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नमस्कार साथियों, स्वागत है आप सभी का आपके अपने YouTube चैनल यूपी संगम बाय एमडी क्लास पर। आज हम लोग बात करने वाले हैं एक ऐसा टॉपिक, जिसका नाम है वर्णमाला। वर्णमाला से आपके एग्जाम में अक्सर प्रश्न बनते रहते हैं, और वर्णमाला एक ऐसा चैप्टर है जो अक्सर एग्जाम में आपको देखने को मिलता है सिलेबस के थ्रू। तो चलिए, आज हम लोग बात करने वर्णमाला के बारे में। वर्णमाला को एक क्रम से लेकर चलेंगे हम लोग, और जितने पॉइंट्स हैं उनको समझेंगे।
तो वर्णमाला की बात करें साथियों, ये दो वर्णों से मिलकर बना है। दो शब्दों से मिलकर बना है: वर्ण और माला। अगर इसकी परिभाषा को देखा जाए, तो कहते हैं वर्णों या लिपि चिन्हों का व्यवस्थित क्रम क्या कहलाता है? वर्णमाला कहलाता है। इसके अलावा, साथियों, वर्णों का व्यवस्थित समूह कहा जाए, तो वो भी क्या कहलाता है? वर्णमाला कहलाता है।
तो आगे हम लोग बात करेंगे तो हिंदी में वर्णमाला, हिंदी वर्णमाला में वर्णों की जो संख्या होती है। हिंदी वर्णमाला में वर्णों की संख्या कितनी होती है भाई? हिंदी वर्णमाला में वर्णों की संख्या 52 होती है। लेकिन अब कितनी हो गई साथियों? लेकिन अब हो गई है कितनी? अब इसमें प्लस एक और जुड़ जाता है, जिसको क्या कहते हैं भाई? ये वाला चिन्ह कहते हैं। इसकी वजह से टोटल कितनी हो जाती है? टोटल हो जाती है 53। यानी हिंदी वर्णमाला में अब जो है, वर्णों की संख्या कितनी है? 53 है। अगर हम कहें कि विशिष्ट वर्ण छोड़, विशिष्ट वर्ण को छोड़कर हिंदी वर्णमाला में वर्णों की संख्या कितनी है? तो कहेंगे सर, 52 है। लेकिन अगर हम विशिष्ट वर्ण को ऐड करते हैं, तो टोटल कितनी हो जाती है? 53 हो जाती है। अगर इस 52 के अंतर्गत देखेंगे, तो उछिप या द्विगुण या तण व्यंजनों की संख्या दो होती है। जो कौन-कौन से होते हैं भाई? ण और क्या होते हैं साथियों? ढ होते हैं। संयुक्ताक्षरों की संख्या कितनी होती है? चार होती है: छ, त्र, ज्ञ और क्या होते हैं? श्र होते हैं। वहीं पर अयोगवाह की बात करें साथियों, अंग और कौन होते हैं? अः होते हैं। अंग को क्या कहते हैं? अनुस्वार कहते हैं। अः को क्या कहते हैं साथियों? विसर्ग कहते हैं।
आगे देखिएगा, इसमें स्वरों की संख्या कितनी होती है? 11 होती है। जबकि व्यंजनों की संख्या कितनी होती है? 33 होती है। आगे अगर हम लोग बात करें साथी, हिंदी वर्णमाला में मूल वर्णों की संख्या के बारे में। हिंदी वर्णमाला में जो मूल वर्णों की संख्या, वो कितनी है भाई? 44 है। जिसमें स्वरों की संख्या 11 और व्यंजनों की संख्या कितनी है साथियों? 33 है। उच्चारण के आधार पर हिंदी वर्णमाला में वर्णों की संख्या 45 होती है। जिसमें 10 क्या है साथियों? स्वर हैं। 10 क्या है भाई? अगर हम बात करें 10 स्वर की, तो 10 स्वर हो गए। 33 क्या हो गए साथियों? व्यंजन हो गए। दो क्या हो गए? अयोग व हो गए। टोटल कितने हो गए भाई? 45 हो गए। यानी अगर आपसे कहा जाए उच्चारण के आधार पे स्वरों की संख्या कितनी होगी? तो कहिएगा सर, 10 होती है। जिसमें ऋ को स्वर नहीं माना जाता है। किसके अनुसार? डॉ. भोलनाथ तिवारी के अनुसार। तो इसीलिए स्वरों की संख्या कितनी मानी जाती है? उच्चारण के आधार पे 10 मानी जाती है। परंपरागत आधार पर हिंदी वर्णमाला में वर्णों की संख्या 49 होती है। क्योंकि उस समय हम लोग किसका प्रयोग नहीं करते थे भाई? श्र का प्रयोग नहीं करते थे। तो इसलिए यहां पर स्वरों की संख्या 13 हो गए। 33 क्या हो गए? व्यंजन हो गए। तीन क्या हो गए? संयुक्ताक्षर हो गए। इस प्रकार 49 है, जिसमें हम लोग उचित व्यंजन या तड़नजात व्यंजन का प्रयोग नहीं करते हैं।
आगे देखा जाए, वर्ण की बात करें साथियों। इसे लिपि चिन्ह भी कहते हैं। वर्ड को क्या कहते हैं साथियों? लिपि चिन्ह भी कहते हैं। यह भाषा की लिखित रूप से सबसे छोटी इकाई है। यह भाषा की लिखित रूप से क्या है साथियों? सबसे छोटी इकाई है। अगर इसकी बात करें, साथियों कहते हैं ध्वनि का वह आंशिक रूप, ध्वनि का व आंशिक रूप, ध्वनि का वह आंशिक रूप जो अखंडित हो। रूप जो अखंडित हो, क्या कहलाता है? कहेंगे सर, वर्ड कहलाता है। आगे अगर हम लोग देखें इसके, तो कहते यह भाषा की लिखित रूप से सबसे छोटी इकाई। भाषा की इकाइयों का आरोही क्रम देख लिया जाए। ध्वनि भाषा की मौखिक रूप से सबसे छोटी इकाई है। इसके अलावा साथियों, अगर हम इसकी बात करें वर्ड की, तो वर्ड क्या है साथियों? भाषा की लिखित रूप से सबसे छोटी इकाई है। यहां पे लिखा हुआ है। इसीलिए आगे देखिए, अक्षर क्या है? भाषा की अविनाशी इकाई। शब्द की बात करें, भाषा की लघुत्तम सार्थक इकाई है। जबकि वाक्य की बात करें, भाषा की सबसे बड़ी एवं सार्थक इकाई क्या है साथियों? वाक्य है।
आगे देखा जाए, ध्वनि का वंशिक रूप जो अखंडित हो, वर्ण कहलाता है। ये परिभाषा मैंने बता दी है। वर्ण के प्रकार मुख्यतः कितने माने जाते हैं? स्वर और व्यंजन। अच्छा, कुछ किताबों में तीन दिया हुआ है। तीसरा कौन सा है साथियों? अयोगवाह है। लेकिन आप सभी को मैं बता दूं, कामता प्रसाद गुरु के अनुसार वर्णों की संख्या। वर्णों के भेद जो होते हैं, दो ही होते हैं। एक होता है स्वर, दूसरा क्या होता है साथियों? व्यंजन होता है। व्याकरण का प्रथम तत्व किसे माना जाता है? व्याकरण का प्रथम तत्व वर्ण को माना जाता है। और भाषा का प्रथम तत्व किसे माना जाता है? ध्वनि को या स्वर को माना जाता है। व्याकरण तत्व देखेंगे: वर्ण विचार है, शब्द या पद विचार है, तीसरा कौन सा है साथियों? वाक्य विचार है। स्वर किसे कहते हैं? कहते हैं सर, स्वतंत्र रूप से बोली जाने वाली ध्वनियों को क्या कहा जाता है साथियों? तो स्वर कहा जाता है। यानी स्वर स्वतंत्र ध्वनि होती है। जबकि व्यंजन की बात करें, व्यंजन कैसी ध्वनि होती है? आश्रित या पराश्रित ध्वनि होती है।
स्वरों की संख्या को देखो: अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, उ, औ है। जबकि मात्रा की बात करें साथियों, अ की कोई मात्रा नहीं होती है। इसीलिए इसको क्या कहा जाता है? उदासीन स्वर कहा जाता है या शहीद स्वर भी कहा जाता है। ठीक है? आ की बात करें, तो ये मात्राएं इनकी है। मात्राओं की संख्या कितनी हो जाती है भाई? मात्राओं की संख्या 10 हो जाती है। जबकि स्वरों की संख्या 11 होती है। याद रखिएगा, स्वर पर मात्रा का प्रभाव जरूर पड़ता है। अ की मात्रा नहीं होती, किंतु उच्चारण करते समय एक मात्रा का समय लगता है। इसलिए इसे एकमात्रिक स्वर भी कहते हैं। वैसे अ को क्या कहा जाता है साथियों? उदासीन स्वर कहा जाता है और क्या कहा जाता है? शहीद स्वर भी कहा जाता है।
स्वर के प्रकार के बारे में देखा जाए साथियों। स्वर के प्रकार, पहला है ओष्ठ के आधार पे। तो ओष्ठ के आधार पे, यहां वृत्त मुखी स्वर है। दूसरा क्या है साथियों? तो वृत्त मुखी या वर्तुल स्वर है। वृत्तमुखी का मतलब ओठ की आकृति वृत्ताकार हो। अवृत्त मुखी का मतलब ओठ की आकृति वृत्ताकार ना हो। तो अवर्तुल का मतलब बिल्कुल गोल ना बने, तो इ, ई, ए, ऐ में गोल नहीं बनता। अर्धवर्तुल का मतलब होता है थोड़ा गोल बने। तो अ और आ में थोड़ा गोल बनता है। लेकिन इसमें पूरा गोल बनता है। इसलिए इसको क्या कहते हैं? वर्तुल। वर्तुल का मतलब क्या होता है साथियों? गोलाकार होता है। उ? ठीक है? ये ध्यान रखना है। आगे देखा जाए। अगला है भाई क्या? जीवा के आधार पे। जीवा के आधार पर स्वर के तीन भेद होते हैं: अग्र स्वर, मध्य स्वर और क्या होता है? पश्च स्वर होता है। इसमें अग्र स्वर की बात करें, तो इसमें क्या है? छोटी इ और बड़ी ई है, ए और ऐ है। क्या है भाई? छोटी इ है, बड़ी ई है और क्या है साथियों? ए और ऐ है। आगे अगर हम लोग देखें, तो मध्य स्वर की बात करें। मध्य स्वर अ है। वहीं पर प स्वर की बात करें, आ, उ, उ, उ और औ है। प्रयत्न के आधार पे चार भेद होते हैं। अच्छा, प्रयत्न के आधार पे इसी को कहा जाता है? इसी को क्या कहा जाता है साथियों? मुख द्वार खुलने के आधार पे। मुख द्वार खुलने के आधार पे भी कहते हैं इसको। मुख द्वार खुलने के आधार पे कितने होते हैं? कहेंगे सर, चार भेद होते हैं। कौन-कौन से होते हैं साथियों? कौन-कौन से हैं? विवृत्त स्वर। विवृत्त का मतलब होता है वे वर्ण जिनका उच्चारण करते समय मुख पूरा खुला हुआ हो। उसे क्या कहते हैं साथियों? विवृत्त स्वर कहते हैं। जैसे आ। वहीं पर अर्ध विवृत्ति की बात करें, तो आधा खुला हुआ अ, ऐ, अ ऐ और औ है। संवृत स्वर का मतलब, संवृत्त का मतलब क्या होता है? बंद या ढकाऊ, यानी वह स्वर जिसका उच्चारण करते समय मुख पूरा बंद हो। इ, ई, उ, ऊ। अर्ध संवित की बात करें, तो ये क्या बचा भाई? ए और ओ बचा है। तो ये हो जाएगा।
आगे अगर हम लोग देखें, तो अगला है पाठ हमारा। कह रहा है कि मात्रा या मात्रा यानी समय के उच्चारण के आधार पर, एक मात्रिक मूल स्वर, प्रथम प्राथमिक स्वर, ह्र स्वर, लघु स्वर। इनकी संख्या कितनी होती है साथियों? चार होती है: अ, इ, उ, ऋ होता है। लेकिन अगर उच्चारण के आधार पे ह्र स्वरों की संख्या पूछी जाए, तो क्या बताएंगे भाई? तीन बताएंगे। क्यों? क्योंकि मैंने पहले बता दिया, ऋ को स्वर नहीं माना जाता। द्विमात्रिक स्वर या संधि स्वर की बात करें, इसमें सजातीय स्वर आते। सजाती स्वर मतलब दीर्घ स्वर होते: अ, आ, इ, उ होते हैं। विजातीय स्वर जिसका संयुक्त स्वर भी कहते हैं। इसमें क्या होते हैं? ए, ऐ होते हैं; ओ, औ होते हैं। संख्या इनकी कितनी होती है साथियों? चार होती है। त्रिमात्रिक स्वर या जिसे प्लुत स्वर के नाम से भी जाना जाता है। इसमें क्या होता है साथियों? स्वर प्लस क्या होता है? ऐसे चिन्ह लगा दिया जाता है। जैसे लिखा देखो, ओम लिखा है, राम लिखा है, सोहन लिखा है। और इनकी संख्या कितनी होती है साथियों? कहते हैं प्लु स्वरों की संख्या नौ होती है। कितनी होती है भाई? नौ होती है। ठीक है? आगे देखा जाए।
अगला है साथियों, स्थान के आधार पे। स्थान के आधार पर देखें: कंठ स्वर है, अ और आ हो जाएगा। तालव्य स्वर है, छोटी इ, बड़ी ई हो जाएगा। उ स्वर है, उ और बड़ा ऊ हो जाएगा। मूर्धन्य स्वर ऋ है। कंठ तालव्य, ए और अ है। और कंठोष्ठ की बात करें साथियों, क्या है? ओ और अ है। और अच्छा ध्यान रखिएगा, ये साथियों ये जो विसर्ग लगा हुआ है, ये कंठ स्वर के अंतर्गत आता है। याद रखिएगा, विसर्ग का उच्चारण स्थान क्या है? कहेंगे सर, कंठ है।
आगे हम लोग बात कर रहे हैं किसके बारे में भाई? व्यंजन के बारे में। व्यंजन किसे कहते हैं? स्वर की सहायता से बोली जाने वाली ध्वनियों को व्यंजन कहते हैं। यह सब, यह जो हलंत वाले हैं, इनको कहा जाता है शुद्ध व्यंजन। क प्लस अ मिलके क्या हो जाता है? क हो जाता है। इसको क्या कहते हैं? व्यंजनाक्षर। या साथियों क्या कहते हैं? स स्वर व्यंजन कहते हैं। और इसी को देखिए, क की बात करें, तो हलंत युक्त व्यंजन हो गया। इसके साथ स्वर जोड़ते, तो ये व्यंजनाक्षर हो जाता है। व्यंजनों की संख्या कितनी होती है साथियों? 33 होती, जिसमें स्पर्श या स्पष्ट या वर्गीय व्यंजनों की संख्या 25 होती है। 25 कौन-कौन से हैं साथियों? देखेंगे: क वर्ग है, च वर्ग, ट वर्ग, त वर्ग और क्या है? प वर्ग है। जिसमें क वर्ग का उच्चारण स्थान कंठ यानी के है। टी तालव्य किसका है भाई? च वर्ग का टी है। मूर्धन्य किसका? ट वर्ग का एम है। और दंत की बात करें, तो किसका है? कहेंगे त वर्ग का है। इसका क्या है? डी है। प [नाक से की जाने वाली आवाज़] वर्ग की बात करें, उच्चारण स्थान ओष्ठ है। और इसको ओ कहते हैं। ये कैसे पहचाना? एक ट्रिक्स है KTM दो। यहां पे क से लेकर ङ तक आएंगे, च से लेकर ञ तक, ट से लेकर ढ तक, त से लेकर न तक, प से लेकर म तक। प्रत्येक वर्ग में वर्णों की संख्या कितनी होती है साथियों? पांच होती है। और ये जो लास्ट के पांच वर्ण होते हैं, इनको अनुनासिक व्यंजन, नासिक व्यंजन कहते हैं। और ये होते क्या है साथियों? प्रत्येक वर्ग का पांचवा अक्षर होता है। अंतस्थ व्यंजनों की संख्या चार होती है: य, र, ल, व। और यहीं पर ऊष्म या संघर्षी व्यंजन की बात करें, इनकी भी संख्या कितनी होती है? चार। य और स का उच्चारण स्थान तालव्य होता है। र और स का उच्चारण स्थान मूर्धा होता है। ल और स का उच्चारण स्थान दंत होता है। व का उच्चारण स्थान दंतोष्ठ और ह का उच्चारण स्थान क्या होता है साथियों? कंठ होता है। प्रयत्न के आधार पे अगर हम देखें, तो पार्श्विक व्यंजन कौन सा है? कहेंगे सर, ल है। लुंठित या प्रकंपित व्यंजन कौन सा है? र है। अर्ध स्वर या संघर्षहीन ध्वनि कौन सी है? य और व है। स्प संघर्षी व्यंजन की बात करें, कहेंगे सर, च वर्ग है। कोमल तालव्य व्यंजन क्या है साथियों? क वर्ग है। वस्त्र या दंत मूल व्यंजन क्या है? सरलन है। और देखिए, काकल्य स्वर यंत्र मुखी बोध वर्ण, प्राण वर्ण, उरस्य वर्ण किसका नाम है? कहेंगे सर, ह का नाम है। ये थोड़ा सा यहां से प्रश्न बनता है। इसको एक बार जरूर नोटिस कर लीजिएगा।
आगे देखिए भाई, संयुक्ताक्षर की बात करें साथियों। छ के बाद, छ के साथ कैसे? छ कैसे बनाते हैं? आधा क प्लस स से बनाते हैं। त्र, आधा त प्लस र हो जाता है। ज्ञ की बात करें, आधा ज प्लस ञ हो जाता है। श्र की बात करें, आधा स प्लस र हो जाता है। हिंदी शब्दकोश के अनुसार, क के बाद कौन सा वर्ड आता है? कहेंगे सर, छ आता है। ज के बाद कौन आता है? ज्ञ आता है। त के बाद कौन आता है? त्र आता है। और श के बाद कौन आता है? कहेंगे सर, श्र आता है। किसके अनुसार है? याद रखिएगा, हिंदी शब्दकोश के अनुसार है। ठीक है? आगे देखिए।
स्वर तंत्री के आधार पर वर्ण के प्रकार: घोष या सघोष है। वे वर्ग जिनका उच्चारण करते समय मुख से श्वास या वायु कंपन के साथ बाहर निकलती है, उसे क्या कहते हैं साथियों? घोष या सघोष वर्ण कहते हैं। प्रत्येक वर्ग का तीसरा, चौथा, पांचवा वर्ण क्या होता है? घोष या क्या होता है साथियों? सघोष होता है। जबकि अगर हम बात करें, इसके अलावा स्वर भी होता है, ह होता है, अंतस्थ व्यंजन होते हैं और क्या होते हैं साथियों? उच्छित व्यंजन होते हैं। अघोष की बात करें, तो कहते हैं सर, वे वर्ग जिनका उच्चारण करते समय मुख से केवल स्वास निकलती है, उसे क्या कहते हैं? अघोष वर्ण कहते हैं। इसमें क्या आता है? प्रत्येक वर्ग का पहला, दूसरा वर्ण होता है। श होते हैं। टोटल वर्डों की संख्या कितनी होती है? 13 हो जाती है। आगे देखिए। वायु या स्वास के आधार पे क्या होते हैं भाई? अल्पप्राण। वे वर्ग जिनका, वे वर्ग नहीं है वर्ण है, वे वर्ण जिनका उच्चारण करते समय मुख से कम श्वास निकलती है, उसे अल्पप्राण कहते हैं। जैसे प्रत्येक वर्ग का पहला, तीसरा, पांचवा वर्ण होता है, और क्या होते हैं? अंतस व्यंजन होते हैं, स्वर होते हैं और क्या होता है साथियों? ण होता है। जबकि महाप्राण की बात करें, तो कहते हैं वे वर्ण जिनका उच्चारण करते समय मुख से अधिक श्वास निकलती है, उसे क्या कहते हैं? महाप्राण कहते हैं। प्रत्येक वर्ग का दूसरा, चौथा वर्ण होता है। उष्म व्यंजन होते हैं और क्या होता है साथियों? अ होता है। ठीक है? इनकी संख्या कितनी हो जाती है? इनकी संख्या हो जाती है 10, 4, 1, 15 हो जाती है।
तो ये आपका आज का वर्णमाला का रहा है। बाकी मेरे साथ जुड़ सकते हैं। हिंदी बाय परम सर एमडी क्लासेस, जिसमें रात को 10:00 बजे क्विज कराते हैं। आप इसको भी ज्वाइन कर सकते हैं। 10:00 बजे क्विज होता है। ठीक है? चलिए, आज के लिए इतना ही। मिलते हैं अगली क्लास में अगले वीडियो के साथ। तब तक के लिए नमस्कार। टेक केयर। बाय-बय। मस्त रहिए, पढ़ते रहिए। जय हिंद, जय भारत।