Transcription
कल था नीट 2025 का पेपर, दैट इज ऑन फोर्थ मे 2025. एंड आज है फिफ्थ मे 2025 और मेरा पेपर मैं ड्रॉपर हूं, बाय द वे। मेरा सेकंड अटेम्प्ट था और फर्स्ट अटेम्प्ट में मेरे 300 नंबर आए थे और सेकंड अटेम्प्ट में मेरे पूरे लग गए, पूरे लग गए। वी विल नो। एंड एनटीए ब्रो सर मैम, हमने ऐसा क्या किया है कि आप आपको बच्चों को डॉक्टर बनने ही नहीं देना? मतलब अगर आप एवरेज, बिलो एवरेज बच्चे हो और डॉक्टर बनना चाहते हो, वी डोंट डू दैट हियर। और कल जो भी हुआ बहुत बहुत बुरा हुआ है हमारे साथ। एंड आई एम नॉट प्लेइंग विक्टिम कार्ड, एंड वी आर नॉट आस्किंग फॉर सिंपथी। लाइक इफ यू गो आउट एंड से किसी ने आपसे पूछ लिया पेपर कैसा गया और तुम बता रहे हो कि पेपर बुरा गया है, पेपर टफ आया था, दे स्टार्ट गिविंग यू सिंपथी। कोई नहीं भाई, इट्स ओके भाई, हो जाएगा भाई। नहीं कोई नहीं यार, नहीं यार कोई है, बहुत कोई है। जब आप अपने लाइफ के 2 साल, 3 साल, कुछ लोग 4 साल, पांच पांच साल लगा रहे हैं एक एग्जाम के ऊपर। एंड दे आर स्टिल नॉट गेटिंग द रिजल्ट्स आउट ऑफ इट। ब्रो, कुछ तो है। ऐसा तो नहीं है। देयर आर सो मेनी ऑप्शंस। यू कैन गो आउट एंड यू कैन डू डेंटल, एंड यू कैन डू बीडीएस, एंड यू कैन डू बीएचएमएस, एंड यू कैन डू बीएएमएस, एंड दिस एंड दैट। भाई मुझे तो एमबीबीएस करना था ना। आई नो। मुझे ऐसा तो कोई होगा नहीं जिसे पता ही नहीं होगा कि एमबीबीएस छोड़ के कुछ दूसरा भी होता है। वी ऑल नो देयर आर 100 लॉट ऑफ़ फील्ड्स आउट देयर। देयर आर थाउज, कितनी सारी चीजें हैं करने के लिए। बट हमने हमारे लाइफ के कुछ साल जो इस एग्जाम के पीछे लगाए हैं, एटलीस्ट इट शुड गिव जस्टिस टू आवर प्रिपरेशन। एंड इट डिड नॉट। यस्टरडे? बिल्कुल नहीं। आई एम नॉट सेइंग कि 2025, आई मीन 24 जैसा पेपर ही बना लेते। नहीं, इट्स फाइन। जेईई मेंस लेवल का पेपर होता, एब्सोलुटली फाइन। ओके विद इट। पीवाईक्यूस भी नहीं होते, न्यू टाइप ऑफ़ क्वेश्चंस होते हैं, एब्सोलुटली फाइन विथ इट। भाई पेपर आप क्वेश्चंस पढ़ने में, एक क्वेश्चन पढ़ने में ही अगर 1 मिनट लग जा रहा है हमको। इतना लंबा-लंबा पैराग्राफ्स अगर तुम लिख कर दे रहे हो तो बायो की तो उसने पूरी बुक ही छाप दी है। बायो का पेपर इतना लेंथी आया था। मेरा बायो का पेपर 45 मिनट्स में सॉल्व होता है। एंड आई विल नॉट ब्रैग अबाउट इट, एंड आई विल नॉट लाई टू यू कि मेरे 360 आते हैं। नहीं, मेरे 320 के अराउंड आ जाते थे। इन 45 मिनट्स, कल मुझे बायो का पेपर सॉल्व करने में 1ढ़ घंटा लगा है। एंड आई एम स्कोरिंग अराउंड 250 इन बायो। दिस इज द सिनेरियो। एंड मैं झूठ क्यों बोलूं भाई? मैं हूं कौन झूठ बोल। मैं एमबीबीएस वाली दीदी भैया नहीं हूं जो झूठ बोल दूं और तुम यू नो तुम्हारे अंदर वो आ जाए। मैं मोटिवेट करने नहीं आई हूं ना। मैं लेट्स वेल, लेट्स नॉट टॉक अबाउट ददी भैया। बट या कल का पेपर, पेपर नहीं था। लेट्स बी ऑनेस्ट। इट वास क्या था? मुझे नहीं पता वो क्या था। बिकॉज़ ऑनेस्टली हां अगर मैं पढ़ाई नहीं करती, अगर कोई पढ़ाई नहीं करता तो उसे नहीं फर्क पड़ता है। भाई 2 साल, 3 साल, एक साल। एंड अगर किसी ने एक साल भी लगकर पढ़ाई की है, एंड इफ दैट गोज़ टू वेस्ट, ऑब्वियसली उसके मॉडल्स डाउन होंगे। उसको बुरा लगेगा। यू कैन नॉट, तुम मैं तो कहती हूं ऐसे लोगों से बात ही मत करो जो कह रहे हैं कि कोई नहीं इतना क्या हो गया, पेपर ही तो है। चुप रहें, दूर रहें, चुप रह, मत बात करो। इट्स फाइन, कुछ दिन खुद के लिए स्पेस ले लो, हो जाओ ऐसे लोगों से दूर। इट्स फाइन। एंड वैसे भी जो लोग तुम्हारे ड्रीम्स का वैल्यू ना समझे वो तुम्हारे कैसे लोग हैं भाई? ऐसे लोगों से तो दूर ही रहो। इन जनरल एग्जाम की भी बात नहीं है। और अब तुम्हें धीरे-धीरे समझ आ जाएगा क्या रही बात ये, क्या हो रहा है बीच-बीच में? देयर विल बी अ लॉट ऑफ़ पीपल आस्किंग यू दिस। आगे क्या करोगे बेटा? आगे क्या करना है बेटा? ऑलरेडी एक साल डाल दिए बेटा उस एग्जाम में। कब तक एग्जाम देते रहोगे? एंड ऑनेस्टली, हममें भी अब होप नहीं रही। वी हैव ज़ीरो बिलीफ इन एनटीए, ऑल द स्टूडेंट्स। आई डोंट थिंक देयर इज़ एनी स्टूडेंट्स। ऑफ़ द पीपल आर नॉट गोइंग ऑन टू देयर साइड, एंड बहुत मेहनत करी थी यार सबने की है। आई नो। भाई 100% नहीं भी करी होगी तो तुमने अपना 70%, 90%, 80% जो भी था, जितनी तुमने मेहनत करी है उतना रिजल्ट तो नहीं मिल रहा है ना किसी को। क्या पता कल कोई इसी भरोसे गया होगा कि मैंने 15 साल के फिजिक्स के पीवाईक्यू कर रखे हैं। एट लीस्ट, एट लीस्ट मेरे 80 मार्क्स तो आ जाए उसमें। बात तो खैर एमबीबीएस वगैरह, नीड ड्रॉप, एक्सट्रा, एटसेट्रा, एवरीथिंग इज ओके। पर तुमने तुम्हारी लाइफ पॉज कर रखी है उस एक एग्जाम के लिए पता नहीं कितने सालों से, मे बी एक साल से, मे बी 2 साल से, मे बी तीन साल से। बात वो है ना पहले नीट निकल जाए, उसके बाद म्यूजिक में जाएंगे, उसके बाद पैशन फॉलो करेंगे, क्या पता उसके बाद YouTube स्टार्ट करेंगे। दैट वन एग्जाम मैम इज डिसाइडिंग कि मैं अपने बाकी के लाइफ के स्पेयर्स में कैसा करूंगी या करूंगा। मोस्ट ऑफ़ द लोगों का यही है। एंड मैं तो अब इस झमेले में नहीं पड़ने वाली। आई वांटेड टू स्टार्ट YouTube सिंस अ लॉन्ग टाइम। एंड आई वाज वेटिंग कि मेरा जब नीट क्लियर होगा तब मैं YouTube स्टार्ट करूंगी। मुझसे नहीं होगा अब। है ना? लेट्स गेट लाइक, लेट्स गेट इट वेरी क्लियर। यह एग्जाम पे से भरोसा उठ चुका है। देयर इज नथिंग टू बी होपफुल अबाउट दिस। और आई वुड सजेस्ट अदर्स आल्सो कि तुम जो जो तुम्हारे पैशंस और जो जो तुम्हारी चीजें हैं जिसको तुम मारकर पढ़ाई में लगे हुए थे ना इतने सालों से। इवन इफ यू आर नॉट अ टॉपर, एंड इवन इफ यू डू नॉट एंजॉय स्टडिंग, फिर भी अगर तुम कर रहे थे, वेल बी हैप्पी फॉर यू। ठीक है, किया तो हमने किया ना? समझेंगे कुछ लोग, कुछ लोगों के पेरेंट्स भी नहीं समझते हैं। आई नो, मेरे तो बहुत समझते हैं। लेट्स बट आई गेट इट। तुम आके घर पे बोल रहे हो कि पेपर टफ आया है। अ लॉट ऑफ़ माय फ्रेंड्स, उनके पेरेंट्स को वो बोल रहे हैं कि मम्मी पापा, पेपर पेपर ही टफ आया था। तेरा तो हमेशा का है। लास्ट ईयर ईजी भी आया था तो क्या कर लिया था तुमने? ऐसे भी लोग होते हैं। मेरे नहीं है, मेरे बहुत अच्छे हैं। मेरा तो उल्टा ही था। मैं एग्जाम से बाहर नहीं। ऑब्वियसली आई कैन नॉट जस्ट स्टार्ट क्राइंग इन फ्रंट ऑफ़ देम। और मम्मी मुझे बता रही है कि फिजिक्स का पेपर पता है टफ आया था। मैंने कहा हां टफ ही आया था। सो आई डिड नॉट हैव टू एक्सप्लेन एनीथिंग टू हर, बिकॉज़ उनको भी पता था। मैं तो फिजिक्स अगर इजी आए तो सिलेक्शन हो जाए इसी भरोसे पर गई थी और मेरी तरह बहुत लोग इसी भरोसे पर थे। बट भरोसा तो कर ही नहीं सकते और बुरा नहीं लगता है इस बात का। ऐसा आई गेस वी विल हैव टू मूव ऑन, एवरीबडी, सबको एक साथ मूव ऑन करना पड़ेगा। और मेहनत आई थिंक वही एक रिग्रेट रह जाता है ना कि मेहनत तो बहुत की थी, बट देन यू नो 4-चार बजे तक पढ़ रहे हैं। सुबह 3:00 बजे उठ के पढ़ रहे हैं। कभी 5:00 बजे उठ के पढ़ रहे हैं। सो ही नहीं रहे हैं। एंड डूइंग इट फॉर अ ईयर, फॉर सिक्स मंथ्स इज अ बिग डील। है ना? तुम मेहनत करना सीख गए। और मैं तो अभी ऐसा नहीं बोलूंगी कि मेहनत करना सीख गए तो तुम लाइक सब हो गए तुम जीवन में। नहीं, नो। हमें मेहनत करना नहीं सीखना था, हमें सिलेक्शन चाहिए था। दैट इज माय पॉइंट ऑफ व्यू। तुम कुछ अच्छा करोगे लाइफ में? नहीं, हमें एमबीबीएस करना था। तुम्हारे लिए कुछ बेटर लिखा होगा। हमें एमबीबीएस लिखना था फ्रॉम अ गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज। दैट इज द मोरल ऑफ द स्टोरी। और वैसे मैं अभी बुक्स ही साफ मतलब लगा रही थी। एंड देन यू नो इट जस्ट हिट मी वेरी हार्ड, बिकॉज़ आधे बुक्स ये रहे, ये रहे। एंड देन देयर इज़ दिस। तो मेहनत तो कम नहीं थी यार। आई डोंट नो। मे बी द कार्ड्स वर नॉट ऑन आवर साइड यस्टरडे। एंड इवन आई डोंट नो। मैं YouTube मतलब मैं वीडियो बना रही हूं। पर इवन आई डोंट नो व्हाट आई एम गोइंग टू डू अहेड। नहीं पता मुझे भी। ब्लैंक हूं मैं भी। नहीं पता। गला सबका सूखता है। पर डर से डोगे तो कुछ बड़ा कैसे करोगे? कोई नहीं। आई जस्ट वांटेड टू याप अ लिटिल बिट अबाउट एवरीथिंग। एंड सो आई डिड। अब इनका क्या करना है? ये मैं सोचती हूं। तुम अपनी लाइफ के बारे में सोचो। गुड बाय। एंड वन मोर थिंग, अगर तुम रो रहे हो ना, अगर तुम रो रहे हो इस चीज को लेकर कि लाइक जिंदगी बर्बाद हो गई, इट्स फाइन। वी आर नॉट डाइंग बिकॉज़ ऑफ़ इट। दिस इज़ नॉट द एंड ऑफ़ इट। वी आर जस्ट नॉट गोइंग टू स्टैंड अप टुडे। ठीक है ना? कोई नहीं बोल रहा आज के आज कमबैक कर ले भाई। तू मत कर, बैठ जा, रो ले, इट्स फाइन। और बस, और क्या? इतना ही बोलना था। डोंट लूज होप एंड डू नॉट क्विट। डू नॉट क्विट ऑन योर लाइफ, एंड डू नॉट क्विट योर लाइफ, बिकॉज़ देयर आर अ लॉट ऑफ़ पीपल आउट देयर हु आर डूइंग गुड। लेट्स सी हमारा क्या होता है। एंड वेल सबसे सबसे इंटरेस्टिंग बात तो ये थी कि कल का पेपर इतना बुरा था कि एव्री टीचर आउट देयर टू कम आउट एंड टेल देयर फेलियर्स टू यू। अलक सर कल आ रहे थे लाइव, उन्होंने अपने फेलियर्स के बारे में बताया। गरिमा मैम ने इमोशनल हो गई थी। इट्स फाइन। हमारे टीचर्स जो हैं वो भी खुद इस इससे गुजर चुके हैं, एंड एंड दे आर नॉट फेलियर्स, आर दे? आई डोंट थिंक सो। एंड आई होप वी विल आल्सो नॉट बी फेलियर्स। लेट्स या रैप दिस वीडियो अप।