Transcription
[संगीत] आज माता रानी की सबसे बड़ी भक्त के घर पाताली देवी की स्थापना होने जा रही है। यह तो हमारी जीत की सिर्फ शुरुआत है। बहुत जल्द पूरी दुनिया पर शैतानी राज होगा और यह जीत जश्न मनाए बिना अधूरी [संगीत] होगी। जय पाताली देवी। [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] बस बहुत देर हो चुकी, मैं जाकर को देख कर आता हूं। मैं आ गई। प्रेम [संगीत] जी, कहां चली गई थी आप? आपने मेरी जान नहीं निकाल दी? सर बेटा, ये क्या तरीका है? हमने तुम्हें कितना रोका, तुम्हें पुकारते रह गए तुम। तुम बाहर से दरवाज़ा बंद करके चली गईं। आप लोग प्लीज परेशान मत होइए, मैं बिल्कुल ठीक हूं और हमारे घर पर भी सब कुछ आगे बिल्कुल ठीक रहे इसलिए मैं गई थी। क्या मतलब है तुम्हारा, बेटा? [संगीत] मैं इस मूर्ति को लेने गई थी। इसे गायत्री देवी ने अपने तपोबल से सिद्ध कर दिया है ताकि हम इसे अपने घर में स्थापित कर दें और फिर हमारे घर पर कभी कोई संकट ना आए। लेकिन सिमर, तुम्हें कैसे पता कि यह मूर्ति? इसे गायत्री देवी की दिव्य शक्ति समझ लीजिए। वहां उन्होंने साधना शुरू की और यहां मुझे आभास हो गया कि उन्हें मूर्ति मिल गई है। बस इसीलिए मैं सब कुछ छोड़कर सीधे वहां चली गई। वो सब ठीक है, लेकिन दीदी आपको बता कर जाना चाहिए था। हम सब कितना परेशान हो गए थे। मुझे माफ कर देना, रली। आप सब लोगों से माफी मांगती हूं। मैं वो क्या है ना, उस वक्त जैसे ही मुझे आभास हुआ, मुझे और कुछ सूझ ही नहीं रहा था। इसलिए मैं सीधे बिना कुछ सोचे समझे गायत्री देवी के पास चली गई। लग रहा था कि जल्दी से इस मूर्ति को लाकर यहां पर स्थापित कर दूं ताकि मेरा परिवार सुरक्षित रह सके। कितनी भी जल्दी क्यों ना हो, सिमर, इस तरह किसी को बिना बताए कभी जा ही नहीं सकती। कहने का मतलब यह है, कहीं कोई और बात तो नहीं? मुझे लगता है हमें जल्दी से इस मूर्ति को स्थापित कर देना चाहिए। इस मूर्ति की स्थापना तो गायत्री देवी जी ही करेंगी ना? वो कहां है? वो गायत्री जी इस मूर्ति को मुझे सौंप कर साधना के लिए चली गई है। उन्होंने मुझसे कहा है कि जल्द से जल्द यह मूर्ति हमारे घर में स्थापित हो जानी चाहिए। तो चले आओ, बेटा। राए परे को राए। [संगीत] [संगीत] मेरा ज जति [संगीत] जति। मैं हार गई। खुशी को पाताली से बचा नहीं पाई। ष और देविका आपस में क्या बातें कर रही हैं? देविका, तुम क्या करती हो? तुमने तो अपनी तरफ से पूरी कोशिश की थी। [संगीत] और ये दोनों परेशान सी लग रही हैं। शायद उन्हें कुछ पता हो। माली ने सिमर दीदी का इस्तेमाल करके उस असली मुफती को हासिल कर लिया। वो हम सबसे ज्यादा शातिर है। सिमर दीदी को तो घर वापस भेज दिया और पता नहीं कहां छुपकर खुद बैठी है। यह भी समझ में नहीं आ रहा है उसका आगे का मकसद क्या है। देवि, अब हम क्या करें? क्या करेंगे हम? [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] रावे ले ल ार से [संगीत] [संगीत] पूरे लक्ष लक्ष चार का स्वर्ग ब [संगीत] जा और घर ब हे माता रानी। पता नहीं क्यों यह सब मुझे सही नहीं लग रहा। ऐसा लग रहा है जैसे हम सब खुद अपने हाथों से अपनी चिता की तैयारी कर रहे हैं। माता जी, आरती यहां हो रही थी और आप उस तरफ सर चुकाए खड़ी थीं? क्यों माता जी? कुछ नहीं बेटा, ऐसे ही आरती ले लीजिए। [संगीत] संभल के आरती। शरणागत परित्राण पराण सर्व शती हरे देवी नमस्ते। [संगीत] मायरना भरा हरे हे मातारानी। कुछ तो है जो हम देख नहीं पा रहे हैं और आप, आप तो सर्वज्ञ हैं। मुझे रास्ता दिखाइए माता रानी ताकि मैं इस अनहोनी को रोक सकूं। [संगीत] [संगीत] अरे ये खुशी और देविका अचानक ऐसे चले क्यों गए? जय देवी मां। मेरी मोहिनी और इंद्रावती के इंतकाम की शुरुआत होती है। अब आज से भारद्वाज परिवार मेरी पूजा करेगा और माता रानी उस कोने में बैठकर बस देखती रहेगी। [संगीत] [संगीत] आज मैं तुम्हें तुम्हारे लाल रंग से नहीं बल्कि अपने काले रंग में ढकूंगी। बा कारती पाप। [प्रशंसा] मेवा ममते ममते। [संगीत] ओ तो एक पत्थर की मूरत। पाताली से खेल खेल रही है। सर्व कोई बा नहीं। सर्व शक्ति समते सर्वर रूपे सर्व शे सर्व शक्ति संबंधी। [संगीत] भय [संगीत] ब्याही भ प्या [संगीत] ेे नमस्ते नमस्ते नमस्ते। [संगीत] अब क्या [संगीत] [संगीत] कर। रुक जाओ सी म [संगीत] क्या हुआ माताजी? सिमर बेटा, ये तुम क्या कर रही थी? तुम तो जानती हो कि माता रानी का श्रृंगार हमेशा लाल चुनरी से किया जाता है। तुम उन्हें यह काला कपड़ा क्यों पहना रही थी? अ माफ कीजिएगा माता जी। शायद मेरा ध्यान नहीं रहा इसलिए गलती से। सिमर से ऐसी गलती कैसे हो सकती है? कोई बात नहीं बेटा, मैं कर देती हूं। तब तक तुम सुजाता बहू के लिए फल काट दो। वो थोड़ी अस्वस्थ है। [प्रशंसा] [संगीत] जय माता [संगीत] दी। ऐसा क्यों लगता है जैसे हमारी सिमर बदल सी गई है? कहने का मतलब यह है, ऐसा महसूस होता है जैसे ये हमारी सिमर है ही नहीं, कोई और ही है। जय माता [संगीत] दी। नमस्ते माता जी। आओ आओ देविका। देविका, तुम सुबह सुबह? हां, चीनी चाहिए थी मुझे। ओ अच्छा, मैं अभी लाती हूं। और बेटा, मूर्ति बनाने का काम कैसा चल रहा है? अच्छा चल रहा है माता [संगीत] जी। मेरे शक को यकीन में बदलने के लिए बस एक इशारा ही काफी [संगीत] है। वा परिवा भी प्लेट तो बहुत सुंदर [संगीत] है। सिमल दीदी, लगी तो नहीं आपको? गलती से गिर गई मेरे हाथ से। मैं ठीक हूं। कोई बात नहीं। कोई बात नहीं सेवर बेटा, जाओ कमरे में जाओ, जाकर मरहम लगा लेना। हां, मैं पहले मां को फल दे देती हूं। [संगीत] [संगीत] तेरा की ज ब्रह साध साध [संगीत] राग है। मेरा शक सही निकला। पाताली अब सिमर दीदी के अंदर प्रवेश कर गई है। किसी भी तरह उन्हें पाताली के चंगुल से छुड़ाना होगा, वरना सब कुछ तबाह हो जाएगा। यह लो देविका। शुक्रिया। मैं आती हूं माताजी। हां बेटा। माता जी, नाश्ते की सारी तैयारियां हो गई हैं। मैं जाकर सबको बुलाकर लाती हूं। माता जी, मैं किचन में देखकर आती हूं, कुछ रह तो नहीं [संगीत] गया। ऐसा कैसे हो सकता है? कहीं मुझे भ्रम तो नहीं हो गया? इसके पीछे कोई तो राज है जिसके बारे में शायद देविका और खुशी जानते हैं। इससे पहले कि मेरे परिवार का सर्वनाश हो जाए, मुझे सच का पता लगाना ही [संगीत] होगा। फॉर मोर अपडेट्स लॉग ऑन टू colors.in.com। लाइक अस ऑन facebook.com। स्कवी। फॉलो अस ऑन twitter.com। स्कवी। फॉर मोर अपडेट्स लॉग ऑन टू colors.in.com। लाइक अस ऑन facebook.com। फॉलो अस ऑन t कॉ स्कर्वी। फॉर मोर अपडेट्स लॉग ऑन टू colors.in.com। लाइक अस ऑन facebook.com। कर्स टीवी। फॉलो अस ऑन twitter.com। स्कर्वी