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Facebook Ads Account Structure 2025 | New Features | Facebook Ads Course in Hindi | #facebookads2025

Marketing Fundas8:09

Transcription

Facebook एड्स कोर्स के इस वीडियो में आज हम आपको सिखाएंगे Facebook एड स्ट्रक्चर कैसे होता है। दोस्तों, हम आपको एड्स की तरफ लेकर जा रहे हैं इस कोर्स में। इससे पहले हमने आपको Facebook एड्स के कई इंपॉर्टेंट आपको फीचर्स और कई सारी प्रैक्टिकल चीजें सिखाई हैं। मगर सबसे इंपॉर्टेंट होता है Facebook के ऐड स्ट्रक्चर को समझना।

बिकॉज़ जब आप कैंपेन बनाएंगे, किसी भी तरीके का कैंपेन बनाएंगे तो उसके अंदर किन चीजों का ध्यान रखना है, क्या-क्या स्टेप्स आपको पूरे करने हैं वो आपको पता होना चाहिए। तो ये कंप्लीट Facebook एड्स स्ट्रक्चर कह लीजिए, हरारकी कह लीजिए, कैसे Facebook एड्स काम करता है, सब कुछ जानेंगे।

तो देखिए कंप्यूटर स्क्रीन पे मैं आपको दिखाता हूं। इस समय आप कंप्यूटर स्क्रीन पर देखिए आप मेरे Facebook एड्स या मेटा एड्स के डैशबोर्ड में है। एक ऐड अकाउंट के अंदर है जहां पर हम कैंपेन बनाते हैं। तो कैंपेन का जो स्ट्रक्चर होता है वहां पर एड्स ऐड का एड्स का जो हमारा स्ट्रक्चर होता है उधर देखिए सबसे पहले हमारे डैशबोर्ड पे आपको कैंपेन का सेक्शन दिख रहा होगा और यहां पर कुछ कैंपेन है जो हमने बनाए थे। ठीक है? आप लोगों को सिखाने के लिए।

अब यहां पर कैंपेन उसके बाद एडसेट्स उसके बाद एड्स जैसे Google एड्स के अंदर होता है हमने देखा है हम कैंपेन बनाते हैं ऐड ग्रुप बनाते हैं और फिर एड्स बनाते हैं वैसे ही Facebook में भी होता है। ठीक है? क्योंकि जो बेस है किसी भी मार्केटिंग प्लेटफार्म का चाहे Google ऐड है, Facebook है, Lindin है, कोई भी है वो सेम ही बेस रहता है। ठीक है?

तो यहां पर हम किसी भी ऐड अकाउंट के अंदर Facebook में सबसे पहला स्टेप होता है कैंपेन क्रिएट करना। नया कैंपेन बनाना। अब यहां पर जब हम क्लिक करते हैं कैंपेन बनाने के लिए क्रिएट न्यू कैंपेन तो हमारे पास ये कुछ ऑब्जेक्टिव्स पूछता है। वो सेलेक्ट करेंगे तो फिर हम आगे कैंपेन बनाने की तरफ बढ़ जाते हैं।

जो सेलेक्ट करने के बाद हम आते हैं ऐड सेट्स के ऊपर। मैं यहां पर सेलेक्ट कर देता हूं। किसी भी एक कैंपेन को मैंने इसे सेलेक्ट कर दिया यहां पर। अब यहां पर देखिए ऐड सेट। अब मैं यहां पर क्लिक करूंगा तो यहां पर मैंने एक ऐड सेट बना रखा है। ऐड सेट क्या होता है? दोस्तों मान लीजिए मेरा डिजिटल मार्केटिंग सर्विज मैं प्रोवाइड करता हूं। ऑब्वियसली करता ही हूं। तो अब डिजिटल मार्केटिंग की सर्विज प्रोवाइड करता हूं। तो उसमें मैं जरूरी तो नहीं सिर्फ एक ही सर्विस दे रहा हूं। मल्टीपल सर्विज हो सकती हैं। लाइक Google एड्स मैनेजमेंट सर्विस, Facebook एड्स मैनेजमेंट सर्विस, एसइओ सर्विस, सोशल मीडिया। ठीक है? कंसलटेंसी से अलग-अलग तरीके की हम सर्विज देते हैं। वेबसाइट डिजाइनिंग सर्विज हो गई।

तो अब इसमें क्या है? जब मैं कोई एक कैंपेन बनाऊंगा तो मैं एक कैंपेन जब मैं कैंपेन की बात कर रहा हूं। मैं एक कैंपेन बनाता हूं कि मेरे को डिजिटल मार्केटिंग सर्विज से रिलेटेड मेरे को लीड्स चाहिए। तो यहां पर मैंने कैंपेन बनाया डिजिटल मार्केटिंग सर्विज लीड जनरेशन कैंपेन। अब यहां पर उस कैंपेन में मैंने बजट डाल दिया। मान लो जी ₹2000 दिन के मैं ऐड में लगाऊंगा। मगर यहां पर जब हम एडसेट में आते हैं तो यहां पर आप एक एडसेट देख रहेगे जहां पर मैंने लीड जनरेशन के लिए बनाया है। मगर अगर मैं अपनी मान लीजिए चार सर्विज का ऐड चलाना चाहता हूं। चार सर्विज के लिए लीड चाहता हूं। जैसे कि वेबसाइट डिजाइनिंग के लिए अलग चाहता हूं। सोशल मीडिया मार्केटिंग के लिए अलग चाहता हूं। सर्च इंजन मार्केटिंग मतलब Google एड्स वगैरह के लिए अलग चाहता हूं। और ऐसे ही एसइओ के लिए अलग चाहता हूं। तो मैं एक ऐड सेट के अंदर सारी चीजें सारे क्रिएटिव सारी ऐड कॉपीज नहीं बनाऊंगा। मैं एक कैंपेन के अंदर मल्टीपल एडसेट्स बनाऊंगा। कैसे बनेंगे? जैसे हमने एक एसेट तो बना लिया। फिर हम यहां पर कैंपेन सेलेक्ट करके क्रिएट पे क्लिक करेंगे। यहां पर हम एक नया एडसेट बनाएंगे। उसका नाम देंगे लाइक एसइओ। ठीक है? सर्विज। फिर एक और बनाएंगे जिसका हम नाम देंगे कि सोशल मीडिया मार्केटिंग सर्विज, Google एड्स मैनेजमेंट सर्विज। ऐसे करके हम मल्टीपल एडसेट्स बना सकते हैं।

ऐसे ही जब हम अलग-अलग मान लीजिए मैंने तीन सर्विज के ऊपर अलग-अलग एडसेट बना लिए। तो ऐसे मान लो एक सर्विस Google एड्स मैनेजमेंट के अंदर ये मैंने एक ऐड बना रखा है क्रिएटिव वगैरह लगा के। ठीक है? हेडलाइंस वगैरह सब कुछ डाला। मगर यहां पर भी एक ऐड चलाने से क्या होगा? यहां पर भी मैं मल्टीपल मल्टीपल क्रिएटिव बनाऊंगा। किसी में वीडियो ऐड चलाऊंगा, किसी में क्राउज़ चलाऊंगा, किसी में इमेज चलाऊंगा। उनके अलग-अलग ऑफर्स, अलग-अलग उसके अंदर हेडलाइंस, टाइटल्स वगैरह सब चीजें डालूंगा। ठीक है? डिस्क्रिप्शन वगैरह ताकि Facebook जो है उसको भी पता लगे कि हां यह एक कैंपेन के अंदर तीन अलग-अलग सर्विसेस के ऐड चला रहे हैं जिसके अंदर मैंने तीनों के अलग एडसेट बना रखे हैं और हर एक सर्विस के एडसेट के अंदर मैंने मल्टीपल एड्स बना रखे हैं। ताकि जब कभी जो जो यूजर को जिस पर्टिकुलर चीज में वह ज़्यादा इंटरेस्टेड है जैसे मैंने टारगेटिंग कर रखी है क्योंकि जब मैं एडसेट बनाऊंगा तो मैं उसके हिसाब से उसमें सिर्फ एक पर्टिकुलर हेडसेट नया नहीं बना रहा उसके हिसाब से टारगेटिंग भी कर रहा हूं ऑडियंस की अलग उसी के हिसाब से कैंपेन के अंदर भी अलग क्रिएटिव अलग चीजें यूज़ कर रहा हूं तो एक तरीके से एबी टेस्टिंग हो गई क्योंकि अगर आप नए हो और आपको पता ही नहीं है कि किस तरीके के जो रिजल्ट्स हैं ऐड कॉपीज़ या क्रिएटिव्स या ऑडियंस की सेटिंग्स आपको क्या रिजल्ट देंगे? तो वो तो एक्सपीरियंस से आता है।

तो फिर यहां पर काम आते हैं मल्टीपल एडसेट मल्टीपल एड्स जिससे कि जब आपके एड्स कैंपेन चलते हैं तो जो बेस्ट परफॉर्मिंग आपके एडसेट्स होते हैं या कैंपेन होते हैं, एड्स होते हैं उनको Facebook ज्यादा दिखाएगा। इसी से बजट ऑप्टिमाइजेशन होता है। जो पब्लिक पसंद कर रही है उसको ज्यादा दिखाएगा। उधर ज्यादा बजट यूज़ करेगा आपका और आपको ज्यादा बेहतर रिजल्ट्स आएंगे। तो इससे आपको भी मल्टीपल कैंपेन बनाने के बाद एक एक्सपीरियंस से आईडिया हो जाएगा कि इस तरीके के क्रिएटिव इस तरीके के ऐड इस तरीके के ऐसे एडसेट बनाना चाहिए। ये ऑडियंस मेरे ज्यादा काम की है।

तो दोस्तों हर चीज लर्निंग से आती है। तो वो लर्निंग गलती नहीं करनी कि एक ही बार बना दी और पता लगा हमारा तो उस कैंपेन में सारा पैसा ही डूब गया। अरे जब हमने एक ही ऐड बनाया, एक ही एडसेट बनाया तो Facebook भी उसके अंदर क्या कर लेगा? उसको तो वही दिखाना पड़ेगा। बट कैंपेन में ₹2000 लगाए। उधर हमने मल्टीपल एडसेट बनाए, मल्टीपल ऐड बनाए। तो Facebook को लग रहा है यार यह वाले परफॉर्म नहीं कर रहे। इनको मैं ज्यादा दिखाता हूं। परफॉर्मेंस दे रही तो आपका पैसा यूटिलाइज होगा। पैसा नहीं डूबेगा। कैंपेन ऑप्टिमाइज होगा, बजट ऑप्टिमाइज होगा।

यह मैं आपको वो चीजें एक्सपीरियंस से बता रहा हूं जो हम अपनी डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी में छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखते हैं। हमारे पास न्यू क्लाइंट्स भी आते हैं। उन न्यू क्लाइंट्स को लेके उनके बिज़नेस को कैसे ग्रो करना है। उनके लिए कैसे प्लानिंग करनी है, कैसे ऐड क्रिएटिव प्लानिंग करनी है। ठीक है? किस तरीके से पूरी कैंपेन कैंपेन प्लानिंग होगी, कैसे फ्लो चलेगा? ये सब चीजें हमारे यहां टीम करती है। और क्या कहते हैं? फिर क्लाइंट्स को हम धीरे-धीरे करके रिजल्ट्स लेकर आते हैं। उनको बेटर आरओएस देना। ठीक है? उनके जो बजट को ऑप्टिमाइज करना ये सारे कामों के ऊपर ध्यान लगाया जाता है। उनकी ऐड कॉपीज़ के ऊपर काम करा जाता है। उनकी क्रिएटिव्स के ऊपर काम करा जाता है। पूरी वर्किंग के संग और ये सब चीजें ही तो मैं आपको इस कोर्स के अंदर सिखा रहा हूं। वही डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी के एक्सपीरियंस आपको इस कोर्स में मिल रहा है।

तो अभी तो मैंने आपको कुछ बेसिक्स बताए जिन बातों का आपको ध्यान रखना है। क्योंकि जब मैं कैंपेन बनाना आपको सिखाऊंगा इस कोर्स के अंदर तब यही छोटी बातें आपको अगर पता होंगी आपने चीज सीखा होगा तो आपको इजीली सारे कैंपेन बनाने आ जाएंगे। चीजें समझ में आ जाएंगे और जब आपको प्रैक्टिकली आप किसी भी लाइव प्रोजेक्ट के लिए काम करोगे तब आपको बहुत आसानी होगी रिजल्ट्स लाने में। कम टाइम में बेहतर काम कर पाओगे। ज्यादा बढ़िया रिजल्ट्स ले पाओगे। चाहे अपना बिज़नेस हो, चाहे क्लाइंट का बिज़नेस हो, रिजल्ट तो सभी को चाहिए भाई। ठीक है? अपना भी है तो पैसे फूंकेंगे थोड़ी ना। क्लाइंट का भी है तो रिजल्ट देंगे तभी क्लाइंट टिकेगा ना।

तो दोस्तों, उम्मीद करता हूं कि जो Facebook का ऐड स्ट्रक्चर कैसा होता है? हरारकी कैसे काम करती है? कैंपेन, एड्स, एड्स और एड्स। अब आप समझ गए होंगे। अच्छे से सीखिए। पूरे कोर्स में हमारे संग कनेक्ट कनेक्ट रहिएगा। चैनल सब्सक्राइब कर लीजिए अगर अब तक नहीं करा है और बेल आइकन दबा दीजिए ताकि एक भी वीडियो या नए-नए ऐसे स्किल्ड कोर्सेज आपसे मिस ना हो दोस्तों और इस Facebook एड्स में तो आप एआईबी सीख रहे हो तो सोने पे सुहागा है। उम्मीद करता हूं कोर्स पसंद आ रहा होगा। थैंक यू।

[संगीत]