपने गलत जवाब दिया। आपने पूछा कि अल्लाह ताला ने क्यों हर चीज बनाई? ये उसको फायदा क्या था? ये क्यों था? नहीं, ये तो एक सेकंड, एक सेकंड, एक लेट्स लेट्स नॉट रिपीट एवरीथिंग। यहीं पे रह। जब दुनिया में कुछ नहीं था।

तो अल्लाह था, ये आपने कहा अल्लाह था। तो साहिल ने कहा कि वो किस जगह पे था, कैसे नहीं था? क्या अल्लाह अपने अर्श पे नहीं था? अर्श पर था, मतलब क्या? तो अर्श तो मखलूक है ना जी? अर्श पर था, अर्श पर था। अर्श तो मखलूक है ना रे भाई। अर्श क्रिएशन है कि क्रिएटर है? क्रिएशन है। ओके। तो वो हमेशा से था। अर्श तो अर्श हमेशा से था अल्लाह का? नहीं, नहीं। अर्श अल्लाह ने बनाया। ओके। अर्श से पहले कहाँ था? जब अल्लाह ने अर्श बनाया, फिर अपने आप को अर्श पे बिठाया, तो उससे पहले क्या अल्लाह हवा में मुल्लक था? हवा में नहीं था। मतलब अल्लाह ताला एक्सिस्ट करता था। मतलब उससे वही तो है। किस जगह पे? क्योंकि जब अल्लाह ने अर्श बना लिया, तुम्हारे मुताबिक, तो उस वक्त वो अपने अर्श पे आ गया। जब अर्श नहीं बनाया था, तब कहाँ था? तो वो तो ये बात हमें जानने की क्यों जरूरत है? मतलब के क्यों जरूरत है? क्योंकि आपके नबी ने बहुत बड़ी बंगी मारी हुई है यहाँ पे और ये आपके नबी की हदीस आती है। मैं आपको दिखा देता हूँ। आपका नबी कहता है कि जब अल्लाह ने मुझे पता है, दुनिया बनाई थी। जी, ये देखें। अब्दुल्ला बिन अमर रिपोर्टेड अल्लाह मैसेंजर सेइंग, "गॉड रिकॉर्डेड ऑल द फेट्स ऑफ़ द क्रिएचर 5 थाउजेंड इयर्स बिफोर क्रिएटिंग द हेवन एंड द अर्थ।" अल्लाह ने तमाम लोगों की किस्मत लिख दी थी, तकदीर लिख दी थी 5000 साल पहले जब उसने हेवन और अर्थ भी नहीं बनाया था। जी, ठीक है जी। "एंड हिज थ्रोन वाज़ ओवर द वाटर।" और उसका अर्श उस वक्त पानियों पे था। सवाल ये है कि जब जमीन और आसमान नहीं बनाए हुए, तीन सवाल हैं। जमीन और आसमान बने ही नहीं हुए, तो 500 साल कैसे कैलकुलेट हो रहे हैं? नंबर वन। जब जमीन आसमान बनेगी, तो 5000 साल कैलकुलेट नहीं हो सकते, क्योंकि सालों की कैलकुलेशन सूरज के, जमीन के, सूरज के गर्द घूमने पे होती है। तो अगर जमीन और आसमान नहीं बने हुए, तो सालों की कैलकुलेशन किसी की? नंबर वन। नंबर टू, अगर क्रिएशन से पहले भी उसके पास अर्श था और पानी था, तो इसका मतलब है पानी जो है, वो क्रिएशन का पार्ट नहीं है और अर्श उसका क्रिएशन का पार्ट नहीं है। तो वो भी कहते हैं, जो जो मतलब ये 500 मतलब 500 साल है, ये मतलब 24 वाले तो नहीं ना होते? ये तो अल्लाह को मालूम है कि ये 50 साल कैसे हैं। मतलब अल्लाह जब भी हम साल साल को हम जब भी देखेंगे, वो उसी तरीके से देखेंगे जिसका हमको पता है। उसके अलावा कोई तरीका नहीं है साल बनाने का। नहीं, वो तो हमें लगता है ना कि 24 ओवर होते हैं। कैसे कैलकुलेट करेगा? नहीं, बिना अर्थ, सन रेवोल्यूशन के साल कैसे कैलकुलेट करेगा? अल्लाह के, अल्लाह का, वो ये क्या था? रेफरेंस पॉइंट क्या था? अल्लाह ताला तो टाइम को पैदा करने वाला है ना? मतलब उसके उससे पहले। हां भाई, तो क्या रेफरेंस पॉइंट था? वो तो मुझे नहीं ना पता। अगर जमीन और आसमान बनी, तो रेफरेंस पॉइंट ही कोई नहीं। फिर से मुझे नहीं पता। ये 500 साल की बगी है। दिस इज होंगी। और फिर अगर इस जमीन और जमीन दुनिया को बनाने से पहले उसका अर्श था और वो उस पे बर्जमान था और वो अर्श पानी पे था, तो इसका मतलब है आपके इस्लाम की ट्रिनिटी है। अल्लाह, उसका अर्श और उसका पानी। ये इस्लामिक ट्रिनिटी है? नहीं, ये इस्लामिक ट्रेनिटी है। नहीं, हदीस जो आपने बयान की है, इस पर तो नहीं ना हो सकता। ये तो गलत। ये बिल्कुल सही है। ये सही, सही है। अलबानी और सही जुबैर अली जई, जुबैर अली ज़ई और अलबानी दोनों तरफ से सही है। और ये सही मुस्लिम से रिवायत ली हुई है। तो ये तो मल्टीपली अटेस्टेड सही हदीस है। सही मुस्लिम में किधर है? लिखा है ना रवा हूं मुस्लिम। यार ये बंदा क्या है यार? साहिल यार, आप मतलब कंफ्यूज कर देते हो। ऊपर से लगता है कि आप इंसल्ट कर देंगे, गाली ना। नहीं, नहीं। आपको ना गाली दी जा रही है। ठीक है। कंफ्यूज आप हो रहे हो। हारून, हारून, विक्टिम कार्ड मत खेलो। देखो, प्रॉब्लम ये है कि तुम एक ऐसी आईडियोलॉजी को मान रहे हो। अच्छा, तुम खाली दिमागी अपंग होते तो समझ में आता। तुम लोग दावत देते हो लोगों को इस्लाम पे आने की। तो भाई, अगर आप मुझे लॉजिकली और रैशनली अपने अल्लाह के कासेप्ट को नहीं साबित कर पाए, तो क्यों माने आपके अल्लाह को? मैं बताता हूँ ना। मतलब, एक-एक, मुझे तो बोलने दे। मुझे बोलने नहीं देते। बीच में बोल देते हैं। फिर मुझे कोई क्यों बोल रहा है भाई? नहीं, मैं बोलने लगता हूँ। नहीं, मुझे एक-एक मिनट। 30 सेकंड। 30 सेकंड तो दे रहा। मतलब आपने जितने भी सवाल, जितने भी सवाल किए ना, अल्लाह ताला पानी से पहले क्यों था? कैसे था? ये क्या था? ये हमारे लिए मतलब नहीं है। हमारे लिए तो यही है कि उसको पहचाने कि वो था या नहीं था। ये था हमारे लिए सवाल। भाई, वो तुम दिमागी अपंग हो। हारून, तुम दिमागी अपंग हो। सुनो, तुम दिमागी अपंग हो। मुसलमान होने के लिए दिमागी अपंग होना जरूरी होता है। और मुसलमान के लिए अकल का दखल नहीं होता। ठीक है? तो क्योंकि भाई, सुन तो ले। अभी तुमने बोल दिया अपना पॉइंट। तुम कह रहे हो कि मुझे ये सब जानने की जरूरत नहीं है। वो जानने की जरूरत इस वजह से नहीं है, क्योंकि तुम लोग अकल का दखल नहीं कर सकते हो दीन में। लेकिन हम लोग तुम लोग के जैसे दिमागी अपंग नहीं हैं। तो हम अकल का इस्तेमाल करते हैं और उसी अकल के इस्तेमाल करके हम ये समझना चाहते हैं कि आपके अल्लाह का कांसेप्ट ये लॉजिकल और रैशन कैसे हो सकता है। लॉजिकल बोल दो हमारे अल्लाह। लॉजिकल तो पॉसिबल है ना? मतलब कि कुछ भी नहीं तो कैसे नथिंगस? नथिंगनेस में एक्सिस्टेंस कैसे पॉसिबल है भाई? लॉजिकली बताना। वही तो पूछ रहा हूँ। और फिर उसका अर्श कैसे है और पानी कैसे है? नहीं, अरश, पानी तो वो तो अलग सवाल है ना। सामने लिखा हुआ है। सामने लिखा। सामने लिखा है ना? "एंड हिज थ्रोन वाज़ अपॉन द वाटर।" ये तो कुरान की आयत भी है। कुरान की आयत भी दे देता हूँ। कुरान की आयत भी कहती है कि अल्लाह ने जमीन और आसमान छ दिनों में पैदा किए। "सतम काना एंड हिज थ्रोन वाज़ अर्श अलमा।" और उसका अर्श जो था वो पानी के ऊपर था। ये देखिए। "He who created the heaven and earth in six days and his throne had been had been means before the creation had been upon." तो उसका थ्रोन जो था वो पानी के ऊपर था। अल्लाह, उसका अर्श और पानी। ये क्रिएशन से पहले मौजूद थे। कुरान भी इस चीज की गवाही देता है। अच्छा, मुझे बोलने दें। कि मैं यह कह रहा हूँ कि जो यह पानी और एच की एग्जांपल दे रहे हैं ना, ये नॉन फिजिकल मटेरियल भी तो हो सकता है ना? मतलब के साहब, नॉन फिजिकल। नॉन फिजिकल हो गया। लेकिन और नॉन फिजिकल को एक मिनट, एक मिनट, चुप। नॉन फिजिकल को उठाने के लिए फिर आठ-आठ फरिश्ते क्यों लग? आठ फरिश्ते भी चाहिए। तो अल्लाह, अल्लाह के अश को तो आठ फरिश्तों ने उठाया हुआ है। तो वो फरिश्ते भी तो नॉन मटेरियल हो सकते हैं ना? मतलब वो भी तो मतलब पूरा इस्लाम ही नॉन मटेरियल है। अल्लाह, जो हम चीजें देखते हैं, जो हम चीजें देखते हैं, मतलब यूनिवर्स देखते हैं, सब कुछ जो भी चीजें देखते हैं, वो मतलब मटेरियल चीज़, फिजिकल मतलब मतलब इस दुनिया में एक्सिस्ट करती है, वो तो। लेकिन जो चीजें रूहानियत, जो नॉन फिजिकल चीजें, फरिश्ते आए, ये आके बदर में लड़ाई करे नॉन-नॉन मुस्लिमों के साथ। ये नॉन, ये ये सारे नॉन फिजिकल थे। लेकिन ये फिर भी लड़ाई कर गए। लेकिन वो तो आ सकते हैं। लेकिन वो दुनिया में तो मतलब आ सकते हैं ना? मतलब इस तरह अल्लाह ताला उनको देन यार से वो मटेरियल बन जाते हैं क्या? जलेबी का लेवल चेंज होता जा रहा है। बहुत हाई लेवल जलेबी जल रही है। ये देखो। अब ये जब, अब ये जब अर्श पानी पे था, तो तैर रहा था किश्ती की तरह। लेकिन जब पानी खत्म हो गया, तो अल्लाह के, अल्लाह को आठ एंजल ने उठा लिया। अल्लाह का इतना ही हुजम है कि सिर्फ आठ फरिश्ते अल्लाह को उठा सकते हैं, उसके अर्श समेत। लेकिन वो आठ फरिश्तों की अल्लाह ताला ने फरिश्तों की लंबाई भी तो बताई है। इतनी लंबाई, बहुत लंबे, बहुत लंबे। लेकिन अल्लाह का अर्श और उसकी बॉडी सिर्फ इतना ही वेट रखती है कि आठ फरिश्ते उसको उठा सकते हैं। दुनिया में इतने फरिश्ते हैं कि 70 हजार फ़रिश्ते एक मर्तबा में, एक दफा में अर्श बारगाही में सजदा करते हैं। और दुनिया बनने से शुरू होकर जब वो दुआ करने गए, उसके बाद दुनिया खत्म होने तक दोबारा नहीं जा सकेगा कोई फरिश्ता। इतने, इतनी लंबी लाइन लगी हुई है। लेकिन अल्लाह का इतना छोटा है कि सिर्फ आठ, वो वाले फरिश्ते, उनमें से सिर्फ आठ फरिश्ते जो उठा के रखे हुए हैं। जब उसका एज भी है और उसके एज भी है। एडमम साहब, उसका एज भी है। जब फरिश्ते भी नहीं थे। जब फरिश्ते भी नहीं थे। फिर भी तो अल्लाह ताला नहीं थे? तो अल्लाह का अर्श पानी पे था, पानी पे, पानी पे तैर रहा था कश्ती की तरह। नहीं, हम जो देखते हैं ना, अल्लाह को, अल्लाह वैसा नहीं है। मतलब अल्लाह को कहता है कि मेरे हाथ भी है, पांव भी है। लेकिन अब ये तो नहीं आप कह सकते कि ये फिजिकल मटेरियल। मतलब अच्छा, नहीं, एक-एक मिनट, यार हारून, इतना एक्साइटेड मत हो। थोड़ा रुक जा। अच्छा, ये बता के तू कयामत के दिन अगर तेरे को जन्नत में डाल दिया जाएगा, अल्लाह को देखेगा या नहीं देखेगा? वो तो देखूंगा ना। तो अगर अल्लाह मटेरियल नहीं है और नॉन फिजिकल है, तो उसको कैसे देखेगा तू? अल्लाह ताला ताकत देगा। अल्लाह ताला ताकत देगा। मतलब आंखों को देखने की। तो अल्लाह ताला को हम देख सकेंगे? नहीं, उसकी पिंडली को देखो। पिंडली को देखेंगे। उसकी। अल्लाह ने लिखा बस। पिंडली को देखेंगे। मैडम साहब, वो तो पिंडली को देखेंगे। हारून, एक मिनट, एक मिनट। पिंडली को तो देखेंगे। अल्लाह ताकत भी दे देगा तुझे। तो दिखेगा तो तभी ना, जब वो फिजिकल और मटेरियल होगा। नॉन फिजिकल और नॉन मटेरियल को तू कैसे देख पाएगा? ये बता। जन्नत में तो हम चले गए। लेकिन अभी दुनिया में, अभी भी हमारे कंधों पर फरिश्ते बैठे हैं। मतलब, मतलब तू ये कहना चाह रहा है कि जब कयामत हो जाएगी, उसके बाद अल्लाह फिजिकल हो जाएगा? अब वो नॉन फिजिकल है। अब वो नॉन मटेरियल है। लेकिन जैसे ही कयामत बरपा कर देगा अल्लाह, उसके बाद वो फिजिकल हो जाएगा? ये कहना चाह रहे हो आप? एडल साहब, ये वाला कमेंट देखो। अल्लाह फरिश्ते कॉफिन डांस करते हैं। अच्छा, वो कॉफिन, कॉफिन डांस में तो चार-चार लोग रहते हैं वो। यहां पे आठ फरिश्ते कॉपी डांस कर रहे होंगे। है? हां भाई, हारून, ये बताओ कि क्या तुम ये कहना चाह रहे हो के अल्लाह नॉन फिजिक नहीं है, है नहीं? भाग गया। मुझे बोलना। मुझे ये बताएं के चलो ठीक है, अल्लाह को आप मतलब जो भी साबित करते हैं कि मटेरियल चीज साबित करते हैं, जो भी चीज साबित करते हैं। नहीं, तुमने बताना है भाई। हम कुछ साबित नहीं कर रहे। तुम साबित करते हो, तुमको जवाब देना है। मतलब, मैं बताने तो लगा हूँ। बोलने तो दे ना। मतलब पूरा बोलने दे। जो भी मैं बोलूंगा, गलत बात नहीं बोलो ना। हमारे ऊपर क्यों गलत बात? मतलब जिसने भी ये यूनिवर्स बनाया, फिर वो तो जरूर ही कोई मतलब वो नॉन मटेरियल चीज होगी। मतलब मटेरियल चीज नहीं ना होगी। मटेरियल, मटेरियल चीज, चीज बना सकते हैं। एडमम साहब, एक मिनट, एक मिनट, चुप। एक मिनट। एडमम साहब, डिस्कशन इस बात पे है ही नहीं ना कि कोई चीज है क्या नहीं है। डिस्कशन इस बात पे है ही नहीं। डिस्कशन इस बात पे है कि ये आकर अल्लाह को साबित करने की कोशिश कर रहा है। ठीक है? और अल्लाह को लॉजिकल और रैशन साबित करने की कोशिश कर रहा है। या तो ये कह दे है ना? यस। या तो ये कह दे के भाई, ये अपने अल्लाह को या उसके कांसेप्ट को जो इस्लाम देता है, उसको लॉजिकली और रैशनली साबित नहीं कर सकते। वो इलॉजिकल है, वो इरशनल है। उसके बाद फिर ये हमसे डिस्कशन कर ले कि भाई, फिर क्या पॉसिबिलिटीज हो सकती हैं। देन, देन वी कैन डिस्कस। एडमम साहब। लेकिन पहले, या तो ये, ये एकनॉलेज करे ना कि हां, इस्लाम वाला जो कांसेप्ट है अल्लाह का, वो उसको ना लॉजिकली एक्सप्लेन किया जा सकता, ना रैशनली एक्सप्लेन किया जा सकता। बल्कि वो इलॉजिकल और इरशनल है। हारून साहब, अल्लाह ताला जो मतलब कुरान पाक में जो लफ्ज यूज़ करता है ना, पिंडली और ये फरिश्ते। ये भाई, अभी मैंने पिंडली का। हारून, मैंने पिंडली। मैंने एडमम साहब को रोक दिया था ना, लेकिन उसने बात। भाई, नहीं, नहीं। मेरे सवाल पे टिको। उसका जवाब दो। आपसे मैंने ये सवाल किया कि क्या जन्नत में तुम अल्लाह को देखोगे? तुमने कहा, हां। फिर तुमने ये भी क्लेम किया कि अल्लाह नॉन फिजिकल, नॉन मटेरियल है। ठीक है? मैंने आपसे ये सवाल किया कि अगर वो नॉन फिजिकल और नॉन मटेरियल है, तो आप उसको देख कैसे सकते हो? क्योंकि जब अल्लाह ताला हमें मतलब, मतलब हमारी जान निकालेगा, तो फिर हम नॉन मटेरियल, मतलब यूनिवर्स में दाखिल हो जाएंगे। मतलब, हां, तुम भाई, तुम किसी भी यूनिवर्स में दाखिल हो। देखने के लिए किसी चीज को देखने के लिए आप उसको नॉन फिजिकल और नॉन मटेरियल को आप कैसे देख सकते हो? वो अल्लाह ताकत देगा ना। अल्लाह पावर दे देगा। आप मुझे दे। अरे भाई, ये तो तेरा क्लेम है। उसको लॉजिकली एक्सप्लेन करना है आपने। बोलने के लिए तो मैं भी बोल सकता हूँ। मैं हवा में उड़ रहा हूँ अभी। तो नहीं, नहीं। मैंने देखा है साहिल हवा में उड़ रहा है। मुझे ताकत मिलती है अल्लाह की तरफ से देखने के लिए कि मैं देख सकता हूँ कि साहिल हवा में उड़ता है। हवा में उड़ रहा हूँ अभी, बिना किसी डिवाइस के, बिना किसी वो बुराक के। ये तो क्लेम तो कोई भी कर सकता है। मैं, मैं देख रहा हूँ साहिल हवा में उड़ रहा है। मैं देख रहा था। हां, तू भी ईमान लेके आजा भाई मेरे ऊपर। मैंने क्लेम तो दिया ही नहीं ना। मतलब क्लेम तो होता है कि ऐसा होगा। लेकिन ये तो इसका तूने क्लेम दिया है कि तू देख सकता है। तू देखेगा। मेरा सवाल है कि कैसे देखेगा? जब तूने ये क्लेम किया है कि अल्लाह नॉन फिजिकल और नॉन मटेरियल है। कैसे देखेगा? मेरा सिर्फ यही जवाब है कि अल्लाह ताला ताकत दे देगा आंखों को कि मुझे दे सकता है। ये तो भाई, ये तो तू अपने आप को सेटिस्फाई कर सकता है ना, ये झूठी बातों से। तूने भाई, तुम्हारी किताब तो बकवास से भरी हुई है। किताब तो तुम्हारी बकवास से भरी हुई है। वो साहब, किताब में भी वैसे नहीं लिखा हुआ। लेकिन चलिए, कोई बात नहीं। ऐसा तो नहीं ना कहना चाहिए, बकवास है। जो भी मेरे से बात। अच्छा, मैं तुझे अगर यह बताऊं, हारून, अगर मैं तुझे यह बताऊं कि तुम्हारा अल्लाह रूप बदल के आएगा, यानी वो फिजिकल होगा। अगर मैं साबित, क्योंकि देखो, देखने के लिए सामने जो आपके सामने है, उसका मटेरियल और फिजिकल होना जरूरी है। और मुसलमान कहेंगे, हम नहीं मानते, हम नहीं मानते, हम नहीं मानते। तू अल्लाह ही नहीं है, निकल यहाँ से। तो, तो अगर मैं ये तुझको साबित कर दूं कि तेरा अल्लाह बरूपिया है, वो रूप बदलेगा। तो नहीं, मतलब अल्लाह तो ऑल पावर, मतलब, मतलब कुछ भी कर सकता है। लेकिन भाई, ऑल पावर के ऊपर ही मैं परसों मुफ्ती से डिबेट कर चुका हूँ और उसने साबित किया कि ऑल पावरफुल नहीं है अल्लाह। वो उसका असर उसके ऊपर ही नहीं चलता है। मुफ्ती यहां बोल के गया, मेरे चैनल पे आज ही एडिटर ने अपलोड किया, जाके चेक कर लेना। वो डिस्कशन पे हम नहीं जा रहे। तो फिर भाई, पहले ये बोलो के हां, इस्लाम का कांसेप्ट जो है, वो इलॉजिकल और इरशनल है। पहले आप ये बोलो, फिर उसके बाद हम फिर देखते हैं कि क्या डिस्कशन हम कर सकते हैं। पहले आप अग्री, एकनॉलेज करो ना भाई। इसमें देखो, ऑनेस्ट होने में क्या दिक्कत है? मैं, मैं ये कहता हूँ कि मुझे इस बारे में नॉलेज नहीं है। लेकिन कोई और बता सकता है। नॉलेज है क्या? या तो नॉलेज लेके आओ। या तो नॉलेज लेके आओ। या तो जिसके पास नॉलेज है और वो इन सवालों के जवाब दे सकता है, उसको लेके आओ। बाद में यार, तुमने ये टॉपिक सेलेक्ट क्यों किया था, जब तुम्हें नॉलेज नहीं था किसी चीज का? फिर हर चीजें ही बड़े एवे ही बड़े बनना है, ही बनना है तुमने आके ये टॉपिक खुद उठाया था। तुमने कहा था, वो बंदा नहीं जवाब दे सका, मैं दूंगा। टॉपिक तुमने उठाया, सब कुछ तुमने उठाया और उसके बाद तुम बस ये नॉलेज नहीं, ये नॉलेज नहीं, ये नॉलेज नहीं, ये नॉलेज नहीं, ये नॉलेज नहीं, ये नॉलेज नहीं। एक बात सुनो ना, आप दो लोग बात कर रहे हैं, मैं अकेला हूँ। मतलब, मैं, मुझे तो पहले तो नॉलेज होता तो क्या होता? दूसरे कंफ्यूज करते हैं। एक बंदा मतलब सारी बात कर ले, फिर भी तुम लोग विक्टिम कितना को खेलते हो यार। विक्टिम नहीं खेलता मैं। विक्टिम नहीं। मतलब मेरे, आप पता नहीं, मैं कैसे बात कर रहा हूँ। मतलब मेरे पास, मतलब एक इंसान डिबेटिंग पावर ही नहीं है। जिसके पास, उसके पास दो लोग बात कर रहे हैं। एक भाई, किसने कहा था कि तुझे? किसने कहा था कि तू आके उस बात को डिफेंड कर? मैंने कहा था तुझे घर से घसीट के लाया हूँ मैं? नहीं, नहीं। मैं कह रहा हूँ, एक-एक तो बंदा बात, जब घर से घसीट के तुझे नहीं लाए, तो तू विक्टिम कार्ड क्यों खेल रहा? मैं, तू खुद आया, तूने कहा टॉपिक, तूने सेलेक्ट किया, आया, तू खुद डिफाइन, तूने खुद किया। अब तू उसको डिफाइन नहीं कर रहा, तू कह रहा है, तू डिबेटर नहीं है। कभी कह रहा था, बट तेरे पास रेफरेंस नहीं है। यार, ये तो गलत बात है ना कि कभी कुछ, कभी कुछ। अगर, अगर तुम्हें पता लग गया है कि यार इसमें मसले हैं, मान लो, एकनॉलेज करो ना भाई। मान लेता हूँ। मत ले। मतलब, मैं मान लेता हूँ। मतलब, मान लेता हूँ भाई। मान लेता हूँ ना। मान गया। एडमम साहब, ये इस्लाम से बाहर आ गया है। कांग्रेचुलेशन। मैं, मैं इस्लाम। ये तो बोलने दो। मैं ये कह रहा हूँ कि मुझे से मतलब ज्यादा जानता होगा इस मामले में। लेकिन मैं मतलब, आप ये मतलब बातें बताते हैं ना कि वो आप ले। देखो, देखो, हम जो क्लेम करते हैं ना, हम वो साबित करते हैं। आपका अल्लाह जो है, बहरूपिया है। ठीक है? एडम साहब, वो हदीस लेके आओ वाली। नहीं, ये तो गलत। ऐसे वर्ड तो नहीं ना यूज़ कर सकते? तेरे सामने, तेरे सामने अल्लाह खुद बोलेगा। ये देख यार, तुम यार, तुम सीधा टोकरा जो है ना, गुस्ताखी का हमारे ऊपर डाल देते हो। तुम्हारे रसूल ने बोला हुआ है, तुम्हारे उलमा ने लिखा हुआ है और तुम टोकरा हम पे डाल देते हो। नहीं, बड़े-बड़े। अरे सही हदीस से बताएंगे ना भाई। क्यों जईफ हदीस बताएंगे तुझे? सर, सर, बुखारी की चलेगी? मुस्लिम की चलेगी? हां, बुखारी। मैं निकालता हूँ। सही। क्या हैंग हो गया क्या स्ट्रीम? नहीं यार, वो नहीं। नहीं, नहीं। स्ट्रीम नहीं हैंग हुई। मैं वो ढूंढ रहा हूँ। और एक सेकंड जरा। इस वक्त जो है ना, वो मुझे उसके एक्सैक्ट वर्ड्स भूल गए हुए हैं। "And everyone will start prostrating." रुक जाए। ओके, मिल गया। बुखारी की हदीस। ये एडमम साहब, सुन। इबने माजा में भी है हदीस। मतलब इनको किसने ठीक कहा है? मतलब ये भी तो दिखाएं पहले। दिखाते हैं यार। दिखाते हैं। तू टेंशन ना ले यार। एडमम साहब, सुलन इबने माजा की हदीस नंबर 60। नहीं, सुनने माजा तो मैं मानता ही नहीं। सही बुखारी हो। सही मुस्लिम में है। सबर कर ले तू। सबर कर ले तू। अभी तू सबर कर ले। चल साहब, मुझे एक मिनट दें। एक मिनट दे। हां, आप जरा इसको सुपर चैट लें। हां, चलो, मैं सुपर चैट। ओ वॉइजर भाई कहते हैं, "I haven't met any Allah so far." बिल्कुल। अल्लाह है ही नहीं, तो कहाँ से मिलेगा भाई? लो यार। आई आगे से एक सेकंड। थैंक यू वॉइजर। "Open your eyes." रुक जाइए। वी बुखारी की हदीस ने कहा, बुखारी को मानता है। "ओ अल्लाह मैसेंजर, शैल वी सी आवर लॉर्ड ऑफ़ द रेक्शन?" क्या हम अल्लाह को देखेंगे देव रेक्शन पे? ही सेड, "डू यू हैव डिफिकल्टी सीइंग द सन ऑफ़ द मून?" क्या तुम सूरज और मून को देख सकते हो? उसने कहा, "यस।" उसने कहा, "देन ही सेड, हैव यू यू विल हैव नो डिफिकल्टी सीन योर लॉर्ड ऑन दैट डे।" तुम्हें कोई डिफिकल्टी नहीं होगी। "The Prophet said, somebody will be announced, let every nation follow the use the idolater will follow their the godra and obedient one will follow this, etcetera, etcetera. The hell will be present. Then it will be set to the Jews, what did you..." ये।

क्या हो गया? ओके एंड क्रिश्चियन वगैरह, ओके। नाउ क्रिश्चियन वगैरह हो गए। वी यूज़ टू वरशिप मसाया, सन ऑफ़ अल्लाह। ये दे विल से दिस एंड दे विल विल से दैट। व्हेन दे रिमेन ओनली दोज़ हु यूज़ टू वरशिप अल्लाह, जब सिर्फ वो लोग रह जाएंगे सिर्फ अल्लाह की वर्शिप करते हैं।

बोथ द ओबिडियन वन एंड द मिस्ट्रीस वन, सारे अच्छे और बुरे सब के सब। इट विल बी सेट टू रन, व्हाट केप्ट यू हियर? दे विल से, वी पार्टेड वि द वर्ल्ड वगैरह वगैरह। टुडे वी हियर द कॉल ऑफ़ द प्रोक्लेमिंग, लेट एव्री नेशन फॉलो व्हाट दे वरशिप। एंड नाउ वी आर वेटिंग फॉर आवर, अब हम अल्लाह का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि हर हर कोई अपने रब के साथ जन्नत में चला गया। अब हमने अल्लाह का इंतजार कर रहे हैं।

देन द ऑलमाइटी विल कम। फिर अल्लाह आएगा। टू देम इन अ शेप अदर देन द वन वि दे सॉ द फर्स्ट टाइम। तो फिर अल्लाह आएगा, बहरूप बदल के किसी और शक्ल में बन के, बरूबिया बन के। एंड ही विल से, और फिर आके कहेगा, मैं तुम्हारा रब हूं। आई एम योर लॉर्ड। एंड दे विल से, यू आर नॉट आवर लॉर्ड। तू हमारा रब नहीं है। निकल यहां से। तू हमारा रब नहीं है। अल्लाह को पहचान नहीं सकेंगे लोग। वो कहेंगे, तू बरूपिया है। एंड नन विल स्पीक टू हिम। तो कोई अल्लाह से बात नहीं करेगा, लेकिन सिर्फ प्रॉफिट कर लेंगे। प्रॉफिट को पता होगा कि यार ये अल्लाह ही है।

एंड देन इट विल बी सेड टू देम। फिर उनसे कहा जाएगा, डू यू नो एनी साइन बाय व्हिच यू रेग्नाइज हिम? यार तुम्हें अल्लाह की कोई निशानी पता है जिससे तुम अल्लाह को पहचान सकोगे। दे विल से, यस। वो कहेंगे, हां। पिंडली। एंड सो अल्लाह विल अनकवर हिज शि। सो अल्लाह अपनी पिंडली से कपड़ा हटा देगा। वेयर अपॉन एव्री बिलीवर विल पोस्ट्रेट बिफोर हिम एंड विल रिमेन देयर। हु यूज टू पोस्ट्रेट बिफोर हिम जस्ट फॉर शोइंग ऑफ एंड फॉर गेनिंग गुड रेपुटेशन।

लो जी, तुम्हारा बहरूपिया अल्लाह को कोई पहचानेगा ही नहीं। सारे मुसलमान कहेंगे, निकल यहां से, तू अल्लाह ही नहीं है। निकल, निकल, निकल, निकल, निकल। जी सर, ले भाई, अल्लाह तो बैरूिया है। सही बुखारी, तुमने कहा था इब्ने माजा को नहीं मानता, सही बुखारी को मैं मानता हूं। सही बुखारी है तुम्हारे सामने, तो इसकी सनद मजबूत है। मतलब, अबे, दंगे क्यों ने कहा था, सही बुखारी को मानता है। यह सखी अल बुखारी, सनद मजबूत, सही अल बुखारी। सही से सही अल बुखारी से ऊपर कोई सनद नहीं है।

अच्छा, आप कह रहे हैं कि लोग मतलब अल्लाह ताला आएंगे ना, तो लोग कहेंगे कि हम आपको पहचानते नहीं। नहीं, अल्लाह ताला आगे कहेगा, तुम्हारा। अल्लाह आगे कहेगा, मैं तुम्हारा रब हूं। वो कहेगा, चल फूट यहां से। तू हमारा रब नहीं है। ये है, ये लिखा हुआ है। पढ़ो। वो भी, वो भी बहरूपिया है। वो रूप बदल के आ रहा है। उसमें लोगों की गलती नहीं है। अल्लाह को खेल खेलने का कितना शौक है। देखो, लुका-छिपी खेलने का कितना शौक है।

उर्दू, रूह बदल के आ रहा है। इसको उर्दू सुनाता हूं। ये देखो, हम बयान किया। फिर अल्लाह जबार के सामने इस सूरत के अलावा दूसरी सूरत में आएगा, जिसमें उन्होंने पहली मर्तबा देखा होगा और कहेगा, मैं तुम्हारा रब हूं। लोग कहेंगे, तुम्हारा रब है ही नहीं। निकल यहां से। तो ये कहां लिखा हुआ है? निकल, कहां? निकल यहां से। ये किधर लिखा? वो छोड़ ना यार। वो हमारी टिप्पणी है। वो छोड़ दे। नहीं, आप फिर ऐसा तो नहीं ना बोल सकते, जो हदीस में वही बोल कार्ड है ना? वो बाकी सारी चीजों को छोड़ के वही पकड़ेगा वो।

अच्छा, ये बताओ कि तुम्हारा अल्लाह बहरूपिया है कि नहीं है? हारून। नहीं, आपने बोला है कि लोग कहेंगे, निकल यहां से, रूपिया। ये किधर लिखा हुआ है? वो किसी और में आ जाएगा। वो भाई, वो हम अपना वर्ड वापस लेते हैं। हारून, वो वर्ड हम अपना वापस लेते हैं। ये बताओ कि तुम्हारा अल्लाह बहरूपिया है कि नहीं है? मतलब, वो किसी और शक्ल में आ जाएगा, तो कोई और ना तो रूप बदल रहा है ना भाई। भाई, रूप बदल रहा है ना, तो बोलो, हमारा अल्लाह बहरूपिया है। बहरूपिया का मतलब, मतलब क्या होता है? मतलब, रूप बदलने वाला। हां, ठीक है। बोलो, हमारा अल्लाह बहरूपिया है। हमारा अल्लाह रूप बदलने वाला है। ओके, ठीक है।

इसका शरी, इसका श बनाना। एडम साहब के देखो दोस्तों, ये आज तक जो है ना, सारी दुनिया को एड़ा बनाते थे कि हमारा अल्लाह जो है, वो निरंकार है, फलाना है, ढिमकाना है। ये और कोई अगर मूर्ति बना दे या भगवान का रूप बना दे, तो ये उनको जो है ना, कोसते थे। उनको अंधभक्त और इलॉजिकल और पता नहीं क्या-क्या चीजें उनके ऊपर इल्जाम धरते थे। देखो दोस्तों, मेरे प्यारों, मेरे अजीजों, आप लोग सलूट करो हम एक्स मुस्लिमों को, जो आपके सामने ये चीज को ले आए कि आप लोगों को ये बात बताई नहीं जाती, बल्कि मुसलमानों को भी नहीं बताई जाती कि ये जिस अल्लाह की इबादत कर रहे हैं, वो खुद एक बहरूपिया है। वो रूप, मतलब हम तो नहीं ना समझ सकते।

और साहिल साहब, साहिब साहब, इमेजिन करो, अल्लाह की पिंडली भी है और फिर अल्लाह अपनी पिंडली से पर्दा हटाएगा, तो सब लोग मोमिन जो है ना, सजदे में गिर जाएंगे। नहीं, अल्लाह ताला तो ये भी कहता है ना कि मेरे हाथ हैं, पांव हैं, ये हैं। मतलब, अबे, यहां पे देखो, पिंडली, पिंडली किसे कहते हैं? वो कहेंगे, सा, यानी पिंडली। फिर अल्लाह अपनी पिंडली खोलेगा। मोमिन, पिंडली किसे कहते हैं? व्हाट इज पिंडली? पिंडली जो पीठ के नीचे होती है, वही होती है ना? अबे, वो डंगर के नीचे तो यार, ये किस किस्म का इंसान है? के अबे, डंगर, पीठ के घुटने और गिट्टे के दरमियान वाली जगह को पिंडली कहते हैं। एंकल और नी, एंकल और नी, घुटने और गिट्टे के दरमियान वाली जगह को पिंडली कहते हैं। गधे, फिर तू कहेगा कि मैं तुझे गधा कह रहा हूं। पीठ के नीचे कहां से पिंडली आ गई? तो मैंने कह दिया, तो क्या हो गया? मुझे पता नहीं है। तो आपने मुझे बता दिया, इसमें गधा बोलने की क्या जरूरत है? मतलब, इतनी, अरे तो अबे, तो ये कॉमन सेंस है यार, पीठ के नीचे क्या होता है यार? हारून, क्यों ऐसा कर रहा है मेरे भाई? नहीं यार, अब अंग्रेजी का लफ्ज़ नहीं बोला था, उर्दू का लफ्ज़ बोला था। सुन, अब पिंडली होने का मतलब ये है कि अल्लाह का एक घुटना भी है और अल्लाह की एक गिट्टा भी है, एक पांव भी है, क्योंकि पिंडली जब तक ये दो चीजें नहीं होंगी, पिंडली नहीं हो सकती। पिंडली ली का जो लफ्ज़ है, वो सिर्फ उसी जगह को कहते हैं जो हड्डी होती है घुटने से नीचे और गिट्टे से ऊपर। इसके अलावा कोई और चीज पिंडली नहीं है। इसका मतलब है, तेरे अल्लाह का घुटना भी है, तेरे अल्लाह की गिट्टा भी है और पैर भी है, तभी पिंडली बनेगी, नहीं तो पिंडली नहीं बनेगी। नहीं, नहीं, वो हमारी वाली चीजें तो नहीं ना हो सकती। वो कोई और चीजें होगी। हम नहीं, अगर नहीं है, तो फिर पिंडली नहीं होएगी। फिर से यहां पे कह लेग ऑफ अल्लाह। लेग नहीं लिखा हुआ। पिंडली का लफ्ज़ लिखा हुआ है। शन का लफ्ज़ लिखा हुआ है। लेकिन नाम यही, नाम यही होगा। लेकिन नाम तो पिंडली का जो नाम है, जो लफ्ज़ पिंडली है, वो कहते ही ऐसी जगह को है जो घुटने से नीचे हो और गिट्टे से ऊपर हो। तो वो पिंडली, मतलब कोई और चीज भी तो हो सकती है। इधर इंसानों की ये है, तो वो हारून, कोई भी चीज है, लेकिन अल्लाह फिजिकल होगा ना? रूप बदलेगा वो अपना, तभी तो तू उसको देख पाएगा। तो वो आखिरत में होगा ना? मतलब, उस टाइम हम भी नॉन मटेरियल, मतलब जगह पर चले जाएंगे, तो आप ये कहना चाह रहे हो कि अभी अल्लाह नॉन मटेरियल है, नॉन फिजिकल है और आखिरत में फिजिकल हो जाएगा? राइट। नहीं, नहीं, अभी भी नॉन मटेरियल है, लेकिन जब फिर वो हमें भी नॉन मटेरियल जगह पे ले जाएगा, मतलब, मैं तो ये कह रहा हूं, अरे, तू नॉन मटेरियल में जाए, नॉन मटेरियल, एक सेकंड, तू नॉन मटेरियल कैसे होगा, जब तूने सेक्सस करना है उन लड़कियों के साथ जो अल्लाह ने देनी है तुझे, जब तुझे ठुकाई होनी है, तेरी छोल होनी जहन्नुम में, तेरी स्किन को आग लगनी है दोबारा, ये, ये नॉन फिजिकल होगा, तो चितोल कैसे खाएगा? नॉन फिजिकल होगा, तो सेक्स कैसे करेगा लड़कियों के साथ? एक, एक, एक हजार साल का, लेकिन क्या बच्चों वाली बातें कर रहा है तू? मैं ये नहीं कह रहा, मैं ये कह रहा हूं कि जो मतलब, अल्लाह ताला ये ताकत इंसान को देगा कि वो अल्लाह ताला को देगा, मेरा तो यही बात है, मैं तो ये तो नहीं कह रहा, उसको फिजिकल होना जरूरी है और अल्लाह खुद कह रहा है कि वो रूप बदलेगा, बहरूपिया अल्लाह है, तुम लोगों का रूप बदलेगा, वो फिजिकल होना ही पड़ेगा उसको।

या तो देख हारून, अगर तुझे हजम नहीं हो रहा है ना, या तो ये बोल दे कि तुम्हारे रसूल और तुम्हारा अल्लाह दोनों झूठा है। क्योंकि ये बात हम नहीं कह रहे, ये बात तुम्हारे रसूल ने कही है और रसूल को अल्लाह बता रहा है। अच्छा, अच्छा, मैं ये, मैं ये कह सकता हूं कि मतलब आप लोग ये कह रहे हैं कि आपको मतलब अल्लाह पे मतलब बात में नहीं करनी आती, तो मतलब किसी और बात पे कर ले। लेकिन अब ये, मैं तो इस पर ये बोला था ना कि मेरे बड़े जो मुफ्ती, मतलब जो बड़े लोग होते हैं, उनको पता होता है। मुझे तो नहीं ना पता इस बात का, लेकिन लेके आना तो क्यों जबरदस्ती का बोला कि मुझे बात करना है, तो मैंने यार ये बात बताई, आप आगे बात घसीटते घसीटते आगे तक ले गए मुझे। जब बात चलेगी तो बात बढ़ेगी भी ना, मेरे भाई। तेरे को क्या आदत से ही छोड़ देंगे? डेविल इस इन द डिटेल। शैतान तो है ही डिटेल के अंदर। डिटेल में नहीं जाओगे, ऊपर ऊपर से रहोगे, तो तुम लोग तो मुसलमान ही रहोगे। हम डिटेल में जाएंगे, तो तुम्हें समझ आएगी ना कि इस्लाम एक अपंगता है, इससे बाहर निकलना नहीं। जितना हम डिटेल में जा रहे हैं। लेकिन हम तो सिर्फ कुरान पाक को मानते हैं। मतलब, मतलब उसको पाक को। अभी आपने कहा, सही बुखारी को मानते हैं। अभी आपने कहा, सही बुखारी को मानते हैं। सही बुखारी को। ये कह दो हारून, हारून, एक मिनट रुको। हारून, तुम ये कह दो कि भाई, मैं मुसलमान हूं। मैं एक दिमागी अपंग हूं। मैं अकल का इस्तेमाल नहीं कर सकता। इस वजह से, जो जो लिखा हुआ है, मैं चुपचाप मानता हूं। मैं इफ्स एंड बट्स नहीं करूंगा। मैं देखूंगा नहीं कि वो सेंस बनाता है या नहीं बनाता है। क्योंकि मैं मुसलमान हूं। मैं एक दिमागी अपंग हूं और मैं अकल का इस्तेमाल नहीं कर सकता अल्लाह के मामले में और रसूल के मामले में। इतना बोल दे, तो बात खत्म हो जाएगी। मैं ये कहता हूं कि मैं इंसान, मतलब मेरी ऐज इतनी है, जितना मुझे जान, मुझे पता है, वो मुझे पता है। मेरी ऐज तो इतनी है ना? आप ये तो नहीं कह सकते, इतनी की ऐज में सबको सब कुछ पता होता है। मतलब, कोई भी ऐज में चले जा। हारून, मुसलमान रहने के लिए, मुसलमान बाकी रहने के लिए, ईमान को बचाने के लिए, दिमागी अपंग होना शर्त है। अंधविश्वासी होना शर्त है। मतलब, हम, मतलब देख, इस्तेमाल करना, अकल का इस्तेमाल करना वर्जित है। ये तीन चीज, अगर एक भी, हां कह रहा, हां, हां, बोल। वो कह रहा, हां, हां। क्या बोल? आपने मजाक तो बनाना है, फिर पैदा क्यों? मजाक, यार, देखो, देखो, देखो। हारून, अगर आप एक अंधविश्वासी हैं, दिमागी अपंग हैं और आप अकल का इस्तेमाल नहीं करते, मैं कहता हूं कि बी अ प्राउड दिमागी अपंग, बी अ प्राउड प्राउड अंधविश्वासी, एंड बी अ प्राउड बेकल। यार, प्राउड फील करो ना तुम लोग। क्या हो गया? ईमान से बढ़ के है क्या? प्राउड फील करो। किस बात? कि तुम एक दिमागी अपंग हो। यू आर अ प्राउड दिमागी अपंग। यू आर अ प्राउड अंधविश्वासी। यू आर अ प्राउड बेकल। ये प्राउड फील करो। देखो, अगर तुमको इससे शर्म आ रही है, तो या तो निकल जाओ, क्योंकि दो चीज एक साथ नहीं रह सकती है। अगर शर्म आ रही है, तो निकल जाओ। अगर शर्म नहीं आ रही है, तो बी अ प्राउड अंधविश्वासी, बी अ प्राउड दिमागी अपन। वही फिर बात आ गई ना, हम ये मुसलमान है। हमें इन चीजों की जरूरत को नहीं होती। हमें अल्लाह ताला ने पैदा। यही बोल दो हारून, यही वही मैं कह रहा हूं कि आप बोलो कि मैं मुसलमान हूं और मुसलमान रहना चाहता हूं। इस वजह से मैं प्राउड दिमागी अपंग हूं। प्राउड अंधशवासी बोल दो, मतलब कुछ भी, मतलब आप बोल जाते, क्या बोल ना भाई? ईमान से बढ़ के क्या? तुझे मैं मजाक बनाऊंगा? ईमान से बढ़ के क्या? बोल दे, या तो क्या बोलूं? मतलब, बोल, बोल। मैं हारून तल्हा, मैं हेल्प करता हूं। बोल मेरे साथ। मैं हारून तल्हा, जी। अरे, बोल, रिपीट, रिपीट करने। मैं हारून तल्हा, मैं हारून तला, एक पक्का मुसलमान हूं। एक पक्का मुसलमान हूं और और एक प्राउड, प्राउड, सीधा बोलना यार, एक प्राउड, प्राउड, दिमागी अपंग हूं। दिमागी अपंग होता क्या है? मुझे ये पहले बताएं। अपंग क्या होता है? पहले तू बोल दे, मैं बताता हूं। बोल, प्राउड दिमागी अपंग हूं। मतलब, मेरे पास जितना अकल है, मैं उतना यूज़ करता हूं। बस, ठीक है। नहीं, मैं प्राउड दिमागी अपंग हूं। जो मुझे पता ही नहीं है, अपंग होता क्या है। आप बता दे, मैं बोल दूंगा। आप बता दे, अपंग होता क्या? मेंटली, मेंटली डिसेबल्ड। मतलब, बेकल, आप कह रहे हैं ना, इसका मतलब ये होता है। हां, बेकल होता नहीं होता? बेकल नहीं होता, मेंटली डिसेबल होता है कि आपके पास अकल, आप यूज़ ही नहीं करते उसको। आपको यूज़ करना गुमराह कर दिया उसको कि अल्लाह ने कहा, चुप करके मान लो बस, अकल नहीं यूज़ करनी। मतलब, इसका मतलब ये है कि कोई चीज अकल के खिलाफ भी जाए, तो तुम अकल को तरजीह नहीं दोगे, बल्कि अपने ईमान को तरजीह दोगे। इसका मतलब ये होता है, दिमागी। नहीं तो अल्लाह ताला ने फरमाया कि अपनी अकल यूज़ करो, लेकिन अल्लाह ताला, अल यूज़ करके मुझे बताओ। अकल यूज़ करके, हां, फिर ये बताओ कहां से हो गई? अकल यूज़, अकल यूज़ करके बताओ कि अल्लाह जो है, ये रूप बदलता है, तो रूप बदल के उसको देखने के लिए उसको फिजिकल और मटेरियल होना जरूरी है। तो अल्लाह फिर आपको ये कंफर्म करना पड़ेगा कि अल्लाह जो है, वो कयामत के दिन फिजिकल और मटेरियल हो जाएगा, रूप बदल के। फिर आपको अकल का इस्तेमाल करके ये बताना है कि जब फिजिकल हो जाएगा वो, तो फिजिकल होते हुए एग्जिस्ट करने के लिए स्पेस की जरूरत होती है। मैंने तो नहीं कहा, फिजिकल हो जाएगा। वो नॉन मटेरियल, फिजिकल नहीं होगा, तो फिर नजर कैसे आएगा? फिर लोग कैसे कहेंगे, तुम्हारा रब नहीं है? देखिए, लोग कैसे कहेंगे, तुम्हारा रब नहीं है। नॉन मटेरियल चीजों को देखने के लिए ताला ताकत देगा। हमारी आंखों। अबे, तुम्हें अभी क्या है? अभी तुमने सारी बातें की थी। रिपीट टेलीकास्ट कर रहे हो। फिर तुम सेक्स कैसे करोगे? तुम्हें चित्रल कैसे मिलेगी, अगर तुम नॉन फिजिकल हो? तो वो तो आंखों को ताकत देगा ना, हमें आंखों को ताकत देगा, तो पिंडली से कपड़े कैसे हटा रहा है फिर वो? क्या यार, तुम लोग कह रहे हो, हम तो नहीं समझ सकते। क्या नहीं समझ सकते? बिल्कुल समझ सकते। पिंडली होने के लिए चाहिए अपन है। इसी वजह से दिमागी अपंगी, हारून, इसी वजह से तुम दिमागी अपंग हो। बी अ प्राउड दिमागी अपंग। नहीं, नहीं, ये बात नहीं ना, मतलब मैं, मतलब उन चीजों को करता हूं, मतलब मैं, मैं ये तो कह रहा हूं ना कि मतलब हमें अल्लाह ताला के आंखों को ताकत दे देगा, तो हम अल्लाह ताला को देख सकेंगे। लेकिन अगर आंख रख, हारून, हारून, ये बोलो कि अब से कभी भी किसी भी नॉन मुस्लिम को इस्लाम की दावत नहीं दोगे। अल्लाह की दावत नहीं दोगे। ये बोलो। क्योंकि तुम उसको जब लॉजिकली साबित ही नहीं कर सकते हो। एक इलॉजिकल कॉन्सेप्ट को तुम साबित ही नहीं कर सकते हो। तो दिस विल बी डिसऑनेस्टी कि आप एक इलॉजिकल और इर्रैशनल चीज को जो है ना, वो दूसरे के सामने तब्लीग कर रहे हो। या तो ये कहो, या तो ये कहो कि मैं किसी भी नॉन मुस्लिम को कभी भी अपनी जिंदगी में दावत नहीं दूंगा अल्लाह की। दावत दूंगा, लेकिन वो ऐसे क्वेश्चन ही नहीं करेगा मुझसे। जैसे आप भी दिमाग अपंग है और दूसरों को भी दिमागी अपंग, सिर्फ आप दे रहे हैं, इसके अलावा और कोई भी नहीं ऐसे करेगा। मतलब उसको, हम यही करेगा भाई, वो सिर्फ मतलब, ये दिमागी अपंग तुम लोग होते हो, दूसरे नहीं होते। ठीक है, जब तुम सिमिलरली, तुम आज दिमागी अपंग है, सुन, तू मुसलमान होते हुए दिमागी अपंग है, लेकिन अभी जैसे-जैसे कोई हिंदूइज़्म की तुझे दावत देगा ना, तो अपने दिमाग का 100% इस्तेमाल करके उससे सारे सवाल करेगा। अरे, अच्छा खुदा मूर्ति में कैसे आ सकता? अरे भाई, वो नॉन मटेरियल है। अरे, लेकिन नॉन मटेरियल है, तो कैसे पॉसिबल है? यार, वो तो अलग बात है। अरे भाई, अरे भाई, वो, वो, वो खुदा की ताकत है। वो नॉन मटेरियल बन के आ सकता है। अरे, ये तो यार अंधविश्वास है। ये कैसे पॉसिबल हो सकता है? ये तो अकल के खिलाफ है। ये तू 100% दिमाग चलाएगा, जब तेरे को कोई हिंदू आके हिंदूइज़्म की दावत देगा। कोई क्रिश्चियन अपनी क्रिश्चियनिटी की तुझे दावत देगा। सुन, रुक, रुक जा। बोल, नहीं देता। जब कोई क्रिश्चियन, जब क्रिश्चियन तुझे कोई क्रिश्चियनिटी के बारे में दावत देगा, तो तू उसको अपना 100% दिमाग लगा के उसे 100 सवाल करेगा। अरे, ऐसा कैसा? अरे, तीन एक कैसे हो सकते? अरे, ये कैसा भाई? तुम जब दूसरों की बात जब सुनते हो, तो तुम अपना दिमाग लगाते हो, तो दूसरे को जब तुम दावत दोगे, तो जाहिर सी बात है, वो दिमाग लगा के तुमसे सवाल करेगा। लेकिन अनफॉर्चूनेटली, तुम्हारे पास, क्योंकि तुम एक दिमागी अपंगता से जुड़े हुए हो, तुम्हारे पास जवाब कभी भी नहीं हो सकता। इस वजह से मैं कह रहा हूं, ऑनेस्टी ये है कि कभी भी किसी भी नॉन मुस्लिम को अल्लाह की इस दिमागी अपंगता की, इस इलॉजिकल नॉनसेंसिकल कॉन्सेप्ट की दावत कभी नहीं देना। ठीक है, अरुण, मैं अभी तो नहीं ना दूंगा, लेकिन मैं बड़े होकर तो दे सकूंगा, जब स्टडी करूंगा इस बारे में। जब तुम्हें, जब तुम हमें डिबेट में हरा दोगे ना, फिर दावत देना। हां, ये वादा करो कि जब तक, सुनो, ये वादा करो अभी कि जब तक तुम इसको, इसका लॉजिकल और रैशनल आंसर ढूंढ नहीं लेते और हमको गलत साबित नहीं कर देते, तब तक किसी को दावत नहीं दोगे। मैं, मतलब, एक, मुझे बोलने देना, बीच में नहीं, मतलब बोलना, मैं, मतलब दावत दूंगा, मतलब लोगों को दावत दूंगा, लेकिन मैं इस, इस हद तक नहीं दूंगा कि मतलब दिमाग से हट के बात हो जाए, तो मैं उनको ये भी आंसर दूंगा, दिमाग से हट के बात, जो इल्म है, वो क्या है? इल्म है क्या? इल्म है तुम्हें एक चीज का भी इल्म नहीं है। तुमने ब्लैक होल की बात की, वो भी गलत साबित हो गई। तुमने सूर्य ढूंढने की बात की, वो भी गलत साबित हो गई। तुमने अल्लाह की बात की, वो भी गलत साबित हो गई। तुम्हें किसी चीज का इल्म नहीं है। नहीं, मैं बताता हूं ना, अगर आप अल्लाह को हटाकर एक यूनिवर्स का अगर क्रिएटर, मतलब कोई होगा ना, तो वो भी ऐसे ही होगा जैसे अल्लाह है। मैं यह कहता हूं, क्रिएटर, क्रिएटर, उसका नाम है, उसका नाम है चंग पोंग। वो जो चिंगचोंग पोंग है ना, इंसानों के साथ दिखता नहीं। नहीं, बिल्कुल, आप मतलब, उसका नाम जो भी रख ले, लेकिन वो अल्लाह ताला के साथ मैच करेगा। मतलब, उसकी, अच्छा, हारून, नहीं मैच करता। हारून, हारून, हारून, एडमम साहब, इसको एक लास्ट ट्राई करते हैं। हारून, एक बात बता, जी, अगर तू क्रिएटर होता, हम ठीक है। अच्छा, एक बात बता कि अल्लाह ने इंसानियत को आगे कैसे बढ़ाया? साहिल, एक सेकंड रुक जा, पहले यहां तक जाने से पहले रुक जा। यार, मुझे बता, अभी जब शुरू में हमने इससे बात की थी, तो ये जो अल्लाह का कौन सा है, कह रहा है कि तमाम क्रिएटर ऐसे ही होते हैं। भाई, मुझे कोई एक और क्रिएटर दिखा दे पूरी दुनिया का, जिसने कहा हो कि मैं जानता हूं हर चीज जो तुम करने वाले हो, लेकिन मैं फिर भी तुम्हारा टेस्ट ले रहा हूं। टेस्ट। कोई एक क्रिएटर और दिखा दे। किसने शुरू में कहा था? वाह, वाह। तो ये इसी से साबित होता है कि कोई और खुदा इतना स्टूपिड इडियटिक ब्रेन नहीं रखता कि वो जानता हो कि हर इंसान ने करना क्या है, येट वो टेस्ट लेने के लिए दुनिया में भेज दे। टाइम से बाहर है। अल्लाह तो, अल्लाह तो कह सकता है ना कि मतलब, अरे भाई, तेरे से सवाल क्या कर रहे हैं? सेम चीज, अभी कैसेट को जो है ना, वो उस पे फर्स्ट पॉइंट पे मत लेके जा, वहां साबित हो गया, तेरे पास कोई जवाब ना। मैं ये कह।

रहा हूं कि अगर अल्लाह को हटा अगर किसी क्रिएटर को साबित करें ना तो उसकी क्वालिटी मैं साबित कर रहा हूं ना भाई। यही तो कह रहा हूं कि कोई क्रिएटर इतना स्टूपिड नहीं है कि वो टाइम से बाहर होने की वजह से उसे पता है कि हर बंदा क्या करेगा। येट वो टेस्ट लेने के लिए दुनिया बना लेता है। कोई क्रिएटर नहीं ऐसा करता। पिक एनी क्रिएटर ऑफ एनी जियोलॉजी। कोई क्रिएटर ऐसा नहीं करता। लिहाजा अल्लाह से ज्यादा सिली क्रिएटर कोई है ही नहीं।

समझा अरुण यार। मैं समझ तो गया हूं ना लेकिन ये कह रहा मानूंगा नहीं। मानूंगा लेकिन मानूंगा नहीं। मतलब वो बुरा भला बोल रहा है तो वो भी तो मैं नहीं ना मानूंगा। मुझे इल्म नहीं है इस ये तो नहीं मैं अल्लाह टेस्ट ले रहा है क्लेम। लेकिन एडमम साहब फिर ये क्लेम क्यों करता है अगर इसको इल्म नहीं है। इसने फिर वही क्लेम कर दिया। तू क्लेम मत करना अगर तेरे को इल्म नहीं है तो तूने क्यों कहा कि कोई भी ऑर्गेटर होगा तो वैसे सही होगा। मैं तुम्हें साबित कर रहा हूं ऐसा नहीं हो सकता। बिकॉज़ ये सिली ये सिली काम है ऐसा करना।

तो एक चीज आप बता रहे हैं मतलब बहुत चीजें उसकी सिफात होंगी ना। मतलब मैं वो ये कह रहा हूं। चलो सिफात पे बात कर लेते हैं। अल्लाह जो है अपनी ही क्रिएशन को गुमराह करता है। नहीं करता गुमराह। कुरान में अगर लिखा लिखा हुआ दिखा दूं कि अल्लाह ने काफिरों को गुमराह किया है। तो अल्लाह ताला ने गुमराह किया। काफिर खुद चाहते थे कि हम गुमराह हो। तो अल्लाह ताला ने फिर गुमराह किया।

ये बोल दे हारून हारून ये बोल दे के अल्लाह गुमराह नहीं करता है। अगर कोई खुदा जो अपने को खुदा कहलवा रहा है अगर वो गुमराह करे तो खुदा नहीं हो सकता वो एक शैतान है। ये पहले बोल दो। अल्लाह ताला अल्लाह जो चाहता है ना मैं गुमराह अल्लाह उसको गुमराह करता है। अल्लाह ये कहता है जो चाहता है। अभी तो तू बोल रहा था अल्लाह गुमराह। अभी तो तू बोल रहा था कि अल्लाह गुमराह नहीं करता। करता है गुमराह। लेकिन जो चाहता है मैं गुमराह। पहले तो तू बोल रहा था कि नहीं करता है गुमराह। मैंने कब बोला। मैंने कहा अभी तूने कहा अल्लाह गुमराह नहीं करता। मैंने कहा बिना वजह नहीं करता। बिना वजह गुमराह नहीं करता। ये बोला ही नहीं तूने। ये बोला ही नहीं बिना वजह नहीं करता। उन्होंने कहा अल्लाह गुमराह नहीं करता। सुना ही तू मानता है कि अल्लाह गुमराह करता है। हां। नहीं करता गुमराह। मैं ये कह रहा हूं अल्लाह गुमराह नहीं करता। लेकिन अगर कोई चाहता है मैं गुमराह हूं फिर गुमराह करता तो फिर अल्लाह गुमराह करता है ना। तो करता है मतलब उसको करता है जो चाहता था मैं। अल्लाह गुमराह करता है ना। हां करता है गुमराह। थैंक यू सो वेरी मच।

तो अगर अल्लाह गुमराह करता है तो साहिल साहब फिर मुझे बताएं ना कि ये फिर अल्लाह की जैसी सिफात और तो किसी खुदा में मैंने नहीं देखी। कोई और खुदा कहे मैं गुमराह करता हूं अपनी कोई दूसरा खुदा बताओ आईडियोलॉजी का जो जो दूसरा खुदा भी गुमराह करता है। तुमने कहा सिफात देखो अल्लाह की। मैं अब सिफात देख रहा हूं। मतलब एक इंसान है मतलब हर चीज देख के कहता है मैं खुदा का इंकार करता हूं। मतलब फिर वो अल्लाह इंकार तो है नहीं किसी और खुदा की बात हो रही है कि कोई और खुदा दिखाओ।

देखो भाई वो लोग खुदा का इंकार नहीं कर रहे थे। उनके खुदा फर्क थे। ये देखो अब मैं तुम्हें दिखा देता हूं। इनल मुनाफिक बेशक मुनाफिकन ने अल्लाह को गुमराह किया। लेकिन अल्लाह उनको गुमराह कर रहा है। इनीड मुनाफिकन कोशिश कर अल्लाह को धोखा देने की। जबकि वो इनको धोखा दे रहा है। इनड हिपोक्रेट्स रिसीव अल्लाह बट ही रिसीविंग देम। अब मुनाफिक लोग जो है उनका खुदा कोई और है। नहीं मैं बताता हूं ना मुनाफिक वो होता है कि मतलब दिल में मतलब उसके कुछ होता है और करता कुछ है तो वो यार जो भी है ना उनके दिल में अल्लाह नहीं है कोई और है। लेकिन वो मुंह से कह रहे हैं अल्लाह भी खुदा है। ठीक है बात ये है कि अल्लाह उनको गुमराह कर रहा है धोखेबाजी इसका मतलब ये। अब मुझे बताओ किसी और आईडियोलॉजी के अंदर के अल्लाह जो है लोगों को गुमराह कर रहा हो।

बात को आगे लेके नहीं जाना बात को पीछे ही रह गए ना। मैं पहले ये तो साबित करूं आप बुरी चीज तो नहीं ना साबित कर सकते कि अल्लाह खुद गुमराह कर वो मुनाफिक नहीं मुनाफिक मिसाल दी है कि अल्लाह ताला मुनाफिक मतलब मुनाफिकों को मतलब धोखा देता है। अब ये कह रहे हैं लेकिन मैं ये कह रहा हूं कि मुनाफिक मतलब अंदर से कुछ होते हैं बाहर से कुछ कहते हैं तो वो समझते हैं कि हम अल्लाह को धोखा। सवाल उसमें नहीं है।

हारून हारून सो तुम असल में ना सवाल को नहीं समझ रहे हो। मेरे ख्याल से सवाल को मैं थोड़ा आसान कर देता हूं। शायद आदम एडमम की बात तुमको समझ में नहीं आए। अल्लाह यह नहीं बोल रहा है कि किस एडमम यह नहीं बोल रहा है कि वो किसको गुमराह करता है नहीं करता है। गुमराह करना अच्छी बात है नहीं अच्छी बात है ये नहीं बोल रहा। तुमने ये कहा था कि अल्लाह की जो सिफत है देखोगे तो सारे खुदा जो भी खुदा होगा उसमें यही सिफत होगी। तुमने ये क्लेम किया उस पे सवाल कर रहा है एडमम के तुम्हारा अल्लाह जो है वो धोखेबाजी करता है एक्स व जी किसी के साथ भी वो डिर्व करते नहीं डिर्व करते वो बात नहीं है। लेकिन उसकी सिफत में है कि वो वो धोखेबाजी करता है। तुमने कोई दूसरी आईडियोलॉजी भाई खुद यहां पे लिखा हुआ है धोखा देता है। इसका मतलब है। इसका मतलब और है। इसका मतलब ये नहीं है कि अल्लाह जानबूझ के लोगों को धोखे करता है। गुम जानबूझ के।

हारून नहीं जानबूझ के नहीं दे। एक सेकंड साहिल साहब। जानबूझ के नहीं धोखा दे रहा तो और किसका दे रहा है? अगर अल्लाह जानबूझ के कोई काम नहीं करता तो इसका मतलब है अल्लाह को पता ही नहीं वो गलती से कर देता है। ये क्या स्टूपिड बात कर रहा है यार। ये मेरी बात आप सुने नहीं। मैं यह कह रहा हूं कि जो मुनाफिक होते हैं ना वो दिल से और होते हैं यार। मुनाफिक गंदे लोग हैं माना। लेकिन अल्लाह उनको धोखा दे रहा है कि नहीं। ओ मेरी बात पूरी। मेरी बात तो सुन लेना। मैं यही बता रहा हूं के पूरी बात सुन ले। एक मिनट। मैं जुमला तो पूरा होने देना। मैं क्या कह रहा हूं। मैं ये कह रहा हूं कि मुनाफिक अंदर से कुछ होते हैं मतलब वो सोचते हैं कि हम ना अल्लाह को धोखा दे रहे हैं। लेकिन अल्लाह कहता है नहीं ये धोखा नहीं दे रहे। अल्लाह मतलब इनको धोखा दे रहा है मतलब ये समझता है कि हम अल्लाह को धोखा। हम भी बोल रहे हैं। हम भी वही बोल रहे हैं। अल्लाह धोखा दे रहा है उनको। तो ये जो धोखेबाजी वाला तुम्हारा अल्लाह है। एक प्रॉपर्टी अल्लाह की धोखेबाजी है। धोखेबाजी करना। ये किसी और खुदा के जो आईडियोलॉजीस मौजूद है दुनिया में उनके वहां पर बता दे कि उनका खुदा भी धोखेबाजी करता है। वो बताने के लिए बोल रहे हैं आडम साहब आपको। और खुदा यह कोई मतलब धोखा देना मतलब बुरी चीज है लेकिन अल्लाह जो बात बयान कर रहा है वो कोई और है ना यार।

साहिल यानी मैं क्या करूं खत्म है। अच्छा बात सुन बात सुन। अगर अगर अगर शैतान किसी को धोखा दे तो क्या अल्लाह उसको हिदायत दे सकता है? अल्लाह मतलब शैतान किसी को धोखा दे तो अल्लाह तो उसको नहीं ना उसको मोहलत दी हुई है। अल्लाह उसको मतलब हिदायत देगा। क्यों? अल्लाह हिदायत नहीं देगा। अगर शैतान किसी को धोखा दे तो क्या अल्लाह उसे हिदायत देगा? अल्लाह ने मोहलत दी हुई है। अल्लाह अल्लाह ने मतलब उस शैतान ने अल्लाह नहीं देता। अल्लाह ने शैतान ने अदा लिया हुआ है कि अल्लाह ताला कि मैं लोगों को गुमराह करूंगा। तुमने मुझे मतलब नहीं कुछ कहना। मतलब अल्लाह मोहलत दे दी हुई है। ठीक है। तो शैतान गुमराह करता है। मोहलत मिल गई हुई है। उसको टाइम मिल गया हुआ है। क्या जब शैतान गुमराह करता है तो अल्लाह हिदायत देता है। नहीं देता। ओह माय गॉडनेस यार। क्या दंग इंसान है। जब शैतान गुमराह करता है जब देखो मोहलत वाली आयत तुम्हारे सामने है। शैतान ने कहा मेरे परवरदिगार तूने मुझे गुमराह किया है। शैतान ने कहा तूने मुझे गुमराह किया है। मैं यकीनन मुजन करूंगा जमीन में दुनिया को जरूर गुमराह करूंगा इन सबको। अल्लाह ने कहा अल्लाह से बात हो रही है। कह रहा है सिवाय तेरे बंदों जिनको तूने अपने लिए खास कर लिया। यानी कि जिनको तूने हिदायत दे दी है उनको मैं गुमराह नहीं कर सकूंगा। अल्लाह ने फरमाया ये सीधा रास्ता है जो मुझ तक पहुंचाएगा। तो शैतान और अल्लाह की लड़ाई यह हुई है कि शैतान ने कहा अल्लाह तूने मुझे गुमराह किया है। मैं दुनिया में सब लोगों को गुमराह करूंगा। अल्लाह ने कहा तुझे मोहलत दी जा गुमराह कर। जो मेरे बंदे होंगे जिनको मैंने दी हुई है उनको तू गुमराह नहीं कर सकेगा। ये अल्लाह का क्लेम है कुरान के अंदर।

ओके शैतान जो शैतान जो कह रहा है ना कि अल्लाह ने मुझे गुमराह किया। यार छोड़ दे। शैतान जो कह रहा है वो किस तरह कह रहा है? उसे छोड़ दे। उसके ऊपर मेरी बहस नहीं है। उसके ऊपर बहस नहीं है। छोड़ दे अभी। अब अल्लाह कुरान में बोलता है इफ यू स्ट्राइव फॉर देर गाइडेंस ओ मोहम्मद ओ मोहम्मद ए नबी अगर आपको ख्वाहिश है कि आप इनकी हिदायत कर दें तो यकीनन अल्लाह हिदायत नहीं देता इसे जिसको वो खुद गुमराह कर देता है तो अल्लाह कहता है शैतान अगर गुमराह करे तो नबी तू हिदायत दे सकता है मुसलमान तुम हिदायत दे सकते हो अल्लाह कुरान के जरिए हिदायत दे सकता है लेकिन जिसको अल्लाह गुमराह कर देता है उसको ऐ नबी तू भी हिदायत नहीं कर सकता। अल्लाह तो अल्लाह तो इतना बड़ा गुमराह करने वाला है कि नबी भी हिदायत नहीं कर सकता। इंतहाई गंदा अल्लाह है यार तुम्हारा।

नहीं दोबारा सेम शेम होनी चाहिए। बैड वर्ड्स तो ना बोलो। अल्लाह अल्लाह गुमराह नहीं करता। शैतान करता है गुमराह। लेकिन अल्लाह यार तुझे उर्दू पढ़नी आती है, अंग्रेजी पढ़नी तुझे कौन सी लैंग्वेज आती है? उसमें ट्रांसलेशन पढ़ ले बेटा। पहले वो खोल देता हूं। को कौन सी लैंग्वेज पढ़नी आती है यार? शैतान गुमराह करता है। आप इससे क्या मुराद? तेरे पास कौन सी जुबान तुझे पढ़नी आती है? ये पढ़ जरा। आराम से तो बोलो ना सिर में मतलब आराम से। विक्टम काटना है। साहब एक मिनट। एडमम साहब एक मिनट। बाद विक्टम। हारून हारून हारून तुमको उर्दू पढ़ने आती है? हां। ये सामने पढ़ो। उर्दू की उर्दू ट्रांसलेशन पढ़ो। ऐ नबी अगर आपको बहुत ख्वाहिश है इनको हिदायत की तो वो यकीनन अल्लाह हिदायत नहीं देता इसे जिसको वो गुमराह कर देता है। इनके लिए नहीं होंगे कोई। अल्लाह गुमराह करता है। हां। अल्लाह गुमराह करता है।

अब इस बार मतलब अभी थोड़ी देर पहले तुम कह रहे थे नहीं नहीं। एक मिनट। अभी थोड़ी देर पहले तुम कह रहे थे कि अल्लाह गुमराह नहीं करता है। अभी तुमने जो आयत पढ़ी उसमें तो अल्लाह कह रहा है अल्लाह गुमराह। अल्लाह गुमराह करता है। और जिसको अल्लाह गुमराह कर दे उसको नबी भी हिदायत नहीं दे सकता। नहीं नहीं मुझे बोलने दे। मुझे बोलने दे। मुझे मतलब बीच में नहीं बोलना। अब यहां आयत में लिखा हुआ है अल्लाह गुमराह करता है। इसका मतलब ये है कि कॉन्टेक्स्ट में जाए ना तशरी में जाए उसमें लिखा होता है कि जो इंसान ये चाहता है ना कि मैं गुमराह है जो अल्लाह ताला से बगावत करता है मतलब कॉन्टेक्स्ट में होता है मतलब मैं बता रहा हूं। एक बात बता हारून। एक बात बता रहा हूं। लॉजिकली सोच। हारून हारून लॉजिकली सोच। एक इंसान जो अल्लाह से बगावत कर रहा है क्या वो ऑलरेडी गुमराह है कि नहीं है? गुमराह है तो फिर ही तो गावत करेगा ना। पहले वो गुमराह होगा फिर वो सोचेगा कि तो तू खुद सोच तो तू खुद सोच कि जो ऑलरेडी गुमराह है उसको अल्लाह क्या गुमराह कर रहा है? अल्लाह उसको अल्लाह कह रहा है हिदायत मिल भी सकती है। उसके बारे में है कि उसे हिदायत मिल सकती है। नहीं मिल। अल्लाह कह रहा है मैं अगर वो गुमराह है ना मैं उस उसे उस चीज में और बढ़ा देता हूं। उसकी गुमराह के बस मजे। इंसाफ है हारून हारून। क्या ये है इंसाफ। इंसाफ ऐसे है कि जो हिदायत पाते हैं ना अल्लाह ताला उनकी हिदायत और बढ़ा देता है तो इंसाफ हो जाता है। हारून हारून क्या ये इंसाफ है कि एक इंसान गुमराह है उसको और गुमराह कर दिया जाए। क्या ये इंसाफ है। हां इंसाफ है।

अगर टेस्ट कैसे कैसे इंसाफ है मुझे एक बात बताओ। मैं एक एग्जांपल देता हूं तुमको ठीक है। तुम्हारा तुम्हारा तुम्हारा बच्चा है। ठीक है। बच्चा कैसा होगा? वो दारू पीता है। तुम्हारा भाई है। ठीक है। तुम्हारा भाई है। वो दारू पीता है। ठीक है? वो गुमराह हो गया और खुद से सुन ले भाई। सुन ले। अगर गलत रहेगा एग्जांपल तो उस पे सवाल उठा सकते हो तुम। कोई बात नहीं। तुम्हारा भाई वो शराब पीता है। दारू पीता है। वो गुमराह है। खुद से पी रहा है। तुमने नहीं उसको बोला। वो अपनी चॉइस से पिया उसने खुद गुमराही को चूस किया। अब बताओ के तुम्हारे भाई को यह कह रहे हो कि भाईकि तू ऑलरेडी गुमराह है। तू शराब पी रहा है। चल मैं तुझे तीन बोतल और शराब पिलाता हूं। और शराब बहुत ही और गुमराह करो। और शराब बहुत ही अच्छी चीज है। इसको पीने से बहुत ही मजा आता है। आपने एग्जांपल दिया है तो मैंने पहले भी यही कहा है कि ठीक है ये इंसाफ अल्लाह कर रहा है। जो चाहता है कि मतलब अल्लाह को नहीं मानता। अल्लाह के खिलाफ हो जाता है तो अल्लाह उसको फिर और उसी चीज में वगन कर देता है। तो ये इंसाफ है और अच्छा।

मैं एक एग्जांपल देता हूं। मैं एक और एक सेकंड एक सेकंड एक सेकंड साहिल एक सेकंड। नहीं ये ये तो स्टूपिड बात हो रही है। तो जब उमर जो था जब उमर हजरत उमर जो था वो नबी को कत्ल करने आया था ना हम जब उमर ने इस्लाम कबूल किया था उस वक्त वो नंगी तलवार लेके मोहम्मद को कत्ल करने आया था। हां उसको क्यों हिदायत दी अल्लाह ने? उसको उसको क्यों हिदायत दी? वो तो गुमराह था। वो तो गुमराह था। अगर अल्लाह ने हर गुमराह को गुमराह ही करना है तो उमर जो था वो तो नंगी तलवार लेके आया था नबी को कत्ल कर। बल्कि इस एग्जांपल में एडमम साहब अगर उमर जो है वो नबी का एक टुकड़ा करने के लिए आया था अल्लाह को उसको और मजीद गुमराह करके नबी के 24 टुकड़े करने चाहिए थे। नहीं नहीं वो मतलब तलवार लेके आया था तो उस वक्त वो गुमराह तो एक मिनट 1 मिनट रुक तो जाए ना एक मिनट 1 मिनट 1 मिनट मेरी बात पूरी होने दे। वो मतलब नबी सल्ल वसल्लम को मतलब नाउज्लाह कत्ल करने आए हजरत उमर जब इस्लाम नहीं लाए थे तो नबी ने उसको था ना उमर उस मुझे बोलने दे। वो मतलब पहले ये स्टेटमेंट दो कि वो उस वक्त गुमराह था भाई। उस वक्त गुमराह था जब वो इस्लाम में नहीं था तो गुमराह था। गुमराह को नहीं था मतलब गुमराह कोई था। लो जी साहब अब नॉन मुस्लिम लोग गुमराह नहीं है। जो नबी को कत्ल करने आ रहे हैं वो गुमराह नहीं है। वो हिदायत पर है तो गुमराह है कौन फिर है ना। गुमराह से मुराद होता है कि मतलब वो गलत काम करते हैं। ऐसे काम करते हैं। जब वो नबी को कत्ल करना गलत काम नहीं है। नबी को कत्ल करने का इरादा करना गलत काम नहीं है। पहले तो मुझे ये नहीं पता कि वो कत्ल करने आए थे। ये मुझे तो ये भी नहीं ना पता। नहीं पता है तो क्या कर सकते हैं। तेरे बस की बात नहीं है। लेकिन हारून हारून एडमम साहब ये एक मिनट हारून रुक जा यार। अरुण हरु हारून तेरे से बहुत हारून तेरे से बहुत हम लोग डिस्कशन कर चुके हैं। अब ज्यादा तुझे नहीं झेल सकते क्योंकि मेरे मतलब मेरे जैसे इंसान के भी जो न्यूरॉन्स है ना वो मरना स्टार्ट हो जाएंगे। मेरे को नहीं पता एडमम साहब के कैसा झेल रहे हैं। लेकिन उसको एडमम साहब की बात तेरे को बिल्कुल नहीं समझ में आएगी। मैं एक लास्ट हारून लास्ट चीज प्लीज थोड़ा सबर कर मेरे भाई। लास्ट मुझे एक बात बताओ अल्लाह ने इस दुनिया को कैसे आगे बढ़ाया? मतलब आदम सलाम से बढ़ाया था ना आदम और हव्वा सही जी फिर आदम और हव्वा के बच्चे हुए जी है ना उनकी आपस में शादी हुई जोड़ों में जोड़ों में बच्चे हुए थे फिर उनको आपस में शादी हुई थी शादी हुई है ना मतलब भाई बहन का सेक्स करवाया अल्लाह ने ठीक है तो वो उस उस टाइम की शरीयत थी ना मतलब हां भाई मैं ये पूछा उस टाइम की शरीयत थी नहीं थी पूछा मैं तुझसे नहीं पूछा ओके तो भाई बहन का सेक्स करवाया जी है ना तो तुम सारे मुसलमान एक तो की नस्ल में से है सॉरी सॉरी फॉर माय वर्ड भाई सीधी सी बात है जब तुम्हारी जो नस्ल है वो गाली नहीं दे रहा भाई क्यों अल्लाह तौबा गाली बिल्कुल नहीं दूंगा मैं एग्जैक्ट वर्ड यूज़ कर रहा हूं। तो तूने खुद कहा कि भाई बहन का सेक्स करवाया तो उसकी जो नस्ल निकलेगी उसको की नस्ल ही बोलेंगे। बट एनीवेज तेरे को अगर बुरा लग रहा है तो मैं ये वर्ड को छोड़ देता हूं। अच्छा मुझे एक बात बता तूने कहा के सारे क्रिएटर लगभग अगर देखा जाएगा तो इसी तरीके के काम करेंगे। यानी उसकी सिफत या उसका तरीका जो है वो जो तुम्हारे अल्लाह का तरीका है वही होगा। तूने खुद कहा मुझे बता हारून नहीं सारे जो क्रिएटर कृष्ण का क्रिएटर ऐसे क्रिएटर उनकी बात नहीं रहा मैं कह रहा हूं जो इस कायनात का जो भी क्रिएटर होगा हां भाई जो भी क्रिएटर होगा वो ऐसे ही करेगा तुमने बोला ठीक है मुझे बता इसने अभी क्या कहा है कौन सा वाला क्रिएटर क्रिश्चियन का क्रिएटर क्या उसने बोला नहीं जो असल क्रिएटर है जो असल क्रिएटर समझ गया मैं क्रिएटर है हारून मैं समझ गया बच्चा तू टेंशन मत ले मैं समझ जाता हूं तुम लोग के जज्बा बातों को मैं समझ जाता हूं। ओके हारून एक बात बताओ अगर तू क्रिएटर होता फॉर द सेक ऑफ आर्गुममेंट क्या तू भी यही तरीका अपनाता या कोई दूसरा तरीका अपनाता इस दुनिया में लोगों को बढ़ाने के लिए तो बेहतर तू भी भाई बहन हां मैं बता दूंगा अगर तुझे नहीं मालूम है तो बोल मैं बताता हूं मतलब तेरी अकल इतनी भी नहीं चलती कि तू यह बता सके कि अगर तू क्रिएटर होता तो तू भी भाई बहन का सेक्स करवा के दुनिया आगे बढ़ाता या तू कुछ दूसरा ऑप्शन करता। मैं ये पूछ रहा हूं अगर तू क्रिएटर होता। भाई बहन का तो सेक्स हुआ ही नहीं। मतलब जोड़ों की शक्ल में पैदा होते थे ना तो उनका मतलब क्या मतलब अगर भाई बहन थे? अगर यानी कि एक दफा एक बच्चा पैदा हुआ। दूसरी दफा दूसरी बेटी पैदा हुई तो वो भाई बहन नहीं है। एक मां-बाप के दो बच्चे ऊपर नीचे पैदा हुए हैं। एक पहला और एक बाद में तो वो भाई बहन नहीं है। अच्छा एक बात सुने वो जो पैदाइश का जिक्र है ना कि बहन भाई ये मतलब किसी किताबों में नहीं हो सकता है कोई हिकमत हो। हारून हारून वो सब छोड़ दे। ठीक है। तूने ये एग्री किया है के अल्लाह ने उनको अल्लाह ने उनके सेक्स के जरिए से भाई बहन का सेक्स करवा के दुनिया को आगे बढ़ाया। मैं कह रहा हूं कि अगर तू क्रिएटर होता फॉर द सेक ऑफ आर्गुमेंट। तेरे पास ऑल पावरफुल है तू। तेरे पास सारे ऑप्शन है। क्या तू भी भाई बहन का सेक्स करवा के दुनिया को आगे बढ़ाता, बढ़ाता कि वो सब जगह पर फैले या तू कुछ दूसरा तरीका निकालता इसका मुझे जवाब चाहिए। मेरे हिसाब से मैं नहीं जानता कि भाई भाई बहन का सेक्स हुआ था या क्या हुआ था। अगर ये भी हुआ था ना मान ले मान ले मैं कह रहा हूं अगर ये भी ये भी मान ले ना तो मतलब इसमें कोई बुराई नहीं होती क्योंकि उस टाइम कोई शरीयत नहीं होती थी कि ये गलत है मतलब उस टाइम ये नहीं होता था उस टाइम की हारून मैं फिर से पूछता हूं उस टाइम की शरीयत में था नहीं था। मैं ये सवाल ही नहीं कर रहा हूं। मैं तुझसे ये पूछ रहा हूं कि अगर तू क्रिएटर होता फॉर दिस सेक ऑफ आर्गुमेंट क्या तू भी यही तरीका अपनाता या कुछ दूसरा तरीका अपनाता तू जो अल्लाह ने किया वही करता हूं। अल्हम्दुलिल्लाह अल्हम्दुलिल्लाह अल्हम्दुलिल्लाह। इसी वजह से हारून सुन। अच्छा मैं मैं अच्छा बता के अल्लाह वाला तरीका सही है या मैं एक ऑप्शन देता हूं अगर मैं क्रिएटर होता हूं।

ठीक है, तो आप अपना तो आप अपना ऑप्शन दें, तो फिर मैं देखूंगा। हां, मैं दे रहा ना भाई। ओके।

अगर मैं क्रिएटर होता, तो मैं दुनिया को आगे बढ़ाने के लिए भाई-बहन के ऊपर, भाई को बहन के ऊपर नहीं चढ़वाता, बल्कि मैं 101 जोड़े दुनिया में भेजता और उनसे उन जोड़ों... सुन लेना भाई, 101 जोड़े भेजता और उनसे जो औलादें होतीं, वो शादी करतीं और इस तरीके से सिलसिला आगे बढ़ता।

अब बता के, मी बीइंग अ क्रिएटर, एक अच्छा ऑप्शन मैंने दिया है या तुम्हारे अल्लाह वाला ऑप्शन अच्छा है? अब टोकना नहीं बीच में। मैं यही कह रहा हूं कि मतलब मैंने बहन-भाई वाले बात की है ना, तो ये मैंने वैसे किया कि ऐसा होगा। लेकिन जोड़ों वाली बात मैंने की है ना। ऐसा नहीं होगा।

तो फिर आदम और हव्वा के अलावा कौन थे? जो पहला क्रिएशन अल्लाह ने की थी। आदम और हव्वा के अलावा की थी कोई और क्रिएशन? जो ये साहिल भाई, भाई बात कर रहे हैं ना। मैं तो वही कह रहा हूं कि कुरान और हदीस में किसी भी जगह पे आदम और हव्वा के अलावा कोई और जोड़ा बनाया था तेरे अल्लाह ने? तो जोड़ा बनाया था। यही मैं कह रहा हूं ना कि जोड़ा, जोड़ा बनाया था। फिर उससे मतलब हुआ था जो... तो आदम और हव्वा हैं ना, आदम और हव्वा ही हैं ना, तो वो उन दोनों ने ही आपस में बच्चे पैदा किए और उन बच्चों ने आपस में सेक्स किया? यहां फिर वो उनका जो बेटा था, वो हव्वा के साथ कर रहा था और बेटी जो है, वो आदम के साथ कर रही थी? यहां तो मां-बेटे और मां-बेटी लगे हुए थे। यहां बहन-भाई लगे हुए थे। और तो तीसरा कोई, तीसरा कोई तरीका ही नहीं है ना। और और तू खुद बोल चुका है कि वो शरीयत में वो अलाउड था। मतलब तेरे को मालूम है कि वो शरीयत में अलाउड था। तो अभी मुझे बता, यहां वो जलेबी बनाने के बजाय हारून, कि तुम्हारे अल्लाह ने जो तरीका अपनाया, वो बेहतर है या मैंने जो तरीका बताया, वो बेहतर है?

तुमने कौन सा तरीका? यही बताया ना कि जोड़े मतलब पैदा करोगे? यार, दो जोड़े बनाते हैं। उसने तरीका ये होता है, दो जोड़े बनाते हैं। दोनों जोड़े आपस में शादियां करते हैं। दोनों जोड़ों के बच्चे आपस में शादियां कर लें। तो इजी कर दे साहिल यार, प्लीज। 12 मुश्किल हो जाएगी। हां, तो मैं भी यही कह रहा हूं। समझ में नहीं आता।

लेकिन अल्लाह ने तो दो नहीं ना बनाए। अल्लाह ने एक जोड़ा बनाया। एक जोड़ा मतलब दो जोड़े बनाए थे। अब ये कह रहा है। अरे भाई, तू जानबूझ के अभी बन रहा है। तुम्हारे अल्लाह ने, मैं बताता हूं। सुन। तुम्हारे अल्लाह ने एक जोड़ा बनाया, आदम और हव्वा का और उससे सारी इंसानियत को फैलाई। ठीक है? इस वजह से भाई-बहन को आपस में शादी करनी पड़ी, सेक्स करनी पड़ी, क्योंकि उस शरीयत में अल्लाह ने उसको अलऊ किया था। यह तुम मानते हो, तुम बोल चुके हो कि उस शरीयत में अलव था। ठीक है? तो अल्लाह का जो तरीका था, वो ये था कि उसने भाई-बहन को चढ़वा दिया। मैं अगर क्रिएटर होता, तो मैं दुनिया में कम से कम 101 जोड़े भेजता और उनके बच्चे जो है, फिर वो आपस में शादी करके इस तरीके से फिर सारे जगह पर लोग फैलते। अब बता कि मेरा तरीका बेहतर है कि तेरे अल्लाह का तरीका बेहतर है?

नहीं, बच्चे कैसे मतलब, यह कॉन्सेप्ट ऊपर से गलत हो जाना था ना, अगर आप जोड़े ऐसे पैदा करते, तो फिर मतलब हमारे, फिर कैसे पता चलना था कि ये अब्बा, मतलब हम एक नस्ल देंगे, तो ये ज्यादा लॉजिकल बन जाता है ना। एक नस्ल। कौन सा ज्यादा लॉजिकल है? फिर ये भी होगा कि एक भाई-बहन का चढ़वाना, ये ज्यादा लॉजिकल है। जाहिर सी बात है। मतलब, मतलब एक बंदे को भाई। जाहिर सी बात है यार, जाहिर सी बात है। ये ये भी शॉट बनाना। एडमम साहब, ये ये भी शॉट बनाना। इसका जाहिर सी बात है, भाई-बहन को जो अल्लाह ने चढ़वाया, ये ज्यादा लॉजिकल है। ये बेहतर तरीका है ना कि 101 जोड़े भेज देता। मतलब ही इज अ प्राउड नस्ल, अल्हम्दुलिल्लाह है ना। हारून, यू आर अ प्राउड। भाई, तूने खुद कहा ये लॉजिकल है, तो यू शुड बी प्राउड फॉर योर बहनचोदी नस्ल यार। यार, पता नहीं क्या पता, पता नहीं साहिल भाई, कितने अजीब-अजीब सवाल करते हैं। आउट ऑफ सिलेबस सवाल कर देते हैं आप। यार, आउट ऑफ सिलेबस नहीं, मतलब आप जो बातें कर रहे हैं ना, जोड़े पैदा होंगे, वो ऊपर से। हारून, हार। ऊपर से, अगर अगर दो-चार जोड़े होते, तो क्या होता? क्या क्या पता ना लगता उससे कुछ? बता रहा है सर, मैं कह रहा हूं कि ऊपर से कॉन्सेप्ट गलत हो जाना था ना। इससे क्या क्या कॉन्सेप्ट गलत होना था? जरा समझा। ऊपर से गलत हो जाना था। यस। इसे ये हो जाना था कि ज्यादा बाप हो जाने थे। मतलब एक ही नस्ल इधर जा रही है, एक इधर जा रही है। ज्यादा बाप हो जाने थे। हां, तो यही होना था ना। बात सुन, बात सुन, बात सुन, बात सुन, बात सुन। मतलब अभी तो एक ही है ना। ज्यादा बाप कैसे होने थे? ये समझाने की कोशिश करेगा तू थोड़ा सा मुझे। तो वो ये कह रहा है ना कि जोड़ों, जोड़ों की शक्ल में चीजें वो पैदा करेगा। हां ना, दो-तीन जोड़े, दो जोड़े होते, दो हव्वा होतीं, दो आदम होते। अगर दो आदम होते, दो हव्वा होतीं। एक आदम, एक हव्वा के साथ गेम कर रहा है। एक आदम, एक हव्वा के साथ गेम कर रहा है। और एक आदम के बच्चे, दूसरे आदम के बच्चों के साथ शादियां कर रहे हैं। तो इसमें, इसमें, इसमें प्रॉब्लम क्या हो जानी थी? जरा ये समझाएं। तो बाप, बाप कितने होने थे? ये बताओ। एक बाप होना था। एक ही बाप होना था ना यार। एक आदम, एक बच्चे का, एक ही बाप। एक बच्चे का एक ही बाप कैसे बनेंगे भाई? नहीं, नहीं। एक अलाक आ रहे हैं। एक अलाक कार हैं। एक एक आदम और अलाक आ रहे हैं। एक आदम अलाक आ रहे हैं। एक आदम और हव्वा के बच्चे, दूसरे आदम और के बच्चों से शादी कर रहे हैं। लेकिन नस्ल एक ही होना, ये लॉजिकली दो नस्लें बननी थी। एक अलग नस्ल बननी थी। एक अलग नस्ल। दो नस्ल बननी थी। दो नस्लों से आने थे सबने और दो नस्लों से इंसानियत फैलती। उसमें क्या फर्क पड़ जाता? नहीं, नहीं, एक नस्ल। तुम की औलाद तो नहीं होते। अरे भाई, एटलीस्ट तू की औलाद तो नहीं होता। नस्ल का नहीं होता। यानी कि आप मानते हैं कि आपके ग्रेट ग्रेट ग्रेट ग्रेट ग्रेट ग्रेट ग्रैंड फादर और ग्रेट ग्रेट ग्रेट ग्रेट ग्रेट ग्रैंड मदर थे आपस में। ये जो मैं बात कर रहे हैं, ये इस शरीयत में अगर कोई करे ना ऐसा, तो फिर ये हो सकता है। लेकिन उधर से उधर, उसी वाली शरीयत में, उस शरीयत में वो ग्रेट ग्रेट ग्रेट ग्रेट ग्रैंडफादर और ग्रेट ग्रेट ग्रेट ग्रैंड मदर थे। आप मान रहे हैं ये? तो आप लक लक दुआ दे रहे हैं ना? ये वाला। लेकिन ये तो लकब नहीं है। मीन्स लाइक, बहन के साथ डिंगी डिंगी डिडंगी करना। गाली नहीं दे रहा हूं भाई, मैं हारून। मैं गाली नहीं दे रहा हूं। अगर तेरे को, हां, तो ठीक है। ओके। तो तू प्राउड नस्ली है? ये क्या बात है? ये तो क्योंकि लॉजिकल है ना, उस जमाने से। आप उस जमाने में आप प्राउड हैं कि आपके ग्रेड ग्रेड ग्रेट ग्रेट एनसेेस्टर जो थे, वो थे। हां। नहीं, नहीं। तो अब गलत नहीं। कौन बोला? गाली बन जाती है भाई। फैक्ट है। नहीं, गाली बनती है। अरे, फिर तेरे को शर्म आ रही है? एक बार तू डिफेंड करता है उस चीज को, फिर तेरे को शर्म आ जाती है। किसने कहा ये गाली? ये तो तुम्हारी हकीकत है। अगर आपको लगता है ये ठीक है। नहीं, ये लफ्ज़ ठीक है। मतलब यार, जो बहनच के साथ उसे नहीं करते, तो और क्या कहते हैं आप? कोई नया लफ्ज़ दे साहब। डिक्शनरी का नया लफ्ज़ ले ले, हम वो ले लेते हैं। आप कोई डिक्शनरी का लफ्ज़ दे दे। नहीं, मैं अगर ये बात बोल दिया, इसमें भी मतलब मैंने अगर बोला है कि अगर आदम और हव्वा ये काम किया। इसके इसमें भी कोई चीज होगी ना कि मतलब किसी और मखलूक के साथ। हां, लेकिन आप इस चीज को मान रहे हैं ना कि वो आपके ग्रेट ग्रेट एनसेेस्टर्स जो हैं। हां। वो लॉजिकल था ये काम करना और इट वास गुड। मैं चीज को मान तो रहा हूं, लेकिन और भी चीजें हो सकती हैं ना, मतलब इसमें। नहीं, और तो कोई चीज नहीं हो सकती ना। दे हैड टू डू द फर्स्ट सेक्स टू क्रिएट मोर बेबीज। वरना फिर वो फिर ये हो सकता है कि आदम की एक औलाद ने हव्वा के साथ दोबारा सेक्स किया हो, तो फिर अब आप हो गए। या आदम की एक एक बेटी ने आदम के साथ सेक्स किया हो, तो फिर आप हो गए। तो वो अब आपको, आपने किस चीज को पकड़ना है, ये आप पकड़ ले, क्योंकि इसके अलावा तीसरा चौथा काम कोई नहीं हो सकता। ये तीन ही होंगे। हां, और ऑप्शन नहीं है। ऑप्शन नहीं है आपके पास, क्योंकि लोग नहीं है। और क्योंकि तूने खुद कहा है कि ये मैंने तेरे को एक दूसरा ऑप्शन दिया था, तूने कहा वो लॉजिकल नहीं है, ये लॉजिकल है। लेकिन गलत तो नहीं ना? मतलब उस टाइम की शरीयत में था। मैं कब बोल रहा तेरे को गलत है। तू सिर्फ इतना कंफर्म कर, तू सिर्फ इतना बोल दे कि आई एम अ प्राउड चोद नस्ल। आई एम फ्रॉम अ प्राउड नस्ल। उधर नस्ली इधर हो, तो फिर अप्लाई हो जाता। अरे, उसी उसी नस्ल से निकला है ना रे भाई तू? क्या मतलब तेरे तेरे अबबादाद आदम के बच्चों में से नहीं है? नहीं, नहीं। एक एक बात बताएं, अगर तेरे अबबादाद आदम के बच्चों में से हैं कि नहीं है, पहले ये बता दे। आदम के तो दूर बात है ना। अभी तो फिर आप इधर भी ये मिसाल फिट कर सकते हैं, अगर एक मां-बाप आपस में करें, तो फिर उसमें तो उसको भी आप बोलेंगे। आप ये, अब फिर तो इधर भी यही कहेंगे यार। अबे, इस तरीके के अल्फाज़ तो तेरा अल्लाह इस्तेमाल। एडमम साहब, इस तरीके के अल्फाज़ तो इसका अल्लाह इस्तेमाल करता है। इसके रसूल इस्तेमाल करते हैं। बदजात। बिल्कुल। मैं कह रहा हूं उसको छोड़ें। अगर अभी भी एक एक मां-बाप आपस में मतलब रिलेशनशिप कायम करें, फिर उसके बाद जो बच्चा पैदा होगा, आप तो उस पर भी ये मिसाल फिट करेंगे ना? उससे भी आगे। जी, नस्लें, नस्लें पैदा होंगी। आप उधर भी ये मिसाल फिर सकते हैं। क्या वो दोनों मां-बाप एक, क्या वो मां-बाप एक दूसरे के बहन भाई हैं, जो इस वक्त सेक्स करेंगे? तो वो बहन भाई थे। मतलब क्या वो आदम बहन भाई हैं? नहीं, आदम और हव्वा बहन भाई नहीं थे। आदम और हव्वा बहन भाई नहीं थे। बच्चे थे ना उनके। बच्चे तो बहन भाई नहीं थे। आदम और हव्वा भाई नहीं थे। नहीं, कोई नहीं। बहन भाई। आदम और हव्वा के जितने बच्चे थे, वो आपस में बहन भाई नहीं थे। आदम और हव्वा के जितने भी बच्चे थे, वो आपस में बहन भाई थे। थे, वो बहन भाई थे। मैं ये दिखाए ना वो किधर लिखा? एक तुम्हारे बाप ने, तुम्हारे बाप और तुम्हारी मां ने दो बच्चे पैदा किए। एक तुम और एक एक लड़की। क्या वो लड़की और तुम आपस में बहन भाई हो? हां। ओके। जब आदम और हव्वा ने दो बच्चे पैदा किए, वो दोनों बच्चे क्या आपस में बहन-भाई होंगे? वो बच्चे बहन भाई होंगे। एक्सजेक्टली। तो क्या उन बच्चों ने ही आपस में सेक्स करके नए बच्चे पैदा किए थे? जी, ऐसे ही हुआ था। थैंक यू सो वेरी मच। तो आप नस्ल से हैं ना? तो फिर आप भी तो मतलब आपके मां-बाप ने भी तो, नहीं, नहीं, आपके भी मां-बाप ने किया था। फिर उसके बाद। हां, तो हमारे मां-बाप ने जब किया था, तो हमने अपनी बहन के साथ कुछ नहीं किया। वो हमारी बहन के साथ हमने नहीं किया। तो जिसने भी किया था, मतलब वो भी यही। मैं भी आदम किसी और, वो किसी और की बेटी थी। तो मैं भी यही बता रहा हूं ना, जब आप आदम, हव्वा, उसमें जोड़े पैदा हुए थे, जब जोड़े पैदा हुए। सुनो, सुनो, सुनो, सुनो, सुनो, सुनो, साहिल साहब, इसको जरा पेंट ब्रश में दिखा ताकि इसको समझ आए। जो ये जो इस्लामिक साहब, ये इसका ईमान बहुत मजबूत है। एडमम साहब, ये लास्ट करना और मतलब, हां, लास्ट है, लास्ट, लास्ट, लास्ट। ये जरा इसको दिखा दे जरा पेंट ब्रश में दिखाते हैं इसको, ताकि पता लग जाए कि बहन भाई कैसे हैं। ओके, ले जी, जो इस्लामिक थियोलॉजी के अंदर कल्चर है, वो कुछ ऐसा बताता है। मैं जरा दिखा देता हूं। पेंसिल। ये जनाब, ये आया जनाब आपके पास आदम। आदम, ये आ गया आपके पास हव्वा। ठीक है? आदम और हव्वा ने जब आपस में की डिंगी डिंगी, तो वो जोड़ों की शक्ल में पैदा हुए। तो हर दफा उनसे होता था एक बेटा और एक बेटी। बेटा दो, मतलब एक बेटा नहीं पैदा होता था, जोड़ों में शक्लों में पैदा होते थे। हां, वही बताने लगा हूं भाई। ऐसे होता था कि एक होती थी बेटी, जिसकी गुत बना दी मैंने, ठीक है? और एक बेटा होता था, जिसकी मैंने मुच्छ बना दी यहां पे, ठीक है जी? एक मुच्छ वाला बेटा होता था, एक मुच्छ वाली बेटी होती थी, ठीक हो गया? अब ये जो दोनों बच्चे हैं, ये आपस में शादी नहीं करते थे। जब आदम और हव्वा बाद दोबारा एक दफा क्रॉस किया, तो उनके फिर होते थे एक बेटा मुच्छड़ और एक बेटी। ठीक हो गया। अब आपका दीन ये कहता है कि ये पहली दफा में जो दो बच्चे पैदा हुए, ये चारों भाई-बहन हैं कि नहीं? एडमम साहब, हां। क्या ये चारों आपस में भाई-बहन हैं कि नहीं है? क्योंकि दो जुड़वे पैदा किए एक मां-बाप ने। क्या ये चारों बच्चे बहन भाई हैं? बहन भाई तो हैं, लेकिन बहन भाई हैं। ओके, थैंक यू सो मच। लेकिन क्या है? अब अब ये और ये आपस में डिंगी डिड करके एक बच्चा पैदा कर रहे हैं। बेबी। और ये और ये आपस में डिंगी डिड करके एक बेबी पैदा कर रहे हैं। तो अगर ये चारों बहन भाई हैं, तो क्या इन्होंने बहनचोदकी की है कि नहीं? अच्छा, रुकें। इधर मैं एक बात ऐड करना चाहता हूं। हम रुकें। तो फिर जो पहली, अगर आप आदम सलाम को नहीं मानेंगे, तो फिर किसको भी मानेंगे? तो फिर पहले मर्द औरत ही होंगे ना? ये अब आप ये पहले कंफर्म कर ले। क्या ये की है? नहीं, नहीं, मैं कह रहा हूं कि फिर अगर आप मानेंगे ना ये बहनच की, तो फिर आपको ये भी मानना पड़ेगा, फिर भी दूसरी साइड से भी आप बहन यकी है, क्योंकि फिर। ओके, मैं मैं दूसरी साइड। अब दूसरी साइड बना देता हूं। साहिल साहब, इसको दूसरी साइड भी दिखा दे, ताकि एक दफा कंफर्म हो जाए, फिर हम दोनों को साइड बाय साइड रखते हैं, क्योंकि अब जो तुमने एग्जांपल दी, वो भी बता देते हैं। अब साहिल की एग्जांपल ये कहती है, नहीं, नहीं, वो हुआ तो नहीं ना? वो तो एग्जांपल है ना सिर्फ यार। तो सबर करना। तूने कहा कि कुछ और तरीके से होगा, तो ये भी होगा। ये है आदम वन, ये है उसकी हव्वा वन। ये है आदम टू। ये है उसकी हव्वा टू। ठीक है? आदम वन और आदम हव्वा वन ने जब आपस में डिंगी मारा, तो एक आई गु बच्ची। ठीक है? और यहां से जब इन दोनों ने डिंग डिड मारी, तो यहां से आया मुच्छड़ बेबी। इन दोनों ने आपस में जब डिंग डिंगी फरमाया, तो इनका आपस में एक और बेबी हो गया। क्या ये अक्की कहलाएगी? नहीं, ऐसा हुआ तो नहीं ना पहले। ये साबित करें। अरे, कहलाएगी क्या भाई? पूछ रहे तेरे को। ऐसा अगर हो, तो कहलाएगी क्या? क्या इतना टाइम क्या लग रहा है? हां, क्या ना? हां, क्या? हां, क्या? मतलब आप पूछ रहे हैं कि ये आपस में क्या लगते हैं? ये पूछ रहे हैं। क्या ये बहनचोदी होगी कि नहीं होगी? वो पूछ रहे थे। नहीं, थैंक यू। नहीं होगी। तो आपका अल्लाह, साहिल का सवाल यही था कि आपका अल्लाह दो आदम और दो हव्वा क्यों नहीं पैदा कर गया? ताकि बहनचकी ना होती। ये जो ये जो लफ्ज़ आप यूज़ करते हैं ना, बहन यकी, ये उस टाइम तो मतलब, नहीं, मतलब यक्की की बात नहीं कर रहा। यक्की यक्की, जो है वो गाली है। मैं बहनच चुदकी की बात कर रहा हूं। ये बहन को चोदना, टू डिफरेंट वर्ड्स है। आप दोनों को मिक्स एंड मैच ना करें। मैं वही बात कह रहा हूं कि जो आप बात कर रहे हैं ना, ये मतलब इस टाइम तो बुरा माना जाता है कि ऐसा किया जाए। लेकिन उस टाइम बुरा नहीं। अच्छे की बात ही नहीं कर रहे हम। हम बस इतना कह रहे हैं कि दैट यू आर अ प्राउड बहनचोदी नसली। मैं आप मतलब, एक मतलब एक चीज को एक फिट कर रहे हैं। मैं ये कह रहा हूं कि ठीक है, उधर मैं मान लेता हूं के बहन के बहन के नस्ल से काम किया था। मैं मान लेता हूं। हां, ये भी मानना पड़ेगा कि तुम नस्ल से हो। नहीं, ये तो नहीं ना मानना पड़ेगा फिर। क्या अगर बहनचोदी कर रहे हैं वो, तो फिर आप इसी नस्ल से पैदा नहीं हो रहे। यहां पे आ गया हारून, तो आपके ग्रेट ग्रेट ग्रेट ग्रेट ग्रैंड फादर्स ने आपस में बहन के साथ डिंग डिंगी फरमाया था। अगर मैं मानूंगा ना, फिर आप लोगों ने माना, फिर आप ही उसी नजर से हो, फिर आपने भी मानना है। फिर हम तो मानते ही नहीं कि ये वाला आदम और ये वाला हव्वा ने इस तरीके से बच्चे पैदा किए और आपस में सेकस किया। हम तो मानते नहीं इस बात को। हम तो कहते हैं ऐसे हुआ। हम कहते हैं ऐसे। आप तो मानते हैं ना? तो वो फिर सामने ले आए। ये ले तो आ गए। तो लाएंगे भाई। पहले ये सामने ले। ये ले। ये ये ले। ऐसे पहले तू ये कंफर्म तो कर के हां, तू जो है वो नस्ल का है। ये कंफर्म कर दे। बाद में सवाल कर। तेरा नहीं, ऐसे तो नहीं ना? कैसे नहीं? बेशर्म है? मतलब तू प्राउड नहीं है? मतलब अपने ग्रेट ग्रेट ग्रेट ग्रेट ग्रैंड पेरेंट्स का? तू ये मतलब यू आर नॉट प्राउड ऑफ योर ग्रेट ग्रेट ग्रेट ग्रैंड पेरेंट्स? ये तो गाली बन जाती है फिर यार। बस यार, एटम साहब का काफी है यार, इतना। चल यार, ऐसा कर, गाली के अलावा कोई अच्छा लफ्ज़ ढूंढ ले और फिर आके बता देना। मैं यही कह रहा हूं कि मतलब उन्होंने आपस रिलेशनशिप कायम किया था, फिर हमारे रिलेशनशिप कायम किया, तो की की थी ना? इसका मतलब है, तो उन्होंने एक भाई ने एक बहन के साथ बिस्तर पे जाके नंगे हो के ऐसे कस किया और बच्चे पैदा किए। हां, किया था। थैंक यू सर। सारे करते। एक अच्छा। सारे एक बहन, एक भाई के साथ करता है। ये दोबारा से मेरा सवाल सुन। एक बहन ने एक भाई के साथ जाकर सक्सेस किया। हां। क्या आपके देश में, आपके मोहल्ले में सब ऐसे ही करते हैं? बहन और भाई आप सेक्स करते हैं। मैं कह रहा हूं उस टाइम जो हुआ था, वो मतलब गलत नहीं था। लेकिन इस टाइम इधर। अरे, हम सही गलत की बात कहां कर रहे यार हारून? क्यों जबरदस्ती का विक्टिम कार्ड खेल रहा है? जो चीज हम बोल नहीं रहे, उसकी उसको क्यों बोल रहे हो? हम हमने आपसे ये पूछा या डिस्कस किया, वो सही था, गलत था? हम सिर्फ यह कह रहे हो कि जो चीज आप मानते हो, उस हिसाब से आप एक नस्ल के लोग हो। एंड यू शुड बी प्राउड ऑफ दैट। मेरा कहना सिर्फ इतना है। मैं कह रहा हूं कि जो आपने मिसाल दी है ना, मतलब जो आपने कहा है कि ऐसा होगा। तो वैसा भी तो हो सकता है ना। बिकॉज़ अब ऐसा नहीं है। तूने अभी एग्री किया कि वहां पे शरीयत नहीं थी, ये नहीं था, वो नहीं था, फलां नहीं था, धमाका नहीं था। तू तो मानता है इस चीज को। तू कैसे कह रहा है कि राइट साइड वाला हो जाएगा? चल हारून, तू जा यार, अब घर जा। ये तो साबित हो गया तू बहनच नस्ल से है, लेकिन तू प्राउड भी नहीं है। इवन दो के तू नस्ल से, तू प्राउड नस्ल से भी अपने को प्राउड भी नहीं कर रहा इस चीज से। तो आप लोगों, फिर मैं आप लोगों के पास कौन सा सबूत है सर? मेरे मुताबिक तो मोहम्मद दोनों के ऊपर आऊ है, तो मैं तो मानता नहीं। ठीक है, तो ये गाली देना, गाली, गाली वही देते हैं जो बुरे होते हैं। मैंने तो अभी तक एक गाली भी नहीं। अच्छा, ये लास्ट, लास्ट चीज, लास्ट चीज, लास्ट चीज, लास्ट चीज, लास्ट चीज, लास्ट चीज। ये ये तो कहा गाली दे, वो वो क्या होता है? मैं कह रहा हूं गाली जो दे, वो तो बुरा होता है ना? मतलब वो बुरा होता है। ओके, कंफर्म बात है। जो गाली दे, बुरा होता है। हां। अब तू बदलेगा तो नहीं? समझ के बोला, सोच। अब तू बदलेगा तो नहीं? अब तू बदलेगा तो नहीं? क्योंकि अभी जो मैं दिखाऊंगा, तेरे नबी ने जो गालियां दी हैं, वो दिखाने लगा हूं तेरे को। बदलेगा तो नहीं? नहीं, मैं मैं कह रहा हूं। हां, ठीक है। तो क्या तू कहेगा कि तेरा नबी एक गंदी नस्ल का है, गंदा इंसान है, क्योंकि उसने गालियां दी? तू तू पहले मान के, तूने ऐसा किया, तू गंदी नस्ल का है। फिर पहले तू खुद मान। पहले कि तूने अभी जो गाली दी है, तो गंदी नस्ल का। अगर अगर गाली देना बुरी नस्ल का है, तो भाई फिर तेरा नबी, अगर गाली देगा, तो वो भी बुरी नस्ल का होगा। तू पहले खुद मान। पहले ये तूने दी है। तू पहले खुद मान। तुम बोल रहे हो ऐसा। मैं बोल रहा हूं। बोल रहे हो, लेकिन ये बोल रहा है वो गंदी नस्ल का है। ये वो खुद बोल रहा है। मैं तो ये बोल रहा हूं कि जो बुरा है। ओके, बुरा। सॉरी, बुरा, बुरा, बुरा, बुरा, बुरा, बुरा। हां। चलो, अब बुरा तो आप फिर तुम मानोगे कि मोहम्मद एक बुरा इंसान है? हां। यार, पहले आप दिखाओ तो सही ना, फिर मैं मतलब बोलूंगा। हां, नहीं बोलूंगा। पहले बोलो तो दिखाता हूं ना। क्योंकि अगर गाली देना बुरा है और वो बंदा बुरा हो जाएगा, तो अभी मैं तुझे दिखा देता हूं, तो तू मोहम्मद को भी बुरा कहेगा। गाली देना तो बुरी बात है। मतलब मैं तो बोलूंगा गाली दी, गलत किया। गाली देना बुरी, बुरी बात है। तो जब अगर मोहम्मद जब गाली देगा, तो उसको भी बुरा कहोगे? मैं ये कहूंगा कि गलत किया। मतलब ये कहूंगा तो गलत इंसान हुआ ना फिर? मोहम्मद, जब उसने गलत किया, तो गलत इंसान हुआ? नहीं, उसने गाली दी, ये अमल गलत किया। मैं ये बोलूंगा। ओके, तो फिर मैंने भी गलत अमल किया। मैं भी फिर बुरा इंसान नहीं हूं। गलत इंसान नहीं हूं। मैंने अमल गलत किया। ये देखो। ये सुनकर लोग बिगड़े और कहने लगे, बस हम कह देते हैं, आप हमारे माबूदों को गालियां देने से रुक जाएं, वरना हम भी फिर आपको और आपके माबूद को गाली देंगे। इस पर रब्बुल इज्ज़त ने ये आयत उतारी। इसी मसलत को मदद रखकर हुज़ूर ने फरमाया, वो मालूम है जो अपने महबूब को गाली दे। मोहम्मद लोगों के खुदाओं को गालियां दे रहा था। तो अल्लाह ने आयत निकाली। चैप्टर नंबर छह की आयत नंबर 108, और गाली तुम गाली ना दो। वो उन्हें जिन्हें वह पुकारते हैं अल्लाह के सिवा, बस वो बुरा कहेंगे अल्लाह को, गुस्ताखी करेंगे। तो मोहम्मद एक गालीबाज इंसान था। जब उन्होंने मोहम्मद को डराया कि भाई साहब, तुम हमारे महबूदों को गाली देना बंद कर दो, नहीं तो हम भी तेरे रब को गाली देंगे, तो अल्लाह ने ये आयत नाजिल की थी। तुम्हारा नबी एक गालीबाज नबी था? हां। अल्लाह ने मतलब अपने नबी को मतलब उसके अमल को, जब तक जब तक मोहम्मद गाली देने से बाज नहीं आया, तब तक मोहम्मद एक बुरा इंसान था। गलत, गलत काम करता था। राइट? नहीं, मैं ये कह रहा हूं कि अल्लाह ताला ने उसके अमल को मतलब ना गलत था, तो अल्लाह ताला ने दुरुस्त से की। मतलब तो भाई, मोहम्मद ने गालियां देता था कि नहीं? गालियां देता था। ये गाली लिखी कहां है? अभी देखा। वो गालियां दे रहा था ना? अल्लाह ने अपने नबी को गालियां देने से रोका, क्योंकि लोगों ने कहा, आप हमारे माबूतों को गालियां देने से रुक जाएं। गालियां दे रहा था, तो मोहम्मद लोगों ने कहा ना कि नहीं, गालियां दो। तो गाली में भी तो वजन होता है ना? गाली कौन सी दी थी? ये भी तो गाली में। सर, बड़ी वजनी गाली थी। ओ हो, बड़ी वजनी। में गालियां देता था मोहम्मद? दिखा कौन सी गाली दी थी? पहले ये भी तो बताए ना। गाली में भी वजन होता है। जा यार, घर जा। यार, क्या पागल का बच्चा है यार। गाली में वजन 2 किलो वजन की गाली दे रहा था मोहम्मद? जाके वेट करके आई उसकी गाली में कितना वजन था? 2 किलो की थी? 4 किलो की थी? जा घर जा, सो जा। सो जा। आज रात को तेरे को नींद तो आनी नहीं है। मुझे भी पता है। आज रात को नींद नहीं आनी। साहिल, इसको, इसकी भी नींद गई। स्ट्रीम खत्म कर यार, बहुत लंबी हो गई यार। कितना जाहिल हो सकता है एडमम साहब। कितना मतलब यार, सोचो यार, के जो लोग बोलते हैं ना कि मोहम्मद साहब वाकई में सक्सेसफुल थे। ये बात तो बिल्कुल सही है। लेकिन आडम साहब, मतलब मैं समझता हूं कि दुनिया में मोहम्मद साहब के अलावा कोई एक ऐसा इंसान नहीं है, जो इस लेवल का किसी को दिमागी अपंग बना सकता है, अपनी बातों से। वाह वाह वाह। तो इसमें तो मोहम्मद साहब बिल्कुल सक्सेसफुल है। भाई, कोई भी दूसरा दुनिया में कई सारे बेवकूफ बाबा बोल लो, आप पंडित बोल लो, कोई भी बोल लो, फादर बोल लो, बनते हैं लोग। लेकिन भाई, इस लेवल का एडमम साहब, मानना पड़ेगा यार, मोहम्मद साहब को कि क्या क्या पूरा दीन सेट किया है, के ये सिर्फ रसूल का ही खादिसा हो सकता है। बेशक, बेशक, बेशक। सर, साहब, हेल्प वि द सुपर चैट्स और फिर चले यार, स्ट्रीम बंद करें, बहुत लेट हो गया। बिल्कुल रासा भाई, एंट्री कहते हैं, साहिल, योर आईडिया इज वै सनातनी फ्यू एंशिएंट डिसी स्टार्टेड लीडिएस बोथ इंडिपेंडेंटली टिल टुडे प्रैक्टिसिंग हिंदू डोंट मैरी आउटसाइड ऑफ बोथ। थैंक यू सो मच, रसा भाई। इंडिया जी कहते हैं, ये आज यहां से पागल होकर जाएगा। वो हमको पागल करने के लिए आया था। उसको नहीं मालूम है कि यहां पागल हमको नहीं किया जा सकता। गैलियर भाई कहते हैं, बड़ी सी लाल मिर्ची के साथ दफरुल्ला हूं। दिमागी अपंग ना कहो मुझे। वाह, सेवेज डीमन, थैंक यू सो मच। ओपनर आयुष भाई कहते हैं, लेटेस्ट न्यूज़, वजर वन वास कांटेक्टेड बाय अल्लाह। अरे, एक भाई ने कहा कि अभी तक अल्लाह नहीं मिला और ओपनर आयुष भाई कह रहे हैं कि अल्लाह मिल गया। क्या बात है। कौन से रूप में मिला, वो भी मेंशन करना चाहिए था यार, क्योंकि अल्लाह बहरूपिया है, रूप बदलता है अल्लाह। आय हाय हाय, बहरूपिया खुदा। डीआरसी भाई की बड़ी लाल मिर्ची कहते हैं, लॉन्ग इयर्स एगो वी मेड अ ट्रिस्ट वि डेस्टिनी एंड एंड नाउ द टाइम कम्स व्हेन वी शैल रेड हिम आवर प्लेज नॉट होली और इन फुल मेजर बट वेरी सब्सटैंशियली फुल मेजर हैज़ जस्ट न देह शिवा बार मोहे इहे शुभ कमन टन कड़े ना तरन चांदी दीवार। थैंक यू, डीआरसी भाई, बहुत-बहुत शुक्रिया। लाइट सीकर साहब कहते हैं, आई ट्रूली अप्रिशिएट नॉलेज ऑफ़ एडमम भाई एंड लॉजिकल वे ऑफ़ थिंकिंग ऑफ साहिल भाई। लॉन्ग इट। थैंक यू सर। मेरे पालतू शेर का नाम कतानंद है। कृष्णानंद नहीं है। समझे? थैंक यू सर। समझ गया। मेरा नाम बाबूलाल लाटा शिमाली खंडेलवाल दूष धान है। थैंक यू सर। वाई के भाई कहते हैं, हां, लिखा है इशारे में। ब्लैक होल जी के लिए पैसा था। कोई पता है कौन-कौन से होल का? अच्छा, प्यासा था। प्यासा था। वही है होल पता है ना? बिल्कुल सर। सतीश यादव कहते हैं, एडमम सर, वह कौन सा फिरका है जो जन्नत जाएंगे? सर, सारे ही जो है ना, वो नबी को नहीं पता था, हमें कैसे पता होगा? वैसे ये वाली जन्नत होगी, तो सारे जाएंगे ना? हां। एनवीसी वर्ल्ड कहते हैं, तुम दोनों मोदी हो गए हो। हर मोमिन मोदी को गाली ही देगा। अरे रिकॉर्ड कहते हैं, मैं तीन साल से आप लोगों को चैनल देख रहा हूं। आज तक आप लोगों को कोई इस्लाम की पांच अच्छाई नहीं दिखा पाया है। कहां से दिखा पाएगा? होगी तो दिखा पाएगा ना? एक्स मुस्लिम सपोर्टर्स कहते हैं, एडमम चैनल बैकअप और YouTube एक्स मुस्लिम सपोर्टर्स। थैंक यू सर। शाहिद रजा खान कहते हैं, भाभी जिब्राइल कुत्ते की वजह से नहीं आया नबी से मिलने। मी डिस्कवरी पे देखा था मैंने। एक कुत्ता दूसरे नस्ल के कुत्ते से डरता है। कहानियां बन जाती है बाद में। भाभी ब्लॉक्ड मी अगेन। वाह भाई वाह। भाभी को इन्होंने तो एकदम ऐसी चाबी दे दी कि दिमाग जो है ना, वो हैंग हो गया होगा। ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ काफिर कंट्रीज भाई, थैंक यू सो मच। फिशरमैन कहते हैं, आज तो मोमिनों में डर का माहौल बना हुआ है। एकदम डरे हुए थे। एनबीसी वर्ल्ड कहते हैं, गलती जिब्राइल की थी। चाय पीने बैठ। अल्लाह हमेशा सही था। क्या बात। ब्लैक पिंग भाई, बहुत-बहुत शुक्रिया। कोमल जी कहती हैं, आई हैव बीन वाचिंग योर वीडियोस फ्रॉम लास्ट टू डेज एंड आई लव हाउ एडमम सीकर डिस्ट्रॉय लॉजिक ऑफ मोमिनस। एडमम इस लाइक स्टिक डैड एंड साहिल इस लाइक सॉफ्ट मॉम। क्या बात है। सॉफ्ट हो गया वैसे यार। हां, लेकिन चलिए कोई बात नहीं। वसुंधरा कहती हैं, दे वुमेन ऑफ सब्सटेंस वेलकम महलीज। थैंक यू। पीडी साहब के थैंक यू सो मच, पीडी साहब, सुपर स्टिकर के लिए। इस्लाम एक धोखा कहते हैं। कल साहिल भाई ने एमएमए को फाइट में बराबर पेला। सुबह 5:00 बजे तक पंचेस, एल्बोस, किक्स पटक पटक कर मारा। एडमम भाई की कमी पूरी कर दी। अरे, थैंक यू सो मच। सुदो साहब कहते हैं, सर, सुन्नी मुस्लिम दरगाह जाना इज वैलिड और नॉट? सुन्नी में अलग-अलग सेट है। देवबंदी है, अहले हदीस है। तो जो उनका बरेलवी सेक्ट है, वो दरगाह जाता है और देवबंदी भी थोड़ा बहुत जाते हैं। ऐसा एकदम से इतना कट्टर नहीं होते दरगाह के मामले में, लेकिन अहले हदीस तो बिल्कुल नहीं जाता। साहिल साहब, ये नीचे बैक स्टेज में सलमान खान साहब बैठे हैं, जो कि हम अपनी वालिदा के साथ अभी भी सेक्स फरमा के आए हैं। प्राइवेट चैट जबरदस्त गालियां निकाल रहे हैं। तो पता लग रहा है कि वाल्लिदा के साथ अच्छे तरीके से करके आए हैं। तो वालदा ने बड़ी चपेट कराई इनको कि यार, गलत सुराख में ही कर दिया। तो उसके बाद जो है ना, यहां पे आ गए हैं। तो वो सारा कुछ जो है, ये बोल रहे हैं प्राइवेट चैट में। अब भाग गए हैं। सर, कंटिन्यू करें। भाग गए। मैंने जरा बताना चाह रहा था ना। यस, यस, यस। वो वालदा की जब चीखें निकली, तो वालदा ने भी उंगल उठा के ना इसके रॉन्ग होल में दे दी, तो फिर इसकी चीखें निकली। जब इसकी चीखें निकली, तो फिर ये भागा वहां से, तो फिर सीधा हमारी स्ट्रीम में आ गया, तो वही सारी बातें यहां पे कर रहा था। हाय सकीना, ओए सकीना कहते हैं, महली जी के किस्से खतरनाक होते हैं। बिल्कुल। ताक्षर्य कहते हैं, रियल वर्स्ट पनिशमेंट इज टू हियर दी सॉन्ग ऑफ़ एडमम। अरे रे रे रे रे रे। आर सार्क कहते हैं, साहिल सर एंड।

एडमम सर, वि अमित जी आर लव एंड सपोर्ट फॉर द रेवोल्यूशनरी मूवमेंट टू ह्यूमैनिटी. थैंक यू.

रोहित कुमार कहते हैं, "एडमम सी मोस्ट लव पाकिस्तान इन इंडिया आफ्टर गुलाम अली जी, नुसरत फतेह अली जी एंड वसीम अकरम. अभी इसे इंडियन नेशनलिटी दो, पार्टी चेंज. थैंक यू सर."

आशुतोष बारवे कहते हैं, "आप सुनिए एक बार प्लीज. 26 एपिसोड है. मैंने इसका जवाब दे दिया था."

वीके वी एन सीबी एक्सजी कहते हैं, "भाई आपको कौन-कौन सी लैंग्वेज आता है? ये एडमम साहब से सवाल है. तो सर, मेरे को तो कोई भी लैंग्वेज नहीं आता. लोगों से पूछो कहते हैं, एक भी लैंग्वेज नहीं आता एडमम को."

मिनाज कहते हैं, "व्हेन लायन मीट टाइगर मोमेंट. वेलकम साहिल भाई. थैंक यू. थैंक यू."

मोटन गेमर कहते हैं, "ला इलाहा इल्ला एडमम. लव यू एडमम एंड साहिल भाई. गॉड ब्लेस यू. थैंक यू."

ब्लैक पिंक कहते हैं, "आ गया हीरो. थैंक यू."

"ह्यूमैनिटी फर्स्ट" मेंबर बने हैं. बहुत-बहुत शुक्रिया.

मीनाक्ष जी कहते हैं, "इंडिया ने रिलीफ फंड में फूड भेजा और अफगानिस्तान वालों ने आशीष जिसको साहिल भाई ने रिसीव किया और फूंक लिया है. लगता है. यह लाइव ही है भाई. अच्छा."

नेचर साहब कहते हैं, "हैप्पी टीचर्स डे टू एडमम एंड साहिल. यू गव अस सो मच नॉलेज एंड मेक इट ऑल लुक सो ईजी. बट डेफिनेटली दैट सो मच स्टिंग हार्ड वर्क एंड रिस्क एंड ऑल दैट यू डू. थैंक यू. थैंक यू. थैंक यू नेचर भाई."

मिनास कहते हैं, "इंडियन कश्मीर में एक दरगाह की रनोवेशन के बाद वहां इनोगेशन बोर्ड लगी जिसमें नेशनल सिंबल के साथ बाकी डिटेल्स लिख के लिखे थे. मुस्लिम ने नेशनल सिंबल तोड़ दिया कह कर कि ये स्टैचू. हां, मैंने इसका ऑलरेडी जवाब दे दिया था. के नेशनल सिंबल क्या है यार? वो अशोका का जो ये होता है ना चक्र, चक्र. वो शायद उन्होंने उस पर लगाया हुआ था रनोवेशन के बाद. तो भाई, मैं तो कहता हूं कि गवर्नमेंट को अपने पैसे खर्चा ही नहीं करना चाहिए ना इन दरगाहों और मस्जिदों के ऊपर. गलती तो गवर्नमेंट की है. वो भी ऐसे एहसान फरामोश लोगों के लिए. अगर आप करोगे तो उसका रिजल्ट तो आपको सामने दिख ही जाएगा. तो ये सबक है अगली बार गवर्नमेंट के लिए के टैक्स पेयर के पैसे जो है वो इन सारी चीजों में ना लगाएं. अच्छा, थ्री लायन स्टैचू है, नॉट अशोका चक्र. थ्री लायन स्टैचू जो ये आप हमारी करेंसी देके वो बताओ. वो मुझे बताओ. वो वाला बताओ. यस. थैंक यू यार पॉली भाई फॉर करेक्टिंग मी."

सुबोध सुबोध राजपूत कहते हैं, "लेकिन हिंदू दरगाह जाते हैं बिना भेदभाव. बहुत से लोग जाते हैं. नहीं जाना चाहिए."

ताक्षरी कहते हैं, "एक्स मुस्लिम भाई बहनों को देखकर लगता है कि जैसे मेरे अपने भाई बहनों के बचपन को बचपन में कोई जालिम राक्षस उठा ले गया हो और अब मुलाकात हुई हो. सल्यूट एडमम. थैंक यू तक्षरे भाई."

एडमम सीकर फैंस कहते हैं, "वेलकम बैक ब्रदर एडमम. गॉड ब्लेस यू ऑलवेज. धन्यवाद सर. थैंक यू. गॉड ब्लेस यू."

स्वप्नल साहब कहते हैं, "यस्टरडे एमएमए मेड सो मेनी जलेबीज वि साहिल. थैंक यू स्वप्नल भाई."

मिस्टर सक्सेना, बहुत-बहुत शुक्रिया आपके कंट्रीब्यूशन का. लो यार दोस्तों, थैंक यू सो मच. काफी लंबी स्ट्रीम हो गई. आज मैं एक्सपेक्ट नहीं कर रहा था इतनी लंबी करने का. मैंने दो घंटे पहले खत्म करनी थी. लेकिन सुबह-सुबह मेरी डिस्कर्ड पे बात हो रही थी. लोग कह रहे थे, "एडमम भाई, स्ट्रीम आप बहुत जल्दी बंद कर देते हैं." दोस्तों, 4-4, 5 घंटे की स्ट्रीम जल्दी नहीं होता. बड़ी लंबी ही होती है. लेकिन आज देख लें यार, 7 घंटे की हो गई. तो मेरा ख्याल है काफी लंबी हो गई. नेक्स्ट टाइम इतनी नहीं हुआ करेगी. तीन-चार से 5 घंटे में खत्म किया करेंगे.

साहिल भाई, थैंक यू यार. काफी लंबी आज आपने डिस्कशन की और थैंक्स अ लॉट और बड़े अच्छे तरीके से आपने आखिरी बंदे से बात की. अगर आप ना होते तो मैं तो इतनी लंबी से बातें ही ना करता. जितनी वो जलेबी को मारा था. तो लेकिन सर, आज का जो मेन टॉपिक था वो ये था कि हमारे रसूल जो है वो शैतान के बकावे में आए और ना सिर्फ ये कि आए कि तमाम मोमिनों को शेयर कराया. और मैंने इतने रेफरेंसेस आप सबको दिए कि किस तरीके से हमारे रसूल जो है कि ये वाली बात बिल्कुल अवश्य सत्य है. और इसको हर मेजर स्कॉलर ने अर्ली टाइम में तकरीबन 800 साल, मोहम्मद के मरने के 800-900 साल तक इस बात को बिल्कुल बिल्कुल सही माना जाता रहा है. और इसके डिफेंस में उन्होंने बड़ी-बड़ी किताबें लिखी है, बड़ी-बड़ी बुक्स लिखी है कि बिल्कुल सच्ची बात है. तो उसके बाद अगर आजकल 18वीं सदी का, 19वीं सदी का कोई स्कॉलर आके कहता है ये झूठ है तो भाई साहब, क्या वो मोहम्मद के साथ बैठा हुआ था? या उसको जिब्राइल ने आके वही दी है? दैट इज बीएस. तो इस्लाम को चेंज अगर आप करने की कोशिश करते हैं तो अच्छी चीजों में चेंज करो. ये इन चीजों में चेंज नहीं करो. क्योंकि ये चीजें तो इतनी जगह पर लिखी हुई है. इसको चेंज करना ऑलमोस्ट इंपॉसिबल बन जाता है. सो मेक श्योर इफ यू वांट चेंज इट. बोलो कि यार कुरान में जो लिखी हुई है लौंडियों के साथ सेक्स करना, ये गलत लिखा हुआ है. कहो उसको कहो गलत. छोटी बच्चियों के साथ शादी करना गलत है. उसको कहो गलत. उसको तो डिफेंड कर रहे होते हो. मोहम्मद ने जो हरकतें की उसको आप लोग कह रहे होते हो कि नहीं, नहीं, ये हुई ही नहीं. कहां से? कहां से? क्या एविडेंस है? इस चीज के ऊपर गौर करना.

हम जो सीरीज कर रहे हैं, झोंंडो की कहानी, जो कि इस्लाम की असबाबुल नजूल है, रेवोलेशन ऑर्डर के मुताबिक, रेवोलेशन के ऑर्डर के मुताबिक ये पूरी कहानी जो चल रही है, जो कि बहुत सारे लोगों ने पिछले साल कहा था कि इस्लाम को रेवोलेशन ऑर्डर के मुताबिक बयान करें कि जनाब, ये कुरान के रेवोलेशन ऑर्डर के मुताबिक मोहम्मद की पूरी दास्तान है जो हम बता रहे हैं झोंंडो की कहानी के जरिए. उम्मीद है आप लोगों को मजा आ रहा होगा, पसंद आ रही होगी. इसको ज्यादा से ज्यादा मुसलमानों के साथ शेयर करें और एंजॉय करें. आपसे मिलते हैं बहुत जल्द एक ब्रेक के बाद. टेक केयर. जय हिंद. वंदे मातरम.

साहिल साहब, योर लास्ट वर्ड्स.

थैंक यू सो मच एडमम साहब. और बड़ी मजेदार टीम थी. काफी कॉमेडी हुई है. और मोमिन हजरात जो है वो आके मुझे समझ में नहीं आता कि इस्लाम का दफा करते हैं या इस्लाम को और एक्सपोज करके जाते. बात यही है कि इस्लाम को एक्सपोज करते जाते हैं. तो मोमिन हजरात, देखो यार तुम्हारे पास ना कोई आर्गुमेंट है, ना कोई लॉजिक है, ना कोई सेंस है. फिर इस घटिया कल्ट में बैठने का क्या सेंस बनता है? तो थोड़ा दिमाग लगाओ. अकल का इस्तेमाल करो. दिमागी अपंग रहने में कोई फायदा नहीं है. कोई उसमें अच्छी बात नहीं है. इस गंदगी से निकलो. इस दिमागी अपंगता से निकलो. अंधविश्वास से निकलो और अच्छे इंसान बनो. और सारे दोस्तों को हैप्पी वीकेंड. वीकेंड खूब एंजॉय करें. आप लोगों के साथ फिर नई स्ट्रीम में मुलाकात होगी. तो अपना ख्याल रखिए, अपनों का ख्याल रखिए. शुभ रात्रि. शब्बा खैर. जय हिंद. वंदे मातरम. जय हिंद. टेक केयर.

और जाते-जाते गुलियर साहब ने कहा है, "वी लव लैंप." हैं? लम? लम भी है ना? लम. यस. टेक केयर. अल्लाह असगर वुआ अकबर अज़म. गॉड ब्लेस यू ऑल.