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हेलो एवरीवन प्रदीप शर्मा दिस फाउंडर ऑफ़ इन 23 कम्युनिटी कैसे हैं आप सभी? होप सो आप सभी फिट एंड फाइन होंगे एंड एक्साइटेड होंगे आज के वंडरफुल सेशन के लिए। सो आज का सेशन बहुत ही अमेजिंग होने वाला है क्योंकि आज का जो सेशन का टॉपिक है वो है बिजनेस प्लान। आज मैं आपको फॉर एवर के बिजनेस प्लान को डीपली एक्सप्लेन करने वाला हूं कि कैसे फॉर एवर हमें पैसा बांटती है, कैसे सिस्टम में लाखों रुपया आता है, कैसे कार प्लान होता है, कैसे इंटरनेशनल टूर्स को हम इस सिस्टम में अचीव करते हैं। तो एक एक चीज आपको इस सेशन में पता लगने वाली है।
सो जितने पार्टनर्स राइट नाउ इस सेशन में कनेक्टेड है, जल्दी आप स्क्रीनशॉट ले सेशन का, फास्ट अपने फोन में एंड उनको WhatsApp करें जिन्होंने वंडरफुल ओपोरर्चुनिटी आपको प्रोवाइड की है। उन्हें लिखिएगा, “आई एम इन वेबिनार” या फिर आप लिख सकते हैं, “आई एम एक्साइटेड।” फास्ट एक्टिविटी करें, जल्दी स्क्रीनशॉट ले एंड जल्दी उनको सेंड करें जिन्होंने आपको वंडरफुल प्लेटफार्म दिए।
एक छोटी सी स्टोरी से मैं सेशन को शुरू करूंगा। एक बार एक बच्चा था, वो बच्चा स्कूल से घर आ रहा था। उसने रास्ते में ना एक चीज देख के, एक फूल के ऊपर, एक पेड़ के ऊपर एक कून था जिसमें से एक तितली बाहर आ रही थी। बट उसका बहुत जोर लग रहा था, उससे बाहर आया नहीं जा रहा था, उससे वो अपना खून तोड़ा नहीं जा रहा था। तो उस बच्चे के पास ना एक कटर पड़ा था बैग में, उसने निकाला और उस कटर से उसका खून को खुद काट दिया। जैसे ही वो बच्चा उसमें से बाहर निकला, उससे उड़ा नहीं गया, जैसे वो तितली बाहर निकली, उससे उड़ा नहीं गया, वो तड़प तड़प के वही मर गई। तो वो बच्चा घर आया, उसने अपने पेरेंट्स को बताया कि ऐसे-ऐसे मेरे साथ हुआ, मैंने तो हेल्प की थी। तो उनके पेरेंट्स ने समझाया उसे, बच्चे को कि जब तितली कून से बाहर निकलती है ना, तब उसको वो कून खुद ही तोड़ना पड़ता है। अगर वो उस कून को खुद तोड़ती है, तो उस कून में से एक लिक्विड निकलता है जो उसके पंखों में जाता है और उसके पंखों को उड़ने की क्षमता देता है। पर तूने पहले ही खुद ही उसकी हेल्प करके उसे अपाहिज बना दिया।
इसी तरीके से डियर, जिंदगी में सफल होने के लिए खुद ही स्ट्रगल करना पड़ता है। ठीक है अगर आप डिपेंडेड हो कि कोई आपको कामयाब करेगा, पेरेंट्स आपको कामयाब करे, कोई सरकार आपको काम कामयाब करेगी, तो ये जस्ट आपकी मिथ्या है, अंधविश्वास है। आपको अगर जिंदगी में ऊंचाइयों को छूना है, तो उसके लिए स्ट्रगल खुद ही करना पड़ेगा। ठीक है अगर कोई आपकी हेल्प करेगा तो आप डिपेंडेड बनेंगे, बट आपको सेल्फ डिपेंडेंट रहना है। इस चीज का हमेशा माइंड में रखिएगा, क्योंकि सेल्फ डिपेंडेंट लोगों की पहचान होगी। ठीक है तो आप सभी का वेलकम करता हूं विन 23 कम्युनिटी के अंदर, जहां पर हमारा यही मकसद है कि हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को सेल्फ डिपेंडेंट कर सके, ज्यादा से ज्यादा यंगस्टर्स को सेल्फ डिपेंडेंट कर सके कि वो अपने पेरेंट्स पे डिपेंड होने की जगह उनको सपोर्ट करें, उनको सपोर्ट करें, अपने मां-बाप को फ्री करें, कि एक उनको उस ऐज के अंदर फ्री करे जिस ऐज में बच्चे पेरेंट्स पे डिपेंड होते हैं। ठीक है अपने पेरेंट्स को अच्छी लाइफ दें, बहुत स्ट्रगल किया है उनके पेरेंट्स ने, सभी के पेरेंट्स करते हैं अपने बच्चों के लिए। तो अब आपका टाइम है उनके लिए कुछ करने का क्योंकि उम्र बहुत ज्यादा निकल चुके है। आप अपने आप के अंदर झांक के देखो, अभी तक आपने लाइफ में किया क्या है अपने लिए, अपनी फैमिली के लिए, अपने मां-बाप के लिए, अपने आने वाली जनरेशन के लिए, अपने भाई-बहन के लिए, अपने परिवार के लिए क्या किया है? खुद ये चीज सोचिएगा। और आप अगर अभी भी टाइम पास करते हैं, टीवी देखते, दोस्तों के साथ घूमने जाते हैं, तो आपको अपने ऊपर थोड़ा सा, अपने आपको चेंज करना पड़ेगा। ठीक है क्योंकि टाइम बहुत प्रिशियस है और जो टाइम की एक सबसे बड़ी कमी है कि वो किसी के लिए भी नहीं रुकता।
तो मेरा नाम प्रदीप शर्मा है, बेसिकली चंडीगढ़ सिटी से बिलोंग करता हूं। आज से 5 साल पहले मैं इस वंडरफुल प्लेटफार्म में आया था। पहली बार जब प्लेटफार्म देखा, मेरे को विश्वास ही नहीं हुआ कि सच में लाखों रुपया आता है। तब अपने सीनियर के अकाउंट स्टेटमेंट्स देखी, बैंक स्टेटमेंट्स देखी, तब पता लगा कि हां सच में लोग लाखों रुपए इस बिजनेस में कमा रहे हैं। बाकी रही बात मेहनत की, बाहर जॉब्स में भी करते ही है हम, क्यों ना हम अपने लिए बिजनेस में करें? तो मेहनत करना स्टार्ट किया। 21 साल एज थी उस टाइम जब आया था, 29 जनवरी को, 27 को देखा था बिजनेस, दो दिन मैंने ट्रेनिंग लगाई, 29 को मैंने इस बिनेस को ज्वाइन किया, 31 जनवरी को मैंने अपना फर्स्ट लेवल कंप्लीट किया जहां से हमारी शुरुआत होती है इस बिजनेस में, टू सीसी। उसके बाद मेहनत करनी स्टार्ट करी, नौ मंथ में इस बिजनेस में मैनेजर बना और मैनेजर लेवल पर जो हमारी मंथली इनकम है वो 1 लाख को टच कर जाती है। 22 ईयर की ऐज में खुद की कार बाय करी और और 24 ईयर की ऐज में हर एक जो मिडिल क्लास फैमिली में सपना होता है लोगों का, खुद के घर का, वो घर का सपना मैंने पूरा किया 24 ईयर की ऐज में सिस्टम से। एंड आज बात करें, बहुत सारे लोगों की लाइफ चेंज कर चुका हूं। मंथली अर्निंग की बात करें तो 5 टू 6 लाख मैं सिस्टम से मंथली अर्न कर रहा हूं, घर पर बैठे-बैठे, ऑनलाइन, सोशल मीडिया को यूज करके और बहुत सारे लोगों की भी हेल्प कर चुका हूं। 10 हजारों से लेके लाखों में कमा रहे हैं आज मेरे साथ जो लोग काम कर रहे हैं, आने वाले टाइम में आप भी कमाओगे। पर उससे पहले एक चीज होती है, देखो एक होती है इच्छा, एक होती है इरादा। इच्छा, हां भाई मेरे को कामयाब होना है, मेरे को ये गाड़ी लेनी है, मेरे को यह घर लेना है, इच्छा है। इरादा बनाना पड़ेगा कि मेरे को ये लेना ही लेना है, मेरे को इसके लिए मेहनत करने के लिए मैं तैयार हूं, सब कुछ छोड़ने के लिए तैयार हूं। क्योंकि कामयाब होने के लिए, कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है। आपको बहुत सारी चीजें सैक्रिफाइस करनी पड़ेगी, जन्मदिन, त्यौहार, घूमना-फिरना, बहुत सारी एंजॉयमेंट की चीजें आपको छोड़नी पड़ेगी, पर वो टेंपरेरी है, परमानेंट नहीं है। उसके बाद हर रोज जन्मदिन है, हर रोज त्यौहार है जब आप फाइनेंसियली स्टेबल हो, आपके अकाउंट में 50-6 लाख रुपया पड़ा है, करोड़ रुपया पड़ा है, रोज ही दिवाली है फिर तो। ठीक है पर उस टाइम के लिए डियर, आपको स्टार्टिंग में मेहनत करनी पड़ेगी, स्टार्टिंग में बहुत कुछ छोड़ना पड़ेगा। तो कामयाब होने के लिए एक सही रास्ते की नीड होती है और एक सही मेंटोर की नीड होती है, गुरु और एक रास्ता, ये दो चीजें अगर हमारे पास है तो हमें कामयाब होने से कोई नहीं रोक सकता। ये दोनों चीजें आपको इस सिस्टम में मिलती हैं।
फॉर एवर का जो सिस्टम है वो सिंपल एक चीज बोलता है, अगर आपके पास एक ड्रीम है तो फॉर एवर के पास एक प्लान है जो आपके ड्रीम को पूरा कर सकता है। बट फॉर एवर बिजनेस बाहर के बिनेस जैसा नहीं है। बाहर के बिजनेस में सिर्फ इंसान अपना प्रॉफिट देखता है, कस्टमर को लूटता है। बट फॉर एवर बिज़नेस में लोगों की हेल्प करके आगे बढ़ा जाता है। दूसरों को आप तरक्की दिलाओगे, तभी आप आगे बढ़ सकते हो। होता ऐसा बिजनेस है जहां पर लात नहीं खींची जाती, जहां पर हाथ पकड़ा जाता है। आप दूसरे लोगों के सपने पूरे करोगे, आपके ऑटोमेटिकली पूरे होना स्टार्ट हो जाते हैं। तो आप सभी का वेलकम करता हूं फॉर एवर लिविंग प्रोडक्ट्स इंटरनेशनल में। ये बिजनेस उन लोगों के लिए नहीं है जो सिर्फ अपनी तरक्की के बारे में सोचते हैं, जो सेल्फिश लोग हैं वो लोग इस बिनेस में कभी आगे नहीं बढ़ते। अगर आपकी सोच है दूसरों की हेल्प करने की, दूसरों को आगे बढ़ाने की, तो ही यह बिज़नेस है आपके लिए।
सो फॉर एवर बिज़नेस की थोड़ी प्रोफाइल देख लेते हैं। 13 मई 1978 में बिज़नेस शुरू हुआ था, 44 ईयर से ज्यादा इसको हो चुके है। वर्ल्ड की लीडर है एलोवेरा एंड बी हाई के अंदर, दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है एलोवेरा एंड हनी की। फॉर एवर लिविंग 160 से ज्यादा देशों में इस्टैब्लिश है, हजारों में ऑक्सीज है, 25,000 करोड़ से ज्यादा की टर्नओवर है इंडियन करेंसी के अकॉर्डिंग। वर्टिकली इंटीग्रेटेड ब्रांड है, कोई थर्ड पार्टी नहीं है, कोई शेयर होल्डर नहीं है, डेप्थ फ्री है, किसी तरह कोई कर्जा नहीं है, खुद की प्रॉपर्टीज है, 1.5 बिलियन के एसेट्स है, 12,000 करोड़ की खुद की प्रॉपर्टी है। वेलनेस इंडस्ट्री का हम पार्ट है। इंडिया की बात करें, इंडिया में 22 साल हो चुके हैं। आज इंडिया की टर्नओवर की बात करें, इंडिया में 19 ब्रांचेस है और 2000 में फॉर एवर इंडिया में आई थी। आज टर्नओवर की बात करें, नियर 500 करोड़ को टर्नओवर टच करती है। हम अंडरस्टैंड करते हैं बिजनेस प्लान को, क्योंकि पैसा तो हमें बिजनेस प्लान से आना है। सबसे बड़ा प्रोडक्ट इस बिनेस का मार्केटिंग प्लान है जो मैं आपको एक्सप्लेन कर रहा हूं।
अब देखो फॉर एवर बिजनेस एक इंटरनेशनल बिजनेस है, वो 160 से ज्यादा देशों में है। हर देश की करेंसी अलग-अलग है, तो बिजनेस को सिंपल बनाने के लिए, सेम बनाने के लिए बिजनेस प्लान को फॉरएवर ने खुद की करेंसी बनाई है जिसको सीसी बोलते हैं। सीसी की फुल फॉर्म है केस क्रेडिट एंड कॉमन करेंसी। सीसी एक्चुअली में पॉइंट्स है जो फॉरएवर ने अपने प्रोडक्ट्स को दिए हैं और एक सीसी 1000 पॉइंट का होता है और हर पॉइंट्स की जो वैल्यू है हर देश में अलग-अलग है। जैसे इंडिया में 1000 पॉइंट की वैल्यू ₹1,000 है, फॉरेन में डॉलर के हिसाब से है, यूरो में हिसाब से है, हर कंट्री की करेंसी के अकॉर्डिंग अलग-अलग है। पर एक चीज सेम है, एक सीसी का बिजनेस हर देश में 1000 पॉइंट से ही होता है, दो सीसी 2000 पॉइंट से होता है। स्टार्टिंग में हम सभी यहां पे आते हैं, हमारी एक आईडी लगती है फ्री ऑफ कॉस्ट, हम एक नोवस कस्टमर बन जाते हैं, हम फॉर एवर के प्रोडक्ट्स यूज़ करने के लिए एलिजिबल हो जाते हैं। फिर जैसे-जैसे हम बिनेस को सीखते हैं, जैसे ही हम अपनी आईडी के ऊपर 2 सीसी का बिनेस कर देते हैं, हम फॉर एवर के यूजर से हटके बिजनेस पार्टनर बन जाते हैं और हमें एक लेवल मिल जाता है, असिस्टेंट सुपरवाइजर। यहां पे आप 10,000 से लेके 30,000 पे इजीली जनरेट कर सकते हो, अकॉर्डिंग टू एफर्ट। आप जब इस लेवल पे किसी को बिज़नेस ओपोरर्चुनिटी शेयर करते हो, आपको एक रेफरल इनकम आती है, 6 से 7,000 और आपकी एक टीम भी डेवलप होती है।
अब जब अपने बिजनेस को शेयर करोगे, ऑब्वियस सी बात है, आप कोई भी बिज़नेस शुरू करते हो, उसे शेयर तो हर बंदा करता है, बिज़नेस को बढ़ाना है तो शेयर तो करना पड़ेगा। Facebook जैसी ऐप आपने बनाई है, आप ज्यादा से ज्यादा लोगों को बोलोगे कि वो इंस्टॉल करे, उसके अंदर सर्विज को एंजॉय करें। ठीक है हम सभी YouTube चलाते हैं, YouTube पे कोई भी वीडियो चलने से पहले एक ऐड चलती है, वो ऐड क्या? उस ऐड के अंदर कोई ना कोई प्रोडक्ट या सर्विस को प्रमोट किया जा रहा है, कोई ना कोई ब्रांड, कोई Vivo का फोन आ गया, Apple का फोन आ गया, है ना वो क्या कर रहे हैं? अपने रिकमेंड कर रहे हैं अपनी सर्विज को। तो हमें क्या रिकमेंड करना है? अपने बिजनेस प्लान को रिकमेंड करना है। हमारे इंडिया में हर एक इंसान अच्छी इनकम कमाना चाहता है, बट उनके पास सही रास्ता नहीं है। आपने क्या किया? बिजनेस प्लान उन्हें शेयर किया। तो कुछ लोग होंगे, हर किसी की सोच अपनी-अपनी है। ठीक है आप दसवीं के बाद कोई आर्ट्स लेता है, कोई कॉमर्स लेता है, कोई मेडिकल लेता है, कोई नॉन मेडिकल लेता है, अपनी-अपनी सोच है, अपनी-अपनी मेंटालिटी है। जो जिसकी सोच बड़ी होगी वो आपके साथ ऑटोमेटिकली आएगा बिजनेस में। ठीक है बट हमारे इंडिया में ज्यादातर लोगों की जो सोच है वो जॉब वाली है, वो बंदर को अकेला दो, कोई एक करोड़ दो, अकेला ही उठाएगा। आप किसी इंसान को ₹1,000 की नौकरी दो और एक ऐसी बिनेस ओपोरर्चुनिटी दो जहां से वो 10-15 लाख महीना कमा सकता है, तो ज्यादातर वो क्या करेगा? वो विश्वास ही नहीं करेगा, मैं 10-15 लाख कमा सकता हूं। क्योंकि अब तक नीड्स के लिए काम करने के लिए बोला गया, अब तक यही बोला गया कि जरूरतें पूरी करो, सपनों के लिए कभी हमें बचपन से मोटिवेट नहीं किया जाता कि सपने भी पूरे करो, सपने ही हमारी नौकरी बना दी जाती है, नौकरी लगना ही हमारा सपना है। ठीक है बट आप बिजनेस को शेयर करते हो, जिनकी सोच बड़ी है वो आपके साथ बिजनेस में एसोसिएट होते हैं, एस अ टीम पार्टनर, आपकी टीम बनना स्टार्ट हो जाती है और आपकी टीम भी जो काम करती है और आप भी काम करते हो, जो भी टर्नओवर महीने का जुड़ के बनता है, जितनी भी सीसी का बिजनेस होता है, अगर वो 25 सीसी का बिजनेस किसी भी दो महीने में हो जाए तो आप सुपरवाइजर बन जाते हो। सुपरवाइजर पे आपकी जो मंथली इनकम है 20 से 40,000 को आप डेवलप कर सकते हो, अकॉर्डिंग टू एफर्ट। अब आप अच्छी इनकम कमा रहे हो, आपकी टीम भी चाहेगी अच्छी इनकम कमाना, आप अपनी टीम को सपोर्ट करते हो, धीरे-धीरे बिनेस बढ़ता-बढ़ता 75 सीसी, 120 सीसी जैसे भी किसी दो मंथ के कॉम्बिनेशन में हो जाता है तो आपको ड्रीम लेवल मिल जाता है, मैनेजर। मैनेजर लेवल पे आपकी जो मंथली इनकम है वो एक लाख को भी टच कर जाती है अगर आप अच्छे से मेहनत करते हो। ऐसे भी मैनेजर हैं जो दो-तीन-तीन लाख महीना कमा रहे हैं जो मेहनत कर रहे हैं। फाइव टू सिक्स मंथ से लेके एक साल बहुत है फॉर एवर के अंदर मैनेजर निकालने के लिए। आप अच्छे तरीके से मेहनत करें, सिस्टम को फॉलो करें, अपना दिमाग ना चलाए, जैसे आपके अपलाइन, स्पोंसर बोलते हैं उसको फॉलो करें। बट हमारे इंडिया में ना दिमाग बहुत ज्यादा है लोगों में। ठीक है इसीलिए अकाउंट खाली रहते हैं। ठीक है ये ज्यादा दिमाग होना भी गलत बात है, स्मार्ट अच्छी बात है, ओवर स्मार्ट इंसान जिंदगी में धक्के ही खाता है। ओवर स्मार्ट कौन होता है? जो ऐसे लोगों की गाइडेंस लेता जो अदर फील्ड से बिलोंग करते हैं। मतलब बनना डॉक्टर है, मोची से सलाह लेना है, भाई डॉक्टर बनना है, बंजू मोची बोला, “तू रहने दे, जूते सी, डॉक्टर बनके क्या करेगा?” बोलता, “हां बात तो सही है, जूते सी लेते हैं।” तो डियर, सलाह लेनी है, गाइडेंस लेनी है तो अपनी फील्ड के मास्टर से गाइडेंस लो। मेरे को अच्छा क्रिकेटर बनना है तो सचिन बताएगा। उसी तरीके से बिजनेस कैसे बिल्ड करना है, सोशल मीडिया से कैसे बिल्ड करना है, सारी चीजें सीखनी पड़ती हैं।
अब बात करें, देखो कोई भी बिजनेस एक दिन में खड़ा नहीं होता, कोई भी बिनेस कभी भी अकेले खड़ा नहीं होता। आप अकेले एक टैक्सी चला सकते हो, आप अकेले किराने की दुकान चला सकते हो, पर एक करोड़ों रुपए का बिजनेस कभी अकेले बिल्ड नहीं कर सकते, उसके लिए आपको एक मैन पावर चाहिए होती है। एक दूध वाला काम करता है, एक दूध की कंपनी काम कर रही है, दूध वाला ज्यादा पैसा कमा रहा है, दूध की कंपनी? दूध की कंपनी ज्यादा पैसा क्यों कमाती है? क्योंकि उसके पास एक नेटवर्क है, एक मैन पावर है, जगह-जगह उसके बूथ हैं और एक दिन में करोड़ों लोगों तक वो दूध पहुंचा रहा है। दूध वाला एक दिन में 100 लोगों तक पहुंचाता होगा ज्यादा से ज्यादा, इसलिए वो हजारों में कमा रहा है और दूध की कंपनी करोड़ों में कमा रही है। बिजनेस दोनों दूध में ही कर रहे हैं, पर एक मैन पावर के साथ, एक सिंगल पर्सन। अब बात करें, देखो बिल गेट्स एक चीज बोलते हैं, कहते हैं, “मेरी कामयाबी का कोई सीक्रेट नहीं है, मैंने अपना बिजनेस प्लान 1200 लोगों को शेयर किया था, जिसमें से 900 लोगों ने मेरे बिजनेस में पार्ट बनने के लिए मना कर दिया। सिर्फ 11 लोग थे जो सीरियस होकर मेरे साथ काम किया हो और मेरे साथ मल्टी मिलेनियर बने।” अब नॉर्मल सी बात है, जिन्होंने हां बोला वो करोड़पति बने या जिन्होंने ना बोला वो करोड़पति बने? मैंने जब बिजनेस शुरू किया था, मैंने अपने फ्रेंड्स में शेयर किया, मेरा एक फ्रेंड ने हां बोला, वो एक करोड़पति है इस बिनेस का, बाकी फ्रेंड ने ना बोला, वो आज वहीं के व है, धक्के खा रहे हैं जॉब के अंदर। और भी बहुत सारे लोगों ने जिन्होंने हां बोला आज वो करोड़पति है। ठीक है तो जो साथ चलते हैं वही पैसा कमाते हैं, ना बोलने वाले कभी पैसा नहीं कमाते। ठीक है, “आई एम नॉट इंटरेस्टेड”, ठीक है भाई ना कर, पैसे को भी तेरे पास आने का कोई इंटरेस्ट नहीं है। ठीक है तो जिसको जो इंटरेस्टेड होता है वही पैसा कमाता है, जो नहीं होता उसको चवन्नी नहीं आती उस फील्ड से। तो लकी इज नॉट इन योर हैंड, किस्मत आपके हाथ में नहीं होती है, आपका डिसीजन आपके हाथ में होता है। किस्मत आपका डिसीजन कभी नहीं बनाएगी, बट आपका डिसीजन आपकी किस्मत बना देता है। इसी तरीके से जिंदगी में हर एक इंसान जो कामयाब है उसने कभी ना कभी डिसीजन लिया था, बहुत सारे लोगों ने उनको मना किया। एक इंसान बोलता है, “मैं उडूंगा”, राइट ब्रदर्स, और उन्होंने एक प्लेन बना दिया, पहली फ्लाइंग मशीन बनाई। एक इंसान ने बोला, “ट्रेन में चाय बेचने वाले इंसान क्या बोल रहा है, एक दिन देश का प्रधानमंत्री बनूंगा।” ठीक है, डिसीजन लिया, उसके लिए मेहनत करी, हर एक चीज को सीखा, हर एक चीज को फॉलो किया तो वो बन गया। ठीक है जब आप ठान लेते हैं ना किसी चीज को करना ही करना है, बहुत सारे लोग आपको मना करेंगे, पर आपको उनके उनसे परवाह नहीं पड़ेगी, आप उस टाइम बहरे हो जाओगे, यहां से जाएगा, यहां से बाहर आ जाएगा, पर बहरा बनना ही बहुत इंपॉर्टेंट चीज है इस दुनिया में। जितने भी लोग कामयाब हैं ना वो बहरे हैं। ठीक है वो उन्हीं बातों को सुनते हैं जो उसके काम में उसको तरक्की दे, उन बातों को नहीं सुनते जो चीजें पीछे खींचती है उसको।
आप फॉर एवर के बिजनेस प्लान को अंडरस्टैंड करते हैं, आपको किस लेवल पर क्या बेनिफिट मिलता है। जब आपकी जॉइनिंग होती है इस बिजनेस में, तब आपको क्या बेनिफिट्स मिलते हैं? आपको 12 डिजिट की एक आईडी मिलती है, डिस्ट्रीब्यूटर आईडी, जिससे आप अपना बिजनेस भी शुरू कर सकते हो और फॉर एवर के 5% डिस्काउंट में प्रोडक्ट्स को यूज कर सकते हो और आप एक मिलेनियर बनने की ओपोरर्चुनिटी में एंटर कर सकते हो। ठीक है और आगे बढ़ते हैं, उसके असिस्टेंट सुपरवाइजर। असिस्टेंट सुपरवाइजर पे आप स्पोंसरिंग शुरू हो जाती है, आपके आप रेफरल इनकम भी कमाना स्टार्ट कर दोगे। ठीक है आपको 30% डिस्काउंट मिलना शुरू हो जाता है फॉर एवर के प्रोडक्ट्स पे, रेफरल बोनस आएगा 25%, अगर आप किसी को कोई बिजनेस ओपोरर्चुनिटी शेयर करते हो इस लेवल पे, आपको 6-7,000 का चेक आएगा। ठीक है और अगर आप 4 सीसी का बिजनेस करते हैं, वन सीसी पर्सनल आईडी से, 3 सीसी न्यू जॉइनिंग के थ्रू तो आपको 5% रेफरल बोनस एक्स्ट्रा आएगा, तो 30% रेफरल बोनस हो जाएगा आपका। 5% आपको कैशबैक भी आता है। ठीक है जो आप पर्सनल कोई प्रोडक्ट बाय करते हैं अपने यूज़ के लिए, तो 30% डिस्काउंट इंस्टेंट मिलेगा, 5% आपको कैशबैक आएगा 15 तारीख को चेक के अंदर ऐड होके और आप अपनी खुद की अब टीम बना सकते हो, की ऑर्गेनाइजेशन बनाते हो। जैसे एक फैक्ट्री ओनर क्या करता है? पहले फैक्ट्री लगाता है करोड़ों रुपए की, तब जाके वो किसी को मैन पावर खड़ी कर पाता है, हजारों लोगों को काम पे रख पाते हो। बट यहां पे क्या? आपने टू सीसी के, आप अपना खुद का बिज़नेस एंपायर बिल्ड कर सकते हो, अपनी खुद की टीम डेवलप कर सकते हो। पर सबसे अच्छी बात क्या है कि यहां पे हर पर्सन फॉर एवर बिजनेस ओनर है, एम्प्लॉय नहीं है। ओनर, मतलब ओनर के पास क्वालिटी होती है, वो अपना खुद का एंपायर बिल्ड करता है। हर एक इंसान अपना बिजनेस किसी भी लेवल पर, किसी भी स्टेट में, किसी भी कंट्री में बिल्ड कर सकता है। सुपरवाइजर लेवल पर 30% डिस्काउंट होता है, रेफरल बोनस आपको 28% आता है। अगर फोर सीसी बिनेस करते हैं, वन सीसी पर्सनल आईडी से, 3 सीसी न्यू स्पोंसरिंग से, 5% एक्स्ट्रा बोनस आएगा आपको, रेफरल बोनस जो हो जाता है 33%, मतलब 8 से ₹10,000 का चेक आपको सुपरवाइजर लेवल पर हो जाता है। 8 से ₹10,000 का अगर आप एक महीने में 10 लोगों को बिजनेस ओपोरर्चुनिटी प्रोवाइड कर देते हो इस लेवल पे, तो 80 से ₹1,00,000 का चेक तो वैसे ही हो गया। 8% आपको कैशबैक आता है। उसके बाद असिस्टेंट मैनेजर की बात करें, 30% डिस्काउंट, डिस्काउंट, 33% रेफरल बोनस। आप इसको ना वीडियो को जो भी YouTube पे वॉच कर रहे हैं, थोड़ा सा बैक करके लिख लीजिएगा इसको डायरेक्टली। ठीक है रेफरल बोनस 33% होता है असिस्टेंट मैनेजर पे। इस लेवल पे आप किसको बिज़नेस शेयर करते हो, 10 से ₹1,000 का आपको चेक आता है। फोर सीसी बिनेस करते हैं तो 38% तक ये रेफरल बोनस आता है, 5% एक्स्ट्रा रेफरल बोनस के साथ तो आपको ₹1,000 का चेक एक मतलब एक पर्सन को बिजनेस ओपोरर्चुनिटी प्रोवाइड करते तो आता है। अगर आपने 10 लोगों को ही बिज़नेस ओपोरर्चुनिटी प्रोवाइड करी तो ₹1,10,000 तो वो हो गया और आपकी जो टीम होती है एक अच्छी टीम आपके नीचे होती है वो भी जो काम करती है वहां से भी आपको इनकम आती है, उसको वॉल्यूम बोनस बोलते हो, मैं आपको आगे बताऊंगा। 13% कैशबैक होता है, मतलब डिस्काउंट मिल रहा है आपको प्रोडक्ट पे 30%, 13% कैशबैक भी आ रहा है, टोटल डिस्काउंट हो गया 43% तक। मैनेजर लेवल की बात करें, 30% डिस्काउंट, 38% रेफरल बोनस अगर फोर सीसी बिनेस करते हैं, 5% आपको एक्स्ट्रा बोनस आता है तो टोटल हो गया रेफरल बोनस 43%, मतलब ₹1,000 तक का चेक आपको आता है मैनेजर लेवल पे अगर आप इसको बिजनेस देते हो और मंथ में 10 लोगों की हेल्प करी आपने बिजनेस को शुरू करने में तो ₹10,000 तो वैसे ही हो गया और आपकी टीम में जो वर्क हो रहा है वहां से आपको वॉल्यूम बोनस अलग आएगा, 18% कैशबैक। बाकी मैनेजर तक आपका बिजनेस नहीं रुकता, मैनेजर तो शुरुआत है इस बिजनेस में। जैसे देखो हम स्कूल जाते हैं, इस बिजनेस के अंदर दसवीं क्लास है मैनेजर, या स्कूल में हम दसवीं करते हैं, 10 साल लगते हैं, यहां पे एक साल लगेगा आपको दसवीं करने में, पर 10वीं करके यहां लाख कमा रहा होता है बच्चा, बाहर क्या कमा रहा होता है? लाख छोड़ो, औलाद मिल रही होती है, मार्केट में जाता है तो ठीक है, जॉब के अंदर रिजेक्ट कर रहे होते हैं ₹1-₹100 की जॉब। मेरे को खुद 8,000 की जॉब के लिए एक बार रिजेक्ट किया था, मेरे को वो भी टाइम याद है। बट आज बात करें, वही इंसान जो ₹8,000 की नौकरी के लिए रिजेक्ट किया गया था, आज वो बंदा 6 लाख प्लस कमा रहा है। ठीक है सीनियर मैनेजर की बात करें, टू मैनेजर अपने डायरेक्ट में जब आप बना देते हो, दो लोगों को मैनेजर तक पहुंचा देते हो तो आप सीनियर मैनेजर बन जाते हो। यहां पे सीनियर मैनेजर की जो एवरेज इनकम है वो डेढ़ से ढाई लाख एवरेज इनकम इजीली डेवलप कर सकता है, अकॉर्डिंग टू एफर्ट। इससे ज्यादा भी कर सकता है। सोइंग मैनेजर की बात करें, फाइव मैनेजर डायरेक्ट में, 3 से 5 लाख। सफायर मैनेजर उसके बाद आता है, नाइन मैनेजर जब आप बना देते हो, 9 से 15 लाख। डायमंड सफायर मैनेजर, 17 मैनेजर। डायमंड मैनेजर, 25 मैनेजर जब आप बना देते हो, डबल डायमंड मैनेजर होता है 50 मैनेजर्स और ट्रिपल मैनेजर है 75 मैनेजर और सेंचुरियन मैनेजर है 100 मैनेजर। तो 100 मैनेजर का टारगेट रखिएगा कि इंडिया में 100 लोगों को मैंने मैनेजर तक पहुंचाना है, लाखों रुपए की इनकम तक पहुंचाना है, आप करोड़ों की इनकम पे पहुंच जाओगे। ये बिजनेस वो हुआ है, एक बार एक करोड़पति से पूछा कि आप करोड़पति कैसे बने? उसने क्या बोला? “मैंने अपने साथ वालों को लखपति बना दिया, मैं करोड़पति बन गया।” सेम बिनेस है, साथ वालों को आप आगे बढ़ाओ, आप करोड़पति बन जाओगे। बाकी आपको डायमंड मैनेजर का लाइफ स्टाइल दिखाता हूं कि जो फॉरेन में डायमंड मैनेजर है वो Rolls Royce तक एंजॉय करते हैं। Rolls Royce कार, 6-7 करोड़ की कार है। ठीक है खुद का विला है उनके पास। मैं आपको जिनकी वीडियो दिखा रहा हूं ये मिक्लो है, हंगरी कंट्री से है। ठीक है आज इस बिजनेस के अंदर डायमंड मैनेजर है, लाखों-करोड़ों की इनकम इस बिजनेस से एन्जॉय कर रहे हैं और बहुत सारे लोगों की भी हेल्प कर चुकी है। लाइफ स्टाइल आपको दिखाता हूं [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] हूं शी [प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] तो बहुत ही अमेजिंग लाइफ स्टाइल यहां पे सभी एंजॉय करते हैं। 11 तरह की इनकम हमें सिंगल बिजनेस में मिलती है। ठीक है एक वॉल्यूम बोनस आपको बताना चाहूंगा, वॉल्यूम बोनस क्या है? ये इनकम आपकी सुपरवाइजर लेवल के पास स्टार्ट होती है जब आपके नीचे एक अच्छी टीम बन जाती है, वो भी जो बिजनेस डेवलप करती है, टर्नओवर डेवलप करती है, उस वॉल्यूम से आपको एक इनकम आती है। ठीक है बट इस वॉल्यूम बोनस को अच
दूसरी से 3%, तीसरी से 2%, और ये सफायर मैनेजर पे ये इनक्रीस हो जाता है। जेम बोनस बोलते हैं इसको। जब आप सफायर मैनेजर बन जाते हैं। सफायर मैनेजर कैसे बनता है? नाइन मैनेजर क्रिएट करने थे। तो जो वॉल्यूम बोनस है, इसमें जैम बोनस ऐड हो जाता है। एक-एक% की इनकम बढ़ जाती है। फर्स्ट मैनेजर से 7% आना शुरू हो जाएगा, सेकंड से 4%, और थर्ड से 3%। और डायमंड सफायर मैनेजर पे एक-एक% और बढ़ जाता है, और डायमंड मैनेजर पे एक-एक% और बढ़ जाता है। 9, 6, 5।
अब मैं आपसे एक चीज बताना चाहूंगा। आपको बहुत सारे कलाकार मिलेंगे। अरे हमने भी बिजनेस किया है, हमने फॉरएवर देखा। उनसे पूछो, जेम बोनस क्या होता है? उनसे पूछो, चेयरमैन बोनस क्या होता है? ठीक है। तो अगर पता होगा, अगर किया होगा, तो पता होगा ना? तो बहुत सारे लोग हैं, पता कुछ नहीं है। ठीक है। वो वो लोग होते हैं जिन्होंने खुद तो मेहनत करनी नहीं, तो सोचते हैं सामने वाला क्यों कर रहा है? कुछ जिंदगी में तो इसकी भी लात खींच लो एक बार।
एक गांव में सोकर थे, एक घर में ना किसी भी घर में लाइट नहीं थी। तो एक घर का ओनर जो था, मार्केट जाके एक लाइट ले आया, शहर जाके, और घर पे लगा ली। रात हुई, उसके घर पे लाइट थी। सबके घर में लाइट थी। तो हुआ क्या? सारे लोग इकट्ठे हो गए और सोचने लगे, यार करें क्या कि इसके घर में लाइट है, हमारे घर में लाइट नहीं है। अब उनके पास दो ऑप्शन थे। वो भी शहर जाएँ, शहर जाके वो भी लाइट खरीद के ले आएँ, या दूसरा ऑप्शन है, सारे मिलके उस अकेले की फोड़ दें। साथ में कौन सी है? उस अकेले की फोड़ दें। वैसे ही जब अपने ड्रीम्स के लिए काम करते हैं, हमारे जो सर्कल होता है, चाहे वो फैमिली हो, चाहे वो फ्रेंड सर्कल हो, तो जो लोग खुद ड्रीम्स के लिए काम नहीं कर रहे, वो चाहते हैं ये भी ना करें। वो क्या करेंगे? आपके ड्रीम्स को खत्म करेंगे। आपको क्रिटिसाइज करेंगे इतना ज्यादा कि आप ज्यादातर अपना प्रोफेशन छोड़ ही दोगे।
ड्रीम के लिए काम करना, मेरे को किया गया। मैंने अपने जब फ्रेंड्स को बोला, यार मैं कार अचीव करूंगा, मेरे पास ये होगा, मेरे को होगा, तब उन्होंने क्या बोला? कहता है, बस बस रहने दे, तेरी में घूम लेंगे, कुछ नहीं होता। ये पूरा क्रिटिसाइज करने की कोशिश की थी। बट मेरा डिसीजन स्ट्रांग था, और मैंने करना ही करना था, क्योंकि मेरे को पता है, मेरी फैमिली को मेरा दोस्त नहीं चलाएगा, मुझे चलाना है आने वाले टाइम। ठीक है। वैसे ही मैं आपको बता दूँ, आपके घर को आपने चलाना है।
बाकी इनकम डेट की बात करें, 15 तारीख इनकम डेट होती है। एक से 30 तारीख तक आप जितना भी काम करते हो, अगले महीने की 15 तारीख को इनकम अकाउंट में आती है। आप अपनी टीम किसी भी कंट्री में बिल्ड कर सकते हैं। हर कंट्री से आप इनकम डेवलप कर सकते हैं। मजा आ रहा है आपको? क्योंकि इसमें मिशन ये है कि कोई मरीज ना हो और कोई गरीब ना हो। क्या बात है। अब दोबारा रिपीट कीजिएगा, कोई मरीज ना हो और कोई गरीब ना हो। कोई मरीज ना हो, कोई गरीब ना हो। इसलिए आप इस काम को कर रहे हैं। क्योंकि मैं किसी को क्या दे सकता हूँ? हां, और इसमें वो सब कुछ है जो किसी में… मतलब आप कहना क्या चाहते हैं? आपने अपनी ऐज कितनी बताई? दोबारा बताइए। 87 इयर्स। 87 इयर्स और 11 महीने में आपने मैनेजर को क्वालीफाई किया। वाओ, ये सैल्यूट है सर। सो ऐज मैटर नहीं करती। बहुत बड़ी-बड़ी ऐज के लोग इस सिस्टम में कामयाब हैं।
बहुत सारे लोगों का कार लेने का सपना होता है। अगर वो सपना सिर्फ एक से दो साल के अंदर पूरा हो जाए, तो कितना मजा आ जाए। और यंग ऐज में कार हो, तो उसका अलग ही मजा है, अपने दम पे। ठीक है। तो बहुत सारे अचीवर्स हर महीने सिस्टम से यंगस्टर्स कार अचीव करते हैं। बाकी कार प्लान आपको यहां पे मिलते हैं। कार लेने के लिए आपको अलग से इनकम मिलती है। इसमें कुछ लेवल्स होते हैं, वन, टू और थ्री। वन में 26,000 मिलते हैं, लेवल टू में 39, लेवल थ्री में 52,000। 36 महीने तक लगातार ये एक्टिव रहता है।
अब ये कार प्लान होता कैसे है? लेवल वन को क्वालीफाई अगर करना है, तो पहले महीने 50 सीसी, दूसरे महीने 200 सीसी… सॉरी, 150… 100 सीसी, 50 और 150। लेवल वन को क्वालीफाई करना है, पहले महीने 50 सीसी करना है, दूसरे महीने 100 सीसी करना है, तीसरे महीने 150 सीसी करना है। जैसे आप तीन मंथ के कॉम्बिनेशन में कर देंगे, आपको लेवल वन एक्टिव हो जाता है। 26,000 आपको अलग से आने शुरू हो जाएंगे, 36 महीने तक लगातार। जो बन जाएगा ₹360,000। लेवल टू में 750, 225, 39,000 आपको आना शुरू हो जाते हैं, 36 महीने तक लगातार। जो बन जाता है 14 लाख। लेवल थ्री में 100, 200, 300 के बिजनेस को आप टच कर देते हो, तो 52,000, 52,000 अलग से मिल रहे हैं, इनकम में अलग ऐड हो के आएंगे। सोचो, इतना कार मेंटेन करने के लिए फॉरएवर दे देती है।
जितना बाहर बात करें, एक अच्छी-अच्छी डिग्रियाँ करके सैलरी नहीं मिलती, जॉब नहीं मिलती। बहुत सारे यंगस्टर्स कार अचीवर, मिस्टर गौरव जी, मिस्टर अमित जी, बहुत सारी वंडरफुल कार्स अचीव करके सिस्टम एंजॉय कर रहे हैं। ठीक है। और बात करें, मिस्टर मंजीत सर हैं, जो कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से पास आउट हुए हैं, और उसके बाद वहीं पर जॉब करते थे, 22,300 की, और 2016 में इस बिजनेस में आए थे, अप्रैल के अंदर। फर्स्ट कार इन्होंने सिस्टम से i20 बाय करी, सेकंड Mercedes कार सिस्टम से। बाकी मिस्टर अनमोल सर, जो कि बैंकिंग की कोचिंग लिया करते थे, बैंकिंग की जॉब की, बट इस बिजनेस में आए, ब्रदर के थ्रू, इस बिजनेस के अंदर आए। फर्स्ट कार इस सिस्टम पे एक्स भी बाय करी, सेकंड मिनी कूपर, आज कन्वर्टेबल कार इस सिस्टम से एंजॉय कर रहे हैं, टॉप मॉडल। ठीक है जी, अनमोल जी कांग्रेचुलेशन है जी। तो डिअर कल आप भी अपने फादर को लेके ऐसे शोरूम में होंगे। एक टाइम आपका भी होगा, जब फादर को लेके आप शोरूम में होंगे, ऐसे कार की डिलीवरी ले रहे होंगे, अपने फादर को अच्छी कार गिफ्ट कर रहे होंगे। [संगीत]
बहुत सारे लोग आते हैं, शुरू में डाउट करते हैं, यार मैं करूँ ना करूँ काम। तो मैं आपको बताना चाहूंगा, डिअर, हज़ारों लोग काम कर रहे हैं हमारे साथ। आप देख सकते हो, ये वीडियो उस टाइम ऑफलाइन बिजनेस हुआ करता था, तो सारा ऑनलाइन है। ठीक है। तो थ्री ईयर, फोर ईयर के स्ट्रगल में सर ने सिस्टम से दो कार अचीव करी, एक लग्ज़री कार है, और सून आप भी आने वाले टाइम में अच्छी मेहनत से चीजें अचीव कर सकते हो। [संगीत] मेंट पे है। ठीक है। गर्ल्स भी पीछे नहीं हैं। तो लड़कियाँ भी बहुत ज्यादा इस सिस्टम में अर्न कर रही हैं, अपनी फैमिली को अच्छी कार्स गिफ्ट कर रही हैं। तो मैम ने जब ऑफिस जाते थे, 2018-19 के अंदर, उस टाइम कमिटमेंट की थी, ऑफिस जाते हुए अपने आप से एक्टिवा पे। हाय, मेरा नाम भावना है, और आज जैसे कि आप देख रहे हैं, हम धूप में ऐसे धक्के खा रहे हैं, लेकिन आने वाली गर्मियों में मैं बस धूप की कार्स हूँगी, वो भी लग्ज़री कार। हां जी, टीम एक्साइटेड हो? यस यार, एक बार एक्साइटमेंट तो दिखा दो। सारे आर एक्साइटेड? यस सर। क्या बात है जी। हां जी, टीम। बेटे कभी नहीं कर पाते माँ-बाप के लिए। बेटियों को कभी कम मत समझो। बेटों से वो माँ-बाप गलत समझो जो बेटियों को घर बिठा के रखते हैं। उनको आगे निकालो, और कामयाब हो के दिखाती हैं बेटियाँ। मुझे अपनी बेटी पे बहुत गर्व है। आज बहुत कुछ कर दिखाया मेरी बच्ची ने। मैं इसको ये समझती थी, ये यहां तक नहीं पहुँच पाएगी, और इसने करके दिखाया है। बस यही हर एक माँ-बाप से यही कहना चाहती हूँ, बेटियों को आगे लाओ, बेटियों को घर पे मत बिठाओ, उनको कामयाब होने दो, किसी का मोहताज मत होने दो। अच्छा, ये ये तो बता दो, लड़कियाँ चारदीवारी के लिए बनती हैं क्या? कुछ कर भी सकती हैं? कुछ कर सकती हैं। सब कुछ कर सकती हैं बेटियाँ। अच्छा। सो बाकी यंगस्टर्स एक अच्छा लाइफस्टाइल सिस्टम है, एन्जॉय कर रहे हैं। ठीक है, अपनी मेहनत के दम पे। आप भी मेहनत करोगे तो आने वाले टाइम में आपकी भी चल रही होगी गाड़ी रातों में। यार, पॉसिबल है। आप भी मेहनत करेंगे तो आप भी बहुत कुछ अचीव कर सकते हैं। जस्ट आपको इसलिए मैं दिखा रहा हूँ कि क्या ये सिस्टम में अगर आप दिल लगा के मेहनत करते हैं तो आप क्या-क्या चीजें अचीव कर सकते हैं। ठीक है, और ये रास्ता सबके लिए ओपन है।
सबसे अच्छी बात है, देखो आपको डॉक्टर बनना है, लाखों-करोड़ों रुपया चाहिए, आपके अंदर स्किल्स होनी चाहिए। क्रिकेटर बनना है, बहुत बड़ी स्किल्स चाहिए आपको। किसी फील्ड में आगे बढ़ना है तो बहुत सारी कंडीशंस होती हैं। बट ये होता है ऐसा बिजनेस है। आपका एजुकेशन सिस्टम कैसा है? डोंट वरी। आपने डिग्री कौन सी करी है? मैटर नहीं करता। आप गरीब हो, अमीर हो, मैटर नहीं करता। कोई पैसा है, नहीं है, मैटर नहीं करता। किस कास्ट से हो, किस जेंडर से हो, मैटर नहीं करता। किस ऐज से हो, आप बस 18 प्लस होने चाहिए। ठीक है, मैटर नहीं करता। बस ड्रीम्स होने चाहिए। बाकी यहां का एजुकेशन सिस्टम आपको सब कुछ सिखा दिया जाता है। ठीक है, और बहुत अच्छी लाइफस्टाइल को करते हैं। मिस्टर अजय सर हैं, जिन्होंने फाइव सीरीज़ सिस्टम से बाय करी थी ₹65 लाख की। बाकी आपको कुछ टूर्स मिलते हैं यहां पे, मैनेजर रिट्रीट, उस टूर को बोला जाता है। ये इंडिया लेवल पे होता है, फाइव स्टार प्रॉपर्टी में आपको रखा जाता है। बहुत सारे लोगों का घूमने-फिरने का सपना होता है, वो सपना भी आपका यहां से पूरा होता है। इसमें में कुछ तीन लेवल्स होते हैं, लेवल वन, लेवल टू, लेवल थ्री। लेवल वन में दो सुपरवाइजर और एक असिस्टेंट मैनेजर आप क्रिएट करते हैं, तो लेवल वन एक्टिव होता है आपका। लेवल टू में वन सुपरवाइजर, दो असिस्टेंट मैनेजर, लेवल थ्री में तीन असिस्टेंट मैनेजर जब आप क्रिएट करते हो। बाकी आपको इंटरनेशनल टूर्स मिलते हैं, वन प्लस वन टूर होते हैं। ये फॉरएवर ग्लोबल रैली इसको बोला जाता है। तो इसका क्वालिफिकेशन टाइम है 1 जनवरी से लेके 31 दिसंबर। जल्दी-जल्दी आप मैनेजर निकालें, नेक्स्ट ईयर के टूर को आप भी क्वालीफाई करें। और टोटल 1500 सीसी का बिजनेस आपको करना होता है पूरे साल में, और पूरे वर्ल्ड से लोग आते हैं। अनमोल सर, मंजीत सर, सभी जाके आते हैं। आतिश मीडिया का देखोगे, हर कंट्री से लोग आते हैं स्टोर में। अभी रिसेंटली अबू धाबी हम जाके आए। ओके, एक दिन वो आएगा कि आप सबके घर में ऐसे घोड़े वाली कार खड़ी होगी जिसके आगे ऐसा साइन बना होगा, फरारी का। ये फरारी वाली… जिस प्लेटफार्म का पार्ट है, यहां से डिस्ट्रीब्यूटर सिस्टर को लेके गया था। भावना मैम, मेरी रियल सिस्टर है। तो OnePlus वन टूर में, और बहुत हमने वहां जो फरारी अचीव… तो बाकी दुबई भी हमें कंपनी लेके गई। सरकारी नौकर बनने की कामना वो करते हैं जिनमें सरकार बनने की क्षमता ना हो। हमें विश्वास है हमारे सामर्थ्य पर। तो थ्री कंट्रीज को मैं सिस्टम से एक बताया भी जा चुका हूँ। [संगीत] जाके आएंगे। तो बाकी नेक्स्ट ईयर जो टूर जा रहा है वो जा रहा है [संगीत] बाली। बहुत सारे लोग इस टूर को क्वालीफाई कर चुके हैं। बाकी एक टूर होता है ईगल मैनेजर ट्रीट, ये भी वन प्लस वन होता है। तो इसका क्वालिफिकेशन टाइम 1 मई से 31 अप्रैल तक है। बहुत सारे लोगों का फॉरेन जाने का सपना होता है, वो सपना भी आप यहां से पूरा करते हो, वो भी फ्री में। ठीक है ना? आपको कोई यहां चार्ज नहीं देना पड़ता। मेहनत का चार्ज है, टाइम और एफर्ट देना है। 720 सीसी टोटल करने होते हैं, 100 सीसी न्यू होना चाहिए। दो न्यू सुपरवाइजर आपको इस पीरियड में क्रिएट करने हैं अपने डायरेक्ट में। तो ये जो टूर है बताया जा रहा है, तो बहुत ही अमेजिंग टूर रहता है। बाकी आपको चेयरमैन बोनसेस मिलते हैं। आपको एक इनसेंटिव, दिवाली बोनस बोला जाता है इसको। हमें जॉब करते मिठाई का डब्बा दे देते हैं, है ना? ज्यादा-ज्यादा थोड़ी सैलरी बढ़ा के दे देते हैं। बट फॉरएवर के अंदर लाखों-करोड़ों रुपए के चेयरमैन बोनस लोग अचीव करते हैं। ये एक इनसेंटिव होता है। फॉरएवर अपने टर्नओवर का 3% अलग से निकाल के डिस्ट्रीब्यूट करती है। 2017 का एक डाटा निकला था, 196 करोड़ फॉरएवर ने डिस्ट्रीब्यूट किया था इसके अंदर। 196 करोड़। बाकी कोई गेटरीच, कोई स्कीम नहीं है, डिअर। आपके अंदर लर्निंग एटीट्यूड होना चाहिए।
एक बार एक शख्स, एक बार ना कुछ आर्मी के अंदर एक कॉम्पिटीशन लगा। तो कॉम्पिटीशन क्या था? जंगल में से खरगोश ढूंढ के लाना था। तो एक आर्मी तो चार दिन में ले आई, एक आर्मी दो दिन में ले आई, एक आर्मी 10 दिन में भी नहीं लाई, आर्मी भी नहीं आई जंगल में जाने के बाद। तो कुछ बाकी लोगों को ढूंढने के लिए भेजा, तो पता लगा वो कर क्या रहे थे? अंदर एक गधे को पेड़ से बांधा हुआ था, और उसे बोल रहे थे, कबूल कर तू ही खरगोश है। गधे को बोली जा रहे थे, 10 दिन हो गए इसी चीज़ में। ठीक है। तो कई लोग होते हैं, गलत लोगों को आगे बढ़ाने पे फोकस करते हैं। डिअर, आगे उसको बढ़ाओ जिसके अंदर लर्निंग एटीट्यूड हो, जो सीखने के लिए तैयार है, मेहनत करने के लिए तैयार है। ये बिज़नेस सिर्फ उनके लिए है। ठीक है, कामचोर लोगों के लिए नहीं है। कामचोर लोगों के लिए कभी पैसा नहीं होता। पैसा उन्हीं के पास होता है जो मेहनत करने के लिए तैयार हैं। बाकी रेक्सार हैं, सैल्यूट है सर को, जिन्होंने 1978 में वंडरफुल प्लेटफार्म बनाया, इसी सोच से कि ज्यादा से ज्यादा लोग आगे बढ़ रहे हैं। जिन्होंने आम लोगों को मौका दिया, जिंदगी में आगे बढ़ने का। बाकी लास्ट में एक चीज है, जिस चैनल पे आप इस सेशन को लगा रहे हो, इसको सब्सक्राइब कर लीजिए, एंड ये हमारा विन 23 का ऑफिशियल अकाउंट है Insta पे, इसको फॉलो कर लीजिएगा आप सभी। एंड ये मेरा ऑफिशियल अकाउंट है, प्रदीप शर्मा अंडरस्कोर ऑफिशियल 23, इसको आप फॉलो कर लीजिएगा। स्क्रीनशॉट ले लें, एंड मुझे सभी ने रिव्यू देना है सेशन का, कैसा लगा आप सभी को सेशन। बाकी कुछ कन्फ्यूजन अगर रह गई हो तो आप इस सेशन को दोबारा से थोड़ा रिवाइंड करके वॉच कर लीजिएगा जो YouTube पे लगा रहे हैं। तो बाकी मेरी तरफ से ऑल द बेस्ट। ईयर जितनी भी चीजें आपको दिखाई, आप भी उनको जल्दी अचीव करें। पर एक चीज याद रखिएगा, चाँद तारों के हो जो खुद मोहताज, उम्मीद करो ना उनसे उजालों की। बंद आँखों से ऐसा काम करो कि आँख खुल जाए आँख वालों की। ठीक है? ऐसी मेहनत करो, इतनी खामोशी से करो कि आपकी सक्सेस शोर मचा दे। और एक दिन ज़रूर आएगा ऐसा कि आप अपनी फैमिली, अपने खानदान में सबसे कामयाब इंसान हैं, अगर आप अच्छे से मेहनत करेंगे। बाकी आपके सपोर्ट में हम खड़े हैं, डिसीजन आप लो, रास्ता हम दिखाएँगे, काम।