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देखो, तुम अगली नहीं हो। बस थोड़े से आलसी हो। क्योंकि कोई भी बंदा सिर्फ यह फाइव स्टेप फॉलो करके अपने लुक्स को लिटरली ज़ीरो से 10 तक पहुंचा सकता है।
देखो, चाहे आप कितने भी इंटेलिजेंट हो, अगर आपकी अपीरियंस शार्प नहीं है तो आप अपने फर्स्ट इंप्रेशन में ही फेल कर जाते हैं। लेकिन गुड न्यूज़ यह है कि अपने लुक्स और पर्सनालिटी को अपग्रेड किया जा सकता है। और इसी प्रोसेस को हम कहते हैं लुक्स मैक्सिंग।
लुक्स मैक्सिंग एक ऐसे कांसेप्ट का नाम है जो आपकी सिर्फ आउटर अपीरेंस को नहीं, बल्कि आपके इनर कॉन्फिडेंस और ओरा को भी अपग्रेड करेगा। यह वीडियो बस एक ग्लो अप गाइड नहीं है। यह एक फुल प्रूफ ट्रांसफॉर्मेशन रोड मैप है जो साइंटिफिकली डिज़ाइन है आपको एक बेटर वर्जन बनाने के लिए।
स्टेप नंबर वन, द आर्ट ऑफ ड्रेसिंग वेल। देखो, आपका ड्रेसिंग सेंस ही लुक्स मैक्सिंग का सबसे पहला स्टेप होता है, क्योंकि बिना कुछ कहे भी आपके कपड़े आपके बारे में बहुत कुछ बोल देते हैं। अब ज्यादातर लोग गलती यह करते हैं कि जो भी ट्रेंड उनको Instagram पे दिख गया, बस उसे ही बिना सोचे समझे फॉलो करने लगते हैं। बिना ये समझे कि वो कपड़े उनके स्किन टोन, हाइट और पर्सनालिटी के साथ मैच करते भी हैं या नहीं।
ड्रेसिंग में आपका गोल सिंपल होना चाहिए। भीड़ में घुलना नहीं, भीड़ से अलग दिखना। और ड्रेसिंग वही एरिया है जिसमें आप सबसे जल्दी डिफरेंस क्रिएट कर सकते हो। बस ये तीन गोल्डन रूल्स याद रखना।
फर्स्ट, अपने स्किन टोन के अकॉर्डिंग कलर चूज़ करो। अगर आपकी स्किन डार्क है तो ओवरली ब्राइट या नियन कलर अवॉइड करें। आपके लिए अर्थी टोंस और न्यूट्रल शेड्स बेस्ट रहेगी। और अगर आपकी स्किन फेयर है तो सॉफ्ट, पेस्टल या मीडियम डार्क कंट्रास्ट कलर आप पे ज्यादा क्लासी लगेंगे।
सेकंड है हाइट के हिसाब से प्रपोर्शन समझो। अगर आपकी हाइट एवरेज या शॉर्ट है तो आप ऐसे कपड़े, पैटर्न और शूज पहनो जो आपको विजुअली टोल दिखाएं। जैसे वर्टिकल स्ट्र्राइप्स, वेल फिटेड क्लोथ्स और स्लाइटली हाई एंकल शूज। लूज या बेगी कपड़े भी अच्छे लगते हैं, बट तभी जब आपकी हाइट अच्छी हो।
थर्ड है फैब्रिक और फिट दोनों पे फोकस करो। अच्छा दिखने के लिए बहुत महंगे कपड़े लेना जरूरी नहीं है। आपको बस क्लीन, फिटेड और प्रीमियम लुकिंग फैब्रिक चूज़ करना है। रिच लोग और सेलिब्रिटीज भी स्पेसिफिक फैब्रिक पहनते हैं जो सिंपल होके भी क्लासी और एक्सपेंसिव लगता है।
एक बड़ी गलती जो बहुत सारे लड़के करते हैं, वो है अपने ग्रूमिंग रूटीन को नेगलेक्ट करना। जैसे रात को सोने से पहले प्रॉपर स्किन केयर ना करना, साफ सुथरा ना रहना, अपने फेशियल हेयर्स पे ध्यान ना देना। और यही आलसीपन उन्हें धीरे-धीरे अगली बना रहा है।
तो अगर सीरियसली लुक्स मैक्सिंग करना है तो एक बेसिक स्किन केयर और ग्रूमिंग रूटीन जरूर फॉलो करें। अक्सर लड़के सिर्फ पानी से मुंह धोकर समझ लेते हैं कि बस हो गया स्किन केयर। लेकिन रियलिटी यह है कि अगर आप अपनी स्किन को क्लीन, हाइड्रेट और प्रोटेक्ट नहीं करोगे तो धीरे-धीरे डलनेस, पिंपल्स और समय से पहले बुड्ढे दिखोगे।
देखो, मैं खुद एक सिंपल और इफेक्टिव स्किन के रूटीन फॉलो करता हूं। कोई फैंसी स्टेप्स नहीं, बस बेसिक चीजें हैं जो हर लड़का अपने रूटीन में ऐड कर सकता है। सबसे पहले मैं सुबह फेस क्लीन करने के लिए सेटाफिल का जेंटल स्किन क्लीज़र यूज़ करता हूं। देन बाद में सेटाफिल का मॉइस्चराइजर लगाता हूं। उसके बाद द डर्माको की सनस्क्रीन अप्लाई करता हूं। एंड फिर रात को सोने से पहले फेस वॉश करके पिलगिम का 20% विटामिन सी सीरम यूज़ करता हूं।
अब देखो, यह प्रोडक्ट कोई स्पोंसर नहीं है। मुझे कोई पैसा नहीं मिला है यह प्रोडक्ट रिकमेंड करने का। यह प्रोडक्ट वही है जो मैं पर्सनली यूज़ करता हूं और मुझे काफी इफेक्टिव लगे। इन सभी प्रोडक्ट्स की लिंक आपको डिस्क्रिप्शन और व्यू प्रोडक्ट में मिल जाएगी। आप चाहो तो परचेस कर सकते हो। इन चारों का कॉम्बिनेशन बहुत ही इफेक्टिव है।
इसके अलावा अपने फेशियल हेयर और हेयर स्टाइल पे भी ध्यान दो। और हां, यह हेयर स्टाइल और बियर्ड स्टाइल किसी का कॉपी करना नहीं होता है। ये चीजें अपने फेस शेप, हेयर टाइप, फेशियल फीचर्स और लाइफस्टाइल को समझ के डिसाइड की जाती है। वैसे हेयर स्टाइल के ऊपर अभी रिसेंटली मैंने एक बहुत ही शानदार वीडियो बनाया है। वो भी आप देख सकते हो।
इसके अलावा नेल्स, आइब्रोज, नोज हेयर और बॉडी के अनवांटेड हेयर्स को भी टाइम टू टाइम रिमूव करो। स्पेशली अंडर आर्म्स के, क्योंकि वहां से स्वेट की वजह से बेड स्मेल आती है अगर क्लीनिंग प्रॉपर ना हो। एंड यार, मेरे दोस्त की तरह नहाने में आलस मत किया करो। डेली शावर लो और आफ्टर शावर एक अच्छा सा बॉडी स्प्रे यूज़ करो और स्पेशल डे पे रेडी होने के बाद परफ्यूम भी लगाओ। इससे आप पूरा दिन अच्छा स्मेल करोगे।
इसके अलावा ड्राई लिप्स भी सबसे पहले नोटिस होता है। तो एक अच्छा सा लिप बाम हमेशा अपने साथ रखो। देखो, ग्रूमिंग में कंसिस्टेंसी ही सब कुछ है। यह डेली हैबिट्स है जो आपकी ओवरऑल पर्सनालिटी को अपग्रेड करती है बिना ज्यादा एक्स्ट्रा एफर्ट के।
देखो, आप मानो या ना मानो, बट हम इंसान एक दूसरे को सबकॉन्शियसली ऑब्जर्व करते हैं। आप कैसे खड़े होते हो, कैसे चलते हो और बात करते वक्त आपका पोश्चर कैसा होता है? यह सब कुछ मिला के बनाता है आपका बॉडी लैंग्वेज। साइकोलॉजी के अकॉर्डिंग किसी भी इंटरेक्शन में 55% इंपैक्ट आपके बॉडी लैंग्वेज का होता है।
इसलिए हमेशा अपराइट पोश्चर में रहो। झुक के चलना या बैठना आपको अंडर कॉन्फिडेंट दिखाता है। शोल्डर्स बैक, चेस्ट आउट और नेक स्ट्रेट रखने से आप ऑटोमेटिकली कॉन्फिडेंट फील करोगे और दिखोगे भी। एंड आई कांटेक्ट बना के रखो। जब आप किसी से बात करते हो तो आंखों में आंखें डालकर कॉन्फिडेंटली बात करो। आई कांटेक्ट का मतलब घूरना नहीं है। नेचुरल आई कांटेक्ट रखो। यह शो करता है कि आप अलर्ट और इंटरेस्टेड हो।
एंड अपने बॉडी पार्ट्स को बार-बार टच करना या ऐसे हिलते रहना नर्वसनेस को शो करता है। इसलिए काम और स्टडी मूवमेंट रखो। बात करते वक्त हाथों को मूव करना लेकिन कंट्रोल में। और सबसे इंपॉर्टेंट, वॉक लाइक यू हैव अ पर्पस। जब भी कहीं जा रहे हो, ऐसे चलो जैसे तुम्हारा मिशन क्लियर हो। लूज या लेजी वक तुम्हें डल बनाता है, जबकि पर्पसफुल वोक तुम्हारी प्रेजेंस को और भी स्ट्रांग बनाता है।
और हां, स्माइल करना मत भूलना। एक जेन्युइन स्माइल आपको अप्रोचेबल और फ्रेंडली बनाती है।
देखो, जितनीेंस आप ड्रेसिंग, स्किन केयर और ग्रूमिंग को देते हो, उससे भी ज्यादा जरूरी है एक एस्थेटिक और प्रपोशनेट बॉडी बनाने की। क्योंकि चाहे आप कितने भी स्टाइलिश कपड़े पहन लो, अगर उनके अंदर का फ्रेम ही वीक है तो कभी भी वो इंपैक्ट नहीं आएगा। और यार, इसी स्टेप में सबसे ज्यादा लोग कंसिस्टेंसी छोड़ देते हैं।
देखो, जिम जाना या वर्कआउट करना सिर्फ मसल्स बनाने के लिए नहीं होता। यह आपको एक डिसिप्लिंड और कॉन्फिडेंट वर्जन बनाता है। जब आपका चेस्ट ब्रॉड हो, शोल्डर्स डिफाइंड हो और पोश्चर स्ट्रांग हो, तो ऐसे बंदे का ओरा ही अलग होता है। आप नॉर्मल टी-शर्ट में भी स्टैंड आउट करते हो।
लेकिन गोल बॉडी बनाने का नहीं, एस्थेटिक सिमिट्री का होना चाहिए। मतलब आपका अपर बॉडी और लोअर बॉडी दोनों बैलेंस्ड हो। सिर्फ बाईसेप्स पे फोकस करना या लेग्स स्किप करना, यह इमैच्योर ट्रेनिंग होती है। प्रपोर्शन मेंटेन करना ही रियल ग्लो अप है।
और हां, एक और इंपॉर्टेंट चीज, आपका बॉडी फैट परसेंटेज। अगर आपकी बॉडी लीन और डिफाइंड है तो आपका जो लाइन, चीक बोनस, नेक सब कुछ ऑटोमेटिकली शार्प दिखता है। फेस का ग्लो भी इनक्रीस होता है और कपड़ों का फिट तो नेक्स्ट लेवल होता है।
देखो, चाहे आप जिम जॉइ करो या घर पे ही बेसिक केस्थनिक करो। बस वर्कआउट को डेली रूटीन का पार्ट बनाओ। एस्थेटिक बॉडी एक महीने में या छ महीने में नहीं बनती, लेकिन हर दिन का एफर्ट एक दिन जरूर दिखता है। वैसे इस टॉपिक पर भी मैंने एक शानदार वीडियो बना रखी है। वो भी आप देख सकते हो।
देखो, लुक्स मैक्सिंग की जर्नी सिर्फ फिजिकल चेंजेस तक सीमित नहीं है। इसकी असली शुरुआत होती है आपके माइंडसेट से। क्योंकि अगर आप अपने अंदर से कॉन्फिडेंट नहीं है तो बाहर का इंप्रूवमेंट कभी पूरा नहीं लगेगा। अपनी यूनिक क्वालिटीज को समझो और आप अपना बेस्ट वर्जन बनने पर फोकस करो। खुद को किसी और से कंपेयर मत करो।
अब सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह होती है कि लोग अपने आप को अंडरएस्टीमेट करते हैं। वो सोच लेते हैं कि मेरा फेस अच्छा नहीं है। मैं Instagram वाले मॉडल जैसा नहीं दिखता। मेरे पास ब्रांडेड कपड़े नहीं है। और इसी थॉट प्रोसेस की वजह से वो अपने रियल पोटेंशियल से दूर चले जाते हैं। जो लोग खुद को रिस्पेक्ट करते हैं, उनका ओरा ऑटोमेटिकली स्ट्रांग और अट्रैक्टिव लगता है।
मेडिटेशन, अफमेशंस और अपने गोल्स पे फोकस करना आपको मेंटली और इमोशनली स्ट्रांग बनाता है। और एक लास्ट बात, पेशेंस रखो। लुक्स मैक्सिंग कोई ओवरनाइट मैजिक नहीं है। यह एक कंप्लीट प्रोसेस है। हर स्टेप में आपको धीरे-धीरे थोड़ा बेटर वर्जन बनना है। एक वीक में नहीं तो एक महीने में, एक महीने में नहीं तो 6 महीने में। पर अगर माइंडसेट स्ट्रांग है तो रिजल्ट गारंटेड है।
इस जर्नी में फिटनेस, स्किन केयर, ग्रूमिंग, ड्रेसिंग सेंस, बॉडी लैंग्वेज और सबसे इंपॉर्टेंट, आपका माइंडसेट। इन सबका रोल इक्वली इंपॉर्टेंट है। लेकिन याद रहे, यह एक वन टाइम प्रोसेस नहीं है। यह एक लाइफस्टाइल है। अगर आप आज से ही स्मॉल बट कंसिस्टेंट चेंजेस करना स्टार्ट करते हो, तो एक साल बाद आप अपने आप में काफी इंप्रूवमेंट नोटिस करोगे। तो, अपने ऊपर इन्वेस्ट करना शुरू करो, क्योंकि आप ही आपका सबसे बड़ा एसेट हो।
[संगीत]