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Facebook एड्स कोर्स के इस वीडियो में आज हम जानेंगे ऑडियंस के बारे में। कितने प्रकार की ऑडियंस होती है।
दोस्तों, जैसे कि हमने अभी Facebook में पिक्सल लगाना सीखा। उसके बाद इवेंट सेटअप सीखा। अब ऑडियंस भी हमारे लिए बहुत इंपॉर्टेंट है। बिकॉज़ अगर सही ऑडियंस परफेक्ट ऑडियंस राइट ऑडियंस अगर हम टारगेट करते हैं तो रिजल्ट्स भी बेहतर आते हैं। कन्वर्सेस भी आते हैं। हमारे जो हमारी गोल्स हैं वो अचीव होते हैं। मगर ऑडियंस कैसे सेलेक्ट करें, कैसे टारगेट करें, वह बाद का पार्ट है। सबसे पहले है समझते हैं कि कितने प्रकार की ऑडियंस एक्चुअल में होती है।
तो यहां पर आप मेरी स्क्रीन पे देख सकते हो जब हम अपने एडसेट लेवल पे होते हैं जहां पर हम सारी सेटिंग्स करते हैं ऑडियंस वगैरह की। तो इधर ऑडियंस के सेक्शन में पहला आपको दिखेगा यूज़ सेव्ड ऑडियंस। देखो मैं यहां क्लिक कर रहा हूं। अब यहां पर कई सारी ऑडियंस आपको दिखेंगे। एजुकेशन, लीड फॉर शिमला टूर। ठीक है? ऐसे करके रियलस्टेट लीड्स।
अब ये ऑडियंस कौन सी ऑडियंस है? दोस्तों जब कभी भी हम कोई Facebook का कैंपेन बनाते हैं और उसमें ये सारी लोकेशन, एज, जेंडर, डेमोग्राफिक्स, डिटेल टारगेटिंग ये सारी टारगेटिंग जब हम करके अपनी एक ऑडियंस चूज़ करते हैं तो उसको हम एक अगर सेव करें और उसको एक नाम दे दें तो उसको सेव्ड ऑडियंस कहते हैं। सेव्ड ऑडियंस का मतलब क्या है? के अगर मैंने कोई रियलस्टेट का कैंपेन बनाया हो और वहां पर मैंने रियलस्टेट लीड्स के नाम से उस ऑडियंस को सेव कर दिया हो तो इन फ्यूचर अगर कभी भी वो अगर कैंपेन और वो ऑडियंस बहुत अच्छा परफॉर्म करा तो मान लीजिए कुछ टाइम बाद मैं दोबारा से रियलस्टेट की लीड चाहता हूं तो उस ऑडियंस को दोबारा क्रिएट करूंगा। उसकी बजाय मैं सेव्ड ऑडियंस के अंदर अगर मैंने वो ऑडियंस जो मैंने बनाई थी पहले उसको मैं यूज़ कर लूं तो मेरे को ऑडियंस दोबारा बनाने की जरूरत नहीं है। तो उसको सेव्ड ऑडियंस कहते हैं। ठीक है?
उसके बाद यहां पर नीचे आता है इधर यहां पर देखिए कस्टम ऑडियंसेस में ऑप्शन है क्रिएट न्यू में जब क्लिक करूंगा तो कस्टम ऑडियंस और लुक लाइक ऑडियंस।
कस्टम ऑडियंस क्या है वो ऑडियंस जो हम जनरेट करते हैं। जनरेट कैसे हमने पिक्सल्स ऐड करें हमारे Facebook के हमारे Facebook ऐड अकाउंट के पिक्सल हमने अपनी वेबसाइट में ऐड करें। साथ में हमारे ऐड अकाउंट में हमारा Facebook का पेज, Instagram का पेज भी कनेक्टेड है। तो जब हमारी ऑडियंस या हमारे यूज़र्स हमारी वेबसाइट पे जाएंगे, कोई पर्टिकुलर एक्शन परफॉर्म करेंगे या हमारे Facebook पे आएंगे, पोस्ट लाइक करेंगे, देखेंगे या वीडियो व्यू करेंगे, ऐसे Instagram के ऊपर। तो ये सारा ऑडियंस अलग-अलग हम क्रिएट कर सकते हैं। जैसे Google में हम एक ऑड एक लिस्ट बनाते हैं। ठीक है? तो वहां पर हम वेबसाइट विजिटर्स की लिस्ट बनाते हैं। YouTube विजिटर की लिस्ट बनाते हैं। अलग-अलग कस्टम लिस्ट बनाते हैं। वैसे यहां पर भी हम कस्टम ऑडियंस क्रिएट कर सकते हैं। जैसे मेरी वेबसाइट पे जो लोग विजिट करा है, जिन्होंने मेरे Facebook पेज से इंटैक्ट करा है, जिन्होंने वीडियो से इंटरेक्ट करा है, जो Instagram पे इंटैक्ट करा वो हम उनके अलग-अलग कस्टम ऑडियंस बना लेंगे। तो जितने टाइम के अंदर जितने ज्यादा यूज़र्स वगैरह हमारा विजिट करेंगे मान लो मैंने वेबसाइट कस्टमर कस्टम ऑडियंस बनाई तो वेबसाइट पे 6 महीने के अंदर मान लो 10,000 लोगों ने विजिट करा तो 10,000 लोगों का कस्टम ऑडियंस बन गया। अब मैं उसको टारगेट कर सकता हूं। उसको यूज़ कर सकता हूं ऐड के अंदर कैंपेन के अंदर उस ऑडियंस को ऐसे ही Facebook और Instagram के ऑडियंस को और ये और और भी तरीके की है।
अब ये सब कस्टम ऑडियंस कैसे क्रिएट करेंगे? इसके बाद अपकमिंग वीडियोस के अंदर मैं आपको प्रैक्टिकल सिखाऊंगा क्योंकि वो इंपॉर्टेंट है। ठीक है? क्योंकि उससे आप कस्टम ऑडियंस टारगेट कर रहे हो जो हाईली मतलब मतलब उससे कन्वर्शन के चांसेस ज्यादा है। उससे आप रीम मार्केटिंग कर सकते हो। ठीक है? वो हमारे लिए ज्यादा हॉट ऑडियंस है।
और मान लो कि मेरी वेबसाइट के ऊपर अब लुक लाइक ऑडियंस क्या है? ये इसके नीचे ऑप्शन आ रहा है। अब कस्टम ऑडियंस में मैंने आपको क्या बताया कि मैंने वेबसाइट विजिटर की एक कस्टम ऑडियंस बनाई। अब 6 महीने में 10,000 लोगों ने विजिट करा तो मेरे पास 10,000 का ही तो डाटा है। मगर उसी ऑडियंस को यूज़ करके अगर मैं लुक लाइक ऑडियंस बना लूं। मतलब उन 10,000 जो ऑडियंस है, कस्टम ऑडियंस जो वेबसाइट विजिटर्स है उन जैसे और भी जो Facebook के ऊपर ऑडियंस है मेरे को सिमिलर ऑडियंस भी Facebook टारगेट करे। दैट इज़ लुक लाइक ऑडियंस। मतलब जो हमारे लिए बढ़िया ऑडियंस है कस्टम ऑडियंस ठीक है जो हमारे लिए मतलब आप कह लो कि वो डाटा बहुत ही मीनिंगफुल डाटा है यूज़फुल डाटा है बट ऐसा ही और ऑडियंस हमको दे Facebook इसी तरीके का ताकि हमको बेटर कन्वर्जंस आए ठीक है हमारे को बेटर रिजल्ट्स आए तो उसको लोकल लाइक ऑडियंस कहते हैं।
तो बेसिकली सेव्ड ऑडियंस कस्टम ऑडियंस और लोकल लाइक ऑडियंस आपको समझ में आ गया होगा। होगा। अब अपकमिंग वीडियो के अंदर कस्टम ऑडियंस भी क्रिएट करना सीखेंगे अलग-अलग तरीके से और लोकल एक ऑडियंस भी क्रिएट करना सीखेंगे। हम एक-एक छोटी से छोटी बेसिक्स एडवांस चीजें आपको इस कोर्स के अंदर कवर करेंगे। ऐसे ही सीखते रहिएगा। उम्मीद करता हूं ये टॉपिक क्लियर हुआ होगा। थैंक यू। [संगीत]