Transcription
शबे कदर अल्लाह का इनाम है। जो मांगना है मांग लो मोमिनो। त फरके में ना पढो। अल्लाह की रस्सी मजबूती से थाम लो मोमिनो।
शिफा बन जाते हैं वो आंसू जो ताक रातों में बहाए जाते हैं। कुन कहता है अल्लाह और एक पल में मुकद्दर बदल जाते हैं।
तुम क्या जानो शबे कदर क्या है? यह कैसी रात है लोगों? हजार साल से बेहतर है यह नूर की बरसात है लोगों।
मिल रहा है जो इबादत का समर आज की रात। लेके आई है दुआओ में असर आज की रात। कबूलियत के इशारे अल्लाह यू भी देता है। कबूलियत के इशारे अल्लाह यूं भी देता है। अपने प्यारों को शबे कदर कर देता है।