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दिल्ली में रात के 2 बज रहे हैं। कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पूरा शहर सोया हुआ है, लेकिन तुषार तुषार इस टाइम जाग रहा है और वह अपने लैपटॉप पे एक वीडियो देख रहा है। एक YouTube चैनल के थ्रू ड्रॉप शिपिंग के बारे में कोई इन्फ्लुएंसर उसे बता रहा है कि किस तरीके से पिछले 9 सालों में कोई इन्फ्लुएंसर और उसके बहुत सारे जानने वाले ड्रॉपशिपिंग के जरिए करोड़पति बन चुके हैं। एंड ही इज रियली इन्वेस्टेड इनटू दैट।
हैरानी की बात यह है कि पिछले एक हफ्ते से, एक हफ्ते पहले वो क्रिप्टो करेंसी के ट्यूटोरियल देख रहा था। एंड ही वाज वाचिंग सम अदर इन्फ्लुएंसर ऑन YouTube, कि यह राइट थिंग टू इन्वेस्ट इन है। और उससे भी एक हफ्ते पहले वो किसी एक 21 साल की लड़की को देख रहा था Instagram पे, जिसने सिर्फ कंटेंट राइटिंग करके ₹2 लाख कमाए थे। एंड ही वाज डीप कंसीडरिंग अ करियर इन कंटेंट राइटिंग।
अगर तुषार की लिंक्डइन प्रोफाइल पे आप जाके देखेंगे तो आपको बहुत सारे सर्टिफिकेट्स अलग-अलग डोमेन्स में मिल जाएंगे। आपको एक डिजिटल मार्केटिंग का सर्टिफिकेट मिल जाएगा उसकी प्रोफाइल पे, एक स्टॉक मार्केट के बेसिक्स का सर्टिफिकेट मिल जाएगा। एंड यू विल आल्सो फाइंड अ सर्टिफिकेट इन Python।
दोस्तों, अगर तुषार की स्टोरी आपको रिलेटेबल लग रही है तो उसके पीछे एक रीजन है और वो रीजन यह है कि कहीं ना कहीं हम अलग-अलग इंटरेस्ट पाल लेते हैं और अलग-अलग लोगों को सुनते हैं। एंड वी रन आफ्टर एवरी सिंगल अपॉर्चुनिटी, एवरी सिंगल स्किल और एवरी सिंगल न्यू आइडिया। एंड दैट सिंड्रोम इज कॉल्ड शाइनी ऑब्जेक्ट सिंड्रोम।
यह शाइनी ऑब्जेक्ट सिंड्रोम मिलेनियल्स और जेन-जी में देखा जाता है। एंड आई हैव बीन सफरिंग फ्रॉम दैट फॉर अ लॉन्ग टाइम। यह शाइनी ऑब्जेक्ट सिंड्रोम बिल्कुल एक इंडियन वेडिंग बुफे की तरह है। यहां पर आपको बहुत सारी चीजें मिल जाएंगी। आपको पनीर टिक्का मिल जाएगा, चिकन टिक्का मिल जाएगा, मंचूरियन मिल जाएगा, ड्राई मंचूरियन मिल जाएगा, फ्राइज मिल जाएंगे। देयर आर लॉट्स ऑफ सैलेड्स, लॉट्स ऑफ फूड टू ईट। लेकिन अलग-अलग फूड को ट्राई करने के चक्कर में कि मैं ये भी, मैं आल टिक्की भी खा लूं, मैं गोलगप्पे भी खा लूं, मैं पाव भाजी भी खा लूं, इस चक्कर में क्या होता है कि हम ठहर के एक चीज को जायके के साथ और तसल्ली के साथ ट्राई ही नहीं करते।
और शाइनी ऑब्जेक्ट सिंड्रोम भी कुछ इसी तरीके से है। हम लोग अलग-अलग स्किल्स को, अलग-अलग आइडियाज को, अलग-अलग बिजनेस अपॉर्चुनिटी को चेज़ करते रह जाते हैं। बट एट द एंड वी हैव जस्ट वेस्टेड अ लॉट ऑफ टाइम और हमारे पास सरफेस लेवल नॉलेज बहुत ज्यादा आ चुकी होती है अलग-अलग टॉपिक्स की।
दोस्तों, इस शाइनी ऑब्जेक्ट सिंड्रोम के चलते मैंने बहुत ज्यादा टाइम वेस्ट किया है और मैं नहीं चाहता कि आप लोग भी इसमें अपना टाइम वेस्ट करें। इस सिंड्रोम से कैसे डील करना है उसके बारे में डेफिनेटली बात करेंगे, लेकिन सबसे पहले बात करते हैं कि इसके एक्चुअल रीजंस क्या हैं। बिकॉज हमें अगर रीजंस ही नहीं पता होंगे तो हम इफेक्टिवली अपने सॉल्यूशंस को अप्लाई नहीं कर सकते।
रीजन नंबर वन है द इल्यूजन ऑफ प्रोग्रेस। कोई भी नई चीज हम जब शुरू करते हैं तो उसके साथ एक एक्साइटमेंट जुड़ी हुई होती है, उसके साथ एक नोवेल्टी, एक नयापन जुड़ा हुआ होता है। और जब भी हम अलग-अलग चीजें ट्राई करते हैं रैंडम तो हमें लगता है दैट वी आर प्रोग्रेसिंग टुवर्ड्स समथिंग, हम कुछ अचीव कर रहे हैं। बट दैट इज एन इल्यूजन।
सेकंड रीजन होता है लैक ऑफ क्लेरिटी। हमें अलग-अलग लोग आके बताते हैं, हमें कोई अंकल बताते हैं, कोई हमें हमारे पेरेंट्स बताते हैं, कोई इन्फ्लुएंसर हमें बताता है कि आपको क्या करना चाहिए। लेकिन दरअसल हमें हमारे पास ही कोई ऐसी क्लेरिटी नहीं होती है कि हमें अपने करियर के साथ क्या करना है। What do I really want out of my career? Where do I want to go? There is a lack of clarity among the youth in 2025 and I believe this is going to only increase in the coming years. हमें लगता है कि हम इन सारी चीजों को चेज़ करेंगे तो कोई ना कोई चीज तो स्टिक कर ही जाएगी। But that is a poor approach.
थर्ड रीजन है इंडियन सोसाइटी। हमारी अपब्रिंग या फिर आप पीयर प्रेशर भी कह सकते हैं। हमें हमारे पेरेंट्स आके बोलते हैं कि यार उसका तो Google में हो गया, उसका तो Amazon में हो गया, तो मुझे भी वही करना चाहिए। या फिर हम देखते हैं कि कोई हमारा दोस्त या कोई हमारा बैचमेट कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रहा है तो हम भी उसी की तैयारी करने लग जाएं। But maybe you are discarding the fact that a government job पाने की प्रोबेबिलिटी कितनी है।
एंड देन देयर इज सोशल मीडिया। सोशल मीडिया स्पेशली एक इंसान सक्सेसफुल है, सबके पास बेहतरीन से बेहतरीन स्टार्टअप आइडिया है, हर किसी की जॉब बहुत ही जबरदस्त यू नो फांग में या मांग में लग चुकी है, या फिर कोई ना कोई आईवी लीग में जा रहा है, कोई ना कोई आईआईटी या आईआईएम में जा रहा है। एंड हमें लगता है कि यार मैं ही कुछ नहीं कर रहा अपनी लाइफ के साथ या मैं ही कुछ नहीं कर रहा अपने करियर के साथ। एंड दैट इज बिकॉज एवरीवन इज ओनली शेयरिंग देयर हाईलाइट रील। वो सब लोग जो आपको सोशल मीडिया पे अपनी सक्सेस शेयर करते हुए मिलते हैं, दे आर ओनली शेयरिंग द हाइलाइट्स ऑफ देयर लाइफ।
The fifth reason is is the democratization of knowledge। आज के टाइम पे नॉलेज हमारे पास बहुत ज्यादा इजीली अवेलेबल है। इनफैक्ट इंफॉर्मेशन का ओवरलोड है हमारे पास। YouTube से हम तरह-तरह के कोर्सेस बहुत ही चीप रेट में कर सकते हैं। एंड बेसिकली इंटरनेट के जरिए इतनी ज्यादा नॉलेज हमारे पास आ गई है कि हमें लगता है कि ये सारी स्किल्स जब हम एक्वायर कर लेंगे उसके बाद हम कुछ कर पाएंगे।
And the final reason, the sixth reason, and this is the deep one, this is fear of missing out या फिर FOMO। आज के टाइम पे काफी तेजी के साथ बदलाव आ रहे हैं, स्पेशली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आने की जैसे बहुत सारी टेक्नोलॉजीज या हमारी वर्किंग एबिलिटी जो है वो तेजी के साथ चेंज होने वाली है। इसलिए हमारे माइंड में कहीं ना कहीं रहता है क्या मैं कोई ऐसी स्किल को मिस आउट तो नहीं कर रहा या फिर ऐसी अपॉर्चुनिटी या ऐसे बिजनेस आइडिया पे मिस आउट तो नहीं कर रहा जो कि मेरी लाइफ को बदलने वाला है।
लेकिन दोस्तों, इन रीजंस की वजह से क्या होता है कि हम एक पिनबॉल की तरह बन जाते हैं। जैसे एक पिनबॉल का गेम होता था ना कि मतलब अभी भी होता होगा कि एक पिनबॉल आपकी अलग-अलग जगह, अलग-अलग डायरेक्शंस में, अलग-अलग वॉल्स को हिट करती रहती है। And it really goes nowhere for a while। उसी तरीके से हम लोग क्या करते हैं, हम लोग अलग-अलग अपॉर्चुनिटी को चेज़ करते रहते हैं। But we never really put in enough time or effort to really see a compounded effort। वो कंपाउंडिंग ही नहीं होती है ताकि हमें कोई एक्चुअल आउटकम दिख सके अपने करियर में।
3 साल पहले जो आपकी कॉलेज फ्रेंड थी वो मशीन लर्निंग में एक्सपर्टीज गेन कर रही थी और 3 साल बाद वो अपनी टीम की लीडर बन चुकी है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बहुत सारे इंटरेस्टिंग प्रोजेक्ट्स कर रही है। इसी तरीके से आपका कोई बैचमेट है जो कि जूनियर डेवलपर की जॉब पे लगा था एंड बिकॉज ही स्टिक टू इट, वो स्टिक किया और उसने एक्सपर्टीज हासिल किया। Now he has been promoted to a senior developer और वो लाखों में कमा रहा है।
अब बहुत सारे लोग क्या करेंगे इसको आउट ऑफ कॉन्टेक्स्ट ले लेंगे इस कमिटमेंट के एडवाइस को कि अच्छा कॉम्पिटिटिव एग्जाम है या फिर कोई यूपीएससी का एग्जाम है तो मैं तो अपने पांच से छह साल इसमें दूंगा भले ही मैं मेरा सिलेक्शन हो या ना हो, मैं 6 साल तक यूपीएससी की एग्जाम की तैयारी करता रहूंगा क्योंकि कमिटमेंट की बात की गई थी। But that is basically stupidity। हमें यह भी पता होना चाहिए देयर इज अ फाइन लाइन बिटवीन परसिस्टेंस एंड कमिटमेंट। हमें यह पता होना चाहिए कि ऐसा कौन सा मोमेंट है, ऐसा कौन सा टाइम है जब हमें एक्चुअल में गिव अप या फिर क्विट करना है। क्योंकि अंधों की तरह या फिर आंखों में पट्टी बांध के किसी चीज को रिपीटेडली करते जाना, करते जाना और जब हमें पता भी है कि हो सकता है उस चीज की होने की प्रोबेबिलिटी बहुत ही नेग्लिजिबल हो, तब भी पट्टी बांध के उस चीज पे काम करते जाना सालों साल, दैट इज बेसिकली स्टूपिडिटी। खैर, यह बिल्कुल एक अलग टॉपिक है और अगर आपको इस पे एक वीडियो चाहिए, एक सेपरेट वीडियो चाहिए तो नीचे मुझे कमेंट्स में बताएं। And I will make a video on how to quit and when to quit।
सेल्फ इंप्रूवमेंट में हम लोग ये जरूर कहते हैं कि यू नो यू शुड नॉट कंपेयर योर लाइफ, आपका जो पाथ है, आपका जो ट्रैक है उसी पर फोकस करिए क्योंकि कंपैरिजन वैलिड नहीं है। And that is true। लेकिन इंसान की फितरत है कि वह अपनी लाइफ को किसी और की लाइफ के साथ जरूर कंपेयर करता है। कई बार हम अपने आप को आते हैं, हम देखते हैं कि अगर मैं अब 30 का हो गया हूं और मेरे साथ जो कॉलीग थी या फिर मेरा जो बैचमेट था जो मेरे साथ में थे, मेरे सेम लेवल पे थे, सेम पे स्केल पे थे या सिमिलर कॉलेज में थे, आज वो लोग कहां पर हैं? आर दे अर्निंग 2x, 5x or 10x than what I am earning? Then maybe they have taken a different type of decision or maybe they are in the same position and maybe I have grown. And sometimes that comparison under certain limits is valid.
और जब भी आप वो कंपैरिजन करेंगे अपने दोस्तों के साथ, अपने बैचमेट्स के साथ, अपने कॉलीग्स के साथ और आप पाएंगे कि अगर यह इंसान या फिर यह इंसान जो पाछ साल तक अपने डोमेन के साथ, अपने फील्ड के साथ जुड़ा हुआ था और आज वो कंपाउंड करके सीनियर लीडर बन चुका है, मैनेजरियल लेवल पे आ चुका है। And you are still fidelity? पली अंडरस्टैंड दैट फीलिंग। और मैं चाहता हूं कि इस शाइनी ऑब्जेक्ट के सिंड्रोम के यू नो इस जाल से आप निकल सकें।
तो इस जाल से निकलने का, इस सिंड्रोम से निकलने के क्या तरीके हैं? तो एक थ्री स्टेप फ्रेमवर्क होता है जिसके बारे में हम बात करते हैं। नंबर वन स्टेप इज टू डिफाइन योर नॉट स्टार। यह नॉट स्टार आपका एक डायरेक्शन है कि मुझे इस डायरेक्शन में, ब्रॉडली इस डायरेक्शन में मुझे जाना है। यह नॉट स्टार आपके पेरेंट्स डिफाइन नहीं करेंगे। यह नॉट स्टार आपके पियर्स, आपके कॉलीग्स, आपके बैचमेट्स, आपके फ्रेंड्स, आपके भाई-बहन, यह सब लोग डिफाइन नहीं करेंगे। यह नॉट स्टार पर्सनल होता है। यह आपको खुद से डिफाइन करना होगा। और यह नॉट स्टार ऐसा नहीं होता दैट आई एम गोइंग टू बिकम एन आईएएस ऑफिसर। आईएएस ऑफिसर या फिर एक इंजीनियर या फिर एक पोजीशन इज नॉट अ नॉट स्टार। वो एक डायरेक्शन नहीं है क्योंकि क्या होगा कि अगर आप आईएएस ऑफिसर नहीं बन पाए या फिर वो सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं बन पाए, वो पोजीशन तक नहीं पहुंच पाए, आप अपने आप को फेलियर मानेंगे। So it's much better to define a direction rather than a fixed degree या फिर एक फिक्स्ड पोजीशन। नॉट स्टार से क्या होगा कि ब्रॉडली आपके पास एक डायरेक्शन डिफाइंड होगी और अगर बहुत ही ज्यादा टेंजेंशियल आपके पास कोई शाइनी ऑब्जेक्ट आपको दिखता है तो आपको आपके माइंड में रहेगा कि नहीं यार मेरा नॉर्थ स्टार इस डायरेक्शन में है और मुझे इसी डायरेक्शन में जाना है। मैं थोड़ा सा डायवर्ज हो सकता हूं, चीजें एक्वायर कर सकता हूं डेफिनेटली, बट दिस इज कंपलीटली इन द अपोजिट डायरेक्शन और मैं वहां पे नहीं जाऊंगा।
आपकी स्क्रीन पे अभी कुछ नॉट स्टार के एग्जांपल्स देखेंगे। इसका स्क्रीनशॉट लीजिए और सेव कर लीजिए।
The second step is the 90 day rule। क्या होता है कि शाइनी ऑब्जेक्ट में हमें हमारे पास कोई भी नया आइडिया आता है तो वी ट्राई दैट फॉर अ मंथ या फिर वी ट्राई दैट फॉर अ वीक एट मोस्ट और फिर हम कहीं और स्विच कर जाते हैं। बट जब हम मल्टीपल टाइम्स स्विच कर देते हैं या फिर ट्रांजिशन करते रहते हैं एक जगह से दूसरी जगह और मैं यहां पर जॉब्स की बात नहीं कर रहा, मैं बात कर रहा हूं कि स्किल्स की या आइडियाज की या चीजों को एक्सप्लोर करने की। So when ever we are doing that pinball action तो क्या होता है कि कोई चीज कंपाउंड नहीं हो पाती, हमें डीपर नॉलेज नहीं आ पाती है किसी भी चीज की। तो हमें अपने साथ एक कमिटमेंट करना होगा। वी हैव टू मेक अ कमिटमेंट विद आवर सेल्स कि ये कोई स्किल है, ये कोई प्रोजेक्ट है या फिर ये किसी चीज की पढ़ाई है, मैं 90 डेज तक करूंगा और उसके बाद मैं किसी और चीज को देखूंगा। और बीच में हो सकता है इस 90 डे के पीरियड में, न महीने का पीरियड होगा तो उसमें आपके माइंड में अलग-अलग-अलग ख्याल आएंगे कि यार मैं वो थॉट्स लिखते जाइए। And once you have completed those 90 days, वो एक स्किल हो सकती है या फिर वो एक कोर्स हो सकता है। मे बी यू आर लर्निंग अ Python लैंग्वेज तो Python लैंग्वेज को न महीने तक डेडीकेटेडली पढ़ने के बाद अब आप स्विच कर सकते हैं ऐसी चीजों में जो कि आपने अपने जर्नल में, अपनी डायरी में लिखी होंगी।
Now that will allow you because 90 day का पीरियड जो है वो एक बिग इनफ पीरियड है, बट इतना ज्यादा लंबा भी नहीं होता कि उसमें पूरी आपकी उमर निकल जाएगी। So 90 day period is a good enough time जहां पे आप इन डेप्थ नॉलेज किसी भी चीज की गेन कर सकते हैं।
And the third step is the mentor check। कई बार क्या होता है हम बस इंटरनेट से नॉलेज लेते रहते हैं और हमें लगता है कि क्योंकि इंटरनेट पे आज के टाइम पे क्या है, हर किसी के पास एक माइक है, मेरे पास भी माइक है, हर किसी के पास एक माइक आ गया है। That means कि हर कोई आसानी के साथ कंटेंट बना सकता है और आपको हर डोमेन में सक्सेस स्टडीज या सक्सेसफुल केस स्टडीज मिल जाएंगी। For example, आपको फ्रीलांसिंग में भी सक्सेसफुल केस स्टडीज मिल जाएंगी, आपको ड्रॉपशिपिंग में, क्रिप्टो करेंसी में, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में, इवन आर्टिस्ट में, इवन अगर आप कारपेंट्री में देखेंगे या फिर टेलर में देखेंगे तो आपको टेलर भी ऐसे मिल जाएंगे जो कि करोड़ों रुपए कमा रहे हैं। So successful case studies हर डोमेन में एग्जिस्ट करती हैं। But that doesn't mean that you are going to pursue every single domain। हमारे पास इतना टाइम ही नहीं है कि हम मास्टरी गेन कर सकें इन सारी डोमेन्स में। So rather than just getting influenced by all the influencers या फिर कंटेंट क्रिएटर्स या फिर पीपल ऑन द इंटरनेट, हमें एक्चुअल में जाके किसी इंसान से बात करनी है जो आपसे सिर्फ दो या तीन स्टेप्स आगे हो। अगर आप जूनियर डेवलपर हैं और आप सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में और आगे बढ़ना चाहते हैं, So maybe it is a good idea to talk to a senior developer through and be thankful for their time।
जब भी हम ये मेंटर चेक करते हैं तो हमें रियलिटी चेक मिलता है क्योंकि कई बार क्या होता है इंटरनेट पे आपको बहुत ज्यादा फ्रूटफुल या फिर बहुत ज्यादा शाइनी चीजें दिखती हैं। आपको हो सकता है कोई बैड एग्जांपल ना दिखे किसी भी चीज का। So when ever you actually interact with people who are in the domain right now, आपको एक मिरर दिखता है अपने फ्यूचर सेल्फ का कि हो सकता है कि मैं कुछ इस तरीके से आगे जाके बनने वाला हूं या करने वाली हूं।
दोस्तों, किसी भी फील्ड में सक्सेस का मिलना बिल्कुल बिरयानी के पकने जैसा होता है। बिरयानी को पकाने के लिए, बिरयानी को बनाने के लिए उसमें टाइम चाहिए, एनर्जी चाहिए, रिसोर्सेज चाहिए और अटेंशन देना पड़ता है, पेशेंस रखना पड़ता है। आप यह नहीं कर सकते कि ढक्कन उठा के बार-बार उसमें कुछ नए मसाले डाल दें और ढक्कन बाद में बंद कर दें। And then you expect क्योंकि हम नए-नए मसाले बार-बार हर 5 मिनट में अगर डाल रहे हैं तो बिरयानी का टेस्ट बहुत ज्यादा अच्छा हो जाएगा। लेकिन बिरयानी का टेस्ट बार-बार 5 मिनट में ढक्कन खोलने की वजह से और नए-नए मसाले डालने की वजह से और खराब हो जाएगा। It will be disgusting to eat। तो एक्चुअल में उस बिरयानी का जायका अगर आपको चाहिए तो तसल्ली के साथ, पेशेंस के साथ उसे बिरयानी को हमें पकने देना होगा। वी हैव टू लेट इट कुक।
यह लेसन मैंने बड़ी मुश्किल से सीखा है पिछले कई सालों में और मैं आज यह लेसन आपके साथ शेयर करना चाहता था। और दोस्तों, इस करियर बिल्ड करने की जर्नी में हम कभी ना कभी अपने आप को स्टक फील करते हैं। कई बार हमारा मन नहीं कर रहा होता, कई बार हमारे पास मोटिवेशन नहीं होता और यह इंट्रिंसिक मोटिवेशन आपके सामने कभी भी नहीं आएगा जब तक यह तीन फैक्टर्स आपके सामने नहीं होते। अगर इन तीनों फैक्टर्स से एक भी फैक्टर आपके सामने नहीं होगा या फिर आपके पास नहीं होगा, So you will not feel motivated for a long time to pursue what you want to pursue। तो इन तीन फैक्टर्स के बारे में मैंने बात करी थी एक अलग वीडियो में और किस तरीके से आप अपनी इस सिचुएशन से, इस स्टक सिचुएशन से बाहर आ सकते हैं, वो वीडियो मैं यहां कहीं पर लिंक कर दूंगा। उसको डेफिनेटली जाकर चेक करिए और मैं आपसे मिलता हूं अगली बार।