📱

Get Our Mobile App

Take your business learning on the go!

Download on the App StoreGet it on Google Play

Issue of Shares Class 12 Accounts | Base Building | Class 12 Accounts | CA Hardik Manchanda

CA Hardik Manchanda51:05

Transcription

गुड इवनिंग एवरीवन, गुड इवनिंग, गुड इवनिंग, गुड इवनिंग। हां जी, क्या हाल चाल? जय श्री कृष्णा एवरी बडी। क्या मेरी आवाज सबको आ रही है एवरीवन? वेरी वेरी गुड इवनिंग। जल्दी से आ जाओ, छेती छेती आ जाओ और मुझे कंफर्म कर दो कि क्या सब कुछ सेट है, ऑडियो वीडियो सेट है, क्योंकि आज हम क्या करने आए हैं, आपको दिख गया होगा क्या करना आए। हां, फटाफट से आओ। गुड इवनिंग, गुड इवनिंग। कौन-कौन आ गया है? बच्चे आ गए क्या? नहीं आए, बेटा बच्चे पता नहीं क्लास में क्यों नहीं आते हम।

ऑल राइट, गुड इवनिंग एवरीवन। यस सर। तो देखो भाई, बात ऐसी है कि आपको क्लास 12थ में तीन बुक्स मिली हैं, है ना सर? तीन बुक्स मिली हैं जिसमें से पहली बुक आपकी खत्म हो चुकी है, मतलब पार्टनरशिप आपकी कंप्लीट हो चुकी है। मुबारक हो, कांग्रेचुलेशन। सर, आज हम क्या करने वाले हैं? आज हम सेकंड बुक स्टार्ट करने वाले हैं। हम, यस और नो? सेकंड बुक? हां जी। और सेकंड बुक कौन सी है सर? आपकी कंपनी अकाउंट्स। ओके, कंपनी अकाउंट्स। हां जी, बिल्कुल सही बात है। जिसमें हमें दो चैप्टर्स पढ़ने हैं। एक हमारा क्या है? एक है इशू ऑफ शेयर्स और एक है इशू ऑफ डिबेंचर। राइट एवरीबॉडी? सर, हमको दो चैप्टर्स पढ़ने हैं। हां जी, हमको दो चैप्टर्स पढ़ने हैं। जिसमें से जो आपका फर्स्ट चैप्टर है, वो है इशू ऑफ शेयर्स, अकाउंटिंग फॉर शेयर कैपिटल। हां, इशू ऑफ शेयर्स, अकाउंटिंग फॉर शेयर कैपिटल। यस सर, यस। आपको पता ही है कि यह आपके सिलेबस का शायद से, मैं बोलूंगा, सबसे इंपॉर्टेंट चैप्टर है, क्योंकि एग्जाम में 15 से 20 मार्क्स का आ जाता है। ये क्या बात कर रहे हो? हां जी, अराउंड 17-18 मार्क्स का आ जाता है। हां जी, सर, बिल्कुल सही बात है। तीन चैप्टर आपके सिलेबस में, बेटा दो ही हैं, क्योंकि इशू ऑफ डिबेंचर, हां जी, इशू ऑफ डिबेंचर, रिडेंपशन ऑफ डिबेंचर आपके सिलेबस में है नहीं। हां जी, सर, आपके सिलेबस में है नहीं। तो ये दो चैप्टर्स हमको पढ़ने हैं। हां जी, ये दो चैप्टर्स हमको पढ़ने हैं। लेकिन सीयूईटी के लिए, सीयू के लिए हमको रिडेंपशन पढ़ना होगा, जो हम बाद में पढ़ेंगे। कोई दिक्कत वाली बातें हैं। ठीक है। राइट नॉलेज विद अनादि, बेटा आप जॉइन कर सकते हो जब भी आपको जॉइन करना हो। एवरीवन, तो आज हम शुरू करने वाले हैं क्या? शेयर कैपिटल। यस सर, इशू ऑफ शेयर्स। तो आज जो हम पहला चैप्टर शुरू कर रहे हैं, इशू ऑफ शेयर्स, इसको कंप्लीट करने में हमको लगेंगे कम से कम तीन हफ्ते। क्या बात कर रहे हो? हां, बहुत डिटेल में करेंगे, बहुत डिटेल में करेंगे। तो अराउंड थ्री वीक्स का टाइम इस चैप्टर को हम लेके चलेंगे। बिल्कुल लेके चलेंगे। क्लियर है ये बात? हां जी।

तो भाई देखो, बात ऐसी है, हम जब हम कंपनी अकाउंट शुरू कर रहे हैं, तो पहले थोड़ा डिस्कस कर लेते हैं कंपनी के बारे में। हम अभी पढ़कर आए पार्टनरशिप के बारे में, अब हम डिस्कस करेंगे इसके बारे में, सर कंपनी के बारे में। कि अरे, कंपनी क्या होती है? हम हो सकता है आपने पढ़ रखा हो, हो सकता है आपने ना पढ़ रखा हो। पढ़ रखा होगा तो भी सुन लो, नहीं पढ़ रखा तो भी सुन लो। ठीक है? एवरीबॉडी, देखो ध्यान से। सर, कंपनी क्या होती है? अब बात ये है कि पिछले बुक में आपने क्या पढ़ा? सर, पिछले दो-तीन महीने में आपने क्या पढ़ा? पिछले दो-तीन महीने में आपने पढ़ा कि यार दो लोग होते थे, मुश्किल से सर दो लोग या दो से ज्यादा लोग, लेकिन मैक्सिमम 50 लोग हो सकते थे। हां जी, किसमें सर? पार्टनरशिप में। अब मुझे बताओ, बेटा, अगर मान लो मैक्सिमम 50 लोग भी हैं, मिलकर कितना ही बिजनेस कर लेंगे हम? अरे, कितना ही पैसा लगा देंगे? यस सर, राइट। तो बहुत बड़ा बिजनेस तो आपका नहीं बन सकता पार्टनरशिप फर्म में। यह बात तो सही है कि पार्टनरशिप में आप बहुत बड़ा बिजनेस, हां जी, लाखों करोड़ों की कंपनी, लाखों करोड़ों का बिजनेस आप नहीं बना सकते पार्टनरशिप फर्म से। अगर आपको बहुत बड़ा बिजनेस करना है, आपके सपने बहुत बड़े हैं, तो फिर पार्टनरशिप फर्म नहीं, फिर क्या बनाते हैं? सर, फिर हम बनाते हैं कंपनी। अगर आपको बहुत लार्ज स्केल पे बिजनेस करना होता है। हां जी, उसके अलावा और भी बहुत सारे डिफरेंस होते हैं किसमें? आपके कंपनी में, आपकी पार्टनरशिप में। तो अगर मैं डिस्कस करता हूं कंपनी के बारे में, तो कंपनी क्या होती है? आपने बचपन से पढ़ा है, 11थ में पढ़ा, 12थ में पढ़ा कि सर, कंपनी ना एक आर्टिफिशियल पर्सन होती है। पता नहीं बार-बार क्या बोलते हैं इसको, बार-बार बोलते हैं, कंपनी इज एन आर्टिफिशियल पर्सन हैविंग परपेचुअल सक्सेशन विद अ कॉमन सील। अरे, पता नहीं क्या बोलते रहते हैं। सर, क्या होती है? आर्टिफिशियल पर्सन होती है। अच्छा, अब मुझे एक बात बताओ, हम सर, आर्टिफिशियल पर्सन का मतलब क्या होता है? अच्छा, सर, आर्टिफिशियल पर्सन का मतलब होता है कि जो पर्सन तो है, पर्सन का मतलब कि भाई वो सब कुछ कर सकती है जो आप कर सकते हो, लेकिन वो नेचुरल पर्सन नहीं है। हम कौन हैं, बेटा? हम नेचुरल पर्सन हैं। हम गिफ्ट ऑफ गॉड। हम यहां पे सांस ले सकते हैं, राइट? तो बेसिकली, नेचुरल पर्सन और आर्टिफिशियल पर्सन में इतना ही डिफरेंस है। लेकिन पर्सन का मतलब यहां पे क्या है? वो अपने नाम पे कॉन्ट्रैक्ट कर सकती है, गुड्स को परचेज, गुड्स को सेल कर सकती है, प्रॉपर्टी बाय कर सकती है, केस कर सकती है। तो ये सब चीजें कंपनी कर सकती है। हां, जैसे फॉर एग्जांपल, आपने कई बार ये नोटिस किया होगा, अगर कोई गाड़ी जा जा रही है, हम, तो आप क्या बोलते हो, सर, अगर कोई गाड़ी जा रही है, हां जी, तो उसको हम बोल देते हैं कि यार ये टाटा की गाड़ी है। हम, ऐसा तो नहीं बोलते कि रतन टाटा की गाड़ी जा रही है? नहीं, सर, ऐसा तो नहीं बोलते ना कि भाई रतन टाटा जी की कार जा रही है, देखो देखो देखो। नहीं, हम क्या बोलते हैं कि टाटा कंपनी की कार जा रही है। सिमिलरली, हम बोलते हैं एक, लेकिन लीगली दोनों एक ही होते थे। अगर आपने याद हो, अगर आपको याद हो तो, सर, पार्टनरशिप फर्म में जो पार्टनर्स की लायबिलिटी थी, वो क्या थी? एवरीबॉडी, क्या होती थी? सिर्फ और सिर्फ अनलिमिटेड। अरे, क्या होती थी? अनलिमिटेड। हां जी, क्या मतलब था अनलिमिटेड का? कि पार्टनर्स और पार्टनरशिप फर्म कोई अलग नहीं है। अगर पार्टनरशिप फर्म रिपे नहीं कर पाई, अच्छा, तो फिर कौन करेगा? पार्टनर्स रीपे करेंगे, अपने घर से पैसे लेके आएंगे। कंपनी में ऐसा नहीं होता है। कंपनी में जो कंपनी के मालिक लोग होते हैं, हां जी, वो अलग होते हैं और कंपनी की एक अलग आइडेंटिटी होती है। बिल्कुल सही बात है। क्या होती है सर? अलग आइडेंटिटी होती है।

अब बेटा, इस चैप्टर में ना, स्टार्टिंग में थ्योरी बहुत है। बहुत थ्योरी है, लेकिन थ्योरी के लिए मैं सेपरेट सेशंस लूंगा। सारे चैप्टर्स की थ्योरी मैं आपको एक साथ करवाऊंगी। हां, एक साथ करवाऊंगी। लेकिन यस सर, यस, अभी हम क्या करेंगे? अभी हम थोड़ा मिक्स करेंगे प्रैक्टिकल और थ्योरी को। राइट? कवर मैं सब कुछ कराऊंगा। तो मैंने क्या बोला, कंपनी आर्टिफिशियल पर्सन है। यस। कंपनी की एक सेपरेट आइडेंटिटी है। बिल्कुल सही बात है। यस और नो? उसके बाद, अब बात करते हैं कि कंपनी बनती कैसे है? सर, कंपनी, कंपनी, कंपनी कर रहे हो आप, कैसे बनती है? कि मान लो, मान लो कि हम कुछ लोग हैं। हम सर, हम कुछ लोग हैं। हां जी, चार-पांच लोग हैं, फॉर एग्जांपल, हमको बिजनेस करना है। अरे, आप और मैं। हां जी, सर, क्या करना है? हमको बिजनेस करना है। हां जी, सर, हमको बिजनेस करना है। अब बिजनेस करने के लिए मुझे, मुझे कंपनी बनानी है। अब कंपनी कैसे बनती है? सर, हम जाते हैं, किसके पास जाते हैं? एक बंदा होता है, जिसको हम बोलते हैं आरओ। आपको पता नहीं होगा, लेकिन मान लो सर, एक तरीके से ये कौन है? ये लीगल पर्सन है। हम, आप मान लो कोर्ट में जा रहे हो, एक तरीके से रजिस्टर ऑफ कंपनी। यस सर, यस, रजिस्टर ऑफ कंपनी होता है। ठीक है? आप एक तरीके से कोर्ट वगैरह में जाते हो। हां जी, आपको क्या करना होता है? आपको बहुत सारे डॉक्यूमेंटेशन देने होते हैं कि भाई, अपने-अपने नाम बताओ, क्या है, आइडेंटिटी प्रूफ बताओ, यह सब चीजें। जी, बहुत सारे आपको क्या करने होते हैं, सर, डॉक्यूमेंटेशन देने होते हैं। हां जी, बिल्कुल सही। तो ये सब लोग कौन हैं, बेटा? इन सब लोगों को आप किस नाम से जानते हो? ओनर्स के नाम से। कि ये सब लोग मालिक लोग हैं। जैसे पार्टनरशिप फर्म में पार्टनर्स थे, सोल प्रोप्राइटरशिप में कौन होता है? कंपनी में कौन होता है? कंपनी में हम इसको बोलते हैं मेंबर्स या शेयर होल्डर्स। सर, क्या बोलते हैं? मेंबर्स या फिर शेयर होल्डर्स। हां जी, बिल्कुल सही। अब ये शेयर होल्डर्स का मतलब क्या है? मैं आपको सब कुछ बहुत डिटेल में पढ़ाऊंगा, टेंशन मत लो। हम, अब क्या हुआ, सर, ये सब लोग गए, ओनर्स ही हैं ये, ओनर्स ही हैं और कोई नहीं है ये। अच्छा, ठीक है। इन सब ने क्या बोला कि यार, हमारी एक कंपनी बना दो। कंपनी का नाम, वो सब चीजें। आप सब कुछ करोगे। हां, एक पूरा प्रोसेस होता है, एक बहुत लंबा चौड़ा प्रोसेस होता है, उसको आपको कंप्लीट करना होता है, तब जाके आपकी कंपनी फॉर्म होती है। ठीक है? मान लेते हैं, सर, आपने एक कंपनी फॉर्म करी, जिसका नाम क्या है? जिसका नाम है अवयुक्त। हम, सर, ओके, अवयुक्त। हां जी, अवयुक्त प्राइवेट लिमिटेड। अब ये प्राइवेट लिमिटेड क्या है? आगे पढ़ेंगे, थ्योरी में पढ़ेंगे। हां जी, कि कंपनी आपकी दो टाइप की होती है, एक प्राइवेट लिमिटेड, एक पब्लिक लिमिटेड। बाद में पढ़ेंगे, आराम से। ठीक है, सर? अवयुक्त प्राइवेट लिमिटेड, आपने कंपनी फॉर्म करी है। हां जी, सर। जब आप कंपनी फॉर्म कर रहे होते हो ना, तो एक डॉक्यूमेंट बनता है। क्या बनता है? एक डॉक्यूमेंट बनता है, जिसका नाम होता है मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन। यह आपने जरूर सुना होगा 11थ में, एमओए, एओए। हां जी, एक डॉक्यूमेंट बनता है, क्या सर? मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन। यस सर, यस। कंपनी के बहुत सारे डॉक्यूमेंट बनते हैं। ठीक है? कई एक होता है एमओए। यस सर, एक होता है एओए। तो कंपनी के रूल्स एंड रेगुलेशंस और काफी सारी चीजें आपके इन डॉक्यूमेंटेशन में लिखी जाती हैं। अब ये जो आपका मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन है, इसमें बेटा एक बड़ी इंपॉर्टेंट चीज लिखनी होती है, किसके रिगार्डिंग? जिसको हम बोलते हैं शेयर कैपिटल। अब आएगा बेटा आपके चैप्टर पे, धीरे-धीरे हम प्रैक्टिकल पार्ट पे फोकस करेंगे ज्यादा। ठीक है? थ्योरेटिक्स आराम से बाद में कर लेंगे। क्या बोला मैंने? शेयर कैपिटल। सर, शेयर कैपिटल का मतलब क्या है? शेयर कैपिटल का मतलब क्या है? अब ये हमको समझना पड़ेगा। हम, जैसे बिजनेस स्टार्ट करने के लिए ओनर को कुछ पैसा इन्वेस्ट करना होता है। हां जी, तो कंपनी में भी सेम चीज है। सर, बिजनेस स्टार्ट करना है, तो ओनर लोगों को क्या करना पड़ेगा? ओनर लोगों को पैसा इन्वेस्ट करना पड़ेगा। बात तो सही है। हां, तो ये जितने भी लोग आपको दिख रहे हैं, यस सर, इनको कुछ पैसा इन्वेस्ट करना पड़ता है। यस। अब ये कैपिटल का मतलब तो आप समझते हो कि जब ओनर पैसा इन्वेस्ट करता है, तो उसको कैपिटल बोलते हैं। हमको मतलब समझना है किसका? शेयर का। कि भई, ये शेयर कैपिटल क्या है? समझेंगे आज ही की क्लास में समझेंगे। अच्छा, ठीक है। तो देखो, ध्यान से मेरी बात सुनो। मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में आपको लिखना होता है, जिसको हम बोलते हैं ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल। सर, क्या बोलते हैं हम? ऑथराइज्ड। हां जी, शेयर कैपिटल। अच्छा, ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल। अब ये ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल का मतलब क्या है? सर, ऑथराइज्ड का मतलब होता है मैक्सिमम शेयर कैपिटल। हम, क्या मतलब होता है सर? मैक्सिमम शेयर कैपिटल। कि भाई, वो आपसे पहले पूछते हैं, अपने मालिक लोगों से, ओनर लोगों से, क्या पूछते हैं कि बताओ भाई, बताओ। हां जी, कंपनी चलाने के लिए तुमको मैक्सिमम कितना कैपिटल लगेगा? कि मैक्सिमम तुम कितना पैसा इस बिजनेस में डालोगे? वो आपसे पूछा जाता है। अच्छा, लेकिन ये आप चेंज भी कर सकते हो बाद में। सर, ये चेंज होता रहता है। ओनर्स चाहे तो बाद में चेंज कर सकते हैं। यस सर। आपने बता दिया कि भाई, कम से कम, यस सर, ₹10 लाख तो चाहिए। हम, सर, बिजनेस में हम इन टोटल मैक्सिमम पैसा कितना लगाएंगे? ₹10 लाख। अच्छा, ठीक है। अब ये ₹10 लाख क्या हो गया, सर? ये ₹10 लाख हो गया आपके पूरे कंपनी का टोटल कैपिटल, मैक्सिमम कैपिटल। सर, क्या हुआ? मैक्सिमम कैपिटल। यस सर, यस। अब देखो, बात ऐसी है कि आपको ₹10 लाख कोई एक बंदा तो दे नहीं देगा। हम, क्या आपको ये ₹10 लाख कोई एक बंदा दे देगा? नहीं। तो कंपनी में क्या होता है? कंपनी में इस कैपिटल को हम छोटे-छोटे पार्ट में डिवाइड कर देते हैं। सर, छोटे-छोटे पार्ट में। छोटे-छोटे पार्ट में। ओ, ये ₹10 लाख क्या है, सर? कंपनी की मैक्सिमम टोटल कैपिटल। बिल्कुल सही। अब ये ₹10 लाख कोई एक अकेला इंसान पैसे बिजनेस में लगा रहा है, क्या? नहीं। एक अकेला इंसान तो बिजनेस में नहीं लगा रहा। हां सर, बहुत सारे लोग होंगे। हां जी, बहुत सारे लोग होंगे। तो हम क्या करते हैं? इसको डिवाइड करते हैं। डिवाइड करते हैं। हां जी, डिवाइड करते हैं। कि भाई, सबसे पहले हम आपको डिसाइड करनी होती है, इसकी फेस वैल्यू। अब फेस वैल्यू का मतलब क्या है? बड़ी इंटरेस्टिंग चीजें हैं ये। हम, फेस वैल्यू का मतलब क्या होता है? कि भाई, जो जो आप ये ₹10 लाख, जो आप ये ₹10 लाख अपने कंपनी में लाओगे, हां जी, राइट, कोई भी, कोई भी अगर आपका मेंबर है, कोई भी आपका ओनर है, जब वो बिजनेस में पैसा इन्वेस्ट करेगा, हां, उसको बदले में क्या मिलेगा? उसको बदले में मिलता है क्या? ओनरशिप। एवरीबॉडी, यस और नो? अगर आप ओनर हो, आपने बिजनेस में पैसा इन्वेस्ट किया, तो आपको क्या मिलेगी? आपको मिलेगी उस कंपनी की ओनरशिप। हां जी, तो किसको कितनी ओनरशिप मिलेगी, ये डिसाइड कैसे होगा? आप समझ रहे हो? सर, ये ₹10 लाख क्या है? यह ₹10 लाख फर्म की टोटल कैपिटल। हां जी, फर्म की टोटल मैक्सिमम कैपिटल। अब भाई, किसकी कितनी ओनरशिप होगी? यस और नो? कितना कौन कितना पैसा इन्वेस्ट कर रहा है? तो ये सब कैलकुलेशन किस तरीके से होगी? तो सबसे पहले मैंने क्या बोला? सबसे पहले मैंने बोला कि भाई, हम अपने टोटल कैपिटल को क्या करते हैं? टोटल कैपिटल को छोटे-छोटे पार्ट में डिवाइड करते हैं। छोटे-छोटे पार्ट में। हां, और इन छोटे-छोटे पार्ट को हमने क्या बोला? शेयर्स बोला। सर, क्या बोला? शेयर्स बोला। क्योंकि देखो, हम ₹10 लाख किसी एक बंदे से नहीं मिलेंगे। अगर मैं उसके छोटे-छोटे पार्ट कर दूं, तो तो मुझे आसानी से मिल जाएंगे। मान लो मुझे अभी क्या चाहिए? मान लो मुझे अभी ₹1000 चाहिए। यस। अब ₹1000 शायद आप में से कोई एक बंदा मुझे ना दे पाए। लेकिन अगर मैं क्या बोलूं कि यार, तुम यहां पे 30 लोग हो, कितने हो? 30। हां, तो क्या तुम प्लीज, प्लीज, प्लीज, प्लीज, ₹100-₹100 दे दो? इसका मतलब क्या है? एक अकेला बंदा शायद ₹1000 ना दे पाए। हां जी, लेकिन 30 लोग मिलकर ₹100-₹100 अगर दे देंगे, तो क्या मेरे पास ₹1000 हो जाएंगे? हां जी, बिल्कुल हो जाएंगे। कंपनी इसी बेसिस पर काम कर रही है कि भाई ₹10 लाख टोटल कैपिटल है, कोई अकेला बंदा नहीं देगा यहां पे। हां जी, तो मैंने उसको क्या किया? छोटे-छोटे, छोटे-छोटे, छोटे-छोटे पार्ट में डिवाइड कर दिया। हम, अब ये क्या हो गया? छोटे-छोटे पार्ट का मतलब, इसको मैंने क्या बोला? शेयर्स। अभी मैं आपको और डिटेल में समझाऊंगा, टेंशन मत लो। ठीक है? फिर उसके बाद आपको डिसाइड करना होता है कि यार, ये जो आपने छोटे-छोटे पार्ट में डिवाइड करा है, एक शेयर, शेयर की वैल्यू कितनी होगी? तो देखो, सिंपल सी बात है, बड़ी सिंपल सी बात है। सर, मैंने बोला कि एक शेयर की फेस वैल्यू होगी ₹10। ₹10। जितने मर्जी, सर, कौन डिसाइड कर रहा है? ओनर डिसाइड कर रहे हैं। सर, जो स्टार्टिंग में कंपनी को फॉर्म कर रहे हैं, वो फेस वैल्यू को डिसाइड कर लेते हैं कि भाई, स्टार्टिंग, स्टार्टिंग में आपको अपने शेयर की फेस वैल्यू कितनी रखनी है। फेस वैल्यू का मतलब क्या हो गया? एक शेयर की वैल्यू। हां जी, सर। हां जी, एक शेयर की सिंपल सी वैल्यू। अच्छा, आप उसको ₹10 रख सकते हो, ₹20, ₹10, ₹1, वो आपकी मर्जी है। हां जी, आपकी मर्जी है। तो मुझे एक बात बताओ, अगर आपने फेस वैल्यू कितनी रखी है? सर, फेस वैल्यू रखी ₹10। हां जी, टोटल कैपिटल ₹10 लाख। यस, तो क्या मैं बोल सकता हूं कि आपने अपने कंपनी के, हां जी, 1 लाख शेयर दे दिए? बिल्कुल सही। दोबारा समझेंगे। हां जी, दोबारा समझेंगे। इंपॉर्टेंट है। यस सर, यस। फेस वैल्यू चेंज हो सकती है? हां, चेंज हो सकती है, बेटा। मेरी बात ध्यान से सुनो। यस, ₹10 लाख आपने बोला मैक्सिमम कैपिटल। आपने उस ₹10 लाख को को क्या करा? 1 लाख छोटे-छोटे पार्ट्स में डिवाइड कर दिया और 1 लाख शेयर्स हैं। हां जी, और एक शेयर की ₹10 वैल्यू है। अब बात समझ में आई कि भाई, 1 लाख शेयर, ₹10 वैल्यू, टोटल ₹10 लाख। अब मुझे एक बात बताओ, अब जो आपके सर, कौन थे? सारे के सारे मेंबर्स। हम, मान लो तीन मेंबर्स हैं। अरे, मान लो कौन है, बेटा? ये तीन मेंबर्स। हां जी, एक का नाम पिंकू, एक का नाम जस्सी और एक का नाम तान्या। ठीक है, सर? ये कौन हैं? ये मान लेते हैं तीन लोग हैं, जिन्होंने कंपनी, हां जी, स्टार्ट करवाई है। फाउंडर्स बोल सकते हो आप। अच्छा, प्रमोटर्स बोल सकते हो, ओनर्स, शेयर होल्डर्स, मेंबर्स, कुछ भी बोल सकते हैं। हां जी, बिल्कुल। ये तीन लोग हैं। हां जी, तीन लोग हैं। अब बेटा, कंपनी स्टार्ट करने के लिए इनको क्या डालना है? कंपनी में पैसा डालना है। हम, तो अब ये क्या करेंगे कि भाई, आपने कंपनी के 1 लाख टुकड़े कर दिए। एक तरीके से आप ये बोल सकते हो कि मैक्सिमम टुकड़े 1 लाख हो सकते हैं। हां जी, यस और नो? शेयर का मतलब क्या हो गया? शेयर का मतलब हो गया एक तरीके से यहां पे यूनिट ऑफ ओनरशिप। सर, क्या हो गया? यूनिट ऑफ ओनरशिप। अच्छा, कि जिसके पास जितने ज्यादा ये टुकड़े होंगे, उसके पास उतने ज्यादा ओनरशिप है। सर, बात तो सही है। जो जितना ज्यादा पैसा कंपनी में डालेगा, वो उतना बड़ा ओनर होगा। बात तो सही है। यस और नो? अब मान लो ये तीन लोग हैं, सर, क्या है? तीन लोग। हां जी, तो इन्होंने क्या किया? अब सुनो मेरी बात ध्यान से। पिंकू ने क्या किया? पिंकू ने कंपनी के मान लेते हैं, सर, कि 2000 शेयर ले लिए। पिंकू ने क्या किया? 2000 शेयर्स ले लिए। यस सर, यस, 2000 शेयर्स ले लिए। कितने के? ₹10 के हिसाब से। तो पिंकू ने इन्वेस्ट किया ₹20,000। कितना इन्वेस्ट किया? सर, ₹20,000। अच्छा, ठीक है। अगर मैं जस्सी की बात करता हूं, तो जस्सी ने डाले, जस्सी ने लिए कंपनी के 5000 शेयर्स, ₹10 के हिसाब से। हां जी, तो यह हो गया ₹50,000। ओके। और तान्या ने क्या किया? सर, तान्या ने कंपनी के ले लिए 3000 शेयर्स, कंपनी के 3000 शेयर्स, कितने रुपए के हिसाब से? ₹10 के हिसाब से। तो ये हो गया ₹30,000। अब मेरी बात ध्यान से सुनो। इसका मतलब क्या है, सर? इसका मतलब कंपनी मैक्सिमम कितने शेयर्स इशू कर सकती थी? 1 लाख। मैक्सिमम कितने शेयर इशू कर सकती है? 1 लाख। लेकिन अभी उसने अपने तीन ओनर्स को कितने शेयर दिए हैं? सर, एक तो 2000, 5000 और 3000। सर, अभी 10,000 शेयर्स दिए हैं। कितने शेयर्स दिए हैं? 10,000 शेयर्स दिए। हां जी, तो इसका मतलब क्या हो गया कि 1 लाख में से 10,000 शेयर्स कंपनी इशू कर चुकी है, ₹10 के हिसाब से। यस सर, यस। इसका मतलब सर, इन तीनों ने मिलकर कंपनी में ₹1 लाख इन्वेस्ट कर दिए। कितने इन्वेस्ट कर दिए? ₹1 लाख। हां जी, ₹1 लाख। हम, अब देखो ध्यान से मेरी बात सुनो। हां, अगर मैं आपसे पूछूंगा कि पिंकू, जस्सी और तान्या, इन तीनों में से सबसे बड़ा ओनर कौन है? सबसे ज्यादा ओनरशिप किसके पास है? सबसे ज्यादा किसकी चलेगी? हां जी, तो आप क्या बोलोगे? सर, सिंपल सी बात है, सबसे ज्यादा शेयर किसके पास है? जस्सी के पास है। सर, अगर सबसे ज्यादा शेयर जस्सी के पास है, हां जी, तो सबसे ज्यादा ओनरशिप उसके पास है। एवरीबॉडी, यस और नो? सबसे ज्यादा पैसा किसने लगाया? जस्सी ने। तो भाई, सबसे बड़ा मालिक कौन हुआ? सबसे बड़ा ओनर कौन हुआ? जस्सी। हां जी, बिल्कुल सही। अब बात समझ रहे हो? तो इसका मतलब क्या होता है कि जिसके पास कंपनी के जितने ज्यादा शेयर्स होते हैं, हां, उसके पास उतनी ओनरशिप होती है। एब्सोल्यूट करेक्ट। जैसे फॉर एग्जांपल, हां, मेरे पास हैं सिर्फ 10 शेयर्स हैं। हां जी, सर, जो कि बहुत कम है। जो अंबानी फैमिली है, उनके पास लाखों करोड़ों शेयर्स हैं। यस सर, इसलिए मेरी नहीं चलेगी। चलेगी क्या? नहीं चलेगी। मेरी काय को चलेगी? मैंने भी क्या कंपनी में कैपिटल दे रखा है? यस सर, मैंने भी कंपनी में पैसा डाल रखा है। सर, डाल रखा है और उसके बदले में मुझे क्या मिला? मुझे मिली कंपनी की ओनरशिप। लेकिन बहुत ही कम मिली है, सर, बहुत कम मिली है। हां जी, बहुत ही कम मिली है, ना? यस सर, यहां पे अभी कंपनी की जो ओनरशिप है, वो किसके पास है? पिंकू, जस्सी और तान्या के पास है। जिसके पास कंपनी के शेयर्स होंगे, उसके पास क्या होगी, सर? कंपनी की ओनरशिप होगी। जिसके पास सबसे ज्यादा होंगे, उसके पास सबसे ज्यादा ओनरशिप होगी। जिसके पास कम होंगे, उसके पास कम होगी। हां, एवरी बडी, यस और नो? बात तो सही है। हां जी, बात तो बिल्कुल सही है।

अब कह रहे हैं, अगर चलेगी तो ओनर कैसे? बेटा, ओनर का मतलब यहां पे क्या है? देखो, सिंपल सी बात है। जब ये कंपनी फॉर्म हुई थी, सर, जब ये कंपनी फॉर्म हुई, तो कंपनी ये डिसाइड कर लिया, क्या डिसाइड कर लिया कि मैं अपने ओनरशिप के कुछ टुकड़े कर दूंगी। हां या ना? जैसे फॉर एग्जांपल, जब आप पिज़्ज़ा खाने जाते हो, है ना? ऐसा मेरे साथ तो होता है, बेटा। ठीक है? मान लो ये पिज़्ज़ा है। हम, सर, क्या है? ये पिज़्ज़ा है। यस सर, यस, पिज़्ज़ा है। कितना पिज़्ज़ा है? लेट्स से, सर, पिज़्ज़ा है ₹500 का। कितने का? ₹500 का। अच्छा, ठीक है। अब बेटा, मान लेते हैं कि आपने, आपके सारे दोस्तों ने क्या करा है, कुछ पैसे कंट्रीब्यूट करे हैं, कुछ पैसे कंट्रीब्यूट करे हैं। हां जी, सर, हां जी, बिल्कुल सही बात है। कुछ पैसे कंट्रीब्यूट करे हैं। अब मुझे एक बात बताओ, सोच समझ के एक बात बताओ, सर, मैंने दिए कितने? ₹200। ओए होए, ओए होए, सर, इसने कितने दिए? ₹100। इसने कितने दिए? ₹100। और इसने कितने दिए? ₹100। यस सर, यस। चार लोग हैं, टोटल ₹500 गए। हां जी, टोटल ₹500 हो गए। अब आपने क्या करा? आपने कंपनी के टुकड़े कर दिए कितने? पांच। हम, सर, पांच। यस सर, यस। सुनो मेरी बात ध्यान से। ये कंपनी के पांच टुकड़े हो गए। सर, 1, 2, 3, 4, एक और, एक और, एक और। यस सर, हो गए पांच टुकड़े। टुकड़े। हां, तो मुझे एक बात बताओ, सर, मेरे को कितने टुकड़े मिलेंगे? क्योंकि मैंने ₹200 दिए हैं, तो मुझे मिलेंगे बेटा दो टुकड़े। दो यूनिट्स मिलेंगे। हां जी, दो यूनिट्स। मैं पिज़्ज़ा की दो स्लाइस खाऊंगा। हां, क्योंकि मैंने पैसा ज्यादा दिया। सिमिलरली, कंपनी के साथ है। अच्छा, कि भाई, कंपनी ने क्या करा? अपने ओनरशिप के छोटे-छोटे, छोटे-छोटे, छोटे-छोटे टुकड़े कर दिए। और उन यूनिट्स को हमने क्या बोला? उन यूनिट्स को हमने बोला, सर, क्या? हमने उन यूनिट्स को बोला, शेयर्स। जैसे, जैसे कंपनी ने डिसाइड करा, कंपनी बोल रही है कि मैं डिसाइड कर रही हूं कि मैक्सिमम मेरे ओनरशिप के, मैक्सिमम मेरी ओनरशिप के हो सकते हैं 1 लाख टुकड़े। 1 लाख यूनिट्स। हां जी, मेरी ओनरशिप 1 लाख यूनिट्स में डिस्ट्रीब्यूटर है। हां, मैक्सिमम। लेकिन अभी तक आपने सर, कितने शेयर इशू करे हैं? सिर्फ 10,000। तो अभी तक आपके कंपनी की जो ओनरशिप है, सर, अभी तक आपके कंपनी की जो ओनरशिप है, वो 10,000 शेयर्स में, 10,000 यूनिट्स में डिस्ट्रीब्यूटर है। अब 10,000 में से जिसके पास ज्यादा शेयर्स हैं, उसकी ज्यादा ओनरशिप है। जिसके पास कम शेयर्स हैं, उसकी कम ओनरशिप है। एब्सोल्यूट, यस। हां जी, सर, एब्सोल्यूट, यस। हां या ना? बात तो सही है। हां जी, बात तो सही है। तो अभी कंपनी में आपने कितना पैसा इन्वेस्ट कर रखा है? ₹1 लाख। अभी जो आप कंपनी में बिजनेस चला रहे हो, वो कितने पैसों से चला रहे हो? सर, ₹1 लाख से चला रहे हो। हां जी, बिल्कुल सही। क्योंकि अभी ओनर्स ने कितना पैसा इन्वेस्ट किया? ₹1 लाख। हम, लेकिन कंपनी मैक्सिमम कितना पैसा अपने ओनर से ले सकती है? सर, ₹10 लाख। मैक्सिमम। अरे, जब मुझे जरूरत होगी, तब मैं ले लूंगी। हां, मेरे को अभी बिजनेस स्टार्ट करना है, तो बिजनेस स्टार्ट करने के लिए ₹1 लाख बहुत है। हां जी, ₹1 लाख बहुत है। इसलिए आपने क्या करा है? अभी सिर्फ 10,000 शेयर्स को इशू करा है। जब आपको फ्यूचर में पैसों की रिक्वायरमेंट होगी, तो आप और शेयर्स इशू कर दोगे, और शेयर इशू कर दोगे, और आपको और पैसा मिलता जाएगा, और पैसा मिलता जाएगा। क्या आपको बात समझ में आई कि शेयर का मतलब यहां पे क्या है? कि सर, शेयर का मतलब क्या होता है? बहुत सारे बच्चों को शेयर का मतलब समझ में नहीं आता। ओनर होने का फायदा क्या है? बेटा, ओनर होने का फायदा ये है कि देखो, मैं अगर ओनर हूं, हम, सुनो मेरी बात ध्यान से। सर, मैं ओनर हूं। ओनर का मतलब क्या है कि मेरे पास कंपनी के शेयर्स हैं। मेरे पास कंपनी के शेयर्स हैं। ओके, ओके, ओके। लेता हूं मैं आपके डाउट्स। सुनो मेरी बात ध्यान से। सर, मैं कौन हूं? ओनर हूं। अच्छा, अब मैंने क्या किए? मैंने कंपनी में पैसे इन्वेस्ट करे हैं। अब बेशक वो पैसे कम इन्वेस्ट करे हों या फिर वो पैसे ज्यादा इन्वेस्ट कर रहे हों, ओनर तो मैं हूं। शेयर होल्डर, शेयर्स का होल्डर, शेयर होल्डर। हां जी। अब कंपनी क्या कर देगी? कंपनी पूरे साल बिजनेस करेगी। अगर कंपनी पूरे साल बिजनेस करेगी, तो प्रॉफिट भी तो कमाएगी? हां जी। अब प्रॉफिट अगर कमाएगी, सर, प्रॉफिट कमाएगी, तो क्या होगा? भाई, प्रॉफिट किसमें बांटोगे? ओनर्स में और किसमें? हां जी, तो भाई, वो प्रॉफिट सब में बटेगा। सब में बटेगा। ओनर्स में बटेगा। और ओनर्स में जब प्रॉफिट डिस्ट्रीब्यूट होता है, उसको हम क्या बोलते हैं, बेटा? डिविडेंड बोलते हैं। क्या बोलते हैं? डिविडेंड। हां, जिसके पास ज्यादा शेयर्स होंगे, उसको ज्यादा डिविडेंड मिलेगा। डिविडेंड का मतलब है प्रॉफिट का पार्ट, प्रॉफिट का एक तरीके से पार्ट। दैट इज डिविडेंड। हां जी, ज्यादा शेयर, ज्यादा डिविडेंड, कम शेयर, कम डिविडेंड। तो मुझे डिविडेंड मिलता है? हां जी, डिविडेंड मिलता है। यस और नो? एक टाइम के बाद मुझे अपने पैसे भी वापस मिल जाएंगे। हां जी, मिल जाएंगे। तो कंपनी बहुत ज्यादा प्रॉफिट कमाएगी, तो मेरे को बहुत ज्यादा डिविडेंड मिलेगा। कम कमाएगी, तो कम मिलेगा। तो ये होता है आपके शेयर परचेस करने का फायदा। हां जी, बिल्कुल सही बात है। सर, कंपनी स्टार्ट जो करेगा, सर, वह अपना पर्सनल पैसा तो लगाया होगा? बेटा, कंपनी स्टार्ट करने के लिए पैसा लगाया ना, कितना लाख? प्रमोटर्स ने, जो कंपनी स्टार्ट करी, फाउंडर्स ने कंपनी स्टार्ट करी, तो कंपनी स्टार्ट करने के लिए कितना पैसा लगाया? ₹1 लाख। और ₹1 लाख लगाने के बाद उनको कंपनी के कितने शेयर्स मिले? 10,000। बस इतनी सी बात है। हां जी, इतनी सी बात है। हां, एवरी बडी, क्या आपको बात समझ में आ गई? जल्दी से मुझे बोलो। सर, अगर अगर इटी शेयर होल्डर है, पर उसके पास कम शेयर है, तो वो डिसीजन मेकिंग में कंट्रीब्यूट नहीं कर सकता? वो तो है ही, बेटा। डिसीजन मेकिंग में मैं आऊंगा, बाद में आऊंगा, टेंशन मत लो। सर, टेंशन नहीं लेने का। तनिष्का, थैंक यू सो मच। हां जी, एवरी बडी, बात क्लियर है? हां जी, बात क्लियर है? तो ये मैंने आपको शेयर्स का मतलब समझाया। हम, सर, किसका मतलब समझाया? शेयर्स का। यस सर, यस। ठीक है। तो कंपनी मैंने क्या बोला, सर, इसको समराइज कर दो? मैं समराइज कर देता हूं फटाफट से। देखो, मैं इसको सराइज कर देता हूं। मैंने बोला कि देखो, आपने क्या करा है, सर, कंपनी बनाई। कंपनी कैसे बनती है? कंपनी बनाने के लिए सर, आपको क्या करना पड़ता है? कुछ प्रोसीजर फॉलो करना पड़ता है। हां, और वो प्रोसीजर कहां में लिखा हुआ है? लॉ में। हम, कंपनी फॉर्म कैसे होती है? सर, कंपनी फॉर्म होती है लॉ से। क्योंकि लॉ में लिखा हुआ है। कौन से लॉ में लिखा हुआ है? सर, कंपनी के लिए एक एक्ट बनाया गया। कंपनी के लिए एक एक्ट बनाया गया है। ये तो आपको पता होगा, जिसको हम क्या बोलते हैं? कंपनीज एक्ट 2013। सर, क्या होता है? कंपनीज एक्ट 2013। एब्सोल्यूट, यस। इसमें बहुत सारे प्रोसीजर्स लिखे हुए हैं। हां जी, सर, बिल्कुल, बिल्कुल लिखे हुए हैं। राइट, कि आपको कंपनी फॉर्म करने के लिए क्या-क्या करना पड़ेगा। तो कंपनी का जो जन्म है, वो कैसे होता है? सर, कंपनी का जन्म होता है लॉ से। हम, लॉ से होता है। एब्सोल्यूट, लॉ से होता है। अब सुनो मेरी बात ध्यान से। कंपनी फॉर्म हो चुकी है। हां जी, कंपनी फॉर्म हो चुकी है। अब कंपनी चलाने के लिए आपको चाहिए होते हैं पैसे। सर, कैपिटल। यस सर, कैपिटल। हम, तो आपको जो कैपिटल देगा, जो भी आपको कैपिटल देता है, यस सर, उसको हम क्या बोलते हैं? उसको हम बोलते हैं शेयर होल्डर। सर, क्या बोलते हैं? उसको हम बोलते हैं बेटा शेयर होल्डर। एब्सोल्यूट, शेयर होल्डर। अच्छा, अब शेयर होल्डर क्या होता है? शेयर होल्डर कंपनी को पैसे देगा। यस सर, बिल्कुल देगा। हां जी, और कंपनी उसको बदले में क्या देती है? सर, कंपनी उसको बदले में देती है शेयर्स। क्या देती है? शेयर्स। और शेयर्स को डिफाइन किस तरीके से करूंगा मैं? शेयर्स का मतलब है यूनिट ऑफ ओनरशिप। हम, कि आपको कंपनी का एक मालिकाना हक मिल गया है, कंपनी की ओनरशिप मिल गई है। हां जी, ज्यादा पैसा लगाओगे, ज्यादा पैसे इन्वेस्ट करोगे, तो सर, उसको क्या बोलेंगे? उसको हम बोलेंगे शेयर होल्डर। उसको हम बोलेंगे ज्यादा बड़ा ओनर है। सर, इसकी ओनरशिप ज्यादा है। हां जी, बिल्कुल सही बात है। इसकी कंपनी में ज्यादा चलेगी। बिल्कुल सही बात है। यस और नो? राइट एवरी बडी? कम पैसे लगाओगे, तो पैसे आपको डिविडेंड भी कम मिलेगा। आपको कंपनी और क्या देती है? आपको कंपनी शेयर देगी और उसके बाद कंपनी आपको डिविडेंड भी देगी। हां जी, सर, डिविडेंड भी देगी। बात तो सही है। हां जी, बात तो सही है। आपको शेयर्स मिल गए? हां जी, आपको शेयर्स मिल गए। आई होप यहां पे आपको शेयर्स का मतलब समझ में आ गया होगा। हां जी, हां जी, आ गया होगा। राइट एवरीबॉडी? हां जी, डिसीजन डायरेक्ट के ऊपर डिपेंड करता है। बेटा, सारे डिसीजन डायरेक्टर्स नहीं ले सकते। हां जी। अब सुन लो मेरी बात ध्यान से। इतनी बात क्लियर है? हां जी, इतनी बात क्लियर है? राइट एवरीवन? हम, ठीक है, ठीक है। इतनी बात हमको समझ में आ गई, सर। हां जी, इतनी बात हमको समझ में आ गई। तो मैंने यहां पे एक टर्म यूज किया था, जिसका नाम था क्या? ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल। सर, मैंने टर्म यूज किया क्या? ऑथराइज्ड। हां जी, शेयर कैपिटल। ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल। बिल्कुल, बिल्कुल, बिल्कुल। ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल का मतलब क्या था? मैक्सिमम शेयर कैपिटल। कि ये मैक्सिमम शेयर कैपिटल है, जो कंपनी, हां जी, मंगवा सकती है। सर, जो कंपनी में इन्वेस्ट हो सकता है। दिस इज द मैक्सिमम नंबर ऑफ शेयर्स, जो कंपनी इशू कर सकती है। क्या सर? मैक्सिमम नंबर ऑफ शेयर्स, जो कंपनी क्या कर सकती है? इशू कर सकती है। पहली बात तो ये। ऑथराइज्ड का मतलब क्या है? मैक्सिमम नंबर ऑफ शेयर्स। तो यहां मैं लिख देता हूं कि भाई, ये आपका होता है मैक्सिमम नंबर ऑफ शेयर्स। इसके मैं नोट्स आपके साथ शेयर कर दूंगा। ठीक है? मैक्सिमम नंबर ऑफ शेयर्स। हां जी, बिल्कुल सही बात है। हम, क्लियर हो गई ये बात? यस सर, मैक्सिमम नंबर ऑफ शेयर्स। अब आपने मान लो चूज किया, क्या? कि भाई, मैं मैक्सिमम नंबर ऑफ शेयर्स, मतलब अपने कंपनी की ओनरशिप के टुकड़े कितना करना चाहती हूं। हम, यस और नो? कितना करना चाहती हूं? भाई, आपने बोला कि मैं अपने पूरे लाइफ टाइम में, जब तक मैं कंपनी हूं, मैं 10 लाख शेयर्स इशू करूंगी। क्या करूंगी? 10 लाख शेयर्स। अच्छा, और उसकी फेस वैल्यू जो ओनर डिसाइड कर सकते हैं, सर, उसकी फेस वैल्यू कितनी है? सर, फेस वैल्यू है, लेट्स से, ₹10। ओके। तो ₹10 का मतलब क्या हो गया? कि अगर आपको कंपनी का एक शेयर चाहिए, तो आपको कंपनी को ₹10 देने पड़ेंगे। हां सर, हां, ₹10 देने पड़ेंगे। ये मैक्सिमम है। अच्छा, लेकिन ऐसा तो नहीं है ना कि कंपनी एक ही बारी में सारा पैसा मंगवा लेगी? नहीं। तो कंपनी क्या करती है? कंपनी अभी थोड़े-थोड़े पैसे मंगवा है। मतलब ओनर से थोड़े-थोड़े पैसे मंगवाएगी। यस सर, यस। ओनर्स धीरे-धीरे पैसा इन्वेस्ट करेंगे। हां जी, उसको हम क्या बोलते हैं, सर? उसको बोलते हैं इशूड शेयर कैपिटल। अच्छा, इशूड शेयर कैपिटल। यस सर, इशूड शेयर कैपिटल। इशूड शेयर कैपिटल का मतलब क्या है? कि हां, कंपनी अपने ओनरशिप के 10 लाख टुकड़े कर सकती है। हम, लेकिन अभी तक कितने करे हैं? अभी तक उसने कितने शेयर्स इशू करे हैं? जो हमारी कहानी में कितने थे? हमारी कहानी में थे 10,000। कि भाई, आपने पिंकू को 2000 शेयर दिए, आपने जस्सी को 5000 शेयर दिए और आपने तान्या को कितने दिए? सर, तान्या को 3000 शेयर दिए। एब्सोल्यूटली यस। हां या ना? बिल्कुल सही बात है। यस सर, बिल्कुल, बिल्कुल सही बात है। तो ये आपका क्या हो गया? कि कंपनी ने शेयर इशू कितना करा है। हम, सर, वो बेसिकली आपसे कितने पैसे मांग रही है। हां जी, तो कंपनी को अभी कितने पैसे चाहिए? आपको ऑफर कितना किया? वो होता है हमारा इशूड शेयर कैपिटल। क्या होता है सर? इशूड शेयर कैपिटल। बिल्कुल सही बात है। तो आपने इशू करे मान लो कितने? 1 लाख शेयर्स। 1 लाख शेयर्स। एब्सोल्यूट, 1 लाख शेयर आपने इशू कर दिए। हां जी, 1 लाख शेयर इशू कर दिए और सामने वाले लोगों ने आपको ₹1 लाख दे दिए। हां जी, 1 लाख के हिसाब से आपको ₹10 दे दिए। ये होता है इशूड शेयर कैपिटल। इसको मैं और भी डिटेल में समझाऊं, टेंशन नहीं लेने का। अच्छा, राइट एव, टेंशन नहीं लेने का, बेटा। कंपनी अकाउंट्स इतनी डिटेल में पढ़ेंगे कि आपको मजा आ जाएगा। बात समझ में आ गई? हेलो एवरीबॉडी, क्लियर एवरीबॉडी? यस सर, यस। अब सुनो मेरी बात ध्यान से। हम, आई होप आपको शेयर समझ में आ गया होगा। आई होप आपको फेस वैल्यू समझ में आ गई होगी। और आई होप आपको समझ में आ गया होगा, क्या सर? कंपनी क्या होती है। क्लियर है? अरे, जसमीत, कंपनी के पास पैसा नहीं होता, बेटा। कंपनी में पैसा कौन देगा? ओनर ही देंगे। अपने आप से पैसे कहां से उगेंगे उसके पास? सर, क्या कंपनी के पास बरसात होती है पैसों की अपने आप? नहीं। अगर आपको कोई बिजनेस चालू करना है, तो कंपनी क्या है, सर? कंपनी बेसिकली क्या है? कंपनी है एक बिजनेस फॉर्म। हां, जैसे पार्टनरशिप है, जैसे आपका सोल प्रोप्राइटरशिप है। बिल्कुल सही। अरे, किसी भी बिजनेस को चलाने के लिए।

पैसा तो चाहिए ना मेरे को। पैसा कौन दे रहा है? ओनर दे रहे हैं। बिल्कुल सही। तो पहले तो ओनर पैसा इन्वेस्ट करेंगे। हां सर, हां, बिल्कुल, बिल्कुल। ओनर इन्वेस्ट करेंगे। बात समझ में आ गई? यस सर, यस।

ठीक है। ज्ञान बेटा, अगर आपको फास्ट पढ़ना है, हां, तो फिर मैं फास्ट तो नहीं पढ़ा सकता हूं। ठीक है? आप ये प्रीवियस ईयर की प्लेलिस्ट चेक कर सकते हो। मैं इसी स्पीड से पढ़ाता हूं और डिटेल में पढ़ाता हूं।

अब सुन लो ध्यान से। सर, शेयर कंपनी देती है प्रमोटर शेयर होल्डर्स को या प्रमोटर शेयर होल्डर्स को? बेटा, प्रमोटर्स का मतलब क्या होता है? अब यहां पे टर्म आया है ना, जो आप कहीं ना कहीं सुनकर आए हो। प्रमोटर्स का मतलब है वही आपके मालिक लोग, बोल सकते हो आप, जिन्होंने कंपनी स्टार्ट करी है। ठीक, ठीक है। वो भी आपके शेयर होल्डर्स ही हैं जिन्होंने स्टार्टिंग स्टार्टिंग में जैसे आपका पिंकू, जस्सी, तान्या। हां, तो इनको शेयर्स मिले हैं। हां जी, इनको शेयर्स मिले क्योंकि इन्होंने कंपनी को स्टार्ट करवाया, कंपनी का लीगल प्रोसीजर कंप्लीट करवाया। तो इनको कंपनी के शेयर्स मिल गए। इन्होंने कुछ पैसा इन्वेस्ट कर दिया। वो सब चीज होती है। वो सब चीजें बाद में पढ़ेंगे। प्रमोटर्स क्या होता है?

अच्छा, अब सुनो मेरी बात ध्यान से। यस सर। जो आपके शेयर्स होते हैं, सर क्या होते हैं? जो शेयर्स होते हैं, हां, हां, हां, जो भी आपके कंपनी के शेयर्स होते हैं, बेटा, उनको हमने दो अलग-अलग हेडिंग्स में क्लासिफाई किया हुआ है। क्या बात कर रहे हो? और क्या दो अलग-अलग हेडिंग? हां जी, दो अलग-अलग टाइप के आपके शेयर्स होते हैं। एक होते हैं जिनको हम बोलते हैं इक्विटी शेयर्स। पूरा लिख देता हूं। हां जी, पूरा इक्विटी शेयर्स। ओके? यस और नो? और एक होते हैं प्रेफरेंस शेयर्स। अच्छा। हम एक क्या होते हैं सर? इक्विटी शेयर्स। राइट सर, राइट। और एक होते हैं आपके प्रेफरेंस शेयर्स। यस सर, प्रेफरेंस शेयर्स। अच्छा, ठीक है।

अब सुनो मेरी बात ध्यान से। इक्विटी कौन होते हैं और प्रेफरेंस कौन होते हैं? बहुत ही सिंपल है। इक्विटी का मतलब होता है जो बेसिकली आपके घर वाले लोग होते हैं। ठीक है? मैं हमेशा ये एग्जांपल देता हूं। इक्विटी का मतलब क्या होता है? घर वाले लोग। सर, मतलब? मतलब बेटा, दो शेयर्स हमारे हो, इक्विटी और प्रेफरेंस। प्रेफरेंस का मतलब क्या होता है? इनको हर चीजों में प्रेफरेंस मिलती है। जैसे कि, जैसे कंपनी जब अपना प्रॉफिट डिस्ट्रीब्यूट कर रही होगी, तो पहले इनको देगी। जब कंपनी पैसा लौटा रही होगी, तो पहले इनको देगी। उनको बोला प्रेफरेंस। और जो एंड का बच जाता है, उसको बोलते हैं इक्विटी। सर, जैसे, जैसे अगर मैं बात करता हूं किसकी? मैं बात करता हूं पहले डिविडेंड की। मैंने क्या बोला? डिविडेंड। हां जी, डिविडेंड। डिविडेंड की बात करते हैं। तो सुनो मेरी बात ध्यान से। हां जी। डिविडेंड का मतलब क्या था सर? कि कंपनी ने पैसा कमाया। कंपनी ने पैसा कमाया। अच्छा, ठीक है। और पैसा अपने शेयर होल्डर्स में डिस्ट्रीब्यूटर्स। सर, तो डिविडेंड जो है, सर, यह प्रेफरेंस शेयर होल्डर्स को मिलता है फिक्स रेट से। कौन कौन से रेट से? फिक्स रेट से। मतलब? मतलब सर, इनका डिविडेंड का रेट पहले से ही फिक्स होता है। हां जी, पहले से ही फिक्स होता है कि भाई सुनो। हां जी, हम आपको हर साल ₹10 का डिविडेंड देंगे। ₹10 का डिविडेंड देंगे। हां जी, इनका फिक्स होता है। लेकिन इनका फिक्स नहीं होता है। इक्विटी वालों का फिक्स नहीं होता है। ना रे ना। इक्विटी वालों का फिक्स नहीं होता है। अच्छा, ऐसा है क्या? हां जी, बिल्कुल, बिल्कुल। बेटा, आप याद करो अपने घर में आपके फंक्शन चल रहा है। अच्छा। तो पहले आप क्या करते हो? मेहमानों को कुछ खाना खिलाते हो, कोल्ड ड्रिंक वगैरह पिलाते हो। हां जी। एंड में जो बच जाता है, वह आपका होता है। बिल्कुल शेयर्स का जैसा ही है कि भाई पहले आपने क्या किया? मेहमानों को दिया। हम डिविडेंड। आपने इनको बांटा। हां जी, इनको बांटा। आपने इनको फिक्स रेट से क्या करा? फिक्स रेट से डिविडेंड दिया। बिल्कुल सही। और हमेशा पहले इनको मिलता है। बाद में इनकी बारी आती है। सर, पहले किसको मिलेगा? पहले मिलेगा प्रेफरेंस शेयर्स को। हां जी। और इक्विटी वालों को बाद में मिलेगा। हां जी, बिल्कुल सही। कि भाई मैंने प्रॉफिट कमाया, पहले प्रेफरेंस वालों को बांट देता हूं। अगर इन केस मेरे पास पैसा बच गया, तो मैं इक्विटी वालों को बांटूंगी। आप सोच रहे होंगे कि फिर इक्विटी शेयर्स हम क्यों परचेस करें? अभी रुक जाओ।

अच्छा, ये तो बात हो गई डिविडेंड की। हम उसके बाद बात आती है रीपेमेंट की। मतलब भाई, आपने जो शेयर होल्डर से पैसा लिया है, कभी ना कभी वापस तो करना पड़ेगा। यस सर, वापस तो करते ही है। बिल्कुल करते हैं। तो कंपनी जब पैसे वापस करती है, मान लो कंपनी बंद हो रही है। कंपनी वाइंडिंग अप हो रही है। यस सर, कंपनी बंद हो रही है। तो क्या होगा? सर, कंपनी बंद हो रही है, तो पैसे लुटाओगे ना? पैसे लिए थे आपने। जैसे पार्टनर्स जब पार्टनरशिप फर्म में कैपिटल डालते हैं, हां, तो उनको पैसे वापस मिलते हैं ना? हां जी, मिलते हैं। ऐसे ही यहां पे भी होता है। तो रीपेमेंट भी पहले प्रेफरेंस वालों का होगा। कि भाई, जो पैसा आपने उनसे लिया था, उनको वापस तो कर दो। हां जी। कंपनी बंद हो रही है। और उसके बाद इक्विटी वाले को। सर, ये तो इक्विटी वालों का बड़ा घाटा नहीं है? बिल्कुल घाटा है। राइट। लेकिन अब बात करते हैं कि इक्विटी शेयर्स में पावर क्यों है? हम सबसे पहले अगर डिविडेंड की बात करें। यस सर। अब मुझे एक बात बताओ। हां। प्रेफरेंस वालों का डिविडेंड क्या है? बेटा, फिक्स है। अच्छा। अब आपके घर में 2 लीटर की कोल्ड ड्रिंक आई। अच्छा। मेहमान कितने हैं? सिर्फ दो। सर, 2 लीटर की कोल्ड ड्रिंक आई, मेहमान कितने दो? हां जी, आपने उनको कोल्ड ड्रिंक पिलाई। अब आपके पास पूरी की पूरी आधी बोतल बच गई। आधी बोतल कूल्ड ड्रिंक आपकी। मजे ही मजे। हां या ना? मतलब क्या? मतलब ये कि जब कंपनी बहुत सारा पैसा कमाती है। अच्छा। तो उसमें से पहले प्रेफरेंस को दे दिया। राइट सर। अब जितना भी सारा पैसा बच गया, वो सब इक्विटी का। सर, लेकिन इक्विटी वालों को लॉस भी तो हो सकता है? बिल्कुल। कि भाई, पैसा कम कमाया, कम कमाया, प्रेफरेंस वालों को दिया, बचा ही नहीं, तो इक्विटी का। तो बेटा, इक्विटी में वाले में रिस्क ज्यादा है। क्या इक्विटी शेयर्स वालों में रिस्क है? हां जी, रिस्क है। कि ज्यादा प्रॉफिट होगा, तो आपके मजे हैं। कम प्रॉफिट होगा, तो आपके बिल्कुल भी मजे नहीं है। बात समझ में आ रही है? तो ये आपके इक्विटी वाले हैं। हां जी।

उसके बाद बेटा एक चीज होती है जिसको हम बोलते हैं वोटिंग राइट्स। सर, एक आपकी चीज होती है क्या? वोटिंग राइट्स। संजी, वोटिंग राइट्स। वोटिंग राइट्स का मतलब क्या होता है? वोटिंग राइट्स का मतलब होता है, ऐसे बहुत सारे कंपनी के डिसीजंस होते हैं, हम जो शेयर होल्डर से पूछ के लिए जाते हैं। क्या बात कर रहे हो? हां जी। अब वो कौन से डिसीजन होते हैं, उसपे हम नहीं जाएंगे। वो आप पढ़ोगे हायर स्टडीज में। हां जी, सर। क्या होता है कि कंपनी ने बहुत सारे डिसीजन लेने से पहले इक्विटी शेयर होल्डर्स से पूछना पड़ता है। प्रेफरेंस वालों से पूछने की कोई रिक्वायरमेंट नहीं है। ये हमारे घर वाले लोग थोड़ी हैं। हां, मेहमान हैं, आए हैं, चले जाएंगे। यस सर। इंपॉर्टेंट डिसीजन किससे लेते हैं? सर, इक्विटी वालों से। तो वोटिंग राइट्स आपकी इक्विटी वालों के पास होती है। कि भाई, अगर आपको कंपनी के डिसीजन लेने हैं, हां जी, बिल्कुल सही, तो वो किससे पूछेंगे? इक्विटी शेयर्स वाले से। हां, तो ये हमारा मेन दो डिफरेंस होते हैं। हां सर, ये मेन हमारे दो डिफरेंस होते हैं। राइट एवरी बडी? ठीक है। आई होप आपको बेसिक बेसिक डिफरेंस समझ में आया होगा। अच्छा, ठीक है।

उसके बाद एक चीज होती है क्या सर? उसके बाद एक चीज होती है। अब पब्लिक कंपनी। हम एक प्राइवेट कंपनी और एक पब्लिक कंपनी। मैं बहुत ज्यादा डिटेल में नहीं जाऊंगा, लेकिन जितना रिक्वायर्ड है, उतना मैं आपको यहां पे समझाऊंगा। बाकी जब मैं आपको थ्योरी कराऊंगा, तब समझाऊंगा। ठीक है, सर। लेकिन जो कांसेप्ट मुझे समझाना है, वो मैं आपको समझाता हूं। अब सुनो मेरी बात ध्यान से। सर, मैंने क्या बोला? एक होती है प्राइवेट लिमिटेड कंपनी। एक हो गई प्राइवेट कंपनी। ओके? और एक होती है पब्लिक कंपनी। अब दोनों में डिफरेंस क्या होता है? सर, मोटा-मोटा डिफरेंस क्या होता है? अच्छा, कि भाई प्राइवेट कंपनी बनाने के लिए आपको सिर्फ दो लोग चाहिए। दो लोग मिलकर प्राइवेट कंपनी बना सकते हैं। पब्लिक के लिए आपको सात लोग चाहिए। चलो, ये सब बात तो ठीक है। हां सर। प्राइवेट कंपनी का मतलब है कि आपने कंपनी बनाई। हम, आपने क्या करी? कंपनी बनाई। अच्छा। अब अगर कंपनी को पैसा चाहिए होगा, तो कहां से आएगा? सर, उनके प्राइवेट ग्रुप ऑफ इंडिविजुअल से आएगा। मतलब? मतलब मैंने कंपनी स्टार्ट करी और मुझे पैसा चाहिए, तो भाई मैं पैसा किससे लूंगा? जिनको मैं जानता होगा। उनको क्या बोलूंगा कि भाई, मेरे कंपनी में पैसा इन्वेस्ट कर लो। एवरी बडी? यस सो नो? अगर मैं और आप मिलकर क्या कर लेते हैं, सर, एक कंपनी बनाते हैं। अच्छा। अब भाई, कंपनी मेरे को बड़ी करनी है, बहुत बड़ी करनी है। ऑल राइट। तो मैं क्या करूंगा? सर, अगर मुझे पैसा चाहिए, तो मेरे पास क्या है? गिने-चुने लोग हैं। हम्म। क्या है? सर, गिने-चुने लोग हैं। हां जी, बिल्कुल सही। यस और नो? कि भाई, इसको बोलूंगा कि मेरी कंपनी बहुत बड़ी है, आजा मेरे कंपनी में पैसे इन्वेस्ट कर ले और मेरे कंपनी का ओनर बन जा। मतलब कंपनी के शेयर्स मैं आपको दे दूंगा। यस र नो? वो आपकी प्राइवेट कंपनी है। क्या है? प्राइवेट कंपनी। अगर कोई बच्चा शार्क टैंक देखता है, हां, तो शार्क टैंक में यही तो हो रहा था कि शार्क टैंक में क्या हो रहा था कि सर, लोग आ रहे थे। हां जी। और वो क्या बोल रहे थे कि हमारे कंपनी में पैसा लगाओ। हम और वो क्या बन जाएंगे? सर, शेयर होल्डर। कि भाई, ₹10 लाख, 2% के लिए। 2% क्या था? सर, वो 2% शेयर होल्डिंग। कंपनी की 2% शेयर होल्डिंग। यस सर, 2% शेयर होल्डिंग। उसके लिए पैसा मांग रहे थे। तो आप सर, किसी प्राइवेट लोगों के पास ही जा सकते हो पैसा मांगने के लिए। बिल्कुल सही। पैसा मांग मांगने के लिए। लेकिन पब्लिक कंपनी में क्या होता है? हमें जो ये चैप्टर पढ़ना है, वो पब्लिक कंपनी के पॉइंट ऑफ व्यू से पढ़ना है। सर, पब्लिक कंपनी का मतलब यह होता है कि आप पूरी जनता से पैसे मांग सकते हो। पूरी जनता में से कोई भी पब्लिक में से कोई भी आपकी कंपनी का शेयर होल्डर बन सकता है। उसको बोलते हैं पब्लिक कंपनी। ओ सर, जैसे कि, जैसे कि फॉर एग्जांपल, अगर कर सकता है और बदले में वही आपके कंपनी में इन्वेस्ट कर सकते हैं। हां जी, वही आपके कंपनी में इन्वेस्ट कर सकते हैं।

अब देखो ध्यान से। आप मतलब कंपनी पैसे मांगती कैसे है? सर, उनको ना एक डॉक्यूमेंट इशू करना होता है। क्या करना होता है? दोनों ही केस में। हां जी, एक डॉक्यूमेंट इशू करना होता है, जिसको हम बोलते हैं प्रोस्पेक्टस। क्या बोलते हैं? प्रोस्पेक्टस। हां जी, प्रोस्पेक्टस। प्रोस्पेक्टस का मतलब क्या होता है? सर, प्रोस्पेक्टस का मतलब होता है आपकी कंपनी का लेखाजोखा। कंपनी की एक तरीके से एडवर्टाइजमेंट। आप प्रोस्पेक्टस में लिखते हो। क्या लिखते हो? कि भाई, सुनो मेरी बात ध्यान से सुनो। हां जी। अरे सुनो, सुनो। हम मेरी कंपनी यह काम करती है। यस, राइट। आपने अपने कंपनी के बारे में बताया। ऑलरेडी आपके शेयर होल्डर्स कौन से हैं? हां जी। कंपनी कहां सिचुएटेड है? इस पैसों का करेगी क्या? बहुत सारी चीजें आपके किस-किस में लिखी होती है? आपकी लिखी होती है सर, किसमें? प्रोस्पेक्टस में। एब्सलूट? यस। बात समझ रहे हो आप? राइट। तो प्रोस्पेक्टस क्या है? प्रोस्पेक्टस है बेटा, एक पब्लिक को ऑफर। मैं पब्लिक को बोर्ड बोल रहा हूं कि पब्लिक, पब्लिक, आ जाओ, आ जाओ, मेरे कंपनी में शेयर होल्डर बन लो, मेरे कंपनी में शेयर होल्डर बन जाओ। यस सर, यस। तो पब्लिक क्या करेगी? अब यहां पे कोई भी पब्लिक। हम, सर, कोई भी पब्लिक आपके कंपनी के क्या कर सकती है? आपके कंपनी में इन्वेस्ट कर सकती है। वो आपको क्या करेगी? सर, वो आपको पैसे देगी। बिल्कुल सही बात है, सर। आपको पैसे देगी। यहां पे मैंने उसको क्या बोला? शेयर कैपिटल। शेयर कैपिटल। बिल्कुल सही। और बदले में आप उनको क्या दोगे? सर, कंपनी के शेयर्स। कंपनी के शेयर्स देंगे। हां जी, कंपनी के शेयर्स देंगे। तो यह फायदा होता है पब्लिक कंपनी का। सर, पब्लिक कंपनी का। हां जी, बिल्कुल सही। कि भाई, वह पब्लिक से बहुत ज्यादा पैसे ले सकती है। उसके पास काफी अच्छा खासा पैसा होता है बिजनेस को एक्सपेंड करने के लिए। हां, प्राइवेट कंपनी में उतनी अपॉर्चुनिटी नहीं होती है जितनी पब्लिक कंपनी में हो सकती है। बिल्कुल सही बात है। तो मुझे ये चैप्टर किसके पॉइंट ऑफ व्यू से पढ़ना है? सर, पब्लिक कंपनी। हां या ना? दीपिका, ऑथराइज शेयर कैपिटल सारी कंपनीज में होता है। सबके मेमोरेंडम में। हां जी, सबके मेमोरेंडम में। राइट। ये हमारा मेन डिफरेंस है। प्राइवेट अब जो बाकी डिफरेंस आपका होता है, क्या होता है कि प्राइवेट कंपनी में मिनिमम दो, पब्लिक कंपनी में सात डायरेक्टर, फेक्टर, ये सब चीजें ठीक है। हां, ये सब चीजें समझ में आती है। लेकिन प्रैक्टिकली जो मुझे क्वेश्चंस आपको करवाने होंगे, उसके लिए ये इंपॉर्टेंट था। हां जी, बिल्कुल सही। कि क्या हुआ? सर, पब्लिक कंपनी ने शेयर को इशू करा। हम्म। शेयर इशू करे। इशू करने का मतलब क्या है? कि भाई, तुम मेरे कंपनी में शेयर होल्डर बन जाओ। ऑफर दिया कि भाई, मेरे को पैसों की जरूरत है, मैं अपने कंपनी के शेयर्स इशू कर रहा हूं। हां, आ जाओ, आ जाओ, शेयर होल्डर बन जाओ। तो पब्लिक क्या करेगी? पब्लिक पैसे आपके पास कंपनी में ट्रांसफर करेगी और कंपनी उसको शेयर्स ट्रांसफर करेगी। तो वो क्या बन जाएंगे? सर, वो बन जाएंगे कंपनी के ओनर्स। हां जी, कंपनी के ओनर्स। उनके पास कंपनी की ओनरशिप आ जाएगी। लेकिन हम जैसे मैंने स्टार्टिंग में आपको कहा था, उनके पास आती है बेटा छोटी-छोटी ओनरशिप। यस और नो? अगर मैं Reliance का 1 शेयर, 100 शेयर, 5000 शेयर भी परचेज कर लूंगा, तो भी कुछ फर्क नहीं पड़ता। क्यों? क्योंकि बाकियों के के पास लाखों, लाखों, करोड़ों शेयर्स हैं। हां जी, यस और नो? तो जिनके पास सबसे ज्यादा शेयर होल्डिंग है, उनकी चलेगी। हां, हमारी थोड़ी चलेगी। बात समझ में आई? उनको सबसे ज्यादा डिविडेंड मिलेगा। मुझे तो कम मिलेगा क्योंकि मैंने पैसा कम इन्वेस्ट किया। यस सर, यस। पैसा कम इन्वेस्ट करोगे, ज्यादा डिविडेंड मिलेगा। यस और नो? वोटिंग राइट्स हम सबके पास है। सर, वोट हम सब डाल सकते हैं। हां जी, सब डाल सकते हैं। एवरी बडी, सुनो। मुझे बताओ बेटा, क्या आपको बेसिक बेसिक समझ में आ रहा है? अभी तक मैंने चैप्टर में कुछ खास शुरू नहीं किया, लेकिन मैं चाहता था कि पहले आपको थोड़ा सा बेस बिल्ड कर दूं। कंपनी क्या होती है, शेयर्स क्या होते हैं, प्राइवेट कंपनी, पब्लिक कंपनी, इक्विटी शेयर, प्रेफरेंस शेयर। मुझे बताओ, क्या मजा आईगी आपको? अरे बोलो ना, एवरी बडी, प्लीज, प्लीज बोलो। भाई देखो, क्वेश्चन तो मैं आपको करवा ही दूंगा यार। क्वेश्चन में तो क्या ही है? इजी चैप्टर है, थोड़ा लेंथी है, लेकिन आसान चैप्टर है। एंट्रीज पास करनी है। एंट्रीज हम पास कर लेंगे। सर, इनिशियली कंपनी स्टार्ट होती है, तब पब्लिक कैसे? दीपिका, स्टार्टिंग स्टार्टिंग में जब कंपनी स्टार्ट होती है, तो वो स्टार्ट प्राइवेट कंपनी से ही होती है, पब्लिक कंपनी से नहीं होती है। पहले प्राइवेट कंपनी बनेगी, फिर कंपनी थोड़ी बड़ी हो जाएगी, तो प्राइवेट कंपनी से फिर वो पब्लिक कंपनी बनती है। ठीक है? स्टार्टिंग स्टार्टिंग में एकदम से पब्लिक कंपनी नहीं बन जाती। राइट एवरीबॉडी? हां, मजा आ गए हो। बहुत ही बढ़िया, बहुत ही बढ़िया।

ठीक है, तो मैंने आपको ये समझा दिया कि कंपनी शेयर इशू कर रही है, इशू कर रही है, लोग उसको खरीद रहे हैं। अब इसकी एंट्री कैसे पास करनी होती है? सर, इस चैप्टर में मोटा-मोटा मुझे क्या पढ़ना है? कि ये आपके पब्लिक कंपनी है। क्या है? ये मेरी पब्लिक कंपनी है। यस सर, यस। ठीक है, ठीक है, ठीक है। अब पब्लिक कंपनी को पैसों की रिक्वायरमेंट है। अच्छा, ठीक है। अगर आपको याद हो, तो ऊपर वाली कंपनी में, हां जी सर, अभी तक हमने अपने शेयर होल्डर को सिर्फ 10,000 शेयर दिए थे। यस। अब क्या चाहती है कंपनी? अब चाहती है कि मैं और भी शेयर्स इशू करूं। हां जी, क्या करूं? और भी शेयर इशू करूं। यस सर, यस। तो कंपनी ने क्या करा? और शेयर्स इशू करें। इशूड। हां जी, और शेयर इशू करें। मान लो 20,000 शेयर्स। 20,000 इक्विटी शेयर्स। हां जी, इक्विटी शेयर्स। ओके? यस और नो? सर, 20,000 इक्विटी शेयर्स। हां जी, 20,000 इक्विटी शेयर्स। अच्छा। अब कितने का? मान लेते हैं अभी ₹10 का। यस। तो इसका मतलब सर, कंपनी को कितने पैसों की रिक्वायरमेंट है? कंपनी को चाहिए ₹2 लाख। यस। कंपनी चाहती है कि भाई, मेरे को 2 लाख की रिक्वायरमेंट है, पब्लिक मुझे दे दे। तो क्या करेंगी? सर, इसके लिए अब एक प्रोस्पेक्टस इशू होगा। प्रोस्पेक्टस का मतलब क्या हो गया? कि कंपनी पब्लिक को ऑफर दे रही है। क्या दे रही है? कि मेरे कंपनी में आप पैसे इन्वेस्ट करो। हम आपको शेयर शेयर होल्डिंग देंगे। हम आपको शेयर देंगे। हां जी, हम आपको शेयर देंगे। तो पब्लिक के पास ये ऑफर गया। पब्लिक के पास क्या गया? ऑफर गया। हां। अगर पब्लिक को कंपनी पसंद आती है, प्रोस्पेक्टस पढ़ा, प्रोस्पेक्टस में जो लिखा हुआ है, वो पसंद आया, रिसर्च करी, रिसर्च करके पसंद आई। हां, तो पब्लिक अपना पैसा क्या करती है? अपना पैसा इस कंपनी में इन्वेस्ट करती है। हम्म, हम्म। यस और नो? इन्वेस्ट करती है। हां जी, बिल्कुल। पैसा इन्वेस्ट किया। मतलब कंपनी के पास क्या आ गया? सर, कंपनी के पास शेयर कैपिटल आ गया। सर, क्या आ गया? शेयर कैपिटल। एब्सलूट। शेयर कैपिटल आ गया। बात तो सही है। हां जी, बात तो सही है। राइट। और पब्लिक कंपनी ने उनको क्या दे दिया? सर, उनको दे दिया शेयर्स। हां, अपने कंपनी के शेयर्स दे दिए। बिल्कुल सही बात है। यस और नो? तो यह जो पैसा इन्वेस्ट किया और शेयर दे दिए, इसी की अकाउंटिंग हमको करनी होती है। सर, किसमें? इस चैप्टर में। कि भाई, जब पब्लिक कंपनी को पैसा देगी, तो क्या वो एक अकाउंटिंग ट्रांजैक्शन है? क्या वो एक ट्रांजैक्शन है? यस सर, ट्रांजैक्शन है। बिल्कुल सही बात है। कि भाई, कंपनी के पास पैसा आ रहा है। हां। कंपनी जब उनको शेयर दे रही है, क्या वो एक ट्रांजैक्शन हो रही है? हां जी, एक ट्रांजैक्शन है। इ द बिजनेस ट्रांजैक्शन? फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन? उसकी हमें क्या करनी होती है? उसकी हमको अकाउंटिंग करनी होती है। एब्सलूट? यस। और वही हम इस चैप्टर में पढ़ने वाले हैं। कि भाई, जब पब्लिक पैसा देती है, पब्लिक जब कंपनी में इन्वेस्ट करती है, उस टाइम पे एंट्री क्या पास होगी? बिल्कुल सही बात है। यस और नो? फिर जब शेयर अलॉट होते हैं, शेयर पब्लिक के पास ट्रांसफर होते हैं, उस टाइम पे एंट्री क्या होती है? बिल्कुल सही। तो यह सब हम पढ़ेंगे इस चैप्टर में डिटेल में। एब्सलूट करेक्ट। राइट एवरीबॉडी? हां जी।

तो मैंने आज आपको कोई प्रैक्टिकल क्वेश्चंस नहीं कराए हैं, लेकिन आई होप जब मैं आपको क्वेश्चंस कराऊंगा, तो अब आप रिलेट कर पाओगे। है ना? ऐसा नहीं कि डायरेक्टली क्वेश्चन सॉल्व करना स्टार्ट कर दिया और चलो, चलो, चलो। नहीं, नहीं, नहीं। यस और नो? किसी को डाउट है, तो आप मुझे बता सकते हो। ठीक है? डेली हमारी लाइव क्लास होगी। हां जी। अगले तीन हफ्ते में यह चैप्टर डिटेल में आपको पढ़ाऊंगा। डेली। राइट सर। मंडे टू फ्राइडे तो होगी ही होगी। 7 PM हमारी क्लास होगी। ओके? राइट। नीचे आपको मिल जाएगा टेलीग्राम का लिंक। क्लास खत्म होने के बाद कमेंट सेक्शन में। अगर आपने टेलीग्राम ग्रुप ज्वाइन नहीं किया, तो कर लेना। वहां पर आपको सारी अपडेट्स मिलती रहती हैं। इन केस किसी को डाउट है, तो बता दो। ओके। कौन सा शेयर अच्छा होता है? बेटा, दोनों के अलग-अलग पॉइंट ऑफ व्यू हैं। इक्विटी शेयर में ज्यादा रिस्क होता है, प्रेफरेंस में रिस्क नहीं होता। तो ऐसे हम कुछ कर नहीं सकते। ठीक है? ओके। अनादि, बेटा, आपको कोई भी कोर्स परचेस करने की जरूरत नहीं है। यहीं पर आपकी रेगुलर क्लासेस चलती रहेंगी। टेंशन मत लो। टेलीग्राम ग्रुप आप ज्वाइन कर सकते हो। वहां पर आप मुझसे डाउट्स पूछ सकते हो। हां, एमसीक्यू की वीडियो क्यों नहीं लते? बेटा, एमसीक्यू की हमारी तैयारी शुरू होने वाली है। फ्रॉम दिस संडे। है ना? क्योंकि हमको बोर्ड्स में एमसीक्यू आएंगे, उसकी भी तैयारी करनी है और हमें क्या करना है? सीयूटी की तैयारी करनी है। तो अगेन, जैसे मैंने आपको बोला, टेलीग्राम ग्रुप ज्वाइन कर लो और वहां पर आपको अपडेट्स मिलती रहेंगी। हां जी, बिल्कुल, बिल्कुल मिलती रहेंगी। रा एवरी बडी? ओके। आई होप आपको आज की क्लास में मजा आई होगी। और अगर आई है, तो प्लीज मेक श्योर कि आप वीडियो को लाइक कर रहे हो। क्योंकि जितना लाइक करोगे, हां, ठीक है, उतना ज्यादा ये बच्चों तक पहुंचेगी। बट सबसे इंपॉर्टेंट चीज क्या है? सबसे इंपॉर्टेंट चीज है कि आपको शेयर करना है। जितना हो सके अपने दोस्तों के साथ शेयर करो। कमेंट करके बताओ कि आपको वीडियो कैसी लगी है। है ना? एक मिनट लगता है, लेकिन इंपॉर्टेंट है, बेटा। बाकी बच्चे भी आएंगे, तो मजा आएगा। हां जी। भूमि, अकाउंट क्या होता है? बेटा, ये मैं आपको सीयू की प्रिपरेशन के टाइम पे बताऊंगा। एस्क्रो अकाउंट होता है जब शेयर होल्डर आपको पैसे देते हैं। हम, लेकिन आपने अभी तक उनको शेयर दिए नहीं है, तो आपको पैसा सेपरेट अकाउंट में डालना होता है। आप उसको यूज नहीं कर सकते। तो वो मैं आपको बाद में समझा दूंगा। ठीक है? ऑल राइट। ओके, बाय एवरी बडी। बाय बाय। बाय बाय। बाय बाय। आई होप सारे के सारे बच्चे जो आज क्लास में थे, कल भी होंगे। हां जी, कल भी होंगे। चैप्टर को डिटेल में कवर करेंगे। आपके सारे डाउट्स मैं क्लियर करूंगा। और जो हमार लेंथी क्वेश्चंस होते हैं, 8-8 मार्क के क्वेश्चन, उसको बहुत सिंपलीफाइड तरीके से मैं आपको समझाने वाला हूं इस चैप्टर में। बाय बाय एवरी बडी। बाय बाय। थैंक यू सो मच। लिंक कहां है टेलीग्राम का? बेटा, आप प्रीवियस वीडियोस देख सकते हो। उसके कमेंट सेक्शन में होगा। नहीं तो 5 मिनट बाद मैं इस वीडियो के लिंक में, उस वीडियो के कमेंट सेक्शन में भी डाल दूंगा। ठीक है? हां जी। शेयर फॉर फीचर, बेटा, चैप्टर शुरू हुआ है। आज शेयर फॉर फीचर बहुत बाद में आएगा। मैं पढ़ाऊंगा आपको। अभी शेयर फॉर फीचर में पहुंच गया। चलो, ठीक है। बाय बाय एवरी बडी। बाय बाय। गुड नाइट।