Transcription
अब कोई और छुएगा तुझे ये सोच कर पल-पल मरता रहता हूँ। नज़्में लिखता हूँ और उसे रात भर पढ़ता रहता हूँ। अगर कभी मेरी यादों से तेरी आजादी हो जाए, अगर किसी और के साथ तेरी शादी हो जाए, तो हो सके तो मेरे इश्क का मुझे
अब कोई और छुएगा तुझे ये सोच कर पल-पल मरता रहता हूँ। नज़्में लिखता हूँ और उसे रात भर पढ़ता रहता हूँ। अगर कभी मेरी यादों से तेरी आजादी हो जाए, अगर किसी और के साथ तेरी शादी हो जाए, तो हो सके तो मेरे इश्क का मुझे