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KOI GENIUS भी नहीं भाग पायेगा इस खतरनाक JAIL से ! | Film/Movie Explained in Hindi/Urdu |

The Cinema Summary12:49

Transcription

इस कहानी की शुरुआत में हम साइबेरिया की एक जेल को देखते हैं, जहां ढेर सारे जर्मन सैनिकों को रखा गया था। दरअसल, वर्ल्ड वॉर 2 के खत्म होने के बाद रशिया ने बहुत से जर्मन सैनिकों को बंदी बना लिया और उनसे लेड की खदान में काम करवाने लगे। हालांकि इस जेल की सिक्योरिटी काफी कम थी, लेकिन इसके बावजूद भी कोई इस जेल से भागने की कोशिश नहीं करता था। क्योंकि इस जेल के चारों तरफ केवल बर्फ ही बर्फ थी, और यह जेल किसी भी इंसानी बस्ती से 14000 किमी दूर थी। इसलिए अगर कोई कैदी इस जेल से भाग भी गया, तो साइबेरिया की जमा देने वाली ठंड में उसकी मौत होनी पक्की है।

हालांकि इन कैदियों में एक कैदी ऐसा भी था, जो इस जेल से भागकर अपनी वाइफ और बेटी के पास जाना चाहता था। इस कैदी का नाम क्लेम फरेल था, जिसे इस जेल में पूरे 25 सालों की सजा काटनी थी। पर क्लेम किसी भी हाल में इस जेल से भागना चाहता था, क्योंकि वह अपनी सारी जिंदगी एक कैदी बनकर नहीं गुजार सकता था। अब एक दिन क्लेम को भागने का मौका मिल गया, और वह एक कोयला ले जाने वाली मालगाड़ी में बैठकर इस जेल से भाग निकला। अब जेल के बाहर जब उसने खुले आसमान में तारों को देखा, तो वह खुशी के मारे झूम उठा।

हालांकि थोड़ी दूर चलने के बाद इस मालगाड़ी को रोक दिया गया, और जब क्लेम ने बाहर झांक कर देखा, तो एक रशियन सैनिक बंदूक ताने उसके सामने खड़ा था। अब यहां क्लेम पकड़ा गया, और जेल से भागने के जुर्म में उसे एक ओपन एयर सेल में बंद कर दिया गया। अब पूरे दो दिन बाद इस जेल का वॉर्डन उसके पास गया और उसे सेल से बाहर निकाल कर बोला कि तुम्हारे साथी बेसब्र से तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं।

अब पूरे दो दिन बाद जब क्लेम अपने साथियों से मिला, तो उसके साथी लाठी-डंडे लेकर उसका इंतजार कर रहे थे। क्योंकि क्लेम के भागने के चलते इन्हें पिछले दो दिनों से भूखा रखा गया था। अब क्लेम को देखते ही बाकी कैदियों ने उस पर हमला कर दिया और उसे बहुत ही बुरी तरह से मारा। अब इस धुनाई के चलते क्लेम इतना घायल हो गया कि उसे जेल के हॉस्पिटल में एडमिट करना पड़ा। अब इस जेल का डॉक्टर भी एक जर्मन कैदी था, और वह क्लेम की बहादुरी को देखकर काफी हैरान हुआ।

यहां क्लेम ने डॉक्टर से बोला कि मैं एक बार फिर इस जेल से भागना चाहता हूं, और मुझे इस काम में आपकी मदद चाहिए। अब डॉक्टर ने उसे समझाया कि इस जेल से जिंदा भाग पाना इम्पॉसिबल है, और अगर तुम यहां से भाग भी गए तो बाहर की जमा देने वाली ठंड में मारे जाओगे। लेकिन सच्चाई तो यह है कि अगर तुम यहां से नहीं भागे तो भी तुम्हारी मौत तो पक्की है, क्योंकि तुम जिन खदानों में काम करते हो वहां लेड की मात्रा काफी ज्यादा है, जो हवा के जरिए तुम्हारी बॉडी के अंदर जाता है और इससे कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियां होती हैं। इसलिए डॉक्टर ने उसे सलाह दी कि तुम्हें एक आखिरी बार इस जेल से भागने की कोशिश करनी चाहिए।

इसके बाद डॉक्टर ने अपने सारे गर्म कपड़े और जूते निकाल कर क्लेम को दे दिए और उसे बताया कि रशियन सैनिक अपना खाना रेलवे लाइंस पर छुपा कर रखते हैं। इसके साथ ही उसने क्लेम को एक बंदूक भी दी ताकि वह अपनी रक्षा कर सके। दरअसल, डॉक्टर ने यह सारा सामान इसलिए इकट्ठा किया था क्योंकि वह खुद भी इस जेल से भागना चाहता था, पर एक हफ्ते पहले उसे पता चला कि वह कैंसर से पीड़ित है और उसके पास एक महीने से ज्यादा का समय नहीं है। अब यहां उसने क्लेम को एक लंच बॉक्स दिया और उससे कहा कि अगर तुम जिंदा बच गए तो मेरी फैमिली तक यह लंच बॉक्स पहुंचा देना और उनसे कहना कि अब मैं इस दुनिया में नहीं हूं।

अब रात के अंधेरे में क्लेम एक बार फिर से भाग निकला, और इस बार मालगाड़ी में बैठने की बजाय उसने पैदल चलने का फैसला किया। अब जब अगली सुबह वॉर्डन को यह पता चला कि क्लेम जेल से भाग चुका है, तो वह डॉक्टर से पूछताछ करने उसके कमरे में पहुंचा, लेकिन उसके आने से पहले ही डॉक्टर ने अपनी जान ले ली थी। इसके बाद वॉर्डन ने बहुत से रशियन सैनिकों को क्लेम की तलाश में भेजा, पर कई दिनों तक ढूंढने के बाद भी उन्हें क्लेम का कुछ पता नहीं चला। अब सभी को यह लग रहा था कि क्लेम इस ठंड में जमकर मर चुका होगा, पर वॉर्डन यह जानता था कि क्लेम बहुत ही स्ट्रांग है और वह इतनी आसानी से हार नहीं मानेगा, और इसलिए उसने इस सर्च ऑपरेशन को कंटिन्यू करने का ऑर्डर दिया।

वहीं दूसरी ओर हम क्लेम को देखते हैं, जो पूरे जोश के साथ बर्फीले तूफान को पार करते हुए आगे बढ़ रहा था। अब जेल से भागने के नौ दिन बाद उसे अचानक से कुत्तों के भोकने की आवाज सुनाई दी, और जैसे ही वह पीछे मुड़ा तो उसने एक स्लेज को अपनी तरफ आते हुए देखा। अब इससे पहले कि वह भाग पाता, वह स्लेज उस तक पहुंच गया और उसे कुछलता हुआ आगे निकल गया। तभी क्लेम की नींद खुली और उसे एहसास हुआ कि वह तो सिर्फ एक सपना देख रहा था। दरअसल, क्लेम पिछले नौ दिनों से पैदल चल रहा था और अब उसका खाना भी खत्म हो चुका था, और भूख और थकान के चलते उसका आगे बढ़ पाना मुश्किल हो रहा था। लेकिन इसके बावजूद भी क्लेम ने हार नहीं मानी और जैसे-तैसे करके आगे बढ़ता रहा।

अब कुछ दिनों तक चलने के बाद क्लेम की बॉडी ने भी जवाब दे दिया और वह भूख के मारे बेहोश हो गया। अब कुछ घंटों बाद जब उसे होश आया, तो उसने अपने आसपास एक अजीब सी आवाज सुनी। तभी उसने एक सील को देखा, और यह देखते ही उसकी आंखें चमक उठीं। अब उसने फौरन अपनी बंदूक निकाली और पूरी ताकत के साथ उस सील पर निशाना लगाने लगा, पर उसका यह निशाना चूक गया और वह सील वहां से भागने लगी। अब क्लेम भी फटाफट से उसके पीछे भागा, लेकिन अभी वह गोली चलाता उससे पहले वह सील एक चट्टान के पीछे चली गई। अब इससे पहले कि वह सील पानी में जाती, क्लेम ने अपनी आखिरी गोली चलाई और लकीली इस बार सील को वह गोली लग गई। अब यह देखकर क्लेम खुशी के मारे झूम उठा, क्योंकि अब उसे बाकी के सफर में खाने की चिंता तो नहीं करनी पड़ेगी।

अब आज कई दिनों बाद क्लेम ने भर पेट खाना खाया, और थोड़ा आराम करने के बाद अपने इस सफर को कंटिन्यू किया। अब इतने लंबे सफर में क्लेम बिल्कुल अकेला था, और उसके चारों तरफ बर्फ के अलावा और कुछ नहीं था। अब इस माहौल में उसकी दिमागी हालत खराब हो सकती थी, इसलिए वह लगातार खुद से बातें करता और पॉजिटिव चीजें बोलकर खुद को आगे बढ़ने के लिए मोटिवेट करता। इसके साथ ही वह बीच-बीच में कंपस के जरिए अपनी दिशा देखता ताकि वह इस बर्फीले मैदान में कहीं भटक ना जाए। अब ऐसे ही दिन झरते गए, और दो महीनों तक लगातार चलने के बाद क्लेम को इस बर्फीले मैदान में एक छोटा सा पेड़ दिखाई दिया।

अब इस पेड़ को देखकर क्लेम खुशी के मारे झूम उठा और भागकर इस पेड़ को गले से लगा लिया। दरअसल, यह पेड़ इस बात का संकेत है कि लगातार दो महीनों तक चलने के बाद क्लेम आर्कटिक सर्कल से बाहर आ चुका है। वहीं दूसरी ओर हम वॉर्डन को देखते हैं, जो अब भी क्लेम की तलाश में था, और उसने अपनी सर्च पार्टी को यह ऑर्डर दिया कि वह 500 किमी के रेडियस में क्लेम की तलाश करें। वहीं दूसरी ओर क्लेम एक जंगल से होता हुआ आगे बढ़ रहा था कि तभी वहां पर एक बर्फीला तूफान आ गया। अब यह तूफान इतना तेज था कि बहुत से बड़े-बड़े पेड़ भी जमीन से उखड़ कर नीचे गिरने लगे। अब जैसे ही क्लेम ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो एक बड़ा सा पेड़ सीधा उसके ऊपर आ गिरा।

हालांकि क्लेम की किस्मत अच्छी थी क्योंकि सैम जॉन और मैटन नाम के दो आदमी, जो जंगल में सोने की तलाश कर रहे थे, उन्होंने क्लेम को देख लिया और समय रहते उसकी जान बचा ली। इसके बाद ये तीनों एक साथ आगे बढ़े और कई दिनों तक चलने के बाद उस बर्फीले मैदान से बाहर आ गए। अब इन्हें रास्ते में एक नदी मिली, और इस नदी को पार करने के लिए इन तीनों ने लकड़ी की एक नाव बनाई। अब नदी पार करते वक्त ये तीनों आपस में बातें करने लगे और एक-दूसरे को अपने बचपन के किस्से बताने लगे। लेकिन इसी बीच नदी का बहाव काफी तेज हो गया और इनकी यह छोटी सी नाव आउट ऑफ कंट्रोल होने लगी। अब इसी बीच सैम जॉन का बैलेंस बिगड़ गया और वह सीधा पानी में जा गिरा। अब चूंकि सैम जॉन को तैरना नहीं आता था, इसलिए वह नदी में डूबने लगा। अब यह देखकर क्लेम ने पानी में छलांग लगा दी और जैसे-तैसे करके सैम जॉन को किनारे तक ले आया। वहीं दूसरी ओर मैटन ने इन दोनों को मरने के लिए छोड़ दिया और राफ्ट लेकर अकेला आगे बढ़ गया।

अब थोड़ी देर बाद मैटन एक झोपड़ी तक पहुंचा, जहां वह सैम जॉन के साथ रुका हुआ था। अब यहां उसके मन में लालच आ गया और उसने सैम जॉन को मरा हुआ मानकर उसके हिस्से का सोना और उसकी बाकी चीजें चुरा ली। लेकिन थोड़ी ही देर बाद क्लेम और सैम जॉन भी उस झोपड़ी तक आ पहुंचे। अब मैटन के इस धोखे से सैम जॉन को काफी गुस्सा आया और उसने गोली मारकर उसकी जान ले ली। इसके बाद क्लेम और सैम जॉन ने अपना-अपना सामान बांधा और अपने इस सफर को कंटिन्यू किया। ये दोनों कई महीनों तक ऐसे ही चलते रहे, सिर्फ इस उम्मीद में कि इन्हें कोई इंसानी बस्ती मिल जाए।

अब एक बार फिर सर्दियों का मौसम आ गया, और आसपास के हर हरे-भरे जंगल बर्फ की सफेद चादर में ढक गए। अब चूंकि सैम जॉन का सामान काफी भारी था, इसलिए उसे बर्फ में चलने में थोड़ी प्रॉब्लम हो रही थी। अब यह देखकर क्लेम ने उसका बोझ कम करने की कोशिश की और उससे बोला कि तुम थोड़ी देर के लिए अपना सामान मुझे दे दो। अब यहां सैम जॉन को लगा कि शायद क्लेम भी उसका सोना चुराना चाहता है, इसलिए उसने क्लेम पर हमला करके उसे बेहोश कर दिया। अब थोड़ी देर बाद जब क्लेम को होश आया, तो उसने भेड़ियों के एक झुंड को अपनी तरफ आते हुए देखा। अब अपनी जान बचाने के लिए वह एक पेड़ के ऊपर चढ़ गया, पर यह खूंखार भेड़िए उसका पैर पकड़कर उसे नीचे खींचने लगे। अब चूंकि वह पेड़ काफी पतला था, इसलिए वह बीच से टूटकर नीचे गिर गया, और अब तो क्लेम की मौत पक्की थी, पर तभी वहां पर गोली चलने की आवाज आई, और जब क्लेम ने अपनी आंखें खोली, तो उसने सभी भेड़ियों को मरा हुआ पाया। दरअसल, इस इलाके के शिकारियों ने लास्ट मोमेंट पर आकर उसकी जान बचा ली थी।

इसके बाद वे क्लेम को उठाकर अपने गांव ले गए, जहां गांव के बाकी लोगों ने उसका इलाज किया। अब सालों की मेहनत के बाद आखिरकार क्लेम एक इंसानी बस्ती तक पहुंच ही गया, और आसपास इतने सारे लोगों को देखकर उसे काफी खुशी हुई। अब अगले कई दिनों तक क्लेम इसी गांव में रुका, और गांव के बाकी लोगों ने भी उसकी अच्छे से खातिरदारी करी। अब एक दिन इस गांव में एक नोटिस आया, जो किसी और ने नहीं बल्कि खुद वॉर्डन ने भेजा था। इस लेटर में उसने बताया था कि एक जर्मन सैनिक हमारी जेल से भाग चुका है, और अगर किसी ने उसे पनाह दी तो उस पर देशद्रोह का आरोप लगेगा। अब ना चाहते हुए भी क्लेम को यह गांव छोड़कर जाना पड़ा, लेकिन जाने से पहले गांव के लोगों ने उसे ढेर सारा खाना और एक शिकारी कुत्ता भी दिया।

अब इस लंबे सफर में क्लेम का एक साथी भी था, इसलिए उसे अकेलापन महसूस नहीं हुआ। अब कई दिनों तक चलने के बाद इन्हें लकड़ी की एक मिल दिखाई दी, और यह देखते ही क्लेम का डॉगी खाने की खोज में भागा। अब अपने कुत्ते को बचाने के लिए क्लेम भी उस मिल के अंदर चला गया, जहां वर्कर्स ने क्लेम को पहचान लिया और उसे अपने मालिक के पास ले गए। यहां क्लेम ने सभी को अपनी कहानी सुनाई, और पूरी बात जानने के बाद इन सभी के दिल में क्लेम के खातिर हमदर्दी भर गई। इसके बाद इन्होंने क्लेम को खाना खिलाया और उसे जर्मनी जाने वाली ट्रेन में बिठा दिया। अब क्लेम यह सोचकर काफी खुश था कि बहुत जल्द वह अपने घर पहुंच जाएगा, लेकिन वह इस बात से अनजान था कि मिल के मालिक ने उसकी खबर वॉर्डन तक पहुंचा दी है और अब वॉर्डन अपने सिपाहियों के साथ स्टेशन पर उसका इंतजार कर रहा है।

हालांकि स्टेशन पहुंचने से पहले ही क्लेम ने इन सैनिकों को देख लिया और मौका मिलते ही ट्रेन से कूद कर भाग निकला, पर बदकिस्मती से रशियन सैनिकों ने उसे देख लिया और वह उसका पीछा करने लगे। अब क्लेम ने फटाफट से ट्रेन की पटरियों को पार किया, पर तभी ना जाने कहां से वॉर्डन उसके सामने आ गया। अब यह देखकर क्लेम का दिल बैठ गया, क्योंकि उसके इतने सालों की मेहनत अब मिट्टी में मिल चुकी थी। अब इससे पहले कि वॉर्डन उसे गिरफ्तार करता, क्लेम के कुत्ते ने वॉर्डन पर हमला करके उसे काट लिया। अब इसके चलते क्लेम को भागने का मौका मिल गया, और वह पूरी जान लगाकर यहां से भागने लगा, लेकिन तभी उसे गोली चलने की आवाज आई, और जब उसने पीछे मुड़कर देखा, तो उसने अपने कुत्ते को मरा हुआ पाया। अब यह देखकर क्लेम को काफी दुख हुआ, लेकिन इसके बावजूद भी वह रुका नहीं और अपनी पूरी ताकत से आगे बढ़ता रहा। इसके बाद वह ब्रिज के ऊपर चढ़ा और नीचे से गुजर रही ट्रेन पर कूदकर यहां से भाग निकला, और कुछ इस तरह से वह वॉर्डन के हाथों से फिर बच निकला।

अब ऐसे ही दिन गुजरते गए, और क्लेम धीरे-धीरे इस सफर में आगे बढ़ता रहा। अब देखते ही देखते साल 1952 आ गया, और अब क्लेम को जेल से भागे हुए पूरे 7 साल हो चुके थे। अब फिलहाल वह सेंट्रल एशिया में था और एक गांव के मेले में इधर-उधर भटक रहा था। अब इस मेले में उसने खाने-पीने की अलग-अलग चीजें देखी, पर चूंकि उसके पास पैसे नहीं थे, इसलिए वह मन मारकर आगे बढ़ गया। तभी उसकी नजर दो लड़कियों पर गई, जो मेले में पैनकेक्स बेच रही थीं। अब क्लेम ये पैनकेक तो खाना चाहता था, लेकिन उस बेचारे की जेब में एक फूटी कौड़ी तक नहीं थी, इसलिए वह निराश होकर आगे बढ़ गया। पर तभी इनमें से एक लड़की को उस पर तरस आ गया, और उसने पैनकेक का एक हिस्सा तोड़कर क्लेम को दे दिया। अब पहले तो क्लेम को थोड़ा अजीब लगा, पर फिर भी उसने वह पैनकेक खा लिया। अब इस मेले में एक यहूदी आदमी भी था, जिसने यह सब कुछ देख लिया था।

इसके बाद क्लेम एक चर्च में गया, और यह आदमी भी उसका पीछा करते हुए चर्च में आ पहुंचा। दरअसल, यह आदमी भी किसी जमाने में एक वॉर प्रिजनर हुआ करता था, इसलिए उसने क्लेम को पुलिस के हवाले नहीं किया और उसकी मदद करने की कोशिश की। इसके बाद वह क्लेम को लेकर अपने घर गया, जहां क्लेम ने कई साल बाद अपनी सेविंग की और अपने पुराने हुलिए में वापस आया। इसके बाद इस आदमी ने क्लेम को एक नया पासपोर्ट दिया, ताकि वह रशिया के बॉर्डर को क्रॉस करके जर्मनी पहुंच सके। अब जाने से पहले क्लेम ने इस आदमी का शुक्रिया अदा किया और रशिया और जर्मनी के बॉर्डर की तरफ निकल गया।

अब कुछ हफ्ते बाद क्लेम रशिया के बॉर्डर तक पहुंच गया और वहां मौजूद रशियन सैनिक को अपना पासपोर्ट दिखाया। यहां क्लेम को यह डर था कि कहीं यह सैनिक उसे पहचान ना ले या फिर उसका नकली पासपोर्ट पकड़ा ना जाए। लेकिन खुशकिस्मती से ऐसा कुछ नहीं हुआ, और इस सैनिक ने क्लेम को बॉर्डर क्रॉस करने की परमिशन दे दी। अब यह देखकर क्लेम को इतनी खुशी हुई कि वह चाहकर भी अपनी हंसी नहीं रोक पा रहा था। अब फाइनली वह उस ब्रिज के ऊपर आ गया, जिसे क्रॉस करते ही वह अपने देश जर्मनी में पहुंच जाएगा। पर जैसे ही वह आधे रास्ते तक पहुंचा, उसकी आंखों पर एक तेज रोशनी आई, और जब उसने आंखें खोली, तो उसने वॉर्डन को अपने सामने पाया। अब जब क्लेम ने पीछे मुड़कर देखा, तो वह अभी भी रशिया की जमीन पर था, और इसका मतलब यह था कि वॉर्डन अब भी उसे गिरफ्तार कर सकता है।

अब यहां क्लेम का दिल टूट गया, क्योंकि उसके इतने सालों की मेहनत अब मिट्टी में मिलने वाली थी। लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ जिसकी उम्मीद खुद क्लेम को भी नहीं थी। यहां वॉर्डन ने उसका रास्ता छोड़ दिया और उसे आगे जाने की परमिशन दे दी। अब पहले तो क्लेम को यकीन नहीं हुआ, पर फिर भी वह हिम्मत करके आगे बढ़ा। दरअसल, वॉर्डन क्लेम के जिंदा रहने के जज्बे और उसकी बहादुरी को देखकर काफी इम्प्रेस हुआ, इसलिए उसने क्लेम को गिरफ्तार नहीं किया और उसे अपने देश में वापस जाने दिया। अब फाइनली क्लेम ने इस बॉर्डर को क्रॉस किया और अपने देश जर्मनी पहुंच गया। इसके बाद वह अपने घर गया, जहां उसने अपनी बेटी और वाइफ को देखा। अब थोड़ी देर बाद वह दोनों चर्च में जाने के लिए घर से निकले, तो क्लेम भी उनका पीछा करते हुए चर्च में आ गया। अब चर्च के अंदर क्लेम की बेटी ने उसे पहचान लिया और भागकर अपने पिता को गले से लगा लिया। अब इतने सालों बाद क्लेम को जिंदा देखकर उसकी वाइफ की खुशी का तो ठिकाना नहीं था। फाइनली इन तीनों ने एक-दूसरे को गले लगाया, और इसी के साथ यह शानदार मूवी यहां पर एंड हो गई। आई होप आपको आज की कहानी पसंद आई होगी। अगर आपको यह वीडियो अच्छी लगी हो तो इसे लाइक कर देना और चैनल को सब्सक्राइब करके कमेंट में एक प्यारा सा मैसेज छोड़ देना। मिलते हैं अगली वीडियो में, पर तब तक के लिए बी सेफ एंड कीप चिलिंग।