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सुफियाना पेक [संगीत] सुफियाना सल्तनत सुन इतना इतना इरिटेट मत हो। हम सिर्फ दो मिनट वेट करते हैं। शायद वो लगेज में लेट हो गया होगा। ठीक है। वैसे भी हम कितने अजीब इंसान हैं ना? हम एक ऐसे आदमी को पिक करने आए हैं जिसे ना हम जानते हैं ना पहचानते हैं। वाओ! और आपके अब्बू ने गुड न्यूज दी आपके लिए। उन्होंने एक डिजिट कम दिया है जिससे उन साहबजादे का नंबर भी नहीं लग रहा है। मतलब खुद चले गए अपनी ब्रज चैंपियनशिप खेलने के लिए अपनी जिम्मेदारी हमारे सर पे लाकर। इस बार मैं घर जाऊंगी ना उनकी शिकायत में मिया जान से करके। रंगी और तू ना तू रोकना मत। और हमेशा की तरह अपने अब्बू यानी कि मेरे मामू जान को बचाया मत कर यार। और क्या पता? क्या पता आपको कि वो लड़का इतना बदसूरत होगा कि वो हमारे सामने से गुजर जाए हमें पता भी ना चले। देख कितना हैंडसम लड़का जा रहा है। उससे पूछे क्या? एक्सक्यूज मी? तू रुक ना। हाय! एक मिनट। अ वो कनाडा वाली फ्लाइट लैंड हो चुकी है क्या? यस। अभी उसी फ्लाइट में आए हैं। जी हां। अच्छा आप मुझे एक बात बता सकते हैं? सारे पैसेंजर्स बाहर आ गए या फिर कुछ और अंदर बाकी है? आई डोंट थिंक सो। क्रू तो सामने गया है एंड आई एम द लास्ट वन टू पिक माय लगेज फ्रॉम द बेल्ट। कुत्ता कमीना। एक्सक्यूज मी? मुझे कुछ कहा क्या आपने? नहीं नहीं आपको नहीं। जार को सॉरी। कहीं इन्होंने पहचान तो नहीं लिया? अरे सुनिए ना सुनिए तो यार। सतन सुना ये आवाज दे रहा है। जी? कहिए। हाय हाय। एक्चुअली मैं शहर में नया हूं तो बता सकती है कि अजमेर के लिए टैक्सी कहां से मिलेगी? आपको अजमेर क्यों जाना है? वो ख्वाजा गरीब नवाज के उर्स में जा रहा था। अरे हम भी अजमेर जा रहे हैं। रियली? सतना वो नहीं तो यही सही ना? उसमें जाने का सवाब भी मिलेगा और ये बहुत क्यूट है यार। सुनो अपनानी तो कम से कम मेरा तो सोच। प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्लीज प्ज। हां कर। एक्सक्यूज मी? आप अजमेर जा रहे हैं? हां हां ना हां। आपको भी लिफ्ट दे सकते हैं क्योंकि आप उर्स पे जा रहे हैं और इतने नेक काम के लिए जा रहे हैं। यली थैंक यू। एक सेकंड। मेरी ना एक शर्त है। शर्त? हां जी क्या? वो क्या है? ना कि आज मेरा मूड किसी ने बहुत ज्यादा ही खराब कर दिया है तो मेहरबानी करके आप रास्ते भर खामोश रहिएगा। मंजूर है। मंजूर [संगीत] है। अरे यह क्या बात हुई? मैंने तो सुना था ख्वाजा साहब के शहर में मेहमान का सामान मेजबान उठाते हैं। यार य क्यूट सा मेहमान कुछ ज्यादा नहीं फैल रहा है [संगीत] थैंक यू। अरे वो मेरा बैग। अरे व्ट इज दिस? 20 सेकंड। अगर अगले 20 सेकंड में अपना यह सामान डिक्की में रख के गाड़ी में नहीं बैठे ना तो ख्वाजा साहब का उस टीवी पर देखना। मुझे ऐसी लड़की चाहिए जिसका जिंदगी को देखने का खुद का नजरिया हो जो लाइफ में मुझे चैलेंज कर सके। जल्दी करो। अरे वेट [संगीत] [प्रशंसा] [प्रशंसा] मम इंडिया में इफॉर्म कर देना कि मैं इंडिया आप लोगों के साथ ही आ रहा हूं। कुत्ता कमीना नालायक बदतमीज। पर कौन वो कैनेडियन जार शाह और कौन? एक्सक्यूज [संगीत] मी सतना। ठीक है ना? कुछ काम आ गया होगा। नहीं आया वो मगर इफॉर्म तो करना चाहिए था। नीलम कितना ख्वार हुए हम लोग? हमारी जिंदगी के कई घंटे खराब कर दिए उस फिरंगी ने जिनको आप रिसीव करने आए थे। उनका नाम जार है। तुमसे कहा था ना खामोश रहना। तुम बात समझ में नहीं आती। सीम सॉरी। य पर कनाडा में मेरा एक दोस्त है उसका नाम भी जार है। हा तो तो व इतना घटिया नहीं है। कितना घटिया? इतना घटिया जितना व आपका आने वाला मेहमान जो वादा करके भी नहीं आया [संगीत] खबरदार हमारे मेहमान को तुम कुछ मत कहना। जो कुछ कहना होगा ना हम खुद कहेंगे [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] जैन भाभी अनदेखे अनजाने दामाद के बारे में सोच रही है। हां सोच तो रही हूं मगर दामाद के बारे में नहीं बल्कि बेटियों के बारे में सोच रही हूं। मेरी वाली का तो अल्लाह ने इंतजाम कर दिया। वो तुम्हारी वाली का भी अच्छा करे। इंतजाम तो मेरी वाली का भी हो ही गया था जैनब भाभी। और वो क्या है ना कि मिया जान की निगाह में मेरी तरबियत आपकी तरबियत से हार गई। बड़ों की बातों को दिल से नहीं लगाते रूपना। मिया जान की नाराजगी में भी मोहब्बत छुपी होती है। वैसे भी हम लोग अजमेर पहुंचने ही वाले हैं। वहां हजरत गरीब नवाज के सदके में हम दोनों माएं मिलकर अल्लाह से तुम्हारी बेटी के लिए भी एक अच्छा सा दूहा मांगेंगे। आमीन [संगीत] अभी तक यह दोनों लड़कियां जयपुर एयरपोर्ट से मेहमान को लेकर पहुंची क्यों? [संगीत] नहीं या अल्लाह या रब्बुल इज्जत। जिस तरह आपने सुल्तान उल हजरत ख्वाजा गरीब नवाज रहमतुल्ला अल के हिंदुस्तान आने पर मेरे हिंदुस्तान के लिए रहमत के दरवाजे खोल दिए थे उसी तरह आज भी मेरे वतन पर रहमतों की बारिश फरमा दे। आमीन [संगीत] ये मोहब्बतों का उसू [संगीत] है कोई रस मोरा है वफा नहीं। मेरे आईनों में चला [संगीत] शकर कोई अक्स तेरे सिवा [संगीत] नहीं कोई अक्ष तेरे सिवा नहीं [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] छाप तिलक सब वार दिया मोहे इश्क की लत ने मार [संगीत] दिया। दो नैनों की बाजी में तू जीत गया मैं हार गया। छाप तिलक सब वार दिया मोहे इश्क की लत ने मार दिया। दो नैनों की बाजी में तू जीत गया मैं हार गया। कुछ कह सके कुछ सुन लिया इस दिल को बिना मौका मिला। हां कुछ कह सके कुछ सुन लिया इस दिल को भी ना मौका मिला। अरे कुछ पा लिया कुछ खो दिया बस इतना मेरा फसाना। सयाना सूफियाना इश्क सूफियाना सूफियाना सूफियाना हो इश्क सूफियाना सूफियाना सूफियाना। मेरा इश्क सूफियाना सूफियाना सूफियाना। मेरा इश्क सूफियाना। सुफियाना सुफियाना। आ इश्क सुफियाना सुफियाना सुफियाना। मेरा इश्क सूफियाना [संगीत] तेरे बिना तेरे बिना चैन ना आवे मोहे सुख दुख कुछ नहीं खावे। अंखिया भी तरसती जावे लातो को नींद ना पावे। आंख जरा जो लग जाए ख्वाबों में बसते आए फिर दिल ही बा करे हैं सारी सारी रात में [संगीत] इश्क सूफियाना इश्क सूफियाना सूफियाना इश्क। मेरा इश्क सूफियाना। जो दिल में था सब कह दिया अब तू ही कर ये फैसला। आंखों में तेरी मैं रहूं। हां गरीब नवाज के सद और तुफैल [संगीत] में जो यह लड़की मेरे सामने खड़ी है इसे मेरी जिंदगी का साथी बनाते हैं। मेरा इश्क सूफियाना सूफियाना सूफियाना। मेरा इश्क सफिया सुफियाना सुफियाना सुया सूफियाना सुफियाना। मेरा इश्क सुफियाना। हे मेरे मालिक मेरी दुआ कबूल कर [संगीत] या अल्लाह जिसे हमारे बड़ों ने हमारे लिए चुना है उसे हमारा बना दीजिए [संगीत] [संगीत] अस्सलाम वालेकुम मिया जान [संगीत] वालेकुम अस्सलाम बेटा। आज आपने होटल में ही नमाज पढ़ ली? बेटे आज हम होटल में कैसे नमाज पढ़ सकते हैं? आज तो सारा अजमेर हमारे पीछे नमाज पढ़ना चाहता है। तो फिर यह यह हमने फर्ज नहीं सुन्नत पढ़ी। फर्ज और सुन्नत में क्या फर्क होता है मिया जान? फर्ज नमाज वह होती है जिसे पढ़ने के लिए हमें अल्लाह ने हुक्म दिया है और सुन्नत नमाज वह है जिसे अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने पढ़ा भी और पढ़ने का हुक्म भी [संगीत] दिया। मिया जान हम भी आपके साथ दरगाह चले [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] लाम किसने बनाया दुनिया में [संगीत] और मिया कब तक ख्वाब देखते रहेंगे? आप यहां पर आके भी नमाज नहीं पढ़ी ना तो गलत [संगीत] होगा। कहां जा रही हो तुम अम्मी? वो ख्वाजा साहिब की दरगाह पर जा रहे हैं सुबह का पहला सलाम करने। तुम्हें याद है ना बेटा? तुम एक ऐसी मां की बच्ची हो जिसके सर पर शौहर का साया नहीं है और जिन बच्चों के बाप नहीं होते उन्हें अपना हर कदम बहुत सोच समझ कर उठाना चाहिए [संगीत] क्या ताई अम्मी? आपने ना अपनी इन्हीं 100 साल पुरानी नसीहत से अच्छी खासी लड़की को एकदम बहनजी टाइप बना के रख दिया है। कितनी बार कहा है कि इसे ना खुलकर सांस लेने [संगीत] दीजिए। सल्तनत हमारे सीने में जितनी जगह है हमें उतनी सांस लेना आता है। तुम अपने बारे में सोचो। मिया जान हमेशा कहते हैं कि जिन बच्चों को नसीहत कबूल नहीं होती वो किसी को कुबूल नहीं [संगीत] होते। अम्मी हम दरगाह होकर आते हैं [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] मुझे हा हा करने वाली हजूरी करने वाली ऐसी लड़की नहीं चाहिए [संगीत] मम सुफियाना पे सुफियाना [संगीत]