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टेस्ट में तुम्हारे मार्क्स कम आ रहे हैं, और तुम्हारे घर वालों को भी तुम पे डाउट हो रहा है कि तुम्हारा आईआईटी निकलेगा या नहीं निकलेगा। जो फ्रेंड्स हैं, उनका प्रिपरेशन तुमसे बहुत ज्यादा अच्छा है। दुनिया भर के बैकलॉग्स पड़े हुए हैं। तुम्हारे पास रिवीजन करने का टाइम ही नहीं है। पढ़ने के लिए बहुत कुछ है, लेकिन जब पढ़ने के लिए बैठते हो तो टाइम कैसे बीत जाता है पता ही नहीं चलता। अगर सिलेक्शन नहीं हुआ तो घर वालों के पैसे वेस्ट हो जाएंगे। कोचिंग के टीचर अच्छे नहीं हैं, ऑनलाइन समझ में नहीं आता, और इन सब के बीच कभी-कभी हेल्थ खराब हो जाता है। बहुत प्रॉब्लम है ना?
प्रॉब्लम तो ऑफकोर्स है मेरे भाई, बट सवाल यहां पे ये उठता है कि क्या तुमको इस प्रॉब्लम का तब नहीं पता था जब तुमने अपना प्रिपरेशन शुरू किया था? तब नहीं पता था जब तुम अपने मम्मी पापा के साथ बुक्स खरीदने के लिए गए थे? तब नहीं पता था जब तुमने एचसी वर्मा पहली बार खोली थी? तुम्हें शुरू से पता था कि आईआईटी का सिलेक्शन रेट बहुत कम है, लेकिन तभी भी तुमने हिम्मत करके ये फैसला लिया कि तुम इस एग्जाम के लिए प्रिपरेशन करोगे और अपना 150 दोगे। क्योंकि तुमको उस टाइम ये पता था कि तुम आईआईटी जाने वाले हो। फिर अब जाके ये चेंज क्यों? ये सब क्यों सोच रहे हो कि यार बहुत प्रॉब्लम्स है, बहुत बैकलॉग्स है, कुछ समझ में नहीं आ रहा है, पूरा प्रिपरेशन का टाइम खत्म हो गया? क्या तुम्हारा? अरे मेरे भाई, अभी भी समय बाकी है। किसी का 2 साल बाकी है, किसी का एक साल बाकी है, किसी का एक हफ्ता बाकी है, बट बाकी तो है ना यार।
मैं तो बस एक बात मानता हूं कि तुम तब तक नहीं हारते जब तक तुम हार मान नहीं लेते हो। और हार मानने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता। अगर अब तक गिव अप नहीं किया है तो अब तो गिव अप डेफिनेटली नहीं करना है। नो मैटर तुम्हारा कितना भी टाइम क्यों ना बचा हो, नो मैटर तुम्हारे मॉक टेस्ट में कितने ही घटिया मार्क्स क्यों ना आ रहे हो, नो मैटर तुम्हारा कितना ही बैकलॉग क्यों ना हो, एक बात तो डेफिनेटली त है कि तुमने अगर इस मोमेंट पे गिव अप कर दिया तो आने वाले समय में तुम जो भी प्रिपेयर कर सकते थे वो भी नहीं कर पाओगे, और जो रैंक तुम्हारी आ सकती थी अपना 100% देने पे वो भी नहीं आएगी। वर्स्ट केस में क्या होगा मेरे भाई? तुमको आईआईटी नहीं मिलेगा, लेकिन आईआईटी के अलावा भी इंडिया में बहुत सारे कॉलेजेस हैं जो कि बहुत अच्छे हैं। लेकिन अगर तुमने अभी गिव अप कर दिया तो तुमको उन कॉलेजेस में भी जो सबसे घटिया कॉलेज होगा ना वो मिलेगा; एक ऐसा कॉलेज जहां की कॉलेज लाइफ घटिया होगी, प्लेसमेंट घटिया होगा, सब कुछ बेकार होगा। तुम्हारे पैसे भी जाएंगे और कुछ होगा भी नहीं। किस बात का डर है तुमको यार? रिलेटिव्स का डर है? कौन से रिलेटिव्स? अगर एग्जाम क्लियर नहीं हुआ तो क्या तुमको वो पालने वाले हैं? अरे पहले एग्जाम दे तो दो मेरे भाई, उसके बाद रिलेटिव्स का सोचना। और कोई कुछ भी बोले, एट द एंड ऑफ द डे तुम्हारे साथ कौन रहने वाला है पूरी लाइफ? तुम खुद रहने वाले हो मेरे भाई। तो प्लीज अपने आप के लिए 100% दो, तो प्लीज अपने आप के लिए अपना बेस्ट दो। ताकि जब कल को पीछे मुड़ के देखो तो तुमको ये ना लगे कि यार उस टाइम मेहनत कर लिया होता तो बहुत अमेजिंग कुछ हो सकता था। मेरी ही गलती है, एग्जाम टफ था, लेकिन मैंने अपना बेस्ट नहीं दिया था, इसलिए नहीं निकला।
मुझे नहीं पता कि तुम किस शहर से बिलोंग करते हो, तुम्हारा फैमिली बैकग्राउंड कैसा है, तुम्हारा फाइनेंशियल सिचुएशन कैसा है, तुम्हारा प्रिपरेशन किस लेवल का है, बट मुझे इतना जरूर पता है कि अगर तुमने ठान लिया कि तुमको अपना 150% देना है तो तुमको कोई नहीं रोक सकता है। नो मैटर तुम्हारा कोचिंग कितना ही बकवास हो, नो मैटर तुम्हारे फ्रेंड्स कितने ही इंटेलिजेंट हो, एंड नो मैटर तुम्हारे कितने ही बैक लॉग्स हो, तुम एग्जाम में अच्छा कर सकते हो। तुमको अगर तुम्हारे प्रिपरेशन में फोड़ने से कोई इंसान रोक रहा है तो इंसान तुम खुद हो और कोई नहीं। इस बात को एक्सेप्ट कर लो। तो मेरे भाई, उठाओ अपना पेन पेपर, जी जान लगा दो। नींद वगैरह जो भी है अच्छे से पूरा करो, डेफिनेटली करो। खाना अच्छे से खाओ, लेकिन अपने प्रिपरेशन पे कुछ कंप्रोमाइज मत करो। सब कुछ लगा दो, 100% लगा दो। घर वाले क्या बोल रहे हैं, भूल जाओ। रिलेटिव्स क्या बोल रहे हैं, भूल जाओ। टीचर जिनको तुम पे डाउट हो रहा है उनको भी भूल जाओ। तुमको अपना भरोसा अपने आप पे कायम रखना है, वही मैटर करता है और कुछ मैटर नहीं करता। जो भी तुम्हारे अंदर अभी सेल्फ डाउट क्रिएट करा रहा है, चाहे वो तुम्हारा फैमिली हो, फ्रेंड हो या कोई भी हो, तुम उसको लाइफ से दूर कर दो। बस काम की बातें करो। डिमोटिवेशन को अपने आप से 100 मीटर दूर रखो। अगर तुम्हारे मॉक टेस्ट में बार-बार कम मार्क्स आ रहे हैं तो अपने आप को यह बताओ कि भाई मेरे, गिव अप मत करना, कितने भी कम मार्क्स आ जाए, क्योंकि ये फाइनल एग्जाम नहीं है। और फाइनल एग्जाम होने से पहले तक मैं इतना मॉक टेस्ट दे दूंगा, इतना मॉक टेस्ट दे दूंगा, इतना रिवीजन, इतना एनालिसिस कर लूंगा कि फाइनल एग्जाम में फोड़ के रख दूंगा। जब तुम्हें ये लगा था कि तुम उस क्षण में कुछ कर नहीं पाओगे, एंड अगले ही मोमेंट तुमने फोड़ दिया था। और जरूरी नहीं कि वो कोई टेस्ट हो, वो तुम कर रहे हो जेई मेंस में फोड़ने के लिए, और वो एग्जाम होना अभी बाकी है। तो नो मैटर तुम्हारे कोचिंग के टेस्ट में तुमको कितना भी मार्क्स आ रहा है, तुम फाइनल एग्जाम में अभी भी फोड़ सकते हो। बस तुमको मुझे यही याद दिलाना था कि तुम कर सकते हो। तुम मेंस में फोड़ सकते हो, एडवांस में फोड़ सकते हो, आईआईटी जा सकते हो, कहीं भी जा सकते हो। बस गिव अप मत करना, बिल्कुल मत करना, सोचना भी मत।