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अभी नेक्स्ट कितने प्रकार के चेक इशू होते हैं? दो प्रकार के चेक होते हैं। थैंक यू।
इलेक्ट्रॉनिक चेक। ट्रांजैक्टेड का मतलब होता है ऐसा चेक जो फिजिकल फॉर्म में इशू है। अब आपको फिजिकल फॉर्म के चेक को इशू करने में और डिलीवर करने में काफी टाइम लगेगा। तब उसको एक क्लीयरिंग आउट साइकिल में डाल दूंगा। मतलब अब बैंक के पास जमा कर दो। कम क्लीयरिंग हाउस बैंक भी बोलते हैं। रिसीविंग बैंक हो या पेमेंट वाला बैंक हो, ठीक है। वो उसकी लेंथ को, मतलब उसके ड्यूरेशन पर कम करने के लिए उसको इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में कन्वर्ट करेगा और फिर वो बंद से बंद ट्रांसफर हो जाएगा। मतलब ये क्लीयरिंग आउट साइकिल में आप जिस चेक को जब कन्वर्ट करते हैं इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में तो उसका प्रॉसेसिंग है और उससे क्लेरेंस में इंटर की जिम्मेदारी वो चेक को कर कनेक्ट कर देना देखेंगे। उसकी चेकिंग करना है कि नहीं है। पर मैं फिर से मानूँगा कि नहीं।
और इलेक्ट्रॉनिक जो एक कंप्यूटर सोर्स के थ्रू एक सिक्योर सिस्टम में डिजिटल सिग्नल के थ्रू इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में इशू किया जाता है, वो इलेक्ट्रॉनिक चेक है। मतलब इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेशन का देगा। यूजिंग कंप्यूटर सोर्स एंड डिजिटल सिग्नेचर। इंडियन सिक्योर सिस्टम एंड गेटवे सिस्टम। मतलब जिसे फिजिकल फॉर्म से इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में शॉर्ट टर्म करने के लिए कन्वर्ट किया था, उसकी टाइम ड्यूरेशन को।