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Micromax 2.0 or Realme Killer? Truth About Ai+ Smartphone Brand…

Utsav Techie17:42

Transcription

कई सालों तक इंडिया के स्मार्टफोन मार्केट में सिर्फ एक ही इंडियन ब्रांड था और वो था लावा। क्योंकि Microma को गए हुए तो सालों निकल गए। लेकिन अब जाके एक और नए ब्रांड की इंडिया के अंदर एंट्री होती है और उसका नाम है AI प्लस और यह कंपनी स्टार्ट करी है मिस्टर माधव शेठ ने।

अब देखा है तो मिस्टर माधव को आप Realme के दिनों से जानते होंगे कि Realme के सीई होते हैं। उसके बाद 2023 में Realme से रिजाइन करके ये लोग HTक यानी कि Honor कंपनी के फोन स्लॉट निकाले थे। लेकिन पिछले एक साल से Honor कंपनी यहां पे शांत थी। अब जाके खबर आती है कि Honor कंपनी का फोन आ रहा है। लेकिन Honor कंपनी का फोन जिस दिन नया ल्च होता है इस साल X9C एक भी ट्वीट एक भी पोस्ट मिनिस्टर माधव शेठ की तरफ से नहीं आता है। और यह देख के लगता है कि कहीं ना कहीं Honor और माधव शेठ का कहीं ना कहीं अब डिस्कनेक्शन हो चुका है क्योंकि अब वो यहां पे फोकस कर रहे हैं अपने खुद के ब्रांड AI प्लस के बारे में।

लेकिन एक बात बता देना चाहता हूं। AI प्लस देखा है तो इसके साथ-साथ माधव शेठ का नाम Aktate से भी जुड़ा है और कई सारी कंपनी से जुड़ा है। इवन मिस्टर माधव को अगर आप उनके Lindin प्रोफाइल पे भी जाकर देखेंगे तो यहां पे पता चलेगा कि आज भी वो एच टेक यानी कि ओनर के साथ एसोसिएटेड है। लेकिन ऑनर्स से रिलेटेड कई महीनों तक उन्होंने कोई ट्वीट या कोई पोस्ट उन्होंने नहीं किया है। सेकंड चीज यहां पे उनका नाम जोड़ा जाता है एलकाटेल से जहां पे वो एज अ टेक एडवाइजर यहां पे जुड़े हुए हैं। और एलgटेल की बात है कि एलकाटेल का जो ब्रांड नेम लाइसेंस है TCL कंपनी के पास है। और यह कंपनी नेक्स्ट सेल के नाम से इंडिया के अंदर ऑपरेट करी जिन्होंने TCL के साथ पार्टनरशिप यहां पे करी है।

इसके साथ सेकेंडरी बात आती है नेक्स्ट क्वांटम कंपनी की जिसकी भी सीईओ फाउंडर मिस्टर माधव शेठ है। ये कंपनी जो है यह माधव की खुद की है और इसी कंपनी का ब्रांड आया है AI प्लस जिसके अंदर उन्होंने अपने स्मार्टफोनस को निकाला है। अब देखा जाए तो इस बार क्या किया है कि जहां पहले मिस्टर माधव जो थे किसी चाइनीस कंपनी के साथ एसोसिएटेड थे। जहां Realme बात करें, Honor बात करें जहां पे इनके डिसीजन चाइना से लिए जाते थे। इस बार कहानी इन्होंने उल्टी करी है। इस बार उन्होंने डिसाइड किया कि इस बार मैं ही खुद जाके खुद फोन डिजाइन करेंगे। खुद बनाएंगे और इंडिया के लोगों को बनाकर भेजेंगे। जो कि एक अच्छी बात रहती है कि इंडियन कंपनीज़ होनी चाहिए और ज़्यादा से ज़्यादा ब्रांड्स इंडिया में ऑपरेट करने चाहिए जो कि बहुत ही अच्छी चीज़ है। लेकिन सवाल आता है क्या कहीं ये कंपनी Micromax 2.0 तो नहीं बनेगी या फिर Realme 2.0 या फिर Honor 2.0 क्योंकि कहीं ना कहीं वहां से तो उनका एक्सपीरियंस आ रहा है।

अब चलिए बात करते हैं कि AI प्लस स्मार्टफोन की पीछे की कहानी है। ऐसा क्लेम किया गया है कि इसके फोंस को डिज़ और इंजीनियर इंडिया में किया गया है और मैन्युफैक्चरिंग इंडिया में। मैंने पीछे से पता लगाने की कोशिश करी। कंफर्म होता है कि यह फोन इंडिया में असेंबलिंग हो रही है इन फोन की। सिर्फ मैं बोलूंगा असेंबलिंग क्योंकि आज भी 50 टू 60% कॉम्पोनेंट्स ही इंडिया में अवेलेबल होते हैं। अराउंड 40% कॉम्पोनेंट्स जो रहते हैं आपको इंपोर्ट करके लाने पड़ते हैं। और इंडिया में जो असेंबलिंग हो रही है ये हो रही है इनके नोएडा के प्लांट में जो कि इनका खुद का प्लांट नहीं है। इन्होंने यूनाइटेड टेलीिलिंक लिमिटेड नाम की कंपनी के साथ पार्टनरशिप करी है। वो अपनी फैक्ट्री में बना रहे हैं। और यूनाइटेड टेलीिंक्स वो कंपनी है जो यहां पे एक जमाने में कार्बन मोबाइल जो आते थे ना एक जमाने में कार्बन कंपनी के उससे एसोसिएटेड थी। उसमें पार्टनर थी और उसकी भी मोबाइल फस बनाती थी। तो हां वहां से भी एक कनेक्शन यहां पर मैंने पता लगाया।

इसके साथ ही बात करते हैं क्या ये एक फोन इन्होंने क्लेम किया अपनी एडवरटाइजिंग मटेरियल से कि हम चाइना के अगेंस्ट है और हम ट्रूली डेमोक्रेटाइज करेंगे टेक्नोलॉजी को बहुत सही है लेकिन आज भी इसमें 30 से 40% जो कॉम्पोनेंट्स है वो चाइनीस है एग्जांपल बात करें Don यूनi एसओसी के चिपसेट पे चलते हैं और यूनi एसओसी प्रॉपर चाइनीस कंपनी है और चाइना में अपने चिपसेट्स को बनाती है। यस ये बात आपको ध्यान रखनी है। इसके साथ ही बात करें तो जब ये प्रेजेंटेशन दे रहे थे अपनी तो इनके प्रेजेंटेशन में जो लोगो था स्क्रीन के ऊपर वहां पे आपको TikTok का भी नाम देखने को मिला था और यहां तक कि इनका जो UI है जिन लोगों ने टेस्ट किया वहां से पता चलता है कि कहीं ना कहीं यह फ्लाई Mi OS या फिर Realme UI की कॉपी लगता है। Fly MIOS वो है जो Meo के फोंस में आया करता था और Realme UI तो आप सबको पता है।

देखो कहा तो यह भी जा रहा था कि किसी ओडीएम पार्टनर को इन्होंने यूज़ किया होगा। वेल काफी हाई चांसेस है किसी ओडीएम पार्टनर को इन्होंने पकड़ा होगा। उसके हिसाब से अपना इन्होंने फोन डिजाइन करवाया होगा। लेकिन मैन्युफैक्चरिंग और असेंबलिंग का जो मेजर काम है वह इंडिया में कर रहे हैं। और मोस्ट प्रोबेबबली इन्होंने ज्यादातर कॉम्पोनेंट इंडिया से लिए होंगे। क्योंकि एक बात बताता हूं। बजट फोन के अंदर ज्यादातर चीजें इंडिया में मिल जाती है। लेकिन जितना महंगा फोन आप बनाओगे उतनी कम चीजें इंडिया में बनेंगी। एग्जांपल इंडिया में आप एलसीडी डिस्प्ले बनवा सकते हो लेकिन एमोलेड नहीं बनवा सकते। यहां पे मोबाइल फोन की फ्रेम यहां पे जो टाइप सी पोर्ट होता है, चार्जर होता है, केबल होता है। ये सारी बेसिक चीजें आपको यहां पर देखने को मिलेंगी।

लेकिन बात करी जाए तो इनका यहां पे मेजर फोकस रखा गया AI प्लस का कि ये लोग अपने ओएस को यहां पर प्रमोट कर रहे हैं जिसे नेक्स्ट क्वांटम OS कहा जा रहा है। अब एक अच्छा बात तो किया इन्होंने कि इन्होंने इसमें कोई एक्स्ट्रा ब्लोटवेयर्स वगैरह नहीं डाले। कोई फालतू की ऐप नहीं डाली जो आमतौर पे 5 से 10,000 के फोन के अंदर कॉमन रहती है। और लिटरली अगर 10,000 के नीचे बात करूं तो ट्रू जो प्योर Android का एक्सपीरियंस होता है ना वो मैंने अभी तक सिर्फ एक इंडियन कंपनी लावा की तरफ से देखा जो कोई फालतू ऐप नहीं डालती अपने मोबाइल फोन के अंदर। जबकि आप खुद देखिए Infinix देखिए, TNO देखिए, Xiaomi देखिए, Poco देखिए, सबके अंदर आपको और भी ज्यादा फालतू एप्स देखने को मिलती है।

लेकिन नेक्स्ट क्वांटम का जो OS है ना, इसमें एक दो चीजें मैंने नोटिस करी है। सबसे पहली चीज ये लोग अपना खुद का एक एप स्टोर ले आए। Play Store ले आए। मेरी नजर में एक Play Store लाने की, खुद का एप स्टोर लाने की कोई जरूरत नहीं है। Google का OSC आप लोग यूज़ कर रहे हो। Google ने Android बनाया और उसी के ऊपर अपनी लेयर लगाकर अगर इंडिया में बेच रहे हो तो बेचो। कोई प्रॉब्लम नहीं है। लेकिन अपना एक ऐप स्टोर जबरदस्ती डालना यह कोई सेंस नहीं बनाता। क्योंकि सच बात बताऊं मार्केट में जब Google का Play Store वहां पे लेटेस्ट ऐप मिलेंगी और वहां पे हर ऐप का वेरिफिकेशन सिक्योरिटी चेक सब कुछ Google अपने हाथ से कर रहा है। तो आपको ये सब करने की जरूरत क्या है? यह कॉमन सेंस की बात है। आज भी मोबाइल फोन के अंदर एप स्टोर आते हैं। लेकिन लोग जो रहते हैं ना Play Store को ही यूज़ करते हैं। तो वो मेरे को कोई सेंस बनता हुआ देखने को नहीं मिलता। अंटिल एंड अनलेस ये अपने एप स्टोर के साथ एडवरटाइजमेंट पुश ना करें। यह एक एक हिडन स्ट्रेटजी हो सकती है लॉन्ग टर्म के अंदर जहां पे लोग थोड़ा बहुत मोनेटाइज करें।

इसके साथ ही एक बात मैंने देखी कि यहां पे इनका कहना है कि प्राइवेसी फोकस्ड है। यानी कि आपका जो डाटा है जो कंपनी लेगी आपके मोबाइल फोन के साथ क्योंकि कोई भी आप मोबाइल फोन आप यूज़ करते हो उसके अंदर जो डाटा अगर आप एग्री करते हो टर्म्स एंड कंडीशन को थोड़ा बहुत जो डाटा रहता है मोबाइल फोन कंपनी के सर्वर पे जाता है कि आप कहां पर हो किस लोकेशन पर हो जिसका वो अपने हिसाब से यूज़ कर सकते हैं। लेकिन इंडियन गवर्नमेंट ने भी एक ऐसा रूल यहां पर निकाल दिया था जहां पे इनकरेज किया गया है स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर को कि अगर आप कोई भी डाटा यहां पे यूजर का ले रहे हो तो उसको आप इंडिया के सर्वर पर रखो। इस वजह से कई सारी कंपनीज़ इवन OPPO और जो BBK वाले हैं ना इन्होंने भी कुछ अपने सर्वर इंडिया में लगा दिए। तो हां अगर आप मोबाइल फोन यूज़ कर रहे हो तो उसके अंदर से डाटा वो इंडिया के सर्वर पे हर दूसरी कंपनी का रहता ही है इधर।

अगली चीज आती है कि जो डाटा ट्रैकिंग की प्रॉब्लम होती है और जो डाटा स्टोरिंग की प्रॉब्लम होती है ना वो कोई भी मोबाइल फोन मैन्युफैक्चर नहीं करता है। यह बिल्ट इन एप्स करती है जो कई बार आप डाउनलोड करते हो और ये जो थर्ड पार्टी एप्स होती है ना यही नुकसान पहुंचाती है क्योंकि ये आपका डाटा थर्ड पार्टी सर्वर और वो सर्वर चाइना में भी हो सकता है, अमेरिका में भी हो सकता है, रशिया में भी हो सकता है। वहां पे स्टोर कर रही हो और आपके डाटा के साथ क्या हो रहा है आपको नहीं पता। तो थर्ड पार्टी एफसी ज्यादा दिक्कतें करती है। ये बात तो आपको मान के रखना। कोई भी सोशल मीडिया आप चला रहे हो, भले ही WhatsApp चला रहे हो ना, आपकी कोई ना कोई ट्रैकिंग यह लोग यहां पे करते हैं। किसी ना किसी टाइप से थोड़ी बहुत चीजें तो यह लोग करेंगे।

लेकिन इसी के साथ ही यहां पर बात आती है कि इन्होंने एक इंटरेस्टिंग चीज की कि अपने मोबाइल फोन में Android 15 को डाल रहे हैं और Android 15 के अंदर यह लोग अपना एक प्राइवेसी डैशबोर्ड बना रहे हैं। यानी कि बैक एंड में Android के अंदर प्राइवेसी डैशबोर्ड होता है। लेकिन आगे इन्होंने अपनी विजेट लगाई है जहां पे पता लग सके कौन सी ऐप क्या डेटा को एक्सेस कर रही है। जो कि मेरी नजर में एक अच्छा तरीका है जो कम से कम ये थोड़ा ट्रांसपेरेंट हो रहे हैं। तो वो एक अच्छी चीज है। इसके साथ ही नेक्स्ट क्वांटम ओएस के साथ ये अपनी कम्युनिटी बिल्ड करने की कोशिश कर रही है ताकि लोग सजेस्ट कर सके कि फ्यूचर में कैसे प्रोडक्ट रहें सॉफ्टवेयर में क्या नए फीचर डालें और कम्युनिटी के साथ अगर एक प्रोडक्ट बिल्ड करेंगे तो एक अच्छा रहता है। ऐसा कई सारी कंपनीज़ करती है। इवन बात करें Xiaomi OnePlus कुछ ऐसे एग्जांपल्स हैं। इवन नथिंग भी एक एग्जांपल है जो कई बार कम्युनिटी के साथ थोड़ा बहुत यहां पे काम करते हैं। तो हां यहां पे ये लोग भी इस तरीके का काम कर रहे हैं जो कि एक पॉजिटिव साइन यहां पर देखने को मिलता है।

लेकिन हां ये एक सवाल आता है लास्ट में क्या ये जो पूरा जो फोन है ये किस तरीके से इसको मार्केट में प्रेजेंट कर रहा है? देखो इंडिया के फोन मार्केट में ना एक छोटी सी चीज है। यहां पे लोग है ना कई बार प्राइवेसी और सिक्योरिटी को इतना ज्यादा महत्व नहीं देते जितना लोग कन्वीनियंस को देते हैं या फिर ये लोग अपने हार्डवेयर को देते हैं। एक सिंपल सी बात है। लोग क्या बोल रहे हैं कि मेरे को हार्डवेयर अच्छा दे दो लेकिन मोबाइल फोन के सॉफ्टवेयर को थोड़ा मैं झेल लूंगा क्योंकि लोगों को कैमरा अच्छा चाहिए, डिस्प्ले अच्छा चाहिए, बैटरी अच्छी चाहिए, सारी चीजें अच्छी चाहिए। और इन्होंने देखा जाए तो फोन के अंदर एक चीज भी अच्छा खेले वो है इनकी प्राइसिंग। ₹5,000 में AI P का 4G फोन आया है जो कि मेरी नजर में काफी एक अच्छी चीज है क्योंकि इससे पहले ₹5,000 में आपको मोबाइल फस देखने को नहीं मिलते थे और 5000 में 4G फोन भी डिलीवर करना बहुत अच्छी चीज है क्योंकि इंडिया में 30 से 40 मिलियन यूजर ऐसे जो आज भी 2G फोन को यूज़ करते हैं और 2G को ये लोग 4G पे ला रहे हैं। एक जमाने में Jio ने Jio Phone Nex के साथ यही कोशिश करी थी लेकिन मार्केट में बिल्कुल ही फेल रहे थे क्योंकि उस प्रोडक्ट की कीमत भी ज्यादा थी। प्रोडक्ट क्वालिटी भी इतनी अच्छी नहीं थी और उनका विज़न यहां पे सही तरीके से मैच नहीं किया था। लेकिन यहां पे अगर प्रोडक्ट अगर सही है तो ₹5,000 में एक रिवोल्यूशन वाली चीज हो सकती है जिससे यह लोग मार्केट में एक ऐसे सेगमेंट पे जा सकते हैं जो एक स्मार्टफोन तो लेना चाहते हैं लेकिन उसके लिए खरीदने के लिए उनके पास पैसा नहीं है। तो ₹5,000 तक एक 4G फोन डिलीवर करना तो वो तो एक हेडशॉट देना पड़ेगा कि जो उन्होंने यहां पे करके दिखाया।

दूसरी चीज 5G फोन जो इन्होंने डिलीवर किया वो किया ₹8000 में जिसमें 6GB रैम 128 GB स्टोरेज और यूनi एसओसी का चिपसेट है। अब यूनi एसओसी का जो 5G प्रोसेसर T8200 जो यूज कर रहा है उसके बारे में बात बता देता हूं। ये 6 एनm बेस्ड प्रोसेसर है और इस प्रोसेसर को अगर आपको कंपेयर करना है तो आज से 2 साल पहले MediaTek डिमceिटी के जो प्रोसेसर आते थे 10 से ₹15,000 के सेगमेंट में यह उनकी बराबरी करेगा। और मेरी नजर में क्या यह है प्रोसेसर अच्छा है कि खराब है? देखो ₹8,000 के हिसाब से एक डिसेंट प्रोसेसर कहूंगा नॉट द बेस्ट वन क्योंकि मार्केट में इससे अच्छे बेटर प्रोसेसर अवेलेबल है। जो Snapdragon का सबसे सस्ता 5G प्रोसेसर आता है Snapdragon 4S Zen2 उससे बेटर है क्योंकि 4S J2 में Airtel 5G का सपोर्ट नहीं है। वो सिर्फ Jio के स्टैंड अलोन 5G को सपोर्ट करते हैं। लेकिन यहां पे बाकी के जितने भी 5G बैंड्स होते हैं उनको सपोर्ट करेगा। तो यह एक एडवांटेज है। लेकिन मार्केट में ऑलरेडी कुछ ऐसे फोंस मौजूद है। इवन इंडियन कंपनी लावा की तरफ से बात करें जो ₹8,000 में डसिटी 6400 जैसा प्रोसेसर भी लेकर आ गई है। यह बहुत सही चीज है।

देखो यहां पे एक सिंपल सा कंपैरिजन बता देना चाहूंगा कि हम AI प्लस की तो बात कर रहे हैं लेकिन लावा एक ऐसी कंपनी है जो यहां पे थोड़ी सी अंडर रेटेड है। हाल ही में उन्होंने डिमceिटी 6400 के साथ नया फोन निकाला। अब वो पहला फोन होता है अपनी इस प्राइस रेंज में जिसमें वो आ रहा है। इसके साथ ही डिमceिटी 7060 के साथ ₹10,000 में फोन निकाला। वो भी वर्ल्ड्स का पहला फोन होता है अपने प्राइस पॉइंट पे। यानी कि लावा एक ऐसी कंपनी है जो यहां पे अच्छा काम कर रही है और धीरे-धीरे मार्केट में ग्रो कर रही है। लेकिन कई बार उसे वैसी पब्लिसिटी वैसा फिल्म देखने को नहीं मिलता है जैसा वो डिर्व करती है। ये एक चीज रहती है लावा कंपनी के साथ। इसी के साथ ही लावा के बारे में अगर मैं बात कर रहा था आप खुद एक बात ध्यान रखिए कि नथिंग अपने फोन 3 ₹80,000 में ग्लिफ मैट्रिक्स ला रही है पीछे एलईडी लाइट्स लगा के। लेकिन लावा जैसी कंपनी ने पिछले साल ही ₹00 में एक फोन निकाल दिया था जिसके अंदर पीछे आपको प्रॉपर डिस्प्ले देखने को मिल रहा है। कहां ₹80,000 का फोन, कहां ₹000 का फोन। तो हां यार लावा वाले काम कर रहे हैं और अपने प्रोडक्ट को धीरे-धीरे बेटर कर रहे हैं।

लेकिन वहीं बात करूं AI प्लस की तो हां इन्होंने देखा तो कुछ चीजों पर काम किया है। जैसे कि ₹5000 में 90 हर्टz का डिस्प्ले दे रहे हैं और 120 हर्टz का डिस्प्ले दे रहे हैं ये लोग यहां पे अपने ₹8000 के फोन में बैटरी वही 5000 एमh की 180 व की चार्जिंग को यहां पे प्रोवाइड कर रहे हैं। यहां तक की बात की जाए तो 50 के मेन कैमरा को दे रहा है। ओवरऑल उन्होंने डिसेंट फोन बनाने की कोशिश करी है जिससे इंडिया के मास मार्केट को पहुंचाया जा सके और जो लोग अभी 5G अफोर्ड नहीं कर पा रहे उन तक 5G पहुंचाया जाए और जो लोग 2G फीचर फोन के साथ हैं वो उनको 4G फ्यूचर फोन पहुंचाया जाए जिस तेजी से लोग मार्केट का एक बड़ा शेयर यहां पे कैप्चर कर सकते हैं। ये कुछ अच्छी चीजें है।

लेकिन अब बात आती है इस फोन को ले कहां सकते हैं और फोन की सर्विस वगैरह के साथ इनका क्या सीन रहेगा। देखो सबसे पहली चीज तो यह कि इंडिया के अंदर मोबाइल फोन का जो स्पेस रहता है ना यहां पे अब जब आप मोबाइल फोन बेचने आते हो तो आप ऑनलाइन या ऑफलाइन जाते हो और उन्होंने ऑनलाइन के अंदर पार्टनरशिप करी है Flipkart के साथ तो Flipkart के अंदर आप इसे खरीद सकते हैं। लेकिन इनका एक नया मॉडल यहां पर आ रहा है जो कि आ रहा है डायरेक्ट टू डीलर वाला मॉडल यानी कि कोई भी अगर स्मार्टफोन बेचता है ना तो इनकी वेबसाइट से डायरेक्टली स्टॉक को ऑर्डर कर सकता है। अपनी दुकान पे रख सकता है और ज्यादातर पुश कर सकता है। क्योंकि एक सच बात बताऊं जिस प्राइस रेंज पे ये लोग फोन बेच रहे हैं ना इस प्राइस रेंज पे ना लोग ऑनलाइन फोन नहीं खरीदते। ₹5000 में अगर बात करी जाए ना तो जो लोग फोन खरीद रहे होंगे वो तो अपना सेकेंडरी फोन खरीद रहे होंगे या कोई अगर अपना पहला फोन खरीद रहा होगा ना ₹5000 में वो दुकान में जाकर खरीदेगा वो Flipkart की सेल में जाकर नहीं खरीदेगा क्योंकि हो सकता है कि वो इंटरनेट का एक्सेस ही उसके पास लिमिटेड हो। यह बात सोचनी पड़ेगी। इवन ₹5,000 ₹8,000 ऐसी रेंज रहती है जहां पे लोग ऑनलाइन वीडियो देखकर भी फोन नहीं खरीदते। क्योंकि इंडिया में 10,000 से लेके ₹00 का जो मार्केट है वह 70% कवर करता है और उस रेंज में ही यहां पर मेरे पास डाटा है जहां पे लोग ऑनलाइन में ज्यादा फोन खरीदना पसंद करते हैं। जितना आप बजट में चले जाते हो ना उतनी डिमांड कम होती है। उतना बोलते हैं कि यार सामने वाली दुकान पे जाओ सीधे पैसे जाके खरीदो। मेंटालिटी रहती है।

लेकिन हां ये डायरेक्ट टू डील वाला जो मॉडल इन्होंने निकाला है ना कि डीलर इनकी वेबसाइट से ऑर्डर करके मार्जिन पे रख के फोन बेच सकता है। तो अच्छी चीज है। बस प्रॉब्लम इधर ये रह सकती है कि ये फोन हो सकता है ऑनलाइन सस्ता मिले लेकिन ऑफलाइन में थोड़ा महंगा हो सकता है। ये एक बात यहां पे ध्यान रखनी है।

इसके साथ अगली चीज आती है सर्विस की। सर्विस में इन लोगों ने पार्टनरशिप करी है जीप्स के साथ। पर्सनली मेरा जो जीप्स के साथ एक्सपीरियंस है वह इतना अच्छा रहा नहीं क्योंकि जीप्स जो है वो एक पार्टनर है Flipkart का और Flipkart के कई सारे प्रोडक्ट्स की जो आफ्टर सेल सर्विस होती है वो जीप्स प्रोवाइड करता है तो वो एक ऊपर नीचे वाली चीज हो जाती है क्योंकि वो एक मल्टी ब्रांड सर्विस सॉल्यूशन प्रोवाइड करते हैं यानी कि मल्टीपल ब्रांड्स को हैंडल करते हैं तो वहां पे डिपेंड करता है कि आपके एरिया में सर्विस कैसी कॉम्पोनेंट्स की अवेलेबिलिटी है या नहीं है। तो ये एक चीज रहती है।

इसके साथ ही बात की जाए तो मिस्टर माधव का यह भी कहना है यहां पे जो AI प्लस है ना यह सिर्फ स्मार्टफोन बना के नहीं रुकने वाली अलग-अलग एक्सेसरीज में जाएगी। इन्होंने अपना एक प्रोडक्ट भी टीस किया है जिसका नाम इन्होंने रखा है कि ये अपना वियर बड्स लाने वाले यानी कि स्मार्ट वॉच होगी उसके अंदर इयरफोंस भी रहेंगे। हालांकि ये कोई कांसेप्ट नए नहीं है। पिछले साल Huawei ने भी ऐसी स्मार्ट वॉच वगैरह निकाली थी और इस टाइप की चाइनीस कंपनी भी वॉचेस वगैरह यहां पर निकालती है। तो ये अपना किस फ्लेवर में ला रहे हैं? कोई रिब्रांड कर रहे हैं, किसी ओडीएम का यूज़ कर रहे हैं यह पता नहीं अभी तक। लेकिन हां यह भी एक इंटरेस्टिंग प्रोडक्ट हो सकता है।

देखो इन द एंड मैं आपको बोलना चाहूंगा कि कंपनी आई है अभी आई है। शोर मचाया है। चाइनीस कंपनीज़ के साथ कंपटीशन कर रहे हैं जो ठीक है। लेकिन मेरी नजर में अब ये होना चाहिए कि कंपनी ना यहां पे रास्ता छोड़ के भागना नहीं चाहिए। Micromax के फेलियर होने का रीज़न ये था कि एक बार उन्होंने बहुत ज्यादा ओवर प्रॉमिस कर दिया। देखो पहली बार Micromax इसलिए फेल हुई थी क्योंकि वो चाइना से इंपोर्ट करके ला रहे थे फोन को। इंडिया में ज्यादा कुछ था नहीं उनका। जिस वजह से चाइनीस कंपनीज़ इंडिया में आ गई और उन्होंने Micromax को अंडर कट करना शुरू कर दिया और उसके बाद जब 4G रिवोल्यूशन आया Jio का तब Micromax के पास ज्यादा 3G फोन थे 4G में वो कुछ कर नहीं पाए मार्केट से आउट हो गए। यू का भी बढ़िया फोन बनाते थे लेकिन वो भी ढंग के फोन नहीं निकाल पाए। कंसिस्टेंट नहीं रह पाए। वो मार्केट से आउट हो गए। सेकंड इनिंग जब Micromax ने इन मोबाइल्स के साथ खेली तो वहां भी बताऊं दिक्कत क्या थी? खूब हवा बना के इन्होंने यह बताया कि हम एक अच्छा फोन बना रहे हैं जिसके अंदर स्टॉक Android है। ये है वो है। कुछ फ़स उनके वाकई में अच्छे स्पेसिफिकेशन वगैरह काफी सही थी उनके साथ। लेकिन प्रॉब्लम क्या थी? क्वालिटी के इशूज़ थे, सर्विस नहीं थी, अपडेट्स नहीं मिले। जिस कारण से कंपनी के ऊपर लोगों का भरोसा उठ गया और कंपनी ने क्लेम किया था कि 5G फोन भी जल्दी निकालेंगे। लेकिन आज तक Micromax का कोई 5G फोन आया नहीं। जबकि लावा जैसी कंपनी मार्केट में टिकी रही। हल्के-हल्के धीरे-धीरे काम करती रही और धीरे-धीरे अपने 5G पोर्टफोलियो को बिल्ड किया। जैसे कि लावा ने अपना पहला अग्नि 5G फोन निकाला। अग्नि 2 में ग्लास बिल्ड को लेकर आए। अग्नि 3 में यह लोगों ने पीछे डिस्प्ले को डाला और यहां तक कि अलग-अलग काम यहां पर करते रहे क्योंकि उन्हें पता है कि धीरे-धीरे मार्केट में करते रहेंगे। एक-एक चीज को इंप्रूव करते रहेंगे तो लॉन्ग टर्म तक सस्टेन कर सकते हैं। लेकिन आप एक बार हवा बना के मार्केट से टोटली गायब हो जाओ। यहां पे लोगों का जो भरोसा रहता है वो है।

तो क्या मैं AI PS को रेकमेंड करता हूं? अभी सच बात बताऊं अगर बजट बिल्कुल ही कम है क्योंकि इस रेंज में 5000 में तो 4G फोन मिलेगा ही नहीं। को ऑब्वियसली कोई आदमी देख सकता है। लेकिन एक सजेशन मेरा यह रहेगा कि AI प्लस जैसे ब्रांड के ऊपर ट्रस्ट करने से पहले कि इसे मार्केट में थोड़ा स्टैब्लिश हो जाने दो। थोड़ा टाइम निकल जाने दो। उसके बाद ही सजेस्ट किया जा सकता है कि ये अपने वादों पे खरे उतरे कि नहीं उतरे। जैसे कि सॉफ्टवेयर अपडेट के बारे में कुछ नहीं पता है कि कब आएंगे। तो वो देखने वाली बात होगी। जो प्राइवेसी के ऊपर क्लेम कर रहे हैं कि अब वाकई में इनका जो ओएस है कितना प्राइवेट है ये देखने वाली बात है और बोला गया है कि हम लोग चाइनीस कंपनीज़ के अगेंस्ट है लेकिन फिर भी प्रोसेसर ये लोग चाइनीस यूज़ कर रहे हैं तो वो भी एक चीज है तो हां कुछ चीजों में इन्हें सही तरीके से उतर जाने दो मार्केट में सही तरीके से बन जाने दो उसके बाद ही कंपनी आगे कैसे इवॉल्व होती है ये देखने वाली बात होगी इसके बाद जब इनसे पूछा गया था कि आपका जो फोन रहेगा इतना सस्ता यहां पर क्यों है तो इनका यह कहना था कि हमने फोन के अंदर सिर्फ 5% का मार्जिन रखा है। तो यार यह भी एक देखने वाली बात है कि 5% के मार्जिन पे लोग किस तरीके से खेल रहे हैं और कितना ज्यादा सस्टेनेबल हो सकता है। क्योंकि एक सच बात बताऊं क्या एक जमाने में Xiaomi भी कहती थी हम 5% का मार्जिन खेलते हैं। लेकिन उसके बाद धीरे-धीरे उनकी कहानी बदलती चली गई। मोबाइल फोन में ब्लोटवेयर एड्स आ गए और आज के समय में Xiaomi जैसी कंपनी प्रीमियम में स्ट्रगल करती है। तो अब Ai P की बात रहेगी कि AI Plus के फ्यूचर प्रोडक्ट टाइम पे आते हैं। किस तरीके से आते हैं वहां पे? क्योंकि बजट फोन के साथ यही प्रॉब्लम रहती है कि उनका ब्रांड परसेप्शन जो रहता है ना वह बिल्कुल ही सस्ते फोन के ऊपर चले जाता है। लोगों के साथ इशू यह रहता है कि अगर एक फोन के लिए ब्रांड के लिए अगर वो कम पैसा देने को तैयार हो गए ना तो फिर उस ब्रांड के लिए ज्यादा पैसा नहीं निकालते। Realme के साथ सेम प्रॉब्लम, Xiaomi के साथ सेम प्रॉब्लम। लोग आज भी उनके महंगे फोन नहीं जाके खरीदते। यही दिक्कत AI Plus के साथ हो सकती है आने वाले समय में।

देख के अच्छा लगा कि एक और इंडियन कंपनी आ रही है। अच्छे प्रोडक्ट निकाले, सही तरीके से काम करें, सही तरीके से लगी रहे मार्केट में। बहुत अच्छी बात है। मैं तो चाहूंगा आगे चलके 15, 20,000 में भी बढ़िया फोन कंपिटिटिव फोन कंपेटिटिव प्राइस में निकाले, अच्छा कैमरा निकाले। बहुत ज्यादा जरूरत है इन सबकी। मैं तो इनकरेज करूंगा कि कंपनी आगे ग्रो करे। लेकिन हां, अभी थोड़ा सा हम रुकते हैं इस कंपनी को देखते हैं कि किस तरीके से काम करती है। क्या सेल्स रहती है, आगे चलके कितना ग्रो करती है और देखने वाली बात यह रहेगी कि कंपनी यहां पे भागती नहीं है या फिर मिस्टर माधव भी पांचवी छवीं कंपनी के ऊपर कूदते नहीं है। यह भी एक आने वाले समय में देखने वाली बात होगी। आप लोगों का AI प्लस या जो पूरा जो नया ब्रांड आ रहा है इंडिया के स्मार्टफोन मार्केट में कुछ नई कंपनीज़ कूद रही है। तो उस बारे में आपका क्या कहना है? नीचे कमेंट में बता सकते हैं। थैंक यू बने रहने के लिए। मैं आपसे मिलता हूं अपने नेक्स्ट वीडियो के अंदर। गुडबाय।