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10 Secret Locations on Google Earth

Zem TV10:19

Transcription

यमन के रेगिस्तान में मौजूद इस गड्ढे को शैतान का कैदखाना क्यों कहा जाता है और इसके अंदर आखिर क्या कुछ छुपा है? Google अर्थ में रिकॉर्ड हुए कुछ ऐसे मंजर जिन्हें शायद आज से पहले कभी नहीं देखा गया। इराक में अमेरिकन ड्रोन स्ट्राइक से लेकर गाजा में इजराइली बॉम्बिंग तक। कुछ अनोखे मंजर, तो कुछ ऐसे जिन्हें बयान करना मुश्किल है। आज हम Google अर्थ पर ऐसी ही 10 लोकेशनेशंस के बारे में जानेंगे। ZM टीवी की वीडियोस में एक बार फिर से खुशामदीद।

नाजरीन, हमारी लिस्ट की सबसे पहली लोकेशन अल्जेरिया में वाक है। सहारा डेजर्ट में, जहां दूर-दूर तक सिर्फ टीलों का समंदर है, यहां रेत के ऊपर एक अनोखा गोल स्ट्रक्चर खड़ा है। जिसकी हिस्ट्री आज तक किसी को मालूम नहीं पड़ी। कसारदरा नामी यह स्ट्रक्चर अल्जेरिया के तिमि टाउन में वाकिफ है। जहां पहुंचने के लिए जिद्दतों और मुश्किलात से भरपूर सफर करना पड़ता है। 35 मीटर की गोलाई में फैला हुआ और 2 मीटर ऊंची दीवारों का यह स्ट्रक्चर कोई किला था या घर या फिर कोई मुसाफिरखाना। इसका अंदाजा लगाना काफी मुश्किल है। गौर किया जाए तो इसकी दो दीवारें हैं। बाहर वाली पत्थर और मिट्टी से बनी है। जबकि अंदर वाली सिर्फ मिट्टी की दीवार है। इसके अंदर कमरों की दीवारें दिखाई देती हैं और फ्रेश एयर के लिए छोटी-छोटी खिड़कियां भी। लेकिन यह खिड़कियां सिर्फ अंदर वाली दीवार में देखी जा सकती हैं। ऐसा ख्याल किया जा रहा है कि हजारों साल पहले शायद यह मुसाफिरखाना था। उन ट्रैवलर्स के लिए जो ऊंटों पर सहारा को क्रॉस करते थे।

दूसरी लोकेशन के लिए हमें चलना होगा यमन के रेगिस्तान में, जहां जमीन में 30 मीटर चौड़ा एक ऐसा सुराख है जिसे लोकल्स शैतान का जेल या फिर नर्क का कुआं कहते हैं। वैसे इसे वेल ऑफ बरहूद का नाम दिया गया है। इसके पास से गुजरने पर गंदी बदबू के भपकारे आते हैं, जो तबीयत खराब कर सकते हैं। आज तक किसी को यह नहीं मालूम था कि इसके अंदर क्या है। लेकिन हाल ही में कुछ केव एक्सप्लोरर्स ने इसके अंदर जाने का फैसला किया। 100 फीट नीचे उतरने के बाद यहां सांप मिले, मरे हुए जानवर थे और हजारों सालों से पानी गिरने की वजह से यहां केव पर्ल्स बन चुके थे। यहां रहने वाले लोग इस कुएं के पास से गुजरना पसंद नहीं करते और ना ही इसके बारे में बात करते हैं।

अब रुख करते हैं इराक के शहर मौसूल का, जो अक्सर अमेरिकन ऑपरेशन के निशाने पर होता है। 2016 और 2017 में यहां आईएसएस के खिलाफ बैटल ऑफ मौसूल चल रही थी। जिसमें यूएस मिलिट्री एमq9 रिपर ड्रोन के जरिए आईएसएस के ठिकानों पर हमले कर रही थी। ऐसा ही एक हमला हैरतंगेज तौर पर Google अर्थ में भी रिकॉर्ड हुआ है। 19th जनवरी 2017 को ली जाने वाली पिक्चर में पिग्रेस रिवर के ऊपर MQ9 रिपर देखा जा सकता है। यह ड्रोन किस मकाम पर हमला करेगा इसका इशारा हमें सेटेलाइट की अगली फोटो में मिलता है। जो पांच दिनों के बाद 24 जनवरी 2017 को ली गई। ठीक इस लोकेशन पर दो सुराख नजर आ रहे हैं, जो इस ड्रोन गुजरने से पहले यहां मौजूद नहीं थे और जिस वक्त यह ड्रोन यहां से गुजरता हुआ देखा गया उस वक्त हमले की जगह पर एक बोट रिवर के किनारे पर देखी जा सकती है, जिसके पास कुछ लोग खड़े हैं और थोड़ा दूर एक गाड़ी भी खड़ी है। 19th जनवरी की फोटो में यहां सिर्फ एक सुराख नजर आ रहा है। पर यह सुराख भी ताजा मालूम होता है। क्योंकि 14 दिन पहले फिफ्थ जनवरी की फोटो में यहां एक भी सुराग नहीं था।

अभी आपको एक ऐसे आइलैंड पर लेकर चलते हैं, जहां कुछ अनोखे स्पॉट्स सेटेलाइट इमेज में रिकॉर्ड हुए हैं। नॉर्थ ईस्ट अफ्रीका के एडिट्रिया नामी मुल्क में वाकई रेड सी में कई 100 आइलैंड्स मौजूद हैं। इनमें से ही एक छोटा आइलैंड, जिसकी साइज 500 मीटर बाय 300 मीटर्स है। इसमें कुछ अजीब स्पॉट्स वाज़ तौर पर देखे जा सकते हैं। अगर आसपास के दूसरे आइलैंड्स पर देखा जाए तो यहां किसी किस्म के कोई निशानात जाहिर नहीं है। तो आखिर सिर्फ इसी आइलैंड पर हजारों की तादाद में यह स्पॉट्स किस चीज के हैं? इस आइलैंड पर ना अभी कोई आबादी है ना ही पास्ट में कभी रही है। काफी सारी इंटरनेट रिसर्च करने पर मालूम पड़ा कि रेड सी में टर्टल्स की पांच किस्में पाई जाती हैं। और जब टर्टल को अपने अंडे देने होते हैं, तो वह जमीन पर आकर सुराख करते हैं और उसके अंदर अंडे देते हैं। क्योंकि यह आइलैंड किसी भी ह्यूमन एक्टिविटी से पाक है, तो शायद यही वजह है कि टर्टल्स यहां आकर अपने बिल खोदते हैं।

सेंट्रल मोरको में मौजूद यह सोलर पावर स्टेशन इतना बड़ा है कि यह स्पेस से भी आसानी से नजर आता है। नूर सोलर पावर स्टेशन टोटल 4500 एकड़ पर बना हुआ है। जिसमें दो प्लांट तो सोलर पैनल से इलेक्ट्रिसिटी बनाते हैं। जबकि एक कंसंट्रेटेड सोलर प्लांट है। इसमें एक काफी ऊंचा सेंट्रल टावर होता है जिसका शैडो भी दिख रहा है और इसके इर्द-गिर्द हजारों मिरर्स लगाए गए हैं। यह मिरर सूरज के साथ-साथ अपनी पोजीशन एडजस्ट करके सनलाइट को टावर के ऊपर रिफ्लेक्ट करते हैं। इस टावर के टॉप पर मोल्टन साल्ट होता है जो गर्म होकर टरबाइन चलाता है और फिर इलेक्ट्रिसिटी जनरेट होती है। यह दुनिया का सबसे बड़ा कंसंट्रेटेड सोलर पावर प्लांट है, जो सेटेलाइट इमेज में काफी अनोखा मंजर पेश करता है।

20001 में कैप्चर की गई इस सेटेलाइट फोटो में यहां सिर्फ खेत दिखाई दे रहे हैं। यह पाकिस्तान के शहर एप की एक खास लोकेशन है। यहां का अगला सेटेलाइट इमेज 9th मई 2010 का है, जब यहां पर बहुत सारे घर बने देखे जा सकते हैं। यह वो घर था जहां ओसामा बिन लादिन ने पनाह ले रखी थी। सेकंड मई 2011 को यहां एक ऑपरेशन में ओसामा बिन लादिन को मारा गया और इसी दिन की सेटेलाइट फोटो कैप्चर जरूर की गई थी, पर यह काफी ब्लर है। जिसकी वजह से ज्यादा डिटेल्स नजर नहीं आ रही। इस ऑपरेशन के फौरन बाद इस घर को गिरा दिया गया। बिफोर एंड आफ्टर का फर्क वाज़ तौर पर देखा जा सकता है। आज इस एरिया में काफी सारे नए घर बन चुके हैं। लेकिन यह पूरा कंपाउंड आज भी खाली पड़ा है।

साउथ अफ्रीका की इस लोकेशन पर घने जंगलात के बीच से कांगो रिवर गुजर रही है। लेकिन अगर हम 2017 की सेटेलाइट इमेज देखें तो यहां रिवर के किनारे पर कोई स्ट्रक्चर तैरता हुआ दिख रहा है। क्या है यह चीज जो सिर्फ 2017 में ही यहां मौजूद थी? यह पिक्चर इतनी ज्यादा क्लियर नहीं है कि इसको ज़ूम किया जा सके। चैट जीपीटी से पूछने पर मालूम पड़ा कि यह गोल्ड माइनिंग का फ्लोटिंग डेक है। कांगो में रिवर के किनारे पर इललीगल गोल्ड माइनिंग बहुत आम जाम है। यहां बहते हुए पानी में मिनरल्स के साथ-साथ गोल्ड का पाउडर भी होता है। यह माइनिंग प्लांट पानी में मौजूद रेत को फिल्टर करके उसमें से गोल्ड निकालने के काम आता है। अथॉरिटीज की सख्ती की वजह से यह फ्लोटिंग डेक पोर्टेबल होते हैं। एक-द महीने सोना निकालने के बाद यह लोग प्लांट को डिसअेंबल करके कहीं और शिफ्ट कर देते हैं।

हमारी अगली लोकेशन गाज़ा स्ट्रिप में है, जहां इजराइल की बंपार्टमेंट्स का सबूत सेटेलाइट में भी रिकॉर्ड हुआ है। वैसे लोकेशनेशंस तो बहुत हैं, लेकिन मैं सिर्फ आपको यह तीन दिखाना चाहूंगा। यह नॉर्थ गाज़ा में मौजूद आबादी की वो तस्वीर है जिसे 19th अक्टूबर 2023 को कैप्चर किया गया। लेकिन सिर्फ 1 महीने के बाद 24th नवंबर 2023 को इन लोकेशनेशंस का हाल कुछ ऐसा हो चुका है। दूर-दूर तक जहां भी देखा जाए घरों के घर और स्काई स्क्रैपर्स मलबे का ढेर बने हुए हैं।

अगली लोकेशन लॉस एंजलिस की है। 11th जनवरी 2025 के इस सेटेलाइट इमेज में दिखने वाले यह बादल नहीं बल्कि उस वाइल्ड फायर का धुआं है, जिसने पूरे 25 दिनों तक जलने के बाद दम तोड़ा। यहां तबाही का क्या आलम है इसकी सेटेलाइट इमेज अभी तक अपडेट नहीं हुई।

जापान के नॉर्थ ईस्ट में वाकई बेरिंग सी है। जहां पर रशियन टेरिटरी में एक रिमोट आइलैंड मौजूद है। यह आइलैंड करीबी इनलैंड सिटी से हजारों किलोमीटर दूर है। जहां पर इंसानों की कोई आबादी नहीं है। पर हैरानी की बात यह है कि इस आइलैंड के ईस्ट कॉर्नर पर छह छोटे-छोटे स्ट्रक्चर्स सेटेलाइट व्यू में रिकॉर्ड हुए हैं। इस पूरे आइलैंड पर इन छह स्ट्रक्चर्स के अलावा और कुछ नहीं मिला। तो अब सवाल उठता है कि आखिर यह क्या चीज है और किसने बनाई? यह जो कुछ भी है स्क्वायर शेप में है और 3D व्यू में देखा जाए तो जमीन को खोदकर बनाया गया है। इस तरह की एक ही चीज ज़हन में आती है बंकर्स। क्योंकि यह आइलैंड अभी रशियन टेरिटरी में आता है, जो पहले सोवियत यूनियन होता था और इन बंकर्स का रुख भी अमेरिकन स्टेट अलास्का की तरफ है। तो इस बात में कोई शक नहीं कि यह वर्ल्ड वॉर टू के जमाने के बंकर्स हैं, जो गल्फ ऑफ अलास्का से आने वाली अमेरिकन शिप्स पर नजर रखने के काम आते थे। बेयरिंग सी का यह हिस्सा बेशुमार छोटे-बड़े आइलैंड से भरा हुआ है। जहां वर्ल्ड वॉर 2 के जमाने के बंकर्स आज इतिहास की तल्ख यादों के राज अपने अंदर दबाए बैठे हैं।

zम टीवी YouTube चैनल पर Google अर्थ सीरीज की यह वीडियो आपको कैसी लगी और आगे आप इस सीरीज पर वीडियो देखना चाहते हैं तो कमेंट सेक्शन में अपनी राय का इजहार जरूर करें। आप लोगों के प्यार भरे कमेंट्स का बेहद शुक्रिया। मिलते हैं अगली शानदार वीडियो में।