📱

Get Our Mobile App

Take your business learning on the go!

Download on the App StoreGet it on Google Play

Complete AI Artificial Intelligence in One Shot (5 Hours) | In Hindi

5 Minutes Engineering5:10:23

Transcription

हेलो एंड वेलकम दोस्तों टू फाइव मिनट्स इंजीनियरिंग. आज का वीडियो वाकई बड़ा कमाल का होने वाला है दोस्तों, क्योंकि आज के इसी एक वीडियो में अखा का अखा पूरा का पूरा एआई, यानी अपना प्यारा सा सब्जेक्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इसे पूरी तरीके से समझने वाले हैं, डिटेल में अंडरस्टैंड करने वाले हैं, विद द हेल्प ऑफ माय हैंड रिटन नोट्स, जो कि ठीक इस समय आप अपने स्क्रीन पर देख पा रहे होंगे.

अगर देख पा रहे हैं तो एक और बार देखिए, बार-बार देखिए, क्योंकि ये वही हैंड रिटन नोट्स हैं, ये वही वन शॉट वीडियो रहने वाला है, जो कि आपके लिए काफी ज्यादा लाभदायक सिद्ध होगा. इन केस मान लीजिए आप अपने कॉलेज या यूनिवर्सिटी के सेमेस्टर एग्जाम्स के प्रप प्रिपरेशन कर रहे हैं, या किसी कंपटिंग एग्जाम की प्रिपरेशन जैसे कि भैया यूजीसी नेट के भैया आप प्रिपरेशन कर रहे हैं, तो उन हालातों में, उस उन केसेस में ये जो हैंड रिटन नोट्स है और ये जो वन शॉट वीडियो है, ये आपके लिए काफी ज्यादा हेल्पफुल प्रूफ होने वाला है दोस्तों.

ये जो नोट्स आपको सामने दिखाई दे रहे हैं, इनकी एक खास बात मैं बताऊं. पहली बात तो इसे मैंने खुद अपने हाथों से लिखा हुआ है. दूसरी बात ये है कि इसमें टू द पॉइंट बातें लिखी गई हैं, टू द पॉइंट. बस अननेसेसरी पन्नों को बढ़ाने के लिए इंफॉर्मेशन को ठूसा नहीं गया है. टू द पॉइंट बातें लिखी गई हैं, कांसेप्ट कवर किए गए हैं, जो भी आपके लिए इंपॉर्टेंट है समझना, जानना रिगार्डिंग दिस एआई सब्जेक्ट. और सारे के सारे कीवर्ड्स भी इसमें मेंशन किए गए हैं, और बहुत सारे ढेर सारे विजुलाइजेशंस एंड टंस ऑफ रियल लाइफ एग्जांपल्स आपके साथ मैं शेयर करने ही वाला हूं दोस्तों.

यहां पे बहुत सारे मुद्दे एआई के रिगार्डिंग जो है हम कवर करने वाले हैं, जैसे बेसिक इंट्रोडक्शन से शुरू करेंगे, उसके बाद एजेंट्स के बारे में बात करेंगे, फजी लॉजिक के बारे में बात करेंगे, प्रॉब्लम सॉल्विंग के बारे में बात करेंगे, नॉलेज रिप्रेजेंटेशन के बारे में बात करेंगे, और भी बहुत सारी चीजें. न्यूरल नेटवर्क आ जाता है, जेनेटिक एल्गोरिथम आ जाता है, प्लानिंग वाला पार्ट आ जाता है. तो ऐसे बहुत सारे मुद्दे हैं, उनके टॉपिक्स को भैया टाइम स् टाइम पॉइज मैंने यहां पे मेंशन कर दिया है. इन केस अगर आप जंप अप करके किसी भी मुद्दे को पढ़ना शुरू करना चाहते हो तो कर सकते हो. बट मेरा रिकमेंडेशन, मेरा सजेशन आपको ये रहेगा कि भैया शुरुआत से शुरू करते हैं, जो कि मैं अभी करने वाला हूं.

पहले तो नाम से शुरुआत करते हैं. ए आई. मेरे साथ करिए शुरुआत. चलिए जी शुभारंभ करते हैं. ए आई मतलब क्या जी? सिंपल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस. नाम में ही भैया उसका काम दिखाई दे रहा है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस. अगर आप यहां पे एक वाक्य में इसे समझना चाहेंगे, इंटेलिजेंस एग्जिब बाय मशीनस. यहां पे ये बा बातचीत जो है अपन करते हैं. इंटेलिजेंस एग्जिब बाय मशीन.

अब आपके दिमाग में क्वेश्चन आएगा, फर्द मोर क्वेश्चंस आने भी चाहिए, क्यूरियोसिटी होनी चाहिए कि इंटेलिजेंस कौन सी इंटेलिजेंस? मैं यहां बात कर रहा हूं ह्यूमन इंटेलिजेंस, जो कि आपकी नेचुरल इंटेलिजेंस है. ये क्या है भैया? एन ई. एआई का उल्टा है ये. नेचुरल इंटेलिजेंस है. अब यही मैं चाहता हूं कि यार ये मशीनस एग्जिबिशन करें कि ये मशीन मुझे देखने को मिल जाए, क्योंकि जो अपने ह्यूमंस है भैया, ह्यूमंस का इंटेलिजेंस है, उस इंटेलिजेंस के थ्रू ही तो भैया अपन अपने इस पूरे समाज में, एनवायरमेंट में, सोसाइटी में, वर्ल्ड में सरवाइव कर पा रहे हैं, प्रॉपर रीजनिंग कर पा रहे हैं, सीख पा रहे हैं, लर्न कर पा रहे हैं, प्रॉब्लम्स को सॉल्व कर पा रहे हैं, एनवायरमेंट को एक तरीके से पर्सीव कर पा रहे हैं, सेंस कर पा रहे हैं, उस हिसाब से रिएक्ट कर पा रहे हैं. तो ये सब चीजें हो पा रही है अपने ह्यूमन इंटेलिजेंस की वजह से ही.

और जैसा नाम है, आर्टिफिशियल, नॉट नेचुरल. आर्टिफिशियल इंड्यूस्ड इंटेलिजेंस इनटू द मशीनस. और स्पेसिफिकली मैं बात करना चाहूंगा मशीनस मतलब यहां कंप्यूटर सिस्टम्स की जनरली हम बात करते हैं. तो अभी जो मैंने टर्म्स आपके सामने रखी थी, जैसे रीजनिंग हो गया, लर्निंग हो गया, प्रॉब्लम सॉल्विंग हो गया, परसेप्शन हो गया, इसके ऊपर भी थोड़ी चर्चा करते हैं, क्योंकि ये बेसिक बहुत कॉंक्रीट टर्म है आपके एआई सब्जेक्ट से जुड़ी हुई.

जैसे कि पहली बात मैंने बोली रीजनिंग. इसके लिए एक सिंपल शब्द आपके सामने मैं रखता हूं, जो कि मोस्टली आपने कहीं ना कहीं सीरियल्स, वेब सीरीज या रियल लाइफ में कहीं ना कहीं किसी से किसी से सुना होगा, बड़े बुजुर्गों से तो सुना ही होगा. तर्क. तर्क संगत बातें करना, तर्क संगत डिसीजंस लेना. मतलब आपके पास वो रीजनिंग स्किल्स हैं. आपके पास वो कई बार हम लोग जो है इंटरव्यूज के लिए जाते हैं, तो वहां पे भी आपकी जो है एप्टीट्यूड एंड रीजनिंग स्किल्स वहां पे चेक की जाती है. कई बार बहुत सारे क्वेश्चंस में भी आपने देखा होगा कि भैया आप अभी इस सिचुएशन में हो, ओके? तो आप क्या करोगे और क्यों करोगे? उसका रीजन भी बताओ. तो ऐसे क्वेश्चंस आपने देखे कि नहीं? यस और नो? एक्सप्लेन विद रीजन. तो आपकी रीजनिंग क्या है, वोन उत्तरों के थ्रू दिखती है. और जितना अच्छा बढ़िया सा आपका रीजनिंग होगा, उतने भैया बढ़िया से बढ़िया आपको वहां पे मार्क्स जो है प्रदान किए जाते हैं.

और कहीं ना कहीं हम ये समझते हैं कि देखो, हमारे पास पहले से कुछ नॉलेज होगा, हमारे कुछ एक्सपीरियंस होंगे, पास डाटा होगा, सही बात है कि कुछ भी कह लीजिए. और अभी एक सिचुएशन सामने आ गई है, तो अब उस डाटा का, नॉलेज का, एक्सपीरियंस का इस्तेमाल करते हुए, अब मैं उस सिचुएशन से कैसे बाहर निकलूं, उसका क्या सोल्यूशन ढूंढूं, या उसमें से क्या सबसे पहली भैया जो बात होगी, जो मेरे फायदे में जाएगी, एक तरीके से वो करूं. तो वो आपके रीजनिंग बेस पे डिपेंड होता है, रीजनिंग स्किल पे डिपेंड होता है.

लर्निंग वाले पार्ट पे आ जाते हैं. ये भी बहुत इंपॉर्टेंट हिस्सा है जी. अब आप क्या कर रहे हैं? सीखी तो रहे हैं आप. क्या कर रहे हैं? लर्न कर रहे हैं. कुछ मुद्दे आपको नहीं पता होंगे, वो मुझसे सीख जाएंगे. मुझे कुछ मुद्दे नहीं पता होंगे, मैं किसी और से सीख जाऊंगा. बराबर है कि नहीं? तो ये पूरी साइकल, ये जो पूरा चक्र चलता रहता है, यानी कि सीखने की कला जो है, लर्निंग की स्किल्स जो है, बहुत इंपॉर्टेंट होती है, जो कि एक इंटेलिजेंट स्पीशीज का जो है एक बहुत इंपॉर्टेंट, बहुत फंडामेंटल कैरेक्टरिस्टिक है. लर्न करना.

ये लर्निंग वाले फंडे से रिलेटेड एक बहुत ही पॉपुलर कहावत है कि दूध का जला हुआ भैया छाज भी फूक फूक के पीता है. कि पहले गर्म दूध आ गया था, तो मैंने तुरंत उसको पीने का प्रयत्न किया, तो जबान जल गई. तो अगली बार मुझे वो याद रहा, मैंने सीख यहां पे प्राप्त की कि भैया अगली बार से ठंडी छाज भी आ जाएगी, तो भी मैं उसको फूक फूक के जो एक तरीके से पीने वाला हूं. बात समझ में आ रही है? तो ये लर्निंग बहुत इंपॉर्टेंट होती है ताकि आगे जो हमारा स्टेप्स रहेंगे, जो भी एक्शन रहेंगे, वो एक तरीके से हमारे लिए कम हार्मफुल रहे. बात समझ रहे हो? तो वो लर्निंग, वो सीख लेना जो है, और जिंदगी आसान रहे. ये तात्पर्य है मेरा कहने का.

प्रॉब्लम सॉल्विंग जी हां. किसके लाइफ में प्रॉब्लम नहीं? जी, सबके लाइफ में प्रॉब्लम होते हैं, है ना? आपके लाइफ में कुछ प्रॉब्लम्स होंगे, मेरे लाइफ में कुछ प्रॉब्लम्स होंगे. ये ओबवियस सी बातें. इंटेंसिटी अलग हो सकती है, नेचर अलग हो सकता है. कितना भी अमीर आदमी हो भैया, प्रॉब्लम तो होते हैं. कितना भी गरीब आदमी हो भैया, प्रॉब्लम होते हैं. कितना भी मिडिल क्लास आदमी हो भैया, प्रॉब्लम सबके साथ होते हैं. लेकिन एक चीज कांस्टेंट है. प्रॉब्लम तो कांस्टेंट है, लेकिन उसके सॉल्यूशन को अपन सर्च आउट करते हैं. उसके सॉल्यूशन. प्रॉब्लम से कैसे मैं बाहर निकल सकता हूं? कितने रास्ते हैं? उसमें से कौन से रास्ते के थ्रू भैया मैं बाहर निकल सकता हूं? बराबर है?

एक प्रॉब्लम स्टेटमेंट अगर आपको दे दिया, तो आप प्रयत्न प्रयास तो वही करते हो यार, मेरे पास कितने रास्ते हैं इस प्रॉब्लम से बाहर निकलने के? उसमें से सबसे बढ़िया, सुंदर, टिकाऊ, सस्ता वाला कौन सा तरीका है जिससे मैं बाहर निकल पाऊंगा? यानी कि यहां पे सॉल्यूशंस की बातें करते हैं. सॉल्यूशन ओरिएंटेड माइंडसेट हमारा रहता है. वो इंटेलिजेंस के थ्रू शोकेस किया जाता है. दैट इज प्रॉब्लम सॉल्विंग वाला फंडा.

और फिर बात करते हैं भैया परसेप्शन वाली भी. ओबवियस सी बात है यार, देखो, जो मैंने अभी आपको बात कही थी कि यार प्रॉब्लम सॉल्विंग तो पहले भैया प्रॉब्लम पता हो. अपने पास पहले का कुछ डाटा हो. तो वो डाटा कहां से आएगा भैया? हमारा जो सोसाइटी है, हमारा जो एनवायरमेंट है, उसी से तो हम लोग वो सेंस करेंगे, यानी परसेप्ट करेंगे. और जब वो परसेप्ट करेगा, तभी तो डटा हमारे पास आएगा और उसके ऊपर अपन डिसीजन लेंगे, एक्ट आउट करेंगे, सॉल्यूशन फाइंड आउट करेंगे. तो परसेप्शन भी बहुत इंपॉर्टेंट चीज है. इट्स लाइक द प्राइमरी इनपुट. ये आपका प्राइमरी इनपुट है, जो कि आपको प्राप्त होता है. आप पर्सीव करते हो अपने एनवायरमेंट से और उसी के बेसिस पे डिसीजन लेके, सॉल्यूशन फाइंड आउट करके, अपने एक्शंस को एक तरीके से एस्टेब्लिश करते हो.

ये बेसिक फंडामेंटल कुछ चीजें थी. अब मैं आपके सामने जो है ए आई, एम एल, डीएल, एनएलपी इनकी पोजिशनिंग एक तरीके से आपके सामने क्लियर आउट करना चाहूंगा, क्योंकि बहुत सारे स्टूडेंट को यह प्रश्न पूछा भी जाता है और दिमाग में क्यूरियोसिटी के बदौलत एक तरीके से जो प्रश्न है, ये उत्पन्न भी होता है कि यार आखिरकार एआई, एमएल, एनएलपी, डील इनमें भैया क्या एक तरीके से रिलेशन है?

देखो जी, एआई जो है वो सबका बाप है. जो अभी हम पढ़ रहे हैं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस. ये एक तरीके से सुपरसेट है. इसके अंदर भैया सारा मामला एमएल का, डीएल का, एनएलपी का. किस तरीके से लोकेटेड है, वो आपके साथ में शेयर करना चाहूंगा. शुरुआत करते हैं एंड डीप लर्निंग से. डीप लर्निंग जो है, एक तरीके से आपके एमएल, यानी मशीन लर्निंग का सबसेट है. और ये जो मशीन लर्निंग है, ये आपके एआई का सबसेट है. ये क्रोनोलॉजी है, ये आपको समझनी है. अंदर से बाहर की तरफ जाते हुए क्रोनोलॉजी. डीएल जो है, वो आपके एमएल का सबसेट है. एमएल जो है, वो एआई का सबसेट है.

एआई में तो भैया बात हमने देख ली, किस तरीके से अपने ह्यूमन जो है इंटेलिजेंस लगाते हैं, उस हिसाब से भैया कैसे डिसीजंस लेते हैं, क्या चीजें करते हैं, वो सारा मामला जो है आर्टिफिशली मिमिक करने का प्रयत्न अपन कर रहे हैं.

मशीन लर्निंग वाला फंडा क्या होता है? वैसे तो आगे मशीन लर्निंग, एनएलपी पे भैया हम लोग जो डिटेल में वन शॉर्ट वीडियोस हैं, वो तो लाने ही वाले, तब तो और गहन चर्चा करेंगे. बट अभी यहां पे मैं मेंशन करना चाहूंगा. मशीन लर्निंग में हम क्या करते हैं कि देखो जी, प्रोग्रामर्स हमसे दूर रहो. सिस्टम्स हमारे जो हैं, कंप्यूटर सिस्टम्स कहते हैं कि भैया तुम हमसे दूर रहो. हमको एक्सप्लीसिटली प्रोग्राम करने की जरूरत नहीं है. हम खुद भैया हमको डाटा दे दो, हम खुद सीख लेंगे, हम खुद लर्न कर लेंगे. ये एटीट्यूड वाले आपके मशीन लर्निंग के डोमेन के सिस्टम्स होते हैं. आप बात समझ पा रहे हो? तो यहां पे कौन से ये देखो, इस रीजन में कौन लाय करता है, जो एमएल में नहीं है, बराबर है कि नहीं? मतलब ये जो रीजन अभी मैंने शेड आउट किया है, वो एआई का तो पार्ट है, वो एआई का तो पार्ट है, लेकिन वो एमएल का पार्ट नहीं है. ऐसे कौन से भैया सिस्टम्स होते हैं? आपके रूल बेस्ड सिस्टम, जहां पे आप पहले से प्री डिफाइंड रूल्स दे देते हो. लेकिन एमएल तो वो नहीं बोल रहा है. एमएल बोल रहा है, मेरे को सिर्फ डेटा दे दो, मैं अपने आप सीख लूंगा. ऐसे कुछ एल्गोरिथम्स का वो इस्तेमाल करता है.

साथ ही साथ भैया थोड़ा सा और डीप में जाते हैं और डीप लर्निंग वाला फंडा क्या है? तो जी, ये जो डीप लर्निंग वाला मामला है, ये एक्चुअली अपना जो दिमागी खेला, यानी इंसानी दिमाग का जो खेला है, वो किस तरीके से खेला जा रहा है, उसी को मिमिक करने का प्रयत्न डीप लर्निंग में किया जा रहा है. इसमें अपन न्यूरल नेटवर्क के साथ भी डील करते हैं. यहां पे दोस्तों बहुत सारे टाइप्स निकल के आ जाते हैं. सबसे बेसिक टाइप ऑफ न्यूरल नेटवर्क, एन एन. फिर भैया सीएनएन, बी आरएनएन, बी एलएसटीएम, बी जीएन, बी. ऐसे बहुत सारे न्यूरल नेटवर्क हैं, जिनको उनके पर्पस, ऑब्जेक्टिव के हिसाब से जो है इस्तेमाल में लिया जा सकता है.

अब आते हैं भैया एनएलपी वाले पार्ट के ऊपर, जो कि है नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग. जैसा नाम, ठीक वैसा ही काम है. हालांकि इसके ऊपर भी आगे हम लोग जो है चर्चा करने वाले हैं. नेचुरल लैंग्वेज जैसे कि अभी मैं आपको बोल रहा हूं, देसी हिंदी में भैया ये चीजें जो है समझा रहा हूं, एआई के रिलेटेड, तो आपको समझ में आ रही है. यानी आप नेचुरल लैंग्वेज को बहुत बढ़िया ढंग से प्रोसेस कर पा रहे हो. लेकिन क्या यही एक्सपेक्टेशन मैं मशीन से कर सकता हूं, सिस्टम से कर सकता हूं? भैया, उसको तो जीरो और वन के सिवा कोई और दूसरा शब्द पता नहीं है. हमारे पास तो कितने वोकैबुलरी में शब्द पड़े हुए हैं, उनको इसके अलावा कुछ पता नहीं है. तो क्या हम ऐसा करें कि उनकी भाषा सीख ले? नहीं जी, इंसान है हम, ऐसे कैसे उनकी भाषा सीख लेंगे? हम चाहते हैं कि हम जो बोल रहे हैं, हम वैसे ही बोले. हम जो नेचुरल लैंग्वेज का इस्तेमाल कर रहे हैं, हम वैसे ही बोले. हम इंग्लिश बोल रहे हैं, हम मराठी बोल रहे हैं, हम हिंदी बोल रहे हैं, हम बंगाली बोल रहे हैं, हम गुजराती बोल रहे हैं, जो भी हमारी नेचुरल लैंग्वेजेस हैं, वो मशीन अंडरस्टैंड करें और उसी हिसाब से एप्रोप्रियेट है कि मशीन जो है हमारी भाषा भी समझे और ऐसी भाषा में जनरेट करे आउटपुट जो हमें समझ में आता है. दैट इज व्हाट द होल किस्सा ऑफ नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग इज देयर. हालांकि एमएल, एनएलपी के ऊपर आगे चलके अपन पूरा वन शॉर्ट वीडियो भी जो है निकालने वाले हैं. बट कुछ पॉइंट्स यहां पे भी एआई में अपन डिस्कस करने वाले हैं.

आगे चलके फंडा डिस्कस करेंगे. अगला है टाइप्स ऑफ एआई. जी हां, बड़े ही बेसिक प्रिमिटिव से लेके एडवांस आज तक भैया सारे मामले निकलते हैं. सबसे पहले शुरुआत करते हैं प्योर रिएक्टिव. प्योर रिएक्टिव एआई की बात करते हैं. नो मेमोरीज. यहां पे कोई मेमोरी एलिमेंट नहीं होता, जिसमें भैया ड डेटा या फिर डोटा डेटा होता है भैया, वो डेटा या फिर आपके जो पास्ट एक्सपीरियंस हिस्ट्री डेटा रहता है, उसको वहां पे स्टोर करने का मतलब ही नहीं बनता. यहां पे वो सिर्फ और सिर्फ फोकस करता है ऑन द करंट सिनेरियो और उस हिसाब से रिएक्ट करता है. इसका एक बड़ा पॉपुलर एग्जांपल है गस अल्फा गो.

तो जी, ये जो प्योर रिएक्टिव वाला एआई फंडा है, वो बहुत ही बेसिक, बड़ा ही प्रिमिटिव टाइप है, क्योंकि यार देखो, यहां पे ज्यादा कुछ सोच समझने की जरूरत नहीं होती. यहां पे तुरंत क्विक फास्ट रिएक्शन जो है, अपने को देना होता है. जैसे कि यार देखो, एक रियल लाइफ एग्जांपल देता हूं. सामने लेट्स से आपके गर्म तवा पड़ा हुआ है. अब आपने जानबूझ के तो नहीं, लेकिन गलती से भैया थोड़ा सा हाथ टच हो गया. अब जैसे ही हाथ टच हो जाता है, आप क्या बहुत ज्यादा टाइम लेके फिर सोच के फिर अपना जो एक्शन है, वो डिसाइड करते हो कि मुझे हाथ हटाना है? नहीं जी, आप एकदम फटाक से क्विकली जितना जल्दी हो सके उतना अपना हाथ जो है, वो हटा लेते हो. तो ये एक क्विक रिस्पांस रिएक्शन जो है, वो आपसे एक्सपेक्टेड होता है और वहां पे कोई भी अपने को हिस्टोरिकल डाटा, पास्ट एक्सपीरियंस इसकी जरूरत नहीं होती, क्योंकि भैया वो चीज अभी हो रही है, अभी करंट सिनेरियो है. इसको मुझे तुरंत फास्ट वे में जो है, एक तरीके से रिएक्ट करना है, ताकि कम से कम जो हाम है, नुकसान है, वो अपने को हो, कम से कम हो. ठीक है? तो वो मिनिमाइज करने का जो प्रक्रिया है, वो यहां पे अपने को देखने को मिल जाएगी.

लेकिन जब थोड़ा आगे बढ़ते हैं, तो वो बोलता है भैया मेमोरी एलिमेंट नहीं था ना, तो वो बोलता है चलो मेमोरी एलिमेंट जोड़ देते हैं. मेमोरी एलिमेंट जोड़ देते हैं, लेकिन याद रखना, मेमोरी लिमिटेड है. अनलिमिटेड वाला फंडा नहीं है. ये अनलिमिटेड प्ला नहीं है, लिमिटेड प्लान है भाई साहब, समझ लो. यहां पे ऐसा नहीं है कि आप डाटा को सीधा-सीधा स्टोर करने को बोल रहे हो. डटा आन दे, आन दे भैया, डाटा आन दे, आन दे भैया, रुक जा. ये भी बोलना पड़ेगा कभी-कभी. ये भी बोलना पड़ेगा. इट्स लाइक सेम एज योर जो मोबाइल फोन वाला फंडा होता है, उसमें स्टोरेज होता है कि नहीं? अनलिमिटेड होता है, लिमिटेड होता है? ओबवियस सी बात है, लिमिटेड होता है सर. आप फोटो खींचते जा रहे हो, डेटा को स्टोर करते जा रहे हो, करते जा रहे हो, करते जा रहे हो. कभी ना कभी तो भैया फोन आपके सामने मुंह पे वो एक मैसेज मारेगा, वो बोलेगा कि सर जी, क्या कर रहे हो? लिमिटेड मेमोरी है, मेमोरी फुल हो चुकी है. क्या कर रहे हो? पहले का कुछ खत्म करो किस्सा, डिस्ट्रॉय करो, डिलीट करो, फिर जाके कुछ नया भैया इसमें रख पाएंगे.

तो यहां पे आप स्टोर तो कर पा रहे हो अपने पास्ट एक्सपीरियंस को या डाटा को, लेकिन यहां एक विशेषता ये होती है कि वो शॉर्ट पीरियड ऑफ टाइम के लिए होता है या लिमिटेड पीरियड के लिए रहता है. ये बात अपने को अंडरस्टैंड करनी है. इसका सबसे सटीक और सबसे बढ़िया एग्जांपल है सेल्फ ड्राइविंग कार. देखो जी, यहां पे जो कार अपने आप चलती है, अपन टारजन कार की बात नहीं कर रहे, यहां पे जो सेल्फ ड्राइविंग कार रहती है, जो अपने आप ही चल रही है, है कि नहीं? अब ओबवियस सी बात है, उसको बहुत सारी चीजों का ध्यान रखना पड़ता होगा. डाटा तो चाहिए, स्टोर तो करना है, लेकिन वो जो डाटा है, वो कुछ रिसेंट जो आपके गतिविधियां चल रही होती है, आपके आसपास उसी पे डिपेंड करता है. जैसे आपके आसपास भैया कितनी गाड़ियां हैं, उनका स्पीड क्या है, उनका आपके गाड़ी से डिस्टेंस कितना है. ये कुछ डाटा है, ये कुछ डाटा है, जो कि आपको रखना है, समझना है. जैसे भैया रेड लाइट दिखता है, तो आपको भी अपना जो है ब्रेक थोड़ा सा अप्लाई कर लेना. ये पास्ट एक्सपीरियंस के बेसिस पे जो है, आप सीख सकते हो, समझ सकते हो. बराबर है? लेकिन जरूरी नहीं कि ये डटा आपका परमानेंट तौर पे अपने को ऐसे ही चलेगा. नहीं जी, आप जैसे थोड़ा देर आगे आप बढ़ो ग, काउंट ऑफ गाड़िया जो है, हो जाएगा शायद से, डिस्टेंस आपका बढ़ जाएगा.

जैसे कि एक एग्जांपल लेते हैं, ट्रैफिक जैम की तरफ भैया आपकी गाड़ी बढ़ रही है, अग्रेसर हो रही है, तो ओबवियस सी बात है, बाकी जितनी भी गाड़ियां आपकी इर्द-गिर्द है, उनका स्पीड कम हो जाएगा. बराबर है? काउंट ऑफ कार्स या फिर काउंट ऑफ व्हीकल्स जो है, वो बढ़ जाएंगे. ऑब् वियस सी बात है, स्पीड कम हो जाएगा, काउंट ऑफ गाड़ियां बढ़ जाएंगी, क्योंकि ट्रैफिक जैम लग चुका है. उनका डिस्टेंस भी कम हो जाएगा आपकी गाड़ी से, क्योंकि सट सट के, सट सट के, एक दूसरे से भैया अपन गाड़ी निकालने का प्रयत्न करते हैं. ये नेचर पता है कि नहीं? तो यही फंडा जो है, कहीं ना कहीं लिमिटेड मेमोरी में आपको देखने को मिल जाएगा.

अब थोड़ा सा आगे बढ़ते हैं और आते हैं हाई एंड वाले पार्ट पे. हाई एंड एडवांस वाले जो एआई वाले पार्ट से, जिसमें हम बात करते हैं थेरी ऑफ माइंड की. थेरी ऑफ माइंड एआई क्या कहता है? अंडरस्टैंड द ह्यूमन इमोशंस एंड बिलीव. भावनाओं को समझो. कहते हैं ना, शब्दों पे मत जाओ, भावनाओं को समझो. तो वहां पे जब आपका ये है, भावनाओं को समझने लग जाए, आपके इमोशंस को इंटरप्रेट अच्छी तरह करने लग जाए, आपके बिलीफ सिस्टम को समझने लग जाए, उस हिसाब से रेस्पों एक्शन जनरेट करने लग जाए, तो ये कहते हैं भैया थेरी ऑफ माइंड. और यहां पे एक्चुअली इस वजह से, इट विल बी एबल टू इंटरेक्ट सोशली लाइ जैसे कि भैया अपन जो सोशल बीइंग्स हैं, एक तरीके से सोशली बहुत बढ़िया तरीके से और लोगों से इंटरेक्ट कर पाते हैं, उनको समझ पाते हैं, उनकी दुख, उनके खुशी में भैया सहभागी हो पाते हैं. उसी तरीके से यहां पे आपका एआई वाला फंडा, सिस्टम्स, मशीन भी हो पाएंगे.

और इसके ऊपर काम चल रहा है. और उसका एक सिंपल सा एक नमूना जो हमारे सामने बहुत साल पहले भी आया था, सोफिया रोबोट वाला नाम आपने सुना होगा, जो कि कई बार थोड़ा स्माइल दे देना, इमोशन को अंडरस्टैंड कर लेना, अरे तुम दुखी हो? अरे तुम हंस रहे हो भैया, तुम्हारी इमोशन क्या वो डिटेक्ट करने का, अंडरस्टैंड इंटरप्रेट करने का काम जो है, कुछ हद तक वहां पे हुआ था. बट बट बट, जो लेवल सोची गई है ना, थेरी ऑफ माइंड के हिसाब से, अभी भी वो रीच आउट करना बाकी है. येट टू बी बिल्ड. बहुत परिश्रम चल रहा है भैया, और वो इन टू द पिक्चर कुछ ही सालों में आ सकता है.

पॉसिबिलिटी है, लेकिन जो आगे वाला एआई का टाइप है, उसकी पॉसिबिलिटी जो है, मैं एग्जांपल बताऊंगा, आपको समझ में आ जाएगा। बड़ी खतरनाक पॉसिबिलिटी है। इलन मस्क साहब ने कहा था कि नहीं, एआई इज वेरी डेंजरस। तो कहीं ना कहीं वो यहां देखने को आपको मिल जाएगा। सेल्फ-अवेयर एआई, मतलब भाई, यह तो इंसान है, यह तो इंसान। इसमें और इंसान में कोई फर्क नहीं बता पाओगे आप। दिस इज द फ्यूचर, फ्यूचर ऑफ एआई। सुपर इंटेलिजेंस की बात कर रहा हूं भाई मैं। सेल्फ-अवेयरनेस, अगर आपके पास अपना ओन सेंटीमेंट आ गया, कॉन्शियस आ गया, तो यू आर एज गुड एज अ ह्यूमन। मैं तो कहूंगा उससे भी ज्यादा, आप पुरुष नहीं, आप महापुरुष हैं, महापुरुष हैं। तो यहां पे वही समझिए, सेल्फ-अवेयर मशीन्स की अगर तुलना अगर हम लोग ह्यूमंस के साथ करेंगे, तो इट्स लाइक वो ग्रेटर दैन या इक्वल ही निकलेगा। उसकी जो कैपेबिलिटीज हैं, उसके जो भैया कार्यक्रम, इंटेलिजेंस वाला जो फंडा है, वो हमारे ह्यूमंस से बहुत ज्यादा आगे निकल सकता है। जैसे कि चिट्टी, चिट्टी रोबो, वो वाला हमने मूवी देखा है कि नहीं? तो स्टिल, इट्स अ हाइपोथेटिकल कॉन्सेप्ट। इसलिए भैया, इस पे मूवीज वगैरह बन जाएं, तो देखने में अच्छा लगता है। लेकिन पता नहीं ये कब पूरा होगा। बस ये चिट्ठी वाला रोबोट का एग्जांपल आप समझ लीजिए कि यार देखो, उसका जो क्रिएटर था, वो चीजें जो नहीं कर पाता था, वो आपका चिट्ठी रोबोट। मतलब जो हम सोच भी नहीं सकते, वो बड़ी आसानी से वो कर देता था। उसकी कैपेबिलिटीज ही अलग थी, भैया। वो सुपर इंटेलिजेंस उसके अंदर भैया था मामला, ठीक है कि नहीं? और अपने कॉन्शियसनेस भी आ गए थे, सेंटीमेंट्स भी भैया उसके जनरेट हो गए थे। बराबर है, वो हमने पूरी मूवी देखी है। तो वही सेल्फ-अवेयर वाला फंडा आप यहां पे समझ सकते हो, देख सकते हो। जिसको अभी बहुत टाइम है, जिसको अभी बहुत टाइम है, लेकिन डेफिनेटली सम टाइम इट विल कम इनटू एग्ज़िस्टेंस।

किया जा सकता है, जैसे एजुकेशन हो गया, हेल्थकेयर हो गया, मैन्युफैक्चरिंग हो गया, एंटरटेनमेंट हो गया, डिफेंस हो गया। जैसे फॉर एग्जांपल, एजुकेशन की अगर बात कर लें, तो जी, अपने एजुकेशन फील्ड में सबसे बड़ा एग्जांपल जो निकल के आ जाता है, जिसका इस्तेमाल अभी तक आपने किया तो होगा ही। अगर इस्तेमाल नहीं किया होगा, कम से कम भैया देखा तो होगा। देखा नहीं होगा, कम से कम भैया सुना तो होगा, क्योंकि मैं बात कर रहा हूं ओपन एआई चैट जीपीटी की। वहां पे भैया देखो, जैसे ही असाइनमेंट मिलते हैं ना अपने को इंजीनियर्स को, तुरंत वो क्वेश्चन को वहां पे चिपका दिया जाता है और तुरंत अपने को आंसर प्राप्त कर लिया जाता है। कोई भी क्वेरी रहती है, क्यूरियोसिटी रहती है, भैया जिज्ञासा रहती है, उसको शांत करना है, तुरंत भैया वहां क्वेश्चन डाल दो, आपको आंसर जो है वहां पे प्राप्त हो जाता है। अगर कोडिंग करनी है, तो किस लैंग्वेज में करनी है, वो मेंशन कर दो, प्रॉब्लम स्टेटमेंट मेंशन कर दो, कोड आपके सामने आ जाता है। यानी कि यहां पे एक तरीके से एजुकेशन सेक्टर में एआई जो है, अपने लर्निंग प्रक्रिया को काफी ज्यादा इजी, एक्सेसिबल, आसान बनाने का जो है प्रयत्न, प्रयास कर रहा है। एक और बहुत इंपॉर्टेंट इसका एप्लीकेशन जो आपको एजुकेशन सेक्टर में देखने को मिल जाएगा, वो है एडाप्टिव लर्निंग प्लेटफॉर्म। एडाप्टिव लर्निंग प्लेटफॉर्म्स, क्योंकि देखो यार, ये बात तो सही है और सबको पता भी है, फैक्ट है कि यार सभी स्टूडेंट का लर्निंग रेट सेम नहीं होता। कोई स्टूडेंट होता है जो किसी कॉन्सेप्ट को बहुत बढ़िया तरीके से और जल्दी से समझ जाता है, जल्दी कैच कर लेता है। लेकिन कुछ स्टूडेंट्स होते हैं जिनको टाइम लगता है, थोड़ा टाइम ज्यादा लेते हैं वो समझने के लिए, एज कंपेयर टू अदर स्टूडेंट। तो भैया, हर स्टूडेंट के हिसाब से जो भी लर्निंग की प्रक्रिया है, वो अडॉप्ट होनी चाहिए। जो भी प्लेटफॉर्म कंटेंट या टीचिंग वाला फंड है, वो एक तरीके से उन स्टूडेंट्स के लर्निंग रेट के हिसाब से अडॉप्ट किया जाना चाहिए। उनके स्ट्रेंथ पॉइंट्स, उनके वीकनेस जो हैं, उनको एक तरीके से डिटेक्ट किया जाना चाहिए। जहां वीकनेस है, भैया, उसके ऊपर असाइनमेंट दो, उसके ऊपर आइडियाज और क्लियर करो, कंटेंट प्रोवाइड करो। एक तरीके से वो यहां पे डाउट्स जो हैं, आपका वीक पॉइंट जो है, वो स्ट्रांग पॉइंट में तुरंत कन्वर्ट होके अगले मुद्दे पे अपन ने जाना चाहिए। ये सारी जो प्रक्रिया है, वो एजुकेशन सेक्टर में एआई के थ्रू हो सकती है।

आगे बढ़ते हैं हेल्थकेयर वाला मामला। जी, वो दिन दूर नहीं है, जहां पे एक तरीके से रोबोटिक आर्म्स आपके ऊपर ऑपरेट कर रहे होंगे। यानी कि आप देखो, आप लेट गए भैया, इसके ऊपर आपके ऊपर लेट्स से कोई ऑपरेशन परफॉर्म होना है, एक्स वाई जेड। तो आप क्या गए, उस मशीन में गए, ऑपरेट हो गया, बाहर निकल गए। फिर दूसरा भैया गया, ऑपरेट हो गया, बाहर निकल के। तो ऐसे स्पेसिफिक अलग-अलग ऑपरेशन के लिए जो आपके मशीन्स हैं, वो भी तैयार हो सकते हैं। रोबोटिक आर्म्स भी भैया, उस तरीके से क्रिटिकल ऑपरेशंस को हैंडल कर सकते हैं। बहुत सारे भैया डायग्नोस्टिक्स होते हैं, जिसमें आपकी ये जो एआई वाला फंडा है, आपकी भरपूर मदद कर सकता है। साथ ही साथ यार, अगर कुछ नया ड्रग क्रिएशन हो, तो उसमें भी एआई बहुत इंपॉर्टेंट रोल आपके हेल्थकेयर फील्ड में प्ले कर सकता है। जैसे कि आजकल वेयर बल्स का बहुत जमाना है कि वेरिएबल हम लोग लगाते हैं और भैया हमारे जो पूरा जो बॉडी के अंदर चल रहा है, क्या सिस्टम बिगड़ा हुआ है, क्या सही है, फिर अगर बिगड़ा हुआ है, तो आपने क्या करना चाहिए, वो सजेशन, वो रिकमेंडेशन भी अपने को प्राप्त हो जाते हैं।

आगे बढ़ते हैं मैन्युफैक्चरिंग वाली प्रक्रिया। मैन्युफैक्चरिंग में देखो यार, आपके ना बहुत सारे टास्क, प्रोसेसेस, जॉब्स जो हैं, वो इवॉल्वड होते हैं। तो उनको किस तरीके से शेड्यूल करना है, उनमें भैया कौन-कौन से लाइक यू नो कस्टमाइजेशंस या ऑप्टिमाइजेशन हम परफॉर्म कर सकते हैं, जिस वजह से आपके मैन्युफैक्चरिंग का परफॉर्मेंस जो है, वो बहुत ज्यादा एनहांस हो। जो डिलेज हैं, जो हार्म हैं, यानी कि जो हानिकारक कई बार होता है ना यार, कुछ आपके मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेसेस में कुछ ऐसी जगहें होती हैं, कुछ ऐसे रिस्पेक्टिव आपके प्रोसेसेस होती हैं, जहां पे ह्यूमन काइंड को ना थोड़ा सा जान का खतरा होता है। जान का खतरा होता है, तो उस केसेस में वहां पे जो है, आपके जो ये रोबोटिक आर्म्स होते हैं, या फिर भैया एआई के जो डिप्लॉयड आपके मशीन्स होते हैं, वो वहां पे आराम से उस प्रोसेस को कंडक्ट कर सकते हैं और जो अपनी लाइफ है, ह्यूमन लाइफ है, उसको कम से कम जो है, एक तरीके से हाम वहां पे होगा। यह बात अपने को समझनी है।

साथ ही साथ एंटरटेनमेंट वाला वाला फंडा। एंटरटेनमेंट भी तो भैया जिंदगी में चाहिए। और अभी तो ऐसे भैया मूवीज और सीरीज बनने लग गए हैं, जिसमें आप कह ही नहीं सकते, बता ही नहीं सकते कि जो सामने चल रहा है, वो सच में रियल में शूट किया था या उसमें कोई एआई एलिमेंट्स चिपका दिए गए हैं, भाई बता ही नहीं पाओगे। इस हद तक भैया चीजें गई। अब आगे पता नहीं और क्या होगा। ऐसे तो लगेगा सामने आके भैया एक्टिंग चल रही है, सामने आके भैया पिक्चर। यहां पे ये जो है, हीरो विलन को मार रहा है, ऐसे ऐसे भैया सीधा सीधा सामने चीजें दिखने लग जाएंगी। पता नहीं, बहुत ज्यादा स्कोप है एंटरटेनमेंट में, क्योंकि यहां पे लिटरली अभी हम लोग ये जो है, डिस्टिंग्विश नहीं कर पा रहे कि भाई ये रियल है या फिर एआई एलिमेंट उसमें लगाया गया है। यह बात समझनी है।

साथ ही साथ आते हैं भैया डिफेंस सिक्योरिटी वाले पार्ट पे। तो जी, डिफेंस सेक्टर के बारे में एक बात तो बड़ी क्लियर है, जो आपको भी पता है, मुझे ये पता है कि यार ये बड़ा जोखिम भरा काम है कि जहां पे भैया अटैक हुआ है, उस अटैक प्रोन एरिया में जाना, फिर उसके बाद कुछ लोग लेट्स से वहां पे फंसे होंगे, उनको रेस्क्यू करके आना, जो अटैकर्स थे वहां पे, उनको न्यूट्रलाइज करना अपने एंड पे भैया कम से कम या फिर नो कैजुअल्टी वहां पे होनी चाहिए। और जो इनोसेंट लोग हैं, उनको तो भैया, उनका बाल भी बांका नहीं होना चाहिए। उनको भैया सेफ एरिया में लेके आना और इस मिशन को सक्सेसफुली अंप्स करना। यह भैया जितना दिखता है, उतना बच्चों का खेल नहीं, जितना मूवीज में दिखता है। यह बहुत ही टफ टास्क होता है। लेकिन कहीं ना कहीं हम लोग इसे अंपलिंग हैं, अगर हमारे पास उस पूरे अटैक प्रोन एरिया का सही अच्छा डाटा हो, हमें पता हो कितने लोग हैं, उनके पास क्या-क्या हथियार हैं, क्या-क्या भैया चीजें उनके पास अवेलेबल हैं, क्या उनका प्लान है, क्या स्ट्रेटेजी है। अगर ये चीजें हमें पता होंगी, तो हमारे लिए वो बेटर हो सकता है और हम यहां पे अपनी प्लान प्लांस और स्ट्रेटेजी को उस हिसाब से जो है, मैप कर सकते हैं और इंप्लीमेंट कर सकते हैं और सक्सेसफुली अपने मिशन को जो है, अंपलिंग हैं। और इसमें एआई बहुत इंपॉर्टेंट जो है, रोल निभा सकता है और जो कि निभा भी रहा है। बहुत सारे मूवीज, वेब सीरीज में आपने देखा होगा, एआई एलिमेंट्स, एआई बॉट्स, रोबोट्स भैया, उनका जो है इस्तेमाल किया जाता है सर्विलेंस के लिए कि भैया मामला क्या है, कितने लोग हैं, क्या-क्या किस-किस को कहां पर रखा हुआ है। यह सारी चीजें जो है, हम तक पहुंचती है, यानी कि जो डिफेंस फोर्सेस हैं, उन तक पहुंचती है। उस हिसाब से भैया, वो अपनी स्ट्रेटेजी प्लान करते हैं, टाइमिंग प्लान करते हैं, कितने लोग भैया टीम में होंगे, क्योंकि यार किसी को कुछ नहीं होना चाहिए। को नो कैजुअल्टीज शुड बी देयर, बराबर है कि नहीं? और उस हिसाब से भैया, अपने प्लान को जो है, एक तरीके से वो अंजाम देते हैं। यह बात अपने को जो है, यहां पे डिटेल में अंडरस्टैंड करनी थी।

आगे बढ़ते हैं इंटेलिजेंट एजेंट्स की शुरुआत शुभारंभ जो है कर देते हैं। तो जी, अपने इंटेलिजेंट एजेंट्स के कुछ ऐसे इके दुक्के एग्जांपल नाम आपके सामने रखना चाहूंगा, जो कि जग विख्यात हैं। इसके बारे में आपने कभी ना कभी सुना, समझा तो होगा ही, जैसे कि गूगल।

किसके साथ इंटरेक्ट करते हैं, उसे बोलते हैं भैया उसका एनवायरमेंट। जैसे कि अगर मैं अपने आप को एक एजेंट समझूं, तो फिलहाल तो यार मेरे एनवायरमेंट में बहुत सारी चीजें हैं। ये माइक है, ये भैया एक तरीके से पेन है, ये पैड है, भैया सामने पीसी, उसके आगे भैया खुला हुआ है मेरा रिस्पेक्टिवली है, हैंड रिटन नोट्स। तो ये सब भैया मेरे एनवायरमेंट के एलिमेंट्स हो गए। अगर मैं एजेंट हूं, अब मैं अगर एजेंट हूं, तो सबसे पहली बात तो यार देखो, मैं अपने एनवायरमेंट को पर्सीव करूंगा, मतलब सेंस करूंगा कि चल क्या रहा है। नहीं तो ऐसा बात हो जाएगा, मैं बोल कुछ रहा हूं और पन्ना कुछ और चल रहा है कि नहीं? यहां इंटेलिजेंट एजेंट के बारे में मैं भैया कुछ बता रहा हूं और यहां पे एक्चुअल में पन्ना जो है, वो चल रहा है लेट्स से प्रॉब्लम सॉल्विंग का या नॉलेज रिप्रेजेंटेशन का। तो भैया, एकदम भैया मिसमैच वाला फंडा हो जाएगा। यह तो गलत फंक्शनिंग हो जाएगी, जो मेरी टीचिंग है, वो आपको समझ में नहीं आएगी कि भैया दिखा कुछ रहे हो, समझा कुछ रहे हो, काम तो गलत चल रहा है। तो यह गलत काम ना हो, सिंक्रोनाइज्ड काम हो, सही तरीके से काम हो, तो उसके लिए आपको एनवायरमेंट को सेंस करना आना चाहिए। जैसे कि अभी मैं सेंस कर रहा हूं भैया, मैं अभी विजुअली सेंस कर पा रहा हूं कि मैं सही पन्ने पे हूं और सही पन्ने पे सही पॉइंट को एक तरीके से आप तक मैं रिलेटेबल एग्जांपल के साथ पहुंचा रहा हूं।

अब देखो जी, एनवायरमेंट तो यहां पे सामने है, यहां पे आपका एजेंट है। अब एजेंट में भी भैया बहुत सारी आपकी मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, सेंसर्स, एक्चुएटर्स लगे होते हैं, जिसका एक डेडली कॉम्बिनेशन आपका एजेंट बन जाता है। और वो एजेंट जो है, सबसे पहले शुरुआती, सबसे पहली प्रक्रिया होती है, वो है सेंसिंग की, यानी परसेप्ट करता है वो आपके एनवायरमेंट को और सेंसर्स के थ्रू ओबवियस सी बात है, अलग-अलग सेंसर्स लगाए जाते हैं, अलग-अलग पर्पस के लिए, अलग-अलग चीजों को, अलग-अलग पैरामीटर्स को आइडेंटिफिकेशन का हम यहां पे इस्तेमाल करते हैं। और जैसे ही वो इंफॉर्मेशन हमारी एजेंट के पास आती है, तो उसको भैया एक तरीके से एनालाइज करना, प्रोसेस करना, उसके बेसिस पे डिसीजन लेना। आपके पास लेट्स से पहले भी यार कुछ आपका प्रीवियस एक्सपीरियंस, हिस्ट्री, डाटा होगा, उसको भी भैया एक तरीके से रेफर करना और उस हिसाब से एक्ट करना। एक्ट करना या फिर अपन बोलते हैं एक्शन लेना ऑन टू द एनवायरमेंट। और वो कैसे होता है, बाय यूजिंग द एक्चुएटर्स। तो कुछ इंपॉर्टेंट टर्मिनोलॉजी, सेंसर, एक्चुएटर्स, इफेक्टर्स भी जिनको हम कहते हैं, एजेंट हो गया, एनवायरमेंट हो गया। एनवायरमेंट भी बहुत अलग-अलग टाइप के होते हैं, आगे देखने वाले हैं। सिंगल एजेंट, मल्टी एजेंट भी इवॉल्व हो सकता है आपके एनवायरमेंट में। फुल्ली ऑब्जर्वेशंस है, आगे देखने वाले हैं। एजेंट्स के भी बहुत सारे टाइप होते हैं, जो कि अभी कुछ ही देर में अपन शुरू करने वाले हैं, उनके बारे में समझना। लेकिन पहले एक बेसिक रूल, नियम जो आपको रिस्पेक्टिव इंटेलिजेंट एजेंट्स में पता होने चाहिए, वो मैं आपके साथ शेयर करता हूं।

आपका जो एआई एजेंट है, मस्ट बी एबल टू पर्सीव द एनवायरमेंट। यह तो भैया बुनियादी जरूरत है, यह तो सबसे बेसिक फंडामेंटल प्रिमिटिव जरूरत है कि सबसे पहले तो आपके एजेंट ने आपके एनवायरमेंट को परसेप्ट करना, पर्सीव, सेंस करना एक बहुत जरूरी चीज बन जाती है। उसके बिना आगे कुछ नहीं होगा, ना कुछ डिसीजन लिया जाएगा, ना एक्चुएटर्स। और जो भी डिसीजन लिया जाएगा या जो भी एक्शन लिया जाएगा, वो इरेलीवेंट होगा, वो इर रिलेवेंट होगा टू एज द सिचुएशन ऑफ द एनवायरमेंट, जो अभी होगा, क्योंकि आपने उसे सेंस ही नहीं किया। बिना सेंस करे, इट्स लाइक दैट कि यार देखो, आप रास्ता क्रॉस कर रहे हो, तो ये हमें भैया हमारे बड़े बुजुर्गों ने सिखाया हुआ है, यह हमें भी पता है भैया, पुस्तकों में भी पढ़ा हुआ है हमने, सबने बताया कि रोड क्रॉस करने से पहले लेफ्ट में एक बार देखो, राइट में एक बार देखो, अगर गाड़ी नहीं आ रही होगी, तो ही आगे जाओ। यह तो आपने ऐसी बात हो गई ना, इधर देखा ना उधर देखा, सीधा चल दिए। तो यह तो बड़ी रिस्क वाली बात है, यह तो इरेलीवेंट एक्शन आप ले रहे हो। तो यह फंडा आपको यहां अंडरस्टैंड करना है। पहले सेंस करना है, पहले दाए-बाए देखना है, फिर आगे बढ़ना है। बात क्लियर है?

मेक डिसीजन बेस्ड ऑन द सेंस डाटा। तो अब ओबवियस सी बात है, आपने दाए-बाए देखा। अब उसके बाद जो डाटा आपने गैदर किया, विजुअली जो आपने डाटा गैदर किया, तो दोनों ही एंड पे मुझे ज्यादा कुछ भैया खतरा दिख नहीं रहा है, क्योंकि आजकल रास्तों पे भैया दोनों तरफ से गाड़ियां आ जाती हैं, कुछ कह नहीं सकते। वन वे, वन वे भी होगा, तो भी दूसरी तरफ से गाड़ी आ जाएगी, कुछ नहीं कह सकते। तो पहले आपने डाटा जो गैदर किया, विजुअली आपने देखा, गाड़ियां काफी आपके नजदीक आ चुकी हैं, तो आप थोड़ा सा होल्ड करते हैं, थोड़ा वेट करते हैं। ट्रैफिक जैम का जो जेब्रा क्रॉसिंग है, वहां पे रुके हुए हैं। पहले देखते हैं कि अरे यार, अभी ये लाल बत्ती होने दो, जैसे ही लाल बत्ती होती है, तो मैं भैया यहां पे जेब्रा क्रॉसिंग के थ्रू जो है, अपना रास्ता यहां पे क्रॉस कर लूंगा। तो यह कुछ डिसीजंस लेना।

एक्शन मस्ट बी जनरेट एंड परफॉर्म्ड बेस्ड ऑन द डिसीजन। ऐसा नहीं कि आपने भैया देख लिया, दाए-बाए देख लिया, रास्ता खाली है, फिर भी क्रॉस नहीं कर रहे हो। अरे भैया, एक्शन लो। एक्शन जनरेट होना चाहिए, परफॉर्म होना चाहिए बेस्ड ऑन द डिसीजन दैट यू हैव टेकन कि हां भैया, अभी रास्ते खाली दिख रहा है, तो अभी आगे बढ़ सकते हैं। तो आगे बढ़ो, आप एक्शन लो उस एनवायरमेंट पे। यह चीज अपने को समझनी है और रास्ता क्रॉस करने का जो एक तरीके से टास्क है, उसको अच्छी तरीके से जो है, एक तरीके से वो परफॉर्म करो। यह बात है।

और परफॉर्म की जब बात आती है, तो यहां पे हाई परफॉर्मेंस की जो है डिमांड होती है। अपने को लो, मिडल कोई परफॉर्मेंस की जरूरत नहीं, हाई परफॉर्मेंस होना चाहिए। अच्छे से रिजल्ट, बेस्ट ऑप्टिमाइज रिजल्ट के हम लोग तलाश में रहते हैं। बेस्ट ऑप्टिमाइज रिजल्ट मतलब देखो यार, एक कोई भी पर्टिकुलर आपके सामने लेट्स से प्रॉब्लम आ गया, कोई भी टास्क ऑपरेशन आ गया, उसको एक तरीके से सॉल्व करने के, उसको परफॉर्म करने के कई सारे ऑप्शंस आपके पास हो सकते हैं। अब आपको ऐसा ऑप्शन चुनना है, आपको ऐसा एक्शन चुनना है, जो कि रैशनल एक्शन हो, जो रैशनल यानी कि करेक्ट, यानी कि राइट आपके सिनेरियो, सिचुएशन, एनवायरमेंट के हिसाब से। अब फिलहाल तो वो एक करेक्ट, राइट जो है, एक्शन आपने यूज किया, उसकी वजह से आपका जो रिजल्ट जनरेट हुआ है, उस ऑपरेशन का, वो एकदम बेस्ट ऑप्टिमाइज होना चाहिए कि भैया, यह तो मैं ख्याल रखूंगा कि रिजल्ट इससे अच्छा तो नहीं हो सकता था, इस सिनेरियो में, इस सिचुएशन में, ऐसे एक्शन में भैया इस्तेमाल करने वाला हूं। और यही आपके बेसिक प्रिमिटिव ऑब्जेक्टिव गोल्स होते हैं, रिस्पेक्टिवली एजेंट के।

अब भैया आगे बढ़ते हैं और कुछ टाइप्स ऑफ एजेंट्स के बारे में जो है चर्चा शुरू करते हैं, जिनके बारे में बहुत सारी जो है क्वेश्चंस जो है, क्वेश्चनिंग जो है आपके साथ की जा सकती है इन द एग्जाम्स। सिंपल रिफ्लेक्स एजेंट क्या है? जैसा नाम है, वैसा ही काम है। आगे देखने वाले हैं, वो डिटेल में देखेंगे। पहले नाम आपके सामने रख देता हूं। मॉडल-बेस्ड एजेंट होते हैं, गोल-बेस्ड होते हैं, यूटिलिटी-बेस्ड। देखो जी, मॉडल-बेस्ड हो गया, मतलब यहां एजेंट जो है, वो मॉडल-बेस्ड है। ये गोल-बेस्ड है, ये यूटिलिटी-बेस्ड है, ये लर्निंग एजेंट्स हैं। ये कुछ और अलग फंडा है, इसके ऊपर भी भैया आने वाले हैं। पहले तो सबसे बेसिक प्रिमिटिव वाले फंडे के साथ शुरुआत करते हैं।

सिंपल रिफ्लेक्स एजेंट, भैया विजुलाइजेशन के साथ सारा मामला आपके सामने मौजूद है। सिंपल रिफ्लेक्स, रिफ्लेक्स एक्शन पता है ना? रिफ्लेक्स एक्शन कुछ ही देर पहले मैंने बताया था, ज्यादा कुछ सोचना नहीं है। अगर भैया गर्म तवे को हाथ लग गया, तो तुरंत भैया आपका रिफ्लेक्स एक्शन क्या कहता है कि हाथ हटा लो। ज्यादा कुछ सोचना नहीं है, क्योंकि यहां पे करंट सिनेरियो, करंट परसेप्शन के ऊपर हम डिपेंड करते हैं। अभी जो मैंने परसेप्ट किया है, करंट सिनेरियो में, उस हिसाब से मेरा रिफ्लेक्स एक्शन क्या होना चाहिए, मेरा रिएक्शन क्या होना चाहिए। और उसके लिए हम लोग कहीं ना कहीं बेस्ड ऑन, यानी कि रेफर करते हैं हमारे इफ-देन रूल्स को, जिनको भैया कंडीशन-एक्शन रूल्स भी कहते हैं। कि हां जी, यह कंडीशन है, यह मेरा अभी करंट जो है, एनवायरमेंट का कंडीशन है। अब उस हिसाब से मेरा एक्शन क्या रहना चाहिए। तो यह कंडीशन रिस्पेक्टिव एक्शन रूल्स या मैपिंग जो है, इनका इस्तेमाल भी यहां पे किया जाता है। एंड ओबवियस सी बात है, जैसा आप देख रहे हो कि यार यहां ना अपना हिस्टोरिक डाटा या जो हमारा प्रीवियस एक्सपीरियंस है, उसको ज्यादा इतना कंसीडरेशन में नहीं लिए जा रहा। तो यहां पे आपका जो रिस्पेक्टिव इंटेलिजेंस है, वो है, लेकिन वेरी लिमिटेड। इट्स अ वेरी वेरी लिमिटेड इंटेलिजेंस। एंड यहां पे ये ऑपरेट करता है फुल्ली ऑब्जर्वेटरी कुछ एनवायरमेंट्स होते हैं, जो पार्शियली ऑब्जर्वेटरी।

[संगीत]

ऑब्जर्वेटरी जानकारी मौजूद है, आपको पता है अपने एनवायरमेंट के बारे में। यू नो ऑल दीज रिस्पेक्टिव डिटेल्स है कि नहीं? और फिर जाके उन्हीं को हम लोग परसेप्ट करते हैं। उसी के बेसिस पे देखो काम कैसे चल रहा है। चलो इसके थ्रू लाइक विजुलाइजेशन के थ्रू समझ लेते हैं। यहां एनवायरमेंट है, यहां पे रिस्पेक्टिवली आपका ये एजेंट है। सही बात है। आप देखो, एजेंट में सेंसर वगैरह, एक्चुएटर, ये सब कुछ तो मौजूद रहेगा। साथ ही साथ आपके रूल्स भी यहां पे मौजूद हैं। तो आप एनवायरमेंट को क्या कर रहे हो, सेंस कर रहे हो, परसेप्ट कर रहे हो बाय यूजिंग द सेंसर। अब सेंसर का जो भी डाटा परसेप्ट आपने किया है, वो आगे दिया जाएगा। और व्हाट द वर्ल्ड इज लाइक नाउ, मतलब आप सोचोगे, समझोगे कि अब इस करंट सिनेरियो में, करंट स्टेट में, किस स्टेट में बेसिकली आपका एनवायरमेंट है। अब ये दुनिया कैसी दिख रही है, ये एनवायरमेंट कैसा दिख रहा है, अभी करंट सिनेरियो में। इसी को बोलते हैं करंट परसेप्शन। अभी कैसा दिख रहा है, वो एक आपके पास मैटर ऑफ फैक्ट आ गया। दूसरा मैटर ऑफ फैक्ट आपके पास है कंडीशन एक्शन रूल। इफ-देन रूल्स आपके पास मौजूद हैं, उनका भी सहारा लिया जाएगा। यानी कि मैं देखूंगा कि अभी सिचुएशन क्या है, अभी एनवायरमेंट कैसा है और फिर उसके बाद रूल्स देखूंगा। अब जो भी फिट मैच मिल जाएगा, उस हिसाब से एक्शन जो है, वो मैं परफॉर्म कर दूंगा। व्हाट एक्शन आई शुड डू नाउ? तो यह दोनों की सहायता ली जा रही है। इनपुट लिया जा रहा है, उस हिसाब से एक्शन लिया जा रहा है और उस एक्शन को परफॉर्म करने के लिए एक्चुएटर्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। एंड देन द एक्शंस आर गेटिंग परफॉर्म्ड ऑन द एनवायरमेंट।

एक सिंपल एग्जांपल दूं, बड़े गर्मी के दिन।

चल रहे हैं कि नहीं बड़े गर्मी के दिन चल रहे हैं, तो एसी भैया हम लगवा हैं। अब क्या होता है ना, कुछ कंडीशन डाल देते हैं। क्या कंडीशन डालते हैं? इफ द टेंपरेचर, लेट्स से, इफ द टेंपरेचर इज ग्रेटर दैन 40. मैं तो बोलता हूं 40 के ऊपर भैया गर्मी जो है असहनीय हो जाती है। तो टेंपरेचर अगर ग्रेटर दैन 40 है, तो मुझे क्या करना है? एसी को टर्न ऑन कर देना है। तो क्या करेगा? रिस्पेक्टिवली आपका जो अभी करंट रूम का सिनेरियो, सिचुएशन, टेंपरेचर जो है, उसे सेंस कर लेगा। तो टेंपरेचर सेंसर के थ्रू वो टेंपरेचर को सेंस करेगा। लेट्स से उसने 38 नोट डाउन किया। अभी करंट सिनेरियो क्या नोट डाउन किया? व्हाट द वर्ल्ड इज लाइक नाउ? 38. टेंपरेचर क्या है? 38 डिग्री सेल्सियस। कंडीशन देखेगा, हां जी। तो इस कंडीशन के हिसाब से सर जी, हमको कुछ नहीं करना है। अभी, अभी कुछ नहीं करना है। अभी मामला कंट्रोल में है। 39, अभी भी कुछ नहीं करना। कोई दिक्कत नहीं है। 40, अभी भी कुछ नहीं करना। क्योंकि कंडीशन क्या है? टेंपरेचर ग्रेटर दैन 40. अगर ऐसा होता तो ठीक है। अगर 40 आ जाता तो इक्वल टू वाली कंडीशन सेटिस्फाई हो जाती। मैं एसी ऑन कर देता। लेकिन ऐसा है क्या? नहीं है।

अब जैसे ही पारा भैया 41° सेल्सियस हो गया, उसने तुरंत नोट डाउन कर लिया। कंडीशन एक्शन रूल के हिसाब से उसने तुरंत जो है, आपका एसी ऑन कर लिया। यानी अब करंट सिचुएशन जो है, रूम का टेंपरेचर जो है, वो 41 हो चुका था। 40 के आगे जा चुका था। उसने सिंपली अपने रूल्स को रेफर किया और रूल के हिसाब से भैया एसी ऑन होना चाहिए। वो उसने एसी ऑन कर लिया। ये आपका सिंपल रिफ्लेक्स एजेंट है। इस तरीके से वो काम करता है। और इसके लिए आपको वो पूरा जो रूम है, वो एक तरीके से जो एनवायरमेंट है, वो फुल्ली ऑब्जर्वेटरी होना बहुत ज्यादा जरूरी होता है। जैसे हम लोग वो गेम नहीं खेलते, क्रॉस सर्कल, क्रॉस सर्कल। इधर क्रॉस मार, फिर इधर सर्कल मार। तो आपको पता होना चाहिए, यहां, यहां, यहां पे एक तरीके से ये जो नौ प्लेस बेसे से, यहां पे आप अपना एक्शन जो है, वो परफॉर्म कर सकते हो। तो यानी कि आपको उस एनवायरमेंट के बारे में जानकारी, आपके मूव्स के बारे में, कहां चल सकते हो, वो इंफॉर्मेशन होनी चाहिए। दैट इज अ फुली ऑब्जर्वेशन मेंट।

लेकिन जब हम कुछ आगे बढ़ते हैं, मॉडल बेस्ड एजेंट आ जाता है। क्या आ जाता है जी? मॉडल बेस्ड एजेंट। यानी कि यहां पे कहीं ना कहीं नॉलेज, जो हमारा एक तरीके से नॉलेज बेस्ड सिस्टम आ जाता है, एक एजेंट आ जाता है, जहां पे वी आर एबल टू स्टोर द परसेप्ट हिस्ट्री। यानी कि जो सेंस डेटा है, उसे यहां पे उस स्टेट को जो है, एक तरीके से इंटरनली हम लोग जो है, स्टोर कर सकते हैं। और यहां पे जो एनवायरमेंट होता है, वो पार्शियली ऑब्जर्वेटरी एनवायरमेंट का जो है, इंफॉर्मेशन नहीं है। हमें सिर्फ पार्शियल पोर्शन, पार्शल एक तरीके से जो एनवायरमेंट का पोर्शन है, उसी के बारे में हम ऑब्जर्व कर सकते हैं। उसी के बारे में जानकारी हमारे पास होती है। और उसी पे आपका मॉडल बेस्ड एजेंट जो है, वो काम करता है। तो कार्यक्रम कैसे चल रहा है? यहां एनवायरमेंट है। तो सबसे पहले बेसिक चीज तो वही सेम ही है। परसेप्ट करना सेंसस के थ्रू। उसके बाद देखना कि भैया दुनिया दिख कैसे रही है। अभी फिलहाल तो करंट सिनेरियो में तो जो भी करंट स्टेट होगा, उसको यहां पे सेव कर दिया जाएगा। देखो मैंने करंट स्टेट को यहां पे सेव कर दिया। अब उसी करंट स्टेट का मैं वापस से, देखो ये एरो दिख रहा है, उसी का मैं यहां पे इस्तेमाल भी कर सकता हूं। टू कंसीडर माय एक्शंस कि मैंने क्या एक्शन लेने चाहिए। ठीक है? साथ ही साथ हाउ वर्ल्ड इवोल्स एंड व्हाट माय एक्शंस कैन डू। जो मेरे पास प्रीवियस हिस्ट्री डाटा है, उससे मुझे पता चल रहा है कि पहले स्टेट क्या थी, अब स्टेट क्या है। यानी कि मेरा जो वर्ल्ड है, मेरा जो एनवायरमेंट है, वो कैसे इवॉल्व हुआ है। पहले भैया ठंड पड़ रही थी, सुबह का टाइम था, ठंड पड़ रही थी। लेकिन जैसे-जैसे वो आगे बढ़ता गया, भैया टेंपरेचर बढ़ता जा रहा है। दोपहर के टाइम पे भैया टेंपरेचर 40 के ऊपर जा चुका है। तो यहां पे मुझे समझने को, सीखने को मिल रहा है कि कैसा मेरा वर्ल्ड इवॉल्व कर रहा है, क्योंकि मेरे पास प्रीवियस डाटा है, मेरे पास पास्ट हिस्ट्री है। मेरे पास मॉर्निंग 7 ओ क्लॉक का टेंपरेचर है कि वो भैया लेट्स से 20 था। अब 40 के ऊपर जा चुका है। तो कैसे मेरी दुनिया जो है, वो इवॉल्व कर रही है, एनवायरमेंट इवॉल्व कर रहा है। एंड व्हाट माय एक्शंस डू। और जब मैंने कोई लेट्स से एक्शन परफॉर्म किए, 40° हो गया था, 41 हो गया था, लेट्स से मैंने बीच में एसी ऑन कर दिया था, तो टेंपरेचर क्या हो गया था? वापस से कम हो गया था। 20, 21, 22 पे आ गया था। तो मेरे एक्शंस ने क्या किया? टेंपरेचर को कम करने का काम किया। तो ये भी सारी इंफॉर्मेशन जो है, मैं कंसीडर करता हूं। उस हिसाब से भैया सोचा समझा जाता है कि अब मेरा एक्शन क्या होना चाहिए। और ओबवियस सी बात है, उसमें अपना कंडीशन एक्शन रूल्स तो उसमें मेंशन होगी। और उस बेसिस पे अपन जो है, व्हाट एक्शन शुड आई टेक नाउ, वो डिसाइड करते हैं। उन एक्शंस को एक्चुएटर्स के थ्रू हम लोग अपने एनवायरमेंट पे परफॉर्म करते हैं। ये मॉडल बेस्ड एजेंट का फंडा जो है, अपने को अंडरस्टैंड करना है।

अब आगे बढ़ते हैं एंड गोल बेस्ड एजेंट्स पे आ जाते हैं। तो यहां भैया गोल का मतलब क्या? डिस्क्रिप्शन ऑफ डिजायरेबल सिचुएशन। यानी अभी फिलहाल तो मेरा एनवायरमेंट जो है, किसी लेट्स से करंट सिचुएशन, सिनेरियो, करंट स्टेट में है। करंट स्टेट में है। अब मुझे क्या वो पर्टिकुलर एक्शंस परफॉर्म करने हैं कि मैं उस एनवायरमेंट को एक डिजायर्ड, जो मुझे डिजायर्ड है, बराबर है कि नहीं, उस डिजायर्ड सिचुएशन, सिनेरियो, स्टेट में लेके जा सकूं। इसको एक रिलेटेबल एग्जांपल के साथ मैं बताता हूं। देखो जी, जरा गौर से। ये अपना गेम नहीं है, क्रॉस सर्कल वाला। कुछ इस तरीके से अभी फिलहाल तो उस गेम का करंट स्टेट है कि यहां पे क्रॉस लगा हुआ है। लेट्स से यहां पे भी क्रॉस लगा हुआ है। यहां पे लेट्स से सर्कल, यहां पे सर्कल और यहां पे सर्कल मौजूद है। अब मेरा अगला मूव मुझे चलना है। क्या एक्शन होगा भैया कि मुझे अपना रिस्पेक्टिवली डिजायर्ड, जो मेरा डिजायर्ड, फाइनल मुझे जीतना है भैया, तो यहां पे इस तरीके से तीन क्रॉस एक लाइन में चाहिए ताकि मैं जीत सकूं। तो मेरा एक्शन क्या होगा? ओबवियस सी बात है, यहां पे बहुत सारे ऑप्शंस होंगे। ये एक ऑप्शन है, ये एक ऑप्शन है, ये एक ऑप्शन है, ये एक ऑप्शन है, जहां पे मैं क्रॉस रख सकता हूं। तो यहां पे मुझे सर्च आउट करना पड़ेगा कि कौन-कौन से ऑप्शन है। उसमें से मुझे प्लान आउट करना पड़ेगा कि कौन सा एक ऐसा मेरा एक्शन रहेगा, जो मुझे अपने डिजायर्ड, क्या बोल रहा हूं मैं, अपने डिजायर्ड स्टेट तक जो है पहुंचा देगा बड़े आसानी से और कम नंबर ऑफ एक्शंस मुझे यहां पे परफॉर्म करने पड़ेंगे। तो ये सारी प्लानिंग, प्लॉटिंग जो है, यहां पे मुझे करनी पड़ सकती है। और उसके लिए सारा तामझाम कैसे चल रहा है, वो मैं आपको यहां पे विजुअली दिखाना चाहूंगा। ये मेरा एजेंट साइड है, ये मेरा एनवायरमेंट साइट है। अब यहां पे एनवायरमेंट में कुछ ना कुछ तो भैया करंट स्टेट ऐसा होगा मौजूद। उसे मुझे सबसे पहले समझना पड़ेगा। पहले मुझे उसे परसेप्ट करना पड़ेगा, सेंस करना पड़ेगा, जो कि काम सेंसस कर लेंगे। उसी रिस्पेक्टिव स्टेट को मैं यहां पे स्टोर भी करूंगा। उसका आगे इस्तेमाल भी करूंगा। टू डिसाइड कि भैया क्या मेरे एक्शंस होने चाहिए। वो प्लान भी करूंगा। अब उसी तरीके से, हाउ द इवॉल्व, हाउ द वर्ल्ड इवॉल्व, एक तरीके से जब गेम शुरू हुआ था, किसने कहां क्रॉस रखा, फिर कहां सर्कल रखा, तो वो मुझे पता चला कि किस तरीके से गेम अभी स्टेट तक आके रुका है। कैसे वर्ल्ड इवॉल्व हुआ है। साथ ही साथ इसमें मेरे क्या-क्या एक्शंस रहे थे, पहले यहां क्रॉस रखा था, फिर यहां क्रॉस रखा था। फिर उसके बेसिस पे मैं आगे भी सोच सकता हूं कि कहां मुझे अपना एक्शन जो है, प्लेस अप करना है। कौन सा एक्शन, कहां पे क्रॉस मुझे प्लेस करना है, किन पोजीशंस पे। तो ये वाला फंडे का मैं इस्तेमाल कर सकता हूं। और यहां पे तो मैं समझ जाऊंगा कि हां जी, ये मेरा रिस्पेक्टिव करंट स्टेट है। व्हाट द द वर्ल्ड इज लाइक नाउ। तो भैया वर्ल्ड इज लाइक नाउ हेयर, जो कि आप देख सकते हो। उस बेसिस पे एक इंपॉर्टेंट एलिमेंट यहां ऐड होता है। गौर से देखना। व्हाट इट विल बी लाइक इफ आई डू अ एक्शन ए। अगर मैं कोई एक पर्टिकुलर एक्शन जो है, ए लेट्स से अगर परफॉर्म करता हूं, तो मेरी दुनिया कैसी दिखेगी? फिर मेरी दुनिया कैसे दिखेगी? क्योंकि यहां पे फिर मैं गोल भी कंसीडर कर रहा हूं। गोल मतलब क्या? आपका ये डिस्क्रिप्शन ऑफ द डिजायर्ड सिचुएशन। कि मेरे को अप्पर रो जो है, पहली रो जो है, उसमें तीनों क्रॉस एक ही लाइन में चाहिए, ताकि मैं जीत सकूं। ये मेरा गोल है। तो इसको भी रेफर किया जाए। और अगर लेट्स से मैं यहां पे एक एक्शन परफॉर्म करता हूं, यहां पे अगर मैं क्रॉस रख देता हूं, सारी प्लानिंग प्लॉटिंग करने के बाद, यहां पे अगर लेट्स से मैं यहां पे क्रॉस रख देता हूं, तो यार मैं तो जीत रहा हूं। यानी कि गोल मैच कर रहा है। ये गोल और जो अभी एक्शन मैंने परफॉर्म किया है, ये तो एक्चुअल में मेरे गोल स्टेट में मुझे लेके जा रहा है। ये तो एक्चुअल में भैया डिजायर्ड स्टेट में मुझे लेके जा रहा है। तो यानी कि ये एक्शन मैं परफॉर्म कर सकता हूं। सो व्हाट एक्शन शुड आई नाउ डू? तो भैया ये एक्शन जो अभी था, उसे परफॉर्म कर लो, ताकि आप अपने रिस्पेक्टिवली गोल स्टेट तक पहुंच जाओगे। तो वो एक्शन कौन परफॉर्म करेंगे? एक्चुएटर्स। ऑ एक्शन विल बी परफॉर्मेंड ऑन द एनवायरमेंट। ये बेसिक सा जो लॉजिक है, गोल बेस्ड एंड एजेंट्स का आपको अंडरस्टैंड करना है।

उसके बाद आगे आते हैं यूटिलिटी बेस्ड एजेंट। यूटिलिटी मतलब क्या जी? यहां पे यूटिलिटी डिस्क्राइब्स हाउ हैप्पी द एजेंट इज। कई बार होता है ना, बच्चे चॉकलेट दे दो, खुश हो जाते हैं। खिलाना दे दो, खुश हो जाते हैं। कड़वी दवाई पिला दो, उदास हो जाते हैं। तो कहीं ना कहीं हम लोग जो है, नाप रहे हैं, पता कर रहे हैं। हाउ हैप्पी द एजेंट इज। एक एक्शन परफॉर्म करने के बाद आपका एजेंट कितना हैप्पी है, वो आपको यूटिलिटी बताने का प्रयत्न करता है। तो यहां पे हम लोग एजेंट को खुश करने का जो है, एक तरीके से काम करने वाले हैं। क्योंकि यार देखो, हमारे पास यहां मल्टीपल एक्शंस ऑप्शन होगा। नाउ वी हैव टू डिसाइड कि किसके लिए हमें जाना है। डिसाइड करना है कि किस एक्शन के साथ हमें जाना है। कौन सा वो सबसे बढ़िया एक्शन होगा। वी हैव टू चूज द एक्शंस दैट आर बेस्ड ऑन द यूटिलिटी। कुछ एक्शन जैसे मैंने अभी आपको बताया कि बच्चे को चॉकलेट देना, एक तरीके से बच्चे को खिलौना दे देना। ये वो एक्शन है जो कि उसका हैप्पीनेस बढ़ा देगा, उसका हैप्पीनेस को इंप्रूव करेगा, ज्यादा करेगा, एनहांस करेगा। तो वो आपको एक्शन करने हैं। कुछ एक्शंस होते हैं कि उनको कड़वी दवाई पिलानी है। कई बार पिलानी भी पड़ती है। बट स्टिल उन एक्शंस को हमें थोड़ा अवॉइड करना है। ये बात जो है अपने को यहां पे अंडरस्टैंड करनी है। यूटिलिटी बेस्ड एजेंट्स में। तो यहां पे जो है, एजेंट की जो खुशहाली है, उसको कैसे मेंटेन रखा जाए, उसपे ज्यादा फोकस किया जा रहा है। तो यहां पे दोस्तों मुद्दे वाली बात जो आपको समझनी है, वो ये है कि फोकस जो है, वो यूटिलिटी पे है। यहां फोकस यूटिलिटी पे रहने वाला है कि देखो, आपका एजेंट जो है, वो हैप्पी स्टेट में रहना चाहिए। अनहैप्पी स्टेट में नहीं जाना चाहिए। अगर वो अनहैप्पी स्टेट में जाता है, तो आपको हर वो पॉसिबल एक्शन परफॉर्म करना है कि उसे वापस आप हैप्पी स्टेट में लेके आ सको। हालांकि यहां पे भी अपने को एक गोल स्टेट जो है, वहां तक पहुंचना ही है। एक डिजायर्ड सिचुएशन, सिनेरियो, स्टेट तक पहुंचना है। जैसे पहले गोल बेस्ड एजेंट पे पहुंच रहे थे। लेकिन वहां फोकस कहां था? गोल पे था। यहां फोकस गोल पे नहीं है। यहां पे फोकस सफर पे है। डेस्टिनेशन पे नहीं है। सफर पे है कि जब वो सफर चल रहा है, तब आपका एजेंट सफर ना करे। इंग्लिश वाला सफर, हिंदी वाला। जब सफर चल रहा है, तो एजेंट आपका इंग्लिश वाला सफर ना करें। वो अनहैप्पी स्टेट में ना जाए। एक तरीके से लेट्स से आप यहां पे सोर्स से डेस्टिनेशन तक जाने के लिए निकल पड़े हो, एक भैया अपने गाड़ी पे। अब ओबवियस सी बात है यार देखो, अपने को पता नहीं आगे क्या आ जाए। कितना जाम लग जाए। कोई एक अनएक्सपेक्टेड सिनेरियो, सिचुएशन आ जाए। कहीं पे भैया कोई आपका रिस्पेक्टिव रोड बंद हो, अंडर कंस्ट्रक्शन हो। पता नहीं भैया क्या सिचुएशन आ जाए। आपके कंट्रोल में थोड़ी ना चीजें हो सकती है। तो जैसे भैया जाम लग जाता है, तो फिर आप अनहैप्पी स्टेट में चले जाते हो कि अरे यार, देरी हो जाएगी। यार मुझे टाइम पे पहुंचना था डेस्टिनेशन पे। टेंशन में आ जाओगे। एजेंट क्या हो गया? अनहैप्पी स्टेट में चला गया। तो तुरंत भैया क्या एक्शन होना चाहिए? एक अल्टरनेटिव पाथ। तुरंत अल्टरनेटिव पाथ बताना चाहिए कि हां जी, इस अल्टरनेटिव पाथ के थ्रू जाओ। यहां से आप अपने डेस्टिनेशन पे टाइम पे पहुंच जाओगे। तो वो एक्शंस जो है, अपने को यहां पे लेने हैं। ये बात अंडरस्टैंड करनी है। और चाहे यूटिलिटी वाला फंडा हो, या फिर गोल बेस्ड वाला फंडा हो, वहां पे पार्शियली ऑब्जर्वेशन मेंट है, वही रहता है। क्योंकि आगे वाला फंड आपको नहीं पता ना यार कि आगे रोड, आगे ट्रैफिक, आगे गाड़ियां, क्या सिचुएशन, क्या सिनेरियो। आपको अपना भैया पता है। आपका सराउंडिंग वाला जो थोड़ा बहुत एरिया है, उसके बारे में इंफॉर्मेशन है। पार्शियली इंफॉर्मेशन है। लेकिन फुल्ली है क्या? नहीं है। ये बात अपने को यहां पे अंडरस्टैंड करनी है। और वही सिचुएशन, सिनेरियो सेम उसी तरीके से चल रहा है। बस यहां पे कुछ नए एलिमेंट जो ऐड कर दिए। बाकी सब मामला तो वही है। सेम वही है। जैसे कि गोल बेस्ड है, उसी का एक एक्सटेंशन है। लेकिन फोकस यहां पे गोल पे नहीं है। आपका सफर पे है। यानी कि आपका रिस्पेक्टिवली हैप्पी स्टेट में रहना चाहिए आपका एजेंट। तो ओबवियस सी बात है, पहले करंट स्टेट एनवायरमेंट का जान लेते हैं। उसे परसेप्ट करना सेंसस के थ्रू। उसके बाद यहां पे आपका फिलहाल तो जो करंट स्टेट है, वो कैसा दिखाई दे रहा है। लाइक यही सेम उसी का शॉर्ट फॉर्म यहां पे लिखा हुआ है। What the world is like now। उसके बाद आगे वाला फंडा जो है, What it will be if I just take or perform a particular action A। और हमारा हिस्ट्री डाटा को कंसीडर करना, स्टेट को सेव करना, उसी को इस्तेमाल करना, कंपेयर करना। How the world has evolved। कि पहले भैया मामला कैसा था, अब कहां तक पहुंचा है। मैंने कौन-कौन से एक्शन ऐसे परफॉर्म किए थे। एंड फाइनली यहां पे हमारी जो यूटिलिटी, वही फंडा डिसाइड होता है कि अगर मैंने ये एक एक्शन परफॉर्म कर दिया, तो मैं किसी एक स्टेट में पहुंच। मैं किसी एक स्टेट में पहुंच। How happy I will be in such a state after performing a particular action। मैं भैया किस स्टेट में रहूंगा? ये रास्ता लिया, तो अब यहां पे भैया खुला रास्ता है, कोई ट्रैफिक नहीं है, तो मैं हैप्पी स्टेट में हूं। तो यूटिलिटी अपने को क्लीयरली इंफॉर्मेशन जो है, एक कंक्लूजन तक पहुंच जाएंगे कि हां, एजेंट जो है, अभी हैप्पी स्टेट में। लेकिन अगर कोई जाम वाला एरिया ले लिया, ट्रैफिक वाला, भीड़भाड़ वाला इलाका ले लिया, अगर आपने, तो फिर से भैया देरी हो जाएगी डेस्टिनेशन पहुंचने की। तो वहां पे भैया आप अनहैप्पी स्टेट में रहोगे। फिर से भैया कुछ एक्शन डिजाइन करोगे, प्लान करोगे कि अपने को कोई और दूसरा अल्टरनेटिव पाथ ले लेते हैं, जहां पे भैया ट्रैफिक कम होगा, जिससे कि अपन जल्दी से जल्दी, शॉर्टेस्ट डिस्टेंस में, कम से कम टाइम में अपने डेस्टिनेशन तक पहुंच जाएंगे। और वही रिस्पेक्टिव एक्शन जो है, एक्चुएटर के थ्रू आप एनवायरमेंट पे परफॉर्म करोगे। ये बात अपने को अंडरस्टैंड यहां पे करनी है।

आगे बढ़ते हैं लर्निंग एजेंट। उसके बाद अलग-अलग टाइप के एनवायरमेंट जो है, उनके बारे में भी डिटेल गहन चर्चा करने ही वाले हैं। लर्निंग एजेंट मतलब क्या? लर्न फ्रॉम इट्स पास्ट एक्सपीरियंस। जैसे पहले लर्निंग वाला एक बेसिक फंडा है। जब हम एआई नाम से काम ढूंढने का प्रयत्न कर रहे थे, वहां पे जो मैंने लर्निंग का बेसिक फंडामेंटल मीनिंग डिलीवर किया था, वही उसी को अडॉप्ट करने की कोशिश जो है, लर्निंग एजेंट कर रहा है कि भैया मैं जो है, दूध का जला हुआ छाछ भी फूंक-फूंक के पिएगा। लर्न फ्रॉम द पास्ट एक्सपीरियंस। लर्निंग कैपेबिलिटी। यहां पे आप एक तरीके से ऐसे समझ सकते, कह सकते हैं कि इन एजेंट्स के पास एक तरीके से लर्निंग कैपेबिलिटी होती है। तो जी, ये अपना जो लर्निंग एजेंट है, उसके अंदर बहुत सारे इंपॉर्टेंट एलिमेंट्स मौजूद है, जो कि एकजुट मिलके किसी काम को अंजाम देते हैं। इसको एक रिलेटेबल एग्जांपल के थ्रू समझेंगे, जैसे कि गाड़ी चलाना हो गया। चलो एक-एक एलिमेंट को इस रिलेटेबल एग्जांपल के साथ समझने का प्रयत्न करते हैं, जो कि अपना ये रास्ता यानी कि एनवायरमेंट है। ओके? एक तरफ और दूसरी तरफ भैया आपका रिस्पेक्टिवली जो एजेंट है, जो कि गाड़ी चलाने वाला है, लर्निंग एजेंट यहां मौजूद है। तो इसमें सबसे पहली बात देख लो, लर्निंग एलिमेंट। शुरुआत यहीं से करते हैं। लर्निंग एलिमेंट, जैसा नाम भैया, वैसा ही काम। यहां पे ये अपने को बताने वाला है कि कब क्या करना है, कब क्या करना है। What to do, when to do? कब क्या करना है? यानी कि कब आपको ब्रेक दबाना है, कब आपको एक्सलेटर दबाना है। खुला रास्ता दिख गया, तो एक्सलेटर दबाना है। और भैया अपने को रिस्पेक्टिव ट्रैफिक दिख रहा है, ट्रैफिक जाम हुआ लग रहा है, तो अपने को ब्रेक दबाना है, ताकि गाड़ी ठुक वुक ना जाए भैया, एक तरीके से। तो कब क्या करना है, वो लर्निंग एलिमेंट बता रहा है। दूसरी तरफ परफॉर्मेंस एलिमेंट क्या बताता है? कि क्या करना है, कैसे करना है। How to do the things, how to do everything? तो यहां पे एक तरीके से गाड़ी चलाने के भी अलग-अलग तरीके सबके होते हैं। इसीलिए तो हम कहते हैं, ये नूब ड्राइवर है, ये प्रो ड्राइवर है। ऐसे कब कहते हैं? कि भैया यहां पे सबका तरीका जो है, वो अलग-अलग होता है। परफॉर्मेंस जो है, अलग-अलग होता है। कोई बहुत बढ़िया तरीके से गाड़ी की ड्राइविंग जो है, वो हैंडल कर सकता है। कोई भैया उसको बताना पड़ता है, भाई ब्रेक दबा, ब्रेक दबा, ठुक जाएगी गाड़ी। किसी को बोलना पड़ता है, भाई एक काम कर, अभी थोड़ी सी तेज चला ले। साइकिल भी आगे चली गई है। क्या चला रहा है भैया तू? क्या कर रहा है? तो इस तरीके से परफॉर्मेंस भी मैटर करता है। How you have to drive, ये भी फंडा जो है, आपको परफॉर्मेंस एलिमेंट बताता है। अब मैंने जो एक इंपॉर्टेंट पार्ट यहां मेंशन किया था कि एक को बोलते हो भैया आप प्रो ड्राइवर, एक को बोलते हो न्यूब ड्राइवर। ये प्रो और नब क्यों बोल रहे हो सर आप? ये क्योंकि ये डिपेंड करता है उनके एक्सपीरियंस के बेसिस पे। कि कितना उन्होंने एक्सपेरिमेंट किया हुआ है, किस-किस रास्ते पे गाड़ी चलाई है, किस-किस सिचुएशन में, कितने ट्रैफिक सिचुएशन में, कितने भैया हाईवे सिचुएशन में, कितने एम्टी रोड्स में, कैसे क कैसे जो अपने रहते हैं ना पहाड़ी रोड होते हैं, देखो टर्न वाले रोड होते हैं, टर्न वाले। वो एक्सपेरिमेंट उन्होंने किए होंगे। मतलब यहां पे उन्होंने बहुत सारे एक्सपेरिमेंट्स को विटनेस किया, सक्सेसफुली पास किया, तब जाके वो प्रो ड्राइवर बने और तब जाके उनका परफॉर्मेंस यहां पे एनहांस हुआ है। तो वही परफॉर्मेंस जो एलिमेंट है, उसे एक्सपेरिमेंट्स तो प्रोवाइड किए जाने चाहिए, अलग-अलग रास्ते तो देने चाहिए, तब जाके वो नब ड्राइवर से प्रो ड्राइवर बन पाएगा, तब जाके उसका जो परफॉर्मेंस है, ड्राइविंग का, वो एनहांस हो पाएगा। इसीलिए यहां पे प्रॉब्लम जनरेटर होता है। इसीलिए प्रॉब्लम जनरेटर होता है। यानी कि अपने लेट्स से इंस्ट्रक्टर्स होते हैं, जो ड्राइविंग के, वो बोलते हैं भैया, एक काम कर, पाड पे गाड़ी चला दे। वो बोलते हैं, एक काम कर, ये वाला जो है ना, वो मिट्टी वाला रास्ता, ऑफ रोड, यहां पे भैया गाड़ी चला दे। उससे एक्सपेरिमेंट वो अपने को दे रहे हैं, एक्सपोजर दे रहे हैं, जिससे कि अपने को पता चलता है कि भैया चीजें जो है, कैसे ऑपरेट होंगी और हम अपने परफॉर्मेंस को बेटर करेंगे। और यहां पे भैया क्रिटिक वाला मामला भी होता है। क्रिटिक वाला मामला क्या करता है? एक तरीके से आपका एनवायरमेंट को सेंस करता है। कितना ट्रैफिक है, कितनी गाड़ी है, क्या स्पीड चल रहा है, बराबर है कि नहीं। तो ये मामला जो है, क्रिटिक अपने को सेंस करता है और।

लर्निंग एलिमेंट को क्या करता है एक फीडबैक देता है। वो फीडबैक देता है। देखो यहां पे लर्निंग एलिमेंट को क्या कर रहा है एक फीडबैक दे रहा है कि हां भाई साहब देखो ट्रैफिक आ गया है तो अभी क्या करना है आपको यहां पे ब्रेक लगाना है। वो लर्निंग एलिमेंट आपको बता देगा।

कुछ परफॉर्मेंस स्टैंडर्ड्स भी होते हैं। ओबवियस सी बात है आप जब गाड़ी चला रहे हो अब किस तरीके से गाड़ी चलानी है वो तो भैया चलो आपके हाथ में लेकिन कुछ स्टैंडर्ड्स को कुछ लिमिट्स को यहां पे रखना पड़ता है। जैसे कि आपने हर बार देखा होगा कुछ नियम कानून होते हैं, कुछ स्टैंडर्ड्स होते हैं ड्राइविंग के जो कि आप एक्सप्रेसवेज हाईवेज पे चला सकते हो कि आपकी स्पीड लिमिट इतनी होनी चाहिए बराबर है कि नहीं। वो बहुत सारे जो कोड्स भी बड़े मजेदार कोड्स वहां पे होता है। "स्पीड थ्रिल्स बट इट किल्स" ऐसे भी होता है बराबर है कि नहीं। तो 80 केएमपीएच की जो एक तरीके से स्पीड होती है उसको मेंटेन करते चलो। लेफ्ट लेन या फिर सेंटर लेन या राइट लेन को जो है एक तरीके से फॉलो करो। ऐसे कुछ स्टैंडर्ड्स हैं परफॉर्मेंस स्टैंडर्ड्स उनको भी अपने को फॉलो करना पड़ेगा। तो वो चीजें भी यहां पे इंवॉल्वड होती हैं।

तो जी अल्टीमेटली अपने को कुछ एक्शंस एनवायरमेंट पे तो परफॉर्म करने हैं तो उसके लिए अपना सहायक कौन होगा? एक्चुएटर्स के थ्रू वही एक्शंस हम अपने रिस्पेक्टिवली एनवायरमेंट पर परफॉर्म कर पाएंगे। साथ ही साथ अपना जो लर्निंग एलिमेंट है कुछ चेंजेज जो हैं आपके परफॉर्मेंस प्लान में इंड्यूस कर सकता है कि देखो भैया अब ये चीज करनी है इस वक्त में। चलो जल्दी से भैया इन चेंजेज को अमेट करो। साथ ही साथ देखो अपना जो परफॉर्मेंस है वो डे बाय डे इंक्रीज तो होगा। जैसे-जैसे अपने को एक्सपेरिमेंट सप्लाई होते जाएंगे हम नूब से भैया प्रो ड्राइवर तो बन जाएंगे। तो उस दरमियान हमने कुछ नॉलेज प्राप्ति की होगी तो वो हम लोग लर्निंग एमेंट के साथ शेयर कर सकते हैं। और साथ ही साथ भैया अपने परफॉर्मेंस को अभी हमें प्रो से अल्ट्रा प्रो लेजेंड मैक्स बनाना है। ओके अल्ट्रा लेजेंड प्रो मैक्स अपने को ड्राइवर बनना है तो उसके लिए और एक्सपेरिमेंट चाहिए होंगे।

लेट्स से तो लर्निंग गोल्स जो है वो एक्चुअल में लर्निंग एलिमेंट प्रोवाइड करता है प्रॉब्लम जनरेटर को। यानी कि प्रॉब्लम स्टेटमेंट जो है गोल्स जो है वो लर्निंग एलिमेंट देता है प्रॉब्लम जनरेटर को। उस हिसाब से प्रॉब्लम्स एक्सपेरिमेंट जनरेट किए जाते हैं प्रोवाइड किए जाते हैं आपके इस परफॉर्मेंस एलिमेंट को क्योंकि ये जो नॉलेज उसको मिला था पर परमस एलिमेंट्स है उसके बेसिस पर इवेलुएट करते हैं कि अभी तो यार ये प्रो ड्राइवर बन गया है। अब इसको अल्ट्रा प्रो मैक्स भैया अल्टीमेट जो भी ड्राइवर है वो बनाने के लिए चलो ये गोल एक स्टेटमेंट है ये एक्सपेरिमेंट भैया उसको दे दो ताकि उस लेवल को भी वो रीच आउट कर जाए। इस तरीके से आपका इन टोटलिटी लर्निंग एजेंट जो है वो काम करता है अपने को समझना है।

अब आगे बढ़ते हैं और बहुत सारे अलग-अलग विविध विविध प्रकार के भैया एनवायरमेंट्स है उनके बारे में जानेंगे और उसके बाद फजी लॉजिक का भी जो फंडा है वो समझने का शुभारंभ अपन करने वाले हैं।

देखो जी तो जी यहां पे एनवायरमेंट्स के सबसे पहला टाइप निकल के आ जाता है फुल्ली वर्सेस पार्शियली ऑब्जर्वेटरी। कर चुके जब एजेंट्स का हम लोग जो है चर्चा कर रहे थे तो फुल्ली और पार्शियली जैसा नाम वैसा ही काम। फुल्ली ऑब्जर्वेटरी खुली किताब है उसको फुल्ली कंप्लीट आप ऑब्जर्व कर सकते हो यानी कि जो आपके एनवायरमेंट का करंट स्टेट है उसकी कंप्लीट फुल इंफॉर्मेशन अवेलेबल होगी। लेकिन दूसरी तरफ देखा जाए तो कई बार आपको पार्शियली ऑब्जर्वेशन मेंट्स भी देखने को मिलेंगे जहां पे आपके पास जो है सारा का सारा जो ए एनटायर एनवायरमेंट है उसका जस्ट अ पार्ट उसका जस्ट अ पोर्शन उसका जस्ट अ सबसेट ऑफ द एंटायस इज ऑब्जर्वेटरी आपके पास होगी। हो सकता है बाकी जो रिस्पेक्टिव जो आपका बचा हुआ एनवायरमेंट के पोर्शंस है या हिस्सा है वो शायद हिडन होगा या कुछ उसमें अनसर्टेनटीज होंगी तो ये बातें एजिस्ट कर सकती हैं ये बात अपने को जाननी है।

इसका एक बहुत ही पॉपुलर एग्जांपल जो आगे मैं डायनेमिक के साथ जो है कनेक्ट करना चाहूंगा वो ये है जैसे कि भैया गाड़ी चला रहे हैं तो यार देखो अपने को अपने जो पर्सनल स्पेस है उसमें तो पता होता है कि ये एनवायरमेंट में क्या-क्या चीजें हैं किस तरीके से काम चल रहा है क्या करंट स्टेट है। लेकिन आगे चलके पता नहीं ना भैया कौन सा रास्ता कहां जाने वाला है क्या भैया कोई रास्ता ब्लॉक होने वाला है जाम लगने वाला है क्या होने वाला है सिनेरियो हमको एक पूरा एंटायस एनवायरमेंट का पूरा आईडिया नहीं होता तो वो पार्शियली ऑब्जर्वेटरी हो जाता है।

और सेम वो डायनेमिक नेचर भी होता है वो एनवायरमेंट्स का नेचर डायनेमिक भी होता है। डायनेमिक मतलब क्या जी यहां पे आपकी चीजें सेम नहीं रहेंगी ओवर द टाइम। जैसे-जैसे भैया टाइम बीतेगा जैसे-जैसे आपकी जो गाड़ी है वो आगे जाती जाएगी जाती जाएगी जरूरी थोड़ी ना भैया आपका जो रिस्पेक्टिव रास्ता है वो सीधा-सीधा सीधा-सीधा ही जा रहा है। वो चेंज हो सकता है वहां पे ट्रैफिक भी कम ज्यादा हो सकता है बराबर है कि नहीं। वहां पे भैया क्या पता रस्ते ब्लॉक हो सकते हैं कुछ रस्तों को रिलीज किया जा सकता है कुछ को ब्लॉक किया जा सकता है कुछ को अल्टरनेटिव पथ्स के लिए ओपन किया जा सकता है तो यहां पे बहुत ही डायनेमिक नेचर रहता है कि ओवर द टाइम भैया आपका एनवायरमेंट चेंज हो रहा है। इसीलिए यहां पे कंटीन्यूअसली आपके एजेंट को सेंसिंग करना पड़ता है ये इसका एक डिसएडवांटेज है क्योंकि यार ओवर द टाइम वो आपका एनवायरमेंट चेंज होने वाला है तो आई हैव टू बी प्रिटी क्लियर कि भैया अब करंट स्टेट क्या है उसके लिए मुझे उसे कंटीन्यूअसली सेंस करना पड़ेगा।

लेकिन दूसरी ओर जो है वो हमारा एक आइडियल एनवायरमेंट रहता है स्टैटिक एनवायरमेंट जो कि ज्यादातर तौर पे आपके ओवर द टाइम जो है ओवर द पीरियड ऑफ टाइम वो चेंज नहीं होता है तो ये काफी आसान मामला हो जाता है स्टैटिक एनवायरमेंट्स का। जैसे कि फॉर एग्जांपल एक खाली कमरा पड़ा हुआ है उसका टेंपरेचर आपको सेंस करना है तो उसमें ज्यादा कोई चेंजेज नहीं होने वाले तो वो आपका स्टेटिक एनवायरमेंट हो जाता है।

आगे बढ़ते हैं डिस्क्रीट एंड कंटीन्यूअस टाइप ऑफ एनवायरमेंट। देखो डिस्क्रीट वाला फंडा मैं क्या बोल रहा हूं इन टर्म्स ऑफ फाइना नेस यहां पे बात कर रहे है। डिस्क्रीट में हम लोग फाइना नेस की बात करते हैं और कंटीन्यूअस में इनफाइनों करते हैं। मतलब क्या कि जो भी आपके नंबर ऑफ स्टेट्स रहेंगे मतलब जो भी जैसे अभी हम लोग कोई बोर्ड गेम खेल रहे हैं चेस खेल रहे हैं तो ऑब् वियस सी बात है उसमें जो रिस्पेक्टिव आपके स्टेट्स एजिस्ट कर सकते हैं या फिर जो भी आप मूव्स या एक्शन परफॉर्म करोगे दे वुड बी फाइना इन नंबर इनफाइनों ग नहीं वहां पे तो वो हो जाता है आपका डिस्क्रीट एनवायरमेंट।

लेकिन दूसरी तरफ जैसे कि चलो यार अपना गाड़ी वाला एग्जांपल ले लेते हैं तो वो कंटीन्यूअस हो जाता है क्योंकि वहां पे बहुत सारे अलग-अलग मूव्स हो सकते हैं अलग-अलग टैक्टिक्स हो सकते हैं अलग-अलग स्टेट्स मौजूद हो सकते हैं तो वो मामला बहुत ज्यादा लाइक वो इंफाइटिंग वहां पे आपके पास जो है वो जो मूव्स की बात की एक्शंस की बात की या फिर स्टेट्स की बात की वहां पे वो मामला इनफाइनों और जो रिस्पेक्टिवली आपका फाइना इट है वो डिस्क्रीट है।

साथ ही साथ आगे बढ़ते हैं एपिसोड क एंड सीक्वेंशियल। ये बड़ा सिंपल मामला है। अपन क्या कर सकते हैं कि जो भी अपना एजेंट जो भी ऑपरेशन या टास्क परफॉर्म कर रहा है एक्शन परफॉर्म कर रहा है उसको हम लोग जो है फर्द ऑन एपिसोड्स के अंदर डिवाइड कर सकते हैं। अब देखो जी ये एपिसोड और ये एपिसोड ये दोनों एक दूसरे से इंडिपेंडेंट है। ये दोनों एक दूसरे से इंडिपेंडेंट है जो भी यहां परफॉर्म हो रहा है और जो भी एक्शन यहां परफॉर्म हो रहा है उसका एक दूसरे से कोई लेना देना नहीं। इस इस रिस्पेक्टिव एपिसोड का एक अपना इनपुट होगा इसका एक अपना आउटपुट होगा। इसका एक अपना इनपुट होगा इसका एक अपना आउटपुट होगा बात समझ में आ रही है। दोनों में कहीं भी डिपेंडेंसी आपको देखने को नहीं मिलेगी। इसे कहते हैं भैया आपका एपिसोड एनवायरमेंट।

लेकिन सीक्वेंशियल एनवायरमेंट क्या होता है कि अगर भाई साहब मान लो यहां पे इस पॉइंट पे अगर कोई एक्शन परफॉर्म करना है तो वो एक्शन एक्चुअली इसी स्टेट पे नहीं डिपेंड करता इसी एपिसोड पे नहीं डिपेंड करता वो प्रीवियस में जितने भी आपके आउटपुट जनरेट किए थे तो उन सभी पे सीक्वेंस ऑफ प्रीवियस आउटपुट्स पे आपका एक्शन करंट एक्शन डिपेंड करता है वो होता है भैया आपका सीक्वेंशियल एनवायरमेंट। ये बात अपने को अंडरस्टैंड करनी है।

उसके बाद आते हैं भैया अगला वाला फंडा जो है नोन एंड अननोन एनवायरमेंट। अरे सिंपल सी यार जैसे कि अभी भी हम आमतौर पे जब हम अपने एरिया में घूमते हैं जहां पे हम लोकल हैं जहां पे हमारा घर है तो वहां की गली-गली हमें पता होती है कि ये गली किस तरफ निकलती है। कोई अगर हमें एड्रेस पूछ दे तो हम तुरंत बता देते हैं कि भैया एक काम करो ये वाली गली मत लेना वो दूसरी लेना वहां पे शॉर्टकट है तो हम भैया गली-गली से वा वाकिफ होते हैं यानी कि यहां पे सारी इंफॉर्मेशन हमें पता होती है ये सारा चीज नोन होता है कि अच्छा ये एक्शन लेंगे तो ये आउटपुट मिलेगा इस स्टेट में जाएंगे ये सारी चीजें जब नोन होती है एक एनवायरमेंट के बारे में तो वो हो जाता है आपका नोन एनवायरमेंट।

लेकिन अगर मान लो किसी अनजानी जगह पे मैं चले जाऊं तो क्योंकि मुझे नहीं पता ना यार अब यहां तो नोन है मुझे पता है कि मेरे एरिया में भैया कौन से नियम कानून तो और तरीके चलते हैं मुझे पता है लेकिन भाई अगर किसी और देश में चले जाए या किसी अनजानी जगह पे चले जाए तो वहां पे लोगों से पूछना पड़ता है कि ये मैं सही कर रहा हूं ना ये सही चीज है ना भैया ये तो मेरे लिए अननो नहीं है मैं पहली बार आया हूं ये तो तो मेरे लिए अननोन है यहां के नियम कानून तौर तरीके मुझे नहीं पता है यहां पे मुझे वो समझना पड़ेगा सीखना पड़ेगा बिफोर आई परफॉर्म एनी एक्शन क्योंकि एक्शन परफॉर्म करने के बाद रिजल्ट मुझे क्या मिलेगा वो मुझे आईडिया नहीं होगा बिकॉज़ मेरे लिए एनवायरमेंट पूरी तरीके से नया है अननोन है ये बात समझनी है।

साथ ही साथ अगला फंडा आ जाता है एक्सेसिबल एंड इन एक्सेसिबल। बड़ा सिंपल है जी चीज अगर आपके लिए जितने भी उस एनवायरमेंट में जो भी फीचर्स हैं अगर वो कंप्लीट एक्सेसिबल है एक्युरेटली एक्सेसिबल है गौर से सुनिए। एनवायरमेंट के जितने भी एलिमेंट्स हैं एंटिटीज है फीचर्स हैं अगर वो आपके लिए कंप्लीट एक्युरेटली एक्सेसिबल है प्रोवाइडेड है तो वो आपका एक्सेसिबल एनवायरमेंट कहलाता है। जैसे कि ये सिंपल सा एक रूम है अब छोटा सा भैया एरिया है ब ज्यादा कोई बड़ा एरिया नहीं है तो उसमें भैया जो भी एलिमेंट्स होंगे फीचर्स होंगे वो सब भैया लेट्स से एजेंट के लिए एक्सेसिबल होंगे।

तो इन एक्सेसिबल भैया जैसा नाम है वैसे ही काम है। लेट्स कंसीडर मैं थोड़ा रूम के बाहर निकलता हूं और यूनिवर्स को कंसीडर करता हूं एज अ एनवायरमेंट तो क्या मुझे पूरे यूनिवर्स के रिगार्डिंग उसके जितने भी फीचर एंटिटीज या फिर एलिमेंट्स एक्जिस्ट करते हैं उसकी कंप्लीट और एक्यूरेट नॉलेज इंफॉर्मेशन मेरे पास मौजूद होगा क्या जी एक्सेसिबल होगा क्या जी सर जी ये तो क्या यार आप आउट ऑफ हैंड की बात कर रहे हो ये तो हाथ के बाहर की बात है तो वही होती है इन एक्सेसिबल जो आपके हाथ में नहीं आता वो इन एक्सेसिबल। वही बात अपने को समझनी है और वही इन एक्सेसिबल एनवायरमेंट्स आपके कहलाते हैं।

और बेस्ड अपॉन द काउंट ऑफ एजेंट होता है यानी कि अगर देख लो आपकी उस एनवायरमेंट में एक सिंगल एजेंट अगर ऑपरेट कर रहा है अपने टास्क परफॉर्म कर रहा है एक्शन परफॉर्म कर रहा है तो उसे बोलेंगे सिंगल एजेंट जी मतलब एक से काम चल रहा है तो ठीक है कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन कई बार कुछ ऐसे काम होते हैं जिसमें भैया साथ ही हाथ बटाना ये वाला काम भैया अपने को जो है करना पड़ता है यानी एक एजेंट से काम नहीं होता तो उस एनवायरमेंट में हम लोग एक से ज्यादा एजेंट्स को डिप्लॉयड संभाल लेते हैं। एजेंट वन टास्क वन एजेंट टू टास्क टू एजेंट थ्री टास्क थ्री लेकिन इन सबका जो एक तरीके से कूमेट रिवॉर्ड यहां पे फंडा कंसीडर किया जाता है क्या किया जाता है कूमेट रिवॉर्ड कि भैया सब लोग मिलके यहां पे एक काम को अंजाम देंगे और फिर उसके बाद उस टास्क को सक्सेसफुली कंप्लीट करके रिवॉर्ड पाएंगे। ये बात क्लियर है ये बात सिंपल है।

अब आगे बढ़ते हैं जी और देखते हैं अपना फजी लॉजिक वाला फंडा जिसका शुभारंभ अभी हम लोग करने वाले हैं। तो जी फजी लॉजिक है तो है क्या भैया ये एक लैंग्वेज है टू बी मोर प्रेसा इज एक मैथमेटिकल लैंग्वेज है तो ओबवियस सी बात है सर फिर अगर लैंग्वेज है तो इसका कुछ ग्रामर होगा इसके कुछ सिंटेक्स सिमटिक रूल्स होंगे नियम कानून ौर तरीके होंगे जिसके जरिए ये कुछ आपको बताना चाहता होगा और वो क्या बताना चाहता है उसके सारी प्रॉपर्टीज ऑपरेशंस टर्म टर्मिनोलॉजी आगे भैया हम लोग डिस्कस करने ही वाले हैं।

लेकिन पहले जान लेते हैं भैया इसके फादर साहब कौन है आपके फजी लॉजिक के फादर साहब है भैया लॉटफी ज्यादा है ये आपको पता होना चाहिए। और साथ ही साथ भैया यहां पे ये जो फजी लॉजिक टर्म है इसमें ये फजी टर्म मेंशन किया गया है। अब ये फजी का मतलब क्या निकलता है नॉट क्लियर कुछ तो वेग सा भैया कोई बता रहा है चीजें बराबर कि नहीं ऐसा लगता है तो यार मतलब यहां पे क्लेरिटी नहीं है जो भी आप बता रहे हो। लेट्स से आपसे एक मैं प्रश्न पूछता हूं कि यार अभी तक जितना भी एआई का वन शॉट चल रहा है आपको समझ में आया आपको आसान लग रहा है आपको इजी लग रहा है समझने में आसान जा रहा है तो कुछ लोग कहेंगे भैया कि यस सर मतलब एकदम क्लेरिटी के साथ बोलेंगे कि यस सर सारा समझ में आ रहा है। कुछ लोग कहेंगे नहीं सर समझ में नहीं आ रहा तो यहां पे क्लेरिटी है यहां पे एक स्टैंड है यस नो यस नो।

लेकिन कुछ लोग इसके बीच में होंगे। कुछ लोग क्या बोलेंगे पता है हां सर कुछ हद तक तो समझ में आ रहा है। वेरी मच आई एम अंडरस्टैंडिंग इट सर कुछ हद तक। अरे भाई आपकी हद क्या है मैं कैसे समझूं आपने क्लियर आईडिया मुझे नहीं दिया आपने क्लियर आंसर मुझे नहीं दिया कि समझ में आ रहा है यस या समझ में नहीं आ रहा आपने बीच का रास्ता चुन लिया हां सर कुछ हद तक समझ में आ रहा है तो अब इससे मैं क्या समझूं अब इससे मैं क्या समझूं तो ये क्लेरिटी जो है यहां पे फज यही बता रहा है कि नहीं है नॉट क्लियर वाला फंडा है। जैसे हम लोग कई बार जो है रियल लाइफ में ये फजी सिनेरियो का ही इन्हीं शब्दों का ही एक तरीके से इस्तेमाल करते हैं या आई लाइक इट वेरी मच आई डिंट लाइक दैट मच। अरे भाई बताओ सीधा-सीधा भैया नहीं पसंद आया पसंद आया क्या है भैया यहां पे ब्लैक एंड वाइट ज्यादातर तौर पे हम डील ही नहीं करते रियल लाइफ में हम लोग यहां पे ग्रे शेड में ज्यादा जीते हैं ग्रे में ज्यादा जीते हैं ब्लैक वाइट बहुत ही कम होता है बहुत ही कम होता है रियल लाइफ में ज्यादातर हम लोग ग्रे जन में होते हैं और जब ग्रे जन में होते हैं तब जाके फजी का मामला जो है ऑपरेट करता है।

अब ऐसा नहीं कि यार देखो यही एक मैथमेटिकल इकलौती मैथमेटिकल लैंग्वेज है नहीं जी इससे भैया और भी ज्यादा एजिस्ट करती हैं। कुछ मेन जो आपके मैथमेटिकल लैंग्वेजेस हैं वो मैंने आपके सामने यहां पे मेंशन कर दिए जिनका नाम है भैया बुलियन लॉजिक एक है रिलेशनल लॉजिक एक है प्रेडिकली लॉजिक। देखो जी सिंपल सी बात है आपके जो बुलियन वेरिएबल होते हैं उन पे ऑपरेट करना तो उसके लिए हम लोग बुलियन लॉजिक का इस्तेमाल करते हैं। जो आपके सेट होती है जो सेट थरी भैया डिस्क्रीट मैथमेटिक्स में बहुत डिटेल में मैंने पढ़ाई थी समझाई थी विद लॉट ऑफ न्यूमेरिकल्स एंड रियल लाइफ एग्जांपल तो अगर आप रेफर करना चाहते हैं तो जरूर डिस्क्रीट मैथमेटिक्स का चार घंटे का वन शॉट वीडियो उसे जरूर रेफर कर लीजिएगा। उसमें भी भैया आपको बहुत सारी चीजें इसके बार में सीखने को मिल जाएंगे। लेकिन हाल फिलहाल यहां पे ये समझिए कि जो ये रिलेशनल लॉजिक ये जो मैथमेटिकल लैंग्वेज है ये किस पे ऑपरेट करती है सेट के ऊपर और ये प्रेडिटरमिनेशन मैथमेटिक्स में भी भैया इसके बारे में डिस्कशन काफी गहन किया हुआ है। ये भैया आपका ऑपरेट कर रहा है रिस्पेक्टिवली डीड एफएफ यानी कि वेल फॉर्म्ड फॉर्मूले या फिर जिसे प्रेडिकली कहते हैं ठीक है तो ये वाला मामला जो है यहां पे इस तरीके से ऑपरेट किया जा रहा है।

अब मैं क्या करता हूं पता है मैं इसको जोड़ देता हूं इसको जोड़ देता हूं मतलब इनका एक कॉमिनेशन बनाता हूं इनका एक मिक्सचर बनाता हूं और फिर जाके जन्म लेता है मेरा फजी लॉजिक आप बात समझ पा रहे हैं। इनका एक कॉमिनेशन बनाता हूं और फिर भैया जन्म लेता है मेरा फज लॉजिक जो किसके साथ डील कर रहा है जी किसके साथ डील कर रहा है फजी सेट्स के साथ डील कर रहा है या कई बार उसको फजी अलजेब्रा से भी डिनोट कर देते हैं। और अब जो अगला फंडा अपने को समझना है वो है फजी सेट्स। अब देखो इसके बारे में जानेंगे समझेंगे लेकिन पहले एक मुकाबला हो जाए भैया क्रिस्प लॉजिक और फजी लॉजिक के बीच में जिससे फज लॉजिक का आईडिया आपके दिमाग में और भी क्लियर हो जाएगा।

अब देखो जी क्रिस्प लॉजिक जो है जैसे कि नाम है भैया क्रिस्प क्लियर इसका मतलब क्या होता है क्लियर यानी यहां पे अपन ब्लैक और वाइट के बारे में बात करते हैं ग्रे के बारे में बात नहीं करते। यहां पे ग्रे अलाउड ही नहीं है यहां पे ग्रे अलाउड ही नहीं है यानी यहां पे ब्लैक और वाइट इसी की बात होती है इसके इन बिटवीन जो ग्रे जन है उसकी बात नहीं होती। यहां पे जीरो या वन इन्हीं की बात होती है इसके बीच के वैल्यूज की बात नहीं होती। यहां पे सीधा-सीधा अगर मैं आपसे प्रश्न पूछ लूं कि भैया एक ट्रिप प्लान कर रहे हैं हम लोग आएगा तू हैं तेरी सीट बुक करवा दूं तेरी टिकट बुक करवा दूं मैं आएगा अरे भाई मेरे को सिर्फ हां या ना एक्सपेक्टेड है बाकी कुछ और भैया टर्म मेरे सामने मत रखियो मेरे को ते का तेरा जो है क्लियर आंसर चाहिए। यस या नो आने वाला है ट्रिप में हां या ना ट्रू और फाल्स जीरो और वन ब्लैक एंड वाइट इस तरीके से भैया मामला जो है क्रिस्प लॉजिक में चलता है।

लेकिन फज लॉजिक का जैसे मैंने अभी आपको बताया कि जीरो और वन के बीच में यानी कि ग्रे जोन में भी वो खेल लेता है ये बात अपने को समझनी है। यानी वो सीधा-सीधा अपने को फजी आउटपुट कैसा मिलता है पता है ये तो क्रिस्प आउटपुट की बात तो मैंने आपके सामने रख दी कि आपका उत्तर क्या होना चाहिए लेकिन फजी का उत्तर क्या होता है फजी आउटपुट क्या होता है मे बी यार आ सकता हूं मे नॉट भी शायद मैं नहीं भी आ सकता या शायद आ सकता हूं नहीं भी आ सकता। एब्सलूट मैं आ सकता हूं भाई क्लियर बता यस या नो यस या नो इतना ही तो एक्सपेक्ट कर रहा हूं लेकिन फजी बोलता है नहीं जी मैं तो ग्रे जोन में भी खेलूंगा मेरे पास तो वो भी एडवांटेज है तो कैसे काम कर रहा है चलो एक एग्जांपल के थ्रू देखते हैं।

एक प्रश्न पूछा एक आइटम जो है भैया लेट्स से मैंने प्रोवाइड किया अपने क्रिस्प सिस्टम को और एक प्रश्न पूछा इज आइटम स्वीट मतलब भैया मीठा है भैया जो आइटम अभी आपने खाया है लेट्स से जो क्रिस्प बंदा होगा जो क्लियर बंदा होगा उसने आइटम खाया तो आप उससे पूछ रहे हो कि भैया आइटम मीठा है हैं तो बोल देगा यस या नो बस बात खत्म यही तो मैंने बोला था कि मुझे क्रिस्प आउटपुट में क्लीयरली मेंशन चाहिए यस या नो ब्लैक एंड वाइट जीरो या वन बस बात खत्म ग्रे जोन में नहीं जाना है। लेकिन ये बोलता है सर जी यहां पे तो मेरे पास ग्रे जोन भी अवेलेबल है। अगर लेट्स से यहां पे एक बंदा है एंड मैंने पूछ लिया ये एक बहुत बढ़िया एग्जांपल है इससे आप समझ पाओगे इस चीज को। यहां पे अगर एक बंदा है अगर मैंने इसे इनपुट दिया अपने फजी सिस्टम को और इसमें अगर मैंने एक प्रश्न पूछा इज द पर्सन ऑनेस्ट क्या ये ऑनेस्ट है भैया जो पर्सन अभी आप लाइक यू नो इनपुट दिया है अपन ने सिस्टम को उसके बारे में पूछने क्या।

ये ऑनेस्ट है तो इसके बहुत सारे आंसर हो सकते हैं। ये एक्सट्रीमली ऑनेस्ट है, यह वेरी ऑनेस्ट है, यह डिसोनेंस होनेस है, ये एक्सट्रीमली डिस होनेस है। मतलब देखो इसमें वैराइटी कितनी है। इसमें आपका जो रिस्पेक्टिव फंडा है वो जीरो वन के बीच में घूम सकता है, यानी कि ग्रे जोन में जा सकता है और आपका फजी आउटपुट की वैल्यूज इन्हीं के बीच में झूमती है, इन्हीं के बीच में खेलती है। और यहां पे एक्चुअल में सबसे बड़ा जो टर्म निकल के आता है वो है अनसर्टेनटीज। नहीं है ना क्लेरिटी नहीं है। आप ओबवियस सी बात है किसी भी पर्सन को डायरेक्टली ये नहीं बोलो कि हां भैया ये ईमानदार है। यहां पे कहीं ना कहीं थोड़ा बहुत रहता फैक्टर कि हां फेयरली ऑनेस्ट है, वेरी ऑनेस्ट है या फिर जैसे मैंने बोला एक्सट्रीमली ऑनेस्ट है या कुछ हद तक डिस ऑनेस्ट है, है ना? मे बी यार वो ऑनेस्ट हो सकता है। ये ऐसी आपकी अनसर्टेनटीज जो है वो आपके फजी लॉजिक में एग्जिस्ट करती हैं।

तो अब आते हैं भैया अपने फजी सेट के ऊपर और उसे समझते हैं कि किस तरीके से वो डिफाइंड होता है, उसमें कैसे भैया वो अपना रिस्पेक्टिवली जो है ऑर्डर्स करता है उस फज सेट में वो सारी चीजें एक एग्जांपल के साथ आपके सामने मैं रखना चाहूंगा। आप क्रिस्प लॉजिक को तो देख लिया। अब क्रिस्प लॉजिक भी भैया किसके साथ डील करता है? क्रिस्प सेट के साथ। एक एग्जांपल आपके सामने रख बताऊं। ये आपका यूनिवर्सल सेट है। दिस इज योर यूनिवर्सल। ये जो डब्बा बनाया है ना रेक्टेंगल का ये यूनिवर्सल सेट है जिसमें आपके कॉलेज के लेट से सभी स्टूडेंट हैं या फिर स्कूल के आपके सभी स्टूडेंट्स हैं। ऑल स्टूडेंट्स एग्जिस्ट हियर। तो जी अगला एक और सेट बनाता हूं जिसका नाम रखता हूं ए और उसमें सिर्फ 10वीं के छात्र हैं मेरे स्कूल के, मतलब जो 10th स्टैंडर्ड के स्टूडेंट हैं उनका एक सेट बना दिया ए और जो मेरे 12वीं के छात्र हैं भैया स्कूल के, यानी कि जो 12th स्टैंडर्ड के भैया स्टूडेंट्स हैं उनका मैंने एक सेट बना दिया बी।

अब आप गौर से सोचिए इसको अगर विजुअली देखेंगे तो ये विजुअली कुछ ऐसा ही दिखेगा। डिसजॉइंट सेट क्यों? क्योंकि दोनों के बीच में कुछ कॉमन नहीं हो सकता। क्यों नहीं हो सकता सर? व्हाई इट कांट बी कॉमन? अरे खुद ही सोचिए भैया 10वीं का छात्र या छात्रा मतलब 10th के जो स्टूडेंट रहेगा वो ओबवियस सी बात है एट द सेम टाइम 12th में तो नहीं पढ़ेगा या 12th की एग्जाम तो नहीं देगा या 12th का भैया एक तरीके से पढ़ाई तो नहीं कर रहा होगा। वो 10th का ही होगा या फिर 12th का ही होगा। ये एक्सक्लूसिविटी यहां पे होगी। कहीं भी कुछ भी कॉमन नहीं होगा। एक भी ऐसा स्टूडेंट नहीं होगा कि एट द सेम टाइम एक ही साल में 10वीं की एग्जाम भी दे रहा है, 12वीं की भी दे रहा है। बात क्लियर है? बात समझ में आ रही है?

तो अगर लेट्स से मैं आपके सामने एक यूनिक आइडेंटिटी ऑफ अ स्टूडेंट इन द स्कूल सामने पेश कर देता देता हूं। लेट्स कंसीडर स्कूल में जो है हर एक स्टूडेंट को जो है एक यहां पे यूनिक आइडेंटिटी नंबर दे दिया गया है, एक यूनिक आइडेंटिटी नंबर दिया है। लेट्स से 1 2 3 4 5। बहुत बड़ा नंबर है क्योंकि बहुत सारे स्टूडेंट हैं ना तो उनको यूनिक आइडेंटिफिकेशन है। क्या ये सेट ए को बिलोंग करता है? यस नो? क्लियर बताओगे आप मुझे? क्लियर बताओगे? तो लेट्स से सर जी यहां तो बिलोंग नहीं करता तो आपने मुझे क्लियर आउटपुट दिया सर नहीं, ये यहां बिलोंग नहीं करता। फिर उसके बाद भैया सेट बी में इन्वेस्टिगेट किया कि यहां पे क्या ये बिलोंग करता है? हां जी, यहां बिलोंग करता है तो आपने मुझे क्लियर क्रिस्प आउटपुट दे दिया है, क्रिस्टल क्लियर आउटपुट दे दिया है कि ये जो स्टूडेंट है जिसका ये आईडी बेसिकली 1 2 3 4 5 दिख रहा है स्कूल में तो क्या ये a को बिलोंग करता है 10th को या 12th को? तो यहां पे ये क्लेरिटी जो है अपने को क्रिस्प सेट में देखने को मिलती है।

लेकिन फजी सेट का तो मामला ही अलग है, उसका तो एग्जांपल ही अलग है। देखो ये क्या बोलता है एक यूनिवर्सल सेट वही है, ऑल स्टूडेंट का एक सेट है मेरा। ठीक है? अब इसमें क्या बोलता है मैंने दो सेट बना दिए, एक तो जी फॉर गुड स्टूडेंट्स एंड बी फॉर बैड स्टूडेंट्स। मतलब मेरे स्कूल के अंदर जो है कुछ स्टूडेंट्स हैं जो कि बड़े यार बड़े शांत हैं, बड़े डिसिप्लिन हैं और कुछ होते हैं यार स्टूडेंट जो कि थोड़ी सी है ना नटखट पना करते हैं, कुछ शैतानियां करते हैं तो उनको लेट्स से बैड स्टूडेंट अपन बोल देते हैं। ठीक है?

देखो जी ये जो एग्जांपल आपके सामने मैंने पेश किया है ये एक तरीके से हमारे फजी सिचुएशन सिनेरियो को एकदम परफेक्टली रिप्रेजेंट कर रहा है। क्योंकि यार बड़ा रेयरली आप ये नोटिस करोगे कोई पर्सन जो है वो 100% अच्छा है या 100% भैया बुरा है। बट कॉमनली क्या होता है ग्रे जोन में खेलते हैं अपन, ब्लैक एंड वाइट में नहीं खेलते। जैसे पहले पहले मैंने बताया था कि किसी पर्सन में भैया कुछ हद तक अगर अच्छाई होगी तो कुछ हद तक बुराई भी होगी। अगर किसी में कुछ हद तक बुराई होगी तो अच्छाई भी होगी। तो ये कॉम्बिनेशन लेके हर पर्सन चलता है। तो स्टूडेंट भी यार भैया बहुत अच्छा पढ़ता होगा है ना, बहुत या ना होशियार होगा, बहुत शार्प होगा तो इट्स लाइक अ गुड स्टूडेंट। लेकिन कई क बार जो है थोड़ी बहुत जो है शरारते भी वो कर देता है, है कि नहीं? तो यहां पे हम लोग जो है ये कंसीडरेशन लेने वाले हैं हर रिस्पेक्टिव अपने सेट में जो कि फजी सेट बनाता है। किस तरीके से फजी सेट बनता है? चलो देखते हैं।

लेट्स से यहां पे मैं जी जो अपना गुड स्टूडेंट का सेट है वो कैसे बनाता हूं? जी का मतलब क्या होता है? लेट्स से स्टूडेंट का नाम मैंने यहां पे मेंशन कर दिया है और यहां पे डिग्री मेंशन की है। इसे बोलते हैं अपन मेंबरशिप फंक्शन। मेंबरशिप फंक्शन क्या बता रहा है कि एट व्हाट डिग्री यू एक्चुअली बिलोंग टू दिस रिस्पेक्टिव सेट? किस हद तक आप अच्छे हो, किस हद तक आप बुरे हो वो एक रिस्पेक्टिवली आपका जो है स्कोर जो होता है बराबर है। फजी स्कोर कह लीजिए उसको, उस वो स्कोर के जरिए, मेंबरशिप स्कोर कह लीजिए उस स्कोर के जरिए अपने को पता चलता है कि ये स्टूडेंट जो है किस प्रतिशत कितने डिग्री तक जो है इस रिस्पेक्टिव सेट को बिलोंग करता है। चलो एक एग्जांपल के साथ देख लेते हैं ताकि ये पूरा आईडिया क्लियर हो जाएगा और फिर जो नेक्स्ट टर्म हम समझने वाले होंगे वो होगा मेंबरशिप फंक्शन वाला फंडा।

अब यहां पे गौर से देखिए जी ये वाला मामला देखिए। अ ये क्या है अपना जी मतलब गुड स्टूडेंट का सेट तो इसमें क्या ले लिया? अ स्टूडेंट ए है, स्टूडेंट बी है। सही बात है सर? दो यहां पे जो है नाम ले लिए मैंने ए और बी दो स्टूडेंट के जस्ट फॉर सिंपलीसिटी परपस। इस रिस्पेक्टिव सेट को आप आगे भी एक्सटेंड कर सकते हो और यहां जैसे मैंने बताया कि हर स्टूडेंट के लिए ये ऑर्डर्स का नाम यानी उसका भैया वो एलिमेंट इट सेल्फ वहां पे प्लेस अप किया जाएगा और साथ ही के साथ भैया उसकी जो यहां पे μ से हम लोग डिनोट करते हैं उसका मेंबरशिप जो वैल्यू है या स्कोर है तो यहां पे आप देख सकते हैं .99 मतलब क्या कि .9 डिग्री है भैया जीरो और वन के बीच में तो वैल्यू घूम रही है। सही बात है कि नहीं? तो .9 मतलब बहुत हाई डिग्री है, बहुत हाई डिग्री है कि भैया ये बहुत अच्छा स्टूडेंट है, यानी कि ये इतने डिग्री के साथ इस रिस्पेक्टिव गुड स्टूडेंट के सेट को जो है बिलोंग कर रहा है। तो कई बार कुछ कम भी हो सकता है, से वाला भी मामला हो सकता है। तो ये फंडा जो है अपने को बताने का प्रयत्न कर रहा है कि भैया किस हद तक आप इस रिस्पेक्टिव सेट के में मेंबर बने हो, किस हद तक वो स्कोर अपने को बताने का प्रयत्न कर रहा है।

साथ ही साथ भैया यहां पे जब हम लोग बैड स्टूडेंट का जो एक तरीके से सेट बनाते हैं तो उसमें क्या हो जाएगा? तो अब देखो .9 की अगर मैं बात कर रहा हूं कि अच्छा ही है तो .1 क्या है? 10 पर क्या है भैया एक तरीके से थोड़ी बहुत बुराई होगी तो आपका वही रिस्पेक्टिव सेम स्टूडेंट ए जो है जो कि पहले गुड को बिलोंग कर रहा था अब वो बैड को भी बिलोंग कर रहा है। बट द रिमेनिंग जो पॉसिबिलिटी है, द रिमेनिंग वैल्यू जो है वन में से अगर हटा दूं .1 यानी 10 प्रतिशत जो है उसमें कुछ थोड़ा नटखट पना भी है तो वो यहां पे तरीके से बैड स्टूडेंट को बिलोंग कर रहा है विद दिस रिस्पेक्टिव स्कोर, विद दिस रिस्पेक्टिव मेंबरशिप वैल्यू। बात समझनी है? दिस रिस्पेक्टिव स्टूडेंट ए इज द मेंबर ऑफ जी एज वेल एज बी। ये बहुत इंपॉर्टेंट फंडा है। स्टूडेंट ए, स्टूडेंट बी, बोथ आर बिलोंग टू जी एंड बी। दोनों को ही भैया एक तरीके से बिलोंग, दोनों सेट को बिलोंग कर रहे हैं भैया विद सम डिफरेंट मेंबरशिप वैल्यू। जैसे अब ये देखो .7 से में से कितना बच गया यहां पे .3 तो चलो विद दिस रिस्पेक्टिव स्कोर या फिर मेंबरशिप वैल्यू। विद दिस रिस्पेक्टिव स्टूडेंट बी जो है वो आपके सेट बी यानी कि बैड स्टूडेंट जो सेट है उसको वो बिलोंग कर रहा है। ये बात अपने को यहां पे समझनी है। इससे आई थिंक फजी सेट्स का जो आईडिया है वो आपका क्लियर हो चुका होगा।

अब आते हैं भैया अपने मेंबरशिप फंक्शन के ऊपर। जैसे मैंने पहले ही बताया था, चलो यहां पे जो है थोड़ा सा डेमोंस्ट्रेट मैं कर देता हूं कि मामला किस तरीके से ऑपरेट किया जा रहा है। हम लोग ना ऐसे डील नहीं करते। ये अपना क्रिस्प वाला मामला हो गया जहां पे हम लोग क्लियर बोलते हैं ये वन है सर जी, जीरो है। ये क्रिस्प वाला मामला हो गया जो आपके सामने मैंने रखा हुआ है कि डायरेक्टली एक तो आपका आउटपुट लेट्स से यहां पे अगर मैं एक इनपुट देता हूं तो आपका आउटपुट एक तो वन मिलेगा या फिर अगर यहां से इनपुट देता हूं तो आपको आउटपुट ज़ीरो मिलेगा। दैट इज व्हाट द सिनेरियो सिचुएशन इज। बट एक्चुअल में क्या ऐसा होता है भैया मामला? क्या एक्चुअल में ऐसे ऑपरेट होता है? तो नहीं जी, यहां पे मामला आपका इस तरीके से हो सकता है जो कि अभी हम डायग्राम देखने भी वाले हैं। इस तरीके से हो सकता है जहां पे वैल्यूज जो हैं आपकी मेंबरशिप फंक्शन की जो वैल्यूज है वो जीरो से लेके वन तक इस तरीके से रन कर सकती हैं और जब मैं कोई इनपुट दूंगा तो यहां पे वैल्यू देखो इन बिटवीन यहां पे मुझे मिल रही है। अगर मैं इसको मैप अप करता हूं अपने y एक्सेस पे तो यहां पे लेट्स से कहीं तो वैल्यू .2 है तो अगर मैंने यहां पे स्टूडेंट a दे दिया तो उसकी वैल्यू कितनी है .2? अगर मैं यहां पे स्टूडेंट बी की बात करता हूं, यहां से अगर इनपुट देता हूं स्टूडेंट बी तो मुझे यहां पे उसकी मेंबरशिप वैल्यू क्या मिल रही है फॉर अ पर्टिकुलर सेट लेट्स से यहां पे जो है पॉइंट कितना ले लूं .6 ले लेता हूं, थोड़ा वन के ऊपर जा रहा है ना? अगर मैं यहां पे इस तरीके से लेता हूं तो भैया वो लेट्स से यहां पे .9 ले लेता हूं। बात क्लियर है? बात आपको समझ में आ रही है? तो इस तरीके से जो है मामला आपका मेंबरशिप वैल्यूज का चल रहा है और यहां पे क्रिस्प वाला फंडा नहीं, यहां पे फजी वाला मामला जो है वो ऑपरेट किया जा रहा है। ग्रे जोन में भैया खेला जो है खेला जा रहा है। क्रिस्टल क्लियर व जी में बात नहीं की जा रही है।

अब उसी मेंबरशिप फंक्शन के कुछ रिस्पेक्टिव फीचर जो है, कुछ इंपॉर्टेंट टर्म्स टर्मिनोलॉजी जो है, उनसे मैं आपको अवगत करवाना एक तरीके से चाहूंगा। जैसे कि सबसे पहली बात तो सपोर्ट की बात कर लेते हैं। सपोर्ट मतलब क्या होता है जी? सेट ऑफ ऑल द पॉइंट्स जिनका मेंबरशिप जो वैल्यू है एक तरीके से ग्रेटर दैन 0 है, ग्रेटर दैन 0। अब देखो इसे कैसे डिनोट किया गया है बड़े प्यारी तरीके से डिनोट किया गया है। मैं बात कर रहा हूं मेंबरशिप वैल्यू की फॉर द सेट a और उसके अंदर जो भी आपके एलिमेंट्स होंगे उसको मैं x से डिनोट कर रहा हूं। मैं उसको क्या कर रहा हूं x से नोट कर रहा हूं तो यहां पे जितने भी आपके रिस्पेक्टिव एलिमेंट्स जो उस फजी सेट a को बिलोंग करते होंगे उनकी जिनकी भी भैया मेंबरशिप वैल्यू जो है अगर वो ग्रेटर दैन 0 है तो वो भैया आपके सपोर्ट को बिलोंग करता है। ये सपोर्ट सेट को बिलोंग करता है बराबर है? जैसे कि आप यहां पे गौर से देखिएगा, यहां से ये देखो ये जो ये जीरो से आगे वाली बात जो है और फिर जीरो तक आने वाली जो बात है तो इसके बीच का जितना भी ये रीजन है जिसको मैंने यहां पे देखो यहां पे डिनोट किया इस तरीके से, इस रेंज में जो डिनोट किया है ये एक्चुअली आपका सपोर्ट है। ये क्या है भया आपका सपोर्ट है। इसको कैसे डिफाइन करेंगे? सपोर्ट फॉर दिस रिस्पेक्टिव सेट a जहां पे भैया एलिमेंट इज रिप्रेजेंटेड विद x और उसका जो मेंबरशिप वैल्यू होगा ऑफ दैट सेट a का जो एलिमेंट x है इट विल बी ग्रेटर दैन 0 तो ये कंडीशन जहां सेटिस्फाई हो जाएगी वो आपका उस रिस्पेक्टिव जो सेट फजी सेट a है उसका सपोर्ट कहलाएगा। ये बात क्लियर है?

अब आते हैं कोर फंडे के ऊपर। कोर फंडा क्या कहने का प्रयत्न कर रहा है कि देखो जी यहां पे मैं बात कर रहा हूं कोर के अंडर वो सब के सब आपके रिस्पेक्टिव एलिमेंट्स गिने जाएंगे जिनका मेंबरशिप वैल्यू एक एगजैक्टली इक्वल टू वन होगा, मतलब वो कंप्लीट उसको बिलोंग कर रहे हैं। वन का मतलब क्या है? ये तो एक्सट्रीम वैल्यू है ना, जीरो और वन मतलब वो कंप्लीट वन को बिलोंग हो सकता है। ये तो पॉसिबिलिटी है जी, ये तो पॉसिबिलिटी है तो यानी कि यहां पे वो कंप्लीट बिलोंग कर रहा है, कंप्लीट इट बिलोंग टू अ पर्टिकुलर सेट तो सर जी जब वन आ जाता है तो उसे बोलते हैं कोर एलिमेंट ऑफ योर रिस्पेक्टिवली सेट, कोर एलिमेंट है क्योंकि वो कंप्लीट पूरा सरेंडर उसने कर दिया है तो वो कोर एलिमेंट हो गया। तो इसे कैसे रिप्रेजेंट करेंगे? x जो आपका एलिमेंट है जिसकी जो भी मेंबरशिप वैल्यू होगी अगर वो एगजैक्टली इक्वल टू वन होगी। यहां पे आप देख सकते हैं कि किस तरीके से ये जितनी भी वैल्यूज ये देखो ये x की यहां से इनपुट दे रहा हूं और यहां पे y एक्सेस पे जो आउटपुट अगर मैं मैप अप करता हूं μ के लिए तो यहां पे देखो वो वैल्यूज देखो सभी की मुझे एगजैक्टली यहां से लेते हुए फ्रॉम दिस रिस्पेक्टिव पॉइंट टिल दिस रिस्पेक्टिव पॉइंट बीच में जितने भी आपके रिस्पेक्टिव x एलिमेंट्स होंगे ऑफ द सेट a वो सब के सब की वैल्यू जो है एक तरीके से वन है। वो एगजैक्टली सभी की वैल्यू जो है वो मेंबरशिप वैल्यू जो है वो वन है तो ये हो गए आपके कोर एलिमेंट्स।

उसके बाद आते हैं बाउंड्री एलिमेंट वाला फंडा क्या होता है जी? बड़ा सिंपल है। अभी हमने जीरो देखा, अभी हमने वन देखा तो जी मैं यहां पे ये कहना चाहता हूं कि वो रिस्पेक्टिव एलिमेंट्स नो जो भैया जीरो से ग्रेटर दैन है और वन से लेस दैन है, जो जीरो से ग्रेटर दैन है और वन से लेस दैन है उनको मैं बोलता हूं भैया रिस्पेक्टिवली अपने बाउंड्री पॉइंट्स। मतलब वो कहां लाय करेंगे जी? वयर दे विल लाय? देखो मैं आपको बताता हूं यहां पे विजुअली आपको चीजें समझ में आ जाएंगी। सर जी ये वाला एरिया तो सर कोर के लिए डिनोटेड है। ये भैया आपके सब कोर एलिमेंट्स हैं। क्यों सर जी? क्योंकि यहां पे देखो उनका एगजैक्टली जो है मेंबरशिप वैल्यू सर वन दिखाई दे रहा है तो सर ये तो डेडीकेटेडली उनके लिए जो है भैया बना दिया गया है कैटेगरी, कोर कैटेगरी। तो सर फिर यहां पे देखो ये वाले जो रेंज है ना, ये वाला जो फंडा है और ये वाला जो फंडा है ये कहीं ना कहीं जीरो से तो सर ग्रेटर है और कोर से एक तरीके से वो वन से लेस दैन है, बराबर है? कोर से जो एक तरीके से उसकी जो मेंबरशिप वैल्यू वन रहती है, जो प्रॉपर कैरेक्टरिस्टिक है आपकी कोर एलिमेंट्स की जिनकी मेंबरशिप वैल्यू वन है उससे कम दिखाई दे रहा है। यहां पे भैया मामला वन से कम है, यहां पे मामला वन से कम है, जीरो से ज्यादा है, जीरो से ज्यादा आ रेवा सर मतलब ये दोनों ही सिचुएशन में हम लोग कहेंगे कि ये हमारे बाउंड्री पे पॉइंट्स है। जैसे कि आप यहां पे भी देख सकते हैं ये जो मैंने रेंज डिफाइन की यहां वाली जो कि क्लियर इन वैल्यूज को रिप्रेजेंट कर रही है और ये वाली जो आपकी रिस्पेक्टिवली इनपुट x यहीं से हम लोग देंगे ना जो कि आपके सेट a को बिलोंग करते हैं तो ये वाले जो पॉइंट्स है ये आपके बाउंड्री पॉइंट्स हो जाएंगे और उन्हीं पॉइंट्स का सेट दैट इज अ बाउंड्री सेट कहलाया जाएगा।

ठीक है तो चलिए अब आगे बढ़ते हैं और अपना अगला मामला है भैया ऑपरेशन से रिलेटेड कि फजी लॉजिक में कौन-कौन से ऐसे बड़े पॉपुलर ऑपरेशंस है जिनके ऊपर आपको प्रश्न पूछे जा सकते हैं। उनके उत्तर बड़े डिटेल में एग्जांपल के साथ में पहुंचाने का प्रयत्न करूंगा। सबसे पहले तो यार देखो यूनियन की बात कर लेते हैं, फिर इंटरसेक्शन है, फिर भैया कॉम्प्लीयंट है, वेक्टर प्रोडक्ट है, स्केलर प्रोडक्ट है, इक्वलिटी बहुत सारी चीजें हैं। एक-एक करते हु भैया जानेंगे समझेंगे। यूनियन से शुरुआत करते हैं। लेट्स से यहां पे मेरे पास दो सेट है a और b। चलो मैंने उनको एग्जांपल के तौर पे यहां पे डिफाइन करके रखा हुआ है। ये मेरा सेट ए है, ये सेट बी है और आप देख सकते हैं इस सेट के अंदर हर एक जो रिस्पेक्टिव एलिमेंट है वो ऑर्डर्स तरीके से मौजूद रहेगा। ये आपका लेट्स से एलिमेंट का नाम है और ये उसकी मेंबरशिप वैल्यू। ये एलिमेंट का नाम है, उसकी मेंबरशिप की वैल्यू। ठीक है?

अब सिंपलीसिटी के लिए समझ लिए कि यूनियन कैसे काम करेगा, क्या भैया उसमें फंडा लगाया जाएगा और फाइनली आपको यूनियन कैसे प्राप्त होगा। अगर मैं रिस्पेक्टिवली सेट ए और सेट बी का अगर यूनियन करने का प्रयत्न करता हूं तो मेरा एक और भैया यूनियन सेट जो है वो जनरेट होगा। क्या जनरेट होगा? एक यूनियन इन दोनों का यूनियन का एक सेट जनरेट होगा जो कि क्या होगा भैया एक तरीके से फजी ही होगा। ये मेरा सेट फजी, ये मेरा सेट फज इनके बीच में यूनियन किया तो जो यूनियन सेट मिला वो भी आपका फज नेचर का ही होगा क्योंकि उसमें भी ऑर्डर्स ही होंगे और उसमें भैया एलिमेंट का नाम और मेंबरशिप की वैल्यू मौजूद होगी। तो सर जी कैसे मुमकिन होता है? तो देखो आपने तो बोल दिया सर कि जो यूनियन सेट बनेगा लेट्स से मैं उसे डिनोट करता हूं a यू b से तो सर जी उसमें मेंबरशिप वैल्यू भी होगी तो देखो उसे μ से रिप्रेजेंट करूंगा फॉर अ रिस्पेक्टिव एलिमेंट x दैट बिलोंग टू दिस यूनियन सेट तो सर जी उसकी वैल्यू कैसे निकालेंगे जब हम एक्चुअल में इन दोनों के बीच में यूनियन कर रहे हैं तो व्हिच वैल्यू शुड बी कंसीडर्ड फॉर दैट एलिमेंट ऑफ x जो कि भैया उस यूनियन सेट को बिलोंग करता है तो उसकी मेंबरशिप वैल्यू क्या होगी सर? तो उसके लिए हम मैक्स का फंडा यूज करते हैं। मैक्स मतलब सेम एलिमेंट x, सेम एलिमेंट x जो कि हमारा दोनों ही सेट में है उसकी उसकी मेंबरशिप वैल्यू जो है दोनों ही रिस्पेक्टिव a और b सेट के अंदर कंपेयर की जाती है कि कौन सी मैक्सिमम है। लेट्स से अगर ये मैक्सिमम है तो यही सेम वैल्यू यहां पे इस x एलिमेंट के लिए चिपका दी जाएगी। अगर ये मैक्सिमम है तो ये वैल्यू भैया इधर आपकी उस x के लिए मेंबरशिप वैल्यू चिपका दी जाएगी।

अब ये कैसे ऑपरेट करता है? चलो मैं आपके सामने रखता हूं जैसे कि a यू b देखो यहां x1 है, यहां पे भी x1, x2 x2, x3 x3 बराबर। लेट्स से यहां .6, .3, .2 इस तरीके से भैया वैल्यूज लेट्स से असाइन की गई हैं। ओके? अब a यू b कैसे काम करेगा? सिंपली जस्ट कंसीडर दिस पार्ट। x1 के रिगार्डिंग है तो पहले तो ये नाम लिख लो x1। ठीक है? अब इन दोनों में से मुझे बताइए .6 एंड .3 मैक्सिमम कौन सा है? सर .6 है तो लिख लिया मैंने। अब आते हैं नेक्स्ट वाले के ऊपर। x2 पहले तो x2 यहां पे लिख लो। उसके बाद इसके ऊपर फोकस करो। उसकी वैल्यू क्या होनी चाहिए? मैक्सिमम .7, .2 क्या मैक्सिमम है? सर .7 तो आ गई यहां पे वैल्यू। उसके बाद इस पे फोकस करो। x3 यहां पे लिख लो सर जी। अब इसमें

4.5. इसमें से मैक्सिमम कौन सा है? जी5 है, तो लिख लो उसको यहीं पे। दैट्स इट। फंडा सेम है, बस साइन में बदल दिया गया है। ये इंटरसेक्शन साइन है। ये मतलब यूनियन वाला साइन था। इंटरसेक्शन में क्या होता है? यही सेम फंडा ऑपरेट करता है, सिर्फ मीन की जगह मैक्सिमम होता है। बिहेवियर वही होता है, जो अभी मैंने आपको बताया ना कि किस तरीके से कंपैरिजन किया जाना चाहिए। आपके नोटेशंस क्या होंगे? बाकी सब मामला वही है। रिजल्टेंट आपका फजी सेट होगा, वही मामला है। लेकिन सिर्फ यहां पे रिजल्टेंट जनरेट कैसे किया जाएगा? बाय कंसीडरिंग द मिनिमम वैल्यू। कंपैरिजन करोगे, मिनिमम वैल्यू निकल जाएगी। तो a इंटरसेक्शन b, a इंटरसेक्शन b का भैया फजी सेट कैसे बनता है? वो भी ऑर्डर पेयड में देखो, आपके सामने यहां मौजूद है। तो यहां पे पहले तो मैं वही x1 लिख लूंगा। अब 6 और 3 में से मिनिमम कौन सा है? सर 3, तो लिख लिया। 7.2 में से मिनिमम कौन सा है? सर 2.2, लिख लिया। 4.5 में से मिनिमम कौन सा? सर 0.4, तो लिख लिया। बात खत्म। इतना सिंपल मामला है।

कॉम्प्लीमेंट वाला तो बहुत इजी है। लेट्स से मेरे पास एक फजी सेट है a, अब मैं उसका कॉम्प्लीमेंट। इसमें भी ऑर्डर पेयर होगा, एलिमेंट का नाम होगा और मेंबरशिप वैल्यू होगी उसकी। ठीक है? किस तरीके से काम करता है? लेट्स से a कॉम्प्लीमेंट का जो भैया मेरा यहां पे फजी सेट बना है, फॉर दैट रिस्पेक्टिव एलिमेंट x, मुझे उसकी मेंबरशिप वैल्यू चाहिए। इस तरीके से आपको ये पूरा रीड करना आना चाहिए। अब यहां पे फंडा किस तरीके से ऑपरेट कर रहा है? कॉम्प्लीमेंट भैया, जो आपकी एक्सट्रीम वैल्यू वन है, उससे सब्ट्रैक्ट कर दो आपकी रिस्पेक्टिवली ओरिजिनल। मैं कॉम्प्लीमेंट निकालता हूं। कैसे होगा? यहां a का कॉम्प्लीमेंट x3 वैसा का वैसा सेम लिख लेता हूं। मैं 0.6, 1 - 0.6 = 0.4। 1 - 0.7 = 0.3। 1 - 0.4 = 0.6। आ तो गया। क्लियर तो आंसर आ गया। बस सब्ट्रैक्शन करना है। उसके बाद सर जी, ये b का कॉम्प्लीमेंट x3 वैसा का वैसा जो है, यहां पे भैया लिख के रख लूंगा। अब यहां पे सर 1 - 0.3 = 0.7। 1 - 0.2 = 0.8। 1 - 0.5 = 0.5। बात क्लियर? बात सिंपल है। यही चीज अपने को अंडरस्टैंड करनी है।

अभी आगे और कॉम्प्लेक्शन बढ़ेंगी, लेकिन जो अभी हमने ऑपरेशंस देखे, कॉम्प्लीमेंट फंडामेंटल ऑपरेशंस थे। इनके ऊपर ही ज्यादातर आपको सवाल पूछे जाने की जो चांसेस हैं। बाकी और भी है भैया, जैसे वेक्टर प्रोडक्ट क्या होता है? a . b से हम लोग यहां पे डॉट ऑपरेटर लगाते हैं, उसको वैसे डिनोट करते हैं। यहां पे भी सेम उसी तरीके से रीड करना है, बट यहां पे अपने को सिर्फ एक्चुअली मल्टीप्लिकेशन करना है। डॉट मतलब एक्चुअली आपको उन वैल्यूज को मल्टीप्लाई कर देना है। जैसे भैया आपकी x1 की वैल्यू कंसीडर करते हैं। x1 की वैल्यू जो है, यहां पे आपके b के x1 की वैल्यू के साथ मल्टीप्लाई हो जाएगी। यानी 0.6 * 0.3 = 0.18। 0.7 * 0.2 = 0.14। 0.5 * 0.4 = 0.20। तो देखो यहां पे x1 तो ऐसा का ऐसा है, x2 तो ऐसा का ऐसा है, x3 तो ऐसा ही ऐसा लिख लिया और मेरा जो वेक्टर प्रोडक्ट एक तरीके से फजी सेट जनरेट हुआ है, उसकी मेंबरशिप वैल्यूज कैसे कंप्यूट की, वो मैंने आपके सामने बता दिया। जस्ट उनकी मेंबरशिप वैल्यूज a और b जो एग्ज़िस्ट करते होंगे फॉर अ पर्टिकुलर एलिमेंट, उनको मल्टीप्लाई कर दो और वही वैल्यूज आपके सामने हैं।

स्केलर प्रोडक्ट, इक्वलिटी, पावर, ये तो बहुत ही सिंपल फंड है। ये इसमें कुछ भी नहीं है। लेट्स से मैं एक स्केलर ले लेता हूं 0.1। लेट्स से इस तरीके से बराबर है। तो आप क्या करोगे? जो भी मेरा सेट a होगा, जो सेट a है, उसकी जो मेंबरशिप वैल्यू लाइक यू नो, यहां पे वैल्यू दिख रही है 0.6। तो मैं क्या करूंगा पता है? आई विल जस्ट मल्टीप्लाई दिस 0.1 * 0.6 = 0.06। 0.1 * 0.7 = 0.07। 0.1 * 0.4 = 0.04। तो इसका जो भी रिजल्टेंट आएगा, वो एक्चुअली आपका x1, x2 और x3 की एक्चुअल में मेंबरशिप वैल्यू होगी फॉर द स्केलर प्रोडक्ट फजी सेट। ये बात क्लियर है?

उसके बाद इक्वलिटी मतलब क्या? इक्वलिटी का सिंपल यार, देखो आपको सिर्फ चेक चूक करना है। इक्वलिटी का मतलब क्या निकलता है कि देखो आपका जो ये रिस्पेक्टिव सेट a है और जो ये आपका सेट b है, उसके अंदर जो आपके एलिमेंट्स हैं x1, x2, x3, क्या उनकी मेंबरशिप वैल्यू सेम, सेम टू सेम है? एग्ज़ैक्टली सेम है? क्या वो सेम टू सेम है? जैसे कि आप देखो ये 0.6, 0.3। ये 0.7, 0.2। सर सेम नहीं है। सर ये डिफरेंट है। तो इसका मतलब क्या? ये दोनों के दोनों आपके रिस्पेक्टिव जो सेट्स हैं, वो इक्वल नहीं है। ये बात अपने को अंडरस्टैंड करनी है। लेकिन अगर इन दोनों की जो वैल्यूज हैं, एग्ज़ैक्टली सेम हैं, 0.2, 0.2, 0.3, 0.3, 0.4, 0.4, इस तरीके से एग्ज़ैक्टली सेम है, तो हम कहेंगे कि ये दोनों आपके रिस्पेक्टिवली जो फजी सेट्स हैं, वो इक्वल हैं। क्यों? क्योंकि उनके हर एलिमेंट की जो मेंबरशिप वैल्यू है, हर एलिमेंट की जो मेंबरशिप वैल्यू है, वो एग्ज़ैक्टली इक्वल है, सेम है। ये बात अंडरस्टैंड करनी है।

और जिस तरीके से स्केलर प्रोडक्ट की बात की थी, उसी तरीके से पावर की भी बात कर सकते हैं, जहां पे अल्फा वैल्यू लेट्स से मैंने वही 0.1 कंसीडर कर लिया। तो यहां पे सिर्फ आप मल्टीप्लाई करने की जगह क्या करोगे? जो भी आपकी लेट्स से सेट a की बात कर रहा था, ना यहां पे सेट a की बात कर रहा था, तो जो भी सेट a की वैल्यू लेट्स से 0.6, इसको मैं कर दूंगा रेज़ टू पावर 0.1। दैट्स इट।

यूनियन, इंटरसेक्शन। देखो सम डिफरेंस डिसजंक्शन है। देखो सम करना है a + b। यानी कि मेरा ये एक फजी सेट है, ये आपका एक और फजी सेट है। उसके बीच में भैया मुझे उसका सम लगाना है। तो जो भी ये फजी सेट बनेगा, उसके हर एलिमेंट का जो मेंबरशिप वैल्यू है, वो क्या रहने वाला है? बड़ा सिंपल है। ये कंप्यूटेशन काफी सिंपल है। यहां पे आपकी a की मतलब लेट्स से x1, लेट्स से मैं x1 कंसीडर करता हूं। ठीक है? x1 ले लेता हूं। x = x1 है मेरा। तो आपके रिस्पेक्टिवली जो सेट ए है, उसमें x1 की जो मेंबरशिप वैल्यू है, और आपके सेट b में x1 की जो मेंबरशिप वैल्यू है, उन दोनों का सबसे पहले तो एडिशन करो। उन दोनों का सबसे पहले क्या कर लो? एडिशन कर लो। एडिशन हो गया। बड़ा सिंपल मामला है। कुछ नहीं। ये कर सकते हो आप। उसके बाद सब्ट्रैक्ट करना है आपको क्या? उनका रिस्पेक्टिवली वेक्टर प्रोडक्ट a . b वाला फंडा देखा था। यानी कि देखो इसी तरीके से। तो जो भी फंडा आएगा आपका, उनका जो भी डॉट प्रोडक्ट यहां पे आएगा, वेक्टर प्रोडक्ट जनरेट होगा, जो भी मल्टीप्लिकेशन की वैल्यू जनरेट होगी, वो सिंपली आपको क्या करनी है? सब्ट्रैक्ट कर देनी है। एंड दैट फाइनली, जो आपकी वैल्यू जनरेट होगी, जो मेंबरशिप वैल्यू जनरेट होगी, आफ्टर परफॉर्मिंग दिस ऑपरेशन ऑन x1, यही सेम चीज आप x2, यही सेम चीज आप x3 और जितने भी भैया लेट्स से xn तक के x रिस्पेक्टिव एलिमेंट के लिए मेंबरशिप वैल्यू असाइन हो जाएगी। बात क्लियर है? इस तरीके से ऑपरेट करना है।

और डिफरेंस वाला तो फंडा और भी इजी है। अगर मुझे a - b कैलकुलेट करना है ना, तो इट इज वेरी वेरी इजी। अब जब इसी का आप कॉम्प्लीमेंट, तो उसके लिए भैया जो भी वैल्यू जनरेट होंगी, वो आप यहां पे असाइन कर सकते हो फॉर द डिफरेंस फजी सेट। सिमिलरली आपका डिसजंक्शन वाला फंडा क्या कहता है? ये तो और भी आसान है। ये तो हमारा देखो क्या बोलेगा? सबसे पहले तो गौर से देखना, अभी मामला कैसे हो रहा है। सबसे पहले तो भैया a और b का कॉम्प्लीमेंट सर फाइंड आउट कर लिया है। उसके बाद क्या करना है आपको पता है? अरे आगे भैया फजी सेट प्रॉपर्टीज भी आने वाली हैं। चलो पहले ऑपरेशन तो देख लेते हैं, फिर प्रॉपर्टीज के ऊपर भी आएंगे। काफी इजी प्रॉपर्टीज हैं। देखो जी, तो मैंने क्या किया a और b का पहले कॉम्प्लीमेंट। स्टेप सेकंड स्टेप क्या है? a, a का कॉम्प्लीमेंट सेक्शन फाइंड किया, दैट इज माय सेकंड स्टेप। और साथ ही साथ उस सेकंड स्टेप में b का कॉम्प्लीमेंट सेक्शन भी फाइंड कर लिया। तो सेकंड स्टेप हो गया। एंड फाइनली थर्ड स्टेप क्या आता है? व्हाट इज द फाइनल थर्ड स्टेप? कि यहां पे जो मुझे फजी सेट प्राप्त होगा और यहां पे जो मुझे फजी सेट प्राप्त होगा, लेट्स से ये f1 है, लेट्स से ये f2 है। तो थर्ड सेट, थर्ड स्टेप में f1 और जो आपका f2, इसको थोड़ा नीचे कर देता हूं मैं यहां, ताकि ये चीजें विजिबल हो। इस तरीके से। तो यहां पे जो f1 और f2 है, इनके बीच में मैं यूनियन लगा दूंगा। और फाइनली जो मुझे वैल्यू मिलेगी, जो फाइनली मुझे वैल्यू रिजल्टेंट मिलेंगी x1, x2, x3 के लिए, वो वैल्यू एक तरीके से इस रिस्पेक्टिव डिसजंक्शन फजी सेट को उसके हर एलिमेंट को वो मेंबरशिप वैल्यू असाइन की जाएगी। बात क्लियर है? बात सिंपल है? समझ में आ रही है? इस तरीके से सारी ऑपरेट होंगी चीजें।

अब आते हैं भैया थोड़ा फजी सेट प्रॉपर्टीज के ऊपर। बहुत इजी इजी प्रॉपर्टीज हैं यार। देखो सबसे पहला, सबसे बेसिक कम्यूटेटिव प्रॉपर्टी क्या कहती है? जी देखो, जैसे कि हम लोग कहते हैं ना यार कि अगर यहां पे 2 + 3 अगर मैं कर दूं, इट इज इक्वल टू 3 + 2, जो है ये वाला लॉ वैलिड होता है ना? यहां पे भी फाइव आ रहा है, यहां पे भी फाइव आ रहा है। यानी कि दोनों के दोनों आपके क्या हैं? इक्वल हैं। तो यही सेम प्रॉपर्टी जो है, यहां पे भी लागू पड़ती है। यहां मैंने खाली प्लस लगाया था, तो उस ऑपरेटर के ऊपर कम्यूटेटिव प्रॉपर्टी तो लागू पड़ती है, लेकिन यहां पे वो आपके इंटरसेक्शन और यूनियन पे भी लागू पड़ती है। ये बात अपने को समझनी है। वैलिड है ये उनके लिए। जैसे देखो, a इंटरसेक्शन b अगर करता हूं, तो जो भी आपको यहां पे सेट मिलेगा, वो सेम सेट होगा, वही सेम वैल्यूज होगी फॉर b इंटरसेक्शन a एज वेल। तो आप कैसे भी इसको लिख लो, कैसे भी भैया मामला कर लो, आपको तो चीज जो है, सेम ही मिलने वाली है, सेम ही आपको रिजल्टेंट फजी सेट मिलेगा। सेम केस यूनियन में भी होता है कि अगर आप a यूनियन b करते हो, तो जो रिजल्टेंट सेट मिलेगा, और यहां पे भी जो आपको b यूनियन a अगर करते हो, तो जो रिजल्टेंट सेट मिलेगा, वो एग्ज़ैक्टली सेम होगा। इट विल बी एग्ज़ैक्टली सेम। तो उनकी जो इक्वलिटी है, वो एग्ज़िस्ट करेगी, जो हमने पहले ऊपर देखा था।

उसके बाद बात करते हैं एसोसिएटिव की। एसोसिएटिव मतलब क्या मामला कैसा? चलो आपको एक पहले रिलेटेबल एग्जांपल के साथ बताता हूं, तब जाके फिर आगे आपको ये यूनियन इंटरसेक्शन पे कैसे काम करता है, वो समझ में आ जाएगा। इसलिए मैं कह रहा था, देखो यूनियन, इंटरसेक्शन, यूनियन, इंटरसेक्शन, कितना भैया यहां पे जिक्र हो रहा है, क्योंकि वो बहुत फंडामेंटल ऑपरेशंस हैं। उनके बारे में आपको पता होना ही चाहिए। सो लेट्स कंसीडर भैया, यहां पे पहले तो एडिशन ऑपरेशन। तो यहां मैं कर रहा हूं देखो 1 + (2 + 3)। इस तरीके से। तो यहां मैं करूंगा क्या? सबसे पहले 2 + 3 कर लेता हूं, फिर जो रिजल्टेंट आएगा उसका वन के साथ एडिशन कर दूंगा। तो 5 + 1 = 6 आ जाता है। अब इसमें थोड़ा सा घुमाव कर देता हूं, थोड़ा ट्विस्ट कर देता हूं कि पहले भैया 1 + 2 कैरी आउट करो, और फिर रिजल्टेंट को 3 से ऐड कर दो। तो 1 + 2 कितना होता है? 3। 3 + 3 कितना होता है? 6। यानी कि दोनों ही सूरतों में, पहले कुछ भी कर लो, कैसा भी एडिशन परफॉर्म कर लो, ये होती है आपकी एसोसिएटिव प्रॉपर्टी, जो कि रिजल्ट आपका एग्ज़ैक्टली सेम देने वाली है। अब यही नेचर भैया यूनियन इंटरसेक्शन पे कैसे काम करता है, चलो देखते हैं। लेट्स से मैंने पहले यूनियन वाला फंडा कंसीडर किया। आप जैसे यहां तीन नंबर थे, तो यहां भैया तीन आपके फजी सेट हैं, a, b, c। ये आपके तीनों फजी सेट्स हैं और यहां मैंने क्या कर दिया? पहले तो यार इन दोनों के ऊपर मैंने यूनियन लगा दिया। इसका क्या होगा? एक रिजल्टेंट मेरे को फजी सेट मिलेगा। अब ये जो रिजल्टेंट फजी सेट है, उसको मैं यूनियन करता हूं विद a। इसका जो भी रिजल्टेंट आएगा, इट विल बी एग्ज़ैक्टली, एग्ज़ैक्टली इक्वल टू एंड सेम एज दैट ऑफ कि अगर मैं पहले a और b में यूनियन करता हूं, और उसके रिजल्ट रिजल्टेंट का यूनियन करता हूं विद द सेट c। ये बात अंडरस्टैंड करनी है। और यही सेम फंडा जो है, लागू पड़ता है इंटरसेक्शन ऑपरेटर पे भी।

यही फंडा अपने को अंडरस्टैंड करना है। डिस्ट्रीब्यूटिव वाला मामला क्या कहता है? डिस्ट्रीब्यूटिव है कि देखो जी, कुछ इस तरीके से देखो मामला आपको समझ में आ जाएगा। इट वुड बी वेरी वेरी इजीली अंडरस्टैंडेबल टू यू कि यार देखो ये कैसे ऑपरेट कर रहा है। यहां पे यूनियन, इंटरसेक्शन एक साथ मैंने ले लिए। एक ही एक्सप्रेशन में यूनियन, इंटरसेक्शन मैं अपने फजी सेट a, b, c के ऊपर अप्लाई कर रहा हूं। किस तरीके से कि सबसे पहले तो भैया देखो b और c में इंटरसेक्शन परफॉर्म कर लेता हूं। उसका जो भी रिजल्टेंट आएगा, उसको मैं यूनियन करूंगा विद द रिस्पेक्टिवली सेट a। और इसका जो भी रिजल्टेंट आएगा, इट विल बी एग्ज़ैक्टली सेम एज दैट ऑफ दिस। एग्ज़ैक्टली सेम एज दैट ऑफ दिस। तो अपना जो ये डिस्ट्रीब्यूटिव वाला मामला है, इसमें थोड़ी और क्लेरिटी प्राप्त करने के लिए, लेट्स से वही आंकड़ों का इस्तेमाल करते हैं, जो इससे पहले एसोसिएटिव और कम्यूटेटिव के लिए हमने यूज किया था। लेट्स से a = 1 है, b = मेरा 2 है, लेट्स से c = मेरा 3 है। जस्ट आंकड़े मैंने कंसीडर कर लिए हैं। अब लेट्स से इसमें मैं मल्टीप्लिकेशन और एडिशन जैसे यूनियन, इंटरसेक्शन हैं, वैसे ही यहां पे लेट्स से मल्टीप्लिकेशन लगा देता हूं और पहले मैं एडिशन यहां पे परफॉर्म करता हूं। तो 2 + 3 कितना होता है जी? 5। 5 * 1 कितना होता है जी? 5। तो यहां पे रिजल्टेंट एलएचएस मेरा आ गया इक्वल टू 5। अब यही सेम नेचर यहां पे मैं अप्लाई करने का प्रयत्न करता हूं। यानी कि 1 का मल्टीप्लिकेशन करता हूं 2 के साथ और 1 का मल्टीप्लिकेशन करता हूं मैं 3 के साथ। यानी सिंपली मैंने 1 जो है, वो अंदर ले लिया और 2 और 3 के साथ मल्टीप्लाई किया और जो भी मल्टीप्लिकेशन का रिजल्ट है, उसको ऐड कर दिया। तो 2 * 1 कितना होता है जी? यहां पे 2 होता है। 3 * 1 कितना होता है? 3 होता है। तो 2 + 3 कितना होता है? 5 होता है। तो एग्ज़ैक्टली आई एम गेटिंग द सेम रिजल्ट। यही बात अपने को जो है, यहां पे अंडरस्टैंड करनी है। एंड इन केस ऑफ यूनियन एंड इंटरसेक्शन ऑफ द फजी सेट, ये इस तरीके से भी लागू पड़ सकती है, काम कर सकती है कि जहां पे हमने यूनियन की जगह इंटरसेक्शन ले लिया और यहां इंटरसेक्शन की जगह यूनियन ले लिया, वही सेम तरीके से आपको रिजल्ट यहां पे देखने को मिल जाएगा।

आइडेंपोटेंट लॉ क्या कहता है? आइडेंपोटेंट कहता है कि देखो जी, बड़ा सिंपल मामला। पहले तो ये थोड़ा साफ सफाई यहां पे कर दूं, ताकि आइडेंपोटेंट समझने में अपने को जो है ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। तो चलिए, यहां पे मैं क्या कह रहा हूं कि मेरे पास एक सेट है, फजी सेट a। अब अगर मैं उस फजी सेट को खुद के साथ ही अगर उसका यूनियन परफॉर्म करता हूं, गौर से सुनना। अगर मेरा एक फजी सेट है a, अगर मैं उसका खुद के साथ यूनियन करता हूं, तो मुझे वही सेम सेट रिटर्न में मिल जाएगा। वही सेम सेट मुझे रिटर्न में मिल जाएगा। अगर मैं जो मेरा फजी सेट a है, उसे अगर मैं नल सेट फाई (मतलब नल मतलब उसमें कोई एलिमेंट नहीं है) अगर मैं नल सेट के साथ उसका यूनियन करता हूं, तो मुझे अगेन इन रिटर्न मेरा ओरिजिनल a सेट, फजी सेट, वही प्राप्त हो जाएगा। तो ये वो सिनेरियो है, ये वो केसेस हैं, जहां पे अगर आप यूनियन लगाते हो खुद के साथ या नल सेट के साथ, तो आपको a अगेन वही का वही वापस से मिल जाएगा। तो जब भैया यहां पे इंटरसेक्शन की बातचीत चल रही है, तो अपन क्या करते हैं? जैसे a, a के बीच में लगाया था, वैसे ही अगर आप a, a के बीच में, यानी कि सेम सेट है a, उसके बीच में अगर इंटरसेक्शन लगाते हो, आपको भैया रिजल्टेंट वापस a ही मिलेगा। यानी कि a, a में आप चाहे यूनियन लगाओ, इंटरसेक्शन लगाओ, जो चाहे यहां पे इन दोनों में से लगा सकते हो, आपको रिजल्टेंट में सेम वही सेट वापस रिटर्न मिल जाएगा। ये बात अपने को समझनी है।

लेकिन ऐसा नेचर जो है, भैया नल सेट के साथ फाई सेट के साथ ऐसा नहीं है। क्यों? क्योंकि अगर मैंने देखो यहां जब पहले यूनियन लगाया था a और नल सेट में, तो मुझे a मिल गया था। लेकिन यहां ऐसा नहीं है। a और नल में जब मैं कुछ कॉमन इंटरसेक्शन मतलब क्या कि दोनों के बीच में जो कॉमन है, वो ढूंढने का प्रयत्न करता हूं, तो ऐसा कुछ कॉमन मिलेगा ही नहीं। रिजल्टेंट में इसलिए आपको कुछ नहीं मिलेगा, यानी कि नल सेट मिलेगा। तो गौर से देखिएगा कि अगर आप नल सेट का इस्तेमाल यूनियन के साथ किसी एक दूसरे यू नो यूनियन ऑपरेटर के साथ यहां पे किसी और सेट पे परफॉर्म करना चाहते हो, तो रिजल्टेंट आपको वही सेम सेट a मिल जाएगा। लेकिन इन केस ऑफ इंटरसेक्शन, कुछ भी कॉमन नहीं मिलेगा, यानी कि आपको नल ही प्राप्त होगा। तो ये बेसिक डिफरेंस आपको पता होना चाहिए।

ट्रांजिटिविटी क्या कहता है? जी मेरा दोस्त राजेश है, राजेश का दोस्त सुरेश है, तो भैया सुरेश मेरा भी दोस्त हुआ। वही सेम ट्रांजिटिव प्रॉपर्टी जो है, यहां पे आपको देखने को मिल जाएगी कि a जो है, b का सबसेट है। a क्या है भैया, b का सबसेट है। और b जो है, वो c का सबसेट है। तो इन शॉर्ट भैया, a मेरा c का सबसेट हो गया ना? ये बात अंडरस्टैंड करनी है। इसको विजुअली मैं आपको बताने का प्रयत्न करूं, लेट्स कंसीडर ये मेरा c सेट है। ये मेरा c सेट है। अब c के अंदर मेरा यहां पे b जो है, वो मौजूद है। नाउ b इज नथिंग बट अ सबसेट ऑफ c, सही बात है? अब b के अंदर मेरा यहां पे a मौजूद है। तो a इज अ सबसेट ऑफ b। ये तो मैंने पहले स्टेटमेंट में क्लियर कर दिया। a इज अ सबसेट ऑफ b। लेट्स से इन दिस वे वी आर ट्राइंग टू से। एंड जो b है, वो मेरा क्या है भैया, c का सबसेट है। तो कॉमन सेंस लगाइए, a भी तो भैया c के अंडर ही आ रहा है। यानी a भी तो भैया आपका c का सबसेट ही तो है। तो वो क्लियर यहां पे विजिबल है। और वही चीज मैं यहां पे ट्रांसिटिव प्रॉपर्टी के थ्रू मेंशन करना चाहता हूं।

डी मॉर्गन लॉ और उसके बाद भैया फजी रिलेशन पे भी आएंगे। थोड़ा सा ही पार्ट बच गया फजी लॉजी का, फिर हम लोग आगे मूव ऑन करेंगे टू द प्रॉब्लम सॉल्विंग। ठीक है? डी मॉर्गन लॉ क्या कहता है? a और b अगर इसके बीच में दो सेट अलग-अलग हैं, उनके बीच में अगर मैं इंटरसेक्शन लगाता हूं। अब इंटरसेक्शन लगाने के बाद जो भी मुझे रिजल्टेंट मिलेगा, अगर मैं उसका कॉम्प्लीमेंट। रिजल्टेंट मुझे क्या मिलेगा? रिजल्टेंट आई विल गेट अ फजी सेट। उस फजी सेट पे कॉम्प्लीमेंट लगाओगे, तो उसकी मेंबरशिप वैल्यूज। ये तो अभी तक अपने को पता चल चुका है। उसका जो भी रिजल्टेंट आएगा, उसकी वैल्यूज विल बी एग्ज़ैक्टली इक्वल, एग्ज़ैक्टली इक्वल टू कि अगर आपने उनका सेपरेटली एक तरीके से कॉम्प्लीमेंट लगाया। यानी कि a का कॉम्प्लीमेंट, b का कॉम्प्लीमेंट, और फिर उन दोनों के बीच में यूनियन लगा दिया। ये गुड एज दिस। कॉम्प्लीमेंट ऑफ a, कॉम्प्लीमेंट ऑफ b, और फिर उन दोनों के बीच में यूनियन लगा दिया। यही सेम चीज तो मैं आरएचएस पे मेंशन कर रहा हूं, व्हिच इज गोइंग टू गिव यू द सेम रिजल्ट। ये बात अपने को यहां पे अंडरस्टैंड करनी है इन रिगार्ड्स टू द फजी सेट।

अब आगे बढ़ते हैं। फजी रिलेशन क्या होता है? तो अभी यार ये फजी रिलेशन वाला मामला समझते हैं। विद द हेल्प ऑफ टू फजी सेट्स, जो कि मैंने यहां पे मेंशन कर दिए हैं, फजी सेट a और b, और इसमें देखो।

एलिमेंट्स x1, x2, x3 यहां पे y1, y2, y3. तो यहां पे मैं सिंपलीसिटी के लिए जनरलाइज्ड वे में ये कह सकता हूं कि x के थ्रू हम डिनोट कर सकते हैं एलिमेंट्स जो हैं आपके फजी सेट a के, और y के थ्रू डिनोट कर रहे हैं एलिमेंट्स ऑफ़ द सेट b. और यहां पे हम इन दोनों फजी सेट्स के ऊपर क्या लगाने वाले हैं? कार्टीजन प्रोडक्ट ताकि हमें उनका रिस्पेक्टिवली रिलेशन पता लग सके कि हर एक जो एक आपका सेट ए का एलिमेंट है उसका सेट b के दूसरे एलिमेंट के साथ क्या नाता है, और वो जो नाता है, वो जो रिश्ता है, वो जो रिलेशन है उसका क्या स्ट्रेंथ है, वही अपने को जो है यहां पे पता लगाना है.

तो वही जो रिलेशन है, बेसिकली x और y जो मैंने अभी डिनोट किए थे, तो ये जो दो एलिमेंट्स आपके एग्ज़िस्ट करेंगे ऑफ द रिस्पेक्टिव सेट ए एंड बी, वो अगर मुझे रिलेशन उनके बीच का फाइंड करना होगा, वो जो वैल्यू अगर मेंबरशिप वैल्यू अगर मुझे चाहिए होगी उसकी, तो एक तरीके से दैट r इज़ नथिंग बट इक्वल टू a क्रॉस b, व्हिच इज़ नथिंग बट वी कॉल इट एज़ अ कार्टीजन प्रोडक्ट जिसका ज़िक्र मैंने अभी किया था. तो r इज़ नथिंग बट इक्वल टू a क्रॉस b, और वही r इक्वल टू मैंने a क्र b यहां पे मेंशन कर दिया है.

अब उसकी मदद से मुझे ये मैट्रिक्स फॉर्म में जो है कुछ आंकड़े जनरेट होने वाले हैं. इन टर्म्स ऑफ़ रो मैंने x की वैल्यूज x1, x2, x3 एंड इन टर्म्स ऑफ़ कॉलम y1, y2, y3 y की जो वैल्यूज है वो मैंने रख दी है. तो ये सेट b की है और ये सेट a की वैल्यूज आपके सामने इस तरीके से रो एंड कॉलम वाइज मैंने मेंशन कर दी है.

लेकिन सर जी, ये तो बताइए कि जो ये ऑपरेशन है कार्टीजन प्रोडक्ट जिसका नाम है, इसमें एक्चुअली जो है हमें ये वैल्यू जो फाइंड आउट करनी है, रिलेशन वैल्यू कह लीजिए या फिर भैया स्ट्रेंथ वैल्यू कह लीजिए जिसके साथ x और y एक दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं, बॉन्डेड हैं रिलेशन में. ये अगर फाइंड करना है तो इसके लिए क्राइटेरिया क्या है? जैसे हमने यूनियन के लिए देखा था, हमने भैया इंटरसेक्शन के लिए देखा था. हां, देखा था. हां, इंटरसेक्शन के लिए देखा था. क्या देखा था? मिनिमम. वही फंडा यहां पे भी लगाना है. वही फंडा यहां पे भी लगाना है.

तो यहां कैसे हम लगाते हैं कि जो मेंबरशिप वैल्यू आपके उस एलिमेंट x जो कि x1, x2, x3 कुछ भी हो सकता है ऑफ द सेट ए, उसकी मेंबरशिप वैल्यू जो होगी, और यहां पे जो आपका रिस्पेक्टिवली सेट बी का y, y1, y2, y3 कुछ भी हो सकता है, उसकी जो मेंबरशिप वैल्यू होगी, उनके बीच में कॉमा लगा दिया गया है. उनमें से जो मिनिमम होगा, वो वैल्यू यहां पे आपके उन दोनों के रिश्ते की स्ट्रेंथ को डिनोट करेगा. बात खत्म. सिंपल सी बात है.

तो यहां जैसे मैं चलो यहां पे लगा लेता हूं. x की जगह मैं सबसे पहले तो x1 ले लेता हूं और यहां पे y1 ले लेता हूं. तो मैंने क्या किया x1 की वैल्यू और y1 की पहले इन दोनों में पेयरिंग किया. कार्टीजन प्रोडक्ट निकालने तो एक-एक एक-एक करते हुए भैया पेयर अप करने वाले हैं और यहां पे वैल्यूज हम लिखेंगे. तो देखो जी, ये मेरा x1 का रो, ये मेरा y1 का कॉलम. अब मुझे बताइए इंटरसेक्शन कहां हो रहा है? यहां पे हो रहा है. तो इस इंटरसेक्शन में ही, इस इंटरसेक्शन में ही उन दोनों का जो रिश्ते का स्ट्रेंथ है, उस वैल्यू को मैं यहां पे लिखने वाला हूं. तो ठीक है, यहां पे देखो जी क्या आता है. यहां तो सर जी .6 है वैल्यू है ना. इस रिस्पेक्टिव सेट a की ऑफ द x1 मेंबरशिप वैल्यू .6 है सर जी इसकी तो से है. तो मिनिमम कौन है? .67. इसमें से मिनिमम क्या है? सर जी .6 इज द मिनिमम. तो वही तो मैंने लिखा स. वही तो मैंने लिखा स.

अब इसमें एक गौर करने वाली बात ये है, जो आपको समझनी है कि क्योंकि यहां पे क्राइटेरिया मिनिमम है, तो लेट्स से अगर कोई भी मेरा एलिमेंट जैसे अभी x को मैंने रो वाइज रखा है, y को मैंने कॉलम वाइज रखा है. लेट्स से अब यहां पे अगर कोई x में मेरी एक ऐसी मेंबरशिप वैल्यू निकल के आ जाती है, जो कि सबसे कम है, जैसे कि इस केस में .2. तो एक शॉर्टकट ट्रिक बता रहा हूं. सीधा-सीधा बिना कंपेयर किए आप पूरे रो को जो है फ्लड कर दीजिएगा विद द वैल्यू ऑफ़ .2. दैट्स इट. तो यहां पे .2 लिख लोगे. लेट्स कंसीडर अगर यहां पे .1 होता, तो वो सबसे कम है. तो हम क्या करेंगे? ये तो कॉलम वाइज आता है. तो यहां .1, .1, .1. बिना देखे भैया सीधा उसको पूरा कॉलम या रो में इस तरीके से रिस्पेक्टिवली आप फ्लड अप कर सकते हो. ये आपका निकल के आ जाता है फजी रिलेशन.

और इसी आइडिया को थोड़ा एक्सटेंड करते हुए हम जो है अपने फजी इफ देन रूल्स को भी समझेंगे. क्योंकि यहां पे जो रिलेशन हम a और b क्योंकि है, तो यहां पे दो सेट. यहां पे ए, बी आपका एक फजी सेट है. यहां पे बी भी आपका एक फजी सेट है. यहां पे जो रिलेशन मैंने लगा दिया है, वो है आपका इंप्लीकेशन रिलेशन, यानी इंप्लाइज. इसे हम ऐसे रीड करते हैं: a इंप्लाइज b.

अब a सेट जो ले लिया, वो मैंने टेंपरेचर ले लिया है. अब जो मैंने b ले लिया है, वो मेरा प्रेशर है. और हम जानते हैं टेंपरेचर और प्रेशर में क्या नाता होता है, क्या रिलेशन होता है? टेंपरेचर इज़ इन्वर्सली प्रोपोर्शनल टू प्रेशर. अब अगर इसी को मैं रिप्रेजेंट करना चाहता हूं, तो इफ और देन कीवर्ड लगा के रिप्रेजेंट कर सकते हो. एक रूल के माध्यम से: इफ टेंपरेचर इज़ हाई, अगर टेंपरेचर हाई है, तो कॉमन सेंस कहता है कि अगर ये इन्वर्सली प्रोपोर्शनल है, तो प्रेशर लो होगा. तो अगर ये सिचुएशन है, ये कंडीशन है, ये स्टेट अगर मौजूद है, तो हम ये कंक्लूजन. इसीलिए भैया इस देन वाले पार्ट को, लाइक देन के बाद वाले पार्ट को कंक्लूजन कहते हैं. और a, यानी कि ये वाला जो आपको पार्ट यहां पे दिखाई दे रहा है, इसे हम लोग प्रेमाइस कहते हैं. क्या कहते हैं? प्रीमाइ कहते हैं. तो यहां पे एक तरीके से प्रीमाइ में जो है टेंपरेचर के बारे में बात हो रही है, और जो कंक्लूजन है इन रिगार्ड्स टू प्रेशर हमें रिफ्लेक्ट किया जा रहा है कि अगर ये हाई है, तो भैया ये लो होगा. इस तरीके से ये हमारा जो रूल है, इफ देन रूल जो है, यहां पे लगा दिया है. और इस रूल को अपन ऐसे भी देख सकते हैं. क्योंकि इस साइड पे तो टेंपरेचर होगा, इस साइड पे तो भैया प्रेशर होगा. यहां भैया मैंने क्या पैरामीटर डाल दिया? कैरेक्टरिस्टिक डाल दिया कि टेंपरेचर हाई, तो भैया उस दूसरे कंक्लूजन पार्ट में क्या होगा? प्रेशर आपका क्या कैरेक्टरिस्टिक होल्ड करेगा? लो.

ठीक है. अब कुछ नहीं भैया, वही सेम रिलेशन अगर एस्टेब्लिश करना है, तो वही अपने को कार्टीजन प्रोडक्ट लगाना पड़ेगा. वही सिंपल सी रिलेशन जो है इस इंप्लीकेशन का आपको देखने को मिल जाएगा. तो क्या है भैया, यहां पे आंकड़े देखो क्या है. ये क्या है? 25, 30, 30, 55, 40. ये क्या है? दीज़ आर नथिंग बट टेंपरेचर वैल्यू, क्योंकि ये उस सेट टेंपरेचर को बिलोंग कर रहा है. ये क्या है जी? ये आपकी प्रेशर वैल्यूज हैं, जो कि सेट प्रेशर को बिलोंग कर रहे हैं. तो करना क्या है? वही सेम चीज है यार, वही अपना जो कार्टीजन प्रोडक्ट, मिनिमम वैल्यू है, वही कंसीडर करना है. तो 25 एंड 2. देखो मैं क्या करता हूं. 25 एंड 2. मिनिमम क्या है सर जी? .1. तो अगर .1 है, तो भैया यहां पे मैं लिख दूंगा. सबसे पहले तो .1. और यहां पे मैं वैल्यू फ्लड अप कर दूंगा. यहां पे मैंने टेंपरेचर को जो है रो वाइज ले लिया, प्रेशर को जो है कॉलम वाइज ले लिया. और देखो यहां पे मैंने .1 की वैल्यू को फ्लड अप कर दिया. वही सेम जो शॉर्टकट ट्रिक थी, जो मैंने पहले बताई थी, वही यहां पे अप्लाई की है कि ओवरऑल पूरे रो में .1 से, तो भैया देखो किसी के साथ भी कंपेयर करो, ये तो सबसे मिनिमम निकलने वाला है. तो पूरे रो में भैया उसको फ्लड कर दो.

अब यहां पे मुद्दे की बात ये है कि सर जी, ये .1 क्या कहने का प्रयत्न कर रहा है? वही जो कार्टीजन प्रोडक्ट में हम बता रहे थे कि ये जो टेंपरेचर का आंकड़ा है 25, और ये जो प्रेशर का आंकड़ा है दो, इनका जो एक तरीके से पेयर है, उसकी स्ट्रेंथ, जो उनका जो नाता है, उसका जो रिश्ता है, उसकी जो स्ट्रेंथ है, वो .1 है. यानी कि इस स्ट्रेंथ के साथ वो टेंपरेचर और प्रेशर का जो नाता है, वो इस रूल को बिलोंग कर रहा है. इस स्ट्रेंथ के साथ, इस स्ट्रेंथ वैल्यू के साथ आपका ये टेंपरेचर 25 और प्रेशर दो का जो टपल है, वो आपके उस रूल को बिलोंग कर रहा है. ये उसकी स्ट्रेंथ है .1, जो आपको यहां पे समझनी है.

अब थोड़ा और आगे बढ़ेंगे दोस्तों, तो एक लास्ट पॉइंट रिगार्डिंग द फजी लॉजिक. वैसे अगर आपको और भी पढ़ना है, समझना है चीजें जाननी है, बहुत सारे और मुद्दे भी. बट दिस मच इज़ मोर दन इनफ इन केस ऑफ़ एआई कि अगर आप समझना चाहते हैं. बट अगर और भी दिलचस्पी है, इंटरेस्ट है भैया, तो सॉफ्ट कंप्यूटिंग का एक एंटायर कोर्स अपन ने बना के रखा हुआ है. उसमें भैया फजी के बारे में और भी बहुत सारी डिटेल्स हैं, कॉन्सेप्ट्स हैं, जो मैंने शेयर किया है. तो इन केस इफ यू आर इंटरेस्टेड, यू कैन डेफिनेटली विजिट देयर एंड यू कैन जस्ट हैव अ लुक देयर एंड स्टडी अप दैट पार्ट एज़ वेल.

तो मामला किस तरीके से चल रहा है? देखो, मामला किस तरीके से चल रहा है. अगर ये मेरा फजी सिस्टम है, लेट्स से इसमें दो और टर्म मैं एक्चुअली इंट्रोड्यूस करना चाहूंगा: फजीफिकेशन एंड डीफजीफिकेशन. एक बेसिक आइडिया होना इसके बारे में आपको जरूरी, इसलिए मैं आपके साथ ही शेयर कर रहा हूं. एक लास्ट पॉइंट रिगार्डिंग द फजी लॉजिक. इनिशियली भैया, लेट्स से मैं अपने फजी सिस्टम को जो है एक क्रिस्प इनपुट देता हूं. क्या दे रहा हूं मैं? गौर से सुनना. क्रिस्प इनपुट दे रहा हूं. आई एम गिविंग अ क्रिस्प इनपुट. अब क्रिस्प क्या होता है, ये मैं पहले भी डिस्कस कर चुका हूं. ठीक है.

अब जब मैंने इसे क्रिस्प इनपुट दिया, अब ये फजी सिस्टम है, तो भैया भाषा कौन सी समझ रहा है? ये उसके लिए फॉरेन लैंग्वेज है. ये जो क्रिस्प लॉजिक की लैंग्वेज, मैथमेटिकल लैंग्वेज बात कर रहे थे, ये उसके लिए अलग भाषा है. उसको कौन सी समझ में आती है? उसको भैया फजी लॉजिक, ये मैथमेटिकल लैंग्वेज उसको समझ में आती है. यानी कि अब हमें ये क्रिस्प को फज में कन्वर्ट करना पड़ेगा, ताकि फजी सिस्टम जो है उसपे ऑपरेट कर सके, कुछ जो अपनी इफ देन रूल्स है, इफ देन रूल्स है, उनको रेफर कर सके और उसके बेसिस पे एक आउटपुट जनरेट कर सके. तो तो जो इनपुट आया है, उसे क्रिस्प से फजी में कन्वर्ट तो करना पड़ेगा, और वो करेगा कौन? फजी फिकेशन. ये फज फिकेशन का मामला है, जो अपन करते हैं क्रिस्प को एक तरीके से फजी में कन्वर्ट करना.

और दूसरे एंड पे, लेट्स से हमने अपने इफ देन रूल्स को एक तरीके से रेफर किया, उस बेसिस पे भैया, जो हमारा करंट इनपुट आया, तो उसे एनालाइज किया, मैच अप किया, कंपेयर किया और उस बेसिस पे लेट्स से कुछ कंक्लूजन निकाला, कुछ आउटपुट निकाला. तो ओबवियस सी बात है, इसका आउटपुट कैसा होगा? फजी आउटपुट होगा. अब उस फजी आउटपुट को हम लोग सीधा-सीधा ऐसे बाहर तो नहीं जाने दे सकते. हमको क्रिस्प आउटपुट चाहिए. तो हमें इनपुट इनपुट भी क्रिस्प देना है, आउटपुट भी क्रिस्प चाहिए. तो उसके लिए क्या करना पड़ेगा? वापस इंटरनली भैया, हमें डीफजिर लगाना पड़ेगा. यानी कि फजी फिकेशन का एग्जैक्टली उल्टा, जो आउटपुट जनरेट हुआ है, फजी आउटपुट, उसे मुझे क्रिस्प आउटपुट में कन्वर्ट करना पड़ेगा. और यही क्रिस्प आउटपुट आपको फाइनली फजी सिस्टम के बाहर उपस्थित देखने को मिल जाएगा. बात क्लियर है?

तो अब बढ़ते हैं भैया आगे और अपना जो अगला चैप्टर है, यूनिट है, मॉड्यूल है, जो जा कहना है कह लीजिए, प्रॉब्लम सॉल्विंग. चलो भैया, इसको जानते हैं. ये क्या कहने का प्रयत्न कर रहा है? ये बहुत कोर, बहुत इंपॉर्टेंट एंड मोस्ट कॉमनली आपको सेमेस्टर्स में भैया ये मॉड्यूल तो इंक्लूडेड देखने को मिल जाएगा, क्योंकि इसके ऊपर बहुत सारे प्रश्न भैया अभी तक पूछे गए हैं आपके एग्जामिनेशन में. सो इट्स वेरी इंपॉर्टेंट कि आप इस रिस्पेक्टिव प्रॉब्लम सॉल्विंग मॉड्यूल के हर फंडे को बड़े डिटेल में समझे, जाने. और मैं तो भैया उसको आसान करके आपके सामने रखने ही वाला हूं.

तो प्रॉब्लम सॉल्विंग जैसा नाम, वैसे ही काम. प्रॉब्लम्स है सबके जिंदगी में, उसको सॉल्व करना है. यू हैव टू सॉल्व द गिवन प्रॉब्लम. एक मिनट, क्या बोला मैंने? यू हैव टू. ना ना ना ना ना. बट नॉट यू. ये नहीं करना है. अपना जो रिस्पेक्टिव, आप तो प्रॉब्लम सॉल्व कर सकते हो, ये तो मुझे फुल कॉन्फिडेंस है. आपके सॉल्व करना है आपको गिवन प्रॉब्लम को. बट नॉट यू. यहां पे हमारा जो सिस्टम होगा, जो हमारी मशीन होगी, वो इतनी कैपेबल होनी चाहिए कि अगर उसको कोई प्रॉब्लम दे दिया है, तो भैया वो उसे खुद से सॉल्व कर ले. वो खुद से उसे सॉल्व करे. नॉट यू. आप वहां पे इंटरवीन नहीं करेंगे. वो एक तरीके से उस प्रॉब्लम को सॉल्व करेंगे.

एंड नॉर्मली यहां पे होता क्या है, हम डील करते हैं विद ह्यूज लार्ज ह्यूमस प्रॉब्लम्स. हम क्या करते हैं भैया, बहुत बड़े-बड़े प्रॉब्लम्स के साथ यहां पे डील करने का प्रयत्न करते हैं. क्योंकि इकट्ठा तो भैया देखो, एक साथ तो वो बड़ा सा बड़ा प्रॉब्लम सॉल्व नहीं होगा. तो क्या करते हैं हम उसे डिवाइड करते हैं, जैसे डिवाइड एंड कॉनकर वाला मामला होता है. तो उसको हम डिवाइड करते हैं इनटू वेरियस सब प्रॉब्लम्स, और फिर उसे और फर्दर हम डिवाइड कर सकते हैं इनटू वेरियस सब प्रॉब्लम, और उसको डिवाइड करते जाते, करते जाते, करते जाते, करते जाते, करते जाते, जब तक हमें एक ऐसा प्रॉब्लम नहीं मिलता, जो कि अभी उसको सॉल्वेबल है. यानी कि हमने उसको डिवाइड किया, उसको डिवाइड किया, इसको फर्दर और डिवाइड किया, फर्दर और डिवाइड किया, और तब तक एक प्रॉब्लम नहीं मिल जाता, जिसको हम लोग यहां पे इजीली सॉल्व कर सकते हैं. और फिर वही सॉल्यूशंस को हम लोग अपवर्ड जाते हैं, फ्रॉम बॉटम अप, उस सॉल्यूशन को कंबाइन करते जाते हैं, और फाइनली हमें जो हमारा इन टोटल जो बड़ा प्रॉब्लम था, उसका सॉल्यूशन भी प्राप्त हो जाता है. ये एक बेसिक नेचर जो है, हम लोग यहां पे फॉलो करने का प्रयत्न करते हैं, जब ह्यूज प्रॉब्लम्स हमारे सामने आ जाते हैं.

इसमें एक इंपॉर्टेंट टर्म अपने को अंडरस्टैंड करनी है प्रॉब्लम सॉल्विंग में, क्योंकि आगे ये चीज आने वाली है और हम इसे देखने वाले हैं, जिसका नाम है स्टेट स्पेस सर्च. ये क्या होता है? ट्रिपल एस, स्टेट स्पेस सर्च. ये क्या बताता है? इसमें कुछ ये एक तरीके से टपल अपने डिफाइन कर रहा है. स्टेट स्पेस मतलब क्या? देखो, जैसे एस भी वही बताने का प्रयत्न कर रहा है कि आपका जो रिस्पेक्टिव गिवन प्रॉब्लम है, जिसे हम सॉल्व करना चाहते हैं, पहले मुझे ये तो पता हो कि उसमें कितने नंबर ऑफ स्टेट्स हैं, क्या-क्या वो स्टेट्स हैं, पहले मुझे स्टेट्स के बारे में तो जानकारी होनी चाहिए. इट्स लाइक दैट कि अगर यहां पे लेट्स से चौराहा है, कुछ इस तरीके से, और मैं यहां पे खड़ा हूं, इस बीच में यहां पे खड़ा हूं, बराबर. हैन, यहां पे मैं खड़ा हूं. ये मेरा स्टार्ट स्टेट है. सो दिस इज़ वन ऑफ़ द स्टेट. ये मेरा एक स्टेट है. फिर उसके बाद यहां से मैं यहां जा सकता हूं, ये भी एक स्टेट है. फिर उसके बाद यहां से यहां भी जा सकता हूं, ये भी रास्ता ले सकता हूं. तो ये एक स्टेट है. फिर भैया यहां पे जा सकता हूं, ये भी एक स्टेट है, ये भी एक स्टेट है. तो ये मेरे वो ऑल पॉसिबल स्टेट्स हैं, जो एग्ज़िस्ट करते हैं.

अब यहां पे आपके पास बहुत सारे तो ओबवियसली स्टेट्स एग्ज़िस्ट कर सकते हैं फॉर अ गिवन प्रॉब्लम. लेकिन मेजर्ली ये दो इंपॉर्टेंट फंडे होते हैं, जो कि यार आपके मेंशन होने ही चाहिए. एक होता है स्टार्ट स्टेट, एक होता है गोल्ड स्टेट. लेट्स से ये मेरा स्टार्ट स्टेट है, जो मेंशन है. मेरा गोल स्टेट ये है कि मुझे यहां पे जाना है, इस रास्ते में जाना है और यहां पे रुकना है. तो ये मेरा क्या हो गया भैया, आपका गोल स्टेट हो गया. तो ये गोल स्टेट और जो आपका पहले था, ये, ये आपका स्टार्ट स्टेट. ये भैया एक तरीके से मेंशन होना चाहिए.

उसके बाद, उसके बाद आगे बढ़ते हैं. ए मतलब क्या? सेट ऑफ एक्शंस. कि भैया कौन-कौन से एक्शंस आप परफॉर्म कर सकते हो? तो ये देखो जी, कैसे यहां पे मैं ये वाला मूव जो है अप्लाई कर सकता हूं. आगे जा सकता हूं. मैं राइट में जा सकता हूं. मैं लेफ्ट में जा सकता हूं. मैं पीछे जा सकता हूं. तो ये मेरे पास चार पॉसिबल मूव्स हैं, चार पॉसिबल एक्शंस हैं, जो कि मैं परफॉर्म कर सकता हूं. तो वो एक्शन सेट के अंदर आ जाता है.

उसके बाद यहां पे मैंने लिखा हुआ है एक्शन s. एक्शन s मतलब क्या? कि यहां पे मेरे पास जो ये चार पॉसिबल सेट ऑफ एक्शंस थे, और ये जो मेरा रिस्पेक्टिवली गोल स्टेट है, तो मुझे स्टार्ट स्टेट से गोल स्टेट तक जाना है. तो मुझे बेसिकली यहां से यहां पे जाना है. मुझे क्या करना है? यहां से यहां पे जाना है, गोल स्टेट तक रीच आउट करना है. तो कौन सा एक्शन प्रिफरेबल होगा? ऊपर, यानी कि आगे, पीछे. अप डाउन बोल सकते हैं इसको. यहां पे अप डाउन तो नहीं बोलेंगे, क्योंकि यार देखो, आप जब यहां पे आप खड़े हो, बेसिकली, तो आपके सामने वो आगे वाला रास्ता होगा, पीछे वाला रास्ता होगा, राइट वाला होगा, लेफ्ट वाला होगा, इस तरीके से. तो मैं क्या बोलूंगा जी, अगर मुझे यहां पे पहुंचना है, इस वाले रास्ते में जाना है चौराहे से, तो मैं लेफ्ट लूंगा. तो ये मेरा एक एक्शन हुआ, जो कि मेरे एक्शन सेट में चार एक्शंस थे, उसमें से मैंने ये वाला एक्शन चुना कि भैया मुझे लेफ्ट जाना है. अपने पास राइट भी था, अपने पास क्या बोलते हैं उसको फॉरवर्ड भी था, और अपने पास बैकवर्ड भी था. तो मैं ना फॉरवर्ड गया, ना राइट गया, ना बैकवर्ड गया, मैं लेफ्ट गया, और लेफ्ट में जाने के बाद मैं अपने गोल तक पहुंच पाया. तो मैंने क्या लिया भैया, अपना रिस्पेक्टिवली एक्शन जो है, एक तरीके से यहां पे डिफाइन किया, अमंग द अवेलेबल एक्शंस. ओके. तो ये वन ऑफ द एक्शन मैंने यहां पे आपको लेके दिखा दिया है.

उसके बाद रिजल्टेंट क्या है? तो रिजल्टेंट मतलब आपने ये एक्शन परफॉर्म करने के बाद, एक स्टेट में, एक एक्शन परफॉर्म करने के बाद आप किसी दूसरे स्टेट में पहुंचोगे. तो पहले इधर था मैं, इस स्टेट में. अब मैं इस स्टेट में पहुंच गया हूं. तो ये मेरा रिजल्टेंट स्टेट है. ये मेरा इनिशियल करंट स्टेट पे एक तरीके से एक्शन परफॉर्म करने के बाद, मैं किस रिजल्टेंट स्टेट पे पहुंच रहा हूं, ये बताने का कार्यक्रम यहां पे किया जा रहा है, इस टपल के थ्रू.

उसके बाद आगे बढ़ते हैं भैया, कॉस्ट मतलब यहां से यहां तक जाने में कितनी कॉस्ट लगी, कितना डिस्टेंस लगा, कितनी मेहनत लगी, कितने एफर्ट लगे, जो भी है भैया फंडा, आपको क्या कॉस्ट लगी, वो यहां पे अपन जो है मेंशन करने का प्रयत्न करते हैं. गौर से देखिएगा, समझिए. एक फ्लो चार्ट के थ्रू भी मैं आपको स्टेट्स पे सर्च मामला जो है बड़े डिटेल में बताऊंगा. लेकिन यहां पे कुछ प्रॉपर्टीज हैं, जो आपके साथ में शेयर करना चाहता हूं. एग्जॉस्ट इवनेस. एग्जॉस्ट इवनेस मतलब क्या? कि यार देखो, आपके पास जो है, यहां पे ये आपका लेट्स से स्टार्ट स्टेट है, और यहां पे आपके पास और भी बहुत सारे स्टेट्स अवेलेबल हैं, बहुत सारे स्टेट्स अवेलेबल हैं, लेट्स से इस तरीके से मैंने उनको मेंशन कर दिया है. तो अब मुझे इस रिस्पेक्टिव स्टार्ट स्टेट से, लेट्स से इस गोल स्टेट तक जाना है. तो स्टार्ट से लेके भैया, अगर गोल तक मुझे पहुंचना है, तो एग्जॉस्ट इवनेस का मतलब क्या होता है कि मैं हर नोड को एक तरीके से विजिट करते हुए जाऊंगा, चेक करते हुए जाऊंगा कि क्या ये गोल है, क्या ये गोल है, क्या ये गोल है, ये कहां हिल रहा है, क्या ये गोल है, क्या ये गोल है, क्या ये गोल है, क्या ये गोल है. अरे हां, ये गोल है. बात समझ में आई? तो ये बड़ी एग्जॉस्ट इव मैनर में सर्च करता है कि यार देखो, आपके जितने भी अल्टरनेटिव एक तरीके से ऑप्शंस होंगे, स्टेट्स होंगे, अवेलेबल होंगे, उन सबके थ्रू अपन गुजर के देखने का प्रयत्न करेंगे कि क्या भैया ये जो है, एक तरीके से आपका गोल नोड है या नहीं. तो ये होती है एक.

एग्जॉस्ट इव प्रॉपर्टी जिसका आगे ओबवियसली अपन रेफरेंस करने वाले हैं, देखने वाले हैं। जब अनइफॉर्म सर्च के बारे में अपन देखेंगे, समझेंगे तो उसमें भैया ये एग्जॉस्ट इवनेस या फिर एक तरीके से हम कहते हैं ब्रूट फोर्स मेथड जो है वो एक तरीके से अप्लाई किया जाता है।

कंप्लीटनेस का मामला क्या होता है जी? कंप्लीटनेस मतलब देखो, फॉर अ गिवन प्रॉब्लम मैं आपको सॉल्यूशन दे सकता हूं। एक एल्गोरिथम कहता है, एल्गोरिथम को हम क्या करते हैं, एक प्रॉब्लम देता है, है ना? अब वो प्रॉब्लम का मैं आपको सॉल्यूशन 100% प्रोवाइड कर सकता हूं, उसे कहते हैं भैया ये कंप्लीट एल्गोरिथम है। ये कंप्लीट इस कंस्ट्रेंट को, जो ये क्राइटेरिया है भैया, इसको फॉलो करता है क्योंकि ये मुझे गिवन प्रॉब्लम का एक सॉल्यूशन जनरेट करके दे सकता है।

लेकिन फिर अगला क्वेश्चन ये है कि देखो जी, एस से जी तक जाना है, जो कि अपनी ये पाथ जो है वो एक तरीके से सॉल्यूशन है फॉर द गिवन प्रॉब्लम। सोर्स से गोल तक जाना है, स्टार्ट से गोल तक जाना है, ये अपना एक सॉल्यूशन होगा। लेकिन सर जी, उसके लिए तो बहुत सारे रास्ते एग्ज़िस्ट करते हैं। बड़े से बड़ा, लंबा सा लंबा रास्ता भी होगा और छोटा से छोटा शॉर्टकट रास्ता भी होगा। तो सर मुझे यहां पे कम से कम कॉस्ट में अगर पहुंचना है, अगर मुझे सोर्स से लेके स्टार्ट से लेके गोल तक, सोर्स से लेकर डेस्टिनेशन तक अगर कम से कम कॉस्ट में पहुंचना है, कम से कम टाइम में पहुंचना है, कम से कम डिस्टेंस में पहुंचना है, जो भी ले लीजिए भैया क्राइटेरिया, उसके लिए जो सॉल्यूशन जनरेट होगा, उसे कहते हैं ऑप्टिमल। उसे कहते हैं प्रॉपर्टी को ऑप्टिमेलिटी। वो सॉल्यूशन क्या होगा? ऑप्टिमल सॉल्यूशन होगा। बिकॉज यहां पे आपके पास सेट ऑफ सॉल्यूशंस बहुत सारे अवेलेबल हो सकते हैं, लेकिन उसमें से मुझे बेस्ट चाहिए, उसमें से मुझे कम से कम कॉस्ट वाला चाहिए, उसे कहते हैं ऑप्टिमल सॉल्यूशन।

अब देखो जी, यहां पे एक्चुअली ये जो फ्लो है किस तरीके से काम कर रहा है, वो आपके सामने मैं रखना चाहूंगा। लेट्स से आपने अपना जो रिस्पेक्टिव है, चलो प्रोसेस शुरू कर दिया। आपने ये ट्रिपल एस वाली फंडे की, यहां पे इनिशियली आपने आपके पास बहुत सारे स्टेट्स हो सकते हैं। एक स्टेट को लेट्स से आपने सेट कर दिया एज अ करंट स्टेट। अब आप चेक कर रहे हो। आपके पास गोल्ड स्टेट भी मेंशन होगा, आपके पास स्टार्ट स्टेट भी होगा। अब यही स्टार्ट स्टेट मतलब अपना जो है इनिशियल करंट स्टेट, जो है मैंने ले लिया है, उसी से शुरुआत करते हैं ना अपन। मैं चेक करता हूं कि क्या ये मेरा गोल्ड स्टेट है? अरे ओबवियस सी बात है सर जी, अभी तो शुरू किया है, ये गोल स्टेट कैसे होगा? तो यहां पे मैं चेक कर रहा हूं, सुनो, मैं गोल स्टेट चेक कर रहा हूं। अगर वो गोल स्टेट निकलता है, तो मैं सिंपली ये प्रक्रिया को एंड कर दूंगा क्योंकि मैं भैया गोल तक पहुंच चुका हूं, डेस्टिनेशन तक पहुंच चुका हूं। आगे मैं कुछ और क्यों करूंगा? नहीं करूंगा।

लेकिन लेट्स से अब ये स्टार्ट स्टेट तो गोल स्टेट नहीं है, तो ओबवियस सी बात है नो वाला आंसर आता है, तो मैं इस डायरेक्शन में चले जाता हूं। अब यहां पे जो मेरा स्टार्ट स्टेट है, फर्दर ऑन, फर्दर ऑन और भी भैया बहुत सारे स्टेट्स आगे अवेलेबल होंगे। तो यानी कि जनरेट ऑल द रीचेबल स्टेट्स। तो ये मेरे वो ऑल रीचेबल स्टेट्स हैं फ्रॉम दिस करंट स्टेट। फ्रॉम दिस करंट स्टेट मेरे ये तीन रीचेबल स्टेट्स हैं, सही बात है? तो चलो, रीचेबल स्टेट्स अगर हैं, तो मैं चेक करता हूं कि इनमें से कौन सा गोल्ड स्टेट है। लेकिन उससे पहले, उससे पहले मुझे एक चीज चेक करनी पड़ेगी, क्या मैं इससे पहले इस स्टेट को विजिट कर चुका हूं? हां या ना? अगर विजिट किया होगा, लेट्स से मैंने इसको विजिट किया है ऑलरेडी, इस स्टेट को पहले से मैंने अगर विजिट किया है, लेट्स से, तो मैं क्या करूंगा? इसको वापस से विजिट करूंगा? क्या मैं इसको वापस से विजिट करके इसको वापस से एक्सपैंड करूंगा कि इसके रीचेबल स्टेट्स को? नहीं, मैं वापस वो काम नहीं करूंगा। अगर मैं इसको विजिट कर चुका हूं, तो मैं इसको स्किप कर दूंगा। इफ इट इज विजिटेड, अगर इसका आंसर यस आता है, तो मैं स्किप कर दूंगा। मैं अगले रिस्पेक्टिव स्टेट की तरफ जाऊंगा। आई विल चेक आउट द, आई विल चेक आउट द नेक्स्ट स्टेट जो उसका कलेक्शन ऑफ या फिर जनरेट ऑल द रीचेबल स्टेट्स थे ना आपके इस करंट स्टेट के, उसके जितने भी ऑप्शन थे। तो ये तो मुझे पता चल गया कि यार ये विजिटेड है, तो मैं अगले ऑप्शन की तरफ जाऊंगा, अगले स्टेट की तरफ जाऊंगा।

एंड लेट्स से ये विजिटेड नहीं है, लेट्स से ये विजिटेड नहीं है। अब ये अगर विजिटेड नहीं है, तो ये नो की डायरेक्शन में जाएगा। यहां पे इस तरीके से नो में। अब ये मेरा बन जाएगा, अब ये वाला जो स्टेट है, ये मेरा बन जाएगा करंट स्टेट। अब मैं चेक करूंगा, क्या ये गोल स्टेट है? नहीं सर जी, गोल स्टेट तो सर दिखाई नहीं दे रहा। इसके बाद यहां पे गोल स्टेट है, इसके बाद गोल स्टेट है, तो ये तो गोल नहीं है। तो ठीक है, मैं अगर गोल नहीं है, तो वापस से जाऊंगा और यहां पे क्या देखूंगा? जनरेट ऑल द रीचेबल स्टेट। यहां से तो भैया सर जी मुझे यहां पे एक ही रीचेबल दिखाई दे रहा है, व्हिच इज योर गोल स्टेट। तो क्या करें? इसको विजिट किया क्या? नहीं सर, इसको अगर विजिट किया होता तो मामला कब का एंड हो चुका होता क्योंकि ये गोल स्टेट है, ये गोल स्टेट है। तो लेट्स से फिर मैं आगे जाता हूं और विजिटेड में नहीं बोलता हूं, नो बोलता हूं, तो अभी मैं क्या करता हूं इसे मेरा करंट स्टेट बना देता हूं। अब जैसे ही मेरा गोल स्टेट करंट स्टेट हो जाता है, अब मैं चेक करता हूं कि क्या ये करंट स्टेट मेरा गोल स्टेट है या नहीं? तो ओबवियस सी बात है, मिल जाता है, ये तो मेरा गोल स्टेट है। अब जैसे ही गोल स्टेट मिल जाता है, मैं अपनी प्रक्रिया एंड कर देता हूं।

ये पूरा जो फंडा है, मैकेनिज्म है, फ्लो है आपको अंडरस्टैंड करना है। और जो मैं बात कर रहा था ना अनइफॉर्म सर्च या इन्फॉर्म सर्च, उसको बड़े डिटेल में एक मुकाबले के थ्रू देखते हैं। बहुत सारे पॉइंट्स में भैया ये मुकाबला खेला जाने वाला है। इसकी लाइव कमेंट्री में आपके सामने प्रस्तुत करने वाला हूं। एक रियल लाइफ एग्जांपल के साथ भी ये मामला बड़ा आसान बना दूंगा।

देखो जी, अनइफॉर्म सर्च मतलब आप जो है एक तरीके से सॉल्यूशन को ढूंढने निकल गए हो। आप जो है गोल को ढूंढने के लिए निकल गए हो, गोल स्टेट को ढूंढने के लिए निकल गए हो। इसलिए हम लोग इसको सर्चिंग बोल रहे हैं, सर्च बोल रहे हैं। ठीक है? अब निकल तो पड़े हो, लेकिन क्या उसके बारे में आपके पास कोई इंफॉर्मेशन है? आप पूरी तरीके से अनइफॉर्म मैनर में भैया ढूंढने के लिए निकल पड़े हो। इसलिए हम यहां पर कहते हैं नो इंफॉर्मेशन इज देयर। यानी जो भी सर्च कर रहे हो, इट्स लाइक अ ब्लाइंड सर्च। आपके पास कोई इन्फो नहीं है, कोई इन्फो नहीं है, आप ब्लाइंड सर्च मार रहे हो।

लेकिन इन्फॉर्म सर्च में क्या होता है? यू हैव सम इंफॉर्मेशन, जिसे हम लोग कहते हैं ह्यूरिस्टिक। इसीलिए इसको कहा जाता है ह्यूरिस्टिक सर्च। अब ये ह्यूरिस्टिक क्या होता है, किस तरीके से हमारी मदद करता है, बताने वाला हूं, डोंट वरी। बट यहां पे इतना समझ लीजिए कि इन्फॉर्म सर्च में नाम के हिसाब से भैया सर्चिंग में इंफॉर्मेशन कुछ हमारे पास रहती है, ह्यूरिस्टिक वैल्यू कुछ रहती है, जिसकी मदद से हमारा जो सर्चिंग की प्रक्रिया है, वो काफी ज्यादा आसान हो जाती है।

यहां पे आपको जो है एग्जॉस्ट इवनेस देखने को मिल जाएगा, जो एग्जॉस्ट इवनेस की मैंने बात की थी ना कि जो ब्रूट फोर्स मेथड लगाया जाता है, वो फंडा यहां पे आपको देखने को मिल जाएगा। लेकिन इस ह्यूरिस्टिक की वजह से, इस इंफॉर्मेशन की वजह से, जरूरी नहीं है कि आप हर एक रिस्पेक्टिव पाथ को, हर एक रिस्पेक्टिव स्टेट को एक्सप्लोर करो। बिकॉज़ यू हैव द इन्फो, तो आपको जरूरी नहीं कि भैया हर चीज एक्सप्लोर करते बैठो, नहीं नहीं, जरूरी नहीं है। उसके बाद यहां पे ओबवियस सी बात है, जैसे मैंने बोला कि यार ये एक तरीके से जो है एग्जॉस्ट इव है, तो टाइम कंज्यूमिंग तो होगा, हर एक रास्ते के थ्रू जा रहा है। लेकिन ये इतना एग्जॉस्ट इव नहीं होता। विद दैट ह्यूरिस्टिक वैल्यू यू कैन गो फास्ट, यू कैन मूव फास्ट एंड यू कैन मूव क्विकली एंड रीच आउट टू योर रिस्पेक्टिव डेस्टिनेशन गोल स्टेट।

यहां पे जैसे मैंने बोला नो इन्फो, तो आप यहां पे ये कह सकते हैं कि यहां पे नॉलेज बेस नहीं है। यहां पे आप जो है एक तरीके से नॉलेज का इस्तेमाल करते हो टू रीच टू द गोल, टू रीच टू द गोल। आपके पास जो नॉलेज होगा उसका आप यहां पे इस्तेमाल भरपूर तरीके से कर रहे हो। ये फंडा जो है ज्यादा कॉम्प्लिकेटेड है, तो इन टर्म्स ऑफ टाइम एंड स्पेस, टाइम एंड स्पेस। मैंने बोला ये क्विक एंड फास्ट मैनर है, तो यहां पे टाइम एंड स्पेस की भी ज्यादा बचत होगी। सो ये लेस कॉम्प्लिकेशन।

जो आगे हम देखने ही वाले हैं, बीएफएस (BFS), डेप्थ फर्स्ट सर्च (DFS), ये बहुत पॉपुलर एग्जांपल्स हैं अपने अनइफॉर्म सर्च के। और यहां पे इन्फॉर्म वाले में ए स्टार (A*) आ जाता है, एओ स्टार (AO*) का भी फंडा आ जाता है, ह्यूरिस्टिक डीएफएस (Heuristic DFS) आ जाता है, बेस्ट फर्स्ट सर्च (Best First Search) आ जाता है। इनको भी हम लोग आगे जो है चर्चा इनके ऊपर करने ही वाले हैं। लेकिन पहले तो अगर आपका आईडिया क्लियर नहीं होगा, तो चलो मैं एक एग्जांपल के थ्रू जो है वो आईडिया आपके समक्ष क्लियर कर देता हूं कि मामला किस तरीके से ऑपरेट कर रहा है।

लेट्स से आप जो है अपने बुआ जी के घर जो है यहां पे ये गांव है। आपको गांव का नाम पता था, तो आप गांव तक तो पहुंच गए हो। अपने बुआ जी के घर आप जाना चाहते हो, लेकिन गांव में बहुत सारे घर हैं यार, और उन घरों तक जाने के लिए बहुत सारे रास्ते मौजूद हैं। कई बार कुछ रास्ता लॉन्ग कट होगा, कोई शॉर्टकट होगा, कोई गली पकड़ लो तो भैया आराम से सस्ते में आप निकल जाओगे अपने बुआ जी के घर पहुंच जाओगे। लेकिन दिक्कत ये है कि आपको ये पता नहीं कि उस गांव में किस रास्ते पर निकलने से आपको जो है अपने बुआ जी का घर मिल जाएगा। यानी कि अब आप जो है अपने बुआ जी का घर सर्च कर रहे हो अनइफॉर्म मैनर में। आप आपको नहीं पता है कि वो कौन सा रास्ता है, वो कितना टाइम लगने वाला है, वो कितना कॉस्ट लगने वाला है, कितने कदम लगने वाले हैं उनके घर तक पहुंचने के लिए। यू डोंट नो एनीथिंग। तो आप सब चीजें एक्सप्लोर करोगे, हर स्टेट यहां पे एक स्टेट मतलब एक घर है, हर स्टेट को आप एक्सप्लोर करोगे, हर घर की तरफ जाओगे, हर घर पर विजिट करोगे, नॉक करोगे, ठक ठक, दरवाजा खुला, बुआ जी दिखी, तो इसका मतलब गोल्ड स्टेट पहुंच चुके हो। लेकिन अगर कोई और अनजाना आदमी दिखा, सॉरी सॉरी बोल के निकल लो, आगे दूसरा रास्ता, ठक ठक, सॉरी सॉरी, ठक ठक, अरे बुआ जी आ गए, गोल्ड स्टेट मिल गया। बात समझ में आ रही है? क्लियर है ये सिनेरियो यहां पे रहता है?

तो ओबवियस सी बात है, या देखो कितना टाइम कंज्यूमिंग पार्ट है, बराबर है। अनइफॉर्म पार्ट है, तो यहां पे ये एक जो एक डिसएडवांटेज है, वो आपको देखने को मिल जाएगा। लेकिन अल्टीमेटली, अल्टीमेटली आपको जो है सॉल्यूशन तो यहां पे प्राप्त हो जाएगा। अल्टीमेटली आप अपने बुआ जी के घर तक जो है वो पहुंच जाओगे। ये मेरा कहने का तात्पर्य है।

दूसरी तरफ जो है, जो हम कहते हैं कि रिस्पेक्टिवली हमारा इन्फॉर्म सर्च है, वो कैसे होगा? अरे जी, अगर आपको इस गांव के बारे में पता नहीं, उसमें जितने भी घर हैं, वो स्टेट्स हैं, उनके बारे में अगर इंफॉर्मेशन नहीं है, पता नहीं है कि कितनी दूरी है, कितना टाइम लगेगा, कितने कदम लगेंगे, ये अगर आपको पता नहीं है, तो सिंपली किसी को पूछ लो ना। यहां पे आप जो है भैया आपको अगर पता नहीं, तो यहां पे एक लोकल जो बंदा होगा, बंदी होगी, उसको पूछ लो कि जी, ये बुआ जी का नाम है एक्स वाई जेड, उनका घर कहां पड़ता है? आप मुझे बता सकेंगे? तो ये आपको क्या करेगा, एक रफ आईडिया बता देगा, एक रास्ता बताने का प्रयत्न करेगा कि हां जी, इतने वक्त में, इतने भैया एक तरीके से कदम चलने पर आप अपने बुआ जी के घर तक पहुंच जाओगे। यानी कि ये जो पर्सन है, ये जो पर्सन है, मुझे एक रफ एस्टीमेट दे रहा है। गौर से सुनिए, बहुत इंपॉर्टेंट चीज बता रहा हूं, और यही एस्टीमेट वैल्यू जो होती है, वो आपकी ह्यूरिस्टिक वैल्यू होती है, जो मैंने ऊपर ह्यूरिस्टिक सर्च की बात कर रहा था ना, ये वही वैल्यू होती है ह्यूरिस्टिक वैल्यू, जो कि अभी इसने बताई।

अब वो जो है एक तरीके से मामला जो है एकदम एक्यूरेट भी हो सकता है, वो आपको बेस्ट ऑप्टिमल सॉल्यूशन दे भी सकता है, नहीं भी दे सकता। ये जो पॉसिबिलिटी है, इससे अपन इंकार नहीं कर सकते। इन केस ऑफ द इन्फॉर्म, क्विकली फास्टली आप पहुंच जाओगे। आप बहुत सारे जो पाथ हैं, उनको एक तरीके से अवॉइड करते हुए, मे बी सही पाथ पे चलते-चलते आप अपने बुआ जी तक पहुंच जाओगे। मे बी, मे बी, मे बी नॉट। यहां पे जो है फंडा मे बी और मे बी नॉट वाला फंडा भी लग सकता है। बेस्ट ऑप्टिमल सॉल्यूशन तक पहुंचने का। ये अपने को जो है फंडा समझना है। और कई बार ऐसा भी हो सकता है कि आ समवन। तो ये क्राइटेरिया अपन ने इन्फॉर्म सर्च में ले लिया, लेकिन हो सकता है कि यार इसको खुद को रास्ता पता ना हो, तो ये कुछ गलत रास्ता बता दे, तो ये करेक्ट या रॉन्ग एड्रेस भी अपने को बता सकता है, ये भी पॉसिबिलिटी हो सकती है सिचुएशन सिनेरियो में, जो अपने को समझनी है।

अब थोड़ा आगे जाते हैं और शुरुआत करते हैं पहले तो अनइफॉर्म सर्चिंग के साथ, जिसमें अपना सबसे पहला जो बीएफएस (BFS) वाली टेक्नीक है, वो जाता है, जिसमें अपन ब्रेथ फर्स्ट सर्च की बात कर रहे हैं। यहां पे जो अपन डेटा स्ट्रक्चर यूज़ कर रहे हैं, क्यू (Queue)। देखो वैसे तो बीएफएस (BFS), डीएफएस (DFS) इसके बारे में डिटेल में चर्चा जो है हम पहले भी भैया डीएए (DAA) इसके अंडर कर चुके हैं, जहां हम लोग डिटेल में डिजाइन एनालिसिस ऑफ एल्गोरिथम्स को समझा था। उसमें बीएफएस (BFS) हमने मेंशन किया। इन केस अगर आप उसे रेफर करना चाहते हैं और भी एल्गोरिथम्स को देखना चाहते हैं, तो वहां पे आप डीए वन शॉट (DAA One Shot) को रेफर कर सकते हैं।

तो यहां पे देखो क्यू (Queue) स्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर रहा है, तो क्यू (Queue) स्ट्रक्चर मतलब क्या होता है? जैसे कि आपकी सिंपल लाइन है, जो लाइन में आगे लगा हुआ है, वो सबसे पहले भैया उसको टिकट मिलेगा, जो सबसे आखिर में आया, उसको सबसे आखिर में टिकट मिलेगा और फिर फिर भैया वो मूवी देखने जाएगा, बराबर है? तो इट्स लाइक अ क्यू (Queue), इट्स लाइक अ लाइन, जो लगाई हुई है। तो इट्स लाइक फर्स्ट इन फर्स्ट आउट। तो जो पहले फर्स्ट था आया था, वो पहले बाहर निकलेगा और जो भैया आखिर में आया था, उसको आखिर में भैया एक तरीके से टिकट मिलेगा।

यहां पे हम लोग शैलोएस्ट नोट्स (shallowest nodes) जो है, उनको एक्सप्लोर करते हैं। किस तरीके से? एग्जांपल के थ्रू मैं आपको बताऊंगा। अभी कंफ्यूज होने की जरूरत नहीं है। ये जो रिस्पेक्टिव आपका एल्गोरिथम है, बीएफएस (BFS) वाला जो फंडा है, एक तरीके से ये कंप्लीट है। यानी कि ये सॉल्यूशन देगा, इतना तो गारंटी के साथ बोलता है वो कि मैं आपको सॉल्यूशन दूंगा। और साथ ही साथ ये भी गारंटी करता है कि मैं आपको बेस्ट सॉल्यूशन दूंगा, मैं आपको ऑप्टिमल सॉल्यूशन दूंगा, मैं आपको शॉर्टकट के थ्रू जो है गोल स्टेट तक डेस्टिनेशन तक पहुंचा दूंगा।

और वेरी वेरी इंपॉर्टेंट, जो कि सबसे बड़ा डिफरेंस पॉइंट है आपके बीएफएस (BFS) और डीएफएस (DFS) में, कि बीएफएस (BFS) जो है, वो लेवल वाइज ऑपरेट करता है। कैसे करता है? लेवल वाइज। अब ये शैलोएस्ट नोड (shallowest node) क्या होता है, लेवल वाइज कैसे ऑपरेट करता है, चलो उसे एक एग्जांपल के थ्रू देखते हैं।

यहां पे लेट्स से ये मेरा जो है भैया स्टार्ट नोड है। दिस इज माय स्टार्ट नोड और यहां पे गोल नोड जो है मेरा लेट्स से यहां पे आय है। ये मेरा गोलड नोड है, ठीक है? इस तरीके से। अब देखो ये ऑपरेट किस तरीके से, किस प्रकार से करने वाला है। सबसे पहले तो जब मैं ए (A) पे हूं, तो मैं क्या करता हूं इस ए (A) को जो है अपने इस क्यू (Queue) के अंदर डाल देता हूं। तो मेरा सबसे पहले भैया कौन सा एलिमेंट गया? ए (A)। मेरा जो स्टार्ट स्टेट था, वो पहले स्टेट मैंने अपने क्यू (Queue) के अंदर मेंशन कर दिया, डाल दिया। अब जैसे ही मैंने वो डाला, तो उसके बाद ये सबसे पहले आया था, तो सबसे पहले बाहर कौन निकलेगा? ए (A)। तो मैंने क्या किया ए (A) को बाहर निकाल दिया।

तो यहां पे आफ्टर, आफ्टर जो लिखा हुआ है ना, ये आफ्टर रिमूवल ऑफ ए (A), आफ्टर रिमूवल ऑफ बी (B), आफ्टर रिमूवल ऑफ सी (C), आफ्टर रिमूवल ऑफ डी (D), ये वाला जो फंडा है, इसे डीक्यू (Dequeue) बोलते हैं। रिमूवल को क्यू (Queue) की भाषा में जो ऑपरेशन होता है, उसे डीक्यू (Dequeue) बोलते हैं। तो आफ्टर डीक्यू (Dequeue) ऑफ ए (A), बी (B), सी (C), डी (D), क्या-क्या आपको स्टेट अपने क्यू (Queue) में देखने को मिलेंगे? कौन-कौन से रिस्पेक्टिव एलिमेंट्स जो है, बी (B), सी (C), ये आपके रिस्पेक्टिव स्टेट्स हैं, सभी के सभी, वो आपको वहां पे देखने को मिल जाएंगे। वो क्लियर मैं इलस्ट्रेट कर रहा हूं कि जब ए (A) मेरा यहां पे क्यू (Queue) के अंदर आ गया और फिर भैया सबसे पहले वही आया था, तो सबसे पहले वही निकलेगा।

अब जब वो निकलेगा बाहर, तो उसके रिलेटेड, उसके रिलेटेड जितने भी कनेक्टेड स्टेट्स होंगे, जैसे कि इस केस में बी (B) और सी (C) डायरेक्टली कनेक्टेड हैं ए (A) के साथ, जो अभी-अभी क्यू (Queue) के बाहर निकला है, उसके साथ कनेक्टेड डायरेक्टली कौन है? बी (B) और सी (C)। उनको सीधा भैया मैं यहां पे अपने रिस्पेक्टिव क्यू (Queue) के अंदर डाल दूंगा। तो देखो जी, क्यू (Queue) के अंदर बी (B) और सी (C) आ गया। अब मुझे बताइए, सबसे पहले कौन आया है जी? बी (B) आया है। अगर बी (B) सबसे पहले आया, तो मैं बी (B) को जब निकालता हूं, जब मैं बी (B) को निकालता हूं, तो फिर बी (B) के रिगार्डिंग जो है डायरेक्टली कांटेक्ट में डी (D) और ई (E), ये जो रिस्पेक्टिव मेरे स्टेट्स हैं, वो मैं ऐड कर देता हूं। सी (C) के बाद डी (D), क्योंकि सी (C) तो भैया पहले आया था, तो उसका चांस डी (D) और ई (E) से पहले ही बाहर निकलने का होने वाला है। बात को समझिए गौर से। ठीक है?

तो अब सी (C) के बाद मैंने डी (D) लगा दिया, तो ये ये स्टेट ऑफ क्यू (Queue) आपको कब देखने को मिल रहा है, जब आपने बी (B) को डीक्यू (Dequeue) कर दिया, यानी कि बी (B) को आपने क्यू (Queue) से बाहर निकाला, तभी तो जाके देखो, कोई स्टेट आपका जब बाहर निकलेगा, तभी जाके वो अपनी जो जायदाद है, वो अपने बच्चों के नाम करके जाएगा, बराबर है कि नहीं? तो जब ये बाहर निकला आपके क्यू (Queue) से, तभी जाके भैया आपके डी (D) और ई (E), जो कि बी (B) के चिल्ड्रन थे, वो आपके यहां पे क्यू (Queue) के अंदर डाल दिए गए हैं। ये बात अपने को अंडरस्टैंड करनी है। ठीक है?

उसी फैशन में आगे फिर मैं क्या करता हूं, सी (C) को भी निकाल देता हूं। अब जैसे ही मैं आफ्टर सी (C) रिमूवल देखते हैं, तो स्टेट क्या होगा? सी (C) के रिगार्डिंग कौन है? ए (A) और जी (G)। बराबर है? तो ए (A) और जी (G) मैंने यहां पे प्लेस अप कर दिए डी (D) और ई (E) के बाद। तो देखिए, हम लोग जो एलिमेंट्स पहले से क्यू (Queue) में मौजूद हैं, उनके साथ छेड़छाड़ नहीं करते। हम जो भी एलिमेंट्स आगे हमें इंसर्ट करने हैं, एनक्यू (Enqueue) कहते हैं उसे, क्यू (Queue) में जब इंसर्ट करना होता है कोई एलिमेंट, तो उसे एनक्यू (Enqueue) कहते हैं। तो कोई भी स्टेट अगर एनक्यू (Enqueue) करना होगा, तो वो हमेशा एग्ज़िस्टिफाई भैया कौन है सबसे बाहर अभी, सबसे पहले अभी कौन निकलने वाला है इनमें से? इन चारों में से? तो सर जी, डी (D) निकलेगा। तो डी (D) निकल गया और फिर आफ्टर डी (D) मुझे यहां पे जो है एफ (F) का कोई है क्या? नहीं, डी (D) का यहां पे है ना सर, एच (H) और आय (I) है ना? तो वो एच (H) और आय (I) रखना बनता है। यहां पे एच (H) और आय (I) भी मैंने एक तरीके से एनक्यू (Enqueue) कर दिया और ये आफ्टर डी (D) रिमूवल, ये स्टेट मुझे देखने को मिल रहा है अपने क्यू (Queue) का।

अब सर जी, उसके बाद ई (E) निकलेगा। अब ई (E) निकलने के बाद सर जी, वहां पे कुछ है ही नहीं आगे। ये लीफ नोड है आपके ट्री का। लेट से इसके आगे कोई और इसका इमीडिएट स्टेट है ही नहीं, जो आगे लीड करता होगा। तो इसको निकालने के बाद कुछ नहीं होगा। सिंपली आपका एफ (F) आगे आ जाएगा। कोई और एनक्यू (Enqueue) नहीं होगा। सिर्फ यहां पे देखो, आफ्टर ई (E)।

जो है एज एच आई बच गया फिर भैया ए भी निकलेगा फिर एफ निकलने के बाद भैया जी भी निकलेगा फिर जी के बाद ए की बारी आती है तो h भी निकलेगा और फाइनली फाइनली यहां पे आ मुझे मिल जाएगा और आ को यहां पे अगर मैं रिमूव कर देता हूं तो डायरेक्टली यू कैन से ये पूरा ट्रैवर्सिंग जो है किस तरीके से काम कर रहा है आपने देखा नोटिस किया यहां से यहां और फिर यहां से यहां और फिर यहां से यहां यानी सीक्वेंस देखो ए बी सी डी इ एफ जी एच आई इसी तरीके से n q हु यानी ग से देखो ए बी सीडी e f जी ए और ये सिंपली आपका आ जो कि अपना रिस्पेक्टिवली गोल नोड है बराबर है जी समझ में आ गया जी तो इसकी टाइम कॉम्प्लेक्टेड b ^ d है वो ठीक है तो b क्या होता है आपका ब्रांचिंग फैक्टर की बात करता हूं ब्रांच फैक्टर की बात करता हूं जो कि एजिस्ट यहां पे आपका करेगा कितना है भैया यहां पे ब्रांच फैक्टर कितना है हर एक नोड भैया कितने किने चिल्ड्रन होल्ड कर रहा है सर जी दो ही कर रहा है तो इसका ब्रांचिंग फैक्टर क्या हो गया टू हो गया तो देखो यहां पे b 2 लिख दिया और डेप्थ क्या है जी तो यहां पे हमेशा याद रखिए जो अपना रूट होता है उसकी डेप्थ जीरो नेक्स्ट वाला लेवल जो है उसकी डेप्थ वन इसकी डेप्थ टू और ये वाला जो है भैया इसकी डेप्थ थ्री तो टोटल ये जो अपना स्ट्रक्चर दिखाई दे रहा है ट्री इसकी कितनी डेप्थ निकल के आ रही है थ्री तो यहां पे मैंने मामला लगा दिया थ्री यहां पे d ले लिया तो 2:3 मतलब आठ मैक्स मतलब यहां पे ज्यादा से ज्यादा आठ मूव्स में आप अपने रिस्पेक्टिवली जो है गोल तक पहुंच सकते हो मैक्स टू मैक्स ये इसलिए मैंने मैक्स बोल दिया कि आठ मूव्स में आप सिंपली यहां पे पहुंच सकते हो जैसे कि फॉर एग्जांपल अगर आप देखेंगे 1 2 3 4 5 6 7 आठ और उसमें भैया आप रिस्पेक्टिवली अपने गोल तक जो है पहुंच गए हो सो ए से बी बी से सी ये दो हो गए तीन चार पाच छ और भैया सात और फाइनली आठ तो यहां पे भैया आप ज्यादा से ज्यादा इतने रिस्पेक्टिव मूव्स में जो है अपने गोल स्टेट तक पहुंच जाएंगे ये बात अपने को अंडरस्टैंड करनी है।

तो जी अपना अन इफॉर्म सर्च के अंदर जो नेक्स्ट फंडा निकल के आता है वो है डीएफएस यानी कि डेप्थ फर्स्ट सर्च यहां पे अपन जो स्ट्रक्चर डेटा स्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर रहे हैं वो क्यों नहीं है वो स्टैक है क्योंकि स्टैक का नेचर ही अलग होता है स्टैक बोलता है कि देखो जो आपने चीज पहले डाली है वो सबसे आखिर में निकलेगी और जो चीज आपने सबसे आखिर में डाली है इंसर्ट की स्टैक में वो सबसे पहले निकलेगी तो देखो ये लास्ट में डाला था ये बिस्किट लेट्स से ये बिस्किट का पैकेट है ठीक है अब बिस्किट के पैकेट में ये सबसे पहला फर्स्ट बिस्किट था और ये सबसे आपका लास्ट बिस्किट था लेकिन खाते वक्त अपन क्या करते हैं ये लास्ट वाले बिस्किट को ही सबसे पहले ये लास्ट वाला बिस्किट जो है इसी को सबसे पहले निकालते हैं फिर एक-एक एक एक एकए करते हुए आपके बिस्किट निकलते जाते हैं और जो सबसे पहला पैकेट में डाला था बिस्किट वो आपका सबसे आखिर में निकलता है इसी को बोलते हैं लास्ट इन फर्स्ट आउट कि जो सबसे लास्ट में आपका इन गया था वो सबसे बाहर निकलेगा या फिर सबसे पहले बाहर निकलेगा या फिर इसको वायसा वर्सा हम लोग कह सकते हैं कि जो सबसे पहले अंदर गया था जो हमारा फर्स्ट इन था वो लास्ट आउट निकलेगा दैट इज फिलो हम कहते हैं फिलो बराबर है फिलो नहीं फिलो हां बराबर है फर्स्ट इन लास्ट आउट ठीक है इस तरीके से वो थोड़ा सा रेयरली इस टर्म का हम इस्तेमाल करते हैं तो थोड़ा सा वियर्ड साउंड कर रहा था वो इसलिए मैं भैया थोड़ा बोला सही तो बोल रहे हैं ना अपन।

उसके बाद यहां बात करते हैं जैसे ऊपर भैया शैलो एस्ट नोड की बात कर रहे थे शैलो एस्ट नोड कि यार देखो यहां ए के बाद तुरंत भैया बी की बात की गई फिर सी की बात की गई यहां पे हम लोग डीप नहीं गए यहां पे हम लोग एक ही डायरेक्शन में डेप्थ में नहीं गए हम सबसे पहले जो शैलो एस्ट नोड है यानी कि हम डायरेक्टली लीफ नोड तक पहुंचने का प्रयास नहीं किया हमने जो नॉन लीफ नोड है उनका सफर इस तरीके से तय किया शैलो एस्ट नोड्स को हम लोग एक तरीके से विजिट करते गए और इस तरीके से हम लोग अपने गोल नोड तक पहुंचे लेकिन यहां पे ये बोलता है डीप पेस्ट नोड फर्स्ट मतलब आपको सबसे पहले तो लीफ नोड तक पहुंचने का प्रयत्न करना है पहले तो डीप पेस्ट नोड जो है आपके स्ट्रक्चर का उसे एक्सप्लोर करना है अब ये देखो मामला जो है ये कई बार इनकंप्लीट होता है यानी कि जरूरी नहीं कि एवरी टाइम इट विल गिव यू अ सॉल्यूशन नहीं जी ये इनकंप्लीट है एंड नॉन ऑप्टिमल भी है तो ओबवियस सी बात है सर अगर इनकंप्लीट आ गया तो ओबवियस सी बात है जरूरी नहीं है कि ये ऑप्टिमल भी होगा कि अगर लेट्स से उसने कोई सॉल्यूशन दे भी दिया लेट्स से अगर आपने डीएफएस ने अपने सामने कोई सॉल्यूशन रख भी दिया तो जरूरी नहीं कि वो ऑप्टिमल होगा तो ये नॉन ऑप्टिमल भी है डीएफएस वाला फंडा जो आपको समझना है तो चलो इसको डिटेल में अंडरस्टैंड करते हैं विदन सेम एग्जांपल जो आपने पहले देखा था लेट्स सी ये स्टार्ट वाला ही फंडा है ये स्टार्ट स्टेट है और ये वही सेम स्ट्रक्चर आपके सामने मैंने प्लेस अप कर दिया है अब देखो मामला कैसे ऑपरेट करता है एक-एक करते हुए अपन जो स्टैक के अंदर इंसर्ट जो है जिसे हम बोलते हैं भैया इंसर्ट करना मतलब पुश और हमें अगर स्टैक से कुछ निकालना है डिलीट करना है रिमूव करना है तो उसे बोलते हैं पॉप तो मैंने क्या किया शुरुआत का जो स्टार्ट स्टेट था वो सबसे पहले मैंने क्या किया अपने स्टैक के अंदर इंसर्ट किया अब वो इंसर्ट करने के बाद जैसे ही मैंने उसे इंसर्ट किया तो जब आप इसे रिस्पेक्टिवली पॉप करते हो तो पॉप करने के बाद मैंने यहां पे उसे फाइनल लिस्ट में यहां पे रख दिया मैंने उसे पॉप किया अब जैसे ही आप पॉप करते हो तो पॉप करने के बाद एक के रिलेटेड इमीडिएट रिलेटेड कौन-कौन है भैया बी और सी इमीडिएट कौन रिलेटेड ये आपका लेफ्ट चाइल्ड है लेट्स से चाइल्ड है ठीक है तो लेफ्ट टू राइट मैं क्या करने वाला हूं यहां पे फंडा इस तरीके से इंसर्ट करने वाला हूं पुश करने वाला हूं यानी कि आपका सबसे पहले जो सबसे टॉप पे दिखेगा वो लेफ्ट वाला चाइल्ड होगा फिर लेफ्ट से राइट राइट जाते-जाते सबसे राइट वाला जो चाइल्ड होगा वो आपके बेस पे होगा ये रिस्पेक्टिवली जो स्ट्रेटजी है इंसर्ट की पुशिंग की हम लोग फॉलो कर रहे हैं आप देखो ऐसे भी फॉलो कर सकते हो राइट टू लेफ्ट भी जा सकते हो यहां पे आप सी बी ऐसे भी रख सकते हो लेकिन यहां पे एक कन्वेंशन लेके चल रहे हैं लेफ्ट टू राइट ही भैया फंडा चलेगा इस तरीके से ताकि आपको आगे दिक्कत ना हो कंफ्यूजन ना हो ठीक है लेकिन कन्वेंशन एक ही चलना चाहिए थ्रू आउट द प्रॉब्लम सॉल्विंग ये बात अपने को अंडरस्टैंड करनी है ओके ओके जी तो मैंने बी और सी डाल दिया मतलब जब आप किसी स्टेट को जो आपके स्टैक के अंदर मौजूद होता है जब उसे रिस्पेक्टिवली पॉप करते हो तब जाके उसके रिलेटेड कनेक्टेड जो भी चाइल्ड्स होते हैं उनको आप एक तरीके से यहां पे अपने स्टैक के अंदर पुश करते हो और वही चीज मैंने यहां पे की है अब क्या होगा अब अगली बारी कौन सी कौन निकलेगा कौन पॉप होगा अरे सर जी ओबवियसली बात है सर बी ही पॉप होगा तो जब मेरा बी पॉप हो जाता है यहां पे मैंने क्या दिखाया जब ए पॉप होता है तो इस स्टेट में आपका स्टैक आपको देखने को मिल जाएगा b और c इंसर्टेड होगा क्यों क्योंकि a निकल चुका है अब जब मेरा b निकलेगा तो b निकलने के बाद मेरा स्टैक कैसा दिखेगा अरे सर जी अगर मेरा b निकल जाता है सिंपली अगर b निकलता है तो जो मेरा डी और e वाला मामला है वही तो उसमें जाएगा और वो भी लेफ्ट टू राइट यानी कि b आपका ऊपर रहेगा इ नीचे रहेगा तो देखो d ऊपर है e नीचे है तो यहां पे आपने गौर फरमाया एक चीज आपने एक चीज देखा कि यार देखो a के बाद b और b के बाद डी की तरफ मैं जा रहा हूं d के बाद h की तरफ मैं जाऊंगा यानी कि मैं यहां पे पहले डेप्थ तक रीच करने का बात कर रहा हूं डेप्थ डीप नोड को पहले टच करने का बात कर रहा हूं पहले ऐसा नहीं हो रहा था पहले बीएफएस में बी के बाद सी जा रहे थे फिर सी के बाद डी जा रहे थे डी के बाद e एज और फिर कहीं जाके ए और ई पे आ रहे थे आप बात समझ रहे हो नेचर समझ रहे हो किस तरीके से वो ऑपरेट कर रहा है तो चलो बी निकलने के बाद डी डाल दिया अब क्या होगा सबसे ऊपर कौन है टॉप पे कौन है टॉप ऑफ द स्टैक हम कहते हैं डी है तो टॉप ऑफ द स्टैक ही रिमूव होता है और जो इंसर्ट होता है वो आपका टॉप ऑफ द स्टैक बन जाता है तो डी आपका यहां पे जैसे निकल जाता है तो इसे मैं यहां पे देखो जो जो निकला पहले a निकला फिर b निकला उसके बाद भैया डी निकला तो यहां पे डी निकाल के मैंने यहां पे प्लेस अप कर दिया है अब गौर से देखना जैसे ही यहां पे डी निकल जाता है स्टेट क्या है डी निकलने के बाद h और आ आना चाहिए ना तो h और आ भी इस तरीके से मैंने प्लेस अप कर दिया अब h निकल जाता है अब जैसे ही एच निकलता है तो स्टेट क्या रहेगा अब h निकलने के बाद इंटरेस्टिंग मामला है h के बाद नीचे कुछ नहीं है ये लीफ नोड है तो इसके आगे कुछ भी भैया पुश नहीं किया जाएगा तो जो अभी होगा वो सिर्फ पॉप ही होगा इस केस में जरूरी नहीं है क्योंकि सी बचा हुआ है अभी हां उसका भी कुछ पॉप करना बचा है लेकिन इस सिनेरियो में इस केस में इस टैक में अभी कुछ पुछ नहीं होगा पॉप ही होगा तो आ जी पॉप हो गया एच के बाद क्या हुआ आई भी पॉप हो गया अब आई का कुछ है क्या नहीं जी आई का भी कुछ नहीं है तो आई पॉप होने के बाद वहां पे लिस्ट डाउन मैंने कर दिया अब आई के बाद क्या बसता बचता है जी ई ई का कोई चाइल्ड है नहीं जी कोई नहीं है तो बस मैं e को डायरेक्टली पॉप आउट कर दूंगा और यहां पे देखो आपका ई भी मेंशन हो गया उसके बाद क्या बचता है जी टॉप ऑफ द स्टैक आपका सी बचता है तो जैसे ही भैया यहां पे सी मेरा बचा हुआ है मैं सी को जैसे ही पॉप आउट करता हूं अरे एक मिनट सी में तो सर जी यहां पे f और जी दो है यहां पे चाइल्ड तो चलो अब यहां पे मैं क्या करता हूं ए और जी का जो मामला है वो आपके सामने यहां पे क्लियर मेंशन कर देता हूं अ जैसे ही रिस्पेक्टिवली सी निकल जाता है तो c निकलने के बाद स्ट्रेट क्या होगा f और g जो है आपका पुश कर दिया जाएगा लेफ्ट टू राइट कन्वेंशन के थ्रू और जैसे ही मेरा नेक्स्ट जो है टॉप ऑफ द स्टैक एफ है तो वो भी मेरा रिस्पेक्टिव मैं पॉप करता हूं उसके बाद क्या मिलेगा रिस्पेक्टिवली लेट्स से g वाला स्टेट भी बाहर निकल जाएगा इस तरीके से आपका जो ऑपरेशन है वो परफॉर्म किया जा रहा है एफ और जी ये आपका एंड में जो रिस्पेक्टिव पॉप किया था ये पूरा सीक्वेंस जो है आपका डीएफएस सीक्वेंस है इस तरीके से आपके ये जो भैया ट्री है उसे ट्रैवर्स किया गया तो किस मैनर में किया भैया किस मैनर में किया सबसे पहले पहले तो भैया डीप एस्ट नोड को एक्सप्लोर किया बराबर यहां गए फिर उसके बाद क्या किया एच के बाद कहां गया जी पीछे गए थोड़ा सा आई पे आए फिर थोड़ा सा यहां पे पूरा सर्च कर लिया ये वाला पूरा एरिया सर्च कर लिया पीछे गए फिर ये वाले ई पे आए फिर थोड़ा सा और पीछे गए फिर भैया सी पे आए फिर सी पे जाने के बाद ए तक पूरा गए अब इसके नीचे और भी होता तो और भी नीचे जाते और फिर पीछे आते और फिर भैया यहां पे भैया जी पे आए और फिर फाइनली अपना कार्यक्रम खत्म हो गया तो इस तरीके से जो है हमने सारा जो डीएफएस वाला मामला है ऑपरेट किया बाय यूजिंग द स्ट्रैक स्ट्रक्चर और जो बेसिक बिहेवियर है पुश पॉप का टॉप ऑफ द स्टैक का वो मैंने आपके सामने रख ही दिया है बाकी टाइम कॉम्प्लेक्शन तो सेम है जी b रेडी वही टाइम कॉम्प्लेक्शन करेगी ये बी इज नथिंग बट ब्रांचिंग फैक्टर एंड डी इज नथिंग बट द डेप्थ ऑफ योर रिस्पेक्टिवली ट्री।

अब आगे जो अपन बढ़ने वाले हैं समझने वाले हैं जो एक वैल्यू समझने वाले हैं कि यार देखो ह्यूरिस्टिक की कितनी बड़ी वैल्यू होती है ह्यूरिस्टिक का क्या इंपॉर्टेंस है सिग्निफिकेंट है वो अपन जो है एक प्रॉब्लम के थ्रू समझेंगे एट पजल प्रॉब्लम एट पजल प्रॉब्लम क्या होता है जी कुछ इस तरीके से देखो आपको स्टार्ट स्टेट s जो है इस तरीके से मेंशन कर दिया जाएगा जिसमें 1 2 3 4 5 6 7 8 यहां पे एट आंकड़े होंगे और एक ब्लैंक स्पेस यहां पे रहने वाला है और वो बोल रहे हैं कि ये स्टार्ट स्टेट है मतलब कुछ इस तरीके से आपका स्टार्ट स्टेट मेंशन होगा मुझे इस स्टार्ट स्टेट से गोल्ड स्टेट में जाना है यानी कि मेरा सेवन जो है वो यहां होना चाहिए एट जो है वो यहां होना चाहिए और ये जो ब्लैंक स्पेस है वो यहां होना चाहिए तो ये मेरा गोल स्टेट है मुझे यहां तक जाना है तो मुझे बताइए व्हाट आर द पॉसिबल मूव्स या एक्शन दैट आई हैव टू टेक प्लेस टू मूव फ्रॉम स्टार्ट टू गोल्ड स्टेट टू रीच फ्रॉम स्टार्ट टू गोल्ड स्टेट ये बात वो क्लियर बताने का प्रयत्न कर रहा है लेकिन यहां पे आई एम गोइंग इफॉर्म मेरे पास कोई भी ह्यूरिस्टिक या इंफो नहीं है मेरे पास कोई भी भैया एक तरीके से एस्टिमेशन नहीं है कि वो कितने टाइम में कितना भैया वक्त में या कितने कॉस्ट में मुझे एक तरीके से गोल्ड स्टेट में पहुंचा देगा वो कोई भी मेरे पास इंफो नहीं है चार मूव्स कौन से हो सकते हैं जी ओबवियस सी बात है ये जो आपका ब्लैंक स्पेस है इसी के ऊपर अपन ऑपरेट करते हैं ब्लैंक स्पेस के ऊपर ही ऑपरेट करते हैं ये एक तो आपका अप जा सकता है लेफ्ट जा सकता है राइट जा सकता है या फिर सिंपली डाउन जा सकता है बराबर है तो ये मेरे चार मूव्स यहां पे मैंने डिफाइन कर दिए हैं और ये भी रिस्पेक्टिवली इसके लिए जो अपन क्या क्या बोलते हैं बीएफएस अगर अपन देखें तो कॉम्प्लेक्शन जो बीएफएस की थी वही अपना लगने वाला b रेडी वाला मामला ठीक है तो यहां कितने भैया देखो ब्रांचिंग फैक्टर कितने हो सकते हैं ब्रांचिंग फैक्टर अ लाइक कितने मूव्स यहां पे है उसके ऊपर डिपेंड करता है तो एक स्टेट से भैया लेट्स से अगर ये मेरा स्टेट है यहां पे सेंटर में लेट्स से मेरा ये जो ब्लैंक है तो यहां पे जो मेरा ये ब्लैंक स्पेस है ये एक तरीके से भैया अप भी जा सकता है डाउन भी जा सकता है लेफ्ट भी जा सकता है राइट भी जा सकता है तो इसके ब्रांचिंग फैक्टर कितने पॉसिबल स्टेट्स में अपन जा सकते हैं चार तो ये ब्रांचिंग फैक्टर आपका चार हो जाता है सही बात है कि नहीं तो ये अपने को बी की अंडरस्टैंडिंग समझ में आनी चाहिए और फिर आगे बढ़ते हैं कि देखो यार अब इस पॉसिबल सिनेरियो में केस में तो सर जी देखो लेफ्ट में नहीं जा सकते डाउन में नहीं जा सकते हमारे पास दो ही अवेलेबल ऑप्शंस है एक तो वो अप जा सकता है या राइट जा सकता है तो एक तो अप जा सकता है राइट जा सकता है तो ठीक है मैंने दोनों ही स्टेट कंसीडर कर लिए कि ये अप भी जा रहा है और ये राइट भी जा रहा है अब गौर से देखना अप जाने के बाद क्या हो जाएगा आपका फोर नीचे आ जाएगा और ये ब्लैंक स्पेस ऊपर चले आएगा ठीक है राइट में जाने की वजह से क्या हो जाएगा सेवन आपका लेफ्ट में आ जाएगा और ब्लैंक स्पेस आपका राइट में चले आएगा तो इस तरीके से हो गया अब यहां पे ऑल पॉसिबल ऑप्शंस हम और एक्सप्लोर करेंगे यानी कि देखो यहां पे भी भी हम लोग जो है एक्सप्लोर करेंगे यहां पे भी ऑप्शंस क्या आ जाते हैं हमारे पास ये भैया जा सकता है राइट में ये भैया जा सकता है टॉप में ये और कहां जा सकता है जी ये आपका रिस्पेक्टिवली और अगेन बॉटम में भी जा सकता है या फिर जिसे हम लोग डाउन से डिनोट कर रहे हैं मतलब ये अगेन अपने पैरेंट स्टेट में ही चले जाएगा तो ये भी पॉसिबिलिटी है तो ये एक तो राइट में जा सकता है तो इसके लिए एक स्टेट बन जाएगा ये आपका भैया एक तरीके से जो है टॉप में जा सकता है तो इसके लिए एक और स्टेट बन जाएगा ये एक तरीके से आपका कहां जा सकता है यार अ डाउन भी जा सकता है तो उसके लिए भी एक स्टेट बन जाएगा उसी तरीके से लेवल वाइज मैनर में मैं इसे स्कैन कर सकता हूं क्योंकि यहां पे बीएफएस जो अन इन्फॉर्म सर्च है उसका इस्तेमाल अगर कर रहे हैं तो ये लेवल वाइज जाएगा तो ये सारे ऑप्शंस जो है एग्जॉस्ट इव मैनर में ब्रूट फोर्स मैनर में तलाश करते जाएगा तो इसमें तो भैया बहुत ज्यादा टाइम लग जाएगा तो जी ये आपू वाला जो सिनेरियो है वो जितने पॉसिबल स्टेट्स आगे दिखा सकता है वो तो हमने देख लिया लेकिन सर जी इधर भी आइए थोड़ा राइट की तरफ भी जो है नजरें घुमाइए क्योंकि कहीं ना कहीं जो हमें गोल स्टेट है वो यहीं पे प्राप्त होने वाला है लेट्स से अब राइट में जाने के बाद मेरा ये करंट स्टेट अभी यहां पे मुझे दिखाई दे रहा है तो यहां पे ये देखो ब्लैंक स्पेस यहां पे है ब्लैंक स्टेट यहां पे तो मैं यहां पे भी जा सक सता हूं आप मैं लेफ्ट जा सकता हूं आप लेफ्ट में जाने के बात देखो जैसे ही मैं लेफ्ट में जाता हूं तो मैं वापस पैरेंट स्टेट को विजिट कर दूंगा वही सेम टू सेम हो जाएगा सेवन इधर आ जाएगा वही पैरेंट स्टेट को मैं विजिट करूंगा तो मैं वो नहीं करता हूं मैं राइट को जाता हूं लेट्स से राइट को जाता हूं वैसे तो आप सभी ऑप्शंस जो है वो एक्सप्लोर करने वाले हो सभी स्टेट्स एक्सप्लोर करोगे बट यहां देखने पर से मेरा कॉमन सेंस कहता है कि राइट में जाने के बाद काम बन सकता है तो जैसे ही मैं राइट में जाता हूं यानी कि यहां पे मूव आउट करता हूं तो ब्लैंक स्पेस यहां आ जाएगा और एट आपका ब्लैंक स्पेस की जगह आ जाएगा यानी कि ये मैं स्टेट में पहुंच जाऊंगा और ये मेरा गोल स्टेट कहलाएगा बात क्लियर है बात सिंपल है है एंड फाइनली आई हैव रिच्ड देयर तो यार देखो यहां पे बहुत ज्यादा तामझाम लगा यहां पे बहुत सारा एग्जॉस्ट एक्सप्लोरिंग ऑफ द स्टेट्स मुझे करना पड़ा विदाउट ह्यूरिस्टिक लेकिन अब मैं थोड़ा सा आगे बढ़ता हूं और ह्यूरिस्टिक का मामला समझना जानना जो है शुरू कर देता हूं और उसके थ्रू भी अपन यही एट पजल प्रॉब्लम जो है वो सॉल्व करने का प्रयत्न करेंगे विद ह्यूरिस्टिक विथ इंफॉर्मेशन ठीक है यूज टू एस्टीमेट द कॉस्ट ऑफ रिचिंग अ गोल्ड स्टेट फ्रॉम अ गिवन स्टेट मतलब आप अगर एक स्टेट पे लेट्स से ये मेरा स्टार्ट स्टेट है उसके बाद और भी बहुत सारे स्टेट्स हैं यहां पे लेट्स से और ये मेरा गोल स्टेट है तो मैं क्या अब लेट्स से मैं यहां पे हूं इस रिस्पेक्टिव गिवन स्टेट पे हूं यहां से गोल्ड तक पहुंचने में मुझे कितना कॉस्ट लगने वाला है उसका एक एस्टीमेट जो है वो ह्यूरिस्टिक वैल्यू के थ्रू मुझे पता चलता है कि गोल्ड स्टेट तक पहुंचने के लिए फ्रॉम दिस गिवन करंट स्टेट मुझे पहुंचने के लिए कितना एस्टिमेटर ये बहुत इंपॉर्टेंट वर्ड है एस्टिमेटर ये एस्टीमेट होता है ये एक्चुअल नहीं होता एक्चुअल अलग होता है एक्चुअल इ समथिंग डिफरेंट एक होता है एस्टीमेट वही जो है रिस्पेक्टिव कॉस्ट अपने को ह्यूरिस्टिक वैल्यू के थ्रू पता चलने वाली है नो एग्जॉस्ट इव एक्सप्लोरिंग करने की जरूरत ही नहीं है ना करने की जरूरत नहीं यहां पे अगर आपके पास बहुत सारे रास्ते है अगर कोई रिस्पेक्टिवली अपने को एस्टीमेट

कॉस्ट अगर कम बता रहा है कोई पाथ के थ्रू अगर कम कॉस्ट बता रहा है, तो मैं वो ले लूंगा। मुझे सब एक्सप्लोर करने की जरूरत ही नहीं है, क्योंकि मैं यहाँ पे अभी वेल इन्फॉर्म्ड हूँ। तो आई एम हैविंग हियर नॉन-एग्जॉस्ट एक्सप्लोरिंग, क्विक एंड फास्ट वे टू रीच टू द गोल स्टेट या सॉल्यूशन। ये भी आपको ह्यूरिस्टिक के थ्रू समझना है।

अब चलिए, ये एट पज़ल वाला प्रॉब्लम कैसे विद ह्यूरिस्टिक अपन सॉल्व करेंगे, ये समझते हैं। अब यहाँ पे ह्यूरिस्टिक वैल्यू का आपको इंपॉर्टेंस भी समझ में आएगा। ह्यूरिस्टिक वैल्यू, लेट्स कंसीडर इन दिस पर्टिकुलर प्रॉब्लम एज अ सिनेरियो कि जितने भी मिसप्लेस्ड आपके जितने भी मिसप्लेस्ड स्टेट्स हैं, स्टार्ट और गोल की कंपैरिजन में अगर मैं देखूं, तो वो भैया दो दिखाई दे रहे हैं। कैसे सर? कैसे कैसे कैसे? यहाँ मैं ब्लैंक को कंसीडर नहीं कर रहा हूँ। यहाँ पे मैं 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 ये जो आठ स्टेट हैं, इन्हीं को यहाँ कंसीडर कर रहा हूँ कि मुझे यहाँ पे दिखाई दे रहा है 1, 2, 3, 4, 5, 6 ये तो अपने करेक्ट प्लेस पे हैं। ये एग्जैक्टली जैसा गोल में चाहिए, वैसा मेरा स्टार्ट में। लेकिन सेवन और एट गलत प्लेस पे हैं। सेवन और एट इधर चाहिए और वो सेवन और एट मिसप्लेस्ड हैं, तो इसलिए मैंने आंकड़ा दो का ले लिया। ह्यूरिस्टिक वैल्यू मैंने आंकड़ा ले लिया।

ह्यूरिस्टिक वैल्यू, अब आपको थोड़ा अंडरस्टैंडिंग बैठ रहा है कि यहाँ पे अपने को ये पता चल रहा है कि यार देखो, अपने को ये जो बाकी के छह यहाँ पे जो मुझे स्टेट दिखाई दे रहे हैं, उनसे मुझे इतना ज्यादा लेना-देना नहीं होना चाहिए। मुझे सिर्फ भैया ये जो दो रहेंगे, ये जो ह्यूरिस्टिक वैल्यू यहाँ पे दो दिख रही है, इसको कम करनी है। क्योंकि जब मैं गोल वैल्यू तक पहुँच जाऊँगा, तो मेरी ह्यूरिस्टिक वैल्यू जो है, टू से जीरो हो जाएगी और वही मुझे चाहिए। और फिर मैं कहूँगा कि यस। मतलब, जहाँ पे भी अगर कोई भी मैं रास्ता लेता हूँ, कोई भी पाथ लेता हूँ, जहाँ पे ह्यूरिस्टिक वैल्यू मेरी टू से ज्यादा जा रही है, टू से लेट्स से थ्री हो रही है, थ्री से भैया लेट्स से फोर हो रही है, फोर से फाइव हो रही है, देन मुझे मामला समझ में आ जाएगा कि भैया बाकी के जो मेरे स्टेट्स थे, जो ऑलरेडी इन प्लेस थे, उनको मैं छेड़ रहा हूँ, उनके साथ मैं छेड़-छाड़ कर रहा हूँ, उनके पोजीशन के साथ छेड़-छाड़ कर रहा हूँ, तो वो नहीं करना है। तो ये रास्तों पे मैं नहीं जाऊँगा, फर्दर एक्सप्लोर नहीं करूँगा। यानी कि मैं एग्जॉस्ट एक्सप्लोरिंग नहीं करूँगा। ये बेसिक नेचर अपने को ह्यूरिस्टिक प्रदान करता है। इस तरीके से फास्ट एंड क्विक मैनर में अपन अपने डेस्टिनेशन तक पहुँचते हैं।

इसका एक नजारा भी आपको दिखाना चाहूँगा। लेट्स से वही सेम एग्जांपल है। ये मेरा क्या है? ब्लैंक स्टेट है। ठीक है? अब यहाँ से कितने मूव्स मेरे पास पॉसिबल हैं? सर जी, अप एंड राइट। ये दो ही हैं। सर आप डाउन नहीं जा सकते, आप लेफ्ट नहीं जा सकते। राइट या फिर अप है। तो जैसे ही मैं अप में जाता हूँ, यानी कि जैसे ही मैं अप जाता हूँ, तो फोर नीचे आ जाएगा। फोर नीचे आ जाएगा। ब्लैंक मेरा ऊपर चले जाएगा। अब देखो हुआ क्या? अब देखो हुआ क्या? गौर से देखना। फोर नीचे आ गया। अब मुझे बताइए, ह्यूरिस्टिक क्या है? स्टेट की ह्यूरिस्टिक वैल्यू क्या है? आप खुद देखिए सर जी, फोर मिसप्लेस्ड है। सर जी, सेवन मिसप्लेस्ड है। सर जी, एट मिसप्लेस्ड है। सर, ह्यूरिस्टिक एच की वैल्यू तीन है। सर! अरे यार, पहले दो थी, अब तीन हो गई। इसका मतलब इस रास्ते पे चलने का, इस रास्ते पे चलने का कोई सेंस नहीं बनता। मतलब इसके बाद जो हमारे पास अदर फर्दर ऑप्शंस थे ना, और भी स्टेट जो जनरेट हो सकते थे, कौन-कौन से स्टेट्स थे जो जनरेट हो सकते थे? यहाँ से मैं राइट जा सकता था, यहाँ से मैं लेट्स से भैया अपना रिस्पेक्टिवली अप जा सकता था, यहाँ से मैं वापस से डाउन जा सकता था। तो ये जो फर्दर मेरे स्टेट्स मैं एक्सप्लोर कर सकता था, वो अब नहीं करूँगा। क्यों? मेरा हू ज्यादा आ रहा है। तो मुझे फर्दर ऑन डिस्कशन ही नहीं चाहिए। मुझे आगे उसे एक्सप्लोर ही नहीं करना।

लेकिन जब मैं राइट पे जाता हूँ, जब मैं राइट लेता हूँ, तो गौर से देखना, ये वाला फंडा इधर आ जाएगा। सेवन आपका इधर आ जाएगा। तो आ गया तो अब इसमें देखो, सेवन करेक्ट पोजीशन पे आ गया, एज कंपेयर टू द गोल। सेवन करेक्ट पोजीशन पे आ गया है। सिर्फ अभी एक ही गलत पोजीशन पे एट। एट को मुझे यहाँ पे लेके आना है। तो एक गलत पोजीशन पे है, तो भैया ह्यूरिस्टिक वैल्यू यहाँ पे वन आ गई। इस मूव को अप्लाई करने के बाद, इस एक्शन को अप्लाई करने के बाद। वेरी गुड, वेरी वेरी वेरी वेरी गुड। तो भैया मुझे इस रास्ते पे आगे निकलना है। इसका मतलब इस रास्ते रास्ते पे मुझे आगे निकलना है।

अब देखो जी, मामला कैसे चलता है। अब इस रास्ते पे देखो कितने मूव्स हैं? तो सर जी, यहाँ पे एक तो आप अब जा सकते हो, आप एक तो राइट जा सकते हो और सर जी, एक तो आप यहाँ पे लेफ्ट जा सकते हो। तो अगर मैं लेफ्ट जाता हूँ, तो उसमें कोई सेंस बनता है क्या? कोई सेंस बनता है? आई एम इट्स एज गुड एज मैं वापस अपने इनिशियल स्टेट को ही विजिट कर रहा हूँ, पेरेंट स्टेट को ही विजिट कर रहा हूँ, जिसकी ह्यूरिस्टिक वैल्यू टू थी। तो मैं उसको वापस से विजिट नहीं करूँगा। देयर इज नो सेंस इन दैट। बराबर है? मैं उसको वापस विजिट नहीं करूँगा। तो यस, इसके आगे फर्दर एक्सप्लोरेशन नहीं होगा। इसके आगे फर्दर भी भैया कोई स्टेट को नहीं एक तरीके से मैं एक्सप्लोर करूँगा।

फिर मैं अप जाता हूँ, मैं ऊपर जाने का प्रयत्न करता हूँ। जब मैं ऊपर जाता हूँ, जब मैं अप जाने का प्रयत्न करता हूँ, तो फाइव नीचे आ जाएगा। अब जब फाइव नीचे आ जाएगा, तो गौर से देखना, गौर से देखना, समझना इस बात को। कितने स्टेट जो हैं, मेरे सही और गलत जगह पे हैं? सर जी, अगर आप गौर से देखेंगे, यहाँ पे फाइव आ गया, जो कि गलत जगह पे है और एट तो पहले से गलत जगह पे था ही। सेवन करेक्ट जगह पे। सर, यहाँ पे ह्यूरिस्टिक टू आ गया। अरे, अभी तो आपका लेटेस्ट ह्यूरिस्टिक जो आपने अपडेट किया था, वो वन था। वो वन था। अब ये वन से ज्यादा है। और सिमिलर केसेस में यहाँ पे भी वन से ज्यादा था। तो ये तो नहीं चालबो। ये नहीं चालबो। भैया, ये क्या कर रहे हो? वन से तो अभी मुझे कमी चाहिए। सीधा जीरो चाहिए। यानी कि मुझे अभी गोल नोड पे पहुँचना है। आई डोंट केयर। यहाँ पे भी मैं फर्दर एक्सप्लोर नहीं करूँगा। यहाँ तो बहुत सारे ऑप्शन थे। गौर से देखो, यहाँ कितने ऑप्शन थे? आपका ये जो ब्लैंक स्टेट है, ये सिंपली आपके सेंटर में पहुँच गया था। तो आप यहाँ पे अप भी जा सकते थे, राइट भी जा सकते थे, लेफ्ट भी जा सकते थे और डाउन भी जा सकते थे। तो कितने फर्दर यहाँ पे स्टेट्स रहते और फर्दर डाउन और कितने स्टेट्स आप एक्सप्लोर करते। लेकिन अब ये बच गया है आपका काम, क्योंकि रिस्टिक वैल्यू को रेफर किया। आप आप बोल रहे हो सर जी, इससे ये तो ज्यादा में लेके जा रहा है मेरे को, तो कम में लेके जाना है। बात समझ रहे हो? ये चीज समझनी है।

और फिर एक और ऑप्शन आता है राइट वाला, जिसे मैं देखता हूँ, एक्सप्लोर करता हूँ। तो जैसे ही मैं इसको राइट में लेके जाता हूँ, एट आपका यहाँ आ जाएगा। ब्लैंक स्पेस राइट में आ जाएगा। तो यार, यहाँ पे तो ये करेक्ट पोजीशन पे है। ये भी करेक्ट पोजीशन पे है। ये सबके सब करेक्ट पोजीशन पे। यानी कि यहाँ पे कोई भी मिसप्लेस्ड नहीं है। तो कितने मिसप्लेस्ड हैं? जीरो। तो ह्यूरिस्टिक आ गए जीरो। तो ये आपका पहले से बेटर है। मिनिमाइजेशन प्रॉब्लम है ये। ये पहले से बेटर है। वन से मुझे कम चाहिए। जीरो। तो यानी कि आप यहाँ पे गोल स्टेट तक पहुँच गए, जब आपका H इक्वल टू 0 रहता है। एंड दैट्स इट। ये आपका गोल स्टेट है। तो इस तरीके से आप एक क्विक एंड फास्ट मैनर में बहुत समय आपका यहाँ पे बचाया जाएगा।

तो चलिए, अब आगे बढ़ते हैं दोस्तों और जनरेट एंड टेस्ट सर्चिंग टेक्निक के बारे में जानते हैं। वैसे तो यार, जो नाम है, वैसा ही उसका काम है। जनरेट, टेस्ट। जनरेट, टेस्ट। आप क्या जनरेट कर रहा है? क्या टेस्ट कर रहा है? अल्टीमेटली ये कब रुक रहा है या फिर कब नहीं रुकना है, ये कुछ कंडीशंस हैं, जो कि इस रिस्पेक्टिव टेक्निक के रिगार्डिंग मैं आपके सामने रखने वाला हूँ। लेकिन एक बात याद रखिए, इट्स अ ह्यूरिस्टिक टेक्निक। यानी कि ये वेल इन्फॉर्म्ड कैरी करता है। ये नॉलेज कैरी करता है आपके DA का। तो इसको पता है भैया, इंफॉर्मेशन है, नॉलेज है। ये कोई भैया अंधाधुन तीर नहीं चला रहा। अंधा तीर नहीं चला रहा। अनइन्फॉर्म्ड नहीं है। ये वेल-इन्फॉर्म्ड है। ये टेक्निक अपने को समझनी है। और वैसे आगे तो यार, ह्यूरिस्टिक के अंदर, इन्फॉर्म्ड के अंदर, जो है, एक तरीके से बहुत सारे और सर्चिंग एल्गोरिथम हम देखने वाले हैं, जैसे A* हो गया, AO* हो गया, बेस्ट फर्स्ट सर्च हो गया। तो उसकी तुलना में, उसके कंपैरिजन में, ये बहुत ही बेसिक और प्रिमिटिव फॉर्म है। इसके ऊपर भी कई बार क्वेश्चन पूछे जाते हैं। तो चलिए समझते हैं आखिरकार यहाँ पे मामला चल क्या रहा है।

DFS विद बैक ट्रैकिंग का इस्तेमाल यहाँ पे किया जाता है। तो होता क्या है यहाँ पे फंडा? आपका जो एक गिवन प्रॉब्लम है, लेट्स से, उसके लिए यार देखो, आपका जो जनरेटर है, यानी कि ये दो मॉड्यूल हैं, एक तरीके से, एक जनरेटर, एक टेस्टर। एक जनरेटर, एक टेस्टर। तो जनरेटर क्या करता है? इस प्रॉब्लम के लिए जितने भी पॉसिबल सॉल्यूशंस हो सकते हैं, वन बाय वन, वन बाय वन, एक-एक, एक-एक करते हुए भैया, उन पॉसिबल सॉल्यूशंस को जनरेट करता जाता है, करता जाता है, करता जाता है। ये देखो, ये आपका जनरेटर बंदा मैंने यहाँ पे खड़ा कर दिया। ये क्या कर रहा है? एक गिवन प्रॉब्लम के लिए जो है, पॉसिबल सॉल्यूशन प्रपोज करते जा रहा है, भेजता जा रहा है, भेजता जा रहा है। अब वो किसे भेज रहा है? टेस्टर को भेज रहा है। वो किसे भेज रहा है? टेस्टर को। क्योंकि टेस्ट क्या करने वाला है? टेस्टर क्या करने वाला है? एक तरीके से आपके हर सॉल्यूशन को टेस्ट करके देखेगा कि भैया, जो आपका रिस्पेक्टिवली स्टेट है, वो गोल स्टेट तक पहुँच पा रहे हैं क्या? इफ S इक्वल टू गोल स्टेट, मतलब क्या? कि आपके गिवन सॉल्यूशन के थ्रू क्या मैं गोल स्टेट तक रीच आउट कर पा रहा हूँ? क्या मैं वहाँ तक पहुँच पा रहा हूँ? तो जाके मैं उस सॉल्यूशन को एक्सेप्ट करूँगा। लेकिन अगर मैं उस तक पहुँच ही नहीं पा रहा हूँ, गोल स्टेट तक रीच आउट ही नहीं कर पा रहा हूँ, तो वो सॉल्यूशन किस काम का है? तो इसलिए मैं उसे क्या करूँगा? उस सॉल्यूशन को स्किप कर दूँगा या फिर ड्रॉप कर दूँगा, आप कह सकते हैं। एंड देन वापस से भैया जनरेटर की तरफ आएँगे। एक और जनरेटर सॉल्यूशन फेंकेगा। फिर वही वापस क्राइटेरिया करूँगा। अगर वो एक्चुअल एलिजिबल सॉल्यूशन होगा, तो उसे एक्सेप्ट किया जाएगा। नहीं तो भैया, यही प्रक्रिया आपकी चलती रहेगी। और कब तक चलती रहेगी? जब तक भैया वो एक्सेप्ट नहीं हो जाता है, आपका रिस्पेक्टिवली एलिजिबल सॉल्यूशन, एक्चुअल सॉल्यूशन। जैसे ही वो एक्सेप्ट हो जाता है, आपकी प्रक्रिया रुक जाती है। नहीं तो आप ये चलते रहते हो, चलते रहते हो।

यहाँ पे एक बात अपने को ये समझनी है कि ये कंप्लीट मामला है। यानी कि ये कुछ कैरेक्टरिस्टिक हैं, अ गुड कैरेक्टरिस्टिक ऑफ अ गुड जनरेटर। क्योंकि ओबवियस सी बात है यार देखो, जनरेटर क्या कर रहा है? अपने को सॉल्यूशन दे रहा है ना? अपने को सॉल्यूशन दे रहा है। और हम जानते हैं, एक पर्टिकुलर प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए कई सारे सॉल्यूशन जो हैं, वो एग्जिस्ट कर सकते हैं। तो अब वही फंडा है यहाँ पे। ये कंप्लीट नेचर का होता है। यानी कि ये आपको सॉल्यूशन देगा। ये आपको भैया सॉल्यूशन देगा। और ऑल पॉसिबल जितने सॉल्यूशंस एग्जिस्ट कर सकते हैं, वो एक-एक, एक-एक करके वैसे भी प्रोवाइड करने वाला है। तो इसका नेचर तो कंप्लीट है। साथ ही साथ वो नॉन-रिडंडेंट भी होना चाहिए। नॉन-रिडंडेंट मतलब क्या? लेट्स से, यहाँ पे इसने सॉल्यूशन वन प्रपोज किया। अब वापस कुछ देर बाद उसने वापस वही सॉल्यूशन वन प्रपोज किया। फिर वही सॉल्यूशन वन प्रपोज किया। फिर वही सॉल्यूशन वन प्रपोज किया। इसमें कोई सेंस बनता है इस बात में? तो रिडंडेंसी वो प्रमोट नहीं करता। एक बार अगर कोई सॉल्यूशन आपके टेस्टर के द्वारा ड्रॉप या स्किप या रिजेक्ट कर दिया जाता है, तो आप उस सॉल्यूशन को वापस से एक तरीके से प्रपोज नहीं करते। उसे वापस से रेज नहीं करते और टेस्टर के पास नहीं भेजते। एंड ऑब् वियस, पहले ही बता चुका हूँ, ये इन्फॉर्म्ड टेक्निक है।

चलो, अब इसको जो है ना, एक सिंपल छोटे से एग्जांपल के साथ देखने का प्रयत्न करते हैं। लेट्स से मेरा यहाँ पे एक पास कोड है। ठीक है? एक पास कोड है जो लॉक पे लगाया गया है, जो कि यहाँ पे आप देख सकते हैं, दो-दो नंबर्स, दो-दो नंबर्स, यू नो, दो-दो डिजिट का एक तरीके से यहाँ पे तीन पेयर्स आपको देखने को मिल जाएँगे। ये एक डिजिट, ये एक डिजिट, ये एक डिजिट, ये एक डिजिट, ये एक डिजिट, एक डिजिट। तो तीन पेयर्स में आपको यहाँ पे मामला देखने को मिल जाएगा। अब मेरे को खोलनी है भैया सूटकेस। मेरे को खोलनी है भैया सूटकेस। और मेरे पास लेट्स से यार कोई नॉलेज नहीं है। मैं नॉन-ह्यूरिस्टिक अप्रोच यूज करता हूँ। मेरे पास इनिशियली कोई नॉलेज नहीं है। इट्स लाइक दैट भैया, मैं बैग चुरा लिया। अब मुझे तो पता नहीं यार, आई डोंट नो यार, कि इस बैग को खोलने के लिए ये कौन से आंकड़े होंगे? आई डोंट नो इसका क्या पॉसिबल कॉम्बिनेशन होगा? मेरे को नहीं पता। तो आपको क्या करना पड़ेगा? हर पॉसिबल कॉम्बिनेशन चेक आउट करना पड़ेगा। क्योंकि यहाँ पे एग्जॉस्टिव एक्सप्लोरिंग होता है। ब्रूट फोर्स मेथड अप्लाई किया जाता है। ये तो बात आपको पता ही होगी।

तो व्हाट आर द पॉसिबल कॉम्बिनेशन? लेट्स से, अगर मैं ये दो डिजिट पकड़ लेता हूँ, तो ये दो डिजिट से भैया, जीरो से लेकर 99 तक, मिनिमम जीरो, मैक्सिमम 99 जा सकता हूँ। ये दो डिजिट पे भी मैक्सिमम जीरो से लेके 99 तक मैं जा सकता हूँ। इन दो डिजिट पे भी जीरो से लेके 99 तक जा सकता हूँ। ये सारे पॉसिबल मेरे कॉम्बिनेशन जनरेट हो सकते हैं। तो मुझे बताइए, कितने पेयर हैं जी आपके पास कोड में? सर जी, एक पेयर। सर जी, दूसरा पेयर। सर जी, तीसरा पेयर। हर पेयर की लाइक पॉसिबिलिटी कितनी है? कितनी पॉसिबिलिटी है? सर जी, 100 इधर है। सर जी, 100 इधर है। और सर जी, 100 इधर है। तो भैया, टोटल, टोटल पॉसिबल कॉम्बिनेशन कितने हो सकते हैं? 100 रेज़्ड टू 3। बात खत्म। जितने नंबर ऑफ पेयर्स हैं, उसको भैया यहाँ पे पावर में लगा दिया। रेज़्ड टू और यहाँ पे आपके पास पॉसिबल कॉम्बिनेशन कितने हो सकते हैं? 100 फॉर ईच पेयर। तो वो मैंने 100 का आंकड़ा लगा दिया। तो व्हिच इज अराउंड नथिंग बट 1 मिलियन के आसपास कॉम्बिनेशन। तो भैया, चोर बोलेगा कि यार, इतनी अगर मेहनत करनी थी, तो यार सच में मेहनत करके कुछ कमा लेते। ये काहे को हमने चुना? भैया, ये तो ब्रूट फोर्स मेथड किसी काम का नहीं आने वाला है।

लेकिन अब जब हम लोग एक्चुअल में, अब तो यार उसके पास चलो, इंफॉर्मेशन पहले से नहीं थी रिगार्डिंग दिस डिजिट्स की क्या पॉसिबल हो सकते हैं। लेकिन जो उसका एक्चुअल ओनर है, लेट्स से, वो चोर जो है भैया, फ्रस्ट्रेट हो जाता है। इतने 1 मिलियन कॉम्बिनेशन कहाँ लगाते बैठूंगा? वो उसको एक तरीके से छोड़ देता है। कहीं तो भैया छोड़ देता है। पुलिस को मिल जाती है बैक। अब वो ओनर के पास लेके आ जाते हैं। अब ओनर को जो है, पता है। अब ओनर को जो है, इंफॉर्मेशन है। ओनर हैज द इंफॉर्मेशन। उसके पास एक बेसिक लॉजिक है। उसके पास एक बेसिक ह्यूरिस्टिक है कि नंबर्स आर प्राइम। मतलब, यहाँ पे अगर आप देखोगे, ये जो पेयर में नंबर आपको दिखाई दे जाएँगे, जो टू डिजिट नंबर आपको दिखेंगे, तो तीनों ही पेयर में वो प्राइम नंबर है। तीनों ही पेयर्स में वह प्राइम नंबर है। ये अपने को बात पता है। अगर ये बात अपने को पता है, तो उस मदद से हमारी जो पॉसिबल नंबर ऑफ कॉम्बिनेशन है, वो कम हो जाएँगे ना? गौर से अगर आप देखोगे, तो जीरो से लेके 99 के बीच में 25 प्राइम नंबर निकल के आते हैं। यहाँ पे भी ओबवियस सी बात है, 25 ही निकलेंगे। यहाँ पे भी 25 निकलेंगे। तो जो पहले मामला 100 का था, वो रिड्यूस डाउन हो गया टू 1/4th, 1/4th of the 100, दैट इज 25। ये देखो, काम कितना कम हो गया। यहाँ 25, यहाँ 25, यहाँ 25। बराबर है? और यहाँ पे भैया, एक तरीके से 25 रेज़्ड टू 3, दैट इज अराउंड एग्जैक्टली 15,625। इतने पॉसिबल भैया कॉम्बिनेशन रहेंगे। तो इतना टाइम नहीं लगेगा। काम फास्ट हो जाएगा। काम क्विकली हो जाएगा। तो आई होप यू आर अंडरस्टैंडिंग दिस पॉइंट। इसी तरीके से मामला काम करेगा। जैसे अभी ये जनरेट एंड टेस्ट वाला फंडा बोला ना, ये ठीक ऐसे ही काम करेगा।

यहाँ पे व्हाट इट विल डू कि देखो जी, तो एज पर आवर इंफॉर्मेशन भैया, 25, 25, 25। यानी कि टोटल कॉम्बिनेशन कितने निकल के आ सकते हैं? 15,625। ये तो बात क्लियर है। यहाँ तक चीज समझ में आ रही है? अब इसमें से, इसमें से एक कॉम्बिनेशन ऐसा होगा, जो कि मेरी बैग को खोल देगा। दैट इज माय एक्चुअल सॉल्यूशन। दैट इज माय एलिजिबल सॉल्यूशन। अभी टर्मिनोलॉजी को आप एक तरीके से यहाँ पर रिलेट कर सकते हैं। अभी आपको मामला समझ में आएगा कि आप तो भैया, एक तरीके से कॉम्बिनेशन लगाते जाएँगे, कॉम्बिनेशन लगाते जाएँगे, लेकिन बैक तो तभी खुलेगी, मतलब आप क्या कर रहे हैं? जनरेट करते जा रहे हैं, जनरेट करते जा रहे हैं। एंड एट द टेस्टिंग एंड आपको पता चलता है, जैसे आपने क्या चेंज करते हो, आंकड़े कॉम्बिनेशन लगाते हो, बैक खोलने का प्रयत्न करते हो, अरे खुल नहीं रहा, मतलब आप टेस्ट कर रहे हो। पहले जनरेट कर रहे हो, फिर बैक खोलने का प्रयत्न कर रहे हो, टेस्ट कर रहे हो। अरे नहीं हो रहा यार, कुछ और कॉम्बिनेशन लगाओ, फिर से टेस्ट कर रहे हो, नहीं यार, नहीं खुल रहा है, फिर से टेस्ट करो, फिर टेस्ट करो, भैया जनरेट करो, टेस्ट करो, जनरेट करो, टेस्ट करो, जनरेट करो, टेस्ट करो। और एक भैया ऐसा कॉम्बिनेशन मिल जाएगा, एक ऐसा पर्टिकुलर सॉल्यूशन आपको मिल जाएगा, जो कि एक्चुअल में बैक को खोल देगा। और वो आपका एक्चुअल या एलिजिबल सॉल्यूशन होगा। होप फुली, नाउ यू हैव अंडरस्टुड कि ये मामला किस तरीके से काम कर रहा है। ठीक है जी?

अब आगे बढ़ते हैं और बेस्ट फर्स्ट सर्च वाला मामला, जो कि ओबवियस सी बात है, ह्यूरिस्टिक टेक्नीक ही है, उसी को समझने का प्रयत्न करते हैं कि ये काम कैसे कर रहा है। इसका बेसिक एल्गोरिथम का एक राइट-अप जो है, आपके समक्ष मैंने लिख के रख दिया है। अगर आप प्रेफर करना चाहें तो करिए, नहीं तो वैसे तो एग्जांपल के साथ ये सारा मामला मैं आपके सामने रखने ही वाला हूँ। तो यहाँ पे एक्चुअली अपन जो है, क्यू समझ लीजिए, लिस्ट समझ लीजिए, ओपन एंड क्लोज लिस्ट, ये जो है, मेंटेन करते हैं। व्हिच इज एक्चुअली कंटेनिंग द स्टार्ट स्टेट इन द इनिशियल फेज। ठीक है? एक लूप में अपन लग जाते हैं। फिर और ये एंड लूप तभी होता है जब भैया मामला आपका सेटल हो गया हो या सॉल्यूशन मिल गया हो। ठीक है? लूप की शुरुआत कैसे होती है? अगर मेरा, पहले तो एक कंडीशन चेक कर लेता हूँ। अगर मेरा ओपन लिस्ट एक तरीके से एम्प्टी है, तो हम सीधा-सीधा बोल देते हैं, रिटर्न कर दो फेल। यानी कि ये भी एक सिचुएशन हो सकती है ना? एक तो सॉल्यूशन मिल जाए, वो तो बहुत बढ़िया बात है कि सॉल्यूशन रिटर्न कर दो। लेकिन अगर मान लो, सब कुछ ढूंढ-ढूंढ लिया, यानी कि यार, अभी आपका रिस्पेक्टिवली, लेट्स से, ओपन लिस्ट जो स्टार्टिंग में आपने स्टार्ट स्टेट डाला था, अब उसमें कुछ भी नहीं बचा है। यानी सारा मामला आपने सफाचट कर दिया, सब कुछ ढूंढ लिया है, लेकिन फिर भी कुछ नहीं मिला, तो आप सीधा रिटर्न करोगे फेल, फेलियर कि भैया, वी हैव रीच्ड द फेलियर। या फिर दूसरी सिचुएशन, जो सक्सेस सिचुएशन है, वो क्या हो सकती है कि आपको एक-एक करते हुए भैया, अपना रिस्पेक्टिवली ओपन जो क्यू बोला ना, तो जो उसका पहला एलिमेंट होगा, जो पहले गया, वही पहले निकलेगा। वो उसको रिमूव करोगे, नोड में इसमें डाल दोगे। एंड चेक करोगे कि ये जो नोड है, बेसिकली, अभी ये गोल नोड तो नहीं है? ये गोल स्टेट तो नहीं है? अगर ये गोल स्टेट होगा, तो रिटर्न द पाथ फ्रॉम द स्टार्ट टू द नोड। मतलब, लेट्स से, अभी एक पर्टिकुलर नोड मुझे मिल गया है, मैंने उसको यहाँ पे।

चेक किया गोल के साथ। अब ये मेरा गोल नोट निकल गया। तो इससे पहले जो भी भैया स्टार्टिंग से लेकर गोल तक ये जो भी पूरा आपका पाथ था, इसको एक तरीके से रिटर्न किया जा रहा है। यानी कि अब ये सक्सेस कंडीशन है। ये क्या है आपकी सक्सेस कंडीशन है, याद रखिए। तो यहां पे इस हालात में एक तो रिटर्न होगा या फिर इस हालात में एक तो रिटर्न होगा। ये दो बातें समझनी है। या फिर लेट्स से अगर ऐसा मैं ये नहीं कह रहा कि ना ही आपका ओपन लाइक यू नो जो ओपन लिस्ट एक तरीके से एमटी रखा है और ना ही मैं ये कह रहा हूं कि भैया एक तरीके से आपको गोल नोड मिल गया। तो अब इन दोनों के बीच में, इन दोनों सिचुएशंस के बीच में क्या किया जाए? तो वो ये किया जाए, एल्स जनरेट ऑल सक्सेसर्स ऑफ द नोड। मतलब ये जो नोड है, जो अभी आपका गोलड नोड नहीं है, इसके सभी जो सक्सेसर्स हैं, उनको एक तरीके से क्या करना है अपने को जनरेट करना है। एंड पुट द न्यूली जनरेट नोड इन द ओपन। तो अभी ये लोग न्यूली जनरेट नोड होंगे, इनको भैया क्या करना है अपने को लिस्ट के अंदर प्लेस अप करना है। एज पर देयर एच वैल्यूज, ह्यूरिस्टिक वैल्यूज। तो अब यहां जो ये एच वैल्यू यानी कि ह्यूरिस्टिक वैल्यू है, ये क्या कंसीडर किया गया है? है भैया अपना यूक्लिडियन डिस्टेंस। सिंपल मामला है। दो पॉइंट्स के बीच का अगर दूरियां निकालनी, डिस्टेंस निकालना है, वो अपने को मिल जाएगा। एच वैल्यू यानी कि अपना ह्यूरिस्टिक वैल्यू कैसे हम लोग यहां पे फंडा कैलकुलेट कर रहे हैं, किस हिसाब से भैया प्रायोरिटी में उनको असाइन कर रहे हैं और एलोकेट कर रहे हैं उनको क्यू के अंदर, ये मैं आपको बताना चाहूंगा। लेट्स से यहां पे एक नोड है, जो कि कुछ डिस्टेंस डी1 ले रही है। इतना अपन ने कैलकुलेट किया। यहां पे अपने को गोल नोड तक पहुंचाने के लिए, सही बात है? तो यहां पे ये अपना हो गया ह्यूरिस्टिक वैल्यू एच1, सही बात है? अब एक और दूसरी नोड है, वो अपने को डिस्टेंस डी2 लेके यहां पे एक तरीके से जो अपना एच2 हो जाएगा, गोल नोड तक पहुंचा देगा। तो अब यहां पे क्लीयरली वो विजिबल है कि यार देखो अपना जो एच2 है, वो लेस देन एच1 है। यानी कि इसकी वैल्यू कम है, इसका डिस्टेंस कम है, तो यानी कि इसकी प्रायोरिटी हाई होगी। अगर इसकी प्रायोरिटी हाई होगी, तो ये जो रिस्पेक्टिव नोड है, ये अपने क्यू के अंदर आगे आएगा। लेट्स से इसका नोड है ये ए है और ये बी है, तो भैया ये ए पहले आगे प्लेस अप होगा, फिर बी होगा। यानी कि जिसकी ह्यूरिस्टिक याद रखिएगा, जिसकी रिस्टिक वैल्यू कम होगी, लो होगी, लेस होगी, उसे आगे रखा जाएगा। क्योंकि जो आगे रखा जाता है, वही सबसे पहले डी क्यू किया जाता है, क्योंकि यहां पे क्यू स्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर रहे हैं, फर्स्ट इन फर्स्ट आउट। ये बात समझनी है। साथ ही साथ और इंपॉर्टेंट बात ये नॉट कंप्लीट। मतलब जरूरी नहीं भैया कि ये कंप्लीटनेस कंस्ट्रेंट को फॉलो करेगा, तो ये नॉट कंप्लीट एल्गोरिथम हो जाता है। साथ ही साथ अगर नॉट कंप्लीट है, तो यार यहां पे देखो, जरूरी नहीं है कि वो आपको हर बार ऑप्टिमल सॉल्यूशन ही देगा। वो अच्छा सॉल्यूशन दे सकता है, डिसेंट सॉल्यूशन, गुड सॉल्यूशन दे सकता है, लेकिन ऑप्टिमल या बेस्ट सॉल्यूशन होगा, इसकी गारंटी भैया यहां पे नहीं है। साथ ही साथ अगर टाइम या स्पेस कॉम्प्लेक्सेशन की बात करें, तो ये ऑलमोस्ट सेम ही है। बिग ऑफ बी रेज़्ड टू एम। बी मतलब क्या? ब्रांचिंग फैक्टर। ये हम देख चुके हैं। एम मतलब क्या? मैक्सिमम डेप्थ ऑफ योर ट्री स्ट्रक्चर। ठीक है? और यूक्लिडियन डिस्टेंस कैसे निकाला जाता है? जी, लेट्स से यहां पे मेरा पी1 एक पॉइंट है, यहां पे मेरा पी2 एक पॉइंट है। तो ओबवियस सी बात है अपना जो ग्राफ नहीं प्लॉट करते थे अपन, उसमें कोऑर्डिनेट होते थे एक्स1, वाई1। यहां पे इसके कोऑर्डिनेट है भैया एक्स2, वाई2। तो अपन क्या करते हैं, अगर इसके बीच का मुझे डिस्टेंस, दूरी निकालनी, जो कि यहां पे देखो मैंने निकाल के रखा था, यहां पे निकाल के रखा था, इस रिस्पेक्टिव पॉइंट और इस गोल स्टेट के बारे में, इस रिस्पेक्टिव पॉइंट और इस गोल स्टेट के बारे में, तो यहां पे जो मैंने वैल्यू निकाली थी, वो इसी फॉर्मूले को फॉलो किया। एक्स2 - एक्स1 स्क्वायर प्लस वाई2 - वाई1 स्क्वायर और इसका जो भी एडिशन आएगा, उसको भैया स्क्वायर रूट लगा दो, वो आपका डिस्टेंस फाइंड आउट कर देगा इन बिटवीन द टू पॉइंट्स, टू स्टेट्स। ये ठीक है, यहां तक मामला क्लियर है? चलो, अभी इसको एग्जांपल के थ्रू जो है क्रिस्टल क्लियर कर देते हैं कि कैसे वो ऑपरेट हो रहा है। यहां पे ये मेरा ट्री स्ट्रक्चर दिखाई दे रहा होगा। ये मेरा स्टार्ट नोड है और ये मेरा गोल नोड है। अब ओबवियस सी बात है, गोल नोड की जो ह्यूरिस्टिक वैल्यू है, जीरो होगी। मतलब एक नोड है मेरा जे, जो कि मेरा गोल नोड है और मुझे जे से जे तक ही पहुंचना है, तो इन दोनों के बीच की डिस्टेंस कितना होगा? जीरो ही होगा ना जी? तो यहां हमेशा याद रखना, इसकी ह्यूरिस्टिक जीरो होगी। और ये जो ह्यूरिस्टिक वैल्यूज आपको यहां पे दिखाई दे रही है, एक तरीके से आप इसे ऐसे कह सकते हैं कि इट्स अ एस्टीमेट। इट इज अ एस्टीमेट वैल्यू। ओके? इट इज नॉट अ एक्चुअल वैल्यू। इट इज अ एस्टीमेट वैल्यू। ये सबसे इंपॉर्टेंट फंडा है जो याद रखना है, जो कि आपको बता रहा है कि बी बोल रहा है कि देखो, मैं आपको पांच यूनिट टाइम में भैया गोल नोट तक पहुंचा दूंगा। ये बोलता है एच भैया पांच यूनिट टाइम में आपको मैं गोल नोट तक पहुंचा दूंगा। ये बोलता है छह यूनिट टाइम में गोल नोट तक पहुंचा दूंगा। ये भी छह, ये भी एक, ये चार, ये छह और ये 10 यूनिट टाइम में आपको भैया एक तरीके से लेट्स कंसीडर मैं पहुंचा दूंगा आपको गोल नोट तक। ये भैया सबका कहना है और इसी के कहने पर मैं उनको अपने प्रायोरिटी क्यू में जो है प्रायोरिटी असाइन करने वाला हूं। जितनी कम ह्यूरिस्टिक वैल्यू, यानी कि अगर कम खर्चे में लेके जाओगे, तो उसी रिक्शा में, उसी कैब में अपन पहले बैठते हैं, बराबर है कि नहीं? बराबर है कि नहीं? तो वही चीज होने वाली है। लेट्स अंडरस्टैंड दिस सिनेरियो कि ये कैसे ऑपरेट होगा। शुरुआत तो अपन स्टार्ट नोड से ही करेंगे। शुरुआत अपन स्टार्ट नोड से करेंगे। लेट्स से मैंने क्यू के अंदर जो है, ये कहां जा रही है क्यू मेरी? ये क्यू के अंदर जो है, मैंने अपना स्टार्ट नोड ए डाल दिया। ठीक है? अब ए डालने के बाद, लेट्स से मैं इसको जो है डी क्यू कर देता हूं, बाहर निकालता हूं। अब आपको पता होगा, पहले भी हमने ये नेचर देखा है, जब बीएफएस की बात कर रहे थे, वहां पे भी क्यू इस्तेमाल किया था, कि जब मैं भैया इस वाले फंडे को ए को जो है अपने क्यू के बाहर इस तरीके से निकाल देता हूं, उसके बाद ए के जितने भी पॉसिबल जो भी अभी हमने देखा था ना एल्गोरिथम में सक्सेसर, इमीडिएट भैया उसके सक्सेसर जो उसके आगे, यानी कि इमीडिएट नोड अवेलेबल है, बी, सी, डी। बी है, सी है, डी है, ये अवेलेबल है। अब ये बी, सी, डी जो है, अपना कहां जाने वाला है? क्यू के अंदर। लेकिन कौन आगे होगा, कौन पीछे होगा? ऐसे तो सीधा-सीधा नहीं रखेंगे ना अपन, इस तरीके से तो मामला रखेंगे नहीं। तो क्या करेंगे? क्योंकि ह्यूरिस्टिक का इनफॉर्म लाइक इनफॉर्म वाला जो फंडा है, इनफॉर्म सर्च वाला जो फंडा है, ह्यूरिस्टिक वाला मामला जो है, यहां इस्तेमाल कर रहे हैं, तो कुछ तो उसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए ताकि हमें एग्जॉस्ट एक्सप्लोरेशन ना करना पड़े, जी है कि नहीं? तो हम क्या करते हैं, ह्यूरिस्टिक वैल्यू देखते हैं कि भैया कौन कम में पहुंचा देगा मेरे को गोल तक? तो डी बोलता है, बाकी सबके कंपैरिजन में भैया, मैं कम से कम खर्चे में तुमको गोल नोट तक पहुंचा दूंगा। तो यानी कि डी को सबसे ज्यादा प्रायोरिटी है। सेकंड प्रायोरिटी किसे है? बी को, क्योंकि वो पांच बोल रहा है। और सबसे ज्यादा प्रायोरिटी किसको है? मतलब सबसे कम प्रायोरिटी किसको है? क्योंकि उसके हाईएस्ट डिस्टेंस वैल्यू, वो बोल रहा है ज्यादा खर्चा बोल रहा है, दैट इज सी। तो यहां सबसे पहले भैया, लेट्स से मैं डी रख देता हूं, फिर बी रख देता हूं, फिर सी रख देता हूं। तो देखो वही मैंने रखा है। अपनी ओपन प्रायोरिटी क्यू, जो है, देखो मैंने इस तरीके से प्लेस कर दिया। पहले डी रखा, फिर बी रखा, फिर क्यू रखा। ये कब हुआ? ये कब हुआ? जब मैंने अपने ए नोड को जो है क्यू से बाहर निकाल दिया, तब जाके ये सिनेरियो आपको प्रायोरिटी क्यू में देखने को मिल रहा है। अब क्या होगा? अरे सर जी, अब डी निकल जाएगा बाहर। तो जब ये मेरा डी निकल जाएगा बाहर, तो क्या सिचुएशन होगा? क्योंकि डी के अंदर देखो और ई है आगे सक्सेसर उसके ई है। ठीक है? अब ओबवियस सी बात है, डी हमने कंपेयर किया कि वो गोल नोड है क्या? नहीं है जी, गोल नोड नहीं। तो ओबवियस सी बात है, उसके जो सक्सेसर्स हैं, इमीडिएट आगे जो नोट्स हैं, ई, एफ। उनका देखो भैया मामला फोर है, सिक्स है। तो पहले क्या होना चाहिए? यहां पहले ई आना चाहिए, फिर एफ आना चाहिए। ये इन दोनों का सीक्वेंस होना चाहिए, क्योंकि इसकी हाईएस्ट प्रायोरिटी, इसकी लो प्रायोरिटी है। ठीक है? तो क्या किया जी मैंने? व्हाट आई हैव जस्ट डन हियर? जस्ट लुक हियर कि भैया मामला हमने यहां पे ई का रख दिया। ई का रख दिया। सर एक मिनट, एक मिनट। ये तो ऐसा होना चाहिए था ना? बी, सी और फिर सर ई और फिर एफ ऐसा होना चाहिए था ना सर? जरा गौर से देखिए मैं क्या कहना चाहता हूं। जरा गौर से समझिए। सबसे पहले तो जो आपका बी सी वाला मामला है, वो रह गया। चलो यहां पे मौजूद है। उसके बाद ई वाला मामला भी चलो डाल ही दिया। अब इसके बाद इन चारों में कंपैरिजन करो कि किसका सबसे कम वैल्यू है? तो यार सर जी, ई का सबसे कम है, क्योंकि वो चार है। तो इसलिए सबसे पहले ई रख दिया। उसके बाद क्या है जी? उसके बाद सर जी मुझे पांच का आंकड़ा दिखाई दे रहा है। पांच का आंकड़ा किसका है? बी का। तो इसलिए मैंने बी रख दिया। उसके बाद कौन सा है जी? छह का आंकड़ा है। तो ये दोनों का छह है, तो भैया सी, एफ मैंने इस तरीके से लेट्स से रख दिया। तो सी और एफ। अब बात समझ में आई कि किस तरीके से प्रायोरिटी जो है, वो असाइन की जा रही है और उस हिसाब से वैसे तो ओबवियसली बातें यही वैल्यू हम लोग एज अ प्रायोरिटी असाइन करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन कैसे प्लेस अप किया जा रहा है प्रायोरिटी क्यू में? होप फुली नाउ इट इज क्लियर। होप फुली पहले भैया उनका एक ग्रुप बना लो, फिर ग्रुप में देखो कि भैया किसका सबसे कम है ह्यूरिस्टिक एच वैल्यू और उसी को सबसे ज्यादा प्रायोरिटी असाइन करके इस तरीके से भैया अरेंज कर दो। तो जैसे ही डी निकल जाता है, तो आपका ये स्टेट हो जाता है अपने रिस्पेक्टिव प्रायोरिटी क्यू का। उसके बाद क्या सर जी? व्हाट आफ्टर दैट? उसके बाद गौर से देखना। देखो क्या निकला? सबसे पहले क्या निकला था? ये फाइनल पाथ सॉल्यूशन बनते जा रहा है अपना। देखो बनते जा रहा है। सबसे पहले क्या निकला था अपना? ए निकला था। सबसे पहले क्या था? ए था। उसके बाद क्या निकला था जी? डी निकला था। मतलब इनको लेट्स से हमने विजिट कर दिया है। अब इनको विजिट कर दिया है, तो आप ऐसे कह सकते हैं कि यार ये मामला जो है, अपना फाइनल पाथ बनते जा रहा है। ए के बाद डी निकला। अब डी के बाद क्या निकलेगा? सर जो सबसे पहले आगे होगा क्यू में, वही पहले निकलेगा। तो सर जी, उसके बाद ई निकला। अब जब ई निकल जाता है, तो सर जी ई के आगे क्या है? आई, जे। अच्छा, फिर से वही मामला हो जाएगा। तो अब हमारे पास पॉसिबल ऑप्शंस क्या-क्या आ जाएंगे? देखो जी, वापस हम क्या रखेंगे? देखो बी, सी और एफ ये तो पहले से था। ऊपर से भैया यहां पे जे और आई अलग से आ गया। अब आई क्या बोल रहा है? जीरो। क्या बोल रहा है जी आपका यहां पे? अ इसकी रिस्पेक्टिवली नहीं। आई तो 10 बोल रहा है भैया, इसकी रिस्टिक वैल्यू बहुत ज्यादा है, तो इसको सबसे लास्ट में रखो। इससे कम किसकी? जी, एफ की है। देखो यहां पे लिख के रखा है। ये 10 है, फिर ये सिक्स है, इसकी सिक्स है, इसकी फाइव है, इसकी जीरो है। तो सबसे कम तो जीरो है, इसलिए उसको आगे रख दिया। और जीरो किसकी होती है? जो कि गोल नोड होता है, क्योंकि उसका खुद के साथ का डिस्टेंस जीरो ही होगा। और फिर फाइनली ई को निकालने के बाद भैया, अपन जब जे को निकालते, जो कि फाइनल निकल जाता है, तो हमारी ये एक अल्टीमेट जो है फाइनल सॉल्यूशन पाथ निकल के आ जाता है। ए से डी से ई और ई से जे। ये वाला मामला अपने को बेस्ट फर्स्ट सर्च में समझना है। ये पूरा मैकेनिज्म इस तरीके से काम कर रहा है। तो चलो जी, अब आगे बढ़ते हैं और एक और एल्गोरिथम है भैया हिल क्लाइंबिंग एल्गोरिथम। बड़ा मेहनत का काम करवाना चाहता है। बोलता है हिल को क्लाइंब करो। जैसा नाम है जी, वैसे ही उसका काम है। और ये जो काम है, स्टेप वाइज डिटेल में आपके सामने मैं रखने वाला हूं। और कौन-कौन से भैया यहां पे आप प्रॉब्लम्स फेस कर सकते हो, इसके बारे में क्वेश्चन आपको पूछा जा सकता है, वो बड़ी डिटेल में विजुअली आपके सामने मैं पेश करना चाहूंगा। तो चलो पहले एक हिल बना लेते हैं। अब ये जो हिल है, ये अपने को क्लाइम करना है। अब मुझे बताइए कब हम कहेंगे कि हमने हिल जो है सक्सेसफुली क्लाइम कर लिया है? जब हम हिल के चोटी पे पहुंच जाएंगे, बराबर है कि नहीं? ये देखो हिल की चोटी, यानी कि ये आपका हाईएस्ट पॉइंट है। ये आपका हाईएस्ट पॉइंट है। इसके ऊपर भैया पहाड़ खत्म। इसके ऊपर पहाड़ खत्म भाई साहब। इसके ऊपर कुछ हो नहीं है। तो ये आपका हाईएस्ट पॉइंट है आपके हिल का। तो इसे बोलते हैं अपन अपना रिस्पेक्टिवली जीएम। गुड मॉर्निंग। अरे भाई साहब, ग्लोबल मैक्सिमम। ये होता है आपका ग्लोबल मैक्सिमम। यहां तक हम भैया रीच आउट करना है। तो क्या उड़ के जाओगे? नहीं सर जी, क्लाइंबिंग बोला है, मेहनत करनी है। सर जी, हम लोग ग्राउंड से शुरू करेंगे, स्टेप बाय स्टेप, स्टेप बाय स्टेप चलते चलो, कदम आगे बढ़ाते चलो और भैया अपने रिस्पेक्टिव जो चोटी है, हिल की, वहां तक पहुंच जाओगे। लेकिन यहां पर एक बात अंडरस्टैंड करनी है, याद रखना। ये हमारा जो ग्लोबल मैक्सिमम है, जहां तक हमें पहुंचना है, वो एक तरीके से आप समझ लो हमारे प्रॉब्लम का सॉल्यूशन है। अब जैसे-जैसे हम अपने सॉल्यूशन के पास पहुंचते जाते हैं, कैसे पहुंच रहे हैं भैया? जब हम इस डायरेक्शन में जा रहे हैं, बराबर? जब हम इस डायरेक्शन में जा रहे हैं, यानी कि हम अपने सॉल्यूशन ग्लोबल मैक्सिमम के बहुत ज्यादा नजदीक, पास, पास, पास, पास पहुंचते जा रहे हैं। तो यानी कि अपना हर स्टेप जो अपने इस ग्लोबल मैक्सिमम की तरफ बढ़ेगा, उस स्टेप की जो है वैल्यू है, वो पहले वाले स्टेप से ज्यादा रहेगी। क्यों? क्योंकि वो स्टेप जो अभी आपने लिया है, ऊपर की तरफ, इस डायरेक्शन में, पर्वत की तरफ, एक तरीके से चोटी की तरफ, ग्लोबल मैक्सिमम की तरफ, जो लिया है, वो आपको उसके और नजदीक पहुंचा रहा है। और जो भी आपको अपने सॉल्यूशन के नजदीक पहुंचाता है, वो आपके लिए बहुत ज्यादा वैल्यूएबल है। इसकी हाईएस्ट वैल्यू, इसकी प्रायोजन होती है। ये बात समझनी है। तो अगर आप देखेंगे, ये वाला स्टेप, इसकी वैल्यू लो होगी, एज कंपेयर्ड टू इसकी वैल्यू। ये हाई होगी। बात समझ पा रहे हो? इसकी वैल्यू हाई होगी, जो आप नेक्स्ट स्टेप रखोगे, अगर वो इस डायरेक्शन में रख रहे हो, तो उसकी वैल्यू हाई होगी। लेकिन इसी का कन्वर्स नेचर क्या होता है कि अगर आप पर्वत को लाइक चढ़ने की जगह उतर रहे हो, यहां पे उतरी कर रहे हो, उ उतरन। क्या बोलते हैं वो सीरियल का नाम क्या ले रहा हूं भैया मैं? एक तरीके से यार आप जो है उतरने का प्रयत्न कर रहे हो यहां पे अपने रिस्पेक्ट हिल से। तो यहां पे गौर से देखिएगा कि आप ग्लोबल मैक्सिमम से दूर जाने का प्रयत्न कर रहे हो। तो अब इस केस में, ये वाला जो आपका स्टेप है, इसकी वैल्यू हाई होगी, एज कंपेयर टू द नेक्स्ट वन। व्हाई? बिकॉज़ द नेक्स्ट स्टेप दैट यू हैव टेकन इज जस्ट टेकिंग यू अवे फ्रॉम द ग्लोबल मैक्सिमम, फ्रॉम द सॉल्यूशन। तो जो भी आपको अपने मकसद से दूर लेके जाए, सॉल्यूशन से दूर लेके जाए, तो भैया आपके मन में उसके लिए थोड़ी इज्जत कम हो जाती है, उसकी वैल्यू थोड़ी कम हो जाती है, प्रायोरिटी थोड़ी कम हो जाती है। वही सेम लॉजिक अपने को यहां पे अंडरस्टैंड करना है। बात समझो कि नहीं? अगर ही तो चलो भैया उसके रिस्पेक्टिव वन बाय वन स्टेप्स कंसीडर करते हैं। जैसे कि मैंने सबसे पहले बता दिया कि प्रॉब्लम तो इनपुट दोगी और यहां पे जो लोकल वेरिएबल स्टेप्स कह लीजिए, स्टेट्स कह लीजिए, वो रहेंगे करंट एंड नेबर। यहां पे इन दोनों के साथ ही अपन डील करने वाले हैं। करंट, नेबर, करंट, नेबर, करंट, नेबर। दैट्स इट। ठीक है? अब इनिशियली हम करंट किसे बनाते हैं? करंट किसे बनाते हैं? कि देखो जी, अभी शुरुआत जहां से करनी है, इनिशियली तो ये देखो, पहला कदम तो यही होगा ना पर्वत चढ़ने का, जो एक तरीके से पहला कदम है, वो यही है। तो दैट इज द इनिशियल स्टेट। दैट इज व्हाट वी कॉल इट एज अ इनिशियल स्टेट ऑफ द गिवन प्रॉब्लम। तो ये आपका इनिशियल स्टेट है, जिसकी मैं एक नोड बनाऊंगा, जो कि बोलूंगा भैया करंट नोड है, करंट स्टेट है, करंट स्टेप है, जो भी कहना चाहे भैया कह सकते हो। ठीक है? अब चलो करंट तो बन गया। अब मैं क्या करता हूं लूप में एंटर करता हूं और लूप में मुझे क्या करना है? व्हाट आई हैव टू डू इज मुझे पहले तो नेबर तलाश करनी है। अब नेबर कैसे तलाश करना है? देख लो जी, यहां पे मुझे क्या करना है, जो मेरा हाईएस्ट वैल्यूड सक्सेसर स्टेप रहेगा, यानी अगला जो मेरा हाईएस्ट वैल्यूड स्टेप रहेगा, ऑफ द करंट, ऑफ द करंट, यानी कि करंट के आगे, जो कि इस डायरेक्शन में जा रहा होगा, जिसकी हाईएस्ट वैल्यू होगी, एज कंपेयर्ड टू द करंट, वो मुझे लेट्स से नेबर यहां पे इस तरीके से चुनना है। एंड ऑब् वियस सी बात है, उसके बाद कंपैरिजन भी करना है। जरूरी नहीं यार कि देखो यहां पे जो है, आपका करंट जो है, इस डायरेक्शन में जा रहा है, तो ठीक है, अगला वाला जो रिस्पेक्टिव आपका नेबर रहेगा, वो तो हाईएस्ट वैल्यूड रहेगा। लेकिन अगर इस डायरेक्शन में जा रहे हो, तो अगर इस डायरेक्शन में जा रहे हो, तो भैया अगर आपका करंट ये है और भैया आपका रिस्पेक्टिवली नेक्स्ट ये है, तो ये नेक्स्ट की वैल्यू तो कम होगी, करंट की ज्यादा होगी। तो ये दोनों सिनेरियो मैंने पहले ही आपको इसलिए बता दिए थे, ताकि आप इस चीज को अच्छी तरह समझ पाओ, जो कि कंडीशन यहां पे रखी गई है कि आपके नेबर नोड या नेबर स्टेट या नेबर स्टेप की जो वैल्यू है, अगर वो लेस देन इक्वल टू द वैल्यू ऑफ करंट निकलती, जैसे कि इस सिनेरियो में, जैसे कि इस सिनेरियो में, ये क्या है जी आपका? ये देखो, ये वाला जो है, ये आपका करंट है। ये वाला जो क्या है आपका? नेक्स्ट है, यानी कि नेबर है। तो यहां पे आप देख सकते हैं कि जो आपका नेबर की वैल्यू होगी, वो लेस देन होगी, वो लेस देन होगी, देन योर रिस्पेक्टिव करंट, क्योंकि आप यहां पे पर्वत को चढ़ नहीं रहे हो, आप यहां पे उतरने का प्रयत्न कर रहे हो। तो इस केस में अपन क्या बोलेंगे? नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं भाई, उतरना नहीं है, उतरना नहीं है, उतरना नहीं है, सॉल्यूशन से दूर चले जाओगे। तो आपको क्या करना करना है? अगर ये कंडीशन ट्रू रही, इफ दिस कंडीशन होल्ड्स, देन रिटर्न द करंट स्टेट। देन रिटर्न। तो आप यहीं से रिटर्न कर जाओगे और यहीं पे रुक जाओगे, बराबर है कि नहीं? बात समझ में आ गया? तो ये फंडा यहीं पे रुक जाएगा कि नीचे उतरना नहीं है, भैया अपने को सॉल्यूशन से दूर जाना नहीं है। लेकिन लेकिन लेकिन मान लो ये कंडीशन उल्टी रही, ऐसी तो यानी कि इस सिचुएशन में, यहां पे लेट्स से इसको हटाओ यहां से। यहां पे आपने शुरुआत की थी करंट स्टेट और ये उसके आगे का लेट्स से, जो कि इसी डायरेक्शन में जा रहा है, पर्वत के इसी डायरेक्शन में जा रहा है, तो ये जो आपका रिस्पेक्टिव नेबर है, इसकी तो अभी ओबवियस सी बात है वैल्यू तो हाई होगी, वैल्यू तो करंट की तुलना में हाई होगी। अगर वो हाई होगी, तो भैया ये वाली कंडीशन आपकी फॉल्स होगी। आप एल्स में आओगे और क्या बोलोगे? क्या बोलोगे कि जो अब ये मेरा

नेबर नोड है, नेबर स्टेट है। अब ये मैं इससे करंट बना दूंगा और अगला नेबर ढूंढने में लग जाऊंगा। बात क्लियर है? बात समझ में आ रही है? अगर अभी भी नहीं समझ में आ रही होगी तो भैया, अपन जो वो एट पजल वाला प्रॉब्लम लिया था ना, एट पजल, एट पजल जो एक तरीके से 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 और एक ब्लैंक स्पेस था, वही वाला प्रॉब्लम आपके सामने मैं रखता हूं, जिससे कि हिल क्लाइंबिंग एल्गोरिथम कैसे ऑपरेट कर रहा है, बढ़िया तरीके से आपको समझ में आ जाएगा। जो ह्यूरिस्टिक का नेचर उसमें अपन ने लगाया था ना, सेम वही मिलता-जुलता नेचर अपने को हिल क्लाइंबिंग में भी इंप्लीमेंट होते हुए देखने को मिल जाएगा।

जैसे कि ये अपना एट पजल का प्रॉब्लम है। लेट्स से ये मेरा स्टार्ट स्टेट है। ये क्या है भैया? स्टार्ट स्टेट है और मेरे पास एक रिस्पेक्टिवली गोल्ड स्टेट रहेगा, सही बात है? अब इनिशियली इसकी ह्यूरिस्टिक क्या है? लेट्स कंसीडर इसकी इनिशियली ह्यूरिस्टिक वैल्यू फाइव है। यानी क्या, आपका जो स्टार्ट स्टेट है, इनिशियल स्टेट है, जो कि आपका अभी यहां पे करंट कहलाएगा, जो अभी इनिशियली आपका करंट कहलाएगा, उसकी जो 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 इन आंकड़ों की जो पोजीशन है और जो गोल स्टेट में 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 इन आंकड़ों की जो पोजीशन है, उनमें में पांच ऐसे आंकड़े हैं, डिजिट्स हैं, जो कि मिस्प्लेस हैं, जो कि मिस्प्लेस हैं। अब ये मिस्प्लेस क्या होता है, ह्यूरिस्टिक वैल्यू कैसे डिसाइड करते हैं, वो हम पहले भी देख चुके हैं, ठीक है? तो यहां पे सिर्फ सिंपलीसिटी के लिए मैं ब्लैंक रख रहा हूं। अब इनिशियली h = 5 कैसे है, वो मैंने आपको बताया।

अब यहां कितने पॉसिबल मूव्स हो सकते हैं? चलो बेस्ट केस में हम बोलते हैं, ये अप जा सकता है, ये डाउन जा सकता है, ये लेफ्ट जा सकता है, ये कहां जा रहा है? तू कहीं नहीं जाना भाई, रुक जा। ये राइट जा सकता है, बराबर है? तो ये पॉसिबल मूव्स हैं। तो यहां पे भैया एक स्टेट आ जाएगा, अब जाने के बाद एक और पॉसिबल स्टेट आएगा, एक और पॉसिबल स्टेट आएगा, एक और पॉसिबल स्टेट आएगा, बराबर है? अब लेट्स से इनकी ह्यूरिस्टिक वैल्यू कुछ इस तरीके से है, h = 4 है, इसकी भैया सिक्स है, इसकी भैया सेवन है, इसकी भैया एट है। अब मुझे आप खुद बताइए, अब खुद बताइए, इसमें से हाईएस्ट वैल्यूड कौन होगा? याद रखिए, ये मिनिमाइजेशन प्रॉब्लम है, अपना रिस्पेक्टिव एट पजल वाला मिनिमाइजेशन है, क्योंकि अपने को जो है, रिस्पेक्टिवली ह्यूरिस्टिक वैल्यू कम करते जानी है। तो यहां पे हाईएस्ट वैल्यूड, हाईएस्ट वैल्यूड स्टेट क्या होगा? जिसकी ह्यूरिस्टिक वैल्यू सबसे कम होगी, वो हाईएस्ट वैल्यूड स्टेट होगा। तो अभी इस केस में सर जी, ह्यूरिस्टिक वैल्यू इसकी कम है, यानी कि ये मुझे सॉल्यूशन की तरफ लेके जा रहा है, यानी कि ये मुझे गोल्ड स्टेट की तरफ ले जा रहा है, तो मैं इसका चुनाव करता हूं। ये मेरा बन गया रिस्पेक्टिवली वो एक अगला स्टेप जो मैं लूंगा।

अब इसके आगे भी फर्द इसी तरीके से जाएंगे, इसमें भी भैया मूव्स होंगे, उसमें भी जो सबसे कम ह्यूरिस्टिक वाला होगा, उसी का मैं चुनाव करूंगा, आगे जाऊंगा और इनको मैं एंटरटेन नहीं करूंगा, इनको मैं एक तरीके से बिल्कुल एंटरटेन नहीं करूंगा, इनको मैं एक तरीके से बिल्कुल एक्सप्लोर नहीं करूंगा। ये बेसिक सेंस में अपने को बात समझनी है, जो कि यहां पे भी इंप्लीमेंट की जा रही है। तो यहां मैंने क्या किया कि मेरा पहले ये करंट था, अब मैंने क्या किया इसे करंट बना दिया। अब मैंने क्या किया इसे करंट बनाया और अब फिर आगे वापस से और और नेबर सर्च आउट किए। लेट्स से अब यहां पे थ्री है, लेट्स से यहां पे थ्री है और फिर अब यार इनके पास जो है सिक्स है और लेट्स से यहां पे सेवन आ गया, ठीक है? तो ये जो स्टेट है यार, ये तो पहले की तुलना में लाइक ये फोर है, ये थ्री है और ये तो पहले से बेटर है, ये तो पहले से बेटर है, तो मैं क्या करता हूं, अब इसको करंट बना लेता हूं, ठीक है?

अब इसमें एक प्रॉब्लम आता है। प्रॉब्लम क्या आता है, वो आपके सामने मैं रखना चाहूंगा कि फर्द ऑन चलो इसमें भी मैं मूव्स परफॉर्म करता हूं और यहां पे मेरे दो स्टेट्स कुछ इस तरीके से जनरेट होते हैं। अब गौर से देखना मामला क्या है, तो यहां पे गौर से देखना भैया, अब ये जो मेरी लेट्स है, यहां पे आपने अप मूव किया होगा, राइट मूव किया, जो भी है भैया, यहां पे मेरा रिस्पेक्टिव ह्यूरिस्टिक वैल्यू आ जाता है, लेट्स से फोर और इस स्टेट का भी भैया वैल्यू आ जाता है फोर। अरे अब तो मैं थोड़ा अचंभे में पड़ गया कि भैया मुझे लगा थ्री से कुछ और कम मिलेगा, टू होगा, वन होगा, फिर फाइनली जब मैं जीरो पे रीच आउट करूंगा तो मैं बोलूंगा कि मैं गोल पे पहुंच गया, लेकिन अब तो ये मामला कुछ अलग दिखाई दे रहा है यार। ये तो एक तरीके से इनका जो सिग्निफिकेंट है, प्रायोरिटी है, आगे वाले मेरे स्टेट जो हैं, उनमें से मैं किसको चुनूं? मैं किसी को चुन ही नहीं सकता क्योंकि यहां पे रिस्पेक्टिवली ये वाली कंडीशन आपकी सेटिस्फाई हो रही है, ये वाली कंडीशन आपकी सेटिस्फाई हो रही है। है कम इंपॉर्टेंस है भैया अगले वाले जो आपके नेबर्स हैं, उनका इंपॉर्टेंस कम है, तो मैं क्या करूं भैया? मैं कहां जाऊं? तो मैं एक काम करता हूं, यहीं से रिटर्न निकल जाता हूं, यहीं से रिटर्न निकल जाता हूं और बोल देता हूं कि चलो भैया, यहां तक मैं पहुंच गया हूं।

लेकिन ये क्या आपका ऑप्टिमल सॉल्यूशन है? ग्लोबल सॉल्यूशन है? बेस्ट सॉल्यूशन है? क्या आप ग्लोबल मैक्सिमम तक पहुंचे हो? क्या ग गोल्ड स्टेट तक पहुंचे हो? नहीं सर जी, क्योंकि अगर मैं गोल्ड स्टेट तक पहुंच जाता तो मेरी ह्यूरिस्टिक वैल्यू जीरो होनी थी सर, इस पर्टिकुलर पजल प्रॉब्लम है, लेकिन नहीं हुआ। इसी को बोलते हैं ग्लोबल मैक्सिमम प्रॉब्लम, यानी कि आप यहां पे चढ़े, चढ़े, चढ़े, चढ़े, यहां तक पहुंचे और यहां तक पहुंचने के बाद जब नीचे जा रहे थे, नीचे जा रहे थे, तो नीचे नहीं जा सकते ना? यही तो अपना हिल क्लाइंबिंग एल्गोरिथम बोल रहा है कि नीचे नहीं जा सकते, क्योंकि नीचे गए तो अगर ये आपका नेक्स्ट है और ये आपका करंट है, तो इस केस में करंट की वैल्यू जो है, आपकी रिस्पेक्टिवली हाई होगी एज कंपेयर्ड टू नेक्स्ट और यही सेम चीज मैं यहां पे इस कंडीशन में बता रहा था कि भैया ये सेटिस्फाई हो जाएगी जब आप उतरने लगते हो, तो ये कंडीशन सेटिस्फाई हो जाएगी और जब ये सेटिस्फाई हो जाएगी, तो आप क्या करोगे भैया? यहीं से कल्टी मार लोगे, यानी कि अपना करंट स्टेट रिटर्न कर दोगे। ये बेसिक बिहेवियर, ये बेसिक प्रॉब्लम आपको लोकल मैक्सिमम में समझनी है। आपको लगेगा आप सॉल्यूशन तक पहुंच गए हो, लेकिन ऐसी बात नहीं है जी, ये तो लोकल मैक्सिमम है। अभी तो भैया ग्लोबल मैक्सिमम, यानी ह्यूरिस्टिक वैल्यू जीरो तक पहुंचना टाइम था, बाकी था जी, उससे पहले ही आपने आनंद खुशी मनाना जो है शुरू कर दिया है और यही जो सबसे बड़ा यहां पे कारण आप देख सकते हो कि कंप्लीट कंस्ट्रेंट या ऑप्टिमेलिटी के केस में ये आपको सबसे बड़ा ना करता है कि भैया कंप्लीट है ना, ऑप्टिमल आंसर देगा, सॉल्यूशन देगा ना, तो ये ना जो है आपको हिल क्लाइंबिंग एल्गोरिथम में देखने को मिल जाएगा।

साथ ही साथ ऐसा नहीं कि इतने ही प्रॉब्लम होते हैं। एक और है भैया प्लेटो, बड़ा पॉपुलर नाम है भैया, जहां पे आपको एक तरीके से एक कांस्टेंट स्टेट में आप रहते हो, मतलब यहां तक आपने लेट्स से चढ़ाई कर दी, उसके बाद जो रिस्पेक्टिव वैल्यूज आपको मिलती जा रही है, ये वैल्यूज आपको मिलती जा रही है, प्राप्त होती जा रही है, वो ऑलमोस्ट सेम ही है। वो इट्स लाइक भैया कि आप फर्श पे चल रहे हो, डोंगर पहाड़ तो ऐसा होता है ना, आप भैया एक ही सेम प्लेन पे चले जा रहे हो, तो ये प्लाटू प्रॉब्लम होता है, ये भी यहां पे दिक्कत देता है, ठीक है? साथ ही साथ आता है रिज वाला प्रॉब्लम। रिज वाला प्रॉब्लम बड़ा इंटरेस्टिंग है। चलो इसको ना यहां पे थोड़ा थोड़ा साफ सफाई कर देते हैं ताकि रिज वाला प्रॉब्लम अपने को अच्छी तरीके से समझ में आ जाए, क्योंकि यहां पे डायरेक्शन का खेल है। अब देखो जरा गौर से नोटिस करना है, यहां पे डायरेक्शन एक रहती है, सिर्फ एक ही रहती है। पहाड़ को चढ़ते वक्त इस तरीके से डायरेक्शन रहती है, सिर्फ और सिर्फ ऐसी डायरेक्शन रहती है, बस यही डायरेक्शन में रहता है, ऐसे गया, ऐसे गया, बस यही डायरेक्शन रहती है।

रिज जो है, इट्स काइंड ऑफ अ स्पेशल टाइप ऑफ अ वेरिएंट ऑफ लोकल मैक्सिमम प्रॉब्लम इटसेल्फ, उसी का एक स्पेशल वेरिएंट है। वो कैसे बोलता है कि आप देखो जी, यहां पे आप पहार चढ़ रहे हो, यहां तक मामला ठीक है, ओके, इस तरीके से मामला है, लेकिन इसके अगर दूसरे डायरेक्शन में जाओगे, दूसरे डायरेक्शन में जाओगे, तो आपको ग्लोबल मैक्सिमम मिल जाएगा, मतलब यहां की जो हाइट थी और इसकी जो हाइट है, वो थोड़ी अबब है, ज्यादा हाई है, बराबर है? इस तरीके से, लेकिन यार आपका डायरेक्शन तो आपको पता है, आप यहां से जाओगे, यहां उतरो ग, यहां से जाओगे, यहां से उतरो ग, एक ही डायरेक्शन में जाते हो, तो आप जो है, यहां पे ये डायरेक्शन नहीं ले सकते, जो कि ग्लोबल मैक्सिमम तक अपने को पहुंचाएगा। ये नहीं ले सकते, आपको भैया यहीं से ऐसा रिटर्न जाना पड़ सकता है, यही रास्ता लोगे, क्योंकि यहां पे वन डायरेक्शनल, एक ही डायरेक्शन में पाथ चलता है। इस डायरेक्शन में नहीं जा पाओगे और यही सबसे बड़ी दिक्कत आपको रिज में जो है, नोटिस करने को मिल जाएगी। बात क्लियर है? सिंपल है? समझ में आ गई जी?

अपने ए स्टार एल्गोरिदम तो ये तो भैया अलग से बताने की जरूरत नहीं है कि ये एक इफॉर्म सर्चिंग टेक्नीक एल्गोरिथम है, स्ट्रेटजी है, बराबर है? अब ये करता क्या है और जो करता है, वो कैसे करता है, ये देखते हैं, समझते हैं। तो यहां पे एक इवैल्यूएशन फंक्शन होता है। पहले भी हमारे पास जो हिल क्लाइंबिंग था, उसमें भी ये f(n) आप ऐसे कंसीडर कर सकते हो, जो एक इवैल्यूएशन फंक्शन था, जिसका डायरेक्टली भैया ह्यूरिस्टिक वैल्यू जो भी हमारी रहती थी, वो डायरेक्टली हमारी इवैल्यूएशन फंक्शन की वैल्यू हो जाती थी। डायरेक्टली मतलब, व्हाट एवर द ह्यूरिस्टिक वैल्यू इज देयर, वो हमारी इवैल्यूएशन फंक्शन की वैल्यू बन जाती थी, जो हमने इससे पहले बेस्ट फॉर सर्स देखा, हिल क्लाइंबिंग वाला फंडा देखा, वो डायरेक्टली भैया वैल्यू यहां पे असाइन कर दी जाती थी, वही वैल्यू रहती थी। लेकिन यहां पे हमने एक और न्यू एलिमेंट ऐड कर दिया। एक और, ए स्टार एल्गोरिदम में हमने ये तो रखा ही, ये जो भैया अपनी ह्यूरिस्टिक फंक्शन, ह्यूरिस्टिक वैल्यू यहां देखने को मिलने वाली है, वो तो यहां रखी ही है, वही तो अपना बेसिक कोर नेचर है, इफॉर्म सर्चिंग का, ह्यूरिस्टिक सर्चिंग का। लेकिन उसके साथ-साथ मैंने f(n) एक और फंडा ऐड कर दिया, एक और फंक्शन ऐड कर दिया, वो हमें क्या बताता है? हाउ मच यू ट्रैवल्ड फ्रॉम इनिशियल नोड और ह्यूरिस्टिक क्या बताता है? एस्टीमेट कॉस्ट फ्रॉम आ टूज। मतलब देखो, यहां पे लेट्स से एक मेरा आई नोड है, आपने ये स्टार्ट नोड है, ये गोल नोड है, यानी कि ये स्टार्ट स्टेट है, आई स्टेट है, इंटरमीडिएट स्टेट इसलिए आई बोला, यहां पे और ये गोल स्टेट है। अब देखो जी, यहां पे मामला किस तरीके से ऑपरेट कर रहा है? एस से भैया आई तक आपने लेट्स से कुछ ट्रैवल कर लिया, कुछ कदम आपने लेट्स से चल लिए हैं, तो कितने कदम चले? हाउ मच यू हैव ट्रैवल्ड फ्रॉम द इनिशियल स्टेट टू दिस रिस्पेक्टिव स्टेट या फिर नोड ए, लेट्स से नोड आई यहां पे बोलता हूं, तो यहां तक भैया आपने कहां तक, इनिशियल से ए से लेके भैया आई तक जो आप चले हो, कितना ट्रेवल किया है, वो बताने का प्रयत्न जो है, वो आपका जी ऑफ एन करता है और उसके आगे का जो मामला है, यानी कि आई से जी तक मैं आपको क्या एस्टिमेशन दे सकता हूं? एस्टिमेटर कॉस्ट कि भैया आई से जी तक आपको मैं पहुंचा सकता हूं, जैसे कि हमने पहले भी देखा था, जब हम लोग बेस्ट फॉर सर्स देख रहे थे, तो वहां पे ह्यूरिस्टिक वैल्यूज थी, तो मैंने वही बताया था कि इतने टाइम यूनिट में, एक तरीके से यार, ये नोड से आपको मैं गोल नोड तक पहुंचा दूंगा, तो जो सबसे सस्ते में पहुंचाएगा, उसी की रिक्षा में अपन बैठेंगे और गोल नोट तक जाएंगे, ये बताया था कि नहीं? वही सेम फंडा यहां पे h(n) का अप्लाई हो रहा है, बस ये एक एडेड फैक्टर है, जो कि हमारी काफी ज्यादा सहायता करेगा। कैसे करेगा? चलो उसे एक एग्जांपल के साथ सॉल्व, एग्जांपल के साथ समझने का प्रयत्न करते हैं।

एस, ए, बी, वाई, एक्स, सी, डी और ये मेरा रिस्पेक्टिवली गोल्ड नोड है। इसमें सबसे पहले ही बात बता देता हूं कि कंप्लीट कंस्ट्रेंट एंड ऑप्टिमेलिटी जो कंस्ट्रेंट है, वो एक तरी से यहां पे फुल्ली सेटिस्फाई होता है। यहां पे वो कंप्लीट भी होगा और एल्गोरिदम भैया ऑप्टिमल सॉल्यूशन भी आपको देगा, ये बात अपने को अंडरस्टैंड करनी है। और यहां मैंने क्या लिख रखा है सर? ए, बी, सी, डी, एक्, वाई। यानी कि ये वो रिस्पेक्टिव आपके नोड्स हैं, वहां से उस नोड से लेके ई तक पहुंचना, कितने में पहुंचाएंगे, वो जो ह्यूरिस्टिक वैल्यू है, वो जो एच वैल्यू है, जो कि आपके हर एक रिस्पेक्टिव स्टेट या नोड के साथ एसोसिएटेड होगी, वो यहां पे मेंशन करके रखी है। आप कंफ्यूज मत होना, ये सिर्फ एस्टीमेट कॉस्ट है, ये आपकी एस्टीमेट कॉस्ट है और ये जो एजेस के ऊपर यहां पे वैल्यू लिखी है, ये आपकी एक्चुअल कॉस्ट है। ये डिफरेंस आपको समझ में आना चाहिए, कंफ्यूजन नहीं होना चाहिए। जस्ट एक एस्टिमेशन है कि भैया A से जो है, आपको E तक जो है, मतलब A नोड जो है, आपको सीधा-सीधा पांच यूनिट टाइम में, लेट्स से यहां पे पहुंचा देगा या 5 मिनट में यहां, लेट्स से अगर मिनट के हिसाब से सोचे, 5 मिनट में पहुंचा देगा। B बोल रहा है 6 मिनट में पहुंचा देगा, C बोल रहा है 4 मिनट में पहुंचा दूंगा, D बोल रहा है भैया 15 मिनट में पहुंचा दूंगा, X बोल रहा है 5च मिनट में, Y बोल रहा है आठ मिनट में। तो ये एक एस्टिमेशन है, एक एस्टिमेशन है, बात समझ में आ रही है?

अब देखते हैं ये काम कैसे कर रहा है। तो शुरुआत तो जी सर जी, हम लोग जो है, एस से ही करेंगे, स्टार्ट स्टेट से ही करेंगे। तो सबसे पहले हम उसी एक्सपेंड करते हैं। जब हम इसे एक्सपेंड करते हैं, गौर से देखना, ये जो आपके स्टेप्स हैं, ये बार-बार हर नोड पे रिपीट होने वाले हैं, तो पहले इसे देख लो कि जब कोई नोड एक्सपेंड हो रही है, तो किस तरीके से उसका जो इवैल्यूएशन फंक्शन है, वो कैरी आउट किया जा रहा है, क्योंकि जब मैं इसे एक्सपेंड करता हूं, तो मेरे पास यहां पे दो उसके चिल्ड्रन हैं, यानी कि दो एक्सटेंशन, दो सक्सेसर्स हैं, A और B। ये दो हैं भैया फंडे यहां पे। अब यहां पे जो दो फंडे दिख रहे हैं, इनकी ह्यूरिस्टिक वैल्यू देखो जरा, जस्ट लुक एट द ह्यूरिस्टिक वैल्यू सर, इसकी फाइव है, सर इसकी सिक्स है। अच्छा जी, ठीक है? और यहां S से लेके A तक पहुंचने में आपको कितना एक तरीके से कॉस्ट लगा? वन। S से लेके B तक पहुंचने में कितना कॉस्ट लगा? टू। यानी ह्यूरिस्टिक वैल्यू बता रही है कि A से लेके गोल नोड तक, B से लेके गोल नोड तक, और जो g(n) है, वो आपको बताता है कि S से लेके, यानी कि स्टार्ट नोट से, इनिशियल नोट से लेके भैया इस नोट तक, करंट नोट तक आने में आपको कितना टाइम लगा, कितना कॉस्ट लगा, कितना ट्रैवल आपने किया, वो आंकड़ा यहां पे एक्चुअल कॉस्ट के थ्रू आपको पता चल जाएगा। अब बात कनेक्ट हो रही है? अब बात कनेक्ट हो रही है? चलो कनेक्ट करके दिखाते हैं।

एक्सपेंड मैंने A से किया, तो सबसे पहले S से A पे जाके देखता हूं, S से मैं पे जाके देखता हूं, तो क्या मामला दिख रहा है? ये आपका g(n) + h(n) बराबर है। तो g(n) क्या है? सर वन है। अरे सिंपल है ना सर, S से लेके A तक भैया एक एक मिनट में पहुंच रहा हूं, लेट्स कंसीडर मिनट, ये टर्मिनोलॉजी लगा देते हैं ताकि इजीली आपको समझ में आ जाए, एक मिनट में तो यहां पहुंच रहा हूं और साथ ही साथ मैं ये भी बोल रहा हूं कि जब A से अब A पे अगर मैं आ जाऊंगा, तो भैया A से E पे, यानी कि अपने गोल नोट तक, जो है मैं 5 मिनट में पहुंचा दूंगा, तो टोटल भैया कितना आ गया आपका इवैल्यूएशन फंक्शन, फाइनल वैल्यू क्या आ गई? अगर मैं एक्सपेंड करता हूं S से A पे जाता हूं, तो फाइनल वैल्यू क्या आ जाएगी मेरी? सिक्स। मेरा f(n) इवैल्यूएशन फंक्शन फाइनल वैल्यू इज सिक्स।

अब मैं करता हूं भैया S से B पे जाने की बात। अब S से B पे जाने की बात करता हूं, तो सर जी यहां पे g(n) क्या है? g(n) S से B पे, इनिशियल नोट से भैया B नोट तक आने के लिए कितना भैया मेरे को ट्रेवल करना पड़ा? 2 मिनट लगे, तो भैया यहां पे मैंने क्या लिख लिया? 2 मिनट और प्लस B क्या बोल रहा है? ह्यूरिस्टिक वैल्यू क्या है? 6 मिनट में पहुंचा दूंगा, 6 मिनट। तो टोटल कितना हो गया? आठ। अब देखो, अब मजा देखो। एक तरफ A के साथ जाऊं या B के साथ जाऊं? किसके साथ जाऊं? किस सक्सेसर के साथ आगे जाऊं? सिंपल आईडिया है, मिनिमम, मिनिमम इवैल्यूएशन फंक्शन वैल्यू। यहां पे मिनिमाइज करने का प्रयत्न कर रहे हैं, मिनिमाइजेशन प्रॉब्लम है, तो मैं छह के साथ जो मिनिमम वैल्यू है, उसी के साथ जाऊंगा, यानी कि आगे फर्द में A को एक्सपेंड करने वाला हूं, यानी कि मैं B की तरफ जाऊंगा भी नहीं, मैं A की तरफ जाने वाला हूं। ये बात क्लियर है? ये बात समझ में आ रही है? लेकिन फिर भी मैं उसको जो है, यहां पे काउंट में रखूंगा, यहां पे फिर भी मैं उसको जो है, यहां पे काउंट में रखने वाला हूं, ताकि आपको चीजें जो है, समझ में आ जाए कि कहीं ऐसा ना हो कि हमें B की भी जरूरत आगे पड़ जाए, कैसे पड़ेगी, चलो अभी देखते हैं।

लेट्स से, लेट्स से जो A है, अब रिस्पेक्टिव ली A पे तो मैं अभी लेट्स से आ गया हूं, इसको सिलेक्ट कर लिया है। अब A से आगे भी मुझे जाना है, तो उसके लिए देखो दो सिचुएशंस मैं आपके सामने रखना चाहूंगा। S से A पे, अब A से आगे कहां जा सकता हूं? A से मैं Y पे जा सकता हूं, या फिर Y से मैं X पे जा सकता हूं, बराबर? ये दो सिचुएशंस हैं। अब देखो कैसे होता है, ये फंडा कैसे चलता है, उसका f(n) कैसे कैलकुलेट होता है और ये वाला फंडा तो मैंने एज इट इज, ये जो एट वाला फंडा यहां पे मैंने कंप्यूट किया था, ये एज इट इज मैंने यहां पे लिख लिया है, अंडर द एक्सपेंड A। ये एज इट इज मैंने आगे जो है प्रोपेगेटर ली, ये वैल्यू, क्योंकि इसका भी कंसीडरेशन अपन करने वाले हैं, जब मिनिम, जो इनमें से सबका निकालेंगे, तो यह भी वैल्यू जो है, कंसीडर की जाएगी, उसको भूले नहीं है, हम कंसीडर किया है।

अब ये मामला कैसे चलता है देखो, यहां क्या लिखा जा रहा है? जी, यहां सबसे पहले जो है, 1 + 4। सर ये 1 + 4 क्या है? व्हाट डू यू मीन बाय 1 + 4? अरे यहां पे बात ये चल रही है कि अगर लेट्स से मैं X नोड तक पहुंचना चाहता हूं, तो S से A, A से X, यानी कि 1 + 4, तो 1 + 4, यानी कि इनिशियल नोड से इस इंटरेस्टेड आई नोड, X नोड तक, इंटरमीडिएट नोड तक पहुंचने के लिए मेरा f(n) क्या होगा? सर, सर, फाइव होगा। एंड ओबवियस सी बात है, X क्या बोल रहा है? X क्या बोल रहा है कि सर जी, मैं आपको जो है, 5 मिनट में गोल नोट तक पहुंचा दूंगा, तो उसकी रिस्टिक वैल्यू मैंने लिख दी, तो टोटल कितना आ गया सर? 5 + 5 = 10 आ गया सर। सिमिलरली Y के साथ भी वैसा ही करते हैं। ये बोलता है 1 + 7, तब जाके Y पे पहुंचो ग, तो ये आपका f(n) हो गया और ह्यूरिस्टिक क्या बोल रहा है? Y का आठ, यानी मैं आठ मिनट में आपको पहुंचा दूंगा गोल नोट तक, तो ये 8 + 8 कितना हो गया? 16। तो सर जी, यहां पे 16 की वैल्यू है, सर यहां पे 10 की वैल्यू है और सर जी, जो पिछली बार रिजेक्ट हो गया था, जो पिछली बार रिजेक्ट हो गया था, जिस रास्ते की तरफ देखने से हमने मना कर लिया था, लेकिन अब जब उसे यहां पे एक तरीके से हमने फर्द एक्सपेंशन में प्रोपेगेट्स लेने में मजबूर किया, तो पता चल रहा है कि सबके कंपैरिजन

में तो ये बढ़िया है, ये बढ़िया है सर। ये मिनिमम है क्योंकि मिनिमाइजेशन की बात कर रहा है सर। सर जी, ये तो बढ़िया है। एट लेके चल रहे हैं आगे, बहुत सही है। तो ठीक है, फिर हम क्या करते हैं? हम सीधा भैया a से b की तरफ मुड़ जाते हैं और b से कंटिन्यू करते हैं। अब जब b से कंटिन्यू करूंगा तो भैया यहां पे देखो, जो पहले वाला मामला एस वा वो भी ऐसा का ऐसा यहां कंसीडर कर लिया। फिर उसके बाद ये ए s एक वो भी ऐसा का ऐसा यहां पे कंसीडर कर लिया। अब उसके आगे क्या करना है? s से b पे, b से c पे जा सकता हूं या d पे जा सकता हूं। ये देखो, ये बाकी मामले में कोई छेड़छाड़ नहीं है। 10 वैसा का वैसा, 16 वैसा का वैसा है। अब आगे देखो, b से मैं c पे जा सकता हूं, d पे जा सकता हूं। यहां पे मेरी रिस्पेक्टिवली g n की वैल्यू क्या होगी? फॉर c 2 + 79, d की वैल्यू क्या होगी? 2 + 1 3। तो ठीक है, यहां पे भैया मामला जो है इस तरीके से मैंने बिठा लिया है। ये d के लिए 2 + 1 3 और ये यहां पे 9 आ जाएगा तो 9 + 4 कितना होता है जी 13। ये मेरी f ऑफ n की वैल्यू आ गई। क्यों? क्योंकि c बोल रहा है, मैं उसको पहुंचा दूंगा 4 मिनट में गोल नट तक और d क्या बोल रहा है भैया 15 मिनट में पहुंचा दूंगा गोल नोड तक। तो वही आंकड़ा जो है मैंने यहां पे कंसीडर किया। आप देख सकते हैं, टोटल भैया यहां पे 18 है, यहां पे 13 है, यहां पे 10 है, यहां पे 16 है। 1 मिनट, 1 मिनट, 1 मिनट। सर जी, इन चारों में तो सबसे बढ़िया, सबसे लेस वैल्यू तो ये लग रही है मेरे को। तो भैया 10 तो मिनिमम है, तो चलो भैया इसको सिलेक्ट कर लिया गया। सिलेक्ट कर लिया गया मतलब x को अभी फर्द एक्सपैंड करना है। मतलब s से a पे आए, a से भैया x पे अभी जाना है और x को अभी एक्सपैंड करना है। तो जब अभी हम लोग x को एक्सपैंड करते हैं तो सिर्फ एक ही नोड आगे दिख रहा है भैया, जो कि हमारा e है, जो कि हमारा गोल नोड है और फाइनली हम लोग यहीं पर रुक जाएंगे, थम जाएंगे और जो हमारा यहां पर बेस्ट पाथ हमें एक्चुअल कॉस्ट जो दिखाई दे रहा है, दैट इज नथिंग बट से आप चेक कर सकते हो, आप चेक कर सकते हो। कैसे एक्चुअल कॉस्ट बोला मैंने? एक्चुअल तो हमें यहां पे जो एज के ऊपर भैया कॉस्ट है वो यहां पे कैलकुलेट करने पड़ेंगे। 1 + 4 5, 5 + 2 7। यानी कि सच में ये सबसे मिनिमम कॉस्ट है, सबसे ऑप्टिमल पाथ है जिसके थ्रू हम लोग a से भैया e तक पहुंच सकते हैं।

अब आपके दिमाग में एक बहुत बड़ा कंफ्यूजन होगा। इस कंफ्यूजन का निवारण, रेजोल्यूशन, उत्तर देना बहुत ज्यादा जरूरी बन जाता है कि सर जी देखिए, जब हम लोग एक-एक स्टेप आगे बढ़ रहे थे, एक्सपैंड कर रहे थे तो आपने ठीक है, जो बचे कुचे जो रिस्पेक्टिवली आंकड़े थे, जो सिलेक्ट नहीं हुए हैं, जैसे कि फॉर एग्जांपल सिक्स एंड एट, इसमें आपने एट को आगे फर्द एक्सपेंशन में प्रोपेगेट किया, लेकिन सिर्फ सिक्स को नहीं किया था। तो याद रखिएगा, जिस रिस्पेक्टिव आंकड़े को सिलेक्ट कर लिया जाता है, जिसके बेसिस पे आगे किस नोड को एक्सपैंड करना ये डिसाइड किया जाता है, उस आंकड़े को कभी भी फर्द आगे प्रोपेगेट नहीं किया जाता। ये बात समझनी है और ये सिर्फ इसी लेवल पे नहीं, नेक्स्ट वाले लेवल देखो। इधर क्या हुआ? एट सिलेक्ट हुआ, सही बात है। एट सिलेक्ट हुआ, क्यों सिलेक्ट हुआ? क्योंकि पहले वो सिलेक्ट नहीं हुआ तो उसको प्रोपेगेट किया। यहां पे कौन-कौन से सिलेक्ट नहीं हुए? सर 10 और 16 सिलेक्ट नहीं हुए थे। तो अगर 10 और 16 मेरे सिलेक्ट नहीं हुए थे तो मैं 10 और 16 को आगे लेके आ गया। लेकिन एट को आगे लेके आया? क्या एट को मैं आगे लेके आया? नहीं सर जी, आप तो एट को आगे लेके ही नहीं आया। आपने वहीं पे उसको जो एक तरीके से क्लोज कर दिया। उसके बाद आगे जब मैं बढ़ा तो यहां पे 16 और 10 तो प्रोपेगेट हो गए, लेकिन एक न्यू फाइंड किया मैंने 13। और अब ये 13, 18, 16 इसमें से सरज सबसे कम तो भैया 10 है। तो अब ये 10 है तो आगे ये भी फर्द प्रोपेगेट होगा, ये भी फर्द प्रोपेगेट और डायरेक्टली हम लोग x से भैया सीधा-सीधा हमारी गोल नोड जैसे ही एक्सपैंड करते हैं, उसका जो रिस्पेक्टिव सक्सेसर है वो e मिल जाता है और जैसे ही वो e मिल जाता है, हमें पता चल जाता है कि यार ये इकलौता ऑप्शन है और वही हमारा गोल नोड भी, इसलिए हमें बेस्ट पाथ मिल गया। तो ये कुछ इंपॉर्टेंट फंडे हैं, स्टेप्स हैं जो आपको ए स्टार एल्गोरिथम में पता होने चाहिए।

अब थोड़ा सा आगे बढ़ते हैं और बात करते हैं ओवर एस्टिमेशन एंड अंडर एस्टिमेशन की। क्योंकि देखो यार, ह्यूरिस्टिक वैल्यूज कंसीडर कर रहे हैं, कुछ एस्टीमेट वैल्यूज हैं, वो एक्चुअल वैल्यूज तो है नहीं। तो यार इसमें कई बार होता है कि हमारे प्रॉब्लम स्टेटमेंट में ना कई बार ओवर एस्टिमेशन हो जाता है या अंडर एस्टिमेशन हो जाता है। अब उस वजह से क्या दिक्कत तकलीफ हो सकती है? चलिए उसको जानते हैं। तो सबसे पहले तो जान लेते हैं कि ये ओवर एस्टीमेट और अंडर एस्टीमेट का बेसिक सेंस में मतलब क्या निकलता है। लेट्स से यार आप कोई चीज खरीदने निकल गए, एक पेन खरीदने निकल गए, लेट्स से एक स्टोर में, ठीक है कि नहीं? तो यार आपने दिमाग में कुछ सोचा। अब इस पेन की एक्चुअल प्राइस तो कुछ और होगी, बराबर। लेट्स से इस पेन की एक्चुअल प्राइस है ₹10, लेकिन आपने इसको एस्टीमेट किया कि यार इसकी प्राइस जो है ₹10 होगी। तो ये क्या हो गया? ओवर एस्टिमेशन ऑफ द पेन। ये ओवर एस्टिमेशन। तो ये सिनेरियो कहीं ना कहीं यहां मैच होते हुए आपको देखने को मिल जाएगा कि जहां पे आपने जो उस रिस्पेक्टिव पेन ले लो या नोड समझ लो इसको, तो इस नोड की जो एस्टिमेशन है वो आपने बहुत ज्यादा रख दी, देखो ग्रेटर देन आपने ज्यादा रख दिया एज कंपेयर टू द एक्चुअल कॉस्ट, एज कंपेयर टू द एक्चुअल डिस्टेंस, बराबर है? तो आपने एस्टिमेशन ज्यादा रख दिया है। लेकिन अगर दूसरी तरफ मैं सोचूं कि यार मैं अंडर एस्टिमेशन मतलब क्या? कि मैंने सिंपली ₹5 सोच लिया, मैंने इस प्राइस जो है इस पेन की जो है ₹5 सोच लिया। तो मैंने क्या किया? एक्चुअल से कम सोचा। यानी कि ये एक्चुअल यानी अंडर एस्टिमेशन का ये सिनेरियो है, जहां पे एस्टिमेशन ऑफ अ पर्टिकुलर नोट जो मैंने किया है, ह्यूरिस्टिक वैल्यू जो एस्टीमेट की है फॉर दैट रिस्पेक्टिव की, वो मुझे पहुंचा देगा अपने गोल नोड तक, वो एक्चुअल से कम है, वो एक्चुअल से कम है। वो आप इस सिनेरियो, इस पेन के रियल लाइफ एग्जांपल के थ्रू के समझ सकते हो कि ये रिस्पेक्टिवली ओवर एंड अंडर एस्टिमेशन का फंडा क्या होता है। E मतलब एस्टीमेट, A मतलब एक्चुअल वैल्यू, बराबर है?

अब चलो इसे एक एग्जांपल के साथ समझते हैं कि इसका क्या इंपैक्ट क्रिएट होने वाला है। सबसे पहले तो, तो देखो एक सिनेरियो एग्जांपल आपके सामने रखता हूं। ये मेरा स्टार्ट नोड है। अब स्टार्ट नोड से भैया चलो x नोड तक मुझे पहुंचने के लिए, लेट्स सी इसमें बीच में बहुत सारे नोड्स भी होंगे, लेकिन लेकिन लेकिन यहां पे जो हमारा जी रहने वाला है, जी फंक्शन g of n रहने वाला है, वो फाइव है। यानी कि इनिशियल स्टेट से आ स्टेट इंटरमीडिएट एक् स्टेट तक, इनिशियल स्टेट से आ इंटरमीडिएट y स्टेट तक जो है पहुंचने के लिए आपको 5-5 मिनट लग रहे हैं। लेट्स कंसीडर और इसके आगे आपको जी तक पहुंचाने के लिए इसका कुछ ना कुछ तो यार लेट्स से एस्टिमेशन होगा जो हम करने वाले हैं, ह्यूरिस्टिक एस्टिमेशन कि भैया ओवर एस्टीमेट कर दें, अंडर एस्टीमेट कर दें, लेकिन यहां पे ये एक्चुअल कॉस्ट ये बोलता है x g तक 10 मिनट में पहुंचाएगा, y g तक 20 मिनट में पहुंचाएगा। ये आपका एक्चुअल है। यहां पे n जो है आपका x और y है। तो यहां पे एक्चुअल कॉस्ट x बोल रहा है 10 मिनट में पहुंचाऊंगा, ये बोल रहा है 20 मिनट में पहुंचाऊंगा। बात क्लियर है? बात समझ में आ रही है? और यहां पे जो g of n वाला मामला है, वो क्या है भैया? देखो पांच-पांच, दोनों के दोनों का भैया यहां पे जो है इनिशियल से भैया उस आथ नोड तक, x y तक जो है एंथ नोड तक जो है एक तरीके से हमारा फंडा 5-5 मिनट में पहुंच रहा है। पहले केस वन कंसीडर करते हैं, ह्यूरिस्टिक वैल्यू अभी e of n भी निकालना है ना? तो पहले केस वन कंसीडर करते हैं, ओवर एस्टिमेशन। सो व्हाट आई विल डू? h of n is nothing but e of n itself, एस्टीमेट कॉस्ट जहां पे h of x पहले कैलकुलेट करता हूं, व्हिच इज नथिंग बट e of x। तो मैं बोल देता हूं 50, मैं बोल देता हूं 50, जबकि एक्चुअल में कितना है? एक्चुअल में भैया पेन ₹10 का है, लेकिन मैं बोल रहा हूं 50 का सोच के जा रहा हूं, एस्टीमेट कर रहा हूं। तो ये क्या हो गया? ओवर एस्टिमेशन। सिमिलरली y के साथ भी मैं ओवर एस्टीमेट करता हूं कि पेन की प्राइस है ₹10, पहुंचाएगा 20 मिनट में, लेकिन मैं ओवर एस्टीमेट थोड़ा सा टाइम ज्यादा पकड़ के चल रहा हूं, ओवर एस्टीमेट करके चल रहा हूं 40 मिनट में मुझे गोल नोड तक पहुंचाएगा, बराबर है? तो जी फंडा बड़ा सिंपल है, वही लगाना है अपने को f x मतलब f n वाला फंडा, वही लगाना है जो हम लोग को इवेलुएशन फंक्शन है, जिसमें g n + h n हम अप्लाई करते हैं। तो कैसा चलेगा जी ये मामला? f x x.pro सी बात है सर, हम मिनिमम के पीछे ही पढ़ते हैं। हमने पहले भी देखा था जब ये स्टार एल्गोरिथम देख रहे थे, नोड एक्सपैंड कर रहे थे, मिनिमम के ऊपर ही हम लोगों का फंडा जो है तरीके से लाइक यू नो निर्भर था, डिपेंड करता था। तो मिनिमम तो सर 45 है। तो अगर मिनिमम 45 है तो गौर से देखना, एक मिनट, एक मिनट, गौर से देखना, समझना इस बात को। s से मैं y पे आया, यहां पे पांच लगा और अब y से मैं g पे जाना चाहता हूं, बराबर है? क्योंकि मैंने किसे चुना? y को चुना। y को क्यों चुना? मैंने व्हाई हैव सिलेक्टेड वाई? बिकॉज यहां पे वो 45 आंकड़ा दिखाई दे रहा है, यहां पे क्या दिखा है वो 45, जो कि मिनिमम है, जो उसका इवेलुएशन फंक्शन वैल्यू आई वो मिनिमम है। तो यहां पे फंडा कैसे ऑपरेट करेगा? हाउ इट विल बी? पांच यहां पे एक्चुअल कॉस्ट कितनी? 20। तो यानी कि टोटल कॉस्ट यहां पे मुझे स्टार्ट नोड से जी तक पहुंचने के लिए 25 लग रही है। कितनी लग रही है जी 25 लग रही है। तो यहां पे ये हमने फाइंड आउट कैसे किया? हम लोग अपना इवेलुएशन फंक्शन गोल नोड के ऊपर भी अप्लाई करते हैं। तो अगर गोल नोड के ऊपर अप्लाई करना है तो हमें क्या करना पड़ेगा? स्टार्ट से भैया गोल नोड तक का कितना डिस्टेंस है जब हम लोग y चुनते हैं, y चुनते हैं तब कितना डिस्टेंस है? 5 + 20, जो मैंने यहां पे बताया ग्राफिकली 20, और उसका ह्यूरिस्टिक वैल्यू क्या होता है? गोल नोड का पहले ही बताया हमेशा जीरो होता है। तो 25 + 0 25। तो एक तो आप इस तरीके से सोचिए या फिर इस तरीके से इक्वेशन वाइज सोचिए, आपको आंसर एक ही मिलेगा। एक्चुअल कॉस्ट जो कि बोलता है कि मैं आपको 25 मिनट में पहुंचा दूंगा, अगर आप ये वाला रास्ता लोगे तो 25 मिनट में पहुंचा दूंगा। लेकिन आपको कहीं गलती दिख रही है? गलती दिख रही है? हां या ना? जल्दी बताइए। आप सोच रहे होंगे सर क्या बात कर रहे हो? अगर x के थ्रू जाते, सोचिए ना सर, अगर x के थ्रू जाते तो सर 15 मिनट में पहुंच सकते थे, लेकिन ये ओवर एस्टिमेशन के चक्कर में सर हम लोगों ने ये दूसरा रास्ता ले लिया और y के थ्रू यहां पे 25 मिनट में पहुंचा। सर 10 मिनट वेस्ट हो रहे हैं, बराबर है कि नहीं? यही प्रॉब्लम होती है।

अब हम आगे बढ़ते हैं और अपना जो केस टू है, फॉर द सेम सिचुएशन, अंडर एस्टिमेशन करके देखते हैं। पहले भैया क्या बोल रहा था? एक्चुअल कॉस्ट क्या है? x से भैया 10 है और यहां पे भैया y के लिए क्या 20 है। अब इसको अंडर एस्टीमेट कर देता हूं। पेन ₹10 का है, लेकिन उसे अंडर एस्टीमेट करके बोलता हूं भैया ₹5 में दे दे। यहां पे भैया 20 का है, मैं उसको बोलता हूं ₹8 में दे दे। यानी कि एक तरीके से अंडर एस्टीमेट करने का प्रयत्न किया और यही एस्टीमेट ह्यूरिस्टिक वैल्यू आपके सामने यहां पे मौजूद है। अब वही सेम फंडा जो ऊपर हमने किया था, वही अप्लाई करता हूं। gx1, g y + h y, gx5, तो वो तो सेम ही है, वो तो सेम है, पांच-पांच और यहां पे मैंने थोड़ा सा आंकड़े अपडेट कर दिए 5 एंड 8। तो 5 + 5 कितना हो गया जी यहां पे 10 हो गया और 5 + 8 कितना हो गया जी यहां पे 13 हो गया। अब मिनिमम कौन सा है? मिनिमम कौन सा है? सर जी यहां पे मिनिमम जो है कहीं ना कहीं मुझे देखने को मिल रहा है सर इन रिगार्ड्स टू x, यानी सर जी x को एक्सपैंड करना है। यानी सर जी s के बाद जो है x एक्सपैंड हो होना चाहिए। अगर मैं यहां पे x को एक्सपैंड करता हूं तो यहां सर जी देखो कॉस्ट s से x तक पहुंचने की कितनी लग रही है? सर पांच और भैया x से g तक पहुंचने की कितनी लग रही है? सर 10। तो 5 + 10 कितने हो जाते हैं? 15। तो ये जो 15 वाला आंकड़ा अपन ने जनरेट किया है, इसको एक तो भैया आप इस तरीके से विजुअली अंडरस्टैंड कर सकते हैं या फिर सीधा-सीधा इवेलुएशन फंक्शन अपन जो है यहां गोल नोड पे लगाएंगे और बोलेंगे एक्सपेंशन भैया x के थ्रू हो रहा है, यानी कि x रास्ते के थ्रू जा रहे हैं, तो उस केस में अपना g of n क्या हो जाएगा? 5 + 10 15 हो जाएगा और h of g क्या होगा? यानी कि गोल नोड की रिस्टिक वैल्यू हमें पता है हमेशा जीरो होती है। तो 15 + 0 आ जाता है 15, जो कि आपका ऑप्टिमल आंसर इस केस में दिखाई दे रहा है। तो अगर आप यहां पे ओवर एस्टिमेशन को फॉलो करोगे तो ऐसा पॉसिबल है कि आपको एक बेस्ट ऑप्टिमल पाथ ना देखने को मिले, शॉर्टेस्ट पाथ शायद आपको जो है प्राप्त ना हो, लेकिन अंडर एस्टीमेट के केस में आपके सामने मैंने 15 का आंकड़ा बेस्ट ऑप्टिमल आंसर लाके दिखा दिया है। तो इदर ऑफ द वेज ये भी चुन सकते हैं, ये भी चुन सकते हैं, किसी भी तरीके से आप यहां पे पहुंच सकते हैं। और नॉर्मली रियल लाइफ में भी यही होता है ना यार, कि जब सब्जी हम लोग लेने जाते हैं तो बारगेनिंग करते हैं कि नहीं? बारगेनिंग करते हैं कि नहीं? अब बारगेनिंग ऐसी होती है क्या? जरा सोचिए सिनेरियो को, जरा सोचिए बड़ा कॉमेडी सिनेरियो है। ऐसा कभी होता है क्या कि यार जो बेचारे सब्जी वाले काका हैं हमारे, वो बोलते हैं जी ₹20 की सब्जी है, हम ऐसा बोलते हैं नहीं नहीं, हम तो ₹40 में लेंगे, हम तो ₹40 में लेंगे? कभी ऐसा ऐसा कभी सोचा है कि यार सामने वाला अगर लेट्स से वहां पे जो है प्राइस लिखी, लेट्स से वहां पे 20 है और आप एस्टीमेट करके उसको बोल रहे हो कि नहीं नहीं नहीं, हम तो 40 में लेंगे जी? सही होगा क्या? नुकसान होगा ना? सही डील होगी क्या? नहीं ना, है कि नहीं? तो अपन क्या करते हैं? अगर जी वहां पर मुझे लग रहा है कि ये कोथंबी बोलते हैं ना धनिया, धनिया, धनिया की गड्डी अगर ₹10 की है, तो मैं तो भैया उसको बारगेन करूं, मैं तो उसको अंडर एस्टीमेट करूं, मैं बोलूंगा ₹5 में दे दो। मम्म आं बड़े कारगर होती है इस मामले में। मम्म यां बारगेनिंग मतलब वो बोलता है। अब मॉल में जाते हैं भैया, ₹1000 का टीशर्ट दिखाते हैं, बोलते हैं ₹50 में दे दो। अरे इतना भी अंडर एस्टीमेट नहीं करना होता भैया, गलत चीजें हो जाती है। टीशर्ट नहीं मिलता फिर बच्चे को। अगर इतना अंडरस्टीमेट कर दोगे तो ये भी गलत बात होती है। तो आई थिंक इस सिनेरियो सिचुएशन के थ्रू जो है आपको ये केसे दोनों केस, अंडर एस्टीमेट और ओवर एस्टीमेट का समझ में आ गया होगा।

अब थोड़ा आगे बढ़ते हैं और अपना एओ स्टार एल्गोरिथम का मामला अपने से क्या कहना चाहते हैं, उसे समझते हैं। इट्स काइंड ऑफ एक्सटेंशन आइडिया ऑफ ए स्टार एल्गोरिथम जहां पे एक्चुअल में एंड और का इस्तेमाल कर रहे हैं और यहां प्रॉब्लम डीकंपोजिशन का जो है एक तरीके से मामला इंप्लीमेंट होते हुए आपको देखने को मिल जाएगा। एक सिंपल एग्जांपल के थ्रू मैं डेमोंस्ट्रेट करता हूं एंड और वाला फंडा कैसे ऑपरेट करता है। लाइक देयर इज अ प्रॉब्लम, आई वांट अ कार। इट्स लाइक अ सॉल्यूशन टू दिस कि यार इसका सॉल्यूशन क्या होगा कि मुझे ये चाहिए, तो इसका जवाब क्या होगा? लेट से ये क्वेश्चन मैंने पूछ लिया, आई वांट अ कार, हाउ विल आई गेट इट? तो ये एक क्वेश्चन, इसका आंसर कैसे दे सकते हैं? देखिए जी, आपके पास दो ऑप्शन हैं। यू हैव टू ऑप्शंस। एक तो गाड़ी को चुरा लो, दैट इज वन ऑप्शन, या फिर एक काम करो, पहले पैसे कमाओ और फिर भैया अपनी मेहनत की कमाई से गाड़ी को खरीद लो। तो ये दो ऑप्शन हैं। तो मैंने क्या बोला? दो ऑप्शन। तो यहां पे गौर से देखना, यहां पे एक्चुअल में जो है ये आपका पहला ऑप्शन है और ये दूसरा ऑप्शन है और ये दूसरा ऑप्शन जो है कंबाइंड है बाय दिस रिस्पेक्टिव आर्क जो कि मैंने दोनों दोनों एरो के बीच में लगाया है, वो बता रहा है कि इन दोनों के बीच में एंड लगा हुआ है। अर्न मनी एंड बाय इट। अर्न मनी एंड बाय इट। तो यानी कि इन दोनों ऑप्शंस में एक तरीके से ऑप्शन एक ही है, जो कि कंबाइंड है विथ अ एंड ऑपरेटर। तो अर्न मनी एंड बाय इट। तो ये आपके एंड के अंदर आ जाता है और यहां फंडा क्या है? वांट अ कार। तो एक सीधा सिंपल सा जो सेपरेट ऑप्शन है, वो है स्टील इट। तो यहां पे अपने पास ऑप्शन वन और ऑप्शन टू। जब दोनों में से किसी एक को चुनना होता है, तो वहां पे और लगाया जाता है। ये एंड और की जुगलबंदी और इस तरीके से प्रॉब्लम को अप डीकंपोज करते जा रहे हैं। तो ये जो भैया एग्जांपल सामने दिखाई दे रहा है, इसके जरिए अपन जो है एओ स्टार एल्गोरिथम के रिगार्डिंग अपनी आइडिया क्रिस्टल क्लियर कर लेंगे, समझ लेंगे कि भैया आखिरकार मामला ऑपरेट कैसे हो रहा है, चल क्या रहा है भैया। इसका उत्तर जो है आप तक मैं पहुंचाऊंगा। तो लेट्स से इनिशियली भैया मेरे को एक प्रॉब्लम दे दिया गया है, उसके सॉल्यूशन तक जो है मुझे पहुंचना है। आई वांट द आंसर ऑफ दैट क्वेश्चन। तो कहीं ना कहीं डीकंपोज करते जाएंगे और यहां पे भी देखो आपको ये एंडिंग वाला आर्क जो ऊपर देखा था, ये यहां पे देखने को मिल जाएगा और जहां आर्क नहीं, मतलब ये और वाला ऑप्शन है। यानी कि अगर आपको कार खरीदनी है, जैसे पहले भी देखा था, वांट अ कार, तो एक तो यार एक ऑप्शन है भैया चुरा लो, या फिर भैया पैसे कमा के खरीद लो, ये वाला। ये दो ऑप्शंस आपके पास आ जाते हैं। अब इनिशियली क्या है? ये जो मेरे ए बी सी डी ई एफ जी एच, इनके जो इर्द-गिर्द इन नोट्स के आजू-बाजू में जो आंकड़ा लिखा हुआ है ना, जैसे 7, 11, 10, 4, 3 और यहां पे आंकड़ा नहीं लिखा, लेट्स से यार यहां पे अपन जो है जीरो जीरो कंसीडर कर लेते हैं। ये अपने टर्मिनल्स हैं, ठीक है? तो ये ह्यूरिस्टिक वैल्यूज हैं, ये एस्टीमेट कॉस्ट है, ये एस्टीमेटर कॉस्ट है। इससे पहले भी हमने देखा था ना एस्टीमेट कॉस्ट कि भैया चलो इतने मिनट में आपको पहुंचा देंगे भैया सॉल्यूशन तक, बराबर है? यही वो कह कहना चाहता है और यहां पे जनरली इन प्रॉब्लम्स में जो एओ स्टार एल्गोरिथम के होते हैं, वहां पे जो ये एजेस होते हैं ना, इनका कॉस्ट हम लोग जनरली वन, वन, वन, वन, इस तरीके से कंसीडर करते हैं। अगर आपके रिस्पेक्टिवली गिवन प्रॉब्लम में अगर ये एजेस का वेट कुछ और है, तो कोई फर्क नहीं पड़ता, जो बिहेवियर नेचर मैं आपको बताने वाला हूं, उसके साथ आप उसे भी कैरी कर सकते हैं, कोई दिक्कत नहीं है। बट जनरली भैया वन, वन, वन, वन का मामला देखने को मिल जाएगा। देखो अब ये चीज ऑपरेट कैसे होती है? लेट्स से ये प्रॉब्लम ए है, अब इसे मुझे सॉल्व करना है, तो यहां पे क्या होगा? मेरे पास दो ऑप्शंस है। ये देखो यहां पे और वाला फंडा लगा दिया। एक तो मेरे पास ये देखो, एक तो मेरे पास भैया ये वाला ऑप्शन है, दिस इज द वन ऑप्शन, या फिर भैया ये कॉम्बिनेशन ऑफ दिस, ये दूसरा ऑप्शन। सेम एज दैट ऑफ दिस, वांट अ कार, तो भैया एक ऑप्शन है स्टील इट, या फिर दूसरा पैसे कमा के भैया खरीद लो, बराबर है? तो इसी तरीके से दो ऑप्शन हैं। अब मैं देखता हूं कि यहां पे कम से कम अपना जो कॉस्टिंग है, किस रिस्पेक्टिव ऑप्शन में लगने वाला है? कम से कम कॉस्टिंग, मिनिमाइजेशन वाला फंडा ऑपरेट कर रहे हैं अपन यहां पे, ठीक है? तो कैसे करेंगे जी कॉस्टिंग फाइंड? ये आपका ह्यूरिस्टिक वैल्यू और ये भैया अपना एक्चुअल कॉस्ट वैल्यू, एक्चुअल कॉस्ट, ये आपका एस्टीमेट कॉस्ट रहता है, ये एक्चुअल कॉस्ट रहता है और इसी का अपन अभी तक एडिशन भी करते आ रहे हैं। तो वही एडिशन करना है और यहां पे वैल्यू अपडेट कर देनी है कि भैया इस सॉल्यूशन का मतलब ये जो आपके पास ऑप्शन है, इस डायरेक्शन में इसका भैया क्या कॉस्ट लगने वाला है। तो आप खुद ही बता दीजिए, क्या कॉस्ट लगने वाला है? ये सेवन है। कई लोग क्या करते हैं? 7 + 1, सर एट हो जाएगा। नहीं जी, गौर से देखिए, एंड लगा हुआ है। जब एंड लगा होता है, इसका मतलब क्या है? कंबाइंड है, कंबाइंड है, बात समझ में आ रही है? कंबाइंड है, तो 7 + 11 करना पड़ेगा आपको। 7 + 11 करना पड़ेगा, तो कितना हो जाता है? 7 + 11, 18। और साथ ही साथ ये देखो, एजेस यहां पे दो एजेस दिख रही है जो कनेक्टेड है a के साथ, तो उनका भी तो कॉस्ट ऐड करना पड़ेगा। तो 18 + 2 कितना हो जाता है? 20 हो जाता है। तो यहां पे कितना आंकड़ा लिखूंगा मैं? यहां पे चुपचाप 20 लिख दूंगा मैं, सीधा-सीधा 20 लिख दूंगा, ठीक है? तो यहां पे चलो भैया, एक ऑप्शन जो अपने पास अवेलेबल था, उसकी तो कॉस्टिंग यहां पे 20 मैंने लिख दी है। दूसरा ऑप्शन देखते हैं, उसे एक्सप्लोर करते हैं। क्या लिखा है जी? इसका ह्यूरिस्टिक 10 लिखा है और यहां पे वन है, तो 10 + 1 कितना हो जाता है? तो यहां पे मैं क्या लिख देता हूं? इसको हटा देता हूं, यहां पे लिख देता हूं भैया 11। 10 + 1, 11। तो अब ओबवियस सी बात है, चॉइस बड़ी क्लियर है, चॉइस बड़ी क्लियर है। य यहां 11 है, यहां पे 20, तो किसकी कॉस्ट कम है भैया? तो सर जी इसकी कॉस्ट कम है। अगर इसकी कॉस्ट कम है, तो हम क्या करेंगे? हम इसी डायरेक्शन में प्रोपेगेट करेंगे और फर्दर एक्सप्लोर करेंगे, एक्सपैंड करेंगे नोट्स को, बराबर है? तो ये चीज होती है। तो कई बार ऐसा होता है कि अगर यहां पे सॉल्यूशन लेट्स से मिल गया, तो हमने कभी इस वाले को एक्सप्लोर ही नहीं किया। यही मैं कहना चाहता हूं, जो अगला स्टेटमेंट आप आगे देखेंगे, डंट एक्सप्लोर ऑल पाथ। अगर हमें भैया किसी एक पाथ पे लेट्स से मिनिमम कॉस्ट मिल रही है, वहां पे लेट्स से हम सॉल्यूशन भी अपने को प्राप्त हो रहा है, एक सॉल्व स्टेटस भी अपने को मिल रहा है, तो अपन क्या कहेंगे कि यार देखो, आपने ने तो इसको कवर ही नहीं किया, आपने तो इसको एक्सपैंड ही नहीं किया, आपने तो इसको एक्सप्लोर ही नहीं किया। तो ये एक बात एओ स्टार एल्गोरिथम में याद रखनी है कि इट्स नॉट मैंडेटरी कि आप सभी के सभी पाथ्स एक्सप्लोर करोगे। यहां पे पॉसिबिलिटी है दैट यू डंट एक्सप्लोर ऑल पाथ। ऐसा हो सकता है कि भैया इसको छोड़ दिया, इसकी जरूरत नहीं पड़ी, बराबर है?

अब जैसे कि देखो, इस सिचुएशन में कैसा जो ट्विस्ट एंड टर्न होने वाला है, देखो जरा गौर से देखना। यहां 10 है, तो आगे फर्द है डी के आगे मैं जाऊंगा, ओबवियसली बात है, मैंने अभी बोला कि मैं उसे आगे फर्द एक्सप्लोर करूंगा, वेट्स को अपडेट करना है, वैल्यूज को अपडेट करना है, कैसे करना है, वो भी अभी देखते हैं, वो भी एक बहुत क्रुशल पार्ट है आपके ओ स्टार एल्गोरिथम का। तो आगे जाते हैं, ई और एफ भैया यही दो ऑप्शन हैं, वो भी दो ही नहीं, एक ही ऑप्शन है, वो तो क्योंकि एंड लगा हुआ है, एंड लगा हुआ है, तो एक ही भैया ये चीज है ना, एक एक यूनिट है। तो अपन क्या करेंगे? e का भैया ह्यूरिस्टिक वैल्यू क्या बोल रहा है? चार है और यहां पे क्या है भैया? तीन है। तो अब हम सिंपली क्या करते हैं भैया, ये 10 की वैल्यू अपडेट होगी क्या? देखते हैं, चेक करते हैं। तो 4 + 3, 7। यहां पे 11, दो एजेस हैं तो टू। तो 7 + 2 कितना आता है जी? 9 आता है। पहला कॉस्ट कितना यहां पे दिखा रहा है? रिस्टिक वैल्यू 10 दिखा रहा है। आया कितना? 9। तो क्या करेंगे? अगर मिनिमम होता है तो अपडेट करेंगे। तो ये 10 का हो जाएगा भैया 9। तो अगर यहां 9 आया है, तो यही अपडेट को हमें ऊपर प्रोपेगेट करना होता है, हमेशा याद रखिएगा। जो भी अपडेट हमारा होता है, बॉटम से अप हम लोग इसको प्रोपेगेट करते जाते हैं टिल द रूट नोड ऑफ योर ट्री स्ट्रक्चर। बात क्लियर है? तो नौ को इधर भी अपडेट किया जाएगा। नौ को कैसे अपडेट किया जाएगा जी? सीधा-सीधा नौ लिख दोगे? नहीं जी, ये एज का वेट भी काउंट करना पड़ेगा। तो 9 + 1 कितना हो जाएगा? तो अब ये पहले 11 था, ये पहले 11 था, तो अब भैया इसको अपन कट कर देते हैं और यहां पे रिस्पेक्टिवली कहां जगह इसको बनाता हूं भैया, थोड़ा सा यहां पे 10 लिख देते हैं। तो ये अपडेट हो गया, बराबर है? तो अभी भी अगर आप गौर से देखेंगे, अभी भी अगर आप गौर से देखेंगे, ये अपडेट होने के बाद यहां पे 10 आ गया है। लेट्स से भैया अपन यहां पे रुक गए, तो ये वाला पार्ट अपन ने एक्सप्लोर किया। हैव वी एक्सप्लोर दिस पर्टिकुलर पार्ट? अगर करते, लेट्स से अगर करते, तो क्या हमें इससे भी मिनिमम कॉस्ट मिलता? चलो उसे चेक आउट करते हैं, ठीक है? तो ये मामला कैसे ऑपरेट करेगा? गौर से देखना, समझना इस मामले को थोड़ा सा। अगर हम लोग बी के अंडर जाते, यहां पे सी भी एक तरीके से नोड ले लेते, यहां पे आर लगा देता हूं, लेट्स से मैं यहां पे आर लगा देता हूं और यहां पे भी लेट्स से जीरो वाला मामला, ठीक है? और यहां पे भी जो एज है, यहां पे वन रहेगा, ठीक है? तो एक सिनेरियो आपके सामने मैं पेश करने का जो है प्रयत्न कर रहा हूं। तो होगा क्या? लेट्स से बी और सी को भी फर्द हम लोग एक तरीके से एक्सप्लोर करते हैं, तो ये क्या निकल के आएगा? इसका तो है भैया जीरो, ये टर्मिनल आपके नोड्स हैं, यहां पे तो 0 + 1, जी वन हो जाता है। तो यहां सेवन लिखा है, सर जी, यहां सेवन लिखा है, तो इसे अपडेट करना बनता है, सर जी। इंट 1, सिमिलर वे में, क्योंकि यहां पे दो ऑप्शंस है आपके पास, ये एंड नहीं, ये दो ऑप्शन है, एक तो ये चुनो, एक तो ये चुनो, और दोनों ही केसेस में अपने को मिनिमम वन ही मिलने वाला है, तो कोई भी फर्क नहीं पड़ता, आप जी ले लो, एच ले लो, लेकिन भैया यहां पे एक तरीके से अपना मामला सॉल्व होते हुए दिख जाएगा, क्योंकि टर्मिनल नोट्स को अपन रीच आउट कर गए, ठीक है? आगे बढ़ते हैं, आर वाला फंडा भी यहां पे और यहां पे 11 है, तो यहां पे 0 + 1, तो ओबवियस सी बात है, 11 से कम मिल रहा है, वन मिल रहा है, तो यहां पे वन कर देते हैं। अब देखो, ये वैल्यू कैसे अपडेट होती है? ये वन आ गया यहां पे, ये वन यहां पे आ गया और ये रिस्पेक्टिवली एच का वेट क्या है? वन, वन, तो यहां पे 1 + 1, ये टू, ये थ्री, ये फोर। तो सर जी टोटल तो यहां पे 20 नहीं, यहां तो चार आ रहा है। ये तो सर जी चार आ रहा है। आप बात समझ रहे हो? यानी कि और भी कॉस्ट इसमें मिनिमाइज हो सकती थी, अगर हम लेट्स से इस वाले रिस्पेक्टिव पाथ पे निकल जाते और वो भी सिनेरियो आपके सामने अगर कुछ इस तरीके से मैं प्रस्तुत कर देता, तो इट वुड हैव बीन बेटर और अ बेस्ट और अ ऑप्टिमल सॉल्यूशन दैट यू वुड हैव एक्सप्लोर। तो ये बात अपने को जो है एओ स्टार में ये सारे सिचुएशन सिनेरियो आपके सामने मैंने पेश कर दिए हैं, जो कि आपको अंडरस्टैंड करनी है, समझनी है।

अब आगे बढ़ते हैं जी, कुछ खेला खेलते हैं और खेला खेलते वक्त कौन-कौन सी चीजें याद रखनी है। वैसे आपको बताने की जरूरत तो नहीं है यार, अपन तो गेम मतलब बचपन से लेके अभी तक भैया, अभी तो गेमिंग में करियर भी हो रहा है, है कि नहीं? तो कुछ बेसिक इसके बारे में इतनी इंफॉर्मेशन आपको देने की जरूरत नहीं, आप पहले से यार मुझसे भी बहुत सारी चीजें जानते होंगे। वैसे आई एम नॉट सो मच प्रो इन गेमिंग या फिर इतने पसंद है, बट चलो, इट्स अ पार्ट ऑफ दिस रिस्पेक्टिव सिलेबस ऑफ एआई, तो चलो इसको भी डिस्कस कर लेते हैं। कुछ बेसिक बुनियादी पॉइंट्स हैं और कुछ रिस्पेक्टिव इसके भी एल्गोरिथम्स हैं। मिनी मैक्स हो गया, अल्फा बीटा वाला फंडा हो गया, प्र वो चलो देख लेते हैं। सबसे पहली बात आती है गेम प्लेइंग में आपके पास कुछ मूव्स होते हैं, जिन्हें हम कहते हैं लीगल या एलिजिबल। ओके? ऐसे कुछ मूव्स होते हैं, जो कि आप खेलते हो, जैसे कि यार ये वाला गेम तो अभी सबने आपने खेला होगा, ये सबने खेला होगा, है कि नहीं? ये वाला रिस्पेक्टिवली देखो, यहां पे जो है अपना क्रॉस और सर्कल वाला गेम खेलते हैं। यहां पे तीन एक तरीके से जो है ना, अगर यहां पे क्रॉस, यहां क्रॉस, यहां क्रॉस आ गया, तो आप जीत गए। इस तरीके से अपन जो है लाइन मार्क कर देते हैं। तो ये वाला जो खेला है, इसमें भी आप देखो आपके पास क्या-क्या मूव्स आते हैं? अब इनिशियली तो आपके पास जो नौ के नौ खाने हैं, वो एक तरीके से अवेलेबल हैं, तो आप अपनी चाल, अपनी जो मूव है, वो कहीं भी चल सकते हो। तो ऑप्शंस क्या-क्या आ जाते हैं? यहां चल सकते हो, यहां चल सकते हो, यहां पे चल सकते हो, यहां चल सकते हो, यहां पे सेंटर में, यहां पे साइड में। ये ऐसे बहुत सारे मतलब नौ ऑप्शंस आपके सामने खड़ जाते हैं। लेकिन लेकिन लेकिन याद रखिएगा, जैसे-जैसे हम आगे गेम में प्रोपेगेट करते हैं, फर्द आगे बढ़ते जाते हैं, तो नंबर ऑफ मूव्स का ऑप्शन आपके पास कम होते जाता है। तो ये एक खास बात।

है आपके रिस्पेक्टिव मूव्स की जो कि आपको इस गेम में जो है देखने को मिल जाएगा। साथ ही साथ यार देखो, ओबवियस सी बात है विन लूज के लिए कुछ कंडीशन होती है ऑफ अ गेम। जैसे अभी ये जो हमने सिंपल गेम की बात की, तो इसमें विन की कंडीशन क्या होती है? वो तो मैंने आपके सामने अभी रख दी थी कि इस तरीके से हो या फिर भैया लेट्स से इस तरीके से हो, तो अपने को सिर्फ लाइन लगानी है। अपने को सिर्फ लाइन लगानी है। ये बहुत पॉपुलर एक तरीके से शब्द है जिसका अपन इस्तेमाल करते थे कि भैया अपने को लाइन लगानी है ताकि अपन जो है जीत सके, चाहे सर्कल की लाइन हो, क्रॉस की लाइन हो, वो जो भी है क्योंकि एक पार्टिसिपेंट को तो अपन क्रॉस दे देते थे और एक को भैया सर्कल और उन दोनों के बीच में मुकाबला होता था। ठीक है?

अब यहां पे भी एक तरीके से टाइप्स निकल के आते हैं जो भी गेमिंग का अपन फंडा देखते हैं और ये जो भी अपना पूरा का पूरा जो स्पेस या फिर अवेलेबल स्टेट्स आपने देखे, इसे अपन कहते हैं गेम ट्री। कि भैया व्हाट आर द पॉसिबल ऑप्शंस कि जिसके थ्रू मेरा पूरा गेम जो है वो गुजर सकता है। इसे भी कहते हैं भैया स्पेस ग्राफ या फिर गेम ट्री, जो कि हम आगे टर्मिनोलॉजी का इस्तेमाल करने वाले हैं। इसमें भी देखो यार बुनियादी कुछ टाइप्स निकल के आते हैं। हालांकि इस में इसके बारे में इतना कुछ कोई पूछेगा नहीं, बट स्टिल मैं आपको मेंशन करना चाहूंगा। रूल बेस्ड वाला फंडा होता है या फिर मशीन लर्निंग बेस्ड आपके फंडे होते हैं।

रूल बेस्ड वाली गेमिंग में हम लोग क्या, जैसे एग्जांपल टिक टैक टो वाला फंडा हमने डिस्कस किया। प्री डिफाइंड रूल जैसा नाम वैसे ही काम मतलब यहां पे कुछ पहले से नियम, शर्तें, कानून लागू किए गए हैं। उन्हीं के अंतर्गत आपको जो है चीजें खेलनी है, उन्हीं के अंदर आपको जो है खेला खेलना है और उसी के लाइक यू नो उसी को फॉलो करते हुए आप एक तो जीतोगे, एक तो हारोगेट जो है विन करोगे, लूज करोगे। ये उन रूल्स के हिसाब से सारा जो है एक तरीके से तय किया जाएगा।

दूसरा वाला फंडा होता है अपना रिस्पेक्टिवली मशीन लर्निंग बेस्ड। मशीन लर्निंग बेस्ड और इसका सबसे पॉपुलर जो एक टर्म हम यहां मेंशन करना चाहेंगे, दैट इज अ रिइंफोर्समेंट लर्निंग। देखो यार मशीन लर्निंग में ना बहुत अलग-अलग टाइप के लर्निंग होते है। वन ऑफ द लर्निंग इज अ रिइंफोर्समेंट लर्निंग। मैं इसको एक एग्जांपल के साथ आपको बताना चाहूंगा ताकि आईडिया क्लियर हो जाए। ये रिवॉर्ड बेस्ड होता है और भी लर्निंग होते हैं, जैसे अनसुपरवाइज्ड लर्निंग हो गया, सुपरवाइज लर्निंग हो गया गया।

देखो सुपरवाइज लर्निंग में क्या होता है? कुछ नहीं भैया सिंपली आपका वो लेबल्ड डेटा होता है, यानी कि आपको क्वेश्चन के साथ आंसर दिए होते हैं। आपको क्वेश्चन के साथ आंसर दिए होते हैं। इसको ऐसा समझ लो कि लेबल्ड डेटा वहां मौजूद होता है। सुपरवाइज्ड में लर्निंग सुपरवाइज्ड मैनर में लर्निंग, जैसे कि ट्यूशन देते हैं ना, तो ट्यूशन देना, क्वेश्चन पूछ के आंसर बताना, तो वो ट्यूशन इज नथिंग बट रिस्पेक्टिवली आपका सुपरवाइज्ड लर्निंग।

अनसुपरवाइज्ड लर्निंग मतलब क्या? कि वहां पे सिर्फ प्रश्न दे दिए, लेबल्स नहीं है, आंसर नहीं है, आंसर की नहीं है। बात क्लियर है? ये चीज समझ नहीं होती है। वहां पे मोस्टली हम सिमिलरिटीज ढूंढते हैं, ग्रुपिंग करते हैं, क्लस्टरिंग वाला फंडा करते हैं। और फिर आता है एक और टाइप रिइंफोर्समेंट लर्निंग, जैसे मैंने बताया रिवॉर्ड बेस्ड रहता है। वो रिवॉर्ड बेस्ड मतलब कि आपने जनरली जब अपन सब नन्हे मुन्ने बालक थे, तो अपनी एक टेक्निक रहती थी, याद है? अपनी एक टेक्निक रहती थी कि अपन यार एकदम है ना फालतू में मतलब रात के भैया 12:00 बज रहे हो, 3:00 बज रहे हो, कुछ भी अपने को टाइम का लेना देना, अपन सीधा चिल्लम चिल्ली मचा देते थे, रोना मचा देते थे, भूख लगी थी क्योंकि तो हमें क्या लगता था कि भैया जैसे ही हम चिल्लम चिल्ली मचाएंगे, हम जैसे ही भैया रो देंगे जोर-जोर से रोएंगे, तो आपने को दूदू की बोतल जो है वो तुरंत अपने मम्मी जी, पपा जी या जो भी हमारे इर्द-गिर्द होगा, वो हमें लाके दे देंगे, बराबर है?

लेकिन एज द टाइम गोज अहेड, हमें पता चला यार ये तो इतना कारगर साबित नहीं होगा। ये वाला जो मैंने एक्शन चुना था कि चिल्लम चिल्ली करो, रो और फिर भैया दूदू की बोतल मिलेगी और मैं अपना पेट भर के हैप्पी हो जाऊंगा, हैप्पी स्टेट में चले आऊंगा, ये तो कार्यक्रम ज्यादा देर तक चलता नहीं है, है कि नहीं? फोन थमा देते हैं अपने हाथ में आजकल पेरेंट्स, ये ले भाई फोन ले, ये देखता रहे, कार्टून देखता रहे, तो मैं शांत हो जाता हूं, भूख भूल जाता हूं। ये तो गलत बात है, मुझे तो भूख लगी है। तो फिर जनरली क्या होता है, हम जो है अपना रिस्पेक्टिवली एक्शन बदल देती है क्योंकि रिवॉर्ड तो मिल नहीं रहा, रिवॉर्ड मिलना लेट से बंद हो गया, दूध मिलना बंद हो गया, तो अपन क्या करते हैं चेंज करते हैं अपने एक्शन को। अपन कराई करने की जगह क्रॉल करते हैं, अपन क्राय करने की जगह क्रॉल करते हैं। बात समझ पा रहे हो? क्राई की जगह क्रॉल, यानी कि लेट्स से दूधू की बोटल यहां बैठी है और य आप जो है भैया यहां पे जो है मौजूद हो, तो आप क्या करते हो? अरे छोड़ो यार रोना धोना मचा, यहां पे एक एक तरीके से एक काम करते हैं, क्रॉल करते हैं।

अब जैसे ही मैं क्रॉल करता हूं, दूध की बोतल की तरफ पहुंचता हूं, तो भैया मुझे वो मिल जाती है और मैं दूध पी लेता हूं, यानी कि रिस्पेक्टिवली रिवॉर्ड प्राप्त हो जाता है। तो जब रिवॉर्ड प्राप्त होना शुरू हो जाता है, तो आप उस काम को जो है करना शुरू कर देते हो रिपिटेटिव मैनर में और बेहतर तरीके से करने का उसको जो है प्रयत्न करते हो। पहली बार में लेट्स से आपको कुछ ज्यादा टाइम लग जाएगा यहां तक पहुंचने में, दूसरी बार भैया आपको जब पता चलेगा अरे वा बहुत बढ़िया रिवॉर्ड मिल रहा है, तो आप बहुत जल्दी पहुंच जाओगे, है कि नहीं? तो ये वाला मामला जैसे कि फॉर एग्जांपल, अब एक मैं अपना रियल लाइफ एग्जांपल देता हूं कि यार जब मैं ये वीडियोस बना रहा हूं, तो कई लोग कहते हैं कि सर जी थोड़े कम व्यूज आपके आ जाते हैं, बट मेरे लिए ना जो एक रिवडिंग फैक्टर इस केस में निकल के आता है, वो आपके वो तीन मैजिकल शब्द है। वो जो आप समझ रहे हो, वो नहीं, थैंक यू सर। ये मेरे लिए एक रिवॉर्ड है और जितना मैं ये रिवॉर्ड को प्राप्त करते जाता हूं, आई एम रियली ग्रेटफुल टू गॉड यार कि मैक्सिमम ऑफ द वीडियोस, 90-95% ऑफ द वीडियोस में मुझे सबसे ज्यादा मेजॉरिटी में यही तीन शब्द मैजिकल शब्द देखने को मिलते हैं, थैंक यू सर। तो ये मेरे लिए एक रिवॉर्ड है और इस वजह से ये रिवॉर्ड बेस्ड लर्निंग मैं करते जा रहा हूं, बार-बार उन एक्शंस को रिपीट करते जा रहा हूं और ऐसे ही भैया मेहनत में तो अपन कभ नहीं छोड़ते हो और अपने वीडियोस जो है आप तक मैं पहुंचाते जा रहा हूं।

तो ये बेसिक सेंस में रिइंफोर्समेंट लर्निंग होता है कि भैया आपने कुछ एक्शन परफॉर्म किया, उसका एनवायरमेंट पे कुछ इंपैक्ट पड़ा और उसका भैया जो एक फीडबैक है, वो आपको आ गया कि भैया अच्छा एक्शन किया, पॉजिटिव एक्शन किया, तो रिवॉर्ड मिलेगा और भैया अगर आपने अच्छा परफॉर्म नहीं किया होगा, एनवायरमेंट में कुछ गड़बड़ कर दिया आपने, है कि नहीं? तो यहां पे आपको पनिशमेंट जो है एक तरीके से मिलेगा, जैसे हम कहते हैं ना कि भैया कि चॉकलेट किसको चाहिए, तो 10 लोग आ जाएंगे, लेकिन चमाटर को चाहिए, कोई नहीं आएगा। तो ये वाला भी फंडा जो है आपको यहां पे कंसीडर करना है।

अब देखो जी आगे बढ़ते हैं और जो मैं एल्गोरिथम्स की बात कर रहा था, मिनी मैक्स एल्गोरिथम क्या कहता है जी? ओबवियस सी बात है बैक ट्रैकिंग का फंडा यहां पे एंप्लॉयड है। देखेंगे कैसे यहां पे हम लोग जो है कंसीडर करते हैं दो प्लेयर का गेम, जैसे कि एक को बोल देते हैं मैक्स, एक को बोलते हैं मीन। ठीक है? मैक्स, मीन, ये दो प्लेयर अपने खेलने वाले है। मैक्स का मेजर्ली जो इंटू है, वो क्या होता है? लेट्स से आप मैक्स हो, आप क्या हो मैक्स हो, तो ओबवियस सी बात है आपको अपना जो स्कोर है, वो मैक्सिमाइज करना है। आपको एक अपनी बेस्ट मूव चलनी है, अपनी ऐसी बेस्ट मूव चलनी है कि आपको अल्टीमेटली सबसे बढ़िया रिवॉर्ड मिलना चाहिए, सबसे बढ़िया रिवॉर्ड मिलना चाहिए, सबसे बढ़िया आपको एक तरीके से स्कोर मिलना चाहिए। मैक्सिमाइज आपको करना है वैल्यू को, ये बात अपने को समझनी है। ठीक है?

मीन वाला फंडा क्या होता है? वो इसके अपोजिट में काम करता है। इट्स लाइक योर अपोनेंट। आप मैक्स हो, तो वो आपका अपोनेंट है, तो ओबवियस सी बात है वो क्या प्रयत्न करेगा? वो क्या प्रयत्न करेगा कि यार मैं मैक्स के लिए, फॉर मैक्स, एक ऐसी चाल चलूं कि वो उसके लिए वर्स्ट मूव हो। मतलब उसकी जो रिस्पेक्टिव प्रॉफिट की पॉसिबिलिटी है, जो गेन की पॉसिबिलिटी है, जो वैल्यू जो मैक्सिमम जा सकती है, उसको मैं जितना नीचे खींच सकूं, उतना नीचे खींच सकूं, उतनी मैं रिस्पेक्टिवली अपना वर्स्ट मूव जो है वहां पे खेलूंगा और ये वर्स्ट मूव फॉर द मीन नहीं है, ये वर्स्ट मूव फॉर द मैक्स है। क्योंकि आगे वाला जितनी बढ़िया चाल खेलेगा, जितनी बढ़िया चाल खेलेगा, वो मेरे लिए भैया वर्स्ट होगा, बराबर है? तो वो तो वही प्रयत्न करेगा रिस्पेक्टिवली वर्स्ट मूव मेरे हिसाब से खेलने के लिए और भैया मिनिमाइज करने की कोशिश करेगा मेरे रिस्पेक्टिव अल्टीमेट फाइनल वैल्यू को।

तो देखो जी, एक सिंपल एग्जांपल लेके आ गया हूं। बाकी टाइम कॉम्प्लेक्टेड है। ये आपका ब्रांचिंग फैक्टर है, लगभग लगभग यही सेम चीज जो हमने पहले भी देखी थी। ठीक है? अब यहां पे देखो ऑपरेट कैसा हो रहा है, मामला कैसे ऑपरेट हो रहा है। लेट्स सी आपके टर्मिनल नोड्स है, द लास्ट नोड्स, इसके बाद कुछ आपको देखने को नहीं मिलेगा और यहां पे कुछ वैल्यूज है: 2, 11, 0, 2, 5, 4, 0, 7। अब ये किस तरीके से ऑपरेट कर रहा है? गौर से देखना, समझना। हम लोग ऐसे जाते हैं, बॉटम ऑफ फैशन में जो है कैरी आउट करते हैं, ताकि हमें पता चल सके कि भैया कौन से रास्ते से निकलना है, क्या-क्या मूव्स हमें पॉसिबली परफॉर्म करनी है, ताकि हमें एज अ मैक्स, एज अ मैक्स, जो है एक तरीके से बढ़िया से बढ़िया एंड प्रॉफिट एंड मैक्सिमाइज्ड वैल्यू हमें मिल सके इन द रिजल्ट। ठीक है?

तो यहां पे शुरुआत में लेट्स से हम लोग इस लेवल पे, जीरो लेवल पे एक तरीके से जो है मैक्स लगाते हैं। अगले लेवल पे भैया मीन लगाते हैं, फिर मैक्स लगाते हैं, इस तरीके से। ठीक ठीक है? तो अब यहां पे तो चलो इस लेवल में मैंने बोला नीचे से ऊपर जाना है, तो यहां तो मैक्स लगाएंगे। ये आपका पूरा गेम ट्री है, तो यहां पे अवेलेबल है टू, यहां पे अवेलेबल है 11, तो मैंने क्या बोला मैक्सिमाइज करना है, यहां अपना मैक्सिमाइजेशन का प्रॉब्लम है, मैक्सिमाइज करना है, तो 2 और 11 में से मैक्सिमम कौन सा है जी? सर जी, ओबवियस सी बात है 11, तो ये 11 वैल्यू यहां पे लिख दो। सिंपल है, 11 वैल्यू यहां पे लिख दो। तो और फिर यहां पे आता है जस्ट कम अप हियर, जीरो और टू में से सर मैक्सिमम कौन सी है? अरे सर जी, बिल्कुल टू है, तो यहां पे टू लिख दो, बराबर है? यहां तक बात क्लियर है? यहां तक बात समझ में आ गई?

अब इस वाले नोड पे जाते हैं। चलो इस वाले वाले नोड पे जाने से पहले, ये वाला भी क्लियर कर लेते हैं कि भैया ये वाली वैल्यू कौन सी चुनी जाएगी या कौन सा रास्ता चुना जाएगा कि भैया अपन मैक्सिमम तक पहुंच सके, तो ये कौन सोच रहा है? मैक्सिमम, मैक्सिमाइज वैल्यू के हिसाब से अपन सोच रहे हैं। अभी तो मीन वाला अपोनेंट वाली बारी आनी है, अभी तो वो बारी आनी है, उसके बारे में भी डिस्कशन करेंगे। 5, 4, कौन सा मैक्सिमम है? सर्जी, फ यानी कि ये रास्ता मैक्सिमम, यहां पे ये वाला मैक्सिमम है और ये वाला मैक्सिमम है। ठीक है? तो उन्हीं की वैल्यू मैंने यहां पे लिख दी है। यहां पे ओबवियस सी बात है, जीरो और सेवन में तो ये कोई भी बता सकता है कि यहां पे भैया ये वाला रास्ता बढ़िया रहेगा।

अब गौर से देखना, समझना। अब मीन के हिसाब से अगर देखा जाए, तो दो ऑप्शंस अवेलेबल है। यहां पे वैल्यू 11 है, यहां पे टू है, तो वो क्या चुनेगा? वो तो मिनिमम चुनेगा। वो ऐसा मूह चुनेगा कि आपको कभी ये 11 ना मिल सके, आपको कभी ये 11 ना मिल सके, वो ऐसी मूव चुनेगा, वो वर्स्ट मूव चुनेगा कि अब इन दोनों में से वर्स्ट कौन सा है? मिनिमाइज्ड वैल्यू कौन सी है? यही बात मैं यहां पे कर रहा था, मिनिमाइज्ड वैल्यू कौन सी है? सर जी टू है, सर जी टू है, तो मैं यहां पे टू लिख लेता हूं, यानी कि भैया मैं तो यहीं जाऊंगा, मैं तो यहीं जाऊंगा जी, देख लो भैया, बात क्लियर है? सिमिलरली यहां पे, अब इस वाले नोड का भी बात आ जाती है, मीन के केस में फाइव एंड सेवन, ओबवियस सी बात है मिनिमम क्या है? यही है, तो मैं यहीं पे जाऊंगा भैया, यहां पे मैं रिस्पेक्टिवली फाइव लिख लेता हूं।

अब अगले ऊपर लेवल पे, टॉप लेवल पे भैया मैक्स खेल रहा होगा, यहां से शुरुआत, लेट से पहला मैक्स का ही मूव होगा, तो अब वो देखेगा भैया, एक मिनट, एक मिनट, एक मिनट, एक मिनट, यहां ऑप्शन है टू, यहां ऑप्शन है फाइव, ओके, तो अब इसमें से मैक्सिमाइज, अगेन द सेम लॉजिक, मैक्सिमाइज द वैल्यू, तो टू और फाइव में से भैया, यहां पे मैं फाइव लिख लेता हूं, लेट्स से और यहां पे इस तरीके से इस डायरेक्शन में जाऊंगा, तो यहां पे आपको वैल्यू मिल गई, बात समझ में आ रही है? इतना प्रॉफिट आ गया, रिजल्टेंट जो एक तरीके से मैक्सिमाइज्ड वैल्यू वो आप प्राप्त कर लोगे कि आप यहां पे जाते हो, फिर यहां जाते हो और फिर इस डायरेक्शन में जाके आपको ये चीज जो है यहां पे प्राप्त हो जाती है। दिस इज द मिनी मैक्स का एक बेसिक वर्जन जहां पे आप जो है सब कुछ एक्सप्लोर करने का प्रयत्न कर रहे हो।

लेकिन लेकिन लेकिन, ये तो ठीक है यार, कुछ नहीं इतना बड़ा कोई प्रॉब्लम नहीं था, इतने नंबर ऑफ स्टेट्स नहीं थे, इतना कोई हैवी ब्रांचिंग फैक्टर भी देखो, इतना कोई हैवी ब्रांचिंग क्योंकि देखो यार आपका टाइम कॉम्प्लेक्शन जो है वो किसके ऊपर डिपेंड कर रहा है? आपके ब्रांचिंग फैक्टर और आपके डेप्थ के ऊपर, यानी कि जो आपकी रिस्पेक्टिवली ट्री स्ट्रक्चर की डेप्थ होगी उसके ऊपर। अब मान लीजिए ये डेप्थ जो है, मैं बढ़ा देता हूं, ये डेप्थ को जो है भैया मैं बढ़ा देता हूं, डबल कर देता हूं या फिर ट्रिपल कर देता हूं इस तरीके से और ब्रांचिंग फैक्टर भी उसी रेशो में डबल ट्रिपल एक्सपोसिस अगर हो जाए भैया फंडा इस तरीके से, तो सोचो ये टाइम कॉम्प्लेक्शन कर रहा है और उस हिसाब से वैल्यूज को अपडेट कर रहा है, तो ये बड़ी दिक्कत हो जाएगी।

तो अगर मुझे इस कॉम्प्लेक्टेड, डू वन थिंग कि यार अगर मुझे कुछ एक ऐसा बेसिक लॉजिक समझ में आ जाए कि यार इससे तो ना कम होगा, इससे ना तो ज्यादा होगा, मतलब अगर मीन ये सोच ले कि भैया देख लो, ये मैंने एक वैल्यू डिसाइड की है, लेट्स से N इज अ वैल्यू, ओके, और यहां मेरे पास दो ऑप्शंस है। अब यहां पे अगर N से, यहां पे इस वाले रिस्पेक्टिवली पाथ में अगर मुझे N से ग्रेटर वैल्यू प्राप्त हो रही होगी, तो मैं इसको विजिट ही नहीं करूंगा ना, मैं इसको विजिट ही नहीं करूंगा, बराबर है? ये सेम लॉजिक आपको आगे अंडरस्टैंड करना है जब हम अल्फा बीटा प्रूनिंग में इस्तेमाल करने वाले हैं। एग्जांपल के साथ मैं बताने वाला हूं, तो भैया इसको कोई सेंस बनता है इसको एक्सप्लोर करने का क्योंकि यहां पे मीन का तो उद्देश्य यही है कि भैया इससे कम चाहिए और ये वाला जो पाथ है आपको इससे ज्यादा देने का प्रयत्न कर रहा है, तो आप उधर जाओगे नहीं, उसको प्रून कर दोगे, बराबर? यही सेम लॉजिक किस तरीके से अप्लाई किया जाता है, चलो अभी जानते हैं अल्फा बीटा प्रोनिंग के अंदर।

एक होता है अल्फा, एक होता है बीटा वाला पार्ट। इसके लिए प्री रिक्विजिट क्या है? जैसे मैंने पहली बता दिया, मिनी मैक्स एल्गोरिदम इज अ प्री रिक्विजिट फॉर दिस। अगर वो आपने समझा नहीं होगा, तो भैया गड़बड़ वाला मामला हो जाएगा। अब इसमें अल्फा क्या बोल रहा है? अल्फा और बीटा क्या होता है? अल्फा इज लाइक, दोनों ही देखो अपनी किस्म से तो यार एक तरीके से बेस्ट चॉइसेज ही हैं, लेकिन ये अल्फा के हिसाब से, यानी कि अगर अपन आप अपनी अल्फा मूव्स डिसाइड कर रहे हैं, अपन अगर लेट से अपने आपको मैक्स बोल रहे हैं ना, एज अ प्लेयर, तो वहां पे अपना उद्देश्य क्या रहता है? हाईएस्ट वैल्यू अपने को चाहिए होते है, मैक्सिमाइज करना होता है। लेकिन दूसरी तरफ से जो अपोनेंट है, उसके लिए बेस्ट चॉइस क्या होगी कि अपना ज्यादा से ज्यादा नुकसान हो, यानी कि लोएस्ट वैल्यू, यानी कि सेम मिनिमाइज वाला प्रॉब्लम जो कि हमने ऊपर देखा था मिनी मैक्स में, वही सेम फंडा यहां पे चल रहा है, लेकिन सिर्फ यहां पे जो है देखो ये प्रॉब्लम स्टेटमेंट बढ़िया तरीके से आपके सामने मैंने रख दिया है, थोड़ा सा बड़ा है ताकि जो है हर केस को अपन जो है बढ़िया तरीके से कवर कर सके।

तो इस लेवल पे मैक्स है, यहां पे मीन है, यहां मैक्स है, यहां मीन है, बराबर है? अब देखो ये ऑपरेट कैसे करता है? कुछ-कुछ बिहेवियर आपको मिनी मैक्स की तरह देखने को मिलेगा, लेकिन कुछ एक्स्ट्रा फैक्टर्स इसमें ऐड किए जाएंगे जिस वजह से आपको जो है ना एक तरीके से कुछ चीजों को एक्सप्लोर करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी, आपको उनको विजिट करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। देखो कैसे आता है वो सिचुएशन जब आएगा, आपको अपने आप समझ में आ जाएगा। ठीक है? तो मैक्स के साथ अल्फा काम कर रहा है, अल्फा से डिनोट करेंगे उन वैल्यूज को एंड मीन के साथ बीटा के साथ डिनोट करेंगे। ठीक है? देखो काम कैसे चल रहा है। फाइव एंड सिक्स, फोर, थ्री, नाइन, टेन, इलेवन, ट्वेल्व, फोर, थर्टीन, थ्री, फोर्टीन, सिक्सटीन, इलेवन, फिफ्टीन, ट्वेंटी। ये आपके वही टर्मिनल नट है। ठीक है?

शुरुआत करते हैं भैया मीन, लेट्स से यहां पे इस लेवल पे मुझे मीन दिखाई दे रहा है, बीटा की वैल्यूज आएंगी उसकी। तो अब होगा क्या? देखो मामला देखो कैसे चलेगा। सबसे पहले तो फाइव, यहां पर मैं ऑप्शन, लेफ्ट टू राइट जाएंगे अपन हमेशा याद रखना, लेफ्ट टू राइट ऑप्शन दिखता है। सबसे पहले सर जी टर्मिनल नोड का फा, तो मैं क्या कर देता हूं बीटा की वैल्यू कर देता हूं सर यहां पे फाई। सबसे मैंने बोला लेफ्ट टू राइट जाएंगे, तो सर जी मेरे को पहले बीटा की वैल्यू फाई कर देनी है। ठीक है? आपने बीटा की वैल्यू फाई कर दीजिए। उसके आगे अब यहां पे एक्सपेक्टेशन क्या है? मीन का एक्सपेक्टेशन क्या है? फ्रॉम गोइंग लेफ्ट टू राइट, जो आगे ऑप्शन आएंगे, उससे एक्सपेक्टेशन उसका क्या होगा कि भैया मुझे तो फाई से लेस दन वाली वैल्यू ही चाहिए, ग्रेटर दन वाली तो मुझे चाहिए ही नहीं। आप बात समझ रहे हो? लेट्स से उसने यहां पे चेक भी कर लिया, देखो यहां पे उसने चेक कर लिया कि सिक्स है, तो वैसे भी वो उसे अपडेट करने ही नहीं वाला, बराबर है? वो उसे अपडेट नहीं करेगा। लेट्स लेट्स से वो चेक आउट किया, अपने को नहीं पता ना आगे वैल्यू क्या है, वो तो यहां पे चेक आउट करनी पड़ेगी। तो उसने चेक किया कि सर जी ये तो सिक्स है, जो कि मुझे एक्सपेक्टेड है भैया लेस दन फाइव, लेकिन ये तो ग्रेटर दन फाइव है, तो मैं बीटा की वैल्यू को फाइव ही रहने दूंगा। ये बात क्लियर है? ये बात सिंपल है?

अब आगे बढ़ते हैं, जैसे ही भैया यहां पे बीटा की वैल्यू फाइव हो जाती है, यही सेम वैल्यू मैं यहां पे अल्फा के लिए भी अपडेट कर देता हूं, एज अल्फा = 5। तो अल्फा इक्वल टू मैंने फाई कर दिया। अब यहां पे अल्फा यानी कि मैक्स की, यानी अपनी एक्सपेक्टेशन क्या होगी? मैक्सिमाइज करना, यानी अब मुझे यहां पे एक ऐसी वैल्यू चाहिए होगी, आई वांट सम वैल्यू हेयर व्हिच विल बी ग्रेटर दन फाई। तो देखो नजरिए का फर्क है, खाली नजरिए का फर्क है। लेवल बदलते ही, प्लेयर बदलते ही, अल्फा का बीटा, बीटा का अल्फा होते ही नजरिए का फर्क है। यहां पे वैल्यू तो वही फाई दिखाई दे रही है, वही प्रोपेगेट्स को तो लेस दन फाई चाहिए, बराबर है? तो चलो यहां तक आ गया। अब लेफ्ट टू राइट तो जाना ही है, तो ये वाला भी एक्सप्लोर करें क्या? चलो देखते हैं। ये वाला अगर एक्सप्लोर करना है, तो गौर से देखना, तो गौर से देखना, अब मामला कैसे चल रहा है। अब यहां पे ना आपको रिस्पेक्टिवली पूरी कथा जो है समझ में आ जाएगी।

लेफ्ट टू राइट यहां पे भी जाएंगे तो फोर यहां पे फोर आ गया। सबसे पहले तो बीटा की वैल्यू क्या कर देता हूं जी मैं फोर। तो जी, बीटा की वैल्यू फोर रखने के बाद यहां पे मेरा सिंपल सा मीन लेवल पे क्या एक्सपेक्टेशन होगा कि देखो जी, आगे चलके अगर मुझे लेस देन फोर अगर कोई वैल्यू दिखती है तो ही जाके मैं बीटा की वैल्यू अपडेट करूंगा। लेट्स से थ्री दिखता है, टू दिखता है, वन दिखता है तो ही जाके मैं उसे अपडेट करूंगा। तो ये उसका जो लेवल पे मीन लेवल पे जो सिचुएशन है, जो एक्सपेक्टेशन है वो समझ में आता है। वो हमने पहले भी देखा था।

लेकिन, लेकिन, लेकिन क्या ये एक्सपेक्टेशन कॉन्फ्लिक्ट नहीं है अबव लेवल पे? मैक्स लेवल पे, ओबवियस सी बात है मैक्सिमाइज करने का प्रयत्न करेंगे अपन अल्फा वैल्यू को। यानी कि अगर वो बोल रहा है कि ग्रेटर देन फाइव है तो ही जाके अल्फा की वैल्यू अपडेट होगी। यानी कि मैं दूसरे ऑप्शन, दूसरे ब्रांचेस की तरफ देख रहा हूं इस एक्सपेक्टेशन से कि भैया तुम मुझे ग्रेटर वैल्यू दोगे। लेकिन यहां पे जब मैंने देखा कि भैया ये तो लेस देन फोर की एक्सपेक्टेशन लेके बैठा है और मैं एक्सपेक्टेशन लेके बैठा हूं ग्रेटर देन फाइव की, तो यहां पे एक्सपेक्टेशन के बीच में कॉन्फ्लिक्ट आ गया है। कॉन्फ्लिक्ट आ गया है तो यहां पे मुझे बताइए, इस वाले रिस्पेक्टिव ब्रांच को विजिट करने की कोई जरूरत है? एक्सप्लोर करने की कोई जरूरत है? नहीं जी, तो सीधा-सीधा इसको प्रून या फिर भैया कट ऑफ कर दो। यह बात अपने को अंडरस्टैंड करनी है। इधर आगे विजिट इसको एक्सप्लोर करने की कोई जरूरत ही नहीं है। इसे हम सीधा यहां पे प्रून कर देंगे, कट ऑफ कर देंगे। यह बात समझ में आ गई कि जैसे भैया एक्सपेक्टेशंस में कॉन्फ्लिक्ट दिख जाता है, क्योंकि कोई सेंस नहीं ना यार इस रिस्पेक्टिव आगे ब्रांच पे फर्दर प्रोपेगेट करने का कोई सेंस ही नहीं बनता है। क्योंकि यहां पे जो भी वैल्यू है वो देखो, अगर इससे ज्यादा होती है, लेट्स से अगर कोई वैल्यू जैसे कि अभी यहां देखा था 56, तो क्या अपडेट हुई थी वैल्यू बीटा की? नहीं जी। अगर ग्रेटर देन 12, 13, 14, 50, 100 अगर कुछ आएगा तो क्या वैल्यू ऑफ बीटा लाइक अपडेट होगी? अगर वो अपडेट होने ही नहीं वाली है, तो वो अपडेट आपका प्रोपेगेटर बॉटम टू अप करने ही नहीं वाला है। अगर वो करने ही नहीं वाला है तो भैया इसको आगे हमें फर्दर एक्सप्लोर करना ही नहीं है। यह सिंपल सा लॉजिक आपको यहां पे देखना है और इसी को अभी और बड़े लेवल पे अपन इंप्लीमेंट करने वाले हैं।

तो चलो जी, फिर थोड़ा सा आगे आ जाते हैं। आगे मतलब क्या? अब यहां पे तो हमें पता चल गया कि यार इसकी वैल्यू जो है फाइव है, इससे तो ज्यादा हो नहीं सकती। ठीक है? तो इसे फर्दर आगे भेज देते हैं अपन। कहां भेज देते हैं? बीटा। तो यहां पे हो जाता है बीटा = 5। अब जैसे ही बीटा = 5 होता है, तो अब इसका एक्सपेक्टेशन मीन लेवल पे बदल जाता है। ये बोलता है लेस देन फाइव आएगा तो ही जाके मैं एक्सपेक्ट करूंगा। बराबर है? ये मेरा एक्सपेक्टेशन है मतलब एक्सेप्ट या फिर अपडेट बीटा की वैल्यू तभी करूंगा जब भैया लेसन फाइव वाला मामला सिनेरियो मुझे क्लियर दिखाई देगा। तो उसके लिए चलो यहां पे आ जाते हैं। अब ये देखते हैं कि ये अल्फा वैल्यू क्या दे सकता है? क्या इससे बेटर देगा? क्या इससे बेटर देगा? क्योंकि अब आएगा आएगा इस इसमें तो बहुत बड़ी प्रूनिंग होने वाली है। कैसे आपको बताता हूं। देखो जरा गौर से। पहले बीटा वैल्यू ये वाली अपडेट कर देते हैं, है कि नहीं? ये नाइन दिख रहा है, 10 दिख रहा है। तो सबसे पहले मैंने बोला था लेफ्ट टू राइट जाएंगे तो यहां पे पहले बीटा = 9 आ जाएगा। अब जैसे ही बीटा = 9 आता है, तो इसकी एक्सपेक्टेशन क्या होगी? लेस देन भैया यहां पे मामला तो मेरे को लेस देन नाइन ही मांगता है। लेस देन नाइन ही मांगता है।

अब यही नाइन वैल्यू लेट्स से मैंने अल्फा को ऊपर दे दिया तो यहां पे अल्फा = 9 हो गया। तो ये बोलता है मेरे का मेरे को ग्रेटर देन नाइन नहीं मांगता है। बात क्लियर है? बात अंडरस्टैंडेबल है आपको समझ में आ रही है कि मेरे को तो ग्रेटर देन नाइन ही मांगता है। लेकिन, लेकिन, लेकिन, लेकिन, लेकिन अंडरस्टैंड द पॉइंट। एक्सपेक्टेशन कॉन्फ्लिक्ट दिखाई दे रहा है मेरे को। एक्सपेक्टेशन कॉन्फ्लिक्ट दिखाई दे रहा है। यहां पे जो बीटा की वैल्यू है वो बोलता है कि बीटा की वैल्यू तो अगर आगे चांस होगा अपडेट करने का तो वो तो अगर फाइव से लेस देन होगा तभी मैं अपडेट करूंगा। लेकिन यहां पे ये बोल रहा है कि अल्फा की वैल्यू तो मैं तभी अपडेट करूंगा जब रिस्पेक्टिवली नाइन से ग्रेटर देन वैल्यू होगी। तो ये तो कॉन्फ्लिक्ट है। यहां पे ये बहुत ज्यादा कम की बात कर रहा है, ये ज्यादा की बात कर रहा है और ये कभी मिलने नहीं वाले हैं और ना ही कभी इनका रिस्पेक्टिव वैल्यू कुछ कॉमन इंटरसेक्ट होने वाला है। तो ऐसा कोई मामला सिनेरियो दिख नहीं रहा है। तो फिर इस हालात में क्या किया जाए? आगे बढ़ने की जरूरत है? आगे कुछ चेक करने की जरूरत है? जी, इज इट एनीवे रिक्वायर्ड? तो मेरा सिंपल सा आंसर होगा सर जी, कोई जरूरत नहीं है। तो ये जो रिस्पेक्टिव ब्रांच है इसको यहीं पे सीधा कट ऑफ कर दो, प्रून कर दो, बात खत्म कर दो। सर, कोई रिक्वायरमेंट ही नहीं है इसकी। बराबर है? बात क्लियर है आपको समझ में आ रही है? तो यहां पे ये मामला मैंने प्रून कर दिया।

अब यही रिस्पेक्टिवली जो फोर की वैल्यू है, ये मैं आगे प्रोपेगेट करूं। यहां पे मीन लेवल है, यहां मीन लेवल है। बीटा दिखा मतलब मीन लेवल है। तो यहां पे मीन लेवल पे एक्सपेक्टेशन क्या होगा? लेस देन फोर हो गया। वापस से कॉन्फ्लिक्ट हो गया। वापस से कॉन्फ्लिक्ट देखो ना यहां पे ये देखो। कॉन्फ्लिक्ट देखो अल्फा और बीटा में। ये बोल रहा है कि सर जी, लेस देन फोर होगा तो वैल्यू अपडेट करूंगा। ये बोल रहा है कि सर जी, अगर ग्रेटर देन फाइव होगा तभी मैं वैल्यू अपडेट करूंगा। अपने आप को मैक्सिमाइज करना चाहूंगा ना मैं? मेरा एंड रिजल्ट वैल्यू हो गया कॉन्फ्लिक्ट। ये कभी मैच नहीं करेंगे। ये लेस देन फोर की बात कर रहा है, ये ग्रेटर देन फाइव की बात कर रहा है। तो सर जी, अब इस हालत में क्या होगा? इस केस में क्या होगा? आगे बढ़ने का कोई सेंस बनता है? क्योंकि यहां से कितनी भी बड़ी वैल्यू आप सप्लाई कर दो, 100, 1000, 1 मिलियन कुछ भी वैल्यू सप्लाई कर दो, ये सिंपली उसे एंटरटेन करने ही नहीं वाला है। ये उसे एंटरटेन करने ही नहीं वाला है। तो क्या लॉजिक बनता है इसे फर्दर एक्सप्लोर करने का? क्या लॉजिक बनता है भैया जी? इसको मैं यहां पर पूरा जो है इस तरीके से मार्क कर देता हूं। कोई लॉजिक बनता है? नहीं सर जी। तो इसको क्या कर देंगे? कट ऑफ कर देंगे। यह सिंपल सा पूरा अंडरस्टैंडिंग आपको अल्फा बीटा प्रूनिंग का समझना है। क्योंकि यहां पे काफी ज्यादा समय की बचत हो रही है, सर्चिंग भी बहुत बढ़िया हो रहा है और ये वाला मामला जो आपके लिए काफी ज्यादा आसान होगा। ऐसे क्वेश्चंस भी आपको पूछे जा सकते हैं। तो इसी मैनर में लेफ्ट टू राइट बॉटम टू अप प्रोपेगेशन ऑफ वैल्यूज करनी है और जब ऐसे भी कुछ हमें एक्सपेक्टेशन अल्फा बीटा के बीच में कॉन्फ्लिक्ट एक्सपेक्टेशन अगर देखने को मिल जाएगा तो सिंपली समझ जाना है कि भैया आगे बढ़ने का कोई सेंस नहीं बनता क्योंकि वो एक तरीके से ऐसा हो जाएगा कि हमें पता था कि हमारा काम नहीं होगा, बट स्टिल भैया हम वहां पे गए। बराबर है? ये वो वाली चीज हो जाएगी। तो हमें अपना टाइम वेस्ट नहीं करना है, उस जगह नहीं जाना है। यह वाली बात अपने को यहां पे अंडरस्टैंड करनी है।

और फिर आगे बढ़ते हैं जी हम अपने अगले चैप्टर मॉड्यूल यूनिट की तरफ जिसका नाम है नॉलेज रिप्रेजेंटेशन। जैसे कि भैया देखो, अब ये वर्ड, इस इस वर्ड का तो सिंपल बेसिक इंट्यूशन आपको पता होगा। नॉलेज, जैसे कि अभी भी आप नॉलेज प्राप्त कर रहे हो, है कि नहीं? बुक्स के थ्रू नॉलेज प्राप्त कर रहे हो, वीडियोस के थ्रू, एक तरीके से वेबसाइट, ब्लॉग्स के थ्रू, आर्टिकल्स के थ्रू, बहुत सारे मीडियम हैं आपके पास जिनके थ्रू आप नॉलेज प्राप्त कर रहे हो। उससे क्या होता है? एक सेंस ऑफ अवेयरनेस अपने अंदर क्रिएट होता है, जो कि एक्सपीरियंस के थ्रू, सिचुएशंस को विटनेस करने के थ्रू अपने पास नॉलेज जो है अपन गेन करते जाते हैं। इसलिए हमारे बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि भैया देखो, ये सफेद जो है ना बाल, ये डाई की वजह से नहीं हुए। ये मैंने डाई नहीं लगाया। ये मेरा एक तरीके से तजुर्बा रहा है, ये मेरा एक्सपीरियंस रहा है। तो उनके पास ज्यादा नॉलेज का भंडार रहता है। बराबर है कि नहीं?

अब बात वही है कि फिर रिप्रेजेंटेशन का मतलब क्या बनता है? रिप्रेजेंटेशन का मतलब ये बनता है कि देखो जी, अगर हमारे सामने नॉलेज रख दिया जो कि हम अंडरस्टैंड कर सकें, तो हम उस नॉलेज के थ्रू अपनी जो समझ है, वो बढ़ा सकते हैं, सीख सकते हैं, कुछ है कि नहीं? और उसी हिसाब से अपने लाइफ में आगे जो प्रॉब्लम्स आएंगे, सिचुएशंस आएंगे, उनको सॉल्व कर सकते हैं। लेकिन मेरा सवाल ये है कि क्या ये मशीन के लिए किया जा सकता है? जैसा हमारे लिए किया जा सकता है, क्या ये मशीन के लिए किया जा सकता है कि नॉलेज को कुछ इस फॉर्म में रिप्रेजेंट किया जाए, कुछ ऐसे टाइप्स में रिप्रेजेंट किया जाए कि यार आपका मशीन उसे समझ सके, उसे अंडरस्टैंड कर सके, उसे इंटरप्रेट कर सके और साथ ही साथ भैया उससे वो सीख के आगे अपना नॉलेज बेस बढ़ा के आगे अपने रिस्पेक्टिवली जो प्रॉब्लम्स हैं, सिचुएशंस हैं, उनको एक तरीके से टैकल करके सॉल्व कर सके? बात क्लियर है? समझ में आ रही है?

अब इसमें भी बहुत सारे आगे-आगे जो है बेसिकली टाइप्स आ जाते हैं नॉलेज के। जैसे कि देखो गौर से देखना, रिस्पेक्टिवली डिक्लेरेटिव नॉलेज आ जाता है, स्ट्रक्चरल आता है, प्रोसीजरल आता है, ह्यूरिस्टिक आता है, मेटा आता है। एक-एक करते हुए समझते हैं। सबसे बेसिक प्रिमिटिव टाइप जो होता है, वो होता है आपका डिक्लेरेटिव नॉलेज। डिक्लेरेटिव नॉलेज मतलब क्या है? आपके इस दुनिया में रियल वर्ल्ड में लेट्स से बहुत सारी आपकी एंटिटीज होंगी, ऑब्जेक्ट्स होंगे, उनके रिगार्डिंग जो भी कॉन्सेप्ट, फैक्ट्स होंगे, उनके बारे में जो जानकारी है, वो आपको डिक्लेरेटिव नॉलेज देने का प्रयत्न करता है।

एक और टाइप ऑफ नॉलेज होता है स्ट्रक्चरल नॉलेज। स्ट्रक्चरल नॉलेज ये क्या बोलता है? भैया आपके जो वो ऑब्जेक्ट्स की बात आप कर रहे थे ना, एंटिटीज की बात कर रहे थे, उनमें क्या संबंध है? उनमें क्या रिलेशन है? इज अ काइंड ऑफ ऐसे वाले रिलेशन आगे देखने वाले तो उनके बीच में क्या रिश्ता है, जो कहलाता है, वो यहां पे भैया बताने का कार्यक्रम स्ट्रक्चरल नॉलेज में किया जा रहा है।

फिर आते हैं भैया प्रोसीजरल नॉलेज। यहां पे तो भैया हम लोगों को व्हाट का उत्तर मिल रहा है कि व्हाट इज दिस ऑब्जेक्ट? ये क्या है भैया? इसका उत्तर मिल रहा है। और यहां पे प्रोसीजरल में कुछ नियम कानून तौर तरीके, यानी कि कुछ प्रोसीजर होते हैं, कुछ रूल्स होते हैं, जो कि अपने को डिक्टेट करते हैं ये कैसे करना है। भैया पहले हम लोग पूछते हैं ना, पहले प्रश्न किसी भी काम करने करने से पहले क्या करना है? बताओ। फिर अगला प्रश्न रहता है कैसे करना है? बताओ। तो वो कैसे करना है बताओ, इसके लिए एक प्रोसीजर डिफाइंड रहता है। वो प्रोसीजरल नॉलेज के अंदर उस रूल्स को फॉलो करते हुए आपको उस काम को जो है अंजाम देना होता है। तो यहां पे हम लोग जो है एक तरीके से अपने परफॉर्मेंस की भी बातें करते हैं।

उसके बाद आते हैं ह्यूरिस्टिक वाला मामला। ह्यूरिस्टिक नॉलेज क्या है? इससे पहले ह्यूरिस्टिक वाला फंडा हमने देखा है। वो गांव वाला एग्जांपल याद है कि नहीं? कि बुआ के घर जाना था, काफी ज्यादा रास्ते थे, काफी ज्यादा घर थे और मेरे पास इनफॉर्म द सर्च वाला फंडा, ह्यूरिस्टिक वाला फंडा था। यानी कि वहां का एक लोकल बंदा या बंदी थी, मैंने उनको रोका, मैंने उनसे बड़े सम्मान सहित पूछा कि मुझे आप बताइए, देखिए बुआ जी का मेरा ये नाम है एक्स वाई जेड, उनका घर किधर पड़ेगा? बात क्लियर है कि नहीं? बात समझ में आ रही है कि नहीं? उनका घर तो यार वो लोकल बंदा है यार बंदी है, उनको पता होगा उस एरिया का चप्पा चप्पा, गली गली उनको पता होगा। तो वो क्या है अपनी एक एक्सपर्ट नॉलेज मेरे साथ शेयर करेंगे। उनके पास एक्सपीरियंस होगा, उनके पास उसकी प्रीवियस हिस्ट्री होगी। उस हिसाब से वो मुझे एक एस्टीमेट टाइम, एस्टीमेट कॉस्ट, एस्टीमेट डिस्टेंस मुझे बताएंगे। एंड दैट इज व्हाट वी आर टॉकिंग अबाउट द ह्यूरिस्टिक नॉलेज, एस्टीमेट थिंग्स।

ओके, उसके बाद आते हैं मेटा नॉलेज। ये क्या होता है? मेटा मतलब क्या होता है जी? मेटा नॉलेज मतलब के अबाउट के, यानी नॉलेज अबाउट नॉलेज। आपके नॉलेज के बारे में भी कुछ नॉलेज होगा जो एग्ज़िस्ट करता होगा, जो कि आपकी नॉलेज को अंडरस्टैंड करने में बहुत ज्यादा सहायता करेगा। यह बात समझनी है।

उसके बाद आ जाते हैं कई सारे टेक्निक्स एग्ज़िस्ट करते हैं नॉलेज रिप्रेजेंटेशन के। जैसे कि यार, अ लॉजिकल वाला फंडा आ जाता है, सिमेंटिक नेट या नेटवर्क जिसे बोलते हैं, सिमेंटिक नेटवर्क वाला फंडा आता है, फ्रेम वाला आता है, प्रोडक्शन रूल्स वाला आता है, जो कि हम लोग ऑलरेडी जो है फजी लॉजिक में कुछ हद तक जो है देख चुके हैं।

आगे बढ़ते हैं। लॉजिकल रिप्रेजेंटेशन। देखो जी, लॉजिकल रिप्रेजेंटेशन, प्रपोजिशनल एंड प्रेडिकेट लॉजिक वाला जो बात है, उसकी यहां पे लॉजिकल रिप्रेजेंटेशन में की जाती है। अब ये क्या है, किस प्रकार से, उसके बारे में आगे डिटेल में बात करेंगे। बस जस्ट उसे यहां पे मैंने मेंशन करके रखा है कि इट्स अ पार्ट ऑफ अ लॉजिकल रिप्रेजेंटेशन।

ठीक है, बात करते हैं सिमेंटिक नेटवर्क। सिमेंटिक नेटवर्क क्या कहना चाहता है जी? बड़ी सिंपल बात कहना चाहता है। रिलेशन, रिलेशन, जो भी आपके रिस्पेक्टिव एंटिटीज होंगे, ऑब्जेक्ट्स होंगे, रियल वर्ल्ड के, उनके बीच में जो नाता है, संबंध है, रिलेशन, जो कि अलग-अलग टाइप का हो सकता है, जैसे इज अ काइंड, इज ओंड बाय, बराबर ऐसे। जैसे एक एग्जांपल आपके सामने बड़ा पॉपुलर एग्जांपल है सेंटिक नेटवर्क का, वो आपके सामने मैं रखना चाहूंगा कि जैसे कि फॉर एग्जांपल सैम। सैम कौन है भैया? टॉम का ओनर है। तो टॉम इज ओंड बाय द सैम। अब टॉम कौन है भैया? तो टॉम इज नथिंग बट अ कैट। तो कैट यहां पे आप गौर से देखना, एरो, एरो की तरफ देखना, एरो की तरफ। टॉम इज अ कैट। तो मुझे एक-एक प्रश्न का उत्तर मिलते जा रहा है। मुझे मुझ एक-एक प्रश्न का उत्तर मिलते जा रहा है कि भैया सैम कौन है? इट्स द ओनर ऑफ टॉम। एक तरीके से भैया हमारा जो टॉम कौन है? वो एक कैट है। अब जी, कैट क्या होता है? एक मैमल होता है। मैमल क्या होता है जी? एक एनिमल होता है। तो ये जो एक तरीके से पूरा आपका नेटवर्क बनते जा रहा है, इन रिस्पेक्टिव एंटिटीज ऑब्जेक्ट का, उनके बीच का जो संबंध है, नाता है, रिश्ता है, क्या कहलाता है, उसका जो प्रश्न का उत्तर है, वो मेरे समक्ष आते जा रहे हैं।

आगे बात करते हैं जी अपने फ्रेम वाले फंडे की और फिर उसके बाद प्रोडक्शन रूल के ऊपर अपन आने वाले हैं। फ्रेम के अंदर देखो दो टर्मिनोलॉजी जिनका डिस्कशन अपन करते हैं। इसे स्लॉट है। एक्चुअली दीज आर नथिंग बट द स्लॉट्स दैट आई एम टॉकिंग अबाउट। तो जी, अपने इस स्लॉट्स में क्या मेंशन होगा? आपके जो भी रियल वर्ल्ड के ऑब्जेक्ट्स हो गए, एंटिटीज हो गए, उनके रिस्पेक्टिवली जो एट्रिब्यूट्स हैं, वो वहां पे मेंशन होंगे। प्रॉपर्टीज जो है, वो एक तरीके से वहां पे मेंशन होंगे। और जो फिल्टर, यानी कि अगला कॉलम निकल के आता है आपके इस फ्रेम, जिसे हम लोग बड़े प्यार से एआई का डेटा स्ट्रक्चर भी बोल सकते हैं, उसके अंदर जो अगला कॉलम है, जो कि फिल्टर्स का होता है, उसमें एक्चुअल में उन रिस्पेक्टिव फीचर या एट्रिब्यूट्स की वैल्यूज मेंशन होती हैं। तो दे वर्क एज अ की वैल्यू पेयर। की वैल्यू पेयर। देखो आपके सामने पूरा जो सिनेरियो है, कच्चा चिट्ठा जो है, एकदम क्रिस्टल क्लियर फॉर्म में आपके सामने रख देता हूं कि फ्रेम कैसे दिखाई देती है। तो देखो ये दो कॉलम्स में डिवाइडेड है। यहां पे आपके स्लॉट्स होंगे, यहां पे भैया आपके फिल्टर, यानी कि आपके उन एट्रिब्यूट्स की वैल्यू। लेट्स कंसीडर मैं यहां पे एक बुक का एग्जांपल लेता हूं। ठीक है? जस्ट अ बुक। अब देखो, सब सिंपल सी बात है। बुक का कुछ नाम होगा, बराबर है कि नहीं? तो बुक का जो नेम है, वो एक उसका एट्रीब्यूट हो गया। यहां पे अगर आप गौर से देखेंगे, तो मैं इसको लिख देता हूं नेम, दैट इज अ बुक का नाम। अब उसकी वैल्यू क्या है? उस एट्रिब्यूट की वैल्यू क्या है? यहां पे जी, उसकी नाम ले लेते हैं जी, कुछ तो ए बी सी, लेट्स कंसीडर। तो ये हो गया भैया की, ये हो गया भैया वैल्यू। और ये की वैल्यू पेयर किसे करेस्पॉन्ड कर रहा है? आपके ऑब्जेक्ट या एंटिटी बुक को। उसके बाद यार देखो, आगे हम बात कर सकते हैं कि यार कितने पन्ने हैं, कितने पेजेस हैं। लेट्स से मैं बोल दिया भैया 500 पेजेस हैं। तो ये हो गई की, ये हो गई भैया वैल्यू। करेस्पोंडिंग्ली सा आईडिया आपको समझना है। एग्जांपल के तौर पे आप बुक जैसे मैंने दिखाया, वो टिकट भी कंसीडर कर सकते हैं। टिकट में भी की वैल्यू पेयर्स बहुत सारे मौजूद होते हैं, जो कि आपको उस ऑब्जेक्ट एंटिटी के बारे में इन्फॉर्म करने का प्रयत्न कर रहे हैं। अगली बार भई भैया, अगर मशीन को जरूरत पड़ गई इसके बारे में जानकारी हासिल करने की, तो खाली ये जो अपना एआई का डेटा स्ट्रक्चर है, वो उसको रेफर कर लेगा और उसको उसके बारे में जानकारी जो है, नॉलेज जो है, एक तरीके से प्राप्त हो जाएगी।

और ये वाला फंडा तो भैया कुछ नया नहीं है। मैं पहले ही मेंशन कर चुका हूं। प्रोडक्शन रूल्स। इफ देन रूल्स इसमें मेंशन होते हैं। कुछ कंडीशन होती है, उसमें कुछ एक्शन होता है। अगर आपकी रिस्पेक्टिवली कंडीशन जो है, वो सेटिस्फाई हो जाती है, तो देन व्हाट एक्शन यू हैव टू परफॉर्म? ये वो डिक्टेट करने का प्रयत्न प्रोडक्शन रूल के थ्रू जो है, एक तरीके से किया जाता है। यह बात अपने को अंडरस्टैंड करनी है।

अब जैसे एक चलो, एक फन वे में एग्जांपल मैं लेता हूं। इफ आई वॉच फाइव मिनट्स इंजीनियरिंग वीडियोस, अगर ये वन शॉर्ट वीडियो आप एआई का देख लो और फिर एग्जाम देने जाओ, तो देन व्हाट विल हैपन? देन व्हाट विल हैपन? आई कैन।

इजली राइट द एग्जाम तो भैया, ये आसानी से जो है आप परफॉर्म कर पाओगे। आप आसानी से जो है अपना इजली एग्जाम लिख पाओगे, निकाल पाओगे, बढ़िया से बढ़िया पॉइंटर भी पा लोगे। तो यह बात अपने को जो है समझनी है।

अब थोड़ा डिटेल में जो है जानकारी हासिल करते हैं। लॉजिकल रिप्रेजेंटेशन में जो हमने बात की थी प्रपोजिशनल लॉजिक एंड प्रेडिकली इसके बारे में जो है वार्तालाप करना शुरू करें। प्रपोजिशनल लॉजिक मतलब यहां पर सिर्फ बातचीत होने वाली है ट्रू या फॉल्स की। एक तो ट्रू, एक तो फॉल्स। कभी भी ऐसा नहीं होगा कि आपका कोई एक पर्टिकुलर गिवन स्टेटमेंट दोनों हो, बोथ हो एट द सेम टाइम। ऐसा हो ही नहीं सकता। एक गिवन स्टेटमेंट है, एक तो वो ट्रू होगा, एक तो फॉल्स होगा। ऐसा नहीं होना चाहिए भैया प्रपोजिशनल लॉजिक में कि वो दोनों हो सकता है कि हां जी ट्रू भी है, हां जी फॉल्स भी है। ऐसा नहीं होना चाहिए। बात क्लियर है? बात समझ में आ रही है?

जैसे कि एग्जांपल के तौर पे, 2 + 3 तो ये क्या है जी? 2 + 3 वाला मामला क्या दिखाई दे रहा है? सर जी, ये फाइव है। तो ये सही है? क्या ये बढ़िया है? क्या यूनिवर्सलीस सेटेड फैक्ट है? क्या भैया कि ये ट्रू है? हां जी सर जी, बिल्कुल। हम कह रहे हैं ना, इतना तो एडिशन आता है कि 2 + 3 = 5 निकलता है। तो ये सर ट्रू है।

लेकिन हां, तो यह आपका रिस्पेक्टिवली प्रेडिटरमिनेशन नहीं किया। वीडियो को तो तुरंत शेयर कर दीजिए ताकि वो भी एआई का वन शॉट ये वीडियो देख ले और भैया उसको भी एग्जाम लिखने में थोड़ी सी आसानी हो जाए। और इस रिस्पेक्टिव पुण्य के कार्य में आप भी अपना थोड़ा बहुत कंट्रीब्यूशन एक शेयर का बटन दबा के कर दें। बराबर है? तो यहां पे हो सकता है ना, किसी एक के लिए सिचुएशन अलग है, दूसरे के लिए अलग है। तो ऐसे केसेस में भैया ट्रू फॉल्स वाला मामला किसी के लिए ट्रू होगा, कोई देख रहा होगा, कोई नहीं देख रहा होगा, उसके लिए फॉल्स होगा। तो यह मामला जो है अपने प्रपोजिशनल लॉजिक में नहीं ला करेगा। यह बात अंडरस्टैंड करनी है।

अब देखो, प्रपोजिशनल लॉजिक के सिंटेक्स वाइज अगर हम लोग देखें तो इसमें दो कैटेगरी निकल के आ जाती है। एटॉमिक एंड सिंगल प्रपोजिशन की बात करते हैं, सिंगल स्टेटमेंट की बात करते हैं। जैसे कि अभी देखा था, 2 + 3 = 5। सिंगल स्टेटमेंट है, तो यार इसकी वैल्यू क्या है जी? सिंपल है जी, ट्रू है जी। बात क्लियर है? यहां पे, अर्थ इज फ्लैट। यह तो भैया देखो, इसके बीच में कोई आर्गुमेंट होना ही नहीं चाहिए। यह तो क्लियर कट भैया फॉल्स है। और यह तो क्लियर कट भैया ट्रू है। तो इसमें कोई डिस्कशन है? यह यूनिवर्सल फैक्ट है। बात क्लियर है? तो यह होता है एटॉमिक। इनको जोड़ा नहीं गया है। यह सिंगल एंटिटी है, यह सिंगल स्टेटमेंट है, यह सिंगल प्रपोजिशन है। इसलिए इनको बोला गया भैया एटॉमिक नेचर।

लेकिन कॉम्प्लेक्शनेशन नेचर क्या होता है? कॉम्प्लेक्स स्टेटमेंट्स एक से ज्यादा प्रपोजिशंस को कनेक्ट करने की कोशिश करते हो विद द हेल्प ऑफ दिस कनेक्टिव्स जैसे कि भैया नॉट या निगेशन कहते हैं, डिसजंक्शन या और कहते हैं, कंजंक्शन या एंड जिसे कहते हैं, यह एरो वाले मार्क को इंप्लाइज या फिर इफ देन वाला फंडा कहते हैं, एंड डबल इंप्लीकेशन यानी कि अपन उसको इफ एंड ओनली इफ वाला फंडा कहते हैं।

अब यह वाला फंडा क्या होता है? इसको मैं ट्रुथ टेबल के थ्रू आपके समक्ष रखना चाहूंगा। देखो, निगेशन यह एक स्टेटमेंट पे किस तरीके से ऑपरेट करेगा कि आपके फंडे को उलट पुलट कर देगा, यानी कि उसमें नॉट लगा देगा। क्या करेगा? नॉट लगा देगा। कैसे करेगा? यह जीरो है, अगर आपके ट्रुथ टेबल में जीरो है तो उसे वन कर देगा। रिजल्टेंट आउटपुट दिखा रहा हूं मैं यहां पर आउटपुट दिखा रहा हूं। अगर वन होगा तो जीरो कर देगा। इट्स लाइक अ कॉम्प्लीयंट वाला फंडा यहां पर चलेगा।

अगर गौर से देखेंगे, अगर मैं इसकी बात करूं, यह क्या है जी? यह और है। और मतलब क्या कि दोनों में से अगर एक भी ट्रू रहा तो फाइनल में ट्रू रहेगा। लेकिन अगर दोनों ही जीरो रहे तो फाइनल में फॉल्स रहेगा। जैसे कि यह वाला सिचुएशन देख लो, यह वाला सिचुएशन देख लो। बाकी तो यार एक मिनट, यह और है या एंड है? जस्ट मिनट। हां, यहां पर एक्चुअली एंड रहना चाहिए। दिस इज दिस शुड बी एक्चुअली एंड। और यह वाला मामला जो है, क्योंकि यहां ट्रुथ टेबल तो भैया एक तरीके से जो है अपन ने एंड का बनाया है। क्योंकि एंड वाले केस में ही ऐसा सिचुएशन होता है कि जब दोनों ही आपके ट्रू होंगे, जब दोनों ही आपके प्रपोजिशंस, जब आपके दोनों ही स्टेटमेंट्स वन वन यानी कि ट्रू होंगे, तब जाके मैं रिजल्ट, रिजल्टेंट में कॉन्फिडेंटली बोल पाऊंगा कि भैया आपका रिजल्ट ट्रू है, आपका रिजल्ट वन है। नहीं तो बाकी सब सिचुएशंस में अगर एक भी जीरो निकलता है या दोनों जीरो निकलते हैं तो उसे फॉल्स कहते हैं। तो यह कौन सा फंडा है भैया? कंजंक्शन का, यानी कि जहां पर एंड ऑपरेट करता है। और यह वाला कौन सा फंडा है जी? और वाला, जिसको इस तरीके से नोटेशन v से डिनोट करते हैं। और यह इनवर्टेड v आ जाता है कंजंक्शन के लिए। तो यह डिसजंक्शन है, और वाला फंडा। और उसमें क्लियर आप देखोगे जो सिचुएशन मैं पहले बता रहा था फॉर द ऑर ट्रुथ टेबल, दैट इज जीरो जीरो होगा तभी जीरो होगा, नहीं तो बाकी सब के सब आपके यहां पर वन दिखाई दे जाएंगे।

और यह वाला फंडा बड़ा इंटरेस्टिंग है, देखना इसको, समझना इसको। वैसे तो इसके बारे में बहुत ज्यादा चर्चा अपन डिजिटल लॉजिक इस वन शॉर्ट वीडियो में काफी ज्यादा कर चुके हैं। इफ यू आर इंटरेस्टेड, आप उसे भी रेफर कर सकते हैं। उसमें भी और डिटेल में बहुत सारे कॉन्सेप्ट कवर किए हैं। इन केस अगर आप यहां इंटरेस्टेड हैं तो इन मुद्दों में इंटरेस्टेड है तो वहां पर और डिटेल में जो है उनको समझने के लिए रेफर किया जा सकता है। वन शॉर्ट सीरीज प्लेलिस्ट में वो वीडियो अवेलेबल है। इंप्लीकेशन की बात कर रहा था, यानी कि इफ देन, इफ देन, इफ देन। बराबर है कि नहीं? तो यहां देखो, बाकी सब आपके वन वन होंगे, बाकी सब आपके वन वन होंगे। लेकिन सिर्फ वन जीरो के कॉम्बिनेशन के लिए वो जीरो होगा। वन जीरो के कॉम्बिनेशन के लिए वो जीरो होगा। इसको एक एग्जांपल के साथ समझते हैं।

इफ आई हैव स्टडीड देन आई विल पास एग्जाम। तो यह बात समझ में आती है, बराबर है कि नहीं? मतलब देखो, आपने स्टडी भी किया है और और आपने रिस्पेक्टिवली एग्जाम पास कर ली। तो यह कोई अनयूजुअल चीज नहीं है। मेहनत की है, पढ़ाई की है तो भैया आप पास हो गए तो कोई दिक्कत नहीं है। तो यह भैया एकदम वैलिड लग रहा है, यह वैलिड स्टेटमेंट है, कोई दिक्कत नहीं है। आपने पढ़ाई नहीं की, आपने पढ़ाई नहीं की और आपने भैया फेल हो गए। पढ़ाई ना की, फेल हो गए। तो यह भी वैलिड है भैया, कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। तो यह तो भैया आपका ट्रू है, वैलिड है, कोई दिक्कत नहीं है।

अब एक और सिचुएशन देखो, आपने पढ़ाई नहीं की लेकिन आप पास हो गए। तो कोई दिक्कत है? नहीं जी, टैलेंटेड बंदा होगा शायद उसको यार इतनी पढ़ाई करने की जरूरत नहीं पड़ी। तो यह भी वैलिड है, यह इसमें इतना कोई ताज्जुब करने वाली बात नहीं है। ताज्जुब करने वाली बात तो यहां पे है। यह क्या बोलता है कि भैया मैंने पढ़ाई की लेकिन मैं फेल हो गया, मैं पास नहीं हो पाया। यह थोड़ी ताज्जुब करने वाली बात है कि यार तुमने पढ़ाई भी की और तुम फेल हो गए। यह कैसे हो गया यार? यह कैसे हो गया? यह तो मुझे हजम नहीं हो रहा। और जो चीज हजम नहीं हो रही उसी को मैंने यहां पे इनवैलिड यानी कि फॉल्स बोला हुआ है।

और डबल इंप्लीकेशन का मामला क्या होता है? सिंपल है। इसका एक सिंपल लॉजिक बताता हूं मैं। डबल इंप्लीकेशन में, इफ एंड इफ ओनली में कि जब तक दोनों सेम नहीं होंगे, जब तक दोनों सेम नहीं नहीं होंगे तब तक रिजल्टेंट आपका वैलिड या फिर ट्रू या फिर वन नहीं कहलाएगा। बराबर है? जैसे कि इस केस में, यह दोनों सेम नहीं है, यह दोनों सेम नहीं है। अगर यह दोनों सेम नहीं है तो भैया यहां पे फाइनली जीरो या फिर इनवैलिड दिखेगा, फॉल्स दिखेगा। लेकिन आप देखो इस केस में, जैसे मैंने शुरुआत में बोला था कि अगर वो दोनों के दोनों सेम है, दोनों के दोनों फॉल्स है, दोनों के दोनों प्रीपोजिशन फॉल्स है या फिर आपका रिस्पेक्टिवली ट्रू है, प्रीपोजिशन स्टेटमेंट्स ट्रू है तो ही जाके भैया यहां पर आपको जो है वन देखने को मिलेगा। इन केस ऑफ जीरो जीरो एंड वन वन। इन केस ऑफ डिफरेंट आपको यहां पर जीरो देखने को मिल जाएगा। यह ट्रू टेबल का नेचर है, जो कि इन सब के बारे में आपको बताने का पूरा प्रयत्न प्रयास मैंने किया है।

अब आगे बढ़ते हैं। प्रेडिकली क्या बात कर रहे हो? व्हाट डू यू मीन बाय वेरिएबल? क्या बात कर रहे हो सर आप? यह वेरिएबल का मेरा मतलब यह है कि पहले हम क्या करते थे कि 2 इज ग्रेटर 5, यह वाला फंडा हम बोलते थे और कहते थे कि यार यह ट्रू है या फॉल्स है, बताओ। इज इट ट्रू और फाल्स? यह मुझे सिंपली बता दो। इस स्टेटमेंट के थ्रू, यह प्रपोजिशन है, इसके थ्रू मुझे बता दो। सर जी, यह तो फॉल्स है। सर, यह फॉल्स है। अगर मैं कुछ ऐसा करूं, लेट्स से, अगर मैं ऐसा करता हूं, यहां ऐसा लगा देता हूं, 12 इज ग्रेटर 5, सर फिर तो यह फॉल्स नहीं है, सर। इसको हटाना पड़ेगा। सर, यह ट्रू है। बात क्लियर है?

अब अगर मैं, अब अगर मैं यहां पर थोड़ा सा मॉडिफिकेशन करता हूं, टू की जगह मैं x रख देता हूं। अब मुझे बताओ कि क्या यह स्टेटमेंट ट्रू है या फॉल्स है? अब आपका एक रीजनिंग क्या होगा? आप बोलोगे सर जी, ना, यह डिपेंड करता है x की वैल्यू क्या है, बराबर है कि नहीं? बराबर है कि नहीं? क्योंकि यह जो x की वैल्यू है, यह 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, बहुत सारी वैल्यूज हो सकती है जी, बहुत सारी वैल्यूज हो सकती है। और x की जो यह पॉसिबल वैल्यूज है, इसी को अपन डोमेन कहते हैं। इसी को अपन डोमेन कहते हैं। तो यहां पर अगर आप गौर से देखेंगे, तो वन से लेकर, वन से लेकर फाइव तक इन वैल्यूज के लिए मामला आपका फॉल्स होगा। और सिक्स से लेकर 10 तक आपके डोमेन की वैल्यूज के लिए, डोमेन मतलब अलाउड वैल्यूज फॉर दिस रिस्पेक्टिव वेरिएबल x, तो यह मामला ट्रू होगा। यानी कि कुछ वैल्यूज के लिए, पहली पांच वैल्यूज के लिए फॉल्स होगा और बची हुई जो पांच वैल्यूज है, यानी कि सिक्स से लेकर 10, यहां पर आपकी जो एक तरीके से रिजल्टेंट है, वो ट्रू रहेगा। बात क्लियर है? बात समझ में आ रही है? यही है यूज ऑफ वेरिएबल।

तो सर जी, यहां तो एक ही वेरिएबल आपने यूज किया, एक ही वेरिएबल एक तरीके से डेमोंस्ट्रेट करके बताया। अभी जरा थोड़ा सा और आगे का भी फंडा बताइए, कैसे चल सकता है? देखो, नोट हम कैसे करते हैं? P x. P x मतलब यह आपका P है और उसमें जो वेरिएबल सर्व हो रहा है, P मतलब यह आपका यह P है, यह है भैया आपका P और उसमें भैया जो x है, उसके ऊपर अपन ऑपरेट करने वाले हैं। V अलग, लाइक यू नो, वैल्यूज जो है एक तरीके से वो अलग-अलग उसमें प्लेस कर सकते हैं। तो x = 5, सर जी, यह ट्रू है या फॉल्स है? सर जी, डिपेंड करता है। अगर यहां पर x = 5 है तो सर यह ट्रू है। अदर देन फाइव है तो सर यह फॉल्स है। बात क्लियर है?

उसी तरीके से, x = y. अब यहां पर दो आ गई। तो इसको कैसे रिप्रेजेंट करेंगे कि भैया इस वाले रिस्पेक्टिव स्टेटमेंट को मैं x y इस तरीके से रिप्रेजेंट करूंगा कि यहां पर एक से ज्यादा वेरिएबल है, दो वेरिएबल है। तो अब यह डिपेंड करता है कि x की वैल्यू क्या है और y की वैल्यू क्या है। x की वैल्यू क्या है, y की वैल्यू क्या है? यह डिपेंड करता है। अगर दोनों यहां पर लेट्स से वन वन ले लेता हूं तो यह कंडीशन ट्रू है। लेकिन अगर यहां पर एक भी चेंज हो जाता है तो भैया यह कंडीशन बदल जाएगी। टू फॉल्स। बात क्लियर है? बात समझ में आ रही है?

चलो एक और बढ़िया से जो है एग्जांपल लेते हैं। x इज मैरिड टू y. तो यहां पर भी आपके पास देखो, यह एक और यह एक, दो वेरिएबल है। तो यहां पर सही सही नाम लिखने पड़ेंगे। नहीं तो अगर पत्रिका में नाम अगर इधर-उधर एक्सचेंज हो गया तो भैया गलत शादी हो जाएगी। तो यह नहीं होने देना है। तो यहां पर करेक्ट पेयरिंग चाहिए तब जाके भैया वो रिजल्टेंट ट्रू बोलेगा, तब जाके भैया वो वरमाला पैलाए। नहीं तो भैया पत्रिका देख के बोलेंगे, नहीं नहीं नहीं, इसको वापस से छपवा। यहां कुछ गलती हुई है। x y दो वेरिएबल यहां पर देखने को मिल रहे हैं।

x इज अ इंटीजर। अगर मैं बात करूं तो यहां पर भी भैया डिपेंड करता है x की वैल्यू पे। ठीक है? तो यह बेसिक सेंस में आपका प्रपोजिशन का ही एक एडवांस वर्जन है जहां पर हम लोग वेरिएबल का इस्तेमाल कर रहे हैं, व्हिच इज अंडर द प्रेडिकली। और इसमें हम लोग यूज करते हैं क्वालीफा, क्वांटिफायर्स का। क्वांटिफायर्स मतलब क्या जी? यूनिवर्सल एंड एजिस्टेंशियल क्वांटिफायर्स। यूनिवर्सल का मतलब होता है फॉर ऑल। यह देखो, यह नोटेशन है। उसके लिए हम लोग बोलते हैं फॉर ऑल या फिर ऑल, एवरी। यह टर्मिनोलॉजी का आपका आमना-सामना होगा जभी भी आपके सामने कुछ कुछ स्टेटमेंट्स हाजिर होंगे, उनमें ऑल दिख जाए, एवरी दिख जाए, यानी कि हम सबकी बात कर रहे हैं, हम यूनिवर्सलीस बात कर रहे हैं, हम इन जनरल यूनिवर्स सबको इवॉल्व करने की बात कर रहे हैं, तब जाके आपका फॉर ऑल वाला फंडा लगता है।

लेकिन एजिस्ट क्या है? यह एसिस्टेंसिया। हां, एसिस्टेंसिया वाला मतलब क्या होता है कि देयर एजिस्ट। यहां पर हम लोग नॉर्मली यह जो शब्द है, उसका चुनाव करते हैं। देयर एजिस्ट, देयर एजिस्ट मतलब सम, फ्यू, एनी। मतलब यहां पर अगर आपके पास लेट्स से डोमेन के अंदर, जैसे मैंने पहले बताया था ना कि पहली पांच वैल्यूज तो फॉल्स आ रही थी और कुछ वैल्यूज जो है वो ट्रू आ रही थी, बराबर है कि नहीं? तो देयर एजिस्ट कहेंगे, फॉर ऑल नहीं कहेंगे। यहां पर इस सिचुएशन में देयर एजिस्ट कहेंगे कि हां भैया, आपके पूरे डोमेन में से कुछ वैल्यूज ऐसी थी जिसके लिए आपका स्टेटमेंट ट्रू था। कुछ वैल्यूज थी ऐसी, देयर वर सम वैल्यूज, देयर वर फ्यू वैल्यूज, देयर वर एनी नंबर ऑफ वैल्यूज, नॉट ऑल। देयर वाज सम नंबर ऑफ वैल्यूज जो कि ट्रू थी, बाकी सब फॉल्स थी। यह बात अपने को समझनी है।

लेकिन अगर लेट्स से, लेट्स से मेरा डोमेन अगर ऐसा होता, वैसे तो यार चलो एग्जांपल के साथ में आपको वो समझाने वाला हूं। P(x) इज ट्रू। देखो कैसे डिनोट करते हैं? यह आपका नॉर्मल नोटेशन रहता है, जो कि रिप्रेजेंट किया जाता है किस तरीके से? गौर से देखना, समझना इस बात को। फॉर ऑल, फॉर ऑल x दैट बिलोंग्स टू A, P(x) इज ट्रू। बराबर है कि नहीं? फॉर ऑल x दैट बिलोंग्स टू A. तो इसे रीड कैसे करेंगे? P(x) इज ट्रू फॉर ऑल द x दैट बिलोंग्स टू A. A इज नथिंग बट द डोमेन। डोमेन इज नथिंग बट द अलाउड सेट ऑफ वैल्यूज।

तो अगर आप गौर से देखेंगे, गौर से देखेंगे, अगर यहां पर मेरी रिस्पेक्टिवली स्टेटमेंट कुछ ऐसा है, x < 5. तो इस स्टेटमेंट के हिसाब से और यह गिवन डोमेन के हिसाब से, वन इज आल्सो लेस दन 5, टू इज आल्सो लेस दन 5, थ्री इज आल्सो लेस दन 5. तो यानी कि इस डोमेन के सभी के सभी के सभी जो वैल्यूज हैं, वो एक तरीके से यहां पर ट्रू रिटर्न कर रही है। फॉर दिस रिस्पेक्टिव स्टेटमेंट। इसीलिए मैंने लिखा P(x) इज ट्रू फॉर ऑल द x दैट बिलोंग्स टू द डोमेन A सेट। बराबर है? बात क्लियर है?

लेकिन अगर मान लो इसमें मैंने थोड़ी सी जो है चालाकी दिखाई, इसमें थोड़े से मैंने अगर चेंजेस किए, मैंने डोमेन बदल दिया। मैंने 1, 2, 3 और 10 कर दिया। तो अब उस केस में क्या हो जाएगा? सर जी, यह इकलौती एक वैल्यू के लिए, गौर से सुनना, सर जी, इस एक इकलौती वैल्यू के लिए जो है हमारा यह स्टेटमेंट फॉल्स हो जाएगा। और अगर एक भी अगर फॉल्स हो जाता है, तो फॉर ऑल लगाने का कोई हक नहीं बनता आपको। अगर आपके गिवन डोमेन सेट में से अगर कोई एक भी रिस्पेक्टिव एलिमेंट या वैल्यू आपके स्टेटमेंट को ट्रू नहीं साबित हो पाती है, अगर फॉल्स हो जाती है, तो आपको कोई हक नहीं बनता फॉर ऑल लगाने का। देयर एजिस्ट लगाना पड़ेगा। बात समझ लो, देयर एजिस्ट लगाना पड़ेगा। बात समझ लो।

तो इसे कैसे लिखेंगे? P(x) इज ट्रू फॉर सम। यहां पर फॉर ऑल, जैसे मैंने बोला था, फॉर ऑल। यहां पर मैंने बोला है फॉर सम। इसीलिए पहले ही यह कीवर्ड आपके सामने रख दिए थे। फॉर फॉर सम x दैट बिलोंग्स टू A. एंड व्हाट आर दो? फॉर सम x, 1, 2, 3. एंड व्हाट आर नॉट दैट आर नॉट इंक्लूडेड इन दिस पार्ट? दैट इज 10. क्योंकि 10 इज नॉट लेस दन 5. यह वाली बात समझनी है।

फिर बात करते हैं भैया फर्स्ट ऑर्डर। अरे जी, यह तो वही नाम है। इसको अपन स्लैश देते हैं, याद रखिएगा। इसको हम लोग जो प्रेडिकली लॉजिक अभी तक देख रहे थे, इसको एक अलग नाम भी है, फर्स्ट ऑर्डर लॉजिक भी कहते हैं या प्रेडिकली लॉजिक भी कहते हैं। अब इसी के रिगार्डिंग जो है अपना जो क्वांटिफायर्स हैं, फॉर ऑल, देयर एजिस्ट वाले जो हैं, उनमें कुछ एक इंपॉर्टेंट बुनियादी फंडे हैं। विद द रिस्पेक्टिव स्टेटमेंट्स हम एक तरीके से डिराइव करके देखेंगे कि भैया यह नोटेशंस कैसे दिखेंगी। उसके लिए हमारे पास कुछ फंडे रहते हैं। एंड के, इंप्लीकेशन के जो कनेक्टिव्स हमने देखे थे, उनका इस्तेमाल हम करेंगे। तो गौर से देखिएगा।

एक पहले स्टेटमेंट मैं पास करता हूं, उसके बाद उसको जस्टिफाई करता हूं। एग्जांपल के साथ। जब भी हम लोग फॉर ऑल का इस्तेमाल करते हैं, जब भी स्टेटमेंट में ऑल इस तरीके से लाइक यू नो मेंशन होता है, तो क्रोनोलॉजी समझो। स्टेटमेंट में जब ऑल मेंशन होता है, तो फॉर ऑल इस रिस्पेक्टिव हम लोग जो यूनिवर्सल क्वांटिफायर जिसे कहते हैं, उसका इस्तेमाल करते हैं। और यहां पर एज अ कनेक्टिव हम इंप्लाइज इस ऑपरेटर का इस्तेमाल करते हैं। इंप्लाइज इस कनेक्टिव का इस्तेमाल करते हैं। इफ देन वाला जो रहता है ना, उसका इस्तेमाल करते हैं।

और जब मैं यहां पर सम की बात करता हूं, फ्यू की बात करता हूं, तो क्रोनोलॉजी समझिए। देयर एजिस्ट की बात करता हूं, एसिस्टेंसिया क्वांटिफायर की बात करता हूं। और उस केस में, उस केस में जो कनेक्टिव मैं यूज करता हूं, दैट इज एंड, यानी कि कंजंक्शन। एंड वाला फंडा देखा था ना, इनवर्टेड V? तो उसका इस्तेमाल करते हैं। अब किस तरीके से होता है? जनरली इन फंडों का इस्तेमाल किया जाता है। अब उसे मैं जस्टिफाई करता हूं विद द हेल्प ऑफ एग्जांपल।

देखो, एक स्टेटमेंट आपके सामने रख दिया। ऑल बॉयज लव क्रिकेट। तो जी, अपने गिवन स्टेटमेंट के लिए यहां पर सिंपली मैंने अपना यूनिवर्सल क्वांटिफायर इस्तेमाल करते हुए जो नोटेशंस मेंशन किए, उसे कैसे रीड करेंगे? पहले वो समझ लेते हैं। यहां मैंने बोल दिया फॉर ऑल x, सच दैट, फॉर ऑल x, सच दैट, यहां पे भैया मैं बॉयज को x के साथ डिनोट करने वाला हूं। मतलब जहां पर भी बॉयज का मेंशन होगा, वहां पर सिंपली मैं x रख दूंगा। इतनी बात अपने को समझनी है। तो वो कहां रखूंगा? मैं यहां मैंने बोल दिया था, इंप्लीकेशन। यह तो भैया कनेक्टिव लगाएंगे। आगे और दूसरी तरफ क्या आता है? लव की बात की गई थी। तो लव, यानी कि अगर वो बॉय है तो वो क्रिकेट लव करेगा। तो यही बात यहां पर कर रहे हैं कि लव क्रिकेट, कौन रिस्पेक्टिवली x, x यानी कौन? आपका बॉयज। यह बात अपने को समझना है। अगर बॉय होगा तो भैया क्रिकेट तो लव करेगा। इसका मतलब यहां पर ऑल बॉयज लव क्रिकेट, उसका एक वैलिड स्टेटमेंट आपके सामने मैंने पेश कर दिया है।

सिमिलरली, ऑन द अदर साइड, जहां पर एसिस्टेंसिया जो क्वांटिफायर है, वो लगाते हैं, क्योंकि सम वाला फंडा आ गया, फ्यू वाला फंडा आ जाता है। सम बॉयज हेट बुक्स। मतलब कुछ बॉयज हैं जिनको पसंद होगी बुक्स, लेकिन कुछ बॉयज हैं जिनको यार बिल्कुल पसंद नहीं भैया बुक्स। तो इसे कैसे लिखेंगे? देयर एजिस्ट x, सच दैट, कि यह x जो है, अपन डिनोट करने वाले हैं फॉर द बॉयज। और यहां पर मैंने लगा दिया है भैया अपना कंजंक्शन, यानी एंड, जो कि हेट कर रहे हैं भैया किसको? बुक्स को। कौन? अपने रिस्पेक्टिव x, यानी कि बॉयज।

मैं मानता हूं, अभी भी थोड़ी सी चीजें जो है हजम नहीं हो रही होंगी। तो चलो, मैं आपको देता हूं हाजमोला की गोली और समझाता हूं किस तरीके से यह कार्यक्रम।

जो है इंप्लीमेंट हो रहा है बाय द यूज़ ऑफ ट्रुथ टेबल। इसलिए, पहले ही मैंने ट्रुथ टेबल आपके सामने रख दिए थे ताकि इस वक्त जो है आपको उसकी बेसिक आईडिया लग सके। 00, 01, 10, 11। तो यहां पे ये दोनों जो भैया पॉइंट्स है इनकी बात रो मतलब फॉल्स एंड वन मतलब ट्रू। तो यहां बात कर रहा हूं जैसे कि यार यहां पे मैं बॉयज की बात कर रहा हूं, यहां पे लव की बात कर रहा हूं इन दिस केस ऑफ दिस स्टेटमेंट। तो पहले वो सिनेरियो कंसीडर करते हैं और उस पे जो इंप्लाइज मैंने लगाया था, इंप्लीकेशन उसका बेसिकली ट्रुथ वैल्यूज क्या रहती है। 00 के लिए ट्रू, 01 के लिए ट्रू। मतलब इसको मैं वन बोल देता हूं, ठीक है। इसको मैं वन बोल देता हूं। वन यहां पे क्या रहता है, जीरो और यहां पे रहता है वन। तो सिर्फ इसी सिचुएशन में वो जीरो रहता है। तो चलो इसी सिचुएशन को देखते हैं, क्या वो वैलिड प्रूफ प्रूफ हो रहा है हमारी इस रिस्पेक्टिव स्टेटमेंट के लिए। बॉय है, बॉय है, वो जी बॉय है लेकिन उसे क्रिकेट पसंद नहीं है। ये तो भैया तुम हमारे स्टेटमेंट के विरुद्ध जाके बोल रहे हो। हमने बोला अगर बॉय होगा तो उसको क्रिकेट पसंद ही होगा और तुम बोल रहे हो कि भैया अगर वो बॉय है और उसे क्रिकेट पसंद नहीं है। अगर ऐसा बोल रहे हो तो यहां जीरो होना चाहिए, यानी कि ये स्टेटमेंट फाल्स होना चाहिए। अगर ये स्टेटमेंट जीरो होगा, फॉल्स होगा तभी जाके मैं कह सकता हूं कि तुम हमारे रिस्पेक्टिव गिवन स्टेटमेंट को एक तरीके से सहमति दे रहे हो, हमारे साथ तुम खड़े हो। और यही रिस्पेक्टिवली इंप्लीकेशन का सबसे इंपॉर्टेंट पॉइंट है। इसीलिए हम यहां पे फॉर ऑल के केस में इंप्लीकेशन का इस्तेमाल करते हैं।

अगर आप दूसरी केस नोट करोगे जो कि बहुत ही इंपॉर्टेंट है, 01, यानी कि वो बॉय नहीं है लेकिन फिर भी उसे क्रिकेट पसंद है, लव करता है वो, वो क्रिकेट को लव करता है। बराबर है कि नहीं? वो बॉय नहीं तो गर्ल हो सकता है। तो ऐसा कहां लिखा है भैया कि गर्ल जो है उसको क्रिकेट पसंद नहीं है? बहुत सारे गर्ल्स होते हैं भैया जिनको क्रिकेट पसंद होता है। तो दैट इज द सिचुएशन जो कि ट्रू होना चाहिए और वो कवर्ड भी है। और अगर वो कवर्ड है तो भैया इंप्लीकेशन बहुत अच्छी तरह काम कर रहा है। और साथ ही साथ ये केस तो कवर हो गई, 11, यानी अगर बॉय है तो उसको भैया क्रिकेट पसंद है। ये तो ट्रू होना ही चाहिए। बात क्लियर है? बात समझ में आ रही है? और ये भी ट्रू होना चाहिए कि भैया देखो अगर वो बॉय नहीं है और उसे क्रिकेट पसंद भी नहीं है तो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है। ये स्टेटमेंट भी ट्रू हो सकता है क्योंकि इसका मेरे रिस्पेक्टिव गिवन स्टेटमेंट से कोई छेड़छाड़ यहां पे नहीं हो रही। लेकिन अगर मैं यहीं पे एंड लगा दूं, कंजंक्शन लगा दूं तो उसका सिनेरियो कैसा रहता है? ट्रुथ वैल्यूज कैसी रहती है? 00, 1। तो जी, ठीक है। ये वाला मामला तो ठीक है आपका इंप्लीकेशन के साथ ही मिल रहा है। यहां पे भी जीरो है, यहां पे भी जीरो है। ठीक है। ये मामला एकदम वैलिड है। लेकिन व्हाट अबाउट दिस? व्हाट अबाउट दिस? यहां पे वन है, यहां पे जीरो। ये तो मैच नहीं कर रहा है। यानी कि हम क्या कहने का प्रयत्न कर रहे हैं कि अगर कोई बॉय नहीं है और उसको रिस्पेक्टिवली क्रिकेट पसंद है, लव क्रिकेट तो ये फॉल्स है। अरे ये कहां से फॉल्स हो गया भैया? ये केस तो ट्रू होना चाहिए। अगर कोई गर्ल है उसको क्रिकेट पसंद है ये तो ट्रू होना चाहिए ना? उसका तो मैंने मेंशन नहीं किया है। तो फिर भी आप इसे जीरो बोल रहे हो? इसका मतलब कहीं ना कहीं गड़बड़ है। अगर आप यहां पे रिस्पेक्टिवली एंड का इस्तेमाल करोगे तो कुछ केसेस में आपको गलत इंटरप्रिटेशन जो है फॉर ऑल की केस में क्लीयरली देखने को मिल जाएगा। ये बात आपको यहीं पे क्लीयरली अंडरस्टैंड कर लेनी है।

अब आगे बढ़ते हैं और यही जो हमारे क्वांटिफायर्स हैं उनको भैया निगेशन लगाते हैं। निगेशन भैया कई बार जो है ये निगेशन ऑपरेटर हमारे काफी काम आता है। किस तरीके से, किस सिचुएशन में आपको मैं बताना चाहूंगा। लेट्स से यहां पे मेरा एक स्टेटमेंट है px, x is nothing but that variable. x is prime number. अच्छा जी, x is prime number. तो ये ट्रू होगा या फाल्स होगा किस पे डिपेंड करता है आपकी x की वैल्यू के ऊपर। सही बात है। अब लेट्स से मैं इसमें निगेशन लगाना चाहता हूं। मैं क्या करना चाहता हूं इसमें निगेशन लगाना चाहता हूं और यहां पे गौर से सुनना, गौर से समझना इस बात को। यहां पे मैं अपने क्वांटिफायर्स भी इस्तेमाल कर रहा हूं जैसे कि फॉर ऑल एंड देयर एग्ज़िस्ट। तो ठीक है। तो यहां पे इनिशियल देखो मामला कैसा चल रहा है, कैसा लग रहा है। फॉर ऑल x px मतलब क्या कि सभी जितनी भी आपकी x वैल्यूज हैं जो कि किसी एक रिस्पेक्टिव डोमेन को बिलोंग करती होंगी, उन सब डोमेन के सब वैल्यूज के लिए जो है आपका ये स्टेटमेंट होल्ड करता है ट्रू। यानी कि लेट्स से मेरे कुछ रिस्पेक्टिव ए डोमेन है, उसमें जितने भी रिस्पेक्टिव एलिमेंट्स हैं वो सब के सब प्राइम नंबर है। तो उस केस में, उन हालातों में ये रिस्पेक्टिव स्टेटमेंट आपका सही होगा, ट्रू होगा। लेकिन अगर मैंने इसको निगेशन लगा दिया तो मैंने अगर इसे निगेशन लगा दिया तो क्या हो जाएगा? नेग लगने की वजह से ये आपका जो फॉर ऑल है, ये आपका जो फॉर ऑल है ये एक तरीके से कन्वर्ट हो जाता है देयर एग्ज़िस्ट के अंदर, एक्ज़िस्टेंशियलिज्म में। यूनिवर्सल गेट्स कन्वर्टेड टू एक्ज़िस्टेंशल। एंड एंड ये जो आपका नॉट है ना ये आपका अंदर आ जाता है। यानी कि नॉट आपका यहां पे अंदर आ जाता है और इस स्टेटमेंट को नॉट लग जाता है। तो अब ये स्टेटमेंट कैसा हो जाएगा? x is not prime number. तो अब ये दोनों इक्विवेलेंट है। गौर से देखो, पहले मैंने क्या बोला था फॉर ऑल द वैल्यूज जो कि भैया इस डोमेन को बिलोंग करती हैं वो सबके लिए भैया ये रिस्पेक्टिव स्टेटमेंट जो है वो ट्रू होगा क्योंकि यहां पे सभी प्राइम नंबर है। लेकिन जैसे ही मैंने निगेशन लगा दिया तो निगेशन के लिए क्या हो गया? देयर एग्ज़िस्ट। देयर एग्ज़िस्ट। गौर से देखना यहां पे मामला क्या हो गया? देयर एग्ज़िस्ट x जो कि भैया यहां पे बिलोंग करते होंगे जिनके लिए भैया x is not prime number. यानी कि यहां पे नॉट लग चुका है। x is here. इसलिए तो मैंने बोला यहां पे इसलिए नॉट लग गया है कि x is not prime number. ये बात अंडरस्टैंड करनी है और जबकि दोनों का ही एक तरीके से रिजल्टेंट जो है वो सेम होगा, इक्वल होगा। ये बात अपने को जो है अंडरस्टैंड करनी है। क्लियर इनफ, सिंपल इनफ, अंडरस्टैंडेबल इनफ। ठीक है।

अब देखते हैं आगे बढ़ते हैं कि अगर ये मामला देयर एग्ज़िस्ट पे लगा है, इन्वर्सली अगर देयर एग्ज़िस्ट पे लगा है तो मामला सेम ही ऑपरेट करेगा। आपका देयर एग्ज़िस्ट जो है वो फॉर ऑल में कन्वर्ट हो जाएगा और आपका निगेशन जो है अंदर स्टेटमेंट को लग जाएगा। ये देखो इस तरीके से निगेशन आपके सामने मौजूद होगा। क्लियर है? सिंपल बात है। यही होता है निगेशन ऑन द रिस्पेक्टिवली क्वांटिफायर्स वाला फंडा। आगे बढ़ते हैं। अगला यूनिट, अगला चैप्टर बहुत इंपॉर्टेंट है, छोटा सा है लेकिन बहुत इंपॉर्टेंट है, बहुत गहरी बात बताता है। प्लानिंग वाली कहां कर रहे हो भैया प्लानिंग इस साल की हैं? हां, इस बार की गर्मियों की सर्दियों की छुट्टियां कहां प्लान कर रहे हो? तो ये ओबवियसली हमारा सवाल रहता है ना हमारे पेरेंट्स को हैं? क्या प्लानिंग है? कैसे जाओगे? क्या करोगे? क्या खाओगे? क्या पियोगे? भैया कहां रहोगे? क्या एडवेंचर करोगे? किस इवेंट में पार्टिसिपेट करोगे? ये बहुत सारी लंबी चौड़ी हमारी प्लानिंग रहती है। यानी सोर्स से लेकर डेस्टिनेशन तक हमें जाना है तो हम एव ही नहीं निकालते, कुछ प्लान करते हैं। क्या प्लान करते हैं हमारे एक्शंस दैट आर टू बी डन, दैट आर टू बी इवॉल्वड, सोर्स डेस्टिनेशन तक जाते हुए वो हम प्लान करते हैं। लेकिन एक्चुअल में यहां पे प्लानिंग करते वक्त एक प्रश्न दिमाग में आता है, व्हाई? अगर आप सोर्स से लेकर डेस्टिनेशन तक जाना चाहते हो तो उसमें आपके कुछ सीक्वेंस ऑफ एक्शंस इवॉल्वड होंगे, एन नंबर ऑफ एक्शंस इंवॉल्वड होंगे। तो दीज़ आर द एन नंबर ऑफ सीक्वेंस ऑफ एक्शंस दैट आर टू बी इवॉल्वड और टू बी इंप्लीमेंटेड और टू बी डन। मेरा सवाल है कि ये एक्शंस ही रिस्पेक्टिवली आपने क्यों चुने हैं? दैट इज व्हाट आई एम ट्राइम टू से। प्लानिंग इज नथिंग बट द रीजनिंग साइड ऑफ एक्टिंग। एक्टिंग इज नथिंग बट टेकिंग एक्शन की बात कर रहा हूं मैं, एक्शंस की बात कर रहा हूं। तो एक तरीके से रीजनिंग कर रहे हो आप अपने एक्शंस के लिए दैट आर गेटिंग इवॉल्वड इन द सोर्स टू डेस्टिनेशन वाले पार्ट में। प्लानिंग जो कर रहे हो आप कि भैया इसी एक्शन को क्यों लिया? गिव मी द रीज़न। इट्स अबाउट डिसाइडिंग द टास्क और द एक्शन टू बी परफॉर्म्ड बाय द एआई सिस्टम। मतलब आप अपने सॉल्यूशन तक, प्रॉब्लम से सॉल्यूशन स्टेट से अपना रिस्पेक्टिव स्टार्ट स्टेट, इनिशियल स्टेट से गोल स्टेट तक पहुंचने तक जो भी रिस्पेक्टिव एक्शंस आप परफॉर्म करने वाले हो वो आपने क्यों डिसाइड किए? इट्स अबाउट डिसाइडिंग कि कौन सा एक्शन मैं लूं, उसको किस सीक्वेंस में लगाऊं, उस हिसाब से वो एक्शन परफॉर्म होंगे और फिर मैं अपने रिस्पेक्टिव गोल स्टेट तक पहुंच। दैट इज ऑल अबाउट द प्लानिंग दैट यू नीड टू अंडरस्टैंड। और प्लानिंग में निकल के आता है एक प्लान। और व्हाट इज अ प्लान? चलो उसको जानते हैं। प्लान इज नथिंग बट जैसे मैंने आपको बताया कि इट इज अ सेट ऑफ एक्शंस जो कि हम कंसीडर करते हैं जिनको हमें परफॉर्म करना होता है एक पर्टिकुलर सीक्वेंस में। एंड ईच एक्शन जो भी वो एक्शन इवॉल्वड होगा इट विल हैव इट्स प्रीकंडीशंस जिसको हम बोलते हैं हमारे एक्शन के लिए इनपुट। एंड इट विल हैव इट्स आफ्टर इफेक्ट जिसे हम बोलते हैं आउटपुट। यानी कि देखो जी आपके पास जो भी प्लान है उसमें जो भी सेट ऑफ एक्शंस है उसमें जो भी एक्शन है एक तरीके से उसके अपने खुद के कुछ कंडीशंस होंगे, प्रीकंडीशन कि देखो जी अगर ये कंडीशन आया, अगर ये प्रीकंडीशन हुआ तो ही जाके भैया फिर मैं ये एक्शन परफॉर्म करूंगा। इट्स लाइक दैट कि यार देखो हम लोग क्या करते हैं अपने ऑनलाइन पेमेंट भी रखते हैं और अपने पास कैश भी रखते हैं। अगर लेट्स से मैं कहीं लोकल रीजन में चले जाता हूं जहां पे लेट्स से मुझे इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं मिल रही है, वाई-फाई भी अवेलेबल नहीं लेट्स से तो उस केस में मैं एक्शन क्या लूंगा कि मैं पे करूंगा विद कैश। तो ये मेरा एक्शन हुआ। उसके लिए कंडीशन क्या थी कि भैया यहां पे नेटवर्क इश्यूज है, यहां पे प्रॉब्लम आ रही है, कनेक्टिविटी इश्यूज है तो मैं इंटरनेट के साथ कनेक्ट नहीं कर पा रहा हूं तो ऑनलाइन पेमेंट नहीं कर पाऊंगा तो मैं कैश यूज करता हूं। तो ये एक्शन आपने कब लिया जब भैया रिस्पेक्टिवली आपने प्री कंडीशन ये देखी सेटिस्फाई हुई तब जाके वो एक्शन आपने परफॉर्म किया। इसके आफ्टर इफेक्ट क्या हो गए कि आपका भटवा हल्का हो गया, यानी कि उसमें से जब पैसे गए तो वो हल्का ही हो गया ना? आपकी जो अमाउंट थी कैश की वो रिड्यूस हो गई या उसका उस का आफ्टर इफेक्ट था। ये बात अपने को अंडरस्टैंड करनी है। ठीक है। ये प्लान आपको समझ में आ गया।

अब इसमें भी टाइप्स निकल के आते हैं जो प्लानिंग के टाइप्स एजिस्ट करते हैं। एफएसएसपी यानी फॉरवर्ड स्टेट स्पेस प्लानिंग। एक होता है बैकवर्ड स्टेट स्पेस प्लानिंग। मतलब क्या? फॉरवर्ड यानी कि आगे, यानी कि मुझे इनिशियल स्टार्ट स्टेट से भैया गोल स्टेट तक जाना है तो मैं फॉरवर्ड जाऊंगा, स्टार्ट से गोल, स्टार्ट से गोल। और वो भी कैसे? स्टेट स्पेस प्लानिंग करते हुए। स्टेट स्पेस प्लानिंग यानी कि जो भी रिस्पेक्टिवली स्टेट स्पेस मतलब क्या कि भैया जितने भी मेरे शुरुआत से लेकर अंत तक, इनिशियल से लेके गोल तक जो भी स्टेट्स एनकाउंटर मैं करने वाला हूं उसकी रिस्पेक्टिव प्लानिंग कर रहा हूं आगे की तरफ, फॉरवर्ड की तरफ, आगे आगे जा रहा हूं। इसको बोलते हैं प्रोग्रेस। इसको बोलते प्रोग्रेस। इनिशियल स्टेट से शुरुआत करते हुए गोल स्टेट तक पहुंचने वाले बिहेवियर को प्लानिंग को हम कहते हैं फॉरवर्ड स्टेट स्पेस प्लानिंग, एफएसएसपी। बराबर है? तीन बार तो नहीं बोल दिया? दो दो बार यस बोलना था ना? हां, एफएसएसपी सही बात है। फिर आते हैं बीएसएसपी यानी कि बैकवर्ड। ये उसका उल्टा है। बैकवर्ड स्टेट स्पेस प्लानिंग मतलब शुरुआती अपन गोल्ड स्टेट से करते हैं। पहले गोल्ड स्टेट को पकड़ लेते हैं कि गोल्ड स्टेट हमें जो मेंशन किया गया है। एक काम करते हैं उसके एक-एक कदम पीछे लेते जाते हैं, एक-एक कदम पीछे, रिग्रेशन कहते हैं जिसको। यहां प्रोग्रेस था, यहां रिग्रेशन था। एक-एक कदम अपन पीछे लेते हैं, गोल स्टेट से शुरुआत करते हैं और एक-एक कदम पीछे लेते हैं और अपने सब गोल्स को रीच आउट करते जाते हैं, सब गोल्स को रीच आउट करते जाते हैं, सब गोल्स को रीच आउट करते जाते हैं। बात क्लियर है? बात समझ में आ रही है?

अब इन्हीं दोनों टाइप्स को अगर मैं कंबाइन कर दूं, इफ वी कंबाइन द फीचर्स ऑफ एफएसएसपी एंड बीएसएसपी देन वी गेट द गोल्ड स्टैक प्लानिंग। अब गोल्ड स्टैक प्लानिंग के बारे में समझने का जो है टाइम आ गया है। बड़ा ही इंटरेस्टिंग मुद्दा है, मेरा फेवरेट मुद्दा है। चलो इसको बहुत बढ़िया ढंग से मैं आपके के सामने रखना चाहूंगा जहां पे कुछ ब्लॉक्स भैया हमारे टेबल के ऊपर लेट्स से रखे हुए हैं। ये हमारा टेबल है, ये रिस्पेक्टिवली हमारे ब्लॉक्स हैं और ये हमारा रिस्पेक्टिवली आर्म है। ठीक है? ये आर्म का काम क्या है भैया रिस्पेक्टिवली डब्बो को उठाना है एट अ टाइम, एक डब्बा उठाएगा। ये ब्लॉक्स को उठाना है और टेबल पे रखना है या फिर भैया किसी और दूसरे डब्बे पे रखना है वो डिपेंड करता है कि आपको स्टार्ट से गोल यानी कि गोल स्टेट क्या है। अब लेट्स से मुझे स्टार्ट स्टेट से गोल स्टेट तक जाना है। मेरी स्टार्ट स्टेट क्या है कि देखो जी मेरा आर्म एमटी। गौर से देखना, आर्म मेरा एमटी है। मेरा x और y एक दूसरे के ऊपर स्टैक अप हो रखा है। इंपॉर्टेंट टर्म्स बोल रहा हूं, स्टैक अप एक दूसरे के ऊपर रखा हुआ है। इसे हम बोलते हैं ऑन x इज ऑन y। एंड यहां पे हम बोलेंगे बी इज ऑन टेबल। ऑन ऑन बहुत इंपॉर्टेंट है कि ऑन ये बताता है कि भैया आपका रिस्पेक्टिवली ब्लॉक किसके ऊपर है, टेबल के ऊपर है या किसी और ब्लॉक के ऊपर है। दूसरी तरफ अगर हम देखेंगे गोल स्टेट में क्या लिखा हुआ है? सिंपली हमने स्टैक अप कर दिया है। y जो है मेरा b के ऊपर है और एक तरीके से b जो है वो x के ऊपर है और x जो है भैया टेबल के ऊपर है। ये मुझे सिचुएशन चाहिए। अब आप जैसा भी इसको अरेंज करना चाहो कर लो भैया, जितना भी आर्म का मूवमेंट जो भी भैया अपने को परफॉर्म करना है कर लो।

तो कौन-कौन से पॉसिबल एक्शन्स हम परफॉर्म कर सकते हैं? जैसे भैया मुझे किसी ब्लॉक को पिक अप करना होगा तो कौन सा ब्लॉक पिक अप करने वाले हो वो यहां पे मेंशन कर दो। बराबर है? अगर आपको किसी ब्लॉक को पुट डाउन करना है तो वो पुट डाउन करना है तो वो यहां पे मेंशन कर दो। यहां पे साथ ही साथ मुझे स्टैक करना है, मुझे क्या करना है मामले को स्टैक करना है तो x y तो यहां पे ये जो रिस्पेक्टिव ब्लॉक x है उसे आपको किस ब्लॉक के ऊपर स्टैक करना है y वो वहां पे मेंशन करोगे। अनस्टैक मतलब क्या कि पहले से स्टैक लगा हुआ है आपको क्या करना है इसको x को क्या है उठाना है आर्म के थ्रू उठाना है और जो किसके ऊपर रखा था y के ऊपर रखा था तो उस y के ऊपर रखे हुए x ब्लॉक को आपको उठाना आना है और अनस्टैक करना है। ये बात अपने को समझनी है। इसकी रिस्पेक्टिव प्रीकंडीशंस क्या कहती है देख लो आपके सामने मैंने रखा है। यानी कि कुछ ऐसी कंडीशंस जो कि ट्रू होनी चाहिए अगर आपको लगता है कि मैं ये एक्शन परफॉर्म करूं तो। तो प्रीकंडीशंस क्या है? जैसे कि आर्म एमटी होना चाहिए। ओबवियस सी बात है यार, अगर मुझे x को लेट्स से पिक अप करना है, अगर मुझे ये अभी x जो है उसको पिक अप करना है तो मेरा पहले आर्म तो एमटी होना चाहिए ना? साथ ही साथ आपका जो x है वो ऑन द टेबल होना चाहिए। x क्या होना चाहिए ऑन द टेबल। हमेशा याद रखिएगा ये पिकअप वाला मामला और पुट डाउन वाला मामला जो है वो ऑन टेबल ही ऑपरेट करता है, ऑन टेबल ही ऑपरेट करता है। दिस इज व्हाट यू नीड टू अंडरस्टैंड। मतलब अगर पिकअप करना होगा तो भैया टेबल पे रखे हुए ब्लॉक को ही उठाऊंगा। अगर पुट डाउन करना होगा तो भैया टेबल पे ही उसे पुट डाउन करूंगा। ये बात अपने को समझनी है। क्लियर है? बात समझ में आ रही है?

लेकिन जब मैं स्टैक और अनस्टैक की बात करता हूं तो वहां पे भैया अपन बात कर रहे हैं कि यार एक के ऊपर एक बक्से होंगे और वहां पे भैया उन बक्स को मैं एक तो एक के ऊपर एक रखूंगा या एक के ऊपर एक ना रखते हुए भैया उनको रिस्पेक्टिवली मैं अलग कर दूंगा, अनस्टैक कर दूंगा। ये बेसिक बिहेवियर आपको यहां पे समझना है। ठीक है? क्लियर x। क्लियर x का मतलब क्या? कि x के ऊपर कुछ नहीं होना चाहिए। x के ऊपर कुछ नहीं होना चाहिए तो ये कुछ प्रीकंडीशंस है। जैसे कि फॉर एग्जांपल अगर यहां पे मैं x की जगह b रख देता हूं तो ये वैलिड है। ये वैलिड है। ये क्या बोल रहा है कि मेरा आर्म जो है एमटी है। बिल्कुल सही बात है। ये ये प्री कंडीशन सेटिस्फाइड है क्योंकि जब तक सारी प्री कंडीशन सेटिस्फाई नहीं होती तब तक आप एक्शन परफॉर्म नहीं कर सकते। यहां पे x क्या है आपका b है तो यहां पे मैं b रख देता हूं। b इज ऑन द टेबल। हां जी बिल्कुल b तो आपका टेबल के ऊपर पड़ा हुआ है। क्लियर x यानी कि आपका जो रिस्पेक्टिवली b है वो क्लियर है, यानी कि b के ऊपर कुछ नहीं, यानी कि उसके ऊपर और भी कुछ आपके रिस्पेक्टिव बक्स से स्टैक नहीं है वो क्लियर है वो एकदम एक अकेला सोलो एंटिटी वहां पे पड़ा हुआ है तब जाके ये आर्म यहां पे आएगा उस रिस्पेक्टिव डब्बे को उठाएगा, पिक अप करेगा।

अब जब ये पिक अप कर लेगा तो इफेक्ट क्या होगा? उसके आफ्टर इफेक्ट क्या होंगे? व्हाट विल बी दैट? इट इज होल्डिंग मतलब क्या फाइनली अगर मैंने ये एक्शन परफॉर्म कर दिया उसके बाद आप देखोगे कि मैंने अपने रिस्पेक्टिवली इस b बक्से को उठा के खड़ा कर दिया है, कुछ इस तरीके से होल्ड कर रहा हूं मैं। होल्डिंग, आर्म इज होल्डिंग इट। अब अगर लेट्स से मुझे जो उठाया था उसी को अगर पुट डाउन करना है, लेट्स से पुट डाउन b। तो सबसे पहली इनिशियल कंडीशन क्या होनी चाहिए? व्हाट शुड बी द इनिशियल कंडीशन कि आपका वही जो ब्लॉक b है इट शुड बी होल्डेड बाय दैट आर्म, जो कि ट्रू है क्योंकि अभी मैंने पिक किया था तो वो होल्ड तो होगा। अब मुझे वापस उसे टेबल पे रखना है तो एक बार मैंने लेट्स से पुट डाउन कर दिए उसको टेबल पे तो व्हाट वुड बी द स्टेट? व्हाट वुड बी द इफेक्ट दैट वुड बी कॉज्ड? आर्म आपका एमटी हो जाएगा वापस से क्योंकि वो पहले होल्ड कर रहा था लेकिन पुट डाउन करने के बाद उसका आर्म वापस एमटी हो गया। आपका जो वो b ब्लॉक है वो वापस से ऑन द टेबल आ चुका है, ऑन द टेबल b वापस से आ चुका है। और भैया आपका x यानी कि जो आपका यहां पे b है, x मतलब b कंसीडर कर लो तो जो b के ऊपर का मामला है उसके ऊपर कोई स्टैकअप नहीं है वो क्लियर रहने वाला है। बराबर है? यहां तक बात क्लियर है? सिंपल है?

चलो आगे बढ़ते हैं। अब बात करते हैं स्टैक की। स्टैक से पहले अनस्टैक की बात करते हैं क्योंकि यहां पे पहले से x और y जो है अपना स्टैक अप हो रखा है। ठीक है? अनस्टैक करना है x y को तो इसका मतलब सबसे पहली प्री कंडीशन क्या होनी चाहिए कि आपका x जो है वो y के ऊपर होना चाहिए। x शुड बी ऑन y। तो वही यहां बताने का प्रयत्न किया जा रहा है। ऑन xy यानी x is on y। ठीक है? साथ ही साथ ये भी बोल दिया जा रहा है कि आपका जो x है वो क्लियर होना चाहिए। x के ऊपर कुछ और है क्या? नहीं है जी, कुछ नहीं है तो वो क्लियर है। x is clear. फिर बोला है कि भैया आपका आर्म भी एमटी होना चाहिए। आर्म आपका जब एमटी होगा तब भैया मामला जो है कुछ

पकड़ में आ सकता है। ये हो गई आपकी प्री कंडीशन। तीनों की तीनों सेटिस्फाई। अब मैं इसको अनस्टैक करूंगा तो क्या होगा? अनस्टैक जब करने जाऊंगा तो बेसिकली फाइनल जो एक तरीके से मैं कहूंगा कि यार कंक्लूजन क्या होगा? इफेक्ट क्या होगा? x को उठा लिया गया है तो यहां पे x आपका मौजूद होगा। x यहां पे उठा लिया गया है। यहां पे क्या है भैया आपका x जो है मौजूद होगा। होल्डिंग x और y क्या हो जाएगा क्लियर हो जाएगा क्योंकि इसके ऊपर से ये हट जाएगा ना तो y आपका क्लियर हो जाएगा। क्लियर y। क्लियर कोई भी बॉक्स का होना मतलब क्या कि उसके ऊपर कुछ भी नहीं है। क्लियर है बराबर है।

अब लेट्स से ये जो उठाया हुआ फंडा है उसको वापस से मुझे y के ऊपर रखना है। उसको y के ऊपर रखना है। स्टैक अप करना है तो कैसे करूंगा? स्टैक x y यानी कि अब x को y पे रख दो। स्टैक कर दो। तो इनिशियल प्रीकंडीशन क्या होनी चाहिए? जैसे कि अभी आप देख रहे हो होल्डिंग x। आर्म जो है आपका x होल्ड करना चाहिए तब जाके मैं स्टैक कर पाऊंगा। और भैया इफेक्ट क्या होगा? एक बार मैंने स्टैक कर दिया तो इफेक्ट क्या होगा? x विल बी ऑन y। क्लियर होगा आपका x। x के ऊपर कुछ नहीं होगा। एंड आर्म आपका वापस एमटी हो जाएगा। तो देखो यहां पे जो है नेचर देखो इफेक्ट और प्रीकंडीशन देखो किस तरीके से मैच कर रही है। यहां पे भी देखो इफेक्ट और प्रीकंडीशन देखो कैसे मैच कर रही है। यहां पे भी देखो इफेक्ट और प्रीकंडीशन कैसे मैच कर रही है। यहां पे देखो भैया मामला किस तरीके से मैच कर रहा है। क्लियर है और यहां पे मामला कैसा दिखेगा? इफेक्ट फाइनली क्या देखने को मिल जाएगा अपने को? क्लियर y देखने को मिल जाएगा। What you will see clear y. और यही क्लियर y जो है आप यहां पे रिस्पेक्टिवली मेंशन कर सकते हो कि होल्डिंग x वाला तो फंडा है ही। लेकिन लेकिन लेकिन जब मुझे स्टैक करना होगा जब मुझे स्टैक करना होगा तो वन ऑफ द प्री कंडीशन जो है वो ये भी रहनी चाहिए कि यार वो आपका y जो है वो क्लियर होना चाहिए। यानी कि y के ऊपर कुछ नहीं होना चाहिए। लेट्स से अगर y के ऊपर कोई और ब्लॉक है लेट्स से z यहां पे पड़ा हुआ है। आपने x को तो होल्ड किया हुआ है और आप उसको y के ऊपर रखना चाहते हो लेकिन y के ऊपर ऑलरेडी लेट्स से z पड़ा हुआ है तो क्या उस केस में तो क्या उस केस में आप स्टैक कर पाओगे? नहीं कर पाओगे। तो इसलिए यहां पे क्लियर y वाला भी मेंशन अपने को करना है। ये क्लियर है ये चीज अपने को समझ में आ गई।

चलो अभी इसी को जो है एक सिंपल एग्जांपल के थ्रू इंप्लीमेंट करके देखते हैं कि कैसा भैया ये मामला आगे पीछे आगे पीछे भाग रहा है। समझो इस बात को। ये मेरा स्टार्ट स्टेट है। a और b दोनों ब्लॉक आपके टेबल के ऊपर पड़े हुए हैं। आम मेरा एमटी है। बात क्लियर है है ना। ये मेरा स्टार्ट स्टेट है। इनिशियल स्टेट है। a इज ऑन द टेबल। b इज ऑन द टेबल। दिस इज द स्टार्ट स्टेट का सिनेरियो डिस्क्रिप्शन यू कैन से। एनी स्टार्ट से भैया इस गोल स्टेट में जाना है जहां पे आम एमटी पड़ा हुआ है। लेकिन मेरा गोल स्टेट में a b के ऊपर है। यानी ऑन a b यानी a जो है आपका ऑन b मौजूद है। यानी स्टैक्ड अप है। ठीक है तो मैं क्या करता हूं ये जो मेरा डिस्क्रिप्शन है गोल का इसी को मैं शुरुआत में कंसीडर करता हूं। यानी कि मैं अपने गोल स्टेट को ही शुरुआत में कंसीडर कर लेता हूं। इन द स्टार्टिंग कि मेरे को तो ये चाहिए। मेरे को तो ये चाहिए मतलब मैं इस गोल्ड स्टेट के डिस्क्रिप्शन को कंसीडर कर रहा हूं और अपने इनिशियल स्टेट को देख रहा हूं। गौर से समझिए क्या कह रहा हूं। गोल्ड स्टेट के डिस्क्रिप्शन को कंसीडर कर रहा हूं और और देख रहा हूं कि क्या ये गोल्ड स्टेट मेरा एक्चुअल में स्टार्ट स्टेट में अवेलेबल है या नहीं। अगर अवेलेबल होगा तो आगे कुछ करने की जरूरत ही नहीं है क्योंकि स्टार्ट और गोल्ड स्टेट आपके सेम है तो दैट इज द बेस्ट केस। दैट इज द बेस्ट केस कि दोनों के दोनों तो भैया यहां पे सेम निकल के आ गए। लेकिन अभी यहां तो इसका डिस्क्रिप्शन देखो। अवेलेबल गोल स्टेट का डिस्क्रिप्शन देखो। डिफरेंट है सर जी है ना। डिफरेंट है तो कुछ ना कुछ तो करना पड़ेगा। तो हम क्या करते हैं कुछ कदम पीछे हटते हैं। यानी यहां तक पहुंचने के लिए यहां तक पहुंचने के लिए हम थोड़ा पीछे आते हैं। यानी कि हम सब गोल जो रहेगा उसको रीच आउट करते हैं। और अगर सब गोल रीच आउट कर लिया तो फिर से वापस वास आगे जाते हैं और इस गोल को हम लोग जो है एक तरीके से अचीव कर लेते हैं। तो मामला कैसे चलेगा?

लेट्स से अब ओबवियस सी बात है ऑन a b अगर मुझे a b के ऊपर चाहिए तो एक बुनियादी कंडीशन क्या होनी चाहिए? बुनियादी कंडीशन ये होनी चाहिए कि आपका जो रिस्पेक्टिवली अ अगर आप देखेंगे यहां पे अगर b है। अगर मुझे अपने रिस्पेक्टिवली a को जो है b के ऊपर रखना है तो मुझे उसे स्टैक करना पड़ेगा। ये हमने देखा था। अगर मुझे ये सिचुएशन चाहिए गोल चाहिए कि a b के ऊपर हो तो उसके लिए सबसे इंपॉर्टेंट और सबसे इमीडिएट सब गोल क्या होना चाहिए कि भैया स्टैक कर दो। स्टैक कर दो। अब स्टैक के लिए क्या कंडीशंस है? मैंने पहले ही बताया स्टैक के लिए क्या कंडीशंस है जो प्रीकंडीशंस में मैंने मेंशन किया था। यहां पे देख लो ये देख लो कि अगर स्टैक करना है तो सबसे पहले तो आपका जो x है वो होल्डिंग चाहिए और आपका जो y है वो क्लियर चाहिए। तो वही मैंने यहां पे बोल दिया कि आपका जो रिस्पेक्टिव a है वो होल्डिंग चाहिए जैसे कि अ यहां पे देखो आर्म जो है होल्ड कर रहा है ऐसा चाहिए। और यहां पे b जो है आपका रिस्पेक्टिवली इसके ऊपर कुछ नहीं होना चाहिए वो क्लियर होना चाहिए। ठीक है तो इन प्रीकंडीशंस को हम लोग बॉटम से अप चेक करते हैं। कैसे चेक करते हैं बॉटम से अप? तो सबसे पहला कंडीशन चेक करता हूं बाय रेफरिंग टू द स्टार्ट स्टेप। बाय रेफरिंग टू द स्टार्ट स्टेट। गौर से देखना इन कंडीशंस को चेक कर रहा हूं इन रिलेशन टू द स्टार्ट स्टेट। क्लियर है क्या b? हां जी सर जी। b के ऊपर कुछ भी नहीं है सर। b के ऊपर कुछ भी नहीं है। क्लियर है कोई कोई यहां पे भैया उसके ऊपर ब्लॉक नहीं विराजमान है। कोई नहीं है। क्या मेरा होल्डिंग b है? नहीं सर। आम तो एमटी है सर। आम तो एमटी है। b तो टेबल के ऊपर पड़ा हुआ है। यहां से मुझे डिस्क्रिप्शन से क्लियर पता चल रहा है। a इज ऑन द टेबल। उसको तो होल्ड नहीं कर रहा है। वो होल्डिंग नहीं है। यानी कि ये वाली कंडीशन आपकी यहां पे फाल्स है।

अब ये वाली कंडीशन अपने को ट्रू करने के लिए एक कदम और पीछे जाना पड़ेगा। एक और उसका जो इमीडिएट मतलब इस कंडीशन को फुलफिल करने के लिए एक इमीडिएट आपका सब गोल क्या रहना चाहिए? उसके लिए एक्शन क्या परफॉर्म करना पड़ेगा? पिक अप a। पिक अप a। क्योंकि यार देखो अगर मुझे पता चलता है कि यार अभी आम एमटी है और मुझे ये होल्डिंग चाहिए। होल्डिंग सिचुएशन में चाहिए a तो मुझे क्या करना पड़ेगा? आम के द्वारा उसको पिक अप करना पड़ेगा। दैट इज द ओबवियस कॉमन सेंस वाला जो एक अपना एक्शन आता है वो मुझे परफॉर्म करना पड़ेगा। यानी कि मैं थोड़ा पीछे-पीछे जाता जा रहा हूं। पीछे पीछे जाते जा रहा हूं। बराबर है कि अगर मुझे ये गोल चाहिए तो मुझे उसके लिए ये एक्शन परफॉर्म करना पड़ेगा। लेकिन उस एक्शन को परफॉर्म करने के लिए प्री कंडीशन ये अनसेटिस्फाइड है। तो अगर ये मुझे रिस्पेक्टिवली कंडीशन चाहिए ये अगर रिस्पेक्टिव स्टेट चाहिए तो उसके लिए मुझे क्या करना पड़ेगा? ये एक्शन परफॉर्म करना पड़ेगा। और इस एक्शन के लिए भी कुछ प्रीकंडीशंस है जो कि मैं अप से डाउन से अप बॉटम से अप एक तरीके से चेक करूंगा। क्लियर a? पहले देखूंगा a क्लियर है क्या? बिल्कुल सर। a के ऊपर कोई नहीं है। a मेरा टेबल के ऊपर है क्या? बिल्कुल सर। a टेबल के ऊपर है। आर्म एमटी है क्या? हां जी बिल्कुल सर जी मेरा आर्म बिल्कुल एमटी है। तो अब कोई दिक्कत नहीं है। अब मैं कर लूंगा पिक अप आर्म। जैसे ही मैं पिक अप आर्म कर लेता हूं तो अब मैं आगे जा रहा हूं। अब मैं आगे जा रहा हूं। पिकअप आर्म होने के बाद मैं आगे जाता हूं। आगे जाने के बाद यानी अब मैं फॉरवर्ड जा रहा हूं। पहले मैं बैकवर्ड जा रहा था अब मैं फॉरवर्ड जा रहा हूं। अब आगे जा रहा हूं और आगे जाने के बाद अब ये कंडीशन ट्रू हो चुकी है। अगर ये कंडीशन ट्रू है पहली वाली तो पहले से ही ट्रू थी तो दोनों कंडीशन ट्रू हो गए। अब मैं स्टैक करता हूं a को b के ऊपर। यानी कि इसको रख देता हूं और जैसे ही इसको स्टैक अप कर देता हूं मुझे मेरा फाइनल गोल स्टेट मिल जाता है जो कि ऑन a कॉमा b। अभी क्लियर दिखाई दे रहा होगा। इसलिए सबसे पहले मैंने क्या किया? पिक अप a किया। फिर स्टैक a b किया। जो कि अपने को रिस्पेक्टिवली परफॉर्म करना था टू रीच आउट टू द रिस्पेक्टिवली गोल। ये आपका प्लानिंग था ऑफ द रिस्पेक्टिव एक्शंस जो कि आपके सामने मैंने रख दिया है बड़े डिटेल में प्रस्तुत कर दिया है।

अब थोड़ा आगे बढ़ते हैं। नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग के बारे में भी कुछ चीजें कुछ बातें जो है आपके समक्ष में रखना चाहूंगा। अब तक जितनी भी चीजें मैंने आपको बताई होप फुली आप अंडरस्टैंड कर पा रहे थे आप समझ पा रहे थे मैं क्या कहना क्या चाहता हूं मेरी भावनाएं पकड़ पा रहे थे मेरी भावनाओं को समझ पा रहे थे एक तरीके से सही बात है कि नहीं। इसका मतलब आप नेचुरल लैंग्वेज को अच्छी तरह प्रोसेस कर पा रहे हो क्योंकि मैं तो भैया कोई एलियन भाषा तो बोल नहीं रहा था एक ऐसी अपनी नॉर्मल बोल चाल कि भैया देसी हिंदी में चीजें समझा रहा था आपको। नेचुरल लैंग्वेज है वो तो आप नेचुरल लैंग्वेज को अच्छी तरह प्रोसेस कर पा रहे हो समझ पा रहे हो। अगर यही एक्सपेक्टेशन जो मैं आपसे रख रहा हूं यही एक्सपेक्टेशन मैं किसी अपने एआई सिस्टम या मशीन के साथ रखूं तो तो मैं क्या कुछ गलत सोच रहा हूं? नहीं जी सर जी आप बड़ा प्रोग्रेसिव सोच रहे हो आप बिल्कुल सही सोच रहे हो इसमें कोई गलत बात नहीं है। तो यार ये अचीव करने में मेरी मदद कौन करेगा? नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग। हालांकि कुछ पॉइंट्स हैं जो कि मैं आपके सामने यहां पे रखना चाहूंगा जो कि एआई सब्जेक्ट के रिगार्डिंग आपको एज अ प्रश्न पूछा जा सकता है लेकिन आगे इसके ऊपर डिटेल में वन शॉट वीडियो आने वाला है एनएलपी सब्जेक्ट के रिगार्डिंग। उसमें और भी फर्द चीजें हैं जो कि हम लोग डिटेल में एक्सप्लोर करने वाले हैं। बट कुछ बेसिक इंटू आईडिया यहां पे हम लोग प्राप्त कर लेते हैं। ठीक है। अंडरस्टैंड एनालाइज मैनिपुलेट नेचुरल लैंग्वेजेस। बात क्लियर है बात समझ में आ रही है? तो यहां पे मेरा एक्सपेक्टेशन जो था मशीन से कि भैया तू नेचुरल लैंग्वेज को समझ ले कि भैया तू नेचुरल लैंग्वेज को प्रोसेस कर ले एनालाइज कर ले उस हिसाब से कुछ डेटा मैनिपुलेट करके मेरे सामने रख दे वो भी नेचुरल लैंग्वेज में तब जाके मैं कहूंगा कि भैया तुझे समझ में आ रहा है मैं क्या कह रहा हूं। बराबर है कि नहीं।

अब इसके कुछ कंपोनेंट्स होते हैं। यहां से शुरुआत करते हैं। यहां पे कुछ कंपोनेंट्स होते हैं बेसिक टर्म्स ऑपरेशंस होते हैं उसके ऊपर भी आने वाले हैं। एक होता है एनएलयू। एक होता है एनएलजी। ये बेसिक कुछ आपके कंपोनेंट्स हैं। नेचुरल लैंग्वेज अंडरस्टैंडिंग। नेचुरल लैंग्वेज जनरेशन। यानी कि यहां पे यू मतलब अंडरस्टैंड करने का प्रयत्न कर रहे हैं। अंडरस्टैंडिंग बढ़ाने का प्रयत्न कर रहे हैं। लेकिन उसमें कुछ दिक्कतें रहती हैं कुछ प्रॉब्लम्स रहती हैं उनको डिस्कस करेंगे अंडर द एनएलयू। और एक होता है भैया आपका रिस्पेक्टिवली नेचुरल लैंग्वेज जनरेशन कि जो फाइनली आपने लेट्स से देखो सिस्टम फ्लो कैसे चल रहा है कंपोनेंट्स कैसे इसमें कंट्रीब्यूट कर रहे हैं कि आपने लेट्स से भैया ये आप हो। ये नहीं ये थोड़ा सा गलत मुंह बन गया। बस बात समझिए कि आपने कुछ बोला है। यहां पे आपकी आंखें हैं। लेट्स से ये मैं मैं हूं समझ लो यार मैं हूं। ठीक है। यहां मेरी मस्त सी मैंने दाढ़ी बना के रख दी। नहीं नहीं नहीं यार मैं एक मिनट एक मिनट मैं डायग्राम को और खराब कर रहा हूं। या समझ लो यार यहां पे कुछ उसने बोला। ठीक है तो दिस इज द नेचुरल लैंग्वेज। सही बात है। तो सबसे पहले तो आपका ये कंपोनेंट आएगा। नेचुरल लैंग्वेज अंडरस्टैंड करना। बराबर है कि नहीं। पहले तो वो नेचुरल लैंग्वेज को अंडरस्टैंड करेगा। अंडरस्टैंड करने के बाद आगे जाके भैया आपका जो है सिंपल प्रोसेस वाला फंडा होगा। एनालाइज होगा कि क्या कहां था ये चीजें समझी जाएंगी। एंड डायरेक्टली जो है आप क्या करोगे एक तरीके से नेचुरल लैंग्वेज जनरेट और नेचुरल लैंग्वेज जनरेट करने के बाद वो नेचुरल लैंग्वेज मेरे सामने पेश कर दो। अग और मैं समझ जाऊंगा क्योंकि मैं तो ये समझता ही हूं ना। अगर मैं बोल सकता हूं तो मैं समझ भी सकता हूं जो आपने मेरे सामने रखा है। तो ये जनरल ब्रीफ में जो फ्लो है आपके सामने रखा है।

अब नेचुरल लैंग्वेज अंडरस्टैंडिंग में एक तरीके से हमारे सामने बहुत सारी दिक्कतें दुविधा एं कष्ट आती हैं जो कि अलग अलग लेवल पे खेली जाती है जैसे कि लेक्सिक लेवल पे। लेक्सिक एमिगुरूमी वर्ड लेवल पे बात कर रहा हूं कि कई बार होता है ना कि यार कुछ वर्ड्स होते हैं जैसे पीके मूवी में देखा था हमने। अच्छा अच्छा अच्छा अच्छ अच्छा ये एक ही शब्द है भाई। एक ही शब्द है। हैं इसके कितने अलग-अलग बेसिकली एमगिविता यार। एक चीज के अलग-अलग मतलब निकलना। एक चीज के अलग-अलग मतलब निकलना है और किस मतलब को अभी इस कॉन्टेक्स्ट में मैं समझूं ये प्रॉब्लम ये एमिगस समस्या है। भैया सिंटेक्टिकल एबिग्लियामेंटो भैया तात्पर्य कुछ और था। बात समझ रहे हो कि नहीं। ऐसा होता है कि एक वाक्य के कई सारे अर्थ निकल सकते हैं। अब यहां पे अगर ये एबगरी लेट्स से नहीं है। एमिगस नेचर नहीं है सेंटेंस लेवल पे तो वो नेचर वो बिहेवियर वो वर्जन कैसा होगा कि एक सेंटेंस का खाली सटीक एक मीनिंग निकल रहा है सबके लिए बराबर है। सब सिचुएशंस में एक रिस्पेक्टिव सेंटेंस का एक ही मीनिंग निकल रहा है तब हम कह सकते हैं कि यहां पे सेंटेंस लेवल पे एबगरी नहीं है। लेकिन जनरल में हम लोग जो है भैया अपने आमतौर की बोलचाल की भाषा में जो भी वाक्यों का प्रयोग करते हैं भैया उसमें एमिगो है। मुहावरों का इस्तेमाल करते हैं जैसे एक बहुत पॉपुलर मुहावरा है कान का कच्चा होना कि यार ये जो लड़का ये जो लड़की है आपकी यार ये बड़ी कान के कच्चे हैं यार। इसका मतलब क्या कि इसको पकाऊ मैं ये कच्चा है इसको पकाऊ मैं ये लिटरल मीनिंग लू इसका मैं? नहीं जी हमको तो पता है इसका मीनिंग क्या होता है कि कोई भी अगर किसी को कोई बात बोल दे तो भैया वो जो है ना बड़े आसानी से उसपे भरोसा कर लेता है। भरोसा कर लेता है तो ये कान का कच्छा है ये होता है उसका एक्चुअल मीनिंग। लेकिन मशीन को कौन बता है? हमको तो पता है हम तो भैया स्कूल डेज से मुहावरों उस को समझते आ रहे हैं सिखाते जा रहे हैं हमको हम एग्जाम में उनको लिखते जा रहे हैं तो ये आईडिया तो हमको है लेकिन ये प्रॉब्लम जो है मशीन को फेस करना पड़ सकता है कि एक ही वाक्य के बहुत सारे मतलब निकल रहे हैं।

आगे बढ़ते हैं। अगली समस्या है रेफरेंशियल एमिग्रे रहते हैं जैसे कि फॉर एग्जांपल श्रीधर एंड पार्थ वेंट टू अ पार्क। श्रीधर एंड पार्थ वेंट टू अ पार्क एंड ही ड्रैंक अ जूस। ही ड्रंक अ जूस। श्रीधर और पार्थ दोनों पार्क में गए और उसने जूस पिया। भाई उसने किसने? किसको रेफर कर रहे हो? श्रीधर ने जूस पिया? पार्थ ने जूस पिया? किसने पिया भाई ये तो बताओ। तो यहां पे रेफरी इशू रहता है। ये भी एक जो है समस्या है। ये भी एक प्रॉब्लम है जो कि अंडरस्टैंडिंग में डेवलप हो सकती है।

अब आते हैं थोड़ा सा अगले वाले कंपोनेंट में। उसमें भी भैया अलग-अलग फेसेस रहते हैं अलग-अलग पार्ट्स रहते हैं। इन द जनरेशन पार्ट जहां पे टेक्स्ट प्लानिंग हम पहले करते हैं। देखो जी कुछ तो हमने बोला होगा कुछ तो हमने डिमांड किया होगा बराबर है कि मुझे ये डेटा चाहिए है ना मुझे ये डेटा चाहिए मुझे ये रिस्पेक्टिवली जो है नॉलेज चाहिए आपसे मुझे ये एक तरीके से चैट जीपीटी को अपन बोलते हैं ये प्रश्न है मुझे इसका उत्तर दो मुझे इसका उत्तर दो तो ओबवियस सी बात है यार कुछ तो नॉलेज बेस होगा ना। पहले तो वो अपना जो भी टेक्स्ट जनरेट करेगा पहले तो वो उस टेक्स्ट का एक बेसिक प्रिमिटिव इनिशियल प्लानिंग करेगा ना कि भैया पहले तो रिट्रो रिलेवेंट कंटेंट फ्रॉम द नॉलेज बेस। उनके पास कुछ नॉलेज बेस होगा उस नॉलेज बेस से आपके रिस्पेक्टिव क्वेरी के रिगार्डिंग कुछ रिलेवेंट कंटेंट को वो क्या करेगा रिट्राईंग। बात सही है। अब जैसे वो रिट्रो जाता है तो सेंटेंस प्लानिंग आगे की बनती है कि जो अभी वो रिड्राफ्ट में से ऐसा थोड़ी है ना कि सब का सब मामला आपको मैं आगे आउटपुट में दे दूं। नहीं जी ऐसा थोड़ी ना होता है। मुझे उन सेंटेंसेस को फॉर्म करना पड़ेगा। सेंटेंसेस कैसे बनते हैं? वर्ड्स के कॉमिनेशन से तो मैं ऐसा कौन सा पर्टिकुलर वर्ड्स का कॉमिनेशन लगाऊं कि जिससे कि कम से कम शब्दों में कम से कम सेंटेंसेस में बढ़िया से बढ़िया आईडिया मैं आप तक पहुंचा पाऊंगा तो उन वर्ड्स का इस्तेमाल करना। मीनिंगफुल फ्रेजस का यहां पे इस्तेमाल करना। फ्रेजस इज लाइक द यार कि आपका एक पार्ट ऑफ सेंटेंस ही है। ठीक है कि नहीं। और उनका एक तरीके से यहां पे इस्तेमाल करना ताकि बड़े प्रभावी ढंग से हम अपने सेंटेंस को जो है सामने वाले को बता सकते हैं समझा सकते हैं। सेटिंग अ टोन कि हां भैया अगर किसी रिस्पेक्टिव कांटेक्ट में अगर मैं गुस्सा हूं खुश हूं तो यार अलग-अलग भैया अपन जो है यहां पे अपने टोंस को भी रिफ्लेक्ट कर सकते हैं उन सेंटेंसेस के अंदर। और फाइनली ये सब कुछ मामला ताम जाम होने के बाद रिलेवेंट एक तरीके से अपने सेंटेंसेस वर्ड्स को मेंशन करने के बाद हम टेक्स्ट को रियलाइफ करते हैं। रियलाइफ करना मतलब एक फाइनल आउटपुट स्टेप है। यहां से डायरेक्टली आपका जो है टेक्स्ट जनरेट करके बाहर निकलेगा। बिकॉज यहां पे हम मैप अप कर रहे हैं हमारे उन सेंटेंस प्लान को इनटू द सेंटेंस स्ट्रक्चर। यानी कि जो प्लानिंग किया था उसको एक्चुअल में अभी हम रियलाइफ करते हैं। उसको एक्चुअल में अभी हम इंप्लीमेंट करते हैं इनटू फॉर्मेशन ऑफ योर सेंटेंस स्ट्रक्चर। एंड देन फाइनली दैट रिस्पेक्टिव नेचुरल ल सेंटेंसेस आर बींग गेटिंग जनरेट आउट। दैट इज द कंपोनेंट नेचुरल लैंग्वेज जनरेशन। ठीक है।

अब आगे बढ़ते हैं। कुछ फेजस हैं लेवल्स हैं एनएलपी के। अब सब लेवल निकलेंगे एक-एक करके सब लेवल निकालेंगे। कई बार ये वाला लेवल जो है आपको मेंशन नहीं दिखेगा दैट इज द स्पीच एनालिसिस। लेकिन मैंने इसको यहां पे इंक्लूड कर लिया है। अगर आपके सिलेबस में नहीं होगा अगर मेंशन नहीं होगा तो आप इसे अगर अवॉइड करें तो भी चलेगा। बट ये बहुत मेन है। ये इंपॉर्टेंट है भैया। ये जितने भी है ना ये सब एनालिसिस ये सब के सब लेवल फेज एनएलपी की ये इंपॉर्टेंट है। यहां पे बेसिकली इसे इवॉल्वड इसलिए किया क्योंकि यार देखो आपने ने कुछ बोला। आपने कुछ डिमांड किया। आपने कुछ एक तरीके से सामने अपनी जो है डिमांड रखी है कि भैया ये क्वेरी रखी कि मुझे इसके बारे में चाहिए तो आपने लेट्स से कुछ बोल दिया तो वो जो बोला है उसको एनालाइज करके भैया आगे रिस्पेक्टिवली नेचुरल लैंग्वेज को जो है फर्द इन फेजेस में सेंड आउट करना है। तो इसलिए मैंने इसको इनिशियल फेज यहां पे मान के रख लिया है। तो जो अगला फेज निकल के आ जाता है दैट इज लेक्सिक एनालिसिस फेज। मतलब यहां पे अपन क्या कर रहे हैं? देखो जी हमें इनिशियली अपना एक बहुत बड़ा कॉर्पस डॉक्यूमेंट कॉर्पस टर्मिनोलॉजी आगे हम देखने वाले हैं वोकैबुलरी क्या होता है कॉर्पस क्या होता है वर्ड क्या होता है वो सब चीजें डिस्कस करेंगे। लेकिन यहां पे इतना समझ लो कि एक बहुत बड़ा अपने को डॉक्यूमेंट जिसमें बहुत सारे सेंटेंसेस अपने पढ़े हुए हैं वो दे रखा है तो एक तरीके से बहुत गंभीर बहुत बड़ा प्रॉब्लम है। तो अगर अपने को इसको सॉल्व करना है सुलझाना है तो सबसे बड़ी अप्रोच क्या हो सकता है? डिवाइड एंड कॉन कर। तो भैया इसको डिवाइड करते जाते हैं इसको तोड़ते जाते हैं बड़ी से बड़ी दीवार हमारे सामने।

खड़ी होगी भैया उसको तोड़ते जाते हैं, तोड़ते जाते हैं। देखते हैं भैया इसके आर-पार आखिर है तो है क्या? चलो इस दीवार को तोड़ के देखते हैं। और इसको तोड़ते-तोड़ते भैया अपने पास बस एक उसकी बेसिक यूनिट बच जाती है, वो है ईंट। वो है ईंट। अब इन्हीं ईंटों को अपन कहते हैं लेगम्स। इनको क्या कहते हैं? बेसिक यूनिट ऑफ लेक्सिक यूनिट या फिर लेक्सिक फेज कहते हैं या लेक्सिक एनालिसिस लेवल कहते हैं। उसे कहते हैं भैया अपन लेगम्स। ये उसकी एक बेसिक यूनिट है जो कि जनरली अपन वर्ड्स कंसीडर करते हैं। एंड इन्हीं लेगम्स का एक कलेक्शन जो है वो कहलाता है लेक्सकॉन। उन्हें कहते हैं भैया लेक्सकॉन। और वही लेक्सकॉन भैया आगे हम लोग फर्दर प्रोवाइड कर रहे हैं सिंटेक्टिक एनालिसिस या फिर भैया सिंटेक्स एनालिसिस या फिर भैया इसको पार्सिंग फेज भी कहते हैं, जो कि अपना अगला फेज है। जहां पे एक्चुअल में अपने जो ये लेक्सस हैं, वो प्रोवाइड किए जा रहे हैं। साथ ही साथ आपका एक ग्रामर रहता है। मतलब यहां पे अपन यही चेक कर रहे हैं कि आपके जो भी भी सेंटेंसेस हैं, वो ग्रामेटिकली करेक्ट हैं या नहीं। मतलब आपने प्रोग्रामिंग में भी देखा होगा। वैसे तो इस फेस को अपन ने बड़े डिटेल में जो है ये पार्सिंग, पार्सिंग ट्री वाला फंडा सब इसमें इवॉल्व्ड होता है। तो ये हमने कंपाइलर डिजाइन में बड़े डिटेल में देखा है। इन केस अगर आप इच्छुक हैं भैया इसके बारे में और जानने के लिए, तो इन टर्म्स ऑफ प्रोग्रामिंग हा, इन टर्म्स ऑफ प्रोग्रामिंग तो आप वहां पे जा सकते हैं, रेफर कर सकते हैं। लेकिन उसी का कॉन्टेक्स्ट यहां पे आप समझ सकते हैं कि जभी भी कोई प्रोग्रामिंग लाइन आप लिखते हैं एंड एज पर द रूल्स, ग्रामर रूल्स, सिंटेक्स रूल्स जिन्हें हम कहते हैं, अगर उसके हिसाब से, अगर उसके हिसाब से ये स्टेटमेंट आपका नहीं लिखा गया है, तो उस तो तुरंत बोला जाता है सिंटेक्स एरर। मतलब आप आपने लेट्स से पाइथन की एक दुनिया है, C++ की एक दुनिया है, बराबर है? अब इनके अपने अलग-अलग बोलियां हैं, अपनी-अपनी अलग भाषाएं हैं, अपनी-अपनी अलग ग्रामर रूल्स हैं, बराबर है? क्योंकि बेस अपना ग्रामर ही होता है, उसी से भैया अपन क्या करते हैं अपनी लैंग्वेज उत्पन्न कर रहे हैं, जनरेट कर रहे हैं। तो यार दोनों की तरफ ग्रामर अलग चल रहा है। अगर मैंने पाइथन की लाइन C C++ में लिख दी और C++ की अगर पाइथन में लिख दी, तो भैया वहां तो सिंटेक्स एरर आना है, बराबर है कि नहीं? क्यों? क्योंकि ये ग्रामेटिकली करेक्ट चीज नहीं है। यहां पे जो भी आपके वर्ड्स हैं, लेगम्स हैं, उनके बीच में जो एक तरीके से रिलेशनशिप है, जो ग्रामेटिकली स्ट्रक्चर्ड होना चाहिए, वो स्ट्रक्चर नहीं मिल पा रहा है। पार्स ट्री जनरेट नहीं हो पा रहा है। इस वजह से भैया अपन कहते हैं कि ये इनकरेक्ट है। लेकिन अगर करेक्ट निकल गया, पार्स ट्री जनरेट हो गया, तो बाकी सब सही है भैया आपका स्ट्रक्चर एकदम सही है। जैसे कि एक बड़ा पॉपुलर एग्जांपल है, "The school goes to boy." मतलब जनरली क्या होना चाहिए भैया सही जो एक तरीके से सेंस बने उस स्ट्रक्चर से, उस ग्रामर से, वो क्या होना चाहिए उस सेंटेंस से? दैट इज "The boy goes to school." तो ये तो सही लगता है, सुनने में भी सही लगता है, मधुर लगता है, मीठा लगता है, अच्छा लगता है। लेकिन "The school goes to the boy." ये वाला फंडा क्या बोल रहा है सर? ये गलत है।

ठीक है। ये एनालिसिस यहां पे परफॉर्म करना। सिमेंटिक एनालिसिस मतलब थोड़ा और आगे बढ़ते हैं कि चलो अब लेट्स कंसीडर कि स्ट्रक्चर वाइज सब कुछ बढ़िया है, ग्रामेटिकली कोई मिस्टेक नहीं है। आप देखते हैं कि क्या ये कोई लॉजिकल कोई मीनिंगफुल रिस्पेक्टिवली चीज डिलीवर कर पा रहा है? लेट्स से आपके यूजर ने जो शुरुआत में जो एक क्वेरी की थी, डिमांड की थी, क्या उसके हिसाब से कोई मतलब बन पा रहा है आपके रिस्पेक्टिवली स्टेटमेंट्स का, शब्दों का? कि कोई मीनिंग है? तो यहां पे मीनिंगफुलनेस की बात बात जो है, वो तलाश रहे होते हैं। यहां पर जैसे कि अगर अपने सामने अगर कुछ ऐसा आ जाए, "hot ice cream." बड़ा पॉपुलर एग्जांपल है ये। "Hot ice cream." तो इसका कोई सेंस बनता है? हॉट भैया गरम आइसक्रीम? क्या बात कर रहे हो सर? कभी देखा है? तो इसका तो कोई मीनिंग ही नहीं बनता। तो ये अपने को जो है टालना, यही एनालिसिस जो है यहां पे इन्हीं चीजों को डिटेक्ट करना है और मीनिंगलेस चीज को अवॉइड करना है।

ठीक है। उसके बाद आते हैं भैया डिस्क्लोजर एनालिसिस, डिस्क्लोजर इंटीग्रेशन, डिस्क्लोजर लेवल, डिस्क्लोजर फेस। भैया बहुत सारे नाम हैं जिस नाम से बुलाना चाहते हो, बुला सकते हो। लेकिन यहां पे मुद्दा क्या है पता है? बिफोर एंड आफ्टर सेंटेंसेस का खेल होता है। लेट्स से मेरा यहां पे एक सेंटेंस है, बराबर है? अब गौर से देखना मैं क्या बोल रहा हूं। मेरा यहां पे एक सेंटेंस या वर्ड है, जो भी है, ठीक है? अब इसके बारे में जो आपको इंफॉर्मेशन है, वो कंप्लीट तब दिखेगी, कंप्लीट तब लगेगी जब इससे पहले जो प्रीवियस आपका स्टेटमेंट रहेगा ना, वो आपको पता रहेगा। वो जब मेंशन रहेगा, जब वो करेक्ट रहेगा, तब जाके आप अगले यानी कि अपने लेट्स से ये करंट स्टेटमेंट है और ये आपका प्रीवियस स्टेटमेंट है। तो अगर आपके पास प्रीवियस स्टेटमेंट अवेलेबल है, अगर वहां पे वो करेक्ट है, फुल्ली एक्यूरेट मैनर में मेंशन है, तो तो ही जाके आप कह सकते हो कि अब जो ये मेरा करंट स्टेटमेंट है ना, ये जो मेरा करंट स्टेटमेंट है, अब ये सही है। अब ये मुझे अच्छे आईडिया दे रहा है। अब ये क्लीयरली मुझे इन्फॉर्म कर रहा है कि भैया यहां पे चल क्या रहा है। बात क्लियर है? बात समझ में आ रही है? क्यों? क्योंकि यार प्रीवियस स्टेटमेंट पे या प्रीवियस वर्ड पे आपका करंट वर्ड जो है, वो डिपेंड करता है। वो आपका जो रिस्पेक्टिवली वर्ड है, करंट वर्ड या फिर जो सेंटेंस है, वो डिपेंड करता है। जैसे कि मैं यहां पे लिखता हूं, "I ate it." बराबर है कि नहीं? अब ये जो है, लेट्स से ये मेरा करंट वर्ड है और ये उसके प्रीवियस वर्ड्स हैं, ठीक है? तो अब करंट में अगर मैं सिर्फ "it" यहां पे मेंशन कर रहा हूं, तो इसका अपने आप में कोई इतना बेसिक सेंस या मीनिंग या फिर ऐसा कुछ भैया अपने को बताने का प्रयास कर रहा है कि वो कुछ इन्फॉर्म करने का प्रयास कर रहा है, कुछ कंप्लीट सेंस में नहीं। सर जी, ये तो खुद में ही इनकंप्लीट लग रहा है। अगर इसको यहां से निकाल दे और सिंगल एक यूनिट के हिसाब से देखें, तो ये तो पता चलता है कि एक्चुअल में ये करंट वर्ड जो है, ये प्रीवियस वर्ड पे डिपेंड करता है कि "it" का क्या मतलब निकल रहा है। बात समझ पा रहे हो? सिमिलर वे में यहां पे जैसे आपका रिस्पेक्टिवली जो मैंने नेक्स्ट वाला भी आफ्टर सेंटेंस भी बोला है, तो आपका जो करंट सेंटेंस है, वो इंपैक्ट क्रिएट करता है आपके नेक्स्ट वाले यानी कि आफ्टर सेंटेंस पे। तो इसको मैं नेक्स्ट बोल देता हूं। तो ये प्रीवियस, करंट और नेक्स्ट सेंटेंस का सिलसिला आपको डिस्क्लोजर रिस्पेक्टिवली जो इंटीग्रेशन बोलते हैं, उसमें देखने को मिल जाएगा।

प्रैग्मेटिक एनालिसिस मतलब क्या? कि भैया कॉन्टेक्स्ट मैटर। जैसे कि अभी मैं आपके साथ कम्युनिकेट कर रहा हूं, जो नॉर्मल सोशल अपने कम्युनिकेशन रहता है, जिसमें बहुत सारी चीजें अपन कहते हैं, बट यार कई बार उनके जो है अलग-अलग मीनिंग निकल के आ सकते हैं। तो भैया किस कॉन्टेक्स्ट के हिसाब से, किस सिचुएशन के हिसाब से आप कहना क्या चाहते हो? जैसे मैं आपको बोलता हूं कि "Write down the notes." मैं आपको बोलता हूं "Write down the notes." तो जी आप मुझे ऑर्डर दे रहे हो या रिक्वेस्ट कर रहे हो? कई बार क्वेश्चन हम भी पूछ लेते हैं। वैसे ही यहां पे क्वेश्चन पूछा जाता है और उसका आंसर ढूंढा जाता है कि आखिरकार भैया तुम किस कॉन्टेक्स्ट में बात कर रहे हो? तुम क्या भैया मुझे इस स्टेटमेंट के हिसाब से ऑर्डर देने का प्रयास कर रहे हो या मुझे रिक्वेस्ट कर रहे हो कि "Write down the notes." जी हैं? थोड़ा जी लगा दिया, थोड़ा वॉइस थोड़ा टोन नॉर्मल कर लिया, या फिर थोड़ा अगर टोन बढ़ा दिया तो ऑर्डर दे रहे हैं, "Write no notes." बराबर है कि नहीं? तो थोड़ा फर्क पड़ता है। इन्हीं कम्युनिकेशंस को इंटरप्रेट करने का प्रयत्न प्रैग्मेटिक एनालिसिस में कुछ प्रश्नों का उत्तर ढूंढने का जो यहां पे तात्पर्य है, प्रयत्न है, वो किया जा रहा है।

अब बढ़ते हैं भैया आगे। बेसिक टर्मिनोलॉजी। जैसे मैंने पहले ही आपको बता दिया था, कॉर्पस। कॉर्पस मतलब आपके अंद आपके पास भैया जितने भी रिस्पेक्टिवली सेंटेंसेस, अब नॉर्मली हम लोग जो वो सेंटेंसेस रहेंगे, उनको एक टर्म देते हैं, दैट इज डॉक्यूमेंट। उन सबका कलेक्शन जो है, उन सब सेंटेंसेस का, डॉक्यूमेंट का जो एक कलेक्शन कहलाता है, दैट इज योर कॉर्पस। मतलब जो भी है, जितना भी मामला है, वो सब इसके अंदर मौजूद है। जी, बात क्लियर है?

अब आते हैं भैया उसके बाद वोकैबुलरी। वोकैबुलरी का मतलब क्या? कि आपके इसी कॉर्पस के अंदर, आपके इसी कॉर्पस के अंदर जो यूनिक वर्ड्स हैं, जो यूनिक वर्ड्स हैं। अब ये तो आपको पता होगा यार वर्ड क्या होता है, बराबर? एक बेसिक जो शब्द जिसे हम कहते हैं हिंदी में है कि नहीं? वर्ड होता है और एक होता है वाक्य जिसे हम कहते हैं सेंटेंस। मैं बात कर रहा हूं यहां पे वर्ड्स की। अब उसमें जितने भी यूनिक वर्ड्स होंगे, हो सकता है पॉसिबली ये एक द वर्ड है, बराबर है? अ है? तो ऐसे बहुत सारे आपके रिस्पेक्टिवली ऐसे वर्ड्स मौजूद हो सकते हैं, जो कि यार बार-बार रिपीट हो रहे होंगे, बार-बार रिपीट हो रहे होंगे। मैं बात कर रहा हूं सिर्फ और सिर्फ यूनिक वर्ड की। एक ही बार गिनना है, एक ही बार गिनना है। तो वो कितने यूनिक वर्ड्स आपके मौजूद हैं, वो आपका वोकैब, वोकैबुलरी बनाता है। क्या बनाता है? वो आपका वोकैबुलरी बनाता है। ये बात अपने को अंडरस्टैंड करनी है।

और टोकेनाइजेशन आपका बहुत ही इनिशियल फेज है, बहुत ही इनिशियल स्टार्टिंग फेज है। जहां पे वो मैं टुकड़े-टुकड़े की बात कर रहा था ना, दीवार करने की, तो कहीं ना कहीं उसमें टोकेनाइजेशन इंवॉल्व्ड होता है। कि आप क्या करते हो अपने रिस्पेक्टिव गिवन कॉर्पस, यानी कि जिसमें सब कुछ है, जिसमें आपके वही कलेक्शन ऑफ वर्ड, डॉक्यूमेंट, सेंटेंस, जो भी कहना है, कह लीजिए भैया, एक तरीके से ये आपकी पूरी किताब है, ये पूरी किताब है जिसमें सारा डेटा मौजूद है। इसी को अपन कहेंगे भैया रिस्पेक्टिवली कॉर्पस। एंड रिमेंबर, हर प्रॉब्लम के हिसाब से, हर क्वेरी के हिसाब से आपके रिस्पेक्टिव कॉर्पस जो है, ऑब्जेक्टिव के हिसाब से, एम के हिसाब से आपके कॉर्पस जो है, चेंज हो सकते हैं। ऐसा नहीं कि सिर्फ दुनिया में एक ही कॉर्पस बना हुआ है, उसी के ऊपर सारा कार्यक्रम होगा। नहीं, वो डिफरेंट डिफरेंट हो सकता है। साइज भी वेरी कर सकती है कॉर्पस की। ऐसी कोई भी भैया उसमें हार्ड एंड फास्ट रूल नहीं है कि वो इतनी ही साइज का होना चाहिए, इतने शब्द उसमें होने चाहिए, इतने ही सेंटेंस होना चाहिए। ऐसा कोई हार्ड एंड फास्ट रूल नहीं होता।

तो जो टोकनाइजेशन मैंने बोला था कि अपन जो उसको तोड़ रहे थे ना, तो यहां पे जो आपको एक-एक यूनिट मिलती है, तो इसमें अपने को जो है वर्ड टोकन भी मिल सकते हैं और सेंटेंस टोकन भी मिल सकते हैं। तो ये वर्ड टोकन मतलब क्या है? एक वर्ड। अगर आपने को लाइक पूरे अगर आपने डॉक्यूमेंट को वर्ड वर्ड वर्ड में तोड़ दिया, तो वो आपके वर्ड टोकन्स कहलाते हैं। लेकिन अगर आपने फुल स्टॉप इस पर्टिकुलर फंडे का क्राइटेरिया की तरह इस्तेमाल किया तोड़ने के लिए, तो भैया आपका एक सेंटेंस जो है, वो एक सेंटेंस टोकन भी कहलाया जा सकता है।

स्टेमिंग वाला फंडा, लामेटा इजेशन वाला फंडा। ये दोनों क्या कर रहे हैं पता है? प्रयत्न कि आपका एक तरीके से जो है शब्द है, टोकन है, उसको उसके यहां पे हम लोग लेमे आइजे में बात करते हैं, लेमा फॉर्म में लेके आ जाए। लेमा फॉर्म मतलब बहुत ही बेसिक, प्रिमिटिव स्टेम वर्ड बोलते हैं इन द स्टेमिंग, बराबर है? यानी कि उसके बेस फॉर्म में लेके आ जाना। फॉर एग्जांपल, मैं यहां पे बोल देता हूं "making." मैं क्या बोलता हूं जी यहां पे "making" बोलता हूं, ठीक है? अब जैसे ही "making" बोला, तो इस शब्द का एक बेस फॉर्म क्या होगा? एक रूट वर्ड क्या होगा? बेस रूट वर्ड क्या होगा? भैया इसका सिंपल है सर, "make." क्योंकि "make" से ही "making," "make" से ही "maked," ये सब चीजें बनी हुई हैं, बराबर? तो ये फॉर्म मुझे प्राप्त करने में स्टेमिंग, लेमे आइजे एक तरीके से जो है मदद करते हैं। यहां पे मुझे स्टेम मिलते हैं, यहां पे मुझे लेमा मिलते हैं।

अब अपने स्टेमिंग और लेमेटाइजेशन में सबसे बड़ा अंतर यही है कि यार देखो, स्टेमिंग जो है ना, बिना कुछ ज्यादा सोचे समझे भैया अपने वर्ड को कुतरना शुरू कर देता है। जैसे कि यार अगर एक एग्जांपल दूं, बड़ा ही पॉपुलर एग्जांपल है, "trouble" वर्ड जो है, यहां पे "e" लगाते हैं, ठीक है कि नहीं? अब "trouble" वर्ड है। अब स्टेमिंग को अगर दिया, तो ये इसका स्टेम वर्ड क्या जनरेट करता है पता है? ये सिंपली "e" जो है, यहां से हटा देता है। ये सिंपली "e" यहां से हटा देता है और बोल देता है कि चलो मैंने इसको कुतर दिया, ये आपका स्टेम वर्ड है। तो देयर इज अ हाई पॉसिबिलिटी इन द स्टेमिंग कि भैया शायद आपका जो स्टेम वर्ड जनरेट हो, जो रूट वर्ड जनरेट हो आफ्टर स्टेमिंग परफॉर्मिंग स्टेमिंग, तो वो शायद एक कोई डिक्शनरी मीनिंग होल्ड ना करे, बराबर है? मतलब वो हैविंग कुछ भी भैया स्पेलिंग मिस्टेक सा लगे, वो कुछ तो स्पेलिंग मिस्टेक सा लगे। ये पॉसिबिलिटी है। लेकिन लामेटा इजेशन में ये पॉसिबिलिटी नहीं रहती। लामेटा इजेशन में अगर आप "trouble" दोगे, तो वो "trouble" ही आपको इन रिटर्न देगा। उसमें आपको डिक्शनरी फॉर्मेट को उसको पकड़ के भैया वो रखता है और एक मीनिंगफुल जो है वर्ड आपके सामने रखता है और ऐसा आपको कभी लगेगा ही नहीं कि यार इसमें कोई स्पेलिंग मिस्टेक हुआ है।

और साथ ही साथ भैया हम कई बार क्या करते हैं, ये जो हमारे टोकन्स होते हैं, उनको पोस्ट टैगिंग। पोस्ट टैगिंग मतलब पार्ट ऑफ स्पीच टैगिंग। पार्ट ऑफ स्पीच नाउन, प्रोनाउन वगैरह जो अलग-अलग फंडे होते हैं भैया, इतना भी बढ़िया इंग्लिश नहीं है अपना, बट चलो फिर भी जो थोड़ा बहुत हमने ने जो है इंग्लिश क्लासेस में अपने स्कूल डेज में सीखा था, उसके जो पार्ट ऑफ स्पीच थे, वो एक तरीके से टैग लगा देते हैं अपन, टैग कर देते हैं टू आवर टोकन्स। वही प्रक्रिया यहां पे की जा रही है।

और स्टॉप वर्ड्स का तो भैया बहुत गहरा मामला है। स्टॉप वर्ड्स में क्या मामला चलता है पता है? आपके कुछ ऐसे शब्द होते हैं कि यार जो आपके रिस्पेक्टिव कॉर्पस में जो है, बहुत ज्यादा तादाद में मौजूद होते हैं, लेकिन वो वर्ड्स अपना कुछ ऐसा क्रिटिकल इंपैक्ट आपके उस कॉर्पस में ऐड नहीं कर रहे हैं, अपना कुछ ऐसा भैया बहुत ही ज्यादा बहुमूल्य जो एक तरीके से क्या बोलते हैं, रोल जो है, क्रिटिकल रोल जो है, वो प्ले नहीं कर रहे इन इंटरप्रिटिंग योर कॉन्टेक्स्ट। वो बस ऐसे रिडंडेंट वर्ड्स हैं, बराबर है कि नहीं? अननेसेसरी आपके लेट्स से कंप्यूटेशनल कॉस्ट को बढ़ा रहे हैं, क्योंकि जितने ज्यादा वर्ड, उतना ही भैया वो थोड़ा सा कंप्यूटेशनली कॉम्प्लेक्सेशन ये करते हैं। कि जो स्टॉप वर्ड्स हैं, अलग-अलग लैंग्वेजेस के अलग-अलग स्टॉप वर्ड्स होते हैं, बराबर है? इंग्लिश का अलग, पोर्तुगीज का अलग। तो हर एक रिस्पेक्टिव लैंग्वेज में अपने-अपने सेट ऑफ भैया स्टॉप वर्ड्स वहां पे मौजूद होते हैं, जिनकी हम पहली लिस्ट मंगवा लेते हैं और वो लिस्ट जो है हम लोग मैच करके देखते हैं अपने कॉर्पस के हर एक वर्ड के साथ। अगर वो लिस्ट का टॉप वर्ड में जो भी रिस्पेक्टिव आपके वर्ड्स होंगे, जैसे यार "the" या "the" हो गया, "a" हो गया, ये वाली जो रिस्पेक्टिव शब्द रहते हैं ना, वो ऐसे थोड़े रिडंडेंट माने जाते हैं। तो अपन क्या करते हैं, अगर वो मैच हो जाते हैं आपके कॉर्पस के वर्ड से, तो हम सिंपली उनको अपने कॉर्पस में से रिमूव कर देते हैं। और जो सिर्फ कोर मीनिंगफुल और जो भैया कुछ क्रिटिकल रोल निभाने वाले हैं आपके कॉर्पस के अंदर, उन्हीं को वहां पे रखते हैं। बाकी स्टॉप वर्ड्स को निकाल देते हैं। ये एक बेसिक जनरल प्रोसीजर है जो कि फॉलो किया जाता है इन केस ऑफ स्टॉप वर्ड्स। तो ये बात पता होनी चाहिए।

और कुछ बड़ी पॉपुलर जो एप्लीकेशंस के तौर पे हम लोग एनएलपी का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो कि आपको क्वेश्चन पूछा जा सकता है, तो उसका भी आंसर दे देता हूं। जैसे कि स्पीच रिकॉग्नाइजेस। मतलब अब यहां पे मैं कुछ बोल रहा हूं, तो आपने उसको समझा, आपने उसको अंडरस्टैंड किया। अब ये मैं बोल रहा था, ये भी आपने रिकॉग्नाइज किया। जैसे हम कई बार बोलते हैं ना कि आंख बंद कर लेते हैं, किसी का बोलते हैं, "पहचान कौन?" तो अपन क्या करते हैं? अपन पहचानते हैं। वो क्या बोल रहा है? वो क्या बोल रहा है? उससे अपन पहचानते हैं, ये कौन है? अपन रिकॉग्नाइज करते हैं, बराबर है? यही कुछ भैया अपना मशीन भी कर सकता है।

सेंटीमेंट एनालिसिस। आखिर में भैया जब आपके रिस्पेक्टिव कमेंट्स इस वीडियो पे आते हैं और जब मैं उनको पढ़ता हूं, तो मुझे समझ में आता है, "सर थैंक यू, आपने बहुत अच्छा पढ़ा है।" तो मुझे समझ में आता है आपका सेंटीमेंट। मैं अंडरस्टैंड कर पाता हूं कि आपको वीडियो पसंद आया, आपके लिए वो हेल्पफुल साबित रहा, आपने अच्छा स्कोर किया, आपका एग्जाम आसान गया इन वीडियो की वजह से। तो मैं वो आपके सेंटीमेंट जो है, वो आसानी से भाप पाता हूं। कुछ बार भैया कुछ लोग बोल देते हैं कि "अरे सर जी, इतना कुछ खास नहीं था सर।" तो मैं आपके जो सेंटीमेंट है, भाप लेता हूं कि आपको यार इतना अच्छा नहीं लगा। ठीक है, अगली बार मैं थोड़ा बहुत जो है और बेहतर करने का प्रयत्न करूंगा, इंप्रूवमेंट अपने अंदर लाऊंगा। तो मैं आपके सेंटीमेंट भाप पा रहा हूं। उसी तरीके से अगर मशीन भी सेंटीमेंट को एनालाइज करने लग जाए।

मशीन ट्रांसलेशन। कि एक भाषा है भैया जो मुझे नहीं आती, तो मुझे वो भाषा दिखा दे, ट्रांसलेट कर दे, जो मैं समझ पाऊं। बराबर है? किन तो ये मशीन ट्रांसलेशन भी काफी जो मददगार चीज है।

टेक्स्ट समराइजेशन। भैया बहुत बड़ा टेक्स्ट कॉर्पस मेरे सामने लाके तुमने रख दिया है, लेकिन मुझे इतनी बातें मत बताओ। मेरे को सिर्फ एक का दुक्का टक्का लाइन में भैया इसका एक समराइज वर्जन सामने रखो। तो वो भी रिस्पेक्टिवली अपन कर सकते हैं अपने एनएलपी के थ्रू।

टेक्स्ट क्लासिफिकेशन। कई बार होता है ना आपके पास भैया देखो, झुंड में आज के बहुत सारे न्यूज़ आ गए हैं, लेकिन वो न्यूज़ को भी अपने को क्लासिफाई करना है, सेग्रीगेट करना है कि ये न्यूज़ जो है, वो स्पोर्ट्स की है, ये न्यूज़ जो है भैया फाइनेंस की है, ये न्यूज़ जो है भैया पॉलिटिक्स की है, बराबर है कि नहीं? तो ऐसे आपको इनको न्यूज़ को क्लासिफाई करना है, तो वो रिस्पेक्टिवली क्लासिफिकेशन भी यहां पे एनएलपी के थ्रू जो है, आराम से किया जा सकता है जी।

अब बढ़ते हैं भैया थोड़ा आगे और आ जाते हैं अपने अगले यूनिट चैप्टर के ऊपर जिसका नाम है न्यूरल नेटवर्क्स। क्या कहना चाहता है? क्या बताना चाहता है? इसको बड़े डिटेल में आपके समक्ष जो है रखने वाला हूं। यहां पे जो डीप लर्निंग वाला फंडा हमने शुरुआत में देखा नहीं था क्या? डीप लर्निंग इज द सबसेट ऑफ एमएल, एल इज अ सबसेट ऑफ भैया एक तरीके से एआई। वो पूरा क्रोनोलॉजी आपके सामने रखा था। तो डीप लर्निंग के अंडर भैया ये जो न्यूरल नेटवर्क्स वाला पार्ट है, इनको हम बड़े डिटेल में स्टडी करते हैं। क्योंकि न्यूरल नेटवर्क्स के अंदर एक्चुअल में वी आर ट्राइंग टू मिमिक द ह्यूमन ब्रेन। वी आर ट्राइंग टू मिमिक द ह्यूमन ब्रेन। एक सिंपल एग्जांपल देता हूं जिसके जरिए आपको सब समझ में आ जाएगा। आपको ये करना नहीं है, करना नहीं है, बस सोचना है। बस जस्ट इसको सोचना है। आपको पता चल जाएगा कि आपका नेक्स्ट एक्शन क्या रहेगा। जस्ट इमेजिन कि आप अपने किचन में गए, स्टोव ऑन किया, ज्वाला प्रज्वलित हो गई और उस उसपे आपने जस्ट हाथ रख रही रखे ही रखा ही था भैया हाथ। आपने जैसे तुरंत रखा, उसको हटा लिया। ये हटा कैसे लिया हाथ आपने? हटा कैसे लिया? ओबवियस सी बात है, यहां पे आपके सेंसर्स हैं। यहां पे आपके सेंसर्स हैं। जैसे ही आपने वहां पे हाथ रखा, तुरंत सेंसर्स ने "थ्रेशोल्ड के ऊपर टेंपरेचर जा रहा है भैया, चमड़ी जल जाएगी, चमड़ी जल जाएगी।" तो तुरंत वो सिग्नल भेजा, सिग्नल भेजा, भेजा, भेजा, भेजा, भेजा, भेजा, भेजा में पहुंचा। अब ये भेजे में जो हो रहा है, उसी को मिमिक करने का प्रयत्न जो है, वो न्यूरल नेटवर्क कर रहा है। कि मिमिक द ह्यूमन ब्रेन भैया किस तरीके से काम कर रहा है? क्या इसका जो है एक तरीके से अंदर आपके पास मिलियन, बिलियंस ऑफ न्यूरॉन्स हैं? वही जो स्ट्रक्चर है, उसी से यहां पे इंस्पिरेशन लेके भैया अपन अपना जो है न्यूरल नेटवर्क बना रहे हैं। और फिर वही रिस्पेक्टिव आपके सिग्नल।

की प्रोसेसिंग होके आउटपुट बाहर आता है। बोलता है भैया हाथ हटा ले, तब जाके आपका हाथ जलने से बच जाता है। ये एक बेसिक बात जो है अपने को समझनी है। और इसका एक बेसिक जो वर्जन, जिसे हम कहते हैं सिंगल परसेप्ट्रॉन, तो सिंगल परसेप्ट्रॉन बेसिकली हमारा जो है ना, यहां पे दो स्टेप में कार्यक्रम चल रहा है। कैसे चल रहा है, वो आपके समक्ष में पहले रखता हूं, फिर उसके बाद मल्टी लेयर पे जाते हैं। ठीक है कि नहीं? वो कैसे ऑपरेट करता है, इनपुट लेयर, हिडन लेयर, आउटपुट लेयर, वो सारी चीजें मैं बताऊंगा। लेकिन पहले यहां पे मामला समझ लो क्या हो रहा है।

नोड में यहां पे लेट्स से मेरे सिग्नल हैं x1, x2। x1 मतलब जब मैंने अपना हाथ वहां रखा था, तो ओबवियस सी बात है सिग्नल यहां स्किन से तो जा ही रहे थे। आंखों से मैं देख रहा था भैया कि हाथ अभी मैंने गैस पर रख दिया है, तो मैंने आंखों से देखा था। सही बात है, वहां से भी सिग्नल जा रहे थे। उसके बाद भैया स्मेल वाले सिग्नल रहते हैं आपके रिस्पेक्टिवली, जो क्या बोलते हैं, नाक में से जो खुशबू, बदबू, जो भी है भैया, वो भी एक टाइप ऑफ सिग्नल ही रहता है। बराबर है? जो आप सुनते हो, वो भी एक सिग्नल है। तो ये मान लीजिए x1, x2, x3 ये आपके सिग्नल्स हैं। बराबर है?

अब ओबवियस सी बात है, सभी का अलग-अलग इंपॉर्टेंस होगा। इसका सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंस होगा, क्योंकि ये सबसे नजदीक है आपके डेंजर जोन के। आंख के सबसे ज्यादा नजदीक कौन है? आंख या स्किन? स्किन है। तो ये इसके रिस्पेक्टिवली जो आपका सिग्नल रहेगा, लेट्स से वो x1 है, तो उसके रिगार्डिंग हर सिग्नल के साथ एसोसिएटेड एक वेट होता है। तो इसके साथ भी एसोसिएटेड एक वेट होगा, इसके साथ भी एसोसिएटेड वेट होगा, इसके साथ भी एसोसिएटेड वेट होगा, इसके साथ भी एसोसिएटेड वेट होगा, इसके साथ भी एसोसिएटेड वेट होगा। लेकिन यहां पे उन का जो वेट की वैल्यू है, वो डिफरेंट डिफरेंट होगी। इनिशियली तो भैया वो डिफरेंट डिफरेंट होगी। बराबर है?

जब हम छोटे बच्चे रहते हैं, तो हमको नहीं पता रहता भैया। हम लोग एकदम अगरबत्ती पे हाथ मार देते हैं। वो क्या बोलते हैं, कई पानी है भैया, पानी में फिसल के गिर जाते हैं। हमें ये नहीं पता होता कि पानी तो भैया धीरे-धीरे चलना है। नहीं, इतने हमारे जो रिस्पेक्टिव वेट्स हैं, वो जैसे-जैसे हम आगे बड़े होते जाते हैं, हमारे एक्सपीरियंस गेन करते हैं, लर्न करते हैं, हमारी ये एक्चुअली वेट्स जो हैं, ये अपडेट होते जाते हैं, अपडेट होते जाते हैं। और अब जब हम इतने बड़े हो गए, तो अब तो भैया हमारे दिमाग में इतना बढ़िया ट्रेनिंग बैठ चुका है कि हम किसी भी कैंडल जलती ज्वाला, अपने गैस की तो छोड़ दो, कैंडल के पास भी ना जाए भैया हाथ ऊपर रखने के लिए। बराबर है? तो ये बात अपने को अभी दिमाग में फिट बैठ चुकी है। इसी को बोलते हैं भैया वेट्स को अपडेट करना, जो कि हम लोग बैक प्रोपेगेशन के दौरान करते हैं। बराबर है?

तो अब ये वेट्स हो गया। अब इनका मैं क्या मामला करता हूं, कैसे मामला सेट करता हूं? कुछ नहीं, बड़ा सिंपल है। यहां पे अपना जो ये सिग्नल है और उसके साथ एसोसिएटेड वेट है, इन दोनों का मल्टीप्लिकेशन, इन दोनों का मल्टीप्लिकेशन, इन दोनों का मल्टीप्लिकेशन, और इसमें इन सबको बस खाली मैं ऐड कर देता हूं। समेशन। वही मैंने किया है। लेट देयर n नंबर ऑफ़ सिग्नल दैट आई एम रिसीविंग, आर रनिंग फ्रॉम 1 टू n, समेशन ऑफ x आड। और यहां पे एक बायस, एक कांस्टेंट, जैसे कि अपना यार लाइन, लाइन का इक्वेशन नहीं है, y = mx + c? वो फैक्टर बायस जो है, यहां पे मैंने ऐड कर दिया। तो अब इसका एक आउटपुट निकलता है। ये मेरा स्टेप वन है। जी हां, गौर से सुनिए, ये मेरा स्टेप वन है। उसका आउटपुट लेट्स से z निकल गया। बराबर है?

तो जी, अपने पहले स्टेप में से अपने को आउटपुट z तो प्राप्त हो गया है। अब इसी को हम आगे भेजते हैं अपने सेकंड स्टेप को एज अ इनपुट। सेकंड स्टेप का नाम क्या है? एक्टिवेशन फंक्शन। हैं जी, ये है उसका लोकेशन, ये है उसका पोजीशन। ये आपको पता होना चाहिए। एक्टिवेशन फंक्शन आपका सेकंड स्टेप रहता है, जिसे अपन एज अ इनपुट जो प्रदान कर रहे हैं, इट इज नथिंग बट आपके स्टेप वन का आउटपुट z। बात समझ में आ रही है? और इसी रिस्पेक्टिव z वैल्यू के बेसिस पे अपन डिसाइड करते हैं कि भैया वैल्यू वन आगे पास करना है या जीरो पास करना है। ये बहुत ही सिंपल एक्टिवेशन फंक्शन इस्तेमाल किया है, यूनिट स्टेप एक्टिवेशन फंक्शन, जहां 1, 1, 0, बस यही मामला रहेगा, जो आपका आउटपुट में देखने को मिलेगा। बेस्ड अपॉन, बेस्ड अपॉन द वैल्यू ऑफ z, अगर मेरी z वैल्यू पॉजिटिव या इक्वल टू 0, यानी कि ग्रेटर दन या इक्वल टू 0 है, तो भैया आपको वन वैल्यू पास करनी है आगे। और अगर भैया लेट्स से z मेरा लेस दन ज जीरो, यानी नेगेटिव है, तो भैया जीरो वैल्यू पास करनी है आगे।

अब ऐसा नहीं कि ये इकलौता ऐसा एक्टिवेशन फंक्शन है। अरे जी, बहुत सारे एक्टिवेशन फंक्शन पड़े हुए हैं। अलग-अलग लेयर्स में, अलग-अलग तरीके से भैया इन एक्टिवेशन फंक्शंस को जो है इस्तेमाल किया जाता है। अलग-अलग सिचुएशन के हिसाब से भैया, अलग-अलग की भैया कैटेगरी कितनी है, उसके हिसाब से भी, जैसे बाइनरी हुई, तो भैया हम लोग एक तरीके से जाते हैं, सिगमॉड के लिए। अगर मल्टी क्लास हुआ, तो सॉफ्ट मैक्स के लिए जाते हैं। ऐसे बहुत सारे भैया आपके एक्टिवेशन फंक्शंस एजिस्ट करते हैं। कुछ जो इंपॉर्टेंट आपको जो उनका फॉर्मूलेशन शायद पूछा जा सकता है, तो वो मैं आपके सामने यहां पे प्रेजेंट करना चाहूंगा। जैसे कि सिगमॉड एक्टिवेशन फंक्शन, इसका फॉर्मूलेशन क्या है जी? 1 / 1 + e ^ - z। आप बोलोगे सर, ये z क्या है? अरे वही तो है, स्टेप नंबर वन का आउटपुट ही तो है ये z। बात क्लियर है कि नहीं? उसको यहां इस्तेमाल कर रहे हैं। और इसी के बेसिस पे डिसाइड होगा कि आपकी वैल्यू आउटपुट में क्या रहेगी। अब वो वैल्यू जो है, वो घूम सकती है 0 और 1 के बीच में। याद रखना, 0 और 1 के बीच में। कुछ इसका जो है फंडा कुछ इस तरीके से, आपको जो है s कर्व जो है देखने को मिल जाएगा। आउटपुट 0 और 1 के बीच में यहां पे रहता है। उसके ऊपर ना, उसके नीचे नहीं जाएगा भैया। 0 व के बीच में ही आपका रिस्पेक्टिवली जो है आउटपुट रहने वाला है। इन केस ऑफ सिग्मोइड एक्टिवेशन।

अब इसी का एक और बढ़िया सा वेरिएंट जो है एजिस्ट करता है, जिसे अपन बोलते हैं हाइपरबॉलिक टेंजेंट या फिर भैया t h एक्टिवेशन फंक्शन। इसका फॉर्मूलेशन क्या है जी? e ^ z - e ^ - z / e ^ z + e ^ - z। ये फॉर्मूलेशन के ऊपर काम करता है। z तो भाई पुट है, जो आपने पहले स्टेप का है। और यहां पे फाइनली अपने को जो आउटपुट मिलता है, उसकी रेंज होती है भैया -1 + 1 के बीच में। यानी अगर आप गौर से देखोगे, तो फंडा जो है ये जीरो सेंटर्ड है, क्योंकि यहां पे भी वही s कर्व देखने को मिल रहा है। लेकिन इसका जो है -1 से + 1 के बीच में, यहां पे + 1, 1 मिनट, यहां पे भैया आपका रिस्पेक्टिवली + 1 वाला मामला रहेगा। तो आउटपुट -1 और + 1 के बीच में ही घूमेगा। इन केस ऑफ t h एक्टिवेशन फंक्शन। और अपना सिगमॉड के केस में भैया, ये फंडा कहां घूमेगा? अप रिस्पेक्टिव 0 और 1 के बीच में।

एक और बड़ा पॉपुलर है रेलू एक्टिवेशन फंक्शन। वो तो बहुत ही सिंपल है। रेलू एक्टिवेशन फंक्शन का ग्राफ देखो, कुछ ऐसा दिखता है। यहां पे लीनियर बिहेवियर दिखाएगा फॉर द पॉजिटिव z वैल्यूज, लेकिन फिर उसके बाद 0, 0, 0 इन द नेगेटिव रेंज। इन द नेगेटिव वैल्यूज ऑफ द z, वो आपको सीधा सीधा जो देखो, यहां पे ओवरलैप कर रहा है ना, सिर्फ और सिर्फ ज़ीरो आंसर देगा। लेकिन यहां कैसे होगा? लेट्स से अगर मैंने z1 दे दिया, तो आउटपुट भी आपको वन होगा। z2 दे दिया, तो आपको आउटपुट भी टू मिलेगा। अगर z3 दे दिया, तो आउटपुट भी आपको थ्री मिलेगा। बराबर है? तो जो z की वैल्यू होगी, इन केस ऑफ पॉजिटिव, मैं बात कर रहा हूं, इन केस ऑफ पॉजिटिव, तो वही पॉजिटिव वैल्यू वापस इन रिटर्न आपको आउटपुट में देखने को मिल जाएगी। ये कुछ भैया आपके पॉपुलर ऐसे एक्टिवेशन फंक्शंस थे, जिनके बारे में आपको पूछा जा सकता था, तो वो मैंने आपके सामने यहां पे पेश कर दिया है।

अब इसी सिनेरियो को अगर हम थोड़ा कॉम्प्लेक्स करें, जैसे कि जो एजिस्ट करते हैं इनपुट लेयर, हिडन लेयर, आउटपुट लेयर, बराबर है कि नहीं? बात समझ में आ रही है? यानी कि देखो, इनपुट लेयर का कार्यक्रम क्या चल रहा है? देखो यहां पे मैंने लेयर्स डिफाइन भी किए हैं, इनपुट, हिडन, आउटपुट। तो ये थोड़ा सा आपका जो है मल्टी लेयर परसेप्ट्रॉन वाला मामला आ जाता है, कि यहां पे भैया बहुत सारे नंबर ऑफ हिडन लेयर्स आप इंक्लूड करने वाले हो, एक्स्ट्रा कंप्यूटेशन जो है यहां पे कैरी आउट करोगे। एंड उस वजह से ओबवियस सी बात है, आपका जो न्यूरल नेटवर्क का एक तरीके से ऑल टूगेदर जो कॉम्प्लेक्शन है, वो भी बढ़ जाएगा। बराबर है?

यहां पे सिंपली क्या चल रहा है? ये आपके वही इनपुट सिग्नल्स हैं। ओके? n नंबर ऑफ इनपुट सिग्नल जो आप दे रहे हो, उनके साथ भी एसोसिएटेड उनके वेट्स रहेंगे। और ये आपका क्या है? इनपुट लेयर है। इसमें n नंबर ऑफ इनपुट लेयर्स आपने कंसीडर कर लिए। लेट्स से अपना एक एनिस डेटा सेट करके भैया, एक अपना डेटा सेट अवेलेबल है हैंड रिटन डिजिट्स का। अवेलेबल डेटा सेट है, जिसमें अपन क्या करते हैं? 784, मतलब 28 बाय, गौर से सुनना, 28/28 की आपकी एक हैंड रिटर्न एनिस डेटा सेट की इमेज रहती है। अपन क्या करते हैं भैया, इस टू डायमेंशन, इस टू डायमेंशन एरे इमेज को एक तरीके से वन डायमेंशन में चपटा फिकेशन करते हैं, फ्लैटनिंग करते हैं। और इसका 28/28, तो टोटल आपकी कितनी वन डाइमेंशनल एरे में कितनी एंट्रीज निकल के आएंगी? मल्टीप्लाई करोगे तो 784। तो 784 जितनी आपकी इनपुट एंट्रीज रहेंगी, उतने ही आपके इनपुट लेयर में न्यूरॉन रहेंगे। बात समझो, न्यूरॉन रहेंगे, नोड रहेंगे। बराबर है? बात क्लियर है?

अब यही फंडा आगे प्रोपेगेट है हिडन लेयर्स। अब देखो जी, आपके हिडन लेयर 1, 2, 3, 4, 5, जितने आप लेना चाहे उतने ले सकते हैं। और वो हिडन लेयर्स की भी नोड यहां पे मैंने मेंशन कर दी है। और फाइनली यही मामला कंप्यूटेशन करने के बाद आगे बढ़ाया जाता है, और आउटपुट लेयर के थ्रू जो है, जैसे अभी अपने इसी एनिस डेटा सेट में भैया, कितने लेबल हैं? 10 लेबल हैं। 10 क्लासेस हैं, क्योंकि आपके ओबवियसली हैंड रिटन डिजिट्स जीरो से लेके नाइन तक एग्ज़िस्ट कर सकते हैं। एक-एक डिजिट की एक-एक इमेज होती है। तो यहां पे भैया हर एक रिस्पेक्टिव इमेज के साथ एक आपका आउटपुट लेयर का न्यूरॉन एसोसिएटेड हो। तो अगर मेरे पास 10 लेबल हैं, तो आउटपुट लेयर में भैया कितने न्यूरॉन रहेंगे? एक, दो, तीन, टोटल कहां तक? 10। बराबर है? यानी कि यहां पे अगर मैं रो से शुरू करता हूं, 0, 1, 2, रो से शुरू होगा ना भै अपना आंकड़ा, तो रो से लेके नाइन, यानी कि टोटल आपके आउटपुट लेयर में जो है, 10 न्यूरॉन्स आपको प्राप्त हो जाएंगे। और ये जो भी 10 न्यूरॉन आपको दिखाई दे रहे हैं, इनका अपना एक पॉसिबिलिटी फिगर कह लीजिए, जो कि जनरेट होगा। और उसमें से जो भी मैक्सिमम होगा, जिस भी न्यूरॉन का जो भी पॉसिबिलिटी फिगर मैक्सिमम जनरेट होगा, वो आपका फाइनल प्रेडिक्शन होगा इस रिस्पेक्टिव न्यूरल नेटवर्क का। तो ये पूरा तामझाम मैंने आपके सामने रख दिया है, समक्ष एक तरीके से पेश कर दिया है।

लेकिन कई बार होता है ना कि आपने बस भैया ये फॉरवर्ड एक बार गए, यानी कि पूरा कंप्यूटेशन कैरी आउट किया, आउटपुट निकाला। अब ये जो आपका आउटपुट है, इसे कहते हैं प्रिडिक्टेड आउटपुट। और एक तरफ होता है आपका आंसर की, यानी कि आपका एक्चुअल आउटपुट। अब जी, इनमें अगर दूरियां होंगी, तो हम कहेंगे लॉसेस हुए हैं, एरर इंड्यूस हुआ है। बराबर है? और हमारा प्रयत्न ये रहता है कि भैया इस जो एरर जो इंड्यूस हुआ है, इसको जितना कम कर सके, उतना बढ़िया, बढ़िया, जितना कम कर सके, उतना बढ़िया। तो इसके लिए हम क्या करते हैं? तो यहां पे हमारे पीछे लाइक बैकवर्ड फेज हमारा एक आता है, जिसे हम कहते हैं बैकवर्ड प्रोपेगेशन। कि हम लोग भैया पीछे की तरफ जाते हैं, यानी कि आउटपुट लेयर से भैया पीछे की तरफ जाते जाते ते हिडन से भैया और पीछे जाते रहते हैं, तब तक भैया जब तक हमारे उन वेट्स को हम थोड़ा ट्विस्ट ना कर दें, हम थोड़ा उनको एडजस्ट ना कर दें, जो भी w1, w2, w3, w4, जो भी है भैया, जितने भी आपके रिस्पेक्टिवली यहां पे वेट्स रहेंगे, उनकी इनिशियली कुछ तो रैंडम वैल्यू रहेगी। मतलब इनिशियली तो भैया कुछ अपने को पता नहीं है ना डेटा के बारे में, इतना पता नहीं। अभी तो अपन ट्रेनिंग कर रहे हैं, ट्रेनिंग कर रहे हैं। उसमें भी इपोक्स होते हैं। एक इपोक, दो इपोक, तीन इपोक। इपोक मतलब क्या? कि आपका जो ट्रेनिंग डाटा है, उसका एक पूरा फॉरवर्ड एंड बैकवर्ड पास, फॉरवर्ड एंड बैकवर्ड पास, एक कंप्लीट फॉरवर्ड एंड बैकवर्ड पास को अपन बोलते हैं वन इपोक। तो ऐसे बहुत सारे इपोक में अपन क्या करते हैं, अपनी ट्रेनिंग कंडक्ट करते हैं जी। और हर रिस्पेक्टिव ट्रेनिंग इपोक में कहीं ना कहीं, जैसे ही वो बैकवर्ड पास जाता है, जैसे ही बैकवर्ड प्रोपेगेशन होता है, हम प्रयत्न ये करते हैं कि लॉस को कम करें। लॉस को कैसे कम करोगे? जब इन वेट्स को एडजस्ट करोगे, जब इन वेट्स को एडजस्ट करोगे, वेट्स को एडजस्ट करोगे, फिर वापस फॉरवर्ड जाओगे और देखोगे कि क्या ये दूरियां कम हुई हैं प्रिडिक्टेड और एक्चुअल में? अगर कम हुई हैं, तो सही दिशा में जा रहे हो। तो इसका मतलब सही दिशा में जा रहे हो। और एक और बार अगर बैकवर्ड प्रोपेगेट कर वेट्स को थोड़ा और ट्विस्ट करोगे, एडजस्ट करोगे, तो शायद ये भी पॉसिबल है कि भैया आपका प्रिडिक्टेड और एक्चुअल में बहुत ही कम दूरियां रह जाएं, बहुत ही कम एरर रहे, और बहुत ही बढ़िया एक्यूरेसी आपके न्यूरल नेटवर्क की आपको देखने को मिल जाएगी। ये पूरी कथा जी, जो थी एक तरीके से न्यूरल नेटवर्क्स के रिगार्डिंग, वो मुझे आपके समक्ष रखनी थी।

अब आगे बढ़ते हैं और एक और भैया आखरी कथा अपने एआई इस रिस्पेक्टिव सब्जेक्ट की, जेनेटिक एल्गोरिथम। बड़ा कमाल की चीज है भैया ये जेनेटिक एल्गोरिथम, जिसके बारे में अभी गहन चर्चा जो है अपन शुरू करने वाले हैं। एडाप्टिव ह्यूरिस्टिक सर्च एल्गोरिथम क्या है भैया? व्हाट इज दिस जेनेटिक एल्गोरिथम? ह्यूरिस्टिक सर्च एल्गोरिथम? ये ह्यूरिस्टिक वाला पार्ट तो कब से हमने देखा हुआ है जी, पढ़ा हुआ है। लेकिन इसमें एडाप्टिव नेचर ऐड कर दिया गया है। एडाप्टिव ह्यूरिस्टिक सर्च एल्गोरिथम इज नथिंग बट जेनेटिक एल्गोरिथम, व्हिच इज इंस्पायर्ड बाय द डीटी सई। डीटीसी मतलब क्या? डार्विंस थ्योरी ऑफ इवोल्यूशन। सी नहीं है, वो ओ है। है ना? ये ओ है। दिस इज नथिंग बट डार्विंस थ्योरी ऑफ इवोल्यूशन, जिसमें स्पेसिफिकली अपन बात करते हैं जेनेटिक्स की, जीन की, अला की, बराबर है कि नहीं? और नेचुरल सिलेक्शन की। जैसे बोलते हैं ना कि यार सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट है कि नहीं? हम लोगों को इसमें म्यूटेशन, फिर उसके बाद भैया क्या बोलते हैं, सिलेक्शन, ये सारी जो क्राइटेरिया, सारे जो टर्म्स हैं, वो आगे चलके जेनेटिक एल्गोरिथम में अभी अपन डिस्कस करने वाले हैं। टू जनरेट हाई क्वालिटी सॉल्यूशन फॉर द ऑप्टिमाइजेशन प्रॉब्लम। मतलब देखो जी, ऐसा एक प्रॉब्लम है, जिसमें अपने को बढ़िया से बढ़िया ऑप्टिमाइज, बेस्ट जो एक तरीके से रिजल्ट चाहिए, तो उसके लिए हाई क्वालिटी सॉल्यूशन जनरेट जो है, वो करने का काम जो है, वो जेनेटिक एल्गोरिथम के थ्रू अपन अचीव कर सकते हैं। ये बेसिक मुद्दे की बात है, जो अपने को समझनी है।

तो अब भैया आगे बढ़ते हैं और अपने जेनेटिक एल्गोरिथम के बहुत इंपॉर्टेंट टर्म, टर्मिनोलॉजी को आपके सामने मैं पेश करना चाहूंगा, क्योंकि ये वही टर्म्स हैं, जिनका आगे चलके बहुत ज्यादा इस्तेमाल, बार-बार, लगातार अपन करने वाले हैं। तो उस वक्त कोई कंफ्यूजन क्रिएट ना हो, तो अभी पहले इसे क्लियर कर लेते हैं कि पॉपुलेशन क्या होता है, इंडिविजुअल या क्रोमोजोम्स वाला मामला क्या होता है। चलिए इसे सम समझते हैं भैया, एक रिस्पेक्टिव अपने विजुअल रिप्रेजेंटेशन के थ्रू। पहले तो भैया इंडिविजुअल जानते हैं। इंडिविजुअल मतलब क्या जी? इट इज नथिंग बट वन ऑफ द पॉसिबल सॉल्यूशन। अगर आपको एक पर्टिकुलर गिवन कोई प्रॉब्लम है, तो उस प्रॉब्लम के बहुत सारे सॉल्यूशंस एग्ज़िस्ट कर सकते हैं। तो इंडिविजुअल इज नथिंग बट उस पॉपुलेशन का एक वन ऑफ द पॉसिबल सॉल्यूशन। ऐसे आपके बहुत सारे पॉसिबल सॉल्यूशन हो सकते हैं। एंड इसी पॉसिबल सॉल्यूशन के कलेक्शन को अपन कह रहे हैं जी पॉपुलेशन। बात समझ में आई? अब ये विजुअली कैसे पता चलेगा, दिखेगा आपको? ये है भैया जी आपका पॉपुलेशन। मतलब ये जो गिवन प्रॉब्लम है, इसके लिए यहां पे एक, दो, तीन, चार, ये चार पॉसिबल सॉल्यूशंस हैं। अब इन रिस्पेक्टिव इंडिविजुअल्स को हम कहते हैं क्रोमोजोम्स, क्योंकि कहीं ना कहीं हम लोग इंस्पायर्ड हैं ना जेनेटिक्स के साथ, तो यहां पे भैया उन्हीं की टर्म्स जो है, इस्तेमाल की गई हैं। जैसे क्रोमोजोम हो गया, जीन हो गया, अलाय हो गया, फेनोटाइप हो गया, जीनोटाइप हो गया, बराबर है? सिलेक्शन, क्रॉसओवर, म्यूटेशन। तो कहीं ना कहीं उन टर्म्स का जो है, यहां पे हमें उच्चारण होते हुए बार-बार देख देखने को मिल जाएगा। तो क्रोमोजोम इज नथिंग बट यहां पे जो चार अपने पास पॉसिबल सॉल्यूशन दिख रहे हैं, फॉर द गिवन प्रॉब्लम, वही अपने क्रोमोजोम हैं।

अब ये जो क्रोमोजोम है, इट इज नथिंग बट अ कलेक्शन ऑफ जीन। हमेशा याद रखिएगा, क्रोनोलॉजी याद रखिएगा। पॉपुलेशन इज नथिंग बट द कलेक्शन ऑफ क्रोमोजोम्स, दैट आर द पॉसिबल प्रोबेबल सॉल्यूशंस टू योर गिवन प्रॉब्लम। ठीक है? अब जो आपके क्रोमोजोम रहते हैं, इट इज नथिंग बट ईच क्रोमोजोम इज नथिंग बट अ कलेक्शन ऑफ जीन। तो यहां पे देखो, ये एक जीन है, ये एक जीन है, ये एक जीन है, ये ये एक जीन है। तो अब ये टर्म भी क्लियर हो गई, जीन क्लियर लाइक ये टर्म क्लियर हो गई। अब आगे बढ़ते हैं एल क्या होता है? व्हाट डू यू मीन बाय एल? क्योंकि देखो यार, हम जो हमारी ये जेनेटिक इंफॉर्मेशन रहती है, ये नॉर्मली जो अभी आपको न्यूमेरिकल्स में भी दिखेगा, अंडर द जेनेटिक एल्गोरिथम, बाइनरी कोडेड फॉर्म में रहती है। यानी कि जीरोज, वनस। यहां पे मेंशन देखने को मिल जाएंगे। आगे भी इन्हीं का इस्तेमाल अपन करने वाले हैं। तो बाइनरी कोडेड कैसा दिखता है भैया? ये 1, 0, 0, 1, लेट्स से कुछ भी मैंने यहां पे मेंशन कर दिया, 0 व का एक सीक्वेंस। तो अब ये देखो, ये आपका एक जीन है। और इस जीन के अंदर जो ये वैल्यू है, जीन के अंदर जो ये वैल्यू है, इसी को अपन बोल रहे हैं एल। बात क्लियर है?

अब पूरी क्रोनोलॉजी समझ में आ गई। पॉपुलेशन, क्रोमोजोम, जीन, एल। तो ये पूरा क्रोनोलॉजी आपको समझ में आ गया इस विजुअल के थ्रू और भैया इस एग्जांपल के थ्रू। अब समझते हैं भैया ये फेनोटाइप और जीनोटाइप क्या होता है? बड़ा सिंपल है जी मामला। जो एकदम अंदरूनी तरीके से आपके मौजूद होता है, उसे बोलते हैं जीनोटाइप। अंदरूनी तरीके से मतलब आपके डीएनए में जो जेनेटिक कोड है, ना, जो जेनेटिक कोड रहता है भैया, वो आप आपका रहता है भैया जीनोटाइप। यानी कि आपकी आंखें, आपका स्किन, आपका स्किन का कलर, आपके बाल, ये जितने भी आपके रिस्पेक्टिव ट्रेट्स हैं, फीचर्स हैं, एक्चुअली कैसे बने? आपके उस जेनेटिक कोड की ही बदौलत है। सही बात है कि नहीं? तो अब ये तो हो गया आपका जीनोटाइप। लेकिन इन जेनेटिक कोड का एक एक्सप्रेशन, आपके जीनोटाइप का एक तरीके से एक एक्सप्रेशन, जो है, उसे कहते हैं फेनोटाइप। ये बात अपने को अंडरस्टैंड करनी है, जो कि सबको विजिबल है, जो सबको विजिबल है, सबको दिख सकता है। कि तेरी भैया नीली नीली काली काली आंखें हैं, तो ये क्या है भैया? जो दिखाई दे रहा है, सबको दिखाई दे रहा है, उसको बोलते हैं फेनोटाइप। तो अगर इस फिनोटाइप को मैं एनकोड करने का प्रयत्न करूं, तो आई विल गेट द जीनोटाइप। और इसी जीनोटाइप को अगर डिकोड करूं, यानी एक्सप्रेस करने का प्रयत्न करूं, तो आई विल गेट द फिनोटाइप। तो ये जीनोटाइप, फेनोटाइप का एक साइकिल जो है, वो आपको समझ में आना चाहिए।

उसके बाद बात करते हैं फिटनेस फंक्शन। फिटनेस फंक्शन मतलब क्या? कि आपके यहां पे जितने भी क्रोमोजोम हैं, ये पहला क्रोमोजोम, ये दूसरा, ये तीसरा, चौथा, मतलब जो इंडिविजुअल्स हैं, आपके पॉपुलेशन के, वो भैया देखो, एक तरीके से आपके पॉसिबल सॉल्यूशंस हैं, है ना? अब हर एक का एक फिटनेस फंक्शन या फिर एक फिटनेस फंक्शन का एक तरीके से स्कोर जो है, अपने पास होता है, कि कौन कितना फिट है। जैसे मैंने ऊपर बताया था ना कि यार नेचुरल सिलेक्शन, एक तरीके से क्या बोलते हैं, सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट। तो सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट में क्या मामला निकल के आता है, कि जो सबसे ज्यादा फिट होगा, जो भैया एक तरीके से जटिल से जटिल सिचुएशन में भी अपने आप को बचाए रखने की और फाइट।

बैक करने की क्षमता जो रखता है, वो एक तरीके से सरवाइव कर जाएगा। तो वही फिटनेस कोर जो है, हम यहां कंसीडर करते हैं। क्योंकि जितना हायर आपके इंडिविजुअल का फिटनेस स्कोर होगा, उतना ही वो पॉसिबल है कि भैया आपके वो आगे सिलेक्ट किया जाएगा। जो ऑपरेटर ऑफ जेनेटिक एल्गोरिथम में हम गिनते हैं, सिलेक्शन। कि जितना जिसका फिटनेस स्कोर हाई होगा, उतने ज्यादा चांसेस हैं कि भैया उस इंडिविजुअल को आपके पॉपुलेशन में से सिलेक्ट किया जाएगा। फिर उसके बाद क्रॉसओवर वाला पार्ट, रिप्रोडक्शन में जो आता है, म्यूटेशन वाला पार्ट, यानी कि आपकी जीन को थोड़ा बहुत अल्टर कर देना। ये जो बाइनरी कोड्स हैं, वन जीरो, उसको थोड़ा मूटेड कर देना। किस तरीके से? चलो, अभी उसको भैया एक तरीके से डिटेल में जानना शुरू करते हैं, एक फ्लो चार्ट के थ्रू। देखिए, तो लीजिए आपके सामने मैंने पेश कर दिए जेनेटिक एल्गोरिथम का एक फ्लो चार्ट, जिसको बड़े डिटेल में अपन जो है समझने वाले हैं। और शुरुआत से शुरू शुरू करते हैं, स्टार्ट। और यहां पे हमारे पास आ जाता है इनिशियल पॉपुलेशन, यानी कि फॉर अ गिवन प्रॉब्लम, आपके पास कुछ पॉसिबल सॉल्यूशंस एग्ज़िस्ट करेंगे ना? कुछ पॉसिबल सॉल्यूशंस एग्ज़िस्ट करेंगे, तो उसी का एक पॉपुलेशन इनिशियली अपन कंसीडर करके चलते हैं। और यहां पे सबसे पहले कन्वर्ज वाला फंडा क्या कहता है? कन्वर्ज मतलब आपकी टर्मिनेशन कंडीशन। कि अगर वो सेटिस्फाई हो जाती है, तो आपने ये पूरी इटरेटिव प्रक्रिया जो है, उसे रोक देना है, उसे स्टॉप कर देना है। यानी कि लेट्स से, अगर आपने को एक गिवन प्रॉब्लम के लिए बेस्ट ऑप्टिमल सॉल्यूशन मिल गया, कि इससे तो बढ़िया मिल ही नहीं सकता, जो भी आपने डिफाइन किया था, बेंचमार्क थ्रेशोल्ड, जो भी भैया ऑप्टिमल सॉल्यूशन के लिए, वो अगर मीट हो जाता है, क्राइटेरिया मीट हो जाता है, तो आप बोलोगे, "चलो, मुझे बेस्ट ऑप्टिमल सॉल्यूशन मिल चुका था, जो मुझे चाहिए था।" तो भैया, यहां पे मैं स्टॉप कर जाऊंगा। लेकिन अगर लेट्स से, अपने को वो बेस्ट पॉसिबल सॉल्यूशन नहीं मिलता, तो आप नो की दिशा में निकल जाते हो। और नो की दिशा में भैया, फिर मामला शुरू हो जाता है सिलेक्शन एंड रिप्रोडक्शन का, जिसमें आपने बहुत सारे रिस्पेक्टिव ऑपरेटर्स जेनेटिक एल्गोरिदम के काम करते हैं। जैसे कि सबसे पहली चीज, सिलेक्शन। मतलब जैसा नाम वैसा काम। कि अपने को मीटिंग तो करनी है, तो अपने को मेड पेरेंट्स तो सिलेक्ट करने पड़ेंगे। लेकिन उसके लिए अपने अवेलेबल पॉपुलेशन में से, जो कि पॉसिबल आपके सॉल्यूशंस हैं, वो अपना हर एक भैया कार्ड लेके खड़े रहते हैं, यानी अपना फिटनेस स्कोर, फिटनेस वैल्यू लेके खड़े रहते हैं कि मेरा फिटनेस स्कोर ये है, मेरा फिटनेस वैल्यू ये है। तो हम क्या करते हैं, इवैल्यूएट करते हैं उनके फिटनेस को, बेस्ड अपॉन देयर फिटनेस स्कोर, जो कि हमें वो दिखा रहे हैं। और फिर हम ऑब्वियस सी बात क्या चुनते हैं? सिलेक्शन के सबसे ज्यादा चांसेस किसके होंगे? जिसकी भैया फिटनेस वैल्यू सबसे ज्यादा हाई रहने वाले हैं। और उसी के बेसिस पे अपन क्या करते हैं, अपने मेड को सेलेक्ट करते हैं, मीटिंग प्रोसेस के लिए। आगे फिर उसको भेज देते हैं रिप्रोडक्शन में, जहां पे क्रॉसओवर एक्चुअली इंप्लीमेंट होता है। और उसमें भी बहुत सारे वेरिएंट हैं, के पॉइंट, सिंगल पॉइंट, बहुत सारे मल्टी पॉइंट। ये सारे क्रॉसओवर के तरीके अपन देखने वाले हैं। सिंपल भाषा में बोलूं तो, आपका जो ये एक पैरेंट का क्रोमोसोम, लाइक पैरेंट P1 का क्रोमोसोम और पैरेंट P2 का जो क्रोमोसोम है, इनमें भैया एक तरीके से क्रॉसओवर परफॉर्म किया जाता है, ताकि आपका ऑफस्प्रिंग्स जो है, वो जनरेट किए जा सके। तो वही सिंपल रिप्रोडक्शन का प्रक्रिया जो है, यहां पे कंडक्ट किया जा रहा है। लेकिन अगर आप चलो, जो भी ऑफस्प्रिंग जनरेट हुआ है, उसमें यार आप सोच रहे हो कि थोड़ा सा यार चलो और इसमें जो है, अपन वन जीरो को इधर-उधर मूव करते हैं। यानी कि रिस्पेक्टिव आपके जीन के साथ थोड़ा और खेलते हैं, इधर-उधर उसको मिसप्लेस करते हैं। बराबर है कि नहीं? यानी कि उसको मूटेट करने का प्रयत्न कर रहे हो। तो जो भी आपके ऑफस्प्रिंग के अंदर भैया जीन मौजूद होंगे, उनको भैया थोड़ा सा अपन जो है, ट्विस्ट करने का प्रयत्न कर रहे हैं, चेंज करने का प्रयत्न कर रहे हैं। दैट इज व्हाट वी आर ट्राइंग टू डू एज अ मूटेड। दैट देयर जीन मूटेड देयर जीन। दैट इज म्यूटेशन वाली प्रक्रिया। एक बार वो मूटेड हो गया, तो आपको तो भैया ऐसा लगेगा कि ये जो पर्टिकुलर ऑफस्प्रिंग इंडिविजुअल है, ये तो आपके पॉपुलेशन को बिलोंग ही नहीं करता। वो तो भैया कहीं और से, किसी और दुनिया से, ऐसा लगने लग जाएगा, क्योंकि आपने उसे एक तरीके से पूरी तरह मूटेड कर दिया है। एंड आफ्टर दैट म्यूटेशन प्रक्रिया, आप वापस से यहां पे चेक करोगे कि क्या अभी तो आपको पॉसिबली बढ़िया से ऑप्टिमल सॉल्यूशन मिला है? क्राइटेरिया मीट हुआ? अगर हुआ तो स्टॉप कर दो। नहीं तो वापस से यही इटरेटिवली प्रक्रिया आपकी चलती रहेगी, जब तक आपको एक बढ़िया ऑप्टिमल सॉल्यूशन फॉर योर गिवन प्रॉब्लम नहीं प्राप्त हो जाता। ये पूरा फ्लो अपने को अंडरस्टैंड करना है।

अब पहले तो मैं आपको फिटनेस फंक्शन के बारे में, क्योंकि यहां पे इसका मेंशन हुआ था, तो आपको एक क्लियर आईडिया मिल जाए कि फिटनेस फंक्शन क्या है, उसके बारे में डिटेल डिटेल मैं शेयर करता हूं। इसके लिए अपन क्या करते हैं, ट्रैवलिंग सेल्समैन प्रॉब्लम जो है, कंसीडर करते हैं, जो क्या कहता है कि आपको देखो यार, ट्रैवलिंग सेल्समैन प्रॉब्लम क्या कहता है कि लेट्स से आपको यहां से शुरुआत करनी है। ये सिटीज हैं, 1, 2, 3, 4, 5, 6। ये सब सिटीज हैं। ये क्या बोलता है कि आपको इन सब सिटीज के थ्रू गुजरना है। स्टार्ट आपको यहां से करना है, ये आपकी स्टार्ट सिटी है। स्टार्ट आपको यहीं से करना है। आपको पूरा घूम के जाना है। एग्जैक्टली आपको हर एक सिटी को एक-एक बार भैया विजिट करते हुए वापस से इसी सिटी वन पे लौट के आना है। आप देखो जी, ये टास्क परफॉर्म करने के लिए, ये क्राइटेरिया फुलफिल करने के लिए, जो है हमारे पास बहुत सारे पॉसिबल सॉल्यूशन हो सकता है। ये हमारा प्रॉब्लम है, ये हमारा गिवन प्रॉब्लम है। अब इस प्रॉब्लम के कितने पॉसिबल सॉल्यूशन हो सकते हैं? जैसे कि फॉर एग्जांपल, ये देखो, ये पहला सॉल्यूशन, ये दूसरा सॉल्यूशन, ये तीसरा सॉल्यूशन, ये चौथा सॉल्यूशन। तो ये क्या हो गया मेरा एक पॉपुलेशन हो गया, जिसमें ऑल मेरे जितने भी पॉसिबल सॉल्यूशन एग्ज़िस्ट कर सकते हैं, वो मैंने आपके सामने यहां पे उपस्थित कर दिए, रख दिए। अब मुझे इनकी फिटनेस वैल्यू देखनी है। इनकी फिटनेस वैल्यू, जो फिटनेस वैल्यू क्या होगी? कि भैया, जो आपने यहां पे ट्रेवल किया है, तो यहां कुछ तो कॉस्ट होगा, कुछ तो डिस्टेंस होगा। बराबर है कि नहीं? कुछ तो भैया टाइम होगा। वो कुछ भी हो सकता है, कॉस्ट हो सकता है, डिस्टेंस हो सकता है, टाइम हो सकता है। तो अपने को तीनों ही कम से कम चाहिए। मुझे कम से कम टाइम में पूरे सब शहर घूम के वापस अपने ओरिजिनल नेटिव सिटी वन में वापस लौटना है। कम से कम डिस्टेंस ट्रेवल करके वापस लौटना है। कम से कम पैसा खर्च करके भैया मुझे वापस अपने वन पे पहुंचना है। कुछ भी हो सकता है। ये मेरा प्रॉब्लम स्टेटमेंट है। कम से कम, कम से कम। तो उसमें भैया, ये सभी के सभी पॉसिबल सॉल्यूशंस में से, मुझे यार ये वाला जो सॉल्यूशन है, वो कुछ भा रहा है, कुछ तो भा रहा है। ये बोलता है वन से टू पे जाओ, टू से फोर पे जाओ, फोर से भैया यहां पे एक तरीके से फाइव पे जाओ, फाइव से सिक्स पे, सिक्स से थ्री पे और थ्री से वन पे। ये जो रिस्पेक्टिव पाथ है, ये आपको बढ़िया से बढ़िया कम से कम कॉस्ट, डिस्टेंस, टाइम में जो है, आपको अपना पूरा जो प्रॉब्लम स्टेटमेंट है, एक तरीके से उसके हिसाब से, उस क्राइटेरिया के हिसाब से आप सब सिटीज में एक बार घूम के वापस से अपने नेटिव सिटी को वापस पहुंच जाओगे, वो भी कम से कम दाम में, कम से कम टाइम में, कम से कम डिस्टेंस के साथ। तो वो मुझे यहां पे दिखाई दे रहा है। तो ये आपका सबसे फिटेस्ट सॉल्यूशन है। ये सबसे फिटेस्ट है। इसके बाद कौन सा फिटेस्ट है? ये सेकंड फिटेस्ट है। ये थर्ड फिटेस्ट है। और ये काफी लेजी है, ये इतना फिट नहीं है। इसको जिम जाने की जरूरत है। तो आपको अभी बात समझ में आ गई कि किस तरीके से आपके डोमेन या फिर जो प्रॉब्लम स्टेटमेंट है, उस हिसाब से आपकी ये जो फिटनेस वैल्यूज है, कैसे या स्कोर जो है, उसका फिटनेस स्कोर जो है, वेरी कर सकता है। बात क्लियर है? बात समझ में आ गई?

अब आगे बढ़ते हैं और क्रॉसओवर वाला मामला भी जान लेते हैं। ठीक है? उसको डिटेल में, उसके सब वेरिएंट देखते हैं। लेट्स से भैया, ये P1 एंड P2, ये मेरे फिटेस्ट इंडिविजुअल्स हैं, जो मैंने सिलेक्ट कर लिए हैं। अब इनको आगे भेजना है क्रॉसओवर के लिए, रिप्रोड्यूस करना है, ऑफस्प्रिंग्स मुझे जनरेट करना है। तो ये मेरा पैरेंट P1 है, ये मेरा पैरेंट P2 है, और ये उनका रिस्पेक्टिवली क्रोमोसोम आपके सामने मौजूद है। और उनमें उनकी जीन और एलील वैल्यूज जो है, वो आपके सामने उपस्थित हैं, जो कि बाइनरी कोडेड फॉर्म में आपके सामने मैंने पेश कर दिए हैं, 01, 01 इस तरीके से। ठीक है? ये बात क्लियर है? अब यहां पे हम क्या करते हैं, अ सिंगल पॉइंट, टू पॉइंट, मल्टी पॉइंट का जो रिस्पेक्टिव क्रॉसओवर का तरीका है, वो आपके सामने मैं रखना चाहूंगा कि किस तरीके से काम कर रहा है। गौर से देखना, बात को समझना। लेट्स सी, ये K पॉइंट मैं यहां पे कंसीडर कर लेता हूं। दिस इज द K पॉइंट दैट आई हैव कंसीडर्ड। ठीक है? तो सिंगल पॉइंट पहले मैं सिंगल पॉइंट समझा रहा हूं। ठीक है? कि मुझे ऑफस्प्रिंग O1 एंड O2 जनरेट करना है, फ्रॉम द पैरेंट P1 एंड P2। तो ये कैसे जनरेट होगा? गौर से देखना। यहां मैंने डिवाइड कर दिया, कुछ इस तरीके से मैंने अपने इन रिस्पेक्टिव क्रोमोसोम्स को, इस तरीके से दो पार्ट में डिवाइड कर दिया। तो अब मैं क्या करूंगा, यहां का जो 01 है, वो मैं अपने पहले ऑफस्प्रिंग में सेम टू सेम वैसा का वैसा लिखूंगा। लेकिन उसके बाद के जो ये चार बिट हैं, वो एक्चुअली दूसरे पैरेंट के मैं यहां पे चिपका दूंगा। गौर से देखो, यानी कि ये वाला जो पार्ट है, वो पैरेंट वन से इसने इनहेरिटेंस, इनहेरिटेंस बन चुका है। बात यहां तक क्लियर है? सेकंड ऑफस्प्रिंग क्या करता है? ये वाला जो आपका P2 का पार्ट है, यानी कि पहले के दो बिट, ये पहले के दो बिट आपको यहां देखने को मिल जाएंगे। और ये जो बचे हुए आपके चार बिट हैं, वो आपके P1 के एक तरीके से इनहेरिटेंस बली देख सकते हैं, 1010। बात क्लियर है? इसे कहते हैं सिंगल पॉइंट। यानी कि सिंगल पॉइंट पे मैंने क्रोमोसोम को डिवाइड किया और जो बचे हुए आपके रिस्पेक्टिव पार्ट्स थे, उनको यहां पे अदला-बदली कर लिया, क्रॉसओवर कर दिया। इसी का एक्चुअल मीनिंग होता है क्रॉसओवर कर देना, टू जनरेट द रिस्पेक्टिवली ऑफस्प्रिंग। ये होता है आपका सिंगल पॉइंट वाला मामला।

अब आते हैं भैया, टू पॉइंट वाले मामले पे। टू पॉइंट वाला मामला क्या? लेट्स सी, आपका K1 है, एक और पॉइंट ले लेता हूं यहां पे K2 ले लेता हूं। ठीक है? तो मैंने क्या किया, ये ऐसा तोड़ दिया, ऐसा भैया इसको जो है, इस तरीके से तोड़ दिया। अब यहां पे वेरिएशन क्या हो सकता है? इस टू पॉइंट वाले में आपको वेरिएशन क्या मिलेगा? देखो, ये दो बिट हैं। पहले तो मैं यहां पे अंडरलाइन कर देता हूं, ताकि चीजें आपको समझ में आ जाएं। ठीक है? ये दो बिट यहां पे। गौर से देखना। अब ये मामला चल कैसे रहा है? 00 एंड 1, जो स्टार्टिंग का ये वाला पार्ट है, ये वाला जो पार्ट आपको देखने को मिल रहा है, ये मैंने सेम टू सेम रख दिया। जो P1 का का स्टार्टिंग के दो बिट हैं, वो सेम टू सेम वही मैंने O2 के लिए दो बिट 01 रख दिए। सिमिलर केस में यहां पे भी मैंने कोई चेंजेस नहीं किए। P2 के जो है, O2 के लिए 11 रख दिए, कोई चेंजेस नहीं किए। बराबर है? सिमिलर वे में, जो लास्ट के दो बिट हैं, 1 एंड 00। सिमिलरली मैंने यहां पे भी वही सेम टू सेम कॉपी कर दिया कि P1 का O1 में 10 एंड P2 का O2 में 00। बराबर है? ये क्लियर है? मैंने सिर्फ इनके बीच में स्वाइपिंग कर दिया। मैंने सिर्फ बीच वाला जो आपका सेंटर पॉइंट है ना, सेंटर जो पोर्शन है, सेक्शन है, उसमें मैंने स्वाइपिंग कर दिया। ये मैंने जो 01 है, ये दे दिया O1 को और जो ये वाला 10 है, ये मैंने दे दिया भैया O2 को। तो क्लियर है, 10, 01। ये क्लियर है कि टू पॉइंट में कैसे ऑपरेट किया? ये एक वेरिएंट है। ये एक वेरिएशन है, जो कि टू पॉइंट का मैंने आपके सामने यहां पे रखा।

अब थोड़ा इस मामले को कॉम्प्लिकेट करें, थोड़ा सा और डिफरेंट करें। कॉम्प्लिकेट मल्टी पॉइंट वाला मामला, उसके बाद म्यूटेशन पे आने ही वाले हैं, फिर बात खत्म हो जाती है, फिर ज्यादा कुछ बचता नहीं है। मल्टी पॉइंट वाला मामला क्या कहते हैं कि भैया, मैं दो से भी ज्यादा चाहता हूं। मैं दो से भी ज्यादा पॉइंट पे अपने इस रिस्पेक्टिव क्रोमोसोम को ब्रेक करना चाहता हूं। लेट्स यहां K3 ले लेते हैं, लेट्स यहां पे K3 ले लेते हैं। तो ये देखो, यहां पे एक डिवाइड कुछ इस तरीके से कर दिया। तो अब ये तीन पार्ट में यहां डिवाइड हो गया। तो मैं क्या करूंगा जी, व्हाट आई विल डू? मैं अल्टरनेटिव पार्ट्स में जो है, क्रॉसओवर कर सकता हूं, स्वाइपिंग कर सकता हूं। तो मैं क्या करूंगा, यहां पे जो है, पहले एक्सचेंज कर देता हूं। मैंने यहां पे एक्सचेंज किया। देखो, ये वाला ऐसा पार्ट में डिवाइड हुआ है ना, कितना यहां पे कुछ इस तरीके से जो है, वो स्वैप हुआ। ठीक है? इतने पार्ट्स में। तो गौर से देखना, यहां पे 01 में मैंने स्वाइपिंग कर दिया। तो देखो, आपका जो रो जो P1 का था, वो अभी O2 को जा चुका है यहां पे। यहां पे स्वैप हो चुका है। और जो वन P2 का था, अब वो O1 को जा चुका है। तो यहां पे देखो, वन आ गया। बराबर है? तो इनके बीच में स्वाइपिंग किया। अब यहां पे मैं छोड़ दूं दूंगा। अल्टरनेट स्वाइपिंग करूंगा। अल्टरनेट स्वाइपिंग ऑफ बिट्स करूंगा। ये वन वन वैसे ही रहेगा। अब इनके बीच में स्वाइपिंग कर देता हूं। क्या करता हूं इनके बीच में? तो क्या हो जाएगा, ये 01 जो है, वो आपका यहां पे O1 को दिया जाएगा, जो कि P2 का है। और P1 का जो रो वाला फंडा है, वो यहां पे O2 को प्राप्त कर दिया जाएगा। बराबर है? और सिमिलर वे में, इसको ऐसा का ऐसा रखता हूं। इसमें कोई स्वाइपिंग नहीं करता। तो 101। तो मैंने क्या किया, अल्टरनेटिवली भैया क्रॉसओवर या स्वाइपिंग वाला फंडा जो है, परफॉर्म किया इन केस ऑफ अ मल्टी पॉइंट क्रॉसओवर। ये बात क्लियर है? ये बात समझ में आ गई?

अब जानते हैं भैया, म्यूटेशन वाला मामला क्या होता है और किस-किस प्रकार से को कंडक्ट किया जा सकता है। बड़ा सिंपल है, ज्यादा कुछ मुश्किल नहीं है। लेट्स से, अब यहां पे एक ऑफस्प्रिंग मैंने पकड़ लिया है ना, एक ऑफस्प्रिंग मेरा जनरेट हुआ। क्योंकि देखो, क्रॉसओवर के बाद अपन म्यूटेशन करते हैं। यानी कि अपना ऑफस्प्रिंग इस स्टेट में जनरेट हो चुका होगा। अब उसी ऑफस्प्रिंग को मुझे थोड़ा सा और मॉडिफाई करना है, मुझे उसे म्यूटेशन करना है। कैसे करेंगे? ये आपका ऑफस्प्रिंग का भैया, लेट्स से बाइनरी कोडेड क्रोमोसोम आंकड़े यहां पे दिखाई दे रहे होंगे, 011001। ठीक है? अब यहां पे आपका म्यूटेशन प्रोबेबिलिटी एक रहती है, MP मतलब क्या? म्यूटेशन प्रोबेबिलिटी। म्यूटेशन प्रोबेबिलिटी क्या बताती है? है अगर यहां पे जीरो है, इसका मतलब ये जो रिस्पेक्टिव, मतलब ये जीरो जो है, वो आपके इस रिस्पेक्टिव जीन के रिगार्डिंग इंफॉर्मेशन दे रही है कि उसको उस जीन को मूटेट नहीं करना है। ये जीन होता है ना, दिस इज व्हाट वी कॉल इट एज अ जीन। अ सिंगल यूनिट। अ कलेक्शन ऑफ जीन इज नथिंग बट अ क्रोमोसोम। सही बात है? तो इस जीन को भैया, म्यूटेशन नहीं करना, अगर जीरो दिख गया। अगर जीरो दिख गया, उस पोजीशन पे, तो इस पोजीशन पे जो जीन रहेगा, आपके ऑफस्प्रिंग का, उसे म्यूटेशन नहीं करना। लेकिन अगर वन दिख गया, वन दिख जाता है, वन मतलब मूटेड करना है। वन मतलब क्या? मूटेड करना। जीरो मतलब मूटेड नहीं करना। वन मतलब मूटेड करना है। तो देखो, ये जीरो ऐसा का ऐसा उठा के मैंने रख दिया। सो दिस इज द मूटेड ऑफस्प्रिंग। तो ये मूटेड ऑफस्प्रिंग है। यानी कि इसके बिट्स को अभी मैंने अल्टर कर दिया। कैसे? देखो, ये जीरो था, मतलब इस बिट को मूटेट नहीं करना। जीरो का जीरो। यहां वन दिख गया, मतलब ये वाली जो बिट है, वन, इसको भैया जीरो बना दो। जीरो बना दो। मैंने तुरंत जीरो बना दिया। ठीक है? फिर उसके बाद यहां पे वन है, तो यहां रो है, तो एज इट इज वन को वन लिख लो। यहां रो है, तो रो को एज इट इज लिख लो। यहां पे देखो, फोकस करो, रो है, तो एज इट इज लिख लो। लेकिन यहां वन है, तो जैसे ही वन दिख जाता है, तो इस वन को अपन यहां पे कॉम्प्लीमेंट कर देते हैं। और ये मामला आपका हो गया तैयार। आपके समक्ष जो है, मूटेड ऑफस्प्रिंग जो है, वो पेश कर दिया गया।

एक और तरीका है, जहां पर डायरेक्टली इंटरचेंजिंग, एक्सचेंजिंग हम लोग जो है, परफॉर्म कर सकते हैं। हम क्या बोल सकते हैं, पता है? कि अगर मेरा ये ऑफस्प्रिंग है और ये मेरा मूटेड ऑफस्प्रिंग है। ठीक है? तो मैं क्या करने वाला हूं, पता है? यहां पर जो मेरा रिस्पेक्टिवली ये जीन के बिट्स दिखाई दे रहे हैं, तो मैं एक काम करता हूं, रिस्पेक्टिवली ये वाली जीन और ये वाली जीन जो है, इनको एक तरीके से स्वैप कर देता हूं, एक्सचेंज कर देता हूं, एक दूसरे के साथ। यानी कि जो यहां पे वन दिख रहा है, वो वन इसकी जगह पे आ जाएगा। इसकी वैल्यू इस जीन की वैल्यू वन हो जाएगी और इस जीन की वैल्यू जीरो हो जाएगी। बराबर है? यानी कि मैंने सिर्फ उनमें एक्सचेंज किया, स्वैप किया। अब जैसे ही वो स्वैप किया, तो ये देखो, जीरो यहां पे आ गया और देखो जी, ये वन आपका यहां पे आ गया। तो यानी कि इन दोनों का जो इंफॉर्मेशन था, एक तरीके से वैल्यूज थी, वो यहां पे स्वैप हो गई और एक नया मुझे रिस्पेक्टिवली मूटेड ऑफस्प्रिंग जो है, प्राप्त हो गया। तो ये भी एक क्राइटेरिया है। इंटरचेंजिंग है, एक्सचेंजिंग वाला फंडा आप यहां पे अडॉप्ट कर सकते हो। तो यही थी वो सारी कथा, यही थी वो सारी इंफॉर्मेशन जो दोस्तों AI के रिगार्डिंग मुझे आप तक पहुंचाने थी। होपफुली, ये सारे फंडे जो है, आपको समझ में आ गए होंगे। बड़े आसान तरीके से मैंने प्रयत्न किया हर वक्त मैं आपको रिलेटेबल एग्जांपल्स देता रहूं, ताकि ये सभी चीजें आपको आसान लगे, सिंपल लगे। एंड ज्यादा मुश्किल मुश्किल टर्म्स का भी इस्तेमाल नहीं किया। सिंपल, सादी, टिकाऊ भाषा, देसी भाषा में मैंने आप तक ये सारी चीजें पहुंचाने का प्रयत्न किया है। मेहनत काफी लगती है दोस्तों, यार बहुत घंटे का कंटेंट बनता है यहां पे, बहुत सारे घंटों का कंटेंट बनता है। अब मुझे भी नहीं पता, अभी तो ये एडिट में जाने वाला है, अभी पता नहीं कितने आवर्स का कंटेंट होगा। बड़ी मेहनत लगती है। अ बट आपको मैं एक ऐसी चीज आपसे रिक्वेस्ट करना चाहता हूं, जिसमें आपको बिल्कुल मेहनत नहीं करनी पड़ेगी, बिल्कुल एफर्टलेस है, यार बिल्कुल ही एफर्टलेस है। वो तीन मैजिकल चीज है, यार वो तीन मैजिकल चीजें मेरे लिए कर दीजिए। इस वीडियो को लाइक जरूर जरूर जरूर करिएगा। कमेंट जरूर करिएगा कि आपको कौन सा पार्ट बहुत इंटरेस्टिंग लगा, बहुत अच्छा लगा। साथ ही साथ दोस्तों, अपने प्यारे से फाइव मिनट्स इंजीनियरिंग चैनल को जरूरत है, आपके दोस्तों को एक तरीके से इन वीडियोस की, कांसेप्ट की कि फटाफट भैया, कुछ घंटे में अपन पूरा जो कांसेप्ट है, पूरा AI सब्जेक्ट जो है, वो निपटा दें। कोर सारे फंडामेंटल अंडरस्टैंड कर दें, ताकि इजीली अपन पेपर कंडक्ट कर सकें। तो यार, किसी अगर एक स्टूडेंट को जरूरत होगी और आपके एक शेयर मात्र से अगर ये वीडियो स्टूडेंट तक पहुंच गया और उसका काम हो गया, उसका एग्जाम अच्छी तरह निकल गया ना, यार तो इस पूरे पुण्य के कार्य में आप भी शामिल हो जाओगे। आपका एक शेयर बहुत बड़ा इंपैक्ट क्रिएट कर सकता है, यार। मैंने तो अपना काम कर दिया जी, मैंने तो अपना कंट्रीब्यूशन कर दिया। अब आपकी बारी है। जरूर यार, इस वीडियो को शेयर करिए अपने सारे दोस्तों के साथ। तो फिर अपन जो है, अभी थोड़ा सा हल्ट लेते हैं और मिलते हैं अगले वन शॉट वीडियो में, मशीन लर्निंग इन वन शॉट। तब तक के लिए भैया, टेक केयर जी, बाय बाय जी।